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The Last Heartbeat Part 5

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कहते है कि मोहब्बत अपने बन्दे खुद चुनती है और अजय और रिया को भी मोहब्बत ने ही चुना था । अजय लोवोलोजिस्ट था लोगो की अधूरी प्रेम कहानी को पूरी करने में मदद करता था । पर वह उस लड़की से प्यार कर बैठा जिस लड़की को मोहब्बत से सख्त नफरत थी । क्या हो पाएगी पूरी अजय की प्रेम कहानी जानने की लिए पढ़िए मेरी रचना "द लास्ट हार्टबीट" Author : Aryan Suvada Voiceover Artist : Surabhi
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जगह रिया का हॉस्टल हूँ । सुबह के आठ बज के बारह मिनट रिया आपने बैठ से अंगडाई लेते हुए जाऊँगी और बैठ गए । अभी तक उसने अपनी आंखें नहीं खोली थी पर उसने अपने मुंह पर हाथ फेरा और बैट से उतरी । तभी उसकी नजर ड्रॉपर पडी जिसपर हाल में एक चॉकलेट का डिब्बा पडा था । रियली उसे गुस्से में उठाया और फेंकने ही वाली थी कि तभी निधि वहाँ गई और उसे रोकते हुए बोली ऍम रिया वहीं रुक गई । निधि ने उसके हाथ में से बॉस ले लिया । रिया उठी और फॅमिली में दौड कर गई पर कैंपस सामान्य ही था । रिया ने फिर निधि को देखा बहुत दुल्हन की ड्रेस में थी । उसने कहा ये क्या पहना है तुमने वो शादी मेरी भूल गया तो वहाँ सौरी दिमाग से निकल गया था । जल्दी तैयार हो जाओ ऍम जाना है । अजय राज को लेकर वहां पहुंचता ही होगा । रिया अजय का नाम सुनकर एक पल के लिए रूम गई । फिर वो बाथरूम में चली गई । लिया तैयार हूँ आज उसने चोली पहनी थी । रिया और निधि जब सीढियों से उतर रही थी तब उसकी बगल से कुछ लडकियाँ उसी अचानक रिया की नजर उन लडकियों के हाथ पर पडी उनके हाथ में चॅू तो जिस पर टैक्स लगा हुआ था । ऍम रिया न्यू लडकियों को रोका और कहाँ पायल ये ऍम लिया की बात करते हुए मोदी तो मिलाना किसी अजय नाम के लडके ने पूरे हॉस्टल में सभी लडकियों को ऍम किए । रिया वहाँ से बिना कुछ कहे हॉस्टल से बाहर निकल गई । निधि भी पीछे पीछे आई । हॉस्टल से बाहर आते ही उन्होंने देखा । अजय ने दोनों के लिए अपनी कार भेजी थी । दोनों कार में बैठे हैं । निधि ने देखा कि रिया का चेहरा उतरा हुआ था । उसने रिया से कहा क्या वो कुछ नहीं झूठ बोलना हो तो पहले अपने चहरे को झूठ बोला सिखा दो ताकि लोग तुम्हारे झूठ को पकडना सकें । अजय ने पूरी हॉस्टल की लडकियों को चॉकलेट बांटी । सिर्फ तुझे और मुझे उसमें चॉकलेट बॉक्स नहीं लिया । पूरे दिन में मुझे परेशान करता है और चॉकलेट किसी और को दे रहा है । क्या वजह से तुम्हें ही चॉकलेट बॉक्स नहीं दिया । आज सुबह टाॅपर फेंकने जा रही थी वो अजय नहीं मुझे क्या हुआ? वो तो मेरी दोस्त है उसकी तो कैसे ले सकती है मैं दोनों की दोस्ती जगह मैरिज हॉल कार से उतरते ही निधि की नजर सामने खडे उसके माता पिता पर गयी । वो दौड कर अपने पिता की गाली लग गई । रिया कार से उतरी और हम तीनों के पास आऊँ । निधि अपने अभिभावकों से कह रही थी, मुझे लगता है कि आप दोनों आएगी नहीं आती कैसे नहीं । वही राज्य में खुद लेने जो आया था और वैसे भी हम ने भी तो भाग कर शादी की थी । तो हमें कौन सा खतरा तुम्हारी शादी से? बल्कि हमें तो गर्व है कि हमारी बेटी भी लव मैरिज कर रही है । निधि सुनते ही अपने मम्मी पापा की गले लग गई । सब मैरिज हॉल में दाखिल हुए । निधि और राजकीय माता पिता और उनके करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों को ही बुलाया गया था । रिया की नजीर अजय को ढूंढ रही थी । पर अजय कहीं दिख नहीं रहा था । तभी जिग्नेश रिया के पास से गुजरा हूँ । रिया से रोका और अजय के बारे में पूछा तो उसने बताया कि अजय हॉल की रूम नंबर ऍम रिया उस रूम की तरफ जाने लगी । राधिका अजय को आधे घंटे से टाई पहना रही थी । पटाई बंद ही नहीं रही है । राधिका ने गौर बार कोशिश की पर नाकाम रही । उसमें हार मानते हुए अजय से कहा, तू तो खुद ही मानते हैं भी । मुझे टाइम बंदा नहीं आता । इसीलिए आपसे कहा तो ढंग की चाय लाने की आधे घंटे से बंदा बन ही नहीं चाहिए । मुझे तैयार भी उन्हें सुबह तैयार हो रही है । वो ही बोला नहीं । अब मैं कब लगाया तो पक्का चुरा लगेगी तो पाइन तो अपने आप पिटाई । पहले राधिका ने गुस्सा होते हुए इस रूम से बाहर जाने के लिए दरवाजा खोला तो दरवाजे के उस पर रिया खडी थी । रिया ने राधिका को हाई का । राधिका ने कहा हाय एरिया आपकी बॅाय कोडाई बंदा नहीं आता तो प्लीज से टाई पहना देना । राधिका कमरे से बाहर चली गई । रिया का नाम सुनते ही है । मैंने मुडकर देखा तो रिया को देखता ही रहा हूँ । उसका दिल जोरों से दस तक देने लगा । रिया की खूबसूरती पर चोली चार चार लगा रही थी । यानी से कहा ऐसे ही देख रहा हूँ । अच्छी कोई ऐसा हुआ कि वह एक तक उसे देख रहा हूँ । उसके तुरंत अपनी नजर फिरा ली और कहा हिंदुस्तानी रिवाज में लोग सुंदर खूबसूरत देखने लगते हैं । पता नहीं लोग से ऑॅल थे । शायद ऍम के बारे में कुछ जानते ही नहीं हूँ । अजय मुस्कुराया और वह पिटाई की तरफ देखता है और कहता है लोग मुझे द ग्रेट । अजय चौहान कहते हैं, पर मुझे टाइम मानना तक नहीं आता हूँ । प्रिया उसके करीब आई और उसके हाथों में से टाई ले ली और अजय को पहनाते हुए कहा, तुम सब कुछ नहीं कर सकते हैं और नहीं तुम सब कुछ बदल सकते हो । रिया क्या कहना चाहती है? ये अजय समझ गया था पर वो चुप रहा हूं । रियल टाइम में पिन डालने के बदले अजय को मारते अच्छे एकदम से सब उठा हूँ और रिया उसी वक्त होनी सबको चॉकलेट बॉस देना और मुझे ही नहीं देने के पीछे कौनसी बचाया । ये मैं जान सकती हूँ । इसके लिए टाइपिंग माने की क्या जरूरत थी? सीधे पूछती दो भी बताता हूँ तो बताओ अच्छे मुस्कुराते हुए कहा देख रहा था तो में फर्क पडता है कि नहीं । अजय रियल टाइप अंजाम आनी थी । वो जगह दिखाते हुए कहा बल्कि जलन तक होती है । जलन जितनी ज्यादा हूँ यार उतना ही ज्यादा पडता है । प्रिया ने नकारते हुए कहा, मैं तुमसे कोई प्यार प्यार नहीं करती है । मैं बस तुमसे नफरत करती हूँ । मेरी बात रहती थी कि तुम दूसरे से कितना भी झूठ बोल, कोई फरक नहीं पडता । पर खुद से कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए । अजय ने ये कहकर अपना मोबाइल निकाला और उसमें से म्यूजिक प्लेयर पर एक गीत चला दिया । रियली अजय की बातों का जवाब देते हुए कहा, मैं तुमसे सच में प्यार नहीं करती हूँ । अजय दिया की बात अनसुना कर के संगीत की धुन पर थे । रखने लगता है क्या ये देख चलती है पर बिना कुछ कहे जाने लगती है तभी तो उसका हाथ पकडता है और उसे अपनी तरफ खींचता है रिया । उसकी माहौल मैं करती है, अच्छे से संभालता है और फिर पीछे बज रहे संगीत पर रिया के साथ कपल डांस करने लगता है । रिया ने अजय को रोकने के लिए मुझे खोला ही था कि तभी आॅस्ट्रिया के होठों पर ही रखती हूँ और कहा तीन ॅरियर डांस करने लगे । रिया को डांस करना नहीं आता था इसलिए वह लडखडा आती है । पर वजह से संभाला क्या? हर डाॅ लडखडा रही नहीं, पर हर बार अजय से संभाल लेता था । अजय रिया से कहा तुम बिल्कुल सहित हैं । हम सब कुछ नहीं कर सकते हैं । हमें कुछ न कुछ कमियां जरूर होती है और कभी कभी इन्हीं कमियों के ही कारण हम जिंदगी में लडखडाते हैं । पर तभी हमें संभालने के लिए कोई न कोई हाथ हमारी तरफ बढा हुआ होता है जो हमें गिरने नहीं देता । मैं चाहता हूँ की जब भी मैं लडखडा हूँ तब मुझे संभालने के लिए जो हाथ पढे तो तुम्हारा और जब तुम लडखडा हूँ तुम्हे संभालने के लिए मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ । अजय रिया डांस करते करते हो गए । रिया सब कुछ भूल ही गई थी । अजय अपने होटल कोरिया के वोटों के करीब ले गया । दोनों के चेहरे इतने करीब थे की दोनों की सांसों की गर्माहट एक दूसरे को महसूस हो रही थी । रिया ने अपनी आंखे बंद कर लीजिए जैसे वो चाहती हूँ की अजय के होटल, उसके होटल कुछ हैं । तब ये जाने का अगर तुम मुझसे नफरत करती तो तुम मुझे अपने होटल को चूमने नहीं देती और ना ही इतने करीब आने देते हैं बल्कि मुझे धक्का देकर खुद से अलग करती । ये सब रिया को एहसास हुआ कि वह क्या करने जा रही थी । उसे एक आई गुस्सा आया और उसने तुरंत अजय को जोर से धक्का दिया और अपने से दूर क्या अजय ये देख हस पडा । रियल वहाँ से जाने लगी । फिर वह एक आई थी और अजय की तरफ देखकर बोली, मैं चाहती हूँ कि हमारे बीच जो शर्त है वो हम खत्म करते हैं । बदले में तुम जो चाहती हूँ वो तो मैं देने के लिए तैयार । पर उसके बाद तुम मुझे अपना चारा कभी नहीं दिखाओगे तो कहना क्या चाहती हूँ या ने अपने ब्लाउस की रस्सी ठीक ही और ब्लाउज जमीन पर गिर गया । इंडिया ने कहा यही चाहते थे ना तो बच्चे के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे । अगर उसके पास आया और मुस्कुराया हूँ तभी उसने रिया की गाल पर जोर से थप्पड मारा । रिया गिर पडी और उसके होटल से खून बहने लगा । अजय ने अपना मुँह पर फीका प्रिया के होटल से खून निकलता देख उसने ड्रॉर में से फस्ट एड बॉक्स निकाला और रिया को उठाकर एक चेयर पर बिठाया और बॉक्स में से कॉटन निकालकर रिया के होठों से खून साफ करने लगा । रिया जी के चेहरे पर साफ साफ गुस्सा देख पा रही थी । अच्छी कोरियान इस तरह गुस्सा होते हुए पहले कभी नहीं देखा था । तब ये लेने का तो ये लगता है कि मैं तुम्हारे जिसमें को पाने के लिए ये सब कर रहा हूँ । दुनिया में तुम से भी ज्यादा खूबसूरत जिसमें है यहाँ तक कि बाजारों में भी देखते हैं और मैं जिसमें का भूखा नहीं बल्कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ । तुम्हारे जिसमें से नहीं तो मैं देख कर ही मैं तुमसे प्यार करता हूँ । पर मैं सिर्फ इसलिए प्यार नहीं करना चाहता की तुम खूबसूरत हूँ । वो लोग सिर्फ खूबसूरती के कारण प्यार करते हैं ना खूबसूरती के ढलने के साथ साथ उनका प्यार भी खत्म हो जाता है । पर मैं तो चाहता हूँ कि मैं अपनी आखिरी सांस तक तुमसे प्यार का । इसलिए मैं तुमसे प्यार करता हूँ । मैं सम बर्दाश्त कर सकता हूँ । मेरी मोहब्बत को कोई गाली दे ये मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता हूँ । कितना भी मंदिरों की तुम्हारे लिए मेरा प्यार नफरत में तब्दील हो जाए । अच्छे उठाओ और बाहर जाने लगा । तभी वो रिकॉर्ड बोला तो मैं चाहती हूँ कि ये शर्त खत्म हो जाये तो यही सही है । अब हमारे भी कोई शर्त नहीं । आज से अभी से मैं तुम्हारी जिंदगी से दूर चला जाऊंगा । ये कहकर अजय रूम से बाहर निकल गया और रिया की आंखों में आंसू थे और उसके कानों में एक ही आवाज गूंज रही थी । मैं तुम्हारे जिसमें से नहीं तुमसे प्यार करता हूँ । आधे घंटे बाद रिया कमरे से बाहर आई । उसने चारों तरफ देखा पर अजय कहीं दिखाई नहीं दे रहा था । आज पहली बार उसकी आंखें अजय को देखने के लिए तरफ रही थी । पर जब वजह कहीं नहीं दिखा तब रिया नी राधिका से अजय के बारे में पूछा हूँ । राधिका ने बताया कि उसे कोई काम आ गया था इसलिए वो चला गया । लेकिन रिया जानती थी कि अजय हासिल क्यों चला गया था पर वो चुप रही । शादी संपन्न हुई । रिया अपने हॉस्टल रूम वापस आई । दो दिन तक अजय नही रिया से मिलने आया और ना ही उसने फोन किया और न ही रिया का फोन उठाया हूँ । तीसरे दिन जब सुबह जान नहीं दिखा तब रिया सीधा अजय के घर पहुंचते हैं । उसने घर का डोरबेल बजाया । मनी मन चाह रही थी कि अजय डोर खोले हैं और यही सोचते हुए उसने अपनी उंगलियों को क्रॉस किया । पर जब दरवाजा खुला तो अजय की जगह अजय की बडी बहन राधिका खडी थी । दिया के चेहरे पर मायूसी तो आई पर फिर हसते हुए हाई कहा । राधिका ने भी हाई का और से अंदर आने को कहा । रिया घर के अंदर आई । उसने घर की सुन्दरता को निहारते हुए कहा नाइस हाउस टाइम्स कुछ ही दिनों में तुम्हारा ही होने वाला है । राधिका की ये बात सुनकर रिया के चेहरे पर एक पी की हंसी आ गई । रिया की नजर अजय को ढूंढ रही थी तभी राह दिखा गुलाब के पौधों में पानी डालते हुए बोली है तुम जैसे ढूंढ रही हूँ तो मैं यहाँ नहीं मिलेगा । राधिका की आवाज सुनकर रिया चौक गई और उसके मुंह से निकल गया । हाँ वो नहीं बस यही घर देख रही थी तो मैं किसी ने बताया नहीं । झूठ बोलने में फुद्दू दोनों भाई बहन एक जैसा ही सोचते हैं । रिया ने खुद से ही कहा रियली बालकनी में रखे अन्य पौधों को देखा जिसमें से कुछ सूख गए थे । तब भी राधिका उसमें पानी डाल रही थी । ये भी क्रिया ने कहा दीदी ये पौधे तो सूख गए तब पानी दे रही है । ऍम दिल्ली में से फॅमिली थी और ये पागलपन की बात तो ये आपके पागल आशिकी दे रहे हैं सर गौर से देखो इन गुलाबो ये सारे वही को लाभ है जिन्हें तुमने फेक दिया था हूँ तो उनकी डालियों को लगाकर रोज पानी देता हूँ जबकि ये सब सूखते जा रहे हैं । मैंने तुम्हारी तरह ही इस पागलपंथी के बारे में पूछा तो जानती उस पागल ने क्या कहाँ अगर किसी को सच्चे दिल से प्यार दो तो वह भी हारकर अपनी फितरत बदल देता है । और ये तो है ही मोहब्बत की निशानी इससे तो खिलाई है । मैं भी पागल की बात मानना नहीं चाहती थी । पर आज सुबह गुलाब का फूल इस सूखे डालने से निकल आया तो उसकी यकीन को देखकर मजबूरन उसकी बात पर यकीन करने को दिल करता है । पर वो बेवकूफ यह नहीं जानता कि लोगों को अपनी सांसों का भी भरोसा नहीं तो लोग मोहब्बत पर कहाँ से भरोसा करेंगे? जिया उन गुलाबू को कुछ पल के लिए देखती रही और फिर बोली अजय कहाँ है? तो मैं बता मैं तुमसे बहुत ही नफरत करती हूँ क्योंकि तुम्हारी वजह से मेरा भाई मौत के मुंबई चला गया था । ते मगर अजय की मोहब्बत मेरी नफरत से कई गुना जाता है । इसलिए गुजारिश करना चाहूंगी कि अजय सिर्फ मोहब्बत पर भरोसा करता है । वो सोचता है कि मोहब्बत सब कुछ बदल सकती है । उसके भरोसे को कभी टूटने मत देना । बस इतनी सी गुजारिश और अजय जब भी दुखी होता है तब वासिंद के अनाथ आश्रम में चला जाता है । वो तो में वहीं मिलेगा जगह वासंत अनाथ आश्रम समय दोपहर के चार बजकर पंद्रह मिनट रिया मास इनके अनाथ आश्रम में पहुंची । आसाराम के मैदान में कुछ बच्चे फुटबॉल खेल रहे थे । प्रिया ने देखा कि अजय भी उन्हें बच्चों के साथ फुटबॉल खेल रहा था । रिया ने अजय को देखा और बस निहारती रही । उसने पहली बार अजय के चेहरे की तरफ देखा । वो इतना भी सुंदर नहीं था की हर लडकी उस पर जान चलते हैं । सामान्य सर चेहरे का धनी काली और भूरे रंग की मिश्रा लम्ब, गोलमुख, क्लीनशेव, तेज और बोला भी होना कदकाठी सामान्य और एस आर के है स्टाइल थी तभी अजय की नजर रिया पर पडी जो खेलते हुए निहार रही थी । अजय के चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान आ गई । वो दौड कर लिया के पास गया और बोला तुम हर यहाँ लगता मेरे बिना तुम रहा नहीं पाई इसलिए मुझे ढूंढते हुए यहाँ तक आ गई हूँ क्योंकि वो हम लोग ज्यादा दिन में तारे मत गिराओ । मैं तो बस ये देखने आई थी की शर्त थाने के बाद तुम कहाँ रहे हैं । बहुत ही देख रहे थे ना की फॅमिली के साथ दिन में मुझे लोग बुलवा के दिखाओ । गे पर तीन दिन में लाइन पिला दिया ना नाम याद रखना । रिया खुराना पिया जाने ही वाली थी कि अजय ने उसकी कमर पर हाथ डाल के उसे अपनी बाहों में लिया । चेहरे कोरिया के कानून के पास ले गए और का तो तुम्हें पता है ना कि तुम झूठ बोलने में एकदम बुद्धू तो क्यों झूठ बोलती हूँ और इन अडतालीस घंटे में मैं तुमसे दूरी कहाँ था? हर पल तुम्हारी आंखें मुझे ढूंढ रहे थे । तुम्हारा दिल मेरे बारे में ही सोच कर बेचैन हो गया था और मैडम इस से भी प्यार ही कहते हैं क्या जी की बाहों से अलग हुई और गुस्से से अजय को देखने लगीं । तभी आॅडी की हसी के साथ कहा शर्त तीस ले मोहब्बत नहीं मोहम्मद है इसलिए शर्त थी मलेशिया खतम हो गई पर प्यार आज भी मैं तुमसे ही करता हूँ । अभी कुछ फल के लिए रुका रिया की तरफ देख कर रहा हूँ । फिर हाथ बढाते हुए मुस्कुराकर बोला जीत मुबारक । अजय ने ये बात जिस अंदाज में कहीं की रिया के कुछ ना बोल पाए और वहाँ से चुपचाप छोडकर बस स्टेशन की तरफ जाने लगी । तभी मैंने कहा हूँ बस स्टेशन जारी है तो कोई फायदा नहीं । इस समय कोई बस मुंबई नहीं जाती । रिया ये सुनकर चौकर मारते हुए बोली वाह क्या बकवास कर रहा हूँ । बकवास नहीं हकीकत बयान कर रहा हूँ । बहुत वर्मा कल सुबह से पहले मुंबई के लिए इस गांव से कोई बस नहीं मिलने वाली । ॅ अब मैं क्या करूँ? क्या करूँ? इसी आश्रम में मेरे साथ प्यार है जो कल सुबह होती चली जा रहा हूँ । रिया ने गुस्से में कहा तो तुम्हारे साथ वो भी एक ही छत के नीचे नोवे तो शादी के बाद पडोसी के घर में होगी । रियल अजय के बाल नोचने वाली हूँ । ऐसी मुद्रा बनाई । तभी वहाँ पर चालीस पचास साल की औरत आ गई जिसे देख के दोनों ने जगन्ना बंद कर दिया । बूढी औरत असल में उस आश्रम की संचालिका थी । वो अजय की तरफ देखकर बोली ये लडकी को नहीं जैसे का ये एरिया है । अजय के बोलने ही वाला था की जैसी का में हमने बात करते हुए कहा वो तुम्हारी गाल फॅस । यह सुनकर तिलमिला उठी और मैं बनाया । तभी तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा नहीं मैं सिर्फ अच्छे दोस्त है । ये सुनकर याने चौकर अजय की तरफ देखा वो इसकी बस हो गई है । जैसिका मैडम ने ये सुनकर या के सामने देखा और कहा कोई बात नहीं बेटा तुम आज रात यही रुक जाओ । सुबह होते ही चले जाना । ओके बच्चा जैसे का मैम की बात में रॉक था या प्यार था ये पता नहीं चला । पर कुछ तो बात थी जो रिया ने आना कानी किए बिना ही हाँ कह दिया । तीनों आश्रम की तरफ बढे और रिया ये सोच रही थी की वजह से दोस्त का तो उसे बुरा क्यों लग रहा था । जगह आश्रम समय रात के साढे नौ बजे खाना खाने के बाद अजय सभी बच्चों को कहानी सुना रहा था । असल में वो जब पहली बार रिया को कैसे में मिला था । वो किस्सा सुना रहा था कि कैसे उसने रिया के चेहरे पर मुस्कुराहट लाई थी । वो बता रहा था पर उसे ये नहीं पता था कि अजय की सारी बात रिया सुन रही थी । जब कहानी खत्म हुई तभी एक छोटी सी बच्ची रिया की तरफ उंगली करके बोले क्या वो लडकी दीदी से भी ज्यादा खूबसूरत थी? अजय ने पीछे मुडकर देखा तो रिया दोनों हाथ कदम में लगाई खडी थी । इस समय उसने सलवार कमीज पहना था । अजय ने दिया को देखते हुए कहा हाँ वो लडकी इससे भी ज्यादा खूबसूरत थी । अजय ने बच्चों की तरफ देखा मैं जो आप सोचो ना जैसे का मैं हम डाटेंगे । सारे बच्चे अपने अपने बैठ पर चले गए । प्रिया जी के पास आई और बोली तो कैसे? ऍम अजय ने मुस्कुराते हुए दूसरी तरफ देखा और एक बात बताऊँ तब मैं तो मैं ज्यादा खूबसूरत देख रहे थे तो आप क्यों नहीं? अजय अपने रूम की तरफ जाते हुए बोला क्योंकि आखिर में तो मुस्कुरा रही थी ये सुन रिया पहली बार दिल से मुस्कुराई । उसने अजय की तरफ देखा और कहा कहाँ जा रहा हूँ । कुछ आर्टिकल खत्म करने बना । लोग भी मुझ पर ऍम वो शेर अर्ज करेंगे कि मोहब्बत नहीं निकम्मा कर दिया । गाले वरना आदमी बडे काम का था ऐसे बात पूछूं । ये सुन नजरिया के पास आकर बोला कहूँ सब कोस्की देखो मानना ही है बोलो भी क्योंकि अगर चैलेंज ऑन होता तो तुम आज क्या करते हैं? ये कहकर अजय रिया को अपनी बाहों में ले लिया और बोला हैप्पी हम दे । अचानक बाहों में ले लेने से रिया को गुस्सा आया और अजय को अपने आप से दूर करते हुए बोली ये क्या करूँ तुम तो बस मौका मिला तो एडवांटेज लेने की सोचते हूँ तुम भी ना ट्रस्ट नहीं कुछ नहीं करूंगा । इतने दिन साथ थी तो कुछ गलत किया क्या मैंने क्या ने नाम में सिर हिलाया सोहजनी रिया ने थोडा अनकम्फर्टेबल होते हुए अजय को अपनी बाहों में लिया । फिर से अजय ने कहा अब अपनी आंखे बंद करूँ क्यो तो बार बार सवाल क्यों कर रही हूँ । जितना कहाँ उतना करूँ । अब आसपास की सभी चीजों को भूल कर बस महसूस का कुछ देर तक यानी वही किया पर उसे कुछ महसूस नहीं हुआ । तब वो बोली अच्छे कुछ महसूस ना वो बोलती बोलती रह गई हूँ उसे दिल की धडकने महसूस हो रही थी । उसने कहा ये तो दिल की धडकनें हैं पर उसे एहसास हुआ कि वो झारखंड उसकी खुद की नहीं बल्कि अजय की है । अजय की दिल की धडकनों को साफ महसूस कर पा रहे हैं । अजय ने कहा कहते हैं आप भी उसे प्यार करते हो उन की दिल की धडकने सुकून पहुंचाती है । ये अहसास दिलाती है की उस की हर धडकन पर बस मेरा नाम है मेरा हक है और यह मोहब्बत दिल की आखिरी धडकन तक बरकरार रहेगी और मेरी धडकन पर सिर्फ तुम्हारा नाम है तो हमारा हक है और मेरी मोहब्बत बीस दिल की आखिरी धडकन तक सिर्फ तुम्हारे लिए रहेगी । रिया ये सब सुनकर महसूस कर रही थी और उसने अजय को कसकर बाहों में ले लिया हुआ था और अभी भी उसकी आंखें बंद थी । ऍन इंडिया को आवाज दी पर क्रिया अभी भी उसी एहसास में थी । अजय खुद कोरिया की बाहों से दूर किया । ये रिया को अच्छा नहीं लगा और ऍम मुस्कुराहट के साथ गुड नाइट का और अपने रूम की तरफ चल दिया । रियाउ से जाते हुए देखती रही हूँ ।

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कहते है कि मोहब्बत अपने बन्दे खुद चुनती है और अजय और रिया को भी मोहब्बत ने ही चुना था । अजय लोवोलोजिस्ट था लोगो की अधूरी प्रेम कहानी को पूरी करने में मदद करता था । पर वह उस लड़की से प्यार कर बैठा जिस लड़की को मोहब्बत से सख्त नफरत थी । क्या हो पाएगी पूरी अजय की प्रेम कहानी जानने की लिए पढ़िए मेरी रचना "द लास्ट हार्टबीट" Author : Aryan Suvada Voiceover Artist : Surabhi
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