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The Last Heartbeat Part 4 in Hindi

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Authoraryan suvada
कहते है कि मोहब्बत अपने बन्दे खुद चुनती है और अजय और रिया को भी मोहब्बत ने ही चुना था । अजय लोवोलोजिस्ट था लोगो की अधूरी प्रेम कहानी को पूरी करने में मदद करता था । पर वह उस लड़की से प्यार कर बैठा जिस लड़की को मोहब्बत से सख्त नफरत थी । क्या हो पाएगी पूरी अजय की प्रेम कहानी जानने की लिए पढ़िए मेरी रचना "द लास्ट हार्टबीट" Author : Aryan Suvada Voiceover Artist : Surabhi
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जगह रिया का हॉस्टल समय सुबह नौ बजे रिया बैठ पर्स हो रही थी वो लेफ्ट साइड भूमि तभी उसकी नजर ड्रॉर पर गए । वहाँ पर एक खत पडा था और उस पर एक गुलाब था । रिया जानती थी कि वक्त किसने भेजा का उसने अपना चेहरा तकिए पर गुस्से से दबाया फिर वहाँ गुस्से से उठी और उस खत और गुलाब को उठाया और पेट नहीं वाली थी कि एकाएक को रुक गई और ना चाहते हुए भी उसने खत को खोला और वहाँ से पडने लगी । उसमें लिखा था गुड मॉर्निंग दिया तो मैं मालूम है तुम्हारे मासूम से चेहरे पर गुस्सा तो और ज्यादा खूबसूरत बना देता है । जो हाल में तुम दिख रही होगी । मेरी हर सुबह और शाम तेरे चेहरे की मुस्कुराहट से हूँ यही चाहता हूँ तुम्हारी वोटों से छुए हुए कब से तुम्हारी झूठी कॉफी पीना चाहता हूँ । छोटी छोटी बातों पर तुम से छह करना चाहता हूँ और तुम झूट हो तो तुम्हें मनाना चाहता हूँ । मेरे हर एक खास पल को तुम्हारे साथ शेयर करना चाहता हूँ । क्या तुम अपने खास पल मेरे साथ शेयर करना चाहोगी? अल ऍम रिया कागज को फार कर फेंक दिया । अभी दरवाजा खुला और निधि ने रूम में प्रवेश करते हुए रिया को हाई का रियल भी उसका जवाब दिया । कुछ हु में शांति नहीं । फिर क्या मोदी राज मान गया क्या हाँ मना लिया । निधि मुस्कुरा रहे हैं कैसे? वो अपनी गर्लफ्रेंड को दुख में भागीदार नहीं बनाना चाहता था । पर अपनी बीवी को तो बनाएगा । इसलिए बस मैंने उसे शादी के लिए प्रपोज कर दिया शादी के लिए और वो भी तो उन्हें हाँ, वैसे भी हम पांच साल से रिलेशनशिप में थे तो बस रिश्ते को एक नया नाम देने का वक्त आ गया । तुम्हारे मॉम डैड मान्य हाँ, जैसे भी मेरे फॅमिली की थी तो मुझे उनसे कोई परेशानी होने वाली नहीं थी । और अब जल्दी से तैयार हो जाओ । शॉपिंग पर चलना है, शौक दे हाँ, अब शादी हो रही तो शॉपिंग बनती है ना । कब शादी कल कोर्ट में रजिस्टर मैरिज कर रहे हैं । जब राज की परेशानी खत्म हो जाएगी तब धूमधाम से शादी करूंगी । फिर से अब केबीसी खेलती रहेगी, तैयार होने जाएगी । हम लेट हो रहे हैं । रियल उठकर बातों में चली गई जगह शॉपिंग समय ग्यारह बजे दीदी आपको छोटा भाई कोई गोली नहीं जो आपने इतने सारे बैंक के लिए अजय नहीं शिकायत भरे लहजे में कहा, उसके पांच छह बार उठाये हुए थे । तभी राधिका एक और बैग उसको पकडाते हुए बोलिए । किसने कहा था फैसले शर्त लगाने को । अब हार गए तो फॅमिली चीटिंग की थी । मारूंगी । एक तो खेलना आता नहीं तो खेलता की वो अब चुपचाप कुली बन और सामान उठा हूँ । मुझे रिया से मिलने जाना है, बाद में चलेगा ना? राधिका ने अपने भाई की गाल खींचे और फिर से शॉपिंग करने लगी । अजय ने मायूस होकर कहूँ मैं सबको कार में रख कर आता हूँ । अच्छे जैसे ही मुडा सामने रिया खडी थी । अजय से देख मुस्कुराओ था और वह बोलने ही वाला था कि रियल उसके गाल पर जोर का थप्पड जड दिया । अच्छा नहीं । जो बैंक उठाए थे वो सारे नीचे गिर गए और उसके अंदर का सामान फर्श पर बिखर गया । अजय ने असमंजस में रिया के सामने देगा रिया ने का तो ये है तुम्हारा क्या शाम मेरे साथ और सुबह किसी और के साथ कौन थी । वो लडकी तुम्हारे गालों को खींच रही थी जो वो अच्छा न जाने क्यों रिया के गुस्से के सामने हिचकी जा रहा हूँ । तभी रिया उसकी बात को काटते हुए उस से मैं बोली तुम सब लडके एक जैसे ही होते हैं । बस तुम लोगों को लडकियों के साथ टाइम पास ही करना होता है । उस टाइम पास को प्यार का नाम देते हूँ और जो चीज होती नहीं दूसरे लोगों को उसके बारे में ढिंडोरा पीते । अब कोई शर्त नहीं और आइंदा अगर मेरे सामने आए ना तो एक हाथ तोड के दूसरे हाथ एकदम आधुनि समझे । जबरिया अजय को सुना रही थी । तब निधि वहीं खडी थी और सारा तमाशा देख रही है । तभी निधि की नजर राधिका पर पडेगी और वो सब मान जा समझे । रिया जा बजे को सुनाकर निधि के पास आई । तब निधि ने रिया से का क्या? वो लडकी अजय की बहन है वोट रिया ने चौका फिर आश्चर्य के साथ निधि से हिचकी चाहते हुए हूँ । सच में निधि ने हामिद ही लाया और रिया ने अफसोस जताते हुए खुद से ही का मुंबई कौन? ये मैंने क्या कर दिया? रिया ने पीछे मुडकर अजय की तरफ देखा । अजय फर्श पर पडे सारे सामान को बैंक में डाल रहा था । रिया उसके पास गई और झुककर उसका सामान उठाकर बैग में डालने में मदद करने लगी और अच्छे से कहा ऍम मुझे लगा कि रिया ने देखा कि अजय सिर्फ मुस्कुरा रहा था तो रिया ने अपनी बात बदलते हुए कहा तो मुस्कुरा क्यों रहे हूँ । कहीं थप्पड की वजह से दिमाग पर गहरा असर तो नहीं हुआ । ना ऍम उसके सामने देखा और कहा तो मैं जलन हो रही थी ना मुझे किसी और के साथ देखकर मुझे और जलन । माइक पुर मुझे कोई जलन नहीं हो रही थी । तुम चाहे किसी भी लडकी के साथ हूँ मुझे क्या अच्छा मैडम इसलिए तुमने कुछ पूछे बिना ही गुस्से में गांव से जाती है और सुनाया गलत । अब मान भी लोग की तुम्हे मुझे किसी और लडकी के साथ देखकर जलन हो रही थी । रिया को गुस्सा आया और बिना कुछ कहे वहां से जाने ही वाली थी । तभी आॅनर्स का हाथ पकड लिया । रिया ने गुस्से से मुडकर देखा और अजय से अपना हाथ छुडवाने लगी । तभी अजय ने कहा जवाब किसी से प्यार करते हो तो उस पर सिर्फ अपना ही हक मानते हैं और जब कोई और उस पर अपना हम जताएँ और हमें जलन हूँ तो उसे भी प्यार कहते हैं । रिया ये सुना और ज्यादा गुस्सा हो गई और उसने अपना हाथ छुडवाने के लिए एक झटका मारा जिससे उसके हाथ का बेंगल टूटकर उसके हाथ में लग गया और खून बहने लगा । अच्छा ये देख रिया पर चलाते हुए बोला हूँ बेवकूफ हो क्या? किसने कहा झटका देने के लिए देखो लग गई ना चोट । अजय अपनी जेब से रुमाल निकालकर बांधने लगा । ये देख लिया कह नहीं वाली थी कि उसे कोई पत्ती नहीं बनवाने पर अजय को देखकर चुप सी हो गई । क्योंकि जो लडका हमेशा सस्ता रहता है । आज इस क्या मेरिया की छोटी सी चोट की वजह से ही अजय पट्टी बांध रात और क्या उसे देखे ही जा रही थी कि वहाँ पर राधिका आ गई और बोली यहाँ तो आशिकों मेला लगा हुआ है । जी सुन कर दिया ने अजय के हाथ से अपना हाथ नहीं राधिका जी की तरफ देखते हुए बोली लगता है अब मुझे अकेली शॉपिंग करनी पडेगी क्योंकि क्योंकि ये सारा सामान पहले कार में रखते ना । अजय ओके का राधिका वहाँ से जाने लगी । तभी ये जान अपनी बहन को आवाज दी और दौड कर उसके पास और अपनी बहन को गले लगकर आई लव यू का राधिका ने मुस्कुराकर का बहुत मस्का मान लिया । अब जब जी ले अपनी जिंदगी राधिका ये कहकर चली गई अच्छे वापस आया और निधि से कहा, हाँ जी शादी की शॉपिंग कैसी चल रही है? फर्स्ट क्लास एक मिनट जिया बीच में बोलते हैं । एक मिनट किसी से पता चला कि हम शादी की शॉपिंग कर रहे हैं । निधि ने मुस्कुराकर का असल में अजय नहीं मुझे आज को शादी के लिए प्रपोज करने को कहा था । अजय, रिया और निधि शॉपिंग करने के बाद लंच करने के लिए उसी मॉल के क्रेस्ट्रॉन में गए और टेबल पर बैठे सब ने अपना ऑर्डर वेटर को दिया सिवाय अजय के अस ऍम ये ठीक रिया को अजीब लगा पर वो चुप रहे क्योंकि वह अजय को बोलने का मौका नहीं देना चाहती थी और निधि रात से फोन पर बात कर रहे थे तो उसे पता ही नहीं था कि अजय ने क्या ऑर्डर किया है । थोडी देर में सबके ऑर्डर आ गए । अजमेरिया से कहा हूँ क्या तुम्हारे हाथ में चोट लगी है तो तुम बुरा ना माने तो मैं खाना खिलाती हूँ । मैं ये सुनकर निधि की मुझ से निकला हूँ । सूरमा ऍम जिया ने कहा शराब नहीं दी और आप माश हैं । ये कृपा क्यों करना चाहते? मुझ पर तो मैं खाते वक्त दर्द होगा ना । इसलिए ये दर्द भी तो तुम्हारा ही दिया हुआ है और अगर दर्द होगा तो मुझे होगा उससे तुम्हें क्या फरक पडेगा? मुझे फर्क पडता है या मैं चाहता हूँ कि तुम हमेशा खुश हूँ । तुम्हारे चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट बनी है और जब भी तुम पर कोई दर्द आए तो मैं अंदर बंद कर सबको ले । अच्छा । रिया ने ये कहकर टेबल पर पडी नमक के डिब्बे को खोलकर पूरा नमक अपनी थाली में डाल दिया । फिर मिक्स बॉर्डर के डिब्बे को भी अपनी थाली में खाली किया । फिर सबको मिक्स करके अजय की तरफ बढा दी और कहा हूँ मेरी खुशी अब सिखाओ । निधि ने बीच में कहाँ हूँ मैं ये इंसान तो क्या जानवर भी नहीं कर पाएंगे । जी सर मजाक कर रहे हैं । मैं मजाक नहीं करे । सीरियस अजय थाली को देखा और फिर कहाँ? मैं नहीं खा सकता हूँ । बस निकल भी वहाँ पर अभी तो बहुत बडी बडी बातें कर रहे थे कि मेरी खुशी के लिए कुछ भी कर सकती हूँ । मेरे चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए कुछ भी कर सकते हो तो क्या हूँ । अगर मैं ऐसे खाऊंगा तो मैं खुशी मिलेगी हमारे चेहरे पर मुस्कान बेशक अजय थाली ले ली ये देख निधि बोल पडेगी नहीं ये तो पागल है तो मैं पागल हो गया मत खाना । ये खाने लायक नहीं, अच्छे नहीं । निधि की बात को नजरंदाज किया और खाने वाला था कि रियान से रोका । अजय ने रिया के सामने देखा । निधि ने चैन की सांस ली । तब ीरिया, मूली पूरा खाना खत्म करने अजय ये सुनकर मुस्कुरा दिया और उसने पहला चम्मच खाया और उसका चेहरा लाल हो गया और आंखों में से गंगा जमुना बहने लगी थी । आपको लगा अभी वो खाना थोक देगा । पर अजय ने दूसरा चम्मच का निधि ने से पानी दिया पर अजय ने मना कर दिया । फिर तीसरा चम्मच, फिर चौथा । अब रिया के चेहरे की मुस्कान जा चुकी थी । उसने अजय को रोकने को कहा पर वो खाए जा रहा हूँ । रिया ने देखा कि अजय उसकी बात नहीं सुन रहा था तो रिया ने वो प्लेट उठाकर फेंक दिया और अजय को पानी देते हुए कहा पागल हो गया । मैं कुछ भी करूं कि मान लो गे । अजय मुस्कुरा रहा था । अभी उसकी नाक से खून निकलने लगा । ये भी क्रिया घबरा गई और उसकी मुझसे अजय निकल गया और सभी अजय टेबल पर गिर पडा । यधिक, निधि और रिया घबरा गए । रिया ने अजय को होश में लाने की कोशिश की पर अजय होश में नहीं आया । रिया ने महसूस किया कि अजय की सांसे नहीं चल रही है । रिया एकदम रुआंसी होते हुए बोली इसके सांसे नहीं चल रही है । निधि ने तुरंत राधिका को फोन किया । राधिका उस वक्त उसी मॉल में थी । वो भाग्य बाकी रस्टन में आई । अपने भाई को देखकर उसके भी होश उड गए । वहाँ पर भीड जमा होने लगी थी । रिया और निधि अजय को होश में लाने की कोशिश कर रहे थे । राधिका ने अपने भाई को देखा । उसके नाक से खून निकल ता अधिक । राधिका ने कहा इसलिए कुछ खाया था क्या? रिया और निधि ने सब कुछ बताया तो आप ही का सब कुछ सुनकर गुस्से में बोली तुम पागल हो गया । उसके खाने में लहसुन था । अजय को लहसुन से हाई लेवल एलर्जी है । उसकी सांसे रुक जाती है । लहसुन खाने से अगर हमने तीस मिनट में आपको हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया तो उसकी जान जा सकती है । जी सुन लिया के होश उड जगह हॅूं । अच्छे आईसीयू में था । फॅमिली थी और अजय के सारे दोस्त नौकरी में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे । राधिका ने मॉल में एन वक्त पर अजय को इंजेक्शन को दे दिया था पर वो उसमें नहीं आया था । तब उसे जल्द से जल्द हॉस्पिटल पहुंचाया गया । सबके चेहरे की वो शुरू हुए थे । रिया एक कोने में गुमसुम खडे निधि ने से देखा तो उसके पास कई और उसके आंखों के आंसू पूछे । तब क्या कोई ऐसा हो कि उसकी आंखों में आंसू आ गए थे । वो सोच में पड गई की वो रो क्यों रही है । तभी डॉक्टर आईसीयू से बाहर निकले । ये देख सब उसके पास दौडे चले गए । उन सब को देखकर डॉक्टर ने सामने से दोनों ऍम अच्छा वो राधिका की तुमने उसे इंजेक्शन दे दिया वरना सिचुएशन और खराब हो सकती थी । आधे घंटे में उसे घोषणा जाएगा । ऍम राधिका ने कहा, टाइम से काम नहीं चलेगा । भाई मुझे इस्काॅन बिल्कुल डॉक्टर वहाँ से चले गए । अधिक जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया । जब समझ से मिलने तब अजय नर्स के साथ चलती हो रहा था । सब को देखकर उसने सबको हाई कहा । वो ऐसे बीजेपी कर रहा था जैसे कुछ हुआ ही नहीं हूँ । राधिका एक कोने में मुझे बढाकर खडी हो गई । निधि ने कहा अच्छा तुम्हें तुम्हारी जानी निकाल दी थी और क्या जरूरत थी उसे खाने की, जबकि तुम्हें पता था कि उसमें लहसुन अब तुम ठीक हो ना । अच्छे मुस्कुराते हुए हमें से नहलाया । उसकी नजरें रिया को ढूंढ रही थी, पर वो उस कमरे में नहीं थी । तभी राज बोला हूँ, हमने तो शादी भी कैंसिल कर दिए । जब तुम बिल्कुल ठीक हो जाओगे तब हम शादी करेंगे क्यों नहीं दी? निधि ने भी राज की बात पर सहमती बताई । ये देख अजय बोला, ऍम बस ऍम जो शाम तक ठीक भी हो जाएगा और मुझे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज भी कर दिया जाएगा तो शादी रोकने की कोई जरूरत नहीं । शादी कल ही होगी पर अजय परवर कुछ शादी कल ही होगी । ॅ फाइनल क्यों नहीं बराबर है ना । अजय ने अपनी बहन की तरफ देखा पर राधिका ने फिर लिया । अजय ने अपनी बहन को कुछ कहने के लिए मुंह खोला ही था कि अचानक कमरे में रिया ने प्रवेश किया और सीधा जिसके पास आई और उसके गाल पर सोलह से थप्पड मार दिया । ये देख राधिका ने कहा ॅ एक और मेरी तरफ से भी चलते हैं रिया नहीं । हाँ में सिर हिलाया और एक और थप्पड जे के गाल पर चलती है । अजय ने गुस्से सीरिया से कहा, पागल हो गया पागल मैं नहीं तुम हो गए तो मैं ऐसे से अलर्जी है । तो क्यों को खाना खाया? हाँ तो मैं कुछ हो जाता तो तुम नहीं तो कहा था कि मैं वो खाना खाऊंगा तो मैं खुशी मिलेगी । तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान आएगी तो तो अगर मेरी मौत से तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान आती है तो ऐसी मौत मुझे खुशी खुशी हो मोहब्बत में बस किसी को मारना ही हुए । बहुत में जीना क्यों नहीं चाहते हैं तुम लोग? इसीलिए मैं मोहब्बत से दूर भागती मोहब्बत का दूसरा नाम ही मौत है । अगर किसी दुश्मन से बदला लेना हो ना तो बस से किसी से प्यार करवा देगा । हर दिन हर पल मरेगा । वो बहुत सिर्फ मौत लाती है ये कहकर पर जाने के लिए मुडी हुई थी कि अजय ने उसका हाथ पकड लिया और अपनी तरफ खींचा जिससे रिया सीधे अजय की गोद में आकर के लिए यानी की तरफ देखा । अजय ने दिया की आंखों से बाल की लत हटाते हुए कहा मौत हो एक दिन नहीं है सब की तो क्यों ना ये जिंदगी मोहब्बत के नाम कर दी जाएगी । और दूसरी बात मोहब्बत मौत का दूसरा नाम है । तो ये मौत मुझे सोमवार को बोल है सिर्फ एक ही शर्त है सौ की सौ बार मोहम्मद तुमसे ही हो रिया गुस्से से उठकर वहाँ से चली । अजय मुस्कुराते हुए उसे जाते हुए देखता रहा । फिर उसने अपनी बहन की तरफ देखा हूँ तो वो भी बिना कुछ बोले वहां से बाहर चली गई । अजनी खुद से कहा आज तो तेरी लगने वाली लिया जाए जगह रिया का हॉस्टल पीएम डिनर हॉल में बैठे थे । उसके सामने खाना पडा हुआ था पर वह खा नहीं रही थी बल्कि वजन के बारे में सोच रही थी । उसके कानों में अजय के आखिरी शब्द गूंज रहे थे । अगर मौत मोहब्बत है तो यह मोहब्बत मुझे सौ बार हूँ । सिर्फ एक ही शर्त है सौ की सौ बार तुमसे ही मौत हो । रिया जब हॉस्पिटल से वापस आ रही थी तब निधि से जो कहा था वो भी उसके कानों में पूछ रहा था । रिया जो इंसान तेरी एक बल्कि मुस्कुराहट के लिए हस्ते हस्ते मौत से बढ जाए उसे कभी मत छोडना । रिया को एक आई क्या सोचा कि उसने सामने रखी थाने में सारा नमक डाल दिया और पास में चटनी का जो डिब्बा था उसे खाली कर दिया । थाली में फिर सारा खाना मैक्सी और एक चम्मच खाया और तुरंत ही उसका मुझे लगा हूँ । बोट काॅटन के पास गए और मुंबई जो खाना था उसे ठोक दिया और पानी की तीन चार क्लास भी गई । उसने आईने में अपने आप को देखा । उसकी आंखों से आंसू निकल गए और पूरा मूल्य हो गया था । उसने खुद से कहा, एकदम पागल लडका है । रियल डिनर कर के अपने रूम में आई और थोडी देर हवा खाने के लिए वह बालकनी में जाकर खडी हो गई । वो कैंपस के मैदान को देखने लगी । तभी अचानक उसकी नजर बालकनी के कोने पर गई । वहाँ पर उसे गुलाब का गुलदस्ता पडा हुआ दिखा । वही गुलदस्ता था जिसका कटा दिया को लग गया था और वो बाल्कनी नहीं मिल गया था । अच्छा वो अपनी कोने में पडा था । स्त्रियाॅ गुलदस्ते के पास गए और उसे उठाकर बालकनी से पेट नहीं वाली थी कि अचानक हो गई । उसका दिल से फेंकने के लिए मना कर रहा था और आज उसने अपने दिल की ही बात मानी और उस गुलदस्ते को रूम में लेकर चली आई और उसे जोर पर रखा और बैठ पर आकर बैठ गई । उसने कुछ सोच और एक का एक अपना मोबाइल लिया और नंबर डायल की । उसने ग्रीन बटन पर क्लिक कर दिया और सामने से बचने की आवाज आने लगी । जगह अजय का घर बीवी कब तक नहीं मानेगी और अच्छे नहीं । गुस्से से का अच्छा हॉस्पिटल से घर आया था । पर राधिका ने हॉस्पिटल से लेकर अब तक अच्छे से बात नहीं की थी । अजय से बुलवाने की कब से कोशिश कर रहा था, पर हर कोशिश नाकाम हो रही है । अजय ने फिर से राधिका से का उठक बैठक करूँ क्या? राधिका कुछ नहीं बोली और डाइनिंग टेबल पर बैठ गई । अच्छा ओके होटल बैठक कर रहा हूँ । दस चलेंगे ना? राधिका चुपचाप वहाँ पडी । मैंने सिंह पडने लगी । अजय ने उठक बैठक शुरू कर दी, पर राधिका ने उसकी तरफ देखा तक नहीं । अजय से फिर से बुलाया और राधिका ने उसे एक नोट कर दिया । बजे को गुस्सा किया और बोला तुम तो ऐसे भी एक करिए जैसे में मर चुका कुछ ज्यादा नहीं हुआ है । अभी मैं जिंदा हूं । मारा नहीं समझी तो इस तरह से बी एस कर रही हूँ । जी सुन राधिका रो पडी । अजय अपने बहन को छोटी बच्ची की तरह होता देख दौड कर उसके पास चलाया और सॉरी सॉरी बोलने लगा । पर राधिका रो ही जा रही थी । अपनी बहन को रोता देख उसकी आंखों में भी पानी हो गया । वो बोला राजू मार ले आर पर इस तरह रोमन प्लीस सौरी दिक्कत होएगी तो मुझे रोना आ जाएगा । राधिका ने रोते हुए कहा हूँ ऍम भी नहीं देगा क्या? एक पाॅल और मार के बारे में नहीं सोचा । अगर तुझे कुछ हो जाता तो मेरा क्या होता? माँ का क्या होता हूँ? एक बार भी नहीं सोचा और उस कमीने के लिए मौत को गले लगा लिया दी सब कुछ बोल यार पर रिया को कुछ ना बोल लिया । इसमें उसकी क्या गलती थी? उसे थोडी पता था कि मुझे ऍसे कमी समझे । उसकी वजह से आज मेरा भाई मुझसे ही जाता है । शादी का अभी भी रो रही थी । अजय ने ये देख रहा हूँ अच्छा बाबा रिया कमीनी । अब तो कुछ चलना बंद कर । अजय अपनी बहन के आंसू पूछे और विक्रम महा कमीना । रांची का ही सुनकर अजय को मॅन उठाकर मारने लगे और फिर अजय को गले लगा लिया । अच्छे बोलूँ अच्छे बच्चे होते नहीं तो मेरा अच्छा बच्चा है ना । मैं छोटी बच्ची नहीं तो मुझे फैसला रहा । वो तो मैंने देखा कौन? अभी छोटे बच्चे की तरह हो रहा था । ये सुनकर राधिका नाॅन जोर से मारी और कहा क्या जरूरत थी ये सब करने की एक सवाल कुछ नहीं पूछ क्या तो विक्रम के प्यार में अपनी जान दे सकती है । अच्छा तो बात कुमार नहीं, कोई बात नहीं हमारा मैं बस अपनी जगह तुम्हें रखा हूँ बता जान दे दिया नहीं तथा राधिका कुछ बोल नहीं पाए । ये भी एक अजय ऐसा और फिर बोला बिहार है ही कमीनी चीज अच्छे खासे समझदार व्यक्ति को पागल बनाने दी । हाँ समझ के अब फिलॉस्पी मत जाना । और ये बताओ क्या खायेगा तू? खिचडी के अलावा कुछ भी चलेगा वो अब तो खिचडी खा बेटा दी ऍम राधिका उठकर किचन में चली गई । अजय अपने बहन के पीछे जा ही रहा था कि उसका फोन बचा अजय बिना स्क्रीन देखी खून रस्सी सामने से आवाज हूँ । बाद में बात करता हूँ । अनाज की चली खानी पडेगी । अजय सिंह काटने वाला था की एक आई उसने आवास पहचान नहीं । उसने फेन को कान पर लगाया और बोला क्या क्या दोनों हाँ एक मिनट ॅ अजय वहीँ खडे खडे नाचने लगा । फिर खुद को कंट्रोल कर के उसमें फिर से फोन कान पर रखा और बोला हाँ बोल दिया ज्यादा नाचने की जरूरत नहीं है । तुम्हें कैसे पता? वोट कुछ नहीं तो मैं कुछ काम का क्या नहीं? बस ये पूछने के लिए फोन किया था कि तुम्हारी तबियत कैसी है । फॅस और तुम्हारे फोन ने फर्स्ट क्लास प्लस बना दी । दवाई ली नहीं, अभी खाना बाकी है । आप और आलतू फालतू चीज मत खाना । सिर्फ खिचडी खा लेना । ओके अच्छा, गुड ऍम । बस फॅालो तो रिया ने फोन रख दिया था । अजय के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उसने जोर से राधिका को आवाज लगाते हुए कहा भी खिचडी बनाना जगह रिया का हॉस्टल समय रात के बारह बजे ऍम लाते हुए जानकर उसका पूरा चेहरा पसीने से तर बताया था । फिर से वही बुरा सपना उसने पानी पीने के लिए ड्रॉ की तरफ देखा । वहाँ पर इसकी नजर गुलदस्ते पर गए होती और वो उस गुलदस्ते को उठाकर बालकनी में आ गई हूँ । उसने खुद से कहा मैं बयान नहीं कर सकती ऍम उसने वो गुलदस्ता नीचे भेज दिया ।

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कहते है कि मोहब्बत अपने बन्दे खुद चुनती है और अजय और रिया को भी मोहब्बत ने ही चुना था । अजय लोवोलोजिस्ट था लोगो की अधूरी प्रेम कहानी को पूरी करने में मदद करता था । पर वह उस लड़की से प्यार कर बैठा जिस लड़की को मोहब्बत से सख्त नफरत थी । क्या हो पाएगी पूरी अजय की प्रेम कहानी जानने की लिए पढ़िए मेरी रचना "द लास्ट हार्टबीट" Author : Aryan Suvada Voiceover Artist : Surabhi
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