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Part 5B

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अंधेरी रात में, धमाकों के बीच, अपने ही साथियों की आंख में धूल झोंक कर गंथर भाग निकला… चलने-चलते उस ने पे-मास्‍टर सार्जेंट को घायल कर दिया और रूपयों की तिजोरी अपने साथ ले ली। लेकिन गंथर ने ऐसा क्‍यों किया? एम जर्मन सैनिक की सच्‍ची कहानी जिस ने अपनी सेना के विरूद्ध जिहाद छेड़ा। Publisher - Vishv Books Writer - Ganther Bahneman
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दो दो जोडने में मुझे आधा ऍम एक्शन के बाद मेरे बोर्ड की भरपूर के उसके पेट के निचले भाग पर लगी एक भयंकर चीज उसके मुँह से निकली और उसने कागज तथा टॉर्च भूमि पर फेककर कार्बाइन अपनी बगल के नहीं जैसा निकालनी आरंभ कि मुझे अवसर मिल गया । मैंने उछालकर उसके बाल पकडकर उसका सर झुका दिया और अपने घुटने से उसके मुख पर प्रहार क्या कार्रवाई झनझनाहट थी हुई सडक पर गिर पडीं और ऍम घुटनों के बल बैठ गया । उसने मेरी दोनों टांगे पकडी हुई थी । मैंने उसके सर को सीधा किया और उसकी ठंडी के नीचे अपनी कौनी से मार कर उसको चेक कर दिया । उसको उसी अवस्था में छोडकर मैं ट्रक पर चढ गया । मेरी ल्यूगर पिस्टल मेरे हाथ में थी । गाडी में और कोई व्यक्ति नहीं था । मैं दौडता हुआ ट्रक के पीछे पहुंचा और अंदर झांकर टॉर्च जलाई । पीछे भी कोई नहीं था । केवल खाली जरीकेन सजाकर रखे हुए थे । कुछ दिनों तक मैं सोचता रहा कि अब क्या करो । तभी एक विचार आया और एक सेकंड में मैंने योजना बना ली । मैंने टॉर्च जलाकर इटालियन को देखा और उसकी वर्दी का निरक्षण किया । यह साधारण सैनिक था । उसको कोई भी पद प्राप्त नहीं था और लगभग मेरे ही जैसा लंबा चौडा था । मैंने उसके बगल में हाथ डालकर खींचते हुए उसे चट्टानों के पीछे लाख डाल दिया । जल्दी से मैंने उसके वोटों के पीते खोले और उनका उतार डाला । बहुत दूर से मेरा सिर चकरा गया । मैंने उसके सिर को जोर से हिला हिलाकर उस को होश में लाने की कोशिश की जिसमें मैं सफल हो गया । उसने अपनी आठ खोलती और अपनी जीव छोटों पर फिर भी शुरू कर दी । उसके होटों से खून बह रहा था । नमकीन खून रखने के बाद उसको यहाँ आ गया कि क्या हुआ है । उसके ऊपर चढकर मैंने पूछा कि तुम्हें किसने मेरे विषय में बताया और किसने मेरा नाम कागज पर लिखा हूँ बंबा में जर्मन फील्ड पुलिस ने उसने अपने होट जाते हुए बताया अच्छा अब शीघ्र अपनी वर्दी उतार डालूँ अपने लिए अगर पेस्टल मैंने उसकी ओर तांदी अगर कुछ भी ऐसा ऐसा किया तो मारे जाओगे । मैंने पीछे हटते हुए कहा एक मिनट के अन्दर अपने अंदर के कपडा में खडा हो गया । अच्छा अब पीछे छोडो और अपने हाथ उस चट्टान पर रख दो उसकी आंखों में सहायता कारण तो उसने मेरी आज्ञा का पूरी तरह पालन किया । तुरंत ही मैंने उसकी बेल्ट में गांठ लगाई और उसके तकनीक कसकर बांध है । फिर उसके हाथ भी पीछे की ओर बांध कर मैंने उसको नीचे झुका दिया । दो मिनट में मैंने जर्मन वर्दी उतारकर इटालियन वर्दी, पहली उसकी पतलून की जेब की वस्तुओं निकालकर मैंने उसके सामने भूमि परफेक्ट नहीं । उसकी गाडी में मुझे टोपी मिल गई । मैंने टॉर्च तथा कार्बाइन अपनी बगल वाली सीट पर रहती । तेल पानी चेक करने के बाद मैंने अपना सामान सामने रखकर उसपर कम्बल डाल दिया । जर्मन वर्दी और हथियार एक इटालियन गाडी में अगर कोई देख ले तो क्या होगा? मैं आश्वस्त होकर इटालियन के पास पहुंचा और पानी की बोतल सामने रख दी । मैंने उससे कहा जो जहाँ रहना जो कुछ करना ऍम निकलने पर ही करना । मुझे मालूम था कि वह लडा कर सडक पर आ सकता है । फॅसने कहा और चल पडा । मुझे फीएट चलाने का अनुभव था । अतः पूरी रफ्तार से गाडी भगाने में मुझे कोई भी कठिनाई नहीं हुई या छट रखा था । चंद्रमा उदय हो रहा था । मैं दाई तरफ पहाडों को देखता हुआ चला जा रहा था जो कि अब काफी नीचे प्रतीत हो रहे थे । देर ना नहीं काटता जा रहा था । आधी रात का समय था जब की मैंने एक लाल रोशनी लगभग एक मील दूर देखी थी । यह जर्मन कंट्रोल चौकी थी जो डेरना आने जाने वाली गाडियों की चेकिंग करती थी । सतर्क हो घर में आगे बढता रहा हूँ । मैंने अपने सामान पर दृष्टि डाली कि जर्मन हथियार अथवा वर्दी तो दिखाई नहीं दे रही है तथा अपनी लियो अगर पिस्टल पीठ के पीछे बेल्ट में हौसले और दूसरी लिए अगर भीतरी कोर्ट के अंदर रख ली । दो हथगोले सामने वाले बक्से में नोटबुक के नीचे रख दी है । उसके इटालियन की पे बुक मेरे सामने वाली जेब में थी । पर भूरे बालों को काले रंग में बदलना संभव नहीं था । अंतिम सौ बच्चों की यात्रा बडी कठिन आई थी । मेरे हाथ पैर काम रहे थे और मन में एक विचित्र भाई समझ आ गया था । सामने लाल लालटेन दिखाई जा रही थी जो कि मुझे रुकने का संकेत दे रही थी । जब ट्रक रोका तो मैंने देखा कि चार जर्मन मिलिट्री पुलिस के सैनिक हथियारों से लैस सडक के दोनों ओर खडे थे । एक जर्मन सार्जेंट रख पर चढ गया और मैंने खिडकी से बाहर निकाला । इटालियन सर्जन ने आने संतरियों को बताया और तुरंत ही पीछे ॅ मैंने इटालियन भाषा में उसका अभिवादन किया और उसको लेफ्टिनेंट बताते हुए है उसका पद ऊंचा कर दिया । कहाँ जाओगे? उसने टूटी फूटी इटालियन भाषा में पूछा, मैंने ऐसा प्रकट किया जैसे मैंने उसकी भाषा ही ना समझे हो । मुझे देखते ही पता चल गया था कि वह रशियन है । अब उसने बिगड कर पूछा कहाँ जाना है वे गांजी टेनेन्टी मैंने उत्तर दिया तो उनके डिवीजन के हो । उसने पूछा और मेरी वर्दी पर अपनी द्रष्टि जमादि जिस पर कोई निशान नहीं था, पर हुआ डॅडी । मैंने कहा मुझे क्या था की डिवीजन अलग कोमा के पास डेरा डाले हुए हैं । गाडी से नीचे उतर आया और पीछे जाने लगा । ठीक उस समय जब मैं क्लच दबा रहा था, मैं आ गया और कहने लगा अवंति जिसका अच्छा जाओ सी सी टेनेन्टी मैंने उत्तर दिया और कंट्रोल पोस्ट से बाहर निकल आया । मुझे आपार शांति मिली क्योंकि अपनी शंका के विपरीत बिल्कुल आसानी से मैं यहाँ से निकल गया था । यदि मैं डैलियन भाषा न जानता तो इस कंट्रोल चौकी से निकलना असंभव था । अब खतरनाक चढाई आरंभ हो गई थी जिसके दोनों ओर विशाल घाटियां थी । उस मार्ग से जाने के अतिरिक्त और कोई चार आना था । कण्ट्रोल स्पोर्ट्स से एक और मार्ग भी था जो कि दो सौ मील का चक्कर लगाकर मैं किले के किले से होता हुआ डेरना पहुंचता था । परेस मार्ग से जाना मेरे लिए संभावना था । अब दुर्गम उत्तराई आरंभ हो गई थी और वह उतराई उत्तर की ओर से समुद्र तट पर जाकर समाप्त होती है । छोटा नगर दे रॅाकी कोचर होने लगा था, हूँ क्यों नहीं होते हुए छोटे मध्यम चमकने लगे थे । मार्ग निरंतर नीचे चला जा रहा था अतः मैंने गाडी को फर्स्ट गेयर में डाल लिया था । मेरे दाहिनी और पर्वतों की ऊंची चोटियां थी जबकि सडक से बिल्कुल सटी हुई थी । और सडक बाई तरफ एक हजार फुट नी जी तरह आई थी पहाडों की और सडक के किनारे चट्टानों पर अनेक प्रकार की चेतावनियां लिखी हुई नहीं । कहीं मृतकों के सिर के चित्र बने हुए थे, कहीं रुकने के लिए चलने बने हुए थे । कहीं गति सीमा पर अंकुश लगाने की चेतावनी दी गई थी । कहीं है सुंदर राय दी गई थी कि यदि अंग्रेजी विमानों का आक्रमण हो जाए तो हैंडब्रेक प्रयोग करें । सडकों की संख्या में गाडियाँ सडक से लडा कर नीचे जा चुकी नहीं हूँ । तरह आई का अंत गाडियों से फटा हुआ पडा था । मैंने अनेक बार यात्रा करते हुए है । सब देखा था । मैंने ऊपर जाती गाडियों के काफिले पर अंग्रेजी विमानों का आक्रमण भी देखा था । इन हमलों से बचने के लिए मोटर ड्राइवर अपनी गाडियों में से कूद कर सडक के किनारे लेट जाते थे और गाडी स्टाॅल और गाडी स्टार्ट अवस्था में होने के कारण या तो सीधे नीचे तराई में पहुंच जाती थी या फिर पीछे हटकर अपने पीछे आने वाली गाडी से टकरा जाते थे । कभी कभी मोटरों में पेट्रोल लगा होने के कारण सडक पर पेट्रोल की नहरे बहने लगती थी और कभी कभी पेट्रोल में आग लग जाने पर इन नहरों का एक विचित्र दृश्य उत्पन्न हो जाता था । ऊँट अंग्रेज सडक से बहुत लाभ उठाते थे । उनके विमान इतने नीचे आ जाते थे कि विमानभेदी तोपों को शांत रहना पडता था क्योंकि उनके प्रयोग करने से विमानों की अपेक्षा मोटरों तथा सैनिकों उनको ही हानि पहुंचती थी । यह सडक मौत का फंडा नहीं, इसकी मोड वाली ढल बहुत ही खतरनाक थी । यही नहीं देरना के बाढ तो इस सडक की हालत और भी खस्ता थी । ऑस्ट्रेलियन ओने पीछे हटते हुए सडक को पूर्णता ध्वस्त कर दिया था । इसके बाद जब मरम्मत की गई थी वहाँ संतोषजनक नहीं थी । इस मार्ग से यात्रा करने के विचार मात्र से इनको पसीना आ जाता था । खैर कुछ भी हो, रात के अंदर बाहर में गाडियों का अभाव था नहीं । अकेला ही गाडी चलाता हुआ ही रही । नीचे आ गया । अब मैदानी सडक आरंभ हो गई थी । देर ना की बस्ती आरंभ हो चुकी थी । इस समय रात के दो बज रहे थे । देरना एक बंदरगाह इसपर प्राया बमबारी होती रहती थी । सडक मकानों के मलबे तथा बमों से बने हुए गड्ढों सेंटर की हुई थी । अधिकांश मकान तोड चुके थे । सडक सीधी समुद्र तट तक बनाई गई थी । कट बारे का विशाल सेतु बाँध बना हुआ था जो पानी को नगर में प्रवेश होने से रोकता था । मैंने अपनी गाडी यही रोक दी । निकट ही पानी था । मैं पीछे की ओर सीट पर अपनी पीठ सटाकर आराम से फैल गया । जहाज के उतरने वाले स्थान पर मैंने विशाल विमानभेदी तोपों की छाया देखिए चांदनी रात में यह अट्ठासी मिलीमीटर के दोपहर भयानक दिख रही थीं । उनके मुहाने आकाश की ओर थे । यह जर्मन की सर्वश्रेष्ठ विमानभेदी तोप थी । मेरे चारों ओर सन्नाटा छाया हुआ था । मुझे कभी कभी तो बच्चियों के वोटों के शब्द सुनाई पड जाते थे । जहाज के उतरने वाले स्थान से कुछ दूर बमों द्वारा नष्ट किया गया मान ले जाने वाला एक स्टीमर खडा था । मैंने अपनी आंखे बंद कर ली और अतीत की घटनाएं मेरे सामने एक का एक कराने लगी । नहीं मुझे ऍफ का विचार आया जबकि उस चट्टान में आराम से सोया हुआ था परन्तु आप मुझे उसके लिए दुख रहा था । उसको किसी का भाई था । मुझे दुख अपने लिया था क्यों कि मेरा पीछा किया जा रहा था और मेरे सामने अनेक समस्याएं वर्तमान स्थिति पर विचार करते करते हैं । मुझे अपने भविष्य पर भी पर्दा पडा हुआ नजर आ रहा था । इतने में मैं या का या कपडे बैठा हवाईहमले के सारण बाजू थे । मैंने शरणस्थलों पर जाने का विचार क्या बहन तो फिर तुरंत ही सोचा कि मेरे लिए शरणस्थल कहीं नहीं है । जहाँ पर मैं रुका हूँ वही मेरे लिए उपयुक्त स्थान है । सायरनों की आवाज तीव्र होती चली जा रही थी । जब मैं शांत हुए तो कुछ देर के लिए कब्रिस्तान जैसी शांति छा गई तो फिर तो तुरंत ही भंग हो गयी । बंदरगाह में से विभिन्न प्रकार के आदेशों के स्वर्ग पहुंचने लगे । धातु से धातु टकराने लगी । वोटों के शब्द इधर उधर सुनाई पडने लगे और विशाल तोपों के मुहाने आकाश की ओर अन्य दिशा में भी फेर दिया गए । मेरे सामने सडक के विपरीत दिशा में एक पत्थर की दीवार बनी हुई थी और वहीं से इटालियन आदेश सुनाई दे रहे थे । बहुत समय तक फिर शांति छाई रही, पहनती है । वास्तविक शांति नहीं थी । कुछ मिनटों के अंदर विमानों की गर्जना सुनाई दी । बैंक वाली पत्ती नहीं कट आती जा रही थीं । भूमि पर अभी शांति थी । परंतु हवाईजहाजों के इंजनों की ध्वनि अब स्पष्ट सुनाई दे रही थी । मैंने अपने सामान में से लोहे का तो निकाल लिया और हल्की इटालियन टोपी उतार दी । अपनी मशीन, हॉस्टल और फालतू मैंगजीन मैंने अपनी गोद में रख ली । अब विमानों की गरज नाम भयंकर हो गई थी । मैं समुद्र की देशों से आ रहे थे । एक विमान आगे था । वे लगभग बंदरगाह के ऊपर आ गया था । कोई हलचल नहीं हुई । केवल विमानों का शब्द सुनाई पड रहा था । अचानक आकाश प्रकाश से जगमगा उठा । विमानों ने पैराशूट द्वारा प्रकाश बम गिरा दिया जाएगा । उसी छाड दो पोने गोले बरसाने आरंभ लडकी है । दीवार के पीछे ऍम बीस मिलिट्री की तोपों से लाल और पीले रंग से आकाश आच्छादित कर दिया । किसी अन्य स्थान से हरे रंग का प्रकाश छोडा गया और अट्ठासी मिलीमीटर की विशाल तोपों ने गोलाबाडी आरंभ कर दी । अब विमान ठीक मेरे सर के ऊपर है । मैं उत्सुकता वर्ष उनकी धनी सुनता रहा और उन्होंने बम गिराने आराम कर दिया । उस क्षण भूमि पर से सर्च लाइटों का प्रयोग भी आरंभ हो गया । मैं जल्दी से ट्रक के नीचे घुस गया । इतने में पहला बम मुझे कुछ दूर भूमि पर फट गया जिससे मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि आधार संसार नष्ट हो गया है । इन पत्थर हवा में उड गए, दीवार हिल गईं, धूल से आकाश भर गया और मेरे चारों ओर आतिशबाजी की तरह आग बरस नहीं लगी । एक अन्य बम समुद्र तट पर गिरावट, पानी के ऊंचे फव्वारे छूट गए । विमानभेदी तोपें पानी में डूब गईं परंतु वे सैनिक अपने कार्य मैंने पहुँच है । मैं तो पे चलाते ही रही । ऊपर आकाश में से एक विमान पर गोला चला और जलती मशाल की तरह समुद्र में जा गिरा हूँ । अब और बम भूमि पर आए एक मेरे निकट ही आ टकराया । ट्रक के नीचे से लेटे लेटे मैंने देखा की दीवार का एक भाग तूने टन नष्ट हो गया है और मैंने सोचा की ऍफ जो अब तक आदेश दे रहे थे, शांत हो गए हैं । उनकी तो फायरिंग नहीं कर रही थी परन्तु कुछ देर बाद उनकी धनी सुनाई थी । वापस आओ एंटोनियो रॉबर्टो तुम लोग यहाँ स्पष्ट कहा कि लोग शरणस्थलों में चले गए थे । तीसरा आपने छात्र साहसी होने के कारण उन को बुला रहा था । अट्ठासी मिलीमीटर की तो पे अब भी गोले बरसा रही थी । एक और अग्नि आकाश में प्रकट हुई एक और विमान नीचे आ गया । तभी एक और बम मेरे ही निकट स्थित बिल्डिंग पर आगे रहा हूँ । इंडो ओवर चूने के प्लास्तर की वर्षा होने लगी । उससे सडक रुक नहीं और कोई भारी वस्तु मिनट ट्रक के अगले भाग जा टकराई जिससे इंजन झनझना गया । मैंने अपना मौत तारकोल की सडक पर सट्टा दिया । मुझे क्या था कि मेरे आगे कोई चीज बहती हुई जा रही थी । मैंने थोडी देर बाद देखा कि रेडियेटर से पानी बह रहा है और सामने एक छोटा सा तालाब बन गया है । विमानों के इंजन के धानियां धीमी पडती जा रही थी और बंदरगाह के व्यक्तियों की बातचीत सुनाई दे रही थी । जर्मन सार्जेंट तोपों की नाली को जल्दी से साफ करने का आदेश दे रहा था । वो कह रहा था कि गोला बारूद यहाँ लाकर जमा करूँ तो को अगले संभावित आक्रमण के लिए तैयार कर रहे थे । ऍफ में किसी को चिंता ना थी । वहाँ से कोई शब्द सुनाई नहीं पड रहा था । वे अपनी तो पे छोड कर चले गए थे । मुसोलिनी के सेना में तीन एक की औसत से लडने वाले सैनिक घर से कहता था कि उसके पास पचास लाख महीने हैं पर ये अच्छा होता यदि उनमें से मैं पैंतालीस लाख इटली में ही छोड देता हूँ । मैं ट्रक के नीचे से निकल आया और आपने कपडे झाड डाले । चारों तरफ देखने पर पता लगा कि नगर में अनेक स्थानों पर आज भडक रही है । टीमाराम बहुत अधिक डूब चुका था । उसका केवल अगला आधार पानी के ऊपर दिखाई दे रहा था । मैं अपने ट्रक के सामने आ गया । ऍम समाप्त हो चुका था । उसमें बाल्टी के समान बढा छह बता रहा था कि ट्रक बेकार हो चुका है । अधिक से अधिक मुझे एक मील दूर ले जा सकेगा और इसके बाद इंजन निश्चय ही अत्यधिक गर्म हो जाएगा । ऍम फिर बजने लगे जिससे मालूम होता था कि आक्रमण समाप्त हो गया है । मैंने अपनी गाडी स्टार्ट की वॅाटर टूटने पर भी स्टार्ट हो गई हूँ मैं नगर में जल्दी प्रवेश होना चाहता था । इससे पहले के सैनिक अपने कार्य में जुट जाएं । सडक पर मलबे के ढेर पडे हुए थे । अब इधर उधर आकृतियाँ प्रकट होने लगी । नहीं बिल्डिंगों में लगी आग से खुला मार्ग साफ दिखाई दे रहा था । की काॅल्स अचानक ये गली से निकली और मेरी गाडी से टकराने से बहाल बहाल बच गई आप मैं नगर से लगभग बाहर निकाल चुका था । मेरे बाएं हाथ की ओर एक अस्पताल चल रहा था । कुछ समय पहले मैं इसी मार्ग से गया था और मैंने एक ढेर में ऐसे अनेक ॅ जिनके लेवल खडे हुए थे उनको खोलना लाटरी के समान था । ध्यानपूर्वक चट्टानों को देखता जा रहा था । कुछ मिन्टों के बाद मुझे कुछ परिचित चट्टानें दिखाई नहीं । मैंने सडक छोडकर ट्रक को उसी तरफ मोड दिया और एक चट्टान के सामने रोक दिया । ये चट्टान समुद्र तट पर थी । मैंने इंजन बंद कर दिया है । सर्वत्र सन्नाटा था । समुद्र की लहरें सुनाई पड रही थी । शायद में आक्रमण के पचास स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयत्न कर रहे थे ।

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अंधेरी रात में, धमाकों के बीच, अपने ही साथियों की आंख में धूल झोंक कर गंथर भाग निकला… चलने-चलते उस ने पे-मास्‍टर सार्जेंट को घायल कर दिया और रूपयों की तिजोरी अपने साथ ले ली। लेकिन गंथर ने ऐसा क्‍यों किया? एम जर्मन सैनिक की सच्‍ची कहानी जिस ने अपनी सेना के विरूद्ध जिहाद छेड़ा। Publisher - Vishv Books Writer - Ganther Bahneman
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