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लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
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भाग चार । अगली बार जब उसकी आंखें खोली तो उसने अपने बगल की ग्रामीण सीट पर एक लडकी को मुस्कुराते हुए पाया । लडकी ने उसे हाय बोला क्या तुम सच में हूँ या फिर बस एक सपना है । उसने पूछा हूँ मुझे अपना चेहरा दिखाओ । जपत बताया । उसने लडकी को मुस्कुराते हुए पाया मुझे तुम्हारे चीना याद रहेगा । उसने कहा कि मुझे आशा है तो याद रखो की उस लडकी ने कहा । फिर उसने कुछ बहुत बुड्ढा है मुस्कुराया और फिर नींद के आगोश में चला गया । जब उठा तो खुद को पिछली सीट पर पाया । हम कहाँ जा रहे हैं? उसने पूछा और क्या तुम श्रेयसी हूँ? किसी ने उत्तर नहीं दिया । उसका सिर घूम रहा था । उसके चारों ओर की दुनिया तेजी से घूम रही थी । उसने ड्राइवर सीट पर फिर से लडकी को बैठे हुए देखा । काले वाघानी, बाल सफेद रंग काली, गहरी आंखें सुर्ख लाल हो जैसे की किताब मेरे सपनों की लडकी से बाहर निकल आई हूँ । मैं जैसी है संदेह नहीं है तो मैं नशे में धुत्त मुस्कुरा रहा था । क्या तो ऐसी हो बहुत बताया नहीं । मैं सपना देख रहा हूँ । जयंती ने तो मैं मार डाला है है । अविश्वास से बोला उसने तो मैं तबाह कर दिया है । मैं नहीं हूँ । वो सपना देख रहा हूँ । अपने आप से बोला मुझे अंतिम होटल नहीं पीनी चाहिए थी । मुझे यह सुनाई पडा कि वह लडकी कह रही है । सूचना हूँ तो बहुत ये हुए हो और किसी बच्चे की तरह फिर हो गया । उसकी नींद खुली कार एक सुनसान जगह पर खडी थी । पूर्ण सन्नाटा था । उसने स्वयं को संभालने की कोशिश की पर संतुलन खो बैठा । आगे गिरने के कारण उसका निचला वोट कट गया और खोलनी करने लगा । लडकी उसके किताब पढ रही है मेरे सपनों की लडकी मैं उसकी वन मोडी उसके चेहरे से बोला पन नदारत हो गया । मैं आंखे तरेर रही थी क्यों? उसने पूछा । उसने कहा कि टूलकिट से पाना निकालकर कार की पिछली सीट पर रख दिया । फॅसे निकली और रियर व्यू मिरर पे देखते हुए अपने होटल को शुरू किया । लिपिस्टिक वापस रखने के बाद उसने पाना हाथ में उठाया जैसी तरह उसका होने वाली हो क्यों दमन जलाया मैं नहीं हूँ । उसने लडकी को कहते हुए सुना लेकिन लेकिन तो उन्हें मुझे छोड दिया । धवन ने कहा ये कोई किताब है बकवास लडकी बुदबुदाई और पाना तेजी से नीचे ही और लहराया एक झटके के साथ उसकी नींद खुली । उसने अपने चेहरे को टटोला । उसे चोट नहीं लगी थी । लेकिन हाँ उनके पास एक छोटे से जख्म से खून नहीं रहा था । वो अपने कार की ड्राइविंग सीट पर था । कार उसके अपार्टमेंट के बाहर ही खडी थी । मैं जल्दी से कार के बाहर निकला और उल्टी करने लगा । उसने गले में उंगली डाल डाल कर तब तक उल्टी की जब तक उसका पेट खाली नहीं हो गया । मैं अगले टायर के नजदीक बैठ गया । वहाँ बैठे बैठे हैं, नींद में आता जाता रहा । तेज धूप में मैं पसीना पसीना हो रहा था । ऐसा दोपहर तक होता रहा । उसने स्वयं को कार के अंदर पाया और ऐसी अपील पूरी गति से चल रहा था । उसे ठंड लगने लगी थी । उसने इसी बंद कर दिया । बाहर में बैठे बैठे हुए अपने आपको ज्यादा पी लेने के लिए कोस्टा रहा और याद करने की कोशिश करता रहा कि पिछली राज क्या हुआ था । मोटर साइकिल चालक, पार्टी जयंती किताब वेटर, स्वप्न लडकी एक और स्वप्न उसने कारके ग्लोवबॉक्स के पडे अपने फोन को देखा । अपनी बीस में स्कॉर्ड पडी थी और कुछ माॅल उसके माता पिता की भी थी । उसने पहले अपनी को फोन किया आए धामानी सब क्या हो रहा है? मैं कब से तो मैं कॉल कर रही हूँ । मैं कितना डर गई थी है । मैंने रात को ज्यादा पी ली दिया । उसने कहा और मैं अभी अभी घर लौटा हूँ । मैंने कॉलेज में भी फोन किया था और बंद होने की वजह से पहले जो तो वहाँ से जा चुके थे । फिर तुम कहाँ थे? हाँ, रीमेक कार चलाकर घर तक वापस आ गया और कार नहीं हो गया था । अभी अभी नहीं खोली है । उसने अपना हाथ सर में लगाया । उसका सिर दर्द से फटा जा रहा था । उसे क्रोसिन की गोली चाहिए थी । तुम नशे में कार चलाते हुए घर वापस आए तो दिमाग खराब नहीं है । दमन उसने डाटते हुए कहा । और तो मुझे जो एसएमएस भेजा वो किया था क्या ऍम मैंने तो मैं कोई संदेश नहीं भेजा ये तो मुझे याद है । उसने कहा अपनी ने संदेश पढकर सुनाया । कुतिया तो उसके लायक नहीं हूँ । ये मैंने नहीं भेजा । उसने कहा । और थोडा रुककर बोला ये मैं जयंती को भेजने की कोशिश कर रहा होगा । उसे क्यों? किताब अपनी मुझे अपनी किताब की प्रतियां मिल गए हैं और ये वैसी नहीं है जैसी मैंने सोची थी । मैं तुमसे शाम को बात करूंगा । मुझे समय ऐसा लग रहा है जैसे मैं मर जाऊंगा । क्या मैं तुम्हारे पास आ जाऊँ है? नहीं, कोई जरूरत नहीं हैं । मैं तुमसे शाम का मिला हूँ के मैं अभी तुम से ज्यादा बात नहीं कर पाऊंगा । कहते हुए उसने कॉल समाप्त कर दी । उसे अपने सेंट बॉक्स में रह संदेश मिल गया जो उसने अपनी को भेजा था । मैं ये सोच कर खुश ताकि चलो अच्छा हुआ । ये संदेश उसने जयंती को नहीं भेजा । लेकिन उसे अच्छा था कि उसने सारी बात थर्ड पर्सन के रूप में क्यों लिखी थी । मुझे पीना छोड देना चाहिए । उसने कार में किताबों को ढूंडा । उसने कहा कि हर कोने में किताबों की तलाश की लेकिन उससे किताबें नहीं मिली । उसने सोचा कि शायद किताबों को रेस्टोरेंट में ही छोड आया है । निराशा में रहकार से बाहर निकला और जयंती से बात करके और किताबें मनवाने की सोच रहा था । उसमें नंबर मिलाया ही था कि उसे अपने किताबों के गट्ठर को जलाए जाने वाले स्वप्न की याद आ गई । वास्तव में उसकी कार के पास ही को जलाया गया था उसने कॉल कार्डी क्या ये वही किताबे हैं जाने के लिए और नजदीक क्या रह के ढेर पर पहुंचा । किताब की पांच प्रतियां वहाँ जली हुई पडी थी । उसमें एक अधजली किताब उठा ली जो सौभाग्य से जल नहीं पाई थी । मैंने ये कब किया? उसने जयंती को कुछ और किताबें भेजने का सन्देश भेज दिया । किताबों के बारे में सोचते सोचते हैं अपने अपार्टमेंट लौटा । श्रेयसी का परिचय देने वाली प्रारंभिक पंक्तियां अब भी उसके दिमाग में थी । में पैदा हुई श्वेत रंग की श्रेयसी प्रत्येक लडके का सपना थी । मैं सौ में और मधुर सारा वाली थी । खुशमिजाज और विनम्रता से भरी हुई दमन के पेट में मरोड होने लगी । जयंती के शब्द उसके दिमाग में घूम रहे थे । हर कोई नई शेयर किसी को पसंद करेगा ।

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लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
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