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भाग - 6.2

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सात वर्षों से चला आ रहा एक तरफा प्‍यार क्‍या दोनों तरफ होगा या अधूरा रह जाएगा? क्‍या दोस्‍ती प्‍यार में बदल सकती है या सिर्फ दोस्‍त ही बना जा सकता है? प्रेम और अंतरंगता के ताने-बाने में बुना बेहद रोचक उपन्‍यास है। Writer - Arvind Parashar
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आप क्यों नहीं? अगर वह जो भी कह रही है वो सब सच है तो माफी का तो सवाल ही नहीं होता । वैसे भी उसने मेरी नजरों में अपने इस सब बहुत बढा लीजिए । ऍम खानो चल रहा है । मैं तो ये खामोशी मैं उसके ऊपर लाख रहा था । इस बार गे खामोसी को ज्यादा देर तक ही कायम रही । उसके चेहरे के भाव को मैंने ध्यान से पढा । एक लंबी आंख नहीं की । इस बार जवाब आर्या की तरफ से आया । जाने भी दो यारो तो भारी समस्या क्या है? बताओ मुझे । आखिर मैंने ऐसा क्या क्या है कि तुम मुझसे इतनी नफरत करते हूँ? क्या मैंने कभी तुम्हे चोट पहुंचाई है क्या? मैंने तो भारत कोई नुकसान किया है तो सिवाय इसके कि मैं नील की जिंदगी से चुपचाप बाहर चली गई । बगैर कोई हंगामा किए या बगैर किसी नखरे के मेरे पास विकल्प? मैं चाहती तो तुम दोनों को कभी परेशान नहीं करने का भी फैसला कर सकती थी । मेरे पास हमेशा विकल्प था । मैं भी नील की तरह कोई लडका ढूंढ सकती थी और जीवन में आगे बढ सकती थी । मैंने कभी शिकायत नहीं है । नील ने हमारे अलग होने के कुछ ही दिन बाद दूसरी लडकी पसंद करेंगे । क्या मैंने कभी अपनी आवाज ऊंची की या पागलपन से कोई काम किया? इससे तुम्हें मेरे बारे में क्या पता चलता है? मुझसे बात करो । टॉम इधर देखो मेरी आंखों में देखो, शबाब दो मैं तुमसे जानना चाहती हूँ । अच्छे हरे पर गिरने, छू भाव रखने के अलावा भी कोई जवाब है तुम्हारे पास । मैं भी नील से उसके प्रति मेरे प्यार पर कई सवाल पूछ सकती हूँ । मैं भी कह सकती हूँ मेरा वो इस्तेमाल कर रहा हूँ । उसने कभी मुझसे प्यार नहीं किया । इसीलिए वो इतनी आसानी से आगे बढ गया का एक बार भी मैंने ऐसा कहा वो थी जिससे बडा दिल दिखाया और उसके दोस्त बने रहने के लिए कहा । और अब ये सब हो रहा है । मेरा हो तुम उस से कह रहे हो मुझे माफ करते के लिए हाँ शरबानी क्या किए तो नहीं तो मुझे बार क्यों नहीं देते क्योंकि मैं नशा करती हूँ और कभी कभी शराब पीती हूँ । इसीलिए तुमने मुझे ठप्पा लगा दिया की मैं किसी लडके के साथ रहने लायक नहीं । माहौल डालो मुझे सुना तुम नहीं मुझे ऍम डालो । हाँ क्या अस्तव्यस्त होती चली जा रही थी वो चिल्ला रही थी और अनजाने में टॉम को मार रही थी । अगले ही पल हो रही थी । फिर उसने अपना सिर्फ सोफे में छिपा लिया । मैंने और हमने बारी बारी से उसे इच्छुक कराया । उसके टाउन को दो बार अपनी कोहनी से कसकर मारा भी । वो उसे बिल्कुल नहीं संभाल पा रहा था । असल में हमें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यहाँ हो क्या रहा है । परिस्थिति कुछ ऐसी थी । मैंने टॉम के मन में उसके प्रति एक उतारता पडते हुए थे कि आंसू किसी भी इंसान को उसके असल मनोभाव में ला सकते थे । उदाहरण मेरी आंखों के सामने था तो मारिया के बगल में सोफे पर बैठ के । वो दोनों बहुत तेज तक बातें करते रहे । मैं उन दोनों को अकेला छोड एक अप्रत्याशित मेहमान के लिए दरवाजा खोलने चला गया । इतिश्री बहुत चिंतित लग रही थी । वो मुझे बालकनी में ले गई । घर अब दो हिस्सों में बढ गया था । मेरा दोस्त मेरी पूर्व प्रेमिका के साथ था और मैं अपनी प्रेमिका की दोस्त के साथ । मैं तो में कल शाम से फोन कर रही हूँ । कहाँ तुम उसने मुझसे पूछा हूँ । मगर उस से पहले मैं ये जानना चाहती हूँ की आपका यहाँ क्या कर रही हैं । उसने धीमी आवाज में मुझसे पूछा वो यहाँ मदद करने आई है तो फिर पुलिस क्या कर रही है? तुम्हें कैसे पता कि हमने पुलिस को इसी चरण में शामिल कर लिया है । इसमें कोई दिमाग लगाने वाली बात नहीं है । नहीं उसने नीचे की ओर देख कर यह बात कही । मुझे तो वो थोडी घबराई हुई सी लग रही है । मैंने उसे थोडा सा और परेशान किया । मैं बार बार उससे पूछता रहा कि आखिर के बाद उसने एक के विश्वास के साथ कैसे कहीं? फिर मैंने उसे गौरी के गायब हो जाने के बाद उसके क्रिया कलापों के बारे में पूछा । मैं आ गया देखो इतिश्री तो उस की सबसे अच्छी सहेली हो । तुम गौरी के बारे में सब कुछ शांति हूँ । मैं तुम्हें शब्द नहीं करता हूँ । मुझे गलत मत समझता हूँ । मगर फिर भी मुझे लगता है कि तुम कुछ जानती हो और मुझसे छुपा रही हूँ । पुलिस भी अब इसमें शामिल हैं हूँ वो भी तुमसे मुश्किल सवाल पूछे गई । दरअसल हम तो मैं ढूंढ रहे थे । वे लोग आज सुबह यहां आए थे । अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ है । शिकायत के आधार पर जांच शुरू हो चुकी है । इसलिए पुलिस की परेशानी झेलने से बेहतर होगा तब मुझे बता दो । मैं वादा करता हूँ कि तुम्हारी मदद करूंगा । अब सब कुछ सच सच पता होगा । नीतीश चुपचाप खडे रहे हैं । वो पागलों की तरह मेरी आंखों में देखती नहीं । मैं उसे अपनी मुख्या भेजते हुए देख सकता था । मुझे पक्का यकीन था कि उसके पास बताने योग की कुछ तो था । अचानक उसने बातचीत का रुख है बदल दिया जिसने मुझे अचंभित कर दिया और जिसके लिए मैं बिलकुल तैयार नहीं था । सुनो दिल्ली पहले तुम मुझे ये बताओ कि तुम्हारे और गौरी के बीच में क्या हुआ था? क्या तुम दोनों के बीच कोई बहस हुई थी? वो पिछले कुछ दिनों से थोडी परेशान लग रही थी । क्या तुम ने ऐसा महसूस किया था? ऍम तुम्हें उसके सबसे करीब थे और मुझे अब सबको जानना है बट फूलों की वो तुम्हारे साथ रहती थी । इससे पहले की पुलिस कुछ खून निकले । मुझे सब कुछ सच सच बता दो । नील मैं वादा करती हूँ मैं इसे एक राज रखेंगे और तुम्हारी हर संभव मदद करने की कोशिश करेंगे । मैं अभी भी मानती हूँ कि तुम एक अच्छे इंसान हूँ । मुझे सच पता हूँ ताकि मेरा ये भरोसा कायम रहे । ऍफ इसलिए कि मैंने ये कह दिया कि पुलिस अब भी शामिल है तो मैं मुझ पर उंगली उठाने का कोई अधिकार नहीं मिल जाता है । जब की तुम जानते हो कि मुझसे ज्यादा उंगलियां तो भारी ओर उठ सकती हैं और ये भी याद रखो और मेरी जान है तुम जितना सोच सकते हो उससे कहीं ज्यादा क्या आप बकवास कर रही हो? अब मैं बहुत ज्यादा सावधान और सतर्क हो गया था । जो भी तुम समझना चाहो नहीं ठीक है । अब जब तुम ने मुझसे सवाल पूछा है तो मैं जवाब देता हूँ । मैं और गौरी खुबसूरत जीवन जी रहे थे । मैं हमेशा उसके लिए खडा रहता था । मैं उससे प्यार करने लगा था । हाँ, पिछले कुछ दिनों से मैंने उसके बताओ में परिवर्तन देखा था और मैंने उसे इस बारे में पूछा भी था । मगर इन विषयों पर तो छुट्टी रहा करती थी और मुझे चिंता न करने को कहते थे थी । एक बार उसने कहा था आपके उसे परीक्षा की चिंता हो रही थी । दूसरी बार यही कुछ लडकियों वाली बात थी इसलिए मुझे ये सब सामान्य ही लगा हूँ और ये भी कि फिर वो ठीक हो जाएगी । उसके ऐसा कुछ करने के पीछे मुझे तो कोई कारण नहीं देखा । मेरा मतलब है मैं ये सोचना भी नहीं चाहता की उसमें कोई कठोर कदम उठाया या अपने जीवन लीला समाप्त करेंगे । कोई प्रत्यक्ष कारण तो नहीं है । यदि होता भी तो वो हम दोनों में से किसी एक को जरूर बताती हैं और अब हम यहाँ कयास लगा रहे हैं । मैं नहीं थी श्री से बाहर वाले कमरे में बैठने के लिए कहा आ गया जा चुकी थी । उसने और कौन नहीं इस बातचीत को आगे बढाया । मैं गहरी सोच में टूट गया । इतिश्री की बात में मुझे और भी अधिक सोचने को मजबूर कर दिया था । मुझे मालूम था कि मैं एक टाइम बॉम्बे के ऊपर बैठा हुआ था । हम सब पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकते थे । अगर वह सचमुच कैसे मुसीबत में थी तो हमें कुछ करने की जरूरत थी । ऍम कानूनों को गालियां दे रहा था । मैंने अपने आप को भी कुछ कालियादेह क्योंकि मैंने घर पर बैठ कर सारा दिन बर्बाद कर दिया था । मैंने फौरन अपने पिता को फोन किया । उसके बाद कनिष्ट जेठमलानी को खून गया । उसने मुझे कुछ बेहद अहम सुझाव दिए । उसने मुझे पुलिस वालों पर भरोसा करने और उससे कभी बत्तमीजी से बात नहीं करने को कहा । उसने मुझे ये भी बताया कि अकसर पुलिस चुपचाप पृष्ठभूमि में अपना काम करती रहती है और हमारे पास तभी आती है जब उन्हें हम से कोई सूचना लेनी होती है क्योंकि वह सब कुछ बताकर किसी गलत दिशा या निष्कर्ष को निमंत्रण नहीं देना चाहती हूँ । मैं अपने और पिता के सुझाव के अनुसार काम करने लगा था । एक मतलब की तरह अब गौरी के माता पिता को बताने का समय आ गया था । कोई भी ये जोखिम नहीं लेना चाहता था । कॉलेज भी इस बात में न के बराबर दिलचस्पी ले रहा था और इस बात को ध्यान में रखते हुए की ये कांड सप्ताह के अंत में हुआ था कि अभी कोई कार्यवाई हो भी सकती थी तो वह सोमवार को ही संभव थी । ये कुल गंभीर अपराध का मामला नहीं था क्योंकि अभी तक ये साबित नहीं हो सका भीश्री क्या तुमने गौरी के माता पिता को बताया है? नहीं नहीं, बिल्कुल नहीं । चाची तो सिर्फ आघात से मर जाएंगे । इसका क्या मतलब है? ये तो बिल्कुल साफ है । वे खून पर ऐसी कोई भी बात कैसे सुन सकती है और तुम उनसे सामान्य बने रहने की उम्मीद कर रहे हो । तो अगर तुम्हारे विचार से सबसे अच्छा तरीका क्या होगा, सोच जब ये बात मीडिया में आ गई । फिर क्या होगा ये हो चुका है । ये दोपहर के समाचारों में आ चुकी है । आर्या सही कह रहे थे ऍम इस पल के सनसनीखेज खबर के साथ अंदर दाखिल हुआ भगवान ये तो मुख्य खबर है । इधर श्री ने सूफी को कसकर पकडते हुए कहा तुमने मेरी वो देखा मैं जानता था कि वह क्या कहना चाह रहा था । वो अभी विश्वास कर पाने की स्थिति में नहीं था । ये बात जाहिर थी वो हम सबके लिए चिंतित था । इन सब से भी ज्यादा उसे गौरी के माता पिता की चिंता थी । वो हमने से किसी के भीतर क्या किसी और बात के लिए प्रतीक्षा नहीं करना चाहता था । उसने परिपक्वता दिखाई और उनकी ओर बढ गया । मैंने देखा कि ये देख कर इतिश्री अपनी जगह से उठी और ऍम से इस बात पर दोबारा भी जांच करने को कहा कि आखिर वह कैसे ये खबर गौरी के माता पिता को देना चाहता था । वो बार बार गए तो रहती रही कि गौरी की मां तंत्र संवेदनशील है हूँ । मुझे उस पर कोई शक नहीं था क्योंकि मैं खुद भी गौरी के संवेदनशील पक्षता साक्षी था । शायद उसे ये अपनी माँ से ही विरासत में मिला हो । इससे पहले ऍम से कुछ कहता था वो फोन कर चुका था चाची जी नमस्ते कैसे हैं आप? मैं ठीक हूँ । बेटा क्या तुम नहीं बोल रहा हूँ । नहीं चाहते जी मैं टॉम बोल रहा हूँ । अगर आप नील को जानते हैं अरे हमारे बिल्कुल पडोस में ही रहता है । जहाँ तक मुझे याद है हाँ गौरी है । जिस दिन मुझे फोन किया था उसे एक दिन पहले उसने मुझे बताया था कि वो नील और कुछ दोस्तों के साथ साप्ताहांत में कहीं घूमने जा रही हैं । इसलिए मैं उसे फोन कर परेशान न कर । मुझे पता है कि वो उसे बचपन से ही पसंद करती थी और वो मुझ से भी कुछ ज्यादा नहीं छुपाती । मैं भी पागल हूँ कब से बस में ही बोले जा रही हूँ । आप बोलोगे था इसलिए फोन किया मुझे चाची यही बात बतानी थी । आपको ये लोग जा चुके हैं और शायद आपसे संपर्क न कर सके इसलिए आप चिंता ना करें । मेरी तबियत ठीक नहीं थी इसलिए मैं रुक गया तो बहुत अच्छे हो । मगर एक बात बताओ मुझे उम्मीद है कि वो लडकी इतनी भी उसके साथ गई है । अरे हाँ चाची वे दोनों तो दो जिसमें और एक जन हैं । काम नहीं झिझकते हुए कहा, मुझे उसके चेहरे पर बहुत साफ दिख रहा था । मैंने फोन इतिश्री को अपनी ओर खींच लिया । वो बिल्कुल नहीं शब्द थी । बडी मुश्किल से अपनी बात खत्म करने के बाद तो हम भी मेरे पास आ गया । क्या? तो मैं सच पाँच ही लगता है । आपके मैंने तुमसे बहुत ज्यादा मांग लिया है । उम्मीद है तुम्हारे पास इसका स्पष्टीकरण होगा अगर तुम मेरे पास क्यों आई हूँ । इस वक्त मैं बिल्कुल ही अलग अवस्था में हूँ । एक बात करूँ तो हमें उसे खुद ही ढूंढना चाहिए । पुलिस किसी काम की नहीं है । सच में मैं तुमसे कोई सवाल क्यों नहीं पूछूं । मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि गौरी नहीं तो मैं कुछ भी नहीं बताया । मेरा मतलब है उसने चाची जी को फोन करके साप्ताहांत की योजना के बारे में बताया था । मैं जानता हूँ कि वो मेरे साथ समय बिताना चाहती थी, थी तो किसी मुसीबत मैं । मैं और भी बहुत कुछ कहना चाहता था । पुलिस बिल्कुल समय पर अवसादित हो गई थी । मैं इसी बात पर रुक गया । ये कुछ भरोसे के साथ आए थे । इस पर थान्या अकेले ही आई थी । उस ने हमें बताया कि विश्व अपराधियों के बीच में काम करने वाले पुलिस वालों के साथ गौरी की खोज में दस था । सुनो, पहले तो मुझे थोडी कॉफी पिलाओ या हो तो तुम दिल को जानती हूँ । फॅमिली के अंदाज में पूछा हूँ हाँ हाँ हम दोनों पुराने दोस्त हैं और मैं अपने दोस्तों का प्यार और तुम्हारी सबसे अच्छी सहेली को ढूंढने में मदद कर रही हूँ । आईटीआई मैं हूँ विद्यालय में तुम्हारे सीनियर अब याद आया धत तेरी नीला हाउस गंगा डॅाल दुनिया कितनी छोटी है । मुझे बहुत खुशी है कि तुम्हें इस जांच का हिस्सा हो । अब मुझे यकीन है कि कानून हमारी मदद करेगा । मैं इसकी अगुवाई कर रही हूँ और हमने कुछ बातों को नकार भी दिया था । इसलिए मुझे लगता है कि हम सही दिशा में आगे बढ रहे हैं । तुम से मैं थोडी देर बात करेंगे । फिलहाल तो मुझे नील से बात करते हैं । बुरा मत मानना मगर क्या तुम हमें अकेला छोड सकती हूँ? शुक्रिया । धनिया की बातों में जोर भी था और विनम्रता भी । उसने इतिश्री को एक तरह से आदेश दिया और अगले ही पल इतिश्री वहाँ से गायब हो कर बालकनी में चली गई । धान्या लगता है ये मामला तुम्हारी पकड में आ गया है । क्या खबर है मुझे बहुत घबराहट हो रही है । ये उत्तर साधारण नहीं है जितना तुम और मैं समझ रहे थे । एक बार तो मैं पूरे यकीन के साथ तो मैं बता सकती हूँ । वो ये है कि इस पूरे कांड में किसी पेशेवर गिरोह का हाथ नहीं है । इसलिए उस दृष्टिकोण से देखे तो डरने की कोई बात नहीं है । हम सुबह से इसके पीछे लगे हुए हैं । हमने जिम के प्रशिक्षक से बहुत कडाई से पूछताछ की है और उस फल वाले से भी जहाँ से गौरी फल खरीदा करती थी और हर उस व्यक्ति से जो उस जगह पर था जहां गौरी को आखिरी बार देखा गया था । ऍम के भवन में हैं । सडकों पर कोई सीसीटीवी नहीं लगा है इसलिए किसी दर्ज सबूत के रूप में हमारे पास कोई सुराग नहीं है । अब गौरी बाहर आते हुए तो देख रही है गाडी की पार्किंग में उसकी गाडी नहीं है । मुझे लगता है उसकी गाडी यहाँ भी नहीं है क्या तो मुझे बता सकते हो कि उसकी गाडी कहा है । हमारे पास दो गाडियों की पार्किंग नहीं है । हालांकि मैंने आवेदन किया है इसलिए गौरी ने अपनी गाडी इतिश्री के पास छोडी हैं । ठीक हैं तो वो गाडी देश से चलाती है नहीं उसे अभी गाडी चलानी नहीं आती है इसलिए वो उसके घर पर ही खडी होगी । वो हमारी तरह हॉस्टल में नहीं रहती है तो अच्छा इस जानकारी से मदद मिलेगी । हमें तो कम से कम हम गाडी लूटे जाने की घटना को जांच से बाहर कर सकते हैं । पिछले साल हमारे सामने एक मामला आया था जहां कुछ डकैतों ने गाडी को उसके मालिक के साथ अपना कर लिया था और उसे माफ किया था । बाद में वो गाडी भारत और नेपाल की सीमा पर मिली थी । धान्या ने ये बात बस एक बात की तरफ बोलती है । ये तो बहुत डरावना है । मुझे लगता है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ होगा । ऐसी कोई बात है । वो तो मुझे बताना चाहते हो । क्या ऐसी कोई जानकारी जो तुम मेरे साथ साझा करना चाहते हो? देखो अब क्योंकि तुम ने हमें घर से निकलने के लिए भी मना किया था, शायद तो बहुत दूर की बात है । हम सारा दिन नहीं रहे हैं, बेटी के आने से पहले आ गया । यहाँ आई थी तो मुझे जरूरत पडने पर उसे शामिल करने के लिए कह रही थी और ये की वो हर संभव मदद करने को भी तैयार है । आर्या मेरी रडार पर है । वो अक्सर दौरे के साथ ही जिम जाती है मगर कल वो नहीं गई । इसका मतलब ऐसा करने के पीछे उसके पास कोई ठोस वजह तो होगी । सुबह हमने जिम की जो रसीद हासिल की है उसके मुताबिक उस ने अपनी सदस्यता का नवीनीकरण कराया है और परसो रिकॉर्ड और आलिया स्वीट पब में गई थी जो कोरेगांव पार्क में है तो मैं इसके बारे में मालूम था । अब ये मत कहना कि तुम इसके बारे में कुछ नहीं जानते नहीं । मैं ये नहीं जानता था कि वह आलिया के साथ गई थी । मैं ये तो जानता था कि वह पब में गई हैं मगर उसने मुझे ये नहीं बताया । मैंने तो बस ये देखा कि वह थोडा नशे में थी । मैं अगले दिनों से बात करना चाहता था मगर तभी ये कांड हो गया । इसीलिए मुझे आर्या परिषद है और साथ ही साथ नाइंटी से संबंधित किसी बात को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहते हैं । मुझे शक है कि वह बहुत तो जानती है अगर खुद एक औरत होने के नाते मैं ये जानती हूँ कि इन लडकियों से कोई भी जानकारी निकलवाना आसान काम नहीं होगा ये जानते हुए कि आ गया एक विधायक की बेटी है तो उसे तोड पाना बहुत मुश्किल होगा । मगर फिर भी हम इस पर काम कर रहे हैं । और एक बात और । ये खबर पहले ही मीडिया में आ चुकी है । बहुत जल्दी से टीवी पर देखकर आश्चर्यचकित मत होना तुमको मैं बहुत ही भ्रमित अवस्था में था, ठीक वैसे ही जैसे पुलिस थी । इस मामले में मदद करने के लिए मैंने धान्या का शुक्रिया अदा किया । मैं उसकी आंखों में सहानुभूति देख सकता था । वही बैठकर कॉफी पी रही थी । टॉम और इतिश्री अभी भी बालकनी में थे । ढांडिया ने एक बार फिर मेरी ओर तीन नजरों से देखा था जिसने मेरा ध्यान आकर्षित कर लिया । नील तो मुझसे को छुपा तो नहीं होना उम्मीद है ये कुछ नहीं है । देखो मैं तुम से पूछताछ नहीं कर रही हूँ और ना ही अभी तक विश्व ने ऐसा किया है क्योंकि मैं नहीं उसे मना किया है । मगर एक बार जो मैं पूरे यकीन के साथ तो मैं बता सकती हूँ । वो ये है कि जैसे ही उसे कुछ मिलेगा वो तुम्हारे पास हो जाएगा । ये बात की वो तुम्हारे साथ रह रही थी । काफी सवाल खडे करती है हो गया तुम्हारा ये बिल्कुल सामान्य था । हाँ, किसी अन्य जोडे की तरह जब कौरी ने मुझे बताया कि उसकी परीक्षा और महावारी उसे परेशान कर रही थी तो मैंने उस की जिंदगी में कोई दखल नहीं दिया । यही तो मैं जानना चाहती हूँ क्या वो परेशान थी?

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सात वर्षों से चला आ रहा एक तरफा प्‍यार क्‍या दोनों तरफ होगा या अधूरा रह जाएगा? क्‍या दोस्‍ती प्‍यार में बदल सकती है या सिर्फ दोस्‍त ही बना जा सकता है? प्रेम और अंतरंगता के ताने-बाने में बुना बेहद रोचक उपन्‍यास है। Writer - Arvind Parashar
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