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फ़लक तलक - Part 9

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बाइक पर सवार एक आदमी हेलमेट से अपना चेहरा छुपाए जंगल में शरीर के टुकड़े फेंकते जा रहा है। दूर खड़े काले लिबास में 12 लोग यह सब देख रहे हैं लेकिन कुछ कर नहीं रहे हैं। कौन हैं ये बारह काले लिबासी? काले लिबासी मरने का रहस्‍य ढूंढ रहे हैं, ऐसा क्‍यों? दूसरी ओर एक आदमी अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में लिखाने आया था। पुलिस और काले लिबासी आपस में टकराते हैं, तो अब क्‍या होगा? रहस्‍य और हैरतअंगेज घटनाओं से भरी इस कहानी को सुनें बिना आप नहीं रह पाएंगे।
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उसी दिन मैंने फैसला कर लिया था कि मुझे अपने भैया और पिताजी के साथ नहीं रहना है और मैं घर छोडकर यहाँ गया । रघु के हाथ मेरे कंधे बनाए तो मुझे दिलासा दे रहा था । फिर अब आप तो बोर डेंजर हवाई भगवान है सब आप किसी को ना दें । वैसे आप उनको कोई टेंशन नहीं अपना आप तो है ही नहीं । मैं और रघु फुटपाथ पर पास के टूटी फूटी रेलिंग पकडे खडे थे । मैं उसे अपनी कहानी बता रहा था । दिन के दस बज रहे थे । वैसे रात को तो मुझे डरा था ना । रघु ने हस्कर पूछा किस बात से? अरे वो तो बोल रहा था ना कि तेरी कानून । लोग तेरे सामने आई तेरे से बात की । हाँ मैं सच कह रहा था और अभी भी वो मेरे साथ ही हैं । मेरे बगल में ही एक जमघट बनाए । मेरी कहानियां बैठी थी । उसी फुटपाथ । उसी रेलिंग के पास रघु रात की तरह फिर डर गया था । उसने मेरे बगल में झांक कर देखने की कोशिश की । भला उसे कोई कैसे नजर आता? अरे बस करना भाई कितना फेंकता है तो तुम्हें झूठी लगेगा क्योंकि ये बात ही ऐसी कोई बात नहीं । एक गहरी सांस लेकर मैंने जवाब दिया । रघु मेरा चेहरा देखने लगा । शायद वो विश्वास करना चाह रहा था, लेकिन कर नहीं पा रहा था । भले ही वह चोर था, अनपढ था, लेकिन था तो वो भी इसी दौर का । मुझे भी अगर कोई कहता कि मुझे कोई अदृश्य चीज दिखती है तो शायद मैं भी विश्वास नहीं करता है । तेरे साथ बुरा हुआ भाई, प्यार भी गया, घर से भी तो दूर हो गया । दिशा की बात छेड दी रख होने पैसे । हाँ, लेकिन बिहार के मामले में मैं दिशा को गलत नहीं समझता हूँ । उसको हक है कि वह मुझे रिजेक्ट कर सके । उस ने धोखा नहीं दिया क्योंकि उसने मुझे प्यार ही नहीं किया । एकतरफा प्यार करने का ही नहीं । वैसे अपने को इस बारे में ज्यादा नॉलेज नहीं है । लेकिन एक सलाह देता तो प्रोडूसर लोग के पास जाते हैं । चक्कर लगा कोशिश कर कि तेरी कहानी मार्केट में फिल्म बनकर आए । अपने से जो भी हेल्प करेगा, अपुन करेगा राइटर बनके दिखा दे अपने आपको । रघु ने हिम्मत दिया और चार दिन की दोस्ती को निभाने का वादा भी किया । अच्छा लगा उसका इस तरह मुझे मोटिवेट करना पर हाँ यार, वो खानी है तेरी साबुन उसको पूरा करवाई एक नंबर स्टोरी बच्चा जब गोली मारता है पुलिस वाले को मालूम रोंगटे खडे हो जाते हैं कपडा क्यों खोल रहा था हम खुद ही मेरी कहानी का एक डायलॉग बोलकर हस्तियां घर के बगल में बैठे अपनी कहानियों को मैंने एक नजर देगा साबुन पर नजर गयी वो लोगों की बात पर मुस्कुरा रात फिर मेरी आंखें अलग पर खूबसूरत पालक पर सबसे आगे थी पालक मुस्कराकर उसने पालक नीचे करके इशारा किया था मैं अपने काम में फोकस कर अगले दिन मैं अपनी मंजिल घूमने निकल पडा बोल बेटा क्या सुनायेगा तो जो भी सुनाना जल्दी सुलाना । ऑनलाइन पतला दुबला साथ । चालीस साल के आस पास का दिखने वाला वो ऍम मुझे जल्दी से कहानी सुनाने के लिए गया । गोरेगांव की एक फिल्म प्रोडक्शन ऑफिस में मैं अपनी कहानी सुनाने पहुंचा था । सर ये एक प्रेम कहानी है । एक ऐसी प्रेम कहानी जो अब तक बॉलीवुड में नहीं आई । आई नहीं है वो हम देख लेंगे तुम चुनाव से पहले सर एक लडकी होती है जिसका नाम अलग है । मैंने अपनी कहानी फलक सुनानी शुरू गलत मेरे जस्ट बगल वाली सीट पर बैठे बाकी कहानियां भी उस ऑफिस में मौजूद थी । पालक मुस्कुराते हुए मुझे गौर से देख लेंगे । मेरी ही कहानी मुझे देख रही थी । गौर से बहुत ही गौर है और मैं उस कहानी को किसी बेवकूफ प्रोड्यूसर को सुना रहा । हालांकि खूब सूरत और सीरत दार लगती है । सच्ची और कम बोलने वाली एक दिन उसकी जिंदगी में एक लडका आता है जो पालक के नेचर के बिल्कुल उलट है । शराबी जुआरी बत्तमीज इस कहानी में मजा नहीं आ रहा है । कुछ और सुना तडक भी बढती अचानक ही उसने बीच में टोका । मैं चौकिया खुद फलक भी पलट कर गुस्से में उस परिसर को घुटने लगी थी । कुछ ही देर बाद हम ऑफिस के बाहर थे और सडक पर बहुत कर रहे थे । मैं जाहिर तौर पर अकेला था लेकिन ऐसा नहीं है । मैं अपनी कहानियों के साथ सडक पर पैदल चल रहा था । कितना बडा पागल फॅार बगल में चल रही पलटने का हरित तुम ऐसी बातें कब से सीख गई तो मैं तो सीरत वाली लडकी मैंने बनाया है । इस समाज ने सिखाया है । ये कभी कभी बोलता है । बुढिया ने जवाब दिया, चलते हुए मैंने समाज को घूरकर देखा । नजरें चुराते हुए बुदबुदाया । रघु बोलता तो रहता है, रहूँ तो चोरी भी करता है । तो क्या तुम लोग चोरी करना सीख हो गए । वो गाली देता है क्योंकि उसे किसी भी प्यार नहीं दिया । उसने लावारिस की जिंदगी जी है । तुम लोग क्या लावारिस? मेरी कहानी होकर तुम लोग ये सब सिख हो गए । मैं अपनी कहानियों पर भडक रहा था । सडक पर अकेले ही बात करना । आजकल किसी को भी अजीब नहीं लगता क्योंकि मोबाइल और ब्लूटूथ का जमाना है । फिर भी जवाब अचानक से रुककर हवा में ही किसी अदृश्य को डांटने लगते हो तो सीन देखने वाला बनता है । सडक पर इक्का दुक्का आते जाते लोग मुझे देखने लगे थे लेकिन मुझे किसी की परवाह नहीं थी क्योंकि अब तो ये अक्सर होने वाला था । देखो तो मैं जैसा बनाया है वैसे ही बने रहे । एक्स्ट्रा जोडतोड मुझे पसंद नहीं है । मेरी आखिरी वॉर्निंग सब ने सिर हिलाकर हामी भरी । पालक को देखा । वो थोडी उदास लग रही है । अब तुम को क्या हुआ? क्या मैं अच्छी कहानी नहीं हूँ? अरे तुम कहाँ उस पागल परिसर की बातों को दिल पे ले रही हूँ । जो अच्छी कहानी होती है वह रिजेक्ट होती है । यादव वो प्रोड्यूसर जो तो मैं पचास हजार में खरीदना चाहता था, क्यों खरीदना चाहता था? क्योंकि तुम अच्छी कहानी हूँ । इस पागल ने तो पूरा सुनाई नहीं । सब अचानक रुक गए थे और मुझे ही छोडने लगे थे । क्या हुआ ऐसे क्या देखो? आकाश तो कुछ ज्यादा ही हो रहा था । वही मेरी कहानी देशद्रोही का नायक । अचानक मुझे याद आया कि अभी अभी मेरे मुंह से जो शब्द पागल निकला था, ये लोग उसी पर बैठे थे और घूरकर मेरी नसीहत को आंखों से काउंटर कर रहे थे । तो अब समझा सारी वैसे टेंशन मत लो । बहुत परिसर मिलेंगे । हम सब फिर चलने लगे थे गोरेगांव के ओशिवारा इलाके में हम चलते हुए मेगा मॉल की तरफ जा रहे थे । ये वो मॉल था जहाँ लोग शॉपिंग कम और मीटिंग ज्यादा करते थे । फिल्म बेरोजगारों का अड्डा प्लेस था । तरक्की बढती कहानियाँ क्या होती है? हमने से कोई तडक भी बढती है । साबुन ने सवाल किया, मैं सारी कहानियों पर एक नजर दौडाने लगा । कुडी को देखते हुए मैंने सावन के सिर पे हाथ बार ये है ना तरक्की बढती साबुन और समाज जोर से हंस पडे थे और कुबडी झेल गए थे तुम राइटर हाँ जी सर, फिल्म लिखोगे तो जी बेटा जाओ । अभी बच्चे हो तो फिल्म लिखना बच्चों के बस की बात नहीं है और इस नहीं ऑफिस के डायरेक्टर ने बाहर का रास्ता दिखा दिया । कहानियों ने उस डायरेक्टर को खा जाने वाली नजरों से देखा । चार बंगला की फिल्म ऑफिसों में खाक छानते हुए एक और ऑफिस में घुसा । वेब सीरीज देख सकते हो वो एक प्रोडक्शन कंट्रोलर था । ऑफिस के बाहर वेटिंग एरिया में, सोफे पर फैल के बैठा था । लोगों के कुर्सी पर मैं सामने था और आसपास मेरी दर्जनभर कहानियाँ अलग अलग जगह विराजमान । सब की नजर उस प्रोडक्शन कंट्रोलर पर ही थी । मेरी हर कहानी का पूरा ध्यान मेरी मीटिंग था । किस कहानी को कौन पसंद करें किसी बात से सब उत्साहित थे लेकिन वो जानते नहीं थे कि काम मिलना आसान नहीं है । फिल्मों में प्रोडक्शन कंट्रोलर एक पोस्ट होती है । ये लोग फिल्मों की शूटिंग मैनेज करने का काम करते हैं । ये प्रोड्यूसर के प्रोजेक्ट में काम करने वाले हर टेक्निशियन का अच्छे से शूटिंग पर ध्यान रखते हैं । वेब सीरीज के बारे में मैं जानता था ये सीरियल की तरह होता है । कंटेंट फिल्मों की तरफ फास्ट होता है । हर एपिसोड में कहानी रोक दी जाती है ताकि आगे क्या हो ये जानने के लिए लोग इंतजार करें और फिर जिस पोर्टल पर वो वेब सीरीज है उसकी सब्स्क्रिप्शन में बिजनेस आई लिख सकता हूँ । कोई ऐसी स्टोरी है जो वेब सीरीज के लिए बढिया हूँ । एक दम पहाड के रखते उसने पूछा मैं सोच में पड गया । जहन में विचार आने लगे थे कि किसी क्या सुनाओ जो इसे लगे कि हाँ ये कहानी फाड के रख देगी । हमें कोई ऐसा सब्जेक्ट चाहिए जो हॉट हो, जिसमें सेक्स हो, मसाला हो, मेरा माथा ठनका, उसे गंदी खानी चाहिए । उसे यूनिक स्टोरी नहीं, सेक्सी स्टोरी चाहिए । कहानी के नाम पर आजकल समाज को कौन दिया जाता है और लोग गुमराह हो रहे हैं । मैं ये नहीं कहता कि सेक्स अच्छी चीज है या बुरी चीज है क्योंकि ये विषय ही अलग है । लेकिन ड्रामा की आड में सिर्फ टैक्सी दिखाना ये सिनेमा के साथ भी तो खा ही है । सिनेमा समाज का फायदा होता है और उस मायने में अगर सिर्फ सेक्सी नजर आए तो लोग इसका ये मतलब भी निकाल सकते हैं कि अब देश में और समाज में यही हो रहा है । जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है । समाज में बहुत कुछ हो रहा है और आज की वेब सीरीज ये कहना चाहती है कि बस बिहार की आड में सेक्स हो रहा है । माफ कीजिये सर, मैं हॉट सब्जेक्ट नहीं लिखता । काफी सोच विचार के बाद मैंने अपना जवाब दिया एक तरफ दीवार से ठीक लगाए खडी फलक मुस्कुरा रहे थे उसे मेरा जवाब अच्छा लगा था । क्यों हॉट सब्जेक्ट में क्या प्रॉब्लम है? आजकल वही चल रहा भाई सर मेरे कुछ स्कूल हैं पैसे कमाने के लिए । हजारों रास्ते बॉलीवुड में आने का मकसद मेरा ये है कि मैं कुछ अच्छा करूँ । अच्छा लिखो मेरे पिता को भी अपनी लिखी कहानी दिखा सकता हूँ । मैं उठकर ऑफिस से बाहर आ गया हूँ ।

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बाइक पर सवार एक आदमी हेलमेट से अपना चेहरा छुपाए जंगल में शरीर के टुकड़े फेंकते जा रहा है। दूर खड़े काले लिबास में 12 लोग यह सब देख रहे हैं लेकिन कुछ कर नहीं रहे हैं। कौन हैं ये बारह काले लिबासी? काले लिबासी मरने का रहस्‍य ढूंढ रहे हैं, ऐसा क्‍यों? दूसरी ओर एक आदमी अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में लिखाने आया था। पुलिस और काले लिबासी आपस में टकराते हैं, तो अब क्‍या होगा? रहस्‍य और हैरतअंगेज घटनाओं से भरी इस कहानी को सुनें बिना आप नहीं रह पाएंगे।
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