Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM

Ep8 - Chal Khusro Ghar aapne

Share Kukufm
Ep8 - Chal Khusro Ghar aapne in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts
1 KListens
समाज में व्याप्त हर क्षेत्र के बारे में ज्योतिंद्र नाथ प्रसाद के व्यगात्मक विचार... Author : ज्योतिंद्र प्रसाद Voiceover Artist : Harish Darshan Sharma
Read More
Transcript
View transcript

चल खुसरो घर आपने ज्योतिंद्र सुनाया । संवाददाता सम्मेलन में नेता जी से किसी धमाके की उम्मीद थी पर हुआ टाइट आए फिर मैं द्वार से आमरन मौन अंचन करने जा रहा हूँ । नेता जी के श्रीमुख से इस योजना के निकलते ही दो हजार संवाददाता खिसक लिया । ज्योतिंद्र दे रहे हैं । उनकी निगाह निमंत्रण देते मिठाई व नमकीन की तश्तरियों पर खडी थी । यहाँ तो देश का अहोभाग्य है कि आप जैसे नेता आमरण अनशन कर रहे हैं । राजनीति पर आबादी का कुछ अधिक भारत योजना ज्योतिंद्र कहा वैसे यहाँ खुराफात आपको क्यों कर सूजी नेताजी ने कहा देखिए मेरा आमरण अनशन इस बात को लेकर है कि देश का अनाज कहाँ जा रहा है, वह तो आपके पेट में जा रहा है । किसी ने छूटते ही कहा बहुत सही थी नेता जी की तो उन का घेरा दो मीटर व्यास लिया था जो मुश्किल से सोफे में धंसा पडा था । मेरी मान है नेता जी हाँ के सरकार इसपर एक उच्चस्तरीय जांच आयोग बैठाये । आखिर इतना अन्य उत्पादन यहाँ होता है ऊपर से इसका निर्यात होता है । फिर हमारी प्यारी जनता हूँ की क्यों मार दी है? मेरे दादा जी मायूस हो गए किसी संवाददाता ने छेडा उन्हें आपको किसी पर शक है मुझे आईएसआई पर साथ है । हम सभी नेता जी का बयान कलम मध्य करने को चुके । मेरा ख्याल था एक पत्रकार कलम बद्ध करने को झुका । मेरे ख्याल था एक पत्रकार कहीं से चीखा आप आत्मप्रचार है तू कोई और सबूतों जोडते । नेताजी हत्थे से उखड गए । आप अपने को क्या समझते हैं देश का हम सवाल है यहाँ इस पर आज तक आमरण अनशन नहीं हुआ प्रचार तो इसमें भी मुझे मिल शांतम पाप अम् शांतम पार्टम नेता जी म्यान से बाहर नहीं मैंने टोका वे चुप हो गए । अनशन के तीन दिनों बाद जो देवेंद्र उनके दल के मुख्यालय में थे, बडे बडे पोस्टर लगे थे जैसे नेता दे रहा कुर्बानी पहुंचाओ, उसको राशन बनी आईएसआई तुम बाजाओ नेता की इज्जत बचाओ आदि हूँ । आज भी के नाम पर वहाँ कुत्ता हो रहा था । वे गांव तकिया लगाए लेते हुए थे और करा रहे थे । मेरे आगमन से उनमें बिजली भर गई । बाद में मालूम हुआ उनके अनशन कालका जो दिन रही पहले आगंतुक थे, हम प्रेस से बात कर रहे हैं । नेताजी फुसफुसाए अपना हम लोगों का दुर्भाग्य है । जो तीन फिल्में खेद व्यक्त किया उन्होंने सिरहाने पडे अखबारों की और इंगित करके कहा, सभी में मेरे अनशन का फ्लैट है तो तुम्हारे अखबार में जिक्र ही नहीं क्या कीजिएगा । ज्योतिंद्र ने कहा मेरा अखबार देशभक्त नेताओं कि कर रही नहीं करता । आपको किसी अन्य गोदाम में अनशन करना था । देशभर ज्यादा जोर पडता भी कहते हो । यहाँ मेरे हेल्थ पर जोर पड रहा है । नेताजी ने कहा तो ज्योतिंद्र में जोडा वजन घटाने का यह चल उसका है । नेताजी बोले डॉक्टर कहता है हम नौ किलो घट गए हैं । शुरुआत अच्छी है यह कहकर थोडी देर ज्योतीन्द्र चुप रहे । नेताजी सुनने में ताक रहे थे जो दिन नहीं निस्तब्धता तोडी । जवाब राज्य बाजार समिति के अध्यक्ष थे । आप पर अनाज के भारी घोटाले की एक जांच समिति बिठाई गई थी । उसका रिपोर्ट प्रकाशित होने वाला है । छोडो यार सब मुझे जाने की चाल है । नेताजी ने कल के बंद कर ली । वे निदाल हो गए और धीरे धीरे कराने लगे । अनशन का सातवां देना ज्योतिंद्र पूछा मेदा जी आप अभी जिंदा हमने समझा शहीद हो गए । नेताजी वास्तव में मौन धारण कर चुके थे । बोलने की शक्ति छूट गई थी । आपके कामरेड लोग है जो केंद्र ने इधर उधर देखकर हैरानी से कहा था । नेताजी ने पास बुलाया और कान में अस्फुट स्वर में बोले फॅस साले होते हैं जो केंद्र चकित हुए क्यों क्या हुआ हूँ? नेताजी फिर कराये । मैं नहीं नहीं दल से निकाल दिया है हैं । ज्योतिंद्र का मुख्य खुला का खुला रह गया जहाँ समिति के रिपोर्ट में मुझ पर देंगी का मामला है । नेताजी ने कहा ठीक है तो कहते थे ज्योतिंद्र बोले बात कहते थे मैं दम निकल रहा उन्हें रिपोर्ट सूझती जो दिन उनके मुख से ट्रांसट्राय स्थिर रहे । सोनो नेताजी ने कहा जी जो दिन बोले तो दस पांच आदमी पब्लिक से किराये पर ले लो । उनकी तरफ से मुझे नारंगी काॅस्ट देकर मुझ से अनशन तोडने का अनुरोध करो । यह कहते हुए की आप की मांग ऍम अब जनता की मांग है बहन के लिए मुझे मार देने से बचा लो नेताजी बुरी तरह हाँ आपने लगे ज्योतिंद्र ने कहा यहाँ सब कसद करने की क्या जरूरत है? नेताजी आप उठिए खाइये दीजिए मैं अखबार में लिख दूंगा की जनता जनार्दन और गणमान्य नागरिकों के अनुरोध पर आपने आमरन मौन अनशन तोड दिया । आप शीघ्र ही सरकार में अपनी मांग मनवाने के लिए गुजरात स्तर पर एक शांतिपूर्ण आंदोलन छेडेंगे । ठीक है और जो नेताजी कूद कर खडे हो गए

Details
समाज में व्याप्त हर क्षेत्र के बारे में ज्योतिंद्र नाथ प्रसाद के व्यगात्मक विचार... Author : ज्योतिंद्र प्रसाद Voiceover Artist : Harish Darshan Sharma
share-icon

00:00
00:00