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शिव से शिवत्व तक - Part 9

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शिव से शिवत्व तक | लेखक - आशुतोष Voiceover Artist : Shrikant Sinha Author : Ashutosh
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अच्छा प्रमुख इस को लाभ का क्या रहे हैं? वो कब हूँ? ये गोलक वही कक्ष है जहां अपने दोनों कुमारों को बहाल से निकालने के पूर्व छोड दिया था । मैं आज भी आपने मत मेड्रिड हूँ । किसको लाभ को कोई भी किसी भी प्रकार से छठी नहीं पहुंचा सकता है । आपने जहाँ पर कुमारों को रखा था वो एक कक्ष के सवाल बाहर से प्रतीत होता था परन्तु आंतरिक स्वरूप उसका गोलाकार ही था । आपने जब कुमारों को उसके अंदर रखा था तो सम्भवता आपको इसके स्वरूप का ध्यान हुआ हूँ । प्रभु ने कहा नहीं, मैं जिस व्यवस्था में था उस अवस्था में कुछ भी समझ में नहीं आता था । एक तरफ कुमारों को सुरक्षित छोडना था और दूसरी तरफ गौरी को लेकर बाहर से बाहर निकल लूंगा । इसके अतिरिक्त इस बात की भी आशंका नहीं कि शत्रु यात्री मोर्चा से उठ गया तो क्या होगा? बहल के बाहर का दृश्य मैं देख चुका था । ऍम मुझे कुछ भी इस विषय में याद नहीं है । मुझे हूँ बता आप अपनी बात आगे कहें । हो सकता है कि कुछ समय बाद मुझे मेरी स्मृति ठीक से क्या हो जाए । प्रमुख ने कहा, महाराज, ये गोलप कुछ ऐसे तत्वों से निर्मित जो पृथ्वीलोक में नहीं मिलते हैं । ये तत्व हम आपके साथ जब स्वर्ण नंबर ही गए थे तब वहाँ से लाए थे । उन तत्वों का नाम जोरो तम तान्या करन वहाँ प्राण होते हैं । वहाँ आप अपने साथ कुछ लाये तो थे परंतु उसका क्या उपयोग था ये मैंने जानने का प्रयास नहीं किया । आपने कहा था कि आपके प्रयोगशाला में इन की आवश्यकता है । दंड था । हाँ, मेरी भी स्मृति में ये है कि जब आप वही लोग स्वर्ण नामवरी से आए तो आपके साथ कुछ वस्तुओं में लिपटा हुआ था । आप और प्रभु ने मुझे ही प्रयोगशाला तक भेजने की व्यवस्था करते को कहा था । वो देखने में तो छोटे आकार से लग रहे थे पर उनका भारत अंतर अधिक था । प्रमुख मैंने कहा जी दंडधारी चीज आप सत प्रतिशत सत्य कह रहे हैं । ऐसा ही था उन तत्वों को एक विशेष अनुपात में । लॉस वक्त ताम्र धातु के मिश्रित किया जाता है और एक विशेष तापमान पर चार खाडी के लिए सकते हैं तो एक विशेष प्रकार का विश्लेषण प्राप्त होता है । अपने विशेष गुणों के कारण ये मिश्रधातु इसपर महाण्ड की सबसे विशिष्ट था तो बन जाती हैं । इस प्रकार की धातु कहीं भी नहीं है । अतः इसकी विशेषता भी अनूठी है । उसी तापमान पर इस मिश्रत हाथों ने जो आपका प्रथम तैयार ग्रहण कर लिया उसके उपरांत उसका आकार बदलना असंभव है । भोजन देश आकार बदलना है अर्थात कितना भी बलिया ताप लगाए तब भी और ये कैसे संभव है? प्रभु जी सब धीरे धीरे बता तो रहा हूँ परन्तु थोडा धैर्य रखी । प्रभु ने कहा धैर्य तो रखा ही हुआ है सभी नहीं परन्तु आप की बात सुनकर फिर भी ठीक हो रहा है । सभी हंसने लगे प्रमुख जीने का मात्र आकार ना बदलना ही बहुत विशेष बात अन्य कोई भी समझ इस विशेष मिश्रत हाथों से दिन मतलब कि सात विशेषताएं हैं । प्रथम विशेषता ये इसका आका एक बार बनने के बाद पुनर्निर्धारण असंभव है । ये ऍम इसके चौदह खतम तत्व के कारण इसको प्राप्त हुआ है । ये तत्व जिसका नाम चोरो दम है जब वो लौट हाथ हूँ या किसी धातु के साथ मिश्रण बनाता है तो वो उसके साथ इस प्रकार से बंद जाता है जिसको किसी भी प्रकार बाल या तापसे नहीं बदला जा सकता है । हुई थी विशेषता इसके तान्या आप कर्नल तत्व के कारण है । ये तत्व इसे तन्यता गुना प्राप्त करता है । इस तत्व से महीन से महीन धागे बनाए जा सकते हैं । इस तत्व का महीन तन्ने था के बनाने का पूर्ण अत्यंत उपयोगी है । संभावना है जैसे मकडी का जाला होता है उसी प्रकार उससे भी एक हजार गुना महीने वह दस हजार गुना मजबूत होगा । इससे बनता है । इस धागे को संपूर्ण गोलक पर लपेट देते हैं । इस थके के कारण इसमें नेता तब आ जाना है जिससे इसमें लगने वाले झटकों का अंदर आप हास नहीं हूँ । ये किसी प्रकार का प्रहार सहकर अपना आकार स्थित रखी हुई संपूर्ण सुरक्षित रहता है । इस गोला को यदि कोई कोर्स भर की ऊंचाई से भूमि पर पटकते तो अंदर कुछ भी आप पास नहीं होगा । अच्छा अंदर कोई भी व्यक्ति है तो वह पूर्ण रूप से सुरक्षित होगा तो थी इसका महत्वपूर्ण गुण है इसका आंतरिक को लगता मार्क आंतरिक को लगभग अठारह । क्या गोलप के भीतर एक और गोलक हैं? प्रमुख पीने का सत प्रतिशत सट्टे का अनुमान है । आपका ये अंतर एक अन्य गोलक से देर बैठना है । दोनों मुल्कों के बीच निर्वात परन्तु सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ये नहीं बल्कि सर्वाधिक विशेष हो रहा है की आंतरिक को लग का स्थिर रहना ऍम स्थिर रहने से आपका क्या भी है? आंतरिक गोला स्थिर तो रहेगा ही यदि मैं आपको लग स्थित है । इसमें विशेष क्या है न बच्ची ने बहुत ही मंदिर मुस्कुराहट साथ ऍम ये सकते हैं । जब तो वाही गोला स्थित है का तो आंतरिक को लग भी स्थिर रहेगा परन्तु यहाँ आंतरिक गोला तब भी स्थित रहेगा जब वह आपको लग लोग सकेगा । सभी आश्चर्य के साथ प्रमुख जी को देखने लगे परन्तु प्रमुख कि अपनी बात को आगे कहते रहे इसके बाहर कोष में भार समान रूप से भी तरह परन्तु आंतरिक उसमें नीचे के भाग का और अधिक रखा गया है जिससे भी सतह नीचे ही रहता है । जब वही कोशिश लड सकता है तो आंतरिक कोष स्थित रहता है क्योंकि उन दोनों को लडकों के बीच में निर्वात है जब विमान वहाँ आया तन संतुलन के कारण आंतरिक कोशिश स्थित रहता है जिसके कारण जब गोलक लुढकता या किस ता है, आंतरिक कोशिश पूरा तैयार, स्थिर सुरक्षित रहता है । अब मैं आप सभी को इसकी चतुर्थ विशेषता के विषय में बताता हूँ । ये है इसकी वातानुकूल बनानी । ये उसमें शोधी हैं । वह उसका क्षे पी दोनों प्रकार की प्रणाली से निर्मित हैं । इस के भीतर का तापमान सतह सामान्य रहेगा । निर्वात में विशेष प्रकार के उस मात्रा ही वह उसमें क्षेत्र कान भर दिए गए जिससे यदि आंतरिक कोर्स में तापमान कम होगा तो वहाँ पर उस मासूसी कानन अपना कार्य प्रारंभ करने और यदि अंदर तापमान बढेगा तो उसमें अच्छे पीकर आंतरिक तापमान को गोली से बाहर निष्कासित इस प्रकार आंतरिकता पान नहीं बदलेगा । उनके करोडों की उस माँ संचालन व्यवस्था इतनी गतिशील है कि कितना वाहियात तापमान कम या अधिक होने पर गोलप पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पडेगा । पांचवीं विशेषता है इसकी वायु संचालन करना । इतने के बाद इसके अंदर प्राणवायु की कमी भी कभी नहीं रहती । कुछ समय के उपरांत जब अंदर प्राणवायु कम हो जाती है और आप पांच वायु बढ जाती है तो इसके बाहर को लक्की परत स्वतः प्राणवायु और शोषित करने लगती है । परंतु ये तभी होता है जब कोलक स्थिर हूँ और चल में न हो । कब हो प्रमुख मैं यही जानना चाह रहा था कि जब गोल अफजल में होगा कब क्या होगा तब तो अंदर सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं रहेगी । यदि प्राणवायु ही आंतरिक गोलप में समाप्त हो जाए तब जीवन स्वतः ही समाप्त हो जाएगा । सुरक्षा व्यवस्था मेरा खत्म हो जाएगी प्रमुख जीने का इस की भी व्यवस्था है । ऐसी अवस्था में के चल में मिश्रित प्राणवायु को अब सोशल करेगा परन्तु ये व्यवस्था अत्यंत जटिल है । प्रभु इस पर अधिक से अधिक पंद्रह दिन तक वो प्रणाली कार्य कर सकती हैं । सम्भवता इससे अधिक की आवश्यकता ना पडे इसीलिए कहा था ये जाल में भी सुरक्षित है । ये कुल जो कि चल से प्राण दवाइयों को अवशोषित कर ले इस पृथ्वी पर प्राप्त तक को मिलेंगी हैं । पर अब प्राणों तय कर अत्यंत उपयोगी है । जब ये कोलक सदानीरा नदी में गया तब मैं पूर्ण रूप से आश्वस्त था कि सब पूर्वनियोजित हो रहा है । अब मैं इसकी छठे विशेषता सबको बताना चाहता हूँ । जो की आप सभी ने अपनी आंखों से देखी है वो है इसका शास्त्र के रूप में प्रयोग । इसको जब साडी नीरा नदी के जल प्रवाह के बाल से प्रवाहित किया गया तो इसने संपूर्ण बहल को नष्ट कर दिया । सब काम और अंतिम विशेषता जो है वो मैं मात्र प्रभु और माँ को ही बताऊंगा । प्रभु ने का प्रमुख जी आप सभी को बताएँ क्योंकि सभी जो यहाँ स्थित है वे प्रमुख जी ने बीच में ही बोला समाप्त हो आप मेरी बात का अर्थ गे ना ले के मैं सभी को नहीं बताना चाहता हूँ बल्कि वह सप्तम विशेषता अभी गोलप में आने शेष है । मैं नहीं चाहता हूँ कि मैं पहले से विशेषता पता हूँ और असफल रहूँ तो जग हंसाई प्रभु ने का नहीं प्रमुख आपकी हंसी असंभव । सभी आपकी बौद्धिक क्षमता से भलीभांति परिचित हैं । मैं आपकी इस बात से सहमत हूँ । जब तक कार्यपूर्ण हो जाए तब तक उसके विषय में चर्चा करना होता है क्योंकि कार्य की गोपनीयता उसकी आधी सफलता होती है । तारे संपूर्ण होने के बाद ही उसकी उद्घोषणा होनी चाहिए । अन्यथा शुभकार्य में अनेक प्रकार की बाधाएं आ जाती हैं । अब आप अपना रहस्य खोलिए की क्या विशेषता है? प्रमुख जीने का जीत रहा हूँ । सत्यम गुण इसका है । कुछ कहने ही वाले थे कि बेटा छुप हो गए । उनके मस्तिष्क परबल पड गए और उनकी आंखें बंद हो गई । कुछ क्षण के लिए वे पूर्णतयः शांत हो गए । सभी की दृष्टि, उसके ऊपर स्थिति और अंतत तवे बहुत बताए हूँ हूँ । हो सकता है नहीं, नहीं निश्चित नहीं है । दंड था क्या मन ही मन कह रहे हैं प्रमुख जी हम लोगों को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है । क्या हुआ प्रमुख आप सबके सामने कह सकते हैं । ये सभी हमारे प्राणों के समान है । प्रमुख जीने का नहीं नहीं हूँ । आप जो कह रहे हैं वही सकते हैं परन्तु एका एक अचानक मस्तिष्क में एक विचार कौन? अब ये विचार जिससे नए विचारों का उत्पीडन हो रहा है आप भी सोच में पड जाएंगे कौनसा नया विचार उस विचार से नए विचारों को नहीं देते हो ना इसका अर्थ मैं नहीं समझ पाया । प्रमुख जी ने कहा प्रभु नहीं ये तो नहीं की आपने सप्तम गुड के कारण ही शक तूने इतनी चपलता गुप्ता का और भारी तैयारी के साथ आक्रमण किया हूँ उससे सम्भवता अगर किसी को भी न बच निकलने की सफल योजना मनाएंगे जंगेज आप की बात कुछ समझ में आ रही है परंतु पूर्ण रूप से मैं अभी कुछ नहीं समझ पाया प्रभु ने का मुझे प्रतीत हो रहा है कि वह सत्यम को ही शत्रु के आक्रमण का कारण ऐसा प्रमुख जी का विचार है की उन प्रमुख थी । क्या कहते हैं प्रमुख पीने का थोडा तैयार सत्य प्रभु अब मेरे मस्तिष्क में ये विचार दृढ हो रहा है कि यही सकते हैं माने का परन्तु प्रमुख चीन वो सब काम गुण है क्या प्रमुख लेने का हाँ वो सब तमकुल है । जब विमान स्थानांतरण अठारह हम उस कक्षा से कहीं भी, कितनी भी दूरी क्यों हूँ, एक पल में अपने सामान के साथ पहुंच सकते हैं । जो इतना बलशाली शत्रु हूँ और जिस पर अस्त्रों का प्रहार न हो रहा हूँ, निश्चित ही वो इस लोग से परे लोगों पर विचार चाहता होगा । ऐसा मेरा मत है । अब मेरा मस्त लिस्ट इस विषय पर पूरा तैयार केंद्रित हो रहा है । प्रभु ने का हाँ हो सकता है यही सब काम को नहीं, शत्रु का आने का कारण इस विषय में एक विचार करने योग्य बात की है । वैसे तो विचार करने योग्य बहुत सी चर्चाएँ हैं परन्तु हूँ इस समय मुझे सर्वाधिक महत्वपूर्ण लग रही है । वो है कि आखिर शत्रु को इस गोलप के विशेषताओं का पता कैसे चला? दंडा था प्रभु में मैं कुछ कहना चाहता हूँ था कहीं दंडधारी चीज मुझे अपना जो कुछ सीमित युद्ध अनुभव है, उसके आधार पर मैं कहना चाहता हूँ कि संभव तक उसे ये ज्ञात हो गया । वो की इस स्थान से आप लोगों में जा सकते हैं परन्तु कैसे ये उसे क्या हूँ? भोजन देश आप ये किस आधार पर कह सकते हैं? डंडा था मैं अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूँ । हो सकता है कि मेरा अनुमान होना तैयार सत्य परन्तु यदि शत्रु नहीं ये जानकारी प्राप्त करने के बाद आक्रमण किया हो तब मैं सत प्रतिशत कह सकता हूँ कि मेरा अनुमान सही है । यदि उसे पता होता कि वह गोलक ही है जहां से वह चाहे लोगों में जा सकता है तब वो छद्म द्वारों को तोडने में अपना समय व्यक्त मना करता जब वो दण्डक हार चीज आपका अनुमान सत्य हो सकता है परन्तु और भी संभावनाएं क्या ऐसा नहीं हो सकता है कि उसने गोला खोलने का प्रयास भी किया हूँ और सफलता हो सका । ये भी हो सकता है कि उसने दोनों ही प्रयास किए एक गोला खोलने का और दूसरा द्वार तोडने का कब हूँ आपका अनुमान सकते ही होगा ।

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