how to invest in share market in hindi“वित्तीय बाजार जोखिम के अधीन हैं । योजना से संबंधित सभी दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ें।

क्या ये पंक्तियां परिचित नहीं लगती हैं? हाँ! आपने सही अनुमान लगाया! हम शेयर बाजारों में निवेश उद्देश्यों के आधार पर बने विज्ञापनों के अंत में ये पंक्तियां सुनते हैं । क्या आपने कभी सोचा है कि व्यापारी बाजारों में निवेश कैसे करते हैं? हालांकि जोखिम कारक शामिल हैं, लेकिन उचित ज्ञान और जानकारी के साथ, आप अपनी किस्मत आज़मा कर सकते हैं ।

आपको शेयर बाजारों में निवेश क्यों करना चाहिए?

हम सभी के जीवन में अलग-अलग लक्ष्य हैं। उदाहरण के लिए- घर का मालिकाना हक पाना, कार खरीदना, पढ़ाई के लिए विदेश जाना, अपनी बेटियों की शादी करवाना और कई अन्य चीजें। क्या आपका नियमित 9-5 का काम आपको अपने सपनों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है? इसके लिए आपको अपने घर के वित्तीय बजट का ध्यान रखना पड़ेगा। इससे हमारा मतलब है कि आपको निवेश करने की आदत डालनी पड़ेगी। यह देखा गया है कि यदि आप बीस साल या लगभग की उम्र से निवेश करना शुरू करते हैं तो आपको जोखिम उठाने के कई अवसर मिलते है, अपने खर्च की आदतों में सुधार करने का अवसर मिलता है और अपनी ग़लतियों से सीखने का अवसर मिलता है। लोग शेयर बाजार में निवेश धन निर्माण, निष्क्रिय आय और विविध इक्विटी के कारण करते हैं । शेयर बाजार में धन के निर्माण के लक्ष्य के साथ निवेशकों को आम तौर पर उच्च जोखिम भी उठाना पड़ता है।

क्या आप सभी को शेयर बाजारों में व्यापार की आवश्यकता है?

सबसे पहले, आपको डीमैट और ट्रेडिंग खाता खोलने की आवश्यकता है। इसके बाद ही आप भारतीय शेयर बाजारों में निवेश शुरू कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात: आपको स्टॉक एक्सचेंजों और उनके कार्यों से परिचित होना चाहिए। स्टॉक एक्सचेंज शेयरों की खरीद-फरोख्त की सुविधा देते हैं। भारत में, हमारे पास दो सबसे महत्वपूर्ण स्टॉक एक्सचेंज हैं- 1) बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज 2) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) एक प्रमुख नियामक के रूप में कार्य करने वाली संस्था है।

उन स्टॉक्स का पता लगाएँ जो आपके लिए उपयुक्त हैं और निवेश करें

अपनी जरूरत के अनुसार, अपने निवेश के लिए एक उपयुक्त वित्तीय परिसंपत्ति चुनें। यदि आप नियमित आय और पूँजी के संरक्षण की तलाश में हैं, तो आप डिबेंचर जैसे ऋण उपकरणों का विकल्प चुन सकते हैं। यदि आप जोखिम लेने के लिए तैयार हैं तो इक्विटी आपके लिए एक है।

लार्ज-कैप स्टॉक – ये बड़े बाजार पंजीकरण वाली कंपनियों के स्टॉक हैं। आम तौर पर, ये कंपनियां अच्छी तरह से स्थापित होती हैं और बाजार में उनकी उपस्थिति बहुत मजबूत होती है।

मीडियम-कैप स्टॉक – ये वे कंपनियां हैं, जिनमें बड़े बढ़ने की क्षमता है । इन कंपनियों में शामिल रिस्क फैक्टर तुलनात्मक रूप से लार्ज कैप स्टॉक्स तक कम है।

स्मॉल-कैप स्टॉक – आम तौर पर, स्टार्ट-अप इस श्रेणी में आते हैं। जोखिम कारक लार्ज-कैप और मीडियम-कैप से अधिक है।

सुझाव

भीड़ का पालन न करें

अक्सर निवेशक का निर्णय अपने पड़ोसियों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों के सुझावों के प्रभाव पर निर्भर करता है। यदि आप अपनी मेहनत से अर्जित पैसे ख़तरे में डालना नहीं चाहते तो बुद्धिमानी से निर्णय लें। कंपनी के प्रोफाइल के बारे में जानें, पिछले पैटर्न को देखें, और विश्लेषण करें कि कंपनी निवेश उपयोगी होगी या नहीं। सूचित विकल्प लेने के बिना कभी भी निवेश न करें।

यथार्थवादी लक्ष्य रखें

आपके निवेश से सर्वोत्तम परिणामों की उम्मीद करना कुछ भी गलत नहीं है लेकिन यदि आपके वित्तीय लक्ष्य अवास्तविक हैं तो आप मुसीबत में हो सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए, आप पॉडकास्ट-पैसा वैसा  सुनें। वित्तीय बाजारों के बारे में गहराई से जाने और अपने निवेश कौशल की सीमाओं का पता लगाएँपग।


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