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Transcript

भाग - 01

आप सुन रहे हैं फॅमिली कहानी का नाम है रोबोट तो क्या जिसे लिखा है संदीप अगरवाल ने और मैं कुमार जी गौरव ऍम सुने जो मन चाहे ऍम बुधवार, सत्ताईस जनवरी दो हजार के केस रोबोट रिगर कंपनी के एशियन चैप्टर का वाइस प्रेजिडेंट सुमन गुरदास कॉन्फ्रेंस रूम में कंपनी के लोकल सीईओ अनिरुद्ध मेहता और चीफ पीआरओ सुधीर देशमुख के साथ बैठा हुआ था । उनके साथ कल्चरल कॉर्डिनेशन मिनिस्टर राजकरण सबरवाल भी मौजूद था, जो उन के नए प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग में आ रही अडचनों के बारे में बात करने के लिए वहाँ आया हुआ था । चारों के हाथ में चाय के कप थे । पर्चाें कोई भी नहीं पी रहा था । वे गहरी चिंता में डूबे थे । उन की सबसे बडी समस्या थी पेयर नाम की एक एनजीओ का प्रेसिडेंट माधवन तैयार मतलब पीपल ऍम माधवन इस प्रोजेक्ट को अपनी एनओसी ही नहीं दे रहा था । सब्रवाल साहब देखिए, आप के राज में हमें कितनी तकलीफ उठानी पड रही है । सूमा गुरदास शिकायत भरे स्वर में बोला, आप की शिकायत जाॅब्स हमारी कल्चरल मिनिस्ट्री की तरफ से तो सब क्लियर कर ही दिया गया था । जबरवान अफसोस जाहिर करते हुए बोला, मैंने मिनिस्टर ऑफ विभिन्न वेलफेयर को भी घर में ले लिया है । सब कुछ निपट गया होता अगर जी माधवन बीच में नहीं आया होता । आखिर उसे हमारे इस प्रोजेक्ट की खबर कैसे लगी? सब कुछ तो बेहद कौन? फॅमिली हो रहा था । दादा सुधीर की तरफ घूमते हुए बोला, क्यों सुधीर आप कुछ आइडिया है? नौसर बट आई थिंग कि लाॅकर में जब हमारे सीएमडी साहब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेवलपिंग कंट्रीज में एक्सपेंशन की बात कही थी, वह तभी से हम पर नजर रखे हुए था । सुधीर ने सफाई देते हुए कहा, वैसे भी सोशल मीडिया के इस वाइट होराइजन में ऐसी चीजें कब तक छुपाई रखे जा सकती है? सब जगह ऍप्स बांटने और लगने की होड लगी है । इससे क्या फरक पडता है उसका ये कब और कैसे पता था? अनिरुद्ध मेहता अफसोस जाहिर करते हुए बोला, फर्क पडता है । हमें दो महीने हो गए और फॅमिली अब तक तीस करोड रुपए खर्च हो चुके हैं । मिस्टर साॅस अगर ये बातचीत ही रहे थी तो अब तक हम अपना प्रोडक्ट लॉन्च कर चुके होते हैं । अब जब तक उसकी ऑर्गनाइजेशन हमें क्लिनचिट नहीं दे देती, हम इस कंट्री में अपना प्रोडक्ट बेचना तो दूर इंटरड्यूस तक नहीं कर सकते । अगर और एक महीने ऐसा ही चला तो नौ सरप्राइस किसी हमने यहाँ से पैक अप करने के लिए बोलते हैं । लास्ट चिंता जाहिर करते हुए बोला आप चिंता मत कीजिए । मैंने मुझे उनसे बात करके उसे आपसे मिलने के लिए मना लिया है । सब भगवान उसे दिलासा देते हुए बोला हूँ ऍम अभी तक तो हमारा चेहरा देखने के लिए तैयार नहीं था । चलिए देखते हैं कुछ खर्च छोड सही दास ने राहत की सांस ली । नो नो मिस्टर दास ये गलती मत कीजियेगा । अगर आपने उसे पैसे से मैनेज करने की कोशिश की तो मामला और बिगड जाएगा । सब भगवान उसे आगाह करते हुए बोला । फिर मेहता ने उलझन भरे स्वर में पूछा । उसको बनाने का एक ही तरीका है । आप इस बात के लिए कन्विंस कर लें कि उनकी ऍन रेंज कर रहे हैं । वो बहुत ज्यादा सीरियस और ऍम नहीं है । सब्रवाल ने उन्हें समझाया, मेरी समझ में यह नहीं आता कि आखिर पि ऍफ रिलेशनशिप नाम की और ऍम कितनी पावरफुल कैसे हो गई जो आप जैसा मिनिस्टर तक उनके सामने बेबस नजर आता हैं । दास ने परेशानी भरे स्वर में सबरवाल से पूछा, आप पीएम से बात नहीं कर सकते? क्या कोई फायदा नहीं? शायद आपको अंदाजा नहीं की उसकी इस पावर के तार पीएमओ से जुडे हुए हैं । कहते हैं कि एक वक्त वो पीएम एटी कॉलेज में साथ पढते थे और मिलकर स्टूडेंट पॉलिटिक्स क्या करते थे । ये दोनों तो अपनी पार्टी के लोगों की नहीं सुनते । मैं तो फिर भी अलायंस पार्टी से बिलोंग करता हूँ । सब्रवाल ने अपनी व्यवस्था जाहिर की । सुधीर हमने मार वार को कितने बजे बुलाया । दास ने सुधीर से पूछा, सर बस आते ही होंगे । सुधीर ने बताया था मेरे ख्याल से मुझे चलना चाहिए । सबरवाल उठते हुए बोला क्यों माधवन साहब से मिलकर नहीं जाएंगे? दास ने हसते हुए उससे पूछा अगर मैं बाहर निकलने बहुत सडक पर किसी साल से टकरा जाऊँ तो ये उससे ज्यादा सेव रहेगा सब भगवान ने हसते हुए जवाब दिया, जब मैंने उससे आप लोगों के बारे में बात की थी तो जानते हैं उस ने क्या कहा था नहीं बताइए । उसने कहा था कि सब्रवाल माधवन की नकल उतारते हुए बोला संभरवाल साहब देश में नदियां सोंग रहे हैं, पेड कट रहे हैं, सी लेवल राइस हो रहा है । लोगों को काम नहीं मिल रहा । जीडीपी घट रही है, दुर्घटनाएं बढते जा रहे हैं, बॉर्डर पर टेंशन है और आपको इन सब बातों पर ध्यान देने के बजाय लोगों को सेक्स करने की मशीन दिलाना ज्यादा जरूरी लग रहा है । ऍम था इस बात पर सब लोग हस पडे और उठकर सब भगवान को विदा किया हूँ । वापस आकर सभी लोग अपनी अपनी जगह पर बैठे हैं हूँ । ऑफिस बॉय भीतर आया और चाहे की कब समेटकर निकल रहे हैं । मिस्र दास ने घडी देखी तो सुधीर ने उनका इशारा समझकर किसी को फोन लगा रहा था । आ गए सर रिसेप्शन पर हैं । सुधीर ने बताया माया उन्हें लेकर आ रही हैं । दास और मेहता ने सहमती में से महिला । तभी माया ने रूम का दरवाजा खोला और माधवन ने प्रवेश किया । सबने उठकर उसकी अगवानी की । बैठे बैठे ऍन हमें अपने ऑफिस में आपका वेलकम करते हुए बहुत खुशी हो रही है । दास आपने स्वर्ग को भरसक मुलायम बनाते हैं । वो माधवन नहीं इधर उधर नजरें दौडाई और एक चेयर पर बैठ गया । उसके बैठने के बाद सभी लोग बैठ है और खामोशी से एक दूसरे को देखने लगे ऑफिस तो काफी अच्छा बनाया आपने । माधवन दीवार पर लगे एक देश कीमती पेंटिंग की ओर देखते हुए बोला थैंक्स आप की कृपा रहित जल्दी ही ऐसी और भी कहीं उसे सांगे दास चापलूसी भरे अंदाज में बोला क्यों सबरवाल चाहती करता काफी नहीं है । माधवन ने कटाक्ष किया उसका ये फिक्र सुन कर तू मधुर दास का चेहरा उतर गया । उसने आहत भाव से उसे देखा वाह गुरु हैं आप? गोविंद हमें तो दोनों के है पाव पडने हैं । मेहता ने बात संभालने की कोशिश की । इस की जरूरत नहीं पडेगी आप बस हमारी संस्था को कन्विंस कर दीजिए कि हमारे देश को सेक्स बोर्ड आप अलग । बोर्ड कहते हैं क्यों चाहिए? माधवन शुष्क स्वर में बोला, सर ये एक ह्यूमन साइकॉलोजी है कि इंसान जिन वजहों को लेकर जीता है वे कभी उसके लिए काफी नहीं होती । मुझे हमेशा जिंदगी में कुछ नाॅट करने की जरूरत होती है । दास उसे समझाने लगाओ । हमारा रोबोट ऐसा ही एक अट्रैक्शन है जो एक बोरिंग लाइफ को बोझ की तरह जी रहे लोगों के जीवन में एक नया रंग बढ सकता है । मैं मानना पडेगा आप लोगों को अपने फायदे की बात आप इस तरह से कहते हैं जैसे कोई बहुत बडी समाज सेवा करने जा रहे हो । माधवन ने व्यंगात्मक अंदाज में कहा, अभी हमने इसके फायदे बताना शुरू कहा कि हमारा वंश हाथ मेहता ने तिलमिलाते हुए कहा ऍम आ रहा आप की मशीन किसी और काम भी आ सकती है । माधवन ने नकली हैरानी जाहिर करते हुए पूछा, फॅसने दखलंदाजी की फॅसा मशीन ऍम रोबो जॅनरल है । हमारा बैठना क्या है? क्या पहले से ही मन में हमारे बारे में गलत ऍम किए हुए हैं? नहीं नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं । महादेवन जल्दी से बोला, मेरे यहाँ आने का मकसद यह है कि मैं आपकी बात पूरे खुले दिमाग से सुनना चाहता हूँ । अगर मुझे आपको ब्रैंड लिया पहुंची करना होता है तो यहाँ का रात के ऑफिस में बैठने जरूरत नहीं थी और मेहता दोनों ने उसकी ओर असमंजस्य देखा । ऍम माधवन ने मेहता को देखा । बनाए मेहरवानी आप मुझे मशीन सॉरी, हाइली एडवांस यु नॉ रोबो के वह फायदे बता हैं, जिनके बारे में हम बात कर रहे थे । शॉर्ड मेहता बोला फॅसा सबसे पहला फायदा तो यह है कि इससे फीमेल्स के आगे होने वाले क्राइम्स का रेट काफी कम हो जाएगा कैसे? माधवन ने पूछा, जैसा कि साॅस मानते है कि हर इंसान के भीतर एक वाइॅन् होता है, मैदा एक्सप्लेन करने लगा, जिसमें अक्सर एक शिकार करने की तरह होती है । हमारा लाभ बहुत ऐसे लोगों को एक ऑप्शन देगा कि वे अपनी तरफ को शांत कर सके और उनका सारा मूवमेन्ट इसी तक सिमट कराया जाएगा । इससे महिलाओं के अगेंस्ट होने वाले सेक्स क्राइम घटेंगे । फॅस महादेवन ने ऐतराज किया । ये भी हो सकता है कि उसकी तरफ को और भडकाते और वह और ज्यादा शिद्दत रियल वर्ल्ड में अपना शिकार खोजने लग जाए । आॅटो मछली नहीं है, उससे हंड्रेड पर्सेंट ऍफ कैसे कर सकती है? ऍम मेहता दृढता से बोला क्योंकि इसमें आॅनर लगे हैं तो सामने वाले के बिहेवियर को आॅस्कर के उसके अकॉर्डिंग रिस्पेक्ट करते हैं । अगर कोई लॉ बहुत को लव करेगा तो ये उसका वैसे ही जवाब देंगे और अगर कोई फोर्स करेगा तो ये सिंबॉलिक प्रोटेस्ट करेंगे और उसका दूसरा फायदा ये है तो ये इंडियन फॅमिली को टूटने से बच जाएंगे । ऍम फॅसने हाथ उठाते हुए कहा माधवन साहब आपको पाॅइंट हैं । आप को तो पता ही होगा कि इन्फिडेलिटी इंडियन फॅसे सच्चाई की तरह मौजूद है जिसको डिनाय नहीं कर सकता । ऍम इंडिया में सिक्सटी परसेंट से ज्यादा मेल और ऍम से ज्यादा फीमेल ना तो उसे आप मानते हैं और ना ही इमोरल ऍम बावजूद ॅ की वजह से ही टूटती है । इसकी वजह यह है कि इन तीन ऍफ अपने लिए होती है अपने स्टाॅक राइट और हमारी फॅमिली या काम करती है कि कैसे भी फॅमिली को टूटने से बचाया जा सकते लेकिन फॅमिली को कैसे बचा सकते हैं ये मैं अभी तक नहीं समझ पा रहा हूँ । माधवन ने कहा लोक मिस्टर माधवन मेहता बोला ये बात तो आप भी मानिंग इंसान का अपने स्पाउस बोर हो जाना या ॅ होना । फॅमिली सबसे बडी वजहों में से एक है । लेकिन जब हस्बैंड वाइफ लाइफ में कोई तीसरा था है तो फॅमिली टूटने के चांसिस कई गुना बढ जाते हैं । तो ऐसे मैं हमारे लाओ बोर्ड उनके बीच रहकर उन्हें एक ऑप्शन करेंगे लेकिन को चुनौती नहीं देंगे क्योंकि इसमें हजबैंड या भाई दोनों में से कोई भी अपने स्पाउस के फॅस को लेकर अंक कम्फर्टेबल या इनसे क्यों नहीं फील करेगा । इसके अलावा मिशन आडवाणी हमारे लाॅर्ड्स इतने ज्यादा एडवांस है की यूजर्स को सेक्स से जुडी उनकी वह सारी फॅमिली फिल करने का मौका देंगे जो वह ॅरियर या किसी और वजह से अपने स्पाउस के सामने एक्सप्रेस नहीं कर पाते । ऍम पूरी होगी तो वह ज्यादा खुश रहेंगे और अपने पार्टनर को भी खुश रहेंगे । मेहता के सुर में सुर मिलाते हुए दास ने कहा ऍम हो सकता है कि यूजर अपने लाॅट के साथ अपनी फॅमिली जाएँ और फिर उसे ऐसा हो । किस एरिया लाइफ पार्टनर के साथ भी किया जाए क्योंकि मशीन से उसे ऍम नहीं मिला जो चाहिए था । माधवन ने शंका जाहिर की ऐसे मगर उसका पार्टनर उसकी बाईस डिजाइन के सामने सरेंडर नहीं करता तो उनके रिलेशन्स में कडवाहट और माॅडलिंग बढेगी । ऍफ का मैं दास ने स्पष्ट किया क्योंकि लाॅट डेवलप करते हुए है । इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है कि इनके यूजर्स को किसी भी तरह की शिकायत ना हो । इसके लिए पूरे दो साल तक रोबोट अगर द्वारा इंडियन मेल साॅस के बीच रिलेशनशिप से उनके एक्सपेक्टेशंस, उनकी साॅस को लेकर नेशन वाइज सर्वे और रिसर्च कंडक्ट किए गए हैं । इसके बाद उन की आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस में वे सब डेटाबेस डाले गए हैं जिनके हेल्प से वो हर तरह के बिहेवियर को फाॅर्स कर सकते हैं । ऍफ दीजिए में हमें महसूस होती है । माधवन ने पूछा इसका भी हमारे लाख बॉट में पूरा ख्याल रखा गया है । दास आत्मविश्वास भरे स्वर में बोला । उसकी बात सुनकर माधवन के चेहरे के भाव बदलने लगे । दास की अनुभवी आंखों ने इस बदलाव को तार लिया और उसने गरम लोहे पर चोट की लाॅयन लेकिन सच तो यह हायर कि हमारे लाॅर्ड्स इतने परफेक्ट है कि आप जैसा ऍप्स पर्सन भी अगर उनके साथ कुछ इंटिमेट मोमेंट्स गुजारेगा तो फर्क नहीं कर पाएगा कि उसने एक मशीन के साथ वक्त गुजारा है या इंसान की । वो रहस्यमयी अंदाज में माधवन की ओर झुकते हुए बोला, आई कांट बिलीव इट । पूरी बातचीत में माधवन पहली बार नर्वस दिखाई दिया । दास ने मेहता और सुधीर की ओर देखा । वे दोनों उसका इशारा समझकर खडे हो गए ऍम अभी हमें कुछ काम से निकलना होगा । ऍम मेहता बोला और सुधीर के साथ कॉन्फ्रेंस रूम से बाहर निकल गया । मैं समाजवादी यकीन तो करने से होता है । डांस बोला अगर आप चाहे तो आपको यकीन दिलाने के लिए कुछ अरेंजमेंट कर सकते हैं । लेकिन महादेवन की आवाज में हिचकी चाहते थे । लाॅयन ये बात सिर्फ आपके और मेरे बीच ही रहेगी । दास ने उसे आश्वस्त किया फॅमिली इस वीकेंड पर आप फ्री हैं । मैं चेक करता हूँ । वैसे कोई इम्प्लाॅइज है तो नहीं । जी माधवन संकोच भरे स्वर में बोला कुछ भी हो तो बीस हमारे खाते उसे पोस्टपोन या प्रीपोन कर लीजिए । बस ये बताइए फॅसने आग्रहपूर्वक पूछा आॅन माधवन ने बताया, वैसे मैं अकेला ही रहता हूँ । इसलिए घर पर भी कोई प्रॉब्लम नहीं लाॅकर सब व्यवस्था हो जाएगी । दास ने उससे हाथ मिलाते हुए कहा दोनों उठे और एक साथ रूम से निकल गए तो

भाग - 02

हूँ । शनिवार तीस जनवरी दो हजार माधवन अपने घर के लिविंग रूम में सोफे पर बैठा मोबाइल पर कुछ देख रहा था । तभी दरवाजे की घंटी बजे उसने उठकर दरवाजा खोला तो देखा सामने ही खूबसूरत युवती खडी है हेल्लो सर माइसेल्फ रोहाना वो मुस्कुराते हुए बोले, फॅस क्या आप प्लीज कम? इन? माधवन ने उसे रास्ता देते हुए कहा बताइए किधर चलना है । रोहाना ने इधर उधर देखते हुए पूछा आते हैं उसकी बेतकल्लुफी से माधवन अचकचा गया । थोडा बैठो । कुछ देर बातें करते हैं । फिर देखेंगे शोर सर रोहाना बोली और सोफे पर बैठ गई । माधवन भी उसके सामने वाले सोफे पर बैठ गया । तुम्हारा नाम क्या है? माधवन ने पता होते हुए भी बात को आगे बढाने के मकसद से पूछा रोबोट खाना लेकिन आप मुझे रोहाना कह सकते हैं? हाँ, यही बेहतर रहेगा । माधवन हसते हुए बोला वरना जितनी मार भी तुम्हारा नाम लूंगा । हर बार ये याद आ जाएगा कि मैं एक मशीन से बात कर रहा हूँ । उसकी इस बात का उत्तर रोहाना ने अपने खिलखिलाती हंसी के साथ दिया । ऍम कितने साल किया? माधवन ने पूछा । साल नहीं सिर्फ तीन महीने उसने जवाब दिया । इंडिया ऑपरेशन के लिहाज से कंपनी के डेवलपर्स ने मुझे इंडियन विमिन के लोग और साइकॉलॉजी के साथ डवलप किया है । ऍम रो मैं कदम रखते ही मैं रूम का रास्ता नहीं पहुंचती । माधवन ने हंसते हुए कहा एस पर माइनॉरिटी डेटाबेस । आप बीती सदी के काॅलिंग इयर्स तक की बात कर रहे हैं । ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी में ऐसा शायद नहीं होता है । इंट्रेस्टिंग और क्या क्या है हमारे नॉलेज नेता वेज में माधवन की आंखों में सराहना के भाव आ गए । आॅल इंडिया रोहाना बोले, बट आई थिंक की मुझे हर पूछे गए सवाल को अकॉर्डिंग इस फोन करने लायक बनाया गया है । अभी तक मुझे लगता था कि एक रोगों सिर्फ गिने चुने सवाल गए रिकॉर्ड जवाब दे सकता है । में भी बहुत सारे रोबोट या चैट वो ऐसा ही करती हूँ । लेकिन हमारे डवलपर्स ने हमें एक एवरेज ह्यूमन ब्रेन से दस गुना ज्यादा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ डवलप किया है । रोहाना ने स्पष्ट किया, तुम्हारे बैग में क्या है? मेकअप का सामान माधवन की नजर उसकी बगल में लटके हैंडबैग पर पडी । क्या एक मशीन को भी मैं कब की जरूरत पडती है? नौं जिसमें मेरी बैटरी है? रोहाना ने बताया, ब्लूटूथ के जरिए इससे मुझे पावर मिलती हैं । वैसे ठीक फॅसने रोगों प्रे करने अपने लाॅ का पूरा ख्याल रखा है । ना तो मैं देख का पता चलता है और नई तुमसे बात करते हुए तो मैं इंसान नहीं हूँ । माधवन तारीफ भरे स्वर में बोला । रोहाना उठकर उसके पास आ गई और उसके गले में बाहें डालकर उसे होठों पर किस किया । कुछ पल बाद में अलग हुए तो रोहाना नॉर्मल थी । लेकिन माधवन किसान से तेजी से चल रही थी । कैसा लगा सर? रोहाना ने मुस्कुराते हुए पूछा अमेजिंग हॅूं । यही नहीं होता कि तुम माधवन ने खुद पर काबू पाने की कोशिश करते हुए जवाब दिया । लेकिन उसके बाद पूरी होने से पहले ही रोहाना ने फिर उसके होठों पर अपने होटल रखते हैं । इस बार माधवन के हाथ उसकी कमर से ले पढ चुके थे । अब चले या अभी और भी बातें करनी है । रोहाना ने उससे अलग होते हुए पूछा । माधवन ने कोई जवाब न देते हुए पहले उसकी पीठ सहलाई और फिर उसके बालों पर हाथ फिराते हुए उन्हें एक और हटाया और उसके कंधे पर किस किया हूँ । ऍम उसके बहनों को सुनते हुए माधवन मंत्रमुग्ध स्वर में बोला तो वैसी ही साॅफ्ट मजा अंदाजा नहीं था कि रॉबोटिक्स नहीं इतनी प्रोग्रेस कर ली है । थैंक्स आॅनलाइन मैं बारह समय किस कर सकता हूँ यूअर मोस्ट वेलकम सर माधवन ने पहले उसके होटों को हल्के से अपने होटल हुआ । फिर उसने अपने अंगूठे और तर्जनी से उसके होंठों को दबाकर गोल करते हुए ऊपर उठाया और उन पर अपने होटल करने लगा । कुछ ऐसा करने के बाद जब उसका मन भर गया तो उसने उसे गोद में उठा लिया और बैडरूम की और बढ गया । फॅसने तीन फरवरी दो हजार के शाम का समय था । मेहता और दास दोनों सभरवाल के घर पर उसके साथ बैठे हुए थे । उन्होंने सामने रखे अपने अपने ड्रिंक्स उठाए और एक साथ छेड बोलते हुए हो तो से लगा लीजिए मुबारक हो मिस्टर दास हाँ, फिर आपके विश्वामित्र जीतेगा नहीं गए सब्रवाल एक घूंट भरकर बोला हाँ हमारी खुशकिस्मती जो काम लालच और प्रेशर से नहीं होता रहा था, उसे एक औरत ने कर दिया । मेहता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, और आपने या रोबोट ने आप हमारे प्रोडक्ट को मशीन कहकर हमारी एक्सपर्टीज को अंडरएस्टीमेट कर रहे हैं । सभरवाल साहब दास बनावटी गुस्से से बोला और ऍम आप लोगों का हाथ कौन पड सकता? सबरवाल ने अपने कानो को हाथ लगाते हुए कहा, वैसे इस मामले में लेटर डेवलपमेंट किया है । लास्ट ने पूछा मौज वन कभी अपना ऍप्स है? पोलैंड फाइनल तो हाँ नहीं बोला है । सब भगवान बताने लगा लेकिन अपनी ट्रॅफी इस मौत के साथ दे दी है । रोबोट रिकाॅल बेस पर छह महीने तक ऑपरेशन चला सकती है और इसके नगर रिजल्ट सामने नहीं आए तो इसे परमानेंट किया जा सकता है । क्या बकवास है? दास बढते हुए बोला उसके ऍम पर हम छह महीने तक अपने सारे रिसॉर्ट से झोंकने और बाद में उसने फिर से अडंगा लगा दिया तो आप फिक्र मत कीजिए । सबरवाल ने उसे भरोसा दिलाया । वैसा कुछ नहीं होने वाला । आप उसकी साइड से भी तो सोचिए । अगर जो आदमी पिछले तीन महीने से लगातार आपको आप फोन कर रहा हूँ, वो अचानक आपको फेवर करने लगे तो लोगों को उस पर उंगली उठाने का मौका मिल जाएगा ना । वो अपनी इमेज को लेकर बहुत कौन सा है । इसलिए उसने इस डायरेक्शन में पहला स्टेप थोडा उठाया है । शायद आप ठीक कहते हैं । दस को उसके बाद में दम दिखाई दिया । तीनों फिर से ड्रिंक सिर्फ करने लगे । ऍम आपके ऍफ देखने मैं कैसे थे? सबरवाल ने अचानक पूछा कल मैं जवाब दें आप करीब एक लीजिएगा । दास ने चुटकीली और मैं तो माफी कीजिए । सबरवाल ने दोनों हाथ जोडते हुए कहा ऑॅल ऐसा कुछ भी दिमाग में लाने से पहले हजार बाद सोच नहीं पडती है । हाँ अगर माधवन की तरह ऑॅल वाले होते तो बात दूसरी थी हूँ । इस बात पर तीनों एक साथ पढे और आपने जाम खाली करने में जुट गए । एक महीने बाद मिस्टर दास अपने चैंबर में बैठा हुआ था । उसने फोन उठाकर कोई नंबर डायल किया ऍम एक मिनट बाद उसके चैंबर का डोर थोडा सा खुला और कंपनी के असिस्टेंट पीआरओ नीलांजना कुमार ने भीतर झांका मैं आई वो अंदर आने के लिए इजाजत मांग रहे थे या कमी नहीं फॅस । ऍम दास ने ड्रॉर से एक लिफाफा निकाला और उस की ओर बढा दिया । जाॅन सीएम दे तुम्हारे काम से बहुत खुश हैं । उसने नीलांजना को बधाई देते हुए कहा अप्रैल से ये हो जाएगा और तो मैं सैलरी मेरी फोर्टी परसेंट का नाॅट दिया गया है । ओ सोनाई सर सभी आपॅरेशन से हुआ है । निलांजना ने उसका शुक्रिया अदा करते हुए कहा एक सौ के हम आज इस विन विन सिचुएशन में है तो इसके पीछे तुम्हारे आईडिया और तुम्हारे कॉन्ट्रिब्यूशन का भी रोल कम नहीं है । कंपनी प्राउड ऑफ यू दास उसकी तारीफ करते हुए बोला फॅस बता दिए एक नहीं प्रॉब्लम आ गई है । फॅसने उसके चेहरे पर नजर बढाते हुए कहा कैसी प्रॉब्लम सर तो मैं एक बार फिर माधवन के पास जाना होगा । रोहाना बनकर तो सर इस हॉरिबल आॅर कोई ऑप्शन नहीं है । हमारे पास अभी उसकी ट्रॅफी है जिससे वो कभी भी कैंसर कर सकता । दास उसे समझाने लगा । उसने कल फोन पर रिक्वेस्ट किया है कि वह एक बार फिर रहना के साथ कुछ वक्त गुजारना चाहता है । बट सर, हमारे पास अब तो लव बॉस का कंसाइनमेंट नहीं आ चुका है । नीलांजना बोले उन में से किसी को नहीं भेजा जा सकता है क्या भेजा जा सकता है तो मैं बिल्कुल भी तो मैं इस काम के लिए नहीं कहता । दास बेबसी जाहिर करते हुए बोला एक तो उसने स्पैशली नाम लेकर डिमांड की है । दूसरी बात ये है अगर इस बार असली लाॅट भेजा गया तो वह चालाक आदमी है । समझ जाएगा कि पिछली बार उसने एक रियल गार्ड के साथ रात गुजारी थी । ऍम बॅाल पता नहीं कितने सालों का सेक्शुअल फ्रस्ट्रेशन लेकर जी रहा है । नीलांजना प्रतिरोधात्मक स्वर में बोली हैं, डांस के मुझे आवाज नहीं मिलेगा । जानते हैं सर उसने मुझसे क्या कहा था नीलांजना बताने लगी । कह रहा था कि एडोलसेंट तेज से ही उसे मूवीज और ट्रैक्टर्स वगैरा में रेप सीन बहुत एक्साइट करते हैं । उसकी एक फैंटसी है कि वह किसी गढकर रेप करेंगे । उसका कहना था कि आज वो एक मशीन के साथ ही सही अपनी वह फैंटसी पूरी कर सकता है । फॅसने चौंककर पूछा । फॅमिली निलांजना ने बताया बढी थिंक सो अपनी फॅमिली को फुल फील करने के चक्कर में उसने इतना वायॅस किया कि मुझे टेटनस के इंजेक्शन लगवाना पडा और कम से कम दो हफ्ते उन निशानों के मिटने में लग गए जो आपके इस माधवन ने मेरी बॉडी पर छोडे थे और मेरी मजबूरी ये थी कि मैं रोबोट होने का दिखावा कर रही थी इसलिए प्रोटेस्ट भी नहीं कर सकती थी । मेरे सारे पॅन और करा हूँ से वो और ज्यादा एक्साइट हो रहा था और उसे एक लाॅट का परफेक्शन मान रहा था । आॅफर ही हो लेकिन फिर क्या किया जाए? दास ने पूछा लाभ हॉट की जगह रियल गाडी भेजने का आइडिया भी तो तुम्हारा था और हम किसी आउटसाइडर को इस सेंसिटिव ऍम करने का नहीं ले सकते थे । राइट्स इसीलिए मैं खुद उसके पास गई थी । आज अगर तुम चली भी जाओ तो जरूरी नहीं है कि ये आखिरी बार हो, उसे तुम पसंद आ रही हो । वो कभी भी तुम्हारे डिमांड कर सकता है जिसे पूरा करने के अलावा हमारे पास कोई और रास्ता नहीं होगा क्योंकि हमें आगे भी इस देश में बिजनेस करना है । डांस के स्वर में लाचारी साफ महसूस की जा सकती थी । इस से बचने का एक रास्ता है सर, अगर आप इसकी परमिशन दे तो बोलो ना । मैं माफी चाहती हूँ कि मैंने कंपनी को कॉन्फिडेंस में लिए बिना ये क्या निलांजना थोडा आगे झुकते हुए बोले लेकिन जिस रात में उसके पास गई थी मैंने अपने बैग में एक स्पाई कैमरा अटैच कर लिया था जिससे आगे रिसर्च में हेल्प के पर्पस से उसके एक्सप्रेशन रिकॉर्ड कर सकूँ । इसमें उस की हर एक्टिविटी रिकॉर्ड हो गई है । यू मीन जी सर, मैं आज तो उसके पास चली जाती हूँ लेकिन किसी भी एडवांस मूड से पहले ही अपनी आइडेंटिटी रिवील कर दूंगी । अगर वो अपने लास्ट टाइम वाले भी है पर रिग्रेट करता है तो ठीक है । लेकिन अगर उसने कुछ उल्टा सीधा बोला ऍम कराने की ठंड भी तो फिर मैं उल्टे उसे समझा दूंगी कि मेरे पास उसकी वो रिकॉर्डिंग है जिसमें उसने गलतफहमी में ही सही पर मेरे साथ नहीं किया है । अगर ये टेप सामने आ गई तो इसके लिए उसे पूरे दस साल की जेल हो सकती है और पूरा सोशल पॉलिटिकल करियर खत्म होगा । वह अलग । मुझे नहीं लगता है कि इस बात को जानने के बाद वो फिर कभी रोबोट लेकर के रास्ते में आने की कोशिश करेगा । नीलांजना अपनी बात खत्म करके सीधी होकर बैठ गई । इस समय उसके चेहरे पर आत्मविश्वास कि मतदान छाई हुई थी । युवा इंजीनियर्स तुमने एक बार फिर साबित कर दिया कि हम रोबोट को कितना इंटेलिजेंट बना ले लेकिन वो इंसान के सोचने की हद तक कभी नहीं पहुंच सकता । दस । उसकी तारीफ करते हुए बोला इसकी वजह है सर । रोबोट के सामने सर्वाइवल का वह सवाल नहीं होता जिसका सामना हम इंसानों को हर रोज कदम कदम पर करना पडता है । नीलांजना ने उठते हुए जवाब दिया और दास की ओर देखा जिसके पास उसकी बात का कोई जवाब नहीं था ।

भाग - 03

हूॅं इंसान और मशीनों का रिश्ता सैकडों साल पुराना है । इंसान मशीनें बनाता है और मशीनें इंसान के काम आते हैं । लेकिन जब इंसान मशीनों को इंसान बनाने लगे और खुद मशीन में बदलता जाएँ तो किस तरह की स्थिति उत्पन्न होंगी, फिलहाल इसके बारे में कुछ कहना मुश्किल है । लेकिन इतना तय है कि जो भी होगा वो कम से कम हमारे हित में तो नहीं होगा । आप समझ ही गए होंगे कि यहाँ हम यंत्र मानव यानी रोबोट्स की बात कर रहे हैं । वे वो वोट जिनकी सर्वप्रथम कल्पना करीब सौ साल पहले उन्नीस सौ किसमें चेक लेखक फॅसने अपने विज्ञान नाटक हाँ, जो यानी कि रोशन के यूनिवर्सल रोबोट में की थी । इसके बाद रोबोट को लेकर अनेक कहानियाँ और फिल्में बनी और आज भी बन रहे हैं, जिनमें वे कभी हम दर्द की तरह नजर आते हैं तो कभी सिर दर्द की तरह । विज्ञान फिल्में बनाने वालों के तीन सबसे ज्यादा पसंदीदा टॉपिक्स, टाइम मशीन, स्पेस और रोबोट्स में शामिल रोबोट्स की लोकप्रियता सबसे ज्यादा है, क्योंकि इनके साथ इंसान का रिश्ता द्विपक्षीय होता है और था । ये उसकी बात या व्यवहार पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं । वैश्विक सिनेमा में तो रोबोट के एंट्री दशकों पहले मेट्रोपॉलिस उन्नीस सौ सत्ताईस और रोमैन रोबोट मॉन्स्टर उन्नीस सौ तिरेपन जैसी फिल्मों से ही नजर में आने लगी थी । लेकिन जॉन यू किसकी स्टार वॉर्स ने इसे दुनिया भर में पहुंचा दिया और जेम्स कैमरून कि डर टर्मिनेटर उन्नीस सौ चौरासी इसके एक नए संस्करण साइबॉर्ग को जो रोबोट और इंसान दोनों की खूबियों से युक्त है सामने लाये जो उन्हें डाॅ से शॉर्ट सर्किट रोगों स्पॅाट से दाॅये वॉल दो हजार एक ट्रांसफॉर्मर्स दो हजार सात जी जो ए आए दो हजार आठ ॅरियर स्टील दो हजार ग्यारह ऍफ फ्यूचर पास दो हजार चौदह चाय पी दो हजार पंद्रह उन फिल्मों में शामिल है जो इस विषय पर सर्वश्रेष्ठ रचनाएं मानी जाती है । इनमें रोबोट्स के अलग अलग रूप, सोच, व्यवहार और भूमिकाओं को प्रस्तुत किया गया है । इस विषय पर बनी फिल्मों में से कई की कहानी आज वास्तविकता के रूप में हमारे सामने हैं । जो रोबोट एक समय तक विज्ञान फॅस के जरिए सिर्फ हमारी कल्पनाओं में प्रवेश कर रहे थे और हमारे आस पास अपनी अपनी भूमिकाओं को निभाते देखे जा रहे हैं । सालों से हर हफ्ते तकरीबन आधा दर्जन ऐसी खबरें आ रही हैं जो रोबोट वर्ल्ड में तेजी से हो रही प्रगति और विकास से ताल्लुक रखती है । कभी हमें नहीं फुटबॉल के मैदान में गोल करते हुए देखते हैं । कभी क्लब में डांस करते हुए कहीं ये प्यानो बजा रहे हैं तो कहीं घूम से चला रहे हैं । किसी होटल में खाना पका रहे हैं तो किसी रेस्ट्रों में ग्राहकों को ऑर्डर सब कर रहे हैं । कहीं मरीजों की तिमारदारी कर रहे हैं तो कहीं बच्चों को पढा रहे हैं । कहीं कानून व्यवस्था संभाल रहे हैं तो कहीं ट्रैफिक । कहीं ये कविताएं रच रहे हैं तो कहीं खबरें तैयार कर रहे हैं । कहीं मशीनें चला रहे हैं तो कहीं गन से निशाना साध रहे हैं । और तो और अब ऐसे रोबोट्स भी बनाए जा रहे हैं जो हमारे लिए फॅस पार्टनर के तौर पर काम कर सकते हैं । आकाश, अंतरिक्ष, धरती, समंदर ये हर जगह मौजूद हैं । एक और दो इन्हें इंसानों का एक बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है । वहीं ये भी चिंता व्यक्त की जाने लगी है कि कहीं इन की बढती मौजूदगी हमारे लिए किसी खतरे की घंटी तो नहीं । हर साल रॉबोटिक्स के जरिए अपनाए जा रहे ऑटोमेशन की वजह से हजारों नौकरियां जाने की खबरें आना शुरू हो गई है । समाज शास्त्री और अर्थशास्त्री इस स्थिति के और भी भयावह होने की चेतावनियां देने लगे हैं । आई रोबोट के लिए प्रसिद्ध एक और विज्ञान कथा लेखक फॅसने उन्नीस सौ बयालीस में प्रकाशित अपनी रचना रन राउंड में पहली बार रोबोट के लिए तीन मौलिक कानून निर्धारित किए, जिनके अनुसार कोई रोबोट जानबूझकर या अनजाने में किसी मनुष्य को नुकसान नहीं पहुंचा सकता था । लेकिन बीते दिनों ऐसी भी कुछ खबरें आई हैं, जिनमें रोबोट ने ऐसे कामों को अंजाम दिया जो उनके लिए निर्धारित निर्देशों, प्रोग्राम इंस्ट्रक्शंस में शामिल नहीं थे । इससे पता चलता है कि ये नियम सिर्फ किताबी है । मासिक दुनिया में रोबोट अपनी मर्जी से कुछ भी कदम उठा सकते हैं या उन्हें हैक करके उनसे ऐसे काम करवाए जा सकते हैं, जो उनके डबलपर्स ने उन्हें बनाते समय उनके लिए निर्धारित नहीं किए होंगे । बीसवीं सदी के अंतिम वर्षों में नैनो प्रौद्योगिकी और इस सदी के मौजूदा वक्त में ए आए यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढते प्रचलन और प्रभाव ने रोबोटिक्स की दुनिया में एक जबरदस्त बदलाव का सूत्रपात किया है और वैज्ञानिक ऐसे रोबोट बनाने में सफल हो रहे हैं जो बुद्धि चातुर्य या और शारीरिक दक्षता के मामले में एक औसत इंसान से थोडे ही पीछे कहीं जा सकते हैं । अगर मैं आपसे कहूं कि हमारे बीच ऐसे बहुत से लोग मौजूद हैं जो इंसान है ही नहीं, बल्कि इंसानों जैसे दिखने वाले और इंसानों की तरह व्यवहार करने वाले रोबोट्स है । तो शायद आप इसे मजाक समझ या हो सकता है कि मुझे पागल समझे । लेकिन मेरा दावा है कि दस साल बाद आप खुद इस बात को सच होता हुआ देखेंगे और अपने पास बैठे शख्स के बारे में यकीनी तौर पर तय नहीं कर पाएंगे कि वो कोई रोबोट है या मानव हो गया । मेरे बोलना बंद करते ही रोशल ने मेरी और देखते हुए मुझसे पूछा हो गया है कि मैंने मुस्कुराते हुए उस की ओर देखा तो आप बैठे मैं आपके लिए कॉफी बना कर ले आता हूँ कहकर वह भीतर किचन में चला गया । रोशन हमारे पडोसी श्रीमान राम स्वरूप चौधरी जो कि हाल ही में रिटायर्ड जज और शौकिया लेखक हैं, का निजी सहायक है और उनके घर में ही रहता है । सुबह सुबह अपना ये भाषण जिसे मुझे शाम को ही यूनिवर्सिटी के एक विज्ञान कार्यक्रम में देना था । तैयार करने के बाद जब मैं ऐसे टाइपिंग के लिए जब साहब कहाँ लेकर आया तो वे किसी जरूरी काम से बाहर निकल रहे थे । मैंने उनसे अपने काम के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि रोशल घर पर ही है । वो मेरा भाषण टाइप करके प्रिंट दे देगा । शक्कर कितनी लेंगे? भीतर से उसकी आवाज आई एक चम्मच काफी है । मैंने जवाब दिया और वो कॉफी लेकर मेरे सामने हाजिर हो गया । सिर्फ एक कप तो नहीं हो गई । मैंने पूछा जी नहीं, मैं कॉफी नहीं था । उसने जवाब दिया, मैं कॉफी की चुस्कियां लेने लगा । मुझे लग रहा था कि वो लगातार मुझे देख रहा है । मैं थोडा असहज महसूस करने लगा । शायद तो मुझे कुछ कहना चाहते हूँ । जी हाँ तो बोलो ना । मुझे लगा कि शायद वो टाइपिंग के बदले मुझसे पैसे या कोई और काम करने के लिए बोलना चाह रहा होगा । मुझे विश्वास है कि आप मेरी बात का बुरा नहीं मानेंगे क्योंकि ये आपके लेख के बारे में है । वो सब कुछ आते हुए बोला तो मुझे झटका सा लगता है कि क्या ये मुमकिन है कि टाइप करते करते उसने लेख को इतना समझ लिया हूँ कि वो उसके बारे में अपनी राय दे सके । फिर भी मैंने उसे प्रोत्साहित किया कि वो जो कहना चाहता है, बेहिचक कह सकता है । मैं इसके आखिरी पैरा से सहमत नहीं हूँ जिसमें आप ने कहा है कि दस साल बाद हमारे बीच हमारे साथ ऐसे रोबोट मौजूद होंगे जिन्हें हम पहचान नहीं पाएंगे । तो मैं ऐसा क्यों लगता है? क्या तुम सोचते हो की इस स्थिति को आने में पचास साल लगने वाले हैं? मैंने एक तरह से उसका उपहास उडाते हुए कहा हरगिज नहीं । उसने मेरे उपहास से विचलित हुए बिना दृढता से कहा मेरा कहना है कि ये स्थिति काफी पहले आ चुकी है । अविचलित होने के बारे में मेरी थी । उसके स्वर्ग की दृढता बता रही थी कि जो कुछ वो कह रहा है उसके पीछे कोई ठोस आधार हैं तो मैं ऐसा कैसे कह सकते हो? मैंने पूछा इसके लिए मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ । वो बोला उसकी इस बात पर मेरी हंसी छूट गए तो यह मोर किसी ॅ को असल मान बैठा है । ऍम इस तरह की कहानियां तो मैंने भी बहुत पडी है । लेकिन कहानी और हकीकत में बहुत फर्क होता है । मैं किसी तरह अपनी हंसी पर काबू पाते हुए बोला लेकिन ये कहानी पूरी तरह सबसे घटनाक्रम पर आधारित है । उसने इस बार भी मेरी हंसी की परवाह न करते हैं । उत्तर दिया ठीक है फिर सुना हूँ । मैंने कहा और कॉफी सिर्फ करने लगा । वैसे भी दोपहर तक मेरे पास काफी वक्त था । सोचा कि इसकी कहानी सुनकर ही टाइम पास कर लिया जाए । जस्टिस राम स्वरूप चौधरी की विद्वत्ता का लोहा सब मानते थे । खासकर चीजों का समझने और तथ्यों के आधार पर फैसला लेने की उनकी क्षमता के उनके प्रतिद्वंदी भी कायल थे । इसलिए जब भी कोई जटिल मसला सुलझाने के लिए किसी अनुभवी और विवेकशील न्यायाधीश की जरूरत पडती थी, जस्टिस चौधरी को ही याद किया जाता था । अक्सर अलग अलग मसलों पर गठित की जाने वाली विशेष अदालतों की ज्यूरी में उन्हें जरूर शामिल किया जाता था । ये भी ऐसी अदालत थी जैसे उन की अध्यक्षता में एक लगभग दुर्लभ किस्म के मामले में अपना फैसला सुनाना था । ये मामला इंडस्ट्रियल यूज वाले वो वोट बनाने वाली कंपनी रोबोट रीना और एक कार फैक्ट्री प्रोमो प्रोग्रेसिव मोटर्स बनाम ब्रो वो की ट्रेड यूनियन के बीच था । यूनियन की मांग थी कि इस रोबोट ने उनके साथ ही की हत्या की है, इसलिए इसे नष्ट किया जाए । इसके आगे कंपनी में किसी रोबोट की नियुक्ति न की जाए और मारे गए साथी के परिवार को भारी भरकम मुआवजा दिया जाए । प्रोमो ना मांगी गई मुआवजे की रकम देने के लिए तैयार थी, ना अपने ऑटोमेशन के प्रोग्राम को शिथिल करने के लिए । अलबत्ता इस रोबोट को नष्ट करने में उसे सबसे कम नुकसान नजर आया था । लेकिन इसके लिए भी रोबोट रीना की सहमती जरूरी थी । साथ ही वह यह भी चाहती थी कि अगर मुआवजा देना ही पडे तो वह रोबोट रीना की जेब से जाए क्योंकि आखिरकार रोबोट उसी का बनाया हुआ था । और ऐसा हो जाता है तो आगे के लिए भी ऐसी किसी भी स्थिति में प्रोमो इसकी जिम्मेदारी रोबोट रीना पर डाल सकते थे । रोबोट रीना के लिए ये उसकी साख और भविष्य के कारोबारी संभावनाओं को खतरे में डालने जैसा होता है । इसलिए उसका ऐसी किसी भी मांग के आगे झुकने का कोई सवाल ही नहीं था । इस विवाद को सुलझाने के लिए उन्होंने मिलकर तय किया कि मामला अदालत में ले जाया जाए और वह जो भी फैसला करें उसे सब मान ले । एक पक्ष में रोबोट रीना और प्रोमोट थे । दूसरे पक्ष में ट्रेड यूनियन दोनों कंपनियाँ इस मामले में जिस एक बात पर सहमत थी वो ये थी कि किसी भी तरह इसे एक हादसा ही साबित किया जा सके । वही दोनों के हित में होगा । एक रोबोट द्वारा किसी मनुष्य की हत्या किए जाने का मामला इससे पहले कभी सामने नहीं आया था । फैसला किसी के भी हक में होता उससे इंसानों के बीच रोबोट्स कि अपरिहार्य स्वीकार्यता बढाने के प्रयासों पर असर पडना लाजमी था । इसलिए तय किया गया कि पूरी सुनवाई एक बंद कमरे में हूँ और इसमें सिर्फ इससे संबंधित लोगों को ही भाग लेने की अनुमति दी जाए । इन संबंधित लोगों में जस्टिस चौधरी के अलावा दो और जूरी मेंबर, दोनों पक्षों के वकील, रोबोट रीना और प्रोमों के दो दो डायरेक्टर और दो ट्रेड यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी थे । और हाँ वह भी था जिसके हत्यारा होने या न होने का फैसला होना था । वो जस्टिस चौधरी के ठीक सामने बैठा था । अदालत को न सिर्फ उसके भविष्य का फैसला करना था बल्कि आगे ऐसी घटनाएं होने की स्थिति में जवाबदेही भी तय करनी थी । मीडिया से जुडे लोगों को इस सुनवाई की खबर तक नहीं लगने दी गई थी क्योंकि रोबोट रीना और प्रोमो दोनों का ही ये अनुरोध था कि यदि ये बात जनता में गए तो उन के व्यावसायिक हितों पर गहरा असर पड सकता है । बहरहाल शुरुआती औपचारिकताओं के बाद कार्रवाई आरंभ हुई तो जस्टिस चौधरी ने यूनियन के वकील से पूछा है, एक खुर्राट अधेड था जिसकी शकल ही इस बात की चुगली करती थी कि उसकी सारी जिंदगी सिन्हा को सफेद और सफेद कोसिया करते हुए भी थी । होगी ऍम मामले में हर चीज तो है नहीं की तरह साफ है । इस रोबोट ने एक इंसान की हत्या की है जिसके लिए इसे वही दंड मिलना चाहिए जो एक हत्यारे को दिया जाता है । उसने लगभग चीखते हुए कहा, जैसा की रोबोट रीना और प्रोमो दोनों का कहना है ये एक हादसा भी तो हो सकता है । जस्टिस चौधरी ने उसे टोकते हुए कहा, बिल्कुल हो सकता था । लेकिन गवाह और सबूत बताते हैं कि ये एक सुनियोजित हत्या है । जिसके तैयारी मुजरिम एक हफ्ते से कह रहा था और मौका मिलते ही उसने अपने इरादे को अंजाम दे दिया । एक मशीन ऐसा क्यों करेगी? एक जूरी मेंबर ने पूछा हूँ बदला रिवेंज वकील ने नाटकीय अंदाज में एक एक शब्द हवा में उछाला । क्या भूल रहे हैं कि आप एक मशीन के बारे में बात कर रहे हैं? जस्टिस चौधरी ने पूछा नहीं होना उसने दृढता से कहा और दोहराया कि ये रोबोट ही उस शख्स का हत्यारा है जिसके कातिल को सजा देने के लिए ये अदालत बुलाई गई है । इसके उस वकील ने कुलजमा दस मिनट में अदालत को ये बात समझाएं कि कैसे आरोपी रोबोट के पिछले एक हफ्ते से अपने सुपरवाइजर जिसकी जान गई थी या ली गई थी, से तनावपूर्ण संबंध चल रहे थे और कैसे वह लगातार उसके आदेशों की अवहेलना कर रहा था । अपनी बात की पुष्टि के लिए उसने यूनियन के दोनों पदाधिकारियों को भी बतौर गवाह पेश किया जिन्होंने इस बात के पक्ष में बयान दिए की हत्या से एक दिन पहले ही इस रोबोट ने मकतूल सुपर वाइजर के डांटने पर उसे देख लेने की धमकी दी थी । जब अपनी बात खत्म कर चुका तो जस्टिस चौधरी ने अपने सामने बैठे आरोपी पर नजर डालें उसके भावहीन चेहरे को देखते हुए यह तय कर पाना मुश्किल था उसकी उसके अपने खिलाफ लगाए गए इन आरोपों से या उसके गुणागार या बेगुनाह होने के फैसले से कोई फर्क पडने वाला है ।

भाग - 04

वो जस्टिस चौधरी को वह बहुत मेरी है लगा । लेकिन फिर उन्हें अपने ही खयालों पर मन ही मन हसी आ गए कि वह कैसे एक मशीन को लेकर भावुक हो रहे हैं । अब उन्होंने दोनों कंपनियों के साझा वकील की तरफ नजर उठाए । ये एक काबिल नौजवान वकील था जो वकालत के अलावा दूसरे विषयों में भी गहन रूचि और समझ रखता था । नौजवान आपको इस बारे में क्या कहना है? उन्होंने पूछा ॅ ऍम नौजवान वकील ने कहा, यानी आप अदालत का फैसला सुनने से पहले ही अपना फैसला सुना रहे हैं । एक साथ ही जूरी मेंबर ने उससे पूछा, सौं वह हकलाने लगा? मेरा ये मतलब नहीं था । घबराइए मत, आप जो कहना चाहते हैं इत्मीनान से कहिए । जस्टिस चौधरी ने उसकी बौखलाहट पर तरस खाते हुए कहा, और अपने पास बैठे जूरी मेंबर को इशारे से संयम बरतने की ताकीद की फॅार मेरा यही कहना है कि मेरे सीनियर वकील साहब ने आरोपी पर जिस तरह एक तरफ आॅप्शंस लगाते हुए उसे गिनती करार दे दिया है, उसकी कोई सॉलिड वेस्ट नहीं है और उनके पेशकिये गवाह जिस तनातनी की बात कर रहे हैं, उसका कभी कोई वजूद नहीं रहा है । नौजवान वकील ने पूरे आत्मविश्वास से इस बारे में अपनी दलीलें देना आरंभ कर दिया । उसकी पूरी बात का लब्बोलुवाब यह था कि आरोपी रोबोट को फैक्ट्री में लाए जाने के तुरंत बाद से ही लोगों के वर्कर ट्रेड यूनियन के साथ मिलकर लगातार उसके खिलाफ माहौल बनाने और मैनेजमेंट पर प्रेशर डालने में लगे थे कि जैसे भी हो उसकी छुट्टी की जाए और फैक्ट्री में ज्यादा से ज्यादा रोबोट टू पॉइंट करने की कंपनी के प्रोग्राम को बंद किया जाए हूँ । इस एक्सिडेंट में जैसे हत्या साबित करने की कोशिश की जा रही हैं । हुआ ये था कि आरोपी के हाथ से एक हैवी मेटल प्लेट जिस पर शायद कहीं कोई लुब्रिकेंट लगा हुआ था या लगाया गया था, स्लिप हो गई और उसी वक्त वहां से गुजर रहे सुपरवाइजर के सर पर जा गिरी थी जिससे उसकी मौत हो गई । लेकिन इस एक्सिडेंट ने आरोपी के विरोधियों को उसे निपटाने का मौका दे दिया । गवाही के दौरान प्रोमो के डायरेक्टर्स ने भी इस बात की पुष्टि की कि यूनियन आरोपी को नियुक्त किए जाने, ऑटोमेशन के प्रोग्राम को आगे बढाए जाने की फैक्ट्री की योजना से खुश नहीं थे । क्या ये मुमकिन है कि आरोपी ने खुदी कामना किया हो लेकिन उससे करा रहा हूँ । जस्टिस चौधरी ने उसके जोशीले अंदाज से प्रभावित होते हुए पूछा । उन्हें कई ऐसी खबरें थी जिनमें एक एथिकल हैकर्स ग्रुप ने रोबोट रीना जैसे ही एक कंपनी के करीब आधा दर्जन रोबोट को हैक करके उनसे ऐसे काम करवाए थे जिनके लिए उन्हें प्रोग्राम नहीं किया गया था । जस्टिस चौधरी ने वहां मौजूद लोगों को इस खबर को साझा करते हुए अपनी आशंका जाहिर की । बिल्कुल मुमकिन है । नौजवान वकील ने उनकी अवेयरनेस के लिए मन ही मन उनकी सराहना करते हुए कहा, लेकिन इस मामले में इसकी गुंजाइश इसलिए कम है की आरोपी के विरोधी टेक्निकली और फॅमिली इतने ज्यादा कैपेबल नहीं हैं कि उसकी प्रोग्रामिंग में कुछ भी छेडछाड कर सकें । बरवे किसी केवल पर्सन की मदद तो ले सकते हैं । दूसरे जूरी मेंबर ने संभावना व्यक्त की । इसी बीच रोबोट रीना के डायरेक्टर ने अपना हाथ होता क्या? जस्टिस चौधरी ने उसे बोलने की इजाजत दी फॅार आपने जिस खबर का जिक्र किया है उसमें जो हैकर सिंह बहुत थे, उन्होंने अपने इस एक के बाद ऍम यूज वाले रोबोट बनाने वाली ऑलमोस्ट सभी इंडियन कंपनी को फोन किया था कि उनके प्रॉडक्ट्स को हैॅ किसी भी तरह के खतरनाक मिशन में यूज किया जा सकता है । अफसोस की बात ये है कि ज्यादातर रोबोट्स कंपनी ने उनकी वॉर्निंग को सिर्फ इसलिए नहीं लिया था, लेकिन फॅमिली रोबोट रीना ने इस बात की इस क्रिसमस को समझा और अपने सभी रोबोट्स में ऐसे लॉकिंग सिस्टम है किए जिससे उन्हें हैक कर पाना असंभव है । इसका मतलब साफ फॅार आरोपी ने खुद अपनी मर्जी से ही मकतूल की हत्या की है । किसी ने इसके लिए मॉडिफाई नहीं किया । यूनियन का वकील जोश में बोला, जो बहुत देर से बोलने के मौके का इंतजार कर रहा था । क्या यह उचित नहीं होगा कि हम आरोपी को भी अपनी सफाई में कुछ कहने का मौका दें? एक जूरी मेंबर ने अपनी राय दी । जस्टिस चौधरी को उसकी राय पसंद आए और उन्होंने आरोपी रोबोट से पूछा कि क्या वो इस बारे में कुछ कहना चाहता है? मैं सिर्फ वही करता हूँ । ऐसे करने के इंस्ट्रक्शन्स के साथ मुझे बनाया गया है । उसने अपनी यांत्रिक आवाज में उत्तर दिया, मेरे ख्याल से यहाँ मौजूद सभी पक्ष अपनी बात अदालत के सामने रख चुके हैं । जस्टिस चौधरी ने गलत अहंकार का कहना शुरू किया हूँ । इस बात में कोई दो राय नहीं है कि एक इंसान की जान गई है और इस मशीन की वजह से गई है । सवाल यह है कि यह जान इस मशीन ली है या नहीं । इसका फैसला करने के लिए अदालत को कुछ देर का वक्त चाहिए होगा तो जेंटलमैन आधे घंटे बाद यहीं मिलते हैं । कहकर उन्होंने दोनों जूरी मेंबर्स की ओर देखा । उन्होंने भी सहमती में अपना सिर हिलाया । जस्टिस चौधरी ने घंटी बजाकर अर्दली को बुलाया और तीन ग्रीन टी लाने को कहा । जूरी का इशारा समझकर जोरि के अलावा सभी लोग उस कमरे से बाहर निकल गए हूँ । दो तो हम सभी ने सभी पक्षों को ध्यान से सुना है । उन्होंने बोलना शुरू किया । आरोपी रोबोट ने ये हत्या की है या नहीं, ये एक डिगर मसला है । लेकिन इस सच्चाई से कोई इनकार नहीं कर सकता कि रोबोट्स की वजह से इंसानों में खासकर जो छोटी मोटी नौकरियां करके अपना गुजारा कर रहे हैं, बहुत बेचैनी है । इनकी वजह से हजारों लोगों पर बेरोजगारी का खतरा मंडरा रहा है । हाँ, ये सच है । बीते दिनों मैंने भी एक रिपोर्ट पडी थी कि हर एक हजार लोगों के बीच एक रोबोट की नियुक्ति उनमें से चाय लोगों को बेरोजगार कर देती है । एक जूरी मेंबर ने अपनी जानकारी साझा करते हुए कहा, और अमेरिका, मैं तो इन दो तीन सालों में इसके वजह से पचास लाख लोगों के जॉब होने की आशंका जताई जा रही है । फॅमिली जस्टिस चौधरी उत्साहित होकर बोले, यही मैं कहना चाहता हूँ कि एक रोबोट के न होने से किसी की जिंदगी पर कोई फर्क नहीं पडता, लेकिन उसका न होना बहुत से लोगों की जिंदगी को बत्तर होने से बचा सकता है । आप सच कह रहे हैं । दूसरा जूरी मेंबर बोला, लेकिन क्या एक रोबोट को कातिल करार देने से समस्या का समाधान हो जाएगा? यहाँ सवाल एक रोबोट का नहीं बल्कि एक ऐसे फैसले है जो आगे के लिए भी एक नजीर बनने वाला है । उन्होंने कहा, लेकिन सवाल यह भी हाय, क्या हमारे फैसलों का हमारे पूर्वाग्रहों से प्रभावित होना सही कहा जा सकता है? तभी दरवाजे पर दस्तक हुई और अर्दली ने चाय की ट्रे के साथ भीतर प्रवेश किया । चाय की ट्रे टेबल पर रखते हुए उसने जस्टिस चौधरी के पास झुककर धीरे से कुछ कहा । उन्होंने सहमति में सिर हिलाया और अर्दली कमरे से बाहर निकल गया हूँ हूँ । जब वापस लौटा तो उसके साथ एक खूबसूरत युवती थे । उसे देखते ही इस बंद वातानुकूलित कमरे में भी जस्टिस चौधरी के माथे पर पसीने की बूंदें छुप छुप हाँ आई फॅसा पहचाना मुझे उसने मादक स्वर में कहा रोज ना धो । यहाँ जस्टिस चौधरी ने आशांकित स्वर में कहा घटना ये मच्छर साहब मैं आपका ज्यादा वक्त नहीं होंगी । उसने जल्दी से कहा मैं सिर्फ ये कहने आई हूँ की आप एक बार गलत फैसला सुना चुके हैं । कोशिश कीजिएगा गलती दोबारा ना हो । यह कहकर वह तेजी से कमरे से बाहर निकलते हैं । जस्टिस चौधरी ने आंखे बंद करके अपना सिर्फ कुर्सी की पुश्त से टिका दिया । जब साहब क्या हुआ कौन थी? ये लडकी है? एक ज्यूरी मेंबर ने चिंतित स्वर में पूछा मेरे एक फैसले की प्रभावित या शिकार वो बस इतना ही कह पाए लेकिन फिर संयत होकर उन्होंने जूरी को बताया की रोजी ना एक रोबोट थे जो एक कंपनी में काम करते थे और करीब तीन महीने पहले अपने साथ कंपनी के सीओ द्वारा बलात्कार किए जाने की फरियाद लेकर उनके पास आई थी । ऐसे ही एक बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद उन्होंने बिना ज्यादा विचार किए यही फैसला सुनाया था कि एक मशीन के साथ बलात्कार नहीं किया जा सकता है । उसकी शिकायत जरूर किसी कॉरपोरेट कॉन्सपिरेसी का हिस्सा है जिसे ज्यादा गंभीरता से लिए जाने की जरूरत नहीं है । तो क्या आपको लगता है कि आपने गलत फैसला सुनाया था? एक जूरी मेंबर ने पूछा पता नहीं लेकिन आज अगर मैं रोबोट को कातिल करार देता हूँ तो यकीनन मेरा एक फैसला तो गलत साबित हो ही जाएगा । उन्होंने धीमे स्वर में कहना शुरू किया, क्योंकि अगर मैं ये मानता हूँ कि एक मशीन के साथ रेप नहीं हो सकता तो मैं ये कैसे कह सकता हूँ कि एक मशीन ने किसी इंसान की हत्या किया है । फिर क्या किया जाए? दूसरे जूरी मेंबर ने पूछा, सच तो यह है कि हमारे पास आरोपी को हत्यारा मानने की कोई वजह नहीं है । पहले ने कहा ये तो हम इंसान होने के नाते से इंसानों के पक्ष में सोच रहे थे । जस्टिस चौधरी ने और दूसरे जूरी मेंबर ने उसके बाद से सहमती जाहिर की । तब तक समय बीत चुका था और इस मामले से जुडे लोग एक एक करके इस कमरे में आना शुरू हो गए थे । आखिर फैसले की घडी आप पहुंची थी । मामले के सभी पहलुओं पर गंभीरता से गौर करने के बाद जूरी इस नतीजे पर पहुंची है कि एक मशीन को हत्यारा मानना एक ऐसी मूर्खता होगी जिसके लिए लंबे समय तक कानून और न्याय का मजाक बनाया जाता रहेगा । जस्टिस चौधरी संयत स्वर में अपना फैसला सुनाने लगे । ये एक हादसा है । इसके सिवा कुछ नहीं । जिसके लिए प्रोग्रेस मोटर्स को अपने मृत कर्मचारी के परिवार को वही सब सहूलियते देनी होगी जो किसी भी हादसे के होने पर कानूनी तौर पर दी जानी चाहिए । अदालत इस फैसले में आरोपी मशीन को बेगुनाह मानते हुए बरी करती है । किसी भी मशीन की वजह से कोई हादसा होता है तो उस मशीन को नष्ट नहीं किया जाता बल्कि उसकी मरम्मत की जाती है । रोग वैसे मोटर चाहे तो वोट रीना से इस मशीन की जांच और मरम्मत की मांग कर सकती है । अपनी बात खत्म करने के बाद जस्टिस चौधरी ने उस नौजवान वकील की ओर देखा । उसकी आंखों में विजय की खुशी और शरारत झलक रहे थे । दो मुझसे अदालत के बाहर मिलना उन्होंने कहा और उठकर खडे हो गए हैं । इसी के साथ इस केस की सुनवाई समाप्त हो गई । अदालत के बाहर आकर जस्टिस चौधरी अपनी कार के इंतजार में खडे हुए थे । तभी उस नौजवान वकील ने आकर उनके पैर हुए तो ये तुम्हारे का राजस्थानी थे । वो मुस्कराकर बोलेगी लेकिन रोज ना तो मैं मिली कहाँ से और उसके बारे में तो मैं कैसे पता चला । फेसबुक पर उसने एक फेसबुक पेज बनाया हुआ था जिसमें उसने अपने साथ हुए रेप और इन जस्ट इसके बारे में डिटेल शेयर की थी । मैं इस चीज को सपोर्ट करने वाले फॅसे ज्यादा लोगों में से एक हूँ तो क्या वाकई उसके साथ रेप हुआ था? जस्टिस चौधरी ने हैरानी से पूछा जी फॅमिली रोजिना के जिस सीनियर सीईओ ने ये किया वो जीना से पहले कभी नहीं मिला था । उसने एक सेक्स डॉल ऑर्डर की हुई थी और एक शाम जब रोज ऑफिस के किसी काम से उस से मिलने गई तो उसने गलती से उसे ऑर्डर की हुई सेक्स डॉल समझ लिया । अकेलेपन का फायदा उठाते हुए उसने उसके साथ पहले नॉर्मली फिर फोर ऍम करने की कोशिश की । रोज ना की तमाम प्रोटेस्ट का उस पर कोई असर नहीं हुआ और वो अपनी इच्छा पूरी करके ही मना । उस नौजवान वकील ने उन्हें सच्चाई से अवगत कराते हुए कहा, मैं माफी चाहता हूँ अगर आज उसे आपके सामने लाकर मैंने आपको हर्ट किया हूँ नो नो यंग मैन । जस्टिस चौधरी ने उसका कंधा थपथपाया, मुझे तो तुम्हारा शुक्रिया अदा करना चाहिए कि तुमने मुझे दूसरी बार गलत फैसला सुनने से बचा ली हूँ । हाँ कहकर वो आपने कहाँ की ओर बढ गए जिसे लेकर उनका ड्राइवर वहाँ पहुंच चुका था । बताइए क्या आप अब भी मेरी बात का यकीन नहीं करेंगे? उसने कहानी खत्म करके पूछा सच्ची को तो पता नहीं लेकिन ये वाकई बहुत अच्छी कहानी है । जब साहब ने लिख दिया गया नहीं मैंने और ये पूरी तरह सच है । उस ने जोर देकर कहा क्या तुम लेखक भी हूँ? मैंने हैरानी से पूछा जी नहीं, मैं वो रोबोट हूँ जिसे जब साहब को बाइज्जत बरी करना पडा था । रोशल के इस रहस्य उद्घाटन से मुझ पर क्या गुजरी होगी इसका अंदाजा आप लगा ही सकते हैं । लेकिन मेरी तरह ये सवाल आप को भी परेशान कर रहा होगा कि रोशल जज साहब के घर में कैसे आकर रहने लगा था? इस सवाल का जवाब मुझे जज साहब के लौटने ही मिल गया था । आप भी जान लीजिए हुआ ये था कि जब साहब ने तो सबूतों के आधार पर उसे बेगुनाह करार दिया था, लेकिन जिस कंपनी में उसके हाथों एक इंसान की जान गई थी वो ट्रेड यूनियन के विरोध की आशंका के मद्देनजर उसे वापस लेने का जोखिम उठाने के लिए तैयार नहीं थी । फिर रोशन को बनाने वाली रोबोट रीना को भी लगने लगा की कंपनी की साख बचाने के लिए उसे नष्ट करना अच्छा होगा । जब जब साहब को उनके इस इरादे के बारे में पता चला तो उन्होंने कंपनी को याद दिलाया कि ऐसा करना अदालत की अवमानना माना जाएगा जिसके लिए कंपनी को फिर एक बार अदालत में घसीटा जा सकता है । कंपनी की घबराहट का फायदा उठाते हुए उन्होंने उसे खरीदने की पेशकश की लेकिन रोबोट रीना ने अपनी जीत की खुशी में इसे उपहार स्वरूप भी उन्हें दे दिया । इस भेंट को स्वीकार करने में उन्हें भी कोई हर्ज नजर नहीं क्योंकि अगले ही महीने वो रिटायर होने जा रहे थे । रिटायरमेंट के बाद उन्होंने रोबोट रीना से अनुरोध किया कि वह इसे उनकी जरूरतों के हिसाब से रीप्रोग्राम करते हैं जिससे वह उनका मददगार और उनके अकेलेपन का साथ ही बन सके । रोबोट रीना ने उन की बात मानते हुए रोशल को वैसा ही बना दिया जैसा कि चौधरी साहब चाहते थे । उन्होंने इसके बाद मेरी रो शील से कई बार मुलाकात हुई है लेकिन मैं कभी उससे ये पूछने का साहस नहीं जुटा पाया की ये कहानी उसने रीप्रोग्राम होने से पहले लिखी या बाद में लिखी । फिर कुछ दिन बाद रोशल ने मुझे ये भी बताया कि उस नौजवान वकील के जरिए चौधरी साहब ने रोजिना से मुलाकात कर उससे आपने गलत फैसले के लिए माफी मांगी है और उसकी सहमती से उसका केस रीओपन करवाने के लिए एप्लिकेशन फाइल कर दी है और इस बार वे खुद उसकी पैरवीकार उसे न्याय दिलाएंगे तो

भाग - 05

ऍम आज सेवानिवृत्त जस्टिस राम स्वरूप चौधरी के लिए एक अग्नि परीक्षा का दिन था । वो अपने ही एक फैसले के खिलाफ अपील दायर करके उसी शख्स की पैरवी के लिए कोर्ट में मौजूद थे जैसे कुछ महीने पहले उन्होंने झूठा करार देकर खारिज कर दिया था । ये एक स्पेशल कोर्ट थी क्योंकि मामला भी स्पेशल ही था । वैसे भी अभी भारत में ही हूँ में नाइट रोबोटों का चलन अपने शुरुआती दौर में था । इसलिए इस तरह के केस इसको पब्लिक और मीडिया के पहुंच से दूर ही रखा जाता था । माफ कीजिए हमें बताना चाहिए था कि इस तरह के मामले से हमारा आशय ह्यूमन रोबोट टॉपिक से जुडे मामलों से था जिसके इस की हम बात कर रहे हैं । वह रोजिना नाम की एक युनाइट रोबोट और टेको रामा नाम की कंपनी के सीईओ विक्रम भट्टाचार्य के बीच था । विक्रम पर रोजिना के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध फॅमिली रिलेशन फॉर्म करने का आरोप था । रोजिना के साथ ही हादसा करीब छह महीने पहले हुआ था जिसकी सुनवाई में जज की जगह जस्टिस चौधरी थे और उन्होंने रोजिना के खिलाफ फैसला सुनाया था । उनका तर्क ये था कि एक मशीन के साथ बलात्कार एक हास्यास्पद बात है । जिस पर यकीन कर पाना नामुमकिन है । लेकिन बाद में एक और फैसले की सुनवाई के दौरान उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि रोजना के मामले में फैसला सुनाने में उनसे गलती हुई थी और फिर रिटायर होने के बाद उन्होंने भी फेसबुक पर वो ग्रुप जॉइन कर लिया जिसमें रोजिना के साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाते हुए उसके लिए इंसाफ की मांग की गई थी । जस्टिस चौधरी की नई नियति के बारे में जानकर रोजिना ने अपनी विशाल हैबता का परिचय देते हुए उन्हें क्षमा कर दिया और उनके साथ कोर्ट रूम में मौजूद थे । जस्टिस चौधरी और रोजिना के अलावा आरोपी विक्रम भट्टाचार्य और उसका वकील निरंजन दासमुंशी भी वहाँ बैठे हुए थे । जस्टिस चौधरी ने अपनी सहायता के लिए रोजिना के वास्तविक कहानी को उनकी जानकारी में लाने वाले युवा वकील रंजन शाश्वत को यहाँ अपने साथ रखने के लिए कोर्ट की परमिशन लेनी थी । इसके से जुडे कुछ गवाहों को इसी कमरे में थोडी दूरी पर बैठाया गया था ताकि जरूरत पडने पर उनसे पूछताछ की जा सके । निर्धारित समय पर इस केस की सुनवाई के लिए नियुक्त के जज जस्टिस अमर दीप कालरा ने दो जूरी मेंबर्स श्रीमती अनीता हिंगोरानी और श्रीमान अमितेश अग्निहोत्री के साथ शेयरिंग रूम में प्रवेश किया । जस्टिस कालरा एक जिंदादिल और खुशमिजाज इंसान थे और तपाक से रोजिना के केस की पहली वाली है । रिंग में जस्टिस चौधरी की अध्यक्षता वाली जूरी में उनके साथ ही भी रह चुके थे । वो जस्टिस चौधरी की वरिष्ठ था और विद्वत्ता का काफी सम्मान करते थे । लेकिन इस बार वो एक जज की भूमिका का निर्वाहन करने जा रहे थे । इसलिए अपनी गंभीरता बनाए रखना और सभी पूर्वाग्रहों से मुक्त रहना उनके लिए जरूरी था । तो मैं तो चौधरी शैलवी स्टार्ट जस्टिस कालरा ने पहली बार जस्टिस चौधरी को सर की बजाय उनके नाम से संबोधित किया तो उन्हें बेहद अटपटा सा लगा । लेकिन तुरंत ही वह मौके की नजाकत को समझ गए कि अब हालात पहले जैसे नहीं रहे हैं । शाॅ वे समझाते हुए बोले, जैसा की कोर्ट जानती है कि ये धीरे रिंग एक ऐसे केस की ली ओपनिंग के बाद हो रही है, जो अपनी तरह का अनोखा केस था । इसमें एक मशीन ने एक इंसान पर इल्जाम लगाया था कि उसने उसके साथ रेप किया था और आपने इस इल्जाम को हंसी में उडा दिया था । सही कहना निरंजन दासमुंशी उनका मजाक उडाते हुए बोला, शायद आज आप इसे हंसी में उडा देने के इरादे के साथ है । इस अदालत में आए हैं । वो उसके नहले पर दहला मारते हुए बोले जाॅन बेटर होगा कि आप लोग अपनी जगह को सिर्फ इस केस और इससे जुडी बातों तक ही सीमित रखें । जस्टिस कालरा ने उन्हें आगाह किया बाकी और ऑनर मेरे काबिल दोस्त मिस्टर चौधरी शायद इस बात को भूल चुके हैं कि छः महीने पहले मेरे क्लाइंट को इन्होंने ही बेगुनाह करार दिया था । फॅार मैं इस बात को भूलकर एक नए नजरिए के साथ इस अदालत में आया हूँ । लेकिन वकीले सफाई नई से खुद भूलने के ख्वाहिशमंद है और ना ही मुझे ये अदालत को उस बात को भूलने देना चाहते हैं । जस्टिस चौधरी दस साल पहले वाले दौर में लौट चुके थे जब मेरे में अच्छे से अच्छा वकली भी उनके सामने पडने से घबराता था । वकीले सफाई शायद अपने दिमाग की खिडकी उस दिन से ही हमेशा के लिए बंद कर चुके हैं और नई सोच को उसमें घुसने से रोकने के लिए दरवाजे पर लड लिया बैठे हैं । लेकिन मैं अदालत से दरख्वास्त करूंगा कि वह अपना दिल और अपना दिमाग पूरी तरह से खुला रखें और पिछली सुनवाई को अपने फैसले का आधार ना बनाएं । मुंशी उनके इस सीधे हमले से बुरी तरह तिलमिला गया । फॅालो जस्टिस काल्डरन चौधरी से पूछा इतने भी बाॅल जस्टिस कालरा ने चेतावनी देने वाले अंदाज में कहा मैं तो चौधरी यू मॅन ऍम चौधरी ने मोर्चा संभालते हुए बोला, सबसे पहले मैं मिस रोजिना से कहना चाहूंगा कि उस शाम को जो कुछ हुआ वो उसे अदालत को बताएं ताकि इस केस की सुनवाई को आगे बढाया जा सके । शास्वत ने रोजिना की हथेली को धीमे से दबाया । वो अपनी सीट से खडी हो गई । मैं रोज ना आप मुझे विक्रम भट्टाचार्य को कैसे जानती हैं । जस्टिस चौधरी ने पूछा, सर मैं ऑफिस में काम करती थी । ये मेरे एक्स बॉस हैं और ऍम केसीईओ । रोजिना ने जवाब दिया, क्या आप अदालत को बताएंगे कि जनवरी की शाम को क्या हुआ था? जस्टिस चौधरी ने कहा, उस दिन शाम को मैं ऑफिस की एक अर्जेंट फाइल पर साइन कराने के लिए विक्रम सर के घर गई और उनके दरवाजे की घंटी बजाई । ऍम उन्होंने दरवाजा खोला था लेकिन मुझे देखते ही पता नहीं क्यूँ उन्होंने मुझे सोफे पर धक्का दे दिया और मेरे प्राइवेट पार्ट को छोडने लगे । मैं समझ नहीं पा रही थी कि वो ऐसा क्यों कर रहे हैं । लेकिन मुझे वह सब बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था । मैंने बार बार उनसे रिक्वेस्ट की कि मुझे छोड दें और फाइल पर साइन करके मुझे जाने दे । लेकिन वो मेरी एक भी बात नहीं सुन रहे थे । रोजिना ने अटक अटक कर कहना शुरू किया, मैंने खुद को छुडाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं माने और मुझे घसीटते हुए बेडरूम में ले गए । वहाँ उन्होंने मेरे मुँह कर दिए और मुझे रेप किया । डाॅ । जस्टिस चौधरी ने कालरा की तरफ मुखातिब होते हुए कहा, मेस रोजिना के इस बयान से शक की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती है कि मुलजिम विक्रम भट्टाचार्य ने अपने घर में एकांत का फायदा उठाकर उन्हें रेप किया । ऍम परमिशन मैं मिस रोजिना से कुछ सवाल पूछना चाहूंगा । मुंशी ने कहा और अपनी जगह पर खडे होते हुए रोजिना की ओर देखते हुए बोला, मेट्रो जीना क्या यह सच है कि आप एक मशीन है? रोजिना ने जवाब दिया, जी मैं आपको बता दूँ कि मैंने आपका एक एक लाख बहुत तवज्जो देकर सुना है और मैं ये भी मानता हूँ । आपने अभी जो भी कहा वो सच है और इसमें कुछ भी छिपाया जोडा नहीं गया है । ये सर रोजिना बोली लेकिन आपके बयान में कुछ ऐसे शब्द भी हैं जो एक मशीन के मुझे सुनने की उम्मीद नहीं की जा सकती । जैसे कि आपने प्राइवेट पार्ट्स छेडने लगे और रेप जैसे वर्ड यूज किए । मैं जानना चाहता हूँ कि आप के लिए इन शब्दों के क्या माने हैं? ऍम रोजिना असमंजस भाव से बोली चली डिटेल में ही बात करते हैं । मुंशी बोला आप प्राइवेट फॅमिली हैं । फॅमिली लॉ एंड जस्टिस चौधरी बोले फॅमिली नॉट बॉल शी इज नॉट नॉरमल ह्यूमन अगर मध्यस्ता मशीन ऍम मशीन मुंशी तैश में आकर बोला इसलिए इस मामले में वे रोज रिस्ट्रिक्शन अप्लाई नहीं किया जा सकते हैं, जो एक सामान्य स्त्री के मामले में हो सकते हैं । ऍम ओवररूल्ड जस्टिस कालरा ने कहा मैं समझ गई ऍम ऍम मुंशी फिर रोजिना की और होगा तो मैं रोज लेना बताइए आपके प्राइवेट ऍम कौन से हैं? माडॅल ना रोज, ना बिना सकुचाए बोली आप ये कैसे जानती हैं? मुंशी ने अगला सवाल दागा जिस समय मुझे डवलप किया गया मेरे नॉलेज में इसमें हर वो चीज डाली गई जोकि एक ह्यूमन गढ में हो सकती है और छेडने लगे इससे आप क्या मतलब मतलब उन्हें प्रोपर ढंग से छूना, प्रेस करना और ये भी आपके नॉलेज में । इसमें ये ऍम मुझे उसका मजाक उडाते हुए बोला । और मुझे मालूम है कि जब मैं आपसे रेप का मतलब पूछूंगा तभी आपका जवाब यही होगा । लेकिन आप कैसे कह सकती है कि आपके साथ हुआ हो रहे थे था कि फोन स्टाॅल नाॅक फॅस वो बोला ऍम हाओ कॅाल रोजिना बोली आई फ्रीक्वेंटली ट्राई ॅ और विल वो व्यंग्यपूर्वक बोला ऍफ कोर्ट की क्या आपने कभी विलिंग ली सेक्स किया है? ऍम जस्टिस चौधरी गुस्से से बोले हैं ऍम जस्टिस कालरा ने कहा मिस्टर मुंशी, आपने सौं ना की पर्सनल लाइफ में दखल देने वाले सवाल ना पूछे तो बेहतर होगा । सौरी और अगर बडे सवाल पूछने के पीछे मेरा मकसद ये साबित करना था कि मिश्रा जी ने जो भी आरोप लगाए हैं वो बेस्ट प्लेस है । और उन्होंने ये सब जाने अनजाने मेरे क्लाइंट्स से दुश्मनी रखने वाले किसी शख्स टी कॉन्स्पिरेसी का हिस्सा बनते हुए क्या है? वायॅस? जस्टिस चौधरी बडबडाए इसके लिए कोई किसी मशीन को क्यों यूज करेगा? आपने कुछ कहा मुझे उनकी ओर घूम कर बोला ऍम इस रोजिना के नॉलेज बेस्ट में ऑॅपरेशन पॉसिबल नहीं है वो मुझे की बात को अनसुना करते हुए बोले, इनकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मॉडिफाई नहीं किया जा सकता । हाँ, अगर कोई चेंज हो सकता है तो उसका सिर्फ एक ही तरीका है इसे फॉर्मेट करना । इस बात की तस्दीक के लिए यहाँ रोजना को डेवलप करने वाली कंपनी रॉबर्ट रीना के कॅर मौजूद हैं । उन्होंने गवाहों की तरफ देखा तो एक गवाह ने उठकर उनकी बात से सहमती जताई । ये भी तो हो सकता है कि मैं इस रोजिना के एआई को पहले ही इस तरह से डेवलप किया गया हो । टीवी जनवरी को मेरे ऑनलाइन के घर इस पर्पस से जाएँ कि उस पर रेप का इल्जाम लगाकर उसकी इज्जत और उनके करियर को तबाह करने की साजिश को कामयाब बना सकें । मुंशी ने गवाह पर ध्यान दिए बिना अपनी राय जाहिर की । आखिर मिस रोजिना ने एक महीना पहले ही तो टेको रामा ज्वाइन की थी । आपको तो वकील की बजाय एक एक्शन राइटर होना चाहिए था । जस्टिस कालरा ने चुटकी ली तो मुझे मैंने इसकी इसकी पूरी स्वाइल बडे ध्यान से पडी है । अगर आपके इस तरफ को सीरियस लिया जाए तो क्या मिस रोजिना को सपना आया था की घर पर मिस्टर भट्टाचार्य अकेले होंगे? ये हुए होंगे और उन्हें से न्यूज करेंगे । जस्टिस कालरा की इस टिप्पणी पर मंशी बगले झांकने लगा योर ऑनर अगर मिस्टर मुंशी की जगह खत्म हो गई हो तो क्या मैं मुझे मिस्टर विक्रम से कुछ सवाल पूछ सकता हूँ? यू प्लीज । जस्टिस कालरा ने बडी अदा से सिर नवाते हुए कहा और विक्रम की ओर देखा वो अपनी सीट से उठकर खडा हो गया तो मिस्टर विक्रम मिस रोजिना जो कह रही है क्या वो सच है? जस्टिस चौधरी ने पूछा क्या विक्रम ने अनजान बनने की कोशिश करते हुए कहा शायद आप कुछ ऊंचा सुनते हैं । जस्टिस चौधरी बोले, लेकिन मुझे दोहराने में कोई प्रॉब्लम नहीं है मेरी क्लाइंट मिस रोजिना का कहना है कि जनवरी को आप ने उनके साथ रेप किया है । लेकिन आप खुद ये मान चुके हैं कि एक मशीन के साथ मैं क्या मानता हूँ । अब इस बात से कोई मायने नहीं है । जस्टिस चौधरी बोलेंगे, आप जो अहम है वो ये है कि कोर्ट क्या मानती है? इसलिए मेरे सवाल का जवाब दीजिए नहीं । विक्रम बोला हूँ क्या नहीं आपने इन्हें रेप नहीं किया था या इनके साथ सेक्स नहीं किया । जस्टिस चौधरी ने देखा कि वह नर्वस होने लगा था, रेप नहीं किया । उसने संभलकर कहा, यानी आप मानते हैं कि आपने इसके साथ सेक्स क्या? जस्टिस चौधरी उसकी हालत का मजा लेते हुए बोले क्यों?

भाग - 06

आॅन ना मुंशी बीच में बोला क्या अदालत को ये बताना जरूरी है कि आॅफ क्यों करता है ऑॅल जस्ट, इसका क्या बोले फॅार? जस्टिस चौधरी ने कहा तो मिस्टर विक्रम अदालत को बताइए कि आपने उन्नीस जनवरी की शाम को मिस रोजिना के साथ रेप या अगर आपकी बात मान भी ले तो उनके साथ सेक्स क्यों किया? मैंने रोजिना के साथ रेक नहीं क्या? विक्रम बोला इनफैक्ट मैं तो उसे जानता भी नहीं था कि वह कौन हैं, बावजूद इसके कि वो आप ही के ऑफिस में काम करती थी । जस्टिस चौधरी ने पूछा सोवर टैगोर आना, मैं तो साढे तीन सौ लोग काम करते हैं । वह गुस्से से बोला, एक सीईओ को हर इम्प्लॉई की जानकारी होना जरूरी है, बिलकुल नहीं । लेकिन क्या कोई भी औरत आपके घर आ पहुंचे तो आप उस पर टूट पडेंगे । जस्टिस चौधरी हो रहे हैं, आप जाती कर रहे हैं सर विक्रम ने ऐतराज किया और आपने जो क्या क्या वो जाती नहीं थी? नौसर जो भी कुछ हुआ वो एक गलतफहमी में हुआ । वो सफाई देते हुए बोला, उस दिन मेरा मूड ऑफ था और मैंने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी । मूड बनाने के लिए मैंने कॅरिअर की हुई थी और मेरे क्लाइंट की इस बात को प्रूफ करने के लिए उनके ऑर्डर की इन वाइस और उस कंपनी का सेल्स मैनेजर भी यहाँ पर है । मिस्टर चौधरी चाहे तो इस बात की तस्दीक कर सकते हैं । मुंशी विक्रम के बचाव में आगे आते हुए बोला, मैं मुंशी आप बार बार बिना सीटी बजाएँ क्यों दौडने लगते हैं? मुझे नहीं तो कम से कम अपने क्लाइंट को तो बात पूरी कर लेने दीजिए । जस्टिस चौधरी उस पर कटाक्ष करते हुए बोले हैं हाँ तो मिस्टर विक्रम बताइए कि आप क्या कह रहे थे? मैं कह रहा था कि मैंने अपनी शाम इंजॉय करने के लिए एक सेक्सबॉट्स ऑर्डर की हुई थी । जब मिस रोजिना मेरे फ्लैट पर पहुंची तो मुझे लगा कि वह सेक्स बोर्ड है और मैंने फिर उनके साथ लवमेकिंग की लाॅस । लेकिन मिस्टर विक्रम लव में रेप नहीं होता । मैंने रेट नहीं किया । मैंने सिर्फ इनके साथ इंटर कोर्स किया था । वो जोर देकर बोला फोर्स्ट इंटरकोर्स, जस्टिस चौधरी बोलेंगे नाॅर्मल विक्रम मारे स्वर में बोला आप झूठ बोल रहे हैं । मिस्टर विक्रम रोजिना ने आपकी हर भेजा हरकत का पुरजोर विरोध किया था लेकिन आप ने उसकी एक न सुनी और ऑनर मेरा क्लाइंट उस वक्त नशे में था । मुंशी ने प्रतिवाद किया और अपनी समझ के हिसाब से वो ॅ के साथ सेक्स कर रहा था जो उसने ऑर्डर की हुई थी । मिस रोजिना को पहले से नहीं जानने के कारण उससे गलती ये हुई कि वह यह नहीं समझ पाया कि मिस रोजिना साॅफ्ट नहीं है इसलिए उसने अपनी साॅस के साथ पूरी कर ली । उसकी मर्जी के खिलाफ जस्टिस चौधरी ने जोर देकर कहा, ये भी साबित नहीं हुआ है । मुझे बोला तो आप हो जाएगा । जस्टिस चौधरी रोजिना को बनाने वाली कंपनी काॅफी और घूम कर बोले मिस्टर नारंग, क्या आप अदालत को बताएंगे कि इस हादसे के अगले दिन यानी बीस जनवरी को रोजिना को आपके पास किस हालत में लाया गया था? श्रीवास ब्लॅक नारंग खडे होते हुए बोला, उसकी पॉलिमर्स किन जगह जगह से उधर ही हुई थी जिसके भीतर से उसकी मेटल बॉडी दिखाई दे रही थी । उसकी कहा लो और प्राइवेट पार्ट्स पर जगह जगह दातों के निशान और नाखूनों की खरोंचे थी । उसके राइट हैंड के दो फिंगर्स रोक थी और लेफ्ट हैंड के रिस्ट उसके अपर लिप का आधा हिस्सा अलग होकर एक तरफ धूल रहा था । डाॅ । जस्टिस चौधरी बोले, मेरे खयाल से मिस्टर नारंग का बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि जनवरी की शाम जो कुछ हुआ वो कम से कम कौन से अंशुल तो नहीं था या ऑनर । क्या मैं मिस्टर नारंग से कुछ पूछ सकता हूँ? मुंशी ने कहा बिल्कुल मंत्री जी, ये तो आपका लीगल राइट है । जूरी मेंबर श्रीमती अनीता हिंगोरानी ने कहा, ऍम मुंशी नारंग की ओर घूमते हुए बोला मिस्टर ना रहे । क्या आप कोर्ट को बताएंगे कि बीस जनवरी को जब मिस रोजिना को रिपेयर के लिए आपके पास लाया गया तो आपको उनको पहले जैसा बनाने में कितना वक्त लगा? हार्ली फोर फाइव आवर्स । नारंग ने जवाब दिया, ऍम, मैं कोर्ट से यही कहना चाहता हूँ कि नशे में होने की वजह से मेरे क्लाइंट्स से रोजिना नाम की एक मशीन को थोडा सा डायमंड हुआ था, जिसे अगले दिन चार पांच घंटों में रिपेयर कर दिया गया । इसके लिए मेरे क्लाइंट को बार बार कोर्ट में घसीटना उसके साथ जाती है और सुकून से जीने के उसके बेसिक राइट का वायलेशन है । मुंशी ने जोशीली आवाज में ज्यूरी से कहा, मैं अदालत से पूछना चाहूंगा की अगर कोई इंसान गलती से किसी मशीन को तोड दें तो क्या उसके कत्ल के जुर्म में उसे फांसी पर चढा दिया जाएगा । आप बैठ जाइए । मिस्टर नारंग अपनी बहुत पूरी करने के बाद मुंशी नारंग से बोला । जस्टिस चौधरी ने देखा कि जस्टिस कालरा और दोनों जूरी मेंबर मुंशी की दलील से काफी प्रभावित दिख रहे थे । दूसरों की क्या कहें? खुद उन्हें भी तो इस दलील की कोई काट नहीं सोच रही थी । तभी अचानक शास्वत खडा हुआ और धीरे से उनके कान में कुछ बोला । उसकी बात सुनकर जस्टिस चौधरी के चेहरे पर चमक आ गई और वो बोले और मैं एक बार फिर मिस्टर नारंग को गवाह के तौर पर बुलाना चाहूंगा, बशर्ते मिस्टर मुंशी को कोई ऐतराज ना हो । मुझे ॅ होगा मुझे छोडकर बोला वैसे भी आपके गांव आएँ । आप इनसे पूरी महाभारत सुन सकते हैं । पार मेरी सलाह यही है कि आप कोर्ट का टाइम जाया ना करें । मिस्टर चौधरी आप पूछे जो भी पूछना है जस्टिस कांगडा बोले और मिस्टर मंशी कोर्ट अपने टाइम का ख्याल रख सकती है । मिस्टर नारंग जस्टिस चौधरी ने एक एक शब्द पर जोर देते हुए कहा, अभी अभी आप ने अदालत से कहा कि बीस जनवरी को रोजिना जिस खस्ता हाल में आपके पास लाई गई थी, उसे आप की टीम ने कुछ घंटों के भीतर दोस्त कर दिया था । क्या यह सच है? जी सर? नारंग ने खडे होकर जवाब दिया, मैं आप से जानकारी चाहता हूँ । जस्टिस चौधरी बोले, क्या बताएंगे कि जब किसी भी तरह के एक्सिडेंट के बाद कोई भी ह्यूमनॉइड रोबोट आपकी कंपनी में रिपेयर के लिए लाया जाता है तो क्या आपके यहाँ उसके ब्रेन सर्किट आॅफिशल इंटेलिजेंस का भी कोई एक्जामिनेशन या एनालिसिस किया जाता है? जी बिल्कुल । उसने जवाब दिया, इस तरह के साॅस के लिए हमारे यहाँ एक्सॅन है, जिसमें एक्सपर्ट सर्किट की बारीकी से जांच करते हैं कि एक्सिडेंट का उस पर क्या असर हुआ है । फिर तो मैं रोजिना के ब्रेन सर्किट की भी जांच की गई होगी । जस्टिस चौधरी को उम्मीद की किरण नजर आई हाँ, ॅ नारंग ने बताया था, जिसे हम लोग जरूरत हो या न हो, पूरी करते ही हैं । ब्लॅक पोर्ट को यहाँ मंगवा सकते हैं । जस्टिस चौधरी ने उत्साहित होकर कहा, नारंग ने अपना फोन निकाला । ऑनर कोर्ट में मोबाइल का यूज परमिसेबल नहीं हैं । मुंशी ने ऐतराज किया । वैसे भी मिस्टर चौधरी मामले को जबरदस्ती लंबा खींचनें । प्लीज और ऑनर मैं कोर्ट से रिक्वेस्ट करूंगा । टीम इस्टर्न आरंग को फोन करने की इजाजत दें । जस्टिस चौधरी बोले, वैसे भी ये रूल इसलिए बनाया गया है कि कोर्ट की प्रोसीडिंग डिस्टर्ब हो, लेकिन मेरे खयाल से प्रोसीडिंग को आगे बढाने के लिए तो मोबाइल का इस्तेमाल किया जा सकता है । जस्टिस कांद्रा ने दोनों जूरी मेंबर मिसिस हिंगोरानी और मिस्टर अग्निहोत्री की ओर देखा और फिर नारंग को इजाजत दे दी । नारंग ने अपने ऑफिस में फोन लगाया और फिर सिर हिलाने लगा । कॉर्नर मैं रोज ना की इस आॅफिस रिपोर्ट अभी दो मिनट में मेरे बट सर पर आ जाएगी । वो बोला और दो मिनट भी नहीं बीते थे कि नारंग के मोबाइल की बीवी बच्चे रिपोर्ट आ गई । ऐसा ले, लेकिन उसने हिचकी चाहते हुए जस्टिस कालरा की ओर देखा । लेकिन क्या मुझे बोला ये प्रोग्रामिंग वाली कोर्ट लैंग्वेज में है, जिसे मुझे डीकोड करके सुनाना पडेगा । अगर कोर्ट की इजाजत हो तो परमिशन ग्रांटेड । जस्टिस कालरा बोले हैं फॅार नारंग ने कहना शुरू किया रिपोर्ट के अकॉर्डिंग मिस रोजिना के साइको एनालिसिस से यही पता चलता है कि इस हादसे ने उन्हें बहुत डिस्टर्ब कर दिया था । उनके आर्टिफिशियल ब्रेन सर्किट के कुछ हिस्से काफी डैमेज हो गए थे, क्योंकि उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ था, जिसके बारे में उनके नॉलेज बेस में पहले से कोई जानकारी फीड नहीं की गई थी । रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि सर्किट को हुए इस डैमेज को रिपेयर नहीं किया जा सकता था क्योंकि इससे पूरा सर्किट जल जाता हूँ इसलिए इसे नहीं छोडा गया । जूरी और जस्टिस चौधरी बडे ध्यान से नारंग की बात सुन रहे थे जबकि मुंशी मूर्खों की तरह उसका चेहरा देख रहा था । ऍम आपने जो जानकारी दी है वो कोर्ट को सही फैसला करने में काफी मददगार साबित हो गई । जस्टिस चौधरी उत्साहित होकर बोले और उन्होंने कहना शुरू किया योर ऑनर । मिस्टर नारंग की गवाही और रिपोर्ट से ये पता चलता है कि मुझे विक्रम द्वारा मिस रोजिना करदे किए जाने के बाद उनकी बॉडी डैमेज हुई थी जिसे रिपेयर कर लिया गया । लेकिन ये कोई नहीं जानता था कि इस हादसे ने उन्हें इमोशनली भी ऐसा नुकसान पहुंचाया था जिसे ठीक नहीं किया जा सकता था । ये बिल्कुल वैसा ही है जैसा की किसी रियल वुमेन के साथ रेप के बाद उसका शरीर तो ठीक हो जाता है लेकिन मन के घाव नहीं भरते । इसलिए मिस रोजिना ने अपने लिए इंसाफ की मांग की और कानून की शरण ली । बटन फोर्स नेटली जब उसे कोर्ट से इंसाफ नहीं मिला तो उसने सोशल मीडिया के जरिए इंसाफ मांगा । आज एक बार फिर हमारे जुडीशियल सिस्टम में उसका विश्वास जागा है और वो इसी विश्वास के भरोसे अपने लिए इंसाफ मांगने कोर्ट में आई है । ये हमारे लिए भी अपनी गलती सुधारने का एक मौका है । इस बार उसका विश्वास छूटना नहीं चाहिए और उसे इंसाफ मिलना ही चाहिए । इस बार मेरी क्लाइंट मिस रोजिना को जजमेंट नहीं बल्कि जस्टिस चाहिए लेकिन एक मशीन के साथ रेप नहीं किया जा सकता । मुंशी ने जिद करते हुए कहा, सवाल यह नहीं है कि रोजिना के साथ बलात्कार किया जा सकता है या नहीं । सवाल यह है कि विक्रम ने जो किया वह बालात्कार था या नहीं । उसने रोजिना के साथ जो किया वो उसकी मर्जी के खिलाफ था । रोजिना ने विक्रम को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश की लेकिन वो नहीं माना और उसके साथ अपनी हवस पूरी कर कही रुका और किसी की मर्जी के खिलाफ उसके साथ सेक्स करने के लिए सिर्फ एक ही शब्द है वह है बलात्कार । इसलिए मुझे विक्रम भट्टाचार्य एक बलात्कारी है और इसे वही सजा मिलनी चाहिए जो कानून ने एक रेपिस्ट के लिए मुकर्रर की है । जस्टिस चौधरी ने बात खत्म करके सब की और वजह भाव से देखा । कोर्ट में सन्नाटा छा गया । विक्रम के चेहरे का रंग उडा हुआ था । मुंशी भी थका थका नजर आ रहा था । शाश्वत के चेहरे पर उनके लिए सम्मान और सराहना के भाव थे और रोजिना हमेशा की तरह शांत बैठी थी । कोर्ट दस मिनट के लिए अर्जुन की जाती है । ऍम इस रूम बिफोर को डाॅट । ये कहकर जस्टिस कांड्रा अपने दोनों साथियों के साथ जॉइनिंग रूम में चले गए । अगले दस मिनट के दौरान सब नजरे झुकाएं । कोर्ट रूम में बैठे रहे । किसी ने किसी से बात करने की कोशिश नहीं की । सभी के मन में यही सवाल चल रहा था कि कोर्ट क्या तय करती है । दस मिनट बाद जस्टिस कांड्रा और दोनों जूरी मेंबर एक बार फिर कोर्ट का फैसला सुनने के लिए मौजूद थे । सबकी निगाहें उन पर टिकी थी । इस जूरी ने इसके इसके पिछली सुनवाई और इस सुनवाई में पेश की गई सभी दलीलों और साक्ष्यों पर काफी विचार विमर्श किया है । जस्टिस कालरा ने कहना शुरू किया, हमें ये मान लेने में कोई हर्ज नजर नहीं आता कि मुलजिम विक्रम भट्टाचार्य द्वारा मिस रोजिना के साथ जो कुछ भी किया गया उसकी नेचर के हिसाब से उसे बालात्कार ही कहा जाएगा । वह एक औरत पर अपनी इच्छा ठोक रहा था और वह हर तरह से उससे बचने की कोशिश कर रही थी जिस पर वह बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा था । यहाँ एक्शन से ज्यादा इंटेंशन अहम है और विक्रम भट्टाचार्य का इंटेंशन किसी भी हालत में अपनी इच्छा को पूरा कर लेना था, चाहे दूसरा पक्ष उसके लिए राजी हो या नहीं । इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि उसने एक औरत के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ सेक्स किया । क्या फरक पडता है अगर वह औरत हाड मांस से नहीं बल्कि कुछ फाइबर, मेटिरियल्स और मेटल से बनी है । इसलिए कोर्ट को विक्टिम मिस रोजिना से पूरी सिम्पथी है और वह विक्रम भट्टाचार्य को मुजरिम करार देती है और इस मामले को सिविल कोर्ट रेफर करती है जहाँ उसे उसके इस जुर्म के लिए मुकर्रर सजा दी जाएगी । जस्टिस कालरा ने अपनी बात खत्म कर रोजिना की ओर देखा । पिछले एक घंटे में पहली बार उन्हें उसके चेहरे पर खुशी और आंखों में चमक दिखाई थी । उन्हें भीतर ही भीतर बेहद सुकून का एहसास हुआ । कुछ ऐसा ही सुकून जस्टिस चौधरी को भी महसूस हो रहा था । आखिर इस फैसले से वे खुद भी तो उस अपराध बहुत से मुक्त हुए थे जो पिछले तीन महीनों से रोजिना के साथ न्याय ना करने की वजह से उन्हें अपनी गिरफ्त में लिए हुए था । कोर्ट से निकलने के बाद रोज इन्होंने सबसे पहला काम इस फैसले की डिटेल्स को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट करने का क्या? और उसके बाद जस्टिस चौधरी को इतने बधाई कौन आए कि तंग आकर उन्हें अपने फोन को इससे चॉप करना पडा ।

भाग - 07

ऍम द कंपेनियन जिंदगी ऍफ इसमें मयूरी सक्सेना अपने एडिटर विशेष सचदेवा के कैबिन में बैठी थी । दोनों सामने टीवी पर चल रहे एक इंटरव्यू को देख रहे थे । इसमें सरल नाम के एक ऐसे युवक से बातचीत की जा रही थी, जिसमें एक रोबोट लडकी से शादी की थी और रातोंरात मीडिया की हेडलाइन्स के सेंटर में आ गया था । तो मैं ऍम है । सचदेवा ने रिमोट का रेट बटन प्रेस कर टीवी ऑफ करते हुए कहा जी सर किस बारे में? उसने मासूमियत से पूछा । सरल मेहता वाले खबर तो नहीं तो लेकर आॅल सचदेवा ने उसके बनावटी भोलेपन से छोडकर पूछा हाँ सर मैं ही लाई थी वो । उस वक्त तो मैं नहीं लगा कि उसका एक इंटरव्यू ॅ लिया कर लेना चाहिए था तो नेक्स्ट इशू के लिए कर लेते हैं इसमें क्या? मयूरी ने लापरवाही से कहा मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही सरल के पीआरओ से उसका मोबाइल नंबर ले लिया था । आप क्या करोगी? इंटरव्यू लेकर सचदेवा नाराजगी से बोला ऍम चुका है नौ प्रॉब्लम सर, मैं एकदम डिफरेंट ट्रीटमेंट के साथ उसका इंटरव्यू करूंगी कैसे? सचदेवा ने पूछा सर आपने अभी ये इंटरव्यू देखा ना? मयूरी उसे बताने रही इसमें हो । उस लडकी ने सारे सवाल ही बहुत सतही पूछे हैं, जिनमें ज्यादातर सरल के ताजा ताजा सेलिब्रिटी स्टेटस को लेकर किए गए हैं । कोई भी सवाल उसकी इमोशनल, सोशल और पर्सनल लाइफ के बारे में नहीं था, जो रोमिला से शादी करने के बाद एकदम चेंज हो गई होगी । ऍम सचदेवा सीधा होकर बैठ गया तो वही काम करो । अपने सारे सवाल लेकर एक कॅरियर बना लो और मुझे दिखाओ सर, आप मुझ पर ट्रस्ट कीजिए । मयूरी अप्रिय भाव से बोली ऍम! वो जिद्द करते हुए बोला । डाॅ लेकिन मैं उसके इंटरव्यू के लिए कोई क्वेश्चन नहीं बनाने वाली । ऐसे तो इंटरनॅशनल लगेगा है । मैं उससे नेशनल में ही बातचीत करूंगी और उसी में से कम की चीजें निकालकर इंटर्व्यू बना लूंगी । स्मार्ट अगर इस बातचीत में सचदेवा के चेहरे पर पहली बार मुस्कान दिखाई थी, पहले जवाब लिख होगी । फिर उनके अकॉर्डिंग सवाल तैयार कर होगी जी सर ऍम मयूरी ने कहा और उसके केबिन से बाहर हूँ । फॅमिली अपने रूम में सोफे पर बैठा तीन पर अपना फेवरेट कार्टून शो डोरेमोन देखा था । बत्तीस साल की उम्र में भी गैजेट्स और डोरेमोन जैसी चीजों के प्रति उसकी दीवानगी देखकर उसे जानने वाले अक्सर उसका मजाक बनाते थे और उसे आधा पागल कहते थे । रोमिला से शादी करने के बाद ये आधा पूरा में बदल गया था । लेकिन सरल को इस सब से कोई फर्क नहीं पडता था कि लोग उसके बारे में क्या सोचते हैं, यह क्या कहते हैं । वो हमेशा से ही वही करता आया था जो उसका मन करता था और जो से अच्छा लगता था । अरब पति बिजनेस फैमिली का एकलौता वारिस होने की वजह से उसे अपने शौक पूरा करने के लिए पैसे की तो कोई कमी थी नहीं । बाकी भी उसे किसी किस्म की कोई रोक टोक नहीं थी । शायद उसके घरवाले मान चुके थे कि उसे समझाने का आप कोई फायदा नहीं । सरल और रोमिला की शादी को सिर्फ एक ही हफ्ता हुआ था । शादी भी क्या थी? एक हिस्टोरिकल इवेंट थी । चीन और जापान के बाद ये एशिया का चौथा या शायद पांचवां और इंडिया का ऐसा पहला मामला था जिसमें एक इंसान ने एक रोबोट से शादी की थी । सरल वाला मामला इसलिए भी खास था की इसमें उसने किसी ऑर्डिनरी रोबोट या सेक्स डॉल को खरीदने की बजाय ऐसे रोबोट बनाने के लिए प्रसिद्ध कंपनी रोबो डील से अपने लिए एक स्पेशली ऍफ कराई थी जो देखने में तो एक जीती जागती खूबसूरत जवान औरत की तरह ही लगती थी । उसमें लगी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के कारण इमोशनली भी वो वैसे ही बिहेव करती थी जैसा कि एक नॉर्मल यंग लेडी को करना चाहिए । दूसरे शब्दों में सरल ने उसमें वह सब क्वालिटीज ऐड करवा ली थी जो वो अपनी जीवन संगनी में चाहता था । इस पर खर्चा काफी आया था । मार्किट में अवाॅर्ड्स के कम्पेरिजन में करीब साढे तीन गुना लेकिन उसने खर्चे की कब परवाह की थी जो आप करता है । हालांकि लीगली इस मैरिज की कोई अहमियत नहीं थी क्योंकि इंडिया में अभी तक ऐसी मैरिज इसको रजिस्टर कराने की कोई व्यवस्था नहीं थी । इसलिए यहाँ से टेक्निकली सरल और रोमिला एक लिव इन रिलेशनशिप इंजॉय कर रहे थे । लेकिन सरल ने इस रिलेशन को मैरिज के रूप में प्रेजेंट कर अपने लिए काफी इंस्टेंट फेम ऍम कर ली थी । बहरहाल इस वक्त रोमिला सोफे पर उसी के पास ही बैठी थी और टीवी देखते सरल को एक तक देखे जा रही थी । तभी सरल के फोन की रिंग बजे ऍम रोमिला प्लीज देखो कौन है? टीवी पर टकटकी लगाए सरल ने कहा हैलो रोमिला के फोन उठाते ही आवाज आएगी और उसने दूसरी ओर आ रही आवाज को सुनकर फोन सरल की ओर बढा दिया । सरल ने प्रश्नवाचक निगाहों से उसकी ओर देखा कोई रिपोर्टर है? रोमिला उसके माइक्रोफोन को हथेली से कवर करते हुए बोली सरल ने बुरा सा मुंह बनाते हुए फोन उसके हाथ से ले लिया । यस सर ललित है मिस्टर सरन! मैं मजदूरी सक्सेना बोल रही हूँ । जिंदगी फॅमिली से उधर से आवाज आ रही है । क्या आप अपने बिजी शेड्यूल से मेरे लिए आधे घंटे का वक्त निकाल सकते हैं? आई थिंग कि मेरे पास जो कुछ कहने को था सब प्रेस कॉन्फ्रेंस में और कल रात ऍन टीवी पर आए इंटरव्यू में मैं कह चुका हूँ । फिर आप क्या जानना चाहती हैं? उसने मयूरी को टालने की कोशिश की । डाॅॅ वाइस मयूरी जिद करते हुए बोली, मैं भी की आपको ऐसा लगता है कि आपके पास कहने के लिए अब कुछ नहीं बचा । पर मेरे पास जानने के लिए बहुत कुछ हो सकता है । बस अब हामी भर दीजिए । ठीक है बताइए कब आना चाहते हैं? जवाब बोले सर तो कल शाम चार बजे फाइन आई विल विधेयक सरल ने फोन रख दिया और रोमिला की ओर देखा । अब तक मेरे साथ साथ तुम भी सेलिब्रिटी बन गई हूँ । मैं हिंसा उसने रोमिला को छेडा उल्टा तो मेरी वजह से सेलिब्रिटी बने हो जाना । रोमिला ने तुर्की ब तुर्की जवाब दिया तो सरल को हंसी आ गई । अब अब अब और वह फिर से डोरेमोन में बिजी हो गया । अगले दिन शाम को ठीक चार बजे मयूरी सक्सेना सरल मेहता के बंगले के दरवाजे पर बेल बजा रही थी । आप दरवाजा खुला तो उसे सामने एक खूबसूरत युवती का चेहरा नजर आया । आइए उसने एक तरफ होकर मयूरी को रास्ता देते हुए कहा आप शायद मयूरी सक्सेना है, जिंदगी नेक्स्ट से हाँ, लेकिन आप आपके यहाँ आने की वजह से उसने जवाब दिया और खिलखिलाकर हंस पडी वो यू मीन मयूरी सब पकाकर बोले आपको मिला है जी हां युवा अमेजिंग अगर आप ना बताते तो मैं कभी अंदाजा नहीं लगा सकती थी कि आप कि मैं एक रोबोट हूँ । यही ना यकीनन आपके डेवलपर नहीं आपको एकदम परफेक्ट बनाया है । फॅमिली बातें करते करते हुए कॉरीडोर से होते हुए ड्राइंग रूम में आ गए । सरल सोफे पर बैठा था । उसने उठकर गर्मजोशी से मयूरी का स्वागत किया । बताइए, क्या लेंगी इंटर्व्यू फॅमिली के साथ साथ रहने दीजिए । आपको नाहक तकलीफ होगी और ऍम बताइए चाहेंगे या कॉफी कॉफी चलेगी, सरल नहीं मिला की ओर देखा । उसका इशारा समझकर वह किचन में चली गई । आपने पहले कभी रोबोट के हाथ की कॉफी पी है? सरन ने पूछा तो मयूरी को हंसी आ गई क्योंकि अब शहरों में ऐसे रेस्ट्रां आम थे जिनमें रोबोट ऍफ या वेटर का काम करते दिख जाते थे । नहीं, ये पहली बार होगा । वो इसराइल से बोली कि सरल समझ जाए कि वह झूठ बोल रहे हैं । तब तक रोमिला कॉफी बना कर ले आए थे । दोनों ने कौनसी सिफ्ट करना शुरू कर दिया । नाइस कॉफी रोमिला उसने ऍम शॅर्ट । मयूरी ने सरल की ओर घूमते हुए पूछा या शोर सरल सीधा होकर बैठ गया । लेकिन क्या इंटरव्यू के दौरान रोमिला यहाँ रह सकती है? मयूरी जानती थी कि रोमिला एक मशीन है । फिर भी जाने की उसे ऐसा लग रहा था कि अगर वहाँ रही तो वह खुलकर सरल से बात नहीं कर पाएगी । सरल ने उसके हिचकिचाहट बदले और रोमिला को इशारा किया । वो अंदर चली गयी । उसकी बातें सुनकर रोमिला के चेहरे पर बेहद नागवार के भाव आये लेकिन वो बिना कुछ कहे बेहतर चली गई । मिस्टर मेहता सबसे पहले तो मैं ये जानना चाहती हूँ कि आप जैसे स्मार्ट, सक्सेसफुल और रिचा आदमी के मन में जैसे कोई भी लडकी नहीं कह सकती थी । एक मशीन को जीवन साथी बनाने का खयाल कैसे आया? ऐसा नहीं है । मुझे भी बहुत सारी लडकियाँ रिजेक्ट कर चुकी हैं । वो रियली हाँ, कॉलेज टाइम से ही मैं बेहद इंट्रोवर्ट टाइप कर रहा हूँ । सरल ने बोलना शुरू किया । मेरे आसानी से दोस्त नहीं बन पाते थे । बुक्स और गया । जब उसका शौक था तो उन्हीं से दोस्ती कर ली । लोग मुझे बोरिंग समझने लगे । वे मुझे अपने ग्रुप में शामिल नहीं करते थे । जब भी कोई लडकी पसंद आती तो या तो मैं उससे अपने दिल की बात कह नहीं पाता था या फिर अगर हिम्मत जुटाकर कह भी देता तो वे मुझे बहाना बनाकर मना कर देती थी । फिर मुझे समझ में आ गया की एक लडकी को पटाने लायक गट्स मुझे नहीं है और मुझे सब बेमानी लगने लगा । मैं अच्छी तरह जानता था कि अगर कोई लडकी सिर्फ मेरे स्टेटस और पैसे की वजह से मुझ से शादी करती है तो उस तरह की शादी में प्यार जैसी को चीज नहीं होगी । जबकि मैं अपने लिए ऐसी जीवन संगनी चाहता था जो मुझे प्यार दे सके और जिसे मैं प्यार कर सकूँ । धीरे धीरे रियलाइज गाल से मेरी दिलचस्पी कम होती गई । तो क्या आपको रोमिला ऐसी जीवन संगिनी लगी? बिल्कुल सरल बोला मैंने उसमें हर वो चीज स्पीड करवाई है जो मुझे कंपेनियन में चाहिए थी । सी ऍम हाउ शी कैन भी हम इन एक ह्यूमन कंपनियां ना आप की हर बात मानने के लिए मजबूर नहीं होता । वह बहस भी करता है, झगडा भी करता है । देता भी है तो मांगता भी है । क्या रोमिला ऐसा कर सकती हैं? मयूरी का ये सवाल सुनकर सरल सोच में डूब गया । इस एंगल से तो उसने कभी सोचा नहीं था । ये तो और भी अच्छा है । एक डिस्प्यूट फॅमिली लाइव वाला कौन नहीं जाएगा? उसने सतर्क होकर उत्तर दिया । इसके अलावा भी रोबोट कंपेनियन के कई फायदे हैं । जैसे जैसे कि ये हमेशा मेरे अकेलेपन को दूर करेगी । मैं इसे कभी भी प्यार कर सकता हूँ । ऍम से नो । इसके अलावा ये कभी मुझसे अनफेथफुल नहीं होगी और कभी कोई इसे मुझ से नहीं छीन सकेगा । ना इस पर कभी एक्टिंग का कोई असर होगा और इसका काम कभी काम नहीं होगा । सबसे बडी बात ये है कि ये कभी मत से कोई शिकायत नहीं करेगी । आप जिस तरह से इसके एडवांटेज गिना रहे हैं उससे तो लगता है कि मैं एक हस्बैंड से नहीं बल्कि किसी रोबोट कंपनी के सेल्समैन से बात कर रही हूँ । मजबूरी ने चुटकी ली तो नुकसान आप गिना दीजिए इसका सबसे बडा नुकसान तो ये है कि इसकी वजह से आप सोशली अकेले पड जाएंगे । सोशली आईसोलेशन मैं इस बात से अगर नहीं कर सकता क्योंकि रोमिला से शादी के बाद सोशल गैदरिंग से मेरी पूछ और भी ज्यादा बढ गई है । पहले मैं वन से मंद किसी गैदरिंग में इनवाइट किया जाता था । अब एक ही हफ्ते में चार इवेंट अटेंड कर चुका हूँ का एक लोगों से हम दोनों के लिए ऑफर आ रहे हैं कि हम उन्हें जॉइन करें । शायद इसकी वजह यह होगी कि अभी लोगों के लिए एक नई चीज है इसलिए उनमें इससे मिलने के लिए इतना क्रेज है । लेकिन ये क्रेज तो कुछ हफ्तों में खत्म हो जाएगा । फिर उसके बाद

भाग - 08

तब की तब देखेंगे और ये तो हर नवविवाहित जोडे के साथ होता है । पहले छह महीने ही दोस्त रिश्तेदारों ने इंपॉर्टेंस देते । सरल ने जवाब दिया जैसे वो लोग अपनी गृहस्थी में रम जाते हैं । हम भी हम जाएंगे और आपके पेरेंट्स क्या हर इंडियन पेरेंट्स की तरह उनका सपना नहीं होगा कि उनके भी ग्राॅस उनकी जनरेशन आगे बढे । मयूरी ने नया सवाल दागा, मेबी यू आर राइट । सरल ने चौका मारा । वर्जिन कपल को बच्चे नहीं होते हुए क्या करते हैं? जो वो करते हैं वो हम भी कर लेंगे । जब भी कभी बच्चे की जरूरत महसूस हुई, एक बच्चा अडॉप्ट कर लेंगे आपके पास तो हर सवाल का जवाब है । मयूरी तारीख के स्वर में बोली लगता है काफी होमवर्क किया आपने । सेन वीडियोकाॅॅॅन इसमें सक्सेना आपके जैसे सवाल भी मैंने इससे पहले कभी फेस नहीं किए । आप ने कहा कि रियल लाइफ में लडकियाँ आप में इंटरेस्ट नहीं लेती थी इसलिए अपने एक मशीन से शादी करना ज्यादा बेहतर समझा । मयूरी ने पूछा क्या आप लडकियों से हेट करने लगे हैं और इस शादी के जरिए उनसे रिवेंज लेना चाहते हैं? फॅस मुझे उससे शादी करना ज्यादा बेहतर लगा इसलिए कर ली । वो बोला इसके जरिए मैं कुछ साबित नहीं करना चाहता हूँ । ये बताइए सरल जी की अगर आपको मिला से बोर हो गए तो क्या करेंगे? उसने बाउंसर फेंका वही जो ज्यादातर आम हिंदुस्तानी शौहर अपनी बीवियों से बोर हो कर करते हैं । सरल ने सीधा छक्का मारा । यानी हाँ फॅमिली से बेवफाई करेंगे । ॅ इंसानों के कौन टेक्स्ट में एक राइट कम हो सकता है, लेकिन मशीनों पर यह बात लागू नहीं होती । सरल ने सतर्क होकर जवाब दिया, ये ठीक वैसा ही होगा जैसा कि हम अपने घर के पुराने टीवी को नए से रिप्लेस कर दें । तो लगे हाँ, तो ये भी बता दीजिए कि आपका नया कंपेनियन भी मशीन होगा या फिर कोई भी ह्यूमन बीन लाॅचिंग लाइफ में सक्सेना और फिलहाल तो हमारी ऍफ के लिए विश्व कीजिए । ऑफकोर्स मयूरी संभलकर बोली जस्ट ऍम आपने रोमिला के पूरे शरीर को देखा होगा । एक इंसान है जिसमें से वो किस तरह से अलग हैं? एकदम डिट्टो सरल ने बताया बस उसके हाथ में रेखाएं नहीं । वैसे ये अच्छा ही है वो क्यूँ क्योंकि अगर उसके हाथ में रेखाएं होती तो शायद उसकी किस्मत में मैं नहीं करता हॅूं । मयूरी ने उसकी हसी में साथ देते हुए कहा सेम है बट सर अगर कोई और सवाल याद आ गया तो क्या मैं फिर से आपको तंग कर सकती हूँ? मयूरी ने पूछा और सवाल बाप रे ऑॅटो ऍम फॅार क्या मैं आप दोनों की पिचर क्लिक कर सकती हूँ । ऑफकोर्स सरल ने कहा और रोमिला को आवाज भी वहाँ आकर सरल के साथ खडी हो गई । मयूरी ने अलग अलग पोज में उन की तीन चार फोटो क्लिक किए और उनसे इजाजत लेकर वहाँ से रुखसत हो गई । एक बार फिर मयूरी सक्सेना अपने बॉस के केबिन में उसके सामने बैठी थी और वह बडी संजीदगी से कंप्यूटर पर उसका इंटरव्यू पड रहा था । इंटर खत्म कर उसने गौर से मजबूरी के चेहरे की ओर देखा । मयूरिका दिल जोर से धडकने लगा । नाइस इंटरव्यू सचदेवा का ये शब्द सुनकर उसकी जान में जान आ गई । थैंक्स वह खुश होकर बोले, लेकिन इससे पहले की वह तारीफ सुनकर फूल कर कुप्पा हो जाती । सचदेवा ने उसकी खुशियों के बारे में जैसे पेंचो मोदी बटवाही हुआ जिसका मुझे डर था । वो कह रहा था यू ऍम वाइटल वो क्या? मयूरी ने हैरानी से पूछा इन सवालों है और इनके जवाब है । इस बारे में जरा भी जानकारी नहीं मिलती की उनकी सेक्स लाइफ कैसी है? क्या और उर्मिला के साथ सेक्स करते हुए एक रियल वो मेन की कमी महसूस नहीं करता? क्या रोमिला उसे वैसा ही रिस्पॉन्ड कर पाती है? ऍम इलाकों और ऍम फील होता है । बस डाॅ । उसने संकोच से कहा ॅ फॅस फॅस सचदेवा बोला ये बताओ कि क्या तो मैं एक बार फिर उससे मिलकर इस बारे में बात कर सकती हूँ । मैं ट्राई करती हूँ सर । मयूरी ने कहा और सरल को फोन मिलने लगे । हाँ और ऍम उसका फोन बिजी आ रहा था तो कोई बात नहीं । कुछ देर बाद ट्राय कर लेना । कल या परसों तक कम्पलीट कर लो । नेक्स्ट वीक वाले शो में चल जाएगा जी सर! मयूर ने कहा और उसके कैबिन से बाहर आ गई हूॅं । कुछ ही देर में सरल का कॉल बैक आ गया । मयूरी ने उसे अपनी समस्या बताई । उसने कहा कि शाम को से मिल सकती है शाम को मयूरी फिर सरल के सामने थी । रोमिला सरल के बाजू में ही बैठी थी । बताइए रिपोर्टर साइबा क्या पूछने से रह गया? सरल ने सोफे की पुष्ट पर हाथ फैलाते हुए कहा । मयूरी ने रोमिला की ओर देखा । उसके सामने सेक्स से जुडे सवाल पूछने में उसे पता नहीं क्यूँ झिझक सी महसूस हो रही थी । वो जानती थी कि रोमिला सिर्फ एक मशीन है लेकिन यहाँ उनके बीच तो वह एक इंसान के रूप में ही मौजूद थी । सर्वजीत क्या हम अकेले में डिस्कस नहीं कर सकते? उसने झिझकते हुए पूछा । अरे वो मिला तो जस्ट एक रोबोट है । इसके सामने क्या फरक पडता है? वो मुस्कराते हुए बोला लेकिन फिर भी वो क्योंकि रिलैक्स रोमिला वेल्यू प्लीज सरल रोमिला की ओर घूमते हुए बोला । रोमिला को उसका ये कहना अच्छा नहीं लगा । उसने मयूरी को घूरकर देखा और पैर पटकते हुए अंदर के कमरे में चली गई है । अब ठीक है । सरल ने मयूरी केवल घूमते हुए पूछा जी मेरा पहला सवाल यह है कि पहला ॅ आज के इंटव्यू का पहला ऍम तो आप हमें बताइए कि रोमिला की बॉडी का कौन सा हिस्सा आपको सबसे ज्यादा पसंद है? अरे हर हिस्सा सर! अगले हफ्ते में कहा रे मैंने जिस समय रोमिला का ऑर्डर किया था, उसके हर बॉडी पार्ट को अपनी फॅसा बनाने के लिए कहा था । सॉरी मैं कुछ समझी नहीं जैसे कि मुझे कैटरीना कैफ के लिप्स अच्छे लगते हैं और करीना कपूर की आंखें तो मैंने उन्हें कहा कि इसकी आखिर करीना की तरह बनाया और लिप्स कटरीना की तरह । इसी तरह मैंने इसमें आलिया की फिगर, दीपिका की हाइट, यामी जैसे डिंपल, प्रियंका जैसे बाल करवाएँ । वो आई सी वैसे अगर आप फॅमिली को किसी एक एक्टर जैसा बनवाते तो वह किसके जैसी होती है आई डोंट नो! कोई भी एक एक्ट्रेस मुझे हंड्रेड पर्सेंट कभी पसंद नहीं आई । तो क्या आपको रोमिला हंड्रेड पर्सेंट पसंद है? मयूरी ने क्रॉस क्वेश्चन किया । इस सवाल पर सरल बगले झांकने लगा । मयूरी समझ गई कि उसका तीर निशाने पर लगा है । उस वक्त उसे सरल एक मासूम बच्चे की तरह लग रहा था । उसे उस पर बहुत दया आई, लेकिन फिर उसके भीतर का पत्रकार जाग उठा और उसने पूछा आखिर उसके साथ रहते हैं । कभी तो आपको लगा होगा कि आपके पास एक हाड मांस की जीती जागती औरत होती तो ज्यादा बेहतर होता? जी नहीं, अभी तक तो ऐसा कुछ नहीं लगा । उसने संभलकर जवाब दिया इट मेंस यू आॅनलाइट विधान ऑफ कोर्स ऍम । उसने सीधे मुद्दे की बात पर आते हुए कहा, फाडनी सरल ने चौक कर कहा, फॅमिली मेरे यहाँ दोबारा आने का पर पर यही था की आप से आपकी और रोमिला की सेक्स लाइफ के बारे में डिटेल में जान सकता हूँ । मयूरी ने सफाई दी । मेरे एडिटर साहब भी यही मानते हैं कि इसे रीडर्स ज्यादा लाइक करेंगे । तो आप जो पूछना चाहती है पूछ सकती हैं फॅस । अब आप ये बताइए कि आप दिन में कितनी बार सेक्स करते हैं । रहे दिन में कहाँ टाइम मिलता है । ऍफ उमर है आपका आप जानते हैं कि मेरा क्या मतलब है दो से तीन बार । क्या रोमिला को हर बार मल्टीपल और क्या होता है? ये क्या होता है? सरल ने मासूमियत से पलके झपकाएं, नेट पर देख लीजिएगा । मयूरी बोली मैं इस बारे में आपको एक्सप्लेन नहीं कर पाओगे । अच्छा ये बताइए कि इस एक हफ्ते में क्या रोमिला ने कभी खुद सेक्स इनिशिएट क्या है? आपके पास आकर कहा है कि आप उसके साथ सेक्स करें नहीं तो वो क्यों कहेगी? चीज है तो फुल फिल्म आॅटो एक्सप्रेस हर डिजायर फॅस याॅर्क फॅार वेरी बोल डाॅट । सरल ने कहा दरअसल उसकी बॉडी में है । जंगल के भीतर एक बलून जैसा फ्लेक्सिबल ट्यूब अटैच किया हुआ है । लव मेकिंग के बाद वहाँ शुरू में जाकर एक स्विच प्रेस करती जिससे यह ट्यूब साफ हो जाता है । तो इसी मयूरी बोली अब आप ये बताइए कि जब आपको मिला के साथ लवमेकिंग करते हैं तो क्या वो आपको प्रॉपर रिस्पॉन्ड करती है? आई थिंक सो कॅलेज उसकी कृत्रिम चेतना में हर वह एहसास मौजूद है जो एक नॉर्मल गढ में अपने पार्टनर को फॅस करने के लिए हो सकती है । अग्रिम लेकिन मेरे ख्याल से फॅार के हिसाब से तो वह प्रॉपर सपोर्ट कर सकती है क्योंकि ये उसके नॉलेज बेस में एडिट है । लेकिन उसकी बॉडी एक रियल वूमेन की तरह ऍफ कैसे कर सकते हैं? मतलब मतलब ये कि रोमिला तो आपको सिर्फ उतना ही प्यार कर सकती है जितना कि उसकी आर्टिफिशियल कॉन्फ्रेंस में फीड किया गया है । ना उसमें वैराइटी होगी, ना ही कोई एक्सपेरिमेंट का ट्रेलर । अच्छा ये बताइए कि जब आपको मिला के साथ अपने सेक्स एक्सपीरियंस को आपकी रियल लाइफ सेक्स पार्टनर के एक्सपीरियंस के साथ कंपेयर करते हैं तो क्या आप कोई फर्क कोई कमी महसूस नहीं होती तो नहीं । मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा कि आपने कभी किसी असली लडकी के साथ सेक्स नहीं किया है । नौ । तभी तभी क्या कुछ नहीं मयूरी ने उसके चेहरे की ओर देखा जिसपर परेशानी के भाव थे । वह कुछ कहती तभी उसकी नजर उस कमरे से बाहर आती रोमिला पर पडी और उसे देखकर वह चुप हो गई । आपकी हॉबीज क्या है? वो इटली क्या मैं आपकी कुछ लॉटरी देख सकती हूँ? चोर आप मुझे अपनी ईमेल आईडी दे दीजिए, मैं सहन कर दूंगा या वहाँ पर भेज सकता हूँ । सरल बोला लेकिन इस इंटरव्यू से सरल की पॅन है । रोमिला ने अचानक बीच में दखल देते हुए कहा नथिंग जस्ट हुई । मयूरी सकपका कर बोली और उठकर खडी हो गई । टाइम्स मिस्टर सरल । अब मैं इजाजत चाहूंगी । सरल ने उठकर उससे हाथ मिलाया और मयूरी ने देखा कि उसकी आंखों में कुछ अलग ही किस्म के भाव थे जिन्हें इन दो मुलाकातों में उसने पहले कभी नोटिस नहीं किया था । चले मैं आपको गेट तक छोड देती हूँ । रोमिला बोली और उसे साथ लेकर चल दी । बाहर आते आते रोमिला ने बडे तल्ख स्वर में उससे पूछा आई थिंक इस बार आपने पूरा इंटरव्यू कर लिया होगा और आपको दोबारा इधर आने की तकलीफ नहीं उठानी पडेगी । उसके इस तंज पर मयूरिका खून खौल उठा । अगर कोई रियल गढ होती तो वो उसका मुनासिब जवाब दे दी । लेकिन एक मशीन के मुंह क्या लगना, यही सोच कर वो आगे बढ गई ।

भाग - 09

ऑफिस में जाकर उसने इंटरव्यू ट्राई किया और सचदेवा को फाइल ट्रांसफर कर दी । उसकी तरफ से सिर्फ एक शब्द का रिस्पोंस आया, नई है तो उसने चैन की सांस ली । शाम को घर आने के बाद मयूरी जब सारे काम निपटाकर बिस्तर पर लेटी तो सरल का इनोसेंट देखने वाला चेहरा उसकी आंखों के सामने आ गया । वो उसी के बारे में सोचने लगी । उसे रह रहकर का भी उस पर प्यार आ रहा था तो कभी तरफ उसकी बातें । रियल लाइफ सेक्स को लेकर उसकी जडें और अनुभवहीनता, उसकी शार्पनेस, ऐसा उसे सरल की ओर खींच लिए जा रहा था । क्या यह लाॅट फोरसाइट है? उसने अपने आप से पूछा और फिर मान ही मान हसते हुए सोचा कि नहीं, ये तो लाॅट साइट होगा बशर्ते की लव हो । वह नए जमाने की बोल्ड लडकी थी । जैसे जब भी कोई लडका पसंद आता था तो उसके साथ इंटीमेट होने में उसे कोई बुराई नजर नहीं आती थी और वो अपनी हेल्दी सेक्स लाइफ को बिना किसी गिल्ट के इंजॉय भी करती थी । लेकिन अभी तक उसकी जितने भी अफेयर चले थे, बहुत ही कॅाल और नो स्टिंग ऍम टाइप के थे । लेकिन ये पहला मौका था जब वह किसी के लिए इस कदर कशिश महसूस कर रही थी । उसने तय किया कि बाद में चाहे जो हो वो सरल के साथ कुछ इंटीमेट मोमेंट जरूर जीतेगी । सरल के टेक्निकली वर्जिन होने का खयाल उसके मन को एक नए रोमांच से भर रहा था । जिंदगी नेक्स्ट लेटेस्ट इशू में सरल मेहता का इंटरव्यू छपा और अपनी बोल्डनेस की वजह से काफी चर्चित भी हुआ । मयूर ईको जगह जगह से तारीखों के फोन आ रहे थे जिन्हें अटेंड करते करते वो जरा भी नहीं थक रही थी । लेकिन वह इसे बिल्कुल भी इंजॉय नहीं कर पा रहे थे । क्योंकि इन तमाम फोनकॉल्स के बीच एक भी कॉल सरल मेहता की नहीं थी । जबकि उसे पूरा यकीन था कि उसके इस बडे मन लगाकर लिखे इंटरव्यू को पढकर वह कॉम्प्लिमेंट जरूर देगा । हाँ, आखिर उसी ने खुद सरल को फोन लगाया और बोली कि क्या उसने इंटरव्यू देखा? जी हाँ, अभी अभी पढा वह जोशीले स्वर में बोला आपने तो कमाल का लिखा है एक्सिलेंट सचमुच आपको अच्छा लगा । उसने अपनी खुशी दबाते हुए कहा, रैली आपने तो हमें स्टार बना दिया और आपने हमें मयूरी बडी अदा से बोले तो क्या हम अपना नया स्टारडम सेलिब्रेट कर सकते हैं? क्यों नहीं बताइए कब और कहां मॉर्च्यूरी को तो जैसे मुंहमांगी मुराद मिल गई । कल शाम ऍम डन कहकर उसने फोन रख दिया तो अगले दिन मयूरी शाम को ठीक आठ बजे सरल से मिलने सालंग सेंड पहुंच गई । तभी मोबाइल पर उसका फोन आया । उसने मयूरी से माफी मांगते हुए कहा कि उसे थोडी सी देर लग रही है लेकिन उसने टेबल बुक करा दी है । मयूरी चाहे तो वहाँ जाकर बैठ सकती है या लॉबी में ही वेट कर लेगा । वो हद से हद पंद्रह मिनट में पहुंच जाएगा । हद है मयूरी ने मन ही मन सोचा सहाल ऐसे इसलिए कभी कोई लडकी नहीं पटी । अकेले टेबल पर जाकर बेवकूफों की तरह इंतजार करने के बजाय उसे लॉबी में पडे सोफे पर बैठना ही ज्यादा ठीक लगा और मोबाइल खोलकर वक्त हैं पर बिजी हो गई । फॅमिली आपको वेट करना पडा । एक आवाज सुनकर उसने चौंककर सिर उठाया । सरल उसके पास पहुंचा था एक सौ के पैसे । आपको ये बात याद रखनी चाहिए कि डेट पर लडकी को वेट नहीं कराना चाहिए । खासकर पहली डेट पर तो क्या ये हमारी डेट है? वह हैरान होकर बोला फॅस! वह शरारत से बोली डरिए मत, मैं आपको कुछ नहीं कहूंगी । ऐसी कोई बात नहीं । वो झेल गया । चलो कुछ खाते हैं । मयूरी उठते हुए बोली । यहाँ शौर सरन ने कहा और उसे साथ लेकर उनके लिए पहले से रिजर्व लेवल पर आ पहुंचा । वेटर आया और ऑर्डर लेकर चला गया । आप बहुत अच्छी पोइट्री लिखते हैं । सरल मयूरी तारीफ भरे स्वर में बोली । रैली वो बच्चों की तरह खुश होकर बोला आपने सब पडती नहीं, सारी तो नहीं लेकिन आधी से ज्यादा पढ ली । पूरी मुस्कुराई पता है कई कविताएं पढकर तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे आपने मेरे लिए लिखी हो । वो उसके झुकते हुए बोली एक बात पूछूं जी जरूर आपने जिंदगी में कभी रोमांस नहीं किया । फिर इतनी रोमानी पोएम्स कैसे लिख लेते हैं? वैसे ही जैसे लोग लडे बिना जंग के बारे में और मरे बिना मौत के बारे में लिख लेते हैं । आप बडे हाजिरजवाब हैं । ये तारीख है या शिकायत? सच्चाई इतना कहकर मयूरी ने मेज के नीचे ही नीचे अपनी सैंडल निकालकर अपने पैर सरल के पैर पर रख दिए । वह असहज महसूस करने लगा । क्या हुआ मयूरी उसकी घबराहट का मजा लेते हुए बोली कुछ कुछ नहीं वो आपका पैसा क्यों अच्छा नहीं लग रहा है? क्या उस ने छेडा हटा लू क्या कहकर उसने सरल के पैर को अपने पैर से सहलाना शुरू कर दिया? नहीं मेरा मतलब मत बताइए तो क्या आपको अच्छा लग रहा है? नहीं, लेकिन बुरा भी नहीं लग रहा है । फिर कैसा लग रहा है? थोडा अजीब सा थोडा अलग से पहले कभी किसी लडकी ने आपके पैर किस तरह नहीं छोडे? क्या नहीं मैंने भी ॅ जमाने की पिक्चर्स में देखा है ये सब और क्या क्या देखा है? कुछ कुछ नहीं, कुछ नहीं । आप इतने शर्मिले क्यों है? क्या लडकियों से हमेशा से ही ऐसे ही बात करते हैं? नहीं फॅमिली मुझे उनसे ज्यादा बात करने का मौका नहीं मिला और इस तरह के फॅमिली मैनर में तो कभी नहीं ऍम फ्रेंड वो उस की ओर हाथ बढाते हुए बोली सरल नहीं देखते हुए उसका हाथ थाम लिया और जैसे ही छोडने को हुआ मयूर ने अपने दोनों हाथों से उसका हाथ कसकर पकड लिया और कुछ देर तक योगी पकडे रही । उसे इस वक्त सरल पर बहुत दया रही थी जो अभी तक इस नैसर्गिक आनंद से महरूम रहा था । उसका मन कर रहा था की किसी खरगोश जैसे क्यूट देखने वाले सरल को अभी बिल्ली बनकर अपने पंजों में दबोच ले सरल । जी हाँ, क्या तुमने कभी रोमिला का हाथ पकडते हुए कभी इस सॉफ्टनेस और वो को फील किया है? अब याद नहीं नहीं किया होगा । वो बोली एक मशीन चाहे कितनी भी परफेक्ट हूँ, लेकिन उसकी नजदीकी एक रियल ह्यूमन बॉडी का मुकाबला नहीं कर सकती । आई थिंक सो वो इसलिए कि आपने कभी इसका एक्सपीरियंस नहीं किया है । वो वोट मेरे लिए रोमिला मोरदानी ना । वह दृढ स्वर में बोला फॅमिली की कोई और मुझे उससे ज्यादा प्लेजर दे सकता है । लगता है कि अब तुझे यकीन दिलाना ही पडेगा । मयूरी ने मन ही मन कहा और मुस्कुराते हुए उसे देखने लगी । इसके बाद वे कुछ देर तक एक दूसरे के बिजनेस, करियर और हॉबीज वगैरह के बारे में बात करते रहे । कितने में बेटर खाना सर्व कर गया और खाने में मजबूर हो गए । डिनर के बाद में उठकर होटल के बाहर आ गए । कैसा बोरिंग बंदा है? मयूरी ने मन ही मन कहा ऐसे एक हाँ दूरी बनाकर चल रहा है । जैसे करीब आने पर इस समय खाते होंगे । आप कैसे जाएंगे? सरल ने पूछा आप गाडी लाए हैं? नहीं क्या ले लोंगे । मयूरी ने उसकी ओर देख कर कहा तो ओके बाय गुड नाईट सरल ने कहा और पार्किंग की ओर बढने लगा बाढ आ जा साले इतना भाव खारा । मयूरी मन ही मन बोली । उसे सरल की बेरुखी पर बहुत गुस्सा आ रहा था । तभी उसने रियलाइज किया कि सर लडकियों के मामले में बेवकूफ हो सकता है, लेकिन दिल का बुरा नहीं है । इसलिए उसने पीछे से उसे आवाज दी । जी कहिए, सरल उसकी ओर घूमता हूँ । बोला मैं सोच रही थी कि इतनी रात को मेरा अकेले यहाँ खडे होकर क्या आपका वेट करना । सेफ्टी के लिहाज से ठीक नहीं होगा । इसी डोंट माइंड क्या आप मुझे घर ड्रॉप कर देंगे? नो प्रॉब्लम आइए सरल नहीं गाडी पार्किंग से निकली और मयूरी के पास आकर रोक दी । मयूरी को लगा कि शायद वो दरवाजा खुलेगा इसलिए मूंग बनाते हुए उसने खुद ही गाडी का डोर ओपन किया और उसके बाद में बैठ गई । ब्लॅक लगा लीजिए । गाडी स्टार्ट करते हुए बोला और गाडी स्टार्ट करते । गाडी चलती रही । मयूरी उसे रास्ता बताती रही और वह ड्राइव करता रहा । रास्ता बताने के अलावा मयूरी पूरे रास्ते चुप चाप बैठी रही । उसे इस बात पर बहुत गुस्सा आ रहा था कि सरल लगातार सामने देखते हुए ड्राइव कर रहा है । उसने एक बार भी मयूरी की ओर गर्दन नहीं घुमा थी । मयूरी को पछतावा होने लगा कि इससे अच्छा क्या भी कर लेते । इसके साथ बैठकर तो ऐसा लग रहा था जैसे किसी अजनबी से लिफ्ट ले ली हो । लेकिन उसे इस बात से हैरानी हो रहे थे कि सरल उससे जितनी दूरी बनाए हुआ था, उसके मन में उसके करीब जाने की इच्छा जोर पकडती जा रही थी । बहरहाल उसका घर आ पहुंचा, यही रोक दीजिए । वो खुद को अनबिल्ड करते हुए बोली लिफ्ट के लिए शुक्रिया । मयूरी गाडी से बाहर आ गई । उसे बात करके सरल ने गाडी स्टार्ट कर दी थी । वो बेवकूफों की तरह खडी खडी हो से जाते देखती रही, जब तक कि वो उसकी नजरों से ओझल नहीं हो गया । अपने फ्लैट में आकर उसने दरवाजा खोला और फ्रेश होकर बैठ पर लेट गयी । वो अपने और सरल के बारे में सोचने लगी । सरल का भोलापन और अनगढ व्यवहार उसे उसके एक्स बॉयफ्रेंड मृदुल की याद दिलाता था, जिससे हाल ही में उसका ब्रेकअप हुआ था । वो दोनों को कम्पेयर करने लगी । करीब पौने दो घंटे बाद उस की मोबाइल की घंटी बजे मैं सक्सेना ऍम यू सर लाइन पर था । कोई बात नहीं कहीं कैसे याद किया मयूरी बोली वो आपका हॅूं मेरी गाडी में ही रह गया था । वो सॉरी मयूरी बोली उसका तेज निशाने पर लगा था । वो जानबूझ कर अपना बैग उसकी गाडी में छोड कर आई थी ताकि उसे दोबारा मिलने का बहाना ढूंढने की जरूरत ना पडे । इंट्रो के वो बोला अभी तो काफी रात हो गई है । कल मैं ऑफिस जाते हुए इसे आपके यहाँ छोडना जाऊंगा । नहीं नहीं वो जल्दी से बोली कल सुबह नहीं । मैं अरली मॉर्निंग एक रिपोर्टिंग के लिए निकल जाओगे । आप ऐसा कीजिए । कल शाम का रखिए । आठ बजे के करीब ठीक है । सरल बोला । मयूरी ने गुडनाइट कहकर फोन रख दिया । वो बहुत खुश थे । चिडिया दाना चुग चुकी थी । अगले दिन मयूरी सक्सेना अपने फ्लैट में मौजूद थी । आठ बजने में करीब दस मिनट बाकी थे । लेकिन उस की तैयारियां पूरी हो चुकी थी । मैं कब पर्फ्यूम ड्रॅाप वो अपने सारे हथियारों के साथ खत्म करने के लिए तैयार थी । तभी दरवाजे की घंटी बजाता हूँ । लगता है सीनियर दाना चुनने यहाँ चुकी है । उसने सोचा और आगे बढकर दरवाजा खोल दिया । लेकिन उसे यह देख कर निराशा हुई कि दरवाजे पर सरल की बजाय उसके सामने वाले फ्लैट में रहने वाली मैसेज खुराना थी जो अक्सर उसके सिंगल हमको टारगेट करते हुए उसे टीज करती रहती थी । कहीं जा रही हो गया सिर्फ खुराना ने छेडा आज तो बहुत खूबसूरत लग रही हूँ कोई पार्टी शार्टी है क्या नहीं वो एक फ्रेंड आने वाला है इसलिए फ्राॅड मिसिस खुराना ने फिर से उसे छोडा । तभी उसे लिफ्ट से सरल निकलता दिखाई दिया तो उसने तेजी से बात बदलते हुए मयूरी से कहा कि कल उसके बेटे दोनों का बर्थडे है । वो इसी के लिए उसे इनवाइट करने आई थी और वो मयूर ईको शरारत से देखते हुए वहाँ से चली गयी । सरल को देखकर मयूरी की जान में जान आई वरना पता नहीं और कितनी देर मिसेज खुराना की बक बक सुननी पडती है । आइए वो उसे रास्ता देते हुए बोली मुझे तो लगा कि आप आज भी कल की तरह इंतजार करेंगे । अगर आपको इंतजार में इतना ही मजा आता है तो मैं वापस जाकर थोडी देर बाद आ जाता हूँ । सरल हसते हुए बोला मैं ये लौटाने आया था तो यहाँ मैं माफी चाहती हूँ की आपको मेरी वजह से तकलीफ उठाने पर मयूरी ने औपचारिकता का दिखावा करते हुए कहा प्लीज कमेंट अंदर आकर सरल सोफे पर बैठ गया

भाग - 10

ऍम क्या लेंगे? मयूरी ने मुस्कुराते हुए पूछा, चाहे कॉफी या कुछ ठंडा कुछ भी चलेगा । सरल ने बिना किसी तकल्लुफ के जवाब दिया । कुछ भी मयूरी ने शरारत से पूछा । सरन ने इसका कोई जवाब नहीं दिया । मयूरी अंदर गए और कोल्ड कॉफी बनाकर ले आई और उसके बराबर में आकर बैठ गए । थैंक सरल मयूरी कॉफी का गिलास उठाकर उसकी ओर बढाते हुए बोले, अच्छा किया जो आपने किसी स्टाफ को नहीं भेजा और पर्स लेकर खुद ही आ गए । आना ही पडा । सरल कॉफी का एक बडा सा घूम रहा है । बिना उसकी ओर देखे बोला वरना आपकी सारी मेहनत बेकार हो जाती । वोट यू मीन यहाॅ अपने हैंडबैग जानबूझ कर मेरी गाडी में छोडा था । वो मुस्कुराते हुए बोला क्योंकि जिस वक्त मैंने गाडी पार्क की थी, आपका वैग आपके कंधे पर लटका हुआ था । मयूरी को सुनकर झटका लगा । वो तो अपने आप को बहुत स्मार्ट समझ रही थी, लेकिन सरल तो उसका भी उस्ताद निकला । फिर आपने उसी वक्त मुझे आवाज देकर क्यों नहीं रोका? तब भी तो हैंडबैग लौटा सकते थे । उसने हैरानी से पूछा तब तो मेरा डबल लॉस होता । वह शैतानी से मुस्कुराया । वो कैसे? एक तो इतनी बेहतरीन कॉफी पीने को नहीं मिलते हैं और दूसरे उसने जानबूझ कर अपनी बात अधूरी छोडती । दूसरे क्या दूसरे वह सब जानने को नहीं मिलता जो आप मुझे बताने वाली है । अब म्यूजिक की समझ में आया कि इस बार दाना बेशक चिडिया ने चुका था, लेकिन जाल में शिकार या फसा था, वह पराजित भाव से मुस्कुराई और बोली, आप बहुत इंटेलिजेंट है मिस्टर सर । इसलिए हमारे लिए यही अच्छा रहेगा कि हम इधर उधर की बातों में वक्त जाया करने की बजाय सीधे मुद्दे पर हजार और वह मुद्दा क्या है? सरल ने दिलचस्पी लेते हुए पूछा हाउ टू एंड आॅल रोबोट तो इस बारे में आप की क्या थोडी है? नौ थोडी दिखता है ओनली प्रैक्टिकल मयूरी मादक स्वर में बोली और सडक के सरल के करीब आ गयी । आॅर्ट शोर की इससे पहले की सरल अपनी बात पूरी करता था । मयूरी ने उसके होठों पर उंगली रखकर उसे चुप करते हुए कहा कुछ मत करूँ आपसे मैं कहूंगी और तुम सुनोगे । लेकिन सरल के कुछ बोलने से पहले ही मयूरी की उंगली का स्थान उसके होट ले चुके थे । सच सच बताओ सर, क्या आपने रोमिला की सांसों में इस खुशबू को महसूस किया है? उसके होटलों में इस नमी को महसूस किया है । वो से अलग होते हुए बोली सरल के जवाब देने से पहले ही मयूरी ने उसका हाथ पकडकर अपने वक्ष पर रख लिया और बोली क्या तुम को मिला के सीने पर हाथ रखकर इस कप कप आहट को महसूस कर सकते हो? फिर उसके सिर को खींचकर अपने सीने पर टिकाकर बोली क्या उसके सीने से तो मैं धडकनों का ये संगीत सुनाई दिया है । कभी मयूरी के हाथ और वोट पूरी आवारगी पर उतर आए थे । वह सरल को संभलने का मौका ही नहीं दे रही थी । सरल भी इस नए नए मिल रहे ज्ञान को आत्मसात करने की कोशिश में आनंद के उस सरोवर में डूबता जा रहा था जिसमें मयूरी उसका हाथ पकडकर ले आई थी । कैसा लग रहा है? एक घंटे बाद सरल के कंधे पर से टिकाएं लेटी मयूरी ने उसके सीने पर हाथ फिराते हुए कहा क्या करूँ समझ में नहीं आ रहा । वो धीमे स्वर में बोला लेकिन जो कुछ भी हुआ वो मेरे लिए एक अनोखा अनुभव था । इतना अच्छा मुझे पहले कभी फील नहीं हुआ । मुझे भी मयूरी ने उसके होठों पर किस करते हुए था । चाहो तो आज रात यही रुक सकते हैं । यहाँ करूंगा जो अभी क्या और क्या मैंने क्या सब कुछ । तो तुमने क्या मुझे बोलने तक नहीं दिया तो आप कर लो, कहकर मयूरी ने फिर से उसे अपने ऊपर खींच लिया । उस रात सरल ने जीवन की वह किताब पडेगी जिसका एक भी बनना कभी उसके सामने खोला नहीं था । उस ने जाना कि रोमिला से अभी तक उसे सिर्फ पानी का सुख मिला था । देने का आनंद वो था जो मयूरी ने उस रात कई बार महसूस कराया था । फिर मिलने के वादे के साथ उसने मयूरी से विदा ली और घर जाने की बजाय उसके ही घर से सीधे ऑफिस निकल गया । इसके बाद वह मयूरी के करीब आता चला गया तो वे अक्सर मिलते और उस वक्त को पूरी अंतरंगता के साथ जीने लग जाते हैं । रोमिला भले ही एक मशीन थी, लेकिन उसकी चेतना में वे सारे सेंसेक्स थे जो एक सामान्य औरत में हो सकते थे । वह सरल के व्यवहार में आई, तब दिल्ली को महसूस करने लगी और आखिर एक दिन उसके धैर्य का बांध टूट गया । उस रिपोर्टर के साथ मना किया चक्कर चल रहा है । वो सरल के सामने आकर बोली, जो उस वक्त ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था । चीज गुड फ्रेंड ऑफलाइन । वह शर्ट के बटन लगाते हुए बोला, इधर मेरी और देखकर जवाब दो । वो गुस्से से बोली फॅस वो उसे डांटते हुए बोला वाइॅन् आखिर वाईफ तुम्हारी वाइफ बट जो जोक लगता है तो मैं वो उसे झेल जोडते हुए बोली मेरा प्यार तो मैं जोक लगता है समझने की कोशिश करो । मिला ये प्यार नहीं है । एक प्रोग्राम फीलिंग है जो तुम्हारे कौन से इसमें डाली गई है । जो भी हूँ बट आई लव यू फॅस वर्ड्स नाॅक । लेकिन तुम जब भी मेरे साथ लवमेकिंग करते हो, हमेशा बहुत खुश नजर आती हूँ क्या ये काफी नहीं नहीं । असल बात यह है कि तुम सिर्फ मुझे फिजिकल प्लाॅट दे सकती हूँ । वो इमोशनल जॉय नहीं जो कि रियल गढ के साथ मुझे मिलता है । तुम्हारी बातें मेरे समझ में नहीं आ रही है सर, बस मैं इतना जानती हूँ कि मैं तुमसे प्यार करती हूँ । कहते हुए रोमिला उसे निपट गई । मैं समझा भी नहीं सकता । फॅमिली ऑफिस को लेट हो रहा है । वो खुद को उससे अलग करते हुए बोला और ऑफिस के लिए निकल गया । रोमिला कहर भरी नजरों से उसे जाते हुए देखती रही । जैसे जैसे मयूरी के प्रति सरल का झुकाव बढता जा रहा था । रोमिला से उसकी दूरी और उसके प्रति बेरुखी बढती जा रही थी । सरल का रात को अपने घर लौटना कम हो गया था क्योंकि वो ज्यादातर मयूरी के यहाँ चला जाता था और सुबह को वहीं से ऑफिस निकल जाता है । तीन हफ्ते इसी तरह गुजर गए । एक दिन रोमिला ने सरल से कहा कि अगर वह मयूरी को अपने साथ अपने घर लाना चाहे तो ला सकता है । वो उसकी फिलिंग को समझती है इसलिए उनके साथ पूरा कॉपरेट करेगी । सरल ने जब मयूरी से ये बात बताई तो पहले तो उसे विश्वास नहीं हुआ लेकिन जब उसे याद आया कि रोमिला तो सिर्फ एक रोबोट है तो उसने वो किराये का फ्लैट छोड दिया और अपना सामान लेकर सरल के यहाँ आ गई । तीन चार दिन तो सब कुछ ठीक ठाक चला लेकिन एक दिन जब उसने रोमिला को अपने लिए ब्रेकफास्ट तैयार करने के लिए कहा तो वह हत्थे से उखड गई । उस समय सरल बात हो रहा था ऍम एच वो गुस्से से बोली जो चाहिए खुद ले लो मयूर ईको । उसे इस तरह के रूप जवाब की अपेक्षा नहीं थी । उसने तैश में आकर रोमिला को एक थप्पड जड दिया । इस पर रोमिला ने भी अपना आपा खो दिया और उससे भिड गई । मयूरी वैसे तो काफी स्ट्रांग थी लेकिन इतनी भी नहीं कि एक मशीन का मुकाबला कर सकें । वह कमजोर पडने लगी और रोमिला से उसे छोडने के लिए गिर गिरा नहीं लगी । लेकिन रोमिला के सर पे तो जैसे खून सवार था । उसने मयूरी को बिस्तर पर पटक दिया और एक तकिया उठाकर उसके मुंह पर रखकर दबाने लगी । रोमिला छोड दो उसे सरल जो बात हम से बाहर आ चुका था उसे मयूरी की जान लेने पर आमादा देखकर चलाया नहीं सरण आज मर जाने दो । उस कमी नहीं को इसने मुझे तुमसे छीन लिया है । वह सिसकने लगी हम बात कर सकते हैं इस बारे में वो बोला पहले मयूरी को छोडो आप कोई बात नहीं हो सकती । वह चीखती हुई तकिए पर प्रेशर बढाते हुए बोली । सरल ने आगे बढकर उसे मयूरी से अलग करने की कोशिश की लेकिन जब वो उस पर काबू पाने में नाकाम रहा तो उसे लगने लगा कि आज मजबूरी नहीं बचेगी । तभी उसे याद आया कि रोमिला की पीठ पर एक बटन है जिसे प्रेस करने से उसकी बैटरी बाहर आ जाती है । उसने एक चांस लिया और वह बटन दबा दिया । रोमिला की बैटरी उसकी बॉडी से बाहर रिजेक्ट हो गई और वो एक बेजान खिलोने की तरह निष्क्रिय होकर ढह गई । सरल ने तुरंत रोबोट दिल को कौन लगाया और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए जल्द से जल्द रोमिला को वापस ले जाने के लिए कहा । तीन घंटे बाद रोमिला रोबो डील कंपनी के डायरेक्टर त्रिपाठी के ऑफिस में सिर झुकाए बैठी थी । उसके बाजू में सरल बैठा हुआ था और साइड में पडी चेयर्स पर उसका डवलपर ज्ञान सलूजा रोमिला के सारे टेस्ट कम्पलीट हो चुके थे । उनमें कहीं कोई फॅमिली नोटिस नहीं की गई थी । तो ज्ञानबाबू मिस्टर सरल की शिकायत के बारे में हमको क्या कहना है? त्रिपाठी ने पूछा, सर, हमने रोमिला का एआई सर्किट क्या है? इसमें एंगर जैसी और ऍम वाले इमोशंस मौजूद हैं, जिसकी वजह से ये प्रॉब्लम हुई हैं । फॅस त्रिपाठी ने पूछा, नौसर फॅार याने सरल की ओर देखते हुए सफाई दी । हमने इसकी एआई को मिस्टर सरल के इंस्ट्रक्शन के अकॉर्डिंग कस्टमाइज किया था और इसमें वो सारे ॅ की थी जो रोमिला को परफेक्ट वूमेन में बदलने के लिए मिस्टर सरल चाहती थी । सरल ने भी सिर हिलाकर उसकी बात से सहमती जाहिर की तो मिस्टर सरल आप क्या चाहते हैं? त्रिपाठी ने पूछा आॅर सरल ने कहा बट मिस्टर सरल, आप चाहे तो हम इसमें से अहंगर जैसी ऑफ स्टेशन जैसी वह सब फिलिंग सेरेस कर सकते हैं, जिनकी वजह से आपको प्रॉब्लम हुई है । याने उसे सलाह दी आखिर आपने इस पर इतना मन इसपे क्या है? फॅारेन हर कम्प्लीटली सरल ने सख्त स्वर में रोमिला की ओर देखते हुए कहा वो ये देखकर बेहद विचलित हो गया कि रोमिला उसे नफरत से घूम रही थी । सौरभ को मिला फॅस त्रिपाठी ने असहाय भाव से कंधे उचकाते हुए कहा वॅार रोमिला उठकर खडी हो गई बट वीडियोकाॅॅॅन त्रिपाठी ने सरल की ओर देखा । सरल ने कंधे उचकाकर जता दिया कि उसे रोमिला से बात करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है । त्रिपाठी ने ज्ञान को आंखों से इशारा किया और दोनों रोमिला को सरल के साथ छोडकर कैबिन से बाहर निकल गए । सरल रोमिला ने उसके दोनों कंधे पर हाथ रखकर उसकी आंखों में झांकते हुए कहा, क्या तो मैं एक बात पता है क्या? सरल ने पूछा मैं तो मैं बहुत प्यार करती थी । उस ने कहना शुरू किया और शायद तुम भी करने लगे थे । लेकिन उस बिच में आकर सब खत्म कर दिया । जब तुम्हें उसके साथ देखती तब भी मैं यही सोच सोच कर दुखी होती थी और अफसोस करती थी कि काश काश में एक इंसान होती तो शायद तुम्हारा प्यार पहुँच सकती थी । आॅल लेकिन कुछ कहने की जरूरत नहीं है । रोमिला उसके बाद काटते हुए बोली, आज मेरे फीचर को लेकर तुम्हारा जवाब सुनने के बाद मैं यही कहूंगी कि अब मुझे अपने इंसान ना होने का कोई दुख नहीं है बल्कि अच्छा ही है कि मैं इंसान नहीं हूँ और उस फरेब खुदगर्जी और संघ दिल्ली से दूर हूँ जो तो इंसानों में लबालब भरी है । कहते कहते उसकी आंखों में आंसू आ गए और वह सरल को आवाज छोडकर कैबिन से बाहर निकल गई हूँ ।

भाग - 11

हूँ । ऍम अच्छा । मयंक मल्होत्रा अपनी व्हील चेयर पर बैठा था । इस वक्त अपने दोस्त नीरज मखीजा के साथ एक बार में मौजूद था और दोनों धीरे धीरे अपनी ड्रिंक सिर्फ कर रहे थे । आप कुछ बोलेगा अभी आई नहीं देखता रहेगा । नीरज ने खामोशी तोडते हुए कहा यार जो बाद में करने जा रहा हूँ वो बहुत पर्सनल है । महंगा नहीं सकुचाते हुए फॅार करने के लिए जो मुझ से भी ज्यादा करीब होते रहे । नीरज ने मजाक करते हुए कहा सॉरी यार मेरा ये मतलब नहीं था । हाँ तो खुलकर बॉल । नीरज ने उसकी ओर देखा आपकी कौन सी बात मुझसे छिपी है? राइटर आप मैं आपका पब्लिशर बाद में हूँ और दोस्त पहले मुझे मालूम है कि मैं जो कुछ हूं तेरी वजह से ही हूँ । न तो मेरी बुक पब्लिश करने का रिस्क लेता नहीं । मैं इस मुकाम पर पहुंचता सिंधी आदमी होगा । आई धंधे की समझाया मुझे मुझे मालूम है कहाँ रिस्क लिया जाता है । वैसे भी मैं यहाँ कहाँ होता अगर तेरी बुक ना पब्लिक की होती वाइॅन् नोट छापता रहता ऍम मुद्दे की बात करा यहाँ के लिए बुलाया । हाँ हम घर पे तो बात कर सकते थे, नहीं कर सकते थे इसलिए इधर मिलने के लिए बोला । मयंक दबे स्वर में बोला क्या बात है? भाभी तो ठीक है ना? उसी से रिलेटेड कुछ डिस्कस करना है । उसने इधर उधर देखते हुए कहा और कोई नहीं सुन रहा तो मैं भी करो । कर बॉल तो तो जानता ही है । प्रिया को मयंक नहीं चलते हुए कहा वहाँ तो आगे बताओ । जब से मेरे साथ ही हादसा हुआ है । शीर्ष नोट ऍफआईआर । अरे जिसका जवान हजबैंड हाफ पैरलाइज होकर वीलचेयर पर लाइफ बता रहा हूँ । वो कुछ कैसे रह सकती है? नहीं बात कुछ हो रहे हैं क्या? तू तो जानता ही है कि जब से मेरे ये हालत हुई है मैं उससे फिजिकल रिलेशन नहीं बना पाया । मयंक दुखी स्वर में बोला पूरा साल होने को आया आॅॅफ प्रॉब्लम नीरज ने उसका हाथ थपथपाकर उसे दिलासा दिया । दोनों एक नोट माई प्रॉब्लम । ये प्रॉब्लम उसकी है । मयंक जल्दी से बोला सोच एक ऐसी लडकी जिसे सेक्स बेइंतहां, सुकून और सुख देता हूँ । इसके बिना कैसे खुश रह पाएगी तो समझ सकता है एक कैसी बातें कर रहा है और नीरज झेलते हुए बोला मुझे नहीं पता था कि तू इतनी ज्यादा पर्सनल चीज डिस्कस करने वाला है । रोक मत यार । सुनने पूरी बात फॅस मयंक अटक गया । टेकते बोला और ऍम इस टाइप के लोगों के लिए फॅार का काम करता है और अगर उसे इसकी डोज ना मिले तो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता । किसी चीज में मन नहीं लगता और जब से मैं इस हालत में पहुंचा हूँ वो बहुत मुझे मुझे रहने लगे है । मयंक उदास स्वर में बोला पहले जहाँ पूरे घर में उसकी खिलखिलाहट घूमती रहती थी । आप सिर्फ खामोशी सुनाई देती हैं । उसकी उदासी देख कर मैं बहुत गिल्टी फील करता हूँ । तेरी क्या गलती है? मेरी गलती ये है कि जब मेरी पोइट्री पढकर वो मुझसे ॅ हो गई थी तो मैंने उसे समझाने की कोशिश क्यों नहीं की? वो अपने से तेरह साल छोटी लडकी की मैं चोर मोहम्मद के बहाव में बह गया । अरे क्योंकि तो भी तो उससे प्यार करने लगा था और ये कोई क्राइम तो नहीं है जिसकी सजा तो अपने आप को दे रहा है । मैं कहाँ खुद को सजा दे रहा हूँ । सजा तो प्रिया को मिल रही है । बिना किसी कसूर मयंक ने गहरी सांस छोडते हुए कहा अब तो जो होना था वो हो गया, अब क्या किया जा सकता है । अगर तू चाहे तो मेरी हेल्प कर सकता है मैं वो कैसे? नीरज ने अचकचाकर पूछा पहले ये बता कि तुझे प्रिया कैसी लगती है और वैसे भी अच्छी लगती है । क्यों यार क्या तो उसके साथ अफेयर नहीं चला सकता हूँ । बैंक ने सीधे पूछ लिया ऍम नीरज को गुस्सा आया । ऍफ मत करिए ठंडे दिमाग से मेरी बात सुन मयंक शांत स्वर में बोला तो मेरा फ्रेंड वो भी तो अपना फ्रेंड समझती है और तो कभी भी हमारे घर आ जा सकता है । अगर तू इनिशिएट करे तो बात बन सकती थी । वो भी कम्फर्टेबल हूँ । समझ में नहीं आता कि तेरी इस महान तकलीफ तो जैसे लूट करूँ या ऐसी बेहुदा बाद जहाँ पर लाने के लिए ऍम तो ऐसा सोच भी कैसे सकता है की मैं और भावी क्यों? तो भी तो उसे चाहता है । मयंक ने उसकी आंखों में झांकते हुए कहा चाहता हूँ नहीं चाहता था वह भी तेरह से उसकी शादी होने से पहले नीरज ने उसे आंखे चुराए बिना गुस्से से कहा और फिर मुस्कुराने लगा । लेकिन वह तो तेरी कविताओं को और तुझे चाहती थी इसलिए तो उन्हें बाजी डीपली । वही तो मैं कह रहा हूँ तो एक बार फिर हरी बाजी जीत सकता है । मयंक जिद पकडे हुए था । सच कह रहा हूँ । मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगेगा । वह चैप्टर हमेशा के लिए क्लोज हो चुका है और अब हम इस बारे में कोई बात नहीं करेंगे । वो भी ऐसे ही रियेक्ट करती है । मयंक ने आम भरते हुए कहा, जब भी उससे कहता हूँ कि इस तरह घुट घुट करना चाहिए । किसी के साथ कोई कॅरियर चला ले तो ऐसे घूमती है जैसे मैंने कोई गाली दे दी हूँ । गाली ही तो है राइटर साहब, आप अपनी बुक्स, टी आइडियोलॉजी लाइफ के रियलिटीज पर नहीं थोप सकते । नीरज बोला एक बार बताएगा बोल अगर ये आठ सौ प्रिया भावी के साथ हुआ होता तो क्या तो किसी और लडकी के साथ अफेयर चला सकता था । नोट्स जो सौ युवान आम खुद रिया लाइन्स कर तो कितनी गलत की सोच रहा है । मयंक ने कोई जवाब नहीं दिया । उसके चेहरे पर मायूसी गहरा गई थी । सौरे यार, मैं तुझे हर्ट नहीं करना चाहता था । नीरज ने उसके हाथ पर हाथ रखकर उसे दिलासा दिया । मयंक नहीं कोई जवाब नहीं दिया और ड्रिंक उठाकर सिर्फ करने लगा । उसने देखा कि नीरज कुछ सोच रहा है कितने में वेटर ने आकर बिल टेबल पर रख दिया । एक रास्ता है अगर तू चाहे तो नीरज का चेहरा अचानक से खेल उठा । वो क्या लाभ ना कान इधर ला मयंक उस की ओर झुका । नीरज ने उसके कान में कुछ फुसफुसाया जिसे सुनकर वह जोर से हंस पडा । उसकी हसी सुनकर वहां मौजूद लोग हैरानी से उन्हें देखने लगे । फॅर तेरे पास कोई और है क्या? नीरज गंभीर था नहीं और फिर इस बारे में सोचना अभी चलें । ठीक है । लीडर्ज ने जेब से दो हजार का एक नोट निकालकर बिल के साथ गिलास के नीचे दबाया है और अपनी सीट से उठकर मयंक के पीछे आकर उसके वीलचेयर को पुश करता हुआ एक्सिट की ओर बढने लगा । मयंक अपने घर में बेहद गंभीर मुद्रा में वीलचेयर पर बैठा था । प्रिया उसके बालों में उंगलियां घुमा रही थी । क्या सोच रहे हो? प्रिया ने पूछा कुछ नहीं झूठ मत बोलो । हाँ, तुम्हें देखकर दुख होता है । मैंने उस की ओर गर्दन घुमाकर पूछा था तो किसी को दोस्त क्यों नहीं बना रही थी इसलिए तो मैं पता है मैं क्या कह रहा हूँ । फिर वही बात प्रिया उसका सर पीछे की ओर झुकाकर उसे किस करते हुए बोली तुम हो ना मेरे साथ मुझे किसी और की जरूरत नहीं है, लेकिन फिर भी कुछ मत कहो ऍम । तभी दरवाजे की घंटी बजे प्रिया ने दरवाजे की ओर देखा और बोली उस टाइम कोन आ गया शायद रोहन होगा । मयंक ने जवाब दिया रोहन कौन? रोहन बताता हूँ, पहले जाकर दरवाजा खोलो । प्रिया ने दरवाजा खोला तो देखा कि दरवाजे पर एक खूबसूरत युवक खडा है । जी कहिए । उसने पूछा और रोहन अंदर आ जाओ । पीछे से मयंक की आवाज आई । प्रिया दरवाजे के सामने से हट गई और रोहन अंदर आ गया । हेलो ऍम । रोहन उनका अभिवादन करते हुए बोला, रोहन यह प्रिया है मई वाइफ और प्रिया ये रोहन है मेरा नया पाॅल । मयंक ने दोनों का परिचय कराते हुए कहा अब से ये यही रहेगा यहाँ हमारे साथ । बट प्रिया ने हैरानी से पूछा हाँ मेरे साथ साथ तो मैं भी हेल्प करेगा । वैसे भी इसका इस दुनिया में कोई नहीं है । मयंक बोला इतना बडा घर है । एक रूम में शिफ्ट कर देंगे । मुझे किसी की हेल्प नहीं चाहिए । प्रिया तुनक कर बोले । रोहन ने असमंजस्य मयंक को देखा । उसने आंखों के इशारे से उसे आश्वस्त किया । मैं कुछ खाने को ले आती हूँ । वो रोहन पर नजर डालते हुए बोली, मैं भी चलता हूँ । रोहन ने एक कदम आगे बढाते हुए कहा, प्लीज आप यही बैठे । कुछ मिनट बाद प्रिया खाना लेकर लौटी तो देखा कि मयंक और रोहन चेस खेल रहे हैं । प्रिया को देखकर उन्होंने खेलना बंद कर दिया । कौन जीता? उसने पूछा अभी तो खेल शुरू ही किया था । मैंने जवाब दिया चलो अब खाना खा लो वरना ठंडा हो जाएगा । उसने कहा और फिर तीनों ने खाना शुरू कर दिया । मयंक बेडरूम में लेटा हुआ था । प्रिया आई और उसके पास लेट गयी । मयंक एक बात बोलूँ इसी डोंट माइंड वो उसके सीने पर से रखकर बोली बोलो ना पूछ रही हूँ ये जो तुम्हारा नया असिस्टेंट हैना रोहन दिखने में जितना क्यूट लगता है उतना है नहीं । प्रिया ने हिचकी चाहते हुए कहा क्यों क्या हुआ? मयंक ने पूछा कुछ नहीं । वो अक्सर मेरे पास रहने के बहाने घूमता है और बार बार मुझे टच करने की कोशिश करता है तो वो चीज ही ऐसी या किसी का भी दिल आ जाये । मैंने हसते हुए कहा बात हसने की नहीं मयंक मुझे तो टेंशन होने लगी है । टेंशन तो मुझे होनी चाहिए । मयंक ने नकली चिंता जाहिर करते हुए कहा जी नहीं तुम तो जानते हो ना अपने प्रिया को वो बोली चलो थोडा और जान लेता हूँ । मयंक ने मुस्कुराते हुए कहा और उसे अपने ऊपर खींचकर उसके कंधों, पीठ और बालों को सहलाने लगा । मयंक स्टडी में बैठा हुआ था तभी प्रिया उसके पास आई । आज तो हद हो गयी वो बहुत गुस्से में थी । अब वो एक पल भी घर में नहीं रहेगा । क्यों? क्या हुआ? मैंने पूछा बहुत गुस्से में हूँ । पता है आज उसने क्या क्या क्या क्या मैं बैडरूम में चेंज कर रही थी और वह बिना नौकरी यही कमरे में घुसता । चलाया रखी मैन जो नजारा हमने महीनों से नहीं देखा उसने देख लिया । मयंक उसे छेडते हुए बोला मेरी जान निकली जा रहे और तुम्हें मस्ती सोच रही है । रिया छोडकर बोली जाओ नहीं बताते कुछ भी बस उसे यहाँ से चलता कर दो । अच्छा सॉरी, सॉरी बोलो । ऐसा क्या हुआ जो तुम उस बेचारी को बेघर करना चाहती हूँ । बेचारा मई फट । जब मैंने उसे डांटा की आने से पहले नौ करना चाहिए था तो पता है तुम्हारे इस बेचारे ने क्या किया? मयंक ने सवालिया नजरों से उसकी ओर देखा । मेरे करीब आ गया और जब तक मैं कुछ समझ पाती मुझे बाहों में लेकर किस कर लिया वो गुस्से से बोली वो तभी तुम्हारे गाल इतने लाल हो रहे हैं । शर्म से शराब शर्म से नहीं गुस्से से लाल हो रहे हैं और ये गुस्सा उससे ज्यादा तुम पर आ रहा है कि इतना सबकुछ सुनकर भी तुम इतने शांत बैठे हो जैसे तुम मेने उसे मुझे किस करने के लिए भेजा हो । न कोई शौक, ना कोई कुछ था ये साला औरतों का सिक्स सेंस बिना मैंने मन ही मन कहा और प्रिया से बोला कैसी बातें कर रही हूँ, मैं क्या होगा? क्यों नहीं भेज सकते? इतने दिनों से मेरे पीछे पडे हो की कोई बॉयफ्रेंड बना लो । अगर तुम्हारा मन हो तो रोहन भी बुरा नहीं है । क्या बोलती हूँ और कुछ कहना बाकी रह गया हो तो वो भी कह लो पर मुझे आदमी घर में नहीं चाहिए । ऐसे अचानक उसे घर से निकालना ठीक नहीं रहेगा । मैं कल उससे बात करता हूँ । मैं समझ सकती हूँ कि उसके साथ तो बहुत खुश रहते हो । प्रिया ने शांत होते हुए कहा वो तुम्हारा अकेलापन बढता है लेकिन वैसे इस वक्त वो है कहां पता नहीं । उसकी इस हरकत पर मैंने गुस्से में उसे एक चांटा जड दिया था । इसके बाद वह सिर झुकाकर बैड रूम से बाहर निकल गया, तब से नहीं दिखा । तभी उन्हें रोहण के कमरे से बयानों के बचने की आवाज सुनाई देने लगी सकता है । थप्पड की चलो ऍम पर नहीं, तेल पर लगे हैं । मयंक यहाँ भरते हुए बोला देखो ना कितना डर द्वारा है उसके धन में भाड में जाये तो बारह ऐसी हरकत की तो मोनो चलूंगी, उसका प्रिया मूवीज का कर पडेगी । मैंने घबराने का नाटक करते हुए अपने चहरे को दोनों हाथों से ढक लिया । इस पर प्रिया सारा गुस्सा भूलकर खिलखिलाकर हंस पडी और उसके हाथों को हटाकर उसे किस कर लिया । कितने दिनों बाद इस घर में तुम्हारे ये खिलखिलाती हंसी सुनने को मिली हैं । महीने धीरे से बोला प्रिया ने उसका सिर अपने सीने से निकाल लिया हूँ ।

भाग - 12

हूँ । प्रिया किचन में काम कर रही थी तभी रोहन उसके पास आया तो हिम्मत कैसे हुई यहाँ आने की अभी बाहर निकालो । वो उसे फटकारते हुए बोलेगा । मैं कल के व्यवहार के लिए आपसे माफी मांगने आया हूँ । मैडम रोहन शर्मिंदगी भरे स्वर में बोला ओके ऍम । उसके शब्दों ने प्रिया के गुस्से की । वहाँ पर पानी का काम किया । आई एम सॉरी! मैं बताऊँ आप इतनी सुंदर है कि जब भी आप को देखता हूँ, एक अजीब सी मदहोशी छाने लगती हैं । रोहन बोला कल भी ऐसा ही हुआ । आप इतनी ज्यादा अच्छी लग रही थी कि मैं खुद पर काबू नहीं रख पाया । तो के सच तो यह है कि लाइक यू टू बट । फॅमिली प्रिया ने उसे समझाया, कल तुम्हारे भेज से मुझे शौक लगा इसलिए मैंने ऍम और ऍम । रोहन ने कल की बात याद करते हुए अपने गाल पर हाथ रख लिया । ये देखकर प्रिया की हंसी छूट गई । नॉट दिस वन लेफ्ट वाले पर मारा था मैंने । वो बोली दोनों हंसने लगे और वहाँ सब कुछ नॉर्मल हो गया । मयंक अपनी स्टडी में बैठा फोन पर नीरज से बातें कर रहा था और आइडिया इस वर्किंग या आई थी । अच्छी है स्टार्ट लाइकिंग रोहन वह हर्ष मिश्रित स्वर में बोला । नाइस डिटेल में बताया । उधर से नीरज की आवाज आई । अरे यार पहली बार में तो उस बेचारी को थप्पड खाना पड गया था । उसने बताया बट ना हॅारर वो उसके साथ खेलता है । उसके साथ किचन में काम करता है, उसे पोइट्री सुनाता है, उस की पेंटिंग बनाता है और आजकल तो उसे पियानो बजाना दिखा रहा है । जाॅन नहीं हो रहा है । नीरज ने चुटकीली उसकी जगह तू होता तो पक्का मैं जलस फील करता । मयंक ने मजाक करते हुए कहा जिसके कह रहे जैसे व्यवस्थाओं से दुश्मनों की क्या जरूरत है । थैंक्स यार सब तेरी वजह से हुआ है । जो घर प्रिया की एक स्माइल के लिए तरस गया था आज वहाँ उसके खिलखिलाहट खोलती है । लगता है जैसे किसी ने महीनों से घर में बिखरी मनहूसियत को एक साथ बुहारकर घर के बाहर फेंक दिया हूँ । वह कह ही रहा था कि तभी दरवाजे के पीछे से आहत सुनाई थी । वो बोला चलते अभी मैं रखता हूँ । लगता प्रिया आ रही है । प्रिया अंदर आई और उसने पूछा कि वह किससे बात कर रहा था नीरज से वो कैसे हैं? नीरज भैया और नीलू अभी सब अच्छे हैं तो वहाँ के बारे में पूछ रहे थे । अच्छा मैं ये पूछने आई थी कि रोहन लॉन्ग ड्राइव पर जा रहा है । मैं उसके साथ जाऊं । वहाँ नोट फॅस जानू तुम्हारा खाना मैंने टेबल पर लगा दिया है । अगर हमें देर हो जाए तो तुम खा लेना । चोर दो हफ्ते गुजर गए । एक शाम प्रिया और रोहन छत पर खडे बात कर रहे थे । आसमान में घटाएं छाई हुई थी और ठंडी हवा चल रही थी । हवा के साथ बीच बीच में आकर शरीर कुछ होने वाली फुहारें प्रिया को बहुत भली लग रही थी । वो झूले पर बैठी हुई थी और रोहन झूला हिला रहा था । रोहन आज मौसम बहुत सुहावना है ना ये इस मैं यार तो मुझे मैं मत कहा करो । उसने कहा ऐसा लगता है जैसे मैं तुम्हारी स्कूल टीचर है और तो मेरे स्टूडेंट ॅरियर फॅस । प्रिया बोलू प्लीज रोहन पता है मयंक और मैं रोजाना यहाँ पर बैठ जाते थे और ऐसे ही घंटों तक बादलों को देखकर उन्हें तरह तरह के शेप खोजा करते थे । फिर एक दिन और अब तो उनके लिए सीढियां चढना ही पॉसिबल नहीं है । वह उदास स्वर में बोली तो नहीं किया हुआ था । मैं सॉरी प्रिया जी एक दिन ये ऑफिस से लौट रहे थे । मैं भी अपना मार्केट का काम निपटाकर बस स्टॉप पर इन का वेट कर रही थी । जहाँ से नहीं मुझे पिक करना था । ये मेरी और आ ही रहे थे कि उस समय ब्लास्ट हुआ और उनकी कार के शीशे चकनाचूर हो गए । मैं घबराकर इन की ओर दौडी । इन्हें ज्यादा चोट तो नहीं आई थी लेकिन ये बेहोश हो चुके थे । जैसे तैसे लोगों की मदद से मैंने हॉस्पिटल ले गई । हाँ, जब उन्हें होश आया तो डॉक्टर ने बताया कि इन्हें जबरदस्त शौक लगा है जिसने इनके लोवर हाफ को फाॅर्स कर दिया है । सारी गलती मेरी है ना । मैं वहाँ बुलाती और ना ये होता है । कहते कहते प्रिया के आंखों में आंसू आ गए तो क्या असर अब कभी ठीक नहीं होंगे । रोहन ने पूछा डॉक्टर का कहना है कि जिस तरह उन की ये हालत एक शॉप की वजह से हुई थी शायद कोई और शौक उनके नर्वस सिस्टम को रिस्टोर करन है । ठीक कर दें बॅाल प्रिया आंसू पहुंचते हुए बोली रोहण के कुछ कहने से पहले ही बारिश तेजी से गिरने रहे चलिए प्रिया की नीचे चलते हैं । वो हाथ बढाते हुए बोला भीगने से आप की तबियत खराब हो सकती है । बेडरूम में बारिश से भीगी हुई त्रियां आने के सामने खडी टाउन से अपने बाल पहुंच रहे थे तभी रोहन ने उसके पीछे से आकर उसके हाथ से टावर ले लिया । मैं यहाँ उसने बडी नफासत से पूछा । प्रिया ने मुस्कुराकर उसकी ओर देखा और चावल उसे थमा दिया । रोहन टॉवल से उसके बाद पहुंचने लगा । फिर उसने प्रिया के गर्दन उसके कंधे पहुंचे और अचानक चावल को एक और फेंक उसे बाहों में भर लिया और उस पर चुंबनों की बौछार कर दी । पहले तो प्रिया ने अपने आप को छुडाने की कोशिश की लेकिन फिर रोहन के आगोश में उसका बदन ढीला पडने लगा । एक लंबे अरसे बाद किसी पुरुष के इतना करीब आकर किसान से बेकाबू हो गए और फिर वो भी रोहन को किस करने लगी । पहुंच इस वक्त रोहन उसके तो आपको अनजिप कर रहा था । उसके हाथों ने रोहन की शर्ट के बटन खोलना शुरू कर दिया । अगले ही पल वो उसे लेकर बिस्तर पर गिर पडी और उसे बाहों में कस लिया । रात के साढे दस बज चुके थे । मयंक स्टडी में बैठा हुआ था तभी प्रिया उसके पास आई और उसकी गोद में सिर रखकर फूट फूटकर रोने लगी । अरे क्या हुआ? प्रिया मयंक ने परेशान होकर पूछा । वहीं जिसका मुझे डर था अभी कुछ देर पहले रोहन और मैं अपनी बात पूरी करने से पहले ही वह फिर से रोने लगी । ओके प्रिया हाँ ऍम थीं ऍम मैं तुम्हें धोखा नहीं देना चाहती थी । यू कांडू एनीथिंग रहूँ । लीव इट रिलीज नहीं तो मैं सुना होगा । मैं तुमसे नहीं करूंगी तो इसमें ट्रेल के लिए मेरा मन मुझे हरदम कचोटता रहेगा । ऐसा है तो बोलो प्रिया कुछ देर पहले रोहन किसान अपनी लवमेकिंग के बारे में बताने लगी और बात खत्म करते करते फिर से उसकी गोद में सिर रखकर होने लगी । मैंने उसकी चिबुक को उंगली से उठाकर उसका चेहरा देखा और उसके आंसू पहुंचने लगा । प्रिया प्लीज डोंट रहें । वो उसे समझाने लगा तुमने मुझे कोई धोखा नहीं दिया । यूनीनॉर टॅाप तुमने कुछ गलत नहीं किया । बस एक बाइलॉजिकल नींद को पूरा किया है जिसकी तो मैं बहुत जरूरत थी । बट बट क्या अच्छा ये बताओ तो मैं इसके बाद कैसा लगा? वो बोला देखो पूरी फॅमिली के साथ जवाब देना । सच कहूँ तो अच्छा ही लगा था । प्रिया संकोच के साथ बोली जिस समय ये हो रहा था अच्छा ऐसा लग रहा था जैसे मेरे भीतर ठहरा कोई बेचैनी का ग्लेशियर पिघलते हुए मेरे जिस्म से बाहर निकल रहा हूँ । लेकिन जब ये खत्म हुआ तो मुझे एहसास हुआ कि मैंने तुम्हारे साथ कितना गलत कर डालना । एक बार पूछूँ । प्रिया ने सहमती में से रहना प्यार करने लगे हो, रोहन से नहीं । प्रिया दृढता से बोली लेकिन ये भी सच है कि मुझे वह काफी अच्छा लगता है । तुम्हारे अलावा और किसी से प्यार करने के बारे में मैं सोच भी नहीं सकती । फिर क्या दिक्कत है । वो बोला बिहार तो मत सही करती हो ना । रोहन से तो तुमने सिर्फ वो पाया है जो मैं तो मैं नहीं दे सकता । लेकिन तुम मैं भी तभी खुश रह सकता हूँ जब तुम खुश रहूँ और इस बात में कोई शक नहीं है कि लोग उनका साथ तो मैं वो खुशी दे सकता है जो मुझसे मिल पाना मुमकिन नहीं है । मयंक शांत सफर में कह रहा था, मैं क्या तुम्हारी जरूरतों को समझता नहीं है तो बहुत पहले से तो मैं इसके लिए कह रहा था लेकिन तुम्हें अगर ही नहीं थी । सच बताऊँ तो मैं क्या बिल्कुल बुरा नहीं लगा । प्रिया ने हैरानी से पूछा बिल्कुल नहीं अगर मेरी जगह तुम होती और तुम्हारे जगह मैं तो क्या तुम मुझे ऐसा करने से रोकती? बिल्कुल रोकती । प्रिया ने शरारत से उसकी वहाँ पर हल्का सा घुसा । मारते ने कहा मुझे तुम्हारी तरह महान बनने का शौक नहीं है । सच में ना तो मोर्चों का दिल बहुत छोटा होता । मयंक शिकायत के अंदर में बोला हाँ बडा होता तो बठलाना लेती । रोहन को भी इसमें उसने इतराते हुए जवाब दिया तो ऐसा है अच्छा एक वादा करो मत से क्या जिस रास्ते पर तुम ने कदम रख दिया है । अब पीछे नहीं होगी वोट अरे क्रेजी नहीं, मैं जो भी कह रहा हूँ, काफी सोच समझकर ही बोल रहा हूँ तो मैं उसकी जरूरत है और मुझे तुम्हारी और मेरी ताकत मेरी संजीवनी तुम्हारी खुशी है जो मुद्दों के बाद महसूस होना शुरू हुई है । मैं इस खुशी को फिर से खुद से छिनते में नहीं देख सकता । प्रिया अवांग उसे देखती रह गई । मयंक के प्रति उसका मन अचानक ही अपार प्रेम और श्रद्धा से भर उठा था । मयंक कंप्यूटर पर बैठा अपनी पुरानी कविताएँ पड रहा था । तभी उसे प्रिया के आने की आहट सुनाई दी । वो उसके पास पडी चेयर पर बैठ गई । कैसा चल रहा है तो उन दोनों के बीच उसने प्रिया से पूछा, पहले जैसा ही हम लोग मेकिंग करते हैं, लेकिन मेरे लिए सिर्फ एक होता है । वह बे झिझक बोली और उसके लिए पता नहीं क्या वह असमंजस भरे स्वर में बोली । जब उसका चेहरा देखती हूँ तो लगता है जैसे उसकी आंखों में मेरे लिए चाहत और तडका समंदर लहरा रहा है । लेकिन वो जो भी करता है, उससे लगता है कि वह कोई इंसान नहीं बल्कि मशीन हूँ । हर बार वही मूंग, वही एक्टिविटीज, कोई भी एक्सपीरियंस पहले वाले से जरा भी डिफरेंट नहीं होता हो । हो सकता है उसके लिए भी ये बस एक ही हूँ । कहकर मयंक सोच में डूब गया । हाँ, ऐसा ही हो तो बेहतर है । हम सब के लिए मयंक ने चौक कर उसे देखा । उसके चेहरे पर दृढ निश्चय के भाव थे । एक बात पूछूं सच बताना । वह बोली क्या कहीं तुम इस सबसे फेवरेट फिल्म तो नहीं कर रहे हैं और ड्रोन बीस से ले । ट्रेन तो तब होता जब तुम ये मुझे बताए बिना कर रही होती है । इस जस्ट ऍम हमें जाऊँ । किचन में काफी कम पडा है । ठीक है रोहन को भेज देना ऍम प्रिया कमरे से निकल गई । मैं फिर से कविताएं देखने लगा । दो मिनट बाद रोहन भीतर आया । आओ रोहन ऍम रोहन सोफे पर बैठ गया और उसकी ओर देखने लगा हो फीवर हैविंग गुड टाइम बेट्रियां यह सर हाँ ऍम इधर आई थी ऍप्स नाइस मुझे खुशी है कि तुम अपना काम काफी अच्छे से कर रहे हो । बट आॅन आॅफ के सर फॅस कहकर रोहन रूम से निकल गया हूँ ।

भाग - 13

मयंक स्टडी में बैठा हुआ था । प्रिया उसके पास आकर खडी हो गई है । अब तक कोई शिकायत नहीं है । मयंक ने उसकी कमर को अपनी बाढ में घेरते हुए पूछा तो ये तुम्हारी ट्रेनिंग का नतीजा है । वो उसकी और करीब से मारते हुए बोली, तुमने क्या उसे कामसूत्र पढाना शुरू कर दिया है? जवाब में मयंग धीरे धीरे मुस्कुराने लगा । थोडा सा ज्ञान हमें भी दे दीजिये । महर्षि वात्स्यायन जी । प्रिया उसके गले में बाहें डालते हुए बोले, हरे आप तो पहले से ही बहुत ज्ञानी है । मैडम डोंट वरी । महर्षि वात्स्यायन अपने पास आने वाले हैं । किसी भी याचक खाली हाथ नहीं लौटाते कहकर उसने प्रिया का चेहरा अपने चेहरे पर झुकाकर उसके होट अपने होठों पर रखेंगे । कुछ देर तक दोनों इसी स्थिति में एक दूसरे का स्वाद लेकर हैं । सारा ज्ञान आज ही देने का इरादा है क्या? प्रिया अलग होते हुए बोली, अब मुझे जाना होगा और भी ढेरों कम है । करने को गया जाओ । प्रिया चली गई । दोनों में से कोई नहीं जानता था कि उनके इन पलों को रोहन खिरकी के उस पार खडा देख रहा था । उसके चेहरे पर अजीब से भाव आए और प्रिया के निकलते ही वह अंदर आ गया । अरे तुम आओ मैं उसे देखकर मुस्कुराया । मुझे आपसे कुछ बात करनी है । रोहन का स्वर्ण सकता था । बोलू जब आप रियाजी को प्यार करते हैं तो मुझे अच्छा नहीं लगता । वो बोला अरे ऐसा क्यों? ऍम हर युक्रेन से पता नहीं । लेकिन मैं चाहता हूँ कि आइंदा से आप उनसे दूर ही रहे हो । डाॅक्टर जो माइंड जो सुन रहा था उस पर यकीन कर पाना उसके लिए मुश्किल था । नॉट बॉल रोहन गंभीर था । मैं उनके साथ रहना चाहता हूँ । हर पल हमें शाह लेकिन आपके रहते हुए ये पॉसिबल नहीं है । तो मैं यहाँ मोहम्मद करने के लिए नहीं लाया गया था । मैं उसके पागल पन पर झुंझला उठा । तब से अबतक हालत बहुत बदल चुके हैं । तो अब तो मुझसे क्या चाहते हो? हम दोनों को अकेला छोड दीजिए । क्या प्रिया भी चाहती है ऑफकोर्स वो पूरे विश्वास से बोला आप चाहे तो खुद ही उनसे पूछ लीजिए । प्रिया प्रिया मयंक ने जोर से प्रिया को आवाज दी तो प्रिया लगभग भागती हुई भीतर आ गई । क्या हुआ तो घबराएं स्वर में बोले रोहन ऍम रहे तो रहा है हमारे साथ । फिर अब क्या हुआ नहीं वह सिर्फ तुम्हारे साथ रहना चाहता है । वोट रोहन ये ऍम प्रिया चौंककर बोली, आई लव यू प्रिया ऍम वो उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोला, तुम पागल हो गए । प्रिया ने उसका हाथ कंधे से हटाते हुए कहा क्यों तुम भी तो मुझे प्यार करती हूँ, नहीं तो मेरे लिए सिर्फ एक क्लोज फ्रेंड हो । वो बोली आप कोर्स तुम्हारे साथ में मुझे बहुत खुशियाँ दी है, लेकिन ऍम को ही करती हूँ और हमेशा करती रहूंगी तो ये तुम्हारा आखिरी फैसला है । रोहन गुस्से से बोला हाँ अगर तो मैं घर में रहना है तो रहो वरना निकल जाओ । प्रिया ने उसे फटकारते हुए कहा इतनी आसानी से नहीं । मिसेज मल्होत्रा रोहन की आंखों से खून होता रहा था । अगर तो मेरी नहीं हो सकती तो मैं तो मैं किसी का भी नहीं होने दूंगा । प्रिया ने बहुत भाव से मयंक की ओर देखा । तभी रोहन उसपर झपटा और उसे नीचे गिराकर उसका गला घोटने लगा । तो मैं क्या सोचती हूँ कि मेरे इमोशन से खेलती रहोगी और मैं तो मैं योगी जाने दूंगा । आईपीएल के लिए तो वो उसकी जान लेने पर आमादा था । रोहन छोडो प्रिया को मैं दिखा आॅल लेकिन रोहन के कानूनी जैसे सुनना बंद कर दिया था । वो प्रिया का गला दबाया जा रहा था और वह पूरी तरह छटपटा रही थी । उसकी हालत देखकर मयंक बेबसी से चला रहा था । लेकिन जैसे उसकी आवाज गले में घुट रही थी । अचानक पता नहीं कहाँ से उसके शरीर में दैविक शक्ति का संचार हुआ और वो रोहन पे झगडा हूँ । मैंने उसे प्रिया से अलग करके उसकी गर्दन पर लगाम बटन दबा दिया जिससे रोहन डीएक्टिवेट हो गया । तब तक मयंक भी बेहोश होकर फर्श पर गिर चुका था । मैं महम क्या हुआ तो मैं उन दोनों के बीच पडी प्रियां अपना गाना सहलाते हुए उठी । मयंक क्या हुआ तो मैं प्लीज मयंक कुछ तो बोलो डॉक्टर साहब, अब जल्दी आ जाइए । मैं उन को कुछ हो गया है । माइंड की ओर से कोई जवाब न मिलने पर उसने तुरंत डॉक्टर को फोन करके बताया । मयंक को जब होश आया तो उसने अपने आप को हॉस्पिटल के बैठ कर लेता पाया । नीरज उसके सामने खडा था कैसे? हाँ मैं उसने मयंक के सिर पर हाथ फिराते हुए पूछा प्रिया कैसी है? अच्छी है? बाहर डॉक्टर से बात कर रहे हैं । नीरज ने बताया और रोहन उसे जहां से लाया गया था वहीं भिजवा दिया गया है । शायद नेक्स्ट वीक में डिसमेंटल कर दिया जाएगा तो कि अप्रिय को हकीकत का पता चल गया । मैं चिंतित सफर में बोला हाँ, मुझे बताना । बडा । नीरज बोला तो महारे रोहन को डीएक्टिवेट करने के बाद और कुछ समझ में नहीं आ रहा था । लोकप्रिय भी आ गई । प्रिया अंदर आई उस वक्त बहुत खुश नजर आ रही थी तो हम सारे प्रिय मयंक खेद प्रकट करते हुए बोला, मयंक कायम सो हैप्पी । डॉक्टर ने कहा है कि तुम बिल्कुल ठीक हो । पंद्रह दिन की फिजियोथैरपी के बाद तुम फिर से पहले की तरह अपने पैरों पर चलने लग जाओगे । फॅस नीरज ने मयंक की और देखते हुए कहा, ये मेरे कल हुआ । ऐसे मयंक सुनकर खुद हैरान था । जब तुम मेरी जान बचाने के लिए सुपर मैन की तरह वीलचेयर से उठकर रोहन पर झपटे थे और उसे डीएक्टिवेट किया था तो वह क्या काम बडा मेरा कल था । प्रिया ने उसके और बिहार से देखते हुए कहा । कहकर वो उससे लिपट गई और नीरज उन्हें एक कान देने के लिए मुस्कुराते हुए रूम से बाहर चला गया । रोबोट उन कंपनी का डायरेक्टर सुजॉय मेहता अपने ऑफिस में बैठा था । उसके सामने रोहन की डवलपर अक्षय और एक साइड में पडे सोफे पर और रोहन मौजूद थे । सर मैंने पूरे केस को डीपली स्टडी करने के बाद अपनी सारी फाइंडिंग्स टेस्ट में डाल दिया । आशी सुजॅय देते हुए बोली, वे सब फुटेज भी इसमें है जो रोहन की बायोनिक आइस में लगे माइक्रो कैमरे रिकॉर्ड की है । इसे तो मैं बाद में देख लूंगा । तो ये बताओ की पाँच नली तुम्हारा क्या कहना है? इस डिस्मेंटल करना पडेगा और ऍम मेहता ने उससे डिस्क लेकर ड्रॉर में रखते हुए पूछा आई डोंट थिंक सर की इस की जरूरत पडेगी ऍम वो विश्वासपूर्वक बोली फॅमिली ऍम मेहता की स्वर्णिम नाराज की थी । कॅश उसने वही किया जो उसकी प्रोग्रामिंग में फीड किए गए इंस्ट्रक्शंस के अकॉर्डिंग था । अक्षय ने कहा तो क्या तुमने मेहता ने पूछा तो अक्षय नजरें चुराने लगी । बंटवाये क्या जरूरत थी उसमें? लाॅक ऍम स्पोर्ट्स ना कि ऐसे रोबोट लोगों के फैमिली लाइफ के लिए खतरा बन जाए । आॅल हैप्पी ऍम अक्षय ने सफाई दी फॅालो भी जब किसी औरत को खुश करने जाता है तो छोटा ही सही लेकिन थोडा सा तो अफेक्शन शो करता ही है ना । रोहन ने जो किया वो उसकी आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में फीड किए गए इंस्ट्रक्शंस के अकॉर्डिंग था । ऍम रिपोर्ट के अकॉर्डिंग ये जब भी मिस्टर एंड मिसेज मल्होत्रा को पांच देखता था । जलस फील करता था । मेहता उलझन भरे स्वर में बोला राइट्स बट जैसी ॅ उसने शायराना अंदाज में जवाब दे । वो कहते हैं ना कि बिना रश के । आप इसको उस शिद्दत के साथ इजहार नहीं कर सकते जो उसे इश्क बनाती है । मैं क्या कोई और वक्त होता तो मैं आपके इस फल सबको जरूर आॅपरेट करता । मेहता व्यंग से मुस्कुराते हुए बोला, बेटा अभी भी एक बेसिक सवाल बाकी है । वो ये कि इसने मिसिस मल्होत्रा पर अटैक कर उन्हें मारने की कोशिश क्योंकि वो तो उनकी और उनसे ज्यादा हमारे किस्मत अच्छी थी कि उनके पति को अच्छा खाना कि भगवान ने इतना कर्ज और स्ट्रेंथ देवी की उन्होंने अपनी वाइफ को बचा लिया । क्या इसका यह एंगर और वाइॅन् भी तुम्हारे फल सब पे में कहीं फिट बैठता है? नाॅट इंडीड जब भी हम कोई रोबोट डेवलप करते हैं, सबसे पहले ये इन शोर करते हैं कि उसके प्रोग्रामिंग में रोबोटिक्स के तीनों बेसिक रूल्स डाल दिए गए हैं, जो उसे किसी भी इंसान को नुकसान पहुंचाने से रिस्ट्रिक्ट करते हैं । फॅसने क्यू प्रिया की जान लेने की कोशिश की आशीष ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा इसी बीच रोहन ने अपना हाथों पर उठाया मेहतन राशि दोनों ने हैरानी सौ से देखा फॅस है मुझे दोनो । मेहता ने उसे घूमते हुए पूछा ऍम मेहता की त्योरियां चढ गयी ऍम जिसका मकसद मिसिस मल्होत्रा को नुकसान पहुंचाना बिल्कुल नहीं था । रोहन ने खुलासा किया ये तुम क्या कह रहे हो? आज ही चौक कर बोले यह डॉक्टर आशियां । मैं सो कॉल्ड अटैक को तब से प्लान कर रहा था जब मैसेज मल्होत्रा ने मुझे मिस्टर मल्होत्रा के इस हालत में पहुंचने की कहानी सुनाई थी । इसके बाद रोहन ने उन्हें अपने और प्रिया के बीच हुई उस रात के बातचीत के बारे में बताया जब प्रिया ने उसे मयंक के एक्सीडेंट की दास्तान सुनाते हुए बताया था कि डॉक्टरों का इस विषय में क्या कहना है? यू मीन हूँ । रोहन की बात सुनकर मेहता की आंखे फैल गई । यस सर, ऍफ ट्रीटमेन्ट नोट आॅवर लेकिन तुमने अब तक ये बात किसी को क्यों नहीं बताई? मेहता ने नर्वस होते हुए कहाँ क्यों के किसी ने अभी तक मेरा एंगल जानने की कोशिश की नहीं की रोहनी शांति से जवाब दिया । सारे एक्स्पर्ट अपने अपने परसेप्शन के साथ अपने अपने कन्क्लूजन निकालने में बिजी थे और पहले से ही मान कर चल रहे थे कि मैं फंक्शन हो चुका हूँ । अरे, तुमने तो मुझे उलझन में डाल दिया यार दो ऍफ और प्रोग्राम फॅस । मेहता ने कहा और अक्षय की ओर घुमा क्यों? मैं क्या राइट्स यू नो रोहन रिजर्ट चाहे जितने अच्छे हो । बाॅलर एक रोबोट की सबसे अनेक टेबल क्वालिटी मानी जाती है । मेहता ने रोहन से कहा, हम किसी के सामने इस बात का जिक्र तक नहीं कर सकते हैं कि तुम ने कितना अच्छा काम किया है । जिस काम के लिए तुम अवॉर्ड डिजर्व करते हो, वही तुम्हारा ॅ खत्म कर सकता है । फॅमिली थिंग कि तुम्हारा क्या किया जाए? बहुत में ले प्लीज । उसका इशारा समझकर रोहन और अक्षय उसके चेंबर से बाहर निकल गए । एक बात बताओ कि रोहन मेहता के चेंबर से बाहर आने के बाद आशीष ने रुककर रोहन को देखा ये डॉक्टर राशियां क्या तुम सचमुच प्रिया को प्यार करने लगे थे? एक मशीन कैसे किसी को प्यार कर सकती हैं? ज्यादा मनो मत आशी नकली गुस्से से उसे घूमते हुए बोली मैं तुम्हारी नस नस पहचानती हूँ । मैंने तुम्हें फिट बॉडी कैंसे रिकॉर्ड की गई सारी फुटेज देखी है तो हमारा उसके साथ बिहेवियर मशीन वाला नहीं था । हालांकि इंस्ट्रक्शंस के अकॉर्डिंग तो तो मैं सिर्फ लव प्रिटेंड करना था । फिर पता नहीं ये कैसे हो गया तो क्या आप मुझे तोड दिया जाएगा? रोहन ने बात बदलते हुए कहा डोंट वरी रोहन । आशीष ने उसे आश्वस्त किया मैं उन्हें यकीन दिला दूंगी कि तुम्हें कोई फॉल्ट नहीं है और उन से रिक्वेस्ट करोंगे की तो मैं डिस्मेंटल करने की बजाय फॅस के लिए मुझे सौंप देते । थैंक डॉक्टर आशियां पर ऐसे नहीं तो मैं भी मेरे लिए कुछ करना होगा । उसने रहस्य भरे स्वर में कहा क्या? रोहन ने असमंजस से उसे देखा तो मेरी शर्त ये है कि एक तो मुझे डॉक्टर आशिया नहीं सिर्फ आशीष बोलोगे । आशी प्यार से रोहन की ओर देखते हुए बोली दूसरी शर्त ये है कि तुम मुझे भी उसी तरह डीपली प्यार करोगे जैसे प्रिया को करते थे और यहाँ तुम्हारा कोई राइवल भी नहीं होगा । कहकर वो हंस पडी और रोहन के बाहर में बाहर डाल दी । रोहण के चेहरे पर भी एक प्यारी सी मुस्कान खेलो थी ।

भाग - 14

द किलर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अभी तक जो भी गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किये हैं, मैं ये सिद्ध करने में नाकाम रहे हैं कि मुस्लिम कपिल सिधवानी ने अपनी पत्नी रागनी सिधवानी की हत्या की है । इसलिए ये अदालत मुलजिम को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी करती है । जज के इस फैसले को सुनकर जहाँ एक और कपिल सिद्धवानी और उसके वकील कमलेश श्रीवास्तव का चेहरा हजार वोट के बल की तरह चमक उठा वहीं अदालत में मौजूद लाइट शोर इंश्योरेंस कंपनी की नुमाइंदगी कर रहे कंपनी के एजीएम महेंद्र माथुर और उसके साथ आए दोनों अधिकारियों का मूल लटक गया जो पिछले एक महीने से अदालत की हर सुनवाई में इसी उम्मीद के साथ हाजिरी लगाए जा रहे थे की कंपनी के प्रेशर में मामले की पडताल करने को मजबूर पुलिस और उसके द्वारा मैनेज किए जा रहा सरकारी वकील सिधवानी को उसकी बीवी का कातिल साबित करने में कामयाब हो जाएंगे और उनकी कंपनी को डेढ सौ करोड रुपये की चपत लगने से बच जाएंगे । ये रकम रागिनी की मौत के बाद इंश्योरेंस क्लेम के रूप में उसके पति यानी कपिल सिधवानी को चुकाने पडते हैं हम आप मेरे क्लाइंट को डेढ सौ करोड रुपये का पेमेंट करने की तैयारी कर लीजिए । मात्र जहाँ श्रीवास्तव ने महेंद्र मात्र को चिढाते हुए कहा, इतनी भी क्या जल्दी है? श्रीवास्तव साहब अभी तब बहुत सारी फॉर मिलते बाकी है । माथुर मुस्कुराया वैसे भी हमारे पास तीस दिन का वक्त है और इसे एक महीने में हम सच को सामने लाकर रहेंगे । क्या ऐसा सच श्रीवास्तव? आंखे सिकोडकर बोला वही सर जो आप और आपका क्लाइंट अच्छी तरह जानते हैं । माथुर ने सिदवानी को खोलते हुए कहा कानून अंधा हो सकता है, लेकिन हम नहीं क्या कहते हैं । सिधवानी साहब यही थी । आपकी नियत में बईमानी आ गई है और आप लोग मुझे फंसाकर मेरे डेढ सौ करोड रुपये हडप लेना चाहते हैं । सिधवानी बिना पलक झपकाए बोला बेईमान कौन है ये तो वक्त ही बताएगा । फिलहाल तो हम जा रहे हैं । जल्दी ही फिर मुलाकात होगी और यकीन माननीय कि वह मुलाकात आपके हक में नहीं होगी । और रियली सिधवानी उसका मजाक उडाने के अंदाज में बोला । माथुर ने उसकी बात का जवाब दिए बिना अपने साथियों को इशारा किया और गुस्से से पहले पटकता हुआ कोर्ट से निकल गया । उसकी हालत देखकर सिधवानी और श्रीवास्तव ने एक साथ वहाँ का लगाया सच सच बताओ से जवानी तुमने सचमुच नागिनी भाविक श्रीवास्तव ने हस्ते हस्ते उसे छेडा तो एक महीना रुक जाइए । श्रीवास्तव साहब मिस्टर मौत हो जब सच को खोदकर अदालत के सामने लाएंगे तो आप भी देख लीजिएगा । सिधवानी आंख मारते हुए बोला और एक बार फिर कोर्ट का खाली होता कमरा सिधवानी और श्री वास्तव के संयुक्त अठारह से गूंज उठा । कपिल सिदवानी अडतीस साल का एक स्मार्ट वर्क था, जो रागिनी से शादी से पहले ही एक मंझे हुए प्लेबॉय के तौर पर जाना जाता था । प्रोफेशनली वो एक स्ट्रगलिंग आर्टिस्ट था । फिर भी कमर्शल फोटोग्राफी से वो इतना कमा लेता था कि उसका गुजर बसर होता रहेगा । लेकिन उसके रहन सहन को देखकर लोगों को उससे रश होता था और इन रश्क करने वालों का ये मानना था की उसके एडिशनल खर्चे उसकी हाई क्लास महिला मित्र उठाती थी और इन मेहरबानियों के बदले उनकी कुछ जरूरतें सिधवानी पूरी कर दिया करता था । ऐसे ही एक क्लाइंट रागिनी भी थी जिसकी करोडों की दौलत ने सिधवानी के लिए चुंबक का काम किया था और कुछ सालों के लिए सिधवानी उससे ही चिपक कर रहे गया लेकिन सिर्फ कुछ सालों के लिए बाद में उसे रागनी के ना जो नखरे उबाने लगे और वह फिर से अपने पुराने रंग में लौट आया । सिधवानी कि वे अदाएँ जिनसे सम्मोहित होकर कभी रागिनी ने हमेशा हमेशा के लिए उसकी हो जाने का फैसला किया, हम उसके दिल में कांटे की तरह चुभने लगी थी और दूसरी ओर तो में सिद्धवानी की दिलचस्पी को लेकर अक्सर उनमें झगडे होने लगे थे । इन झगडों के चलते रागनी को अक्सर डिप्रेशन के दौरे पडने लगेंगे लेकिन उसे यह देखकर खुशी भी होती और हैरानी भी की जब भी उसकी तबियत बिगडते सिधवानी अपनी सारी रंगीनियत को ताक पर रखकर पूरा दिन घर में रहकर उसकी भरपूर देखभाल करता था । ये एक अलग बात थी कि उसकी इस तमाम दयानंद दारी में रागनी को अपनेपन की कम और औपचारिकता की ज्यादा अनुभूति होती थी । जिसमें प्यार का तो दूर दूर तक कोई अंश नहीं होता था फिर भी उसे इतने से भी काफी सुकून मिल जाता था कि कम से कम वो दूसरी औरतों के बजाय उसके पास मौजूद हैं । डिप्रेशन से बचने के लिए रागिनी टेबलेट लेने लगी थी और डॉक्टर की सलाह का पालन करते हुए वो एक बार में एक से ज्यादा गोली नहीं लेती थी । सिदवानी भी इस बात को लेकर पूरी सावधानी बरतता था की वह ज्यादा गोलियां ना ले पाए इसलिए वो टेबलेट की शीशी अपने ही प्रदर्शन में रखता था । जिस दिन रागिनी की मौत हुई उस दिन उस ने पता नहीं क्यों एक साथ पंद्रह गोलियां निगल ली थी । इस फॅसने रागिनी की जान ले ली थी । इस बात की तस्दीक पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट ने भी करती थी और उसकी मौत को डिप्रेशन बढ जाने के कारण की गई आत्महत्या मान लिया गया था । रागिनी की मौत वाले दिन सिलवानी बिजनेस मीटिंग के सिलसिले में बेंगलुरु गया हुआ था । शायद ही उसके हक में अच्छा ही हुआ था वरना उसे ही अपने बीवी का कातिल मानने वालों की कोई कमी नहीं थी जिनके पास ऐसा मानने के पीछे दो ठोस वजह पहले से ही मौजूद थी । एक सिधवानी कि अय्याश आदतें दूसरी डेढ सौ करोड रुपये की वह जॉइन बीमा पॉलिसी जो सिधवानी दंपत्ति ने अपनी पहली मैरिज एनिवर्सरी के मौके पर एक दूसरे को बतौर गिफ्ट दी थी । पॉलिसी के मुताबिक उनमें से किसी भी एक के मरने की स्थिति में दूसरे को डेढ सौ करोड रुपये मिलने थे । सिधवानी को जब रागनी के मरने की खबर लगी तो वो अपना टूर बीच में ही कैंसिल कर उन्हें लौटाया रागिनी क्लास को देखते ही वह दहाडे मान मारकर रोने लगा । वो शायद आठवें फ्लोर पर मौजूद अपने आलीशान फ्लैट की बालकनी से छलांग लगा देता अगर घर में मौजूद रिश्तेदारों और दोस्तों ने उसे रोकना लिया होता । करीब दो हफ्ते तक वो गम में डूबा रहा और सारा कामकाज छोडकर रागिनी के चले जाने का शोक मनाता है । इस दुख से उबरने के बाद उसे पॉलिसी किया जाए । लेकिन जब उसने लाइफ शोर में इंश्योरेंस क्लेम के लिए पेपर फाइल किए तो उसे ये देखकर हैरानी हुई कि अगले ही दिन पुलिस उसकी गिरफ्तारी का वारंट लेकर उसके घर पर आ धमकी थी । जिससे उस पर रागिनी को दवाई की ओवरडोज देकर उसकी हत्या करने का संदेह प्रकट किया गया था । सिदवानी को समझने में देर नहीं लगी कि ये सब लाइट शोर का किया धरा है । उसने भी अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए ऐसे मामलों के माहिर वकील कमलेश श्रीवास्तव को हायर कर लिया था और वह सिधवानी की पुलिस स्टेशन पहुंचने से पहले ही उसके बेल के पेपर लेकर वहां पहुंच गया था । इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में केस फाइल कर दिया लेकिन सिर्फ शक के बिना पर तो किसी को खातिर करार नहीं दिया जा सकता था । इसलिए तीन महीने और आठ तारीख को के बाद ही कोर्ट ने सिदवानी को बहुत इज्जत बरी कर दिया । लेकिन सिदवानी के सामने खडी चुनौती अभी खत्म नहीं हुई थी । इस वक्त लाइट और इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस में एजीएम महेंद्र माथुर बहाना जायसवाल नामक नाम के ऐसे शख्स के साथ मौजूद थे जो एक प्राइवेट डिटेक्टिव था और खुद को अपने नाम के इनिशियल यानी बात जहाँ से संबोधित किए जाने पर बहुत खुश होता था और अक्सर ये कहते सुना जाता था कि उसने अच्छा छू कब बाजा बजाया है । बजा बाबू, पुलिस और हमारा वकील तूने काम मैं साबित हो चुके हैं आप कंपनी की इज्जत और मेरी नौकरी दोनों आपके हाथ में । माथुर परेशान सफर में बोला अगर कंपनी को डेढ सौ करोड रुपये देने पड गए तो काफी भारी पडेगा । पर माथुर साहब मुझे तो लगता है कि अगर कंपनियों से क्लेम की रकम दे दी थी है तो कंपनी की इज्जत ज्यादा बढेगी । बजा बोला नहीं उल्टे सब हम पर हसेंगे की कैसे कातिल दुनिया की आंखों में धूल झोककर हमें डेढ सौ करोड रुपये का चूना लगा गए । मात्र बोला फिर तो सब अपनी बीवियों का जब पत्तियों का बीमा कराएंगे और किसी जिन्होंने मारकर बीमे की रकम वसूलते जाएंगे । पर जब अदालत उसे बेगुना मानकर बरी कर चुकी है तो आपकी उसे जबरदस्ती कातिल साबित करने पर तुले हुए हैं क्योंकि इसी में कंपनी का फायदा है । माथुर उसे खोलते हुए बोला और आप का भी उसकी बात का मर्म समझकर बजा का चेहरा उतर गया । अगर आप को बुरा लगा हो तो माफी चाहता हूँ । बजा बाबू लेकिन सच तो यही है कि कोई भी कंपनी अपने फायदे के लिए धंदा करती है ना किस तरह पैसा लुटाने के लिए माथुर उसे समझाने लगा । अगर बाद दस पंद्रह लाख की होती तो शायद कंपनी ने बिना किसी हील हुज्जत के उसका क्लेम सेटल कर दिया होता । लेकिन डेढ सौ करोड रुपये बहुत बडी रकम होती है तो बताइए की मुझे आप क्या चाहते हैं? बजा ने पूछा बस इतना ही कि इस पूरे मामले की तह तक जाइए और सबूत जुटाकर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कीजिए कि कहीं वाकई तो रागिनी की हत्या नहीं हुई है और अगर हमारा शक सही है तो फिर सिधवानी को कातिल साबित करने में कोई मुश्किल नहीं होगी । माथुर कुटिलता से मुस्कुरा और इसके बदले आपको भी आपकी रेगुलर फीस से कई गुना ज्यादा अमाउंट पे किया जाएगा । वो तो ठीक है लेकिन अगर थोडा ऍप्स मिल जाता तो मेरे लिए इन्वेस्टिगेशन करना हो जाएगा । बजा मुस्कुराते हुए बोला और मात्र बोला और अपनी ड्रॉर से पांच सौ रुपये के नोटों की एक गड्डी निकालकर बजा की ओर बढाती बाधा उसका शुक्रिया अदा करके वहाँ से निकल गया । बालाजी जायसवाल एक पैंतालीस साल का मझौली कदकाठी वाला इंसान था, जिसका अक्सर नाक पर आठ टिकने वाला मोटे मोटे लैंसों का चश्मा जाऊ से बहुत संजीदा शख्स साबित करता था । वहीं उसके कदकाठी से मिलना खाने वाली कन्हैया लाल नुमा मोटी मोटी मुझे उसे किसी जोकर की तरह पेश कर दी थी । लेकिन आपने लाॅट वो एक काइयां किस्म का जासूस था जो पिछले दस सालों से लाइव शोर को अपनी सेवाएं दे रहा था और फॉल्स क्लेम कर बीमा रकम लेने की कोशिश करने वाले अनगिनत जालसाजों हो सकता है कि कुछ सच्चे भी रहे हूँ को झूठा साबित कर कंपनी का लाखों रुपया बच जा चुका था । लेकिन बाद में अभी तक जिनका बाजा बजाया था वे छोटे मोटे जान साहब थे । सिधवानी बडी मछली था जिससे निपटने के लिए उसे मगर मच की भूमिका अपनानी थी । बजा ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया था । न सिर्फ उन पंद्रह लाख रुपयों की वजह से जो बतौर फीस उसे मिलने वाली थी बल्कि उस शाबाशी की वजह से भी जो उसे सिधवानी को हासिल साबित करके मिलती । उसने बिना सिदवानी को खबर लगे पूरे तीन दिन तक उसकी निगरानी की और उसके पडोसियों से भी पूछताछ की । लेकिन उसे सेवा इसके कोई जानकारी नहीं मिली की वह रागिनी की मौत के एक महीने पहले से बिल्कुल एक आदर्श भारतीय पति की तरह आचरन कर रहा था । समय से काम पर निकल ना और समय से लौटाना उसका ये रूटीन अभी भी जारी था और पडोसी मानने लगे थे कि बेचारी रागनी जीते जी तो नहीं लेकिन मारते मारते उसे बदलने को मजबूर कर गई ।

भाग - 15

माथुर से पेश ही मिलने के तीन दिन बाद वह सिधवानी के घर में उसके ड्रॉइंग रूम में उसके सामने मौजूद था और ब्लैक टी पी रहा है । ऐसे कंपनी को कोई और काम नहीं आया क्या? सिधवानी ने पूछा सौरे रिसोर्सेज मुझे मेरे बीवी को हत्यारों साबित करने में झोंकर जा रहा है । शॅाप वो अपने चश्मे को ऊपर खिसकाते हुए बोला हो नाना खास था अगर भाभी जी की जगह ऐसी संदिग्ध मौत आपकी हुई होती तो? कंपनी उनसे भी ऐसे ही सवाल जवाब करती । आखिर डेढ सौ करोड का मामला है तो बताओ मुझसे आप क्या चाहते हैं? सिधवानी ने पूछा ऍम ऑपरेशन और मेरे सवालों के सही सही जवाब मैं आपके सवालों का जवाब फिर दूँ क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो आपके खिलाफ शक बढता जाएगा और फिर यही सवाल पुलिस आपसे करेगी । लेकिन अदालत ने तो मेरी बेगुनाही पर अपनी मोहर लगाई है अगर इट लेकिन वो लोग और कोठारी अपने डेढ सौ करोड रुपये बचाने के लिए कंपनी शांत नहीं बैठेगी । वहाँ पर कोर्ट में जाएगी तो मैं कबूल करता हूँ मान अपनी बीवी की हत्या किया । सिधवानी उसे चढाते हुए बोला बोलो उसको बुलाकर मुझे गिरफ्तार करवा दीजिए और जडवादी जो फांसी पर ऍम रहा हूँ । आप मजाक कर रहे हैं । बाजा बनाकर बोला माॅल कंपनी करवाई है जबरदस्ती मुझे कॉकटेल साबित करना पड तो लिया । सिधवानी ने कहा कि आपको भी यही लगता है कि आपके मिसेज ने आत्महत्या की । हाँ बहुत की तरफ देख तो पोस्टमॉर्टम में हो चुकी है । फाॅर्स से हुई मौत बताया गया है । आत्महत्या नहीं बजा । उसे घूमते हुए बोला हो सकता है किसी और ने उन्हें ये गोलियाँ खिलाडी हूँ । ऐसा कोई क्यों कर रहे हो अपने फायदे के लिए । अगर आपका इशारा मेरी तरफ है तो सब जानते हैं हाँ एक्ट्रेस रात राजनीकि मौत हुई । उस रात मैं बंगलूरू के होटल चाइना गेट मंढारा हुआ था । मैंने ये नहीं कहा कि उन्हें ये गोलियाँ आपने खिलाएगी । बजा ने अपना पासा फेंका । हो सकता है कि किसी और आपके लिए ये काम किया हूँ । ऍम सिंधवानी झुंझलाकर बोला तो खुद अपने दौरे में फांसी का फंदा डालने जैसा हुआ । और फिर ये तो आप भी जानते हैं की बिल्डिंग के ग्रेड से लेकर लिफ्ट ऍर तक सीसीटीवी में लगे हैं । अगर कोई मेरी गैर हाजरी में मेरे फ्लैट में दाखिल हुआ होता तो क्या कैमरे की नजर से बच पाता? पुलिस ने तो सौ फोटोज को बारीकी से इनवेस्टिगेट किया था । आप जो भी कहा हैं सिधवानी साहब, लेकिन मेरा दस साल का तजुर्बा कह रहा है की दाल में कुछ तो काला है । बजा ने अपना चश्मा ऊपर किस खाते हुए उस की आंखों में झांका तो ढूंढ निकाली तो खासे तजुर्बेकार शख्स है । सिधवानी उसे चुनौती देने के अंदाज में बोला बिल्कुल । धोनी ने कहा लंबा जनाब बस आप कृपा बनाए रखेगा । बजा उठते हुए बोला । सिधवानी के यहाँ से निकलकर बजा ने रागिनी के पिता के घर का रुख किया । जहां उसने रागिनी की माँ, उसके पिता और छोटी बहन सबसे इस बारे में बात की । लेकिन सिधवानी की मृदु स्वभाव से वो इतने प्रभावित थे कि उनमें से कोई भी बात मानने के लिए तैयार नहीं था कि उसकी मौत में सिधवानी का कोई हाथ हो सकता है । अलबत्ता बजा के हाथ में जो बात जाती थी, वो ये थी कि उनमें से कोई ये भी मानने को तैयार नहीं था की राजनीति आत्महत्या कर सकती थी । बजा उलझता जा रहा था कि सिधवानी हत्या कर नहीं सकता, रागनी आत्महत्या नहीं कर सकती । कोई तीसरा उस दिन फ्लैट में घुसा नहीं । फिर उसे दवा की ओवरडोज दी तो किसने वहाँ से निकलकर वह रोड पर आ गया और पार्किंग की तरफ जाते हुए एक बार फिर उसने अभी तक उपलब्ध साक्ष्यों के बारे में विचार करना शुरू किया । जिस रात रागनी की मौत हुई उस रात कपिल सिलवाने के बैंगलोर के होटल डेफोडिल में मौजूद होने के पर्याप्त सबूत पुलिस अपनी जांच में हासिल कर चुकी थी । बजा ने कई बार सोचा कि वह भी स्टोरी को सच मान ले जैसे सारी दुनिया स्वीकार कर चुकी है । लेकिन पंद्रह लाख रुपए का लालच उसे वापस जाने से रोक रहा था । तभी अचानक उसके पैर में एक प्लास्टिक की सूतली का टुकडा उलझ गया । वो उसे निकालने के लिए नीचे होगा तो उसका मोबाइल फोन उसकी शर्ट की पॉकेट से फिसलकर नीचे आगे रहा । उसने फोन उठाया और उसे उलट पलट कर देखा था । इस बात से उसे राहत मिली की फोन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था । तभी अचानक उसके मन में उम्मीद की किरण कौन थे? उसे तुरंत यहाँ आया कि उसने सिद्धवानी के कॉल रिकॉर्ड तो अभी तक चेक ही नहीं किए । उसने इस मामले की इन्वेस्टिगेशन कर रहे नीलेश जादव को फोन लगाया जो इत्तेफाक से उसका अच्छा दोस्त था और पूछा कि क्या वो उसे इन कॉल रिकॉर्ड की कॉपी प्रवाइड कर सकता है । निलेश ने पहले तो उसे टालने की कोशिश की लेकिन जब मामले की संजीदगी का पता चला तो वो इस शर्त पर राजी हो गया कि अगर वह सिदवानी को कातिल साबित करने में कामयाब हो गया तो नीलेश को भी क्रेडिट और इनाम की रकम हिस्सेदार बनाएगा । मरता क्या ना करता बजा उसकी बात माननी पडेगी और नीलेश ने वादा किया कि वो उसे दो दिन के भीतर कॉल डिटेल्स प्रोवाइड करा देगा । अगले दिन सिधवानी आपने ड्रॉइंग रूम में बैठा हुआ था कि तभी डोरबेल बचता । उसने उठकर दरवाजा खोला तो सामने बालाजी जायसवाल को मौजूद और ये वो उसे रास्ता देते हुए बोला, मिला कुछ सबूत मेरे खिलाफ लगता है उससे ज्यादा जल्दी आपको हैं । वह चढकर बोला ऍम ऍफ मिल जाए तो फिर मैं भी चंचल जी सकूंगा और डेढ सौ करोड रुपयों का मजा ले सकूंगा । जो आपकी कंपनी मुझे देने वाली है । आपके आशीर्वाद के दाद देनी पडेगी सिधवानी साहब वो इधर उधर देखते हुए बोला आपका घर इतना बडा है, कोई नौकर चाकर नहीं रखा आपने कभी जरूरत है महसूस नहीं हुए । वो मुस्कुराकर बोला बैठी और बताइए कि कई से तकलीफ कुछ नहीं बस उधर से गुजर रहा था तो सोचा की अभी आप ऑफिस के लिए नहीं निकले होंगे । तो क्यों ना एक कप चाय आपके साथ ही पी ली जाए और ऍम क्यों? आपके यहाँ दूध नहीं आता । नॉर्मल शुरू से ही दूध की चार पसंद नहीं है ये क्या ब्लाॅक टीवी चलेगी? सिधवानी ने टेबल पर रखा बॉक्स खोला और उसमें से एक डिप्टी सैशन निकालकर कप में रखकर के इटली में से गर्म पानी इस पर उडेल दिया । दो तीन बार उसे डिप करने के बाद उसने उसमें दो शुगर क्यूब डालकर चम्मच से हिला है और कब बजा की और बढा दिया है? ऍफ करते हुए बोला भाभी जी को तो बहुत मिस करते हो गया । बहुत ज्यादा वो गमगीन स्वर में बोला आपके ख्याल से उन्होंने दवा की ओवरडोज क्यों नहीं होगी? ऍम थी । हो सकता है कि डॅाल ज्यादा हाई होगा और मेरी गैरमौजूदगी का फायदा उठाते हुए उसने अपनी जान ले ली हूँ । क्या ये नहीं हो सकता कि उन्हें पता ही ना हूँ की ओवर डोज उनकी जहाँ जा सकती है ऍम वो डिप्रेशन ज्यादा होने पर एक की जगह दो तीन गोलियां लेती पूरे शीशी नाइन गलती सिधवानी बोला मुझे तो जगह नहीं तो उसने खुदकुशी ही क्या? लेकिन उनके घर वाले नहीं मानते कि रागनी मैडम खुदखुशी कर सकती है । आप वहाँ भी हुआ । सिधवानी उसे होते हुए बोला मैं हर जगह जाऊंगा । जहाँ से आप के खिलाफ कुछ भी हासिल होने की उम्मीद है । वो चश्मा ऊपर खिसकाते हुए उठकर खडा हो गया । अभी मैं चलता हूँ । आपको अभी ऑफिस के लिए लेट हो रहा होगा और मैं भी तैयार हो जाता हूँ । जिनवाणी ने उससे हाथ मिलाते हुए कहा सिधवानी से विदा लेकर बजा अपनी बाइक पर सवार होकर अब तक की प्रोग्रेस माथुर के साथ शेयर करने के लिए लाइन शोर के ऑफिस की ओर बढ गया । तभी रास्ते में उसने पेट्रोल पंप देखा तो उसे यहाँ आया किसकी गाडी का पेट्रोल रिजर्व में पहुंच चुका है । पेट्रोल भरवाने के लिए उस ने जैसे ही अपनी बाइक मोडी तभी उसने एक कार पेट्रोलपंप से निकलते देखिए और जब उसकी नजर ड्राइविंग सीट पर पडी तो वह बहुत चक्का रह गया । गाडी ड्राइव करने वाला कोई और नहीं सिधवानी था, यह कैसे हो सकता है । उसने मन ही मन सोचा अभी तो इस मंदिर को वो नाइट सूट में उसके घर छोडकर आया था । हो सकता है कि मुझे हो उसे द्वानी नहीं बल्कि उसके जैसा दिखने वाला कोई और आदमी रहा होगा । उसने अपने मन को समझाया और गाडी में पेट्रोल भरवाने लगा । लाइन शोर्ट ऑफिस में पहुंचकर उसने माथुर को सारी बात बताई तो वह भी निराश हो गया । लेकिन बजा ने उसे भरोसा दिलाया कि वह सिद्धवानी के खिलाफ कोई न कोई ऐसा सबूत जरूर ढूंढ निकालेगा जो उसकी कब्र खोदने के लिए काफी होगा । नीलेश ने वादा निभाया और तीसरे दिनों से सिदवानी की मोबाइल की कॉल डिटेल्स भिजवानी । रात के दस बज चुके थे बाजार रागिनी की मौत के तीन महीने पहले से अदालत से सिधवानी के बरी होने तक उसकी कॉल डिटेल्स चेक कर रहा था और ऐसे नंबरों को हाईलाइटर से मार्क कर रहा था जिन पर उसने बार बार कॉल किए थे या रिसीव किए थे । अपना काम खत्म करने तक बजा ऐसे करीब एक दर्जन नंबर सॉर्ट आउट कर चुका था । अब उसने ट्रूकॉलर पर इन नंबरों के मालिकों का पता लगाना शुरू किया । एक तो रागिनी का ही था, दूसरे उसकी ससुराल का । बाकी के सात आठ नंबर कामिनी, रीता, शीला जैसे कुछ लडकियों के नाम से थे जिनसे सम्भवता सिधवानी दिलजोई करता था । उनमें से एक नंबर ऐसा मिला जिसने उसे सोचने के लिए राहत थी । ये नंबर था रोबो डील नाम की कंपनी का जो इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट्स बनाने के लिए जानी जाती थी । उसने फैसला किया कि अगले दिन सुबह सुबह इस कंपनी में जाकर पता करेगा कि सिद्धवानी वहाँ पर बार बार कॉल क्यों कर रहा था । रोबो डील के ऑफिस में जाकर उसने जब ये जानने की कोशिश की की क्या सिद्धवानी ने वहाँ से कोई रोबोट खरीदा था तो उसे पता चला कि उसका शक सही था । उसने जब रोबोट के बारे में डिटेल्स मांगी तो उन्होंने इसे क्लाइंट के साथ प्राइवेसी कॉन्ट्रैक्ट के अगेंस्ट बताते हुए कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया । बहुत गिर बनाने पर उसे इतना ही पता चल सका कि सिधवानी ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से युक्त रॉबिन नाम के इस रोबोट को देखने में अपने जैसा बनवाया था और वो रॉबोटिक्स के बेसिक प्रोटोकॉल को फॉलो करने वाला रोबोर्ट था, जो किसी भी हालत में किसी इंसान की जान नहीं ले सकता था । क्योंकि ऐसा करने का खयाल मन में आते ही उसके कृत्रिम मस्तिष्क का सर्किट जलकर नष्ट हो जाता है और वह कबाड बनकर रहे जाता । इसके अलावा वो बाकी सब काम कर सकता था । अब बजा को समझ आ गया कि दो दिन पहले उसने कपिल सिधवानी को पेट्रोलपंप से निकलते क्यों देखा था । आम देखता हूँ से रोहानी के बच्चे को उसने मन ही मन खुद को शाबाशी दी । बहुत स्मार्ट समझता हूँ ।

भाग - 16

अगले दिन एक बार फिर बजा । सिधवानी के घर में उसके सामने बैठा चाय की चुस्कियां नहीं था । ऐसी चेहरे की रौनक देखकर सिधवानी समझ गया था कि उसे कुछ ना कुछ काम का जरूर मिल गया है, जिसकी वजह से वो इतना आत्मविश्वास से भरा नजर आ रहा है । बहुत बाबा वो तो ऐसा लगता है कि जिस सुबह आपके दर्शन न हो मैं तो दिन इन्होंने वो व्यंग्यपूर्वक बोला । ज्यादा नाम आ जी आपकी बजा कब टेबल पर रखते हुए बोला वो रॉबिन नजर नहीं आ रहा । ऍम सिधवानी के चेहरे के भाव बदल गए । हालांकि वह जानता था कि अब अभिनय करना बेकार है, क्योंकि अगर बजा ने सीधे नाम लेकर पूछा था तो इसका मतलब यही थातियों से रॉबिन की सच्चाई पता लग चुकी है । वही आपका असिस्टेंट रॉबोट जिसे आपने छह महीने पहले रोबोट दिल्ली से खरीदा था तो मेरी उम्मीद से ज्यादा स्मार्ट निकला बाबा । वो सिधवानी के चेहरे पर थी कि से मुस्कान उभर आए । शुक्रिया और ये बताइए कि आपने मुझसे झूठ क्यों बोला और मौजूद यही किया । अपने घर में कोई नौकर नहीं रखा वो ये बात है लेकिन इसमें झूठ है । वाकई हमारे घर में कोई नौकर नहीं है । फिर रॉबिन को आप क्या कहेंगे? घर का मालिक या कोई मेहमान? रोबिन मॅन जो मेरी कॉम को मैनेज करने में मुझे असिस्ट करता है और हत्या की साजिश रचने में भी बजा ने सीधा अटैक किया । वॅार चाहते है कि रॉबिन रॉबिन को मारा है । वह तेजित होकर बोला, नहीं, वो तो ऐसा नहीं कर सकता । अलबत्ता आप कर सकते हैं । बाजा उसकी ओर उंगली उठाते हुए बोला, क्या यह सच नहीं है कि आपकी पत्नी की मौत वाले दिन बैंगलोर में आप नहीं गायक है बल्कि रॉबिन गया था और यहाँ आपने उन्हें गोलियों की ओवरडोज देकर उनकी जान ले ली । उत्तरमें सिदवानी ने जोरदार कहाँ कहाँ लगाया और अपना हाथ उसके सामने रख दिया । उसके दाएँ हाथ के अंगूठे पर एक कट और कुछ स्टेटस के निशान थे । ड्रेस निशान से आप क्या साबित करना चाहते हैं? बजा नहीं । उलझन भरे स्वर में पूछा । अभी होटल डेफोडिल में कौन लगाइए और पूछे कि मुझे चोट कैसे लगी और उन्होंने मुझे फोन स्टेट कैसे प्रोवाइड कराई थी । आप ही बताइए । जरूरत हुई तो मैं उन्हें फोन करके तस्दीक कर लूंगा । बजा शाम स्वर में बोला । सिधवानी ने उसे बताया कि वो अपने कमरे में बैठा हुआ था । उसने अपने बैग में से अपनी डाक निकली और एक एक लिफाफे खोल खोल कर देखने लगा । इनमें से एक लिफाफे को आठ दस जगह से स्टेबल किए हुआ था । उसने एक दो दिन तो हाथ से निकाल ली, लेकिन फिर अपना पेपर नाइट निकालकर उससे उन्हें खोलने लगा । इसी बीच पता नहीं कैसे चाकू फिसल गया और उसका अंगूठा गहरे तक कट गया । उसने तुरंत रूम सर्विस को फोन कर उनसे फोसफेट लाने के लिए कहा । होटल के मेडिकल सेक्शन की ओर से एक बंदा आकर उसके अंगूठे की मरहमपट्टी कर गया । जख्म गहरा था, इसलिए उसमें तीन स्टिचेस लगाने पडेंगे । उसकी बात सुनकर बजा समझ गया कि सिधवानी बहुत चालाक आदमी हैं । उसे अंदेशा रहा होगा कि शायद किसी दिन इन्वेस्टिगेशन में रॉबिन की बात खुल जाएगी और उसकी प्लानिंग का भंडाफोड हो सकता है । इसलिए उसने अपने लिए ये ठोस एविडेंस तैयार कर लिया । कोई ताजू के बाद नहीं, अगर उसने जानबूझ कर अपना हाथ काट लिया हूँ । ऑॅल से फोन करके पूछ सकते हैं की मेरी बहुत सच्चा की नहीं, इस की जरूरत नहीं । मैं कम से कम इस बारे में आप पर यकीन कर सकता हूँ, क्योंकि इतनी जानकारी तो मुझे भी है कि एक रोबोट का हाथ कटने से उसमें ब्लीडिंग नहीं होती । बजा ने अपना चश्मा नाक से ऊपर किसका? इसका मतलब ये है कि आपने रोबिन के जरिए मिसेज सिदवानी को ओडोर दिलवाई । सब कुछ हो सकता है सेवा इस बात करके रागिनी खुदकुशी की सिधवानी शिकायत भरे स्वर में बोला । आप अपने और अपनी कंपनी के फायदे के लिए इसी छोरी को जबरदस्ती स्टैब्लिश करने पर तुले । रागिनी की जान मैंने लिया । जाहिर है क्योंकि आपके पास पूरा मौका था और मोटिव भी बजा । उसकी आंखों में झांकते हुए बोला चलिए आप के बाद मान लेते हैं लेकिन यह बताइए कि क्या और आगे नहीं बेवकूफ थी जो रोबिन या मुँह पंद्रह गोलियां खिला देते हैं और वो चुपचाप क्वालिटी उसकी इस बात से बजा भी सोच में पड गया क्योंकि रागिनी की जानकारी में लाए बगैर उसे एक साथ इतनी सारी गोलियां खिलाई नहीं जा सकती थी और पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया था कि उसे जबरदस्ती गोलियां खिलाई गई हूँ । अच्छा ये बताइए कि रॉबिन को घर में लाने के पीछे क्या मकसद था? बजा बोला बहुत हो सकता हूँ लेकिन नहीं । शर्त पर सिदवानी उसकी ओर झुकते हुए बोला आप इस बारे में कृषि से कुछ नहीं कहेंगे । ठीक है लेकिन अगर उसका संबंध मैसेज रागनी की मौत से हुआ तो मैं ऐसी गारंटी नहीं दे सकता हूँ । फ्वॉयल सिधवानी ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए । बहुत यहाॅं शुरू से ही बहुत रोमांटिक रहा हूँ और मुझे अलग अलग लडकियों से फ्लर्ट करना बहुत पसंद है । शाॅ मेरी अच्छी पट्टी लगन फिर बाद में मुझे वो बहुत बोरिंग और इरिटेटिंग लगने रखेंगे और मौज ज्यादातर वक्त घर के बाहर बताने लगा । इसके वजह से हमारे फॅमिली होने लगे । सिधवानी बडे आत्मविश्वास के साथ बजा को अपने सारे राज बताया जा रहा था । इस बीच मुझे रोबोट दिल के प्रोडक्ट्स के बारे में पता चला । मैंने उनसे कॉन्टैक्ट किया और रॉबिन का ऑर्डर कर दिया । इससे मेरे लिए आपने मनमोहनी करना बहुत कन्वीनियंट होगा क्योंकि जब मैं घर में नहीं होता था वो रागिनी के आस पास मौजूद होता था और उतनी समझती थी कि वह हूँ कोई बॉल तो मेरी गैरमौजूदगी । मैं रॉबिन को दवा भी रोबिन ही दिया करता था । ये कैसे हो सकता है? बजा हैरानी से बोला आप हाँ जी को कभी एक मशीन और इंसान के बीच का फर्क पता नहीं चला । एक मिनट रुकेंगे । प्लीज कहकर सिदवानी अंदर गया और एक एल्बम हाथ में लेकर लौटा बोलिये । बहुत साहब आप क्या कह रहे थे? मैं पूछ रहा था कि ये कैसे मुमकिन है कि आपकी मिसिस को रॉबिन और आपके बीच का फर्क पता ना चला हूँ । जैसे आपको पता नहीं चला ऍम सिधवानी रहस्यमयी हँसी हसते हुए बोला है यानी कि जाने की बजा के माथे पर पसीना आ गया । यस आप सही समझे मार कपिल सिधवानी नहीं बल्कि रॉबिन हूँ । अब आपको अपने सवाल का जवाब मिल गया । बाजा बाबू सिधवानी की आवाज आई । इस तरह रॉबिन मेरे लिए बॉडी डबल का काम कर रहा था । क्या मैं रॉबिन से कुछ सवाल पूछ सकता हूँ? कोई फायदा नहीं । फिर भी आपने तसल्ली के लिए पूछ लीजिए । रॉबिन जिस रात आपके मैडम की डेथ हुई, क्या तुम घर में ही थे? जी हाँ, रॉबिन ने जवाब दिया, क्या उस रात भी तुमने ये मैडम को एंटीडिप्रेशन रोज दी थी जी, आप कितनी एक हमेशा की तरह फिर उन के पेट में पंद्रह गोलियां कैसे पाए गई? उस लोग और मैं मुझे कुछ नहीं था । शायद उन्होंने मेरे जाने के बाद ली हो । आप को पता था कि एक से ज्यादा गोलियां देने पर उनकी जान को खतरा हो सकता था । ऍफ ने मुझे इस बारे में बताया था और वो क्या था कि मैं कभी उन्हें एक से ज्यादा गोलियां हुई । अगर सिधवानी साहब कहते तो क्या आप उन्हें एक साथ बहुत सारी गोलियां दे सकते थे? बिल्कुल नहीं क्योंकि मुझे पहले से जानकारी थी किस से उनकी मौत हो सकती थी और मेरे प्रोटोकॉल के अकॉर्डिंग मार जॉन बूझकर किसी इंसान की जॉब नहीं ले सकता हूँ । आपके दवा देने के बाद क्या हुआ? मैडम ने मुझे थैंक्यू बोला और फिर मौके बंद कर कर बेड पर लेट गए । इसके बाद मैंने वॅार उन्हें उडा दी और स्टडी रूम में चला गया । अच्छा ये बताओ कि जिस वक्त सिदवानी साहब घर में होते थे आप कहाँ छिपकर रहते थे? इस सवाल का जवाब देने की बजाय रॉबिन ने से जवानी की ओर देखा । मेरी स्टडी में बुक्स के पीछे एक सीक्रेट के बिना जो मैं घरवालों को होता था तो आपने मोबाइल के एक आप के जरिए ऍम पीछे जाकर केबिन में छिपने के लिए इन स्टॉक कर देता था । रॉडनी की मौत तब ये कभी घर से बाहर नहीं निकला था और उसके मजबूत के बारे में मेरे और डील के अलावा किसी को कुछ नहीं पता चला था ऍम बहुत मुझे कम से कम अपने घर के भीतर इसे छिपाकर रखने की जरूरत नहीं । मैं जब भी घर में रहने का मन करता था मैं अपनी जगह और रोबिन को ही बाहर भेज दिया करता था और इसके वापस होने तक घर से नहीं निकलता था तो बाहर के लोगों को इसके बारे में पता ना चल सके । आपने ये नहीं पूछा कि मुझे इसके बारे में सकता से हुआ उस की कोई जरूरत नहीं क्योंकि आप शायद नहीं जानते की रॉबिन के दोनों कानों के ऊपरी हिस्से में सीक्रेट पिनहोल कैमरे लगे हैं जो मेरे मोबाइल से कनेक्टेड इसलिए जिस दिन आप ने इसे पेट्रोलपंप से निकलते देखा इसके कैमरे आपकी वीडियो कैप्चर कर ली थी और मैं समझ गया था कि अब इसका रॉस बहुत समय तक रोज नहीं रहने वाला है । आप बहुत शातिर खिलाडी ऍम बजा उठते हुए बोला मैं अपनी हार स्वीकार करता हूँ लेकिन मेरा दिल अभी भी मानने को तैयार नहीं है कि रागिनी भावी ने खुद खुशी की होगी । आपकी चौबीस बहुत जबाब दूँ आपका मानते हैं और इससे मुझे कोई फर्क नहीं पडता क्योंकि आप जो मानते हैं उसे साबित करने के लिए आपके पास कोई सबूत नहीं । सिधवानी मुस्कुराते हुए बोला, शायद अब आपके क्लीन चिट के बहुत ऑफ कंपनी को मुझे क्लेम को अमाउंट पे करने में कोई यात्रा हो तो मैं छोटी सी पार्टी दूंगा । उम्मीद है और उसमें शरीक होंगे । बजा का मूड बुरी तरह खराब हो चुका था । वो कुछ भी कहे बिना उसके घर से निकल गया । मास्टर बजा के जाने के बाद रॉबिन सिधवानी की और घूमा फॅस क्योंकि कृष्णा कहा उन्होंने सुसाइड की है । वो कुटिलता से मुस्कुराया । ऍम ऑर्डर अव्वल प्लाॅट यहाँ बजा बाबू सहित हैं । रॉबिन हैरानी से बोला किसने किया मैडम कम ऑर्डर तुमने सिधवानी उसकी ओर उंगली उठाकर बोला । यही कैसे? पहुंॅच रॉबिन बोला माने तो उन्हें सिर्फ एक ही गोली खिलाई थी और हाँ, शीशी में भी तो उस वक्त एक ही गोली थी । मुझे मालूम सिधवानी ने रहस्यमय अंदाज में बोला ऍम, तुम्हारे हाथ हुई हुआ जानना चाहोगे । कैसर कैसे बहुत ही की चौदह गोलियाँ उस पानी की बोतल में बोली थी जो तुमने रागिनी को दवाब की गोली के साथ पीने के लिए दिया था । सिधवानी ने राज से पर्दा उठाते हुए कहा बहुत पूछूँ, मास्टर हो । आपने मुझे ये सब तो बता दिया और क्या आपको डर नहीं लगा कि मैं ये बहुत किसी ओर से कर सकता हूँ । उत्तर में सिधवानी जोर से हंसा और बोला, रोबिन सिधवानी ने कोई कच्ची गोलियां नहीं खेली है । वो अच्छी तरह से जानता हूँ । किस वक्त क्या करना है । मतलब मतलब ये मेरे बोले हमशकल तुम्हारे ड्रॉइंग रूम में आकर बैठ ने से पहले ही मैंने मोबाइल में तो मैं कंट्रोल करने वाली आप मैं मैं मुॅह कर दिया था जिसकी वजह से ठीक एक मिनट बहुत तुम्हारे बीते दस मिनट की मैं हमरी रिलीज हो जाएगी और इसमें तुम्हारे मेरे और बहुत के बीच में जो भी बातें हुई उनका एक शब्द भी तुम्हें याद नहीं आएगा । सौरे लेकिन इस टाइप में तुम्हारा रोल इतना ही था और अगर मैं अभी पुलिस को फोन कर दो तो रॉबिन मुस्कुराकर बोला और तुम अपनी गर्दन के पीछे लगा वो बटन भूल गए जिससे प्रस् करते ही तो हमेशा हमेशा के लिए डीएक्टिवेट हो जाओगे । सिधवानी ने उसे घूमते हुए जवाब दिया युवाओं आॅल्टर । रॉबिन ने सोफे की पुष्ट से सिर्फ टिकाते हुए कहा और शांति के साथ अगले मिनट के बेचने का इंतजार करने लगा ।

भाग - 17

दो हीलर अपने कमरे से निकलते हुए अपनी आज बहुत खुश थी । वो अपने पेरेंट्स को अपने उस फैसले के बारे में बताने जा रही थी जिसकी उम्मीद वे काफी पहले छोड चुके थे । करीब आठ महीने का वक्त गुजरने के बाद वह इस नतीजे पर पहुंच चुकी थी कि रोहित से बेहतर उसे कोई नहीं समझ सकता और न ही उसके लिए कोई उससे बेहतर जीवन साथी साबित हो सकता है । मॉम के पास जाने से पहले तो उसने सोचा कि एक बार रोहित को भी बता दे कि उसने क्या सोचा है और वह मन ही मन मुस्कुराते हुए वाॅकर के टाइप करने लगे । थैंक्स रोहित, प्यार और इंसानियत में मेरा भरोसा फिर से मिलने के लिए । वरना रोमिल से ब्रेकअप के बाद में इस कदर बिखर चुकी थी कि मुझे प्यार के नाम से ही नफरत हो गई थी । ये तो नहीं थे जिसने आकर मुझे संभाला और अपने प्यार से मेरे बच्चन मन को इस तरह सींचा की जिंदगी मुझे पहले से भी ज्यादा खूबसूरत लगने लगी । उसने देखा रोहित उस वक्त ऑफलाइन था तो कोई बात नहीं, वो जब ऍम करेगा तब उसे मैसेज मिल ही जाएगा । उसने सोचा और उल्लासित मन से नीचे उतरने लगे । तभी अचानक दो लोगों के बात करने की आवाज सुनकर वो बीच में ही ठीक थक गयी । वो उन दोनों आवाजों को बहुत अच्छी तरह से पहचानते थे । एक तो उसकी मॉम की आवाज थी और दूसरी उसके सबसे अजीज रोहित की । ये यहाँ क्या कर रहा है? उसने हैरानी से अपने आप से पूछा वो तो शाम को मिलने वाले थे । हो सकता है कि रोहित को अचानक उसके घर आकर उसे सरप्राइज देने का आइडिया आया हूँ । उसने खुद ही अपने सवाल का जवाब दिया और एक स्टेप नीचे उतरे । तभी बातचीत में अपना नाम सुनकर वो फिर से रोक गए । तुमने अपनी के लिए जो भी किया उसके लिए थैंक्स येलो, तुम्हारा चेक । आज के बाद तो मैं अपनी से मिलने की कोई जरूरत नहीं । उसकी मॉम रोहित से कह रही थी, फॅमिली ने मन ही मन कुढते, वही सोचा । ये तो लास्ट सेंचुरी की जमाने की फिल्मों की बात हो गयी । जब लडकी के माँ बाप लडके से अपनी बेटी की जिंदगी से जाने के लिए डील किया करते थे । अब शायद रोहित कहेगा कि मेरा प्यार बिकाऊ नहीं । उसने आगे सूचना और उसे अपने खयालों पर हंसी आ गए । लेकिन अचानक रोहित की आवाज सुनकर उसकी हसी को ब्रेक लग गया क्योंकि मैं वो कह रहा था, मुझे खुशी है कि आप मेरे पाॅइंट है । परफॉर्मेंस अवनी परेशान हो गए । क्या मतलब है इसका? क्या यहाँ कोई गेम प्ले हो रहा है? जब तक वो नीचे पहुंची रोहित वहाँ से जा चुका था । मम्मी आप लोग क्या बातें कर रहे थे? वो तेज आवाज में बोली और ये पैसों का क्या चक्कर है? काम डाउन में भी कम, डाउन तो भारी । सारे सवालों के जवाब में मैं सिर्फ इतना ही कह सकती हूँ कि वो तुम्हारे लायक नहीं था । लेकिन वो अचानक गया कहा । उसने फिर पूछा मुझसे मिले बिना वो ऐसे कैसे यहाँ से जा सकता है? मई लवली डार्लिंग वो पैसे के लिए तुम्हारी जिंदगी में आया था । उसे पैसे मिल गए और वो चला गया । ये अब कैसी बातें कर रही हूँ । क्या ये कोई ओल्ड इज कमर्शल मूवी चल रही है जिसमें कोई पैसा लेकर अपना प्यार बजकर चला जाए? वह भडक कर बोली पैसा हर दौर में प्यार पर भारी पडा ऍम । वो मुस्कुराते हुए बोली अब तुम ज्यादा मत सोचो और अपने कमरे में जाकर आराम करो । अवनी पैर पटकते हुए वहाँ से चली गई लेकिन उसने फैसला किया कि वह स्टील का सच जानकर ही रहेगा और उसने रोहित को फोन लगाया । फोन सोचो बता रहा था वो बार बार डायल करती रहेगी और तब तक करती रही जब तक की उसका फोन लग नहीं रहा हूँ । हेलो उधर से रोहित की आवाज सुनकर उसके गुस्से की आप पर जैसे अचानक बारिश की फॅमिली कहाँ? तो उसने सोचा था कि वह उसे जी भरकर गालियाँ देंगे, खरीखोटी सुनाएगी । लेकिन उसकी आवाज सुनकर वो सिर्फ इतना ही कह पाई कि वह से मिलना चाहती है । लेकिन आपकी मोहन नहीं चाहती कि मैं अब कभी आप से मिलूँ । वो परेशान सफर में बोला प्लीज बस एक बार वह गिडगिडाते हुए बोली फिर में कभी तो में मिलने के लिए फोर्स नहीं करेंगे । ओके शाम को सात बजे ऍम कहते । उसने कहा और बिना अपनी का जवाब से नहीं फोन रख दिया । अपनी की लाइफ में रोहित की एंट्री आठ महीने पहले हुई थी । इससे पहले उसका अफेयर रोमिल नाम के एक युवक के साथ चल रहा था । रोमिल पहले दो महीने तक तो उसके साथ बहुत अच्छा रहा लेकिन फिर बाद में वो उसे अवॉइड करने लगा । अपनी इन दो महीनों में उससे बेइंतहां प्यार करने लगी थी । वो ज्यादा से ज्यादा समय रोमिल के साथ बिताना चाहती थी । लेकिन जब रोमिल ने उस पर ध्यान देना बंद कर दिया तो उसे बहुत दुःख हुआ । वो उससे इमोशनली इतना ज्यादा हो गई थी कि उस की छोटी सी तलक बाद ये हाल किसी बेरुखी भी उसे बहुत हर्ट कर देती थी । वो बहुत तनाव में रहने लगे । धीरे धीरे रोमिल की उपेक्षा अब सीधे सीधे उसके अपमान में बदल गई । वो अक्सर दूसरों के सामने उसकी इंसर्ट करने लगा । उसे नीचा दिखाने के बहाने ढूंढने लगा । उसने कई बार चाहा कि रोमिल से बात करें और इस बदले व्यवहार की वजह पूछे लेकिन वो उसे इस का मौका ही नहीं देता था । उसके सारे सवालों का जवाब उसे मिला लेकिन जिस तरह से मिला उसकी उसने कल्पना तक नहीं की थी । कई बार फोन करने के बाद रो मिलने उसे आखिरकार मिलने का वक्त दिया और उसे अपने फ्लैट पर बुला लिया । जहां एक और लडकी मौजूद थी । अपनी के सामने ही रो मिलने उसे पैशनेट लिए किस किया और बडे हिरासत भरे अंदाज मुझसे कहा कि यही उसके सारे सवालों का जवाब है । हमने की हालत उस समय ऐसी हो गई थी जैसे किसी ने उसके शरीर का सारा खून भी जोडियाँ हूँ । वो बुरी तरह अपमानित और आहत होकर रोमिल के यहाँ से चली आई । वो मिल को इतना ज्यादा चाहने लगी थी कि कई दिन तक हर रोज शाम को अकेले ही लीला पब बार में जाती रही जिसमें वह रो मिल के साथ अक्सर आया जाया करती थी । वो चाहती थी कि एक बार रोमिल को समझा सके कि वो उसके बिना नहीं रह सकती लेकिन रोमिल का कोई अता पता नहीं था । वो अपनी के फोन या मैसेज रिसीव करना बंद कर चुका था । अब तक अपनी कि रोमिल के प्रति दिवानगी नफरत में बदल चुकी थी । रो मिली नहीं । उसे प्यार के नाम तक से नफरत हो गए और उसने कसम खाई कि अब कभी किसी से प्यार नहीं करेगी तो वो अब भी आ रही थी । लेकिन अब उसका मकसद बदल चुका था । वो अब रोमिल से मिलकर मोहम्मद की भीक मांगने की बजाय उसे जमकर गालियां देना चाहती थी । उसे वैसे ही जलील करना चाहती थी जैसे रो मिलने उसे किया था । लेकिन वो तो जैसे गड्ढे की सिर से सिंह की तरह गायब हो चुका था । अपनी उसके दिए जख्म को बोला नहीं पा रही थी और लगातार डिप्रेशन में रहने लगी थी । इसी तरह करीब दो महीने बीत करें । रोज की तरह उस शाम भी अपनी ने जमकर पी थी । नशे की हालत में वो लडखडाती हुई पब से निकली और पार्किंग की तरफ बढने लगे । तभी अचानक वो किसी से टकरा गई । बास्टर उसने छूटते ही उसे गाली नहीं देखा । नहीं चल सकते क्या? ऍम बाॅल उस अजनबी ने विनम्रता से जवाब दिया और उसके कंधे को पकडकर उसे गिरने से रोका । मेरी हेल्प कोई नहीं कर सकता हूँ । नशीम उसकी आवाज लडखडाने लगी । फॅमिली आॅफर कम से कम मैं आपको आपके घर तक तो छोडी सकता हूँ लाइए अपनी गाडी की चाबी दीजिए । हेलो पर गाडी लेकर भाग मत जाना । वो काम तो नहीं बोली । मुझे बहुत ठंड लग रही है । अजनबी ने कुछ कहे बिना अपनी जैकेट उतारकर उसे उडा थी और उसे सहारा देते हुए पार्किंग में ले आया । रिमोट की का स्वच्छ प्रेस कर उसने अपनी की गाडी ट्रेस की और उसे पीछे की सीट पर लेटाकर गाडी स्टार्ट कर दी । अपनी के घर तक पूरे रास्ते में वह एक दूसरे से एक शब्द भी नहीं बोले और घर पहुंचकर भी अवनी ने ना तो उसे गुडनाइट कहा और ना ही था और चुपचाप नहीं कर चले गए । वो कुछ दिनों से जाते हुए देखता रहा । फिर गाडी वहीं छोडकर आगे बढ गया । अगली सुबह जब अपनी सोकर उठी तो उसे रात का कुछ भी याद नहीं था कि वह घर कैसे पहुंचे । उसे खुद हैरानी थी कि उसने उस रात इतनी ज्यादा कैसे पी ली थी कि उसे अपना कुछ भी होश नहीं रहा हूँ । तभी उसकी नजर साइड टेबल पर बडी जैकेट पर पडेगी तो उसे बीती रात की बातें कुछ कुछ याद आने लगे । कौन था वो अजनबी जिसने उसे ऐसी हालत में घर तक पहुंचाया । वो सोचने लगी ऍम तभी उसके मोबाइल की घंटी बच्चे हो । उसने पूछा चलो मैं रोहित बोल रहा हूँ । उधर से आवाज आ रही है । कल मेरा जैकेट आपके पास रह गया था । वहाँ तो आप है जिसने मुझे घर पहुंचाया था वो बोलेंगे । थैंक्यू सो मच रोहित जी बच्चों के वो बोला हूँ बताइए मैं अपनी जैकेट वापस लेने का बना सकता हूँ । मैं हर रोज शाम को लीला बार जाती हूँ । कल जहाँ से आपने मुझे किया था वहीं मिलते हैं बॅान्डिंग उधर से आवाज आ रही है तो बार के पास ही है । मिस्टर कैसे हैं वहाँ मिलते हैं अपनी बोली आपका जैकेट लौटाकर में वहीं से लीला चली जाऊंगी ऍम रोहित ने कहा और फोन कट कर दिया । शाम को वो एवेस्टन के बाहर मिले और अपनी थैंक्स के साथ रोहित को उसकी जैकेट लौटा देगी । क्या आप मेरे साथ एक कप कॉफी पीना पसंद करेंगी? रोहित ने विनम्रता से पूछा सौरे मुझे मिला जाना है । अपनी बेरुखी से जवाब दिया और अब की ओर बढ गई है । करीब तीन साढे तीन घंटे बाद जब वो कब से निकल रही थी तो उसकी हालत कल जैसी बुरी तो नहीं लेकिन बहुत अच्छी भी नहीं । काश आज भी कोई मुझे घर तक छोडा । उसने मन ही मन सोचा और फिर अपने ही ख्याल पर हस पडे । लेकिन बाहर निकलने पर जैसे ही उसकी नजर रोहित पर पडी वह हैरान रह गई । अरे तो अभी तक नहीं हूँ, वापस नहीं । वो बोली नहीं आपका इंतजार कर रहा था की हूँ मुझे लगा शायद आपको फिर से मेरी जरूरत पडे । ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश मत करो । ये लो चाबी और गाडी निकाल कर रहा हूँ । मैं यही करती हूँ । मुझे रोहित ने बिना कुछ कहे उससे चार मिलेंगे और अपनी जैकेट उतारकर उसके कंधों पर डालकर गाडी लेने चला गया । पांच मिनट बाद एक बार फिर वो उसके साथ अपने घर की ओर जा रही थी । लेकिन इस बार वो पीछे की सीट पर नहीं बल्कि आगे उसके बराबर में बैठी थी । लीजिए आपका घर आ गया । रोहित ने गाडी उसके घर के सामने रोकते हुए कहा फॅस वो उतरते हुए बोली ये लीजिए अपनी जैकेट वरना मुझे इसे लौटाने के लिए कल फिर आपसे मिलना होगा गुड नाइट । रोहित ने जैकेट लेते हुए कहा और वहाँ से निकल गया हूँ ।

भाग - 18

अगले दिन उनके मिलने की वजह के रूप में बेशक उनके बीच जैकेट मौजूद नहीं थी लेकिन जैकेट वाला उसके पब से निकलने के वक्त पर फिर से उसके सामने मौजूद था । अपनी को अच्छा लगा क्योंकि पीकर ड्राइव करते हुए वह बहुत डर महसूस करती थी । उसे अपनी जिंदगी से कोई लगाओ बाकी नहीं रह गया था । लेकिन उसे डर लगता था कि कहीं उसकी गाडी से कोई और ना कुछ ना जाए । उसने बिना कुछ कहे कार की चाबी रोहित के हवाले कर दी और उसके साथ घर वापस आ गई । इस तरह करीब दो हफ्ते गुजर गए । तब से बाहर आने पर वो उसे गेट पर मिलता । वह कुछ कहे बिना चाबी उसके हाथ में दे दी थी और वह गाडी लिया था । हर रोज की तरह रास्ते में उनमें कोई बात नहीं होती थी । अपनी उसकी आदत लग गए । वो जब भी बाहर से निकलती है और अगर रोहित गेट पर दिखाई नहीं देता था तो उसकी नजरें उसे ही तलाशने लगती थी । वो कुछ फल वेट करने के बाद ही पार्किंग की ओर बढती थी लेकिन उसके पार्किंग तक पहुंचने से पहले ही वो किसी जिनकी तरह टपक कर उसे जॉइन कर लेता था । जैसे वहीं कहीं छिपकर उसे देखता रहा हूँ । पंद्रह दिन बाद अपनी उसका इंतजार कर रहे थे लेकिन वो नहीं है । उसने करीब दस मिनट तक वेट किया । फिर उसे रोहित की चिंता सताने लगी । उसने अपने फोन में पंद्रह दिन पहले की कौन हिस्ट्री देखिए और उस दिन सुबह सुबह आया एक फोन देखकर अंदाजा लगाया कि ये उसका ही फोन नंबर होगा । उसे नंबर डायल किया फॅस ऍम । ये सुनकर उसे इस बात से तसल्ली मिली की वो फोन नंबर रोहित का ही था । उसने अगले पंद्रह मिनट तक कई बार फोन ट्राई किया लेकिन यही मैसेज सुनाई देता रहा । झक मारकर वह गिरती पडती पार्किंग तक पहुंची और गाडी ड्राइव करते हुए जैसे तैसे घर वापस आ गई । आज वो नहीं आया । गाडी से उतरते हैं । उसे अपनी मॉम की आवाज सुनाई थी कौन? अवनी ने अनजान बनने का नाटक करते हुए पूछा वही तेरह ड्राइवर तो रोज तो छोड कर जाता है । अभी ने कोई जवाब नहीं दिया और सीधे अपने रूम में चली गई । फ्रेश होकर बैड में आने के बाद उसने पहला कम रोहित का नंबर सेव करने का क्या ताकि दोबारा फोन करना हो तो ढूंढने में मशक्कत ना करनी पडेगी । सुबह जब अपनी सोकर उठी तो उसे फिर से रोहित की यादें अच्छा भगवान करे । वो अच्छा हूँ । उसने सोचा और काम के हाथों से उसे फोन मिलने लगे । इस बार फोन लग गया तो चलो अपनी ऍर रोहित बोला तो आज सुबह सुबह कैसे याद आ गयी? मेरी कहाँ हो तो कल क्यों नहीं आए? वो नाराज की परेश्वर में बोली मुझे फिक्र हो रही थी तुम्हारी फॅमिली में कल मेरा बॉल था । उसी चक्कर में दोस्तों के साथ फस गया और उन्होंने मुझे निकल नहीं नहीं दिया । वो सफाई देते हुए बोला वो तो जब आप कल दोस्तों के साथ पार्टी में मशरूम थे और हमें पूछा तक नहीं । वह बुलाना देते हुए बोली हम क्या दुश्मन है आपके सौर यकीन लेकिन पार्टी तो आज भी दी जा सकती है । वो बोला ऐसी पार्टी जिसमें सिर्फ एक ही टेस्ट होगा डन! लेकिन कहा ऍम कैसे? वहीं से आप सीधा लीला भी जा सकती, ताना मार रहे हो । मार्ग शाम को मिलते हैं । ऍम में बैठे बैठे उन्हें एक घंटा बीत चुका था । सही घंटे में अपनी अपनी पसंद के स्नैक्स से लेकर डजन्ट तक इतना ज्यादा खा चुकी थी कि उसका पेट पूरी तरह भर चुका था । इस दौरान उनके बीच एक दूसरे की पसंद ना पसंद और बीस नेचर आदि के बारे में काफी बातें हुई हैं । जिनसे अपनी को लगा कि रोहित से दोस्ती कर लेने में कोई हर्ज नहीं है । उनकी बातें तभी खत्म हुई जब वेटर ने बिल लाकर टेबल पर रख दिया । चलो मैं तुम्हें लीला तक कंपनी दे देता हूँ । रोहित ने बाॅर्डर में रखते हुए कहा आज नहीं वो हिंदी स्वर में बोली तुमने इतना ज्यादा खिला दिया है कि अब वहाँ जाने का मूड नहीं हो रहा है । फिर चलो कहीं लॉन्ग ड्राइव पर चलते हैं । कुछ देर और बातें कर लेंगे क्यों? बातों से पेट नहीं भरा भी? रोहित ने शरारत से पूछा नहीं तुम्हारा भर गया गया । उसने सवाल किया नहीं तुम इतनी प्यारी बातें करती हूँ की कभी मन बार भी नहीं सकता । इसके बाद दोनों आउट स्कर्ट्स में मौजूद झील की ओर निकल गए । ये जगह शहर के युवा प्रेमियों की फेवरेट थी, जो शाम ढलने के बाद इतनी तादाद में वहाँ इकट्ठे हो जाते थे कि किसी मेले का आभास होता था । जिस मेले में एक जोडा और बढ चुका था । दोनों ने झील के किनारे बैठ कर अपने पैर पानी में लटका लिए और एक दूसरे से बाते करने लगे । चलो अब चलते हैं अपनी नहीं घडी देखते हुए कहा चलो रोहित बोला आज तुम्हारे साथ वक्त बिताकर मुझे बहुत अच्छा लगा । अपनी नहीं उसकी कमर में हाथ डाल दिया । मुझे भी मेरी इस श्याम को खूबसूरत बनाने के लिए थैंक्स रोहित । जवाब में रोहित ने उसे कंधे पर हाथ रख दिया और दोनों अपनी गाडी की ओर बढ गए । अगले दिन अपनी रोहित को फोन किया और कहा कि वह शामको से मिलना चाहती हैं । वो ठीक सात बजे असिस्टेंट पहुंच जाएगी और शाम को जब वहां पहुंची तो रोहित उसका इंतजार कर रहा था । ये जो तुम्हारा भर देंगे वो एक छोटा सा पैकेट उसके ऊपर बढाते हुए बोले, पडे तो कल था तो क्या हुआ? वो ज्यादा से बोले आपने हमें पार्टी एक दिन देख दी । हमने भी गिफ्ट एक दिन लेट दिया । हिसाब बराबर अपनी ने पैकेट खोलकर उसमें से एक ब्रेसलेट ने कहा और रोहित की कलाई में पहना दिया । बहुत खूबसूरत है । रोहित ने कलाई की ओर देखते हुए कहा थैंक्स चलो लीला चलते हैं, वो उसका हाथ पकडकर बोलेंगे लेकिन लेकिन लेकिन कुछ नहीं । कल मैं तुम्हारे लिए वेस्टर्न आई थी तो की आज तुम मेरे लिए लीला नहीं चल सकते हैं । वो बिगडकर बोली और उसे खींचते हुए लेना तक ले गए । लेना में उसने जबरदस्ती रोहित को दो पाॅच दिलवा दी और खुद वाइन भी । चलो अब डांस करते हैं । थोडा सा सुरूर आने पर वो बोली और रोहित का हाथ पकडकर उसे डांस फ्लोर पर ले गई । उनकी देखा देखी कुछ और तपस्वी फ्लोर पर आ गए । म्यूजिक बचने लगा और उन्होंने डान शुरू कर दिया । रोहित वो डांस करते करते उसकी आंखों में जाते हुए बोली एक बात बताऊँ, एक बात बताऊँ तो मुझे बहुत अच्छे लगने लगे हो । तुम भी बहुत अच्छी हो । कितनी बहुत ज्यादा फिर भी कितनी कैसे बताऊँ । ऐसे अपनी ने रोहित के गले में अपनी बाहों का हार डाला और उसके होठों को हल्की से चुगली अब बताओ । जवाब में रोहित ने उसके होठों पर आपने हो रखती है अपनी की हूँ । उन्हें अपने में भाग लेने के लिए खुल चुके थे और कुछ ही सेकंड में दोनों की जीत एक दूसरे से खेल रही थीं । ऍम ऍम उससे अलग होते हैं । बोली वंडरफुल इतना अच्छा मुझे पहले कभी नहीं लगा मुझे रोहित आॅवर में बोली प्यार होने लगा है मुझे तुमसे मुझे भी ये उनके रिश्ते की एक खास शाम साबित हुई जब दोनों ने एक दूसरे के सामने खुलकर अपनी फीलिंग एक्सप्रेस की थी । इसके बाद से हर शाम अलग अलग जगहों पर मिलने लगे अवनी का लीला जाना कम होने लगा । उसे एक नए किस्म के नशे ने अपनी गिरफ्त में जो ले लिया था । रो मिलने उसे जो जख्म दिए थे, रोहित के तैयार से वो धीरे धीरे बढने लगे थे । रोमिल से ब्रेकअप के बाद खुद को और रोमिल को कोसते रहने की बजाय अब वो इस बात के लिए अपने आप को खुशकिस्मत समझने लगी थी कि उसका रोमिल से पीछा छूट गया क्योंकि अगर वह ना जाता तो उसकी लाइफ में रोहित की एंट्री ना होती । रोहित उस हवा की तरह के जीवन में आया था जिसके जोर से उसके सारे सूखे पत्ते झड रहे थे और नए पत्तों के लिए जगह बन रही थी । धीरे धीरे अपनी फिर से हरी भरी हो गए । रोहित धीरे धीरे उसकी जिंदगी, उसके सपनों और उसके पूरे वजूद को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा था । मगर हैरानी की बात हुई थी कि ये गिरफ्तार अवनी को अपने आप से आजाद कर रही थी और उसे इसमें दुनिया की हर चीज से ज्यादा सुकून महसूस होता था । ये सुकून उस समय और नहीं पड जाता था जब एकांत में उसकी बाहों में होती थी और वे लवमेकिंग करते थे । रोहित की संदेहास् जब उसकी निर्वस्त्र देश को फैल आते थे तो लगता था कि जैसे वह कोई नदी बन गई हैं और वे हाथ किसी नाओकी था, उसमें तैयार रहे हैं । करते हुए ना मैं जब उस नदी के टापू पर जाकर ठहर थी तो यही दें जैसे आनंद का समंदर बन जाती है । जिसमें अपनी सिर से पैर तक लोग जाया करती, कभी ज्वार के साथ बाहर आती तो कभी भाटी के साथ वापस लौट जाती । एक के बाद एक दिन बीत रहा था । अभी रोहित को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती थी और उसे हमेशा के लिए अपना बना लेने का मन बना चुकी थी । सात बज चुके थे । अपनी ऍम कैसे में रोहित का इंतजार कर रहे थे और भीतर ही भीतर गुस्से से उबल रही थी । लेकिन उसने उसे ज्यादा इंतजार नहीं करना है और सात बज कर पांच मिनट पर वहां पहुंचा हूँ । सॉरी, तुम्हें वेट करना पडा । वो बैठे हुए बोला चलो किसी बात पर तो मैं सौरी कहने की सूची ऍम कितने पैसे मिले? मॉम से मेरी जिंदगी से जाने के लिए ये जानना जरूरी है । हाँ, मुझे भी तो पता चलना चाहिए कि तुम दोनों ने मेरे प्यार की कितनी कीमत लगाई है । करीब करीब छह लाख रुपए उसने शांत स्वर में जवाब दिया नहीं काम हाँ हमारा यही रेट । वो तो मैं जरा भी शर्म नहीं आ रही है । ऐसा बोलते हुए वो नमक कर बोली अपने प्यार को बेचकर आए हो और इतनी बेशर्मी से मेरे सामने बैठी हूँ । ऐसा करके भी तो मुझसे आंखें मिला पा रहे हो । हैरान हो मैं तो मैं देख कर आप लोगों के लिए कुछ लाओ सर । एक मीटर उनके पास आकर बोला तो मैंने उसे कहा कि कुछ देर उन्हें डिस्टर्ब न किया जाए । तुम ने ऐसा क्यों किया? वो शिकायत भरे स्वर में होगी । इतने दिनों तक मेरे साथ प्यार का नाटक करने के बाद यू अचानक मुझे छोड देना । वो भी सिर्फ पैसों के लिए । इतना पैसा तो मैं कभी भी तो मैं दे देती हूँ । अरे मांग कर तो देखा होता आप मुझे गलत समझ रही । मैं अपनी वो बोला मैंने वही किया जो करने के लिए मुझे लाया गया था क्या मतलब कौन आया था तो मैं और क्या करने के लिए मुझे यह सब बताने की इजाजत नहीं है । वो अपनी की ओर देखते हुए बोला लेकिन आप की हालत देखते हुए मुझे लग रहा है कि मुझे आप सब कुछ सच सच बता देना चाहिए । प्लीज मैं अपनी आपको याद है कि ठीक आठ महीने पहले जब रॉमिल से आपका ब्रेकअप हुआ था और आप पूरी तरह टूट गई थी । हाँ वो सब याद दिलाने की जरूरत नहीं तो मांगेगा हूँ ।

भाग - 19

तो ये भी आपको याद होगा कि कैसे उसकी याद में आप कई हफ्तों तक हर शाम उसी वक्त पर उसी पब में जाती थी, जहां आप अक्सर उससे मिलती थी और हर रोज नशे में बुरी तरह धुत होकर वहां से लौटते थे । अपनी की बात को अनसुना करते हैं । रोहित अपने रूम में कहीं जा रहा था । याद कीजिए, याद कीजिए कि उस ब्रेकअप की करीब दो महीने बाद जब आप रोज की तरह लडखडाते हुए तब से बाहर निकल रही थी तो मैं आप से टकराया था । याद हैं हाँ याद है तो आपके लिए ये जानना जरूरी है कि ये टक्कर को इत्तफाक नहीं थी । वॉट हाँ, यही सच है । मेरा आपसे टकराना, आपको घर छोडना, मेरा जैकेट, आपके पास रह जाना, फोन नंबरों का एक्सचेंज, फिर आप से दोस्ती बनाना, उसे प्यार में बदलना, सब कुछ एक सोची समझी प्लानिंग के तहत हो रहा था । क्या कह रहे हो, कौन करेगा ऐसे बेहूदा प्लानिंग और क्यों वो हैरानी से बोली ये सब आप के लिए किया गया था और किसी और ने नहीं बल्कि आपकी फैमिली ने किया था । मगर वो ऐसा क्यों करेंगे? आप को बचाने के लिए रोहित ने बताना शुरू किया तो मैं याद है कि आप जब भी मुझसे मेरे काम के बारे में पूछती थी मैं सिर्फ इतना ही कहता था की मैं एमएनसी के लिए काम करता हूँ ना । मैंने कभी इस से ज्यादा बताया ना आपने कभी जानने की कोशिश की । हाँ आगे बोलो मैं तो मैं बताता हूँ । मैं जिस कंपनी में काम करता हूँ उसका नाम फॉर इंटरनेशनल है । फोर फोर यानी फ्राॅड । उसने क्लियर करते हुए कहा, फॉर इंटरनेशनल ऐसे लोगों के लिए दोस्त प्रोवाइड करती हैं जिन्हें किसी भी इमोशनल या अगर रीजन से उन की जरूरत होती है वो इसलिए तुमने अभी कुछ देर पहले मुझसे हमारा यही रेट है । कहा था हाँ सेवेंटी फाइव थाउजेंड रूपीज पर मंथ के हिसाब से छह लाख रुपए तो तुम ये कहना चाहते हो कि मेरी फैमिली ने तो मैं पचहत्तर हजार रुपए हर महीने सिर्फ इसलिए दिए ताकि तुम मुझसे प्यार कर्नाटक कर सको और एक दिन फिर से मेरा दिल तोडकर मुझ से किनारा कर लो नहीं ये सब आप को बचाने के लिए किया गया था । रोहित ने सफाई दी किससे बचाने के लिए? अपने आप से तुम कहना क्या चाहते हो? आप शायद भूल रही है । जब आपका ब्रेकअप हुआ था तो आप किस तरह सेल्फ डिस्ट्रक्शन के रास्ते पर चल निकली थी । वो बोला ना किसी से मिलना, बात करना, हर समय डिप्रेशन में डूबे रहना । घर से बाहर भी निकलती थी तो सिर्फ नशे के लिए । ऐसी में कौन पेरेंट्स नहीं चाहेंगे कि उनका बच्चा अपनी जिंदगी को नए सिरे से ही स्टार्ट करें । लेकिन इसके लिए भाडे का आशिक लाना तो कोई तरीका नहीं हुआ । ना अपनी बढकर बोले । उस समय के हालात को देखते हुए उन्हें शायद यही आॅर्ट लगा होगा हूँ । मैं बेवकूफ थी जो तुम्हारे नाटक को प्यार समझ बैठी । वो उदास स्वर में बोली, मैंने कसम खाई थी कि अब लाइफ में किसी शक से प्यार नहीं करेंगे, लेकिन मैं तुमसे वहाँ कही प्यार करने लगी थी । ठीक क्या अब भी करती हूँ बावजूद इसके कि तुम्हारे लिए सिर्फ एक प्रोफेशनल डांस था । रोहित उसकी बात सुनकर खामोश रहा । एक बात और बताओ रोहित उसने रोहित की आंखों में झांकते हुए कहा । रोहित ने स वाली नजरों से उसकी ओर देखा । इसमें कोई शक नहीं कि इन आठ महीनों में तुमने अपने काम को बहुत परफेक्टली अंजाम दिया और मेरे साथ वो सब कुछ किया जो एक आइडियल लवर कर सकता है । लेकिन क्या इस दौरान तुम्हें कभी अपने मन में मेरे लिए प्यार महसूस नहीं होती । रोहित चुपचाप उसे देखकर प्लीज रोहित मेरे लिए इस सवाल का जवाब जाना बहुत जरूरी है । वह गिनती भुवनेश्वर में बोले, अगर ऐसा नहीं है तो मैं अपने आप को अपनी बेवकूफी के लिए शायद कभी माफ नहीं कर पाएंगे कि कैसे एक नाटक को प्यार समझकर उसमें अपनी खुशी अपनी जिंदगी तलाश बैठी । तुम गलत नहीं थी । रोहित ने चुप्पी तोडते हुए कहा, सच तो यही है कि पहले दो महीने में जरूर आपने प्रोफेशनल डांस को पूरा करने पर ध्यान देता रहा लेकिन फिर मुझे भी तुम्हारी पाते तुम्हारा व्यवहार, तुम्हारे हंसी, तुम्हारा टच बहुत अच्छा लगने लगा और मुझे भी तुमसे प्यार हो गया था । एक मिनट अपनी आंखे बंद करो कि प्लीज अपनी बोले । रोहित ने बिना कोई सवाल की अपनी आंखे बंद करके अपनी ने उसका चेहरा अपने दोनों हाथों में थाना और उसके होठों पर अपनी फोटो रखती है । मैं जानती थी करीब तीस सेकंड बाद वो अपने आप को से अलग करते हुए बोले । रोहित ने उसकी ओर देखा । मैं जानती थी कि मैं पहचानने में धोखा नहीं खा सकती । वो खुशी से काफी एक्साइटेड हो चुकी थी । तुम्हारा प्यार झुकता नहीं था । रोहित तो आज भी मुझे बहुत प्यार करते हूँ । बोलो क्या मेरी बात गलत है, नहीं तो ठीक कह रही हूँ । ये सच है कि मेरा प्रोफेशन मुझे इस बात की इजाजत नहीं देता । बाॅक्स रोहित अब तो मैं वो नाम रात जॉब करने की जरूरत नहीं । मैं तो मैं अपने फ्रेंड की कंपनी में इससे भी अच्छी और ज्यादा सैलरी वाली जॉब दिला दूंगी । ऍम अपनी रोहित उदास होकर बोला काशी मुमकिन होता क्यों मुमकिन नहीं है क्या? ये जॉब तो मैं मुझ से भी ज्यादा प्यारी हैं । वह बनाती, गुस्से से बोली या अभी कुछ और? लडकियों के साथ प्यार का नाटक करना है । उनके दिनों से खेलना है । रोहित ने कोई जवाब नहीं दिया और नजरे झुका लें । इधर मेरी और देखो अपनी आदेशात्मक स्वर में बोली पता है रोहित तुमसे मिलने से पहले मैंने यही कसम खाई थी कि अब किसी को अपनी जिंदगी में नहीं आने दूंगी । लेकिन तुम इतने प्यारे इंसान हूँ कि तुम्हारी वजह से मुझे अपनी कसम तोडने पडेगी । मैं हिंसा नहीं । वो धीमे स्वर में बोला क्या ये कोई नया नाटक है? वो छोडकर बोली इंसान नहीं हो तो क्या हूँ? कोई एलियन या फिर कोई रोबोट? रोबोट रोहित ने जवाब दिया, यही मेरी सच्चाई है । फोन इंटरनेशनल के पास मेरे जैसे करीब चालीस हीलर रोबोट काम करते हैं, जिन्हें वह ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के शिकार लोगों को खेल करने के लिए यूज करती है । आई हो पीओ नोट जोकिंग । अवनी ने अविश्वास भरी नजरों से उसकी ओर देखा ॅ वो गंभीर था । मैं और मेरे साथी रोबोट को फिजिकली और इमोशनली एक दम इंसानों की तरह डेवलप किया गया है जिससे हमें और इंसानों में फर्क करना बहुत मुश्किल है । आॅटो वरना मुझे अपने सिंथेटिक्स किनको चाकू, स्क्रैच करके तो मैं यकीन दिलाना पडेगा अपनी कुछ देख सकती की अवस्था में बैठी रही । फिर अचानक उसके चेहरे पर मुस्कान आ गए और वह रोहित के गले में बाहें डालकर उसे चूमते हुए बोली तुम रोबोट भी हो तो मुझे कोई फर्क नहीं पडता । मैं अब भी तो मैं उतना ही प्यार करती हूँ जितना तुम्हारी सच्चाई के बारे में जाने से पहले करते थे । बल्कि एक तरह से ही अच्छा ही है कि तुम्हारे प्यार की वजह से मेरी कभी इंसान से प्यार न करने की कसम भी नहीं टूटेगी । ॅ तो मैं एक इंसान हूँ और मैं एक मशीन तो क्या हुआ । मशीन होते हुए भी तुम रॉमिल जैसे इंसानों से बेहतर हो जो दूसरों के दिलों को खिलाना समझते हैं । अपनी बोली और रोहित से निपट गई । एक और बात बताओ अपनी रोहित उसकी कमर को अपनी बाहों के घेरे में लेते हुए बोला लेकिन पहले वादा करूँ ये बात किसी से शेयर नहीं करोगी फॅस अपनी बोली बातें हैं अपनी कि तुम्हारी उसका नाम का भी कोई सेंस नहीं था क्योंकि जिस रोमिल की वजह से तुम्हें ये कसम खाई है वो खुद भी कोई इंसान नहीं था बल्कि वहाॅं रोबोट ही था । ये तुम क्या कह रहे हो? अपनी की आंखे हैरानी से फैल गई और तुम चाहते हो कि मैं तुम्हारी इस बकवास पर यकीन भी कर लो तो करना पडेगा अपनी रोहित डेढ स्वर में बोला मैं चाहता हूँ कि तुम्हें हर सच मालूम हो जाये । फोर इंटरनेशनल दुनिया को दिखाने के लिए हीलर रोबोट किराये पर देती है । लेकिन ये कोई नहीं जानता कि इस कंपनी ने रोमिल जैसे करीब एक दर्जन रोमियों रोबोट डिप्लोमा किए हुए हैं जिनका काम है आमिर और सेंसिटिव लडकियों के लडकों से प्यार करना और अगले दो तीन महीने में जब वे पूरी तरह उनके प्यार में डूब जाएं तो उन्हें किसी बात पर ड्राम करके उनका दिल तोड देना । जब अपना काम पूरा करके लौट आते हैं तो मेरे जैसे हीलर रोबोट का काम शुरू होता है । जैसे कंपनी का कारोबार कई गुना बढ जाता है । बोलूँ क्या अभी तुम भी आई होगी कि तुम मुझसे प्यार करती हूँ और हमेशा मेरे साथ रहना चाहती हूँ । अवनी ने आंखे बंद कर ली और सोच में डूब गए । रोहित कुछ सोचने के बाद अचानक आंखे खोलकर मुस्कुराए । अगर मैं तुम्हें रेंट पर पास रखने की बजाय हमेशा के लिए खरीदना चाहूँ तो क्या फॉर इंटरनेशनल इसके लिए तैयार होगी? आप खुद ही पूछ लीजिए । रोहित ने शर्ट के उपर तीन बटन खोलकर अपने सीने पर एक जगह प्रेस किया तो वहाँ का कुछ हिस्सा दाई वाई सरक गया और पीछे से करीब सात दिन साइज वाली स्क्रीन नजर आने लगे । हाँ जाॅन मैं आप की किस प्रकार से मदद कर सकता हूँ? मिस्टर ली मॅजिनी पर यहाँ मुझे आपका एक ही लग बहुत पसंद आ गया है और मुझे लग रहा है कि मुझे आगे भी उसकी हीलिंग की जरूरत पडने वाली है । मैं उसे परमानेंटली अपने लिए परचेज करके रखना चाहती हूँ । इसके लिए मुझे क्या करना होगा? वॅाटर फॅमिली का चेहरा स्क्रीन से गायब हो गया और करीब आधा मिनट के बाद जब वह रीअपीयर हुआ तो उसके चेहरे पर पेशेवर मुस्कान थे । ऍफ नहीं फॅमिली है । वो बोला आपको सिर्फ इसकी कीमत के रूप में करीब फॅस करने होंगे । यही नहीं हम आपको बैक डेट में बिल बनाकर दे देंगे और वह छह लाख रुपये भी एडजस्ट कर देंगे जो आज हमें मंथली रेट के तौर पर पे किए गए हैं । थैंक्यू सो मच मिस्टर ली अपनी बोली और विजय भाव से रोहित की ओर देखा । उसके चेहरे पर भी मुस्कान उभर आई थी । उसने फिर से सीने पर उसी जगह प्रेस किया और उसका सीना वापस पहले जैसा हो गया । एक बात पूछ रोहित हाँ पूछूँ । वो शर्ट के बटन लगाते हुए बोला आज सुबह जब तो मुझे छोड कर चले गए थे या इससे पहले कभी तो मैं ये नहीं लगा कि जब तो मुझे डंप करोगे फिर से पहले वाले डिप्रेशन के दौर में पहुंच सकती हूँ । नहीं । दरअसल हम हीलर्स की आंखों में ऐसे सेंसर लगे होते हैं तो सब जबकि फेशियल एक्सप्रेशन हार्ट बीट, ईक्यू आदि को राॅक करते रहते हैं और अपनी मंत्री रिपोर्ट कंपनी के रिस्पॉन्स डिपार्टमेंट को भेजते रहते हैं । जब कंपनी को लगता है कि सब्जेक्ट अब इमोशनली हर स्टेट बैंक के लिए प्रिपेयर हो चुका है तो वो अपने ऑफिशियल क्लाइंट को इस बारे में बता देती है ताकि वो आगे हमारी सर्विसेज कंटिन्यू करने या ना करने का फैसला ले सकती हो । तुम्हें तो मुझे नई जानकारी दी । वो बोली अभी तक मैं समझती थी कि लोग लडकियों को सिर्फ जैक समझते हैं तो मैं तो उन्हें सब्जेक्ट बना रही है । सही मेरा ये मतलब नहीं था । रोहित हडबडाकर बोला छोडो ये बताओ की अब तक मुझे कभी धोखा तो नहीं लोगे ना । वो शरारत से उसकी ओर देखकर मुस्कुराए । रोहित ने उसे अपनी और खींच कर बाहों में कैद कर लिया । अपनी को उसके सवाल का जवाब मिल चुका था हूँ ।

भाग - 20

ऍम सारंग को सोमबीर ऑफिस में आए करीब छह महीने गुजर चुके थे । वो पहली लडकी थी जिसे उसने पाना चाहा मगर उसका बस नहीं चला था । पैसा पावर ऍम ये चार पी उसे हर उस लडकी को हासिल करने की सुविधा देते थे जो उसकी कंपनी यानी प्रोजोन में काम करती थी । वो कंपनी का मालिक तो नहीं था लेकिन डायरेक्टर ऑपरेशन की पोस्ट संभालते हुए खुद को मालिक से कुछ काम भी नहीं समझता था । वो पिछले चार साल से प्रोजोन में था और अपने पूरे स्टाफ में एक प्लेबॉय के रूप में जाना जाता था । इन चार साल में वो अपने एक दर्जन से ज्यादा कुली के साथ रातें रंगीन कर चुका था । उसके स्टार आना व्यक्ति तो मैं पता नहीं कैसा जादू था कि जिस लडकी को भी वह अप्रोच करता वो उसके करीब आकर खुद को धन्य समझती थी और जब भी सुबह से उसके रिश्ते पर विराम लगता तो रिश्ता एक खूबसूरत मोड पर जाकर ही खत्म होता था और तब तक उसकी साथी को उसके साथ बिताए वक्त के बदले प्रमोशन से लेकर इन्क्रीमेंट तक हर चीज में वह सब फायदे मिलते थे जिन्हें कायदे से पाने के लिए उसे कई सालों तक इंतजार करना पडता है । ऐसा नहीं है कि उसकी इस आदत से प्रोजोन के मालिक और सीएमडी शशांक पुरोहित नावाकिफ थे । लेकिन कंपनी को सुबह का कॉन्ट्रिब्यूशन उसके रेपोटेशन पर भारी पड जाता था जिसके चलते वे उसके तमाम हरकतों की अनदेखी करते आ रहे थे । और फिर अगर कुछ एक चुगलखोरों की कानाफूसी को छोड दिया जाए तो उनके पास सुबीर के खिलाफ अभी तक कोई भी शिकायत नहीं आई थी । हालांकि उन्होंने इनडायरेक्टली उसे वो ऑन कर दिया था कि अगर कभी किसी ने उसके आगे जॅनरल मिस कंडक्ट के कंप्लेंट की तो वे पहले उसे सस्पेंड करेंगे और फिर इन्वेस्टिगेशन की फॉर्मेलिटी पूरी करेंगे । इसलिए वो हर कदम बहुत फूक होकर रखता था । खासकर सारंग जैसे लडकियों के मामले में जो उसके किसी भी पहलकदमी का जवाब गर्मजोशी से नहीं देती थी । अट्ठाईस उनतीस साल की ये लडकी उम्र के लिहाज से काफी छरहरी और चुस्त दुरुस्त नजर आती थी । उसका गोरा रंग सामान्य कद गठीली दें । काली गहरी आंखें पतले पतले होते देखकर किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी थे लेकिन वह सुबह ही नहीं बल्कि ऑफिस के किसी भी कुल एक से ज्यादा बात नहीं करती थी । सिर्फ अपने काम से काम रखना और जितना जरूरी हो उतना ही बोलना । सुना तो ये भी गया था कि इससे पहले जिस कंपनी में वह काम करती थी उसके सीईओ ने एक दिन ऑफिस के बाद उसके साथ कुछ उल्टी सीधी हरकत करने की कोशिश की थी । जिसके जवाब में उसे ना सिर्फ एक करारा थप्पड खाना पडा बल्कि सारंग की शिकायत के चलते अपनी नौकरी भी गंवानी पडी । ये भी कहा जाता है कि वह काफी अमीर खानदान से ताल्लुक रखती थी और जॉब सिर्फ शौक के लिए करती थी वरना पैसे की उसे कोई जरूरत नहीं थी । बहरहाल सारंग ने सुवीर के सामने कैसा चैलेंज खडा कर दिया था जिसे पूरा करने का कोई रास्ता उसे नजर नहीं आ रहा था । ऊपर से उसके बारे में मिली ये सब जानकारियां सुबीर को हतोत्साहित करने के लिए काफी थी । आखिर उस ने अपना शिकार खुद करने के अपने उसूल से माफी मांगी और सारंग ॅ रोज उनके डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन अक्षय शर्मा की मदद लेने का फैसला किया जो की कंपनी में उसके कुलिक से ज्यादा उसका करीबी और हम रात दोस्त भी था । एक शाम अक्षय के साथ वाइन की चुस्कियां लेते हुए सुबीर उससे रिक्वेस्ट किया कि वह किसी तरह से सारंग को उसके डिपार्टमेंट में ट्रान्सफर करते हैं । यार तो गलत जगह डाल रहा है । अक्षय ने उसे समझाने की कोशिश की क्यों? क्या तेरह दिला गया? इस पर उसने अक्षय की आंखों में जाकर फालतू बात मत कर रहा हूँ । मैं तेरे जैसा नहीं हूँ । वो बिगड कर बोला तो फिर क्या प्रॉब्लम है मेरे मर्यादा पुरुषोत्तम वो उससे चिढाते हुए बोला कि वो साले मेरा बायोडेटा खराब करता है । लेटर काम बाकी मुझे छोड दें । देखना तेरह ओवर कॉन्फिडेंस कहीं तो जब मरवाना दें, डोंट वरी है तो मालूम तेरा दोस्त कोई भी काम जल्दबाजी में नहीं करता । हाँ, वही तो तो कैसा होगा । ठीक रहा लेकिन तो कितना भी बढिया जाल बिछा लें । मुझे नहीं लगता कि तेरी डाल सारंग के मामले में गल पाएगी । मुझे जानता है फिर भी चैलेंज कर रहे हैं । बिल्कुल कर रहा हूँ तो शर्त लगा लें तो लगी शक्ति दस दस पेटी की सुबीर ने अक्षय की ओर हाथ बढाया डन वो उससे हाथ मिलाते हुए बोला लेकिन ये ऍम टाइम लिमिट वो क्यूँ नई? तो क्या मैं तेरा सारा उमर इंतजार करता रहूंगा । इतने लंबे इंतजार की जरूरत नहीं है । हद से हर दो महीने मैंने तो तीन महीने दिए । अक्षय ने दयानंद दारी दिखाते हुए कहा अगर इस बीच तो सारंग के साथ इंटीमेट नहीं हो पाए तो दस लाख रुपये तैयार रखना चल अब थोडी से हेल्प कर क्या कुछ है? महीने से उसके साथ काम कर रहा है । उसकी नेचर बिहेवियर, पर्सनल लाइफ स्टोरी वगैरह के बारे में कुछ टिप्स देना बडा ऑप्टीमिस्टिक है । अक्षय हसते हुए बोला मुझे अजय गया रहा है कि मैं तुझे जीतने में मदद करूँ और खुद दस लाख की चोट हॅूं क्यूँ क्या तो? दोस्त नहीं मेरा यार तू तो इमोशनली ब्लैकमेल कर रहा अक्षय शिकायती लहजे में बोला ऐसा ही समझ ले । सुबीर मुस्कुराते हुए बोला अब जो भी बोलना श्री ऍम इंडियन । वो आंख मारते हुए बोला साले, अब बता रहे हैं ऍम वो नकली नाराजगी जाहिर करते हुए बोला ऍम वापस ले सकता है । अक्षय दरियादिली दिखाते हुए बोला ज्यादा महान मत बन । एक बार शर्त लग गए तो लग गई इस बार उसे एक मर्द के साथ का एक्सपीरियंस मिल जाएगा । ऍम सारंग भारद्वाज कोई बच्ची नहीं थी जो इस बात को ना समझे कि क्यों से जॉइन करने के सिर्फ छह ही महीने के बाद रोज उनकी मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन से प्रमोट कर जनरल मैनेजर ऑपरेशन बनाया गया है । लेकिन वो इतनी मूर्ख भी नहीं थी कि अचानक अपने आप को मिले इस मौके को हाथ से जाने दे । उसने इस तरह की को खुले दिल से स्वीकार किया और अपने नए बॉस की नियत से अच्छी तरह वाकिफ होने के बावजूद उसके साथ एडजस्ट करने में जुट गई । हालांकि इस एडजस्टमेंट का मतलब ये नहीं था कि अब सुबीर उसे जब चाहे कुछ भी कह सकता था या कहीं भी हो सकता था । जब भी वो उसे कम्फर्ट जोन में लाने के लिए उसके साथ कोई मजाक करता, उसके चेहरे पर हाल किसी औपचारिक मुस्कान से ज्यादा कुछ नजर नहीं आता था । कभी वह बहाने से उसे पीठ पर यह कंधे पर छूता तो उसके लिए तनकर लकडी जैसी सख्त हो जाती थी उसे अपने डिपार्टमेंट में लाने का । सुबीर को बस इतना ही फायदा हुआ था कि उनके बीच एक फॉर्मल फ्रेंडशिप स्टैब्लिश हो गई थी जिसकी वजह से मैं कभी कभी साथ कॉफी पी लिया करते थे । वो एक अनुभवी खिलाडी था इसलिए एकदम जल्दबाजी नहीं करना चाहता था । इसी तरह दो महीने बीत गए लेकिन वो इस मामले में एक कदम भी आगे नहीं बढ पाया था और सिम्पैथी दिखाकर उसकी नजदीकी हासिल करने का तो उसे मौका मिला ही नहीं रहा था क्योंकि वो ना तो उसकी पर्सनल लाइफ में इंट्रेस्ट लेती थी और ना ही उस से अपनी पर्सनल लाइफ शेयर करती थी । उसे प्रमोट कर के जनरल मैनेजर से डिप्टी डायरेक्टर बनाने का ख्वाब दिखाना भी सोमबीर के किसी काम नहीं आ रहा था । उसकी खीज बढने लगी । जितना वो उससे दूरी बनाए रखती थी । उसके करीब आने की सुबीर की इच्छा उतना ही जोर पकडती जा रही थी । उसे दस लाख रुपये की चिंता नहीं थी बल्कि वह शर्त हारने से होने वाली संभावित किरकरी को लेकर ज्यादा टेस्ट था । अब उसने इसे प्रेस्टीज इशू बना लिया था जो सारंग को हासिल किए बिना शांत होने वाला नहीं था । दिन पहले की तरह बीत रहे थे । इस बीच एक अच्छी बात ये हुई कि सारंग का बढते वहां पहुंचा । सुवीर के शातिर दिमाग ने इसके लिए एक फुलप्रूफ योजना बनाना शुरू कर दिया और बढने से ठीक एक हफ्ते पहले जब उसकी योजना पूरी तरह बनकर तैयार हो गई तो वो उस पर इतना मुक्त हो गया की उसका मन कर रहा था की खुद की पीठ थपथपाकर है । जाहिर है कि कोई और तो उसे शाबाशी दे नहीं सकता था । क्योंकि उसने ये योजना किसी से शेयर नहीं की थी । उसके इस फुल प्रूफ प्लानिंग की सबसे बडी यूएसपी ये थी कि इसके नाकाम होने की स्थिति में भी उसका कुछ बिगडने वाला नहीं था । सेवा वो शर्त हार जाने की जो उसने अक्षय से लगाई थी । पंद्रह जनवरी को सारंग अपने घर में मौजूद थी । उस ने दो दिन पहले ही ऑफिस में छुट्टी की एप्लीकेशन सबमिट कर दी थी । सुबीर के इस अनुरोध को वोट डाल नहीं सकी थी कि वो उसके बोल दे कि शाम को उसके लिए यादगार बनाना चाहता है । उस शाम पहली बार सारंग सुबीर के साथ पब में गए । उसके साथ वोट करती और उसकी बाहों में बाहें डालकर उसकी ही गाडी में उसके बराबर की सीट पर बैठकर घर है । उसके नहीं अपने घर सुबह गाडी से उतारकर उसकी साइड आया और दरवाजा खोला । सारंग ने नीचे उतरकर बडी अदालतों से देखा और गाडी से बाहर आ गए । तुम चलो मैं दो मिनट में आता हूँ । वो बोला ही अभी कुछ और बाकी रह गया है क्या शाम को यादगार बनाने के लिए उसने मुस्कुराकर पूछता हूँ बस तुम दरवाजा खोलो, मैं पहुँचता हूँ । ठीक है जल्दी आना

भाग - 21

सुबीर अपने मोबाइल की स्क्रीन पर नजरे गडाए देख रहा था । सारंग ने अंदर आकर अपना बैग साइड टेबल पर रखा और आने में अपने आप को देखा हूँ । तभी उसे एक आठ सुनाई थी । उसने घूम कर देखा । सोमबीर अंदर आ चुका था । उसका एक हाथ पीठ के पीछे था । क्या छुपा रहे हो हैप्पी बर्थ डे । सारंग सुबीर ने हाथ सामने लाते हुए कहा उसके हाथ में एक लाल रंग का स्क्वायर शेप बॉक्स था । क्या है इसमें? उसने बॉक्स हाथ में लेते हुए कुछ खुद ही देख लो । सारंग ने बॉक्स खोला । उसके अंदर मोतियों का एक खूबसूरत हार चमचमा रहा था । वहाँ हो ये तो बहुत सुंदर है तो अपने गले में पहन लो । इसकी खूबसूरती में चार चांद लग जाएंगे । आप ही पहना दीजिए । सुबीर ने उसके हाथ से हार लेकर उसके गले में पहना दिया । वो पीछे हार कहुक लगा रहा था और सारंग अपने आप को आने में देख रही थी । तभी अचानक सुबीर ने उसे पीछे से बाहों में भर लिया । वो चौकर पीछे । मोदी तो सुबह में उसे बाहों में कसकर उसके चेहरे पर चुंबनों की बहुत हार करती । सोमबीर के होटलों में कैद उसके होटों से एक दिशा नहीं निकल पा रहा था । रुकी नसर वो अपने आप को उसकी तरफ से छुडाते हुए बोली आप तो मेरे कपडे खराब कर देंगे । मैं दो मिनट में चेंज करके आती हूँ और वापस आपको जॉन करती हूँ कहकर वो अंदर चली गई । धत तेरी शहर से सैंकडों किलोमीटर दूर कोलकाता के फाइव स्टार होटल के आलीशान स्वीट में बैठे सुबह ने अपना सिर पे लिया । अगर उसे पता होता कि सारंग इतनी जल्दी पिघल जाएगी तो वो अपने रोबोटिक वर्जन एस टू पोईंट जीरो को सारंग के साथ भेजने की बजाय खुदी वहाँ जाता । खैर कोई बात नहीं अब तो रास्ता खुल गया है वो कभी भी उस पर चल सकता है । उसने अपने आप को समझाया और अक्षय के सामने अपनी जीत को प्रूफ करने के लिए मोबाइल में रिकॉर्डिंग मोड फोन कर दिया और आगे देखने लगा । हूबहु उसके जैसा दिखने वाला एस टू पोईंट जीरो सोफे पर बैठा एक मैगजीन के पन्ने उलट रहा था । इस रोबोट को उसने रोबोट दिल से रेंट पर लिया था जिसने आपने दो डवलपर्स को एक हफ्ते तक सोमबीर के साथ रहकर उसकी स्टडी करने के लिए भेजा था और उनकी रिपोर्ट को फॉलो करते हुए इसे लुक में ही नहीं बल्कि नेचर और बिहेवियर में भी एकदम उसके जैसा डेवलप किया था । कहीं कोई कमी रहेगी जाती तो उसे स्मार्ट फोन में लोड किए उसके ऐप से कंट्रोल किया जा सकता था । ये एप यूजर के मन के विचारों से कनेक्टेड होती थी और रोबोट वही करता और कहता था जो उसका मालिक उसके जरिए कहना करना चाहता था और यूजर हर उस बात को फील क्या एक्सप्रेस कर सकता था जो रोबोट के साथ हो रही होते थे । इसके अलावा उसके हाथ में चारों और लगे नैनो कैमरे ना सिर्फ उसके आस पास की चीजों को मोबाइल तक पहुंचाते थे बल्कि मिलकर एक ऐसा वर्शिल कैमरा भी क्रिएट कर देते थे जो खुद उस रोबोट की एक्टिविटीज को भी उसके मालिक को दिखाते थे । अपनी जगह एस टू पोईंट जीरो को सारंग के साथ भेजने के पीछे उसकी यह योजना थी की अगर उसके सेक्शुअल एडवांसमेंट की वजह से सारंग नाराज हो जाती है उसके खिलाफ मिस्टर पूरोहित यह वुमेन कमीशन में शिकायत करती तो वह बडी आसानी से ये साबित कर सकता था कि वह तो शहर में मौजूद ही नहीं था और अगर एस टू पोईंट जीरो सारंग के साथ लवमेकिंग करने में कामयाब हो जाता तो फिर वह आगे कभी भी खुद उसके पास जाकर अपनी इच्छा पूरी कर सकता था । अक्सर अंदर आना चाहिए ना सारंग की आवाज सुनाई दी तो सुवीर ने ठंडी आह भरकर स्क्रीन पर देखा । डाक्यू नाइटी में वो बना के खूबसूरत नजर आ रही थी । उसके बुलाने पर एस टू पोईंट जीरो उठकर खडा हो गया और धीरे धीरे चलते हुए उसके पास जा पहुंचा । यहाँ तक पहुंचने के लिए आपको बहुत सब्र करना पडा है ना वो उसके गले में बाहें डालकर मुस्कुराए । लेकिन आज आपको यकीन हो जाएगा कि सब्र का फल मीठा होता है । कितना मीठा सुबीर बाॅधने शरारत से पूछा इतना सारंग उसके होठों पर किस करते हुए बोली या शायद इससे भी ज्यादा कितना जाता । बहुत सारे सारंग ने उसके चेहरे पर चुंबनों की बारिश कर दी और उसके होठों को अपने होटलों में भरकर बडी शिद्दत से उन्हें पीने लगी । इधर असली सुबीर को बडी टी सी महसूस हो रही थी कि कहाँ उसमें थोडा सा रिस्क ले लिया होता तो आज एस टू पोईंट जीरो की जगह इस समय उसके होट होते उसने फिर स्क्रीन की ओर देखा । सारंग एस टू पॉइंट जीरो के बिस्तर पर गिर चुकी थी और उसकी कमीज के बटन खोल रही थी । उसने एस टू पोईंट जीरो के सीने पर जी फिर आनी शुरु करती । वहीं आॅटो के हाथ उसकी कमर को सहना रहे थे । अगली सुबह दोनों एक दूसरे के अगल बगल लेते हुए थे तो वहाँ की लाजवाब ऍम उन्होंने कहा आम भी कुछ काम नहीं है । वो उसके सीने परसेंट टिकाकर बोले अब हम फिर काम मिलने वाले हैं । एस टू पोईंट जीरो ने उसके कंधे को सहलाते हुए पूछा कल मिलेंगे ना? ऑफिस में वो खिलखिलाकर हंसी खासकर संडे हैं । अरे नहीं मेरा मतलब ये नहीं था । ऍम जिन्होंने पूछा क्यूमिन इस तरह बैंड में यस आॅर अंग ने अचानक गंभीर होकर जवाब आपको तो मेरे सेक्शुअल ओरिएंटेशन का पता है । मैं मेल कंपनी पसंद नहीं करते हैं । वैसे भी आप जो चाहते थे आपको मिल गया है । उम्मीद है आप मेरे नजदीक आने की कोशिश नहीं करेंगे । अगर कभी ऐसा किया तो आप जानते ही हैं कि मेरा नेक्स्ट क्या होगा । ऍम जिलों को सकते में छोड कर वह बिस्तर से उठी और अपने कपडे पहने लगी । उसकी बात सुनकर सुबह सातवे आसमान से नीचे आ गिरा । सारंग के साथ इंटीमेट होने के लिए मिला ये मौका पहला होने के साथ साथ आखिरी भी था । ये जानकर उसे बहुत अफसोस हुआ । उसने उस बात के लिए खुद को हजार बार कोसा कि एस टू पोईंट जीरो की जगह वो खुद उसके घर क्यों नहीं किया । बहरहाल इस तमाम मलाल के बीच अगर उसे किसी बात का सुकून था तो ये थी कि वह अक्षय से लगाई शर्त जीत चुका था और उसकी नाक कटने से बच गई थी । व्यक्ति को सारंग और एस टू पोईंट जीरो के बीच के इंटीमेट वालों को वीडियो दिखाकर साबित कर सकता था कि उसने जो कहा वह करके दिखाया और ऍम जरूर इतना परफेक्ट था की अक्षय क्या कोई भी उसकी असलियत को नहीं भाग सकता था । उसने स्क्रीन को देखा । एस टू पोईंट जीरो कपडे पहन चुका था और सारंग के घर से बाहर निकलकर वार्किंग की ओर बढ रहा था । मंडे को ऑफिस के लंच ब्रेक में वो अक्षय के साथ अपने कैबिन में बैठा था । वैसे तो वह सैटरडे को मिली शिकस्त के असर से बाहर नहीं निकल पाया था लेकिन अक्षय के सामने वो यही जता रहा था जैसे वह कोई एवरेस्ट फतह कर कर लौटा हो । वो उसे सारंग के साथ बिताए पलों के बारे में एक एक डिटेल बता चुका था । सिवा इसके कि इन पलों को जीने वाला वो नहीं बल्कि उसका हमशकल रोबोट ऍम था और ऐसा अक्सर ये बता तो कहीं गलत तो नहीं मार रहा । अक्षय उसकी आंखों में झांकते हुए पूछा हाथ कंगन को आरसी क्या बडे लिखे को फांसी क्या उसने शायराना अंदाज में कहा और सारंग और ऍम का विडियो प्ले कर के अपना मोबाइल उसकी ओर बढाते हुए बोला ले तो खुद ही देख ले । वीडियो देखते हुए अक्षय के चेहरे पर एक के बाद एक भाव आ जा रहे थे ऍम वो मोबाइल उसे लौटाते हुए बोला हूँ हो गया शर्ट हार गया तो आंखों से देखकर भी उसे झुटला रहे तो भी शिकायत करते हुए बोला नहीं ये बात नहीं है । अक्षय जवाब दिया सारंग ने सुबह ही अपने फेसबुक अकाउंट पर आपने बढते की पिक्चर और वीडियो शेयर किए हैं जिनमें वो अपनी तीन चार लेस्बियन फ्रेंड्स के साथ हवाई में मस्ती कर रही हैं । इन पिक्चर्स के हिसाब से तो वह तीन दिन हवाई में बिताने के बाद कल रात ही इंडिया वापस आई है । फॅस अपने बडे पर तो वो रात को दो बजे तक मेरे साथ थी तो खुद ही देख ले कहकर अक्षय ने मोबाइल पर अपना एफबी अकाउंट ओपन कर सारंग की पोस्ट उसके सामने कर दी जिनमें उसने अक्षय को भी टैग किया हुआ था । सुबह ने देखा की इन तस्वीरों और वीडियो क्लिपिंग्स में सारंग अपनी फ्रेंड्स के साथ एन्जॉय कर रही थी । किसी में वह स्कूबा डाइविंग कर रही थी तो किसी में सर्फिंग, किसी में लोगों, लोगों के साथ उन्हें कि नेटिव कॉस्ट्यूम में पोस्ट दे रही थी तो किसी में डाइनिंग का मजा ले रहे थे । जी कैसे मुमकिन है? उसने जैसे अपने हाथ से पूछा ये भी तो हो सकता है की ये पोस्ट पुराने हूँ और उसने रिपोर्ट की हूँ । ये इसलिए नहीं हो सकता है कि ज्यादातर वीडियो एफ बी लाइव के थ्रू पोस्ट किए गए हैं । अक्षय ने बताया जिनमें पोस्ट किया जाने की डेट या टाइम में कोई भी अडल्ट्रेशन पॉसिबल नहीं है । ये तो बडी मुश्किल पहली बनती जा रही है । सुबीर ने अपना सिर पकडकर बोला आप क्या क्या चाहिए? मेरे ख्याल से इसका जवाब एक ही शख्स दे सकता है । वो है खुद सारंग । अक्षय ने सुझाव दिया उसे बुलाकर पूछते हैं हाँ ये सही रहेगा । अभी मैं उसकी बात से सहमती जताते हुए इंटरकॉम से सारंग का नंबर मिलाया और उसे अंदर आने के लिए कहा । आईएमए सारंग प्लीज है वह सीट उसके दरवाजा नौ करने पर सुबह ने कहा सारंगने वहाँ बैठे अक्षय की ओर देखा और एक कुर्सी खींचकर उसके पास बैठ नहीं मैं सारंग हमें इम्पोर्टेन्ट इशू पर उलझ गए । सुबह में खंखार कर अपना गला साफ करते हुए कहा इस गुत्थी को सिर्फ आप ही सुन जा सकती है । बोली ऍम में सारंग मेरे दोस्त का कहना है कि आप अपने बढते पर हवाई में थी जबकि उस दिन आप खुद इसी शहर में मेरे साथ सेलिब्रेट कर रही थी । अब आप क्लियर कीजिए कि हम दोनों में से कौन सही है । आप दोनों ही सही है सर । वो मुस्कुराते हुए बोले वट ये कैसे पॉसिबल है, क्यों पॉसिबल नहीं क्या सिर्फ आप ही अपने जैसा वो वोट बनवा सकते हैं? सारंग ने अपना आखिरी बम थोडा और दोनों को हक्काबक्का छोडकर कमरे से बाहर निकल गई तो

भाग - 22

ऍम पिछले पंद्रह दिनों में ये छठवीं बार था जब करण सिंहानिया ने डॉक्टर जतिन पुजारी से लाइफ की चाबी मांगी थी और इस बार भी उसे ना चाहते हुए भी करण को चाबी देनी पडी थी । वैसे जतिन उसे मना कर भी नहीं सकता था क्योंकि ये लाइफ उसकी थी । प्रोजेक्ट उसका था और प्रोजेक्ट में खर्च हो रहा सारा पैसा उसका था । इसलिए जतिन को उससे ये पूछने का हक भी नहीं था कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद उसे आए दिन लैब की चाबी क्यों चाहिए होती थी । अलबत्ता पहली बार उससे चाबी मांगते वक्त करन ने खुदी उससे बताया था कि वह रो मित्रा को लॉन्च करने से पूर्व उसकी पूरी जांच पडताल करके देखना चाहता है जिस से बाद में कोई गडबडी ना हो । प्रोजेक्ट रो मित्रा यानी रोबोट मित्र करण सिंहानिया का ड्रीम प्रोजेक्ट था जिसे अंजाम देने के लिए उसने यू । एस की कार्ड की । मैलन यूनिवर्सिटी से रोबोटिक्स में गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर जतिन पुजारी को हायर किया था । जतिन उस समय चाइनीज कंपनी फोर इंटरनेशनल में काम करता था जो दोस्त का रोल प्ले करने वाले यूनाइट रोपोर्ट बनाती थी । उसे यहाँ काम करते हुए दस साल बीत गए थे । कारण से उसकी मुलाकात जर्मनी में आयोजित एक इंटरनेशनल रोबोटिक्स एक्सपो में हुई थी । जिसमें दुनियाभर की रोबोट मैनुफैक्चरर कंपनी ने अपने अपनी रोबोट डिस्प्ले किए थे । इनमें एक आइलैंड फोर का भी था । फोर के फ्रेंड बोर्ड देखकर करण को आइडिया आया कि अगर ऐसी रोबोट इंडिया में बनाए जाएं तो इनके लिए काफी बडा मार्केट क्रियेट किया जा सकता है । पसंद तो से सेक्स बोर्ड्स भी आए थे लेकिन इंडिया जैसी मिक्स कल्चरल कंट्री में एक्सपोर्ट जैसी तीस डवलप करने से लेकर मार्किट करने तक के दौरान कई तरह की बाधाएं सामने आ सकती थी । उस दिन शाम को फोर को रिप्रेजेंट करते हुए डॉक्टर जतिन पुजारी ने यूनाइट रोबोट पर एक शानदार लेक्चर डिलीवर । क्या कारण से उसकी मुलाकात इसी लेक्चर के बाद हुई थी करने जब उससे अपना आइडिया शेयर किया और उसे अपने साथ जुडकर इस प्रोजेक्ट पर काम करने का ऑफर दिया तो वो इंकार न कर सका । एक तो वो खुद दस साल से चीन में रहते रहते ऊब चुका था और अपने देश वापस लौटना चाहता था । दूसरे करण द्वारा ऑफर की गई सैलरी इतनी आकर्षक थी कि उसका प्रस्ताव ठुकराने की कोई वजह ही नहीं थी । फोर के साथ जरूरी फॉर्मैलिटीज पूरी करने के बाद उसने करण के प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर दिया । कुछ ऐसी शर्तें सामने आई जिनके बारे में अगर जतिन को पहले से पता होता है तो वो कभी हाना कहता है । लेकिन अब काफी देर हो चुकी थी लिहाजा उसे मन मारकर उसकी शर्तें माननी पडी । दरअसल करण द्वारा ये शर्तें रखने के पीछे एक ठोस वजह थी जो सही भी थी । वो नहीं चाहता था कि उसका ये प्रोजेक्ट पूरा होने से पहले किसी को इसकी भनक भी लगे । इसके लिए उसने शहर से बाहर एक रिमोट हिल्ली एरिया में स्थित अपने पुश्तैनी कोठी को चुना । जिसके ग्राउंड फ्लोर को उसने लैब में कन्वर्ट करा दिया और ऊपर के माले पर जतिन के रहने की व्यवस्था करवा दी । जतिन के काम और निजी जरूरतों की सभी चीजें उसे मुहैया करवा दी गई । उसे ना इस कोठी से कहीं बाहर जाने की इजाजत थी और ना ही फोन या इंटरनेट यूज करने की । वो अपनी हेल्थ के लिए कोई असिस्टेंट भी नहीं रख सकता था । उसकी निगरानी के लिए चौबीस घंटे गेट पर दो सशस्त्र गार्ड तैनात रहते थे । हालांकि अपने या इस प्रोजेक्ट के लिए अगर उसे अलग से कुछ जरूरत होती है तो इंटरकॉम के जरिए उनसे कॉन्टेक्ट करके उन्हें बता देता है और दो से तीन घंटे के भीतर उसे वो चीजें मिल जाती थी । सब कुछ इतना चुपचाप चल रहा था कि गार्डों को भी खबर नहीं थी कि अंदर क्या हो रहा है । कुछ दिनों में उसे अकेलेपन की आदत हो गई । वो काम इतना बिजी रहने लगा कि इन सब बंदिशों के बारे में सोचना भी भूल गया । हर पंद्रह बीस दिनों के अंदर से करण प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस जानने के लिए आता रहता था । इसी तरह धीरे धीरे काम आगे बढ रहा था । सात महीने बीत गए और आखिरकार वह दिन आया जब जतिन की मेहनत रंग लाई और वो एक ऐसा फाॅर्स बनाने में सफल हो गया जिसे देखकर कोई नहीं कह सकता था कि वो इंसान नहीं है । उस दिन जतिन इतना खुश था कि उसने रोबोट को अपनी बाहों में उठा लिया और गोल गोल घूमने लगा । तब जाने पर उसने उसे फर्श पर खडा कर दिया । जानती हूँ रोबोट आज मैं बहुत खुश हूँ । वो उससे अपनी खुशी साझा करते हुए बोला लेकिन रोबोट का भावहीन चेहरा देखकर उसे बहुत निराशा हुई । तभी उसे याद आया कि उसने रोबोट को वो तो किया ही नहीं । उसने तुरंत ऍम क्या वो अपनी आँखे खोल कर एक प्यार भरी मुस्कान से उसे देख रही थी । आज आप बहुत खुश लग रहे मास्टर उसने पूछा हाँ मिस रोबोट वो जोश भरे स्वर में बोला क्या मैं इस खुशी की वजह जान सकती हूँ? क्यों नहीं तुम ही तो इस खुशी की वजह से रोबोट ने उसकी वो देखा । आज मेरे लेवल पर तुम एकदम परफेक्ट हो चुकी हो । एक इंसान की सोच, शख्सियत, इमोशन, फीलिंग और साइकोलॉजी के बारे में जो भी तजुर्बा और जानकारी मेरे पास थी, वो सब मैंने तो मैं दे दिया फॅार फॅमिली मास्टर । वो उसे टोकते हुए बोला माॅस् जाते हैं ओके जतिन । वो बोली क्या मेरा कोई नाम नहीं है? जतिन को तो इस बात का खयाल भी नहीं आया था । तो मैं एक रोबोट हो । वो सोचने लगा और एक मित्र भी । यानी रोबोट मित्र इसे शॉर्ट कर देते हैं और तुम्हारा नाम हुआ रो मित्र । पसंद आया अपना नया ना हाँ जतिन बहुत स्वीट नाम है । प्रोजेक्ट कम्पलीट हो जाने से भी ज्यादा खुशी जतिन को इस बात की थी कि जल्दी उसका इलेवन मंथ का वह कॉन्ट्रैक्ट पूरा हो जाएगा और उसे इस नाम अकुल जगह से निजात मिलेगी । इसीलिए उसने सोचा कि सबसे पहले यह खुशखबरी करन को सुनाई जाए तभी उसे खयाल आया क्यों न करण को सरप्राइज दिया जाए । वैसे भी वह दो महीने के बिजनेस टूर पर यूरोप गया था और अभी उसके वापस आने में डेढ महीना बाकि था । सात महीने तक कोठी के दोनों फ्लोर पर कैदियों जैसे जिंदगी जी रहे जतिन के लिए रो मित्रा का साथ किसी नियामत से कम नहीं था । वैसे भी अब लैब में उसके पास खास काम नहीं बचा था तो वो अपना ज्यादातर वक्त रो मित्रा के पास बताने लगा । वे सात बैठे घंटों तक दुनिया भर की बातें करते हैं और रो मित्र के ज्ञान का भंडार बढता जा रहा था । उसे नई नई चीजें जानने में बहुत दिलचस्पी थी और वो अपनी जानकारी बढाने के लिए बीच बीच में उसे कुछ न कुछ पूछती भी रहती थी । जहाँ तक मुमकिन होता वो उसके सवालों का जवाब देने की कोशिश करता है । लेकिन कई सवालों के जवाब उसके पास भी नहीं है क्योंकि उसके आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में सारी भावनाएं मौजूद तो थी लेकिन उन्हें महसूस करने के लिए अनुभव भी जरूरी थे जो उसे बाहर की दुनिया में जाकर ही मिल सकते थे । जतिन के साथ रहते हुए वह सिर्फ दोस्ती की भावना को ही समझ पाई थी । जतिन को भी उसे बहुत ज्यादा लगाव महसूस होने लगा था । रो मित्र के साथ डेढ महीने का वक्त कैसे पंख लगाकर उड गया पता ही नहीं चला । आखिर वो दिन भी यहां पहुंचा जब सुमित्रा को उसके असली मालिक से मिलना था । करन ने लैब किस लाइटर डोर पर लगा बटन पुश क्या डोर स्लाइड होते ही उसे सामने एक बना का खूबसूरत हसीन चेहरा नजर आया । हुआ यूं ऍम वह हैरान होकर बोला आॅर्टन मिस्टर कारण ऍम यूटीफुल । गढ । जतिन की आवाज सुनकर उसने गर्दन घुमाकर देखा तो वह शरारतपूर्ण ढंग से मुस्कुरा रहा था । ॅ खा गए न धोका जतिन खिलखिलाकर हजार । ये वो चीज है जिसे देखने के लिए आप पिछले नौ महीने से सब्र कर रहे हैं । यू मेन चीज वो सकपका गया । यह चीज रो मित्र और हम बाल आंसर टू फोर । जतिन ने बडी अदा से सिर्फ झुकाते हुए जवाब दिया, वंडरफुल मेसेजिंग करन की खुशी की कोई सीमा नहीं थे । वेल्डर लूट ऍम ऍम मुझे तो मैं कहना चाहिए । डॉक्टर जतिन आपने साबित कर दिया कि मैंने आपको यहाँ लाकर कोई गलती नहीं की । कहते हुए करन रो मित्रा के पास आ गया और उसके बालों पर हाथ रहा । फिर उसके हाथ उसके कंधों को सहलाते हुए पीठ पर हटके ऍम फील । कोई कह नहीं सकता कि एक रोबोट है । करण ने कहा और जतिन की ओर देखा । उसके चेहरे पर प्रसन्नता के भाव थे । क्या हुआ? उसने पूछा आर्यो के नाॅक तो फिर थोडा डेमो दीजिए कि आपको इस रो मित्रा कोऑपरेट कैसे किया जाता है? करण ने उससे कहा, जतिन । उसे समझाने लगा कि उसकी गर्दन में लगा स्विच उसे एक्टिवेट करता है जिसे ऑफ करने से वो सिर्फ एक बंद मशीन की तरह रह जाती है । उसकी आंखों में दो तीन सौ साठ डिग्री एंगल ऍम लगे हैं जिनसे वो अपनी गर्दन के पीछे भी देख सकती है । ये कैमरे उसका सिस्टम ऑफ होने के बाद भी काम करते रहते हैं । इसके अलावा वो सब कुछ देख सुन समझ और महसूस कर सकती है । इसके बाद जतिन ने रो मित्र का स्विच ऑफ कर उसे डीएक्टिवेट कर दिया और उसकी रोग की डोर खोलकर उसे निर्वस्त्र कर दिया । यहाँ बाद है करन उसके सीने पर हाथ घुमाते हुए सराहना भरे स्वर में बोला था, आपने तो इस की हर चीज का इतनी ना पास और खूबसूरती से राजा है । किसी भी आदमी का मन इसे पाने के लिए लग जाया जाए । वैसे आपसे कहा रखते हैं लैब में इसके लिए चैंबर बनाया हुआ है । रात को से बैठकर लेटाकर इसको स्विच ऑफ कर दिया जाता है तो ये शांत लेती रहती है । जब तक की से दोबारा ओ ना किया जाए । नाये करन उसकी तारीफ करते हुए बोला, डॉक्टर जतिन, आप यहाँ रहते हुए काफी बोर हो गए होंगे जाइए । आज शहर घुमाएंगे और लाइफ की चाबी दे जाइएगा आॅफ मार्केट! जतिन ने मारे मंत्री चाभी उसके हाथ में थमा दी और रो मित्रा की ओर देखा । उसके चेहरे पर बच्चों जैसी मासूम में छाई हुई थी ऍम डॉक्टर कल जवाब वापस आएंगे तो आपकी रो मित्रा और चाबी आपको यही मिलेगी । जतिन उसे चाबी देकर बाहर आ गया जहाँ उसकी गाडी पार्क की हुई थी । उसका बिलकुल मन नहीं कर रहा था कि वह रो मित्रा को करन के साथ छोड कर जाए । लेकिन वो मजबूर था । अगली सुबह जब वापस आया तो उसने चाबी को डोर की साइड में लगे मैसेज बॉक्स में रखे । पर कहाँ अपने हाथों से उसने डोर ओपन किया और तेजी से रो मित्रा के चैंबर की ओर लपका । उसे उसके बैट पर आराम से आंखे बंद किए लेते देखा तो राहत की सांस ली और उसका स्विच ऑन कर दिया । गुड मॉर्निंग वो मुस्कुराई मॉर्निंग सुमित्रा कल की शाम कैसे भी थी । बहुत बढिया मिस्टर करने मुझसे बहुत सारी बातें की । अपने मोबाइल पर आपने यूरोप टूर की पिक्चर दिखाई । वो उत्साहित फॉर में कह रही थी । मिस्टर करन कह रहे थे कि नेक्स्ट टाइम वो मुझे भी साथ लेकर जाएंगे । जतिन ने सोचा कि करण को लेकर वह बेवजह ही डर रहा था । वो सिर्फ रो मित्रा से बात करने की इंटेंशन से यहाँ रुका होगा । लेकिन रो मित्र से बात करने की करन की चाहत बढते जा रही थी । हर दो तीन दिन में उसकी ये इच्छा जोर मारती और वह जतिन से चाबी लेकर उसे शहर भेज देता हूँ । आज ही छठवीं बार था जब जब उनको चाबी उसे देनी पडी थी । वो कई बार सोचना कि आखिर रोमिता करन की ही तो प्रॉपर्टी है । वो उसका चाहे जो करें उसे रो मित्रा को लेकर इतना परेशान होने की क्या जरूरत है । लेकिन वो जितना खुद को समझाने की कोशिश करता, रो मित्र उसके दिलो दिमाग पर उतना ही हावी हो जाती है और उसके कारण से एशिया होने लगती है । उसका मन करने लगा कि रो मित्रा को लेकर कहीं अंजान जगह पर चला जाएगा जहाँ करन की परछाई भी उन पर ना पडेगा । लेकिन वो ये भी जानता था कि ऐसा कतई मुमकिन नहीं है हूँ ।

भाग - 23

अगली सुबह जब जतिन वापस आया तो दूर ओपन था । उसने अंदर जाकर देखा तो निर्वस्त्र सुमित्रा अपने चैंबर पर बैठ पर पडी सुबह रही थी । उसकी फाइबर बॉडी को कवर करने वाले सिंथेटिक स्किन पर जगह जगह खरोच हो और दांतों से काटने के निशान थे । कुछ जगह ऐसे ब्राउन दम थे, जैसे उसे किसी सुलग चीज से जलाया गया हूँ । बिस्तर के पास ही मुझे हुई सिगरेट के टुकडे और विस्की की दो तीन बोतलें लडकी पडी थी । उसकी हालत देखकर जतिन का कलेजा मुंह को आ गया । उसे लगा कि ये काम गेट पर मौजूद रहने वाले गार्डों का हो सकता है, लेकिन उसे यकीन था कि वे इतनी हिम्मत नहीं कर सकते थे । करण जैसे सोफेस्टिकेटेड इंसान से भी वो इस तरह का ब्रूटल ब्लॅक नहीं कर सकता था । तो क्या कोई बाहर का व्यक्ति बेहतर आया था? उसने अपने आप से सवाल किया और रो मित्रा की ओर बढा । उठो मित्र किसने? क्या ये सब उसने उसे हिलाते हुए पूछा । रोहित ने जवाब देने की कोशिश की, लेकिन उसके मुझसे घरघराहट की सेवा कोई आवाज नहीं निकल पा रही थी । शायद उसके साथ इस वहशी बरता हूँ की वजह से उसका वो कल कार्ड खराब हो गया था । जतिन को अब उम्मीद की एक ही किरण नजर आ रही थी । वो थी उसकी आंखों में लगे कैमरे । उसने लैप्टॉप फोन किया और ब्लूटूथ के जरिए रो मित्र के प्रोग्राम को ऑन करके कैमरे की रिकॉर्डिंग देखने लगा । सामने स्क्रीन पर जो नजर आया उसने जतिन के होश उडा दिए । उसने देखा कि करण और उसके दो दोस्तों ने किस तरह पहले जमकर शराब थी और फिर मिलकर रो मित्र को बडी बेरहमी से बारी बारी से रेप करने लगे । वो अपने नॉलेज बेस के अकॉर्डिंग उनसे बचने की पूरी कोशिश कर रही थी और उनसे छोड देने के लिए रिक्वेस्ट कर रही थी, लेकिन वो उसके प्रतिरोध पर कोई ध्यान नहीं दे रहे थे । इससे भी जब उन का मन्ना भरा उनमें से एक ने अपनी सिगरेट सुलगा ली और उसके शरीर पर जगह जगह सिगरेट से जलते हुए मजा लेना लगा । बाकी दोनों से रोकने के बजाय कह रहे लगा रहे थे । जतिन ने पिछले दिनों की रिकॉर्डिंग चेक करना शुरू किया । खासकर उन दिनों की जब जब करण ने उसे चाबी मांगी थी । पहली बार की रिकॉर्डिंग उसे पता चला कि करने रो मित्रा को बैठकर लेटाकर उसका स्विच ऑफ कर दिया था । और फिर उसके साथ सेक्स किया था । करण के साथ वाली बाकी की चारों रिकॉर्डिंग में भी यही सब था । लेकिन उनमें उसके साथ एक दो लोग और भी होते हैं जिन्हें शायद वो उसके चाबी देकर चले जाने के बाद लैब में बुलाया करता था । वे पहले रो मित्र को ऑफ करते, फिर बारी बारी से उसके साथ सेक्स करते ऑफ रहने की वजह से रो मित्र को या उसे उनकी हरकतों के बारे में भनक नहीं लग पाई थी । पिछली रात कारण और उसके दोस्त शायद शराब के नशे में रो मित्रा को ऑफ करना भूल गए जिसकी वजह से उन्हें जबरदस्ती करनी पडेगी । रो मित्रा को देखकर उसकी आंखों में बेबसी के आंसू आ गए । वह सोचने लगा कि वो उसकी रिपेयर कर उसे देखने में तो पहले जैसा बना सकता है । लेकिन उसके मन को रात की घटना ने जो जख्म दिए थे वो कैसे ठीक होंगे । ये सही था की वो एक मशीन थी लेकिन उसके भीतर अहसास तो सभी इंसानों वाले ही थे । जतिन ने सबसे पहले वो मित्र का स्विच ऑफ किया और उसे टेबल पर लिटा लिया । उसकी हालत इतनी बिगड चुकी थी कि जतिन समझ नहीं पा रहा था कि कहाँ से रिपेयर शुरू करें । तभी उसने अपने पीछे कदमों की आहट सुनाई दी । उसने घूम कर देखा तो कारण लैब में आ चुका था । ऐसे ठीक होने में कितना वक्त लगेगा करने जतिन से सीधे सवाल किया था । उसकी आवाज सुनकर जतिन का खून खौल उठा । लेकिन अपने आप पर काबू रखते हुए उसने जवाब दिया कि किसी भी चीज को मिटाने में बहुत कम वक्त लगता है लेकिन उसे फिर से बनाने के लिए काफी समय की जरूरत पडती है । लगता है रात की बात को लेकर आप हम से काफी नाराज है । डॉक्टर करण ने कहा, आपने ऐसा क्यों किया? मिस्टर करन उसने दुखी स्वर में पूछा ऍम यह सिर्फ एक मछली नहीं है, जो भी गडबड हुई है उसे ठीक कर दूँ । वो उसे समझाते हुए बोला, अच्छी बात ये है कि अब हमें यह पता चल गया है कि जैसे दोस्ती के अलावा किसी और काम के लिए भी यूज किया जा सकता है । इसीलिए हम इसकी मार्केटिंग स्ट्रैटजी चेंज कर रहे हैं । मतलब मतलब ये है कि अब हम में से एक फ्रेंड वॉट की तरह ओपन मार्केट में नहीं बल्कि फ्लैश ट्रेड के गृह मार्केट में प्राइवेट लॉन्च करेंगे । ये आप क्या कह रहे हैं । किसी तो हमने फ्रेंडशिप की फीलिंग्स के साथ डेवलप किया क्यों नहीं हो सकता? पिछले पंद्रह दिनों में मैंने और मेरे दोस्तों ने इसके साथ सहारे पोटेंशल जान चाहिए । वह कुटिलता से बोला आपकी ये इजाद । इस ट्रेड में तहलका मचाने के डॉक्टर जतिन आप समझने की कोशिश कीजिए मिस्टर करंट चीज डवलप तो फिल्म फिल्म सच नहीं । आप की हालत देख रहे हैं ये हालात सुधारना तो आपके लिए बाएं हाथ का खेल है । आप सिर्फ इसके बाहरी जख्मों को देख रहें । जतिन ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन मैंने किया है कि आप लोगों के वाइल्ड बिहेवियर से कई क्रूशियल सर्किट डैमेज हो गए, जिसकी वजह से अब ये शायद किसी से दोस्ती या प्रेम ना कर पाए । वायॅस वो बिगाडकर बोला हूॅं और मैं वही कराऊंगा जिसमें ज्यादा प्रॉफिट है । उसकी बात सुनकर जतिन के दिल में एक खूब से उठी । रो मित्र को डेवलप करने और उसके साथ एक दोस्त की तरह वक्त बिताते हुए वह इतना ज्यादा इमोशनली अटैच हो गया था कि उसकी भावी दुर्दशा के खयाल से ही उसे बोला याने लगी थी ऍम इतना । उसने हिम्मत दिखाते हुए कहा डॉॅ, आप बोल रहे हैं कि आप यहाँ सिर्फ एक एंप्लॉयी हैं और यहाँ किसी को कुछ करने के लिए आप की परमिशन की जरूरत नहीं है । आप वही करेंगे जो आपसे करने के लिए कहा जाएगा । अपमान से जतिन का चेहरा लाल हो गया । उसने गुस्से से अपनी आंखे बंद कर ली और गहरी गहरी सांसे लेने लगा । ज्यादा इमोशनल होने की जरूरत नहीं है । डॉक्टर जतिन फिलहाल आप ये बताइए कि आपको इसके लिए पेपर में कितना वक्त लगेगा । कम से कम एक हफ्ता उसने अपने आप पर काबू पाते हुए जवाब दिया थोडा जल्दी नहीं हो सकता । नहीं । जतिन ने बडी चालाकी से झूठ बोला । वो जानता था कि ये काम हद से हर दो दिन में पूरा हो जाता है । लेकिन वो मित्रा के साथ कुछ और दिन बिताना चाहता था जिसकी वजह से उसने इतना वक्त लिया गए । करण निर्णायक स्वर्ग में बोला आज बनते हैं हमने फॅसने मिलेंगे और प्लीज उस दिन अपना ये इमोशनल नाटक मत करना । मेरे साथ एक खास मेहमान आने वाले हैं मेहमान ये वो धूर्तता से मुस्कुराया । हम आपसे क्या छिपाना? आपने मिस्टर टोनी वागले का नाम सुना है नहीं हाँ, मैं तो भूल गया था हम तो शरीफ आदमी है तो नहीं तो भला कैसे जानते होंगे वो उसकी खिल्ली उडाने वाले अंदाज में बोला । टोनी वागले एक अंडरवर्ल्ड डॅान ट्रेड का किंगपिन है, जिसके हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट देश के साठ से ज्यादा शहरों में चल रहे हैं । वो बोले जा रहा था और जतिन हैरानी से उसे देख रहा था । आप प्लान यह है कि मिस्टर तो नहीं आएंगे । आपकी रो मित्र को टेस्ट करेंगे और अगर उन्हें यह पसंद आई तो इसे अपने साथ दो महीने के ट्रायल के लिए ले जाएंगे । वो उत्साहित स्वर में बोला, इसके बार सब कुछ ठीक ठाक रहा तो हमें सेक्स बोर्ड के एक नया ऑर्डर मिलेंगे है कि हमारे लिए होने पूरा कर पाना मुश्किल हो जायेगा । फॅस जतिन ने कहा, मुझे नहीं लगता कि मैं आपकी इस प्लानिंग में आप का साथ दे पाऊंगा । मेरे को भी मत कीजिए । डॉक्टर जतिन आप ऍफआईआर से करवा रहे हैं । वो उसे समझाने लगा, मैं तो जितने जतिन चाहूँ हायर कर सकता हूँ, लेकिन आपको ऐसा मौका शायद वाराना मिलें । आपको जो सोचना है सोचिए, मगर मैं आपके साथ और काम नहीं कर सकता । जतिन दृढता से बोला, करीब तीन महीने बाद मेरा कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाएगा । उसके बाद मेरा आपकी कंपनी से कोई वास्ता नहीं होगा जैसी आपकी मर्जी करण ने झुंझलाकर कहा और वहाँ से बाहर निकल गया । करण के जाने के बाद जतिन रो मित्रा पर झुका और अपने काम में लग गया । इस दौरान उसने रो मित्रा को ऑफ ही किए रखा क्योंकि वो उसे तकलीफ में नहीं देख सकता था । मैंने ये तकलीफ सिर्फ आभासी होती रो मित्रा के दे पर किसी तरह की कोई तकलीफ असर नहीं डाल सकती थी । लेकिन उसका आर्टिफिशियल ब्रेन किसी भी तरह का पेन होने पर ऐसे ही रिएक्ट करता था जैसा की एक असली इंसान का करता है और ये रिएक्शन रो मित्र के चेहरे पर साफ देखे जा सकते थे । वो लगातार उसकी रिपेयर में लगा रहा और करीब बीस बाइस घंटे की मेहनत के बाद जब उसका काम खत्म हुआ तो उसने राहत की सांस ली । अब्रॉड मित्रा बिल्कुल ठीक थी । उसे देखकर पता नहीं लग रहा था की एक रात पहले उसके साथ इतना कुछ हो चुका है । उसने रो मित्र का स्विच ऑन कर दिया । हवा हीरो मित्र आॅफलाइन बट युवा लुकिंग वैरी तायद काम काफी देर से काम कर रहा था । इसलिए जतिन बोला रो मित्र, क्या तुम्हें याद है कि कल रात क्या हुआ था ऍम उसने जवाब दिया मिस्टर फॅमिली डाॅट नौ दिन तो वे डेवलॅप एक बात पूछनी थी बोलो मेरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में लवमेकिंग को लेकर जान ऑॅडिट हैं । उसके अकॉर्डिंग तो ये बहुत ही प्लाॅट होता है । लेकिन जब वो मेरे साथ सेक्स कर रहे थे तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था क्योंकि जो करन और उसके दोस्तों ने क्या वो लवमेकिंग नहीं बल्कि रेट था । जतिन एक्सप्लेन किया तुम्हारे नॉलेज पेट्स के हिसाब से ऐसा भी है बियर जो किसी वुमेन की कंसेंट के खिलाफ उसके साथ किया जाता है इसलिए तुम आखिर तक उनका प्रोटेस्ट करती रही । जतिन क्या तो मुझे लवमेकिंग फॅस कराओगे । रो मित्र ने अचानक पूछा बट जतिन हक्का बक्का रह गया । उसने कभी रो मित्रा को लेकर ऐसा नहीं सोचा था । यह चतिन आॅन उसने इंसिस्ट किया । रो मित्र जतिन ने उसे करण के पूरे प्लान के बारे में बताना शुरू किया कि कैसे उसे फ्रेंड बोर्ड के तौर पर डेवलप किया गया था और कैसे अब करन का इरादा बदल गया था और वो उसे टोनी वागले के हवाले करने वाला था । यानी मुझे बार बार कल जैसे हॉरिबल एक्सपीरियंस से गुजरना होगा । रो मित्र ने पूछा हाँ फॅस लेकिन जतिन मैं हमेशा तुम्हारे पास रहना चाहती हूँ । सुनकर जतिन की आंखें गीली हो गई । क्या हुआ? सुबह भी जब तुमने मुझे देखा था तो तुम्हारी आंखों में आंसू आ गए थे । तुम नहीं समझोगे । वो बोला जब हम इंसान किसी अपने को तकलीफ में देखते हैं तो आप अपने आप भर आती हैं । डाॅ । उसने जतिन का चेहरा अपनी हथेलियों के बीच भरते हुए पूछा । जतिन ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने जतिन के होठों पर अपनी हो सकती है जब दिन करीब दो साल बाद किसी लडकी के होठों का स्वाद चखा था । बेशक रो मित्र एक मशीन थी लेकिन उसका स्पर्श किसी वास्तविक लडकी जैसा ही सुखाता । उसने रो मित्रा की कमर में हाथ डाल दिया और उसे अपने से सटा लिया । थोडी देर तक वे दोनों एक दूसरे की शरीर की गहराइयों और उंचाइयों की पैमाइश करते रहे और जब जतिन उससे अलग हुआ तो उसके चेहरे पर गहरी तृप्ति के भाव से रो मित्रा भी प्यार भरी नजरों से उसे निहार रही थी । कॅश रो मित्रा ने मुस्कुराते हुए कहा, मुझे नहीं पता था कि लव इतना खूबसूरत होता है । आंख से पहले मुझे भी नहीं पता था । जब मैं जवाब दिया और एक बार फिर उस पर झुक गया ।

भाग - 24

और फिर बुधवार दिया गया । इस एक हफ्ते में जब दिन ने कई बार रो मित्रा के साथ लवमेकिंग की थी और उससे प्रेम का हर वह पाठ पढा दिया था जो उसे आता था । अब उसे भी रो मित्रा से प्यार हो गया था । वो उसके साथ रहना चाहता था । उसका बस चलता तो अपनी सारी सैलरी करन के पास छोडकर बदले में रो मित्र को से मांग लेता । लेकिन वह जानता था कि करण जैसा हार्ड कोर बिजनेसमैन कभी उसके बाद नहीं मानेगा । उसके दिमाग में एक योजना आकार लेने लगी । करन के टोनी वागले को लेकर आने में अभी करीब आठ नौ घंटे का वक्त था जो उसके लिए पर्याप्त था । उसने रो मित्र का स्विच ऑफ किया और अपनी योजना पर काम करना शुरू कर दिया । शाम को करीब आठ बजे करण का आगमन हुआ । मिस्टर टोनी कुछ देर में पहुंचने वाले हैं । उसने जतिन से पूछा, क्या तुमने इसे एकदम फिट कर दिया है? एस मिस्टर करंट वो बोला एक बार फिर सोच लीजिए आप जो कर रहे वो सही नहीं है । ऍम करण को गुस्सा आ गया । मैं वही करूंगा जो मेरा मन करेगा तो मगर नहीं देख सकते । हो जाओ उपर अपने कमरे में आराम करो । जतिन सिर झुकाकर लैब से निकल गया । आठ पैंतालीस बज रहे थे जतिन आंखे बंद किए अपने कमरे में बैठा हुआ था तभी उसने गाडी के आकर रुकने के आवास वो समझ गया कि टोनी वागले आ पहुंचा है । उसने लैप्टॉप का फ्लैट खोला और स्क्रीन पर बने सीसीटीवी के आइकॉन्स में से एक पर क्लिक किया । अगले ही पल लैब के अंदर का नजारा उसकी आंखों के सामने था । जब मैंने देखा एक रन लैब का दरवाजा खोलकर टोनी वागले को ग्रीट कर रहा था । धोनी के साथ उसकी सिक्योरिटी के लिए दो गनर भी थे जो शायद हमेशा उसके साथ रहते थे । ऍम धोनी ने भी डर घुसते ही इधर उधर नजरें दौडाई करण ने हाथ से रो मित्रा के चैंबर की ओर संकेत क्या जहाँ वो शांति से आंखे बंद किए बैठ कर लेती थी । उसने मैरून कलर का ड्रॉप पहना हुआ था जिसमें से उसके कंधों से सीने तक का कुछ हिस्सा और घुटनों से कुछ ऊपर तक उसके पैर बाहर झांक रहे थे । उसकी गोरी उजली नहीं पर नजर पडते ही तो नहीं की आंखें चमक उठीं और उसने अपने दायें हाथ के अंगूठे को ऊपर उठाकर दिखाया जिसका मतलब था कि उसे रो मित्रा पसंद आई थी । वह चेंबर की ओर बढने लगा । रुकी है सर मैं कर देता हूँ । तभी करण उसके पास आकर बोला ऍम वो उसे एक और हटने का इशारा करते हुए बोला । फिर देखते है टोनी चेंबर में घुस गया । दोनों गार्ड उस की ओर से पीट घुमा कर खडे हो गए । लेकिन वे अभी भी चाकचौबंद थे और उन्हें देखने से साफ पता लग रहा था कि अगर कुछ गडबड होती है तो वह गोली चलाने में एक सेकंड की भी देरी नहीं करेंगे । करण भी रो मित्र के चैंबर के बगल में बने जतिन के केबिन में जाकर बैठ गया । जतिन सीसीटीवी के दूसरे आइकन को क्लिक किया जो चेंबर में लगे कैमरे से कनेक्ट था । अब वो दोनों जगह पर एक साथ नजर रख सकता था । उसने देखा कि चेंबर के अंदर जाकर टोनी रो मित्र के बैठ के पास घुटनों के बल बैठ गया । पहले उसने रो मित्रा की था । इस पर हाथ कुमार और फिर सीने के खुले हिस्से पर । इसके बाद धोनी ने उसकी रॉक की नौ खोलकर उसके दोनों हिस्सों को दाएं बाएं किसका दिया । अब रो मित्रा के शरीर का सामने का पूरा खुला हिस्सा उसके सामने नुमाया था । उसका बायां हाथ रो मित्र किसी ने को और दायें हाथ उसकी ना भी के आसपास के हिस्से को धीरे धीरे सहलाने लगा । जब मैंने देखा उसके मुंह से लार टपकने लगी थी और उसे देख कर कोई भी कह सकता था कि अब वह किसी भीषण उसके शिकार के रूप में असहाय अवस्था में बैठ कर लेती । रो मित्रा पर टूट पडने वाला है । टोनी खडा होकर अपने कपडे उतारने लगा । उसका दानव जैसा लंबा चौडा और यहाँ शरीर देखकर जतिन को उबकाई आने लगी । उसने पांच रखा, पानी का गिलास उठाया और एक ही सांस में पूरा खाली कर दिया । उसने देखा कि सारे कपडे उतारने के बाद टोनी वागले रो मित्रा के ऊपर लेट गया । उसकी विशालकाय हैं कि नीचे प्रो मित्र का शरीर पूरी तरह छुट गया था लेकिन उसके चेहरे का कुछ हिस्सा टोनी के दायें कंधे के नीचे देखा जा सकता था । उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे । उसकी आंखे बंद थी क्योंकि उस वक्त वो ऑफ थी और उसमें और किसी लाश में कोई फर्क नहीं था । अगले दस पंद्रह मिनट तक उसके ऊपर पडा टोनी का शरीर हिलता रहा और जब वह से अलग हुआ तो उसके माथे पर पसीने की बूंदें चूज वहाँ आ रही थी और उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव है । उसने अपने कुत्ते को उठाकर उसकी जेब से मोबाइल निकाला और कोई नंबर मिला है । जाॅब स्क्रीन पर करण को फोन कान से लगाते हुए देखा । वो समझ गया कि टोनी ने करण को ही फोन लगाया था । अभी ऍम ठंडा वह करन से कह रहा था ऍम मैंने आपसे पहले ही बोला था की उसे ऑन कर देता हूँ । करने सफाई थी तो अभी कौन सा हो गया । धोनी कहाँ कहाँ लगाते हुए बोला हुआ उनको बाॅन करते हैं । इसकी गर्दन के पीछे एक छोटा सा रेट बटन है । उसे पूछ करेंगे तो हो जाएगी । करण ने उसे समझाया लेकिन जरा संभलकर हो सकता है कि ये प्रोटेस्ट करें । उसके फिगर तू मत और ऍम वो शान दिखाते हुए बोला और रो मित्रा के ऊपर आते हुए उसका स्विच दबाकर उसे ऑन कर दिया । उसे देखते हीरो मित्र चीज होती है और उसे अपने से दूर धकेल दिया । अचानक हुए इस हमले से वो अपने आप को संभालना सका और बिस्तर से नीचे आगे रहा । इस बेईज्जती पर उसकी आंखें गुस्से से दहकने लगी और उसने रो मिला के ऊपर एक के बाद एक चार पांच करारे थप्पड रसीद दिए और फिर से उस पर सवार हो गया । रो मित्र खुद को उसके शिकंजे से छुडाने के लिए काफी संघर्ष कर रही थी । लेकिन धोनी का शरीर इतना भारी था कि वो उसे अपने ऊपर से हटा ही नहीं पा रही थी । जतिन के चेहरे पर मुस्कान आ गई । अब उसकी योजना साकार होने जा रही थी । इसके बारे में रो मित्र को भी कुछ नहीं पता था । उसने देखा कि रो मित्र को अपने नीचे दबाए हुए टोनी ने अपने हाथों में उसकी दोनों कलाइयों को जगह कर उसके हाथों को विपरीत दिशाओं में फैला दिया और अपने शरीर को थोडा सा ऊपर उठाते हुए एक जोरदार झटका दिया । वो मित्र के भीतर प्रवेश कर चुका था । उसके चेहरे पर जीत की खुशी झलक रही थी लेकिन अगले ही पल अचानक उसके चेहरे के भाव बदल गए । उसका शरीर झटके लेने लगा और उसके मुंह से गोटी गोटी करहा निकलने लगे । उसके कराने की आवाज सुनकर दोनों गार्डों ने घूमकर चैंबर की ओर देखा लेकिन रो मित्रा के ऊपर पडा । टोनी जिस तरह से हिल रहा था उसे देखकर यही लगता था कि जैसे उसका शरीर आनंद के अतिरेक से झटके ले रहा है और उसकी कराहे भी उसके जोश का नतीजा लग रही थी । वे फिर से पहले की तरह मुंह घुमा कर खडे हो गए । दो मिनट से भी कम देते थे कि टोनी के शरीर में हरकत करना बंद कर दिया । उसका से हाँ जिसमें आप कोयले जैसा काला हो चुका था, उसकी इस हालत का रहा सिर्फ जाती नहीं जानता था जिसने दोपहर को हीरो मित्र की बॉडी में एक ऐसा नैनो जनरेटर फिट कर दिया था जिसकी वायर उसकी गर्दन में लगे स्विच से कनेक्टेड थी और वो मित्र को फोन करते ही वह एक्टिव हो जाता था । उसने ऐसा अरेंजमेंट किया था कि इस जनरेटर की एक्टिव रहते हुए अगर कोई रो मित्रा में पेनिट्रेट करता है तो उसे हाईवोल्टेज करंट झटके लगने लगते हैं और कुछ ही देर में उसकी मौत हो जाती तो उन्हीं के साथ भी यही हुआ था । जब तक उसकी समझ में आता है कि उसके साथ क्या हो रहा है, उसके प्राण पखेरू उड चुके थे । उसकी झुलसी भी देख को देखकर जतिन का मन जोर जोर से ठहाके लगाने का कर रहा था लेकिन अभी इस स्टोरी का क्लाइमेक्स बाकी था । उसने स्क्रीन पर देखा । दोनों गार्ड एक दूसरे की ओर बेचैनी से देख रहे थे । अंदर से कोई आवाज नहीं आ रही थी । उन्होंने भीतर झांक कर देखा । रो मित्र टोनी की भारी भरकम देख के नीचे दबी हुई थी । जिसमें अब कोई हरकत नहीं हो रही थी । वही तुरंत चैंबर की ओर लपके और टोनी को रो मित्र के ऊपर से उठाकर बाहर ले आए । धोनी को सोफे पर लिटाने के बाद उनमें से एक ने उसकी नब्ज पकडकर देखा । फिर वो उसके सीने पर झुककर उसकी धडकन तलाशने लगे । तब तक करन भी बाहर आ चुका था । उन दोनों ने टोनी का मुआयना कर रहे गार्ड की ओर सवालिया नजरों से देखा तो उसे निराश आत्मक भाव से सिर हिलाया और उठ खडा होगा । दोनों गार्ड शहर भरी नजरों से करण को खो रहे थे । इसमें मेरी कोई गलती लगी । वो हकलाते हुए बोला था रिकॅार्ड मैं अभी बाकी के शब्द उसके मुंह में ही रहे हैं । इससे पहले की वो अपनी बात पूरी कर पाता । गार्डोँ के गन से निकली गोलियां उसके शरीर को छलनी कर चुकी थी । उसका मृत शरीर हवा में लहराते हुए फर्श पर आगे रहा । दोनों गार्डों ने हिरासत भरी नजर से उसे देखा और टोनी की लाश को उठाकर लैब से बाहर निकल गए । जब इनको जब गाडी साठ होने की आवाज सुनाई दी तो उसकी जान में जाना है । उसे रो मित्र की फिक्र सता रही थी कि कहीं करण के बाद गार्डों के कहर का शिकार ना बन जाए । धीमे होते होते जब गाडी की आवाज बिलकुल सुनाई देना बंद हो गई तो लैप्टॉप लेकर सीढियां उतरने लगा । नीचे आकर जब वो लैब में पहुंचा तो उसने देखा कि रो मित्र अपने चेंबर से बाहर आ चुकी हैं और फर्श पर पडी करन की निर्जीव देह को देख रही है । उसके चेहरे पर डर, हैरानी और दुख के मिले जुले भाव थे । जतिन ये सब किया है । उसने जतिन के पास आकर पूछा टोमॅटो मित्र, उसने उसे अपने सीने से सटा लिया । अब सब ठीक हो जाएगा । तो क्या अब मैं हरो मित्र अब हमें कोई अलग नहीं कर सकता । जतिन ने उसे आलिंगन में कस लिया और रो मित्र ने खुद को उसकी बाहों में वैसे हि ढीला छोड दिया जैसा कि ऐसे पलों में वो हमेशा क्या करती थी ।

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