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Transcript

Part 1

आप सुन रहे हैं । काॅल किताब का नाम है मेरे सपनों की लडकी जैसा देखा है । दुर्ग जो चट्टानें आहा आज भी है । आपके प्रेम मोहल्ले हुआ ऍम सने जो मनचाहे सब कुछ एक बाल नहीं गठित हुआ । फिर भी ऐसा लगता है जैसे इसका कोई अंत नहीं है । एक पालने उसे देख रहा हूँ । जी का साथ सफरी चेहरा आधा बालों से ढका हुआ जो स्वयं अंधेरी रात की तरह खाले हैं और दूसरे ही पल में उसे सडक की ओर देखने को कह रहा हूँ । हमारे शहरों की मुस्कान गायब हो गई है । बहुत देर हो चुकी है । एक टैक्सी सामने से तेजी से हमारी ओर आ रही है । टैक्सी गलत दिशा में चल रही है । उसमें हमारी कार को बचाने के लिए दाहिनी ओर मोडा और डिवाइडर की रेलिंग की ओर ले गए थे । ऍम दाहिनी और बढ गई । उसने रास्ता बदलने की कोशिश की । पट्टा तक बहुत देर हो चुकी थी । बाहर एक तेज आवाज के साथ रखती है । कुछ छोटा है । सरकार में आगे की तरफ टकरा गई है । उसकी गति धीमी करने के लिए कोई भी पढ नहीं हैं और सीटबेल्ट्स टकराकर उसका चेहरा चिकनी मिट्टी के मुखौटे की तरह चकना चूर हो जाता है । उसका चेहरा छटक जाता है । जबरा टेढा हो जाता है । उसके दांत तो चाहते हैं । उसकी आंख है । भयावह तरीके से बाहर आ गई हैं । खून पूरे एक से बहने लगता है । ऐसा लगता है कि मैं आगे बढकर उसका चेहरा अपने हाथ में ले लो । पर यहाँ धीरे धीरे आगे बढते हैं । सीट बैठ के कारण मुझे मेरी पसलियां सूखी टहनियों की तरह चटखती हुई सुनाई देती हैं । सुनने में एक तेईस दर्द करता है जब कार की सीट बेल्ट मुझे पीछे की वर्धा खेलती है । कार के कांच से बाहर की दुनिया गोल घुमती देखती हैं । एक बार एक बार तो अभी भी मुझे देखकर मुस्कुरा रहे हैं । उसका चेहरा गर्दन से एक अजीब ऍम उठा हुआ है । उसके होट काट कर लहूलुहान हो गए थे । अचानक कार रेलिंग के ऊपर से पलट जाती है । बाहर सडक के दूसरी ओर से आते हुए रखने टकरा जाती है । मृत्यु के जैसा सन्नाटा छा गया था । समय स्थिर हो गया था । कांच उतक एवं दातों के तुकडे बीच हवा में लटके हुए थे । स्थिर इसी दर्द के बीच मैं उसके कभी खुबसूरत चेहरे को देख था । वही जिस से मुझे प्यार हो गया था और अब जो चेहरा खून खिंचे हुए उनको हड्डियों के तुम ऍम टूटे हुए दांतों के स्वरूप में है । मैं उसके चेहरे की ओर बढता हूँ इसमें जैसे साडियों का समय लगता है । इसके बाद एक बेचैन कर देने वाली चरमराहट की आवाज पूरे माहौल में भर जाती है । राहत उठा तो उसे हटिया मार्स है और मास धातु से एक बार आगे और दूसरी बार पीछे की और फिर जाता हूँ मेरे पैर । मोडकर आपस में उलझ गए हैं । मस्ती बंधन और हड्डियां टूट जाती हैं । धातु का एक दांतेदार टुकडा मेरी जान में प्रवेश करता है जहाँ से मैं उसे देख नहीं सकता । कांच टूटता है और उसके तुकडे धीरे चेहरे में कर जाते हैं । मेरी तो अच्छा चल जाती है । झलते रबर की गंध हमें लपेट लेती है । नारंगी लाल लगते सब कुछ नष्ट कर देती हैं । मैं अपनी आंखें खोलने की कोशिश करता हूँ जो मेरे माथे से बहते हुए खून से बढ गई हैं । जितने की तरह गुडिया की तरह गाडी से सेल केज में फिफ्टी जा रही है । उसकी आंखें खुली हैं और मेरी और देख रही है । मैं उसके जीवित होने के संकेत ढूंढता हूँ पर उसकी आंखें उसकी आंखों में मुझे केवल अपना रक्त मैं प्रतिबंध दिखता है उसकी आंखों में जीवन के संकेत नहीं है पर उसके चेहरे पर एक मुस्कान है एक शांत स्थिर मतलब उस काम धातु का एक छिटपुट टुकडा मेरे कंधे की हड्डी को ऐसे काटता है जैसे कुलहाडी मक्खन को और मैं सीट में ढाई चाहता हूँ कहाँ दोबारा पलती है और वह विंडशील्ड से बाहर फेक जाती है तो मैं उसकी ओर अपना टूटा हुआ हाथ बढाता हूँ नजर नहीं आती है काॅपर गिरती है मैं सीटबेल्ट में से बाहर निकलता हूँ कार की छत से टकरा जाता हूँ बेहोशी की हालत में जा रहा हूँ मैं चीज अगर उसका नाम बुलाता हूँ पर मेरे होटों सेक कमजोर आवाज निकलती है हैं । धवन चौक करोड गया । उसने अपना बिस्तर फिर से गीला कर दिया था हो तो हर पसीना उसके शहीर से चिपक गाये थे जिनकी दुर्घंध कमरे में फैल गई थी तो काम नहीं लगा । उसके कंधों और जांघों में बंधन होने लगा हूँ उसने अपने दाहिने कंधे पर हुआ गहरे दर्रे पर ऊंचिया फेरी हाल की जगह एक हल्के गुलाबी चोट का निशान था । राम घडी प्रष्ठभूमि नहीं ठीक रही थी आपके हाथों से उसने अलाम बन क्या उस पलंग के पास की तरह आज से खंगाल के अपनी दवाई निकली और बिना पानी की निकली इस दुर्घटना हो गया । अठारह महीने हो गए थे लेकिन उसके दो स्वप्न बंद नहीं हुए हैं । दवाएं असर करती थी पर कुछ सीमा था कि इससे पहले की उसकी माँ देखती । मैं उठा और उसने खुद का साफ किया । उसने बिस्तर का बैठाना बदला और गंदी चादर वाशिंग मशीन में डाल दिया । आठ टन उसमें फोन के सर्च इंजन में श्रेय से लिखा लेकिन उन में से कोई भी लडकी उसके स्वप्न की लडकी जैसी नहीं लगी । उसने सहारे ऍम करती है । कम से कम आज के दो स्वप्न में लडकी गाडी चला रही थी । उसकी मृत्यु इसलिए हुई क्योंकि रेल गाडी चला रही थी । उसकी वजह से नहीं । नाश्ते के बीच बर्धमान की महाने उसकी बेचैनी देखी । उन्होंने पूछा शोक लू देख लिया । बार जैसा अपना फिर से देखा क्या? डम बनने से लाया वह गाडी चला रही थी तो मर गई । मैं बच गया । अभी भी मुझे उसका चेहरा अच्छे से याद नहीं है । फॅसा आपकी दवाइया समय से ले रहे हैं ना? दमन की छोटी बहन पूछ को ने पूछा हाँ कुछ को कुछ कुमार पुलाव मुझे मेरा नाम लेते हैं तो बुलाओ तुम कितनी भी कोशिश कर लो तुम पूछ कोई हो किन्तु आएगी तक जीवित अच्छे वो लडकी अभी भी जिंदा है जिनको मैं बता दूँगा अब मुझे नहीं पता है तो क्यों इस आपने देख रहा हूँ । उसकी माँ ने कडवाहट भरी आवाज में कहा मुझे बताया विभागीय सपने हकीकत के बिल्कुल विपरीत होते हैं तो और होंगे गड्डी ते छोडा ये बोलो मुझे तो मैं किसी अंजान लडकी से लिफ्ट नहीं लेनी चाहिए थी वह गलती थी । उसकी माँ ने काफी आवाज में कहा जैसे कल की ही बात हो कि दमान ने किसी ऐसे आज न बीस लिफ्ट ली थी जिसने लगभग उसे मौत के घाट उतार दिया था । माँ छोड दो ना पूछ को बोली ऍम छोडी होंगी तो मुझे नहीं पता कि उस लडकी की वजह से हमें क्या झेलना पडा । माँ बडबडाए दमन जी माता पिता नहीं दुर्घटना के अगले दिन छह महीने तक बेचैनी से उसके उठने का इंतजार किया था और अगले तीन माँ दुर्घटनाओं प्रांत अब सात व्याघात दमन के माता पैदान है । दुर्घटना के अगले छै महीने तक बेचैनी से उसके उठने का इंतजार किया था और अगले तीन माह दुर्घटनाओं प्रांत अबसार यादि पीटीएसडी के उपचार में यदि उसकी माँ की चलती है तो उसके दुस्वप्न की तरह कभी की वो लडकी मर चुकी होती है । लेकिन वो लडकी सही सलामत बच गई और तबीयत है । देश छोडकर चली गई । उस दुर्घटना की रात से पहले और बाद में दमान उस लडकी से कभी नहीं मिला था । मैं नहीं जानता कि वे लडकी कौन थी, कहाँ की थी और मैं कैसे उसकी कार में आ गया था और छोटी सी यात्रा के दौरान उन्होंने आपस में क्या बातचीत की । उसे बमुश्किल उसका चेहरा याद है । उसकी आदर्श में सिर्फ उसकी पीली सी त्वचा, डरावनी मुस्कान और आंखे ही हैं । बाकी विवरण दो सौ के बीच गुम हो जाते हैं । उसके नाम के अलावा सब कुछ भूल चुका है । दुर्घटना के बाहर उसे डाॅन एशिया । हालांकि उसे मनोविज्ञानी एमनीसिया कहा जाना पसंद है । उसकी समस्या हो गयी थी जिसमें दुर्घटना के वक्त की स्मृति लोग हो जाती है तथा उसके पहले और बाढ की स्मृति सुरक्षित रहती है । ये मस्तिष्क की अपनी विशिष्ट कार्य प्रणाली है । उसकी दशा ऐसी थी कि उसमें अवचेतन मन में दुर्घटना की आधे दफन हो गई थी । एक रिक्त स्थान था जिसमें उसकी गोवा यात्रा की स्मृति होनी चाहिए थी । केवल एक नाम बचा था । ये एक कठोर मजाक की तरह था । उसे अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ यात्रा की योजना बनाना, फ्लाइट में बैठना, होटल में चेकिंग करना । लेकिन इसके अलावा बाकी बाते अगली बात जो याद है तो ये है कि वह नींद से जाता है और उसका इलाज हो रहा है । यह कोई गलती नहीं थी । तमान बोला उसने अपनी गाडी की ओर देखा । उस है देर हो रही थी । उसकी गर्लफ्रेंड अपनी अब तक उसके मोबाइल फोन पर तीन सन्देश भेज चुकी थी । उसे इस बात की फिक्र थी कि सब कुछ ठीक तो है क्योंकि दमन ना सुबह से कोई उत्तर नहीं दिया था । पिछले आठ वहाँ के परिचय के बावजूद दमन ने उसे श्रेयसी और दो सौ अपना के बारे में कुछ नहीं बताया था । मैं हमेशा सोचता क्या जरूरत है बताने की? वह तो महज एक छाया मात्र है । उसने जल्दी जल्दी नाश्ता किया और निकल पडा । रास्ते में उसे आपार्टमेंट के लेटर बॉक्स से कुछ लिफाफे झांकते हुए देखे । उसने पाया कि क्रिकेट कार्ड बिल बॅाडी के उन सभी लिफाफे को किसी ने सावधानीपूर्वक खोलकर पढा और फिर से बंद कर दिया था । उसने एक लिफाफे जिस पर बुक हाउंड पब्लिशर्स इंडिया की मुहर बनी थी, को छोडकर बाकी सभी लिफाफे उसी बॉक्स में रख दी है । जाते जाते उसमें सोसाइटी के वाचमैन से शिकायत भी की कि सबको जानते हुए भी दूसरों के पत्रों को चोरी छुपे पडने वाले पडोसियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती । कार में बैठने के बाद उसने लिफाफे को खोला तो ग्राउंड पब्लिशर्स द्वारा लिखे गए उस पत्र में लेखा के रूप में दमन का स्वागत किया गया था । मुस्कुराते हुए उसने दो बार उस पत्र को पढा और वापस उसी लिफाफे में डाल दिया । उसके बाहर उसकी निगाह लिफाफे पर बाॅक्सिंग के निशान पर गई जैसे किसी ने चुम्बन लिया हो ।

Part 2

बाहर दो । ये पहली बार नहीं था कि साउथ दिल्ली के कॉफी शॉप में कोई बहस छिडी हो । दमान अपनी कुर्सी पर पीछे की ओर सारा गया और उसने निराशा में अपना शरह लाया । उसकी कॉफी ठंडी हो चुकी थी । आस पास कुछ ही लोग थे और उनमें से भी ज्यादातर की आंखों ने नहीं थी । दमन और अपनी की नोक झोंक उनके कानों तक नहीं पहुंची थी । लगी वहाँ अपने खाने के पार्सल का इंतजार कर रहे थे तो मेरी बात समझ नहीं आती । क्या अपनी नहीं पहुंचा । अब इसमें बहस की कोई गुंजाइश नहीं । मैं छोड रहा हूँ । मुझे अपने लेखन पर ध्यान देने की आवश्यकता है । दमन ने उत्तर दिया उसने सिगरेट जलाई और जल्दी जल्दी कश मानने लगा । लेकिन तो नहीं मुझे नहीं होगा । ये बात मुझे पागल किए जा रही है । मैं देखना चाहता हूँ पर उसे छोड में पावर काॅपर दिमाग लगा रहा हूँ मुझसे और नहीं होगा धवन से मुलाकात के पहले अपनी ने अच्छी तरह से तैयारी की थी और सारे तारीख है हम थे । यात्रा खेत हैं लेकिन उपन्यास के मुखपृष्ठ पर अपना नाम देखने की दम उन की ललक के आगे सब व्यर्थ साबित हुआ । एक बेहतरीन करियर छोडकर लेखन के क्षेत्र में अपना नाम कमाने की दमन की । सडक को लेकर अपनी नहीं कई रातें हैं, बिना नीम के गुजारी हैं । लेकिन आप उसे लगने लगा कि उसका प्रयास नहीं था । कर रहा, आगे की ओर जगी और धवन का हाथ थाम लिया । यह यह तुम्हारी मर्जी है तो मैं तुम्हारे साथ हूँ और हर गम और खुशी में भी । तुम्हारे साथ ही हाँ । उसने कहा । दमन के चेहरे पर हल्के से मुस्कान देखी और उसने अपनी का हाथ पकड लिया । मुझे पता था कि तो वगैरह शायद होगी । उसकी आंखें खुशी के मारे चमकने लगी और डेढ तक उसके बारे में बात करता रहा । मैं कुछ दिनों में अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर कर दूंगा । ठीक है जयंती रघुनाथ मेरी संपादक होगी और थोडी सी कमी नहीं है, पर अपने प्रोफेशन में उसका कोई जोड नहीं । इस समय बाजार में जितनी भी बेस्ट सेलर किताबें देखती हैं और सभी के बीच वो अपनी ने औपचारिकता पूर्वक सहलाया । आठवां बोर जब शहर है दमन से मिली थी और पहली ही नजर में उसके बिहार में गिरफ्तार हो गई थी । उसके पहले लेखकों और लेखन के बारे में कुछ भी नहीं जानती थी । चार्टर्ड अकाउंटेंट, बैंकर और साहूकारों के घर में जन्म लेने के कारण उसका पाला अब तक सिर्फ पैसों और बैंक खातों से बडा था । खेलकूद कल आए और अन्य रचनात्मक कार्य, उसके लिए भ्रमित लोगों, जुआरियों और काम अकल वालों के कार्य हैं । एक लेखा के सफल होने में क्या कठिनाई थी या किसी चित्रकार के प्रसिद्ध और लोकप्रिय होने में क्या गलत है? उसके माता पिता भी दमन को दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से बढे लिख एक ऐसे मकैनिकल इंजीनियर के रूप में जानते थे जो सीमेंस पावर एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड मैन डिजाइन इंजीनियर के रूप में काम करता है, ना कि एक ऐसे भरता लेखा के रूप है जिसके पास पुस्तक लेखन का अनुबंधों । उसके लिए ये बोल पाना ही कठिन था कि मेरा बॉयफ्रेंड एक लेखक है । हाँ, उसके पास दिनभर यही काम है, नहीं है, उसका शौक नहीं है । उसका काम यही है । जीवन से जुडी कहानियाँ लिखता है, ऐसा लेखक नहीं है, जो अखबार के लिए लिखता हूँ । वो एक ऐसा उपन्यास बाहर है जिसके मन में एक फॅार उपन्यास लिखने का सपना है । अच्छा हमारी किताब किस विषय पर है? अपनी ने पूछा । उसने सिगरेट का एक लंबा कश्मीर जाऊँगी । ऐसी अग्नि नहीं, उसे घोलते हुए पूछा तो फॅालो मुझे नाम पसंद है दमन ने उत्तर दिया । अपने चेहरे पर जबरदस्ती मुस्कान लाते हुए उसने कहा मुझे नाम से नफरत है और किताब में उस व्यक्ति का नाम क्या तुम अपने नाम का इस्तेमाल करोगे? उसने पूछा देखो जयंती कहती है कि मुझे अपना नाम इस्तेमाल करना चाहिए लेकिन अब तो यह मुझे थोडी सी आठ मतदाता लगती है तो कुछ देर के लिए चुप हो गया लेकिन मैं इस से बच नहीं रहा हूँ । शायद इसलिए उन्होंने मुझे साइन किया है । हैना जयंती कहती है कि मैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट और आपने ब्लॉक्स परेश कहानी के बारे में लिखता हूँ । मेरे पास अपने पाठक है इसलिए जब ये किताब बाजार में आएगी तो उसके विक्रय में तो सहायक हूँ लेकिन ये ऍम सी के नाम के साथ तो अपने नाम का इस्तेमाल करोगे तो लोग ही सोचेंगे ना कि श्रेयसी कोई वास्तविक व्यक्ति है अपनी नहीं कहा । अरे उससे क्या फर्क पडता है । पुस्तक कि कवर पर इसके काल्पनिक हॅारर होगा । सामान्य उत्तर दिया अपनी अब तक जयंती रघुनाथ से मिली नहीं थी लेकिन उसे इस बात से घटना हुई थी कि दमान का उस पर कितना विश्वास है । बल्कि ये उसका ही आईडिया था कि दमन का नाम किताब पर देखिए बैंक बेस्ट सलर होने के नाते कुछ दर्जन प्रतियों पर हस्ताक्षर कर के रखे तथा साहित्यिक पुरस्कार के रूप में कुछ चयनित पाठकों को दें । कुछ सप्ताह पहले ही दमन दुख हॅूं जो कि भारत का सबसे बडा पब्लिशिंग कराना है । उसकी एग्जीक्यूटिव संपादक जयंती रघुनाथ उम्र बत्तीस से मिलकर बेहद उत्साहित लौटा था । उसने उसे एक पांच सितारा संपत्ति कहा था और उसे पब्लिशिंग वह वाणिज्य के बारे में तकनीकी बातें बताई थी । उसने दमन को ये अहसास कराया था कि वह बहुत प्रतिभाशाली, महत्वपूर्ण और वांछित लेखक है । जब जयंती ने धवन को इंटरनेट पर खोजा था और मैं एक अपरिपक्व लेखा की था । ऍम आपने ब्लॉक्स पर दमन नाम के एक परिचित लडके और श्रेयसी नामक लडकी के बारे में लघु कथाएं लिखा करता था । इंटरनेट पर दमन के सोशल मीडिया का उन पर उनके पहले लम्बे वार्ता लाभ के बाद अपनी लघु कथाओं के बारे में लडखडाकर बोली थी । मैं उसके प्यार में पड गई थी क्योंकि मैं उन लघु कथाओं से बेहद प्रभावित थे । उसे रह कथाएं वास्तविक लगती थी । मैं सोचती थी कि श्रेयसी कोई वास्तविक लडकी है और दमन की गर्लफ्रेंड हाँ, प्रेमिका है । जब तक दमन ने अपनी ओर से श्रेयसी के बारे में सब कुछ नहीं बताया । उसने उससे बात करना बंद कर दिया था । ऍम चरित्र केवल मेरे मन की कल्पना है । मैं अपना नाम इसलिए इस्तेमाल करता हूँ क्योंकि इससे मुझे चीजों को बेहतर तरीके से देखने में मदद मिलती है । उसने कहा तो कोई ऐसी नहीं है । नहीं, बिल्कुल नहीं । अरे कम से कम मेरे जीवन में तो नहीं । उसने उसे आश्वास्त करते हुए गा । मुझे बस इसी नाम पसंद है । बस का तो ठीक कह रहे हो । मेरे दोस्त कहते हैं कि लेखन, झूठ, ऍम कहानी ॅ होते हैं । उस ने मुस्कुराते हुए कहा धमने से मजाक में उडा दिया । लेकिन जैसे जैसे मैं अधिक मिलने लगे, उस नहीं उम्मीद रखनी शुरू कर दी की दमन श्रेयसी की जगह उसके नाम का इस्तेमाल करेगा । लेकिन ऐसा नहीं हुआ से ऐसी नामक काल्पनिक चरित्र उसकी कहानियों में बना रहा हूँ । उसने इस बारे में ये तो अभी कुछ नहीं कहा । नहीं क्या अभी क्या सकती थी? ऐसी कल्पना थी और वास्तविकता ये अपने आप को ये कहकर दिलासा दी थी कि वही तो है जिसका दमन हाथ पकडता है, उसे इस से प्यार का इजहार करता है । वो मैं ही तो हूँ ही नहीं, बस की कुछ ऑनलाइन पाठकों को लगता था कि शिव ऐसी गाल बनी चल रहे हैं परन्तु कुछ अन्य पाठकों को लगता था कि वह वास्तविक चरित्र हैं जिसे थोडी सी कल्पनाशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है । दमन की कहानी के पहले बार वायरल होने और सौ से अधिक बाढ शेयर होने पर अग्नि एवं दमन के साथ ही पेस्ट्री काट कर जश्न मनाया गया था । उस दिन अपनी को झेलना पडा था । वो दमन नहीं नोटिस भी की क्योंकि कुछ दिन बाद दमन ने अपनी नामक महिला चरित्र को लेकर एक कहानी लिखी । बेहद कुश्ती लेकिन जल्दी ही उसकी खुशी काफूर हो गई । कहानी पर आए कमेंट्स बहुत तीखे थे । कोई भी इस नए पात्र अवनी के बारे में पढना ही नहीं चाहता था । इसी को ही पढाना चाहते थे । उन्होंने अपनी को धार किनार कर दिया था । क्यों? क्यों? आखिर क्यों ऐसी क्यों मैं क्यों नहीं ऍम भी नहीं है । जबकि मैं हूँ अपनी सोचती रही ऍफ कर दिया लेकिन फिर भी अपनी को हमेशा ऐसी वापस चाहिए । कमेंट बाहर बाहर याद आता है नहीं रोती हुई नींद के आगोश में चली जाती है । लेकिन समय के साथ रह सामान्य हो गई । तब हम क्या सोचती हूँ अग्नि अपने विचार में मांगने थी । मैं तो नहीं रही थी ये भयंकर है । बहुत खुश हूँ तो तो अपने माता पिता को कब बताने जा रहा हूँ । दमन की त्योरियां चढ गयी मेरा बस चले तो कभी नहीं तो मैं पता है मेरे डॅडी से किस तरह लेंगे तो यही चाहते हैं कि मैं उसी नौकरी में उलझा रहे कर अगले तीस सालों तक दुखी होता रहूँ । तुमने कोई शीर्षक तय किया धमान मस्करा दिया । उसने अपनी सिगरेट दूर की और अपनी की ओर झुकते हुए कहा मेरे सपनों की लडकी इसे सीरीज की पहली किताब का नाम ही हो । क्या एक से अधिक किताबें होंगी? जयंती का ऐसा सोचना है कि मुझे अपने द्वारा गढे गए चरित्र का थोडा लाभ उठाना चाहिए । मैं कुछ बदलाव करना चाहती है किन्तु में शायद ही उसे ऐसा करने दूँ । इसके अलावा एक पात्र के रूप में ऐसी परिपूर्ण है । नहीं नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं ब्लॅक अपनी नहीं सोचा लेकिन उसने धमन से कुछ नहीं कहा । कुछ देर बाद डेवन शौचालय जाने के लिए उठा तो ऐसा देखती रही । जैसे ही वो अंदर गया आपने नहीं देखा की कॉफी शॉप के दूर के छोड पर बैठी एक लडकी शौचालय के बंद दरवाजे की ओर टकटकी लगाए देख रही थी । कुछ सेकंड गुजर जाने पर भी वह लडकी यथावत ताकती रही । अवनी के मन में भयानक भावना हिलौरे मारने लगे । हजार की लगातार दरवाजे की और देखिए जा रही थी और कुछ बता रही थी जैसे किसी से बात कर रही हूँ । अपनी ने उसके होटल को देखकर अनुमान लगाया कि वह दमन बोल रही थी पर अपनी सुनिश्चित नहीं थी । वो लडकी दोबारा वाली धमाल, उसका चेहरा, उसके कमर तक लटकते हुए बहनों की पीछे छुपा हुआ था । बचाना कुछ लडकी की निगाह नी पर पडी । उसका चेहरा पीला पड गया और उसके काले घने वाल अंधेरे में हो गए । अवनी से उसकी आंखें चार हुईं । उसकी आंखें भयंकर रूप से अपारदर्शी थी । बहुत सुंदर थी लेकिन उसके संदर्भ में कुछ बहुत भयानक था । कुछ आप शकुनी साहब पर सम्मोहित करने वाला हूँ । वही लडकी अवनी का देख कर मुस्कुरा दी । अवनी का दल धक्का से रह गया । उसके हाथ रोमांस से भर गए । अवनी ने समय बिताने के लिए मोबाइल पर संदेश भेजने का बहाना गया । वो उस विचित्र लडकी की आंखों को अब भी उसे घोलते हुए महसूस कर सकती थी । उसके टकटकी भरी आंखों को देख अपनी को ऐसा ऐसा हुआ जैसे उसके कपडों के अंदर मकडी घुस गए हो । धवन को इतना वक्त क्यों लग रहा है? समय धीरे धीरे गुजर रहा था । वो भी उस लडकी की बुदबुदाहट को सुन पा रही थी । अरे हुए शब्द को छोड कोई अन्य शब्द उसकी समझ में नहीं आ रहा था । हथियार को तैयार को तैयार हो दिया है । वो अब कहाँ हो? आपनी ने ध्यान दिया कि वह पसीने पसीने हो रही थी । दमन अपनी सीट पर बैठ गया और लडकी उस की नजर से आता नहीं । उस ने राहत की सांस ली तो मुझे लगता है कि हमें शाम को कहीं बाहर जाकर सेलिब्रेट करना चाहिए । अपनी ने कहा दमन ने अंगूठे से इशारा करते हुए कहा ऍम मैं तो मैं कॉल कर लूंगा तो मैं तेरे तो नहीं हो रही । अपनी ने से नहलाया और दमन ने दिल मंगा लिया । रिटर ने पहले ही उनकी मेज पर दिल पहुंचा दिया था तो ऐसे वापस लेने के बाद जैसे ही दमन उठा अवनी की नजर ट्रे में रखे कागज की ओर गई । उसने कागज उठा लिया । क्या है कहते हुए दमन ने उसके हाथ से कागज ले लिया । आकाश पर एक सुंदर सी राइटिंग में एक संदेश ता हूँ । धवन ने पढा किताब के लिए शुभकामनाएं । मुझे पता है कि ये किताब बेहतरीन किताब होगी । ऐसी तुम्हारे सपनों की लडकी तभी एक जोर की घंटी बजे अपनी आवास की ओर । मोदी और उसने देखा कि वह लडकी दरवाजे से बाहर आ रही थी । घंटी दरवाजे के साथ जुडी हुई थी । जब पीछे मुडे तो उसने धवन को हसते हुए पाया । उसे यह लगा कि वह संदेश किसी और का नहीं बल्कि अवनी का था । अपनी हाल के समझ कराई और उसके बाद उसका ध्यान कागज पर बाॅस टिक के निशान पर गया लेक्स टिक का निशान गहरा जाॅच सोचा था ।

Part 3

भागती एक घंटे वाधवन ले से दर्पण में दम आनने स्वयं को निहारा । विशेष रूप से आज के मौके के लिए खरीदी गई उसकी सफेद शर्ट ट्यूबलाइट की मध्यम रोशनी में पीली सी लग रही थी । पिछले दो महासेठ ट्यूबलाइट बदलने के बारे में सोच रहा था तो उसे और साडी नहीं मिली थी या दिव्या अपने माता पिता के साथ रह रहा होता तो उसे पीली ट्यूबलाइट के बदलने के बारे में सोचने की जरूरत ही नहीं होती । ना ही स्टोर को सही कराने के बारे में और न ही लीक हो रहे नल के बारे में । लेकिन उसने दर्पण कि नीचे बनी शेल्फ पर रखी गोलियाँ मेरा की और जमाने लगा । सही उम्मीद थी की गोली जब आने के बाद उसके मूंग का बिगडा जायका उसे याद दिलाएगा क्या? जैसे शराब नहीं पीनी किसी भी हालत में है । गोलियाँ मदिरा के साथ सेवन के लिए नहीं थी । उसे हमेशा यही अहसास हुआ कि इन गोलियों के साथ मदिरापान से उसका सिर भारी हो जाता था । उसने दो बार दाडी बनाई और हडबडी में तीन जगह कार्ड भी बैठा । उसने दिन पहले ही खरीद कर लाया, आफ्टरशेव लोशन लगाया । उसे जाने में अभी काफी वक्त था और कुछ व्यग्र ऐसा इधर उधर टहलने आएगा । अपनी व्यग्रता को कम करने के लिए उसने सिगरेट पी । मुझे हिंदी ने उससे कहा था कि ये पार्टियां कभी का बाहर ही समय पर शुरू हो पाती है और यह कोई पार्टी न होकर एक तरह का उन लोगों का आपसी मेलमिलाप था जिन्होंने इस किताब मेरे सपनों की लडकी पर मेहनत की थी । अच्छा पिछले छह माह की दिन रात की मेहनत, अपनी नौकरी छोडने हम काम रेवा किचन गेम थान में शिफ्ट होने, हजारों कब कॉफी गटक ने जयंती के साथ किताब की बारीकियों पर घंटों तक वादविवाद, जो कई बार गाली गलौज तक पहुंचते पहुंचते बच्चा । उसके बाद अंततः अगले दो सत्ता में किताब बाजार में आने को तैयार थी और आज उसकी पहली प्रति उसके हाथ में आने वाली थी । सडक पर ट्रैफिक ज्यादा नहीं था, लेकिन तेज लेना और एस । योगी से बचते हुए धीरे ही चला जा रहा था । उसकी कार नहीं थी । इस किताब की एडवांस राशि में से एक बडा हिस्सा उसका आर्को खरीदने में खर्च हो गया था । उसे कार की स्टियरिंग के उच्च गुणवत्ता वाले चमडे कवर स्पर्श करते ही तो हम के अमीर होने का अहसास हुआ । उसके पिता उसके खर्चीले स्वभाव से प्रायः नाराज रहा करते थे और उसे बेवकूफ कहते थे । झगडते रहते थे । है । राजौरी गार्डन और नारायणा विहार से आगे निकल आया था । धौलाकुआं के सर्पाकार फ्लाईओवर पर पहुंचाई था की बारिश शुरू हो गई । पहले बारिश हल्की थी, बाहर में तेज हो गई । उसमें गाडी और धीमी कर ली और कहा के ब्लिंकर चालू कर दिया । मुश्किल से एक किलोमीटर ही चला होगा की उसके बाद की ओर से एक बाइक वाला उसकी कहार से हल्के से रगडते हुए निकल गया । वृन्दावन के होटल पर गाली आ गई । धवन ने कार की रफ्तार बढा दी । बाहर की इन जिनकी आवाज भी तेज हो गई । दमन गुस्से से भर गया था । कुछ ही सहन में मैं उस बाइक के बगल में था । दमन ने कार की खिडकी का कांच नीचे क्या उस बाइक वाले ने धवन को इशारा करते हुए पाया । उसने बाइक की रफ्तार बढा दी और ज्यादा ट्राफिक में समाज शिंदा मान्य उसका पीछा करना नहीं छोडा । लगभग ऍफ बाइक वाले का पीछा किया । उसकी बाइक के आगे कार अडाकर । मैं गुस्से से भरा हुआ कार से बाहर निकला । अब बाइक सवार बमुश्किल अपना हेलमेट उतार पाया था कि धवन ने उसके जबडे पर एक घूंसा जड दिया । ढक कर रहा हूँ था । इसके पहले की वह बाइक सवार संभल पाता । दमन ने दो तीन से और जल्दी मैं आज भी लडखडाकर गिर गया । धमालों से दूर हट गया । पर उसका दिल अभी भी तेजी से धडक रहा था से अब बेहतर महसूस हुआ । उसने कहा स्टार्ट की और लडखडाते हुए आदमी से दूर चला गया । मैं अपनी किताब से छेडछाड और उससे तबाह करने के लिए आज जयंती से भी लड सकता हूँ । उसने रियर नियर में देखा । फिर उसने मुस्कुराने का प्रयास किया भर बाद नहीं हुई । जानती है कि वह क्या कर रही है में गाडी चलाता रहा शहान शहान जयंती और ये अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के बाद से अब तक एक लंबा सफर तय कर चुके थे जो की काटों से मारा था । दमन ने अपनी कार ऍम की पार्किंग में खडी कर दी । उस व्यक्ति को सबक सिखाए हुए आधे घंटे से अधिक का समय भी चुका था । लेकिन मैं अब भी उत्तर था । उसने दूर से जयंती को अपनी ऑडी क्यू फाइव कार से उतरते हुए हैं और निजी सेवा को कार की चाबी सौंपते हुए देखा । वह सीधे तनी हुई ऑलिव के प्रवेश द्वार की ओर बडी उसकी सोनोवाल जांगी उसकी ड्रेस झलक रही थी । वो अपने हाथ में एक छोटा सा कत्थई रंग का पर्स लिए हो गए थे । मेरे सपनों की लडकी, लेखा की प्रतियां, मेरी प्रतियाँ, मेरी किताब । यह उसका साम्राज्य होगा और प्रसन्नता से भर गया । कार से उतरा । अपने बालों को सवार आवर साइड मेडल में देखकर मुस्कुराया । उसे अपनी की कमी खल रही थी । यदि यहाँ होती तो उसे ज्यादा आसानी होती । उसमें उसका गुस्सा शांत कर दिया होता । मुस्कुराने का ब्याज करते करते दमन प्रवेश द्वार की ओर बढा । जब दमन ने प्रवेश किया तब लोग अपने हाथों में वाइन के इलाज को ऊपर उठाते हुए उसका नाम बुखार रहे थे । जयंती रघुनाथ । उन्होंने आगे बढकर उसका स्वागत किया । उसे गले से लगाया और उसके हाथों में वाइन का गिलास थमा दिया । धवन की नानुकर उस समय व्यर्थ हो गई जब सभी ने उसे पीने का आग्रह किया । उसने सोचा एक पेट्रोल ले लेता हूँ । उसने सभी से दमन का परिचय करवाया । ज्यादातर के साथ उसकी तस्वीरें ली गईं और वे सभी पुस्तक से बहुत खुश हैं । थोडा हुए थे । छोटे कद के मोटे और मजाकिया स्वभाव वाले ऋतिक ने उसके किताब का कवर डिजाइन किया था । शामडी जोकि गेंहुए रंग और दृढ आवाज वाली एक सुंदर सी लडकी थी । उसने अंतिम संपादन कार्य किया था । लम्बा और गोरे रंग का सुन्दर से लडका फरहाद मार्केटिंग था । इनके अलावा प्रोडक्शन वर्सेस टीम के कुछ और लोग भी थे जिनके नाम दमन कोई याद नहीं रहे । वेटर ने उसके खाली इलाज को फिर से भर दिया । मुझे ना बहुत महंगी और स्वादिष्ट थी । इससे पहले उसने इतनी बेहतरीन मदिरा पी नहीं थी । आज मेरा दिन है । स्वयं को या याद दिलाते हुए उसने सोचा कि वह क्या बोल वाले का कुछ देर बाहर देखके काटा गया और दमन को मेरे सपनों की लडकी की पहली प्रतियां सौंपी गई । ये लगभग साढे तीन सौ पेज की लाल काले कवर की किताब थी । हॉल तालियों की गडगडाहट से भर गया । उन्होंने मुझे किताब की प्रक्रिया के साथ आनंद है नहीं लिया । काॅपियां दमनीत प्रति अपने हाथ में ली, उसे सोऊंगा और बीच पलटते हुए कवर पर हाथ फेरा गया । उतना आनंदित महसूस नहीं कर रहा था जितना उसमें कुछ माँ पूर्व अनुबंध पर हस्ताक्षर करते समय कल्पना की थी । जयंती उसके पास आई और उसके गले में हार डाल दिया । उसके मुंह से मदिरा की मैं गा रही थी पसंद आई नहीं । धवन ने से लाया । मैंने तुमसे कहा था ना कि जब किताब हाथ में आएगी तो सब ठीक हो जाएगा और छोटी छोटी बातों पर तुम्हारा चिंता करना फिर था । छोटी छोटी बातें । शेरसी छोटी चीज नहीं थी । जयंती ने त्योरियाँ चढा ली । अब फिर से शुरू मत हो जाओ । वो बदलाव जरूरी थी । हाँ, अब उन पर बात करना है तो महाराज देने है इसका आनंद लो । दमन ये किसी अश्चर्यजनक चीज की शुरूआत होगी । दमान किताब पर नजर डालें लगा और जयंती ने अन्य लोगों की और एक नजर डाली । मैं जितना पडता जा रहा था उसे उतने ही बदलाव देख रहे थे । किताब में जगह जगह पर जयंती के शब्दों से पत्रों की तरह उबड खाबड लग रहे थे । जयंती ने किताब का संपादन नहीं बल्कि नए सिरे से लेखन ही कर दिया था । उसने कई पेज खुद ही ले डाले थे । जोर से चिल्लाना चाहता था । पर इसके बजाय उसने मदिरापान करना उचित समझा हो की जो मैं तुम्हारे डर को दूर करती हूँ । जयंती ने शावडी को बैठाते हुए कहा छावडी पहले से ही नशे में थी । दमान और जयंती के सामने आने के पहले गए दो बाहर लडखडा चुकी थी । छावनी तुम्हारा पसंदीदा पात्र कौनसा है? छह सी । पी । चोर हैं । शाहनी ने आखें दिखाते हुए हवा में गिलास ठहराते हुए वहाँ हो दमन ने रखते हुए उत्तर दिया, ये मेरी ऐसी नहीं है । ये जयंती की शेयर सी है तो मैं इसके लिए जयंती को बधाई देनी चाहिए । मेरी शेरसी अलग थी, अब ऐसा मत का हो । जयंती ने बीच में टोकते हुए कहा तो मेरे लिए कहने को बचा ही क्या है? शेरसी ऍम शाह नी ने चलाते हुए कहा । दूसरी टेबल पर बैठे लोगों ने उसकी ओर अचरज से देखा । जयंती ने ऋत्विक से राबडी को वहाँ से ले जाने को कहा । उसके चले जाने के बाहर उसने दमन से कहा देखा ही तुमसे कहा था ना, एक बाहर किताब प्रकाश है तो होने दो । अभी क्या नहीं ऐसी पैसा ना आएगी । यदि ऐसा नहीं हुआ तो तुम जो कहोगे मेहमान होंगी । हर इसकी सारी जिम्मेदारी मेरी होगी । वेटर ने दमन से बोझा की । क्या उसे एक और तार चाहिए? मैं जानता था उसे और पीना नहीं चाहिए । लेकिन सब कुछ बोलने के लिए उसे और पीने की आवश्यकता थी । उसने सहमती से दिला दिया । बेटर ने उसका दिलासा ऊपर तक भर दिया । ऐसी के बारे में और बाद करने का कोई लाभ भी नहीं था, जो हो गया हो गया । जयंती ने अपनी मंशा पूरी कर ली थी और उसने दमन के स्वप्नों की श्रेयसी की छवि को हटा दिया था । इस किताब में दिखाई दी गई श्रेयसी दवान के स्वप्नों की श्रेयसी से बिल्कुल लगा थी । पीने से चेहरे वाली उसकी शेयर सी गणित में स्नातक थी और सर्च इंजन के लिए प्रमुख है । बनाने वाली स्टार्टअप कंपनी में कार्य थी खाली समय में वह कार्बनिक रसायन, प्राचीन इतिहास और मृत धर्मों के बारे में पढना पसंद करती थी । उसे म्यूजियम आॅफ आग, एकाधिक चर्म, यौन संतति, दामन, पात्र फॅस मुद्राओं और हल्के फुल्के चुटकुला । मैं रुचि थी । नई शेयर सीढी से जयंती नहीं बचा था और दमन पर ठोक दिया था । एक सीधी साधी मिल डाॅन की किताबों में वर्णित लडकी की तरह थी । मैं शर्मीली हुआ विनम्र थी और अंग्रेजी में स्नातक होने के साथ साथ एक ऑनलाइन न्यूज पोर्टल में इंटर्नशिप कर रही थी । हर तरह से बोर और कचरा थी, यही चलेगी । यही भी के ही दमन तुम लिख लो । मैं अपना काम अच्छी तरह से जानती हूँ । मेरी बात सुनो, वरना ये किताब नहीं चलेगी । जब भी धमाल उससे बहस करता, वही कहती कई डेडलाइन्स गुजरने और लंबे विलंब के उपरांत दमन ने बहस छोड दी थी । वो शाम धवन पीता ही रहा । नहीं रहे । धीरे सभी लोग चले गए । जयंती सबसे आखिरी में लगाई । उसने दमन से कहा कि यदि रह चाहे तो हर रोक सकती हैं । उसके जाने के बाद दमन सर सोफे पर बैठ गया और उसके बाद कई पहनती है । उसके बाद में नशे में धुत्त था । उसने किताब पढ नहीं शुरू कर दी । किताब के बाहर लिखें जयंती के वहाँ के उसके गले । मैंने पत्ते और उसका दम घोंट जैसे प्रतीत हुए । उसकी छाती कट गई । उसने एक और पैर का आदेश दिया । उसके तुरंत बाद वे नींद के आगोश में चला गया और सपने में देखा कि लोग बडी संख्या में उसके किताब चला रहे हैं । सब श्री ऐसी से नफरत करेंगे । जब उसकी आंखें खोली तो उसने वेटर को खोलते हुए और वहाँ से जाने को कहते हुए पाया । वह शैंपेन की आदि बोतल के साथ लडखडाता हुआ ऑॅफ बाहर निकला और अपनी कार की ओर बढा । उसने बोतल को अपने होंठों से लगाया । वे अपनी कार में बैठा और आंखे बंद करें । उसने अपने लिए क्या बुलाने का प्रयास करना चाहा और उससे फोन ही नहीं समझ रहा था । उसने जयंती के शिकंजे से मुक्त होने की कल्पना कि है नींद के आगोश में था ।

Part 4

भाग चार । अगली बार जब उसकी आंखें खोली तो उसने अपने बगल की ग्रामीण सीट पर एक लडकी को मुस्कुराते हुए पाया । लडकी ने उसे हाय बोला क्या तुम सच में हूँ या फिर बस एक सपना है । उसने पूछा हूँ मुझे अपना चेहरा दिखाओ । जपत बताया । उसने लडकी को मुस्कुराते हुए पाया मुझे तुम्हारे चीना याद रहेगा । उसने कहा कि मुझे आशा है तो याद रखो की उस लडकी ने कहा । फिर उसने कुछ बहुत बुड्ढा है मुस्कुराया और फिर नींद के आगोश में चला गया । जब उठा तो खुद को पिछली सीट पर पाया । हम कहाँ जा रहे हैं? उसने पूछा और क्या तुम श्रेयसी हूँ? किसी ने उत्तर नहीं दिया । उसका सिर घूम रहा था । उसके चारों ओर की दुनिया तेजी से घूम रही थी । उसने ड्राइवर सीट पर फिर से लडकी को बैठे हुए देखा । काले वाघानी, बाल सफेद रंग काली, गहरी आंखें सुर्ख लाल हो जैसे की किताब मेरे सपनों की लडकी से बाहर निकल आई हूँ । मैं जैसी है संदेह नहीं है तो मैं नशे में धुत्त मुस्कुरा रहा था । क्या तो ऐसी हो बहुत बताया नहीं । मैं सपना देख रहा हूँ । जयंती ने तो मैं मार डाला है है । अविश्वास से बोला उसने तो मैं तबाह कर दिया है । मैं नहीं हूँ । वो सपना देख रहा हूँ । अपने आप से बोला मुझे अंतिम होटल नहीं पीनी चाहिए थी । मुझे यह सुनाई पडा कि वह लडकी कह रही है । सूचना हूँ तो बहुत ये हुए हो और किसी बच्चे की तरह फिर हो गया । उसकी नींद खुली कार एक सुनसान जगह पर खडी थी । पूर्ण सन्नाटा था । उसने स्वयं को संभालने की कोशिश की पर संतुलन खो बैठा । आगे गिरने के कारण उसका निचला वोट कट गया और खोलनी करने लगा । लडकी उसके किताब पढ रही है मेरे सपनों की लडकी मैं उसकी वन मोडी उसके चेहरे से बोला पन नदारत हो गया । मैं आंखे तरेर रही थी क्यों? उसने पूछा । उसने कहा कि टूलकिट से पाना निकालकर कार की पिछली सीट पर रख दिया । फॅसे निकली और रियर व्यू मिरर पे देखते हुए अपने होटल को शुरू किया । लिपिस्टिक वापस रखने के बाद उसने पाना हाथ में उठाया जैसी तरह उसका होने वाली हो क्यों दमन जलाया मैं नहीं हूँ । उसने लडकी को कहते हुए सुना लेकिन लेकिन तो उन्हें मुझे छोड दिया । धवन ने कहा ये कोई किताब है बकवास लडकी बुदबुदाई और पाना तेजी से नीचे ही और लहराया एक झटके के साथ उसकी नींद खुली । उसने अपने चेहरे को टटोला । उसे चोट नहीं लगी थी । लेकिन हाँ उनके पास एक छोटे से जख्म से खून नहीं रहा था । वो अपने कार की ड्राइविंग सीट पर था । कार उसके अपार्टमेंट के बाहर ही खडी थी । मैं जल्दी से कार के बाहर निकला और उल्टी करने लगा । उसने गले में उंगली डाल डाल कर तब तक उल्टी की जब तक उसका पेट खाली नहीं हो गया । मैं अगले टायर के नजदीक बैठ गया । वहाँ बैठे बैठे हैं, नींद में आता जाता रहा । तेज धूप में मैं पसीना पसीना हो रहा था । ऐसा दोपहर तक होता रहा । उसने स्वयं को कार के अंदर पाया और ऐसी अपील पूरी गति से चल रहा था । उसे ठंड लगने लगी थी । उसने इसी बंद कर दिया । बाहर में बैठे बैठे हुए अपने आपको ज्यादा पी लेने के लिए कोस्टा रहा और याद करने की कोशिश करता रहा कि पिछली राज क्या हुआ था । मोटर साइकिल चालक, पार्टी जयंती किताब वेटर, स्वप्न लडकी एक और स्वप्न उसने कारके ग्लोवबॉक्स के पडे अपने फोन को देखा । अपनी बीस में स्कॉर्ड पडी थी और कुछ माॅल उसके माता पिता की भी थी । उसने पहले अपनी को फोन किया आए धामानी सब क्या हो रहा है? मैं कब से तो मैं कॉल कर रही हूँ । मैं कितना डर गई थी है । मैंने रात को ज्यादा पी ली दिया । उसने कहा और मैं अभी अभी घर लौटा हूँ । मैंने कॉलेज में भी फोन किया था और बंद होने की वजह से पहले जो तो वहाँ से जा चुके थे । फिर तुम कहाँ थे? हाँ, रीमेक कार चलाकर घर तक वापस आ गया और कार नहीं हो गया था । अभी अभी नहीं खोली है । उसने अपना हाथ सर में लगाया । उसका सिर दर्द से फटा जा रहा था । उसे क्रोसिन की गोली चाहिए थी । तुम नशे में कार चलाते हुए घर वापस आए तो दिमाग खराब नहीं है । दमन उसने डाटते हुए कहा । और तो मुझे जो एसएमएस भेजा वो किया था क्या ऍम मैंने तो मैं कोई संदेश नहीं भेजा ये तो मुझे याद है । उसने कहा अपनी ने संदेश पढकर सुनाया । कुतिया तो उसके लायक नहीं हूँ । ये मैंने नहीं भेजा । उसने कहा । और थोडा रुककर बोला ये मैं जयंती को भेजने की कोशिश कर रहा होगा । उसे क्यों? किताब अपनी मुझे अपनी किताब की प्रतियां मिल गए हैं और ये वैसी नहीं है जैसी मैंने सोची थी । मैं तुमसे शाम को बात करूंगा । मुझे समय ऐसा लग रहा है जैसे मैं मर जाऊंगा । क्या मैं तुम्हारे पास आ जाऊँ है? नहीं, कोई जरूरत नहीं हैं । मैं तुमसे शाम का मिला हूँ के मैं अभी तुम से ज्यादा बात नहीं कर पाऊंगा । कहते हुए उसने कॉल समाप्त कर दी । उसे अपने सेंट बॉक्स में रह संदेश मिल गया जो उसने अपनी को भेजा था । मैं ये सोच कर खुश ताकि चलो अच्छा हुआ । ये संदेश उसने जयंती को नहीं भेजा । लेकिन उसे अच्छा था कि उसने सारी बात थर्ड पर्सन के रूप में क्यों लिखी थी । मुझे पीना छोड देना चाहिए । उसने कार में किताबों को ढूंडा । उसने कहा कि हर कोने में किताबों की तलाश की लेकिन उससे किताबें नहीं मिली । उसने सोचा कि शायद किताबों को रेस्टोरेंट में ही छोड आया है । निराशा में रहकार से बाहर निकला और जयंती से बात करके और किताबें मनवाने की सोच रहा था । उसमें नंबर मिलाया ही था कि उसे अपने किताबों के गट्ठर को जलाए जाने वाले स्वप्न की याद आ गई । वास्तव में उसकी कार के पास ही को जलाया गया था उसने कॉल कार्डी क्या ये वही किताबे हैं जाने के लिए और नजदीक क्या रह के ढेर पर पहुंचा । किताब की पांच प्रतियां वहाँ जली हुई पडी थी । उसमें एक अधजली किताब उठा ली जो सौभाग्य से जल नहीं पाई थी । मैंने ये कब किया? उसने जयंती को कुछ और किताबें भेजने का सन्देश भेज दिया । किताबों के बारे में सोचते सोचते हैं अपने अपार्टमेंट लौटा । श्रेयसी का परिचय देने वाली प्रारंभिक पंक्तियां अब भी उसके दिमाग में थी । में पैदा हुई श्वेत रंग की श्रेयसी प्रत्येक लडके का सपना थी । मैं सौ में और मधुर सारा वाली थी । खुशमिजाज और विनम्रता से भरी हुई दमन के पेट में मरोड होने लगी । जयंती के शब्द उसके दिमाग में घूम रहे थे । हर कोई नई शेयर किसी को पसंद करेगा ।

Part 5

धार पांच मेरे सपनों की लडकी के लेखक दमन राय के हाथों में जयंती रघुनाथ का गला था । उसने उसे बालों से पकडकर उसके केविन की कांच की दीवार पर जोर से दे मारा और तब तक मारता रहा जब तक चटके हुआ कांच की दीवार खून सेलेक्ट पता नहीं हो गयी । उसका शरीर जमीन पर पडा था और हाथ पैर काम रहे थे । धमाल उसके सर पर तब तक मारता रहा जब तक कि उसका चेहरा विकृत नहीं हो गया । उस की किताब में बदलाव करने की यही सजा थी । मैं अपने डिवास वक्त से बाहर निकला । मैं जयंती के केबिन की टूटी हुई कांच की दीवारों को हो रहा था । जयंती अपनी कुर्सी पर बैठकर मुस्कुरा रही थी और दमन के कुछ बोलने का इंतजार कर रही थी । इस रूम में दुर्गंध क्यों आ रही है? दमन ने पूछा हम सीधे मुद्दे पर आए तो जयंती ने उत्तर दिया, तुमने तो कहा था कि सभी लोग नहीं ऐसी का प्यार करेंगे लेकिन बेहतर उससे नफरत कर रहे हैं तो मन कर रहा हूँ । तुम क्या कर रहे हो? इसका तो कोई अंदाजा नहीं हूँ तो मुझे उनका रहो । जयंती ने आगे झुकते हुआ था । उसके बने हुए हाथ किताब के फिर उसके ऊपर जो जिन्हें अभी पेंट में जाना था उसकी मेज पर कॉफी के तीन खाली कपडे थे । उसकी मैच के चारों ओर सैकडों किताबें एक के ऊपर एक रखी हुई थी । उसके चारों ओर ज्ञात्वा अज्ञात लेखकों के लाखों शब्द बिखरे हुये थे । जयंती ने अपनी की ओर देखा उससे थोडा शांत होने के लिखा हो अवनी ने दमन की वहाँ पर चिकोटी काटी डाॅ गया मैं बोली जयंती तो हजार कर रही हूँ लोगों को मेरी किताब पसंद नहीं आ रही है । जाओ जाकर ऑनलाइन समीक्षा देखो । तुम ने जिस श्रेयसी को तैयार किया है मैं उससे नफरत कर रहे हैं । ऐसा चरित्र बनकर रहे गई है जिसे किताब का नायक प्रेम करता है और उसके साथ सहवास करना चाहता है । उसे इससे ज्यादा होना चाहिए था और मैं उत्तर देते देते थक गया हूँ क्योंकि किताब का मुख्य पात्र में ही हूँ । मैंने तुमसे कहा भी था कि हमें किताब के नायक को कोई और नाम देना चाहिए था मेरा नहीं । हम इस पर आगे और कोई चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि हमने तुम्हारे नाम का इस्तेमाल किया । लोग ऐसा सोचेंगे की ये सत्य घटना है और लोग सत्य घटना पर आधारित उपन्यास था तो हाथ लेते हैं तो ये पता होना चाहिए है ना सत्य घटना पर आधारित फिल्मों के मामले में भी ऐसा ही हो जाए । या तो ऐसा मानते हो कि वे फिल्में सच में सत्य घटना पर आधारित होती हैं । छोडो यार स्प्रिंग में जाने के पहले दमन ने किताब में कई परिवर्तन सुझाए थे पर मैं चतुर जयंती से पार नहीं पा सका । मैं तो मैं समीक्षा पढकर सुनाती हूँ । चेहरो कहते हुए जयंती रघुनाथ इन्टरनेट पर मेरे सपनों की लडकी के समीक्षा खोजने लगी । मैं बढकर सुनने लगी । ये किताब एक क्लासिकल रोमांस है । मुझे किताब का अंतर पसंद आया । ए । सी के प्यार में डूबा हूँ मैं किताब पढ घर कई बाहर होया हर्ट इमोजी ड्राइंग इमोजी कहानी मेरे दिल को छू गई तो क्या बात कर रहे हो । ज्यादातर समीक्षा शानदार है । कहते हुए उसने अपना लाभ टॉप किनारे कर दिया । दमन ने अपनी आंखें घुमाई, अपनी नहीं लाभ तब अपने पास किया और समीक्षा पडने लगी हूँ । समीक्षा जबरदस्त हैं लेकिन सिर्फ यही समीक्षा नहीं थे । पिछले कुछ दिनों से दमन अवनी को हार बुरे औसत समीक्षा ईमेल करता रहा था । विषेशकर वे समीक्षा जिनमें श्रेयशी को रीड विहीन तरस, कमजोर तथा दमन को औसत लेखक बताते हुए इस किताब को पुरानी बोतल में नई शराब बताया गया था । सबसे कटु आलोचक हुए लोग थे जिन्होंने फेसबुक पर धवन की श्रेयसी को पढा और चाहा था । उस समय तक दमन ने किताब के अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं किए थे । उसने इस सारी असफलता का दोष जयंती के अतिरंजित संपादन को दिया । सिर्फ दमन ही जानता था की जयंती के सुंदर शरीर और आकर्षक आंखों के पीछे एक अलग ही चेहरा था । दमन के गुस्से को सबसे ज्यादा अपनी नहीं झेला । खुद थी जो उसे बर्बाद होने से रोके हुए थे । जयंती ने बोला जारी रखा देखो दमन मुझे नहीं पता की तुम इस किताब से क्या चाह रहे हो । लेकिन किसी नए लेखा की किताब की पहले तीन सप्ताह में पंद्रह हजार प्रतियां बिक जाना एक बडी सफलता है । तो इस बात पर ध्यान देना बंद करो कि कुछ लोग से इसी के बारे में क्या राय रखते हैं । अपना नजरिया बडा करो । ये किताब हिट है बल्कि इसने टाइम्स फॅार सूची में अपना स्थान बना लिया । तो तुम अपने सिर पर एक टट्टी क्यों नहीं लगा देती? दमन ने झड का मैं नहीं जानती कि तुम्हारी शिकायत की इस बारे में है । अन्य नवोदित लेखक तुम्हारी जगह लेने के लिए मारे जा रहे हैं । इन की पढाई में ध्यान दे अपनी नहीं कहा । धवन ने अपनी की और गुस्से से देखा क्या मैं हमारे लिए ताली बजा हूँ? जयंती उसने उसका मजाक उडाया । लोग मुझे दूसरा कार्तिक अय्यर कह रहे हैं जो किसी काम सुनंदा मान । तुम उस समय फेसबुक नोट्स लिखा करते थे जब मैंने तुम्हारी प्रतिभा को पहचानकर इस पुस्तक को लिखने का प्रस्ताव दिया क्या तो ऐसा कहना चाह रहा हूँ कि मैंने तुम्हारा करियर बर्बाद कर दिया । यदि तुम ध्यान से देखो तो पाओगी की मैंने तुम्हारा करियर बनाया है । तो मैं याद है कि तुमने मुझे खोजा था तो मेरे पास आई थी । तुमने मुझे किताब लिखने का प्रस्ताव दिया था क्योंकि तुम्हें ऐसा लगता था की ये किताब हाथों हाथ देखेगी । कोई ऐसा नहीं किया था तो वो मुझ पर तुम जानती थी कि फेसबुक पर मेरे तमाम फॉलोवर्स हैं । जो किताब वहाँ तो हाथ खरीदते हैं तो मैं पता था कि मेरी किताब में दम है । जयंती जोर से हस्ती है । पाठक ऑनलाइन लाइक ऍम फेसबुक ट्विटर पर फॉलोअर्स होने का कोई मतलब नहीं होता । धवन लाइक और शेयर करने में कोई पैसा नहीं लगता । किसी किताब को बेचने के लिए तुलनात्मक रूप से अच्छी किताब, मार्केटिंग, प्लाॅन, स्मार्ट संपादक, स्मार्ट प्रकाश की आवश्यकता होती है । लोग फेसबुक पर गरीब लोगों के दूर दर्जा को दिखाते हुए फोटो और वीडियो शेयर करते रहते हैं और ये बताते हैं कि ये दुनिया कितनी वाले में । लेकिन मैं उन गरीबों की दशा में सुधार करने के लिए एक भी रुपया खर्च करना नहीं चाहते हैं । उन लोगों से अपनी किताब के लिए कैसे धन निकल रहते हैं? हाँ, मैं कर रहे हैं, डाटा फ्री नहीं है । जयंती हाँ, तुम सच में बहुत मजा किया होता मन से तो मैं पीछे और उस तक में क्योंकि इस्तेमाल करते हैं आग नहीं किसी टेनिस मैच के दर्शक की तरह उन दोनों को एक दूसरे का मजाक उडाते देख रही थी । अवनीस केबिन में एक बार पहले भी आ चुकी थी । उस दिन दमन ने इस किताब के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किया था । इस अनुबंध से उसका जीवन बदलने वाला था । उस दिन उसने जयंती को बडी सी आरामदायक कुर्सी के पीछे उन किताबों का ढेर देखा था जिनका संपादन जयंती नहीं किया था । जयंती ने एक दशक लंबे करियर में उसने इनकाे बेस्ट सेलर किताबों का संपादन किया था । दस सालों में लगभग तीस किताबें सफलता के प्रतिशत को देखकर अपनी का दिमाग घूम गया था । अगर दमन की किताब इतने लोकप्रिय नहीं हुई तो लेकिन आज उसका बहुत सफेद चार पेपर से पूरी तरह ढका हुआ था । मुझे कुछ कराना है । जयंती ने स्पष्ट करते हुए कहा, उसके केबिन में सिर्फ यही बदलाव नहीं था । उसका डेस्क नया लग रहा था । यहाँ तक कि प्रिंटर, लापटाप और कारपेट भी काफी हद तक अप्रयुक्त लग रहे थे । कांच की दीवार में इसका राज पडे हुए थे और कमरे में विचित्र सी महंगा रही थी । जैसे किसी सडक हुए । चूहे की दुर्गंध को दबाने के लिए जोरदार स्प्रे किया गया हूँ । बहस के दौरान ही अवनी की नहीं रहा । उसकी घडी पर गई बॅान्डिंग के साथ उसकी बैठक आधे घंटे में शुरू होने वाली थी । अगर मैं ट्रैफिक में फंस गई तो किसी कीमत पर समय पर नहीं पहुंच पाएगी । दामन रुकना चाह रही थी पर मुझे जाना होगा । उसने कहा । जबकि वो कहना चाहती थी तुम्हारे और मेरे लिए अपने चारों ओर देखो । दमन कितने सारे लेखक है और उनमें से कुछ ही उसके बोर्ड पर स्थान बना पाए । जयंती की ओर से मिला एडवांस लगभग खर्च हो चुका है । अगर तुमने कारना खरीदी होती अगर तुमने अपनी नौकरी नहीं छोडी होती, मुझे काम करना होगा । आज तुम निरीक्षकों, जयंती और दमन दोनों ने उसकी और देखा । उसने घडी की ओर इशारा क्या जमाने समझाते हुए ऐसे रेल आया, अपनी उठ खडी हुई और उसे गले से लगाया । कान में धीरे से बोली । शाह रहना और वहाँ से चलती अपनी के जाने के बाद जयंती बोली । इसमें कोई संदेह नहीं कि तुम एक अच्छा लेगा हूँ । लेकिन तो मैं अभी भी बहुत कुछ सीखना है । दमन तो पता है कि तो मेरे द्वारा किए गए सभी परिवर्तनों पर राजी क्यों हुए? ऐसा इसलिए क्योंकि तो मुझे डरे हुए थे तो मैं डरता की कहीं पोस्टर न चली तो इसलिए तुमने मत से लडाई की लेकिन ज्यादा नहीं । इसलिए तुम असहमत थे लेकिन जाता नहीं क्योंकि ऐसे संत है कि समय पर तुमने अपनी संपादक पर भरोसा किया तो तुम्हारी तुलना में इस इंडस्ट्री में काफी लंबे समय से हैं । हाँ पर तुम पर भरोसा करना डाला था । तुमने मुझे स्कूल बनाया, मैंने अपनी नौकरी छोड दी और तुम्हारे अनुबंध के चलते अपने माता पिता का घर भी छोड दिया और इसके बदले तुमने मुझे क्या दिया । इस तरह डीआईटी प्रतिशत और तुम जैसा संपादक किसी और ने तुम पर अनुबंध करने के लिए दबाव नहीं डाला था तो मुझे ऐसी को लेकर खडे रह सकते थे । लेकिन तुम ने ऐसा नहीं किया और बदले में तुम्हें पर्याप्त धन और एक बेस्ट सेलिंग किताब में लिए हो सकता है । यदि तुमने अपने लिए कार खरीदने में पैसा खर्च नहीं किया होता तो मैं इतने नाराज न होते हैं । अच्छा तो आप तो मेरी वित्तीय सलाहकार बन रही हूँ । आगे क्या? अब तो मुझे बताओगे की मुझे क्या खाना चाहिए और क्या नहीं । धवन ने उपहास पूर्वा कहा बस बस बहुत हुआ दमन । मुझे अपने लेखों से बकवास सुनने की आदत नहीं है । अगर तुम प्रतिभावन न होते तो मेरी सूची में न होते । दमन ने उसके गुड स्वायल स्वर्ग पर ध्यान नहीं दिया और उसी बीच में ही तो कर बोला चाहे जो भी हो जा । जयंती सच्चाई ये है कि मेरे नाम से किताब है जिसमें एक साडी अच्छा चरित्र है जिसका नाम से ऐसी है अगर स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होने वाला । जयंती ने कल बेरोजगार तो मालूम है क्या नहीं बदलने वाला ये कि तुम एक लेखक हो सकते हो की तुम लंबे समय था, किताबें बेच सकते हूँ । यदि मुझे कुछ हस्तक्षेप करने दो तो मैं दोबारा अपनी इंजीनियरिंग जॉब में जाने की जरूरत नहीं होगी और ये बात कई लोगों के लिए बहुत मायने रखती है । जयंती ने कहा कि तुम जानते हो कि भारत में ऐसे कितने लेखक है जो सिर्फ लेखन से अपना जीवन यापन कर सकते हैं । बहुत कम कार्तिक आई है । अनुज भगत, करन तलवार, गुरप्रीत कौर और मैं सूची में तुम्हें भी डाल सकती हूँ । यदि तुम अहसानमंद नहीं हो तो तुम दूर तक नहीं देख पा रहे हो और सोनू ये काम में बहुत समय से कर रही हूँ । किताब को सुपर हिट कराना और ये काम में बहुत अच्छे से भी करती हूँ । तभी जयंती के कैबिन के दरवाजे पर ऑफिस बॉय ने दस्तक दी और उसे मीटिंग के लिए याद दिलाया । उसने धवन की ओर देखा और कहा, चलो इंडियां, जब तुम घर वापस जाओ तो इस बारे में सोचना की है । किताब तुम्हारे लिए क्या कर सकती है और जब तो मैं ये अहसास हो जाए कि मैं तुम्हारे भले के बारे में सोच रही हूँ तो तुम दूसरी किताब लगना शुरू कर देना और हम एक नहीं किताब के लिए अनुबंध करेंगे । खटाई नहीं । दमन बोला हम सभी पैसा कमाना चाहते हैं । दमन मैं जानती हूँ की तुम ने अपनी पहली किताब से हुई कमाई उडा दी है । मेरे साथ ये क्या? पहले मेरी बात सुनो तो मेरे सपने की लडकी के लोगो का पान पर जाने से मना कर रहे हो । बिना प्रचार की कब तक एक किताब टिक पाएगी । इसलिए तार्किक रूप से सोचो इसी बिगडैल बच्चे की तरह नहीं । एक दो किताब लाकार्पण कार्यक्रमों में जाओ और उसके बाद नहीं किताब पर काम करना शुरू कर दो । ये मत भूलो दामन की हम एक बेहतरीन टीम है । हम सभी तुम्हारे लिए काम कर रहे हैं तो मैं से सबसे ज्यादा फायदा होगा । धामन मैं तुम्हें पसंद करती हूँ तो मैं जोश है जो मुझे पसंद है लेकिन तो सहज जाकर कुछ अब जाना है । उसने कहा और खडी हो गई । तुम्हारे लिए निर्णय का इंतजार होगा । उसने हाथ मिलाने के लिए अपनी बाहें खोली । जयंती से हाथ में लाये बिना दमन चुप चाप वहाँ से चला गया और जयंती उसे जाते हुए देखती रही । जिस कारण से मैं दमन को पसंद करती थी । उसी कारण सिर्फ है । उससे नफरत करती थी । जोशीला था लगभग पागल पन की सीमा तक और इसकी झलक उसके लेखन में भी मिलती थी । इसमें संदेह है उस किताब में झलके । जोश को काबू में करना उसकी जिम्मेदारी थी । उसे दमन की गुस्से से भरी आंखें अब तक याद हैं । जिस दिन उसने उसे मेरे सपनों की लडकी की लेख की प्रति सौंपी थी । एक पल के लिए वेटर गई थी । ऐसा लगा था जैसे वह मदिरा की बोतल उसके सर पर मार देगा और सौभाग्य से ऐसा नहीं हुआ और पार्टी बिना किसी बाधा के चलती रहे । केवल उसकी गर्लफ्रेंड ही उसे नियंत्रण में रखती थी । जयंती को ऐसी आशा थी कि वह उसे थोडा संयंत्र बनाएगी । उसने आसपास देखा और राहत की सांस ली । किसी ने एक सप्ताह पूर्व उसका कैबिन तोड दिया था । उसको उस पैटी नहीं, उसकी डाॅक्टर और अन्य कई चीजों को छति पहुंचाई थी तथा उन पर स्प्रे पेंट कर दिया था । घुसपैठियों ने उसकी कुर्सी भी कांच की दीवार से बाहर फेंकने की कोशिश की थी । उसे वो चीजें बदलनी थी लेकिन सबसे घृणास्पद थी वह दुर्गंध । कमरे की जमीन पर मानव मल बिखरा दिया गया था और पानी का छिडकाव कर दिया गया था । भयंकर दुर्गंध के कारणों से पूरा ऑफिस दो दिन के लिए बंद करना पडा था । परफ्यूम छिडकने के बावजूद जैन दी को दुर्गंध महसूस होती रहती थी । जिसने भी घुसपैठ की थी उसने किताबों पर सिर्फ ही नहीं किया था । उनमें से कुछ को जला भी दिया था और उनमें मेरे सपनों की लडकी की जयंती की प्रति भी थी । सौभाग्य से पानी के छिडकाव के कारण आग पर फैलने के पूर्व नियंत्रन कर लिया गया । ऍम सीसीटीवी कैमरे में कई दिन पहले से खराब पड ऍम कई दिन पहले से खराब है । एक दीवाने प्रशंसक ने भी घुसपैठ की थी और कार्तिक की किताब की एडवांस प्रति चुरा ले गया था । ऐसे दीवाने प्रशंसक इस इंडस्ट्री का एक हिस्सा है । पारियाँ जयंती भी स्वीकार करती है कि इस बार तो अति हो गई । उसने अपना लाभ तब उठाया और समीक्षा पेजों को बंद किया । जैसे ही रह निकलने को हुई उसकी नजरें सबसे चार पेपर की ओर गई जिससे उस ने कपडे के बोर्ड को ढाका था । चार पेपर के पीछे जयंती द्वारा इतने वर्षों में संपादक की गई किताबों के कवर पर लाल रंग के बडे बडे अक्षरों में लिखा था दमन को अकेला छोड दो

Part 6

भारत है । धमान समर हाउस कैसे पहले ही पहुंच गया । उसकी मैच पर एक बडी गिलास में कोल्ड कॉफी रखी थी । उसने बी और ऑर्डर करने की अपनी इच्छा को बडी मुश्किल से काबू में किया था । ये पहली बार नहीं था, जाॅन हुआ हूँ । मैं उस समय के बारे में याद करके मुस्कराने लगा जैसे बारटेंडर के पीछे से चुपके से जाॅब डेनियल की बोतल चिराय कर उसकी जगह पेश आपसे गरीब बियर बोतल हाथ क्या करता था ये केवल तीन साल पहले की बात है । लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे किसी और जन्म की बात हो तो सिलेब्रिटी पहले से यहाँ है, समय देख लूंगा नहीं । अपने ऊंचे स्टूल से उतरते हुए दमन ने कहा उसने खास है सुमित को गले लगाया तो ऍम समेत ने कहा, और दो बोतल बियर ऑर्डर की उसका ध्यान कोल्ड कॉफी के गिलास की ओर गया और उसने दमन कि बियर का और डर लैंड करा दिया । सही निर्णय मुझे धीरे धीरे पीने की आज दिलाते रहना क्या? आज रात मुझे डेट पर भी जाना है तो भी समेत की तो उनकी ओर देखते हुए धवन ने कहा वहाँ ऍम सीढियों पर चढकर आया हूँ । मुझे अपने लिए एक लडकी मिल गई है । समय नहीं कहा । सुमित अक्सर समर हाउस कैसे की सीढियों की शिकायत करता था । सीढियाँ ऊंची और अलग अलग नाम की थी । पीठ के बाद इनसे उतरना जोखिम भरा काम था । वो यहाँ रहे । यहाँ अरे मैंने उसे कहा था कि मैं आज समर हाउस में रहूंगा और उसने मुझसे कहा था कि वहाँ आज राहत अपनी सहेलियों के साथ मौज मस्ती करने के लिए यहीं आ रही है । हाँ, आज की डेट के बारे में मेरी सबसे तेज बातचीत थी ही । मुझे लगता है कि वाॅल मुझे उसकी तस्वीर तो दिखाऊँ धमान ने कहा । उसे अब भी विश्वास नहीं था । सुमित अपने फोन में उसकी तस्वीर दमन का दिखाएगा । दमान नहीं । खीसे निपोरते हुए कहा है खबर तो बडे संदर है । तुम्हारे कहने का मतलब दुनिया की सबसे सेक्सी हो । जरा देखो तो सुमित ने उस लडकी के सुर्ख होटों को क्लोज करते हुए उस की ओर कमाया । शुभकामनाएं । मुझे आशा है कि मैं लडकी होगी टीआई सीरियल के नरम । धवन ने कहा हमें अक्सर मिलते रहना चाहिए तो मेरे लकी चाहते हो सकते हो । दमन का कंधा दबाते हुए सुमित ने कहा ऍम मुस्कराया था कि इस समय कॉलेज में दमन का सीनियर था लेकिन फिर भी मैं मित्र बन गए और उनकी मित्रता पिछले छह सालों में मजबूत होती गई । सुमित ने दमन की तरह ना ही जमादार करियर का सपना देखा और न ही जयंती जैसे किसी लडकी के हाथ में अपना भाग्य सौंपा । तीन दिनों अल्तमस इंजीनियरिंग में काम कर रहा था । आज नहीं तो कल मध्य पूर्व में शिफ्ट हो जाएगा । वहाँ का रेसिडेंस वीजा प्राप्त करेगा । जापान निर्मित एसयूवी खरीदेगा और फिर पीछे मुडकर नहीं देखेगा । समेत आठ पत्ते तरीके से ऊंचे स्टोर पर चढ गया तो मैं पडी है तो क्या सोचते हो? दमन ने पूछा सम इतने बीयर का एक लंबा खोल दिया तो मैं इस मामले में जयंती रघुनाथ के साथ हूँ । मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं तुम्हारे द्वारा लिखा हुआ कुछ भी पसंद करूंगा । उधर इस किताब को पठनीय बनाने में उसने काम हल्का काम किया । तुम मजाक में नाम हो गया क्या? तो मैं उसके द्वारा रची गई श्रेयसी सच में पसंद आई छोडो यार, दमन है झटका हम मुझे पसंद नहीं है । उस विचित्र ऐसी से कहीं बेहतर है जिसे तुम अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखते आए तो वे चित्र नहीं थी । धवन ने विरोध किया । नहीं, मैं विचित्र नहीं थी । विचित्र बीस ईषत् नहीं फेसबुक पर तुम्हारी एक कहानी में वे अपनी बात साबित करने के लिए अपने मित्र को जला देती है । तो दूसरी कहानी में मित्र के व्यवहार का विरोध करने के लिए अपने बाल का स्टाइल तीन ऐसा कौन करता है और ये विचित्र नहीं है । ये पूर्ण बादल पहने ये प्यार है । ये कोई सामान्य प्यार नहीं जो आम तौर पे होता है । इसके अलावा उसके पास ऐसा करने के पर्याप्त कारण मौजूद हैं । वो अपने संबंध को बचाने के लिए सब कुछ कर रही थी । कॅश समेत हस्ता है फिर से बोलना शुरू करता है । ऍम नहीं श्री ऐसी वास्तविक भी लगती है और अच्छी भी है । जयंती जानती है कि वह क्या कर रही है । लेकिन मुझे लगता है कि उसे श्रेयसी का नाम भी बदल देना चाहिए था । अच्छा वैसी अच्छा नहीं है । दमन ने अपनी आंखें कमाते हुए था । भैया ऍम हूँ हूँ सही कह रहा हूँ वो तुम हूँ जो उसका नाम हो करते हुए बॉस लिखने में नहीं सकते थे यहाँ पर आप तो तुमने उसके नाम से किताब में लिख दिए । हर मुझे ॅ हूँ, बहुत बढिया बहुत बढिया क्या कहने समेत नहीं झड कार मैं केवल नाम का इस्तेमाल करता हूँ । तुम जानते हो क्या तुम है अभी वह दुस्वप्न आते हैं हूँ क्या? मैं तो स्वप्नों में अपनी मारती है हॅूं कभी कभी नहीं भी मारती है क्या? तो मैं कुछ और भी आप है नहीं और तो कुछ भी नहीं । क्या इसके पूर्व कुछ ही सेकेंड उसी स्वप्ना के अलग संस्करण दमन नहीं कहा तो दवाई ले रहा हूँ । नमन ने से लाया । सुमित ने राहत की सांस ली और कहा अगली बार जब तो मैं उस लडकी का नाम याद आए तो साथ ही यह भी याद कर लेना की है । लडकी तो मैं मृत्यु के नजदीक लगाई थी तो ये सब कभी नहीं बोलो । रहना निश्चिंत है । मैं कभी नहीं भूलूंगा । अरे यार, आखिरकार हम लोगों को छह महीने तक अस्पताल के चक्कर लगाने पडे, उस लडकी को नहीं । मैं तो इस दुर्घटना के बाद से भाग गई । मैं उससे और उसके नाम से नफरत करता हूँ । यदि तुमने उसको दिया के नाम का इस्तेमाल नहीं किया होता तो मुझे अच्छा लगता है । इसके बजाय तो अपनी का नाम इस्तेमाल कर सकते थे । सुमित ने कहा धमन के पिता के साथ सुमित ने कई महीने तक एक डॉक्टर के बाद दूसरे डॉक्टर की राय लेने के लिए अस्पतालों के चक्कर काटे थे । बाद में उसके खुश में आने के बाद मैं उसे फिजियोथैरपी और साइकोथैरेपी के लिए लेकर जाते थे । कोना के कारण उसकी कुछ स्मृतियों का लोग हो गया । लेकिन दमन पर दोनों तरफ क्यों का अच्छा और सकारात्मक प्रभाव पडा जब पहली बार वह होश में आया था । उस समय मैं टहलना, शौचालय जाना और हाथ में पैन पर खाना जैसी बातें भी भूल चुका था । बाहर वाली लडकी का किताब वाली लडकी से कोई लेना देना नहीं है । मुझे तो ये भी आज नहीं है कि वे कैसी लगती थी और मैंने इस किताब के लिए सिर्फ उसके नाम का इस्तेमाल किया है । बस सिर्फ ना । तो फिर किताब की श्रेयसी का हर वाली श्रेयसी की तरह ही क्यों लगती है? पीला चेहरा ऍम दमन के पास इसका कोई उत्तर नहीं था । मैं बोला अरे बाहर बजाने, क्या हम किसी और के बारे में बात कर सकते हैं? अब यदि में अपनी की जगह होता तो किसी और लडकी का नाम किताब में प्रयोग करने पर तुम्हारा गला दबा देता । मैं नहीं जानता कि वह तो मैं कैसे बर्दाश्त करती है तो मैं उससे अच्छी लडकी नहीं मिल सकती । मुझे बताऊँ कि तुमने उसे अपने दुस्वप्नों के बारे में बताया है । इस की कोई जरूरत नहीं है । मैं ऐसे ही मेरे बारे में बहुत जनता करती है और मैं फिर कह रहा हूँ कि क्या हम किसी और बारे में बात कर सकते हैं लेकिन मुझे ज्यादा करो । यदि दो सपना और भयानक हो जाते हैं तो मेरे पास जरूर आओगे । हम तो मैं फिर से थेरेपी के लिए ले जाएंगे । पीटीएसडी को हल्के में नहीं लेना चाहिए और पीटीएसडी की वापसी जरूर भैया । मैं आपको बता दूंगा के समझ ने बीयर का एक और बढा घोंट दिया । बोला और किताब को लेकर इतना बदमिजाज होने की जरूरत नहीं है । यह तुम्हारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है । खूब बिक रही है तो अपनी सफलता का आनंद लो । मैं अगला कार्तिक अय्यर नहीं बनना चाहता । आप ये कौन है? सुमित ने पूछा और बेटर से एक और बियर लाने को कहा । बैठ लेखक है जो ऐसी मूर्खतापूर्ण प्रेम कहानियाँ लिखता है । उसने लगभग बीस कहानियाँ लिखी होंगी और लगभग सभी एक जैसी हैं । थारा हुआ लडका सुंदर मोहक लडकी नहीं प्यार में पडते हैं कुछ हादसे पर द्रश्य, एक त्रासदी और एक अंत भला तो सब भला वो अपनी गर्लफ्रेंड वर्णिका के बारे में लिखता रहता है । वो ऍम माने जाते हैं जिनके आधार पर आप अपने संबंधों को दिशा दे सकते हैं । हाँ, मैं उसे पढना चाहूंगा यही बात तो इस दुनिया से नदारद है । प्रेम तुम एक प्यारी सी प्रेम कहानी लिखनी चाहिए । हर धवन ने विरोध में अपने हाथ लडकियाँ ऐसी तैसी कर दो मेरी ये माया जाल है । सभी एजेंट स्मिथ के पीछे पडे तो मैं आश्वस्त हो की तुम जयंती रघुनाथ का ही दूसरा रूप नहीं हूँ । हाँ हूँ कहते हुए उसने उसका बेयर का फिलहाल भर दिया । दमन ने उसे कहा कि ये भद्दा और बेहतर टीम है । एक घंटे बाद धवन ने सुमित सुविधा मांगी । अपनी आज ऑफिस है, जल्दी फ्री हो गई थी । ऐसा यदा कदा ही होता है और मैं नहीं फिल्म देखने जाने वाले थे । दमन वहाँ से चला गया और समेत ट्रैक्टर लाल होटल वाली लडकी का इंतजार करने लगा ।

Part 7

भाग साथ सुमित ने पब में मौजूद अन् लडकियों को देख कर अपना समय व्यतीत किया । कुछ ही देर में एक लडकी जिससे सुमित उस पाप में कनखियों से देख रहा था, अपने दोस्तों के समूह को छोडकर उसकी ओर बढी । उसके चेहरे पर मुस्कराहट थी, पीली रंग की ड्रेस पहने हुए थी और इस अंधेरे से पाक में हालांकि नजर आ रही थी तो उसकी नजरें बार बार समेत से चार हुई और आसामान्य रूप से उनकी नजरें देर तक एक दूसरे पार्टी की रही । देना कुछ कहे स्टूल पर चढकर बैठ गई जिस पर कुछ देर पहले दमन बैठा हुआ था । उसने सुमित की और अपना हाथ बढाया है और उसने उसे नजदीक से देखते हुए का क्या था हूँ? लडकी ने सहमती में से दिलाया तो तुम लडकी नहीं हूँ और तो सीरियल किलर नहीं हूँ । सच में लडकी नहीं हूँ पर तो सीरियल के लडके बारे में सच में कुछ नहीं कह सकते । हो है ना लेकिन अगर ऐसा है तो मैं खा सीन काट ले कम मजा होंगी । लडकी ने मुस्कुराते हुए कहा ने श्रेया हूँ समय मुझे तुम्हारी टाइप पसंद आई पर मुझे मेरे बाल हमने कलीन बालों को रंगा है । यह लाल रंग हल्का सा धब्बेदार है । मुझे उम्मीद है की ये ठीक हो जाएगा । मैं काले रंग से बोर हो गई थी पर अच्छे लग रहे हैं । तुम कब से ऊपर हो मैं तुमको अभी अभी यहाँ पर देखा । मैं तुम से पहले आई थी, अपने दोस्तों के साथ थी । उसने अपने विविधतापूर्ण मित्र समूह की और इशारा किया । मैं सभी औपचारिक ड्रेस पहने हुए थे और पी रहे थे । इस आप पर मैच हुआ है कि कुछ मिनट बाद मैंने तो मैं यहाँ पर आते हुए देखा । मैं ज्यादा घुलने मिलने वाली लडकी नहीं हूँ और नाटो में लंबे समय तक पसंद करने वाली लडकी हूँ । लेकिन आज रात को थोडा उत्तेजित हूँ । लडकी ने मुस्कुराते हैं और आंख मटकाते हुए कहा सच में उत्तेजक सुमित ने सोचा जब हम हुए तो तुम नहीं पडती तो उसी समय मुझे हाय कहने क्यों नहीं आई? ऍफ नहीं करना चाहती थी हूँ कि मैं सच कहूँ तो मुझे तो मैं तुम्हारे मित्र को बातचीत करते देखना अच्छा लग रहा था । फिर लेकिन तो मुझे ऐसी लडकी मत समझना जो लोगों का पीछा करती हैं और उन से मिलने के पहले उनके बारे में सबको जाने की चाय थी । मैं सी बिल्कुल भी नहीं हूँ कहते हुए उसने अपना हाथ सुमित के हाथ पर रख दिया और मुस्कुराई अरे नहीं नहीं, बिल्कुल नहीं, मैं ऐसा क्यों करूंगा? और यदि तुम पीछा कर भी नहीं होती तो भी मैं बुरा नहीं मानता । सुमित नहीं आखिरी मिर्च खाते हुए कहा ॅ कर रहे हो । उसमें हम रखते हुए पूछा था हाँ, हालांकि तुम सहयोग क्या? हम पीछा करने वाले अपने ही बार से नहीं था वह पर यदि हम उत्सुक ना होंगे तो और कम होगा । समेत मुस्कुराया । उसने बोलना जारी रखा । तुम्हारे साथ जो व्यक्ति बैठी थी, क्या वह वही लेखक है जिनकी किताब भी हाल में बाजार में आई हैं? लडकी ने पूछा उसकी आंखें किसी रतन की तरह चमक रही थी । दमन रॉयल तो मुझ से पहचानती हो तो मिलना चाहिए था । अच्छा मैं रह जाता है । क्या तुमने उसकी किताब पढी है? यहाँ तुमने उसके द्वारा इंटरनेट पर डाली गई पोस्ट पडी हैं । फॅमिली गया तो कुछ लोगी । लडकी ने मीठी से मुस्कान भी खेलते हुए ब्लडी मैरी पीने की इच्छा जताई । सुमित ने मंगाने का आदेश दिया । उसने बोलना जारी रखा । मैं तुम लोगों की बातचीत फॅमिली थी । मेरी पुरानी आदत है । मैं कुछ नहीं कर सकती । जब मैंने अपना नाम सुना तो मेरा ध्यान या मुझे लगा कि आप लोग आज शाम की देखी बात कर रहे थे । आपका नाम ॅ नहीं नहीं हम लोग किसी और के बारे में बात कर रहे थे । ड्रिंक आ गई । सुमित ने श्रेया का गिलास देने के लिए हाथ आगे बढाया लेकिन उसने उसका हाथ दूर कर दिया । समय दो लाख केवल एहतियात के तौर पर लडकी बोली । सुमित ने उसकी ओर उलझन भरी नजरों से देखा । रोहित नॉन उसने कहा डाॅॅ तुम ये जानकर ॅ होगा कि तुम्हें इतनी आसानी से है । प्राप्त हो सकती है तो अच्छे से लडके रखते हूँ लेकिन मैं ध्यान रहती हूँ की कोई और मेरा ड्रिंकर स्पर्श ना करें । मैं नहीं चाहती कि ड्रिंक पीने के बाद मुझे चक्कर अस्मित लिया है और बारह घंटे बाद में तुम्हारे बिस्तर पर नग्न अवस्था में पाई जाऊँ और मेरे साथ बलात्कार हो चुका हूँ । सुबह इतने सिर हिलाया और उसे अपना गिरा स्वयं उठाने दिया तो तोमर द्वारा मित्र किसके बारे में बात कर रहे थे । लडकी ने पूछा है तो हम लोग किसी बात पर लडते हुए दिख रहे थे । तुम जाना नहीं होगी कुछ नहीं । हाँ मैं कहना चाहूंगी उठाओ ॅ हूँ हम लोग बहुत जिज्ञासु होते हैं । विषेशकर जब पीएम हुआ हूँ तो कुछ नहीं था । सच में भेज लडकी को लेकर दीवाना है वो लडकी भी नहीं है सिर्फ एक नाम को लेकर दीवाना है । उसने उसके नाम का इस्तेमाल अपनी किताब नहीं किया था जो कि उसे नहीं करना चाहिए था उसने उसने उसने तो उसे मार ही डाला था । लडकी धीरे से बोली क्या है कि किसी उसका स्वार्म आता था? पहले नहीं नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है तो उसे सीआईडी कहकर मुझे नहीं बदल सकते हैं । तो मैं मुझे पूरी कहानी सुना नहीं होगी । समझ में उसे बताया कि कुछ वर्ष पूर्व अपनी गोवा यात्रा के अंतिम दिन धवन ने एक लडकी से शराब की दुकान से लौटते समय लिफ्ट ली थी । उसने लडकी को कार दुर्घटना के बारे में बताया कि किस तरह बेहद जख्मी हालत में कार में मिला था और उसने कितना समय अस्पताल में जीवन के लिए जूझते हुए गुजारा । लडकी का क्या हुआ? सुमित ने कोई उत्तर नहीं दिया । एक लंबे विश्राम के बाद उसने कहा भाड में जाए वो लडकी तो बहुत गुस्से में दिख रहे हो लेकिन मुझे इसका कारण समझ नहीं आ रहा है । लडकी ने कहा है तो मैं अपने मित्र के लिए खुश नहीं होना चाहिए । ऐसा लगता है कि तो महंगा बाद पसंद नहीं आई कि वह अभी उस लडकी से प्यार करता है । व्यक्ति टिंडर पर है । उसे पता होना चाहिए कि किसी का सच्चा बिहार पाना कितना कठिन है । इसीलिए तो हम ऐसे आप की तलाश में रहते हैं नजदीकी पाने के लिए क्योंकि हमें प्यार नहीं मिलता हूँ । मेरे अनुसार तो वह भाग्यशाली है कि वह किसी को लेकर दीवाना है तो मैं तो उसका समर्थन करना चाहिए । विरोध नहीं तो क्या कह रही हो? सुमित ने पूछा तो वहाँ से उठकर चला गया होता । यदि वो लडकी इतनी सेक्सी ना होती तो मैं उस लडकी की वजह से मरते मरते बचा है और अब भी उसको दिया को लेकर रोमांटिक है । मुझे लगता है की तो मैं महिलाओं की प्रति और सम्मानपूर्ण होना चाहिए तो उस लडकी को कैसे जानते हूँ जिस पर आरोप बढ रही हूँ, हो सकते हैं दमन बाहर चला रहा हूँ और इन सब के बावजूद मैं उसे कृतियां पुकारने का कोई अधिकार नहीं है । छोडो विशेषकों क्यों पडा? रोचक हैं । मुझे भी अच्छे प्रेम कहानियां पसंद है । मैं तुमसे कहा ना कि मैं लंबे रिश्ता निभाने वाली लडकी हूँ । समझ कहाँ जोर से दबाते हुए उस लडकी ने कहा सुमित ने उसकी और देखा अगर उसकी लीग से बाहर थी । लेकिन ये साफ होता जा रहा था की अब यही लडकी स्टेट की दिशा तय करेगी । लडकी ने बोलना जारी रखा है इस पल के लिए उस लडकी के प्रति अपने नजरिए कोई कोने में रखते हुए ये बताऊँ कि क्या तो मैं ऐसा लगता है कि वह अब भी उस लडकी को प्यार करता है । गत्ता ही नहीं जो लडकी उसका हर में टीवी कोई और है । किताब वाली लडकी नहीं केवल उसके नाम का इस्तेमाल करता है । उसकी पोस्ट में दिखाई देने वाली लडकी महज एक कल्पना है । उस उस दुर्घटना वाली लडकी के बारे में कुछ भी नहीं । आज कुछ नहीं तो ये असंभव कहना कि उसे ऐसे किसी लडकी से प्यार हो जिसका स्थित भी नहीं । अगर उसका अस्तित्व होता तो क्या होता है अगर वो बिलकुल वैसी ही हो जैसी ऍम लिखता है ऍम रहने के लिए कहूंगा फेसबुक पर जिस लडकी को उसने खडा है भयानक है हाँ जयंती द्वारा घडी गई लडकी फिर भी बेहतर है इसी बारे में हमारे बीच लडाई चल रही थी । समझ में कहा क्या है तो डॅडी रखना चाहती हूँ क्योंकि भाई मैं लेखक नहीं हूँ । यदि तुम्हें चाहिए तो मैं तो मैं उसका ईमेल पता दे सकता हूँ । वही सेट को जारी रखना चाहूंगी है तो मैं नहीं तो मैं टेंडर पर मैच किया है ना । लडकी ने कहा सुमित नहीं जानता था कि वह सेक्सी अदा में ऐसा बोल रही है । अब जंग फॅमिली रखती है । दुर्घटना के बाद दमन ने अपनी आठ सौ साठ पोस्टों में जिस महिला पात्र को रखा था, जयंती ने उसे तबाह कर दिया । लेकिन दमन ने उसे ऐसा करने दिया की अच्छी बात नहीं है । ना किसी को अपनी कहानी को ऐसे बिगाडने देना लेकिन तो नहीं समझो गया जयंती तुम बिहार और लेखन के बारे में जानती कितना हो तुम प्रशांसक हो या कोई और । सुमित ने पूछा उसने ध्यान दिया की अब उसका हान पकडे हुए नहीं थी । वो अब भी शेरसी को प्यार करता है । मैं चाहती हूँ उसे बस है । याद दिलाने की जरूरत है तो मैं क्या लगता है कि यदि वहाँ का हर वाली लडकी सच में तमन कि जीवन में वापस आ जाए तो तब उन की क्या प्रतिक्रिया होगी? ऍम कभी नहीं आएगी और ये दिया गई तो आंखें मटकाते हुए उस लडकी ने पूछा मैं उससे वहीं वापस भेज दूंगा जहाँ से वो आई । सुमित बोला क्या वे अपनी वर्तमान गर्लफ्रेंड अपनी को छोड देगा? पोलो मैंने उसके ट्वीट्स और अपडेट पडे हैं । उसका ज्यादा जिक्र नहीं करता हूँ । मैं दावे के साथ कह सकती हूँ कि यदि ऐसी चाहेगी तो फिर उसे छोड देगा । हूँ । उसे प्यार नहीं करता हूँ क्या? यही तो बुरा ना माने तो मुझे भारतीय जाना है तो जल्दी लौट होंगी और मैं सच मतलब पसंद करती हूँ । हम लोगों को जल्दी जल्दी मिलना चाहिए । उसने उसके चेहरे पर उंगलियां फिराते हुए कहा । सुबह कुछ क्या पाता इससे पहले ही वह वहां से चली गई । सुमित ने सोचा की दीवानी सी लडकी है उसका विमान गैर आता कि यहाँ से भाग जाऊँ और उसका दिल कह रहा था कि मैं हाँ । इसलिए मैं वहां बैठा रहा तथा एक और कॉकटेल का ऑर्डर दे दिया । शायद थोडी सी और एल्को हालों से झेलने लायक बनाने । उसने इनके बाद एक दूसरा ऍम वो वापस नहीं आई । उसने बिल चुकाया और उसे वाशरूम में डोडा उसके सारे दोस्त जा चुके थे । उसमें सभी फ्लोर पर उसे तलाश क्या भीड में उसका नाम भी बुखार आ पर मैं कहीं नहीं मिली अखार कर गुस्से में वह समर हाउस कैसे में मेन गेट के बाहर आ गया कि अचानक उसे चार ओवर की दुनिया घूमती हुई थी । लगी स्वयं को लडखडाने से बचाने के लिए उसने सीढियों की रेलिंग थाम लिया । वो अपनी आंखें खुली रखना चाहता था पर उसकी बल्कि भोजन हुई जा रही थी । आखिरकार ने अपनी चेतना खो बैठा । उसका पर्स फोन गाया था । ऐसा एल्कोहल के कारण नहीं फुटबॉल के कारण था जोकि एक लोकप्रिय डाॅॅ

Part 8

ऍम वो जयंती रघुनाथ ने एक ही सप्ताह में सभी तैयारियां कर ली हूँ । सोशल मीडिया के लिए वोस्ट मीडिया इंटरव्यू कार्यक्रम स्थल पर बैनर और अखबार के लिए छोटे विज्ञापन डम ने अपनी जलती हुई आंखे बंद किया और बिस्तर पर लेट किया तो वहाँ पर पूरी रात रखा था और उसके सुबह का एक बडा भाग पाठकों की निजी मेल का उत्तर देने में गुजरा तो एक सप्ताह की शुरुआत में अपनी के कहने पर वे दिल्ली कि ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर पर मेरे सपनों की लडकी पुस्तके लोकार्पण कार्यक्रम में जाने के लिए तैयार हुआ था । वो आप भी नहीं कहा था तो मैं वहाँ जरूर जाना है । लोगों को तुम्हारी के दम और दोनों तुम मी पसंद आये । वो केवल कुछ ही लोगों का पुरानी शहर ही पसंद है । जयंती कह रही थी कि पुस्तक लोकार्पण में जाने से किताब की बिक्री मैं सहायता होगी और तुम जानते हो अपनी ने उसकी पैसों की तंगी का जिक्र करने के बजाय अपने कुमार हो टोका, उसके गाल पर हराया और जंबल ले लिया । अभी अभी कोई किताब को बुरा कहेगा तो उसे ठीक करने के लिए मैं वहाँ मौजूद होंगे । ठीक है लेकिन इस समय तो मैं थोडा आराम देती हूँ ये कहते हुए उसने अपना हाथ उसकी जीत के अंदर डाल दिया । इसके बाद उस रात के बारे में बता नहीं ओवर क्या रहे जाता है । उसमें कुछ देर अच्छी नींद नहीं ॅ तब तक अपनी ऑफिस जा चुकी थी और उसके फोन पर उसकी माँ ही तो टाॅल पडी थी । उन्हें साथ ही लंच करना था तो मैं जल्दी से उठा और नहाने के बाद साफ टीशर्ट पहनकर अपने घर की ओर रवाना हो गया । माता पिता के घर जब उसके जवान पर चढ गया था सिर्फ छह हाँ पहले तक ये उसका भी घाटा हूँ । उसका ॅ ऍम मिनट ही ही दूरी बढ था पर काफी देर तक दरवाजे के बाहर खडा रहा हूँ । उसकी मान्यता दरवाजा खोला और जैसे ही उसने घर में प्रवेश किया वहाँ पकाए गए भोजन और पैसा की असहमती की गंध उस तक पहुंच गई हूँ तो ऐसे खेलते देखोगे यहाँ है उसकी माँ ने कहा और उसके गालों को चूम लिया तुमने सुबह से कुछ नहीं खाया ना । उसकी माँ ने पुछ को को पुकारा जोकि दमन की बहन थी । उसकी उम्र तेरह साल थी हैं । दौडती हुई आई और दमन के गले से लग गई । उस नंदवान से कहा कि घर में उसकी कमी गलती है और उसे उत्तर ना देने के लिए झटका मैं देख रहा था कुछ को तो ज्यादा तो कहने का मतलब ये कि जे के रोलिंग और जी आर आर मार्टिन कई दिनों तक अपने फोन को हार नहीं लगाते । बच्चा ठीक है मगर मुझे माफ कर दो । कहते हुए उसने पूछ के घायल कीजिये और कुछ कोने उसके हाथों को हटा दिया हूँ । तो आप कोई बच्ची नहीं थी जैसा कि दमन मानता था । क्या तुमने मेरी किताब पढी? उसको ने अपना सिर हिलाया तो मुझे पडने को मना किया था । मेरे कुछ मित्रों ने पडी है । वो कह रहे थे की किताब बची है । उन्होंने तो फेसबुक पर मैसेज भी भेजे थे और क्या था लेकिन तुम ने उन्हें अब तक कोई उत्तर नहीं दिया । मुझे समय नहीं मिला तो मेरा भाई बडा आदमी बन गए है । हमारे अभी आई है । ऐसे नहीं नहीं । उसकी माँ ने उसे डाइनिंग टेबल पर बैठने को कहा । खाना ठंडा हो रहा था । दमन के विकास सोफे पर से उठे और डाइनिंग टेबल पर बैठ गए । उनकी नजरें अब भी अखबार बढी थी की थी कुछ को और दमन भी बैठ गई । अगले दस मिनट तक ऍम खाना खाते रहेंगे सकता हूँ । मेरी पुस्तक का लोकार्पण हैं । मैं चाहता हूँ कि आप सभी लोग आएंगे तो जानती हो कुछ । मैंने कहा उसने अपनी माँ की ओर देखा । मैं चली चाहूँ क्या फॅमिली फॅर जाओ मैं अच्छा लगेगा । अरे अपने दोस्तों का भी लेते हैं तो हमने कहा बिता जी ने अखबार टेबल पर रख दिया तो कोई जरूरत नहीं । ऍम तो तुम्हारी परीक्षा है तो मैं अपनी ट्यूशन नहीं छोडनी चाहिए । ॅ सिर्फ एक दिन की तो बात है । कुछ तो उन्हें विरोध किया । धवन के कटाने पहले पाँच को बोल रहा हूँ । उसके बाद अमन को नहीं जाएगी । ठीक है जैसा आप चाहे तो लेकिन ये कैसे बात करता है । अपने पिता से बात करने का क्या है? सही तरीका है । अरे आखिर हम सभी ने तुम्हारे लिए ही तो किताब पढी । उसकी माँ के घंटे जुड गए । घट आशा में वे भी प्लेट की और देखने लगी और बातचीत के खत्म होने का इंतजार करने लगी । केवल एक ही दिन की तो बात है आप अतार्किक हो रहे हैं और आप ये बात अच्छी तरह से जानते हैं । धवन नहीं रहा हूँ । मैं तो तर्क कर रहा हूँ तो कह रहा हूँ ये देखो तुम्हारा लडका क्या क्या कह रहा है । इसी बकवास के लिए तुमने अपनी नौकरी छोडी थी । फिर तुमने महंगी कार खरीद ली जिसकी तो मैं कोई जरूरत नहीं थी और आप तो मैं इसमें अपनी बहन को खीच रहा हूँ और मुझे अटार की कह रहे हो । मैं तो मैं ऐसा कटाई करने नहीं दूंगा की चौतीना आपको मेरी कार से क्या समस्या ऍम बोला दमन नहीं सुना था की जिस दिन उसकी नई कार की डिलीवरी हुई थी उस दिन बाबा अपनी बैगनार कार के टायर लेकर उसकी नई कार को तोडने के लिए घर से निकल गए थे । कुछ और उसकी माँ ने बडी मुश्किल से समझाया था । दुर्घटना के बावजूद पिता और पुत्र के बीच दूरियां बनी रहीं । उसके तथा का मानना था की दमन को अपना नया जीवन सहमत हूँ और परंपरागत रूप से व्यतीत करना चाहिए जबकि कमल अपने जीवन को बिल्कुल व्यर्थ नहीं जाने देना चाहता था । उधर घटना और अंतहीन थेरेपी के बाद उसके पिता के कुछ अपने दुस्वप्न अत है बाबा मेरी किताब हिट है भारत जगह अखबारों में इसकी चर्चा है । अगर आपने अखबार में छपने वाली बकवास के साथ इस किताब के बारे में छपा समाचार भी पढा होता तो बेहतर होता दो । क्या आज ये समाचार था? कल नहीं होगा? इन अखबारों को बैंक में जमा कर दो और उनसे पैसे देने को कहूँ । ॅ तो मैं पता है की तुम्हारी समस्या क्या है? यह है कि तुम अपने जीवन को बहुत हल्के में लेते हो । तुम्हारे कमरे में इसलिए लगता है खाने में कोई कमी नहीं है और रहने के लिए एक से बढकर एक कपडे हैं । इसीलिए तो मैं हर चीज को हल्के में लेते हो तो अपने जीवन को ही हल्के में लेते हो । धवन ने अपनी आंखें घुमाई देखा । दमन की माँ की ओर देखते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा ही करता है हम लोगों ने इसके लिए क्या क्या नहीं किया । और इसमें तो धवन अपने मन ही मन में बताया जो घटना में मारे जाना चाहिए था वो दमन के पिता ने मेज पर से जोर से हाथ पटका । इससे पहले की धवन की माँ कुछ बीच बचाव कर पार्टी दमन के पता नहीं झापड रसीद कर दिया तो कुर्सी से गिरने के कारण उसके मुँह खोला गया । उसने अपने गाल पर हाथ फेरा उसकी आंखों से आंसू बहने के लिए और कान लाल हो गए । उसके पिता उसे घोलते रहे । दमन कोठा और कमरे से बाहर चला गया । यही ऍसे बचा सकता था । मैं अपने पुराने कमरे में चला गया और बिस्तर पर लेटकर अपने आंसू पहुंचने लगा होना नहीं चाहिए था मेरे होने में उनकी जीटॅाक क्यूँ पिछली बार उसके पिता ने उसे उस समय पीता था जब उसने बताया था कि लेखक बनने के लिए उसने नौकरी छोड दी है । बाबा ने उसे इस बेवकूफी के लिए घर से निकल जाने को कह दिया था । होता घर छोडकर चला गया था । किसी और वजह से नहीं बल्कि इसी अक्खडपन के चलते हैं । उसने महंगी सी कार खरीदी । उनके रिश्ते की यही सच्चाई थी । एक क्रोधी वह आक्रामक था और एक जुनूनी विद्रोही पत्र तमिल था । वैसे ऐसा नहीं होना चाहिए था । वो तो हमेशा उनसे क्षेत्र हैं । क्यों बात करते हो दरवाजे के पास खडे पूछ को को देखने के लिए थोडा वो दरवाजा बंद करते हुए अंदर आ गई । मैं फॅालो उसको वो सठिया गए तो खुद पर नियंत्रण क्यों नहीं रख पाते । तो ये क्यों नहीं समझते कि मैं वो नहीं करना चाहता तो जानती हो मुझे क्या करना चाहिए? मुझे जाकर अपनी जॉब ज्वाइन करनी चाहिए और एक सोसाइड नोट लिखना चाहिए कि तनाव और अप्रसन्नता की वजह से मैं मौत को गले लगा रहा हूँ और उसके बाद अपनी तेज रफ्तार कार किसी काम में से टकरा देना चाहिए और मेरी कोशिश होनी चाहिए कि इस बाहर में सही सलामत जिंदा नाम बच्चों है तभी होने सबका मिलेगा तो बाहर मत कहना और तुम कोई पहली बार कार नहीं चला रहे थे । धवन ने उसकी बात कार्ड भी उसने त्योरियाँ चढा ली हूँ । बात हमेशा याद रखना हूँ । उसने गंभीरतापूर्वक कहा मैं जानता हूँ ऍर नहीं था ना तो तुम थे और यदि में कार चला रहा होता तो मैं पूरी गाडी ही तोड डालता हूँ । खैर क्या तो माँ अपनी ट्यूशन नहीं छोड सकती । मैं व्यवस्था के लोकार्पण कार्यक्रम में ले जाऊंगा । बाबा को पता भी नहीं चलेगा । बाबा को यदि पता चल जाएगा तो मेरी खाली ही चलेंगे । तो तुम्हारे जाने के बाद उन्होंने घर को कैदखाने में तब्दील कर दिया हूँ । तो मेरे पैरों में बडी बेटी नहीं दिखाई थी थी । अगर उन्हें पता चल गया कि मैं हमारे घर में बैठी हूँ तो बहुत गुस्सा करेंगे । सारा जैसे कोई इसमें घटिया कहाँ चला रहा हूँ? सामान संभालो । दादा ठीक है, ठीक है मुझे माफ करो तो मैं कार्यक्रम का वीडियो भेज दूंगा । ठीक है वो मुझे करती है तो मुझे वीडियोकाॅॅॅन मुझे अपने ऍसे मिलने के लिए पहले से समय लेना पडेगा । भरे शर्मिंदा ना करूँ ऍम मेरे दोस्त इतने अच्छे राज में है कि मैं तुम्हारी हो । यहाँ तक कि मुझे मेट्रो में भी तुम्हारा एक फॅमिली थी बहुत समय की पर मुझे याद आया कि आजकल तो अपनी को डेट कर रहे हो और मैंने उसका फोन नंबर भी नहीं लिया । तो पूरी तरह तुम्हारे प्रेम में पागल थी तो मुझे ऐसे क्यों देख रहा हूँ हूँ झूठ नहीं बोल रही हूँ । आपको बताया था क्या तुमने उसे किताब के साथ देखा था? नहीं उसने मुझे पहचाना अपने दोस्तों के साथ ही और वह मेरे पास आकर बात करने लगी । उसने कहा कि वह मुझे इसलिए पहचानती है क्योंकि तुम ने हम लोगों की तस्वीर पोस्ट की थी फिर करो फॅारेन तो कितना प्रभावित हुए ॅ तो मैं क्यों ना मुस्कुराओ जाओ या करिए बात बाबा को बताओ कि उस लडकी ने किताब के बारे में क्या कहा? अरे क्या मुझे सहमत हूँ कि तुम झूठ बोल रहे हो? मैं सोचा भी छूट नहीं बोल रही ऍन नहीं थी । हमने त्योरियाँ चढा ली तो वो किसकी फैन थी? हैं । मेरे द्वारा लिखी गई पोस्टों की ठीक है । दे छोटा मत करो । दादा तुम्हारी बहुत बडी फॅमिली मैं तो बारे में बात करना चाहती थी । मेरे साथ घंटे तक आई थी और मुझे यहाँ तक बोली कि वह तुमसे उस तक के लिए माफ करने को तैयार है । क्या होती? कौन है? मुझे किसी बात के लिए माफ करने वाली भरे उसने किताब खरीदी और पडेगी । इसमें मेरी कोई गलती नहीं धमन बोला । उसको ये देखकर अचरज में थी कि दमन ने इस बात को दिल पर ले लिया था । मैं उसके पास आकर बैठ गईं । दमन ने उसे गले से लगा लिया । तब जाकर उसे महसूस हुआ कि वे अपनी झगडालू और दे । अकल बहन की कितनी कमी महसूस करता है, उसका कोई नाम था हूँ । मैंने पूछा नहीं ॅ जानती है । मुझे जानती हैं कैसे? उसने बताया था कि तो मुझे गोवा में लेते बुझ उन्हें धीरे से कहा हूँ क्योंकि वो गोवा की बात करने से बचना चाहती थी । धमान के घर में इसके बारे में अक्सर बात होती रहती थी । दमन ने त्योरियाँ चढा ली । गोवा के बारे में दमन की स्मृति कुछ धन लिखी थी गोवा ॅ हाँ, उसने यही कहा था । मुझे तो ऐसा याद नहीं आ रहा कि मैं वहाँ किसी लडके से मिला था । हमने कहा उसको उन्हें दमन की । वहाँ को अलग करते हुए था तो किसी से तो मिले थे । इसी के अलावा हम अपने घर में उसका नाम नहीं लेते । ऍम भी सब लोगों की तरह बात मत करना । काम ने विरोध करते हुए कहा चाहे जो भी हो मैं उसका नाम नहीं लूंगा । लेकिन मैं तो मैं कुछ बताना चाहूंगा । कुछ को तो यहाँ देना मैं बाबा वर्मा तो हीरो स्कूल जाते समय क्या कहाँ करते थे । आप परिचितों से मिठाई मत लेना । यदि कोई कहे कि उसे तुम्हारे मम्मी पापा ने भेजा है तो उस पर यकीन मत करना । किसी के साथ चली मत जाना । ऍम उनकी आंखों में मत देखना । उनसे बात ही मत करना । मैं जानता हूँ कि तुम तेरह साल की हो गई हो लेकिन फिर भी मैं तो मैं याद दिलाना चाहूंगा । यदि कोई भी कोई भी उस लडकी के तहत हमारे पास आए । अगर बात करें तो उसे एक या दो वाक्य से अधिक बात मत करना । उसे धन्यवाद करूँ और आगे बढ जाता हूँ । तो मेरी बात सुन नहीं हूँ । मैं कोई बच्ची नहीं हूँ, यहाँ नहीं हूँ लेकिन तुम काफी देर तक एक अजनबी से बात करती रही हो तो मेट्रो स्टेशन से यहाँ तक की थोडी जानती हूँ । कोई कुछ भी कर सकता था । मेरे कहने का मतलब यही है कि तुम अजनबियों से बात नहीं करो किया और तुम्हारी शंकाओं के बावजूद तुम्हें किसी नदी से लिपटी तमन्ने, अपनी आंखें, दवाई तो मच्छर सीखो और वैसा न करो जैसा मैंने किया । तभी दरवाजे पर दस्तक हुई और उनकी माँ लडाई उन्होंने कुछ कुछ खाना खाने को कहा और अगर पिताजी का को चाहिए तो देने को कहा हूँ । उसको उन्हें हामी भरी और चली गई । नाम बनने आते समय अपनी माँ के पैरों को घूरकर देखा तो अपने पिता से बहस करना बंद कर ॅ । इसलिए मैं नहीं जानती हूँ कि इस की गलती थी । क्या मैं इस घर में एक दिन भी शांति से नहीं रह सकती? मुझे माफ कर दीजिए उस की माने से नहलाया और साडी के छोर से अपने आंसू पहुँचे इतने बडे प्यार से दमन के चेहरे पर हाथ फेरते हुए उसके माथे को जो मुस्कुराते हुए उसने पूछा खास नहीं कैसी है और उसकी जान के ही चल रही है । ठीक है क्या? तो मुझ से हम लोगों को नहीं मिलते होंगे । यदि तोमर वो अगर ऐसा है तो मुझे तुम्हारी चिंता कम होगी । जब सही समय आएगा तो मैं तो मैं अवश्य में जाऊंगा तो अपने काम में व्यस्त रहती है तो मैं एक साल से उसके साथ रिलेशनशिप में हो और अब तक सही समय नहीं आया हूँ । ये क्या बताऊँ? मैं हाँ ठीक है, ठीक है तो ज्यादा सही जानते हूँ ठीक है मैं उसे जल्दी ही तुम से मिलना होगा क्योंकि उसकी माने से हराया । डाॅ । ऐसा नहीं हो सकता है कि तुम अपनी पुरानी जो भी करते रहो और लेखन भी करते हूँ । हमारे बाबा दमन नियति माँ घोलकर देखा और उसकी माँ ने अपने शब्द वापस ले लिए । दिन का बाकी समय दमन ने मुझको के साथ उन्हें खेलते हुए और बैगन भाजा खाते हुए गुजारा हमको उसने पुछ को उसकी कोचिंग पर छोडा और उसे बुस तक लोकार्पण का वीडियो भेजने का वायदा किया । उसने घर खेले रिक्शा लियां तभी उसका फोन बज उठा । ऍम फोन उठाया हूँ हो कोई उत्तर नहीं आया । दस सेकंड के बाद उसने कॉल कांडी और फोन दोबारा बजाओ ऍम हो

Part 9

ऍम उनके दूसरी और किसी ने गहरी साथ नहीं । फोन काॅमन ने कॉल करने वाले को कोसा । हर जब दोबारा घंटी बजे धमने इस बार फोन साइलेंट मोड पर कर लिया और अपनी जेब में रख लिया । कुछ देर बाद जब धवन ने दोबारा फोन की ओर देखा तो पाया कि फोन पर अब भी कॉल आ रही थी तो उसने कॉल करने वाले को गाली देने के लिए फोन उठाया । ऍम हो कोई भी हो, ऍम तो ऍम बोल रहे पुस्तक लोकार्पण समारोह का निमंत्रण भेजने के लिए शुक्रिया । मुझे लगा था कि तुम मुझे अलग से निमंत्रण है जो कि ईमेल नहीं तो मुझे लगता है कि हम लोग इन बातों से अलग निकल गए । मीना आगे निकल गए हैं । हैं ना? माफ कीजिए तुम्हारे निमंत्रण पत्र पर छपे ग्राफिक्स इतने अच्छे नहीं, लेकिन तुम कभी भी डिजाइनिंग में मजबूती नहीं रहे हो । तुम तो शब्दों के बाद क्या हो हूँ उनके उस ओर से किसी लडकी ने गाॅधी आज मैं कहा उसका उच्चारण का भाषा लच्छेदार थी और सर्दी अधिकार था । माफ कीजिए कौन बोल रही हैं तो कुछ जानते हो । दरअसल में तो मैं बिल्कुल भी नहीं जानता हूँ । क्या हर प्रेमी उन जादूई शब्दों को नहीं सुनना चाहता हूँ । लडकी ने कहा उसकी आवाज में खनक थी कॅश का ये सब क्या बकवास है तो मैं तुम्हारी फैन और प्रेमिका ऍम काट रहा हूँ तो सच में ऐसा करोगे । हाँ, मेरा समय बर्बाद करना बंद करो और दोबारा इस नंबर पर पांच मत करना । मुझे लगता है तुम्हारे लिए इतनी चेतावनी पर्याप्त है । धमने का ऍफ नजर आ रही है तो उस तक के विमोचन नहीं क्या तो बदल दिया है । हमारी बहन तो कह रही थी ऐसा कुछ भी नहीं है । बहुत ऍम तो उसे ट्यूशन की जरूरत नहीं है । मैं आप से कह सकती हूँ कि वहाँ पे टीचर से ज्यादा समझता रहे है । तुम्हारी तरह सुंदर दी है कॅाल सूरत में अपनी वहाँ पर गए वो दमन का माहौल खुला रह गया क्या तो इसके बारे में बात कर रही हो और काम कैसे? तुम ऍम कृप्या तो जानते हो कि इससे मुझे क्या या आधार आए । मैं फोन काट रहा हूँ । आॅडी के नाम से मत बुलाना । इस बल को ढहते हुए दमन गुस्से से फट पडा । मैं बात खत्म करने जा रहा हूँ । कोई मजाक नहीं चल रहा हूँ । आज के बाद यही तो मेरी बहन के आस पास भी देखी तो लडकी खींचने फोर देती है और फिर जोर से ठहाका लगती है । कुछ देर बाद बैठा के छुट्टियों में बदल गए । दमन फोन बंद करना चाहता था, पर न कर सका । कम से कम उस बारे में तो तुम बिल्कुल सहयोग । फॅमिली मजाक नहीं है क्या? तुम्हारे तो सपने मजाक ऍम जिसमें मैं मर जाती हूँ । कौन हो तुम? तो क्या मुझे तो मैं बढाने की जरूरत है कि मैं कौन हूँ? उसकी आवाज गंभीर हो गयी । बोंदर लडकी के होने की आवाज आ रही थी । धवन को रोने की आवाज पर कोई संदेह नहीं था । मुझे कॉल तुरंत कर देनी चाहिए था । मैंने कहा तो उस तक लोकार्पण में नहीं जाना चाहिए जितनी बाहर में । उस दिन धोनी केदार के बारे में सुनती हूँ । मेरठ उल्टा उल्टा हो जाता है तो मुझे नहीं पता कि मैं तो मैं कभी इसके लिए माफ कर पाऊंगा या नहीं तो तुम ने ऐसा करने के लिए स्वयं को तैयार कैसे किया तो अपनी ही प्रेम कहानी का अपमान कर रहे हो । क्यों वो मैंने तुमसे ऐसी उपेक्षा नहीं की थी । लेकिन मैं अभी तो भी क्यों चाहती हूँ । ॅ समय को याद करती हूँ । मैं अभी अपनी अंतिम कार यात्रा के बारे में क्यों सोचती हूँ अपनी अंतिम कार यात्रा मुझे भी तुम्हारी तरह तो सपना ऍम मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि तुम किस बारे में बात कर रही हो । धमाल नहीं कहा मैं उस दोस्त के बारे में इसमें मैं मर जाती हूँ । काश की ऐसा हुआ होता । सदस्यों बहुत हुआ हूँ मैं तो मैं पुस्तक लोकार्पण में मिलूंगी । यही तो अभी पुस्तक लोकार्पण में जा रहे हो तो मैं तो मैं बहुत प्यार करती हूँ । अपने फोन को खोलता है । गया अब आपका छुट्टी हुई उंगलियों से उसने हमने को फोन लगाया । तीसरी रिंग पर ही अपनी नॅान हूँ मीटिंग में हूँ । अपनी ने फोन पर फस बताते हुए कहा मैं तो मैं एक घंटे में फोन करती हूँ । होके धवन ने कहा और फोन काट दिया यदि मैं अपनी नहीं ऍम

Part 10

भाग ऍम ने अपनी पहले किताब का ज्यादातर हिस्सा ब्लॅक जोकि कनॉट प्लेस के बाहरी घेरे में स्थित है । वहीं बैठकर लिखा था अब मैं वहाँ पर ब्लॉगर नहीं रिलीज हुई किताबें ढूंढा करता है । सप्ताह के कार्यदिवसों में ब्रिटिश काउंसिल लाइब्रेरी में इतना सन्नाटा पसरा रहता है कि किसी भी कोने में बैठ कर लिख नहीं पडने का कार्य आसानी से किया जा सकता है । यहाँ का वाईफाई भी तेज गति से काम करता है । फॅमिली से अतिरिक्त मीठी कॉफी दिए हुए हैं और के साथ चिकन बर्गर खाये हुए तो उसे एक घंटे के ऊपर हो चुका था लेकिन फिर भी उस की लिखने की इच्छा नहीं हुई थी । बार बार है । उसी फोन कॉल के बारे में सोच रहा था ऍन उसकी नहीं हो सकती । किसी भी सूरत में कॉल उस की नहीं थी । उसको मत से कोई लेना देना नहीं है । फोन पर उस लडकी ने ही बकवास की थी । उनके बीच कुछ नहीं हुआ था । मेरे लेंगे पर उसकी खूट क्या बकवास है । अगर ऐसा हुआ होता तो मुझे हूँ । वो याद होता रहे । अपने और श्री इसी के बीच हुए पुराने ईमेल वार्ता लाभ को सर्च करता है । ऐसी मैं लडकी थी । जिस सभी नफरत करते थे और उस से दूर रहने को कहते थे । लेकिन फिर भी ऍम मैं ठीक हूँ ना पूछने के लिए शुक्रिया । पत्र की शुरुआत में ऐसा कहना देश होगी तो नहीं है ना । लेकिन तुम्हें पता होना चाहिए कि अपने दोस्तों और इंद्रियों के मना करने के बावजूद में तो मैं ईमेल कर रहा हूँ । इंद्रियों के बारे में बात करना भी मेरे लिए विचित्र है । हाल ही में मैंने दोबारा ऐसा करना शुरू किया है । तुम्हारे साथ की गई उस कार यात्रा के बाद मुझे छह माँ अस्पताल में गुजारने पडे और कुछ महा । उसके बाद पुनर्वास चिकित्सा में इस दुर्घटना नहीं मेरे शरीर और दिमाग को तोडकर रख दिया । मैंने सोचा कि मैं तुम्हें इस बात से अवगत करा दो मुझे तुम्हारी फॅमिली तो मैं बता दूँ कि है उतना ही कठिन था जितना कि मेरा इलाज और उस दुर्घटना में तुम कितने घायल हुई थी । मुझे बताया गया की हल्के फ्रैक्चर के बातों में अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी । ऐसा लगता है कि मुझे ही ज्यादा भुगतना पडा तो तुम्हारा कॅरियर जो भी हुआ उसके लिए मुझे माफ कर दो । दुर्घटना के बाद में ठीक हो गई थी । ऍम तुमने मुझे सडक से हटाकर लगभग मार डाला था और ऍम कितना का उतार दिया ऐसा मैंने जानबूझ कर नहीं किया था । सामने से जो टैक्सी आ रही थी वो गलत साइट पर थी । दुर्घटना के लिए बोल पडो तुम्हें क्या लगता है कि मैंने रिपोर्ट बडी नहीं हो गया । मैंने ठीक से बडी है लेकिन हम पीछे हुए थे है ना मुझे जो थोडा बहुत उस रात के बारे में आप है । उसके अनुसार मैंने तुम्हारे साथ थी । खैर मैंने तो मैं दोष देने के लिए मिल नहीं किया हूँ । दोस्त उस टैक्सी ड्राइवर का है पर मैं मर चुका है । बोहोत कहा कि एक तो खूब पीने से मुझे चढ नहीं गई थी ये कहने का क्या था पर है तो मुझे लगता है हमें मिलना चाहिए क्यों? तो मैं संकर कुछ अजीब लगेगा पर कभी कभी मैं तुम्हारे बारे में ख्वाब देखता हूँ । कभी कभी में दो सपने होते हैं जो दुर्घटना के बारे में होते हैं या तो मैं भी ऐसे सपने आते हैं । पीटीएसडी और हल्का स्मृति लोग है । हालांकि में पर्याप्त ठीक हूँ । बच्चे दवाइयाँ खानी पडती हैं । नहीं तीन । सबसे हादसे पदक बात तो ये है कि मुझे तुम्हारा चेहरा भी या नहीं है । ठीक है फॅमिली स्मृतियां मुझे तुम्हारे उसका अलेवा घने बाल और रूप से जली हुई त्वचा याद है । पर हर सपने में चेहरा बदलता रहता ऍम इंटरनेट पर तुम्हारी तस्वीर खोजने की बहुत कोशिश की । बहुत पर लगता है की तो मैं सोशल मीडिया कोई खास पसंद ही नहीं । नहीं क्या तो अभी स्टार्ट अप कंपनी में काम करती हूँ । मैंने कभी किसी स्टार्टअप कंपनी में काम नहीं किया हो । क्या तुम भी रोमन साम्राज्य के बारे में किताबें पढ रहे हो या तोलंबिया के प्राचीन इतिहास के बारे में बढ रही हूँ । ऍम कम से कम उत्तर तो दे दो । नहीं इतिहास नहीं पडती कि शिव तुम्हारी कल्पना मात्र है । वो मेरी बात किस्मत है । मैं जसराज के बारे में बहुत धुंधली सियाद है । मैं कोई और रहा होगा । मैं दिमाग में कई बातों का घालमेल हो गया । मैंने कुछ दिन पहले ही ब्लॅक फिल्म देखी और अगले ही सपना मैं तो मुझे बता रही थी कि तुम ट्रेनी पायलट हो । मेरी बदकिस्मती पैसे यही तो बुरा ना माने तो क्या तो मुझे अपनी फोटो भेज सकती हो । मुझे हल्की सी याद है । आॅल सकता है कि मैंने गलत सपना देखा हूँ कि कहाँ में मैंने तुम्हारी तस्वीर ली थी । क्या पूरी तरह टूट गया था तो वो समान मुझे सुनकर अच्छा लगा की तो अब ठीक हूँ लेकिन हमें उस दुर्घटना को पीछे छोड चुकी हूँ । हमें आपस में मित्रता रखने की जरूरत नहीं है ना ही करीब आने की जरूरत है । बॅालीवुड भाग्य पोर्ट साबित हुई । भविष्य में मुझे ईमेल मत करना, अपना ख्याल रखना, दवाइयाँ लेते रहना । इसके अलावा मुझे माफ करना, अलविदा शुभकामना मैंने कोशिश की की तो नहीं मैं ना करूँ तुम्हारी मेल कुमार छह हो गए मेरा आखिरी मिल हो सकता हूँ । मैं चाहता हूँ कि तुम रेसलिंग को देखो ऍम ऍम हूँ । मैंने कुछ महत्वपूर्ण भी लिखना शुरू किया है और मेरी कुछ पोस्ट काफी चर्चित रही हैं । मैंने बिना तुम्हारी अनुमति लेनी है तुम्हारा और मेरा नाम स्पोर्ट में लिखा है लेकिन कोई चिंता की बात नहीं है । सिर्फ काल्पनिक है कि अभी कोई पूछता भी है तो मैं आपसे यही कहता हूँ की है पात्र काल्पनिक है अगर तुम पढना तो मुझे सूचित कर देना । ॅ उसने इस ईमेल का कोई उत्तर नहीं दिया । इस मेल के बाद भी उसमें कुछ और ईमेल को डिलीट कर दिया ताकि उसे दोबारा ना पढना पडेगा । फॅसने अपनी ईमेल से लॉग आउट किया तथा इंटरनेट पर कुछ ब्लॉक हो स्टार्ट पडता रहा हूँ ताकि उसका दिमाग श्रेयसी से हट सके । ॅ लेख पढ रहा था जिसमें बताया गया था कि टॉयलेट में फ्लश की गयी गोल्ड फिश खुली ढील ने बहुत विशाल खाये हो सकती है । यहाँ तक की पूरी झील पर ही कब्जा कर सकती है । तभी उसके कंधे को किसी ने हिलाया हूँ । भाई बढते हुए मैं बोला फॅमिली मुझे माफ करें । पिछले एक जैसे तो मैं देख रही थी । मैं सोच रही थी कि क्या तो दमन हो तो हो ही नहीं हूँ । उसने सहमती देने के लिए एक पल का समय लिया हूँ । मैं तय नहीं कर पा रहा था कि इस पर क्या प्रतिक्रिया गर्व करेगी । ध्यान ही नहीं दे । उसे है भी लगा कि कहीं कोई मजाक तो नहीं हूँ । उसने लडकी को काफी डिस्पैंसर के पास लगभग बीस मिनट पहले देखा था । अगर आपको कोई ग्राहक ना हो तो मैं तो हूँ नहीं है क्या क्या करती हूँ कभी कबार उसने ॅ समझ नहीं आ रहा था की उन दोनों के बीच होने वाली वार्ता लंबी होगी । आज आप कीजिए नहीं मैं तो बर्बाद नहीं कर रही है । नहीं नहीं कोई बार नहीं बताइए तो हम ने अपने लाख तक को बंद करते हुए ऍम आॅल मैंने तो सकता पूर्व आपके किताब पढी थी कॅश धमन बस कराया तो हरी किताब पढने का परामर्श एक लडकी ने दिया था । ऍम उसने बताया था कि एक संपादक की कहने के बाद तुमने उन दोस्तों को एक साथ क्रमिक रूप से रखा है । किताब के रूप में प्रकाशित कराया । ये खाना तो बहुत अच्छा किया । ऐसा बहुत कम लोग कर पाते हैं । स्वयं पर थोडा गर्म भी हुआ हूँ कि एक सुंदर सी लडकी उसकी पाठक है । लडकी ने बोलना जारी रखा । फॅमिली लिख लेती हूँ लेकिन मुझे नहीं पता था की मैं आपको लेखक हॅारर नहीं हाॅग लिखती हूँ मेरे दोस्त कहते हैं कि मैं ऍम पर देवर समीक्षा करने का हूँ । मैं जानती हूँ की आपके लिए कितना उबाऊ काम हो सकता है । लेकिन नहीं जाना चाहती हूँ कि आपने शुरुआत की से की थी ही मैंने आपकी किताब उठाई हो, आपका शुक्रिया । धवन ने कहा उसे समझ नहीं आया कि वह और क्या कहें तो हो नहीं । शुक्रिया तो मुझे आपको कहना चाहिए लेकिन क्या मैं आपसे प्रश्न पूछ सकते हो या दिया बुरा ना माने तो हाँ और तुझे हाँ फॅमिली तो उसने मुझे आपकी कुछ फेसबुक पोस्ट पीछे जो उसके लाख टॉपर सुरक्षित थी । ढील पर हस्ताक्षर होने के बाद जयंती ने धमान से उन दोस्तों को डिलीट करने को कहा था । लेकिन इसके पहले की मैं डिलीट कर पाता । उन्हें लोगों ने काफी कर के अलग अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दिया था । मुझे लगता है कि तुम्हें कितना आपसे ज्यादा वो पोस्ट पसंद नहीं है । आप से किसी ने पहले दिखाए क्या? लडकी ने उत्सुकतावश पूछा तो हम मुझे बताया गया था । कई समीक्षा यही बात कह रही थी । जिन लोगों ने मेरी बोझ पडी हैं बढेंगे दाम उतनी पसंद नहीं । लेकिन जिन लोगों ने पोस्ट नहीं पडी कोई अंतर नहीं पाते । कई लोगों को तो नहीं ही पसंद नहीं । लेकिन आप इस बात से खुश नहीं नजर आ रहे । मैं कटाई कोष नहीं हूँ । मैं अपनी किताब के पहले ड्राफ्ट को प्रकाशित कराने के लिए जलते हुए कोयले पर मैराथन दौड सकता हूँ । किताब आ जिस रूप में ना मैं कुछ खास नहीं है लेकिन किताब अच्छी तरह से बिक रही है इसलिए लगता है कि ठीक ठाक होगी । अगले किताब को लेकर मैं ज्यादा सावधान होंगा हूँ । दमन ने ठंडी सांस लेते हुए कहा हूँ लेकिन कैसा होता है? दमन गुस्से से भरकर बोला संपादक लोग लेखकों से उनके पात्रों को बदलने को कहते हैं । नहीं ॅ हूँ ही कह रही हूँ की क्या ऐसा अक्सर होता है कि लोग आपके पास आकर ये कहते हैं कि उन्होंने आज की किताब पढी है । ऐसा होता होगा ना? ऐसा पहले सिर्फ एक बार हुआ है । उस ने कहा तो थोडा नजदीक आते हुए मैं बोली ऍम आपको मैं बता ही नहीं बल्कि मेरी बहन से मिली थी और उसने निश्चय बोलना कहा था । उसने थोडा सा मेरी बहन का समय बर्बाद किया था । मैं बता नहीं सकता कि मेरा अनुभव कैसा रहा हूँ । लडकी नहीं को समझाते हुए कहा आपको अपने पाठकों के प्रति थोडा सम्मान का भाव रखना चाहिए । आपको राम की किताब को पसंद करती होगी और आपकी नजदीक करना चाहती होगी । आपको तो उसके प्रति आभारी होना चाहिए । हो सकता है अब ठीक है जब कोई लेखक आपने बैठकों का मजा ऍम तो मैं जरूर विरोध दर्ज करती हूँ । उसने कहा दुर्भाग्य अपने हाथ खडे करते हुए धवन ने कहा माफ कीजिए मैंने का नाम नहीं पहुँचा हूँ । मैं लिया थी वो हिन्दू कॉलेज में । प्रथम वर्ष इस साहित्य की छात्रा धवन ने दोबारा स्वयं का परिचय दिया । आपस में बात करते हुए ऍम नहीं नहीं जानती की लेकिन कोई ख्वाब है यहाँ की करूँ लिखना मुझे बहुत पसंद है । आप सच में भाग्यशाली है । मैं भाग्यशाली नहीं बल्कि प्रतिभावन ऍम के लिए उसने धमान को काफी देते हुए कहा । धवन ने काफी लेने से इनकार किया । उसने कहना है जारी रखा हूँ, मैं बाहर जाने के लिए उत्सुक हूं । क्या आपकी के कहा की मुख्य पार्टी श्रेयसी का क्या ऍम इत्र से रहे थे? मान ने इंकार में सिर हिलाते हुए कहा, किताब में दर्शाई गई श्रेयसी और मेरे फेसबुक पोस्ट वाली श्रेयसी दोनों काल्पनिक है । किताब में दर्शाई गई वाली मेरी संपादक के दिमाग की उपज आए और हर किताब को एक फार्मूला बाॅधने बदलना चाहती है, लेकिन मेरी पोस्ट में देखने वाली शेयर ही पूरी तरह काल्पनिक है । कॅर मैंने तो मेरे मन में एक और प्रश्न आप किसे चुनेंगे अपनी पुरानी श्रेयसी को और आप किताब को अपनी जयंती रघुनाथ के श्रेयसी और हेड किताब को धमान उत्तर देने के पूर्व एक पल को ठहराऊं उसकी जो पीने उत्तर स्पष्ट कर दिया । आपको डर देने की आवश्यकता नहीं है या नहीं? कहा लगता है अपनी पहली श्रेयसी को अब ज्यादा पसंद नहीं करते । मैं सच में पसंद करता हूँ । ठीक है चलो मान रहे थे की जयंती रधुनाथ एक वैश्याएं भी ठीक है वो तो हम को समझ नहीं है की इस बात पर क्या करें । लेकिन जल्द ही वाॅक मैं दोनों रीडिंग रूम के होने वाली मेज पर आमने सामने बैठे थे जिससे वो एक दूसरे को ठीक से नीहार पा रहे थे । धवन समझ पा रहा था कि उनकी मुलाकात किस दिशा में जा रही है । वो यहाँ सुंदर थी । उसके काले घने वाल, लंबे बाल और उसकी गेहुआ चमकदार त्वचा उसे आकर्षक बना रही थी और लेखन की शौकीन थी । अगले आधे घंटे तक मैं ये बात करते रहेगी क्या लेखन सिखाया जा सकता है और एक समय ऐसा भी आएगा जब किताबे गुजरे जमाने की चीज होंगी और रेखा को पूरी कहानी सिर्फ एक सौ चालीस अक्षरों में पूरी करनी होगी । धमाल आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा लेकिन अब मुझे जाना होगा । आपको जब का नंबर देंगे ताकि हम दोबारा मिल सकें । अपनी किताबें बटोरते हुए मैं बोली । धवन ने सहमती में श्री लाया और अपना नंबर दिया । उसने भी रिया का नंबर लिया हूँ । ॅरियर ने दमन के फोन में झांका और आंखें मटकाते हुए कहा की फॅमिली अपनी गलती सुधारी और उसका नंबर से क्या है? उसके साथ लाइब्रेरी के दरवाजे तक गया । धीरे धीरे वहाँ फिर से सन्नाटा पसर गया और दोनों के मांत्रिक तो स्पष्ट रहेगा । आकर्षण उभर रहा था और वह दोनों समझ रहे थे । वो ऑटो में बैठने ही रही थी कि दमन उसकी ओर मुॅह सुनु शनिवार को ऑक्सफॉर्ड बुक स्टोर पर मेरे सपनों की लडकी पुस्तक का लोकार्पण हैं हूँ क्या तुम्हारी प्रेमिका भी आ रही है? उसने मुस्कुराते हुए पूछा हूँ अमन भी उसे देखकर मुस्कराया । अपनी ऍम रखना आपने आउंगी और ऍम होंगी । मैं बोली वो आपस में गले लगे और एक दूसरे को लेखन के लिए शुभकामनाएं देने लगे तो चला गया वो लडकी के बारे में सोचते हुए ऍम अपनी मेज पर लौटाऊं । उसने अपना लैपटाप खोला और माइक्रोसॉफ्ट वर्ड खोला हूँ । उसके दिमाग में अब भी वो लडकी कौन रही थी? मैं उससे कोई बातचीत को याद करते करते मुस्कुरा रहा था । एक का एक ही टप गया । उसकी मुस्कान गायब हो गई तो उसे कैसे मालूम था हूँ क्या मैंने उसे बताया । उसने अपने मस्तिष्क में पूरी बात भी दोहराई । उसने रिया को बिल्कुल भी नहीं बताया था कि उसके संपादक का क्या नाम है लेकिन भी नहीं जानती थी । क्या उसने अखबार में पढा था और आपका वर्ष सामान्य उस लडकी का नंबर डायल किया । दूसरी ओर से फोन पर ये आवाज सुनाई दी कि वे नंबर अस्तित्व में नहीं है । अगले पंद्रह मिनट तक गूगल पर रया हिन्दू कॉलेज प्रथम वर्ष खर्च करने पर भी है । कोई पडेगा हादसा नहीं हुआ हूँ । उलझन में उसने ब्रिटिश काउंसिल के रजिस्टर पर की गई ऍम एरिया के नाम की कोई एंट्री नहीं थी । रजिस्टर पर सुंदर सीकर से भेंट राइटिंग में एक एंट्री थी जो अलग से पहचान में आ रही थी । ऐसी अंतिम तीन किताबें जो उसने पुस्तकालय से जारी कराई थी उनमें थी जयपुर स्लम द बायोग्राफी ऍम और दी ऍम उससे कोई मतलब नहीं हुआ । उसने आपके हाथों से अपने फोन को खंडाला और श्रेयसी को एक में लिखा । उसने पिछले एक साल से श्रेयसी को मिल नहीं लिखा था । ऍम दो श्रेयासी बोसॅन । अब तो मैं फॅमिली या ना कि मैं कैसी दिखती हूँ । शिवरात्रि

Part 11

था । क्या रहा हूँ वो? छब्बीस वर्षीय श्रेयसी बोस ने ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित आपने तीन बैडरूम डाॅट के हमले में बिक्री बडी बीयर की बोतलें, थाली, गिलास और प्लेट अभी अभी साफ किए थे । बोतलों को उसने दरवाजे के किनारे एहतियात के साथ खडा कर दिया और बाकी चीजों को किचन के सिंक में बिना शोर किए हुए डाल दिया । वो नहीं चाहती थी कि पीकर गहरी नींद में सोए हुए उसके पति की नींद में खलल पडे । इसके बाद उसने कमरे में फैली शराब और खाने की गंद को दूर करने के लिए कुछ अगर बत्तियां जला दी मात्राओं में उसका बता अब हल्के गुनगुने पानी से भरा हुआ था । उस ने बाथरूम का दरवाजा अटकाते हुए अपने कपडे उठा रहे हैं । जब भी उसके पति लौटे थे भाई तुम ही उसकी आरामगाह हो जाता था तो शीशे में अपनी छवि देखकर मुस्कराएं उसके स्तन उन्नत वह दृढ है और उसकी जाएंगे । रोज सुबह आया हम करने के कारण और हो गई थीं । ज्यादा व्यायाम कर मिलने के कारण उसके हेमस्ट्रिंग मांसपेशी आप भी दर्द कर रही थी । दवा की अलमारी से उसने आने को संगठित करने वाली गोलियां निकलीं जो उसके पति जॉर्डन या शायद चली से लाये थे । उसने कुछ गोलियों को पानी में मिला दिया । उसने अपनी एडी को पानी में ये जाने के लिए हल्के से डाला की कहीं पानी गरम तो नहीं फिर आॅफ पानी में उतर गई । आनी उसकी उम्मीदों से कुछ अधिक गरम था तो अच्छा लगा । मैं उस टाइम मैं आ रहा हूँ से आंखे बंद करके लेट गयी । उसकी थकान व्यक्ति हुई सी लगी एक लम्बा था । दो वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी । उसके पति छह हाँ लंबे अपने कार्य दायित्वों को पूरा करके लौटे थे । उन्होंने बिना उससे पहुंचे ही अपने पांच मित्रों को सपनी अपने घर पर आई पी एल मैच देखने के लिए निमंत्रण दे दिया था । हालांकि मदिरा और भोजन बाहर से मंगवा लिए गए थे । फिर भी श्रेयसी को उन्हें पर उसने आदि में बहुत कम करना पडा जबकि उसके पति सोचे पर्पस ले हो गए दोस्तों से कपडे लगाते रहे । उसने उन्हें मदद के लिए सिर्फ एक बार पुकारा लेकिन उसके एक मित्र की पत्नी बीच में टपक ते हुए बोली ऍसे समुद्र पे काम कर रहे थे तो थोडा आराम करने दो ने ऐसी का मन हुआ कि शराब की वो तल उसके सर पर दे मारे । टूटी हुई बोतल उसके गले में घुस गया और गले से रक्त के फव्वारे निकलते हुए देखें तो क्या लगता है कि मैं इन छह महीनों में मटर गस्ती करती रही? जब महिला वाशरूम गए तो श्रेयसी ने विद्वेष और अपनी पुरानी आदत के कारण उसके फोन में ओटीजी कनेक्टर लगाकर सहारा डेटा अपने फोन में ट्रांसफर कर लिया । डाटा ट्रांसफर करते समय उसे उस महिला के मोबाइल में ऐसी बहुत सी ई मेल और तस्वीरें नजर आई थी, जो उसने अपने बॉयफ्रेंड को भेजी थी । श्री सीनियर उन सभी को एक फोल्डर में सेव कर लिया और एक नाम दे दिया तो बडी प्यारी हो । छह सीधे उन महिला से कहा ईश्वर करे, तुम लोगों के बीच कुछ भी नहीं आएगा । उसने अपने पति को बहुत से जकड लिया और मुस्कुराई, अगर वह महिला पूरी पार्टी के दौरान उसके साथ कमी से पेश न आई होती तो अब तक मैं सारे ही मैं और तस्वीरें उसके पति को भेजकर उनका वैवाहिक जीवन बर्बाद कर चुकी होती है । ऐसी लोगों की कहीं बातों पर यकीन नहीं करती थी । उसका मानना था कि लोगों का सही चरित्र उन ईमेल और संदेशों में सामने आता है, जिसे पांच वर्ड के अंदर छुपा कर रखते हैं । पार्टी के समाप्त होने तक उसके फोन के छोटे से फोल्डर में उन सभी मित्रों के बारे में जानकारियां एकत्र हो चुकी थी जो उस पार्टी में शामिल हुए थे । वो बॉर्डर में सारी जानकारियां अक्सर और कार्यक्रम के अनुसार संयोजित की गई थी । पार्टी में शामिल होना आठ लोगों का मिलाकर उस फोल्डर में कुल छह सौ तिरालीस नामों व्यक्तियों के बारे में जानकारी एकत्र थी । लोग जितना नशे में धुत और थके हुए होते हैं, वो अपने फोन पासवर्ट को लेकर उतने ही लापरवाह हो जाते हैं । बस एक बार उनका फोन आपके हाथ में आ जाए । ओटीजी कनेक्टर की सहायता से सारी जानकारी दूसरे फोन में अलग झपकते ही ट्रांसफर की जा सकती है । उनके सारे गोपनीय और व्यक्तिगत रहे हैं, जिन्हें अपने चार अंक के पांच वर्ड है । चित्र, फोन, लोग, संदेश, आदान प्रदान, ब्राउजर इतिहास में छुपाए रहते हैं । आपके पास आ जाते हैं । ये इतना सरल है जैसे किसी बच्चे से ट्रॉफी लेना । जिस समय उसके पति के मित्र नशे की धुन में अपने जीवन के सुखमय होने का बखान कर रहे होते थे, मैं जानती थी कि उनकी सच्चाई क्या है । कान अपने पति या पत्नी को धोखा दे रहा है । किसने गर्भपात कराया है । किसने अपनी पत्नी से बंदे हाथों से सिख किया और केन सेक्स मुद्राओं का प्रयोग किया । मैं सब जानती थी वो सब की राज जानना जरूरी समझती थी क्योंकि कौन जानता है । हो सकता है ऐसा भी वक्त आया जब उसे इस जानकारी की आवश्यकता में है तो ये आश्चर्यजनक बात थी कि इन दो वर्षों के वैवाहिक जीवन में उसके पास अपने प्रिय पति के बारे में कोई गोपनीय जानकारी मौजूद नहीं थी । अगर उसके पास अपने पति के बारे में कोई भी जानकारी होती तो वहाँ से कभी शादी नहीं करती । लेकिन उसका पति सावधान था और उसके माता पिता का धैर्य जवाब दे रहा था । कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था । दमन के कोमा से बाहर निकलने के कोई भी संकेत डॉक्टरों ने नहीं दिए थे । इंतजार करने में कोई समझदारी नहीं थी । मैं लगभग मर चुका था इसलिए वह शादी के लिए तैयार हो गई । लेकिन दमन अपनी लम्बी निद्रा कोमा से बाहर निकल आया । ऍफ नाम याद रहा कि केवल उसका नाम ऐसी । उसने बात तब के कोने में रखी जल्दी हुई टी लाइट को उठाकर अपनी हथेली पर रखा । अल्मुनियम केसिंग इतनी गर्म हो चुकी थी कि उसका हाँ चलने लगा । उसने अपनी उंगली से ही लाइट की बत्ती बुझा दिया । उस की नमाज एक बच्चा पर सोना हो गया । तब का पानी भी ठंडा हो चुका था । तब से बाहर निकली और तौर से अपना बदन पहुंचने लगी । अच्छा उसने एक सप्ताह पहले ही खरीदा नाइट्स वोट पहन लिया । इससे उसके चेहरे पर मुस्कुराहट ठहर गई तो कमरे में आई टीवी चलाया और आराम से मिस्टर भर पर चढ गई । उसने अपना फोन उठाया और सैकडों फोल्डरों में समाहित ऐसे कई लोगों के रहस्य का डेटा सर्च करने लगी जिसे उसने वर्षों में अपने अध्यापकों, सहकर्मियों, मित्रों और परिचितों के फोन से चुराया प्राप्त किया था । मैं अपने फोन के बटन के हल्के से इस्तेमाल है । कई लोगों के संबंधों, रोजगार, मित्रता और जीवन में भूचाल ला सकती थी । अचानक उसकी निगाहें ऐसे फोल्डर पर पडी जिसे उसने शुरुआती दौर में बनाया था । युद्ध हमरा ले बाल और मोहक मुस्कान वाला ने । लड कम दमन से पहले उसका पहला प्यार था । गया उस समय ग्यारहवीं कक्षा में थी और वह नया एडमिशन था । मैं बंगलौर से दिल्ली आया था और उसकी भाषा में एक अलग स्वर्ण था जिसका सभी मजाक बनाते थे परंतु वह नहीं । पहली नजर में ही वह समझ गई थी कि उनमें करीबी हो जाएगी । उसकी अंतरात्मा ने ये कहा था कि वह उसे चाहे प्रेम करे और बाकी दुनिया से बजा कर रखें और ऐसा ही किया । उसने उसके लिए क्या क्या नहीं किया । अगर वेस्टलैंड काउंसल के सभी सदस्यों के बाद में पहुंच सीडी ना डालती तो रूद्र कबी पि ऍफ नहीं बन पाता । अगर वॉलीबॉल टीम के पहले मैं जुला न मिलाती तो उधर का चयन वॉलीबॉल टीम में संभव नहीं होता । इसके बावजूद जब उसने पहली बार अपनी प्रेम का इजहार किया था तो उसने उसे पागल कहा था । हालांकि उसने श्री इसी के प्रेम में उसकी शारीरिक जस्टा को भाग लिया था । उसने कहा भी कि वैश्विक उसी से प्यार करता है और सिर्फ इसलिए उसने स्कूल बस में प्रतिदिन अपनी स्काट में हार डालने क्या उसे अनुमति दे रखी थी । जब उसे लगने लगा कि उनके बीच सब ठीक चल रहा है तो उसने कीर्ति से नजदीकी बढाना शुरू कर दी । उसने अपने बिखरते हुए बिहार को वापस पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए । गर्मी की छुट्टियों से ठीक एक दिन पहले उसने रूद्र को पुरूष वाशरूम में कीर्ति के नाम से बुलाया जोकि एक दम कोने में सुनसान जगह पर था । जहाँ का भी कोई नहीं गया था, चार दिन उस जगह पर बन रहा है । वो बेहद दोगुना और कमजोर हो गया था । कीर्ति को स्कूल से निकाल दिया गया और श्रेयसी ने रूद्र को दोबारा स्कूल में नहीं देखा । रूद्र के स्कूल जीवन के दो वरिष्ठ खराब हो गए । अंतिम बार जब श्रेयसी ने उसके प्रोफाइल चेक की थी तब है कोयंबटूर की किसी कॉलेज में एमबीए करने के लिए भटक रहा था । ऐसी ने सोचा पहला प्यार हमेशा जटिल ही होता है और आपकी मिलते हुए उसने फोल्डर बंद कर दिया । जैसे ही उसका पति लडखडाते हुए कमरे में आया उसने फोन को एक कोने में रख दिया । सीधे उसका हाल पूछा । विश्व ऐसी को देखकर मुस्कुरा दिया । उसकी आंखों में शरारत थी । उसे आप भी चढी हुई थी । पिछले चाय माँ से शेयर सीने अकेले ही उस बिस्तर पर रातें गुजारी थी । उसके सपने में हमेशा दमन रहा करता था । लेकिन अब उसका पति मौजूद था । उसके पति ने उसकी ओर अपने हाथ फैलाए । श्रेयसी ने टीवी बंद कर दिया । उसने भी अपना हाथ बढाकर अपने पति के हाथों में दे दिया । तब जाकर उसे एहसास हुआ कि उसका हाथ कितना ठंडा हो गया था । मैं उसे थामकर गलियारे से होता हुआ सैंसेक्स तक ले गया । मैं तुरंत कम्बल में घुस गई । वो अलग बात मिस्टर के कोने पर थी । उसके मुँह से एल्कोहल की तीखी गंदा रही थी । आई लव यू । उसने कहा तो झूठ बोल रहा हूँ । मैं जानती हूँ कोई ना कोई तो है इसके बारे में मुझे पता नहीं । उसकी जीत अब भी श्रेयसी की भूमि दी । ऐसी ने उस समय के बारे में सोचने का प्रयास किया । जब वह अपने पति के प्रेम है तो भी थी वो उसे सिर्फ इतना ही याद है कि उसका प्रेम ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहा था और आप उसे कोई स्मृति नहीं है । जितना थोडा बहुत उससे चाहती थी, वो भी धीरे धीरे लोग होता जा रहा था । उसे सिर्फ अपना अकेलापन, प्रेम ही जीवन और दो वर्ष का असंतुष्ट वैवाहिक जीवन ही लिया था । उस कोर्स मरीन इंजीनियर के हाथ उसके नाइट सूट के अंदर है । धीरे धीरे उसने उसके सारे कपडे उतार फेंके और यहाँ वहाँ फॅसने उसके होटल को कहा कि आज से खून निकल रहा है लेकिन फिर भी वह नहीं रुका । उसके हाथ नीचे की मर गए तो ठंडी पडी थी । किसी ने सोचा कि उसका पति उसे निरुत्साहित पाकर नाराज होगा । पर मैं मुस्कुराते हुए कम्बल में घुस गया । वो नशे में झूम रहा था, मुखमैथुन करने लगा और उसकी योनि को बेतहाशा की उम्र लगा । उसने उसका सिर्फ एक पोल जिसका दिया । बिस्तर के पास रखी हुई मेज पर दमन की । किताब मेरे सपनों की लडकी पडी थी । कवर पेज पर मुडा हुआ था और लेखक का आधा चित्र दिखाई दे रहा था । उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान कर गई । उसने अपनी आंखें मूंद और कल्पना करने लगी कि उसकी झांकों के बीच उसका पति नहीं दमन है । ठीक आ एक उसके शरीर ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी थी । दमन का विचार आते ही उसके शरीर में नहीं जाना आ गई तो करहाने लगे, जिससे उसके पति को भी प्रोत्साहन मिला । मैं उसकी योनि को तेजी से चोट लगा । वैभवी उसे और भीतर प्रवेश कराना चाह रही थी । ऍफ नहीं लगी थी । उसके पति ने उसका दूसरा हाथ थाम लिया था । किसी का हाथ नहीं बल्कि धवन का था । उसने अपने पति के सर पर से हाथ हटाकर दमन के चित्र पर रख दिया । तमन किताब से ही उसे हो रहा था । उसकी आंखों में नशा उतर आया था । उसके पति ने ऊपर की हो रहने की चेष्टा क्या शेयर ही बिस्तर से उतर गई उसने उसे आम लेकर बुखार वर्ष ऐसी ने पीछे बढकर नहीं देखा बल्कि अपने कपडे उठाती हुई बातों में चली गई । उसने गर्म पानी से स्नान किया । धवन की कल्पनाओं से उसे भी चरम यौन सुख की प्राप्ति हो गई थी । उसने स्वयं को पहुंचा । कमोड पर बैठकर उसने अपना चेहरा हथेलियों में छुपा लिया । उसके जीवन में जितने भी पुरुष आए थे, सभी से उसे निराशा ही हाथ लगी थी । चाहे मैं उसका पति हो या दमन दोनों को याद करके होने लगी ।

Part 12

हूँ । वो कार चला रही थी । उसने कहा कि हम किसी बात को याद करके हंस रहे हैं । बहुत का विस्की और तकि लाख की बहुत दिनों से भरा जून ऍम उसके पैरों के पास खनका । उसने बैग उठाकर अपनी गोल्ड पर रख लिया । उसने वोडका की बोतल निकाली और मेरे चेहरे के आगे हिलाने लगीं । मैंने अपना सिर हिला दिया । लेकिन श्रेयसी तब तक बोतल का ढक्कन खोल चुकी थी । उसने पीना भी शुरू कर दिया । कुछ समय बाद बोतल मेरे होठों पर भी थी । मैंने बोतल को दूर करने का प्रयास किया पर श्रेयसी उसे मेरे होटों से लगाए हुए थे । एल्कोहल का ठीक आपन मेरे पेट तक पहुंच गया था था में बोतल को आपने वो उसे हटाने में सफल हो गया । थोडी सी वो उसका मेरी टीशर्ट पर भी छलक गईं । दोनों खेल खेला पडे । मैंने सुबह से कुछ नहीं खाया था था । वो उसका सीधे मेरे सिर पर चढ गयी । मुझे थोडा थोडा कुमार होने लगा । मेरी आंखों से पानी आने लगा । मैं उसकी ओर हो गया । उसने मेरे होटों पर हल्का सा चुम्बन लिया । उसके हाथ मेरे सीने पढ हैं । मैं उसके ऊपर और झुकना चाहता था । उसने अपना सिर रोड की ओर कमा लिया । ऍफ देर हो चुकी थी तो हमारे चेहरे पर तेज लाइट पडी । उसने कार को रेलिंग की ओर मोड दिया । कार पलट गई । कुछ सेकंड बाद खून से सने हम एक दूसरे को देखते रहे लेकिन हम मुस्कुरा रहे थे कि हम जिंदा है । दमन की नींद बिस्तर गीला होने पर गली फॅमिली की वो यह लगातार सातवां दिन था जब उसने बिस्तर परसो शुरू कर दी थी । जब तक वाशरूम से बाहर आता तब तक वो अपनी दवाइयाँ ले चुका था और तीन सिगरेट भी चुका था । मैं पिछले एक हफ्ते से भाप के इंजन की तरह सिगरेट दे रहा था । हफ्ते नर्वस सिस्टम को काबू में करने के लिए मैं प्रतिदिन चार पैकेट सिगरेट पी रहा था । मैं अपने दुस्वप्नों और श्री इसी की धुंधली सी छवि में ही उलझा हुआ था । जिस दिन वैसे ऐसी से मिला था उसने पुछ को को फोन किया और उस लडकी के हुलिया के बारे में पूछताछ की जो उसे मिली थी । उस लडकी का हुलिया श्रेयसी की तरह ही था । उसे आश्चर्य था कि श्रेयसी उससे क्यों नहीं मिलती । वे नाम बदल बदल कर ही उसे मिलने का खेल क्यों कर रही है । उसे थोडा डर भी लगा हो वो भी सोच रहा था कि क्या वहीं ऐसी है इतने महाबाद मिलने पर क्या उसे कुछ महसूस नहीं होना चाहिए था उसे अभी उसके शव ऐसी होने बढ संध्या था । मैं कोई बहाने बाद लडकी थी जो उसकी पोस्ट और किताब पर श्रेयसी होने का नाटक कर रही थी । उसे इसी बात की अधिक संभावना लग रही थी । परंतु वह तो ऐसी की ईमेल आईडी का भी इस्तेमाल कर रही थी । इसके अलावा ये भी तथ्य था कि उसके परिवार और सुमित के अलावा कोई भी श्रेयसी के बारे में कुछ नहीं जानता था । यहाँ तक की अपनी भी नहीं फॅर लौट कर के आई हो वो मुझे ठीक से क्यों नहीं मिलती? हम बैठकर इत्मीनान से बात कर सकते हैं क्यूँ क्या बकवास हो रही है तो ऐसे खेल क्यों खेल रही हो? अंतिम ईमेल भेजे हुए उसे तीन दिन से अधिक का समय हो चुका था । वर्ष ऐसी ने अब तक कोई उत्तर नहीं दिया था । वो आपने डांट साफ कर रहा था कि तभी उसके फोन ने बीबी क्या? ऐसी ने आखिर उधर तय ही दिया । उसका दिल धडकने लगा और मेल बढते हुए उसके मूसे तो बेस्ट रखने लगा । ऍम खेल और क्यों नहीं हूँ क्योंकि हम अन्य लोगों की तरह हो तो इसमें कुछ समझदार है पर ये आमने सामने बैठ कर बात करना हम लोगों के संबंध पर लागू नहीं थे । ना तो मैं ये अच्छा लगता है की मैं सीधे तुम्हारे सामने आकर के थी कॅश नहीं नहीं देश ऐसी नहीं है जिसे तुम प्यार करते थे कि मुझे याद दिलाने की आवश्यकता है कि हम लोग किस तरह के प्रेमी प्रेमिका थे । इस ईमेल के साथ मैं ऍम भी संग्लन है । हमने आपस में लिखे थे तो क्या चाहते हो कि मुझे अमन और से इसी की कौन सी कहानी सबसे ज्यादा अच्छी लगती है । इसमें हम ऍसे इसी मेरे ऍम ठिकाने लगाते हैं तो उसे धमकाते पीठ के और दंडित कराते हैं और उसके ऑफिस में स्वागत कक्ष में फॅसा भले ही कभी नहीं हुआ हूँ तो यदि हमारी ऍफ तरह से समाप्त ना हुई होती तो ऐसा हो सकता था तो तुम्हारी कल्पना को सलाम हो उसे फिर से पढो । तब तो मैं समझ आएगा की हम किस तरह से अलग छोडी तो मैं वह घटना किताब में भी लिखिए लेकिन मैं अब भी तुम्हें प्यार करती हूँ । तुम्हारे सपनों की लडकी तमन्ने ईमेल पढा उसे इसमें सच्चाई नजर आई हूँ । मैं उससे सीधे आकर नहीं मिल सकती थी और ना ही ये कह सकते थे कि वैष्णो ऐसी है । ये महीनों तक उसके बारे में की गई हसीन कल्पनाओं को चौपट करने जैसा होता हूँ । फिलहाल है उसका ध्यान अपनी और आकर्षित करने और उसके दिल दिमाग को उद्वेलित करने में लगी हुई थी । उसकी पोस्ट में दर्शाई गई श्रेयसी ऐसा ही कुछ करती है । इस लडकी और फेसबुक पोस्ट में दर्शाई गई लडकी के व्यवहार बैठन में बहुत ही सामान फॅमिली लडकी थी जिसके बारे में उसने अपने दो सपनों में देखा था । वो ये रही है । धमान के दिमाग में अब कोई संदेह नहीं रह गया था । हालांकि थोडी सी निराशा थी । बिस्तर में बैठकर उसके ईमेल को दोबारा पढते समय मैं आश्चर्यचकित था कि उसे श्रेयसी के तमाम लक्षणों के सामने आने के बावजूद संजय क्यों रहा हूँ । सभी लक्षण यही इशारा कर रहे थे कि वही वास्तविक ऐसी है । वो दमन का ऐसा मानना था कि अखिलेश ऐसी को देखते ही उसकी स्मृतियों से पहचान लेगी । लेकिन उसे कुछ भी महसूस नहीं हुआ, कुछ भी नहीं । इस नीति का कोई द्वार नहीं खोला हूँ । सिर्फ खालीपन था जिसमें श्रेयसी को लेकर की गई कल बनाए, बडी थी । ऐसी वापस आ गई और सब चौपट कर दिया । उसने अपनी आंखे बंद की और उसके कहे अंतिम शब्द सुनी । अपनी अच्छा था ध्यान रखना मैं आउंगी आठ तुम्हारे आठ ग्राहक होंगे ।

Part 14

भारत चौदह वो क्या तुमने ॅ अभी सिर्फ छह बजे अपनी ने मुझे मैसेज भेजा है कि वह जाम में फंसी हुई है । अरे अन्य लोग फंसे हो सकते हैं । इसके दाव के लोकार्पण का विचार तुम्हारा था । यदि कोई आया नहीं है तो इसके लिए मैं जिम्मेदार नहीं हुआ तो लोकार्पण कार्यक्रम वो अब तक शुरू हो जाना चाहिए था । किंतु सिर्फ दस पंद्रह लोग ही आए थे जो की जयंती के विचार में एक गौर असफलता थी । धवन ने अपना फोन निकाला और अपनी को फोन लगाकर ये जानने की कोशिश की कि वह कहाँ तक पहुंची । अरे तुम कहाँ हूँ? हाँ बस आरी हूँ हर बार कर रही हूँ ऍम पहुंच रही हूँ मेरे साथ कोई है ऍम जिससे मैं अभी मिली हूँ । उसने कहा दमन को फोन से किसी के बीच बीच में बोलने की आवाज सुनाई दे रही थी वो अपनी ने बोलना जारी रखा है तो उनसे बात करना चाहती है । एकदम उतावली हुई जा रही है तो हम उसे बात करेंगे हाँ जरूर ऍम बोला उसे सुनाई दिया की आपनी उस लडकी को फोन दे रही हूँ हूँ लडकी की कंपकंपाती हुई आवाज सुनाई दी हूँ उसमें आपकी बहुत बडी हूँ कुछ तो ऍम उसने लडकी को अपनी से यह कहते हुए सुना हो ऍसे आगे चले दमन ने अपनी को ठीक है कहते हुए सुना और उस लडकी से डोड चलने लगी दमन नहीं बोलान जारी रखा हूँ मैं आप के प्रति आभारी हूँ । ऍम स्वयं को तो देखो एक विनम्र लेखक आपने दीवानी पाठक को धन्यवाद दे रहे हैं, वहाँ की थी ये ऍम छोडो कुछ ही थी इसमें तो उसे मिलने वाली हूँ तो मेरे कार्यक्रम ऍम देने उसने धमकी के स्वर में कहा उसे जानती होगी तो मुझसे मिलने के लिए बेहतर ॅ तो तुम्हारा इंतजार समाप्त हुआ अभी भी लडकी ने कहा फॅमिली लो हो गई है और उस नहीं कॅामन ने अपनी को दोबारा कॉल करने की कोशिश की परंतु फोन से चौक आ रहा था । तमन के दिल की धडकनें बढ रही थी । ये आवाज उसी की थी । उसने दोबारा अपनी का नंबर लगाया हूँ । मैं अब भी स्विच ऑफ आ रहा था । वो अपनी के साथ क्या कर रही थी? उसे बैक ऑफिस के दरवाजे पर दस्तक सुनाई दी और बुक स्टोर के मालिक श्री राम प्रकाश जोकि खुशमिजाज और स्थूलकाय व्यक्ति थे अंदर प्रवेश करते हैं । उन्होंने अंदर प्रवेश किया । उन्होंने बताया कि लगभग बीस लोग आ गए हैं । वो जब चाहे कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं । फॅमिली इंतजार कर रहा हूँ, मान नहीं रहा हूँ । मैं जाकर घोषणा करता हूँ । राम प्रकाश नहीं कहा डाॅक् निवेदन यह है कि तुम यहाँ धूम्रपान नहीं कर सकते हो । यहाँ स्मोक सेंसर लगे ये समझ गया । वो धवन ने कहा और वहाँ से निकल गया तो तुमने दूसरी किताब लिखनी शुरू किया । नहीं मैं अगले महीने के लिए कलेंडर बना रही हूँ इसलिए मैं चाहती हूँ जयंती नहीं कहा । बेहतर होगा अभी हम उसके बारे में बात ना करें । यहाँ धमने उत्तर दिया, ये दमन में इंतजार नहीं कर सकती । कार्तिक अय्यर कि अगली किताब की तारीख तय होने वाली है । हम नहीं चाहते की तुम्हारी के तब उसके आस पास आए । इससे तुम्हारी किताब पिछड जाएगी । इसलिए हमें सावधान रहने की आवश्यकता है । हम जल्दी जल्दी किताब के लिए अनुबंध कर ले उतना अच्छा होगा और इसके पहले की तुम लिखना शुरू करो । मुखावन पब्लिशर्स ही है । तय करेगा के किताब कैसी होगी? मुझे आशा है कि तुम ये सब समझते हो । किताब चल निकली और बाहर तीस से अधिक लोग आते हैं जो कि तुम्हारे लिए अच्छी बात है । क्या तुम कुछ समय पहले इस कार्यक्रम को फ्लॉप नहीं बता रही थी क्योंकि ऐसा था और मैंने सोचा कि तुमने वो सब आते नहीं कि जब हम से करने को कहीं कहीं पर लगता है तुम्हें कर दिया है और देखो तो चलो उन्हें और इंतजार नहीं कराना चाहिए । फॅालो शुरू करते हैं तो मुझे नहीं लगता कि तुम्हारी गाल पे आ रही है तो उनकी हाँ बकवास करिए वो जरूर आएगी । तमन्ने का कुछ देर बाद दमन जयंती के साथ उस छोटे से मंच की ओर बढा जो विशेष तौर पर पुस्तक के लोकार्पण के लिए बनाता हूँ । उसे अपनी के ना आने पर चिंता हो रही थी । उसका दायां हाथ उसकी जेब में था और सोन बचने का इंतजार था ।

Part 15

भाग पंद्रह डाॅ । और जयंती रघुनाथ ऍम के उसके ऊपर बैठ गए तो जो उस पूछे से प्लेटफॉर्म पर रखा हुआ था कि धवन की हाल ही में प्रकाशित हुई किताब मेरे सपनों की लडकी जो कि एक डाॅलर केदार थी पर बात कर रहे थे । फिर एक किताब किस तरह से अस्तित्व में आई । जयंती ने बताया कि उसने किस तरह से दमन को फेसबुक पे ढूंढा और पाया कि उसमें कुछ तो अलग बात है और उसमें सफल लेखक बनने के पूरे गुड मौजूद है । उसने अपनी बात मसालेदार बनाते हुए नहीं ऐसी बातें जो सिर्फ काल्पनिक थी वो तो मेरा फोन नहीं उठा दाता पर्व समय पर काम पूरा किया करता था । धवन के साथ काम करने का मजा ही कुछ था मुझे ये ऍम पहले पंद्रह मिनट धवन नर्वस दिखाई दे रहा था और वह भीड में जाने पहचाने चेहरों को तलाश रहा था । उस ने उस समय राहत की सांस ली जब दर्शकों की भीड में उसने अपनी तो मुस्कुराते हुए देखा । मैं अकेले ही थी दमन फर्जी तरीके से इस बात पर मुस्कराया की जयंती के रूप में उसे काबिल मार्ग दर्शक मिला और वह उसके प्रति आभारी हैं । अपनी लगातार उसका ध्यान भटका रही थी । लोगों की भीड में वो दूर से ही चुंबन देने का इशारा कर रही थी । अन्य लोगों के विपरीत उसके होटल मैं किताब की प्रति नहीं थी । जैसे ही मेरा प्रोजेक्ट खत्म होगा मैं ये किताब पढ हूँ । आप भी नहीं है । बाद दमन को उस समय कही थी जब उसने एक सप्ताह पूर्व उसे किताब फीट की थी । दिनों से अब कभी किताब पढने को नहीं रहेगा इस गुमनाम वन स्टार समीक्षा के बाद भी जिसमें उसकी एक सप्ताह की नींद उडा दी थी । ईबीसी द्वारा प्रस्तुत समीक्षा लेखक आठ मुद्दों और मूर्ख व्यक्ति है । उसने अपने नाम का इस्तेमाल क्यों किया? जहाँ तक मेरे मित्रों ने मुझे बताया है कि श्री ऐसी काल्पनिक चरित्र है तो फिर लेखक को भी अपना नाम इस्तेमाल नहीं करना था । क्या लेखक पाठकों को इसे सत्य घटना पर आधारित किताब बताकर गुमराह करना चाहता है? यह बिल्कुल भी सत्य कथा नहीं । मेरे हिसाब से लेखक का ये कार्य चतुराई भरा कदम है और मुझे उसकी गर्लफ्रेंड के लिए भी बहुत अफसोस है । उसके साथ ही कितना अन्यायपूर्ण है । मैं किताब को एक स्टार से अधिक प्रधान नहीं करूंगा । ये कमाल की कहानी हो सकती थी । लेकिन ये सिद्धांत कहा एक गलत कहानी दमन जब पहली बार समीक्षा को पढा था तो गुस्से से भर गया था । ये पाठक जानता ही क्या है कि ये किताब किस तरह से पूरी हो पाती है । मोर करेंगा साला अपना नाम तक नहीं नहीं लिख सकता । चला एबीसी यदि ना इस यूजर नाम ए बी सी का क्लिक नहीं करता तो वह सिर्फ यही समीक्षा बढकर है गया होता । इस यूजर ने दो और समीक्षा लिखी थी पैनासोनिक माइक्रोवेव्स आई फोन सिक्स एस के चार्जर पर । अवनी ने पिछले माह में यह दोनों वस्तुएं ट्राई की थी । माइक्रो खरीदने में धवन ने उसकी मदद की थी । ए बी सी क्या अपनी थी यहाँ तक कि दमन भी उसके विरोध में नहीं हूँ । मुझे उसकी गर्लफ्रेंड के लिए भी अफसोस है । उसके साथ ये कितना अन्यायपूर्ण है । हाँ किसी किताब की समीक्षा नहीं इसलिए अपनी ही बोल रही थी । कुछ देर बाद धवन से पूछता का एक अंश पडने के लिए कहा गया पाठक होने उसे ऍफ का चुनाव किया था तो ये मैं अंसाज इसमें दमान श्रेयसी के प्रति अपने प्रेम को अभी व्यक्त करता है । इस अंश को बुरी तरह संपादित किया गया था बल्कि एक तरह से यह पूरी ही जयंती द्वारा लिखा गया था मैं किताब पढने में अनाडी हूँ, आता हूँ आप लोग कृपया मुझे बर्दाश करे तो मैं पढता हूँ । मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं प्यार में पड जाऊंगा हूँ । कुछ शायद इस बात का भय था कि शायद मुझे बदले में प्यार ना मिले । ऐसी तो मैं सब बता दिया क्या मैं डरा हुआ हूँ? हूँ? क्या मैं तुम्हारे लायक हूँ? मैं संदेह नहीं लेकिन सच यह है कि तुम उस समय मेरे जीवन में आई जब सब कुछ बिगडा हुआ था और तुमने मुझे असफलताओं को पीछे छोड कर आगे देखना सिखाया तो ये बात मैं जीवन भर नहीं भूल सकता । भले ही तो मुझे छोड कर जा सकती हूँ । इस समय जीवन में एक खाली बना जाएगा । पर मैं तो मैं रोक नहीं सकता तो भले ही मेरे जीवन से चली जाओ पर तुम हमेशा मेरे जीवन का अभिन्न अंग होगी । मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग उनके आई एक कठिन होगा, केवल तभी जब मारना कठिन हो । तुम्हारे बिना जीवन का एक दिन गुजारने के विचार मात्र से मेरी रूम कहाँ पडती है? तुम्हारे बिना जीवन गुजारना मृत्यु सेवी बत्तर है और मैं इसके लिए तैयार हूँ और आप मैं पूरी तरह से तुम्हारी प्रेम की गिरफ्त में हूँ तो यहाँ से वापसी संभव नहीं है तो मैं हमेशा प्यार करता रहूंगा हूँ । दमन पेट के अंत तक पडता रहा हूँ । हालांकि वह कुछ घटिया पंक्तियों को छोडना चाहता था । दर्शक होने तालियाँ, बजाये दमन, मुस्कुराना ही लगता है । अपनी सबसे देर तक ताली बजाएंगे और उसकी आंखों से सच्चाई बयां हो रही थी । भ्रष्ट ऐसी से नफरत करती थी । बहुत बढियां जयंती ने कहा दर्शकों की भीड ने उसकी बात का समर्थन किया । अब हम दर्शकों के प्रश्नों को सुनेंगे । दमन ने और शाम का पूरा आनंद उठाया और मैं आश्चर्यचकित था की रह पहले ऐसे कार्यक्रम के आयोजन के विरोध में क्यों था? दर्शकों के प्रार्थना अपेक्षित ही थे । ऐसा कोई प्रश्न नहीं था जिसकी उपेक्षा उसे ना हो । कुछ लोगों ने ये प्रश्न भी किया कि श्रेयसी के चरित्र मैत्रा परिवर्तन कैसे हो गया । उसका उत्तर दमन की जगह जयंती में दिया और बताया की किताब को सफल बनाने के लिए ऐसे परिवर्तन आवश्यक थे । कुछ लोगों को छोडकर शेष सभी लोगों को नहीं ऐसी पसंद आई थी । एक लडकी जो काफी देर से ये सब सुन रही थी, उठ खडी हुई और बोली मुख्यपात्र का नाम दमन क्यों है? ऐसा क्या इसलिए है कि आप अपने नाम को पसंद करते हैं । ऐसा इसलिए क्योंकि ये चरित्र आप पर आधारित है । क्या ये कहानी वास्तविक है? वैसे मुझे किताब बहुत पसंद आई । तुम्हारे प्रश्न के लिए धन्यवाद दमन नहीं कहा ये कहानी, कल्पना और वास्तविकता कम मिश्रण है । जब मैंने ये किताब लिखना शुरू की थी तो उन दोनों को उस चरित्र में ढाला जो मेरे अंदर विधमान थे । इसलिए मैंने मुख्यपात्र का नाम दमान रखा है । इसे लेखन की प्रक्रिया आसान हो गई और मैंने कभी अपना नाम नहीं बदला । इसके अलावा इस बात से कोई फर्क नहीं पडता है की कहानी वास्तविक है या नहीं । यदि है कहानी तुम्हें कुछ सोचने के लिए विवश करती है तो यह तुम्हारे लिए वास्तविक है । जहाँ तक मेरी बात है तो कहानी मेरे मन में जन्म लेती है तो मेरे लिए भी वास्तविक है । मैं पात्रों और उनकी परिस्थितियों की कल्पना कर सकता हूँ और मुझे ऐसा महसूस होता है कि जब ये गठित हो रहा था तब मैं वही मौजूद था । इस प्रश्न करे तो मैं धन्यवाद । लडकी ने सहमती में से मिलाया और बैठ गई । हम बस अब सिर्फ एक प्रश्न और लेंगे और इसके बाद लेखक किताबों पर हस्ताक्षर करेंगे जो लोग के दम पर हस्ताक्षर लेना चाहते हो तो बाईं और पंक्ति बनाकर खडे हो जाए । जब तक सभी किताबों पर हस्ताक्षर नहीं हो जाएंगे, दमन यही मौजूद रहेंगे । धन्यवाद तमन्ने अग्नि की ओर इशारा किया और वहां मौजूद दर्शकों की भीड किताब पर हस्ताक्षर कराने के लिए मंच पर आना शुरू हो गई तो हस्ताक्षर लेने के लिए धक्का मुक्की करने लगे हैं । अपनी तो दो अतिउत्साहित पाठकों के बीच में फंस गई थी । दमन बोला जयंती अपनी ऍफ इसलिए जाऊँ तो वहाँ ठीक रहोगे । जयंती यहाँ के दावों पर हस्ताक्षर ही तो लिए जा रहे हैं । यहाँ की अदालत होगा । अंतिम प्रश्न के लिए माइक को अंत से दूसरी पंक्ति में बैठे एक लडकी तक पहुंचा दिया गया । धवन ने पहले भी उसकी तरह ध्यान दिया था । लगभग पूरे समय उसका ध्यान दमन से ज्यादा फोन की ओर था । अमन को आज चले था कि क्या वे अपनी किसी मित्र के साथ आई है? हाइट अमन खाए । मैं समझ नहीं पा रही हूँ की क्या मुझे आप से ही वो प्रश्न पूछना भी चाहिए नहीं तो मेरे मन में है । लडकी ने कहा उसकी आवाज का ठंडा वन और शोभ स्वतः स्पष्ट था । मैं खाली कुर्सियों के बीच अब एकदम अकेली बैठी थी । जानी पहचानी लग रही थी । सोचने लगता मानो से की कहाँ देखा है? आशी रहेगा श्रेयसी दमन अपनी कुर्सी पर बैठा छटपटा रहा था । उसकी असहजता देखते हुए लडकी ने पूछा क्या मैं अपने आप को संभालते हुए दमन बोला तुम जो चाहे वे बोल सकती हो? धमन छतो गायब हो । अपने एक पैर को दूसरे पैर के ऊपर रखते हुए उसने पूछा मुख्यत ओवर में लगी हुई लाइटों के कारण उसके चमडे की पैंट चमक नहीं लगी थी । बुक स्टोर में दबी जुबान खाना होने लगी । सबकी आंखे उसकी ओर घूम रही थी तो तुम्हें किताब के चरित्र को इसलिए बदल दिया क्योंकि तुम एक पहचान योग्य कहानी सुनाकर ज्यादा किताब बेचना चाहते थे । है ना? उसने पहचान योग्य पर विशेष जोड दिया । तुमने एक ऐसी किताब लिखी है जिस पर तो मैं खुद ही या कि नहीं तो तुम फिर लेखा की कैसे हुए? उसने पूछा सिर्फ मुझे मंजूर मेरे प्रश्नों का उत्तर दो । दमन ने उत्तर दिया, मैंने उपन्यास की बेहतरी के लिए चरित्र में परिवर्तन किया तो मुझे लगा कि अर्धविक्षिप्त अगर मनोरोगी अब सात ग्रस्त । श्रेयसी में वो बात नहीं थी जो ज्यादा संख्या में लोगों के मन में रूचि पैदा कर पार्टी मैं लेखन में हवाबाजी नहीं चाहता हूँ । मैं चाहता हूँ कि लोग मेरी किताब को पडे पसंद करेंगे और उस की खूब बिक्री हूँ क्योंकि सिर्फ इसी से मैं अपना पसंदीदा काम यानी लेखन जारी रख सकता हूँ और आप माने या ना माने पैसा कमाना आप की आवश्यकता है और लेखन से ज्यादा कमाई नहीं होते । वहां मौजूद भीड मंद मंद मुस्कुराने लगे तो क्या तो राम प्रकाश ने उसे रोकते हुए कहा मैडम, ये आखिरी प्रश्न था लडकी ने असहमति व्यक्त करते हुए अपना सहलाया मेरा फिर नम्र अनुरोध है की तम्मना अब भी मेरे प्रति प्रश्न का उत्तर देना चाहते हैं क्योंकि उन्होंने अब तक अपना माइक्रोफोन नहीं होता रहेगा । देश किताब से जुडे सभी लोगों के प्रति उत्तरदायी हैं और ईश्वर जानता है कि महेश किताब से जुडी हुई हूँ । जिस अधिकारपूर्ण भाषा में उस लडकी नहीं है, बात गई उसने सभी लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया । लडकी ने दोबारा बोलना शुरू किया । उसका धमकी भरा श्वर पूरे बुक स्टोर में घूम रहा था । भले ही वह तेज नहीं बोल रही थी लेकिन फिर भी उसकी आवाज दमन के कानों से उसके पेट तक पहुंच रही थी जिससे बहन धरवास हो रहा था । लडकी ने बोलना जारी रखा । मेरा दूसरा प्रश्न किए हैं तो उस लडकी का क्या हुआ? क्योंकि इस किताब को लिखने की तीन स्रोत थी तो क्या सोचेगी कि तुम्हें सिर्फ पैसों के लिए उसके साथ ऐसा किया? कोई प्रेरणास्रोत नहीं थी और अगर थी भी तो उसे खुश होना चाहिए कि मैंने उसका नाम का इस्तेमाल किया । धवन ने उत्तर दिया, भीड फिर मुस्कुराई खुद अगर तुम उसका नाम इस्तेमाल लाकर दे तो कहीं ज्यादा खुश होती है । तुम्हें उससे जुडी हर चीज को बदलकर उसका अपमान क्यों किया? तो हिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की और मेरी तरफ चेहरा लटकाए हुए मत देखो । अपना वो खोलो मुझे उत्तर तो तो पागल नहीं, तू क्या हूँ । उसकी आवाज दीवारों से टकराकर गूंज रही थी । पूरे कक्ष में सन्नाटा पसर गया । उसने अपने पांच रखी कुर्सी पर माइक्रोफोन उतारकर रख दिया और शांतचित से धमन की ओर देखा । तुम्हारी परिकल्पना गलत है । पहले वाली श्रेयसी और इस उपन्यास में दिखाई गई श्रेयसी दोनों ही काल्पनिक है । अच्छा कोई प्रश्न ही नहीं उठता । लडकी खडी हो गई और उस ने अपनी बात अधूरी ही छोड दी । एक अजीब सा सन्नाटा पसर गया । सभी लोगों को संभालने में थोडा वक्त लगा । पाठक चार और पांच लोगों के समूह में दमन से आपने किताबों पर ऑटोग्राफ लेते रहे तो उससे प्रश्न पूछते रहे, फोटो लेते रहे, सेल्फी त्यादि लेते रहे तथा समय निकलने के साथ दमन को धन्यवाद देते रहे थे । कमरे की हवाओं में उस लडकी की उपस्तिथि अब भी दुर्गंध की तरह बनी हुई थी । हस्ताक्षर इत्यादि कार्य संपन्न हो जाने के बाद दम आनंद राम प्रकाश के पीछे पीछे चलता हुआ बैंक ऑफिस पहुंचा । उस लडकी के दुर्व्यवहार के लिए राम प्रकाश नहीं खेद व्यक्त किया । उसने बताया कि वह लडकी एक नियमित ग्राहक है, इसलिए गया उससे और ज्यादा नहीं बोल सका । मैंने इसमें आप की कोई गलती नहीं थी । धवन ने कहा, जैसे ही धवन ने बैक ऑफिस में प्रवेश किया, अपनी उसके गले लग गई । कार्यक्रम ऍम रहा । कहते हुए उसने धवन की घायलों को छू लिया । दमन नहीं भी उसे छुआ, वो ही तो हाँ हाँ मुझे क्या होगा? अपनी नहीं आश्चर्य से पूछा । राम प्रकाश जयंती और दमन नायक ऑफिस में कॉफी पीते हुए कार्यक्रम पर चर्चा करने लगे । किसी ने उस अभद्र लडकी का जिक्र नहीं किया और तो तुम्हारी अगले किताब कब आ रही है? जाम प्रकाश ने पूछा तो मैं जल्दी करनी चाहिए । लोगों की स्मृति ज्यादा लंबी नहीं होती । देखा यही पाॅड किसी चिंतित अभिभावक की तरह । जयंती ने कहा, जल्दी ही बातचीत कार्तिक आया यार जो कि धवन की निगाह में भारत का जस्ट देवर था । उसके आगामी उपन्यास की ओर घूम गई । उपन्यास कुछ ही महीनों में आने वाला था । उसके और उसकी गर्लफ्रेंड वर्णिका के बीच एक और बीएस वहाँ प्रेम कहानी । क्या उसने किताब पूरी कर ली है? मैं बहुत अच्छा लेखक है । मेरे ग्राहक उसे बहुत याद करते हैं । कुछ रहा तो उस की कई प्रतियाँ खरीद लेते हैं । है उसके पीछे पागल हम । प्रकाश ने कहा । जयंती ने राम प्रकाश को बताया कि कार्तिक ने अब तक किताब पूरी नहीं की है । नाम प्रकाश ने कहा, हमें उसकी किताब का बेसब्री से इंतजार है । अगर ये पिछली किताब की तरह सफल रही तो हमारे पास पैसा कमाने का अच्छा मौका होगा । दमन ने उनसे वाशरूम जाने के लिए अनुमति मांगी फॅार उल्टी करना जा रहा था । कार्तिक की आने वाली किताब के बारे में हो रही चर्चा से उसका जी मिचलाने लगा था । बेसब्री से सिगरेट पीना जा रहा था । वैश्विक उसी को भी तलाश रहा था ।

Part 16

भाग सोलह दमन ने अपना चेहरा धोया । उस पता नहीं था कि लोकार्पण कार्यक्रम इतना थक आने वाला हो सकता है । लेकिन हाँ ज्यादातर समय वैसे ऐसी वाले मामले से निपटने के तरीके के बारे में ही सोचता रहा । मैं अपने हाथ सुखा ही आया था । तभी उसने किसी को धीरे से हस्ते और बोलते हुए सुना ऍम यहाँ नी ठहरो वो ही पडता है । आवाज स्टॉल के अंदर से आ रही थी । अगले ही पल एक जोडा दिखाई देता है । उसके बगल में पांच सौ का था । हुआ शख्स मुस्कुराते हुए बोला ही इस बात के लिए मुझे माफ कर देना । शायद ही कोई मजा था । मेरी पत्नी तुम्हारी बडी बहन है । उस व्यक्ति ने दमन को कोहनी मारते हुए कहा दमन ने उस व्यक्ति की कंधे के पीछे देखने की कोशिश की । लडकी स्टॉल के अंदर वो जल हो गई । अरे वाह वाह उडाई । ताकी व्यक्ति फिर से बोला अरे तमल तमान उस की ओर मोडा मैंने तुम्हारी कोई भी किताब या लेख नहीं पडा है । पर मेरी पत्नी ने सब पढ रखा है पर उसे आने में देर हो गयी है जिससे मैं अपनी किताब पर तुम्हारे हस्ताक्षर नहीं ले सकी । अगर तुम ऐतराज ना हो तो सुधारने नहीं नहीं इसमें ऐतराज की क्या बात है धमने का वो आ नहीं वाली थियां उस व्यक्ति ने कहा मैं कुछ देर तक वहाँ खडे होकर उस व्यक्ति की पत्नी के आने का इंतजार करते रहे । बहुत क्योंकि हल्की रोशनी में भी दमन कोर्स महिला को पहचानने में कोई दिक्कत नहीं हुई, उस की शादी हो गई है । ऐसी देखो मैंने किसको रोक कर रखा है । उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी से कहा लडकी ने अचंभे से आपने मोड पर हाथ रख लिया । उसकी आंखें आश्चर्य से चौडी हो गई थी । ऍम लडकी के माँ से निकला । उस व्यक्ति ने दमन से कहा शायद मैं तो मैं बताया नहीं, ये तो उसे प्यार करते है । तुम्हारी किताब हमेशा इसकी साइड टेबल पर होती है । किसी की हिम्मत नहीं है की किताब वहाँ से हटा ले । ये जो इस पडती है उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी के गालों को चूमते हुए कहा । उसकी पत्नी कैसी दमन को देखकर मुस्कुरा रही थी तो अब अपनी किताब पर हस्ताक्षर रेलो । बाद में मत कहना कि तो उन के दम पर हस्ताक्षर नहीं ले पाई । उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी को आगे करते हुए कहा मेरा नाम आकाश कहते हुए उसने दमन से हाथ मिलाया । तुम्हारे यहाँ तो बहुत ठंडे हैं । हाँ, फिर बोला दमन, मुस्कुरा दिया । जैसी ने फूहड ढंग से अपने बैग से किताब और कागज का बंडल निकाला । या तो इन सब पर हस्ताक्षर कर सकते हो । दमन ने बोलने की कोशिश की, पर उसके मूल से शब्द ही नहीं फूटे । उसने से लाया ये भी ड्रामेबाजी है ये हर्मेश का पति नहीं, ये उसकी एक और चाल है । मैं दूसरी भूमिका में हैं । यही यही शेफ ऐसी है । तो मेरे मन में कोई भाव क्यों नहीं आ रहे हैं? तो वापसी क्यों लौटी? तमन बोला सुनो, अच्छी एसी ने पे जियो और किताबों को वाशरूम के पटल पर रख दिया और दमन को एक पेन देते हुए कहा इन पर हस्ताक्षर करो । एक प्रशंसक की विनम्रता उसकी आवाज से नदाराद थी । फिर उसकी आंखों का ठंडा बन तो स्पष्ट था । क्या तुम हर पेज पर हस्ताक्षर कर सकते हो? मेरे लिए ये बहुमूल्य । आकाश ने धीरे से अपनी पत्नी से कहा तो मैं उनसे वर्षो में हस्ताक्षर करने को कह रही हूँ । कम से कम बाहर तो जाने दो । उस व्यक्ति ने अपने हाथ किसी मित्र की तरह दमन के कंधों पर रखें और उसे बाहर की ओर ले चला । अपने हाथ में पेज और किताबों को थामे श्रेयसी उनके पीछे थी । कैशियर की मेज की ओर इशारा करते हुए आकाश ने श्रेयसी से कहा निहारेंदु । उसने कैशियर की ओर देखते हुए कहा हमें बस कुछ कागजों पर हस्ताक्षर लेने ऍम आप कैसी है? क्या शेयर बोला मैं ठीक हुआ तो अब आप यहाँ ज्यादा नहीं आती क्या? शीन ने पूछा हाँ । इसी बीच में थोडा व्यस्त रही । जैसी ने कहा जिस समय श्रेयसी और कैशियर बातचीत में मशगुल थे । आकाश ने धवन को बताया कि किस तरह श्रेयसी प्रयासों से बुक स्टोर पर ब्रिटिश काउंसिल ड्राइव रही । मैं जबरदस्ती ले आती है । यहाँ सबको जानती है । आकाश बोला कहते हुए मंद मंद मुस्कुरा रहा था । रे में मजाक कर रहा हूँ । मैरीन इंजीनियर हूँ और धरती पर मुझे थोडा वक्त समय मिलता है । उसमें श्रेयसी मुझे इन किताबों की दुकानों में ले आती है । हालांकि इसमें कोई बुराई नहीं । दमन उसकी बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा था तो मैं उसके पीछे देखने की कोशिश कर रहा था । क्या शेयर के साथ बुक स्टोर का एक सहायक भी उनकी बातचीत में शामिल हो गया । ऐसे बात कर रहे थे जैसे उनकी लंबे समय से जान पहचान हो कुछ देर बाद उसने आकाश को बुक स्टोर के कर्मचारियों से मिलवाया । दमन ने कागजों पर हस्ताक्षर करने शुरू कर दिया हूँ । विश्व उसी से अपने नजदीकी को लेकर अधिक सतर्क था । उन कागजों पर उसकी फेसबुक पोस्टों पर प्रिंट थे । तो कामों क्या? आकाश ने पूछा नहीं । ऐसी ने कहा बस ये बकवास किताब हस्ताक्षर लेने के लिए शेष है । पर मैं इस पर हस्ताक्षर करना नहीं चाहती । तभी हस्ताक्षर करवाउंगी । जब कमल या तो इसे फिर से लिखे या अपनी अगले किताब सही तरीके से लिखें । आकाश ने नाराजगी व्यक्त की । किसी से बात करने का ये कोई तरीका है । तभी राम प्रकाश दमन को ढूंढते हुए वहाँ पहुंचे तो तुम यहाँ के दावों पर हस्ताक्षर कर रहे हो । हम लोग तुम्हारा इंतजार कर रहे । तभी राम प्रकाश का ध्यान श्रेयसी की ओर गया । उन्होंने मुस्कुराते हुए हाथ में लाया । बेटा बुक लॉन्च के समय तो नहीं किया । वो ठीक नहीं था । यहाँ एक नए लेखा गए । इन पर सवालों के तीन हजार क्यों? ऍम बोली, मैंने तुम्हें कई दिनों से नहीं देखा । उम्मीद करता हूँ कि तुम ईवोक नहीं खरीद रही होगी । आना ही नहीं, अंकल का भी नहीं । ऐसी ने कहा और आपकी लेखक को व्यस्त करा देने के लिए मुझे माफ करें । ऍम से कुछ कागजों पर हस्ताक्षर ले रही थी । राम प्रकाश ने दमन की ओर देखते हुए कहा, मैंने कहा था ना कि ये हमारी सबसे नियमित ग्राहकों में से एक है । तभी महीने वहाँ छुप नहीं करा सका था । ये तुम्हारी किताब को लेकर बहुत उत्तेजित थी । बहुत लेकिन मुझे नहीं लगता कि इन्हें तुम्हारी किताब पसंद आई । उसने शिव ऐसी की तरफ देखते हुए कहा, मैंने इनसे जल्दी ही दूसरे की धम लिखने को कहा है । मुझे आशा है कि ये दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे थे । सीनियर धवन की ओर देखकर कहा, कुछ इंतजार रहेगा । देखना कहीं ठहरी किताब जैसी नहीं हूँ । मैं आपका ज्यादा समय नहीं होंगी । क्या मैं जाने के पहले ही पर आपको गले लगा सकती हूँ? इसके पूर्व की दमन कुछ कह पाता में आगे बढ गई । उसे गले लगाते हुए उसने कान में कहा शुभकामनाएं दी थी । मुझे आशा है कि मैं तो चाहती हो तो मुझे जरूरत हो गई । मैं क्या तुम मुझे चाहती हूँ । तमन्ने श्रेयसी के कान में कहा, उसने भी धीरे से उतार दिया । नहीं जब चाहो तो मैं बता सकती हूँ । मैं तो मैं बताना कोई कठिन काम नहीं है । मैं सिर्फ हमारी प्रेम कहानी वापस पाना चाहती हूँ । ये कचरा नहीं तुमने किताब में फैलाया है । मैं अपनी प्रेम कहानी के लिए ये जिंदा हूँ । धवन से थोडा दूर हटते हुए तो मुस्कुराती है । आकाश कहता है सब कुछ हाँ । आकाश दमन को धन्यवाद करते हुए अपनी पत्नी श्रेयसी के साथ चला गया । राम प्रकाश और धमाकें मैं तो ऑफिस में लौट गए । क्या पहले कभी उसके पति से मिले हैं? एक आध बार मिला हूं । मैं उनके रिसेप्शन में भी गया था । मैं एक अच्छा और सभी आदमी है । उसके माता पिता को कई दिन तक उसकी शादी की चिंता थी तो कहते हैं कि उसका कोई बॉयफ्रेंड आज अस्पताल में बार देता । यहाँ तक की सगाई होने के कई दिनों बाद तक मैं उसके ठीक होने का इंतजार करती रही थी । हूॅं दंपति हैं । भगवान उन्हें घोषणा

Part 17

भाग सकता हूँ तो तुम कहाँ जाना चाहती हूँ? समझ हाउस कैसे को छोडकर कहीं भी दमन की पसंदीदा जगह को दरकिनार करते हुए अपनी बोली मैंने सुना है कि बहुत ऑफिस जाने के बाद तो में किसी लडकी ने रोक लिया था । ऍम दमन को कोहनी मारते हुए उसने कहा क्या वे सेक्सी थी और क्या? उसने तो उनसे अपनी पक्ष स्थानों पर हस्ताक्षर देने को कहा । हाँ, मैं अपने पति के साथ ही दामन ने स्पष्ट किया । मैं मजाक मजाक में अवनी को श्रेयसी के बारे में बताना चाह रहा था । क्या उसके वापस आने के बारे में बताना चाह रहा था? किन्तु से डर था कि यह राहत उसके परिवार और समय तक पहुंच जाएगी और दही वजह हंगामा खडा हो जाएगा । उसमें थोडा और इंतजार करने का निर्णय लिया । पहले मैं उसके साथ बात करना, बैठना और मिलना जा रहा था ताकि में पता लगा सके कि ये असली माजरा क्या है । तीस मिनट बाद दमन और अवनी पहुंॅच विलेज के पार्किंग एरिया में प्लास्टिक कमरों में गरम बोर्ड का और को पी रहे थे । तब तक धवन ने सिर्फ एक पैट दिया था और से गाडी भी चलानी है । उसने कहा और अपनी के साथ ही पुस्तक के लोकार्पण की तस्वीरें देगी । थोडी देर बाद अपनी ने कहा, मैंने अपनी माँ को तुम्हारी किताब दिए । इससे उन्हें मेरे प्रति बिहार नहीं पडेगा । कौन जाने धवन ने अपनी आंखें घुमाई, अपना मोहम्मद करा करो । आज तो भारत दिन है । अवनी ने कहा ठीक है तो हम अपने बारे में बताओ । कैसा रहा तो मारा देना । तुमने कितने पैसे कमा ये प्रश्न दमन उससे हमेशा पूछता था । अवनी ने झूठ बोल दिया और उसे अपनी कंपनी द्वारा किए जा रहे विलय की कहानी सुना दी । सच बात तो ये थी कि अपनी बार्कले कंपनी के एक सीनियर एक्सिक्यूटिव के साथ दोपहर के खाने पर गई थी । बार करेगा वो एग्जिक्यूटिव उसे कंपनी में भर्ती करना चाहता था । उसके लिए ये एक बडी तरह की साबित होने वाली थी । इससे मैं कई साल आगे हो जाएगी । दमन की कार के बोनट पर बैठे हुए उसने दमन को इस बारे में अभी कुछ न बताने का निर्णय लिया । काफी समय के बाद उसके जीवन में अच्छी खबर आई थी । नहीं क्या मैं जल्दी ही तुम्हारे माता पिता से मिलने जा रही हूँ? उसने पूछा वहाँ ने अगले अनुबंध पर हस्ताक्षर कर लू । उसे मेरी चिंता रहती है । पहले में अपने जीवन यापन की ठीक ठाक व्यवस्था कर लूँ । उसके बाद हम दोनों के लिए बात करूंगा । पिछले दो महा बडे भारी रहे हैं । मेरे पास पैसों की कुछ करनी भी है । क्या तुमने अपनी क्रेडिट कार्ड का भुगतान कर दिया? क्या मैं भुगतान कर तो नहीं सबसे कर दूंगा । मेरे कुछ लेखों से चेक प्राप्त होने वाले हैं । मैंने उन्हें क्या आज नहीं कराया है । पर वह ठीक ठाक राशि होगी । अगले तीन वहाँ का खर्च निकल जाएगा । मैं दोनों कार में बैठकर बात करने लगे । तभी उसकी कार की खिडकी पर दस्तक हुई । देख अब रह गए खेल की पर दिल्ली पुलिस के दो हवलदार खडे थे महाराजा में लडके । उनमें से एक ने कहा दमन ने अवनी को कहार में ही रुकने को कहा और खट बाहर आ गया । हवलदार दमन को एक कोने में ले गए और उस पर सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाकर जेल में बंद करने की धमकी देने लगे । पर जल्दी वह पैसों के लेनदेन के बारे में बात करने लगे और धवन ने अपना पडोस बाहर निकाल लिया । उसने उन्हें अपने पास मौजूद पंद्रह सौ रुपये देने का प्रस्ताव दिया परन्तु हवलदार और अधिक धन जाते थे । अपनी लाचारी से उसे देख रही थी क्योंकि दमन ने उनसे ठीक तरह से लेन देन की बातचीत नहीं की थी । बेकार के पास वापस आए अग्नि से खिडकी का कांच नीचे करने को कहा गया । अपनी ने भी उन्हें पंद्रह सौ रुपये दिए और उनसे पीछा छोटा अग्नि के घर की ओर वापस जाते समय दमन ने सिर्फ एक ही वाक्य बोला तो उन्होंने अपनी ओर से कुछ भी देने की जरूरत नहीं थी । मैं थाने जाकर मामला निपटा लेता । उसने अपनी को उसके घर छोडा और अपने घर की ओर लौटा । अपनी मंजिल पर पहुंचने के बाद उसने गलियारे की लाइट जलाई और अपनी जेब में चाभी तलाशना लगा ऍफ करेगी । उसने पाया कि ताला बदल गया था । धवन के मकान मालिक शर्माजी अपार्टमेंट के दूसरे छोर पर छठी मंजिल पर रहते थे । जब दमन ने दिल थामकर अपने मकान मालिक का दरवाजा खटखटाया उस वक्त राजकीय ग्यारह बज रहे थे । कहते हुए मकान मालिक ने दरवाजा खोला । ताला बदल गया है । मुझे चाबी चाहिए । अंकल आज दिन भर में बहुत व्यस्त रहा । बेटा तुम्हारा चैक फिर बाउंस हो गया । पहले मुझे अपना किराया और जैसा की तुमने वादा किया था पोस्ट डेटेड चेक चाहिए । मैं तुम्हारे पिताजी से बात कर सकता हूँ, कल पक्का कल दे दूंगा । ंकर अभी काफी देर चुकी है कि आप मुझे अभी चाय भी नहीं देंगे । एक बेटा तुमने कहा था मैं तुम्हारे माता पिता से पैसों के बारे में बात न करूँ और मैंने इसका ध्यान रखा है । लेकिन तो में किराया समय पर देना होगा । मकान मालिक ने का उसने दरवाजे के पांच तंगी चाबियों के गुच्छे से एक चाभी निकालकर दमन को दे दी । नतिनि और मुझे तुम्हारे माता पिता से बात करनी पडेगी । मैं चेतावनी दे रहा हूँ धन्यवाद । धवन ने कहा और वहाँ से जाने के लिए मुडा बेटा जी एम कल तुम अपनी पुरानी जॉब फिर से क्यों नहीं जॉइन कर लेते हैं? अरे तुम जैसे नौजवानों के लिए लेखन का कार्य ठीक नहीं है । नहीं इस बारे में सोचूंगा । धवन ने कहा और सीढियों से उतरने लगा । आपने पहले से अधिक गुस्से में था । कमरे में पहुंचते ही उसने जयंती का नंबर डायल किया । अगर इस व्रत बनाए रखने के लिए किताब लिखना जरूरी है तो यही सही हर कोई पैसे के लिए काम करता है तो मैं क्यों नहीं । लेकिन जैसे ही उसने जयंती का नंबर डायल किया ए । सी की अनकही धमकी उसके खानों में गुजने लगी । आशा करती हूँ कि ऐसी गलती तो तो नहीं करोगे । कुछ इंतजार रहेगा । कुछ देखना ये पहली किताब जैसी न हो ।

Part 18

भाग अठारह मुझे समय जयंती का फोन बजा । उस समय अपने बिस्तर पर लेटी हुई आईपैड पर कुछ पढ रही थी । बेहतर के किनारे रखा नाम चालू था । आपने ईमेल्स चेक कर चुकी थी । आज का दिन जयंती के लिए बहुत अच्छा रहा था । दमन का पुस्तक लोकार्पण उसकी उम्मीद से ज्यादा अच्छा रहा था । हालांकि उसने अब तक दूसरी किताब के लिए हामी नहीं भरी थी, लेकिन उसे यकीन था कि नहीं जल्द ही मान जाएगा तेरे को भी बरामद आदर्शवाद प्रायास खाली बैंक अकाउंट की वजह बनता है । कार्तिक ने अपनी अगले किताब के कुछ पेज प्रस्तुत कर दिया और अगर ये इसी रफ्तार को बनाये रखने में सफल रहा तो उसके किताब के इसी साल के भीतर आने की उम्मीद थी । उसने घडी की ओर देखा । देर हो चुकी थी । तीन रिंग बचने के बाहर उसने कॉल रिसीव की । नहीं मैंने आपको डिस्टर्ब तो नहीं किया? हरी नहीं । नहीं बताओ । दमन, मैं दुख साउंड के साथ अपनी अगले किताब का करार करना चाहता हूँ । अरे, ये तो बहुत खुशी की बात है । मेरी अच्छी बात है कि तुम तैयार हो गई हूँ । मुझे बहुत अच्छा लगा । सुनकर उसने आॅर्ट को एक किनारे रख दिया । लेकिन इस बार मुझे एडवांस रकम ज्यादा चाहिए और रॉयल्टी में पांच प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान जाइए । मैं आधी रकम एडवांस के रूप में तथा आधी रकम किताब की पांडुलिपि जमा करने में समय लूंगा । दमान इस बारे में मुझे अपने सीनियर से बात करनी हो गया तो बहुत ज्यादा मांग रहे हो । मैंने अपनी मांग सीधे सीधे तुम्हारे सामने रख दी है । आगे जैसी तुम्हारी मर्जी ठीक है । हमने तुम्हारी शर्ट सुन ली, लेकिन किताब के स्वरूप पर अंतिम फैसला तो खावन पब्लिशर्स के पास होगा । हम इस बारे में कोई रियायत नहीं दे सकते हैं । ठीक है ना । तुम्हारे बाहर मेरी किताब को कचरे में बदलने के अधिकार होंगे तो उसे चुटकले की किताब में मैं दल सकती हूँ । तुम्हारे लिए क्या सर्वश्रेष्ठ होगा? हमें उसका ध्यान रखना पडता है तो मेरे आस पास जो लोग हैं उन्हें मेरा ध्यान रखने की कोई जरूरत नहीं है । दमन ने पूछा कि उसमें कुछ नहीं । जयंती बस जल्द तैयारी कर लो और अनुबंध तैयार कर लो । मैं जल्द से जल्द अपने बैंक खाते में पैसा देखना चाहता हूँ । जयंती को धमान का उतावलापन समझ में आ गया था । मुस्कुराई और बोलिंग जरूर मुझे कृषि की हमें दोबारा साथ में काम करने का अवसर मिलेगा । तो हरी आने वाले किताब की कहानी किस विषय पर आधारित होगी? उसके थोडी सी रूपरेखा तो बताओ जिससे मैं अपनी संपादकीय टीम को सुना । शकों और मैं अनुबंध तैयार करवाती हूँ । मुझे दो सप्ताह कार समय तो उसके तुरंत बाद उसने फोन काट दिया । उसने जैसा आज रहा था, धवन ने वैसा ही किया । दमान उसका तुरूप का इक्का था । अपनी पिछली बेस्ट सेलर किताब के बाद कार्तिक आयर आप एक सफल लेखक बन चुका हूँ जिसका एक बडा पाठक वर्ग था । पिछले किताब की अपार सफलता के कारण उसका किसी दूसरे पब्लिशर की ओर सडक जाना मुमकिन था । उसने वैसे भी ये अफवाह सोना की थी कि कार्तिक सिल्वर आई बॉक्स ऍम के संपर्क में है । दमन की किताब उसकी अगली योजना का हिस्सा थी । यदि में उसे करने दे तो जयंती उसे कार्तिक की ही तरह एक सफल लेखक बना सकती थी । उसे बस इतना करना था कि उसे अपने किताब इस तरह लिखनी चाहिए कि पाठकों को चरित्र वाह घटनाएं वास्तविक लगे । ऐसा करके आर्थिक को भी पीछे छोड सकता था । उसकी अगली किताब के बारे में जयंती के पास कुछ विचार हैं । एक विचार पिछले काफी समय से उसके मन में था, लेकिन उसने इस बारे में दमन को तबतक बताना उचित नहीं समझा जट्टा कि वह अनुबंध पर हस्ताक्षर न कर दें । मैं दोबारा पढने में मशगूल हो गई । तभी उसके फोन पर बीप की आवाज हुई । टिंडर पैरो से एक मैच मिला था । उसके चेहरे पर मुस्कान ठहर गई । उसे लगा कि आज की रात उत्सव मनाने की रात है । नहीं खोला । वो उस वहाँ पर पिछले एक साल से थी । पर उसने अब तक सिर्फ पांच लोगों, दो महिलाओं और तीन पुरूषों के साथ ही डेट की थी । आधे घंटे वहाज में लाल रंग की ड्रेस और नुकीली तेल वाला सांडिल में स्टारबक्स ऍम थी । उसे अपनी पार्टनर पजामा पहने हुए, आईसीसी पीते और किताब पढते हुए मिले । हाई तुमसे हो । उस ने अपनी किताब से ध्यान हटाकर जयंती की ओर देगा । ठाई कहते हुए उसने किताब को किनारे रखते हुए जयंती को गले लगाया । काम से मिलकर अच्छा लगा । मुझे भी बैठे हुए जयंती ने कहा, उसे शेयर सुंदर लगी, आकर्षक लेंगी । लडकी ने पूछा, नहीं नहीं, आज दिन में कई बारी कॉफी पी ली है तो वह की तस्वीर की तुलना में ज्यादा जवान देखती हूँ । इंस्टाॅल बदल देता है, मुस्कुराते हैं तो क्या तुम ऐसा अक्सर करती हो? डी टी यहाँ पर अपने प्यार को तलाशना । यहाँ एक किशोरी मुझे रख रही है मैं तेईस साल की हूँ मैं तुम से दस साल बडी हूँ । देखो से भी हम यहाँ वहाँ जयंती ने कहा ऍफ ही में हो ही नहीं रहा हूँ मुझे ठीक से सुंदर ना अच्छा लगता है तुम्हारी ड्राॅ । उसी ने अपने हो दबाते हुए जयंती को अच्छा लगता है । मैं सोच रही थी कि क्या उसका पार्टमेंट उसे घर पे ले जाने योग्य साफ है । इस धन्यवाद है । हमारी पे जाने के बारे में कुछ कहना चाहती थी लेकिन ये तो ही तो है । तो मेरे बारे में तो कुछ फॅमिली ने कहा । और आगे जो गई तो बेहद आकर्षक को इतना ठीक है ना । जयंती मुस्कुराई अभी इतना पर याद है तुम किसी को डेट कर रही हूँ तो मैं क्या लेना देना है । क्या ये डेट नहीं है? ऐसी नहीं पूछा । मैंने इतना आगे तक नहीं सोचा । कुछ तो अब तक पसंद आई हो या नहीं । अभी इस बारे में कोई राय नहीं बना पाती हूँ । मुझे तो ये तक नहीं मालूम कि श्रेयसी तुम्हारा असली नाम है या नहीं और मुझे कैसे पता चलेगा कि तुम्हारा नाम जयंती हैवी की नहीं, तुम्हें भले ही पता ना हो पर मैं तो अवश्य कह सकती हूँ कि मुझे किसी से मिलने के लिए अपना नाम बदलने की जरूरत नहीं है तो तुम करती क्या हो? क्या तुम अभी भी पढाई कर रही हूँ और एक डेढ से दूसरी डेट के बीच बोल रही हो? ऐसी जोर से हस्ती है तो मुझे ऍफ किशोरी समझती? हाँ नहीं नहीं तो ये भी कहा है कि तुम ऍम ये मेरे स्वाभिमान के लिए पर्याप्त है । क्या मुझे ऐसे कई रिकॉर्ड करना चाहिए । उस समय काम आएंगे जब मैं अकेली और दुखी होंगे । हो कहते हुए श्रेयसी ने आइस टी का एक खून भरा । आईटी कंपनी में काम करती हूँ तो मैं अपने काम में आनंदा ते को कभी कभी फॅमिली हो । किसी ने पूछा नहीं किताबों का संपादन करती हूँ । फिर इस बार तो तुमने मुझे पढते हुए देखा । क्या इससे नजदीकी बढेगी? लडकी ने अपने स्टॉस है गिलास में बुलबुले बनाते हुए कहा । इसके पहले की जयंती कुछ पार्टी में बोली अरे मैं मजाक कर रही हूँ । मैं शादी शुदा हो । अच्छा तो तो टेंडर पर क्या करनी हो? जयंती नहीं कहा । अब मैंने ये तो नहीं कहा कि मेरी एक पत्नी जयंती शर्म से लाल हो गई । नहीं सोचने लगे कि उसे ऍम लंबा अरसा हो गया है । पिछली बार उसने छह साल पहले सेक्स किया था । हालांकि में उतना अच्छा भी नहीं था । उसके साथ ही को बताई नहीं था कि किसी लडकी को कैसे संतुष्ट किया जाता है । इसलिए मैं जल्दी ही उसे निपटाकर करवर बदल के हो गई थी । तो तुम्हारे पति शहर से बाहर गए हैं । जयंती ने पूछा, नहीं नहीं, अभी हाल ही में लौटे हैं । एक नाविक हैं । मरीन इंजीनियर्स तो अपने दोस्तों के साथ पीने गए हैं । तो मैंने सोचा की मैं भी अपनी गलती इंटर राष्ट्र जयंती को देखकर मुस्कुराई । जयंती ने पाया कि उसकी आंखें उसके पैरों पर टिकी थी तो हम मित्र जयंती ने पूछा वैश्य, यदि तुम जहाँ हो तो लेकिन उसके लिए हमें एक दूसरे को अच्छी तरह समझना होगा । तो मुझे बताओ कि तुम्हें कौन सी किताब संपादित किए हैं? शायद नहीं फडियों । छह सी ने कहा, तुमने का आर्थिक एयर का नाम सुना है । मैंने उस की सभी किताबें संपादित की हैं । लडकी के चेहरे पर कोई भाव नगर नहीं है । जयंती ने बोलना जारी रखा । लगता है तो मैं रोमांस पसंद नहीं है । मैंने इसके विपरीत हूँ । खेती में राॅयल्स पसंद नहीं करती तो क्या मैं पति के होने के बावजूद एक मित्र में रोमांस तलाश नहीं होती? मुझे कार्तिक आई एम वाला रोमांच पसंद नहीं । एक ही साथ ही और लिंग तक सीमित रहनेवाला रोमांस मेरे लिए बहुत साधारण जानती हूँ, जो पसंद करते हैं । सबकी अपनी अपनी पसंद है । ये तो तीन में उस व्यक्ति को पसंद करती हूँ । क्या क्या नाम है उसका? हाँ डामन उसने अपने बारे में फेसबुक पर कुछ बेहतरीन कहानियाँ नहीं । मेरा ध्यान उनकी ओर इसलिए गया क्योंकि मैंने उन में अपना नाम पाया । कहते हुए मैं मुस्कुराई । फिल्म मनोरंजक मजा किया, जंगली और भावनात्मक है । इस तरह के विषयों पर किताबें लिखी जानी चाहिए । ऍम एक चाहे जिस नाम से उसे पुकारों । उसने भी एक किताब लिखी है । पर मैंने अब तक नहीं पडी तो मैं उसके किताब पढने के होंगे । मैंने उसके किताब भी संपादित की है । अच्छा आपने ऍम महत्वपूर्ण व्यक्ति के साथ बैठी हुई हूँ । लडकी ने ठाकरे लगाते हुए कहा तब तो मुझे थोडा अधिक विनम्र होना चाहिए । पजामा पहना कोई सही निर्णय नहीं था । उस लडकी ने हसते हुए अपने हो अपनी उंगलियों से छुपा लिया वाले ही पजामा पहने हुई हो पर उसकी लेफ्ट एक बेहतरीन और हॉट थी । जयंती सोचने लगी कि उसके होटल को चुनना कैसा रहेगा? उससे मैं बात याद आ गई जब उसने पहली बाहर किसी लडकी का चुम्बन लिया जाए । उस समय में एक अच्छा आठ में पढती थी । हालांकि वाॅलेट नहीं था । एक सामान्य से हर करती चुंबन लेकर उसे अच्छा महसूस हुआ था । उसके काफी दिनों के बाहर उसने पहली बार किसी लडके का चुम्बन लिया था । उसने महिला और पुरुष दोनों को छुम रखा था । पर ये नहीं कह सकती थी कि कौन सा अनुभव ज्यादा शानदार था । वैश्विक उसी के होटल को घोरने लगी । मुझे किताब की प्रति का इंतजार रहेगा । शेरसी ने कहा आपका नाम किताब के प्रिंट पर देखना अच्छा अनुभव होगा । जितना भी उसके बाद तो मुझे पसंद नहीं करोगी । जयंती नहीं कहा किसने कहा कि मैं अभी तो मैं पसंद करती हूँ । जयंती को लडकी अक्कल मान लगी । ठीक है मैं दूसरे शब्द का इस्तेमाल करती हूँ । पसंद तो फॅस है । हल्की तो मुझसे नफरत करोगी । मैंने इस किताब का इस तरह संपादन किया है कि कार्तिक की किताब की तरह लगे और उस तरह की किताबें तो मैं पसंद नहीं है । तुम्हारे पास तो पहले ऍम दूसरे की क्या जरूरत है । इस बार ये उतनी समझदार नहीं लगी । जयंती ने सोचा उसे कारण से जिस कारण से तुम यहाँ एक पुरूष के अपने जीवन में होने के बावजूद मौजूद हूँ, मैं हमेशा अपने पास दो विकल्प रखती हूँ । लडकी ने आईटी का गिलास हवा में उठाते हुए पूछा, यह तो सच में नहीं होगी नहीं और काफी ले सकती हूँ । जयंती ने कहा दोनों उठे और काउंटर तक गए । जयंती ने अपने लिए कॉफी और उस लडकी ने एक आईटी ऑर्डर की जहाँ पे इंतजार कर रहे थे । उस समय लडकी ने जयंती के कंधे पर अनौपचारिक रूप से हाथ रखा और पूछा तो मैं ऐसे लेखकों और उनकी किताबों में मन जहाँ परिवर्तन करने में भी बडा मजा आता होगा ना कोई जोर जबरदस्ती नहीं, चाहे तो हम से नाता तोडकर किसी और प्रकाशन को चुन सकते हैं । जयंती ने कहा, वैश्विक किसी के हाथों को लेकर दोगुनी सतर्क थी, लेकिन फिर भी फिर तुम्हारे साथ है और अपनी पुस्तकों के परिवर्तन के लिए भी राजी हैं । हो न तुम कमी में कहते हुए उस लडकी ने जयंती की ओर देखा । मेरे बारे में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए तो मैं कमीनी शब्द ही उचित लगा । धवन को सफलतापूर्वक कार्तिक अय्यर के क्लोन के रूप में बनाते हुए तो कुछ नहीं बोलना चाहिए था । लडकी ने कहा, मुझे नहीं लगता की हम एक दूसरे को याद रखने के लिए बने हैं । जयंती ने कहा थी, उसी समय उनकी ड्रिंक आ गयी । वापस लौटते समय जयंती ने उस लडकी की खुली हुई पीठ पर हल्के से हाथ फेरा । यदि वे अपने कमरे में होते तो अब तक वह उसे अपने बिस्तर तक ले जा चुकी होती है कि जैसे मेरे पति यात्रा पर होते हैं तो मैं बहुत अकेलापन महसूस करती हूँ । और भी कब नहीं होते । जयंती ने पूछा ये दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कराती हैं । रेल आदमी साथ ही गुजारती हैं ।

Part 19

ऍम तुमने से पढ लिया । धवन ने उत्सुकतावश पूछा दमन जी, उंगलियों में अब भी टाइपिंग के कारण दर्द हो रहा था । पहले सप्ताह उसकी उंगलियों में इतना दर्द था कि उसे अपनी उंगलियों को गर्म पानी में डुबोकर रखना पडा था । लेकिन अगले सप्ताह से दर्द धीरे धीरे कम होता गया । उसका दर्ज अर्थराइटिस की तरह ही था । पंद्रह दिन तक दिन रात अपने लाख टॉपर टाइट करता रहा था तथा बाकी गांवों के लिए बडी मुश्किल से समय निकाल पाया । पे ना तो अपने माता पिता के पास गया और ना ही अवनी से मिला । उसने अपना फोन से जॉब कर दिया था और उसकी सारी कॉल्स वॉइसमेल में चली नहीं । उसने अपना ईमेल फेसबुक ट्विटर भी चेक नहीं किया । अखबार एक कोने में पडे रहे किचन से बासी भोजन की दुर्गंध आने लगी थी । वो तब तक जुटा रहा जब तक मेरे सपनों की लडकी के आगामी संस्करण का दस पेज का सारांश तैयार नहीं हो गया । स्पेलिंग और व्याकरण को जांचने के बाद उसने उसे अपनी को पढने के लिए दिया । उसे अपनी की प्रतिक्रिया का तेज सब से इंतजार था । हाँ हमने पढ लिया । अवनी ने कहा कि बहुत अच्छी है अपनी कॉफी की ओर देखते हुए उसने कहा तो मैं झूठ बोलने की जरूरत नहीं कि केवल सारांश है । मैं भी इसमें कुछ परिवर्तन कर सकता हूँ । यही तो मुझे बता शक होगी । इसमें कहाँ कहाँ गलतियां हैं तो ना निशान लगा लूँ । नमन ट्रेड और पैन लेकर अग्नि के बगल में बैठ गया । उसने पेज पर कुछ निशान भी बनाए । अपनी ने उसके हाथ से काट लेते हुए एक तरफ रख दिया । मैं कोई लेखक नहीं हूँ और मैं तो तुम्हें कोई सलाह देने योगी भी नहीं हूँ । दमन ने फिर से उसके हाथ से पैर ले लिया । लेकिन तुम पाठक हो और इससे जरूर असर पडता है । अब बताओ मुझे धमान । सबसे पहले तो मैं माफी मांग होंगी तो मैं एक अच्छे लेखा को और मुझे पहले तुम्हारी पिछले किताब पढनी चाहिए थी । ये सारा तो बहुत अच्छा है । हम उसको रहती है । हम सच में ऐसा कह रही हूँ । हाँ, मुझे बहुत पसंद आई तो सही कहा जगह पर कुछ परिवर्तन किए जा सकते हैं । मैं और पढना चाहूंगी । दमन ने पाया कि है कहते समय अपनी की आंखों में एक अलग ही चमक थी । अमन ने खुद भी नहीं सोचा था कि उसके शब्द इतने कारगर होंगे । उसका आत्मविश्वास बढ गया । वर्ग बहुत खुश हुआ लेकिन मैंने इसे कई बार पढा । उसने धीमे स्वर में कहा, उसने जरूर ऐसा ही किया होगा । फिर बहुत आग्रही धवन ने सोचा उसकी प्रतिक्रिया में देरी होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है । मैंने इसी से मिलते जुलते विषय पर और भी कई किताबें खंगाली हैं । किताबें जिनकी दुनिया भर में अनेक प्रतियां बिकी हैं । ऐसा तो मेरे लिए क्या हाँ और किसके लिए कर होंगी? मुस्कुराते हुए उसने दमन के हाथों पर अपना हाथ दिया । खेर मैंने उन किताबों से कुछ बातें नोट की हैं और एक सूची बनाई है । कुछ नहीं अभी बनाए हैं यू नो उनके ताबों के है जो तुम्हारी किताब के विषय और श्रेणी के करीब है । तो मैं कुछ अन्य बिंदु ईमेल कर दुनियाँ । पर मैं जानती हूँ कि तुम मेरे कहीं को ठीक और टाइगर आगे । अरे हर वही क्या है? शेरसी धवन ने अपनी आंखें घुमाएंगे देखो तुम पहले से ही रक्षात्मक हो रही हूँ । ॅ ऐसी कोई समस्या नहीं है । दमन मुडता है भी कहती है समस्या तो कहीं और हैं । दमन का चेहरा सख्त हो गया और मैं कुर्सी खींचकर बैठ गया । नहीं नहीं मेरे सपनों की लडकी भी पडी है । किताब और फेसबुक पोस्ट के संस्करण भी मैंने पडे हैं क्या तो मैं ऐसे किसी फोरम को जानते हो जहाँ ये सभी पोस्ट मौजूद हूँ । खेर मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी कहूँगी कि मुझे श्री इसी का चरित्र पसंद आया । मुझे क्या है? वो पागल सी है और किताब का मुख्य बात उसके प्रेम पांच में नजर आता है । ये भले ही मानसिक अवस्था है पर कारगर है । नमन उसकी मुस्कुराहट देखकर आश्चर्यचकित था । यह विश्वास करना कठिन था क्योंकि अभी कुछ ही महा पूर्व उसने किताब की कटु आलोचना की थी । तो इस आगामी संस्करण में क्या समस्या है? उसने गहरी सांस ली । उसके प्यार में गिरफ्त नहीं लगता । पहले किताब एकदम ठीक थी लेकिन दूसरी किताब में दृढविश्वास नजर नहीं आता । नहीं, कई बार इस सारांश को पढाये और मैं सोच रही थी कि मैं पूर्व रहे से ग्रस्त हो रही हूँ । क्योंकि कोई भी लडकी अपनी कोई फ्रेंड का नाम किसी दूसरी लडकी के साथ देखना नहीं थी । लेकिन मुझे पहली किताब और फेसबुक पोस्ट बेहद पसंद थी । दूसरी किताब की सहारागंज में ये सारी बातें लापता हैं । डाॅ । किसी के साथ प्रेम में नहीं है । मैं तो उस नहीं हो रहा है । ऐसा लग रहा है कि तुम आवश्यकता से अधिक प्रयास कर रहे हो । हाँ, थोडा अजीब लग रहा है । मात्र अभी बेहतरीन हैं पर उनके मध्य संबंधों में समस्या है । थोडी अविश्वसनीय लग रहा है । हो सकता है तो मैं भी आगे ऐसा लगेगा जब तुम किताब के अध्याय लिक होगी । धवन ने सोचा कि में ठीक ही कह रही है ये विचार उसे भी परेशान कर रहा था । जैसे सारांश लिख रहा था शुरुआत के कुछ देने । श्रेयसी के विचारों से उसका ध्यान बार बार भंग हो रहा था । उसने पात्र के बारे में लिखते समय बार बार ये प्रयास किया कि श्रेयसी का चेहरा उसकी आंखों के सामने ना आए । उसे लगा था कि उसने वास्तविक व्यक्ति और किताब के पात्र को अलग अलग रखने में सफलता प्राप्त कर ली है । लेकिन वो गलत साबित हुआ । कोई दृढविश्वास इसलिए नजर नहीं आ रहा था क्योंकि श्रेयसी लौट आई है और मैं उसके प्रेम में गिरफ्त नहीं हूँ । उसने सोचा हूँ कुछ और भी है । दमन ने पूछा, हाँ, पिछले कुछ दिनों से किताब के बारे में सोच रही हूँ और मुझे इसी वाली समस्या का समाधान मिल गया है । टामन खाके की ओर झुकता है । मैं बोलना जारी रखती है । ठीक इसी जैसी है, उसे वैसा ही रखो । उसमें कोई भी बदलाव मतलब उसे अपने संसार में रहने दो । लेकिन एक नया पात्र जोड दो । एक अच्छी सी लडकी सुंदर प्यारी सी ये नहीं कह रहे कि उस पात्र से प्यार करूँ लेकिन उसे रखो जरूर ताकि लोगों से जहाँ सकें इसे एक बीमा की तरह देखो । अब देखो भले ही लोगों को दमनो श्रेयसी पसंद आए, पर उन्हें दमन की नई मित्र आवश्य पसंद आएगी । तुम्हारा क्या कह रहे हैं हूँ? तमन्ने सोचा कि इससे जयंती खुश हो जाएगी । अगले आधे घंटे तक अवनी ने दमन को किताब के बारे में ऐसे कई विचार दिए जो जयंती शायद ही दे । पार्टी लेकिन मैं शेयर सी के बारे में क्या करूँ? मैं लौट कडी की हुई । ये कोई बुरा विचार नहीं धमन नहीं कहा । बस मुझे ये कहना है कि किताब का मुख्य पात्र इस नई लडकी को पसंद करे तो समझो हमारा काम हो गया । अपनी को उस पर प्यार आ गया । मैंने तो नहीं पार्टी के लिए नाम भी सोच लिया है । ये ए से शुरू होता है । बस क्या रही हूँ तो कम ऑन क्या कोई भी ऍम तो कर ही सकता है ना? ठीक है मैं इसके बारे में सोचूंगा । दमन ने कहा, लगभग एक घंटे के बाद अपनी वहाँ से चली गई और उसने दमन को इन दो उद्देश्यों के साथ किताब का सारांश फिर से लिखने के लिए अकेला छोड दिया । दमान और श्री सी की प्रेम कहानी को विश्वसनीय बनाना और एक नया पाठ अपनी जोडना शुरूआत के कुछ माह के बहुत कठिन थे । अगले तीस मिनट तक असफल रहने के बाद उसने अपनी के बारे में लिखना आरंभ किया । उसने आसानी से ऐसा कर लिया । अपनी नामक पात्र एकदम सर्वगुण सम्पन्न, कुछ कुछ उसकी गर्लफ्रेंड की तरह मीठी वाणी बोलने वाली, हर मुद्दे पर राय रखने वाली, प्यारी, महत्वकांक्षी और सफल लडकी थी । मुख्यपात्र के साथ प्रेम करती थी । अगले कुछ घंटों तक दमन इस नई पात्र को कहानी के मूल स्वभाव में कोई परिवर्तन किए बिना शामिल करने का प्रयास करता रहा । जब तक उसने अपना कार्य पूरा किया, तब तक सुबह हो चुकी थी । पहला विचार उसके दिमाग में ये आया कि इससे ऐसी कुछ नहीं । लडकी के बारे में पता चलेगा तो उसे कैसा लगेगा । इस विचार को दरकिनार करने में असफल होने पर उसने अपना ईमेल चेक करना शुरू कर दिया कि कहीं पिछले दिनों से ऐसी कोई नहीं तो नहीं भेजी है । उसने ऍफ साइट पर अपना अकाउंट बना रखा था । उनकी ढेर सारी इंडियंस के बीच ऐसी का ईमेल दबा पढा था । ऍम तो दमन राॅड भाई । मुझे आशा है तो उन्हें नहीं की ताकत सारा अच्छी तरह लिख लिया होगा । मुझे राष्ट्र मत करना । जयंती और अपनी की बात मत सुनना । मेरे कहा और प्रेम कहानी के साथ न्याय करना बस मुझे तुमसे यही अपेक्षा है । शुभकामनाएं प्रिया श्री सी तुम्हारे सपनों की लडकी धाड में जाए सोचते हुए है सोने चला गया ।

Part 20

भाग भी क्या फिर अपील हुई है । अपनी ने पूछा ऍम में फंसी है तो कहाँ तक पहुंची? धवन ने पूछा बेहतर होगा कि उस फालतू से अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के पहले तो मैं पहुँचा हूँ आप नहीं हस्ती है तो ठीक हो जाओगे । टाॅपर पहुंचाऊंगी एक कांस्टेबल मुझे हो रहा है भाई और उसने फोन काट दिया । धवन ने फोन कोई किनारे रखा और मैं अपने साथ लाये । किताब में तल्लीन हो गया में काफी देर से एक ही पेज पर अटका हुआ था । बार बार एक पैरा को पढ रहा था उसका ध्यान ठंडे वा सख्त लकडी से बने फ्लोर पर कुर्सी रगडने की आवाज से भंग हुआ । उसने ऊपर देखा इसके पहले की वह बाकी को सही कर पाता । ऐसी उसके सामने कुर्सी पर कांस्य लग कर के बैठ गई और अपना बैग मेज पर रख दिया । तो हम तो मुझे देकर इतना आश्चर्यचकित तो नहीं होना चाहिए । मैं चाहती हूँ कि एक दिन ऐसा नहीं जाता होगा तो मेरे बारे में नहीं सोचते होंगे तो तो कीमत से मिलना और बात करना चाहते हो गई है ना ऍम होंगे ऐसी तो मैं इसके ऐसे के हिसाब से कुछ ज्यादा ही तैयार हूँ । आकाश और मैं लंच के लिए उसके एक मित्र के घर जा रहे हैं । नहीं, इसके ऐसे की हिसाब से कुछ ज्यादा ही तैयार हूँ । आकाश और मैं लंच के लिए उसके एक मित्र के घर जा रहे हैं । मैं मैली कुचैली पत्नी नहीं करना चाहती थी । शादीशुदा होना काफी थका देने वाला अनुभव है । अच्छा ये बताओ कि क्या तो मैं अभी मैं तो सपना आते हैं । वैसे तुम्हारा कोई लेना देना नहीं है । धवन ने मेज पर घूंसा मारते हुए कहा तो मैं या नहीं आना चाहिए था । जो तुम आना चाहती हो, उसके लिए देर हो चुकी है । तो जब मेरे जीवन में आज और जब चाहो तब निकल जाओ । ऐसा नहीं हो सकता ना । मुझे तुम्हारे बारे में कुछ याद है और न ही नहीं याद करना चाहता हूँ । समझ में आया तो मैं शेरसी की बहुत बन गई । उसने गहरी सांस ली । उसके चेहरे पर ग्रोथ था । अपने गुस्से को दबाते हुए मैं मुस्कुराई और बोली तू नॅान के कारण गुस्सा हो ना । मैंने तो मैं कोमा से लौटने के बाद पीछे थे । तो मैं इसलिए किसी आए हुए हो की मेरी शादी हो चुकी है । मैं सिर्फ इतना जानता हूँ कि तुम्हें यहाँ नहीं होना चाहिए था । समझे तुम्हारी उपस् थिति मेरी किताब की सफलता के लिए एक संकट है । हमारे भी चाहे कुछ भी हुआ हूँ पर देर हो चुकी आर । अब यहाँ से जाओ और दोबारा मुझसे संपर्क करने की कोशिश मत करना । ऐसी कि आखिर रोज से हो गई एक आंसू उसके घायल से फिसलता हुआ उसकी थोडी तक आ गया । बहुत ही धीमी सी आवाज में उसने कहा अंतिम कि तुम मुझसे नाराज हो जब मैं तुमसे गोवा में मिली थी, उस समय मेरी सगाई हो चुकी थी । जिस समय मैंने तो मैं अस्पताल में छोडा । उस समय तो मरनासन्न में थे । अपनी शादी को टालने की भरसक कोशिश की । पर मेरे माता पिता नहीं माने तो शादी होने के चार महीने बाद तक तुम कोमा में थे और डॉक्टरों का कहना था कि यदि तुमको माँ से बाहर भी आ गए तो या तो तुम किसी बच्चे या किसी विकलांग लकवाग्रस्त की तरह ही होगी । किसी भी में क्या करती ऍम की और फिर तुम ठीक हो गए तो मेरा नाम भी याद रहा । तब से मैं तुम्हारी पोस्ट में मेरा और तुम्हारा नाम साथ में देख कर ही जी रही हूँ । उनको खुश होगी । श्रेयसी मैं थी और दमन तुम मुझे अपनी ही प्रेम का हाथ लगी । देश का क्या मतलब है? धवन ने कहा बेनिस्टर तुम्हारे नाम का इस्तेमाल किया ना बस और वहीं पर समाप्त हो गया । एक्टर समय तुम्हारे बारे में नहीं सोच रहा था । समझी मुझे तुम्हारे बारे में कुछ भी याद नहीं है । तो जो कुछ भी कर रही हो, वहीं छोड दो । उसने अपने सिर हिलाया और आंसू पूछने लगे । कमर, तुम्हें दुर्घटना अली लाख के बारे में कितना याद है? धवन ने उसकी ओर देखा । जितनी बार भी उनकी नजरे मिली, मैं उसकी आंखों में अपनी खोई हुई दास्तान तलाश करता रहा और ये जानने की कोशिश करता रहा कि उस रात क्या हुआ था । महीनों तक में अपने सपनों में उस चेहरे को पहचानने और याद करने की कोशिश करता रहा । और अब जब कि वह चेहरा उसके सामने है, वह उसे अपनी कहानियों से ही नहीं जोड पा रहा । यह बहुत निराशाजनक बात थी । लडकी जिसके साथ रह सपनों में प्रेम करता रहा, जिसमें लेकर उसने तरह तरह की स्मृतियां बनाई, अपने अतीत और भविष्य के बारे में सोचा । अब जबकि वह सामने है तो उसे कुछ महसूस ही नहीं हो रहा । सिर्फ एक साल का डर है । मुझे ज्यादातर पाटन याद है । कडी कौन चला रहा था? किसी ने पूछा तो यदि तुम्हें ऐसी हो तो हमने कहा छत तुम्हें ज्यादातर बातें याद है तो तुम मेरे शेष ही होने पर संदेह क्यों हैं? दमन अनुत्तरित शाम महसूस करने लगा । आपने बोला मुझे तुम्हारा चेहरा याद नहीं है । श्रेयसी ने निराशा में अपना सिर हिलाया और तुम दुर्घटना के एक रात के पहले की कितनी बातें याद है? दमन को कोई उत्तर नहीं सोचा । हमने सिर्फ कुछ ही समय कार में एक साथ हो जा रहा था । इससे ज्यादा और कुछ नहीं क्या हम तो मैं अभी आगे भी इस कुछ हमारे अवचेतन मन में उसने कहा अन्यथा तो अपनी फॅमिली ये सब कुछ नहीं लिख पाते । किसी लिखते सारे नाम है जो हमने एक साथ गोवा में गुजारे थे । कुछ सारी घटनाएं वैसा मेरी कल्पना थी । हम लेखक ऐसा अक्सर करते हैं । कहाँ लेखा कल्पना करते हैं? लेकिन तो नहीं तुमने मेरे बारे में सिर्फ वो रेसप नहीं नहीं देखे हैं है ना? हाँ हाँ मेरे कुछ और भी तो सपना है । या तो उन्हें स्वप्न अभी कह सकती हूँ, लेकिन मुझे उनमें भी तुम्हारा चेहरा नजर नहीं था । मुझे लगता है कि अब तो मैं जाना चाहिए । दमन ने कहा और ऍम ऐसी की कॉफी लेकर आ गया और उसके सामने रख दी । मैं तो यहाँ पर कुछ थाने आई हूँ । ऐसी ने कहा उसका फोन बज उठा । उसने अपने बैंक से फोन निकाला और मैसेज भेजकर उत्तर दिया । फिर फोन वापस क्या आकाश था । पूछ रहा था कि क्या मैं फ्री हो गई हूँ । पांच मिनट में मुझे लेने आने वाला है । आपने डीर करना नहीं चाहती और तुम ये नहीं चाहते कि अपनी मुझे हमारे साथ यहाँ देखे । उसे ये जानकर कितना सोचा होगा कि वह तो सिर्फ एक नौकरानी और जिस लडकी को वो तुम्हारी खान समझती है वो तो हरी सच्ची प्रेमिका है और तुम्हारा अपने पति के बारे में क्या ख्याल है? दमन बोला मैं पक्का मूर्ख है । वो सोचता है कि मैं उसे प्यार करती हूँ और मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं । जब तुम अपनी किताबों में हमारे प्यार को जिंदा रख होगी । मैं और कुछ नहीं सोच होंगी काली इसका मतलब ये है कि मुझे एक ऐसे आदमी के साथ अपना बाकी जीवन को जानना पडे जिससे ना ही में पसंद करती हूँ तो प्यार करती हूँ । बस मुझे यही चाहिए दी थी । ऐसी ने कहा और थोडी देर शांत रहने के बाद बोली और जयंती तो मैं कल ज्यादा पैसे देने का प्रस्ताव करने वाली है । जितना तुमने मांगा है उससे भी अधिक हर तुमसे नीचा दिखाने वाले हो तो उनके इस बारे में बात कर रही हूँ । कैसे सही भरी अगले किताब में से मीरा नाम हटाने के लिए करेगी तो उनसे मेरे बारे में लिखने से मना करेगी । ये कहना अभी जल्दबाजी होगी । उसी ने तो पहली किताब में पात्रों के नाम श्रेयसी और दमन रखने का आग्रह किया था । धवन ने तर्क दिया, ऍम किसी को कोई मतलब नहीं है कि मैं अपनी किताब में किसका नाम प्रयोग करता हूँ । हो सकता है उसने पहली किताब में मेरा नाम इस्तेमाल करने को कहा हूँ । पर आज भी अपनी का नाम इस्तेमाल करने को कहेगी और अपनी भी उसकी बात कर समर्थन करेगी । क्या आज अपनी जहानी रियल उसे किसी बात से क्या मतलब है? उसे किसने इस बैठक में शामिल होने के लिए का है तो तुम नहीं अपनी नहीं या जयंती नहीं, तुम्हारे सिर में वो बीज बोया है । सोचो उस ने क्या कहा था? क्या अब तो अपनी को अपने साथ क्यों नहीं थी? हम अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे और साथ में किसी अच्छी सी जगह पर जाकर खाना खाएंगे । आज शनिवार है और आज इसका अवकाश भी होगा । उसमें यही कहा था ना या उसने ये कहा कि इस समय तुम अच्छी तरह से अनुबंध को पाल लो । किसी और को भी पढा लो । अपने परिवार में किसी को पढा लो या अपनी गर्लफ्रेंड को किससे तुम्हारे दिमाग में ये विचार डोसा मैं चाहता था कि अपनी मेरे साथ रहे धवन ने झूठ बोला या श्रीः की बात है कि एक लेखक होने के बावजूद तुम झूठ बोल रहे हो । कोई बात नहीं बस एक पल को ये मान लेते हैं की जयंती ने तुम्हारे मन में यह विचार ढूंढ रहा था तो तुम्हारा उत्तर क्या होगा? मैं नहीं जानता । बीत मारा उत्तर नहीं होना चाहिए क्या? तो मुझे सुन नहीं रहे हो तो मैं सुना नहीं । मैंने पहले क्या कहा था बार बार अपमान का घोट नहीं थी । होंगी ऍम मुझे सुन रहे हो ना, मैं उसको थी आपको किताब में अपनी जगह नहीं लेने होंगी तो उसे बहुत हुआ वो मेरी ॅ और तुम कुछ नहीं । हाँ धमान कराया कुछ नहीं दमन तुम्हारी प्रेमिका हो तुम जानते हो ना मैं तुमसे तिहार करती हूँ मेरी जान तुम तो मेरी जिंदगी हो । तुम अपनी लेखनी से भी मुझे निकाल दोगे तो मेरा क्या होगा? कुछ किसी बात की फिक्र है । उसकी आंखें लाल होती और हसन से भर नहीं तुम कैसी बातें कर रही हूँ । मेरी जो मर्जी में आएगा मैं करूंगा नहीं तो ऐसा नहीं करोगी । श्री सीने कडक आवाज ने कहा उसकी आंखों से आंसू बह निकले । फॅालो कुछ पूरा ऍम तुम्हारी मदद करना चाहता हूँ । मैं बहुत हुआ । अब तो मैं यहाँ से जाना चाहिए तो कभी कभी बच्चे नहीं । अपना बैग उठाते हुए कैसी बोली । झुकते हुए उसने दमन के दाहिने गाल पर हल्के से चॅू । उसका प्रस्ताव खारिज करतोया उसने धीरे से कान में बोला सुबह तेज हुए हैं, कैसे चली गई? घंटो की माँ की बात याद आ गई जो कई महीनों से कह रही थी उसके साथ कार में जाना ही खोलती । सिर ऐसी पूरी पागल थी ।

Part 21

भाग देखिए । अपनी उस जगह आकर बैठ गई जहाँ पंद्रह मिनट पहले श्रेयसी बैठी हुई थी । उसने ध्यान ही नहीं दिया कि श्रेयसी के द्वारा ऑर्डर किया हुआ कॉफी का मांग वहाँ भरा रखा हुआ है । दमन की अनुमति से रिटर्न ने उसका आपको वहाँ से हटा दिया । क्या तुम परेशान हो? अपनी नहीं पूछा । थोडा सा अपनी अपनी कुर्सी को दमन के पास ले गए और तब तक सहलाती रही जब ताकि जयंती वहां नहीं पहुंच गई । फॅस बीस मिनट देर से थी और आते ही उसने अपने देर से आने पर माफी मांगी । उसने बताया कि उसे अपने बॉस के साथ एक आवश्यक बैठक करनी पडी । आप कुछ लेंगी । अवनी ने पूछा ही नहीं हुए दोबारा देकर अच्छा लगाव नी कैसी हो? तुम अच्छी हूँ । अवनी ने सहमती में अपना से लाया । मुझे आशा है कि तुम हमारे लिए कोई अच्छी खबर लेकर आयोग केेवल । खुश खबरी जयंती ने कहा और दमन की ओर देखकर मुस्कराई । धवन भी हल्के से मुस्कराया । उसने बोलना जारी रखा । मैंने अपने सीने से बात की है और हम दमन को अपना अगला बाडा और मशहूर लेखक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है । पहली किताब अच्छा बिजनेस कर रही है और हमें सिर्फ इतना प्रयास करना है कि अगले किताबें भी सफल हो तो हमारी सबसे प्रतिभावान लेखकों में से एक हो और हम तुम्हें उसी तरह का मान देंगे । अवनी समझ गए कि दमन को जयंती की इन बातों से हो रही है । जिस तरह हम एक बडे लेखा के साथ पेश आते हैं, उसी तरह तुम्हारी साथ पेश आएंगे । जयंती बोली, जितनी जल्दी हम इस की दिशा तय कर ले, हमारे लिए उतना ही अच्छा होगा । ऍम हिसाब से हम कोई कसर नहीं छोडेंगे । हम जानते हैं कि पैसा एक बडा मुद्दा है, इसलिए हमने उसका खयाल पहले से ही रखा है । मैंने एक टीम बना दिए है । मेरे सीनियर समझते हैं कि तुम्हें किए जाने वाले भुगतान में बदलाव करना होगा । हर हम इस बारे में तो मैं पूरा सहयोग प्रदान करेंगे भी । खुद ही उसकी बातों को कोई भी इसके अच्छा ऐसे में आ सकता है । अवनी ने सोचा, अपनी ने दमन की ओर देखा, जो जयंती की ओर बिना किसी भाव के साथ देख रहा था, पर है उसकी बातों से जरा भी प्रभावित नहीं लग रहा था । तो तुमने दस प्रतिशत रॉयल्टी की मांग की है और वर्तमान दरों से पांच प्रतिशत अधिक भुगतान चाहा है । हाँ, मेरा भरोसा करो । अपने सीनियर्स को इस बात के लिए राजी करने में मुझे बहुत कठिन नहीं पेश आई है । अपनी ने जयंती को टोकते हुए कहा, क्या तुम अपने अन्य लेखकों को दस प्रतिशत रॉयल्टी नहीं दी थी? तो फिर दमन को देने में क्या दिक्कत है? यह तोडी आई जाना चाहिए । ये इसलिए कठिन कहा क्योंकि मैं दस के लिए नहीं बल्कि बारह प्रतिशत के लिए प्रयास कर रही थी, क्योंकि धवन फॅमिली महत्वपूर्ण है । जयंती ने मुस्कुराते हुए कहा, अग्नि उसके झांसे में आ गई और उसने तपाक से पूछा और एडवांस में कितना पैसा होगी । उसने दस लाख रुपये मांगे हैं, पर हम उसे चौदह लाख रुपये देंगे । इसके अलावा हम उस की अन्य जरूरतों को पूरा करने में भी सहायता प्रदान करेंगे । और बुरी खबर क्या है? धवन ने पूछा, तुम इतनी उदार तो होनी? इसके बदले में तुम मुझसे क्या जा रही हूँ? क्या मुझे पायल पहनी होगी या अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा? सामान तुम मेरा अपमान कर रहे हो तो मेरे लेखा को अगर मैं तुम्हारे लिए प्रयास कर रही हूँ, अपनी ने बीच में ही उसकी बात कार्डी ऍफ करो । हमें मुद्दों पर ही बात केंद्रित रखनी चाहिए । हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे बाद में पछतावा हो । जयंती ने अपनी नजरें अवनी से हटाकर धवन की ओर कर ली । देखो ऐसी कोई बात नहीं जो हमने पहले नाकि हुआ । जिस रात तुम्हें मुझे फोन करके नया अनुबंध करने की बात की थी, उसी समय तो उनके दाम में बदलाव करने को भी सहमत हुए थे । हम बस यही चाहते हैं करार या अनुबंध में कोई छिपी शर्ट नहीं होगी । अपनी की ओर देखते हुए मैं बोली चाहो तो तुम भी पर सकते हो अपनी लेकिन उन के दाम में किस तरह के बदलाव चारियों । अवनी ने पूछा जयंती अपनी कुर्सी पर टिक गई हो? कुछ खास नहीं तो सभी लोग किसी और उससे जुडी पैसे अवगत है । पूरी संपादकीय टीम ने तुम्हारे सारांश को पढाएँ और हम सभी चाहते हैं कि तमन धीरे से बुदबुदाया जैसे वह स्वयं से ही बात कर रहा हूँ । हमें इस किताब से श्रेयसी को हटाना जयंती आश्चर्यचकित हो गई । हाँ, यही अब जबकि हमारे बस अवनी नामक बात रहे है तो फिर किसी की क्या जरूरत है? अवनी ने अपनी मुस्कान जो पानी की बहुत कोशिश की लेकिन उसे संजय हो गया की जयंती नहीं उसे मुस्कुराते हुए देख लिया है । लोगों ने पहले किताब को हाथों हाथ लिया है क्योंकि उन्हें लगा कि ये सब सच है । अब तो मम्मी का नाम इसलिए किताब में चाहती हूँ क्योंकि मेरे पाठकों को पता है कि आज कल में अपनी को डेट कर रहा दमन बोला डाॅन तुम जानते हो ना, ये एक बेहतरीन विचार है । पूरी संपादकीय टीम भी नहीं चाहती है । वैसे उधर तुम्हारी प्रेम कहानी बेहद पसंद आई । धवन ने मेज पर हाथ मारते हुए कहा है किसी पेश उसको परवाह है कि मैं किसके साथ डेट पर जा रहा हूँ । इसके बारे में किताब में लिख रहा हूँ । कार्तिक की तरह कुछ नहीं करूंगा । मैं इतना नहीं गिरूंगा ऐसा है कि नहीं करूंगा । अवनी ने अपने हाथ मान लिया । आखिर क्यूँ? उसकी आंखों में यही प्रश्न था । हमारा अनुबंध इसी शर्त पर टिका है । जयंती ने कहा दमन हो, इसके बारे में विचार करें । अपनी ने अनुरोध किया नहीं देख कर आश्चर्य में थी की कितनी आसानी से दमन ने जयंती के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था । किसी बात की जल्दी नहीं । हमें घर जाकर इसके बारे में सोचना चाहिए । मेरे सीनियर्स आज ही उत्तर चाहते हैं । जयंती बोली टाॅय में भर गया तो भी अपनी सीनियर हो तो सीधे अपनी सीआईओ को रिपोर्ट करती हूँ । इसलिए बाहर बार संपादकीय टीम और सीनियर जैसी बातें कहना बंद करो तो वो तोड मरोडकर पेश मत करो तो खुद ही क्यों नहीं? ऍम डाॅ कराते हुए बोला मैं लेखक नहीं हूँ तो अवनी ने बीच में दखल दिया । जयंती क्या तुम कुछ देर के लिए हमें अकेला छोड होगी? तमन्ने अवनी को तीखी नजरों से देखा बात करने को कुछ नहीं है । इसके बिना अनुबंध संभव नहीं है । ठीक है, मैं अगला कार्तिक अय्यर बनना नहीं जाता । मैं कोई और प्रकाशक देख लूंगा । दमन ने कहा, जयंती ने अपनी मुस्कान दबाते हुए कहा, किसी और प्रकाश के पास इतने संसाधन नहीं जो हम तुम्हारे लिए कर सकते हैं । मैं कोई और नहीं कर सकता । हम तुम एक ब्रांड की तरह स्थापित करने में लगभग इतना ही पैसा मार्केटिंग में खर्च करने वाले हैं तो ब्रांड के रूप में तैयार करने में हम बहुत सा धन खर्च कर रहे हैं । भाड में गया तुम्हारा ब्राॅड दमन गोराया अपनी को अपनी गर्दन में जब खांसी महसूस हुई, ये ऐसा ही कर सकता है । क्या हो गया है कि अपने लाभ के बारे में भी नहीं सोच पा रहा है । इसे समस्या है उसका नाम हटाने में मुझे लगता है कि एक बडा अवसर है और हमारे जीवन को पता चल सकता है तो आर्थिक रूप से भी बहुत कुछ गाॅव अग्नि बोली तुम की कह रही हूँ में इस बैठक से कोई नहीं कोई उधर लेकर जाऊंगी चाहे हो या ना । धमन ने अपना चेहरा हथेलियों में झोपाली और रहने लगा । अपनी उसकी हाथ सुनने को बेचैन थी । कुछ देर सोचने के बाद प्रस्ताव पर राजी हो गया ।

Part 22

भाई भाई जब तमन्ने पहली बार जयंती के साथ अनुबंध किया था तो उसने स्वतंत्रता के बारे में सोचा था । कोई बहुत नहीं । ऍम नहीं । समय सीमा और कोई भी प्रस्तुति नहीं । उसे कहानी सुनाने के एवज में पैसा मिलेगा । लेकिन इतने आराम से परिस्थिति बदल गई की पता ही नहीं चला । उसने अपनी नौकरी छोड दी । अपने माता पिता से लडा और घर छोड दिया । ये सब उसने जयंती के लेख कों की सूची में जगह बनाने के लिए । क्या मैं दूसरा कार्तिक आया था? कम से कम पैसे तो ठीक ठाक मिल रहे हैं । उसने स्वयं से कहा उसने अपनी बहू है अग्नि की ओर फैलाते हुए उसे गले से लगा लिया । मैं जयंती के साथ बैठक समाप्त करके थके मांदे घर आए थे । अपनी जल्दी हो गयी, धमन जाता रहा और छत की सीलिंग कोई देखता रहा हूँ या तुम जाती हूँ क्या? तो मैं वो दिन याद है जब हम पहली बार मिले थे तो थोडा सा शर्मा नहीं दिया । अपनी के बालों को सहलाते हुए दमन बोला अपनी भी मुस्कुराते हुए बोली ऐसा मेरे साथ पहली बार हुआ था पर तुम जल्दी ही अपनी लज्जा से बाहर भी आ गई थी । शिकायत नहीं कर रहा हूँ तुम्हारे साथ पहली बार हम बिस्तर होने के पूर्व पर कई बार तुम्हारे बारे में कल्पनाएं कर चुकी थी । अपनी ने कहा और करपट बदल ली । हम कुछ तक दमन की त्योरियां चढ गई । वो बोली इसमें तुम्हारा कोई लेना देना नहीं था । मैं तो चरम कामोत्तेजना सुख के बारे में सोच रही थी । मैं जानना चाहती थी कि चरम कामोत्तेजना ऍम की अवस्था में कैसा महसूस होता है । निकली पढा कहा कि उस समय कैसा लगता है ऐसा है जिसे आप के अंडर वियर में आग लगी हुई हो तो किसी दूसरे को कहना था की इसमें गहरी नींद में जाने का अहसास होता है । कुछ लोगों ने तो मुझे ऐसा भी बताया कि लगता है जैसे हम अंतरिक्ष में टहल रही हूँ, बिना किसी वजन और सीमा के फिर कल्पनाओ की कोई सीमा नहीं तो इस बात से कोई फर्क नहीं पडता कि तुम ने क्या किया और के आने वैसा अब मेरी कल्पनाओं से कभी था । मैंने अपनी कल्पनाओं में जो मानदंड और ऊंचाइयां निर्धारित किए हैं, उस ऊंचाई तक शायद ही कोई व्यक्ति पहुंच पाए । जमानों से चुनना लगा और अपनी ने उसे अपनी बाहों में भर लिया और बोली, क्या वास्तविकता में मैं पार्ट नहीं है तो मुझसे के उच्च रही हो क्या? हमारी सहवास में कोई कमी रह जाती है? तुम्हारे और मेरे बीच? क्या मैं तुम्हारी किताब में दर्शाए गए पात्रों से कम हूँ? तो मेरे साथ सेक्स में आना नहीं था । अपनी तो ऐसा कैसे हो सकती हूँ । जो है सो रहे हैं । कुछ लगता है कि कभी हमें इससे अधिक रुचि कर पर आत्मीय तरीके से मिलना चाहिए । तुम अपनी किताब में भी स्थान दे सको । मैं कोशिश करूंगा और क्या हमें कभी शेरसी को हटा होंगी? दमन ने उसे अपनी बाहों में और जोर से कर लिया । मैं उससे कहना चाहता था कि उनके बीच में ऐसी कहाँ से आ गई । पर इससे क्या है? प्रश्न पूछना बंद करेगी । ये जानकरों से कैसा लगेगा की अवनी के मेरे जीवन में आने की पूर्व श्रेयसी ही मेरी प्रेमिका थी । उसे यह जानकर कैसा लगेगा कि श्री ऐसी वापस आ गई है और अब भी मुझे तो चांस चाहती है । ज्यादा ये बात मानेगी कि मैं श्रेयसी को प्यार नहीं करता । इसके पहले की दमन कुछ कर पाता । उसका फोन बाजू था । ये जयंती रघुनाथ का फोन था । मुझे बात करनी पडेगी कहते हुए दमान नहीं । उसकी कॉल रिसीव कर ली हूँ । बिस्तर पर बैठे बैठे ही उसने कहा अपनी भी अपने कान फोन के पास ले आई हाइट अमन इस समय क्या मैं तुमसे बात कर सकती हूँ? हाँ हाँ बताओ नियुक्ति मार्केटिंग टीम के साथ बैठी थी और हम तुम्हारे किताब को लेकर योजना बना रहे थे । हम सोचते है की तुम्हारी किताब अगले साल के अंत तक लॉन्च करें । ठीक रहेगा ना उनकी आवाज कर रही हूँ । इससे आम लोगों को भी किताब की मार्केटिंग के लिए समय मिल जाएगा तो मच्छर मजाक कर रही हूँ । धमाल फट बैठा और उसका चेहरा गुस्से से तमतमा गया तो ये किताब को छापने के लिया । अठारह महीने का समय क्यों चाहिए और इतने दिनों तुम क्या करती हो गया? हमें मुझे अपने मार्केटिंग पैंतरे मत बताओ । कोशिश करो और जल्दी छापने की कोशिश करो । थोडे से ठहराव के बाजरे बोली दरअसल कार्तिक क्या गारदेज? उसने हमें इसी दौरान दो किताबें देने का वादा किया है । हमें उस की पुस्तकों को भी आगे बढाना है । उसे अपनी दूसरी किताब के पहले और बाद में थोडा अंतराल चाहिए । उस ने साफ साफ कहा है कि वो नहीं चाहता की उसकी और तुम्हारी किताब एक साथ बाजार में आए । अरे उस की किताब का मुझ से क्या लेना देना इसका मतलब कि आये जयंती अगर तो अपनी किताब किसी और प्रकाशक से छपवा लो तो मुझे कोई समस्या नहीं है । सैनिक आर्थिक को मनाने की बहुत कोशिश की पर वे अपनी बात पर अडा है तो उनकी आखिरी उज थी । तो तुमने आज सुबह जो जो दुनिया भर की बातें मुझ से की थी, मैं तुम्हारे शीर्ष लेखकों में से एक हूँ वगैरा सच में बहुत बडी है । सामान अपनी जुबान पर लगाम दो और कुछ भी बोलने के पहले विचार जरूर कि अगर वो प्रकाश नहीं छोटा उद्योग है । हमें एक दूसरे को ऐसी कोई भी बात नहीं बोलना चाहिए जिससे हम वापस ना ले सके । आज नहीं तो कल हमें एक साथ ही काम करने मुझे ये कहने से मात्र को कि तुम एक नंबर की हड्डियाँ । इसके बाद फोन कट गया । ऍसे महिना जाने क्या क्या बता रहा है? मैं कभी छुप हुआ था जब उसने अपनी का डरा हुआ चेहरा देखा । दमन अब भी गुस्से से तमतमा रहा था और उसका खून खौल रहा था । तभी उसका फोन तो बारह बजने लगा । किसी अज्ञात नंबर से कॉल थी । घायलों दमन ने फोन उठाया क्या तुम उसके साथ हो? कौन बोल रहे कॅापी नहीं पहचान पा रहे, उसको खुद से दूर रखो । मुझे तो कुछ पता नहीं दूसरी ओर से आ जाएंगे । दमन वाशरूम में आ गया । उसने पाया कि उसकी आंखों में आंसू कोई सहायता एजेंट है । अवनी को कहते हुए उस ने बाथरूम का दरवाजा बंद कर लिया । उसने कमोड की लीड को गिराया और बैठ गया हूँ । उस लडकी ने धीमे स्वर में कहा, मैंने कहा था ना कि मेरे धैर्य की परीक्षा नालो । जयंती ने डील तोड देना कैसे? कैसे तो मैं ये जानना चाहिए कि कार्तिक ने ऐसा क्यों किया? अपने ही मिल देखो । मैंने एक छोटा सा वीडियो तो मैं भी जाए । श्रेयसी ने कहा दमन ने वैसा ही किया । उसने बीस सेकेंड का वीडियो डाउनलोड किया और देखने लगा । वीडियो कुछ धुंधला था और ऐसे कौन से लिया गया था कि दमन को अनुमान लगाने में कोई दिक्कत नहीं हुए । उस वीडियो में जयंती रघुनाथ नशे में धुत नजर आ रही थी । उसने जयंती और श्रेयसी के बीच हो रही बातचीत को सुनने के लिए फोन को अपने काम की नजदीक किया । आरती का चले खा के पर मुझे नहीं लगता कि वह बहुत आगे जाएगा । पाठकों से ऊब चाहेंगे इसलिए मैं दमन को आगे बढा रही हूँ तो तुम्हारी नजर में दमन का आर्थिक से बेहतर है मिशन ने हालांॅकि हालांकि दमन का कुछ बातें सीखने की जरूरत है । ऐसी कोई बात नहीं है जो बडी हुई रॉयल्टी डर से प्रार्थना की जा सके तो तुम उसे कार्तिक से बढा बनाने के बारे में सोच रही हूँ । अगर उसमें क्षमता है तो इसमें क्या है? उसे बस मेरी बात सुननी चाहिए । मैं उस श्रेयसी को उसकी किताब से बाहर करना होगा । दोनों महिलाएं हस्ती हैं और वीडियो समाप्त हो जाता है । धमालों से दोबारा देखता है हो । धवन ने फोन को अपने कानों पर रखते हुए कहा कार्तिक नहीं है, वीडियो देखा है और उसमें तुम ही बाहर का रास्ता दिखा दिया । मैंने तुमसे कहा था ना कि मेरे धैर्य की परीक्षा नालों तो अपनी के बारे में लिखने की बजाय बेहतर यही होगा कि तुम लिखो सिमट । यहीं बेहतर होगा तो ऐसा क्यों कर रही हो? पूरी प्रेम के कारण दमन और फोन किया

Part 23

भाग गई है । धवन पिछले एक घंटे से वोडाफोन आउटलेट पर अपना नंबर आने की प्रतीक्षा कर रहा था कि ताबीज का नंबर एलईडी पर प्रदर्शित हुआ था । की हुई से कस्टमर ऍम मुस्कान के साथ उसका स्वागत किया । मैं आपकी क्या सहायता कर सकती हूँ? हाँ मैं दमन हूँ । मुझे थोडी सी मदद चाहिए । एक नंबर है देते हुए दमन ने उसके हाथों में कागज का एक टुकडा सरकार दिया । उस पर जहाँ नंबर लिखा हुआ था जिससे उसने दमन को फोन किया था । तीन दिन हो चुके थे और श्री सीने उसकी किसी कॉल का उत्तर नहीं दिया था । दमान इस पहेली कर सुलझाना चाहता था और किताब का अनुबंध भी चाहता था । मैं ये जानना चाहता हूँ की इस नंबर वाला व्यक्ति कहाँ रहता है । उस महिला ने कहा की ओर देखा और उसे दमन को वापस दे दिया । साइसर हम अपने ग्राहकों के नाम और पते सार्वजनिक नहीं करते । ये हमारी कंपनी की नीति के खिलाफ है । क्या में हैं किसी अन्य बाद के लिए आपकी सहायता कर सकती हूँ । उस महिला ने मुस्कुराते हुए पूछा मैं समझ सकता हूँ देखिए लेकिन ये एक विशेष मामला है । मुझे नंबर से फोन आया था और मैं जानना चाहता हूँ कि मुझे मैसेज किसने भी जाए । मैं कुछ भी नहीं कर सकती हूँ । क्या में किसी अन्य बाद के लिए आपकी सहायता कर सकती हूँ तो मुझे सुन रही हूँ या नहीं । मुझे इस नंबर से एक जरूरी कॉल आई थी । मुझे इसकी ही जानकारी चाहिए और आप इसके बदले में मुझे कोई और सहायता मांगने को कह रही हैं । नहीं, मुझे और कोई सहायता नहीं चाहिए । मैं बस इस नंबर वाले व्यक्ति का पता चाहता हूँ । क्या मुझे ये जानकारी मिल सकती है? मैडम क्योंकि ये स्पष्ट रूप से आपकी जिम्मेदारी है ऍम उस करती हैं । डमर उसके दम तोडना चाहता था? नहीं शहर मुझे इसकी अनुमति नहीं है । क्या तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है? आपको अपनी आवाज ऊंची करने की कोई जरूरत नहीं है । मेरी जो मर्जी आएगी में करूंगा । बस अपने लापता पर देकर बताओ कि ये व्यक्ति कौन है जहाँ घर में अपने रास्ते चला जाऊंगा । ठीक हें ये इतना कठिन भी नहीं । दमन आपने भरसक बिल्कुल धीमे स्वर में बोला नहीं कर सकती सर, किसी को पता नहीं चलेगा । मैं इसके बदले में आपको पैसे देने को तैयार हूँ । लडकी ने अगल बगल देखा और आगे छुट्टी हुई । धीरे से बोली तीन हजार ठीक है । उस महिला को ये जानकारी निकालने के लिए कुछ बटन दबाने पडे । आपका नाम क्या है? सर, मैं जमानों और तुम्हें ये जानकारी किसलिए चाहिए? मुझे बस पता बताओ । उसने कहा और अपनी पिछली जेब से पर्स निकाला । कुछ देर की चुप्पी के बाद में महिला बोली ये नंबर आपके नाम पर दर्ज क्या तो उनकी आवाज कर रही हूँ । पक्का महिला ने कंप्यूटर स्क्रीन उस की ओर घुमा दी । उसमें कंपनी के पास जमा किए गए दस्तावेजों कीस ज्ञान हुई, कॉपी भी दिखाई । वहाँ दमन का ड्राइविंग लाइसेंस और उसके हाथ से भरा हुआ आवेदन पढा था । दमन के हस्ताक्षर भी थे, पर फर्जी थे । तमन्ने अपने चेहरे पर आश्चर्य के भाव छुपाये और उस महिला से माफी मांग से हुए वहाँ से चला गया । जैसे ही वे अपनी कार में बैठा उसका फोन बचने लगा । फोन उसी नंबर से आ रहा था है । चलो जिन्हें ठीक रही हूँ कि तुम मेरी कमी खल रही है । छह । उसी ने कहा सोनू यदि तुम चाहो तो मैं कल शाम तुम से मिल सकती हूँ । यदि तुम व्यस्त हो तो काम अब स्पोर्ट में कार्ति के पुस्तक पठन का कार्यक्रम है । फॅमिली मजा आएगा और हम बातें भी कर सकते हैं तो किए लेकिन हम तभी बात कर लेंगे । मुझे जाना है बाय

Part 24

फॅस अगले दिन दमन करोड प्लेस की ओर जा रही मेट्रो में सवार था । मैं कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा भी नहीं था और उसने किशोर गाय युवा की वृत्तियों के दो समूहों को कार्तिक अय्यर के बारे में उत्तेजित होकर बात करते हुए देखा । मैं कार्तिक को साक्षा देखने के लिए बहुत जागृत है । दमन को लगा जैसे वो अभी रो पडेंगे । धमान कार्यक्रम शुरू होने के पंद्रह मिनट पूर्व शाम पांच पैंतालीस बजे वहाँ पहुंच गए लेकिन बुक्स और किशोरियों की भीड से भर चुका था क्योंकि स्टेज को देखने की सबसे अच्छी जगह तलाश रही थी । कुछ लडके भी थे जो अपनी प्रेमिका या बहन के कहने पर वहाँ आए हुए थे और उन्हें कार्तिक आई और का ऑटोग्राफ किसी भी कीमत पर लाने का काम सौंपा गया था । मैं उसका अमरीकी सबसे आखिरी छोर पर खडा हुआ । अपने फोन पर नजरें गडाए हुए था । ऐसी ने फोन नहीं उठाया था जहाँ पे खडा था । उस जगह से वेस्टीज मुश्किल से ही दिखाई दे रहा था जहाँ कुछ ही सप्ताह पूर्व वे बैठा हुआ था और आज स्टेज पर जयंती और कार्तिक को बैठना था । बीस मिनट बाद कार्तिक अय्यर ने भीड के शोरशराबे के बीच उसका लक्ष्य में प्रवेश किया । धमान को कुछ लडकियों की आंखों में आंसू दिखाई पडे । कार्तिक की किताब के कुछ बाकियों को बढने के उस के प्रति उनकी दीवानगी साफ झलक रही थी । आर्थिक उनकी ओर देखकर मुस्कुराया देखने में आकर्षक था । उसकी लंबाई ॅ अपना नीले रंग की शर्ट और जींस पहन रखी थी जिससे उसकी पुष्ट हो जाएँ । स्पष्ट लग रही थी ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी फोटोशूट के लिए आया हूँ । लेकिन इन सबके परे उसका चेहरा बहुत ही स्वामी और मुस्कान से भरा हुआ था । दमन सोचने लगा कि यही वह व्यक्ति है जिसके कारण है बर्बाद हो रहा है । कार्तिक से बातचीत का सत्र शुरू हो गया काटेगा । उसकी तुलना में कहीं बेहतर वक्ता था और मैं जानता था कि भीड को कैसे प्रभावित किया जाए । उसके हर उत्तर की बात तालियां गूंजती रहती थी । उसने वहाँ पस्थित भीड को अपने बचपन और उन दिनों की कहानी सुनाई जब लेखक बनने के पहले एक वनस्पति विज्ञानी के रूप में कार्य करता था । वहाँ मौजूद भीड उसकी हर बात पर तालियां बजा रही थीं । दमन ने उस भीड में श्री सी का चेहरा तलाशने की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली । स्टेज पर जब कार्तिक और जयंती की बातचीत समाप्त हुई और माइक्रोफोन हटाए जा रहे थे । तभी दमन ने अपना हाथ जथा संभव ऊंचाई तक उठाया । एक आध बार उसकी अनदेखी हुई पर आखिरकार माइक्रोफोन उसके हाथ में आ गया । जयंती ने दमन की ओर देखा और उसने ध्यान ही नहीं दिया । घायल हो मैं दमन हूँ । उसने कहा आप की पूर्व लिखी गई किताबों के लिए आपको बधाई और आगामी किताब के लिए शुभकामनाएं । मैं भी लेखकों पर आपके जितना सफल नहीं लेकिन क्या आपको ऐसा लगता है कि आपकी सामान्य से किताबों की अपेक्षा से अधिक सफलता के कारण अन्य लेखकों को भी अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर नहीं मिलता । जैसे जयंती रघुनाथ, जो कि मेरी भी संपादक है, उसने मुझसे कुछ ही दिन पहले ये कहा है कि वह मेरी किताब अगले साल के अंत तक प्रकाशित करना चाहती है क्योंकि अभी सिर्फ आपकी किताब पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है । क्या आपको लगता है कि ऐसा करना ठीक है? यही मेरा प्रश्न है । उसने वापस माइक्रोफोन को स्टेज पर पहुंचा दिया । भीड खुसर फुसर करने लगी । कथा रुखाई शालू भीड में मौजूद लडकियाँ उसे ऐसे घोरने लगी जैसे उसे भीड में खींचकर पीठ डालेंगी तो कार्तिक की ओर देख रहा था जो आपने खूबसूरत चेहरे के पास माइक्रोफोन लाता हुआ बोला, ऍम एक लेखक हूँ । मैं किताबे लिखता हूँ, यही मेरा काम है । इसके आगे का काम मेरा नहीं । मेरे कंप्यूटर से निकलने के बाद किताब का क्या होता है इससे मुझे कोई लेना देना नहीं है । कल यदि मेरी किताब सिर्फ एक पार्टी की पडेगा तब भी मैं देखूंगा तो यदि आप मत सही कह रहे हो कि मैं किताब लिखना बंद कर दो तो मुझे लगता है ये ज्यादा आती है । इससे ज्यादा मुझे और कुछ नहीं कहना । धर्म नहीं इसके आगे सुना बंद कर दिया । अपनी और कई घोलते चेहरों के बीच से श्रेयसी का मुस्कुराता हुआ चेहरा दिखाई दिया । मोदी और वहाँ से चली गई । धवन ने भीड के बीच से उसके पीछे जाने का प्रयास किया । पर वह भीड में आता । क्या उसने कार्ति को यह कहते हुए सुना मुझे आशा है कि आपको अपने सवाल का जवाब मिल गया होगा । धन्यवाद कहते हुए दमन भीड के बीच निकलने का अपने आप प्रयास करने लगा । ऐसी तक पहुंचने के जल्दी में उसका पैर एक आत लडकियों के ऊपर भी पड गया । मैं चीखी देखकर चलो अंतर रह भीड से बाहर निकलकर सांस लेने में कामयाब हो गया । उसने अपने बाईं और दाईं और देखा । उसने श्रेयसी को बुक स्टोर के नजदीक स्थित छोटी सी की ऐसे में प्रवेश करते हुए देखा । फॅमिली की उसने धमन को देखते ही का वो काफी शांत नजर आ रही थी । तुम कुछ लोगे तो मुझे एकदम बुरे लग रहे हो तो भी आखिरी बार कपना है का दमन एक सिगरेट निकली और पीने लगा तुम यहाँ पर धूम्रपान नहीं कर सकते । छह सी बोली धमने सिगरेट बुझा दी क्या? बोली तो अभी तो बारह ही कर खुशी हुई । मुझे यह देखकर खुशी हुई कि तो मेरे तो रही ऍम करते हो, बिल्कुल चल छोडो मुझे अफसोस है कि उसके कारण तुम्हारी किताब का प्रकाशन टल गया । मेरे किताब आने में तुम्हारे ही कारण नहीं हो रही है । तुम ज्यादा कह रही मैं जा रहा हूँ यहाँ की चाहे अच्छी होती है भी कर देखो तो नहीं नंबर मेरे नाम पर कैसे रजिस्टर कराया तुम हमेशा से एक उत्सुक लेखा की रहते हूँ कहते हुए श्रेयसी हसने लगी चलो हम बात करें जिसके लिए हम यहाँ आये हैं । मैं धमनियों से बीच नहीं रोक दिया । इसके पहले की तुम कुछ भी बोलो में एक बात बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूँ की भले ही मैंने अपनी किताब में तुम्हारा नाम इस्तेमाल किया हो और किताब में श्रेयसी पात्र लिखते समय मैंने तुम्हारे बारे में ही सोचता हूँ लेकिन आज मेरे और तुम्हारे बीच कुछ भी नहीं है । गोवा में जो कुछ भी हुआ था वहीं खत्म हो गया । मैंने उसे पीछे छोड दिया है और तुम भी छोड दो तुम्हारे लिए ये कहना बहुत आसान हैं जैसी तुम्हें व्यक्ति नहीं हो जिसको हर बात याद रहती हूँ इसलिए मुझे नसीहत देना बंद करो । उसने आह भरते हुए कहा उसने अपने फोन को निकाला और कुछ बटन दबाया, अपना मेल चेक करूँ, मुमताज को वाॅक करो । उसने कहा धवन ने अपना मोबाइल निकाला और अपना ईमेल खोलकर देखा ये क्या है? मेल के साथ संग्लन फाइल को देखते हुए उसने कहा ये मेरे को आ यात्रा की हवाई जहाज की टिकट और होटल की बुकिंग जी तुम चाहो तो सुमित को कॉल करके पूछ सकते हो की इसी दौरान हम भी को अच्छे थे और तुम भी उसी होटल में ठहरे थे । धवन ने अपना फोन एक को रख दिया । तुम क्या कहना चाहती हूँ । श्रेयसी उसकी आंखों से बिहार लग रहा था । पिछले वाले का हर यात्रा ही नहीं थी । वे भी इसका क्या मतलब है तो हमारा मित्र और मैं गोवा में एक होटल में ठहरे थे । तोमर मैं एक घंटे तक नहीं बल्कि पूरे दिन तक साथ रहे और एक दूसरे के प्यार में गिरफ्त हो गए थे । हम अपने दोस्तों से छुपकर मिलते रहे । हम लंबी दूरी की यात्रा पर साथ गए । हम ने सितारों के तले ड्रिंग्स लिए और दो कर प्यार किया । हमारे हाथ एक दूसरे को था, में रहते थे जब तक कि उनमें नरमी ना है । हम चाहते थे कि समय वहीं रुक जाए । मेरी सगाई हो चुकी थी और मेरे लिए मौज मस्ती का ये अंतिम अक्सर था । कुछ यूज किए बताओ तुम्हारे दोस्तों ने क्या तुम्हें शराब लाने के लिए अकेले भेजा था? क्यूँ तो तीन मर्जी से मेरे साथ आए थे क्योंकि तुम मेरे साथ वक्त गुजारना चाहते थे । ठीक है मुझे बताओ? क्या तुमने अपनी गोवा यात्रा की तस्वीरें देखिए? कितनी तस्वीरों में तुम समेत के साथ हूँ कि तुमने कभी सोचा है कि इन तस्वीरों में तुम नाॅट क्यों? क्योंकि तुम हर समय मेरे साथ ही थे । कोई तस्वीर नहीं है । सुमित का डेटा कार्ड खराब हो गया था की फॅमिली से कह दिया और प्लीज जैसी उसने दुर्घटना के उपरांत मेरी रिकवरी के लिए उन तस्वीरों उनको डिलीट कर दिया होगा और इस बात से कोई ज्यादा फर्क नहीं पडता कि हमने साथ में कुछ घंटे व्यतीत किए या तीन तो अब शादी शुदा हो और मेरे मन में तो मैं लेकर अब जब भावनाएं नहीं है हमें अब अपने अपने जीवन में ही खुशियाँ तलाश करनी चाहिए । मैं आगे बढना नहीं जाती है तो तुम मत से क्या चाहती हूँ? शेरसी ने दमन का हाथ पकडते हुए कहा बीपी इस समय तो हस्पताल में गहरी मित्रा में डूबे हुए थे । उस समय मेरे बिस्तर पर एक विचित्र आज भी मेरी टांगों को फैलाकर विंध्यानाथ मेरे साथ सहवास कर रहा था । तुम जानते हो ऐसा मैंने कैसे साहब, तुम्हारे नाम पर हरी स्मृति और तुम्हारे चेहरे के सहारे उसकी आंखों से आंसू बहने के लिए उसने आंसू पूछते हुए कहा । फिर तुम अपनी केहरी मित्रा से जाग गई । मेरे हम लिया था, पिक्चर देखने भी आई थी लेकिन तुम कभी मुझे देखने नहीं । मुझे बताया गया था कि तुम देश के बाहर गयी थी क्योंकि मुझे उनसे नफरत थी । उनका ये कहना था कि सिर्फ ऍम तो मौत के मुंह में जाते हुए बच्चे हो इसलिए उन्होंने तुम्हें मुझसे मिलने नहीं दिया तो नहीं आता था कि अभी मैं तुमसे मिली तो तुम हकीकत जान जाओगे । कौनसी हकीकत तो उन सपनों में क्या दिक्कत? दमन कार कौन चला रहा था दुनिया में ये बात बदलती रही पर ज्यादातर सपनों में तो नहीं चला रही थीं । धवन ने कहा कहाँ तुम चला रहे थे? धवन टूशन आपकी ये हुए थे और मुझे देख रहे थे तो इस बात पर ध्यान नहीं गया की एक टैक्सी गलत दिशा में आ रही है । उस रात दो लोग मारे थे । छह सीने तथ्यात्मक रूप से कहा लेकिन जितनी बाहर तो मैं ये सपना आया कि तुम कार चला रहे थे । तुम्हारा उपचार पांच कदम पीछे सडक जाता था । तुमने मौत से जूझते हुए बहुत मेहनत की है इसलिए उन्होंने तो नहीं है । विश्वास दिलाया कि उस रात कार्य मैं चला रही थी । मैं तुमसे झूठ बोलते रहे ताकि तुम शांत रहो क्या उन्होंने तुमसे ऐसा नहीं कहा था बताऊँ । ऐसी ने कहा हाँ, उन्होंने ऐसा ही कहा था तो मैं मुझ से दूर रखने के लिए मैं उन्हें दोषी नहीं मानता हूँ । मैं चाहते थे कि तुम जल्दी से ठीक हो जाओ और बीपी यही चाहती थी । उन्होंने सोचा की तो मुझे देख लिया तो तुम भी याद आ जाएगा की कार मैंने तुम चला रहे थे । यदि मेरी अनुपस्थिति से तुम ठीक होते तो मैं दूर ही रहूंगी । ऐसा मैंने सोचा था तो उनसे दूर हो गई तो वही समस्या नहीं बनना चाहती थी । तुम जो कह रही हो, भले ही वे सब सच हो परन्तु हम मुझसे क्या चाहती हूँ तुम्हारे वो उसे प्यार भरे शब्द के भी मैं यही चाहती हूँ । मेरी अनुपस् थिति के बावजूद तुम्हें मेरे नाम का इस्तेमाल की और मेरे बारे में लिखा जानती हूँ की तो हमारे साथ नहीं रह सकती । पर जब भी मैं उन छोटी छोटी कहानियों को पार्टी हूँ, मैं स्वयं को तुम्हारे साथ रहती हूँ तो मेरी खुशी थे तो मेरे सब कुछ । लेकिन उसके बाद इसी के जयंती संस्करण की किताब आ गई । दमन का देखा श्रेयसी मैं तुम से माफी चाहता हूँ कि उस किताब के कारण तो मैं तो पहुंचा और तुम्हें ये मानना ही पडेगा की मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी । ऐसी नहीं त्योरियाँ चढा ली तो मुझे लगता है कि मुझे हुआ । मैं दुखी नहीं थी । ऍम को ठगा हुआ महसूस कर रही थी । मेरे अंदर का इंसानी मर गया हो फिर भी, फिर भी तो उसके साहब की किताब का अनुबंध करने जा रहे हो । और भी ऐसी किताब जिसमें मेरा जिक्र ही ना हो । मेरा करियर है क्या समझी? फिर सामने आवाज ऊंची करने की जरूरत नहीं है तो ये बात जान लेनी चाहिए । ऐसी ने चेतावनी देते हुए कहा धवन ने अपनी आवाज भी नहीं कर ली । मैं समझ सकता हूँ कि तुम कहाँ से आ रही हो । पर जो बीत क्या में बात गई । अम् एक अच्छे दोस्त की तरह रह सकते हैं उससे ज्यादा नहीं । मैं रूखे तरीके से हसते हुए बोली क्या हम कभी तो नहीं होंगे? हम प्रेमी प्रेमिका थे और वही रहेंगे । मैं तुमसे ही चाहती हूँ । यही बात तुम भी चाहते हो । अपनी अगली किताब में श्रेयसी के बारे में ठीक से लिखो इसमें मुझे खुशी होगी । हमने सोचा भाड में जाये ये लडकी पूरी पागल है तो अभी तक कोई अनुबंध नहीं हुआ है । दूसरा फॅस किताब की रचनात्मक अधिकार नहीं है । तुमसे कहा लिखने पर ध्यान दो । जयंती की बात बाद में होगी । किताब का अनुबंध होकर रहेगा । मैं वचन देती हूँ कुछ पर थोडा तो भरोसा रखो । दरअसल कार्तिक के कारण उसका ध्यान रख लिया जाएगा तो सिर्फ किताब लिखने पर ध्यान दो और यदि मैंने लेकिन हूँ मैं खडी हो नहीं तुम ऍम के बालों पर हाँ छेडते हुए उसने कहा तो मैं बहुत प्यार करती हूँ और मैं वहाँ से चली गईं ।

Part 25

भारत सोमवार की सुबह थी और अपनी ने स्वयं को बाथरूम के कोने में बैठ कर रोते हुए पाया । ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कि उसकी पीठ में झगडा बहुत दिया गया हूँ । उनसे धीरे धीरे घुमाया जा रहा हूँ । ये नहीं थी बेहतरीन ऐसी खुशमिजाज, मस्त मौला लडकी भेज से हर लडका प्रेम करना चाहता था । उसने दमन के लिए क्या क्या नहीं किया । एक सफल लेखक बनने की दमन की महत्वकांक्षा को झेलना माता पिता का एक बेहतर जॉब वाले लडके को, टॅाप दमन को उसके रचनात्मक कार्य में खलल न डाले, हेतु कई कई दिनों तक उसे कॉल नहीं करना आदि । उसके लिए संबंधों के यही मायने थे और यही वफादारी थी । ऐसी का नाम तो जिंदगी था । आप जैसा बोलेंगे, वैसा काटेंगे । जबसे दमन की डील छोटी है, तब से आठ तक मैंने दिन राहत उसकी चिंता की और उसने मुझे इसका ये परिणाम दिया । पिछली शाॅट दमन से मिली थी तो बहुत ही दो बुलावा कमजोर लग रहा था । उसकी आंखों के आसपास काले घेरे हो गए थे और गाल पिचक गए थे । कुछ दिनों में मैं बुजुर्ग ऐसा लगने लगा । ढील के साथ साथ मैं भी टूट गया था । मैं देखते ही समझ गई थी कि दमान इन दिनों बहुत सिगरेट भी रहा है और बहुत कम हो रहा है । उसे उस शाम अपार्टमेंट से बाहर ले जाने में अपनी को बहुत मेहनत करनी पडी थी । वे अपनी की बातों पर पर शांत रहता । उसको खाता और गर्दन भी हिलाता रहा हूँ । बहुत भूख लग रहा था, पर उस ने बहुत कम खाया । सब ठीक हो जाएगा । अग्नियों से बाहर बाहर समझा रही थी । जब दमन कुछ देर के लिए वही हो गया तो अपनी नहीं, उसका फोन चेक किया । वैसा करना नहीं चाहती थी । लेकिन उसका फोन बाहर बाहर बज रहा था और वह उसे शांत करना चाहती थी । वैसा करने ही वाली थी कि तभी उसे स्क्रीन पर एक संदेश की प्रारंभिक पंक्तियां दिखाई पड गई । उत्सुकता वर्ष उसने फोन उठा लिया और अज्ञात नंबर से आए उस संदेश को पडने लगी । उसके बारे में मतलब हूँ आई लव हूँ मेरे अलावा किसी और का नाम मैं तुम्हारी किताब में नहीं दे पाऊंगी हूँ । अलग युद्ध अमन जैसा प्यार मैं तुमसे करती हूँ, वैसा वो नहीं करती । यही तो मेरे बारे में लिखोगे तो कार्तिक नहीं देखेगा और अंत में अलग हूँ । हमेशा ये तुम्हारी श्रेयसी ऍम से लौटा तो उसने उसे कुछ नहीं बताया । किसी काम का बहाना करके वहां से चली गयी । बारह घंटे बाहर भी वह सच को हजम करने की कोशिश कर रही थी । अपना फोन उठा कर दे । सोचती रही कि उससे क्या कहेगी भी उसके प्रति नाराजगी भी व्यक्त नहीं कर सकती थी । उसने कितनी बेवकूफी हो तो इसी के ऐसे विश्वास कर कहीं ऐसी था नहीं तो हर समय मौजूद थी । मैं भी अंधी कैसे हो गई थी? उसने समेत का नंबर डायल करने कि हिमाचल आई । उन्होंने एक घंटे में मिलने का निश्चय किया । अपनी ने अपना चेहरा धोया और ऑफिस छोडने के पहले दोबारा से मैं कब क्या और निकल पडी जब मैं कैसे पहुंची । जब समय तो उसका इंतजार कर रहा था । ये वही कहता था जहाँ पर दमन और सुमित उसका इंतजार किया करते थे । फॅमिली के पहले वहाँ जाकर अपने ऑफिस के कपडों की जगह काली, सिल्वर या पीले रंग की ड्रेस पहन लिया करती थी । ऍम कि कंडी हमेशा संदेहस्पद रहती थी । एक बार तमन्ने कुंडी खोलकर उसके निजी तस्वीरें उतार ली थी । अगले हफ्ते गया उन तस्वीरों को अपने सभी दोस्तों को भेजने की बात कहकर उसे धमका जा रहा था । जल्दी ही मजाक पुराना पड गया लेकिन उसके बाद जब भी वह वर्षों में होती, सुबह दरवाजे पर पहरा देता । हाई कहते हुए है उसे गले लगाने के लिए उठा भाई । क्या हुआ सब ठीक रहना । क्या तुमने दमन को इस मुलाकात के बारे में बताया? अपनी ने सुमित्रा पूछा नहीं, लेकिन धन्यवाद ऍम दोनों के सामने मेन्यू का आर्डर दिया और ऑर्डर की प्रतीक्षा करने लगा । अपनी ने दोनों के लिए कॉफी आर्डर की । उसे अपने आंसू रोकने के लिए बहुत मेहनत करनी पड रही थी । बोलने के पहले वह सोचने लगीं, सभी लोग मुझसे झूठ बोलते रहे । सुमित तो हिंदी बितना का तो होती थी । अभी तुम से कुछ पूछना चाहती हूँ और चाहती हूँ कि तुम मच्छर सिर्फ सच बोलो । मैं आधा सच जानती हूँ । इसलिए छोड खोलने में कुछ धारा नहीं भी हुआ । क्या है ऐसी कौन है? अपनी ने देखा कि सुमित का चेहरा काला पड गया था तो मुझे क्यों पूछती हूँ? तो सिर्फ किताब की बात नहीं है ना । वेटर कॉफी लेकर आ गया और उनके सामने आती कितना होता है यह है कि उस कॉफी को उन दोनों में से कोई भी हाथ लगाने वाला नहीं था । सुमित्रा ठंडी यहाँ भरी और बोला मैंने दमन को कहा था कि तुम है वह तो सपनों के बारे में बता दें कि ऐसे तो स्वप्न सुमित ने अपनी को वह सारी बातें, दुर्घटना उपरांत मनोवैज्ञानिक उपचार इत्यादि के बारे में विस्तार से बताया । अपनी ने उसकी बातें ध्यान से सुनी । उसे सिर्फ तमन की दुर्घटना के बारे में ही पता था । बाकी सभी बातें उसके लिए नहीं थी । बस इतना ही अपनी ने पूछा हाँ हो गया तुम यकीन से कह सकते हो कि इसके आगे और कुछ नहीं है । हाँ मुझे यकीन है सुमित के छूटने अपनी को भडका दिया तो तुम मुझे ये कह रहे हो कि वह लडकी तमन के जीवन से चली गई और फिर कभी नहीं लौटी । हाँ मेरे कहने का यही मतलब है अपनी ने मेज पर जोर से हाथ मारा था तो हम लोग छूट ऍम करोगे । मैं खेलने से काफी मकसद लग गयी । अपनी के आरोप पर सुमित नाराज हो गया लेकिन अपनी फिर कभी नहीं लौटी थी । कहना धवन ने उससे संपर्क करने की कोशिश भी की थी लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ । जो ईमेल आईडी मैंने उसे दी थी उसे मैंने ही बनाया था । नहीं नहीं ऐसी बनकर उसे ईमेल के जवाब दिए थे और दूर रहने के लिए कहा था मैं तो मैं वो सारी ईमेल सिखा सकता हूँ । ठहरो सुमित ने अपनी पैंट की पिछली जेब से फोन निकाला और ईमेल आईडी ऍम पर लाउड इन करने की कोशिश करने लगा । सुमित ने उस ईमेल आईडी पर लॉगिन करने के लिए हरसंभव पासवर्ड इस्तेमाल किया । परफाॅर्म बोल गया हूँ तो मेरा यकीन गोरों में झूठ नहीं बोल रहा हूँ । मैं खुद भी उसको दिया से नफरत करता हूँ और चाहता हूँ कि दमन उसे भूल जायेंगे तो किसी काम की नहीं है । उसी की वजह से दमन मरते मरते बचा है । अपनी बडे गौर से सुमित को देख रही थी । मैं झूठ नहीं बोल रहा था । अपनी को उसके चेहरे से लगा समेत का चेहरा गुस्से से तमतमा रहा था । यहाँ तक कि उसके माथे की ना साफ दिखाई दे रही थी । उसमें लाइन डी में एॅफ करते ही शेष अक्सर और तो फेल हो रहे थे । इसका मतलब ये था कि सुमित ने कभी न कभी उस नाम का प्रयोग करते हुए लॉग इन किया था हूँ । सुमित ने बोलना जारी रखा तो इस सब क्यों पूछ रही हो? क्या उसने तो मैं कुछ बताया है नहीं तो फिर क्योंकि ऐसी वापस लौट आई है कि कैसे हो सकता है तो मन से प्यार करती है और उसे वापस पाना चाहती है । ये क्या बकवास है? ऐसा नहीं कर सकती । कोई गलत ही हुई होगी तो मैं समय कैसे बोला हूँ । अपनी ने अपना से नहलाया । मैंने दमन के फोन पर उसका मैसेज पडा है ।

Part 26

भारत चाहते हैं क्या तुम मुझसे प्यार करते हूँ? उसने पूछा ये शब्द लहूलुहान हूँ से निकल रहे थे । उसका जबडा टूटा हुआ था । कहा हवा में उछल गई थी । दो पलटी खाने के बाद मैं दो पलटी खाने के बाद ऍम पडता था । मेरे हाथ स्टेरिंग व्हील से हट गए थे । मैं स्वयं को संभालने की कोशिश कर रहा हूँ । मैं टूट चुके थे और एक अचीव ऍम उड रहे थे । मैं तीव्र दर्द से गुजर रहा था । कार पलट गई थी और चक्कर खा रही थी । झटकों से मेरी कमर ही टूट गई थी । फिर मेरी ओर बढीं । उसकी कलाई की एक हड्डी बच्चा को भेदकर बाहर निकल आई थी । हड्डी विकृत रूप से बाहर निकल आई थी । मैं उसे स्पर्श करना चाहता था और इससे पहले कि मैं कुछ कर पाता, एक तेज झटके के साथ प्रकार से बाहर उछल गई । कार नहीं कौर पलटीमार ऍसे ओझल हो गई और फिर बाहर में आग लग गयी थी । भाषा के दमन का ध्यान बगल से गुजर रहे ट्रकों की आवाज ॅ पसीने से लगता था । उसकी कहा एक व्यस्त सडक के पास खडी हुई थी लेकिन ब्रिटिश काउंसिल की ओर जा रहा था । उसे कुछ भी याद नहीं है कि मैं वहाँ कैसे पहुंचा हूँ । शाम होने को थी और यातायात बढ रहा था । उसने गार्ड स्टार्ट की और ऐसी चला दिया । लोग कम्पार्टमेंट में पडे कपडे से उसने सीट और स्वयं को पूछा । उसने अभी कर स्टार्ट ही की थी कि तभी उसे मोबाइल फोन पर मैं कॉल दिखाई थी । बे हनी की कॉल थी । मैं उस से बाद में बात कर लेगा । उसे परेशान करने की जरूरत नहीं है । मैं ऐसे ही बहुत परेशान है । पिछली बाहर जब अपनी से मिला था उस समय मैं बहुत बुरी अवस्था में था । शाम अपनी ने हजारों बाहर कहा था सब ठीक हो जाएगा । तो इस बात का कोई अनुमान ही नहीं था कि दमन डील तो पैसे नहीं बल्कि उन दुस्वप्नों से परेशान था । हाँ, ऐसा पहली बार हुआ था कि उसके स्वप्न और दुस्वप्नों में कुछ समानता सी थी । आपने कार चला रहा था । जब से श्री सीने उसे यह बारी जानकारी प्रदान किए है, उसका शरीर संभावना को स्वीकार करने की कोशिश कर रहा था तो क्या हुआ यदि मैं कार चला रहा था इससे क्या फर्क पडता है । ज्यादातर रातों भुखार में रहता था लेकिन जब बैठे हो जाता था उसने अपने माता पिता को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया अन्यथा वे उसके अपार्टमेंट पर धावा बोलकर उससे जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती करवा गए थे । जब तक मैं घर पहुंचा अपनी की पंद्रह ऍम आ चुकी थी । उसने कार पार की और सीढियों को लांघता हुआ जा रहा था । तभी उसे महसूस हुआ कि कहीं तो कुछ गडबड है । वो कुछ और नजदीक आया तो उसने पाया क्या? अपार्टमेंट का दरवाजा आधा खुला हुआ है । अपनी मुट्ठी भेजते हुए मैं दबे पांव अंदर प्रवेश हुआ । उसका दिल तेजी से धडक रहा था और पसीने की बूंदें उसके चेहरे पर उभर आई थी । उसने दरवाजे पर कान लगाकर सुनने की कोशिश की । कोई अंदर था । उसने आसपास देख कर कोई बलाया, डंडा ढूंढने की कोशिश उस लकडी का टुकडा मिला । धरवारा जैसे एक दर्ज की दूरी पर स्वयं को स्थिर करते हुए उसने दरवाजे पर चिल्लाते हुए लात मारी लेकिन देश में हीरो किया । उसने अपने हाथ लगा दिया तरी की तो मैं क्या कर रही हो तो खंडर किसी आई तमन्ने पूछा उसका चेहरा पीला पड गया । घबराते हुए कहा तुम्हारा तो उनका अपनी की आंखे रो रोकर सोच रहीं थी । दमन ने अपना फोन तलाशने की कोशिश की और बाहर निकालते हुए कहा ऍम मौत पर होगा । अपनी ने उसका नंबर डायल किया तो फोन बज उठा । धमने कॉल कर दे । ऍम ने शाम मांगी की क्या है? दमन अपनी ने मेज पर रखे हुए कागजों की ओर इशारा करते हुए कहा ऍम को उठाया है । उसकी अगली किताब के सारांश के प्रिंटआउट है । उसने उस कागज की कुछ लाइनों को देखा । उन पंक्तियों को बुरी तरह से काटा गया था । पेज पर काले मार्कर से क्रॉस का एक बडा सा निशान था । ये सब किसने किया है? अपनी नहीं तेज आवाज में पूछा हूँ । अब जहाँ जहाँ भी धवन के साथ अपनी का नाम लिखा था, वहाँ अपनी का नाम काटकर उस जगह वैश्या, कुतिया आदि शब्द लिख दिए गए थे क्या? कैसे वह जानता था अपनी की आंखों से हम कार्य लगभग रहे थे । मुझे और ज्यादा चोट हो लेकिन जरूरत नहीं है । उसका शरीर का कहा था । उसने अपनी तीन से अपने आंसू उनको पूछा । मुझे इसी के बारे में बताएं । सुमित ने मुझे सब कुछ बता दिया है । मेरी बात सुनो तो कब नॉटी उसने बताते हुए पूछा । और तो मुझे कब बताना चाह रहे थे? यहाँ थी है ना उससे ऍम धवन की तैयारियाँ चढ गई । आप नहीं नहीं उसकी आंखों में आंखें डालते हुए कहा मैंने उसके द्वारा भेजा गया संदेश बढा रहा । क्या तुम उसके साथ हमबिस्तर हुए हो तो यहाँ कब कब आती है? और तो मुझे अब भी प्यार करते हुए हैं ना । बस बहुत हुआ धवन ने उसकी बात बीच में ही कार्डी यहाँ कोई नहीं आता, ठीक है और मैंने तुमसे कोई दे रफाई नहीं की है । मैं इस संदेश के बारे में कुछ भी नहीं जानता हूँ । मैंने तुम्हारे दिखाने पर ही से देखा है । अपनी ने अपने हाथ के पिछले भाग से आशोका पहुंचा और उसकी ओर देखा तो मुझे बिलकुल पेट्स को समझ रखा है तो कई कई दिनों तक गायब रहते हो । मैं फोन नहीं उठाते हो । ये सब कागजों की ओर इशारा करते हुए हैं । उसने प्रश्नवाचक निगाहों से उसकी ओर देखा हूँ । ऐसा मैंने तुम्हारे साथ क्या किया था कि ये दिन देखना बढ रहे अपनी तो किस इंसानों कोई झूठ नहीं बोल रहा हूँ । ठीक है क्या तुम इन सब का कोई मतलब तो अवश्य । इसीलिए तो मुझे अपने माता पिता से नहीं मिल पा रहे थे । मैं कितनी बीस हो ऍम कहते हुए उसने अपना चेहरा हथेलियों मैं करवा लिया । अच्छा मेरी बात तो सुनो मुझे अपने दोस्तों की बात मान लेनी चाहिए थी । वो एक लेकर के है । उसे गेट बंद करो । ऍम मुझे उसे हम बोलते नहीं चाहिए थी । धोना बंद करो । मेरी बात सुनो क्या अपनी लाओ महत्व? मेरी बात ध्यान से सुनो । भाषा ऐसी लौट आई है, पर मैं उसे डेट नहीं कर रहा हूँ तो उससे सिर्फ तीन बार मिला हूँ । अपनी ने अपने हाथों पर उठाए । वहाँ से जाने के लिए उसने अपना गायक उठा लिया । धवन ने उसे टोकते हुए कहा सिर्फ पांच मिनट तो मेरी बात सुनो क्या? तो मैं वो लडकी याद हैं जिससे तुमने बुक लॉन्च वाले दिल्ली फिफ्टी थी । आशीष वही ऐसी है । हम अच्छे ब्रिटिश काउंसिल में अलग नाम से मिली थी । उसके पहले मैं नहीं जानता था कि वैश्व ऐसी है । हाँ, मुझे उसके बारे में तो सपना आते थे पर मुझे उसका चेहरा याद नहीं था । तो मैं सुमित नहीं ये नहीं बताया । मुझे गोवा की शायद ही कोई बात याद है । उसने हमारा पीछा किया । उसमें तुम्हारा पीछा किया । उसने पुछ को तक का पीछा किया । उसने मेरी प्रशंसक होने का बहाना किया और मेट्रो स्टेशन से एक दिन मेरे घर पहुंच गई । क्यों उसने ऐसा क्यों किया अपनी ने पूछा । उसका चेहरा आप प्रश्नों से भरा हुआ था । उसे किताब बिल्कुल पसंद नहीं आई थी । उसे लगा जैसे मैंने उसका अनादर किया है । इसका कोई अर्थ नहीं निकल रहा हूँ । तमन्य उसे बैठाया और सारी बात बताई । तो मेरे को आपकी कोई भी बात याद क्यों नहीं है? धमनियों से दुर्घटना उपरांत आप साथ और डाॅन एशिया के बारे में बताया । अपनी के गूगल पर सर्च करते समय दमन ने उससे कहा, कभी कभी मस्तिष्क ऐसी दर्दनाक स्मृतियों को बंद कर देता है ताकि शरीरों सदमे से बचा रहे हैं । ये नकल करने जैसा प्रणाली है । ये उन बच्चों में पाई जाती है जिनका यौन सोशल उनके रिश्तेदारों द्वारा किया गया हो । ऐसे मैं मस्तिष्क स्मृति को बंद कर देता है ताकि अपराधी के साथ उसके संबंध अप्रभावित रहे । उसने अपनी को बताया कि किस तरह है । उसके माता पिता और सुमित ने उस बार बार ये यकीन दिलाया कि उस दिन मैं कार नहीं चला रहा था । लेकिन उसने मुझे बताया कि कार्यवाही चला रहा था । अग्नि ने ब्राउजर बंद कर दिया और फोन कोई को रख दिया तो उसके साथ प्यार में नहीं हूँ तो बिल्कुल नहीं । लेकिन इसका मतलब ये है कि वह यहाँ आई थी । किताब के सारांश की ओर देखते हुए उसने कहा, ऐसा लगता तो है कि ये उसी का काम है कि गंभीर बात है, हम क्या करेंगे हूँ यहाँ पे तो और इधर उधर घूमना बंद करो । इससे मुझे और ज्यादा उलझन हो रही है । अपनी ने कहा, उसने धवन का हाथ अपने हाथ में लिया और सहलाने लगी । उसने बोलना जारी रखा । मुझे कुछ नहीं था । बस मुझे माफ कर तो कुछ ज्यादा ही गुस्सा हो गई थी । मुझे ऐसे बातें नहीं बोलनी चाहिए थी । मुझे तो मैं बता देना चाहिए था । मुझे लगा सब ठीक हो जाएगा तो आप उसका क्या करोगे? तमन उसमें तुम्हारा अनुबंध नष्ट कर दिया । भगवान जाने आगे भी क्या करने वाली है । हमें किसी तरह से उस से इस बारे में बात करनी पडेगी । अपनी गहरी सांस ली और अपना सिर उसके कंधों पर रख दिया । सुबह को भी ये सुनकर बहुत बडा झटका लगा कि वह वापस आ गई है । मैं उससे नफरत करता है । मैं समझ गई थी । कुछ बाल ठहरने के बाद मैं बोली क्या इस बात की कोई संभावना है कि वह ऐसी ना हो? तुम क्या कहना चाहती हूँ? पूछ सकता है तुम्हारी ऐसी दीवानी बता खोजो स्वयं कोशिश ही समझ बैठी हो । हो सकता है उसका नाम से ऐसी होने के कारण वे सचमुच में स्वयं को किताब की पात्र समझने लगी हूँ । हो सकता है मैं बहाना कर रही होगी । उस दिन कार में वही थी । मैंने भी पहला ऐसे सोचा था, पर इसकी संभावना नहीं । उसने मुझे उसी ईमेल आईडी से ईमेल्स भेजे हैं, जिससे श्रेयसी भेजा करती थी । दमान तो मैं उस ईमेल आईडी के बारे में कुछ और जानकारी ले लेनी चाहिए । मुझे लगता है कि ऐसी वापस नहीं आई है ।

Part 27

भाग सकता आएँ । कुछ घंटों तक लगातार प्रयास करने के बावजूद दमन के संदेशों का श्रेयसी की ओर से कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ तो अभी उसका फोन बजट ऍम ऍम ऐसी मैं सुबह सहित मैसेज भेज रहा था । जानती हूँ मैं कहीं बाहर थी, ऐसा ऍम क्या था? मैं हमारे बारे में बात करना चाहता हूँ । उसने उत्तर दिया हमारे बारे में तो अच्छी शुरुआत है तो बताओ तो हमारे बारे में क्या बात करना चाहते हो? उस ने कहा इस तरह नहीं मैं तुम से मिलना चाहता हूँ । मैं आमने सामने बैठ कर बात करना चाहता हूँ ऍम चल अब थोडा धीरे ही सही तो क्या हैं तो उनको मुझे अंदर आ रहे हो क्या? तो मैं कुछ याद है नहीं । मुझे कुछ भी आज नहीं सब पहले जैसा ही है । क्या तो मुझसे अभी मिल सकती हूँ । तुम्हारे मन में जो कुछ भी चल रहा है मुझे पसंद आ रहे उनका मिलना चाहते हो । धनो मेरी कराना चाहोगे । आकाश वीजा के काम से दूतावास गया है । हमारे पास कुछ घंटे होंगे के यदि तुम चाहो तो मुझे नहीं लगता ये ठीक रहेगा । इससे बुरा महसूस होगा । जहाँ स्वयं को देखो नैतिक रूप से कितने अच्छे हो ठीक है तो मुझे क्या बताऊँ? मैं नहीं आ जाती हूँ । हो सकता है कि मैं तो मैं वह सब बाते बताओ जो हम ने साथ में की हैं तो फिर इस तरह का व्यवहार नहीं करोगे । ॅ सकती हूँ एक घंटे बाद कोस्टा कैसे मैं सुन रहे हो ना? हाँ सुन रही हूँ । थोडा अधिक खुश महसूस कर रही हूँ । मैं खुश हो कि तुमने मुझे याद किया ऍन तो हम वहाँ पहुँच जाओगी । हमें वहाँ पहुँच जाउंगी । एक घंटे बाहर दमन कोस्टा कैसे में शहर सी घायल हजार कर रहा था । उसने सफेद शर्ट, नीली पैंट और एक जोडी कालेज होते पहने हुए थे । उसने दोबारा समेत का नंबर मिलाया । इससे पहले उसकी कॉल का समेत ने जवाब नहीं दिया था । परंतु सुमित ने उसका फोन अब उठा लिया । अरे तुम कहाँ थे? आज सुबह ऍम कर चुका हूँ । केवल दस कॉल तो है तो सोना जरूरी बात है । पहली बात ये है कि मैं जानता हूँ कि अवनी तुम्हारे पास आई थी और तुम इतने बडे गधे होगी । तुमने इसके बारे में मुझे कुछ भी नहीं बताया । दूसरी बात यह है कि उसने मुझे ये बता दिया की तुमने श्रेयसी के नाम से एक जन ही ईमेल आईडी बनाई है । उसने मुझसे कहा था कि तुम्हें ना बताऊँ और तुम समझ सकते हो ना कि वो आई थी । मैंने तुम्हारे भले के लिए बनाई थी तो उसके बारे में सोचना बंद कर दो तो मैं बोला हूँ भैया चाहे जो भी हो लेकिन आप जैसी वापस लौट आई है । अपनी भी मुझे यही सब बकवास बता रही थी । मैंने उसे कहा है कि वो लडकी तुम्हारी कोई दीवानी पाठक हो सकती है । मैं किसी हालत विश्व ऐसी नहीं हो सकती है । हम लोग भी ऐसा ही सोचना शुरू कर रहे हैं । यदि वो लडकी फर्जी है तो कोई ना कोई वास्तविक ऐसी भी होगी । मैं और अपनी सुबह से ही उस अस्पताल के किसी ऐसे कर्मचारी को ढूंढ रहे हैं जिसमें मुझे और अपनी को ले जाया गया था ताकि मुझे कुछ रिकॉर्ड मिल सके तो मैं कुछ मिला । अस्पताल दूसरी जगह स्थानांतरित हो गया है और उनके पास अब सिर्फ छह वहाँ पुराने रिकॉर्ड ही उपलब्ध है । तो हमने पुलिस से भी संपर्क करने की कोशिश की लेकिन दर्ज की गई एफआईआर वर्ष वैसी का सिर्फ प्रारंभिक नाम है । उसका सामने नहीं लिखा है । हमारे सामने कोई रास्ता ही नहीं बचा था लेकिन तभी अपनी नहीं बात कहीं तुमने श्री उसी को अस्पताल में देखा होगा है ना यही मैं तो मैं श्री किसी की तस्वीर भेजो तो दोनों से पहचान लोगे । हैना धवन ने सुमित से पूछा हूँ घर पे मुझे बताओ क्या तुम से पहचान पाओगे? धमने गिनती की अन्यथा हमारे लिए उस लडकी की पहचान साबित करना बडा चट्टल कम होगा । नहीं मुझे लगता है मैं उसे पहचान होंगा तो मैंने बोला हूँ बहुत करो तुम ने मुझे बहुत बडी खुशखबरी दी है । सुनो अच्छा मैं उस से भी कुछ ही देर में मिलने वाला हूँ । मैं उसकी एक तस्वीर लेकर तो मैं भेजने का प्रयास करूंगा । यदि वही श्रेयसी हो तो मुझे बताना होता है । लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा है तो ऐसा क्यों कर रहे हो? फॅमिली को प्यार करते हो । जैसे ही मैं वास्तविकता से अवगत हुआ, कल्पना भूल गया । धवन ने कहा तो वो शिफ्ट हो गई चल तो मैं उसकी तस्वीर भेजने का प्रयास करता हूँ ।

Part 28

भाग अठाई । उसने श्रेयसी को कैसे के बाहर अपने बालों को ठीक करते हुए देखा । लाइन वाली शर्ट और काले रंग की पैंट मैं आकर्षक लग रही थी । अपने फोन में देखने का बहाना करते हुए हैं । उसने श्रेयसी की एक तस्वीर निकाल नहीं और सुमित को भेज दी । दमन को देखते ही श्रेयसी ने मुस्कराकर और हाथ हिलाकर इशारा किया । उसकी ओर बढकर उसने दमन को गले से लगाया । दमन ने उसकी पीठ पर हाथ रखा । कुछ सेकेंड तक में इसी अवस्था में रहे । दमन ने सुमित के पास तस्वीर पहुंचने तक का इंतजार किया । मैं कमजोर था धत तेरी की धमने कहाँ और श्रेयसी के लिए कुर्सी सरकारी उसने पाया की हो रही थी क्या तुम नहीं है? जगह ठीक नहीं लगी तो मैं सच में कुछ ही नहीं हैं । ऐसी मुस्कुराते हुए बोली कि उन्हें दो जगहों में से एक है जहां बैठकर तुम लिखा करते थे तो मुझे बताया था क्या मैंने मैं बताया था कि मैं एक लेखक बनना चाहता हूँ । हाँ बताया था तो उन्हें कभी नहीं सोचा था की तो मैं कर पाओगे । ऍम कहते हुए उसने दमन कहाँ पकड लिया । तुम कुछ खाना चाहोगे । उसने ब्लॅक कॉफी ऑर्डर की सैंडविच का बडा सा टुकडा खाते हुए उसने पूछा तो तुम हमारे बारे में क्या बात करना चाहते थे? यहाँ ऍम बहुत अच्छे होते हैं । खासकर देखो ऍफ का एक छोटा सा टुकडा खाते हुए उसने पूछा हूँ मैं हम दोनों के बारे में जानना चाहता हूँ । जैसा कि तुम ने कहा है मुझे कुछ भी आज नहीं है । हमने डेटिंग कैसे शुरू की है? हम एक ही होटल में रुके थे । है ना, लेकिन हमारे बीच बातचीत कैसे शुरू हुई? किसने शुरुआत की पहल किसने की तुमने या मैंने? हमने किस बारे में बात की? मैं नहीं तो गलती करेगी । उसके उत्तर देने के पहले दमान ने सोचा है । मुस्कुराने लगी और टिशु पेपर से अपने मुंह को पहुंचने लगी । क्या तुमने प्रश्नों के लिखित सूची बना रखी है? मैं तुम्हारे सारे प्रश्नों का जवाब लिखित में ही दे दूंगी । यही तो मैं ठीक लगे तो आपकी उंगली चाहते हुए उसने कहा मैं सारी घटनाओं का सिलसिलेवार अपने मस्तिष्क में याद करना चाहता हूँ तो क्या हुआ कि मुझे कुछ याद नहीं? मैं कल्पना कर सकता हूँ । कल्पना करने में माहिर हूँ । दमन ने आंखे मिर्च खाते हो जाएगा । उसने दमन के हाथ पकडते हुए उन्हें छू लिया । हाँ, तो कल्पना करने में बहुत माहिर हो । वो जब कृषि है कि हमें ऐसा कर रहे हैं, क्या अपनी जानती है कि तुम उससे ब्रेकअप कर रहा हूँ । दमन की त्योरियां चढ गयी हूँ ऐसी मैंने ये कभी नहीं कहा कि मैं अपनी से ब्रेकअप कर रहा हूँ । मैं पिछले एक साल से उसके साथ हूँ । तुम्हारे साथ गुजारे गए तीन दिनों की तुलना में ये बहुत ज्यादा है । तो तुमने मुझे अपने बारे में लिखने और अपनी के बारे में ना लिखने को कहा है क्या? इसीलिए तुम नहीं किताब के उन हिस्सों से उसका नाम काट दिया । ये सच है लेकिन सामान्य उसकी बात बीच में काट दी । मैं उसके साथ यथा सम्भव नरमी के साथ पेश आने की कोशिश कर रहा था । उसने श्रेयसी के हाथ पर चुंबन लेते हुए कहा जिस तरह तुम्हारे बाज अपने पति को छोडने का कोई कारण नहीं है उसी तरह मुझे भी अपनी को छोडने का कोई कारण समझ नहीं आता हूँ । मैं ठीक कह रहा हूँ ना या कुछ बोल रहा हूँ उसका चेहरा हो गया । एक अंतर है तो उसे प्यार करते हो तो मुझ से जुडे हुए हो । ये बात मैं जानती हूँ पर मैं अपने पति से कोई जुडाव नहीं महसूस करती है । अपनी अगली पोस्टिंग में डूबकर मर भी चाहे तो मुझे फर्क नहीं पडता । उसने ठंडी तरीके से कहा हूँ, अपनी ने मुझे बहुत समय दिया है और मेरी देखभाल की है । मैं उसके प्रति देखा नहीं हो सकता तो बात समाज सकते हो क्योंकि तुम बिहार में रही हो । धवन ने कहा अपनी बात में एक सुधार कर लो मैं अब भी प्यार में हूँ, थोडा तो वहीं से देखा हूँ । धवन ने स्वयं से कहा उसे कोई गलती करने दो । हाँ तुम भी प्यार में हो और इसलिए तुम समझ सकती हो ना क्यों से कैसा लगेगा । तुम दोनों मुझे याद करते हो पर एक बात में समझ नहीं पा रहा हूँ की अपनी अगले किताब में मैं क्यों? तो मैं उसकी जगह तरजीही दू केवल तीन नहीं नहीं हम साथ रहे हैं तो मुझे बताओ कि इसमें ऐसी कौन सी खास बात है कि मैं उसकी जगह तो मैं प्राथमिकता दूँ । ऍम तो ऐसे तो नहीं सकती हूँ । मैं तो सिर्फ दर्द कर रहा हूँ । धवन ने कहा और अपना हाथ उठाया तीन दिन से अधिक था । हाँ मैं जानता हूँ कि किसी ने उसे बीच में टोकते हुए कहा तुम्हें ज्यादा लंबे से प्यार कर रही हूँ । दमन मैं भले ही सामने नहीं आई लेकिन मैं हर समय तुम्हारे आस पास ही थी तो मैं देखती थी बिहार करती थी और बच जाती थी अपनी के पहले । यहाँ तक कि उस दुर्घटना के पहले गोवा के पहले हर बात के पहले तो उनके इस बारे में बात कर रही हूँ । उदास आंखों और चेहरे पर मुस्कान के साथ मैं बोली तो हमेशा से यही चाहते थे कि तुम्हारी प्रेम कथा लाइब्रेरी से शुरू हुआ है ना । मैंने तो आपका की किसी को नहीं बताया । वहाँ पर तुम कैसे जानती हो? हमारी मुलाकात गोवा में ऐसी हुई थी तो क्या कि एकाएक नहीं थी बल्कि इसकी योजना बनाई गई थी । तुम्हारी नजर में गोवा में हमारी प्रेम कहानी की शुरुआत एक आकाश में घटना है, लेकिन मैंने इसकी योजना महीनों पहले बना ली थी । उसने अपनी उंगली दमन के चेहरे पर भिलाई तो भले ही पहली बार मच्छी गोवा में मिले हो पर मैं तुमसे पहले भी मिल चुकी हूँ । कई बार तुमने मेरे साथ वाले ही तीन दिन को जा रही हूँ और मैं हमारे साथ कई दिन गुजारे हैं कि तुम्हें याद है हम पहली बार कहाँ मिले थे । दमन ने इंकार में सर हिलाया नहीं । वो धीमे से मस कराई और अगल बगल देखने लगे । शाहिद पर तीन साल पहले दुर्घटना के भी एक साल पहले तुम्हारे कहने का क्या मतलब है? द मानने चकित होते हुए पूछा, टी । टी । यू । में अपने अंतिम वर्ष को याद करो । उसका किसी भी बात से क्या लेना देना है । उसने पूछा तो यहाँ यहाँ आते थे तो तुम कॉलेज में अपनी कक्षाओं के बाद सात सौ उनहत्तर नंबर की । बस पकडकर यहीं आते थे तो मेट्रो से भी यहाँ सकते थे । पर तुम हमेशा बस द्वारा ही आते थे । इससे तो मैं बस में किताबें पढने के लिए पूरे दो घंटे मिल जाते थे । चुने तुम अपने बैग पैक में रख कर लाते थे । हम ये सब कैसे जानती हो? धमने आश्चर्यचकित होते हुए पूछा तो मुझे अपनी बात पूरी करने दो गए यूएई बीच बीच में टोकते रहो हो उसे अद्यतन समय तुम गृह रंग की टीशर्ट, जीन्स और चप्पल में ही होते थे तो बस स्टैंड पर उतार कर सीधे की ऐसे आते थे । पहले तो मकसद ॅ ऑर्डर करते थे क्योंकि वह सस्ती हुआ करती थी । कभी कबार तुम अपने साथ ऑफिस से लेकर आते थे और लोगों की नजरें चुराकर पानी में मिलाकर पी लिया करते थे । कहते हुए उसने एक डेस्क की ओर इशारा किया जिस पर कुछ पब्लिक कंप्यूटर रखे हुए थे तो केवल उस साले कंप्यूटर पर ही टाइप करते थे । तो मैं किसी और की जरूरत ही नहीं होती थी तो स्क्रीन को ऐसे घूमते थे जैसे कोई और मौजूद ही ना हूँ । उसी दिन पहली बार मैंने ऐसा महसूस किया था कि उसके पहले कभी नहीं किया था । वहाँ मैं नहीं चाहती थी कि उस एहसास का एक नाम ही प्यार है, लेकिन उसने बोलना जारी रखा हूँ । यहाँ तो मैं देखने के लिए अक्सर आने लगी तो मैं मैच सीट पर बैठे हो । मैं उसी सीट पर बैठकर तो मैं टाइप करते देखती रहती थी । कभी कभी तुम कॉफी ऑर्डर किया करते थे । कई बार उस समय तो मैं तुम्हारे बासी खडी रहती थी । कभी कबार हमारा शरीर वर्ष हो जाता था तो शर्माते हुए क्षमा मांग लिया करते थे । मैं उन टिशु पेपर और झूठे कब कुछ रालिया करती थी जिन्हें तुम्हारे होठों का स्पर्श हुआ करता था । धीरे धीरे मेरी अलमारी का एक छोटा घंट ऐसी चीजों से भर गया था और एक माह के ऐसे गुजर गया पता ही नहीं चला । तो मेरी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके थे । रोज शाम का इंतजार किया करती थी । मैं यहाँ अपने ऑफिस के समय के बाद आया करती थी और घंटों तक तो मैं देखती रहती थी । एक में ही सारी फॅमिली उत्तर जाती थी लेकिन एक दिन तुमने आना छोड दिया । एक सप्ताह तक मैं इसी जगह पर बैठकर तुम्हारा इंतजार किया करती थी । दिल ही टूट गया था तो कुछ ना कुछ करना था । मैं हमारे कॉलेज तक गई थी और फिर मुझे पता लगा कि तुम्हारे कॉलेज की लाइब्रेरी में हाईस्पीड इंटरनेट लग गया था । अब बिना किसी कारण और संत है कि क्लोज तुम्हारे कॉलेज की लाइब्रेरी में आना मेरे लिए मुश्किल काम था । इसलिए मुझे फिर से तो मैं क्या फिर की ओर आकर्षित करना था और इसी समय तुमने क्या फिकर रॉयल मेंबर कार्ड जीत लिया जिससे तुम्हें इस कैसे में फ्री में कॉफी और एक डोनेट मिला करता था । इसके बाद फिर तुम्हें कॉलेज की लाइब्रेरी में नहीं लिखा । यही इस बात को कैसे जानती है तो यहाँ फिर से आने लगे । हम साथ साथ बहुत समय गुजारने लगे तो लिखते थे और मैं तुम्हें लिखते हुए देखा करती थी । मुझे इस बात का अफसोस होता था की तो मुझ पर ध्यान नहीं देते थे । मैं अपने भारत तक अच्छे से अच्छे कपडे पहन कर आती थी । तुम सिर उठाकर भी नहीं देखते थे । शायद तुम शर्मीले स्वभाव के थे । धीरे धीरे मुझे पता चल लिया कि तुम्हें किताब लिख रहे हो । मैंने देखा था कि तुम इसे लेकर कितना संघर्ष कर रहे थे । मुझे तुम्हारे चेहरे पर तनाव ऍफ नजर आता था । तब तो मैं प्यार करती थी और तो उनसे सहानुभूति रखती थी । तो मैं अपने घर ले जाना चाहती थी, प्यार करना चाहती थी और तो मैं वो सारी चीजें दिखाना चाहती थी तो मैंने इकत्रित कर रखी थी । पेट में बताना चाहती थी कि तुम्हारी अलिखित किताब का एक प्रशंसक भी है । इसी तरह को छापते को सरकार तो यही बैठकर अपनी कहानी लिखने का प्रयास करते रहते थे । मैं यहाँ बैठ कर तो में देखती रहती थी तो कुछ पेट से अधिक नहीं लिखते थे । हर दिन तुम्हारे जाने के बाद में कंप्यूटर केरे साइकिल ट्रेन से तुम्हारे द्वारा डिलीट की गई कहानियों को ढूंढकर पढा करती थी । मैं उनके प्रिंटआउट अपने घर ले जाती थी । मेरे पास सभी अभी भी फाइल में सुरक्षित हैं । वो सारे अधूरिया अध्याय हैं । हमारी ही कहानी की तरह जितनी बार भी महीने पडती थी, मुझे लगता था कि तुम्हारे बारे में बहुत कम जानती हूँ । तब मैं तुम्हारे बारे में और जानना चाहती थी । मैंने कभी ट्रक नहीं नहीं थी, लेकिन मैं सोचती हूँ कि इसका सेवन कैसा होता होगा । तो मैं सिर्फ एक बार कोकीन लेनी है । उसके बाद तो मैं हर बार उसे लेने की इच्छा होगी । कुछ ऐसे हफ्ते भी थे जिनमें तुम कॉलेज की परीक्षा होने के कारण कैसे नहीं आए? भगवान जानता है कि वे दिन मैंने कितने मुश्किल से काटे, लेकिन परीक्षा के बाद तुमने फिर से आना शुरू कर दिया । हर दिन यहाँ बैठकर मैं सोचती रहती थी कि तुम से क्या बोल होंगी । लेकिन मैं तुमसे बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई । तुम्हारी सारी कहानियों में दर्शाई गई अभिनेत्री स्माॅल थी, पर मुझे लगता था कि मैं ऐसी नहीं हूँ । कहते हुए उसने अपना फोन निकाल लिया । उसने दमन को एक तस्वीर दिखाई हूँ । देखो, मैं थोडी मोटी हुआ करती थी, लेकिन अब नहीं हूँ । ऍम तस्वीर में दमन कोशिश ऐसी थोडी मोटी नहीं थी । ये चलती थी । मैं सेल्फी इसी कॉफी शॉप में ली गई थी । तस्वीर में दमान को एक युवा दिखाई दिया, क्योंकि कंप्यूटर पर कुछ काम करने में मशगूल था । मैं युवा दम नहीं था । मेरे पास और भी तस्वीरें भी कहते हुए उसने फोल्डर पर क्या ये तस्वीर भी उसी तरह की थी जिसे उसी कौन से लिया गया था? सभी तस्वीरें तीन साल पहले की थी तो मुझे देख रही थीं । तमन्ने पूछा तो पीछा करने वाली हैं । पूरे समय मैं तुम्हारी प्रशंसा ही करती रही । पूरे एक साल में उस जगह बैठी रही जहाँ भी तुम बैठे हुए और तुम्हारी प्रशंसा करती रही । देखो अगर हम कहाँ है । हम तो हम किसी आश्चर्यजनक मोड पर है । हमारी पिछली मुलाकात गलती थी । जो कुछ भी गोवा में घटित हुआ वो नहीं होना चाहिए था । तुम को वहाँ कैसे आई? तुम्हारा पीछा करते करते तो मैं पता कैसे चला तो तुम काॅल चेक किया करते थे और लॉग आउट करना भूल जाते थे । इसी तरह मुझे पता चला कि ऐसी ने कहा और कोने में रखे कंप्यूटर की ओर इशारा गया । दमन ने उसी दिशा में देखा । कंप्यूटरों पर स्क्रीनसेवर लहरा रहे थे । मैं ऐसा कर सकता हूँ । उसने सोचा हूँ क्या तुमने मेरे ॅ किए हैं? क्यों नहीं करूंगी तो मुझे क्या छुपाना चाहते हो? मैं कुछ और कहानियों की तलाश में हूँ । लेकिन पता है मुझे क्या मिला? श्री ऐसी नहीं उत्साहपूर्वक कहा तो अबकि हवाई टिकट होटल आरक्षण भी जानती थी कि एक संकेत है कि मेरे लिए एक अफसर था । अन्यथा तुम क्यों अपनी मेल आईडी खुला छोड देते थे । मैं बहुत उत्साही थी । कहते हुए उसके चेहरे पर मुस्कुराहट डर गई और तुमने मेरा पीछा किया । उसने दादा नहीं बोलती है । हाँ, मेरे तुम्हारा पीछा किया और तभी मैं तुम से मिल पाई । महीनों तक सिर्फ तो मैं निहारते रहने के उपरांत और ये उसी तरह होने जा रहा था जैसा तुमने अपनी एक कहानी में लिखा था । गोवा की छोटी सी कांत लाइब्रेरी में ऐसी ने अपना साढे खाकर खत्म कर लिया । जबकि दमन ने सिर्फ एक टुकडा ही खाया था । कॉफी के खाली हो चुके थे । किसी ने एक बार फिर से कॉफी और सैंडविच गर्म करने का ऑर्डर दिया । क्या तब तक तुम्हारी सगाई नहीं हुई थी? हो चुकी थी लेकिन जो गोवा में होना था उसे तो वहीं छूट जाना था ना शादी करने के पूर्व तो मेरे अंतिम प्रेम प्रसंग होने वाले थे । उसने उसका हाथ जोर से दबाते हुए कहा तो मैं एक साल से मेरा पीछा कर रही थी और मैं तुम्हारा एक अंतिम प्रेम प्रसंग होने वाला था कि यह बात कुछ समझ नहीं आई । दमन बोला शाॅप पढते हुए कहा मैं तुम्हारा पीछा नहीं कर रही थी तो मैं प्यार करती थी इसलिए तो मैं देखा करती थी । मुझे तो उनसे पहली नजर में ही प्यार हो गया था । डाॅन मुझे समझने में कुछ समय लगा । मैं तो उसे हमेशा प्यार करती रही है । ठीक उसी सीधी सी बात है और कौन तुम्हारे लिए पूरे दिन भर वो सब काम करेगा तो मैंने क्या तुम्हारे कहने का मतलब इसमें मेरी बहन अपनी और जयंती से आप परिचित हो । घर मिलना भी शामिल हैं और दो खा उनसे मेरी किताब का अनुबंध करवाना भी । दमन ने आरोप लगाया ऐसे ही मुस्कराई जैसे उसकी तारीफ हो रही हूँ । मैं समय से भी मिली हूँ । अभी तो में लेने आया था तो चारो बहुत हो लें । खासकर तुम्हारा सबसे अच्छा मित्र और कुछ है । लडका सुमित सभी अपना फोन इतनी सहजता से कैसे आसपास छोड देते हैं जबकि सिर्फ चार अक्षर के पासवर्ड से उनके सारे रात सामने आ सकते हैं । जितना बडा फोन होगा उन्हें पकडना उतना ही आसान होगा । वैसी नहीं । उसके सामने फोन सरकाया तुम भी अलग नहीं होती थी । तुम भी पास डालते समय अपने इर्द गिर्द नहीं देखते है । फोन धवन का था और अनलॉक स्थिति में था । उसने फोन का उठाया कैसे? तुमने याद है मैंने तो मैं गौर से देखा है । इसके अलावा मैंने वह तस्वीर डिलीट कर दी है जो तुम सुमित को भेजने के प्रयास में थे तो मुझे साथ साथ बोलते थे । जब हमारी बातचीत समाप्त हो जाएगी तब हम साथ में तस्वीर लेंगे तो जानती हूँ किस दिशा से अच्छा प्रकाश आता है । मैंने यहाँ बहुत सी तस्वीरें ली हैं । मैं सुमित मुझे पसंद नहीं करता है, ना कोई पार्टी में बुरा नहीं मानती है । तुम्हारा एक सच्चा मित्र हैं, उसकी जानकारी के बिना बता दूँ, मैं सभी काम कर चुकी हूँ । जो कर चुका है क्या करना चाहता है तो मैं वो लडकी आॅफ वर्ष में डेट कर रहे थे तो तुम पांच महानाटक उसके साथ संबंध में थे तो मुझे लगता था कि तुम मुझसे प्यार करते थे तो मैं अपनी कोई घटिया कहानियों में उसके नाम का जिक्र भी किया है । मैंने उसका नाम परिवर्तित कर दिया है । यदि अनन्या के बारे में क्या समय तो उसे लगातार उससे ब्रेकअप करने के लिए कहता रहा क्योंकि वो पूरे कॉलेज में एक बदचलन लडकी के रूप में पदनाम थी । लेकिन तुम्हारे मन में उत्तेजक लडकियों के प्रति झुकाव था तो हमेशा ऐसी लडकियों की तरफ आकर्षित हुआ करते थे जिन्हें पाना आसान ना हो तो उन्हें बदलना चाहते थे । लेकिन उन्हें ये अहसास दिलाते रहते देखिये जैसी भी है अच्छी हैं । फिर बीस बात के लिए मैं तुम्हारा सम्मान करती हूँ और प्यार करती हूँ लेकिन हमारे लायक नहीं है । मैं तो उसको उनसे झूठ बोलती है तो मैं तो का देती है, तुम्हारा मजाक बनाती है । और यह बातें मुझे पसंद नहीं है तो यहाँ इस कॉफी शॉप में बैठकर उसको दिया था । पाकिस् ले रहे हो उसके लिए अपने सबसे अच्छे दोस्त को नीचा दिखा रहे हूँ । मैं तुम्हें उस की कहानियां सुनाता है ता था पर तो मन पर भरोसा करने को तैयार ही नहीं थे । तो फिर किस बात से तुम्हारा उसके साथ ब्रेकअप हुआ? तुम्हारी ईमेल में उसके साथ हुई सेक्स चैट के स्क्रीनशॉट है । एक नहीं कई लडकों के साथ । तो क्या लगता है कि किसने तो मैं वो स्क्रीनशॉट्स भेजे हैं । मुझे एक गुमनामी में लाया था । दमन ने उत्तर दिया, मैं निर्लज्जतापूर्वक हस्ती रही । पहले ही उस समय ऍम लेकिन उसे मैंने भेजा था । उसने फिर से अपने फोन में कुछ तालाशा । कुछ ही पलों में उसने कुछ और स्क्रीनशॉट दमन का दिखा दिया । मैं हमेशा से तुम्हारी खोज में थी । कल्पना करूँ यदि मैंने अनन्या की बेवफाई के साक्षित्व में ना बेटे होते तो समझ भी उसे डेट कर रहे होते थे । अच्छे इतने बेवकूफ बना रही होती है । पीना भरोसा करो या ऐसा नहीं था तो हाँ चतुर लडकी थी । फिर कोई भर्ती तो तुम जानते हो कि तुम्हारी सच्ची शुभ चिंतक कौन है? मैंने तो मैं हमेशा बचाया है । मैं तो मैं ये बताना ही नहीं चाहती कि तुम्हारे आखिरी सेमेस्टर के दौरान किस तरह मैंने थर्मोडाइनेमिक्स के पेपर में बचाया । तो मैं कभी नहीं बताउंगी की मैं तुम्हारे उस विषय के प्रोफेसर बीवी अरोरा से कैसे निपटी थी । मेरी तरफ इस तरह मत देखो । मैंने उसे नहीं मारा । कहते हुए वहाँ ऐसी मुझे अब तक तुम्हारा मुस्कुराता हुआ चेहरा याद है । जब तुम बहुत आकर्षक लग रहे थे तो भी मेरे पास तो मैं सुनने के लिए बहुत सी कहानियां तो पूछा है ना की आखिरी की तुलना में तो मुझे क्यों प्राथमिकता दो । तो वही इसलिए प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि मैं ऐसा होने से रोक सकती थी । अपनी और तुम एक साथ कभी नहीं रहे हो लेकिन हम है । धमन बोला ऐसी ने मेज पर हाथ बढेगा । उसके होर घर लाने लगे क्योंकि मैंने ऐसा होने दिया । थोडे कम क्रोधित स्वर में उसने बोलना जारी रखा । मैंने ऐसा इसलिए होने दिया क्योंकि मुझे लगता था कि वह ढीली और आलसी है । एक बैंकर है और तुम्हारी पसंद की लडकियों जैसी तो बिल्कुल नहीं है । इसकी तुलना में अनन्या फिर भी बेहतर थी । जिन तीन लडकियों को उसके पहले तुमने डेढ किया है उन सभी की तो लाॅस सबसे ज्यादा बोलेंगे । हमेशा की वो सोचते हो की तुम अपनी के पहले ब्लॅक हो तो अच्छा लगता है कि लोगों को पता नहीं है तो मैं उसके साथ क्या क्या गुल खिलाए हैं? क्या हम नहीं कर सकते क्योंकि वह उदासीन से हैं । तमन तुम और किसी की तुलना में उसे कहीं अधिक अच्छी तरह से जानते हो । अनीता तो उसके बारे में पहले क्यों नहीं लिखते कि भू प्रश्न है जिसका उत्तर सप्ताह स्पष्ट है है ना? और तुमने आपको से अपने माता पिता से क्यों नहीं मिलवाया क्योंकि तो उसके बारे में खत्म भी निश्चित नहीं हूं और न कभी होगे अपने साठ बचपना करता छोडो ॅ तो मैं उसके साथ डेट पर चाहते हुए देखा है तो उसकी संगत में बोर होते हो ऐसा नहीं है । धवन ने प्रतिवाद किया तो देखो मैं जानती हूँ की अपनी मेरे पति की तरह एक समझौता भर है लेकिन ऍम ठीक समझो । एक बीच का रास्ता चुनते हैं तो मैं नाराज करके में कहाँ जाउंगी भी भी मेरा भाग्य हमेशा के लिए तुम्हारे साथ छोड गया है मुझे तुम दोनों के साथ होने पर कोई आपत्ति नहीं होगी । जिस तरह तो मैं मेरे पति से नहीं होनी चाहिए । बस तुम मेरे और मैं तुम्हारे प्रति निष्ठावान रहूँ । सिर्फ मुझे ही तुम्हारा प्यार तो हरी पेरेन्ना तुम्हारी साथी होने का हक है । समझे ना हम लेखक साहिल लुधियानवी और अमृता प्रीतम की तरह होंगे जिनकी आपस में शादी नहीं हुई थी । उनकी किसी अन्य से शादी हुई थी लेकिन वे तो उससे प्रेम करते थे तो मान के बारे में जानते हो या नहीं । हम उन्हीं की तरह है । कहते हुए मैं खुश हो गई और उसके कहा लाल हो गए । ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी बच्चे की तरह कुर्सी में झूले लगेगी । दमन नहीं बैठा रहा । उसका चेहरा विश्वास है भरा हुआ था और वह किसी मूर्ति की तरह जड था । उसने बोलना जारी रखा हूँ । मैं जानती हूँ कि ऐसा करना तुम्हारे लिए थोडा मुश्किल होगा । थोडा मुश्किल । तुम क्या आबाद कर रही हो? जो तुम नहीं किया था, गैरकानूनी है उसके लिए मैं तो मैं जेल में डलवा सकता हूँ । ऍम होकर उसके पीछे हट गई तो मैं सब क्यों करोगे? क्या मेरा प्यार दिखाई नहीं देता भी भी मैंने हम दोनों के लिए कितना कुछ किया है तो जरूर महसूस हुआ होगा । है ना? उसकी आवाज कहाँ पे लगी और उसने नजरें फेरते हुए हैं । अपनी आंखों के कोने से आंसू पहुंचना है । पुलिस में जाने से कुछ नहीं होगा । तुम्हारे पास कोई सबूत नहीं और वह तुम्हारी बात पर यकीन ही नहीं करेंगे । उलटा में मेरी बातों पर विश्वास करेंगे । जब मैं उन्हें बताऊंगी । तुम्हारे फोन में श्रेयसी के नाम से फोल्डर है । इसमें मेरे दूर से खींची गई मेरी बहुत सारी तस्वीरें हैं लेकिन ये मुझे स्वर्ण करी दुख हुआ है कि तुम पुलिस के पास जाने के बारे में सोच रहे हो । कहते हुए उसने अपनी आंखें ऊपर उठाएं । उसकी आंखें स्वर्ग लाल हो गई थीं । धर्म ने तुरंत अपने फोन में देखा और उसे वॅार देख गया । फोल्डर का नाम से ऐसे ही था । यही इस ने कब किया? धैर्य खो ओवर शराफत पेशा हूँ । धमन सोचना लगा वैश्य ऐसी से यथा सम्भव विनम्रता से पेश आया और बोला आप उस पर विराम लगाना चाहिए । मैं तुम्हारी भावनाएं समझता हूँ और मुझे जानकर अच्छा लगा । लेकिन ये सब रखना चाहिए । मैं तो मैं साथ लेकर डॉक्टर के पास चलने को तैयार हूँ । लेकिन हमें इससे बाहर निकलने के तरीके पर विचार करना चाहिए । ये पागल पन बंद होना चाहिए तो मेरे बिहार को पागलपन कह रहे हो क्या? पिछले तीन साल पागलपंथी! किसी ने पूछा और उसकी आंखों से आंसू टपक पडे । धमन अपनी कुर्सी उसके नजदीक लडकियाँ और उसके कंधे पर प्यार से हाथ रखते हुए बोला जैसी बहुत हो चुका है अब इस पर लगाम लगानी चाहिए तो बाहर एवर मेरे भले के लिए मैं हम दोनों के बारे में सोच रहा हूँ । ये अपनी और तुम्हारे पति चलिये अच्छा नहीं होगा । हर संबंध कभी न कभी समाप्त होता है । हो सकता है हमारे संबंध का यहीं पर अंत हो । तीन वर्ष एक लंबी अवधि है ना हमने अच्छा समय व्यतीत किया ते आप बहुत हुआ यही तुम कहती होगी तो मुझे प्यार करती हो तो मेरे प्यार के लिए अब बस करो के उसने अपना चेहरा दमन की छाती में छुपा लिया और सुब रखते हुए बोली हम ऐसे ही नहीं रह सकते, नहीं ही हमें ऐसा नहीं कर सकते । मैं तुम्हारे सामने हाथ जोडता हूँ । नहीं नहीं मेरे सामने हाथ मैं छोड मुझे अच्छा नहीं लगेगा । अपना टिशु पेपर निकालकर अपनी नाक साफ की । फिर ठंडी सांस लेते हुए बोल है मैं इस बारे में सोचूंगी । मैंने तुमसे बहुत किया है क्या तो मुझे थोडा समय दे सकती हूँ । तमन्ने सहमती में सिर हिलाते हुए कहा हो धन्यवाद! अपनी आंखों में आंसू होने के बावजूद प्रयास नहीं लगी क्या? डम ने चकित होते हुए पूछा । उसे डर लग रहा था की पता नहीं अब क्या बताने वाली है । कुछ लगता है कि आज मैं सेक्स करना चाहिए । मैं भी कितनी ऍम की । तुम जानते हो कि गोवा में हम लोग लाइब्रेरी के बाद कहाँ गए थे । उसने इंकार में सिर हिलाया । तुम्हारी कमरे में उस दिन तुम बहुत नरमी से पेश आए थे । तुम ने मुझसे कहा था कि तुम कॉफी मेकर से बहुत अच्छी कॉफी बना लेते हो । मैं जानती हूँ की मुझे स्तर तक ले जाने के लिए सिर्फ एक बहाना भरता । मैं यही चाहती थी । कमरे में पहुंचने के बाद तुमने कॉफी कॉफी बनाने का कोई नाटक नहीं किया तो उन्हें सीधे मुझे चूम लिया । क्या हम लोगों ने तीन बार सीने बिना किसी संकोच के क्या किया? ऐसा सच में हुआ था । उसने बोलना जारी रखा । कमरे में पहुंचने के कुछ ही मिनटों बाद हम निर्वस्त्र थे । मेरे ऊपर थे तो शर्मा हूँ बट मैं भी संतुष्ट हो गई थी तो सहवास कि इससे अच्छी और कोई परिभाषा नहीं हो सकती थी । और उसके बाद हम लोगों ने दो बार और सेक्स किया तो उसके कई घंटों बाहर तक काफी रही थी । क्या तो भी कुछ ही आदेश के बारे में नहीं दमन बोला काश की ऐसा होता हूँ दिन श्रेयसी के जाने के पहले उन्होंने एक साथ तस्वीर ऐसी के जाने के बाद उसने ऍम सुमित को भेजी । सुमित ने इस बात की पुष्टि की कि वह ईश्वर ऐसी थी जो उस दिन कार में उसके साथ ही वहीं अब तक उसका पीछा कर रही थी ।

Part 29

फॅस अग्नि भावुक इंसान नहीं थी । इसके विपरीत उसपर प्रायास अधिकतर केक होने के आरोप लगते थे । लेकिन इस श्रेयसी वाले मामले में उसके दिमाग का चैन छीन लिया था । कहानी को कुछ और पीछे ले जाते हैं और समय धमान कॉलेज में था । उस समय तक अपनी गोद अमन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी । उनका एक साझा इतिहास था दामाद इसी का प्रेम प्रसंग । कोइ दीवान की मातृ नहीं थी । वो एक गंभीर प्रेम कहानी थी । अगर में ऐसा न होने देती तो अभी तुम्हारी जिंदगी में आती ही नहीं है । ऍम कहा था इन शब्दों ने उसकी रातों की नींद छीन ली थी । अपनी नहीं । उस दिन श्रेयसी और दमन की साउथ एक्सटेंशन के क्या फिर वाली मुलाकात के दौरान हुआ पूरा वार्ता? लाभ सुना बे उन लोगों से दो मैच की दोहरी पर पीठ करके बैठी थी । उसने श्रेयसी को प्यार दिखाते धमका थे, लाल चाहते, रोते और विनती करते हुए स्वयं सुना था । इसके बावजूद अपनी स्वयं को दमन और श्रेयसी के बारे में सोचने से नहीं रोक पाई । मैं जानती थी कि दमन भी इसके बारे में सोच रहा होगा । उसी के चले जाने के बाद दमन और अग्नि भी कुछ दोहरी पर स्थित एक दूसरे कैसे में मिले? डाॅ । शाम की मुलाकात के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा । भले ही मुलाकात कितनी भी दीवान ये से भरी हुई क्यों नहीं हो? एक लेखक जो पागल से लडकी के प्रेम में था और जिसके बारे में इंटरनेट और अपनी किताब में लिखता रहा हूँ, समझ नहीं पा रही थी की है उसकी प्रतिक्रिया को किस तरह ग्रहण करें । आखिर कब तक दमन को श्रेयसी का प्यार और उसकी दीवानी हैं । उसका भोलापन लगता रहेगा और आखिर कब तक में उसके प्यार में पडा रहेगा? ऐसी का ध्यान भी काबिले तारीफ था । दवाइयों से बताया था कि श्री ऐसी ने उस शाम कॉफीहाउस के मुलाकात के बाद उससे कोई संपर्क नहीं किया था । लेकिन वह जैसे मान ले पिछले कुछ दिन उसने दमन और उस की तस्वीरों वाले स्क्रीनसेवर को देख कर ही बता रहे हैं । अगर दमन को उसकी दीवान की रह गए तो क्या मैं सच में बोर लडकी हूँ? यदि मैं आलसी भी हो तो क्या आज रविवार था । वो एक दिन पहले ही फॅमिली या से खरीद कर लाई सफेद रंग की ड्रेस पहनकर घर से निकल गई । उसमें हाल का समय कब क्या और बाल खुले ही छोड दिया । नहीं जानती थी कि इससे दमन बहुत ज्यादा खुश नहीं होगा । पर उसके पास विकल्प कम ही थे । ये कोई मिथ्या भ्रम नहीं था । मैं सुनिश्चित भर होना चाहती थी । अपने घर से निकलने के एक घंटे बाद वृद्ध अमन के माता पिता के घर के सामने थी । मैं जानती थी कि वो वहीं होंगे । धवन की माता जी ने दरवाजा खोला, दमन ही माने । अपनी का स्वागत उसकी उपेक्षा से अधिक बढकर क्या ईतू? इसी गाय अच्छे देखो रहा । नहीं कहते हुए उसकी माँ ने उसका माथा जुमा उसके प्रवेश करने के पूर्व उसकी महाने दरवाजे के बाहर तेल डाला । अपनी कोई है देख कर बहुत खुशी हो रही थी । दमन की माँ उसका स्वागत नहीं नरेली बहु की तरह ही कर रही थी और तमाम तरह के टोटके कर रही थीं । बहुत सुन्दर हो । उन्होंने कहा जबकि दमन शुद्ध लग रहा था । उसने शुरू के एक घंटे तक उससे बातचीत भी नहीं । यहाँ तक कि उसने अपनी से नजरे भी नहीं मिलाएं । दमन की माँ को यह शर्मीला पर लगा अपनी बेहतर तरीके से जानती थी । यदि उसे दमन के साथ लंबा जीवन व्यतीत करना है तो उसे उसकी उस प्रगति का ध्यान रखना होगा । हम अपने बच्चों को अपनी बेवकूफी भरी कहानी अवश्य सुनाएंगे । उसने सोचा धमान अपने बच्चों को बताएगा कि किस तरह उनकी माँ को असुरक्षित महसूस हुआ था । पर है बिना किसी घोषणा के अपनी ससुराल आ गई थीं । दमन के बिताने, उसे उसकी नौकरी, देश की खराब आर्थिक स्थिति, मौद्रिक घटे इत्यादि के बारे में बातचीत की और उसके उत्तरों पर सहमती प्रदान करते हुए से लाया । कुछ मुद्दों पर उनकी असहमती विधि धवन की माने सुस्वादु भोजन परोसा हूँ । हमनी ने इस बात का ध्यान रखा कि वे दमन के पिता द्वारा सरकार पर किए जा रहे व्यंग बढाते हैं । उसके पिता भी औपचारिकता वर्ष मुस्कुराते हैं । वह इतना तय था कि उसने दमन के पिता पर सकारात्मक प्रभाव डाला था और उनसे इजाजत ले कॅामन की माँ को सहयोग करने के जन्म चली गई थी । नहीं तो किंतु होता लो । लडकी बहुत अच्छी है । उसने दमन के पैदा को पूछ को से कहते हुए सुना । ज्यादातर समय उसकी और जिज्ञासा वर्ष देखती रही थी । कमन के जीवन में स्वयं के प्रवेश का होते हैं । मैं इसके योगी भी थी, क्योंकि उसने दमन के साथ संबंधों को लेकर बहुत काम किया था । यदि धमालों से ब्रेक का भी करना चाहे तो उसके माता पिता उसका पक्ष लें । ड्रमन की माँ ने उसे किचन में कोई भी काम नहीं करने दिया । इसलिए वह सिर्फ वहाँ बैठी बातें ही करती रही । उसकी माँ बहुत अच्छी कुक ऍसे भी अच्छा संभाषण बनी थी । एक पल के लिए भी उसे ऐसा नहीं लगा कि परिवार का हिस्सा नहीं । उसने दमन की । माँ को भोजन लगवाने में मदद की । खाने की मेज पर सब का मूड बहुत अच्छा बना रहा हूँ और आपस में मजा करते रहे । सिलाए दमन के जो बीच बीच में नाराज और बहुत झगडा नजर आता था । यहाँ तक कि उसकी बहन ने उसका गुस्सा शांत कराया । जब अपनी ने अपना ऍसे बताया, खाने के बाद जब अपने हाथ साफ कर रही थी तब उसने दमन को अकेला पाया क्या? तो मैं भी नाराज हो नहीं दामाने उससे हाथ ना मिलाते हुए कहा मुझे माफ कर तो मुझे नहीं आना चाहिए था । उसने अपने आश्रम को रोकने का प्रयास करते हुए कहा हाँ, तो मैं नहीं आना चाहिए था । उसके आंसू बाहर निकलेंगे तो कहीं और देख रहा था । हटा हा उसे आंसुओं को देखने में कुछ समय लगा । जब उसने देखा की अपनी हो रही है तो उसने उसे बाहों में भर लिया और पूछा क्या बात है? पहले जवान सुबहे थे वो नकली है पर दामन की बाहों में आकर असली आंसू निकल पडे । मैं सुरक्षित महसूस कर रही थी क्या क्यूँ हो ऐसा? क्यों कहा है क्या तुम पागल हो नहीं पर भी ठीक रहती है । वहाँ सी ओ है ना? फॅमिली तो मुझे अपने माता पिता से मिलवाना नहीं चाहते थे तो उनका ऍम है तो नहीं तो ऐसा क्यों किया तो मुझे बता दी थी । डाॅ । भी ठीक है नहीं कहते हुए उसने उसका माथा चूमा । उसने उसका चेहरा ठीक करने को कहा कि कहीं कोई उसे रोते हुए ना देख लेता हूँ । नहीं चाहता की कोई है जाने की घर में गालियाँ भी मैं देता हूँ हूँ । मुझे लग रहा है कि उन्हें तो फॅस करती है । कुछ देर बाद कुछ को उसे अपने कमरे में ले गई और उसे अपना जाॅब फेयर किताब का संग्रह और जी आर आर मार्टिन के हस्ताक्षर वाला पत्र दिखाया । उसको इस बात से बेहद प्रभावित थी की किताब ना पडी होने के बावजूद अपनी जी आर आर मार्टिन और गेम ऑफ थ्रोन्स के बारे में कितना को जानती है? अपनी ने सोचा हाँ मैं जानती हूँ पूरी तैयारी के साथ आई थी । कुछ को केवल दो विषयों के बारे में ट्वीट किया करती थी । गेम ऑफ थ्रोन्स और हैरी पॉटर अग्नि नहीं उन दोनों को पर लिया था और जानकारी एकत्रित कर ली थी तो तुम लोग आपस में शादी कर रहा हूँ । उसको ने उत्साहित होते हुए पूछा अभी कहना जल्दबाजी होगी पर मेरे भाई से शादी क्यों करना चाहती हूँ? मैं हमारी तो लामिक लूजर हैं । मैं जोर से हंसी और बाद में माफी मांगी भी क्या अब हम एक परिवार है, बाद उसे बहुत पसंद आई । तभी उसका ध्यान कुछ क्यूँकि रसायन विज्ञान की किताबों के बगल में रखें । फोटो फ्रेम में लगी दमन की तस्वीर भर गया । दामन को पट्टियां बनी हुई थी । उसकी आंख खुली हुई थी पर वह चेतनाशून्य थी । इसके एक दिन बाद भेजा गया था । ये तस्वीर मुझे इस बात की याद दिलाती रहती है कि दादा को वापस पानी में हम लोग कितने भाग्यशाली रहे हैं । जब पता नहीं मुझे पहली बार देखा ना तो पहचाना भी नहीं । लेकिन धीरे धीरे उनकी आकाश वापस आ गई है । हमारे लिए बहुत कठिन समय होगा । कुछ उन्हें सहमती मैं सहराया । उसकी आंखों में आंसू छलक आए की माँ के लिए बहुत पूरा समय था । इसकी चाहत नहीं के एक दो महीने बाद तक मैं सोचता रहा । डॉक्टर ने उसे बीटीएसटी दुर्घटनाओं प्रांत अब सात बताया था । कभी कभी लगता था कि सब ठीक हो रहा है । पर एक का एक दुर्घटना का जिक्र होने या टीवी पर कुछ भी ठीक लेने परिस्थिति खराब हो चाहती थी । इस समय का और लोगों की जीतना होने लगता है । दो बार तो ऐसा हुआ की अपनी ही लाख से उसका गला घुटने लगा । डॉक्टरों को उसकी गर्दन के पांच छे करना पडा था । मैंने घटेगा रहने शान देखा है । लेकिन अगर बिल्कुल ठीक है फॅसने साइड में रखी लकडी की मैच कुछ हुआ । अपनी मुस्कुराई । एक पल के सन्नाटे के बाद उसने पूछा तो नहीं तुम्हें क्या पुकारूं? ऋतु या कुछ को तो उसको उस ने बंद कर दिया ।

Part 30

भारतीय मैं भी उससे प्यार करती हूँ हो गई थी । अपनी निद्रा से जागते हुए अपनी ने कहा तो मैं नहीं नहीं आ रही क्या ऐसा लगता है की तो कई दिनों से सोई नहीं हूँ । उसके चेहरे बार उंगली फेरते हुए उसने कहा क्या तो मैं कोई बात परेशान कर रही है । ऐसा कुछ नहीं है । उसने तुम्हें दुबारा फोन तो नहीं किया ना । यही बाहर तो मुझे परेशान कर रही है । वेस्टर से उठते हुए उसने कहा यहाँ वहाँ टहलते हुए उसने कहा तो मैं नहीं हुआ कि वे इतनी आसानी से चली गई । हो सकता है उसे ऐसा करना ठीक लगा हूँ । ऐसी लडकी नहीं है जो कि बिना बाय कहे चली जाएगी क्या तो मैं उसकी कमी खल रही है । अपनी ने पूछा हूँ धवन ने अपनी आखिर घुमा हूँ अपनी नहीं कहना जारी रखा हूँ । धमान बैठ जाऊँ । हमें वही मिला है जो हम चाहते थे । है ना पीछे छोड चुकी है । नहीं पीछे नहीं छोटी है । मैं ये बात पूरे विश्वास से कह सकता हूँ । मेरे पीछे पडी थी और मुझे कठपुतली की तरह न जाती रही और अब नहीं इतनी आसानी से चली गई । एक ऐसा संभव है कुछ तो गडबड है । दमन नहीं कहा । मैं नहीं जानती है ठहरो मैं तुम्हें कुछ दिखाता हूँ । सामने अलमारी की दराज में से घागस का एक बंडल निकालते हुए था । उसने अपनी तो उनमें से एक कागज देते हुए कहा, अनन्या से मेरा लगाव पहला अवसर नहीं था जब उसने मेरे जीवन में हस्तक्षेप किया हूँ । इससे पढो आपको सूचित किया जाता है कि मेरे लिए आपकी कंपनी में नौकरी ग्रहण करना संभव नहीं है । कैंपस सिलेक्शन के समय आपने जिस बेटन का प्रस्ताव दिया था वो मेरी अपेक्षाओं से बहुत कम और मेरे प्रतिभा का अनादर था । मैं आपकी कंपनी में नौकरी नहीं कर सकता हूँ । कृपया मुझे नियुक्ति पत्र भेजने का कष्ट न करें । शुभकामनाओं सहित दमन ईमेल मैंने लार्सन एंड टर्बो को उनकी नौकरी के प्रस्ताव को इंकार करते हुए भेजा था । इसीलिए ये ईमेल भेजा था तुम नहीं दिनेश चाहिए क्योंकि वे मुझे दिल्ली के जगह मुंबई में नियुक्ति देने वाले थे । असर नहीं नहीं है । उन्हें ईमेल को भी डिलीट कर देती थी जिनमें श्रेयसी को पसंद नहीं किया गया हूँ । दमन नहीं कहा, अपनी की त्योरियां चढ गई । पिछले तीन सालों में तुमने अपना पासवर्ड नहीं बदला । कभी कबार में अपने पासवर्ड का एक खिलेरियां एक नंबर बदल दिया करता था । लेकिन इससे क्या फर्क पडता है तो शुरू से ही तांकझांक क्या करती थी । लेकिन यदि वे तुम्हारी ईमेल्स बढा करती थी तो उसने मैं फॅमिली भी क्यों नहीं बडी? तुमने जयंती को भेजी थी । अपनी ने पूछा मुझे लगता है मैं उत्तेजना बनाए रखने के लिए कुछ देर रुकना चाह रही थी । उप सकता । एक अधूरी किताब को पडने में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाह रही हूँ । उसने सोचा भी नहीं होगा कि मैं किताब में उस पात्र को पूरी तरह से बिगाडकर रख दूंगा । हो सकता है इसीलिए मैं गुस्सा हूँ । मैं चल गई । ये तो गडबड है । तभी तो मैं सोच रहा हूँ कि वो वापस लौटेगी । दमन नहीं कहा है । कुछ अगले घंटों तक यही विचार मांगने बैठे रहे । ऍम और उन में से किसी का मन उसमें नहीं लगा । जल्दी ही अपनी का घर जाने का समय हो गया । चिंता मत करो, हम जल्दी कोई रास्ता ढूंढ निकालेंगे । उसने अपार्टमेंट से जाते समय दमन से कहा । उसने दमन को चूमा । दमन ने उसे बहुत में भर लिया । जैसे ही वो ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे उन्होंने पाया कि बहुत से लोग अपार्टमेंट के बाहर दौड रहे थे । आपस में उत्तेजना पूर्वक बातें कर रहे थे । हुआ क्या है? अपनी नहीं आश्चर्य से पूछा । जल्द ही व्यापार टमेंट के बाहर अन्य लोगों के साथ खडे थे । जैसे ही वह अपार्टमेंट से बाहर निकले उन्हें गर्म हवा का झोंका महसूस हुआ । धवन ने अपनी का हाथ पकड लिया । वह भीड को चीरते हुए उस स्थल पर पहुंचे जहां से शोर आ रहा था । गर्म हवा और तेज हो गई । उस जगह के नजदीक पहुंचते हुए ही धवन ने पाया कि कुछ चल रहा है । जल्दी रह । समझ गया कि है गर्मी और आज जलती हुई कार से आ रही है । वहाँ का प्रशांत होने को थी । कार जलकर खाक हो चुकी थी । पीछे से सायरन की आवाज भी आ रही थी । अपनी ने अपना हाथ झटकते हुए छुडवाया । उसकी आंखें फटी रह गई थीं और एक हाल किसी चीज नहीं लिए । उसने दमन की ओर देखा । धमन का कलेजा भूख आ गया । रहे तो मेरी कार्य । इसके बाद मैं वहाँ से निकल गया हूँ ।

Part 31

भाग टिकट दुर्घटना उपरांत अवसाद की बीमारी पी । टी । एस । टी । से जूझते लोगों में यह बात एकदम सामान्य भारतीय पूरी तरह से बीमारी की वापसी नहीं है । बस दवाई लेनी है और आप कुछ ही माह में पूरी तरह से स्वस्थ होंगे । बस केवल इतना ध्यान रखना है कि आप ऐसे परी द्रश्य से दूर रहे जिनके कारण आपके दिमाग में तनाव आता हो या जिससे दुर्घटना की बात याद आती हो । डॉक्टर नहीं कहा तीसरी बार अपनी कार को चलता हुआ देखने का इरादा नहीं रखता डॉक्टर साहब दमन ने मजाक करते हुए कहा हूँ अपनी को इसमें कोई हाथ से नजर नहीं आया । पिछले तीन दिनों में घटी घटनाओं के कारण पहले से ही बहुत डरी हुई थी । डॉक्टर ने दमन के डिस्चार्ज पेपर पर हस्ताक्षर की है और ये अस्पताल से चलती है । जब से दमन इस अवसाद के दौरे के कारण अस्पताल में भर्ती हुआ है तब से लेकर आज तक उसे भाई और स्मृति लोग के कई दौरे आ चुके थे । जब स्वागत कक्ष में बैठक कर्मचारी दमन के बिल तैयार कर रहा था, उस समय अपनी बोली मैं सोचती हूँ कि हमें तुम्हारे माता बताया समेत को इस बारे में बता देना चाहिए । सुमित को बताना ऐसा ही है जैसे मेरे माता पिता को बताना । मैं पहले से ही कुछ तो की आने वाली परीक्षाओं को लेकर चिंतित हैं और मैं और चिंता नहीं करना चाहता हूँ । मैं ठीक हूँ तो कुछ ज्यादा ही बात का बतंगड बना रही हूँ । बात का बतंगड आती है तो तो बिस्तर पर तुम्हारा पेशाब छोटे देखा है तो बार मैं पहले कभी पता नहीं डरी थी । ठीक है नहीं, ठीक नहीं है । मैंने ॅ और छठ के खाते देखा है । मुझे लगा मैं इतने गुस्से में थी कि तुम्हारी मदद नहीं कर सकी तो उनकी मेरी आंखों के सामने थे और मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी । इसीलिए तो लोग एक दशक तक पढाई करने के बाद डॉक्टर बनते हैं । धान की तुम जैसे लोगों को मदद ना करनी पडेगी । अपनी ने रिसेप्शन पर ना इसको फाइल सौंपी और दमन को गले लगाने के लिए मोडी । यदि अगली बार इससे भी बुरी स्थिति हुई तो अपनी उसकी बाहों मैं रोने लगी । धमनियों से दिलासा दी । ऐसा नहीं होगा तो फॅमिली डॉक्टर ने क्या का? मेरे बाहर सब कोई का नहीं जैसे चलाया जा सके । उन्होंने धवन के अपार्टमेंट जाने के लिए क्या बुलाया, नहीं वो अपनी जली हुई कार के पास एक कॉल करूंगा । अब तो पूरी तरह से धातु के ढांचे में कार बदल चुकी थी । तमन की त्योरियां चढ गयी । अपनी ने उसका हाथ थामते हुए कहा डॉक्टर ने तो में तनाव ना लेने की सलाह दी है और मैं कहा के कारण तो में खोना नहीं चाहती । फॅस कंपनी से इस नुकसान की भरपाई हो जाएगी । इसलिए इसकी चिंता छोडो कहते हुए उसने धमन का ध्यान हटाया । जब दमन घर पर नहीं था तब अपनी ने मकान के सफाई के लिए प्रोफेशनल कर्मचारियों को फोन किया था और पूरे घर की साफ सफाई करवा दी थी । बडों को भी चमकीले रंग का कर दिया था तो किसी गोलियाँ घर की तरह लग रहे है । लेकिन अच्छा लग रहा है । दमन बोला चाहे हाँ जरूर दमन ने कहा और अपनी के पीछे पीछे किचन में जहाँ पहुंचा उसने सिगरेट जलाई पर अपनी सिगरेट उसके हाथों से लेकर बुझा दी । क्या सिगरेट और पीटीएसडी में आपस में कोई संबंध तोडना दमन ने विरोध जताया और हम सिद्धू भी नहीं करने जा रहे हैं कहते हुए अपनी ने पानी उबालने के लिए रख दिया । धाड में दमन ने दो नहीं कब में चाहे उडेलने में अपनी की सहायता की । वो अपने कब हाथ में लेकर कमरे में आ गए । मैं आज रात जयंती को बुला रहा हूँ । अस्पताल के बिलों के बाद गैर मैं उससे किताब के अनुबंध के लिए बेहतर राशि प्राप्त करने की कोशिश करूंगा है कि थोडा कठिन होगा । ये पहले चलेगा । बहन लोग चाहते हैं कि मैं उनके लिए लिखूँ । मैं उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लूंगा तो तुमने मुझे अस्पताल का फिर भुगतान करने दिया होता हूँ । क्या तुमने अन्य प्रकाशकों के बारे में भी विचार क्या है? अपनी ने कहा मैं नहीं चाहता हूँ कम से कम जयंती परिचित राक्षस तो है तो मैं बंद करके अपना ध्यान लेखन पर केंद्रित करना चाहता हूँ और इसके अलावा कुछ और भी लेखन कार्य करता रहूंगा । डाॅन बोला आपनी सोचने लगी है । इसकी गले लगकर उसकी सारी चिंताएं दूर कर देंगे । ठीक है तुम जो भी सोचों के उसमें तो खुशी मिलेगी । हम तो मेरी माँ की तरह बात कर रही हूँ । या तो दमन बोला आपने मुझे करती है । तो क्या लगता है कि कहा की स्थिति पूर्ण करने में बीमा को कितना समय लगेगा? अपनी नहीं कहा । कम से कम पांच महीने लगने चाहिए । हालांकि मुझे कुछ कागजात भी जांचने होंगे । धवन ने उत्तर दिया हूँ जब पैसे दे तब नहीं करना खरीद लेना हूँ । धवन ने कहा एक बार जल गई तो दूसरी ले ली । दूसरी बार जल गई तो फिर कभी नहीं । कुछ देर बाद अपनी के काम पर जाने का वक्त हो गया । मैं जाना नहीं चाहती थी । तीन दिन से काम पर नहीं गयी थी और उसने अस्पताल में ही अपना काम निपटाया था । जबकि दमन बिस्तर पर बडा काम रहा था और पसीने से धर बता था नहीं तो उनसे कल मिलती । हाँ अवनी नहीं कहा मैं छोड देता है । ऍम मिलकर नहीं कार खरीदेंगे अपनी नहीं कहा । उसने उठते हुए दमन से कहा नहीं जाती हूँ तो थोडा आराम करूँ खिलाफ हूँ । जैसे ही उसने दरवाजा खोला उसने देखा कि धूल से सना हुआ एक लिफाफा पडा है । अपार्टमेंट में प्रवेश करते समय उस लिफाफे पर उनका ध्यान नहीं गया था । उसने लिखा था उठाया की आये धवन ने पूछा हूँ कोई पत्र उसने उत्तर दिया । उसने उजाले में लिफाफे को देखते हुए सावधानीपूर्वक लिफाफे को फाडा । उसके अंदर धवन की कहार के इंश्योरेंस के पेपर थे जिसके ऊपर लाल स्याही से लिखा हुआ था । मुझे ऐसा करना पडा । टीवी मेरे पास और कोई विकल्प नहीं था । धवन और अपनी का ध्यान एक साथ इस बात पर गया कि धवन की कार में आग लगने के एक दिन पूर्व ही उसका इंश्योरेंस समाप्त हो गया था ।

Part 32

भागवत उन लोगों को लिफाफा खोले दो घंटे बेच चुके थे । अपनी ने अपने ऑफिस फोन करके मीटिंग स्थगित कर देने का अनुरोध किया तो मैं जाना चाहिए । यहाँ बैठकर तुम्हें कुछ भी हासिल नहीं होगा । दमन नहीं कहा मैं तो मैं इस तरह अकेले नहीं छोड सकती । नहीं ठीक रहूंगा । धमने झटका पुलिस को खबर देनी चाहिए । अब पानी सिर के ऊपर से गुजर आॅन किसके साथ हमारे पास सबूत ही क्या है ये उसने अपने हाथ में इंश्योरेंस के पेपर्स लहराते हुए कहा । और हमारी कहानी पर कौन यकीन करेगा? उसने अपना सिर हिलाया । मैं जानता हूँ कि मैं यहीं पर नहीं रुके की तभी दमन का फोन बजट था । उसे श्रेयसी की ओर से संदेश प्राप्त हुआ था । उस टाइम पर ऑनलाइन हूँ । अपनी को भी साथ हो ऐसा मत करो । डॉक्टर नहीं तुम्हें है तो क्या करूँ समझाऊँ कब तक उसने अपने लाॅगिन किया और उसे श्रेयसी से एक अनुरोध प्राप्त हुआ । हर चीज का रिकॉर्ड करो । दमन ने कहा आपनी ने कुछ दूरी पर अपना फोन रख दिया जिसपर रिकॉर्डिंग हो रही थी । रेडी उसने पूछा हूँ । दमन ने उसे कॉल किया । तीन बार घंटी बजने के बाद किसी ने उसकी कॉल स्वीकार की । शुरूआत में वीडियो धनला था । पर धीरे धीरे साफ हो गया । ऐसी उन्हें देखकर मुस्कुराई । उसके कान में ईयरफोन लगे थे और वो मेट्रो में प्रवेश कर रही थी । उसने लंबी मुस्कान के साथ कहा, देखो यहाँ कौन है? एक झूठा और एक को दिया । इसके पहले की हम कोई बातचीत शुरू करें । नहीं चाहती हो तुम दोनों अपने फोन स्विच ऑफ कर दो । दमन और अपनी नहीं एक दूसरे को देखा हूँ । ॅ जल्दी करो । ऐसी ने कहा दोनों ने वैसा ही किया । तो मैंने कहा क्यों चला दी? दमन ने पूछा वहाँ अपने पीछे के पढते तो देखो मैंने तो उसे कुछ बेहतर की आशा की थी । अपनी ऐसी बोली तुमने मेरी कार क्यों जलाई? वो उसी को पीछे स्टेशन की उद्घोषणा सुनाई दे रही थीं । आकला स्टेशन राजीव चौक हैं । कृप्या प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखें आप नहीं तो मैं ऐसे व्यक्ति के साथ क्या कर होगी? तो मैं भयानक पागल सिर्फ फ्री कहता हूँ । ऐसी ने पूछा तो मुझे यही कहते हो ना तो उन्हें हम दोनों का पीछा किया । अपनी ने पूछा जानती थी कि मैं दूसरी डेवेलपर बैठी हूँ । आपने आपने जाने का बहाना बनाकर उसने हमारा पीछा किया । मैंने वही किया जब तुम्हें मेरे साथ क्या था? अपनी ऐसी नहीं कहा । क्या तुम सच में ऐसा सोचती थी कि मुझे नहीं पता चलेगा कि तुम दूसरी मेज पर बैठकर मेरी और तमन के बीच की बातों पर कान गढाए हुए हो । मैंने उस कॉफी हाउस में एक साल गुजार रहे भी भी वहाँ की चप्पे चप्पे से वाकिफ हूँ तो हाँ तुम लोगों के कॉफी शॉप से जाने के बाद मैंने तुम्हारा पीछा किया तो उन लोग हाथों में हार डालें मेरे बारे में गप्पे मारते हुए चले जा रहे थे । अपनी ने स्वयं को संभालते हुए कहा तो मैं कहा को चलाने का कोई अधिकार नहीं था । ये आपराधिक कार्य बिक्री किताब में खासकर मेरी जगह लेना मेरी बेबी के कमरे के बढते बदलवाना अपराध से बढकर हैं । तुमने मेरी कार क्यों जलाई? धमने मेज पर हाथ पटकते हुए कहा । बदलाव शेयर सीने झडते हुए कहा और दोबारा मुझे इस वर्ग में बात मत करना में भी इससे मुझे कितना नुकसान हुआ है । बीमा से तुम्हारी सारी रकम मिल जाएगी, बीमा की अवधि समाप्त हो गई और तुम्हें अच्छी तरह से जानती हूँ । अपनी ने कहा ऍम की ओर देखते हुए कहा अपनी मैडम से कहूँ कि इस तरह से मुझ से बात ना करें । कब कहते हुए अपनी स्क्रीन के सामने से हट गई इसको दिया की नगरी तो देखो हम मैं चाहती थी कि बीमा समाप्त हो रहा है । उस दिन को याद करूँ जब तुम पार्टी के लिए कॉलेज गए थे और मैंने तो घर पर छोडा था । जिस दिन तो मैं अपनी किताबें जली हुई मिली थी । मैं तुम्हारी ड्रिंक थोडा और खेल सकती थी तो मैंने क्या किया? अपनी उठी और लाभ भाव की स्क्रीन के पास जाकर बैठ गई । ऍम ड्रिंक में मिला दी थी । मैं तुम्हारी किताब सबसे पहले पढना चाहती थी है । अपनी आदत के चलते मैंने तुम्हारे दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन कार्ड, प्रदूषण जांच आदि की तस्वीरें उतार ली थी । मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे कभी उन की जरूरत पडेगी । पर देखो कैसे सहयोग है और फिर से उद्घोषणा सुनाई नहीं । छह सीधा अमन को देखकर मुस्कुरा रही थी । अगला स्टेशन नहीं दिल्ली है । कृप्या प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखें तो हम क्या कहना चाहती हूँ । अपनी नहीं बोझा हो तो तुम से आ गई क्या? धवन ने तो में बताया नहीं कि तुम की तीन ही देखती हूँ । मैं ये कहना चाहती हूँ कि मैंने तुम्हारी जाली हस्ताक्षर बनाकर फॅस करा दिया । था तो उन चाहो तो इंश्योरेंस की रकम ले सकते हो । अपनी व्यग्रता पूर्वक अपनी सीट बदलती रही तो मध्य क्या चाहती हूँ? दमन ने पूछा तुम अपने बगल में बैठी अपनी से दूरी बना लो तो मैं कुछ समझ में आया नहीं । अपनी ने मैच के नीचे से दमन का हाथ थाम लिया । किसी को समझने में कोई दिक्कत नहीं हुई । उस ने कहा बेहतर होगा कि मेरे सामने तो उसका हाथ ना पकडो । ये ऐसा नहीं करेगा । ये मुझे बडी काम नहीं करेगा । अपनी बोली श्री मुझे और कोई विकल्प दिखाई नहीं देता था । छह सीने उसे खोलते हुए का भी क्या करता है और क्या नहीं, सब तुम्हारा कोई लेना देना नहीं है । अपनी नहीं काटते हुए कहा तो उनसे बात नहीं कर रही हूँ । तो तमन मुझे अनुबंध और अच्छा करने दो । कैसा हूँ यदि जयंती के साथ होने वाला तुम्हारा अनुबंध और बेहतर हो जाए । तुम्हारी किताब कुछ और पहले रिलीज हो जाए तो मैं ज्यादा धन । मैंने तो ज्यादा रचनात्मक अधिकार मिले तो यदि मैं कार्तिक को संभाल लू तो यदि में तुम्हारे ली समस्याएँ ना बने तो ऐसा कैसे करोगी? मेरे ऊपर छोड दो, लेकिन क्या तो मैं सब पसंद करोगे । मैं ऐसा कर सकती हूँ तो पता होना चाहिए कि वैसा कर सकती हूँ और ऐसा ही तुम्हारी फालतू की पूर्व गर्लफ्रेंड अपनी भी कर सकती है । आखिर सिरफिरे, पागल और भयानक लोग कुछ भी कर सकते हैं । है ना अपनी तो तुम कैसे हो गई? अपनी कहा पैसा, किताब और भविष्य यहाँ अपनी फालतू गर्लफ्रेंड इसके पहले केश ऐसी कुछ और बोल पाती अपनी नहीं लाइन काट दी तो ऐसा क्यों किया? धवन गोराया हमें उस की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अपनी ने अपना बैग उठाया और आंखों में आंसू भरकर घर से निकल गई ।

Part 33

भारत कहते हैं तमन्ने बुक, हाॅट रोमने जयंती । रघुनाथ का इंतजार किया । पिछले आधे घंटे में तीन कप चाय पी चुका था । पिछली रात को जयंती उसके स्वास्थ्य में आई थी उस करा रही थी । उसने बताया था की यू के ऑफिस का एक प्रभावशाली व्यक्ति उसकी किताब पडता है और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाना चाहता है । पर उसकी सारी खुशियां नींद खुलते ही पूर्व नहीं, उसने फिर से अपनी घडी की ओर देखा । आपनी आगे तक पहुंची नहीं थी और मैं उसकी कॉल भी नहीं उठा रही थी । अंततः उसने दमन की कॉल उठा ली । तुम होगा तो मुझे ऐसी नहीं छोड सकती । बस ने कहा कि वह पंद्रह मिनट में वहाँ पहुंच जाएंगे । क्या तुम्हारे पीछे मेट्रो की आवाज है? मुझे कुछ सुनाई दे रहा है तो अपनी फॅमिली लेकर क्यों नहीं आ गई? उसने फोन पर बढती हुई कीमतों पर कुछ कहा । दमन ने फोन काट दिया । उस दिन से लेकर अभी तक है ऐसी नहीं है । दर्जनों बाहर उसे वह प्रस्ताव दिया है जब मैं अपनी के आस पास रहती है । वह उस समय कवल करने का समय निकाल लेती है । वह बार बार कहती है एक ब्रेक कब के बदले में स्वर्णिम भविष्य क्या? तो मैं सच में या लगता है की अपनी लायक है कि तुम उसके साथ रहूँ । अपनी ने भी उसके साथ ज्यादा समय व्यतीत करना शुरू कर दिया था । मैं उसके साथ राहत में भी रुक जाए करती थी । धवन के वर्षो में उसका दूध, प्रश्न और अलमारी में एक जोडी कपडे हुआ करते थे । काफी असुरक्षित महसूस कर रहे थे । लेकिन उससे ब्रेकअप करने का दमान का कोई इरादा नहीं था । वो कहाँ यहाँ अपनी कौन दिलासा देता रहता था । रात में जब है उसे सुब रखते हुए पाता था तो उसे दिलासा दिया करता था । मेरे वर्ष में होता तो मैं सब कुछ ठीक कर दी थी । काश की मैं तुम्हारे लिए कुछ कर पाती । उसके सीने में सिर्फ छुपाए हुए रह गई थी । मैं तुम्हारी मदद करना चाहती हूँ । कहते हुए उसने इंश्योरेंस की रकम के बराबर राशि का चेक धवन को दिया और उसे स्वीकार करने का आग्रह किया । न मान्य मना कर दिया । मैं मकान मालिक नहीं हूँ । धवन ने कहा, उसे ये महसूस करके अफसोस हुआ कि अपनी स्वयं को दोषी मान रही थी । वह उसे दिलासा देता रहता था, पर वह भी कई रातों से उपहासपूर्ण में जाता रहा था कि यदि वे श्रेयसी के प्रस्ताव को स्वीकार कर ले तो स्थितियां कितनी बदल सकती हैं । उसे पेशाब करने की इच्छा महसूस हुई है । उठाओ और सीधे वर्षों में पहुंच गया । जब लौटकर आया तो उसने कॉन्फ्रेंस रूम में जयंती को एक महिला के साथ बैठे हुए पाया । उसने उस महिला की पहचान लीगल डिपार्टमेंट के हेड के रूप में कराई । मुझे इस बात की खुशी है कि तुम हमारी साथ अनुबंध कर रहे हो तो भारी किताब भले ही तुम्हारी अपेक्षाओं की तुलना में कुछ देर से रिलीज होंगी । पहले वादा करती हूँ कि इसे सफल बनाने में हम कोई कोर कसर नहीं छोडेंगे । जयंती ने कहा, उसके बाद उसने दमन से अनुबंध को लेकर अपनी सारी शंकाओं का समाधान उस महिला से करने को कहा । उन्होंने हाथ मिलाया और जयंती एवं उस महिला ने दमन को अनुबंध पढ नहीं कर दिया । निश्चय ही उन लोगों के मध्य दमन को दी जाने वाली धनराशि और समय सीमा इत्यादि पर कोई चर्चा नहीं हुई । अनुबंधपत्र सामान्य था, कोई छुपी हुई शर्तें नहीं थी । रे दस पेज का अनुबंध पत्र था और अगले एक घंटे में धवन ने दो बार उस अनुबंध पत्र को पढा । मैं जैसे ही अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करने का मन बनाता से पढना शुरू कर देता हूँ ताकि कोई गलती ढूंढ सकें । व्यापनी द्वारा अनुबंधपत्र को पढने के बाद ही उस पर हस्ताक्षर करना चाहता था । अपनी कुर्सी पर क्या बस ने बाहर देखा और पाया कि हो हल्ला मचा हुआ है । जयंती और कुछ अन्य संपादक नाटकीय तरीके से बात कर रहे थे और ऍम ऑफिस में अच्छी खासी हलचल थी । उनके बीच जिस भी विषय पर बातचीत हो रही थी, पूरे ऑफिस में फैल रही थी । दो तीन लोगों का समूह अलग अलग जगहों पर खडा होकर बातें कर रहा था और उनके चेहरे पर उसी तरह की अच्छी राज्य भाई भंगिमाएं थीं जैसे जयंती के चेहरे पर थी । जयंती और अन्य दो संपादक अगले बीस मिनट तक नहीं आए । उनके चेहरे पीले पडे हुए थे । जैसे किसी ने उसमें से सारी आभा को जूस लिया हो । कुछ देर बाद लीकल विभाग की वह महिला धमन के पास आई । वैसे घर ले जाकर ठीक से पढना चाहता हूँ । मैं कोई गलती नहीं करना चाहता हूँ । दमन ने कहा महिला ने सहमती ठीक है । मैं जयंती को इस बारे में बता दूंगी तो वहाँ से जाने वाली ही थी । तभी दमन ने उसे पुकारा । वहाँ क्या हुआ है । हमारी एक रेखा का एक्सीडेंट हो गया है । शायद तुमने उसका नाम सुना हूँ । ऍम क्या हुआ उसे? वो सीढियों से उतरते समय गिर पडा था । वो दमन नहीं कहा । वो अपनी कल्पनाओं में उसे मरनासन्न हालत में बिस्तर पर पडा देख रहा था । अब ठीक है शायद बच जाए । पर उसे रीड की हड्डी में गंभीर चोट आई है और उसके पैरों में कई फ्रैक्चर हुए हैं । डॉक्टरों का कहना है कि अगले कुछ महीनों तक उसे अस्पताल में ही रहना होगा । उस महिला नहीं कहा दामाने से लाया । मैं जयंती को अभी फोन करती हूँ, कहते हुए हैं । महिला चली गई । दमन सोचने लगा कि क्या उसे अस्पताल में कार्तिक को देखने जाना चाहिए था या नहीं । उसके प्रति मन में नफरत होने के बावजूद उसे कार्तिक से सहानुभूति थी, मैं हूँ । जयंती ने पूछा इसके पहले की वह उधर दे पाता है । अंदर आ गई ऍम और सरल है । अभी क्यों नहीं हस्ताक्षर करते थे ड्रमन पहचान गया की जयंती मैं हाथ में विश्वास नहीं झलक रहा था । जो आमतौर पर उसमें दिखता था, उसकी आवाज कम रही थी, चाहे कितनी भी मकान क्यों ना रही हो । उन्होंने वर्ष एक साथ काम किया था और सात सात जबरदस्त सफलता अर्जित की थी । मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूँ । अब तो मेरे तेरी की परीक्षा ले रहा हूँ । हमारे पास विचार करने और प्रतिद्वंदी प्रकाशकों के पास जाने के लिए कई सप्ताह का समय था । यह बंद महत्वपूर्ण है तो तुम्हारे लिए भी और हमारे लिए भी । इसमें समझने के लिए कुछ नहीं है । बस तुम हस्ताक्षर करूँ । कुछ समझ में आया । कहते हुए जयंती ने मेज पर हाथ पटका । नमन समाज क्या की? मैं उतावली हो रही है । इसके पहले उसने ये कभी नहीं कहा था कि अनुबंध उसके लिए जरूरी है । मैं अभी हस्ताक्षर नहीं कर सकता । जयंती मुझे पहले कुछ लोगों को ये अनुबंध बढवाना है । मैं दोबारा फिर वही गलती नहीं दोहराना चाहता हूँ । जयंती ने अपने हाथ हताशा में लहराए । जयंती से ऐसे ॅ है की उम्मीद नहीं थी । घाटी की खबर का उस पर कुछ ज्यादा ही असर पडा था । उसका सर्वश्रेष्ठ लेखक । पिछले कुछ महासेल बेकार बैठा था । उसने अब तक आपने दो उपन्यासों का वादा पूरा नहीं किया था । ये उसके प्रकाशन कैलेंडर की शुरूआत ही तमन बोला । इस अनुबंध में मेरी प्रतिभा का पूरा सम्मान नहीं हुआ है और मुझे पर्याप्त धनराशि का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है कि आपको आज कर रहे हो । कार्तिक अगले कुछ हाँ अस्पताल में गुजारने वाला है ना? इसका मतलब यही है । इसका मतलब तो यही है की इस साल के अंत तक उसकी किताब पूरा करने की संभावना बहुत कम है । इसकी वजह से तुम्हारे पास कोई बडी रिलीज नहीं होगी । दमन नहीं कहा तो हम ने बोलना जारी रखा हूँ । कार्तिक के अगले कुछ वहाँ तक पारित दृश्य से बाहर होने के कारण मेरी किताब को ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है ना । इसका मतलब ये है कि तुम मुझे कुछ अधिक भुगतान करने वाली हूँ । रिलीज की तारीख भी बदल सकती हो । कदापि नहीं । मैं जानता हूँ कि तुम कोई ना कोई रास्ता खोजी होगी । कहते हुए धवन ने जयंती की ओर अनुबंधपत्र सरकार दिया तो खडा हो गया और दरवाजे की ओर बढा । जैसा की तुमने कहा है यह अनुबंध तुम्हारे लिए महत्वपूर्ण है । जयंती गुस्से से आगबबूला होकर अपनी कुर्सी पर बैठी रही तो विश्वास नहीं कर पा रही हूँ कि तुम अपने साथ ही लेकर की दुर्घटना का व्यवसायिक लाभ ले रहे हो । धवन मुस्कुराता है क्या तुम उसके कारण मेरी उपेक्षा नहीं कर रही थी? मुझे उससे सहानुभूति है पर मैं उसके प्रति करता की भी हूँ । हो सकता है कि मैं अस्पताल जाकर उसे धन्यवाद भी दूँ । कृप्या दूसरा अनुबंध तैयार करो । मुझे विचार कर की खुशी होगी नहीं । जयंती बोली जयंती के चेहरे को देखने के लिए । दमन मोडा मैं खडी हो गई और धवन की ओर बडी । उसके एकदम नजदीक आकर वह फिर से बोली नहीं तो तुम्हारे हिसाब से बिलकुल ठीक है । हाँ, मेरे हिसाब से बिल्कुल ठीक है । लेकिन मुझे पीठ पीछे से बाल तो लोगों का पुराना पसंद नहीं है । जयंती गुर्राई मैं तो नहीं हूँ तो हो । धवन तो एक नंबर के दो खुले कुत्ते हो जिससे मैंने सडक से लावारिस हालत में उठाया था तो अपने आप को समझते क्या हूँ? अगर मैंने तो मैं कामना दिया होता तो आज कोई तो मैं जानता भी नहीं होता । तो भाड में गए तो तुम्हारी के तब और अनुबंध कुत्ते की तरह अपनी पूछ दबाव और यहाँ से दफा हो जाओ तो क्या समझते हैं । मुझे धूमल होगे मेरे लेखक की हालत का नाजायज फायदा उठा लोगे । जयंती तो अपने आप को बहुत बडा लेखक समझने लगता हूँ । तुम हवाई के लिए मत बना हूँ तो मैं कब लगा कि तुम मेरे लिए इतने महत्वपूर्ण हूँ? इस ऑफिस और इस प्रकाशन कंपनी के लिए महत्वपूर्ण हो । मैं एक माह के भीतर तुम्हारे जैसे लेखक तैयार कर सकती हूँ तो मैं अपनी नौकरी नहीं छोडनी चाहिए थी । अब मैं तुम्हारी कि डाक प्रकाशन नहीं करेंगे और साथ ही अपने प्रकाशक मित्रों से भी तुम्हारी असलियत के बारे में बता दूंगी । देखती हूँ कौन तुम्हारे की ताक छापता है हमारा लेखन भविष्य आज से समाप्त हुआ दमन

Part 34

भाग चौथे हैं । मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था । उसको ॅ नहीं करना चाहिए था । मैंने क्या किया? छोड रहा हूँ । जो होना था हो गया । हमारे भले के लिए ही है । अब हम इसके बारे में नहीं सोच सकते । जो होना था हो गया अपनी का अपने आप से चल रहा । ये संवाद तब टूटा जब ड्राइवर ने अपना और तो उस कॉफीहाउस के सामने रोका जहाँ पढाने के लिए दमन ने उसने कहा था । देख सोच रही थी कि दमन ने अनुबंध पर हस्ताक्षर कर दिए होंगे अठहत्तर रुपए । ड्राइवर ने कहा । उसने ड्राइवर को पैसे दिए और अपने रूमाल से फैल गए । कागज को साफ किया । उसके हाथ कांप रहे थे । कुछ ही देर पहले उसके आंसू धमेड है, पर वे फिर बाहर आ सकते थे भी । अपने द्वारा किए गए कार्य को सोचकर धरम बाहर होना जा रही थी मैंने क्या वो आ गए हैं, लेकिन ये मैंने सिर्फ तुम्हारे लिए क्या है? मैं अधूरी और बेकार । कल फिर नहीं हो क्या हुआ । दमन की आंखें लाल देकर उसने पूछा तुमने अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए? दमन ने अपना शेयर इंकार महिला आया, सब खत्म हो गया । मैंने सब बर्बाद कर दिया । कुछ बाल शांत रहने के बाद फिर बोला हूँ क्या तुम जानती होगी? कार्तिक आज सुबह मौत के मुंह में जाते हुए बचाएं और मैंने इस स्थिति का लाभ उठाने का प्रयास किया था । हाँ, मैं वहीं थी । मैंने कार्तिक को तडपते देखा है । मैंने उसकी हड्डियों के टूटने की आवाज सुनी है तो तुम क्या कर रही हो? खुद को भोला सिद्ध करते हुए उसने पूछा मैं सिर्फ तुम्हारी मदद करना चाहती थी । मैं कहना चाहती थी पता नहीं मुझ पर कौन सा भूत सवार हो गया । लेकिन ही मैंने सिर्फ हमारे लिए किया है । सामान्य उसे एक एक बात बताई । कार थे कि दुर्घटना की खबर, जयंती की आवाज में हताशा की खबर और उसके और जयंती के बीच हुई नोकझोंक की खबर । मैं इसके बारे में जितना भी सोच रहा हूँ, ना स्वयं को गलत महसूस कर रहा हूँ । मैं कार्तिकी दुर्घटना का नाजायज फायदा उठा रहा था । उस समय मुझे यही सही लग रहा था । लेकिन अब मुझे अपनी गलती का अहसास हो रहा है । मैं इतना मूर्ख कैसे हो सकता हूँ? माफ कर दो अपनी नहीं कहा । नहीं नहीं ऐसा नहीं हो सकता । इसका ऐसा नहीं हो सकता है तो मैं जयंती को नहीं । हम कहना चाहिए था तो मैं ऐसा क्यों किया तो क्या सोच रही हो? तो हमने पूछा मेट्रो में फस गई थी । सब खत्म हो गया । मेरा लेखन करियर समाप्त हो गया है । उसने साफ शब्दों में कहा, अपनी के पेट में मरोड उठने लगी । एक एक शब्द उसे बाहर की तरह लग रहा था । मुझे माफ कर दो । मैंने अपनी ओर से भरसक प्रयत्न किया । मुझे लगा था कि मैं सब ठीक कर दूंगी । अपनी बोली हो सकता है कि वह तो डर आ रही हूँ । जरूरी नहीं है कि अन्य प्रकाशकों पर उसका उतना प्रभाव हूँ जितना में बता रही है । लेकिन वे मेरी स्थिति समझ जाएंगे । जैसे ही उन्हें पता लगेगा कि मैं उनसे अनुबंध करने को आता हूँ, मैं मुझे उचित भाव देंगे । क्या? बस नहीं पूछा । अपनी के पास कोई उत्तर नहीं था । मैं भी यही सोच रही थी । कुछ देर तक जो बैठे रहे । कुछ मिनटों बाद अपनी बोली मेरे पास तीन फिक्स मुँह खाते हैं और एक आवर दिखाता है । इसके अलावा में बार्कले कंपनी के भर्ती विभाग से भी संपर्क में हूँ । अभी तक तो संकेत सकारात्मक हैं । मैं तुम्हारी भी व्यवस्था का राज होंगी । दमन का हाथ थामते हुए उसने कहा ऍफ का हाथ अलग करते हुए कुर्सी सेट इक्यावन बोला मैं जानता हूँ कि तुम सदैव मेरे साथ रहोगी पर मैं सिर्फ यहाँ बैठ कर नहीं खा सकता हूँ । मैंने जोखिम लिया है क्यूँ मुझे अनुबंध पर चुपचाप हस्ताक्षर कर देने थे । कार्तिक का भी एक्सिडेंट आज ही होना था । मेरा नहीं है । अपनी तपाक से बोली लेकिन मैं मार सकता था । एक आवाज सुनाई दी धमन और अपनी नहीं उस दिशा में देखा जहां से वह आवाज आई नहीं । ऐसी उन्होंने देखकर मुस्कुरा रही थी । अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड को धन्यवाद दो । आज अस्पताल की जगह मुद्दा घर में भी हो सकता था । ऐसी हाईवे भी धवन के चेहरे पर उंगलियां फिराते हुए श्रेयसी बोली अगर ये सीट खाली है तो मैं बैठ सकती हूँ । क्या इसके पहले की कोई उत्तर दे पाता? मैं कुर्सी खींचकर बैठ गई । उसने अपना ऍम एच पर रख दिया और बोली बीच में बोलने के लिए माफी चाहती हूँ । एक लडकी दूर से बैठकर जासूसी करें । इससे अच्छा तो यही होगा कि हम तीनों एक साथ कॉफी पी हैं । कहते हुए उसने अपनी पार्टनर ही नहीं कहाँ डाली । बेटर उनकी मेज के बाद आया । कृपया में दस मिनट का समय तो बेटर चला गया तो अभी अभी मैंने सुना कि तुम्हारे और जयंती के बीच क्या हुआ? फिर लेकिन इस पूरी कहानी में मुझे अपनी के योगदान के बारे में कुछ भी सुनने को नहीं मिला । मुझे अधूरी कहानी नहीं पसंद है तो अभी मुझे लघु कहानियां पैसा नहीं प्रायास काफी कुछ अनकहा और संदेहस्पद रह जाता है । लेकिन हम अपने बीच ये सब नहीं चाहते हैं । ना तो अपनी इस कहानी में अपना योगदान तुम बताओगी है । मैं आता हूँ अपनी सोचने लगी लगता है कि हाथ का चाहती है । तमन गुर्राया छह सीटों में यहाँ क्या कर रही हो? बेहतर होगा तो मैं यहाँ से चले जाऊँ । सब तुम्हारा ही किया जा रहा है । मेरा क्या धारा, ये केवल अधूरा सच है बल्कि आज तुमने ही जयंती को भारतीय सुनाई हैं । जी में ही थी चित्र में मदद करने के प्रयास कर रही थी या देना सोना तुम देख और समझ नहीं पा रहे हो की है तो मैं कहाँ तक ले गए है तो निकला है । दमन ने कहा से चली जाऊंगी लेकिन मैं ये जरूर जाना चाहती हूँ की अपनी आज सुबह कहा थी तो हो गया मैं बताऊँ । उसने अपनी को देखते हुए कहा ये जानती है ये सब क्या है? ये किस बारे में बात कर रही है । आदमी को अपने चार ओवर की दुनिया घूमती हुई नजर आई तो जानती है अपनी मेरी तरफ । इस तरह मध्य को धवन की ओर देख और बताओ कि तुम नहीं क्या क्या है ये भी इंतजार कर रहा है और मैं भी । किसी ने कहा चलो जल्दी करो और तुम दोनों के बीच चले आ रहे दिखावे के संबंध को हमारा करूँ मैं क्या हूँ? तुमने पूछा बताओ ऍम कहाँ थी? अपनी ने हाथ हिलाते हुए कहा मेट्रो स्टेशन था हाँ । अब हम सही जगह पहुंच रहे तो मेट्रो स्टेशन पर क्या कर रही थी? किसके साथ ही तो माॅक क्या तुमने मेरे साथ बेवफाई की है? धवन ने पूछा अपनी के चेहरे बरासू चला जाए? मैं बोली नहीं वो भी थोडा और जिज्ञासु बनो । वे वफाई उसके लिए तो इसे कोई ऐसा व्यक्ति खोजना होगा जैसे पसंद करें । और मैं पहले ही तो मैं बता चुकी हूँ की ये उदासीन ठंडी है । अग्नि के कहते हुए हाथों को धाम ते हुए श्रेयसी ने कहा तो ना बंद करो और बताओ कि तुम्हें क्या क्या अपनी डाॅन सोने के लिए और सुख ऍफ का क्या? आप नहीं धीरे सबका बताई क्या सुन नहीं पाया फॅालो ऐसी नहीं कहा । मैंने कार्तिक को धक्का दिया । कहते हुए अवनी ने अपना चेहरा अपनी हथेलियों से ढक लिया । दमन का कलेजा ढाकसे रह जाता है तो मैंने एक आदमी को ही मार डाला और अब रो रही हो । मुझे तो उसे और बेहतर की उम्मीद है । ऐसी ने कहा उसने अपनी को एक टिश्यू पेपर देते हुए दमन की ओर देखा और बोली, इसमें कार्तिक का पीछा किया और उसे सीढियों से धक्का दे दिया । भीर धार होने के कारण कोई देख नहीं पाया । कोई नहीं देख पाया पर तुम ने देख लिया । ठीक कह रहा हूँ, मेरे अलावा कोई नहीं देख पाया । ऐसी ने स्वीकार किया तुमने अपनी की ओर देखा अपनी तो मैं ऐसा क्यों किया? मैं मैं बस तुम्हारी मदद करना चाहती थी । मैं सोचती थी आवनी बहुत बधाई । धवन ने अपनी हथेलियां सिर पर रख नहीं, उसे रीड की हड्डी में चोट आई ही नहीं तो इसका मतलब जानती हूँ तुम ऐसा कैसे कर सकती हो? क्या तुम सच में केवल इसके कारण? अवनी ने श्रेयसी की ओर इशारा करते हुए कहा, ऐसी था का लगती है । मुझे लगता है कि तुम लोगों को आपस में कई मुद्दे सुलझाने हैं । फिर मैं दमन की नजरों में नजर डालकर बोली मैं तो तुमसे ही होंगी की इस लडकी से मुक्ति पालो । इसने मुझे भराना किसन की और पागल कहा है है ना, लेकिन अब ये खुद किया है । इसके अलावा इसमें तुम्हारे साथ दे सफाई भी किए हैं । ऍफ आई नहीं किए करने से क्या है? वो भी तुम्हारी भावनाओं के साथ खेल रही है । मैंने ऐसा नहीं किया कैसे? धवन ने पूछा रहा आप भी अपने किए पर या कि नहीं कर पा रहा था । क्या तुम्हें याद है कि तुम्हारी किताब के सारांश में अपनी का पात्र किसने डालने को कहा था? ऐसी ने कहा था पहला व्यक्ति कौन था जिसके पास तो मैं सारांश भेजा था । दमन ने अपनी की ओर देखा । अब अपनी से पूछो कि उसने सारांश को जयंती के पास भेजा, खाया नहीं । इस से पूछो कि उसके पात्र को किताब में डालने का विचार जयंती का उठाया नहीं । ऐसी बोली क्या तुम ने भेजा था? आदमी ने सहमती में सर हिलाया, किसी ने बोलना जारी रखा । अपनी और जयंती दोनों इस बैठक में देर से आए थे ना इसलिए कुछ हुआ था क्योंकि दोनों एक साथ थे और इस बात की योजना बना रहे थे की तो मैं अवनी का पात्र किताब में डालने के लिए कैसे फुसलाया जाए । उसमें तुम्हारे पीछे से साजिश की अब तय करो की तो दिया कौन है? नहीं । तुम्हारे लिए अनुबंध चाहती थी । छुपता हूँ अपनी सब खत्म हो गया है । सहर सीने, डाटा और धवन की ओर देखा अपनी और जयंती तुम्हारे पीछे से तब से मिल रहे हैं जब से नए अनुबंध की बात सामने आई है । जयंती के फोन में उसका नंबर देखकर मुझे सुखद आश्चर्य हुआ था । चली थी मुझे फोन किया था । अपनी बोली पर उसका स्वर सिसकियों में दबकर रह गया तो तुम्हारे हाथ है जयंती का फोन नंबर कैसे लगा? आप भी कुछ ये बात बहुत पसंद है कि मैं अभी तुम्हें चकित कर सकती हूँ । दमन को सांस लेने में कुछ तकलीफ महसूस हुई । सीधे बोलना जारी रखा । बताओ अपनी मैंने जो कहा है, उसमें कुछ गलत है क्या आदमी की आहार उसके गले में ही घट कर रहे गई? पहले ही हमारे लिए क्या मैं चाहती थी कि तुम्हारा अनुबंध हो जाए? अब तुम लोगों के हाथ में निर्णय छोडती हूँ । मुझे आशा है कि तुम सही निर्णय लोगी । मैं जाती तो मैं पहले भी बता सकती थी । पर मैं चाहती थी कि तू स्वयं देखो कितनी बडी विश्वासघाती है जिनसे तुम्हें प्यार करती हूँ । ये बात हमेशा याद रखना । ऐसी ने कहा और अपना बैग उठाकर वहाँ से चल रही है । एक घंटे बाद धवन ने आवनी से कह दिया कि ये बेहतर होगा कि वह कुछ समय के लिए अलग हो जाएगा ।

Part 35

भागते थे । हम लोग तब तक इस कमरे से नहीं जाएंगे जब तक की है मामला सुलझना जाए । अपनी कमर का टिकाते हुए सुमित बोला तो तुम दोनों की शकल देखो आप एक साथ कितने बकवास लगते हो? अपनी और दमन पिछले एक घंटे से सुमित के कमरे में एक दूसरे के सामने चुपचाप बैठे हुए थे और उनके मुंह से एक शब्द भी बाहर नहीं निकला था । दमन पूरी कोशिश में था की अपनी से उसकी नजरे नाटक रहें । उसकी आंखें लाल थी और उन के चारों ओर काले घेरे बन गए थे । उसके बहाल बने हुए थे । वो बेहद सुखी संतप्त और काम सुपर दिख रही थी । तमन की भी हालत खराब थी । उसे दोबारा से जी मिचलाने और बुरे स्वप्नों की तकलीफ शुरू हो गई थी । वो बिस्तर भी गिला करने लगा था । इस बाहर से दो सपनों में कभी कबार श्रेयसी कि जगह अवनी का चलाया कार में फसा रोता हुआ खुशी में हस्ता हुआ और फिर मारता हुआ दिखाई देता था । डॉक्टर ने उसकी फॅमिली दवा की खराब भी बढा दी थी । लेकिन इससे उसे सिर्फ कुछ घंटों की नींद ही आप आ रही थी । उसका बाकी दिन वहाँ मुँह में ही गुजरता था । दमन पिछले कई दिनों से सुमित का फोन नहीं उठा रहा था, लेकिन आज उसने दमन के माता पिता को उसके अस्पताल में तीन दिन भरती होने की सूचना देने की धमकी दी । परिचारिका बिस्कुट और चाय लेकर आई सुमित किराये के दो बेडरूम के फ्लैट में अकेला ही रहता था और उसके सभी तीनों कमरे में ऐसी लगे हुए थे । अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उसने परिचारिका भी रख रखी थी जो उसके घर के दैनिक कार्यों को निपटा दी थी । उसने एक एसयूवी खरीद नहीं खेले हैं । अग्रिम राशि भी जमा कर दी थी । कार की डिलीवरी कब है? धवन ने पूछा, ये सब मेरे पास भी हो सकता था तो उसने सोचा । तीन हफ्ते में सुमित ने उत्तर दिया, यहाँ मुद्दे की बात कर सकते हैं । मुझे कुछ काम है, मुझे जाना होगा । भाइया मैं तुम्हारे प्रयासों के लिए आभारी हूँ, लेकिन यह समय की बर्बादी है । इस से कोई फायदा नहीं है । तुम कहीं नहीं जा रहे हो । ऍम तो तुम लोगों को पाठ करनी चाहिए तो मैं इस तरह से बात नहीं डाल सकते हैं । इसे चाहे तो अपनी नहीं कहा । अपनी उसने समय को टोकते हुए कहा, जो भी कर रहा होता है, हमेशा सही होता है । ऐसे दोषी नहीं मानती तो तुमने वही किया जिसमें उस काहे छुपा हुआ है । उसे ये बात समझनी चाहिए । सुमित ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा दमन कडक होते हुए बोला मैं तो यही देख पा रहा हूँ कि वो मेरी पीठ पीछे एक ऐसे व्यक्ति के साथ मिलकर साजिश कर रही थी जिससे मैं शायद सबसे ज्यादा नफरत करता हूँ । हम लोग कार्तिक के बारे में जितनी कम बात करे उतना बेहतर होगा । मैं अपनी की ओर बडा अपने डाॅग नहीं ऍम स्पताल गया था और तुम जानती हूँ मैं उसके बारे में बुरा नहीं महसूस करता हूँ । मैं सोच रहा था की चलो अच्छा ही हुआ । वे अगले कुछ महीनों तक अगली किताब नहीं लिख पाएगा । क्या तुम जानती हूँ कि मैं और क्या सोच रहा था? अगर मैं मर जाता तो मैं बहुत ऊंचाई से नहीं दे रहा था, अपनी बताई लेकिन फिर भी वे अस्पताल में टूटा फूटा लेटा हुआ है । अगर मैं मर गया होता तो क्या तो मुझे बताती एक व्यक्ति मेरे कारण मर गया होता । अपनी मेरे सिर पर दो लोगों की मौत का इल्जाम पहले से है जो मेरी कार से कुचलकर मारे हैं तो मैं एक और नाम जोड दिया होता तो समेटने बीच में टोका है, दुर्घटना थी उसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं थी । सुमित ने अपनी के ऊपर हम रखा ताकि रहे चुप रहे और यहाँ बैठकर अनुमान लगाना व्यर्थ है तो हताश थी और उसने जो भी क्या तुम्हारे वाले के लिए क्या हो सकता है कि वो ऐसा कुछ नहीं करती क्योंकि तुम पहले ही मेरे पास आकर अपने और श्रेयसी के बीच चल रही बातों को बता देते । मेरे विचार से तुम्हारा पीछा कर समस्याएँ खडी कर रही है और तुमने मुझे एनजाइटी अटैक के बारे में क्यों नहीं बताया? दमन उपेक्षा पूर्वक हस्ता है तो ठीक है । अब तो मैं ऐसी की समस्या के बारे में पता चल गया ना तुमने इस बारे में क्या क्या तुम कर भी क्या सकते थे? उसी ने जो कुछ भी किया है, मामूली है । अपनी ने कहीं अधिक बढकर बत्तर काम किए हैं तो अपनी के साथ उसकी तुलना नहीं कर सकते । निष्ठावान में शादी शुदा है समझे मैंने कहा था ना उस लडकी को किसी भी वार्तालाप में शामिल मत करो । लेकिन फिर भी तुम ने क्या समेत नहीं कहा पागल है वो खतरनाक है । धवन ने अपनी आंखें घुमाएं, ये तुम्हारी गलती हो सकती है । भैया जब तुमने मुझे सही ईमेल आईडी भी होती तो ऐसा कुछ भी नहीं हुआ होता । धवन ने शिकायत दर्ज थे ये है कि यदि उस समय मैंने उससे बात की होती तो कौन जानता है कि मैं अपनी से मिला भी होता या नहीं । समेत का चेहरा काला पड गया । मैं यहाँ माफी मांगने के लिए मौजूद है और तुम मुझसे इस तरह पेश आ रहे हो कि तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है । उस समय हमारे साथ कौन थी जब तुम्हें खडा रहे थे । उसने जो किया उसे माफ नहीं किया जा सकता हूँ । दमन गुर्राया, अंततः अपनी ने नजरे उठाई और दमन से नजरें में लाई हूँ क्या तो मुझे किसी से बात कर रहे हो । मैं बात क्यों ना करूँ? ऐसी है जो सब कुछ ठीक कर सकती है । मैं जानता हूँ कि मुझे कभी धोखा नहीं देगी । सुमित ने अचंभित होते हुए दमन की ओर देखा, क्या आप बकवास है? अपनी ने मेज के किनारे से अपना लापता बैग उठाया और उठ खडी हुई नकली मुस्कान लाते वह वह बोली, शुभकामनाएं तुम कहीं नहीं जा रही हो । इस मकान को समझना ही पडेगा । तो मैं बोला तुमने अपना निर्णय ले ली । आए सब कुछ हो गया है । मैं उसे शुभकामनाएं देती हूँ । ये दिए है । इसी में खुश है तो इसे रोकने वाली मैं कौन होती हूँ? सुमित ने अपनी का रास्ता रोक लिया क्या? कैसी खुशी तुम दोनों के साथ समस्या क्या है? मुझे जाना है । अपनी बोली और सुमित से रास्ता देने को कहा । सुमित ने दमन सहयोग से रोकने और बात करने की अपील की । ऍम बिना प्रभावित हुए अपने मोबाइल फोन में ही मशगूल रहा । अपनी एक भी शब्द बोले बिना वहाँ से चली गई तो बहुत बडी गलती कर रहे हो । मुझे उस लडकी का नंबर दो समय चलाया । सुमित मेज की ओर बढा और दमन के फोन में झांकने का प्रयास किया । इसके पहले के समय फोन उठा पा था । दमन ने फोन हटा दिया । सुमित नहीं । उसे फोन मांगा । दमन खडा हो गया और उससे बोला कि उसे जाना है । सुमित ने दमन का रास्ता रोका और उसके हाथ से फोन लेने का प्रयास करने लगा । दमन ने मना कर दिया । सुबह छीनने का प्रयास करने लगा । धमने धोडा सा प्रतिरोध किया । लेकिन जब सुमित नहीं माना और छीना झपटी करने की कोशिश करने लगा तो दमन ने उसके जबडे में एक होता जड दिया । सुमित लडखडा गया लेकिन पीछे नहीं आता । मैं तुम है मारना नहीं जाता था । दमान ने चेतावनी नहीं, वह तमन के पास वापस आया, सामान्य उसे जगह लिया और अपना घटना समय की छाती पर रख दिया । समेत लडखडा घर के क्या दोबारा उठने का प्रयास करने लगा । उसके पहले कि वह अपने घुटनों के बल उठने का प्रयास कर पाता धमने सुमित की छाती पर एक और लाख हमारी । मैं तो मैं अपना अंतिम अवसर बर्बाद नहीं करने दूंगा । समेत के ऊपर खडे खडे दमन ने कहा और वहाँ से चला गया ।

Part 36

फॅस । अगले मोड से दायें और लोग अपनी नाॅन निर्देश दिया । दमन की बाहर को जले एक महाबीर चुका था । पिछले तीन सप्ताह से उसकी और दमन की कोई बातचीत नहीं हुई थी । पिछली बाहर मैं सुमित के अपार्टमेंट में ही मिले थे । उसके बाद से दमन ने उससे कोई संपर्क नहीं किया । उसने अपनी का हाल चाल जाने के लिए एक फॅस तक नहीं किया था । धार्मिक जाए मुझे उस की कोई जरूरत नहीं है । पिछले कुछ सकता से जब से रहने राशा के घेरे में थी, उसके मन में कई विचार आए और गए । उनमें से जो विचार सबसे प्रमुख थे रहे थे उसको तिया को मार देना या आत्महत्या कर ना मैंने एक आदमी को लगभग मार ही डाला था । यह भाव हमेशा उसके साथ रहेगा । धीरे धीरे उसे महसूस हुआ कि उसका अपने ऊपर से नियंत्रन खत्म हो रहा है । वो धीरे धीरे एक ऐसे व्यक्ति के रूप में तब्दील होती जा रही है जो एक असफल प्रेम सम्बन्ध के बाद खुद को ही बर्बाद ये जा रही थी । मेरा पहला प्यार था आठ में गया और घटना का भाव उसे धीरे धीरे निकाले जा रहा था । उसका दर्द बढता ही जा रहा था । बस बस यही बाहार पर रोक तो पंद्रह मिनट है । वहाँ मैं अपना बैग यहाँ छोड कर जा रही हूँ । आप नहीं बोली भी कार से उतरी और सीधे उस वर्ड केवल बनी जहाँ कार्तिक लेटा हुआ था । लाल रंग के छोटे परिधान में बह अस्पताल में अलग ही नजर आ रही थी । स्वागत कक्ष में बैठी नाॅमिनी को देखकर मुस्कुराई, ये नहीं जानती कि मैंने क्या किया है । पिछले कुछ हफ्तों से मैं अस्पताल आकर कार्तिक के कमरे के बाहर टहल रही थी ताकि उसकी एक झलक मिल सकें । ज्यादातर समय मैं मार्फिन के प्रभाव के कारण सोता ही रहता था लेकिन आज एक लडकी उसके बगल में बैठी थी । मैं बढने का थी कॅश जिसके बारे में उसने कुछ किताबें लिखी हैं । फिर एक दूसरे का हाथ पकडे हुए थे और कार्तिक हंस रहा था । वो उस अपराध बहुत से बाहर नहीं निकल पा रही थी कि उसने कार्तिक को ही मार डाला था । वो अपने आंसू पोंछते हुए वहाँ से निकल गई । मैं इतनी दीवानी कैसे हो गई कि धवन के लिए कुछ भी करने को तैयार हो गयी । स्वागत कक्ष में बैठी नर्से कार्ते के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद वो वापस अपनी कार में बैठ गई । तीन हफ्तों से जब से धमनियों से सोशल मीडिया प्रोफाइल से ब्लॉक किया नहीं उसका पीछा कर रही थी । हालांकि उसे इसके होने वाले नफे नुकसान का कोई अनुमान नहीं था । ऍफ फिर जाने के लिए तैयार होती, अपनी घर उठाती और दमन के घर ऑफिस के बाहर खडी कर दी थी भी कार में बैठे बैठे चिप्स, पानी और कोल्ड्रिंग पीती रहती है । और जब भी दमन बाहर आधा में उसके पीछे चल रही थी । दिन ढलने पर जब घर पहुंचती उसकी कमर में दर्द था और शरीर टूट रहा होता था । उसकी आंखें आंसुओं से भरी रहती है और अपने आप को कोसती रहती ॅ फिर से वही दिन चले अपनाती शुरुआत की । कुछ दिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा हूँ तो दिन भर अपने घर में रहता और बस थोडी देर के लिए टहलने और सिगरेट पीने के लिए घर चला गया था । कभी कबार किताब ही शुरू कराने के एक आठ घंटे के लिए ब्रिटिश टाउन से लाइब्रेरी भी जाया करता था । कुछ ऐसे पल भी आए जब उसे दमन पर प्यार आया और सरकार से निकल करो से गले लगाना चाहती थी । उसके मन में जो थोडी बहुत आशा शेष थी, अगले हफ्ते भी दूर हो गई जब उसने उसे लगभग रोज ही सुरेशी से मिलते हुए पाया है । उसी कॉफीहाउस पाद सिनेमा हॉल में श्रेयसी के साथ जाता था, जहां कभी मैं उसके साथ जाया करता था । मेरो शेयरिंग भी क्या करता था? अपने हाथों में हाथ डाले हस्ते बतियाते रहते थे । इसे देख अफ्रीका दिल टूट गया । पांचवे दिन ही उसका मनोज क्या मैं सोचने लगी कि वैश्विक उसी की तरह आचरण करने लगी है और उसी की तरह दमन का पीछा कर रही है? आप बार नहीं, उसका रोना धोना और खुद को घोषणा कभी तो खत्म होना ही था । आज रात आ गई थी जब उसे अपने जीवन में आगे बढना था । अच्छा अब उसकी आंखों में कोई आंसू नहीं थे । उसका सारा शोभ, क्रोध, निराशा पीछे छोड गई थी । आज रात रहे खालीपन को भर देगी या यदि मैं असफल रहती है तब भी उसके प्रति बदला लेने जैसा होगा । उसके जीवन में उससे अच्छा साथ ही आ सकता है । आपने प्यार नहीं करती, वो अपने ऑफिस के मित्र कारन से मिल रही थी । मैं कह नहीं सकती थी कि वह उसे सच में पसंद करता है, उसके साथ हमबिस्तर होना चाहता है, पर है पिछले लंबे अरसे से उसके पीछे पडा था । करन उसी समय काफी ब्रेक लिया करता था जिस समय है कॉफी पीने आती थी । देव से लंच के बाद च्विंगम खाने को देता है और उसे प्राया अपना मोबाइल चार्जर दिया करता था । उसका वर्ग स्टेशन भी कमरे के कोने में स्थानांतरित होकर अपनी से दो सीट की दोहरी पर आ गया था । अपनी उस से लेकर ॅ हो चुकी थी । पर उसने एक भी बार शिकायत नहीं कि पिछले कुछ हफ्तों से मैं अपनी की प्रस्तुतियों को जांच बता रहा था कि कहीं पे उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक त्रृटियां सहित ना भेजते । पिछले हफ्ते जब अपनी ने उसे रात में एक साथ बाहर चलने का प्रस्ताव दिया था तब उसने किसी सज्जन पुरुष की तरह अपनी से एल्कोहल की जगह कॉफी पीने की बात कही थी । लेकिन अपनी कुछ और चाहती थी । करन सफेद रंग की शर्ट और गहरे रंग की पैंट पहन कराया था । ऑफिस की तुलना में आदमी को मैं कुछ अधिक युवा लग रहा था । मैं गले लगे और करण ने उसके बैठने के लिए कुर्सी कीजिए । ये फिफ्टी मेरा साथ ही हो नहीं होगी है तो तुमको अच्छे पीना चाहोगी । करण ने पूछा जरूर और हम यहाँ करने भी क्या आए । हैं । अपनी बोली कुछ ही समय में अपनी पीकर बहुत हो गई और कारणों से प्रभावित करने के प्रयत्न करता रहा हूँ । मैं मजाकिया, आकर्षक और विनम्रता हूँ । यदि वे उसकी और ध्यान देती तो ये एक बेहतरीन डेट हो सकती थी । अपनी ने उसकी आधे से अधिक बातें सुनी नहीं । बस उसमें सिर्फ ये नोटिस किया कि करण आकर्षक था और उसकी ओर ध्यान दे रहा था । तो क्या मैंने तो मैं बताया है कि वह कितना मूर्ख व्यक्ति था । अपनी बोली वहाँ तो लगभग दस बार ये बात बता चुकी हूँ । अब ग्यारवी बार बता रही हूँ क्या तुम और देना चाहती हूँ तुम पहले ही बहुत पीछे क्यों? भोला अभी और भी होंगी । मुझे इतनी आसानी से नहीं चढती । लेकिन है तो एक दो पैक नहीं डाली हो जाता था । अपनी ने उमंग में भरते हुए कहा हम जानते हो कि पीकर धुत्त हो जाने के बाद उसका किरन भी हो गया था । ये तुमने बताया था जैसे उसने ज्यादा भी ही ना हो । ऍम अब इस पर विचार करके बताओ कि क्या उसे मुझे ब्रेकअप करना चाहिए । मैं नहीं समझता हूँ मैं ठीक हूँ । कुछ पडी नहीं है तो जानती हूँ कि कौन ठीक नहीं है । जानते हो ना? आपनी ने पूछा हूँ मैं एक अनुमान लगाता हूँ । ऍम समझता है, देखती हूँ नहीं जानती थी कि तुम समझता हूँ उसकी जगह है । मुझे तो भी डेट करना चाहिए था । मैं भी तो मैं डेट कर सकती हूँ । मेरी माँ को भी तुम पसंद आ होगी तो मेरे लायक हूँ । हम अक्सर मिला करेंगे । हाँ, आज हम एक दूसरे को चुंबन लेकर इसकी विस्तृत शुरुआत करेंगे तो ये सोच सकते हो कि मैं पीछे की और पलट रही हूँ । पर ऐसा नहीं हो के और मैं वादा करती हूं कहते हुए अपनी ने अपना हाथ उसके दिल पर रखा । तीस साठा करती हूँ तो हम खुद को शर्मिंदा कर रही हूँ । मैं तो मैं घर छोड देता हूँ । करण ने जोर दिया । उसने बेटर से बिल लाने का इशारा क्या क्या तो मुझे छुटकारा पाने का प्रयास कर रहे हो । बोलो सभी लोग मुझ से पीछा छुडवाना क्यों चाहते हैं? मैं तुम्हें उस शर्मिंदगी से बचाना चाहता हूँ । मैं तुम्हें उस शर्मिंदगी से बचाना जा रहा हूँ जिसका सामना तो मैं आने वाले समय में करना पडेगा । क्या बुला रहा हूँ तो मैं घर छोड दूंगा क्या समय लगता है कि तुम्हें इस हालत में घर जा सकती हो । उसने पूछा ही क्यों नहीं? मेरे माता पिता ने दमन को भी स्वीकार किया था तो घटिया लेखक जिसका कोई भविष्य ही नहीं था तो मुझे नशे की हालत में क्यों स्वीकार नहीं करेंगे? बेकार का प्रश्न था मैं हमारे प्रेम में पडने के बारे में दोबारा सोच विचार कर रही हूँ । मुझे तुमसे प्रेम करना चाहिए या नहीं करना चाहिए? क्या करना चाहिए? जब करण बिल का भुगतान कर रहा था तो अपनी बोली ऍम ये खर्च कभी नहीं उठा सकता था । उसने अपनी आवाज भी नहीं करते हुए कहा सुनो, किसी से कहना मत की । उसका करियर तबाह हो चुका है । लेकिन हो सकता है कि श्रेयसी सबकुछ ठीक कर दे । जरूर करन नहीं उठते हुए कहा क्या तुम्हें मदद चाहिए? नहीं नहीं अपनी ने विरोध किया । मैं जैसे ही खडी होने लगी, लडखडा गई और कराने उसे संभाला । इस समय तक सारा रेस्टोरेंट उनकी ओर देखने लगा था । अपनी ने सभी लोगों की ओर बीच की उंगली दिखाते हुए और जीत चढाते हुए इशारा किया । उसने अपनी बाहों में करण को भर लिया पर वो पीछे की ओर हट गया हूँ । अपनी नहीं उसे अपनी और खींचा करना । फिर से पीछे हटने का प्रयत्न किया । पर इस बार अवनी ने अपने दादा उसकी गर्दन पे बढा दिया । ऍम को उसके चंगुल से मुक्त कर लेता है तो मुझे प्यार नहीं करते । अपनी ने पूछा कर कोई उत्तर नहीं देता है, उसे मजबूती सकता करता है और उसे दरवाजे से बाहर ले जाता है । वो जोर से बोलती रहती है हाॅल

Part 37

भाग रहते हैं । अपनी नहीं । क्या ड्राइवर से कार को उसके ऑफिस की पार्किंग से थोडा दूर पर रोकने को कहा? ब्राइड भरने उससे पूछा कि क्या ट्रिप को समाप्त करके बिल निकाल सकता है? मुझे तो मिनट का समय तो उसने अपनी ऑफिस की बिल्डिंग की ओर देखा । उसने कुछ केहरी साथ नहीं अपना फोन निकालकर गूगल सर्च बाहर में कुछ टाइप किया । गूगल ने नीले फॉन्ट मैं कुछ सुझाव दिए हैं । पिछले कुछ दिनों में उसने गूगल पर हर घंटे ये कीवर्ड्स अच्छे है इंडियन ड्राॅ पानी ड्रंग कल पहुँच ऍम ड्राॅप कुछ लिंकों में उसकी धुंधली सी तस्वीर दिखाई थी । उसका रेस्टोरेंट वाला वीडियो किसी अपरिचित व्यक्ति ने बना लिया था और स्वाॅट करके मैंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिया था । मैं वीडियो वायरल हो चुका था । सब मौज मस्ती के लिए था । एक आदर्श नागरिक, एक मेधावी छात्रा, एक महंती कर्मचारी, एक अच्छी पुत्री और एक अच्छी गर्लफ्रेंड की उसकी पहचान एक ही पल में सिमट कर एक मजाक बन गई थी । जब तक वह साइबर सेल में इन वीडियो के खिलाफ मामला दर्ज करवा थी और उन्हें वहां से हटवा थी, तब तक तीन लाख लोग उन वीडियो को देख चुके थे । उसने बिल का भुगतान क्या और क्या से बाहर नहीं । उसने एक गहरी सांस ली और स्वयं से कहा कि सब ठीक होगा । पहली नहीं जो पीकर टल्ली हुई हूँ या धीरे हसेंगे तो वह भी उनके साथ । इसलिए कि जैसे ही उसने ऑफिस में प्रवेश किया, लोग खुसर फुसर करने लगे । उसे मोडकर देखने लगे और उसके बहुत की त्योरियां चढ गई । कुछ लोगों में तो इतनी भी तमीज नहीं थी कि उसकी और उंगली से इशारा ना करें । चार विभाग की कर्मचारी ने उसे अनौपचारिक बातचीत के लिए अपने कमरे में बुलाया हूँ । मैं बार्कले का प्रस्ताव स्वीकार कर लेंगे । बस तीन वहाँ का नोटिस देकर मैं यहाँ से निकल जाउंगी । लेकिन इसके बावजूद में इस ऑफिस में सिर नीचा करके नहीं निकलना चाहती थी । इसलिए लंच के बाद उसने अपने रवैये में परिवर्तन करने का निश्चय किया । उसने सीधे लोगों की आंखों में देखना शुरू किया । उस पूरे एपिसोड पर खुद ही मजाक उडाना शुरू किया । अपने सहकर्मियों के समक्ष है । उसने उसी दिन की तरह एक्टिंग करके में दिखाई । उससे ज्यादा शर्मिंदा तो करण दिख रहा था लेकिन जल्दी ही वह भी उसी हसी मजाक में शामिल हो गया । मजाक का पात्र नहीं था बल्कि या ने सभी लोगों के साथ उस घटना का आनंद ले रही थी । शाम होते होते तक ये स्थिति बन गई की उसके सहकर्मी त्योरियाँ चढाने और खुसर फुसुर करने के स्थान पर उसके साथ हस रहे थे । वजह भी किसी सहकर्मी के पास आती तो उससे यही पूछती हूँ क्या तो मेरे साथ पर जाना पसंद कर होगी । सब रहते थे । ऑफिस से लौटते वक्त है । संतुष्ट थी कि उसने सारी घटनाक्रम को अपने पक्ष में मोर लिया था । उसने बारीक लेके भर्ती विभाग में फोन किया । मुझे बताया गया की उस स्थान पर उससे अधिक उपयुक्त कर्मचारी की भर्ती हो गई है । क्यों उसने पूछा । भर्ती करने वाले ने कहा कि उसका व्यवहार संतोषजनक नहीं पाया गया था ।

Part 38

भाग करते हैं । सुमित के घर पर हुई नोकझोंक के बाद समझते हैं । कई बार दमन को कॉल किया । बर्धमान ने उसकी उपेक्षा की । लेकिन जब सुमित ने दमन के माता पिता के पास जाकर उन्हें कुछ बताने की धमकी दी दब दमन उससे मिलने के लिए तैयार हो गया हूँ । उसने खुद को शर्मिंदा क्या इसमें मेरी कोई गलती नहीं है । धर्म नहीं कहा तो देख नहीं रहे कि वह क्या कर रही है । सिर्फ तुम्हारे कारण ऐसा कर रही है, उससे बात करो । कम से कम तब तक तो उसका साथ दो । जब तक मैं तुमसे दूर नहीं होती, समय में उसकी कुर्सी पांच खींचते हुए कहा उससे अच्छा क्या बाहर करो उसमें तुम्हारी ली क्या क्या नहीं किया । यदि तुम्हारे कहने का यही मतलब है और तुमने यही कहने के लिए मुझे बुलाया था तो मुझे चलना चाहिए । मुझे थोडी देर बाद किसी से मिलना है । मैं उसे इंतजार नहीं करवा सकता । धवन ने कहा उसे इंतजार नहीं करवा सकते । ॅ तो मुझे इतना भाव दे रहा हूँ । कहीं तुम वास्तव में उसे डेट तो नहीं कर रहे हो ना? तो मैं ऐसा क्यों लगता है कि मैं उसे डेट नहीं कर रहा होगा और मैं क्यों नाॅट करूँ । मेरे पास हजारों कारण है पर सबसे ऊपर यह है कि वह बहुत बडी पागल है । तुम चिल्लाना बंद करोगे । मैं तब तक चुप नहीं बैठूंगा जब तक तुम्हारा ब्रेकअप समाप्त नहीं होता । मैं ऐसा नहीं कर रहा हूँ । अगर तुम्हारे पास कोई और बात नहीं है तो मैं यहाँ से जाना चाहूंगा । सुमित ने अपने हाथ हवा में लहराया, जाओ मारो जाकर जो मन में आये करो । तुम्हारी फिक्र के लिए शुक्रिया कहते हुए दमन वहाँ से कॉफी शॉप के लिए निकाल लिया । बाहर निकलने के बाद उसने क्या बुला ली? जब है क्या ड्राइवर को वहाँ आने का रास्ता समझा रहा था? सुमित उसके बगल में आकर खडा हो गया । उसने फोन काट दिया । अब क्या है? कम से कम मुझे ऑफिस तक तो छोड दो । ठीक है तो क्या आपने बैठ गए? दमनी आसानी से भाग रहा था । किस समय फिर से उसी विषय पर चर्चा करने का प्रयास कर रहा है । और ऐसा करने बर्धमान ने अपनी नजरे हटा ली । मैं तुमसे उससे ब्रेकअप समाप्त करने को नहीं कह रहा हूँ । ठीक है मैं तुम से कुछ तेरह हजार करने के लिए कह रहा हूँ । अपनी ही दूर से कुछ कर रही है । थोडी फिर नम्रता तो देखा हूँ विनम्रता ऐसी लडकी के प्रति है जिसने किसी को लगभग मरी हालत था । उसने सिर्फ धक्का दिया था । मैं तो मैं कुछ दिखाता हूँ । हमने अपनी जेब से फोन निकाला और वीडियो सर्च करने लगा । इसके पहले की रेडियो शुरू कर पाता सुमित समझ गया कि वह कौन सा बेटियाँ दिखाना चाहता है हूँ । थाना की वीडियो थोडा हिल रहा था । परंतु वीडियो की क्वालिटी ठीक ठाक थी । उससे अपनी को पहचानने में कोई घटना ही नहीं हुई । तेजी से किसी का पीछा कर रहे थे । वीडियो कार्तिक की ओर घूमता है क्योंकि मेट्रो स्टेशन की सीढियों तक जा रहा था । वीडियो फिर अपनी की ओर घूमता है क्योंकि आपने बाल्टी करती हुई तथा भीड को चीरती हुई तेजी से कार्तिक के नजदीक पहुंचना चाहती है । कुछ ही पलों में मैं कार्तिक के पीछे नजर आती है और उसके सीढियों के शीर्ष पर पहुंचने की प्रतीक्षा करती है । फिर एक हल्का सा धक्का देकर उसे सीढियों से गिरा देती है । भीड हो अपनी के चेहरे पर झूम होता है और फिर सीढियों से गिरते हुए कार्तिक पर वीडियो रोक जाता है । देखो ये हल्का सा धक्का था । समय बोला उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि कार्ति को इतनी चोट पहुंचेगी । उसे लग रहा था कोई उसे गिरने से बचा लेगा । मैं उसे जरा सी चोट पहुंचाना चाहती थी तो हम शायद देख नहीं रहे कि मैं तो मैं क्या बताने की कोशिश कर रहा हूँ क्या तो मैं क्या लगता है कि ये वीडियो मुझे किसने दिया है? छह सी सुमित ने धीमे स्वर में कहा, और तुम्हें क्या लगता है कि यदि में श्रेयसी का छोड कर फिर से अपनी की और लौटूंगा तो क्या करेगी । यदि मैं जहाँ भी लोगों तब भी अपनी के पास नहीं लौट सकता हूँ । इसी में उसकी भलाई है और मेरी भी तो मैं चल रहा हूँ । दमन ने बोलना जारी रखा । ये वीडियो से नशे वाले वीडियो से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है । लेकिन इसमें कोई लेकिन लेकिन मत करो, मैं उसी के साथ हूँ । मेरे पास होने को कुछ नहीं है । मैं शादी शुदा आएँ । सुमित ने कहा वहाँ पर मैं नहीं तो तो मुझे ये कह रहे हो की तुम जो भी करो सही समय का धैर्य जवाब देने लगा । कम से कम ये गलत नहीं है और कौन जानता है कि भविष्य में उसके साथ किस तरह के संबंध में रहूँ । दमन बोला सुमित शुद्ध हो था उसने धमन को एक तमाचा मारना चाहता हूँ क्या? तो बदला देखो लडकी पागल है तो मैं देश को बना रही है तो उसके साथ नहीं रह सकते हैं । सुमित बोला उसके हाथ मैं मेरी लगाम है तो मैं दिखाई नहीं दे रहा । क्या उसके पास इंश्योरेंस के कागजात हैं? उसके पास पीढियों है और वह दावा करती है कि वह मेरा अनुबंध दोबारा करवा सकती है तो उसके साथ हो हूँ क्या तुम अब किसी छोडो ऍम बोला हूँ मैं अब तक उसके साथ नहीं सोया हूँ लेकिन ऐसा हो सकता है जब ऐसी नौबत आएगी तब देखूंगा और तुम्हारी क्या समस्या है । तीन वर्षों से तुम्हारे पीछे थी उस तुम्हारी नहीं डॉक्टर की जरूरत है समझ नहीं जैसे कहा देखो मैं तुम्हारा भला चाह रहा हूँ । ये तुम्हारे लिए लाभ का सौदा नहीं है तो मैं ये दिखाई क्यों नहीं दे रहा? मैं तो मैं सलाह देता हूँ कि कुछ समय के लिए ये शहर छोड दूँ । तुम जहाँ जाना चाहो चले जाऊँ । सारा खर्च मैं उठाऊंगा । ऐसी को कह दो की तो मैं ये उचित नहीं लग रहा है । उससे माफी मांग लो और अपने पति के पास जाने को कहूँ । खुल सकता है । वीडियो को अपलोड न करें । नहीं तो तुम्हारे भाई के रूप में मैं तो मैं कह रहा हूँ, मैं वहीं करना चाहिए । मैंने कहा नहीं धवन ने बीच में ही रोक दिया क्या? नहीं पागल है तो मैं पर बात कर देगी तो देखो उसने अब तक क्या क्या किया है? लडकी खतरनाक है । धवन ने कहा वो सब कुछ ठीक कर रही है । मैं फिर से सब कुछ बर्बाद करना नहीं चाहता हूँ और ये कौन जानता है कि यदि मेरी कार की दुर्घटना नहीं हुई होती तो मुझे फर्जी एमएमआईडी नांदी होती तो आज क्या होता? ऐसा कुछ नहीं हुआ होता तो मैं बोला हूँ और जैसे तुम है सबकुछ आकाशवाणी से पता चला है । मुझे इसलिए बताया क्योंकि जब तुम अस्पताल में भर रहे थे तब मैं वहीं था । मैंने शेख जी को भी देखा था । सुबह चलाया तो जैश ऐसी नहीं है, समय नहीं । हिचकी चाहते हुए कहा क्या फॅमिली श्रेयसी उसी साठ मर गई थी?

Part 39

धार खुंटा रहे । सडक पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं है । ऐसी आपने पहले बॉयफ्रेंड के बारे में बता रही है । हालांकि मैं उसे ठीक से जानता भी नहीं तो न जाने क्यों गौरीर क्या मेरी कालेजेज को काट रही है । मेरे चेहरे के भावों को पडती है और मेरा हाथ थाम लेती है । मुझसे कहती है कि मैं बहुत क्यूट हूँ, मैं भी मुस्कुरा देता हूँ । देवी लग रही है बस है नजरें हटाना और सडक पर ध्यान देना कठिन हो रहा है का आज की वो टाइप कर रही होती है । वो मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में बोलती है और मैं उसे अनन्या के बारे में बताने लगता हूँ । जिसने मुझे धोखा दे दिया था थे उसे कुतिया के डालती है और मैं अपने मौन से उसका समर्थन करता हूँ । आप तक मुझे अपने मित्र के घर तक पहुंच जाना चाहिए था लेकिन मैं एक सर्किल से दूसरे सर्किल पर कहा घुमाकर समय गुजार रहा हूँ । मैं भी इस बात को जानती है लेकिन उसने अभी तक कोई विरोध नहीं किया है बल्कि मेरे खयाल से वो इस बात को बढावा ही दे रही है । उसके पैर के पास रखे जूट के बैग में रखी बहुत लोगों के टकराने की आवाज आ रही है उन की तरफ इशारा करते हुए हैं । मैं शरारती लहजे में आंखे मिर्च का देती है । मैं तेरे लाकर मना करता हूँ । जो डालती है उसे मना करना मेरे लिए बडा कठिन है । ये दो बियर क्या निकालती है लेकिन हम दोनों ही उन्हें दातों से खोलने में ना कामयाब रहते हैं । फिर नहीं रख कर उनकी जगह वोट का की बोतल निकालती है । बोतल का ढक्कन खोलती है आप कहो तो से लगती है और एक लम्बा घूस भर्ती है । मैं मना करते हुए से मिलाता हूँ क्योंकि मुझे ड्राइंग करना है लेकिन मैं मानने वाली कहा है नाक से करोड कर मुझे तंग करने लगती है । मैं कहती है वैसा मत कर आप करो और बोतल मेरे होठों पर अडा देती है । मैं हूँ अलग हटाता हूँ । वोट मेरी शर्ट पर गिर जाती है । लगभग चलाते हुए कह रही है अच्छा ठीक है । बोतल फिर से मुस्लिमों में अंडा देती है । बहुत कडवी है । मैं उसे गले में ही रोक लेता हूँ जिस वजह से कुछ वोट काम मुझ से बाहर निकल आती है । फिर भी कुछ सर्पिल गति से मेरे पेट तक पहुंच जाती है । फिर मेरा दिमाग पाया मैं उसे देखने की बडी कोशिश करता हूँ । मैं मेरा हाथ थाम ले दी है । मेरे शरीर में गर्माहट कौन रही है? नहीं पार उस पर नजर डालता हूँ । फिर सडक पर मैं पूरे जोश से कार का ब्रेक लगा देता हूँ । कार में ब्रेक की एक कौन जाएँ? हमारे सपने हमारे सामने आ रही टैक्सी ने भी पूरे ब्रेक लगा दी है । पर अफसोस देर हो चुकी थी । मेरी कार लहराती हुई बाई ओर चली गई और एक कार से घर जाती है । मैं तो घबराकर गाडी ढाई और कमाता हूँ । ऐसी अपनी और बुरी तरह से फेक जाती है । उस नहीं अपनी सीट बेल्ट बांध रखी है । कार लहराती हुई डिवाइडर की ओर बढती है और मैं लगभग खास चाहता हूँ । अगर मैं ब्रेक लगाता हूँ तो टैक्सी से आमने सामने की भिडंत होती है । मैं टैक्सी ड्राइवर परगोड करता हूँ तो उसकी आंखों में मौत ॅ नजर आ रही है । ढंग से खाली है । टैक्सी बचाने के लिए मैं कार को कुछ और दूर जाने देता हूँ । ठीक लगता हूँ फिर भी कार डिवाइडर से टकराकर पलट जाती है । मैं श्रेयसी को देखता हूँ । मैं अपनी सीट पर लटका हुआ हूँ । मैं कहा की छत पर सिर के बल पडी है उसकी गर्दन के छठ मनाने की आवाज मुझे साफ सुनाई देती है । मैं करा हाथ है कहाँ फिर पलटी है । जब बुरी तरह खिडकी से टकराती है कांच के टुकडे उसके चेहरे में घर जाते हैं तो लाहुल लुहान है । उसकी निर्जीव आंख है । मुझे हो रही हैं । उसके जीवनहीन हाथ लटके हुए हैं । मैं मर चुकी है । थोडी ही देर में रहकार से बाहर से जाती है और आम तथा कार हम जाती है । मैं अपनी सीट पर बैंड से बना हुआ हूँ । लेकिन मुझे साफ दिखाई दे रही है उसका चेहरा, उसके बहाल, उसका छात्र विषय शरीर, उसकी निर्जीव आंखें मुझे सब दिख रहा है । वहाँ आग लग चुकी है जो उसके शरीर को चला रही है । मैं देखता हूँ पहले उसके बाद झुलसे फिर उसकी देह की चमडी मुझे उबकाई आने लगी है । उसके चलते हुए शरीर की गंध पहुंच तक आ रही है । मैं आंख से गलती हुई । उसकी आंखों को कटोरों से बाहर आते देख रहा हूँ तो खूब सुना था । होट जहाँ सिर्फ उसके दांत दिखाई दे रहे हैं, मैं बेहोश हो जाता हूँ । दमन चौक करोड बैठा । उसका बिस्तर पसीने से तरबतर था चलाया लेकिन उसके मुँह से आवाज ही नहीं निकली । पिछले हफ्ते से जब से मैं अस्पताल में था लाते चल रहा थे । उसका गला बैठ चुका था । अधिकांश ता हाउस से बिस्तर पर ही रखा जाता था । बुखार से तप ने के कारण उसका सिर्फ फटा जा रहा था । मैं बुरी तरह से कम रहा था तो एक दूसरे को जोर जोर से निर्देश देते हुए भागते हुए भी धराए डामन के आनियंत्रित होगा । झूमने की वजह से एक वार्ड बॉय के चेहरे पर उसका करारा हाथ पड गया । इससे पहले की उसका हाथ फिर चलता, दूसरे वर्ड दवाइयों से बिस्तर पर दबोचकर बैठा दिया और अपने घुटने के बाल उसके कंधों को दबा दिया । जैसे ही पहले वाला वाॅरंटी हुआ उसने दमन के हाथों को काबू में लिया । धवन दर्द और गुस्से से आंकडा जा रहा था है । उनकी कब जैसे छोटे के लिए पीठ गोल करके पैरों को बुरी तरह फटकार रहा था । इसके तुरंत बाद ही डॉक्टर और नर्स आए और उसे शांत करने के लिए इंजेक्शन लगाया । ऐसी बीमारी है मैंने ही उसे मारा । बढाते हुए उसकी आंखे बोझ नहीं लगी और हो गया । अस्पताल में कमरे के बाहर दमन के माधव बैठे हुए थे । पिता सुबह रहे थे और मैं उनकी बेड फैला रही थी । डॉक्टर कमरे से बाहर निकल कर आए और उन्हें अपने कमरे में आने को कहा नहीं । जो जहाँ उनके कमरे में चले गए अस्पताल की कैफिटेरिया में सुमित और आपनी आमने सामने बैठे हुए थे होना चाहती थी लेकिन सुमित को छोटा हुआ देखकर उसने अपने आंसू रोक रखे थे । तीन दिनों से सोना तो दूर सुमित ने पालक तक नहीं लगाई थी तो तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया? अपनी ने पूछा केवल मुझे और मेरे परिवार को पता था मैं किसी तरह का खतरा नहीं लेना चाहता था । हाँ यही तुम लोगों को शादी ही करनी थी तो मैं बता देता हूँ या मेरा परिवार तो मैं बता देता हूँ । देखिए तो मैं चाहती हूँ कि तुम कहाँ से आ रहे हो । अपनी ने साथ भरते हो जाएगा जभी कार दुर्घटना में श्रेयसी एक साल पहले मर चुकी है तो फिर ये लडकी कौन है? एक नकली ऐसी यही बाद मैंने दमन को भी बताई थी और फिर तुम्हें भी । लेकिन तुम दोनों उसकी बातों में पहले ही फस चुके थे । मैं समझ नहीं पा रहा था कि और किस हैसियत मैं विश्वास दिला हूँ और जब मैं नहीं इसमें तुम्हारी गलती नहीं है तो मैं भी क्या पता कि उसे फिर से इस तरह के घबराहट का दौरा पडेगा । अपनी बोली डॉक्टर क्या कह रहे हैं? अभी कोई निर्णय लेना जल्दबाजी होगी लेकिन इस बार हालत पहले से ज्यादा खराब है । उन्होंने उसी डॉक्टर को बुलाया है जिसने पहले इलाज किया था । वो डॉक्टर एक दो दिन में आने वाले हैं । लेकिन उनका कहना है कि उसके व्यवहार से लगता है कि बीमारी सबसे पलट गई हैं । अग्नि नेसेर हिला दिया । पिछली बार डॉक्टर ने उसका इलाज कैसे किया था तो मैं अपनी कुर्सी पर पीछे की तरफ फेंक दिया । उसने एक गहरी सांस छोडी । फिर विस्तार से बताया । स्थिति पहले से ज्यादा पेचीदा थी । सबसे पहला काम था उसके अंगों की सक्रियता का लौटना । उसके दिमाग और शरीर दोनों का भरता बन चुका था, लेकिन मच पकडना भी भूल चुका था । डॉक्टरों का पूरा ध्यान इसी बात पर था कि उसकी शारीरिक क्षमता को दो बारह कैसे लौटाया जाए । ऐसी और दुर्घटना से संबंधित जो सपने देखने की बात तो काफी बाद में शुरू हुई है । उसने तो काफी समय से श्री उसी के बारे में कुछ पूछा भी नहीं था । उस को इसी के नाम और यह है कि वह बाहर में उसके साथ घूमी थी । इसके अलावा और कुछ ज्यादा याद नहीं था । समेत बोला तब तक वेटर उनके स्थान पिछले आया । अपनी बात को जारी रखते हुए सुमित बोला, जब हमने उसे सबसे पहले श्रेयसी की मौत के बारे में बताया तो उसकी प्रतिक्रिया वैसे ही थी जैसी अभी है । दौरें, अनियंत्रित व्यवहार, तेज बुखार, वही लक्षण जो तो मैं भी देख रही हूँ । ये अचीव व्यवहार करता और अपना आपा खो बैठा । जिसके बाद में घंटों शांत और खोया खोया ऐसा बैठा रहता था । लेकिन फिर अचानक से ना जाने क्या दिखाई देता अखिल हिंसक हो जाता था । कई बार हमने उसे कमरे के कोने में सिकुडकर बैठे हुए चटाते हुए देखा हूँ । एक बार हमने उसे छात्र के किनारे पर देखा । आपने दो सोचा था कि हमने उसे कोई दिया समेत नहीं गहरी सांस लेते हुए कहा । फिर उन लोगों ने उसका इलाज कैसे? क्या अपनी ने पूछा । उपचार और दवाइयाँ इसका असर भी सकारात्मक दिखाई पड रहा था । लेकिन जब भी हम ये सोचते हैं कि वह घर जाने लायक हो गया है । नाॅन सौ दो सौ या तनावपूर्ण घटना उस पर हावी हो जाती है । सारा किया धरा बेकार हो जाता हूँ । कई दिन अस्पताल में गुजार देता और सबसे श्रेयसी के बारे में पूछता हूँ कि मैं कहा है कि तो है हर बार जब कोई उससे क्या देता या उसे याद आ जाता हूँ कि ऐसी मर चुकी है, उसकी हालत खराब हो जाती है । उसे दौरे पडने लगते हैं तो कोर्स हो जाता । और वही सवाल बार बार दोहरा था । ऐसी कहाँ है? ऐसा लगता कि रह सवाल का जवाब तो चाहता है लेकिन मैं जवाब नहीं । जो हम लोग दे रहे थे या उसकी स्मृति में था उसका मन श्रेयसी की मौत की वास्तविकता को लगातार नकारे जा रहा था । उसका शरीर इस बात से इंकार कर रहा था कि वो किसी भी तरह से श्रेयसी की मौत के लिए जिम्मेदार हैं । डॉक्टरों के अनुसार उसके दौरों का प्रमुख कारण ऐसी की मौत का अपराधबोध है क्योंकि डॉक्टरों को लगा कि उसका मन स्वयं कोशिश वैसी की मौत का जिम्मेदार होने की संभावना से नकार रहा था । वो उसे उन से जोडने की कोशिश कर रहे थे । सुमित बोला तो ये सिलसिला तब तक चलता रहा जब तक डॉक्टर ने उसका तोड नहीं निकाल लिया । उसने बतौर प्रयोग ऍम फॉरगेटिंग नाम का उपचार शुरू किया समेत ने कहा ये क्या है? इसका अर्थ है नकली स्मृतियां पैदा करना । यदि आप किसी ऍसे मरीज के सामने जिसकी स्मृतियां किसी भयंकर दुर्घटना के कारण दमित हो गई हूँ, लगातार किसी झूठ को सच के रूप में पेश करेंगे तो मैं उस छूट पर ही विश्वास करने लगता है । इसलिए डॉक्टर ने दमन से झूठ बोलना शुरू कर दिया । जब भी दमन शेरसी के बारे में पूछ ताकि मैं कहा है डॉक्टर उससे झूठ बोल देता हूँ । फिर उन्होंने हमसे भी झूठ को बनाये रखने को कहा । कारगार से तो हुआ । धीरे धीरे उसके सपनों में बदलाव आने शुरू हो गए । आप सपनों में में उसे मरती हुई नहीं दिखाई देती थी । सुमित ने बताया अपनी ने अपना अंदाज बयान करते हुए कहा तो तुम्हें दमन से कहा कि ड्राइविंग नहीं कर रहा था और ये श्री इसी कार्य एक्सिडेंट में बाहर बाल बच गई है । पर तब से देश छोडकर कहीं बाहर चली गई समेत नहीं हम है सर हिला दिया, लेकिन ये ट्रीटमेंट सपने की तरह काम कर क्या? हाँ तो मैं ऐसा होने लगा कि हमारा पुराना दमन वापस लौट आया । हालांकि वह हमसे लगातार श्रेयसी के बारे में पूछता रहता था । मैंने उससे बात किया नहीं, मुझसे मिलने आया नहीं । मैं भी इस बारे में झूठ बोलता रहा । हमने उसमें ये विश्वास जाग्रत कर दिया की हम में से कोई भी श्रेयसी को पसंद नहीं करता क्योंकि वहीं बाहर चला रही थी और उसी की वजह से उसकी मरने की नौबत आ गई । हम झूठ का जितना अधिक प्रयोग करते है उस पर उतना ही विश्वास करता हूँ । मुझे ऐसा कभी नहीं अपनी ने अपनी कुर्सी खींचकर सुमित के बाद कर ली और उसका हाथ अपने हाथों में ले लिया । हमारी कोई करती नहीं है तो उसकी देखभाल कर रहे थे । सारा कॅश और कुछ परेशान होते हुए अपनी बोली तो क्या तो फॅमिली कही हुई बातों को गलत साबित करेगा । मैंने उसे बताया था कि दो साल पहले कार दुर्घटना में श्रेयसी मर गई थी जिसकी वजह से उसे दौरे और दो सौ अपना आते थे । थेरेपिस्ट उसको इसके विपरीत बताएगा और उसे इन बातों से छुटकारा दिलाएगा । सुमित ने बताया, लेकिन इस बार अब एक अनजान अंतरराष्ष्ट्रीय ऐसी है अपनी बहुत बताई । अब जब ये विश्वास करने लगेगा की ऐसी जीवित है तो क्या है? उसी उसी के बारे में नहीं सोचेगा और उसी के पास जाना भी चाहेगा है की नहीं हो सकता है क्या ऍसे वापस आ जाएगी तो इस बात की संभावना है कि वास्तविक श्रेयसी के शकल उसकी याद में ताजा हो जाए और यदि ऐसा होता है तो मैं जान जाएगा कि शहर से नकली है । ये नहीं, वो याद नहीं लौटेंगे । मैं उन यादव खो खो चुका है ।

Part 40

वहाॅं अपनी ऑफिस वापस जाने के लिए क्या बुला ली । पिछले तीन दिनों में उसने काफी समय अस्पताल में ही गुजरा था । हमारे यहाँ अपने से कोई फर्क नहीं पडेगा । सुमित ने कहा था और उसे जाने दिया जबकि वह खुद ऑफिस से छुट्टी लिए हुए था । कहा की पिछली सीट पर बैठे हुए हैं । उसमें अपना छोटा सा ताड निकाला और उस पर कुछ लिखने लगी । उसने श्री इसी का नाम लिखा एक बहुत जैसी जब कार दुर्घटना में मर चुकी थी और दूसरी वो जिसे सुमित ने नकली बताया था । मैं दोनों के बीच के अंतर को समझने की कोशिश कर रही थी । यदि यूज नकली वाली पर विश्वास किया जाए तो लगभग तीन साल से अस्तित्व में है । यानी दुर्घटना के एक साल पहले से जब दमन अखिलेश वैसी को जानता भी नहीं था जो कि उस दुर्घटना में मर चुकी थी और उस नहीं भी साबित कर दिया कि वह भी उसी समय गोवा में थी । अग्नि ने अपनी आँखे बंद की और कनपटी पर हल्की हल्की मालिश की । तभी उसका फोन बज उठा । ऍम का फोन था जिस प्रजेंटेशन पर उन्हें काम करना था उसके लिए लेट हो रही थी । कल ही करने उसे लेटलतीफी के बारे में तो का भी था । उसने पलट कर कुछ भी नहीं कहा था क्योंकि बैठी कह रहा था जब से उसकी बार अगले डील असफल हुई है तब से उसका मिजाज ठीक नहीं था । तीर से ऑफिस जाना, जल्दी चले जाना, घंटों तक कंप्यूटर स्क्रीन को ताकते रहना इत्यादि कोई भी उससे अब उस वायरल वीडियो के बारे में बात तो नहीं करता था लेकिन फिर भी उसकी वजह से उसका वहाँ जीना मुश्किल हो गया था तो मैं वहाँ से निकलना चाहती थी । लेकिन उसने जहाँ भी अपना बायोडाटा भेजा, कहीं से कोई जवाब नहीं आया था । उसने उसका अगस्त पर फिर नहीं डाली हूँ, जहाँ उसमें लिखा था ये सब कुछ इस नकली से इसी की वजह से है । कहा रुक गई कार्यों रोक रहे हो । अपनी ने पूछा कोई और भी आ रहे इस कार्य में आपने कार्य बोल क्या दुख की थी? ड्राइवर बोला हूँ क्या हम अभी नहीं चल सकते? मैं प्रचार होंगी । मैं ये कंपनी के नियम के खिलाफ होगा । ड्राइवर बोला आपनी ने गहरी साथ नहीं कुछ मिनट गुजर गए, लेकिन ऐसा कोई नहीं आया जिसने क्या बोल रही हूँ । अब तुम पूरा दिन यहीं इंतजार करते रहोगे । अपनी ने पूछा हूँ । मैं बस कुछ मिनट और तो बोला जैसे ही उस नहीं है कहा तभी कार का दरवाजा खुला और एक लडकी आपनी के बगल में आकर बैठ गई । हाई ऐसी बोली और अपनी को देखकर मुस्कुराती हूँ । अपनी उसे देख कर घबरा गई तो मैं क्या कर रही हूँ । घबराहट में उसने अपने हैंड बैग में हार डाला और बीस रुपए निकाल का ड्राइवर की सीट परफेक्ट हुई । बोली मैं उतर रही हूँ । उसने दरवाजा खोला लेकिन श्रेयसी ने उसका आपका कर लिया । अवनी ने बुरा सामो बनाया । जैसी की पकड मजबूत थी छोडो मुझे अपनी कहा हमें बात करने की जरूरत है । कोई जरूरत नहीं है और अपनी ने यहाँ झटक दिया । मैं ठानती हूँ कि तुम्हें पता है कि श्रेयसी मर चुकी है । ऐसी बोली दमन के लिए हमें बात करने की जरूरत है । इसी में हम दोनों की भलाई है । अपनी ने हाथ छुडा लिया और बाहर के बाहर निकल आई है । कार से अलग चल रही थी और बाहर उसका पीछा कर रही थी । अपनी चल रहा पडी चले जाओ लेकिन अब भी पीछा कर रही थी । अपनी चलकर कार के पास गई । क्या चाहती हो तो तुम्हारे पास सब कुछ तो है । अब चली जाओ । कार फिर भी पीछा कर रही थी । मैं बात करना चाहती हूँ ही बोली । उसने दरवाजा खोला, सम्मान भी जाओ दमन के लिए । कुछ देर विरोध करने के बाद अपनी राजी हो गई और कार्य में बैठ गई । मैं उसे मार । दोनों की बस यही कहना बाकी है । टोमॅटो भागने की तरफ रुपए पर बढाती हुई श्रेयसी ने पूछा अगले कैसा हैं अपनी उपेक्षा से हाथ हिलाते हुए मना कर दिया । मैं उससे मिल लेती, लेकिन सुमित करते की तरह उसकी निगरानी कर रहा था । अग्नि तुरंत बोली, ऍम से बचाना बहुत जरूरी है । बनावटी मुस्कान के साथ श्रेयसी बोली बल्कि इसका उल्टा है । उसे मेरी जरूरत है । अपनी श्री किसी की जरूरत है । दूसरे ऐसी नहीं है । आप नहीं कराते हुए बोली उसकी मुट्ठियां भेज रही थी । ऐसी ठट्टा घर हंस पडी है । मैं उसके ही शेष हो । ठीक है । मैं वही ऐसी नहीं हो जो दुर्घटना में मर चुकी है । ये बात में जानती हो । लेकिन जैसी हूँ वो लडकी जिसने उससे हमेशा प्यार किया । अच्छा आप कभी वो होश में आएगा । मुझे याद करेगा तो धोखेबाज और कुछ नहीं तो होने का नाटक कर रही हो । जबकि श्रेयसी हो नहीं तो कोई भी किताब या पोस्ट लिखते समय तो उसके जहर में नहीं भी लडकी के बारे में सोचते हुए उसमें लिखा था मारे चुकी है तो उसके लिए कुछ भी नहीं हूँ । अपनी भडक गयी वो कह रही है जैसे उसके साथ रहते अभी एक साल ही हुआ है । मैं उसके साथ तीन साल से रह रही हूँ । उसने अपने हाथ का उठाकर तीन उंगलियां दिखाते हुए कहा, घर से बात करने के लिए मैंने एक साल इंतजार किया, तुम्हारी तरह नहीं की । देखते ही बात करने लगी । फिर उसके लिए मेरी भावनाओं का कोई मुकाबला नहीं था तो मुझे बस यही बताना चाहती थी । मैं अपना आपा नहीं होना चाहती । शहर सीने बडी नरमी से कहा मैं माफी चाहती हूँ । तब मैं तो मैं कुछ देना चाहती हूँ । तुमने सोच कैसे लिया कि तुम कुछ भी दोगी और में ले होंगी तो कितनी नीच हो तो मैं बस दूसरों का जीवन भर बात करना आता है । मैंने किसी जीवन बर्बाद नहीं किया । मैंने तो बस प्यार करना चाहता हूँ और मेरे पास है । और यदि सुमित ने दमन, कोशिश एसी की मौत के बारे में ना बताया होता तो आज दमन अस्पताल के उस कमरे में होता हूँ । ऐसी बोली लेकिन फिर उसे ये मनवाकर धोका दे रहे किसी ऐसी जिंदा है लेकिन उस बार यही इलाज कारगार है । रिकॅार्डिंग यही ना मैंने थेरेपी का हर जगह से विश्वास हो जायेगा । ऍम में बच गई थी तो मुझे याद करेगा अपनी गारचिन अखिलेश ऐसी अपनी जिंदगी को इस सभी बिंदुओं का मिलन करेगा । यहाँ तेजी से लौटेंगी ऍर मेरी बाहों में होगा अपनी ने उसे शहबाज पूछ नहीं ये उसे बहुत समय से छोड रही थी तो नहीं थी उस कार्य में उस दिन तो कौन था? छह ऐसी उसने जवाब दिया हाँ मुझे मालूम है लेकिन उस लडकी का नाम श्रेयसी था । ऐसी बोली तो मुस्कुरा रही थी । बडा जीप लग रहा है उसका नाम लेना । फिलहाल उसने मुझे उस से अलग करने की कोशिश की । पर देखो पीछे निकला तो बेचारी उसकी हड्डियां चकनाचूर हो गई । जल्दी नहीं और मर गईं । ऐसी अपनी को देख रही थी तो परेशान लग रही हूँ तो स्वीट जोर से हंस दी ऍम तुमने जो भी सुना सब सही था । मुझे सिर्फ बिहार हो गया था तो उसकी मेल्स चेक कर रही थी और मैंने उस पर लगभग सालभर नजर रखी । मुझे पता था कि वे गोवा जा रहे हैं । मैंने भी अपनी ट्रिप प्लान कर ली मैं उसको मैं प्रेम कहानी देने जा रही थी जिसकी वह हमेशा कल्पना क्या करता था । मैंने भी उस होटल में बुकिंग की जिसमें उस की थी । उसके बीच में आने के पहले सब कुछ सही चल रहा था । उसकी आवाज धीमी पड रही है । अच्छा वहाँ मेरे नाम वाली में लडकी श्री सी पीछे आ गयी । ऐसी बोली उसने एक जैसे नाम का फायदा उठाते हुए कमरा बदल लिया । अब उसका कमरा दमन के कमरे के ठीक सामने था और मेरा कमरा अगले से और पर इससे पहले की मुझे मालूम चलता उनकी बातचीत शुरू हो गई । वहीं कमरा पाने की कोशिश में लगी थी और मैं दोनों बातचीत में मैंने पूरा एक साल इंतजार किया और वो ठीक मेरे ही आंखों के सामने विश्वास होगा तो मैं आपस में हस रहे थे, मुस्कुरा रहे थे, आपस में ऐसे बात कर रहे थे जैसे पुराने दोस्त हूँ जी कर रहा था । उस लडकी का कला छोड दूँ और दमन को बताऊँ कि उसे यहाँ मुझे मिला था ताकि बंगलौर से आई उस दो कौडी की वैसा से मैं तो चुकी थी अपनी मैं । अगले तीन दिन तक मैं गलत जैसी को धमन के साथ फ्लर्ट करते हुए देखती रही और भी पूरी गुस्ताखी और निर्लज्जता की सात प्रतिक्रिया दे रहा था । मेरी फॅमिली सामने ये दोनों हो । रोज बाहर जाया करते थे । मैं नहीं थी पर मैंने उसके लिए इतना किया लेकिन फॅमिली के साथ था । उसने अपनी का हाथ पकडा और मरोड दिया । तुम ही बताओ क्या ये सही था कि वो मेरे साथ नहीं होना चाहिए था? होना चाहिए था उससे मेरे साथ ही होना चाहिए था लेकिन उसके साथ था । पूरे समय उसने अपना हाथ अवनी के हाथ से अलग कर लिया और उसकी उंगलियों को गौर से देखने लगी । उस फॅमिली मुझे बहुत डरा दिया था लेकिन मैं मर गई । मैं अपनी खो खो रहे जा रही थी कि हुआ उसके साथ यही होना चाहिए था । तुम चाहती थी कि वह मर जाए । हाँ अपनी नहीं पूछा बिल्कुल लेकिन उस फॅसने आप ही एक लम्बी सांस लेते हुए मैं बोली । मैंने तो सोचा था कि वह कभी होश में नहीं आएगा इसलिए मैंने शादी कर ली । मैंने सोचा था कि मैं ये शादी निवाल होंगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका । मैं दमन के बारे में ही सोचती रही । भगवान से उसकी कुशल मनाती रहती थी और तीन महीने बाद में खुश में आ गया उसका शरीर बुरी तरह से तोड फोड चुका था । दिमाग काम नहीं कर रहा था लेकिन सिद्धू था हम उस करा दी । फिर उसने उसे याद किया दूसरी शहर सीखो, पागल है, इस कार से निकल जाओ । जितना हो सके उतनी दूर हो जाओ । आप नहीं बोली लेकिन तो मैं तो बताया कि तुम उसकी पोस्ट से ईजाद की गई एक पात्र हूँ तो उन्हें तो बिलकुल नहीं किया जैसा उसमें क्या था? तो मैं बताया था कि ये सब तुम से ही प्रेरित है और इसी वजह से तो मुझ से बेहद खफा हो कि उसने अपनी उस किताब में तुम्हारे पात्र को सही तरह से नहीं किया है । लेकिन तुम तो उस पर लडकी नहीं हूँ तो तुम भी चांदा नहीं था । हाँ मैं पोस्ट वाली लडकी नहीं थी लेकिन मैं वो बन गई हूँ । मैं वो पोस्ट वाली लडकी बन गई हूँ । वो मैं थी खत्म, मैं होती थी कोई अलग नहीं था । मैं वो ही बन गई जैसे फॅर करता था जिसके बारे में नहीं लिखा करता था । मैं वो पोस्ट वाली लडकी बन गई । उस की तरह बात करने लगी । उसी की तरह कपडे पहने लगी । उसी की तरह बाल बढा लिए और वैसे ही टैटू बनवा ली है । सब कुछ ऐसा ही किया जैसे उसने लिखा है मैं बिल्कुल वैसे ही बन गई जिसे सम्भवता है । बिहार कर सकें, इसके बारे में लिख सके और फिर उसने मुझे धोखा दे दिया । मैंने उसके साथ का लंबे समय तक इंतजार किया । मैंने उस किताब के विमोचन की कल्पना की थी । मैं कल्पना करती थी कि दमन की उसके साथ का हर पार्ट था । क्या पूछेगा उससे की कहाँ है वो? श्रेयसी मैंने आपको बना लिया था और फिर आहिस्ता आहिस्ता मैं अपने आप को उसके सामने लाती तो मुझे खूब खुश ऐसी को पाता । मुझे देखकर होता हूँ । मुझे प्यार करता, मुझे गले लगाता और सारी दुनिया को अपनी इसी के बारे में बताता हूँ । लेकिन मेरे सपनों की लडकी क्या बकवास लिखी है उसने । उस किताब में मेरी सारी बातों, सारी भावनाओं का मजाक उडाया है । उसने बहुत हो गया । मुझे उससे मिलना है । सारी बात साफ करनी है । क्या हुआ यदि उसने ऐसा किया और के बारे में लिखा है । मैंने उसके लिए जो भी किया उसकी कोई कीमत नहीं । भले ही उसके ख्वाबों की श्रेयसी जैसे मैं प्यार करता था, मर गए हो, लेकिन उसके लिए उसका प्यार मेरे जरिए जीवित रह सकता था । मैं मुझे प्यार कर सकता था तो नहीं । किसी सहारे की जरूरत नहीं है तो महक रही हो । अपनी बोलिंग इसलिए क्योंकि मैंने प्यार किया इसलिए कि तुम कह रही हूँ । मैं इस सब नहीं नहीं पढना चाहती हूँ । मैं जा रही हूँ । उसने ड्राइवर के कंधे पर हाथ रखा और अगले सिग्नल पर कहाँ रोकने के लिए कहा । फिर भी तुम दमन के साथ रहे सकती हूँ । अपनी त्यौरियाँ चढाकर बोली क्या मैं रिश्ता जरूर हो लेकिन तमन से बिहार करने से मुझे कोई नहीं रोक सकता । दमन और मुझे अपनी प्रेम कहानी जारी रखने खेली है । शादी जैसे प्रमाणपत्र की कोई जरूरत नहीं है । हम इस बारे में पहले भी बात कर चुके हैं और तमिल गाती हो गया । आश्चर्य से अपनी ने पूछा हूँ ऐसी नहीं यहाँ से दिला दिया और तुम चाहती हूँ कि मैं ऐसा ये रिश्ता रखूँ जैसा तुम्हारे पति के साथ है । तोहरा दिमाग तो नहीं । फिर क्या है मैं पूरी गंभीरता से कह रही हूँ विश्वास नहीं होता तो मुझे नहीं । मैं तो बस इसमें बहुत फर्क है तो तुम्हारा पति ना तो दमन के बारे में जानता है तुम्हारी जैसी पे वफा औरत के बारे में लेकिन मैं जानती हूँ । मैं जानती हूँ की तुम दोनों एक दूसरे से मिलते हो । अपनी भडास निकालते हुए कहा ही उसकी तरफ देखते हुए मुस्कुरा रही थी क्या अपनी ने पूछा? श्रेयसी ने अपने कुत्ते की भागी थी उसकी सीधी । वहाँ पर लाल नीली धारियों के तीन निशान पड चुके थे । किसी ने बहुत कसकर वहाँ उसकी वहाँ पकडी होगी । उसने फिर उन्हें ढक लिया । उसने तो मारा तो सीने एक बनावटी मुस्कान के साथ अपनी से कहा भडा झूठ है वह । मैंने उसे ऐसा करने दिया । लेकिन ये सब तब हुआ जब मैंने उसे दमन के बारे में बताया भी नहीं था । मैं मुस्कुराई और आगे बोली अपनी शादियों में भी चालबाजी होती है । तुम जानती हो कि आकाश ने भी मत से वफादारी नहीं किए तो अंदाजा लगा सकती हूँ कि उसने किसके साथ रातें बताई हैं कि सब कुछ एक पूरी फिल्म की तरह किसके साथ? मैं हमेशा जानती थी कि वह मुझे धोखा दे रहा है, इस दौरान है । मुझसे चलाकी करता रहा तो सबसे ज्यादा सावधान था । मैं लडकी सामने होते हुए भी नजर नहीं आ रही थी । जो होते हुए बोली उसने अपना मोबाइल खोला और अपनी को उस लडकी की तस्वीर दिखाई और बोली जानती हो, ये कौन है? कुछ पहचान से दिख रही है । किसी की मेरी बडी बहन है और बता दूँ ये भी शादीशुदा है । आप समझ में आया कि उसकी डाइट लिस्ट में मुझे कोई धुन फुल नाम क्यों नहीं मिला? क्योंकि मैं अपनी बहन को संदेह की निगाह देखी नहीं रही थी । ऐसी हाथ ही शादी हमेशा एक छोटी थी और वहाँ भी उसके साथ होता है । अभी कुछ दिन पहले ही मेरी निजता भंग करने के लिए उसने कुछ काम हम गालियाँ भी और भी ना जाने क्या क्या कहा नीच कहीं का । उस इस बारे में जरा भी खबर नहीं कि मैंने सब कुछ रिकॉर्ड कर लिया है । हमेशा गाते हुए श्रेयसी ने कहा, ये होने के बाद मैंने उसे दमन के बारे में बताया । कुछ नहीं कर सकता हूँ । बस डरे हुए पहले की तरह साहब सुनता रहा तो में छोड क्यों नहीं देता? रहना तो छोड सकता है और ना मैं छोडेगा उसके घर वाले उसे उधर देंगे । वे इतना डरपोक जो है अपनी माँ से बुरी तरह डरता है और सोचो जब तलाक की प्रक्रिया चल रही हो तो मैं ये वीडियो दिखा दो तो क्या होगा? कहीं नहीं जाएगा । पी रहे इस प्यारे पति के लगा मेरे हाथों में होगी । अभी उससे बहुत कुछ रोकना है । अपनी शादी की सीमा के बाहर उसे जो करना है करे । मैं उसके साथ अब कभी नहीं होने वाली । मेरी बहन ही उसे भक्ति रहे लेकिन तुम उसे छोडकर धवन के साथ क्यों नहीं चली गयी? अपनी ने पूछा ये बात कुछ ऐसी है तो समझ नहीं होगी । ऐसी बोली एक पत्नी और प्रेसी में बहुत अंतर होता है । मैं दमन की प्रेसी हूँ । जब मेरे बारे में लिखेगा तो हमें हमारी कर देगा । एक पत्नी को क्या चाहिए होता है? शादी के कुछ अच्छे वर्ष? कुछ बच्चे थोडी सुरक्षा उससे क्या भला होना है? लेखक कभी अपनी पत्नियों के बारे में नहीं लगते थे । अपनी प्रेसी के बारे में लिखते हैं । उनके जीवन में बदलियां एक सुविधा से ज्यादा कुछ नहीं होती था । पत्नियाँ उन्हें जो सिखाती रहती हैं, वहीं में करते रहते हैं । उसने क्यों तुम्हारे बारे में कुछ नहीं लिखा । बावजूद इसके की तो भी सीती हूँ । अपनी जब रही क्योंकि तुम उसके लिए सहज उपलब्ध हो तो भी रोज देखता है । तुम से रोज बात करता है तो तुम रोज उसके साथ हमबिस्तर होती हूँ । यदि तुम बहुत श्रृंगार करने वाली होती तो भी कुछ दिनों बाद में तुम्हारे आगे पीछे घूमना बंद कर देता तो मुझ गीत की तरह हो । जैसे कई बार सुन लिया जाए तो वह अप्रिय हो जाता है । पत्नियों का छोटा सा जीवन बहुत नीरस होता है । प्रेसी हमेशा बनी रहती है । मैं मुझे हमेशा ये चाहेगा जब तक मुझे पूर्ण कहाँ कहाँ नहीं लेगा । मुझे बिहार करता रहेगा । मेरे लिए हीटर पे का मुझे ही चाहेगा । मैं सोचती हूँ तो उसकी पत्नी बन सकती हूँ । अपनी फिरकी हसी हस देती है भरी मेहरबानी है तुम्हारी भैया मुझे अगले मेट्रो स्टेशन पर डाल देना और इस औरत को यहाँ से जितना दूर हो सके ले जाओ । भटनी होते हुए भी में प्रेमिका का गुलाम रहेगा । अपनी ने सोचा अपनी ऐसी बोली और अपनी और उसके देखने का इंतजार करने लगीं । मैं काफी घातक नजरों से देख रही थी तो उन का मन को मेरे पति के बारे में या जो ऑफर मैंने तो दिया है उसके बारे में कभी कुछ नहीं बताओगे यहाँ और अगर तुम ने ऐसा किया तो मुझे बताने की जरूरत नहीं है । फिर क्या होगा मैं तुम्हारी धमकियों से डरने वाली नहीं हूँ तो नहीं करना पडेगा क्योंकि तुम नहीं चाहती होगी । दमन फिर से अस्पताल के बैठ पर पहुंच जाये और जंजीरों से जकड जाए तो तुम जेल पहुंच हूँ । इतनी बच्चों को मेरे पास तुम्हारा ऍम सीढियों से कार्तिक को धक्का देने वाला फॅमिली है मुझे तुमको मैं वीडियो भी खाती नहीं चाहिए था लेकिन ऐसा लगता है कि अब हम दोस्त नहीं है । तुम्हारे पास ऐसा कुछ भी नहीं हैं और दमन ने भी देखा है । ये लगातार उसे इस बात की याद दिलाता रहता है की उसे तुमसे क्यों बात नहीं करनी है । यह कहकर ऐसी मुस्कुरा दी बीच और और अपनी ने कडे लहजे में जवाब दिया । फिर अपने आप को शांत करते हुए बोली ठीक है तुम जी थी मैं ऐसा नहीं करूंगी लेकिन इससे पहले की मैं चाहूँ तो मैं बता दूसरे ऐसी छोटी सी समस्या है क्या? हालांकि मानव चिकित्सक ने उसे विश्वास खिलाडी आएगी । शेरसी जिंदा है और वह पहले से ठीक हो गया है लेकिन वो हमेशा याद रखेगा की तुम टाॅस, पीछा करने वाली औरत हो और ये है कि तुम्हें गोवा में स्टेट शो किया था । जैसा तुम चाह रही हो उस तरह से वह तुम्हें नहीं चाहेगा । अपनी तारीख दिया और अपनी तुम कितनी स्कूल हो तो बिजली लगता है की ये छोटी छोटी बातें मुझे और दमन को अलग कर पाएंगे । क्या? क्या होता है तो मैं उसके बारे में कुछ भी नहीं पता है । कार्य ही मुस्कुरा दी । अगले मेट्रो स्टेशन पर अपनी उधर कहीं उतारने से पहले उसने ऐसी से एक सवाल किया तो भी नहीं किया था? नहीं, किसी ने जवाब दिया । उसका जीवन कभी खतरे में नहीं डाल सकती । यहाँ चली गई ।

Part 41

ऍम दमन को देखते हुए श्रेयसी माननीय मैं सोच रही थी कितनी सुंदर है ये तो मध्य मिलने पहले क्यों नहीं आई हूँ? दामन ने पूछा ऐसी मन ही मन में बोली मैं तुम से मिलना चाहती थी तो मैं बाबू में भरना चाहती थी, चूमना चाहती थी, प्यार करना चाहती थी तो है साथ रहना चाहती थी, देती लेकिन तुम्हारे बेवकूफ दुखता पता । उसी ने उसके सामने एक सरकार दिया जिसपर लाल रंग से लिखा हुआ था । वेलकम बैक अस्पताल से छुट्टी हुए दमान को तीन हफ्ते हो चुके थे और पहले दो हफ्ते हुए अपने माता पिता के पास रहा हूँ तो मुझे लगता है कि मैं नहीं आना चाहती थी तो मेरे माता पिता मत से नफरत करते हैं । मैं बात को और नहीं बिगाडना चाहती थी । ऐसा कहते हुए श्रेयसी ने अपने आंसू रोक लिया । हो सकता है तक जब दमन अपने माता पिता के पास था और उस से दूर था जैसी उसके मैसेजेस और कॉल से ही तरफ होती रहती थी । मैं उसे बताता रहता था की वह उस से मिलना चाहता है, उससे बातें करना चाहता है और उसकी कमी महसूस करता है । उसके मैसेज की भाषा ना किसी दोस्त जैसी थी ना किसी दुश्मन जैसी बल्कि एक बिछडे हुए प्रेमी की तरह थी जिसे अपने प्यार से अलग कर दिया गया हो । ऐसी उन संदेशों को अनगिनत बाढ पडती । उसने इन संदेशों के स्क्रीनशॉट लेकर उनकी प्रिंटआउट भी निकलवा लिए थे । उनके चारों और दल बनवा रहे थे और अपने क्यूबिकल के पिन बोर्ड में लगा लिया है । जब खाना मिलता है उन्हें बढती रहती और नवविवाहिता पत्नी की तरह शर्मा जाती । पाँच छह लाख की तो अपनी जगह कभी वापस नहीं आओगे । ऐसी बोली ॅ उसी का हाथ घुमाते हुए कहा महान नहीं आने देना चाहती थी । लेकिन मैंने उन्हें बताया की मुझे किताब पूरी करनी है और मैं उस घर में ये नहीं कर सकता तो सिर्फ तुमसे मिलने ही आया हूँ । मैं और इंतजार नहीं कर सकता । ये कहते हुए दामाने धीरे से उसका हाथ । तब आलिया मुझसे प्यार करता है क्यूँकि श्रेयसी ने पूछा मैं मैं तो थामना चाहता था, नहीं महसूस करना चाहता था । ये कहते हुए उसने श्रेयसी के हाथ को कसकर पकड लिया । मैं तो मैं अपने पास मैं सोच करना चाहता था । इलाज के दौरान में पागल हुआ जा रहा था वो सपने ऐसी दमन की आगे छूट गई और उसके कंधे पर अपना से रख दिया । इसमें पसंद की मैं ठीक है क्या अब भी मैं उन सपनों में मरती हूँ । डाॅ । उसी को अपनी बाहों में भर लिया और उसका माथा चूम लिया तो मैं यहाँ है कि तुम्हें पहला दौरा कैसे बडा था । किसी ने पूछा हम मैं वह सभी आज नहीं करना चाहता हूँ । मैं तो हारे और अपने बारे में बात करना चाहता हूँ । उसने जवाब दिया था मान में बहुत सावधान रहना चाहती हूँ । पीटीएसडी के बारे में करती रहती हूँ । कुछ ऐसी खास बातें होती हैं जो पैनिक अटैक का कारण बनती है । मैं फिर से तो मैं अस्पताल में नहीं देखना चाहती हूँ । ऐसी बोली बडी अच्छी बात है । लेकिन मुझे कुछ भी आज नहीं । मुझे जो आखिरी बात याद है वह यह है कि सुमित मच्छर बात कर रहा था । वो तुमसे कुछ कह रहा था । किसी ने पूछा हम के काटे बडा स्वादिष्ट लग रहा है । अस्पताल के खाने से तो मुझे आत्महत्या करने की इच्छा होती थी । ऍम पहले बताऊँ नहीं, मुझे कुछ नहीं । सेवाएं समय देखिए । उसके बाद की सारी बातें छोटी छोटी झलकियों में आज हैं । मुझे याद है कि मुझे बिस्तर पर डाल दिया था मुझे मगर उन्हें सुनाई दे रहा था । फॅमिली मुझे सुमित का सुवक्ता हुआ चेहरा याद है । मेरे पिता का डॉक्टर से लडना याद है और हाँ ऍम के सामने बैठ कर मुझे अपना रोना याद है । मुझे आधे की कैसे में उन्हें बता रहा था कि मुझे लगता है मैंने तो हमारा है की तो उसका और दुर्घटना में मैं ही नहीं हूँ । मुझे याद है कि साइकैट्रिस्ट ने मुझे बताया कि तुम ही नहीं हूँ और फिर भी मेरे आंसू रोक नहीं रहे थे । मुझे मालूम था कि तुम्हारी नहीं हूँ क्योंकि मुझे तुम्हारा चेहरा आया था । फिर भी ऐसा इतना जबरदस्त था कि मैं बस यही सोचे जा रहा था की तो मर चुकी हूँ । मैं तुम्हें किसी भी तरह देखने के लिए परेशान था । लेकिन इधर मेरे माता पिता मैं बडी उलझन में था तो जिंदा थी क्योंकि मुझे तुम्हारा चेहरा या था और सबको दिया था जो हमारे तुम्हारे और अपनी के बीच हुआ था । लेकिन सपनों में तो मुझे मैं ही हुई लगती थी । डॉक्टर मुझे कुछ और ही बताता था । मैं बता रहा था कि तुम जीवित हूँ । मैं जानता था कि ये सही है क्योंकि दुर्घटना के बाद में तुम से मिला था । मुझे याद है मुझे डॉक्टर को तुम्हारे बारे में बताना याद है । किस अप्रत्याशित रूप से तो मेरे जीवन में वापस आई । इस बारे में भी बताया कि किस तरह तुम एक साल तक चुप चाप मेरा पीछा करती रहीं हूँ तो डॉक्टर को सबकुछ बता दिया । मरीज डॉक्टर के बीच गोपनीयता नहीं होती है मेरा पीछा करने के लिए वह तुमसे कुछ नहीं कहने वाले । ऐसा काॅमर्स करा दिया तो उस टाइप के बारे में कुछ भी आज नहीं नहीं भूल गया ही मुस्करा दी । लेकिन मुझे उस बारे में तो मैं सब कुछ बता रहा है तो तुम बदल गए हूँ । अपने आंसुओं को जबरदस्ती छुपाते हुए श्रेयसी बोली इसे मेरी जरूरत है । ये मुझे प्यार करता है । मुझे चाहता है । मुझे लगा कि मैंने तो मैं खोल दिया है । दमन बोला और उसकी तरह से नजरे हटा ली । अब हम की खाते उसने सिर हिला दिया की बहुत कोशिश कर रहा है ना होने की ये मुझे कितना प्यार करता है । धमन जाकर उठाता है और एक छोटा सा टुकडा काटकर उसे खिला देता है । उसके बाहर एक बडा सा टुकडा काटकर खुद निकल जाता है । मुझे गोवा के बारे में बताओ । धवन ने अपनी उंगलियां चाहते हुए कहा अगले आधे घंटे तक शव ऐसी वहाँ की गाडियाँ सुनाती रही कि उन्होंने वहाँ क्या क्या कहाँ गए । पहली बार कहाँ तो मान लिया कहाँ एक साथ ड्रिंक क्या पूरे ध्यान से चल रहा था और पूरी कोशिश कर रहा था याद करने की । कुछ याद आया सब खाली है लेकिन कोई फर्क नहीं पडता । मैं वहाँ अपनी मौजूदगी की कल्पना कर सकता हूँ ना । मैं बोला अभी श्री किसी की आंखे घडी की तरफ नहीं । मुझे घर जाना चाहिए ही घंटे में वापस आ जाएगा । मैं तो मैं घर छोड सकता हूँ । दमन बोला कुछ क्षण के लिए उन दोनों के बीच अजीब से चुप्पी छा गई । घर में या मतलब क्या आपसे छोड दूंगा । फॅमिली माफ कर दिया है । ऐसी ने अपना ऍम खोला और उसमें से रेवन बंधा हुआ एक लिफाफा निकाला । ये क्या है? फॅालो मैंने तो उसे बात किया था ना कि यदि तो अपने को छोड दोगे तो मैं तो नहीं होंगी । मैंने तो अपनी को कल ही छोड दिया था तो ये ताज क्यों? धवन ने सवाल किया तब पहले में अश्वस्त नहीं थी पर अब हूँ । उम्मीद है की तो मेरे पैसे का सही इस्तेमाल करोगे । दमन ने उसे धन्यवाद दिया । उसमें लिखा था एक तरफ रख दिया और श्री सी के लिए क्या आप कॉल करने लगा । जबकि आप वहाँ गई तो दोनों हाथों में हाथ डाले सीढियों से उतरने लगे । जैसे ही ऐसी कार में बैठी दमन ने बोझा मैं भी आ जाओ तुम्हारे साथ भी मुस्कुराई और दरवाजे से थोडा सा सरक कर बैठ गई । ग्रेटर कैलाश शहर सीने ड्राइवर को निर्देश दिया वो ऑफिस की ओर जा रहे थे । रास्ते में ट्रैफिक था । मेट्रो का काम चलने के कारण कनॉट प्लेस के गोलचक्कर पर ट्रैफिक जाम था किसी के घर ताकी यह मुश्किलभरी ड्राइव धवन की अचानक चुप्पी से और ज्यादा बहुत हो गई थी । क्या हुआ? किसी ने पूछा कुछ नहीं पता हो तो मुझे मैंने कहा ना कुछ नहीं सामान हम एक दूसरे से कुछ भी नहीं छिपा सकते हैं । ऐसी ने मेहनत की । मैं तुम्हारे पति के पास छोडने जा रहा हूँ । कम से कम इस वक्त मेरे खुश होने और चेहरे पर मुस्कुराहट होने की उम्मीद मत करूँ जा रही । उम्मीद कर ली तुमने छह सीने लंबी सांस भरते हुए कहा हाँ, आकाश और मैंने एक पेपर पर हस्ताक्षर किए हैं और अग्नि के चारों तरफ को चक्कर लगाया है । हमारी शादी के नाम पर बस इतना ही है तो हम लोग एक साथ चौथे हुए एक बिस्तर पर साझा करते हूँ । हर एक घर साझा करते हो एक ही हमारे यहाँ पूजा करते हो ये सब उसमें पर लिखा था या नहीं तो ऐसा क्या कह रही हूँ? ऐसी ने पूछा पहले तो पहले कीजिए अलग थी । मैं तुम्हें पीछा करने वाली लडकी समझता था जो बुरी तरह से मेरी जिंदगी बर्बाद करने पर उतारू थी । लेकिन हम मुझे साफ दिखाई दे रहा है । मैं अपने थैरेपिस् से सिर्फ यही पूछता रहता था की तुम कहाँ हूँ, कैसी हूँ मेरे बारे में पूछती हो या नहीं तो नहीं जानती की जब तक उन लोगों ने मुझे ये नहीं बताया कि तुम कहाँ हूँ? ऐसी भयंकर चिंता मुझे घेरे रहती थी । हाँ, मैं बस यही सोचता रहता था की तुम मर चुकी हूँ । मैंने तो मैं मार डाला है । मैं तो मैं देखने के लिए पागल हो जाता था जिससे कि सपने से छुटकारा मिल सकें । मुझे लगता था कि तुम वास्तविक नहीं हूँ तो तुम नहीं जानती जैसी की उस हॉस्पिटल में मैं किस दौर से गुजरा हूँ । सपनों में मैं तुम्हारा निर्जीव चेहरा ही देखा करता था लेकिन मुझे तुम्हारा मेरे पास वापस आना याद आया जो था मुझे वो सब यादव आया जो तुम्हारे और अपनी के बीच हुआ था । तो मुझे लगा कि तुम ही नहीं हूँ तो उससे मिलना चाहता था । मैं तो उसे अलग रहना बर्दाश्त नहीं कर सकता था । जब रोज महीने से स्तर बंदर तुम्हारा आम बढाते हुए मैं सोकर उठा करता था तो मुझे इस बात का एहसास हुआ ही । मुझे एहसास हुआ क्या की हम दोनों एक दूसरे के लिए बने हैं । तो तुमने जो भी किया अपने प्यार को जीवित रखने के लिए क्या धमान जल्दी से बोला । फिर उसने गहरी सांस ली । अब पहले जो हुआ उसे पीछे छोडकर हमें नहीं शुरूआत करनी चाहिए । यहाँ दमन में तुम अपने पति को छोड दो । धवन के कहने में निर्णायक का इलाज था । मैं नहीं कर सकती तो ऐसा क्यों नहीं कर सकती हूँ । तो तुम तो उससे प्यार नहीं करती तो मुझे प्यार करती हो तुम मैं मुझे पाने के लिए इतना सफर तय किया है तो मैं अपना जीवन स्वयं तुम्हें सौंपना हुआ तो उसने कहा क्यों नहीं करती जितना तो नहीं लग रहा होता ही नहीं है । अब देखो मैंने अपनी को छोड दिया ना छोडा कि नहीं । हाँ हाल लेकिन हूँ रिश्ता नहीं थे । मैं शादीशुदा हूँ उसका और मेरा परिवार जुडा । ऍसे मेरे माता पिता तो जाएंगे लेकिन देरसबेर लेकिन मैं तुम्हारे साथ हूं । मैं और मेरा पति आपस में कुछ भी शेयर नहीं करते हैं और तुम्हें जिस बात की चिंता है से अभी बता दूँ । हमारे बीच शारीरिक संबंध भी नहीं है । वैसे वालों की मेरा माकन मालिक है जो मेरे साथ रह रहा है । मेरी और तुम्हारी रिलेशनशिप की बस ये शुरुआत है जिससे मैं भी करना नहीं चाहती है । इसके लिए मैंने तीन साल का इंतजार किया है । नहीं नहीं जीवन भर का तो कितने अच्छे हो लेकिन मंच में अभी इतनी हिम्मत नहीं कि तलाक की प्रक्रिया के पचडे में पढो तो नहीं जानते की आकाश किस कदर प्रतिशोधी स्वभाव का है । नहीं सब में नहीं पडना चाहती हूँ और अगर मैं उससे अलग भी हो जाओ तो तो अधिक रनों क्या फर्क पड जाएगा । कुछ भी नहीं । पूरी समय अपने आस पास देखकर तो मुझे बोर हो जाओगे । इससे तो यही स्थिति बेहतर है । छोटी से आना तो उनसे मैं ना ऍम मेरे लिए तो नहीं लेकिन ठीक है तो मैं नहीं मानती तो मैं तो मैं वक्त देता हूँ

Part 42

भाग ऍम राजकीय तो बजट है । सामान अपने अपार्टमेंट के तले को जबरदस्ती खोलने की कोशिश कर रहा था । किसी ने धवन की मदद की और तालाब खुल गया । उसने दमन के साथ समर हाउस में रात का एक खुशनुमा हिसाब बताया था । जहाँ पे उसके एक के बाद एक शॉर्ट पीते हुए नहीं आ रही थी । अपनी हर बात पर उसे कहाँ का लगाते हुए देख रही थी । मुझे पीने के बाद कितने खुश है तो तुम राहत में मेरे पास नहीं रोक होगी । हाँ, अपार्टमेंट में घुसते हुए दमन ने उससे पूछा । उसके बीच एंड हाथ ऐसी की कमर को घेरे हुए थे? हाँ नहीं रोक सकती । मुझे तुरंत ही जाना है । आकाश मेरा इंतजार कर रहे हैं । बोली आप हमारा प्यार आपति, व्यंग करते हुए दमन बोला और अपना हाथ हटा लिया । मेरे ख्याल से हम यह तय कर चुके हैं कि इस बारे में बात नहीं करेंगे । यहाँ शहर सी बोली ठीक है । उन्होंने अभी तक शारीरिक संबंध नहीं बनाए थे । हो सकता है आज रात श्रेयसी ने सोचा हूँ । पिछले कई हफ्तों से उन्होंने जो समय सात बढाया है अधिकतर श्रेयसी के लंच ब्रेक का समय होता था । धामन मेट्रो से उसके ऑफिस तक आता दोनों साथ खाते हैं फिर वापस चला जाता हूँ । कई बार वैश्विक उसी के लिए कुछ पकाने की कोशिश भी करता हूँ । किसी को भी अच्छा लगता हूँ । उसने इसी वजह से तो सिंगल प्लेट इंडक्शन को कर ले लिया था । श्रेयसी ने पहली बार खाना बनाने पर उसे इसको घडी उपहार में दी थी । जली हुई दाल और बेकार से बनी रोटियों के लिए आप तो में काफी अच्छा बना लेता है । आपका नाम कैसा चल रहा है । जब श्राॅफ स्क्रीन पर स्क्रीनसेवर को नाचते हुए देखा तो पूछा वो ही लिखना तो बडा कठिन हो जाता है । पर जब आपको मालूम हो कि आपका लेखन प्रकाशित नहीं होने वाला? नहीं इस बारे में कोशिश तो कर रही हूँ । लेकिन जयंती रघुनाथ आसानी से मानने वाली गाय ऐसी ने सोचा हूँ । ऐसी ने पूछा तो जयंती को कॉल की । उसने ना तो मेरी कॉल रिसीव की और ना मेरे टेक्स्ट का कोई जवाब दिया । परेशान माॅरिशस किसी ने उसे गले लगा लिया । ठीक तभी दमन का फोन चमका और उस पर अवनी का नाम आ गया । तावान अपने फोन को घोरने लगा हूँ तो फोन उठाओगे । जैसी ने पूछा नहीं झुंझलाते हुए दमन बोला ऍम उसने अपना फोन ही स्विच ऑफ कर दिया । जब से डाॅक्यूमेंट में शिफ्ट हुआ है अपनी उसके चारों तरफ भूत की तरह लगी हुई है । मैं लगातार दमन को कॉल और टेक्स्ट करके एक ही बात की याचना कर रही थी कि वैश्विक उसी को छोड दे और उसे वापस अपना ले । पिछले हफ्ते ही उसने श्रेयसी को अपनी की कॉल से जो लिया था ताकि वैश्व ऐसी को बता सके कि किस कदर अपनी उसके लिए परेशानी का कारण बन गई है । अपनी बदली हुई थी किसी ने अपनी को एक मारते हुए जानवर की तरह चीखते हुए सोना दमन को तांत्रिक की तरह मरने की बंद हुआ देते हुए सुना । दमन तो में मर जाना चाहिए था । अपनी फोन पर ठीक रही थीं । शिशी नीच है, उसे छोड दो वो बाहर बाहर यही ठीक है जा रही थी । तमन अपने आप को बहुत काबू में किए हुए था, फिर भी उसके प्रति कठोर था और अब साबित होता जा रहा था । अपनी आप सीमा नाम रही थी और उसे गुस्सा दिला रही थी । मैं काफी समय से दमन और श्रेयसी का पीछा कर रही थी । दमन को अनजान नंबरों से टेक्स्ट मिल रहे थे । देना किसी तस्वीर वाले अकाउंटेंट है । फ्रेंड रिक्वेस्ट आ रही थी और कभी कभी वो दोनों अपनी को अपने से कुछ दूरी पर ही चलते हुए देखते हैं । जैसे कि आज पूरे समय जब दामन और श्रेयसी समर हाउस में थे, अपनी से तीन टेबिल दूर एक कपल के साथ बैठी हुई थी और उन्हें एक लाख देखिए जहाँ नहीं थी पहले ही नहीं उसे देखा । लेकिन उसने दमन को नहीं बताया क्योंकि वो अपनी डेट बर्बाद नहीं करना चाहती थी । लेकिन जल्दी ही दमन ने भी उसे देख लिया । हालांकि उसने अपनी की तरफ से निकले ऐसे हटा ली थी मानो मैं कुछ भी ना हो तो उसकी बाहर जाकर है धोनी को लोगे । किसी ने पूछा नहीं तमन्ने झुंझलाते हुए जवाब दिया । श्रेयसी और दमन ने गौर किया कि उस टेबल पर एक के बाद एक पिंट शराब का माप का ऑर्डर दिया जा रहा था । अपनी के प्रति उदासीन होने के बावजूद उसके होने का एहसास बासी खाने की बदबू की तरह उन पर हावी था । वे आज ठीक नहीं लग रही है । ऐसी बोली मुझे इसके लिए कोई अपराधबोध नहीं । मैंने उसके मैसेजेस और होना बहुत झेला है । अब तो मुझे उसके लिए बुरा भी नहीं लगता हूँ । बस झनझनाहट होती है । इतने वर्ष चाहता हूँ कि वहाँ से चली जाएगी । जब भी मैं अपने माँ बाप के यहाँ था वहाँ भी उसने लैंड लाइन पर फोन लगा दिया था । बताओ मेरे बाबा क्या सोचते होंगे? कितने शर्म वाली बात है? भगवान जाने ये क्या करती । अगर रिलेशनशिप तोडने में मुझे और देर हो गयी होती तो हूँ उससे भी नहीं हूँ । पहले वो अच्छी थी, ऐसी बेहूदगी में और बर्दाश्त नहीं कर सकता हूँ । अभी हाल में मैंने सुना है कि उसने अपनी जॉब छोड दी हूँ । अब मैं इस पर क्या प्रतिक्रिया हुआ । जॉब छोड दी उस ने हाँ लेकिन उसे दूसरी मिल जाएगी । मूर्खता में छोड दी । धमन बोला । सुमित ने इस बात से जोडने की कोशिश की । उस वीडियो ने उसे बेरोजगार कर दिया तो उससे डेटिंग करने के लिए मैं मुझे दोषी मानता है । तो क्या तुम दोषी हो? सब बकवास है । वायरल वीडियो का असर कुछ समय तक ही रहता है । बाहर नहीं साहब उसे भूल जाते हैं । अगले दिन किसी को याद नहीं रहता तो तुमसे डेटिंग करने का मुझे कोई अफसोस नहीं । समझ हाउस में आवनी का कोई काम नहीं था । दुनिया में अकेली नहीं जिसका ब्रेकअप समर हाउस में हुआ हूँ । दामन बोला उसने अपना फॅर लोग थोडी सी नहीं ले रही हूँ । वहाँ एक विश्वस्त पत्नी होने का दिखावा होते रहना चाहिए । दमन तुरंत हो रहा हूँ । बधाई हो । धवन ने अपने लिए एक बडा बैग तैयार किया । उसने प्याला आपके होठों से लगाया ही था कि दरवाजे पर घटकर हुई हूँ तो उन्होंने एक दूसरे को देखा कि तभी आवाज आई हो सकता है । धीरे से श्रेयसी ने पूछा तभी बाहर खडे व्यक्ति ने जोर जोर से दरवाजा बढ बनाना शुरू कर दिया । बता नहीं दमन बोला मानव संकेत देने के लिए बाहर से जोर क्या आवाज आई । दरवाजा खोलो, दमन भाव किया की अपनी रहने दो से नहीं चीखेंगी चलाएगी । फिर थोडी देर में चली जाएगी । पिछले हफ्ते से उसकी हार का तीसरी बार है सोसाइटी का सेक्रेटरी हमारे मकान मालिक से पहले भी शिकायत कर चुका है । थोडी देर हो । बीस मिनट बार दरवाजा बजा बजा के चली जाएगी । तमान दरवाजे की तरफ देखकर चलाया चली जाओ यहाँ से हम नहीं फिर चलाई । इस बार उसकी आवाज छूट गई । ऐसा लग रहा था जैसे मैं रो रही हूँ । ऐसा खोल दो । खोल तो ऐसी बोली बिल्कुल नहीं बैठ पर पीछे दिखते हुए दमन बोला हूँ । मैं उसे बिल्कुल मौका नहीं दे रहा हूँ । ऍम लाया अपनी चली जाओ । यहाँ से ऐसा मत करो । सामान ऐसी बोली क्यों नहीं करूँ? वो तमाशा बना रही है । उसका यहाँ कोई काम नहीं है । ऐसी आकर दमन के पास बैठ नहीं हूँ । वो खामोश बैठे रहे । ऍम चली गई हो गया । किसी ने पूछा दमन ने कंधे से खोलते हुए अनभिज्ञता जताई । ठीक तभी अपनी फिर चलाई । इस बाहर उसके जब उसके आंसुओं में विलीन हो गए हो खोलो तो फॅमिली धमन दरवाजा खोल तो अभी वो वहीं है । ऐसी बोली बिल्कुल नहीं तमन बोला । अपनी ने फिर से दरवाजा पीटना शुरू कर दिया । इस बार श्रेयसी बैठ से उठी और दरवाजे की तरफ गयी । दरवाजा मत खोला । तमन बोला किसी ने दरवाजा खोल दिया । आदमी वर्ष पर अपनी ही उल्टी से सनी पडी नहीं । उसने श्री इसी की तरफ उठाकर देखा और बोली ठीक है इसी उसे सहारा देकर अपार्टमेंट के अंदर तक लाये । धवन ने अपनी आंखें घुमाएंगे । बच्चों की वजह से मौसी खोल लिया और उन दोनों से दूर हट गया । श्री किसी ने अपनी को बेड पर बिठा दिया तो ठीक तो हो ही नहीं । पूछा हूँ उसकी थोडी पर अभी भी उल्टी लगी हुई थी । श्री सीन है दमन से नाक खेल देने को कम बडी मुश्किल से उसने ना इंडिया अपनी को नाके देते हुए श्रेयसी बोली फॅमिली क्या बोला देती हूँ तो मैं घर जाना चाहिए, हो सकती है यहाँ नहीं रुक सकती । मन भर बढाया आनी थी होगी । बीएससी ने पूछा अग्नि ने हाँ ऐसे फैला दिया । मैंने अपने माँ बाप को बताया है कि मैं आज बाहर ही रहूंगी नहीं । इस नशे की हालत भी घट नहीं जा सकती और उसने सुबह ना चालू कर दिया । होटल चली जाओ मैं वो कर देता हूँ । अपनी आईडी तो दमन बोल पडा । पीडित बाॅडी नहीं है मेरा पर हो गया है । अपनी रोते रोते बोली ऐसी उस की तरह पानी का गिलास बढाते हुए बोली नहीं मेरी तरफ से हूँ । उसने अपनी का ध्यान अपनी ओर करने के लिए उसके गाल को थपथपाया तो वहाँ समर हाउस में क्यों थी? आम लोगों का पीछा कर रही थी । और क्या ऍसे बोला देखो अपनी हमें इस बारे में बात कर चुके हैं और लगता था कि तुम समझ गई हूँ तो उन्हें अपना शर्मीला दिया था तो मैंने कहा था की अब तुम टेक्स्ट नहीं कर होगी लेकिन तो आपका कर रही हूँ । तुम है मुझ को छोड देना चाहिए । ऍम बिल्कुल रह सकती हूँ । धवन ने कहा और अपनी के बिल्कुल करीब आ गया तो मैं रहना होगा और कोई जा रही है ना । आप भी रोने लगी । दमन नसर अपनी आंखो मई और बोला तो ना किसी समस्या का हाल नहीं है । ऐसी मेरे साथ है । इसको स्वीकार कर लो और आगे बढो खबर मेरी चौक चली गई है । आपने तो मैंने खोला अच्छा थी अपनी भी किसी मांगने लगी । धवन ने अपने हाथों को उठाते हुए गांव तो मेरी इसमें क्या कर दिया? श्रेयसी ने धवन को शांत होने का इशारा किया लेकिन धमन बोलता गया तो मुझे बाहर हूँ । चाहोगी तो दूसरी जॉब मिल जाएगी लेकिन मैं तो मैं बादशाह हूँ । यह नहीं हो सकता ना तो खेल तमन के पास गए और उसका हाथ पकड लिया । धवन ने अपना हाथ बढा लिया । आंखों से आंसू बहते हुए अपनी बोली तुम साथ क्यों कर रहे हो? ऍम क्यों? वो तुम्हारे साथ जो भी हो रहा है तुम्हारा अपना क्या हुआ है? मुझ पर तोहमत लगाने की कोशिश मत करूँ । मेरा ध्यान और दया पाने के लिए तुम्हें जॉब छोड दी और इसका दोष मुझ पर लगा रही हूँ । दमन झट से बोला आपनी सुब रखते हुए बोली पहले छुपी क्या उसका यहीं से लाए तो उसे प्यार किया है । बहुत किया है तो ऐसे नहीं मानो दिया अब बहुत हो गया और तो के झगडे निपटाने के अलावा मुझे जीवन में और कोई काम करने नहीं । अभी तुम्हारे पेरेंट्स को फोन करता हूँ । धवन बोला और अपना फोन निकाल लिया । डायल ही करने वाला था की अपनी ने उसे पूंजी लिया । नहीं फोर मत करो वो लाइन अपनी ने उसे फोन छीनकर दूसरी तरफ फेंक दिया । फोन दीवार से टकराया और तोड दिया । ड्रमंड उग्र होकर अवनी को एक तरफ धक्का दिया और उसे मारने के लिए हाथ उठाया । अपनी अपने आप को बचाने के अलग हो गई । मंदिर भी समय रहते अपने आप को रोक लिया । अपनी और जोर से रोना चालू कर दिया । नीच कहेंगे बढाया है उस तरफ बढा जहाँ फोन पडा था । उसने फोन उठाया और ऐसी की तरह देखा । श्रेयसी इसे भेजो यहाँ है इसके लिए होटल और क्या वो कर दो । किसी ने अपनी को बैठकर बैठा हूँ होने की वजह से अपनी सहारा शरीर रहा था । आप नहीं इधर देखो भी हूँ अपनी होती जा रही थी । इसीलिए उसका चेहरा हथेलियों से खासकर पकड लिया । अपनी फॅमिली नहीं तरफ देखो होना बंद करो । मेरी बात सुनो, हम तो होटल छोडकर आ जाएंगे । फिर उसके बाद खबरदार जो तुमने दमन को फोन किया, समझ रहे हो ना अपनी ने से दिला दिया हूँ । ऐसी नहीं क्या और होटल बुक कर दिया । जबकि आप दमन के अपार्टमेंट के सामने पहुंची । किसी ने अपनी का सामान समेटा और उसे उठाने में मदद की । तुम आ रहे हो? किसी ने पूछा नहीं, मैं उसके लिए नहीं आ सकता हूँ । धवन ने जवाब दिया उसे छोड दी हुई । मैं आपसे घर चली जाऊंगी । कैसी बोली? उसने दमन को गले से लगाया और चूमा । दमन ने गौर किया कि अपनी अब और भी से आधार हो रही थी । देखिए उसने श्रेयसी से कहा जैसे ही ऐसी और अपनी दरवाजे की ओर बढे, डमर ने अपनी को आवाज नहीं और कहा आज के बाद फिर यहाँ दिखाई मत पडना नहीं हूँ । उन्होंने बच्चे की तरह से नहला दिया और श्री सी के पीछे पीछे सीढियों की तरफ चली गई । कार्य में बैठे ही ऐसी अवनी से बोल पडी, क्या था ये सब? क्या तमाशा किया तुमने? कुछ उसकी जरूरत है । व्यापक बताई नहीं, ऐसा कुछ नहीं है । मैंने तो मैं एक ऑप्शन दिया था । उसके बाद भी तो मैं उससे परेशान कर रही हूँ । क्या सोचा था तुमने? क्या हो जाएगा तो उसे दोस्त की तरह बात कर सकती थी तो हो एक वैशाखी तरह पीछे पड गई थी । ऐसा नहीं कर पाती । पाॅक्सो सोचा बहुत बहादुर हूँ । अग्नि ने कहा और सर रो पडी । अब बहुत देर हो चुकी है । अब तो मैं उसकी जिंदगी से निकल जाऊँ । उसे परेशान मत करो । उसे किताब लिखने में ध्यान लगाने दो । उसे अपनी सामान्य जिंदगी में लौटने दो कितने इसी से लेकिन क्या तो मैं पर बात कर दी और फिर बस बच्चा क्या आप नहीं चलाई । कमर कस के तैयार हो जाओ और अपने आपको बीजी करने के उपाय सोच हूँ अपने लिए जो ढूंढो ऐसी मेरी मदद करूँगा । कावनी बोली इसी हंस पडी हैं । मुझे तो हर कोई उधारी थोडी है । महीने जैसे प्यार किया तो शीर्षक से प्यार कर रही हो पर इसकी वजह से मैंने सब कुछ खो दिया । कुछ उससे प्यार नहीं करना था । आपने फिर होने लगी । मैं मानती हूँ जैसा व्यवहार आज उसने मुझसे क्या है । कुछ कहता था की मुझे प्यार करता है और मुझे इतनी देर तक खटखटाना पडा । उस से निकल जाने के आने का है तो बस थोडी देर से बात करना चाहती थी । भले ही वो प्यार नहीं करता लेकिन उसके पीछे उसकी आवाज सुन की हो । में बदल रही मैं कोई आरोप नहीं लगा रही हैं । अगर मैं तुम्हारे साथ ऐसा व्यवहार करता है तो तुम्हें कैसा लगता है । मैं मुझे प्यार करता है । मेरे साथ ऐसा नहीं करता हूँ । ऐसी बोली अपनी ने अपने आंसू पहुंचने । ऐसी ने नजर हटाकर ने कहा की खिडकी से बाहर देखने लगी । कुछ देर बाद अपनी बोली कभी उसने मुझे आई लव यू बोला था तो लेखा के ऐसा ही करता है । झूठ बोलता है । ऐसी नहीं कोई जवाब नहीं दिया । अपनी बता रही थी उसके बारे में मैंने जो भी सोचा था मैंने उसकी और तुम्हारी वजह से अपना सब कुछ खो दिया । पीली चाय गलती थी । मैं एक साधारण सी लडकी थी । इसमें प्यार करने की सुरत की । फिर ऐसा क्या गलत किया जो मुझे मिला था । छह सात उन दोनों ने मेरे साथ आज क्या? हाँ मैं इसी लाइट नहीं तो उन लोगों ने फिर ऍम दिया । खामोशी के साथ उसके गालों पर आंसू बह रहे थे । इसके बाद होटल पहुंचने तक अपनी कुछ भी नहीं बोली । जैसे ही कार से उतारकर में होटल की तरफ बढी । ऐसी ने आवाज लगाई । आपने अपनी मोडी और बोले सब अच्छे भी हुआ । आगे से मैं कोई संपर्क नहीं करेंगे । एक शर्ट पर मैं तुम्हारी मदद कर सकती हूँ । ऐसी बोली तो आगे से कभी दमन से बात नहीं करूँगी ।

Part 43

भारतीय धमनी झटके के साथ अपने दुस्वप्न से जाएगा । पूरी तरह से पसीना पसीना हो रहा था । आप रहा था और इसी का नाम लेकर चला रहा था । उसने देखा कि श्रेयसी सामने ही कुर्सी पर बैठे लाख बढ चुकी हुई थी । सपना बहुत बुरा ऍम है, जलकर बढते हुए देखा और इसके साथ ही मेरे हफ्ते भर की नींद गायब हो गई है । इस अपने बंद क्यों नहीं होते हैं? फिर तुम यहाँ कब आई? दामन ने अपनी सास नियंत्रित करते हुए कहा है तो मैं बहुत मिस कर रहा था । ऐसी नहीं लगता । बंद किया और उसके लिए पानी की बोतल लेकर आई हो । फॅमिली रहे थे थर्टी फोर फॅमिली चारा ही उसके बारे में सोच रही थी और जब पानी पी रहा था तो उसके बालों को सहला रही थी । दिन का यह ऐसा उसके लिए सबसे अच्छा होता है । ऑफिस के बाद उसके घर आना और उसे अपना इंतजार करते हुए पाना ज्यादातर शाम को है । जाते हुए उसका इंतजार करते हुए मिलता हूँ तो दौड कर उसे रिसीव करता हूँ । अपनी बाहों में भरता हूँ और से बताया था कि वह उसे कितना मिस कर रहा था । अधिकतर शाम खाना बाहर से ऑर्डर कर मंगवा लेता टी का कोई खास सो डिसाइड करता हूँ । यहाँ तक कि श्री इसी के लिए महंगी शराब पिलाकर रखता हूँ, जिसका भी कभी भी अपनी पसंदीदा किताबों के कुछ अंश उसको पढ घर सुनाता हूँ । शाम साथ में गुजारने के लिए मैं सारी योजनाएं निर्धारित करता हूँ । फिर हर बार के मिलने को एक खास अंदाज देता हूँ । ऐसा लगता मानो में अपनी पूरी रिलेशनशिप की सूची बना रहा हूँ और हर शाम जक्षय सी का अपने पति के पास जाने । उसकी पत्नी की भूमिका निभाने का समय आता तो धवन की आंखों में दर्द दराता । मेरा दामन भले ही लिखना भूल गया, लेकिन प्यार करना नहीं बोला । उसने अपनी रिलेशनशिप की कुछ ऐसी ही कल्पना की थी है और एक लडका दम है जो उसका दीवाना हो, जिसका जीवन उसी से शुरू होता हो और उसी पर खत्म होता हूँ और जिसे सिर्फ उसी की जरूरत हूँ । एक घंटा हो गया था, हो रहे थे इसलिए मैंने तो मैंने जलाया । तब तक मैंने अपने कुछ काम निपटा लिया । ऐसा कहते हुए उसने धमन के चेहरे पर अपने हाथ से बिहार भरा स्पर्श किया । मैंने देखा कि तुमने फिर लिखना शुरू कर दिया है तो मैं पढा गया । हाँ, मैं अपनी भावनाओं को छुपाते हुए बोली तो मैं पसंद आया होना साठ ठहर का रिश्ता ऐसी बोली मैं झूठ नहीं बोलना चाहती हूँ लेकिन मुझे लगता है कि तुम को चार बेहतर कर सकते हो । मतलब अच्छा है लेकिन बहुत अच्छा नहीं है तो इससे कहीं अच्छा कर सकते हो तो बेकार है हूँ मैंने ये तो नहीं ऍम क्यूँकि तुमने सीधे सीधे बोल दिया कमा फिर आके नहीं बोला । धवन ने कहा और निराशा से सिर्फ झटक दिया वो मुझे नहीं लगता कि मैं इसे ठीक करवाऊंगा । हर बार जब लिखने बैठा हूँ तो जयंती के शब्द दिमाग में तीन की तरह रखते हैं तो मैं और ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है । कितनी आसानी से हमको चीजों की आदि हो जाते हैं ना जैसे की उम्मीद की है । कोई मेरी किताब प्रकाशित करवा देगा । खराब सारी ही तुम जानते हो ना? हाँ जानता हूँ तो मैं ये करना था नहीं । ऐसा पहले बेसन चुका हूँ तो मेरी चाहे थी और मुझे ये जानना था की तो मुझे कितना प्यार करती हूँ और ये मुझे पता लग गया है । लेकिन फिर भी जितनी तो मेरी जिंदगी का हिस्सा हो । उतना ही लेखन मैंने जीवन का हिस्सा था । उसके बिना मैं नहीं रह सकता हूँ ना ना मन बोला लेकिन उसमे अब साइड के लिए तुम्हें जो लेख लिखा था उसे तीन हजार भी म्यूजिक सप्ताह में मिले । श्रेयसी ने दर्द दिया भी उसकी परवाह कौन करता है । मैंने व्यूज लिखना कभी पसंद ही नहीं किया । लाॅट कोई भी लिख सकता है पैसे के लिए । धवन ने देखा कि श्रेयसी के चेहरे कारण छोड रहा है । फॅमिली ये कहते हुए उसने श्रेयसी की गोद में ऐसे रख दिया । मैं नहीं चाहता था कि तुम्हें बुरा लगे । यह तो अपने आप को दोषी समझो । तुम मेरे लिए सब कुछ हो लेकिन मेरे ध्यान वहाँ चलाई जाता है । फिर कोशिश करूंगा कि अब उसके बारे में ना सोचूँ भी ठीक है । सब ठीक हो जाएगा । वहाँ धमन मुस्कुराकर बोला हूँ, बाहर चले हैं, पंजाबी बाग में नहीं पे शॉप खोली है । मुझे जल्दी कर पहुँचना है तो मैं घर कब नहीं जाना होता है । हर समय तमान अच्छा, अच्छा ठीक है । इस बारे में बात नहीं करूंगा तो अपने घर लाडले पति के पास जा सकती हूँ, नहीं करता रहूंगा । अपनी सडी सी किताब लिखता रहूंगा और मैं याद करता रहूंगा तो बहुत इसको हो । ऐसी मुस्कराते हुए होली वो होगी और लगता है बहुत समय तक बना रहूंगा । मैं तुम्हारे लिए कोई पब्लिक तलाशती हूं । ऍम बोला हूँ मैं देख चुकी हो ये अच्छी बात नहीं । धवन नहीं रखते हुए कहा मैं तो तुम्हारे साथ देखने का इंतजार कर रहा था । कोई बात नहीं । मैं दोबारा अधिक होंगी । फिर बोली और उसके गले लग गई । अगर तुम चाहते हो तो मैं पूरे छह सीजन हमारे साथ देख लूंगी । उन्होंने साढे सीजन साथ बैठकर देखें और जैसे ही वो खत्म हुआ है इसी के जाने का समय हो गया । उसने अपने लिए क्या बुला ली? जमानों से घर तक छोडने की जिद करने लगा हूँ । इंश्योरेंस के पैसे से तुम कार लेने वाले थे । ऐसी ने पूछा मुझे नहीं लगता कि मैं कभी कार चलाऊंगा । वो सपने अभी भी तो हर बार आती हैं । दमन ने हामी में चले ला दिया । हालांकि कोई बचाने वाला भी है । मैं अपने साथ तुम्हें बैठे हुए देखता हूँ । उसका अंदर बढाना आपना होता है तो हम मर जाती हो । मैं बच जाता हूँ । भटानी बार बार में ऐसा क्यों देखता हूँ । शायद इसीलिए तो मुझे होने से डरते हो । कुछ नर्वस होते हुए मैं बोली मैं तो मैं होने से डरता हूँ । सामान उसका हाथ थामते हुए बोला लेकिन जानती हो कुछ और भी नया है । सपने में भी क्या है तो मैं महीने तो में बताया था कि आॅन कैसे हुआ था । एक टैक्सी गलत साइट से आ रही थी था याद है तो कुछ नहीं, फालतू की बात है । चलो छोडो दमन बोला बताओ भी अरे कुछ नहीं धमन जोर देते हुए बोला दामन हमने यह तय किया था कि हम दोनों एक दूसरे से कुछ भी नहीं पाएंगे । खासकर उन सपनों के बारे में और उस दुर्घटना के बारे में तुम जानते हो ना कि इसका तुम पर क्या असर पडता है । मुझे बताओ कि तुमने क्या देखा ऐसी बोली ऍम उसके बारे में क्या पहले मैं बस उसे देख पा रहा था । फिर मैंने और गौर से झांका हूँ । गौर से अपने सपने में झांका सीने मुस्कुराते हुए पूछा तो मैं मेरी बात सुनी है या नहीं इसीलिए मैं तो मैं कुछ बता नहीं रहा था । शायद मुझे नहीं बताना चाहिए था । धमन बीच नहीं बोला श्रीहरि, मैं तो मजाक कर रही थी । कॅश गौर से देखा क्या देखा टैक्सी की पिछली सीट पर एक लडकी बैठी थी यहाँ यहाँ लडकी पहले तो मैं उसे नहीं दे पाया, बस नहीं है । देख पाया कि वे हैं वो ड्राइवर के कंधे पर हाथ रख घर शायद तीस चलाने के लिए कह रही थी । मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता, बस अंदाज लगा रहा हूँ क्योंकि ड्राइवर कुछ घबराया हुआ सा लग रहा था । धमन बोला लेकिन फिर धीरे धीरे चेहरा उभरा । गोरी सी लडकी जिसके बाल खुले हुए थे । पिछले कुछ दिनों से चेहरा भी ज्यादा स्पष्ट होता जा रहा है । फॅालो भी वो तो मुँह ऐसी ड्राइवर की पीछे तुम बैठी हुई हूँ । बोला और श्री इसी को देखने के लिए थोडा क्या क्या ऍर में नहीं हूँ अभी अभी तुमने कहा नहीं कि मैं उस दुर्घटना में मर गई थी । दामन जोर से हंस पडा लेकिन तुम भी तो बढ जाती है । बस स्ट्रक्चर पर बांधकर मुझे ले जाया जा रहा था । तब एक्शन तो मुझे हो जाता है । मैं तहस नहस टैक्सी में से एक लडकी को निकलते हुए देखता हूँ वो तुम हो ये तो सरासर बकवास है । ऍफ है इसीलिए तो मैं तो मैं बता नहीं रहा था । सही का ऐसी बहुत बधाई । डाॅक्टर की लगाकर देखा और आंखों में शरारती चमक के साथ पूछा हूँ । लेकिन क्या या जी बात नहीं होगी । अगर दो दोष ऐसी हो, कितना विचित्र होगा? नहीं एक श्रेयसी कर तुम्हारा पति रखता है पर एक ऐसी को मैं रखता हूँ, नहीं तो मैं किसी और के साथ नहीं होंगी । इन सपनों की अब कोई खास मायने नहीं हो सकता है । अगली बार सपने में तो वहीं कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे हुए देखो इंडोल ऊलजुलूल सपनों से बचने के लिए अपने दिमाग को व्यस्त रखना जरूरी हो गया । अब तो अपनी ने भी मुझे कॉल करना बंद कर दिया है तो ये तो समय समय है । तो बताए उसे बार अगले में वही जवाब मिल गई है जो मैं चाहती थी । अच्छा पा कई ऐसी बोली पहले तो मैं कहा था ना कि इन वायरल वीडियो पार महीने दो महीने से ज्यादा कोई ध्यान नहीं देता । सही कहा था फॅमिली उसके लिए मुझे खुशी है । अब लगता है मैं ही एक अकेला बेरोजगार हूँ और ऐसे ऊटपटांग सपने देखता रहता हूँ । बाहर बारिश शुरू हो चुकी थी तो ठीक कह रहे हो तुम्हें चाहिए की तो अपने आप को व्यस्त हो । ये फॅमिली सपने देखना बंद होने चाहिए । ऐसी बात बताई एक अच्छी सी किताब लिख ऍम हम देख लेंगे की हमें से कैसे छपवाना है । ठीक है तो उन्हें वह नींद की गोली और डॉक्टर ने लिखी थी । नहीं । तुम चाहती हूँ कि मैं वो नींद की गोलियाँ खाओ और उन सपनों से वंचित रह हूँ । तुम ने कहा ऐसी भी कुछ घबराए हुए अंदाज में मुस्कराती ।

Part 44

भाग्य वाले हैं । ऐसी धमन के अपार्टमेंट में जहाँ घंटे से उसका इंतजार कर रही थी कि तभी हुई लडखडाते हुए आ गया ही उसकी तरफ दौडी की तस्वीरें लडखडाकर वर्ष पर गिर पडा । उसकी आंखें छडी हुई थीं । अपने ही पेशाब और वन में सुना हुआ था तो मन किया हुआ है तो मैं ऐसी ने पूछा दमन कुछ स्पष्ट शब्दों में बढ बढाया । उसके होट कटे हुए थे जिसमें से खून टपक कर उसकी शर्ट पर गिर रहा था । उसकी उंगलियां रखनी थी और उसकी एक आंख के चारों तरफ कालापन था । मैं बेहोश हो गया था । ऐसी ने तुरंत ही मंगाई और उसे पास के एक नर्सिंग होम मिलने गई । उसके जख्मों की मरहमपट्टी की गई और बताया गया की उसकी नाक टूट गई है और इस बात की संभावना भी जताई की सिर में भी चोट आई है । किसी भी तरह की इस कोशिश में कामयाब नहीं हो पाई कि वह तमन से जान सके कि ये सब कैसे हुआ । अभी दमन की सर्जरी चल ही रही थी कि सुमित का टेक्स्ट आ गया जिसमें लिखा हुआ था आपने वॅार जरा लगाम लगाकर रखते हो । छह सीटें सुमित को फोन लगाकर पूछा हूँ कि सब क्या है क्या तुमने तो मैं कुछ बताया नहीं । मुझे बताओ क्या हुआ हमारे बारे में क्या हमारे बारे में मेरी और अपनी के बारे में मैं उसके साथ डेट कर रहा हूँ । दारू पीकर नशे की हालत में हमारे पास आया और धमकाने लगा । हमें किसी तरह का पंगा नहीं करना है तो मैं जो चाहिए था मिल गया । अब बस हमें अकेला छोड दो । तुम उसके साथ मारपीट की बाउंसरों ने की । हम लोगों की टेबल से जा ही नहीं रहा था तो वहाँ क्या कर रहा था यह तो मुझे पूछना । वो अपनी को वहां से खींचकर रेस्ट्रां के बाहर ले जाना चाहता था । उसने तो अपनी को अपनी जिंदगी से निकाल के बाहर कर दिया था । अब किसी के भी साथ मिले उससे क्या मतलब? मुझे अपनी को धमका रहा है कि वो वीडियो को रिलीज कर देगा । अगर उसने मुझे न छोडा तो उसने ऐसा कुछ नहीं किया । कुछ सेवक आएगा वो तो मैं शहर सी मैं तुम सारी कोशिश कर रहा हूँ । प्लीज हम लोगों की जिंदगी से दूर रहना मुझे अब कहीं जाना है । ये कह कर सुमित ने फोन कार्डिया अगले दिन टाॅस चार्ज कर दिया गया या वे लोग घर पहुंचे तो श्रेयसी ने दमन से पूछा कि उसे कल रात के बारे में कुछ याद है । मैं समय से बढ गया था । उसने मुझे तुम्हारे बारे में कुछ कहा तो मैंने उसे पीट दिया । स्थिति बेकाबू हो गई लेकिन सब ठीक है । तुम चिंता मत करना । धवन ने समझाया उसका फोन आया था मेरे पास । उस ने मुझे बताया कि तुमने उसे अपनी के कारण लडाई की है । मैं उसे लेकर क्यों लडूंगा? किसी से नजरें चुराते हुए दमन बोला, छूट बोल रहे, सच्चाई बताओ दमन क्या तुमने मुझे अपनी ऍम और अपने दोस्तों के बीच शर्मिन्दा नहीं किया है? धमने अपनी नजरें फेर ली और उपहास करते हुए बोला, सुबह उसके साथ डेटिंग कर रहा है । वह लोग किसी के साथ भी डेट करते पर वो तो आपस में ही डेट कर रहे हैं । मुझे दिख रहा है कि वह क्या कर रहे हैं । वो हमारी उपलब्धि, कम मजा खराब करना चाहते हैं तो ये हमें एशिया और गोद पैदा करना चाहते हैं । कारगार भी हो रहे हैं तो मैं एशिया और गुस्सा साफ दिख रहे । जैसी बोली मुझे गुस्सा इस बात का है कि वह दोनों हमारे दोस्त हैं । इसके बाद भी एक दूसरे से प्रेम मिला । मुझे अब घर चलना चाहिए । कल पूरी रात में नर्सिंग होम थी । ऐसी बोली और उठ खडी हुई । जैसे ही वो जाने की हुई धवन ने उसका का कर लिया । क्या मुझे माफ कर दो, प्लीज मत जाओ । धवन ही आया और उससे निपट गया । इससे पहले कि ऐसी कुछ समझ पार्टी उसकी बाहों मैं सुबह ने लगा मुझे तुम्हारी बहुत जरूरत है । मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ । तुम्हारे बिना में बहुत अकेला हो जाता हूँ । ऐसी ने दमन को बैठ पर बिठाया और शांत किया । उसने उसका चेहरा हाथों में लेकर चूम लिया और कहा कि यह धीरे उसे अब भी प्यार करता है तो सब ठीक है । तमन्ने वादा किया कि अब उन दोनों को कभी टैक्स नहीं करेगा । जब श्रेयसी ने बहुत जोर डाला, टाउस नहीं वादा किया कि वह अपनी शराब काम करने की कोशिश करेगा । मैं कुछ ज्यादा ही पी रहा था और सोने के लिए नींद की गोलियों पर उसकी निर्भरता बढती जा रही थी । उन सपनों से दूर रहने की उन दोनों को ही कुछ ज्यादा कीमत चुकानी पड रही थी । कई दिनों से उसने अपनी किताब के लिए एक शब्द भी नहीं लिखा था, लिखने के लिए है । जिन पत्रिका हूँ के ईमेल आ रहे थे । यहाँ तक कि दमन ने मेरे तक चेक नहीं थे । बिना नहाये और बिना ढाडी बनाये दिनभर बिस्तर में पडा रहता है । टीवी सीरियल देखता जैसी को मैसेज करता की उसे बहुत मिस कर रहा है और उसके आने का इंतजार कर रहा है । उनकी शाम के मुलाकातें कम हो गई । वो बस बैठे रहे थे और दमन हतोत्साहित । फाॅग्सी के इर्द गिर्द चक्कर घाट था और फिर कुछ समय बाद ऐसी के जाने का समय हो जाता हूँ । कभी कभी तो वह पैजामा पहने हुए ही लंच टाइम में ऐसी के ऑफिस पहुंच जाता और बीस मिनट की मुलाकात के लिए रिसेप्शन पर घंटो उसके काम खत्म होने का इंतजार करता हूँ । किसी को उसके बारे में बहुत बुरा लगता हूँ । मेरे ख्याल से तो मैं लिखना चाहिए । ऐसी ने उसकी हौसलाआफजाई करते हुए कहा लेकिन दमन ने उसकी बातों को ऐसे उडा दिया मानो पिछले घाट ही ना हो । मैं अभी और किसी बात के बारे में नहीं सोच रहा हूँ । मैं अभी अगले साल कैट की परीक्षा देने के बारे में सोच रहा हूँ और तुम्हारी तरह ही एक अच्छी नौकरी पाने की सोच रहा हूँ । फिलहाल तो मेरे पास हो इसीलिए लिखने की क्या जरूरत । उसने श्रेयसी को आलिंगन में लेना चाहती हूँ । लेकिन श्रेयसी ने अपने आप को छुडा लिया तो उसने कहा कि लेट को यही नहीं होगी । मैं तुम्हारे प्यार में पड गया और मैंने उसी के बारे में लिखा है । उसमें किसी की दिल्ली की जरूरत नहीं है । उसने बात मजाक में उडा दी । अब इसके बाद ये मत कहना आप मैं तुमसे तब तक नहीं मिलेंगी जब तक तुम कुछ नए अध्याय नहीं निकले थे । लगभग निकालते हुए कैसी बोली नए अध्याय लिख हूँ कैसे सब हो जाएगा था मन थोडा धीरे सबको किताब लिख हो । जब अगली बार में नहीं लो तो कुछ नया लिखा हुआ हूँ । लेकिन सामान इस बात पर हमें और बहस नहीं करनी । अगर तुम लेखक नहीं होते तो क्या होते हैं । मैंने सोचा था कि मैंने प्यार प्रयास भी अपना वह पूरा भी नहीं कर पाया था कि श्रेयसी अपार्टमेंट छोड कर चली गई ।

Part 45

भाग ऍम अगले दो हफ्तों टाॅफी को मिलने आने के लिए मनाता रहा हूँ । लेकिन ऐसी नहीं मानी ऍफ इस बहुत ज्यादा और देर शाम तक वहीं कटा रहता । ॅ ऐसी को बुलाने के लिए कहता । दो दिन ऐसी के ऑफिस के बाहर गुजारने के बाद सिक्योरिटी ने उसे ऑफिस बिल्डिंग के बाहर ही रोक दिया । उस ने फिर भी हार नहीं मानी । मुझे एक बार तो बात करने दो, उसने मेहनत की । जब तक मैं कुछ नए अध्याय नहीं पढ लेती तब तक नहीं सीने जवाब दिया । उसके साथ इस तरह का बर्ताव करने से ऐसी को बहुत तकलीफ हो रही थी । लेकिन कोई चारा भी तो नहीं था । ये अजीब कशमकश में था । दमन उसकी मुट्ठी में था लेकिन ये वो तो मन नहीं था जैसे उसने प्यार किया था । वे हमेशा एक ऐसा उत्साही लडका था जो नहीं नहीं कहानियाँ सुना था और असफल होने पर फिर प्रयास करता हूँ । फिर से वही बनना चाहता हूँ । लेकिन कहना आसान था करना कठिन सिक्योरिटी को मना करने के बाद बिल्डिंग के बाहर बैठकर इंतजार करता और ऑफिस छूटने के समय ऑफिस बिल्डिंग से बाहर निकलने वाली सभी टैक्सियों में झांकर देखता वेश वैसी की क्या आपके पीछे भागता ऐसी रोती रोती जा नहीं, लेकिन ड्राइवर से क्या रोकने के लिए मना कर दिया । ऐसी ओसे घुटनों पर हाथ रखे खाते हुए, चलाते हुए मिल नहीं करते हुए देखती है । उसे टेक्स्ट करती की तब लिखो । मैं नहीं लिख सकता । मुझे तुमसे मिलना है । आई लव यू भी उसे वापस टैक्स करता । अगले दो दिन धवन ने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया और टाइपिंग करता रहा हूँ । लेकिन तीसरे दिन श्रेयसी के घर पहुंच गया । उसने गार्ड रूम के इंटरकॉम से फोन लगाया । ऍम मिनट के लिए मुझे आकर मिलो । मिलना जरूरी है । वादा करता हूँ कि चला जाऊंगा । पहले भी रहा हूँ, मेरा विश्वास करो जैसी नहीं होता । खिडकी से देखा जहाँ भी तो उसे घर पर भी बुला सकती थी । लेकिन यदि एकबार बुला लिया तो आए दिन आया करेगा । मेरे पति घर पर हैं तो बोली तो नीचे आ जाओ एक मिनट के लिए हम लोग अभी डिनर कर रहे हैं । इंतजार कर लूंगा । ऍम घट चले जाओ तो बिहार नहीं आ सकते हैं समझे लेकिन खर्चा हो मैं नहीं जा सकता हूँ । अपनी किताब लिखो, दमन उस नहीं कॉल काटी । फिर उसने गार्ड को निर्देश दिया कि उसे अंदर न आने दें । ऐसी ने देखा कि बाकी पूरी रात दमन गार्ड रूम के इर्द गिर्द चक्कर काटता रहा और उसकी खिडकी की तरफ देखता रहा । सुबह होने के पहले फट बात पर ही हो गया । सुबह हुई तो ऐसी ने देखा मैं अपने फोन कोटाडोल रहा था । जवाब दे हो चुका था टगार्ड से गिराया की । एक बार विश्व ऐसी को बुलाते, लेकिन उसने मना कर दिया । तब दमान ने एक बार तो क्या और घर चला गया तो मार कितनी जिंदगियां बर्बाद कर होगी । खिडकी पर खडी हुई । ऐसी से उसके पति ने पूछा हूँ । मैंने तुमसे कुछ कहा बोलने को रात भर यही मंडरा रहा था । उसे कुछ अच्छा करना है । उसे मेरे बारे में लिखना है । जब तक वो नहीं लिख ले था, मैं उसे बर्बाद नहीं होने दूंगी । नाश्ता तैयार है । धवन ने पूरे दिन उसे कोई टैक्स नहीं किया । शाम को श्रेयसी दमन के बारे में जानने के लिए चली गई । गार्ड ने बताया कि वैद्यन भारत से बिल्डिंग से नहीं निकला है । शायद लिख रहा होगा । ऐसी ने सोचा वार्मस कराई । अगले हफ्ते दमन अपनी बिल्डिंग में ही रहा । किताब लिखता रहा और श्रेयसी को अजीब अजीब मैसेज करता रहा हूँ । वैसे भीक्षा मानता रहा कि वहाँ उससे फोन करेगा और बताया कि उससे प्यार करती है । खुश ऐसी ने कोई ध्यान नहीं दिया । उसे इंतजार करने तो ऐसी नहीं सोचता हूँ । एक हफ्ते बाद उसने कुछ अध्याय लिखकर तैयार कर ली है और श्रेयसी को पढने के लिए घर बुलाया तो मैं ठीक लगे । धवन ने पूछा ऐसी उसे खाली नजरों से देख रही थी तो ये ये ये तो कुछ अलग हैं । मैं शिखर ले जाउंगी, दोबारा पढ होंगे । फिर मैं बताउंगी तमन मुस्कराया । ॅ ऐसी बोली तो अब हम बाहर चले मैंने और इसमें एक टेबल बुक करवाई है । तुम घर जाकर यदि चेंज करना चाहो तो करके आ सकती हो । वैसे तो बिल्कुल ठीक लग रही हूँ तो मुझे ऐसे क्यों देख रही हूँ । तुम कहो तो खाना ही मंगवा लेते हैं । दमन नहीं पूछा मुझे घर जाना है । मुझे कुछ काम है और मेरा पति भी इंतजार कर रहा होगा । लेकिन तो मैंने तो मुझसे कहा था मुझे जाना है तो लाखों रियो श्रेयसी ने अपने आप को शांत कर लिया । मुझे बस कुछ समय का िकांड चाहिए । क्या मैंने कुछ किया है? नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है । वो ऍम उसने समझाया । मैं जल्दबाजी में दमन के अपार्टमेंट से निकल गई । धवन शाम को वाइन की बॉटल जो लाया था, उसे खोल तक नहीं पाया । पास की एक बुक शॉप में गए और कथा साहित्य के सेक्शन में जाकर अंधाधुंध तरीके से किताबें पलटते रहेगी । मैंने ही शब्द नहीं पढे हैं ये दमन के शब्द नहीं उसने खोजबीन में एक घंटा बिता दिया और अपना पूरा दिमाग याद करने में खपा दिया कि उसने ये शब्द कहां पडे हैं । मिल गया तीन अध्याय जो दमन ने लिखे हैं । आश्चर्यजनक रूप से कार्तिक एयर की किताब से मेल खाते हैं जो उसने सालों पहले लिखी थी । उसे पढकर निराश और गुस्से से भरी हुई । श्रेयसी ने जमीन पर पैर पटके ऍम के अपार्टमेंट में पहुंची और कार्तिक की किताब उसके ऊपर मारते हुए बोली कि वह दो कौडी का साहित्य चोर हैं । मैंने तो उसे ये उपेक्षा कभी नहीं की थी । कॅश ऐसी चीज पडी । दमन ने अपने लेखन का बचाव करना चाहा लेकिन श्रेयसी के गुस्से के आगे बेबस साबित हुआ । तब तक चलाती और गुजराती रही । जब तक दमन ने मान नहीं लिया कि उसने कार्तिक कि नकल किए हैं । आखिर क्यों कि ऐसा तो मैं हारी प्रेम कहानी लिखनी थी हमारी उसकी नहीं । हमारी धवन हमारी धमन शर्मिंदा होकर इधर उधर देखने लगा । बोलो कुछ तो बताओ नहीं आॅफर बात कर दूंगी । दमन के चेहरे पर उदास मुस्कराहट फैल गई । मैं आंखों में आंसू भरे श्रेयसी की तरफ देखने लगा की आवाज चाहे बर्बाद करने को जयंती रघुनाथ ना तो मेरी किताब प्रकाशित करेगी और ना होने देगी । मैंने तो बस इसलिए लिखा था क्योंकि मैं तुम से मिलना चाहता था । ऐसी में कोई दया भाव नहीं आया । बस गुस्सा फूट रहा था । फिर लिखने का क्या हो गया? मैं लिखना नहीं किया था । मैं तो बाॅधना बंद करो । दमन मैंने इसके लिए तुमसे प्यार नहीं किया था । है बुराई उसने टेबल पर रखी फाइन की बोतल उठाई और उसे फीट थी । एन वक्त पर दमन ने अपने आपको झुककर बचा लिया । बोतल सामने की, दीवार से टकराई और टूट कर बिखर गई । ऐसी आंधी की तरह वहाँ से निकल गई । घर पहुंचकर उसने हर्ट बात लिया और तब तक नाती रही जब तक उसकी खाल में सिलवटे नहीं पढ नहीं । धमन के टेक्स्ट पढकर दिन से रो पडी है । लडकियों मुझे अब लिखने की क्या जरूरत है? फॅमिली यू मैं अपना सीवी तैयार करके इंजीनियर नौकरी के लिए आवेदन करूंगा । मुझे लगता है कि अभी कुछ देर नहीं हुई है । सीनियर उसके सारे टैक्स बता दिया । मैंने उसकी लिखने की इच्छा को ही मार दिया । मैं बातों से निकली और तौलिये से अपना शरीर सिखाया । उसने अपने फोन पर जयंती का नंबर निकाला, लेकिन उससे बात करने का कोई मतलब नहीं था । सिवाय लेखकों की आलोचना सुनने का । उसे किसी और प्रकाशक को तलाशना पडेगा । उस राजनीति तो नहीं पाएंगे । व्यवस्था यही सोच रही थी कि कहीं दमन का दिमाग फिर से खराब ना हो जाए । अगले कुछ दिनों तक बाहर बाहर यही सपना देखती रही कि दमन चैन से बना हुआ साइकैट्रिक्स के पास है । दीवार क्या हो रहा है और उसका नाम लेकर चला रहा है, वो हो, उसे कितना प्यार करता है ।

Part 46

भारतीय आ रहे हैं । मुंबई के साहित्य महोत्सव का ये दूसरा बढता हूँ और इस की स्थिति लडखडा रही थी । ढाई की कमी के चलते संगठन पैसे एकत्रित करने के लिए कुछ और राष्ट्रीय तलाश रहा था । उनमें से एक तरीका था लेखकों के साथ डिनर करने के लिए टिकट लगाना और इच्छुक पाठकों से धन वसूला । उन्होंने इसकी दर तीन हजार रुपए प्रति पाठक रखी थी । लेकिन श्रेयसी के लिए इसमें कोई परेशानी नहीं थी । उस हफ्ते की शुरूआत में श्रेयसी ने दमन को साहित्य उत्सव में चलने, वहाँ लोगों से मिलने और प्रकाशक को तलाशने पहले काफी मनाया था । लेकिन उसने उसकी बात को उसी में उडा दिया था । वो लोग मेरा मजाक उडाएंगे । उसने कहा था उसकी सारी मिन्नतें अनसुनी कर दी गईं । और तो और दमन ने उसे नीमराणा घूमने की सलाह दे डाली हूँ । किसी को इतनी जोर का गुस्सा आया कि वह उसके मुंह पर मारे बिना रह नहीं सकी । स्थितियां बदसे बदतर हो गई । वैसी के लिए लिखने की कोशिश में उसे साहित्यिक चोरी करते हुए पकडा दिया गया था जिससे मैं हंसी का पात्र बन चुका था । दमन चर्चा आलसी और निष्क्रिय हो चुका था । बगल बन की ओर बढ रहे कि उसकी प्रक्रिया इतनी ठंडी और धीमी थी कि श्री ऐसी पहली बार में इसे समझ नहीं पाई । नया तो उसके पति को लेकर झगडता या उसे पकडकर होने लगता । उसकी श्रेयसी की अनुपस्थिति को लेकर ठीक आए थे । लगातार बढती जा रही थी उस की इस शिकायत को दूर करने के लिए श्री इसी को दमन के अपार्टमेंट में दो बार आना पडा था । हफ्ते भर में दो बार अपना लाख टॉक तोड चुका था । नहीं लाख नवम्बर में ज्यादा अच्छा ले पाऊंगा, उस नहीं कहा था । ऐसी ने जो नया ला टकला कर दिया उसका भी यही हाल हुआ था । एक दोषी कुत्ते की तरह है । उसके पैरों पर गिर गिरकर गिर करा रहा था । दमन जितना ज्यादा के जाऊ हो रहा था, इसी का अपराधबोध उतना ही अधिक गहराता जा रहा था । उस कुछ ठीक करना ही था । डिनर बस एक ढोंग एक दिखावा था । सारे पाठक, जिन्होंने एक अच्छी रकम अदा की थी, एक कोने में झंड बनाए हुए खडे थे और लेखक लांच में एक दूसरे से मिल रहे थे । हर थोडी देर में कोई एक पाठक बडी हिम्मत करके अपने किसी चहेते लेखक से कुछ मिनट बात करता हूँ और एक किताब पर उसके हस्ताक्षर ले लेता हूँ । मैं लेखक भी बडे अनमनी और उदासीन भाव से उनके सवालों के जवाब देते हैं और फिर लेखकों के समूह ने चले जाते हैं । उन्हीं लेखकों में से एक था कार्तिक भले ही उतना प्रखर ना हो लेकिन था सबसे सुदर्शन । यहाँ तक कि उसने जो झाडी शाम रखी थी वह भी उसकी खूब सूरत में चार चांद लगा रही थी । बगल में ही उसकी वहाँ के घेरे में उसकी सुंदरसी कल फिफ्टी बढने का ऐसी एक सही मौके की तलाश में थी । ऐसी उस समय का इंतजार कर रही थी जब वर्णिका मुफ्त में परोसी जा रही शराब गले से उतार लें । ये वर्णिका ॅ टकराई है ऐसी बोली खाये भरने का । अपने सुन्दर सफेद दातों का प्रदर्शन करते हुए बोली धावत शानदार है ना था आप नहीं करता है । नहीं नहीं मैं यहाँ पर अपने मंगेतर के साथ आई हूँ । वो लेखक है अपनी चमक दी हुई अंगूठी की तरफ इशारा करते हुए बढने का गोली भरे तो बहुत ही खूबसूरत एॅफ ओ बाहर निकले थोडा शर्माते हुए कार्तिक की तरफ इशारा किया ऍम दोनों की जोडी बहुत सही है । खुश होते हुए ऐसी बोली मैं शेरसी मैं भरने का मैं तो मैं उनसे ज्यादा देर के लिए अलग नहीं रखूंगी । मिलकर अच्छा लगा । मेरी तरफ से उन्हें बहुत ऐसा माना । ऐसी बोली किसी ने अपना प्लेट में खाना लिया । शराब का गिलास दिया और खाली जगह तलाशने के लिए मेजों के आसपास चक्कर काटने लगी । ऐसी ने अपनी प्लेट में खाना लिया । शराब का गिलास लिया और खाली जगह तलाशने के लिए मेजों के आसपास चक्कर काटने लगी । तभी वर्णिका ने उसे आठ लगाई हमारे पास आ जाओ । मैं बोली ऐसी ने मना करने के लिए ऐसे में हाथ लहराया । लेकिन उसने काफी जित की तो श्रेयसी उनकी मेज के पास अपनी कुर्सी ले गई । ये श्री सी है । वर्णिका ने परिचय कराया । हाई कार्तिक मैं हाथ में जाता लेकिन कार्तिक बोला ऐसी नहीं बदले में मुस्कुरा दिया आपकी कल फिर ने बताया की आप लेखक है मैंने भी कुछ किताबें लिख ली है । मैं भी इस फील्ड में नया हूँ । एक शरारती मुस्कान के साथ मैं बोला भरने का जोर से हंसी और एक छोटे में बोली बहुत लोकप्रिय लेखा चाहिए । गूगल करो तो पता चलेगा अपने बचाव में मैं ये कहूँगी कि भारतीय लेखकों को उतना नहीं पडती में सारी ऐसी बोली कार्तिक की भावनाएँ में बाल पड गए । शायद उसे अच्छा नहीं लगा । इस बात को गौर करते हुए श्रेयसी वाली । लेकिन अभी हाल ही में मैंने एक रोमांटिक नॉवेल पढा था । किसी धन राय का मन किया कि आपने आखिर रोज के फेंक दूँ, भरने का मुस्कराए, तुम्हारा दोस्त नहीं ऐसी बोली एक बनावटी मुस्कान के साथ कार्तिक बोला हूँ मेरा दोस्त नहीं है लेकिन उसे जानता हूँ मैं भरने का बीच में ही बोल उठी । ये एक मजेदार बात बताती होता है । कार्तिक को लगता है कि वो एक अच्छा लेकर है उससे भी अच्छा लेकिन मैं उसे हमेशा यही कहती हूँ । बिल्कुल बकवास लिखता है । उसने कार्ड भी की तरफ देखते हुए कहा हम इसे किताब देते हैं । इससे जानते हैं कि कौन बेहतर है । हमें ये सब करने की जरूरत नहीं है । अगर तुम्हारा ड्रिंक खत्म हो गया है । मैं बोला और ड्रिंक मांगने के लिए वेटर को हाथ मिलाकर इशारा कर दिया । कुछ देर बाद वर्निका ऍम जाने के लिए उठी और लौटते समय का आर्थिक की किताब की एक प्रति लेते हुए लौटी । उसने कार्तिक से उस पर हस्ताक्षर करवाए और जैसी को किताब दे दी ऍम क्यूँ वैसे मैं तो खरीद ली थी इसको एक तोफा मान लो जापान होता बताना कि कौन बेहतर है । काटते क्या दमन हमें ये करने की जरूरत नहीं है । कुछ विरोध करते हुए कार्तिक बोला उसे लगता है कि मैं उसकी प्रेमिका होने के कारण उसे ही बेहतर लेखक मानती हूँ । इसलिए तुम्हारा सेकंड ओपीनियन जरूरी है भरने का बोली और जब से इसके संपादक नहीं है बताया ना कि ये दवा नाम का व्यक्ति काफी अच्छा है । तब से ऐसे लगता है कि आप इसका समय खत्म हो गया । मुझे अब अपने कमरे में जाना चाहिए । बढकर तुम लोगों को बताउंगी । हाँ, किताब लहराते हुए श्रेयसी बोली अरे तुम यह क्योंकि हो कार्तिक ने सवाल किया तीन सौ आठ तो लोग क्योंकि वो तीन सौ चार में आर्थिक नहीं खानी भरते हुए कहा अगर आज मैं इस किताब को पढ लेती हो तो मैसेज कर दूंगी करने का होटल मत भरी, मुस्कान से दे रहे हो गए हम लोग इंतजार करेंगे कमरे में वापस आकाश ऐसी तीन घंटे रोगी । वे हर आधे घंटे में कॉरीडोर में बाहर निकल कर ही है । देख रही थी कि रूम नंबर तीन सौ चार की मध्यम भुजिया नहीं । रात के एक बजे के तुरंत बाद उसने नंबर तीन सौ चार के लैंड लाइन पर एक वो इसमें डाल दिया । मैंने किताब पढ ली हैं लेकिन इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकती । उसके चेहरे पर उस समय एक लंबी मुस्कान डर गई जब उसने देखा कि कार्तिक आई आई उसके कमरे के दरवाजे की घंटी दबाने ये वाला है । असुरक्षा की भावना और धैर्य चिंताओं से श्री सी के दरवाजे तक ले आई थी हूँ । ऐसी नहीं एक लंबी सी टी शर्ट पहनी हुई थी जो बहुत मुश्किल उसके नितम्बों तक पहुंच रही थी । उस ने टीशर्ट के नीचे कोई बयान ही पहन रखी थी । का रिकवर अपनी छडी के सहारे उसके दरवाजे की ओर बढते देखकर आश्चर्य से भर गईं । उसने अपने कमरे में उसका स्वागत किया और जानबूझ कर इस आधार है उसके सामने चली ताकि वह से अच्छी तरह से निहार सकें । उसने कार्तिक से कॉफी के लिए पूछा पर उसने इंकार कर दिया तो तुम्हे व्यवस्था कैसी लगी? मैंने कभी नहीं सोचा था कि तुम आधी रात को मेरे कमरे में ये पूछने के लिए आओगे । मुझे नहीं नहीं आ रही थी मेरी फॅमिली महत्वपूर्ण में हैं । ऐसी बोली तो उन्हें हम दोनों की किताबें बढी हैं । इसलिए तुम्हारी रायमा हुए हैं तो किसी और से अपनी तुलना क्यों करना? दो किताबें एक साथ भी बाजार में रह सकती है । देश अगर किताबों की सोची है नहीं बताती हूँ कि कौन सी किताब बेहतर है तो वही है । बताती है कि कौन सी किताब ज्यादा बिक रही है और ये दोनों ही अलग बातें हैं । बताओ मुझे तुम क्या सोचती हो? दमन औसत लेखक है पर वो तो उसे बेहतर है ऐसा क्या? कार्तिक ने बडी विनम्रता के साथ कहा परिषद किसी को उसकी आवाज में रोज साफ नजर आ गया था । मैं उसके मन में उठ रहे विचारों को बढ पा रही थी । इसकी हिम्मत कैसे हुई है कहने की ये जानती की आए । मुझे नहीं लगता कि भारतीय लेखक को ना बढकर मैंने कोई भूल की है । उसने कहा, साथ ही उसने यथा सम्भव शांत बने रहने की कोशिश की क्योंकि वो अच्छे से जानती थी कि गैर कार्तिक को जितना भडकाएगी उतना किसी आम पुरुष की तरह से हैरान और उस पर अधिपत्य जमाने की कोशिश करेगा । देश की आंखों में क्रोध को पढ पा रही थी । हो गया मुझे तुम्हारी कहानी थोडी सी घटिया लगी क्या टेंशन की हो ऍम बैठक पर सारा दोष मढकर अपनी कोशिश साबित करूँ । अब उसके उद्वेलित होने का समय था । उसने अपनी नजरें कॉफी के मत पढ जमा नहीं और फिर उठाई के आर के मामले में मैं टंकी हूँ क्यूँ यहाँ तुम्हारा दिल भी टूटा है । मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती हूँ । मुझे लगता है कि तुम्हारी किताब उन लोगों के लिए हैं । यह बिहार में यकीन करते हैं जैसे दोनों और तुम्हारी गर्लफ्रेंड भरने का मेरे लिए किसी काम की नहीं । हो सकता है कि इस दुनिया मेरे काम आए फिर आज नहीं । इन शब्दों से कार्तिक और राहत मिली । अगर श्रेयसी को उसकी किताब पसंद नहीं आई तो ये उस की नहीं बल्कि श्रेयसी की गलती थी । तो या तो मैं भी कोई चाहनेवाला मिल जाएगा तो मैं तुम्हें एक और के दाम दे दूंगा । कहते हुए उसके चेहरे पर एक मुस्कुराहट देर गई । सभी सच्चर लोगों का स्वागत है है तुम्हारा भी कार दिखने थोडा नर्वस महसूस करते हुए आप है मैं नहीं हूँ । बिस्तर से उठी और अपने लिए कॉफी तैयार की । उसने महसूस की । आगे कार्ति की नजरें उस पर ही टिकी थीं । भर उसके बाद जानबूझकर बिस्तर की ओर लौटी । तुम जानते हो कि दिल्ली के पुरुष कैसे होते हैं । मैं दिल्ली से हूँ । वही डाॅट दिल्ली से हूँ और इसीलिए तो दूसरे लेखकों के साथ गलाकाट प्रतिस्पर्धा में हो कि किसका लिंग ज्यादा लंबा है । कार्तिक एकदम से शर्मा जाता है । ऐसी जब करते हुए बोली ही बच्चे लगता है की मुझे अभी भी चढी हुई है । मैं अपने शब्द वापस लेती हूँ । मैं इस मामले में आगे रहूंगा । उस ने कहा और आगे मटकाई हाँ किसी अन्य दिल्ली वाले लडके की तरह कहते हुए मैं खाती है तो मैं पीनी चाहिए । सहमती में अपनी गर्दन हिलाती है । कार्तिक अपनी कुर्सी से उठकर उसके लिए बहुत ले आता है । न सिस्टर की ओर बढता है और बोतल देने के लिए हाथ बढाता है । ऐसी उसके हाथ से बोलता ले लेती है और अपना इस तरह से लहराती है कि गांधी के लिंग उस वर्ष करें । आर्थिक पीछे की ओर हटता है और उसके चेहरे की ओर देखता हूँ । ऐसे हसते हुए पलती है सर अपने आप को देखो शर्म आ रहे हो । घाटी को समझ नहीं आया कि वह क्या कहे तो मैं पीछे छोडने के लिए दमन का और बडा होना चाहिए । कहते हुए उसने अपनी फोटो पर हाथ रखा । मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए । आर्थिक का दिमाग हो गया । उसके लिंग और अभिमान दोनों में हलचल हुई । मैंने तुमसे कहा ना उसे देखो कहते हुए उसने कार्ति के उत्तेजित हो रहे लिंक की और इशारा किया । इसीलिए मैं कह रही हूँ, ऍम कहते हुए हैं खेल खिलाती है । फॅस होते हुए मस्कर आता है ही नहीं नहीं मैं नहीं । मैंने सोचा था कि लेखक ऍम तो मुझे आज कर रहे हो । मैं झूठ नहीं बोल रहा हूँ । ठीक नहीं चाहते हो जाएगा । नहीं नहीं, ऐसा नहीं है । मैं लगा सकती हूँ मैं नहीं आओ शर्त लगाते हैं । दिखाओ मुझे क्या वहाँ दिखाओ मुझे । अगर मैं शर्त हार गया तो ऐसी बिस्तर से उठी और उसके नजदीक जाकर बोली शर्ते हम बाद में तय कर लेंगे । कार्तिक मुस्कराता है । कमरे के कोने में रखे फोन पर सारी बातचीत रिकॉर्ड हो रही थी ।

Part 47

भाग साॅस ऐसी तीन घंटे से उसकी राह देख रही थी और सोच रही थी उससे कि किन शब्दों में बात करेगी । धवन ने अपने अपार्टमेंट में दाखिल होते हुए श्रेयसी की तरफ बढ कारों से चुम लिया हो । इसमें कुछ करता हूँ । उसने श्रेयसी से दीपिका पादुकोण की नई फिल्म देखने के बारे में पूछा । उसने अपने जूते उतारे और एक कोने में फेंक दिया । वो अपनी स्टडी टेबल पर बैठा और अपनी मेल्स चेक करने में लगा था तो मैंने देखा मैंने तीन चार्टर्स ले गए । मैं फिर से लिखने की गति पकड रहा हूँ । लगता है सारी चीजें वापस अपनी जगह बना रही हैं । श्रेयसी की तरह घुमाते हुए दमन बोला तो कहाँ थे? ऐसी ने पूछा बॅाल क्यूँ? किसके साथ अपनी उसने जवाब दिया तो मैं इस बात को छिपाने की कोशिश भी नहीं कर रहे । धवन ने अपनी शर्ट उतारी और अपना पसीना पोछा हूँ । अलमारी से एक धुली टी शर्ट ढूँढा लगा और एक घिसीपिटी ग्रे कलर की टीशर्ट पहले क्यों करुँ? छुपाने की कोशिश हम बस मिले और बैठ कर कुछ देर बात करी ऐसी बदला नहीं कुछ हम तो पहले यही इसी कुर्सी पर बैठे हुए तुम चलाओ लाकर उसे ये कह रहे थे ना कि चले जाओ और वह दरवाजे की तरफ खडी होकर रोड होकर तुम्हारा नाम ले रही थी । उसके बाद तो उस समय से बातें मुझे बाउंसरों ने मारा था । सुमित ने नहीं ऍम तुम को ज्यादा ही रिहा कर रही हूँ अपनी और मैं आगे बढ चुके हैं । बस दोस्त हैं । धमन बोला क्या? उसने तो मैं बताया कि उसे आगे बढने में किसने मदद की है । ऐसी दहाडी हान तुमने कुछ ऐसा तानाबाना बुना की बार करने वालों ने उसे नौकरी पर वापस रख लिया । उसने मुझे थैंक्स बोलने को कहा था तुम्हारे लिए । लेकिन ईमानदारी से कहा जाए तो उसे पुरानी नौकरी से निकलवाने का काम भी पहले तुम ही नहीं किया था उस वीडियो की वजह से जो मन तो मुझे सजा देना भी बंद करोगे । तो मैं जो कहना है तो एक बार में कहकर बात खत्म क्यों नहीं कर देते । किसी ना किसी बहाने से मुझे रोज झगडा करते हूँ । मैं चलाई है तुमसे नहीं चल रहा हूँ बल्कि तो मुझसे झगड रही हो । देखो मैं तुम से कितना प्यार करता हूँ । हम दोनों का मैच एकदम परफेक्ट है । मुझे कोई कमियां गलती नहीं दिखाई देती है । बावजूद इसके कि तुम एक ऐसे आदमी को अपनी कामुकता में फंसा रही थी, जिसे मैं रखना पसंद करता हूँ । ये महीने हम दोनों की खुशी के लिए क्या इस दिन का मैंने लंबे समय तक इंतजार किया? जो भी किया वक्त मारी घाटे, क्या उसको मैंने छुआ तक नहीं? और तो कोई कॉन्ट्रैक्ट मिल गया मिला की नहीं तो ऐसे क्यों कह रहे हो? तो वहाँ नहीं मुझे यह सोच रही हो । कार्तिक को तो महीने अपने कमरे में बुलाया था ना । अगर भरने का बीच में ना दी तो तुम क्या करने जा रही थी । कार्तिक के साथ कुछ नहीं । मुझे जो चाहिए था मिल गया था । वर्णिका ना भी आती ना तो भी मैं आगे कुछ नहीं करने वाली थी । मैं क्या जानूँ सामान? क्योंकि मैं तो मैं चाहती हो तो उनसे प्यार करती हूँ । कुछ हफ्तों पहले तुम अपने आप को बर्बाद करने पर तुले हुए थे । मुझे ऐसा करना पडा । शराब अपने आप को देखो । हम तो तीन अध्याय लिख चुके हो । उसकी बात काटकर दमन बीच में ही बोला ऐसा है तो ले जाओ । ये तीनों अध्याय कहते हुए उसने उन्हें फेंक दिया । मुझे इस तरह की बात करने की हिम्मत मत करो । ऐसी पलट कर बोली दमन ने आंखे तरेरी और जेब से मोबाइल निकालकर ऐसी को कार्तिक आई और कम मैसेज दिखाया । आप बताओ मैं इसका क्या जवाब दूं? मैं देख लूंगी उसे फिर से धमकी देकर । लेकिन मैं उसके उन शब्दों से कैसे छुटकारा पाऊंगा जो मेरे दिमाग में हलचल पैदा कर रहे हैं कि तुम्हारे लिए नहीं, उसके लिए शर्म की बात है । तो तो इस सारी बात से फायदा उठाने के लिए तैयार हूँ वहाँ । कितना अच्छा फायदा सोचा तुमने थे उनसे मेरी गर्लफ्रेंड को दूर करने का तोहफा है । ये ऍम मुस्कुराते हुए दमन बोला तुम कुछ ज्यादा ही बोल तुम्हारे पति से तो मैं दूर रखने के एवज में मुझे दलाली में क्या मिलने वाला है । भुगतान सप्ताहिक होगा, मासिक होगा । अर्धवार्षिक हो गया वार्षिक मैं तो कहूंगा कि हर महीने के महीने में भुगतान ही ठीक हैं । फॅालो ऐसी चीज थी । आपसे एक तमाचा जड दिया । ॅ हूँ करते हुए बोला देखो दो जरा कौन बोल रहे हैं । नहीं तो मैं अपने जीवन के तीन साल दिए है तीन साल उसके लिए मैं तुम्हारे एहसान मानूँगा तो मैं जो भी क्या सिर्फ इसलिए क्योंकि तुम ऐसा चाहती थी तुम ही हो जिसमें मेरा पीछा किया तो ही हो जो गोवा तक आई तो तुम्हें ऐसा इसलिए किया क्योंकि तुम मुझे जहाँ भी समझी तो ऐसे जनता हूँ जैसे कोई गलती हो गई । ऐसी बहुत बधाई हो । शायद तो हमारे सामने ही है । खुलासा करते हुए बडा अफसोस हो रहा है कि मैं वो नहीं हूँ तो मुझे समझ रही हूँ । लेकिन लगता है तो हरी रिलेशनशिप की खासियत है धोखाधाडी एक दूसरे को धोखा देना क्योंकि वास्तव में तुम वो नहीं हो जिससे मैं समझ रहा था । कम से कम अपनी के पास जाकर । तुम्हारी तरह कचोरी बात तो नहीं करता लेकिन शायद अब करूंगा ध्यान रखना । दमन ने उसका उपहास उडाते हुए कहा ठीक नहीं है । मैं व्यवहार के लायक तो नहीं हो । कम से कम यहाँ हम दोनों की सोच एक जैसी है । किसी ने अपना बैग उठाया और तेजी से दमन किया । पार्टमेंट है, निकल गई । उसने क्या ब्रो की और बैठकर सीधे चली गई । ऍम उसकी नींद उड गई थी जैसा कि पहले भी हो चुका है । कई बार दमन कुछ ही घंटों में शांत हो गया और माफी मांगने लगा । उसने श्री इसी का फोन ऍसे भर दिया । उसे धमकी देने लगा कि वह उसके घर पहुंच जाएगा, दरवाजे भर बढाएगा और सुबह तक उसके अपार्टमेंट के बाहर बढा रहेगा । पहले की तरह ही श्रेयसी ने भी उसे माफ कर दिया, डाली लगा लिया और कार्तिक के साथ जो भी हुआ उसे पीछे छोड दिया हूँ । गमन ने अपनी किए गलत व्यवहार की माफी मांगी और दोबारा ऐसा न करने की कसम खाई । ऐसी ने हर बार की तरह इस बार भी उस पर विश्वास कर लिया । वो हैवी उसे इतनी जल्दी छोडने वाली नहीं थी । इतना कुछ करने के बाद उसने जो ये संबंध बनाया था, उसे बरकरार रखना चाहती थी तो मुझे ऐसा जाती हो, वैसा ही करूंगा । कहते हुए उसने श्री इसी को गले लगा लिया और रोने लगा । जहाँ तक हो सकेगा, मैं एक बेहतरीन किताब लिखने की कोशिश करूंगा । हमारे बिहार को कोई भुला नहीं पाएगा । मुझे ज्यादा करता हूँ तुम से अगली रात ऐसी शांति से सो सकें ।

Part 48

भाग हडताल है । इससे पहले कि श्रेयसी जन पार्टी धवन ने उसे अपने जीवन से बाहर कर दिया, ये कहकर की मुझे अपनी किताब पर काम करना है और जब तुम भी आस पास होती हो तो मेरा ध्यान भटकता है । उसे अपनी अगले किताब के अध्यायों पर ध्यान केंद्रित करना है । मैं तो ऐसी को इस बात पर शंका हुई और दोषियों के बार बार आने वाले सपनों के बारे में डर वर चिंता सताने लगी । वो तो टैक्सियां जिनमें से एक टैक्सी की पिछली सीट पर बैठी थी और एक वह जो उसके बगल में बैठी थी । यहाँ भी दमन ने अपने आप को संभाल लिया था और लिखने में अपना ध्यान लगा लिया था । एक के बाद एक अध्याय लिखे जा रहा था, वह भी ऐसी तन मेहता के साथ जैसी उसने पहले कभी नहीं देखी थी तो स्वप्न बद से बदतर होते गए । उसने नींद की गोली खाने से इंकार कर दिया । मैं एक आग्रह नहीं हो पाता हूँ । उसने कहा था ऐसी पहले कुछ दिनों तक उसके पीछे पीछे घूमती रही । दमन लाइब्रेरी जाता क्या? फिर मैं अकेला बैठा रहता हूँ । अपने अपार्टमेंट के कमरे को लॉक कर लेता और बालों की तरह लिखने में जुट जाता हूँ । इस इसी के साथ होने वाली बातों से भी पहले की स्मृतियां जाग्रत होने लगती । उस समय जब एक अनकहा आकर्षण इस मासूम से चेहरे वाले, चमकदार आंखे वाले लडके की तरफ ऐसी को खेल चलाया था जिसके मन में तमाम बातें भरी थी । जिन्हें सुनने वाला भी कोई जरूरी था नहीं । उसकी पहली और सच्ची मुराद थी । फिर भी आज उसके दिमाग में एक सवाल कमर रहा था । वहीं क्यूँ मैं उसके पीछे क्यों लगी हूँ इससे मुझे मिल क्या रहा है? मैं उसे क्यों चाहती हूँ? उसे इन सवालों का जवाब कभी नहीं मिला और सारे सवाल फिर मन में किसी अंधेरे कोने में चले गए । कभी कभी देर रात को मैं उसे फोन करता हूँ और छोटे बच्चे की तरह फूट फूटकर होता हूँ । क्या हुआ है पूछा करती हूँ मैंने कुछ लिखा है और तो उनसे बात करना चाहता हूँ कहाँ करता हूँ और इस तरह से वहाँ हाथ मैं आराम का समय उसके साथ बातों में निकाल रहता हूँ । मैं कब हूँ मैं पूछा करती हूँ जब मैं इसके अंत पर आ जाऊंगा मैं उसे बताता हूँ फिर देना आ गया । वो आपस आ चुका है । कमाल की अगले किताब के पचास पन्नों का प्रारूप ऐसी अपने हाथों में लिए खडी खडी सोच रही थी तो एक आत्मसंतुष्टि से भरी मुस्कान के साथ दमन ने पूछा हूँ । उसे पता था कि उस ने क्या किया है । देश वैसी के चेहरे पर आई भावुकता को बढ चुका था । वहाँ पसंद है ये बहुत ही सुंदर है । मैं बोली उसमें कुछ चीजें हैं जिनमें मुझे कुछ बदलाव करना है । कुछ अध्याय ऐसे हैं जिनका दोहरा हो रहा है । कितना आपका दूसरा प्रारूप बनाते समय में ये काम करुंगा जो अध्याय तो में ठीक ना लगे हूँ मैं तुम निशान लगा देना है । बोला और श्रेयसी को एक बहन पकडा दिया । मुझे लगता है बिलकुल ठीक है तो मैं जयंती को मिल कर दिया । अभी तक तो नहीं । मैं ठीक करना चाहता हूँ । कार्तिक ने उसे मुझे संपर्क न करने के लिए धमकाया होगा । लेकिन फिर भी मैं मेरी किताब हटवाएंगी है । नहीं चल पाएगी । ऐसी बीच नहीं बोली अब तुमने क्या कर दिया? धवन ने पूछा हाँ बस मैं पूछता हूँ इसके पहले की तुम फिर से गुस्सा दिला हूँ बल्कि इससे अच्छा है कि माटी बताऊँ ऐसी हंसी और बोली तुम कितने प्यारे हो । धवन ने डांट रिपोर्ट दिया और कुर्सी पर टिककर बैठ गया । मैं इस किताब के प्रकाशित होने का और इंतजार नहीं कर सकती । इसको जल्दी खत्म करो । ऐसी बोली धवन ने लंबी सांस भरी और गौर से अपने यहाँ देखने लगा । क्या हुआ ऐसी? वह सपने में उन्हें रोज देखता हूँ । मुझे कोई संदेश दिखाई देता है । मैं बोला उसकी आंखों में बाकल बन की चमक थी तो तीन दवाइयाँ ले रहे हो । ऐसी मुझे और दवाई खानी की जरूरत नहीं है । ये तुम क्या कर रहे हो? तुम नहीं है, आखिर तक पढा है । ये तो अभी अध्याय की रूपरेखा पर है । लेकिन तो भी बाकी है ना । क्या तुम लिख चुके हो तो दिखाओ मुझे छह सीने खुश होते हुए पूछा । मैंने अभी लिखा नहीं है पर ये जरूर जानता हूँ कि खत्म कहाँ करना है? कहाँ ॅ ऐसी मर जाती है? उसने जवाब दिया ऐसी की बहुएं चढ नहीं हूँ । लेकिन बस ये ऍम ऐसी की आखिरी किताब है । इसके बाद श्रेयसी मरने वाली है । क्या ये जरूरी है इस किताब को लिखने का? बस यही तरीका है । उन की प्रेम कहानी का सबसे सही अंत है । तुम क्या कहती हूँ अपनी रिलेशनशिप की तरह छोटी और जोशीली मैं उसे एक तक देखते हुए बोला मैं नहीं मानती तो मानती हूँ । ऐसी क्या मतलब है? तुम्हारा तो अच्छी तरह से जानती हूँ । उसने उसका आज का कर लिया । उसकी आंखों में पागल बना था, नहीं किया । यही वह कारण है जिसकी वजह से तुम अपने पति को छोड नहीं रही हूँ । तो मैं लगता है कि हमारा प्यार खत्म हो जाएगा । कुछ समय बाद उसमें कुछ खास नहीं रह जाएगा । है ना नहीं मैं ऐसा ही है । मैं बोला और उसका हाँ छोड दिया । मैं तुम्हारे ऊपर कोई आरोप नहीं लगा रहा हूँ तो सही हो हमारा बिहार ठप हो जाएगा । यही कारण है कि इस किताब में श्रेयसी का महीना जरूरी है । लेकिन अगले किताब में तुम चालीस होंगे । ऐसी की आवाज में सकती थी । फिलहाल उसके बारे में मैंने सोचा नहीं है । कोई नहीं लडकी होगी तो मैं वो इसका इच्छा होगी वो उस समय वह होगा । सोचो सोचो कैसा होगा सीन इस बारे में सोचा एक असहाय प्रीमि जो अपने मृत प्रेम को याद करते हुए अपना जीवन बता रहा है । ये तो एक प्रेम कथा होगी लेकिन बडे लेखक अमर प्रेम कथाओं के लिए मृत्यु को एक अच्छे एक हथियार मानते हैं, फॅमिली साबित हो सकती है या यह भी तो हो सकता है कि कोई और लडकी उसके जीवन में आ जाए तो मैंने सोचा ही नहीं । धमन बोला हूँ मैं ऐसा नहीं होने दूंगी । ऐसी तपाक से बोल उठीं ऐसी मुझे तो यही एक रास्ता दिखाई दे रहा है । तो तुम किसी और के बारे में कुछ भी नहीं लिखोगे । ऐसी लगभग ठीक पडी । दांत निकालते हुए दमन आगे की तरफ जो कवर बोला मैं तुमसे यही तो सुनना चाहता था और उसने अपनी मुठ्ठियां भेज ली । मैं मुस्कुराया और उसके बालों को उंगलियों से सहलाने लगा हो तो क्या कर रहे हो? यही की अगर दमन को तीसरी किताब में नहीं रहना है तो दूसरी किताब में उसको मारना ही होगा । उनकी प्रेम कथा का अंतर होना ही है है कि नहीं तो मुझे गुस्सा दिला रहे हो तो हो गया है तो मैं दिखाई नहीं देना । शहर सी उसने पूछा हूँ यही तो मुझे सपने हमेशा संकेत देते हैं । तो मैं नहीं दिख रहा तो मैं महसूस नहीं हो रखी । हमारा भाग्या में कहा ले जा रहे हैं आंखों में आंसू भरे हुए धवन ने पूछा भी क्या अधिकरियो अब हम ही है सब खत्म करना होगा अपनी रिलेशनशिप यानी हम चाहते हैं कि एक बडी प्रेमकहानी बने एक ऐसी कहानी जैसे लोग याद रखें तो हमें इसे अमर बनाना होगा । वो तो तुम्हें पहले ही कर दिया है ये किताबें अरे इन किताबों में नहीं वास्तविकता में जानती हो । मुझे वो सपने बार बार क्यों आते हैं क्योंकि वे इस बात का संकेत है कि ऐसा होने वाला है । उसने कहा, उसकी आंखों में दीवानों जैसी चमक थी । मुझे तो फिलहाल समझ में नहीं आ जाएगी तो उनकी आप बोल रहे हो । ऐसी बहुत बताई तो फिर से उस दुर्घटना की कल्पना करो । लेकिन इस बार हम दोनों ही नहीं बचते हैं तो मैं खुद ही कहा था यदि श्रेयसी मर जाती है तो दमन को भी मरना होगा और हम दोनों की मरने के बाद ही की तार छपेगी । क्या बकवास कर रहे हो तो मैं नहीं कर रहा हूँ । तो हमारी कहानी अमर करना चाह रही थी ना फिर अच्छा अच्छा कौन सा तरीका होगा । हम लोग एक बार लगभग मारी चुके थे, अब फिर से वही दवा खा लेते हैं । हमें ऐसी कहानी बनाए जो हमारा हो जाए जैसे सब याद रखें । देखो दमानिया मजाक नहीं धवन की बहुत है । बाल पड गए बिल्कुल नहीं है । लेकिन अपनी कहानी के अंत का यही सही तरीका है उसने कमरे के कोने की तरफ इशारा क्या वो क्या है? अत्यधिक ज्वलनशील ईंधन जब हम अपनी कार टकराएंगे तो तुरंत लगते उठने लगेंगे । कोई दर्द नहीं होगा । बस चलने से सुंदर बहुत बस चलता हुआ । आपका एक गोला और यही हमारे जीवन का सूर्यास्त होगा । शायद यही सबसे बढिया तरीका होगा । यही तो मुझे वो सपने में दिखाई देता है । ऐसी बीच में ही बात काटकर वाली डाॅ तो में आराम की जरूरत है । हमें इस बारे में नहीं नहीं । मैंने तय कर लिया । ऐसी ने अपनी आवाज को लगभग फुसफुसाहट तक बीमा कर लिया और बोली देखो दमन में जानती हूँ कि तुम को ज्यादा भावुक हो रहे हो तो हफ्तों से इसके साथ को लिख रहा हूँ । इसलिए शायद भावनाओं में बह गई हूँ । जरा तसल्ली से सोचो तुम जो भी कह रहे हो तो सब की कोई जरूरत नहीं है । मेरे पास कुछ थेरेपिस्ट के नाम है, जिनके पास हम जा सकते हैं तो हमारे नित्य भ्याम् का उपचार हो जाएगा तो मैं डॉक्टर से मिलने की जरूरत है । अभी शाम को तुम से मिलती हूँ । डॉक्टर के बारे में डिसाइड करेंगे । ठीक है मैं तुम्हारे साथ चलूंगी थी । हम तुम्हारी इस समस्या को खत्म करेंगे थी और धवन के गाल पर एक चम्मच दिया । मैं खडा था । जैसे ही वह मोडी दमन बोला उसकी आंखे खोलते फिलहाल थी और आंसू भरे हुए थे और कोई रास्ता नहीं । हम नहीं करने जा रहे हैं और मैंने इस बारे में हम तो सोचा है । यही तो मैं मत्स्य वाकई प्यार है तो मेरे साथ कारण होगी । मैं दमन की ओर देखने कमोडि नहीं तो मैं किताब में लडकी का नाम बदल दूंगा । ऐसी की जगह अपनी लिख दूंगा लेकिन तुम ऐसा क्यों कर होगी? क्योंकि अपनी मेरे साथ उस अंत के लिए तैयार है । मेरे साथ लखनऊ में चलने को तैयार है । अपना प्रेम अमर करने को तैयार है ही तरीका है तो मैंने उसे बोला है अगर तुम पीछे हटती होता हूँ और जो तुम कर चुकी हो श्रेयसी शायद वो सही थी । मैं मुझे तुमसे ज्यादा प्यार करती है और मरने के लिए भी तैयार है तो मुझे अपने उस वीडियो के जरिए धमकाने वाली हो । बनावटी हंसी हजार तो अब ऐसा नहीं कर सकती । मैं तुम्हारे फोन से उसे डिलीट कर दिया है और मैं जानता हूँ कि तुम बैकप नहीं रखती क्या? हाँ मैंने ऐसा ही किया । दमन उठते हुए बोला होगा । वेश्य उसी के पास आया और गाल पर चुंबन देते हुए बोला, बताओ तो मंत्र में मेरा साथ होगी तो भारी जगह हो तो मेरे साथ मरने को तैयार हो । ऐसी ने कोई जवाब नहीं दिया । मैं अगले महीने के अंत तक अपनी किताब का प्रारूप पूरा करूंगा । तब तक तुम्हारी जवाब का इंतजार करूंगा । ऍम बोला हूँ ।

Part 49

भाग पंचायत चीजें दिखा रही थीं, लेकिन दमन का और नाथ काम नहीं हो रहा था । ऐसी जिसे एक्शन का पागल बन समझ रही थी, मैं उससे कहीं अधिक था । कुछ दिन बाद श्रेयसी जब घर लौटी तो पार्टी है कि दमन उसके पति के सामने बैठा हुआ है और उसका पति जमीन पर । अपने ही पेशाब में सेना बैठा है । उसका बायां गाल चोट से लाल नीला हो रहा था और होठों से खून बह रहा था । डाॅन एक हाथ से दूसरे हाथ में चाकू उछल रहा था तो यहाँ क्या कर रहे हो? ऐसी ने पूछा तुम्हारे पति से एक अच्छी चर्चा कर रहा हूँ, लेकिन ये बोलता कम है । सामान जी, चाकू अलग रखो, ठीक है वो भी । उसने श्रेयसी को अपने पास बैठने के लिए कहा । उसका पति श्रेयसी द्वारा उसकी बहन के साथ अनैतिक संबंध को लेकर की गई ब्लैकमेलिंग, उस पर किए गए हमले और वीडियो आदि के बारे में सब कुछ हो गया चुका था तो मैं सही था कि नहीं । हमारी प्रेम कथा का यही चरम है, जहाँ से खत्म होना है । अन्यथा तो मैं हमारा क्या भविष्य दिखाई दे रहा है । क्या हम शादी कर के बच्चे पैदा करेंगे? उनकी हमें उस की तरह बन जाऊँ? नहीं ऐसी हम वो नहीं है तो मैं अच्छी तरह से जानती और क्या यही कारण नहीं है कि तुम ने अपने पति को छोडा जबकि तो ऐसा कर सकती थी? क्या यही कारण नहीं है कि तुम ने अपनी को मेरे साथ रहने का मौका दिया और तो मेरी प्रेमिका बनी रहीं । धवन बोला और श्री इसी को चुन लिया । शसीका पति मूर्ख बना देख रहा था, रहे सब से स्वयं को दूर रखने की भीख मांग रहा था । फॅार वहाँ से चला आया कि वह उसके निर्णय का इंतजार करेगा । जैसी के रोने, चिल्लाने और गिर जलाने के बावजूद उस ने अपना फैसला नहीं बदला और अगले कुछ दिनों तक इंतजार किया । दमन को उसके बाद अपन से बाहर लाने के लिए ऐसी ने जो प्रयास किए थे उसने उसका भी कोई खयाल नहीं रखा । उसने श्रेयसी को ऐसे लेख, पुस्तकें और उधारण भेजने शुरू कर दी है जिनमें यह लिखा था कि किस प्रकार मृत्यु प्रेम को अमर कर देती है । किस प्रकार मृत्युं इन सब तो खत्म करने का एकमात्र जरिया है । उसके दिमाग में दो ही बातें भरी थी बहुत बार तैयार बिहार और मौत । यहाँ तक कि रात में उनकी फोन पर बातें भी इसी तरह की होती है । फिर उसे बताया करता की वजह से कितना प्यार करता है लेकिन साथ में मरने की बात भी करता हूँ । अगर ये बिहार नहीं तो क्या है? ऐसी अपनी प्रेम का था की ली है हमारे एक दूसरे के लिए यह त्याग हम दोनों हमेशा से ऐसे एक किसी जोडे के रूप में आप क्या जाएंगे जिसमें एक दूसरे से हमेशा प्यार किया और प्यार के खाते ही मृत्यु को गले लगा लिया । क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करती? मुझे उस योग्य नहीं समझती? पूछा करता हूँ और ऐसी चुप रह जाती है । ऐसी परेशान हो चुकी नहीं । उसने एक मनोचिकित्सा की व्यवस्था की जो दमन के घर आकर ही उसे देखें और उससे पागल पन से बाहर लाने की कोशिश करें । लेकिन सामान्य उसकी ऐसी पिटाई की कि वह मरते मरते बचा और उसे घसीटकर अपने घर से बाहर निकाल दिया । साथ ही वह चीखता चिल्लाता जा रहा था कि वह पागल नहीं है । मैं पागल नहीं है । जल्दी ही दमन अपने सपनों से घबराया हुआ और पसीने से लगभग होकर नहीं जाता हूँ, बल्कि हंसते मुस्कराते और दाल भी अपनी के दम लिखने में खोया रहा था । घंटों अपने लैपटॉप से सिर्फ नहीं उठाता हूँ । जब मैं अपने बिस्तर पर सोने जाता, उसकी आंखों से पानी निकलने लगता और दर्द करने लगती, वो आपने लिखे हुए थे । आध्याय श्री ऐसी को बेचता जिन्हें बाहर बार पढ करते खूब होती । उसके लिखे हुए शब्द अब तक के सर्वश्रेष्ठ अब थे । लेकिन फिर कुछ दिनों बाद अपने प्रेम की अंतिम अभिव्यक्ति के लिए दमन ने श्रेयसी से अपने पति को तलाक देने के लिए कहा । मैं नहीं चाहता की तुम मेरे साथ किसी और की पत्नी की हैसियत से मारो । उसका हाथ थामें हुए बोला ॅ उसी को बाहर निकालने का ये धरेगा था । तलाक की प्रक्रिया लम्बी चली और उसने महीनों का समय लिया । वह उसे एक तालाब कराने वाले वकील के पास ले । क्या श्रेयसी गौर किया कि जब वकील है इस प्रक्रिया में लगने वाला समय बताया तो सामान का माहौल कैसे लगा गया था? जैसे ही श्रेयसी को लगा कि अभी उसके पास दमन के निर्णय को बदलवाने के लिए समय तो धमन से बोली नहीं, इतने लंबे समय तक इंतजार नहीं कर सकती । छोडो तलाक का विचार उसी ने उसे बहुत समझाने की कोशिश की की इस दशा में यदि वे आगे बढा तो उसके माँ बाप किसका घर टूट जायेंगे? लेकिन ऍम अस नहीं हुआ । वो पहले ही अनुभव से गुजर चुके हैं । उसने तर्क दिया विकल्प के तौर पर श्रेयसी ने समेत को मिलने के लिए बुलाया । सुमित ने पहले तो आनाकानी की लेकिन श्रेयसी ने जब दमन का वास्ता दिया तो है तैयार हो गया हूँ यहाँ आने के लिए । धन्यवाद । ये कहती हुई श्रेयसी ने समय से हाथ में लाया हूँ । क्या चाहती हूँ ॅ तो उसके लिए वैसी ने उससे मेहनत करते हुए कहा गया है इसकी चाहते हुए बैठ गया । हाँ बताऊँ हूँ, अपने आप को मारने की योजना बना रहा है तो उस दुर्घटना वाले दिन को फिर दोहराना चाहता है और मैं चाहता है की कार के अंदर मैं भी उसके साथ रहूँ । अपना दिमाग हो चुका है तो फेसबुक भी है । सुमित उदासीन भाव से बोला हूँ क्या खाना यही मंगा होगे? मुझे कुछ भूख लग रही है । कोई काम शोरगुल ऍम सकते थे तुम लोग मैं चाहती हूँ कि तो मेरी बातों को ज्यादा गंभीरता से लोग यहाँ तुम्हारे दोस्त के बारे में बात कर रही हूँ हम मुझे लगा कि हम तुम्हारे बॉयफ्रेंड के बारे में बात कर रहे हैं । उस ने जो भी किया है, उसके बाद में उसकी बर्बाद क्यों करूँ? ठीक हो तो मैं जो हो गया सो हो गया । हमें उसे पीछे छोड देना चाहिए तो मेरी बातों पर विश्वास करना होगा तो तुम्हारा चेहरा देखकर में वही आज करता हूँ । जब तुम मेरे साथ डेट बनाई थी । सुनो, हमें वह सारी बातें भूल जानी चाहिए । इस समय हम दमन के बारे में बात कर रहे हैं । हमें उसे बचाना है । किसी ने उसकी बात पर अपना विरोध दर्ज करते हो गए । मेज पर जोर से हाथ मारते हुए कहा मैं ॅ ऑर्डर कर रहा हूँ । अपने लिए तुम बताओ । ऊं सुमित नहीं इशारे से वेटर को बुलाया । उसने अपना ऑर्डर लिखाया और श्रेयसी से एक बार फिर पूछा । जब ऐसी कुछ नहीं बोली तो उसने वेटर से बस उतना ही लाने के लिए ही कह दिया । चित्र में मुझ पर विश्वास नहीं हो रहे नहीं क्यों करुँ तुम्हारी बातों पर विश्वास ऐसी फिर वाकई में ऐसा ही करने जा रहा है । ऐसी चीज पडी ऍम बात करता हूँ मुझे तो सब ठीक ठाक लग रहे हैं । तो लगता है कि मैं मजाक कर रही हूँ वहाँ तो क्या मैं कुछ अलग सोच हूँ और क्या है ये सब तुम्हारी कोई सोची समझी नहीं, चाल बंद भी करो । ये सब बकवास अपनी और मैं आपस में बहुत खुश हैं । इसलिए हम लोगों के बीच आने और इस खुशी को बर्बाद करने की कोशिश मत करना ठीक है । सुमित ने चेतावनी देते हुए कहा, तो इस मामले में वास्तव में गंभीर लग रहे हैं । बंद मत मत करूँ । सुमित मेरी बात सुनो नहीं, किताब लिख रहा है । जिसमें अंत में दमन और श्रेयसी दोनों मर जाते हैं तो किताबों के जरिए अपने वास्तविक जीवन की नकल को जीना चाहता है । उसे मौत का चस्का लग गया है । उसने समझाया और दमन के भेजे हुए मेरी उससे दिखाएँ । मेरी बात मानो ये लेखक बडे मजेदार बात है । लेकिन कुछ विश्वास है कि ऐसा कुछ भी करने वाला नहीं है । जैसा कि तुम बता रही हूँ, वैसा ही करने वाला है । ऐसी नहीं । उसका विरोध करते हुए कहा, अगर अब तुमने एक बार और से लाकर बात की तो मैं यहाँ से चला जाऊंगा । ये लोग खाना आ गया तो मैं कुछ कहना है । उसने पूछा नाॅक ही उठ खडी हुई तो फॅमिली के लिए राजी थी । कल फॅस बात के लिए राजी है तो तुम कोई ढंग की बात करोगी । आज या हम कल मिले । मुझे लगता है कि तुम भी मेरे साथ कुछ खालो । उसने कटोरी की तरफ इशारा करते हुए कहा थोडा खा लोगे तो अच्छी तरह से सोच पा होगी । अपनी टाॅस के साथ कार्य में बैठने को राजी हो गई थी । तमन्ने मेरी जगह उसका नाम भी किताब में लिखने का ऑफर दिया । उस है ऐसी बोली ऍम रहने भी दो । अग्नि इन सब से दूर हैं । और इन सब बातों में मैं कहीं ज्यादा प्रैक्टिकल है । लाखों वर्षों में भी वैसा नहीं करेगी । मुझे चाहती है तो उसका ऍम को बखूबी पहचान चुकी है । धवन ने मुझे बताया था दमन तुम्हारे साथ गेम खेल रहा है । शायद तुम्हें पर रख रहा हूँ । शायद नहीं है । देख रहा हूँ कि तुम मस्त कितना चाहती हूँ और अगर वे अपनी से पूछ रहा है तो ये तुम्हारी घोर असफलता है कि कोई परीक्षा नहीं है है, बहन बनाई । अगर ऐसा नहीं है तो जरूर अपनी कोई चार चल रही है । हो सकता है कि वह तुम दोनों के पिछले हिसाब को चुकता करना चाहती हूँ और अगर वैसा कर रही है तो उसकी कोई फ्रेंड के नहीं थे । मैं उसकी मदद करूंगा । बहुत मजा, तुम लोग । लेकिन वो इस बात के लिए राजी की होगी । नहीं जानती नहीं है कि दमन कितना उन्मादी हो गया है । ना तो मैं मेरे साथ कुछ नहीं खाना है । सुमित ने पूछा और चम्मच अपने सामने रखे खाने में बढा दिया । ऐसी उठी और तेजी से वहाँ से चली गई ।

Part 50

पचास ऍफ इसकी लॉबी में इंतजार करते करते । ऐसी को अब तक दो घंटे हो चुके थे । रिकाॅल आदमी को तीन बार कॉल की और हर बार उसने पंद्रह मिनट आने की बात गयी । ऐसी सोच रही थी कि वैसा जानबूझ कर कर रही थी हूँ । अगर द मानने में वीडियो डिलीट नहीं किया होता तो अपनी से इस तरह इंतजार कराने की हिमाकत नागर बात थी या उसके बीच में किसी का सहारा है । लेकिन इस तरह का सहारा फेसी के नियमों में नहीं है । आपका डाटा जितनी ज्यादा मशीनों पर होगा, आप उतने ही ज्यादा संदेहस्पद हो जाएंगे । अगले आधे घंटे में अपनी अपने चौकसी बिजनेस टूट में उसके सामने आई हूँ और उसे देखकर मुस्कराए । ॅ मीटिंग में फस गई थी और तेरे से इंतजार कर रही हूँ । ज्यादा विनम्रता का दिखा मत करूँ । सच कहूँ तो सीसीटीवी में तो मैं परेशान होकर इधर उधर हैंडल्स चिकन की तरह बात करते हुए देखने नहीं आ रहा था । ऐसा क्या है जिसके बारे में तो मैं बात करनी है । हमें दमन के माता पिता से बात करनी होगी । हमें उसे रोकना होगा, अपने आप को मारने पर उतारू हुए हैं । ऐसी बोली तुम कुछ ज्यादा ही सोच रही हूँ । सच में ऐसा ही करने वाला है । मैंने हमेशा उसके बारे में यही सोचा कि वह थोडा किसका हुआ है । लेकिन ऐसा बदल पर नहीं करेगा । ये तो सिर्फ तो मैं पर रखने के लिए था । अंशु और अगर मैं गंभीर भी है तो भी डेटिंग तो तुम सही कर रहे ना राइट उसका एकलौता सच्चा कॅश हुआ सुमित के साथ और तुम से दूर होकर बहुत खुश हूँ । अपनी ने उसका उपहार सा करते हुए कहा हूँ मैं सिर्फ ये कह रही हूँ कि उसके माता पिता को यह बता देना चाहिए । ऐसी बोली जो करना है तो नहीं करो मुझे उससे उसके परिवार से कोई लेना देना नहीं है । अपनी हंसी घरेलू कोई तो वहाँ नहीं जा सकते हैं तो उनकी आवज होगी तो होता हूँ ऐसी, लेकिन शक्ति तो मर चुकी है अपनी जब तुमने समेत को दमन के इस इरादे के बारे में बताया ना तो उसने विश्वास किया नहीं उसमें भी वही का जो तुम कह रही हूँ कि वह मुझे पर रख रहा है । अपनी मुस्कुरा दी क्या मुस्कुरा क्यों रही हूँ? ऐसी पूछा ही ऐसा ही करने वाला है । मैं बोली जैसी की थी और ही चढ गई तो मैं भी यही लग रहा है कि वह वही करने जा रहा है तो उसने मुझे बताया है । बिलकुल तो यही कोशिश करने वाला है । मैं यही करेगा । अपनी बोली क्या तो मैं कुछ करना नहीं चाहिए । ऐसी बहुत आई । मैं जो कर सकती हूँ, कर रही हूँ । अगर तुम उसके साथ कार में नहीं कहीं तो मैं जाऊंगी इससे ज्यादा और क्या कर सकती हूँ मैं उसके लिए अपनी ने पूछा कि तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है, उसके साथ कार में जाओगी होता है क्या हो गया है तो मैं वर्ष होगी । वो ऍम करने वाला है तो ऐसा क्यों करूंगी भला? क्योंकि मैं तो मैं बर्बाद करना चाहती हूँ । ऐसी अपनी ठंडे अंदाज में बोली बदला लेने के लिए तो मार होगी तुम प्यार के लिए भी नहीं मारो की है प्यार जिसके पीछे तुम तीन साल से हो । इसके लिए तुमने मीरी और उसकी जिंदगी को लगभग बर्बाद कर दिया तो उस बिहार के लिए नहीं होगी । कितनी कितनी सोच है तुम्हारी ऐसी घोषणा आई तो उसके साथ बैठो की गाय में मरोगी । तुम उसके साल मुझसे बदला लेने के लिए है, समय के साथ ही होती है लेकिन मैं उसे भी चाहती हूँ उसके साथ तुम्हारा कौन सा हिस्सा मारेगा तो दिखाई नहीं देता हूँ मैं वाकई नहीं दिखता है ना । क्या मुझे मारना नहीं ऐसी बस मुझे उसके साथ बाहर में बैठना है । अपनी बोली क्या मतलब तुम्हारा आकृषण में मैं डर जाऊंगी, चलाऊंगी होंगी मैं उसे रोकने के लिए कहूँगी । मैं उससे होंगे कि मैं मरना नहीं चाहती हूँ और मैं आखिरी समय में कमजोर पड जाऊंगी । पूरे जोश से ब्रेक पर पैर रखेगा । नहीं उसे बताउंगी की मुझे लगता था कि मैं प्यार में उसके लिए चांदी होंगे लेकिन तो उससे नफरत करेगा । बीच में ही शहर सी बोली मेरी कोशिश की वजह से मुझे चाहेगा । उसे लगेगा कि मैं कम से कम तुमसे बेहतर तो हूँ । कम से कम कार में तो बैठ गई तो जानती हो मुझे से और क्या मिलेगा । ये किताब में मेरा नाम लिखेगा और मुझे इसके लिए मरना भी नहीं पडेगा । अब नीचे शक्कर बोलिंग लेकिन उसे बात तो समझ में आ जाएगी कि मैं उसे तो उन से ज्यादा प्यार करती हूँ ऐसी क्योंकि उसके साथ मरने के लिए तैयार होने वाली मैं ही थी । मैंने मैं तुम्हारे बारे में क्या सोचता होगा कि तुम डरपोक हो । तुम कोशिश तक नहीं तो नहीं । मुझे पूरा यकीन है इसके बाद है तो मैं पहले जैसा नहीं चाहेगा । किताब में तुम्हारा नाम नहीं होगा । जब से तुम ने चाहा तो उसे छीन जाएगा । इस देखने में मुझे बडा मजा आएगा । अब नहीं बोली ऐसी मुस्कुरा दी हो तो मुस्कराया हुआ तो उसको तुम भी वही करने की सोच रही है ना? और उसके लिए मैं धन्यवाद कहना चाहूंगी । होटल मुस्कान के साथ ऐसी बोली लेकिन ये योजना तुम्हारे साथ कारगर नहीं होगी क्योंकि जैसी मैं तुम्हें काफी होशियार समझती थी तो बोल रही हूँ कि मैं दमन का प्रस्ताव पहले ही स्वीकार कर चुकी हूँ । बाजार तुम कार में बैठना तय कर लेती हूँ तो शायद मेरी जगह तो मैं सुन ले लेकिन यदि तो पीछे हटती हो तो मैं यही सोचता रहेगा कि उसने तुम्हारी जगह मुझे मौका दिया होता रह सोचेगा कि उसने गलत चुनाव क्या ये बात पूरे समय उसे खाती रहेगी तो बताइए कि वह किस तरह का है? है ना अपनी नहीं कहा लेकिन अगर अभी तुम मना करती हो तो फिर से मेरे पास आएगा । लेकिन ये बात थोडी सी असंभव लगती । यदि तुम एन वक्त पर उसे मना कर तो उसके पागलपन को देखकर उसपर शर्त लगा सकती हूँ । और अगर मैं ऐसा भी नहीं करता है और मेरे पास इस बात के लिए आता है तो मैं उसे मना कर दूंगी । ऍम छोड देगा । ऐसी बोली अन्य था । अगर मैं गुस्सा करे तो क्या होगा? और अगर मैं उसे बता दूँ कि तुम्हारा चुनाव करने के बाद भी मैं उसके साथ मरने के लिए तैयार थी तो क्या होगा? मैं उसे कहते होंगे कि मैं उसे अपने प्यार के साथ खेलने की और इजाजत नहीं दे सकती हूँ तो मैं उसे मना कर दूंगी । बॅालीवुड होंगी । फिर तुम्हें क्या लगता है? क्या करेगा तो उसे प्यार बनाए रखे गया मुझसे क्या अब कहने के लिए कुछ भी बाकी है । अपनी मौज कर आई हूँ । हमेशा से तो बाहर वाली लडकी बनना चाहती थी ना तो लोग पूरा मौका है ।

Part 51

भाग इक्यावन कार में बैठे हैं । उस दिन की घटना को फिर से दोहराने और अपनी प्रेम कहानी को अमर बनाने के लिए श्री सी के राजी हो जाने के बाद इस विषय पर फिर कोई बातचीत नहीं हुई । किताब खत्म करने के लिए डाॅ दिन रात काम करने लगा । जब है किताब को अंतिम स्वरूप दे रहा था तभी उसने अपार्टमेंट खाली करने का नोटिस दिया और किराये पर लिया हुआ सारा सामान वापस कर दिया । उसने अपनी ज्यादातर चीजें तो लेकर ईबे आदि वेबसाइट्स पर भेज दीं । अपना ज्यादातर समय अपने माता पिता के घर में बिठाने लगा । ऐसी हर रोज उन्हें दमन की उस प्लान के बारे में बताने के लिए सोचती लेकिन फिर सोचती के उसके महाबाद उसकी बात पर क्यों विश्वास करेंगे । यही नहीं इस इस बात का अंदेशा और बढ जाता कि धमन के साथ उसकी जगह अपनी बैठी होगी । इस से बचने का एक ही तरीका है उसने निश्चय कर लिया था । अब कार में वही बैठेगी और वैसा ही करेगी जैसा अपनी करने वाली थी । मैं उसे गिर जाउंगी होंगी और आखिरी शैनवी कमजोर पड जाऊंगी । उसे मौके का उपयोग करना था । जैसे जैसे दिन पांच आ रहा था, श्रेयसी की घबराहट बढ रहे थे । दो महीने बाद दमन ने अपनी किताब पूरी कर ली । उसने अपनी धारी बनाई । हफ्तों बाद शैवेशी ने उसे क्लीनशेव नहाया धोया और सजा संवरा देखा था । बहुत सुन्दर दिख रहा था । उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन उसने श्रेयसी को उसके घर से लिया । उसने उस दिन के लिए जो कार किराय पर ली थी उसने सो लेकर आया था । ये उसी मॉर्डल की कार थी जो पहले एक्सीडेंट के समय थी । किसी का एक मन कर रहा था कि वहाँ से उसके पागल पन से भाग जाए और पीछे मुडकर कभी न देखें । मुझे जरा अपने आप को संभाल कर रखना होगा । ऍम मौके पर उसे रोक दूंगी हूँ थे । दो लाख उसको एक नजर देखते ही भीतर ही भेज घर पे गलती गयी उसकी आंखों की नरमी उसका बिहार भरा पढे उसके बोलने में जो ईमानदारी थी उसके कारण ही अपनी प्रकृति के विरूद्ध जाकर मुझे प्यार किया था । आज हमारी बाकी जीवन का पहला दिन है । उसकी आंखों में चमक थी । कॅश लग रहा है नहीं तो हमेशा ही बात कर रही हूँ । मैं कर रहा हूँ । हालांकि मैं जानता हूँ कि बहुत अच्छा लगेगा । बोलते समय उसके मुस्कराहट में पागल पन साहब देख रहा था पहले मैं मुखावन पब्लिशर्स के ऑफिस गए और अनुबंध पर हस्ताक्षर कर के किताब सुपुर्दगी जयंती को किताब बहुत पसंद आई । हालांकि किताब में उसके पसंद की कुछ बातें नहीं थी, फिर भी मैं कुछ नहीं बोली । उसने उन लोगों से कह दिया की किताब जैसी है वैसी ही छाप जाएगी । उन लोगों ने काफी देर बाद लंच किया । उसने अपनी कुछ पसंदीदा किताबे खरीदी और शाम को उनके कुछ पसंदीदा हिस्से श्री किसी को पढकर सुनाए । सबसे अंत में उसने फॅस की पुस्तक दमित ऑफ किसी फस्ट के कुछ अंक बढकर सुना है जो इस तरह से थे । सिर्फ एक ही सबसे गंभीर मनोवैज्ञानिक समस्या है और वे है आत्महत्या । जब तब है समेत को फोन लगाकर उससे आने को और दमन को रोकने की बात करती हूँ । लेकिन मैं उसकी बात को ऐसे झाड देता । महीनों में कुछ भी ना हूँ । मैं उस ऍसे रात एक बजे बाहर निकले, जब है बंद हुआ । हम जो करने जा रहे हैं उससे मैं बहुत ही खुश हूँ । उसने श्रेयसी के लिए कार का दरवाजा खोलते हो जाएगा । लेकिन कार के अंदर कदम रखते हुए उसका शरीर बगावत कर रहा था । दूसरी ओर से दमन अंदर बैठ गया । उसने श्रेयसी का हाथ थामा तो बहुत सुन्दर लग रही हो । ऍम मेरे पास बोलता है ये बोला है बोला और लोग कम्पार्टमेंट खोला था । उसमें एक छोटी सी फॅमिली और श्रेयसी को थमा दी । इसको खोलो । धवन ने गाडी स्टार्ट की ऐसी का दिल मना उछल पडा तो मैं बाहर सडक पर ले आया तो उसने उससे कहा ऐसी ने थोडी सी ली लेकिन दमन को अगर नहीं दिया धवन ने भी अपने आप नहीं भी । छह । सीकर । स्थिति नियंत्रण में लानी थी । मैं नहीं भी होंगा । मुझे अपना दिमाग फिलहाल होश में रखना आएँ । उसे देख रहे मुस्कराया की है । उस दिन के बारे में बताओ जब हम दोनों लगभग मारे गए थे । दमन में सोच रही थी । वहाँ बताओ मैं तुम्हारी और अपनी याद को विचारों में रखते हुए मारना चाहता हूँ । ऐसी नहीं है । सब कुछ बताया जो जानती थी जो उसने उन्हें करते हुए देखा था । ठीक उस समय से जब वे लोग कार में सवार हो गए थे और चले गए थे । तमन्य उसकी बातों को पूरे ध्यान से सुना और ऐसे मुस्कुराया जैसे सब कुछ अच्छी तरह से समझ रहा हूँ । काश में सब कुछ याद कर पाता हूँ । लेकिन ऐसी कॅामन बोला इसके यहाँ खत्म होने की जरूरत नहीं है । लेकिन ये होगी खत्म होगी तो हम खुद भी देख सकती हूँ । है ना । ये हमारी प्रेम कहानी का शीर्ष है । ये हम दोनों का शन है । इसके लिए हम हमेशा याद किए जाते रहेंगे । धमन का हर कि इंडियन की आवाज की वजह से और ऊंची आवाज में चलाते हुए कुछ दूरी पर इशारा करते हुए बोला वहाँ श्री लाइट में चमकती हुई नोएडा के फ्लाइओवर्स कि भूल बनाया । मोटर चालकों के लिए मौत का जाल अच्छा वैसी धीरे से अपना हाथ ॅ की तरफ ले गई । इससे पहले की वह कार को डिवाइडर से टकरा था और कार पटाखा थी, कॅश खींचते थे । लेकिन तभी दमन ने उसका हाथ पकडा और कसकर पकडे रहा । ऐसी जानती थी कि दूसरे हाथ से ब्रेक तक नहीं पहुंच पाएगी । जानती थी कि पांच मिनट में फ्लाईओवर पर पहुंचने वाले हैं । वो ऍफ ज्यादा होकर धवन को देख रही थी । डाॅन मुस्कुरा रहा था तो मैं कोई तकलीफ नहीं होगी । निश्चिंत रहो उसने उसे आश्वास्त किया । हम इससे पहले भी इस घटना से गुजर चुके हैं । बिना किसी दर्द के अहसास के झटपट कम हो जाएगा । लेकिन इस बार हम नहीं बचेंगे । गाडी में पेट्रोल के तीन दिन भर रखे हैं । चन्द्र साॅस खत्म हो जाएगा । हम हाथ में हाथ लिए आग का एक गोला बन जाएंगे । ऍम हूँ । मैं बोला और उसने पैदल पर पैर रख दिया । ऍम अजीब होगा ना कि टकराने के पहले मुझे सब कुछ ज्यादा जाए । तब हम तुम गाडी थोडी धीमी करोगे । अच्छा होता की महत्व में अपने साथ बैठे देखता हूँ । इससे दिन के उजाले की तरह याद करो । बाहर ने सत्तर की गति पकडी थी । दमन मैं जानता हूँ कि तुम्हारे लिए ये कठिन है । फिर भी मेरी तरफ देकर वैसे ही मुस्कुराओ जैसे तुम मेरे सपनों में मुस्कुराती हूँ । एक बार मेरी तरफ देखो तो सडक पर ध्यान देना बंद करो । बेबी अस्सी किलोमीटर की रखता है । मैं किसी ने अपना हाथ छुडाने की कोशिश की लेकिन उसकी पकडे बहुत मजबूत थी । रमन की निगाहें उसकी निगाहों मिनट की थी । वो रो रहा था । उसके मुंह से झाग निकल रहा था । देखने की तरफ तो उससे पहले की तरह तो मेरे लिए ऍम बातें मत करो । बस मुझे ये बताओ कि तुम मुझे प्यार करती हूँ । ठीक है हमारे ऍम शब्द पूर्ण होने चाहिए है ना । दमन में बोलो वैसे ही बोलो जैसे तुमने उस दिन बोले थे वो शब्द बोला टोमॅटो को क्यों? अब हम काफी नजदीक हैं, ठीक उस दिन जैसा ही होगा । श्रेयसी ने दूसरे हाथ से हंड्रेड तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन दमन ने गाडी लहरा दी जिसे श्रेयसी का सिर्फ खिडकी से टकरा गया । हम वही करने जा रहे हैं । मैं गुनगुनाया और पैदल पर पैर रख दिया है । लव यू यही हमारी नियति है । नहीं ऐसी थी कि सौ किलोमीटर की रफ्तार गाडी की चेसिस थरथराने लगी थी । क्यों नहीं क्या तो मतलब प्यार नहीं करती तो मैं आज नहीं दिन भी आज के दिन की तरह ही था था कि नहीं तो उसने गाडी लास्ट इयर में डाल दी । कार ने और रफ्तार पकड ली । किसी का दिल उछल पडा । एक सौ बीस की रफ्तार शेरसी के चेहरे पर आंसू की धार रह रही थी । रोक तो प्लीज क्यों? फॅमिली तो लोग तो देखी क्योंकि वो रोज हूँ आखिर क्यों? लोग दो में प्लीज गिडगडा रही थी और आंसू उसके चेहरे पर लगातार बहे जा रहे थे क्यूँ दमन दहाडा उसने उस कहाँ छोड दिया । कार ठीके ही पेन मोड पर वैसा ही हो रहा था । शहर सीने दमन की तरफ देखा और फिर डिवाइडर की तरफ से चलाई धवन पलट कर उस पर चलाया क्यो क्योंकि मैं खुद ही नहीं वो जो उसका थी धमान ने ब्रेक दबा दिया । किसी आनी की आवाज गोली गई रकर से टायरों में जलाने आ गई । इंजन घन कराने लगा । पार पार्टी और हो गई उनके चारों तरफ हुआ ही हुआ था । बाहर निकल जाओ । डाॅ । धीरे से बोला वे अपनी शर्ट की स्लिप है आपने आज तो पूछा जा रहा था दमन निकल । बाहर धमान चलाया और दरवाजा खोल दिया । ऐसी कार से बाहर लड गई और जमीन पर गिर पडी । दमन कार से बाहर निकला और उसके सामने खडा हो गया था । मैं उसके चारों तरफ चहलकदमी कर रहा था । उसके हाथों में टायर चढाने वाला लोहे का उसका था । उसने उस देश ऐसी पर वार करने के लिए हाथ उठाया फिर अपने आप को रोक लिया । श्री सी को उसकी आंखों में मौत दिखाई दे रही थी कि मुझे मार देगा । ऐसी एक तरफ कोने में दुबक गई तुमने उसे मारा । तुमने ही ऐसी की हत्या की । यहाँ तो नहीं उस टैक्सी में थी जो दूसरी तरफ से आ रही थी । तुम्हारी ही टैक्सी थी जिससे मैंने बचाने की कोशिश की थी तो तुम्हारे कारण ही फॅमिली हुआ था । हुई हो जिसके कारण श्रेयसी की बहुत हुई तो वो जो टैक्सी से बिना किसी घावर छोडके बच निकली थी तुम ही हो । जिसमे उसके ड्राइवर को राउंड साइट पर गाडी चलाने के लिए मजबूर किया था । वहीं लडकी जैसे मैं अपने सपनों में देखा था ही होना तो तो ही ऐसी खौफ से चिल्लाई हो । मैं तो नहीं हूँ । बहुत हो गया । श्रेयसी अपनी झूठी बकवास बंद करो । उसने उसकी गर्दन को पकडकर उठाया । उसकी खुरदुरी उंगलियों ने जोर से उसके गाने पर दबाव बनाया । ऐसी को लगा कि उसका डाला कुछ चल गया है । उसकी सांसे बंद हो गई है । सारे शरीर में तीखा दर्द उठा तभी दमन ने उसे छोड दिया और जमीन पर ढेर होकर गिर पडी । तुमको आई थी तो मेरा पीछा किया लेकिन मेरी मुलाकात अचानक दूसरी लडकी से हो गई जिसका नाम भी तुम्हारी तरह ही शेयर ही था लेकिन और मुझे उसके साथ देखना कम सहन नहीं कर पाई तो मैं सबको छात्र करने की योजना बना नहीं । तुम ने ऐसा किया कि नहीं तुमने उसे मार डाला । ये सब छूट है झूठ ये सब झूठ है । धवन ने पूछा हो क्या कर रहे हो तो धमने जेब से अपना फोन निकाला । उसने एक ऑडियो चालू किया । सुनो क्या दमन करीब से उसके चेहरे पर चुका? ये तुम्हारे ही आवाज है ऍम तुम्हें जो जो अपनी को गोवा के बारे में सब कुछ बता रही है । तुमने उसे आखिरी के बारे में सब कुछ का बोला हूँ । अपनी तो चाहती थी कि मैं मर जायेगा बिलकुल लेकिन उस फॅमिली हूँ हूँ फॅालो मैं क्या क्या क्या कहना क्या है तो मैं कि तुम्हारा कोई प्रभाव बचा है, कुछ नहीं बचा । अवनी के खिलाफ जो वीडियो था वो डिलीट हो गया है । किताब के अनुबंध पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और अपना फोन तो देखो कहा है अपनी जेब से । शेयर सी का फोन निकालते हुए दमन ने पूछा तो थी उसने मुश्किल से कदम बढाया था कि दमन ने उसका फोन बीच सडक पर फेंक दिया । एक ट्रक उसको राउंड था, हुआ गुजर गया । हो सकता है कि तुम्हें कोई ताकत रखा हो । दुष्ट दमन आप सब कुछ खत्म होगा तो मेरे किसी भी दोस्त या पारिवारिक सदस्य की करीब आई ऍम डालूंगा तो भाड में जाओ ऐसी तुम पर बहुत हो जाओ । दमन बोला उस की भी आंखों से आंसू बह रहे थे । एक लडकी की जान तुम्हारी वजह से गए और शाम की बात है कि तुम भी जिंदा हूँ तो कमाल मुझे ये सब ये सब छोटा है । तो मैं क्या सोचा था कि मैं तुम्हारे साथ वाकई प्यार में पड जाऊंगा? श्रेयसी मैंने अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद तुम से जो भी कहा तुम्हारे साथ जो भी किया तो मैं वो भी बताया । वह साहब छोडता हूँ । मैं कभी भी तुम्हारे प्यार में नहीं पडा । मुझे तुमसे कभी कोई लगाव नहीं हुआ । सुमित ने कभी भी अपनी डेट नहीं किया । वो कभी ऐसी हिमाकत नहीं कर सकता हूँ । हम लोगों ने से तो नहीं उसकी आता श्रेयसी, अवनी समेत और मैंने हम लोगों ने तुमसे वह सब कुछ वापस ले लिया । तुमने मुझे लिया था दुष्ट । मैं तो उनसे सिर्फ सच उगलवाना चाहता था । तो मैं इस बात से अच्छा हो रहा है कि तुम क्या सोचती हो तो तुम्हारे जैसे लोगों के साथ और क्या होना चाहिए । और अब हमारे बीच सब खत्म हो चुका है । दमान उसके पास पलट कर चला गया से अपनी कार में बैठा है और अपनी से मिलने चला गया । अब तक उसने उस की काफी कमी महसूस की थी ।

Part 52

ऍम ही जिस होटल में ठहरी थी, उसकी लॉबी में उसने सुमित को बैठे हुए देखा । धमन को उसका दल दिखाया । तीन हफ्ते हो चुके थे । तीन साल तक मेहनत करके उसने जो कुछ भी हासिल किया था, सब बेकार हो गया था । ऍम अपने घर में रूक पा रही थी ना अपने पति के पास तलाक की प्रक्रिया पहले से ही चल रही थी तो उन ना होने के कारण वो पीछे आ रही की स्थिति में थे । अकेले रहना चाहती थी । मैं कुछ दिन का ब्रेक जा रही थी लेकिन ये ऍम भी वापस जाने को नहीं कर रहा था तो वहाँ क्या कर रहे हो? ऐसी ने पूछा तो बहुत बेकार लग रही हूँ । सुमित बोला मैं तुम से बात नहीं करना चाहती हूँ । हाँ हाँ, बिल्कुल क्यों होगी? मैं बोला तो उससे छूट बोला तो उसे बताया कि मैंने शसीका मारा जबकि ऐसा नहीं है और फिर सोच रहेगी मैं हत्यारी हूँ । अरे धीरे पागल लोग देख रहे और क्या हमने उससे झूठ नहीं बोला? हमेशा मैंने धूमने, उसके परिवार ने, दूसरी, श्रेयसी ने अखिलेश ऐसी का मारा है । सच हमेशा सापेक्ष होता है ना तो नहीं कैसे किया । उसने पूछा मुझे लगा तुम है मुझसे बात नहीं करनी है तो फिर होगी कितने हफ्तों से हो यहाँ दो हफ्ते तीन हफ्ते उसने वेटर को हाथ हिलाकर बताया और दो कॉफी का ऑर्डर दे दिया । उसका तुम्हारी बात पर विश्वास कैसे कर लिया तो मैं बताया है । जब भी उसे ये बताया जाता था कि शो ऐसी मर चुकी है तो वह दौरे का शिकार और असंतुलित क्यों हो जाता था? क्योंकि उस दिन में ड्राइव कर रहा था और इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहा था कि वो खुद उस लडकी की हत्या का जिम्मेदार है जिसे ही बेहद चाहता था । मैं विस्तार से बताया लेकिन हमने इस बार कुछ अलग ही क्या क्या जिस दिन तुमने अपनी को ऑफर दिया था मेरे पास आई और हम दोनों थेरेपिस्ट के पास गए । परिस्थितियां घंटे मंडी थी हूँ, थानों से सामान्य करना चाहते थे । विश्वास दिलाना चाहते थे कि शहर आप भी जिंदा है । जैसे गिरे दिमागी संतुलन और असंतुलन व्यवहार से बच्चे । लेकिन ये सब तब तक संभव नहीं था जब तक तुम पागलो जैसा व्यवहार ना करती हूँ । इसलिए हम लोगों ने कुछ अलग करने का निश्चय किया । बेटर उनकी कॉफी ले आया । सुमित ने दोनों में दो दो क्यूब चीनी मिलाएं और अपनी ऑफिस करने लगा । ऐसी की कॉफी ऍम हुई रखी रही । फॅमिली बार भी हमने यही किया था । पिछली बार हम लोगों ने उसे इस बात का विश्वास दिलाया था । ऐसी जीवित है क्योंकि वो उसकी मृत्यु के दोष को झेलने की स्थिति में नहीं था । इस बार हमने उसे बताया कि श्रीसीमेंट चुकी है क्योंकि हम उसे ये विश्वास नहीं दिला सकते थे कि श्री ऐसी वापस आ चुकी थी या श्रेयसी हमेशा उसके आस पास मौजूद थी । पहले जासूस फिर एक प्रेमिका के रूप में । लेकिन उसने कैसे विश्वास किया, किससे मान गया? हमने उसे अलग ही कहानी बताई । ऐसी कहानी जो पिछली कहानी से कई ज्यादा कठिन थी । जब उसे होश आया तो उसने तुम्हें याद किया । हर बार जब उसे होश आया, मैं उस दुर्घटना को याद करता और जो सुरेशी को हुआ उससे घबरा जाता । फिर तो मैं पीछा करने वाली गार्जियन एंजल के रूप में याद करता था । जो भी तुम नहीं किया उन सब बातों को याद करता नहीं । आज करता कि श्रेयसी वापस आ गई है । उसे पूरा विश्वास हो गया कि तुम्ही कार वाली जैसी होगा । मैं तुम्हारे बारे में पूछा करता लेकिन हमें उसे सच के करीब लाना था । इसलिए हर बार जब बेहोश में आता हम ने ये कहना शुरू कर दिया कि श्रेयसी मर चुकी है फिर बाहर हमने उसे तुम्हारी सच्चाई बताना शुरू कर दी कि तुम्हें खतरनाक ऐसी हो जो पीछा करने वाली असली जैसी की जगह ही लेना चाहती थी । इससे वह उलटी प्रतिक्रिया देने लगा । हम लोगों से ये बताते रही कि असली शेयर सी मर चुकी है लेकिन वह मानने को तैयार नहीं होता । इसलिए हम लोगों ने अपनी बात में थोडा सा झूठ शामिल किया बस अपनी बात का स्वाद बढाने के लिए जिससे उसे रह सच अच्छा लगने लगे । खजवाना लगी सुमित ने आंख मिर्च खाते हुए कहा ऐसा कहा जाता है कि सर्वाधिक प्रभावशाली छूट वही होता है जो प्रतिशत चाहते हो तो तुम से ये बताया कि टैक्सी में मैं थी कॅश नहीं करवाया ये दिखाने के लिए कि मैं हत्यारी हूँ बिल्कुल जैसे उसे लगे कि श्रेयसी मर चुकी है और कोई दूसरी शेरसी जिंदा है । और वो ये हैं जिसमें मृतक श्रेयसी को मारा है जिसके खून का आरोप तुम्हारे और दमन के हाथ में है । सुमित बोला तो पहले ये अपने आप कोई खतरनाक पीछा करने वाली साबित कर चुकी हो । उसे उस दुर्घटना में श्री ऐसी के खत्म होने की आशंका पहले से ही थी । हमने तो बस तुम है और उस टैक्सी ड्राइवर की पृष्ठभूमि में रख दिया था । अव्वल तो उस पर ये कहानी तो कितना मुश्किल था । अपने कॅरियर है । हम जानते भी नहीं थे कि ये कहानी काम कर जाएगी । लेकिन ये जानते थे कि हमें कोशिश करनी है तो मैं बोला और धीरे धीरे तो मैं सपना मैं देखने लगा । हमने उसे बताया कि तुमने ही उस टैक्सी ड्राइवर को गाडी देश चलाने के लिए उकसाया था और जल्दी ही है । इस बात को अपने सपनों में देखने लगा । उसने बेहिचक किसी को सकते मान लिया कि हमने शसीका मारा है । मैंने नहीं मारा । यही बात बताने के लिए तुमने उसे कितने टेक्स्ट भेजे हैं । किसी ना किसी दिनों से मुझ पर विश्वास हो जाएगा । ऑॅटो सुमित बोला वो नहीं करेगा विश्वास यह करना बंद कर रोष कैसी तुम्हारी कॉफी ठंडी हो रही है

Part 53

बुक संघ है । दमन की दूसरी किताब ऍम जिसमें लडका अपने जीवन में फिर से बिहार ढूंढता है । नए और पुराने पाठकों द्वारा एक मत से पसंद की गई मुख्यपात्र दमन अपनी पर प्रशंसकों ने कई पत्र लिखे । इस किताब की सफलता के लिए एक पार्टी का आयोजन हुआ उन सभी लोगों के लिए जिन्होंने इस किताब के लिए काम किया था और जिन्हें इस किताब की सफलता आकाश गया था । पार्टी पूरे शबाब थी, धवन ने भी भी हुई थी और उसने अपनी की कमर में हाथ डालकर कहा, हाँ, अपनी तुम्हें किताब पसंद आई । मैंने अभी तक बडी नहीं है । अच्छा शायद मैंने एक ऐसी लडकी के बारे में लिखा है जो कुछ कुछ तो मिलती भी बोला ऐसा हाँ, वो बिल्कुल तुम्हारे जैसी है । मुझे लगता है हालांकि मैं उसे बिल्कुल तुम्हारे जैसा नहीं बना पाया । बी शायद मैं बोला तो पहुँचती हुए हो । अच्छा लगता है मुझे तो मैं घर ले जाना चाहिए और फिर तुम रोक होगी । ऍम ने मेरे बारे में किताब लिखी है तो अब हम रिलेशनशिप में हैं । लडखडाती यार आज मैं सामान्य पूछा फॅमिली किताबों की मुख्य पथ मैं ही रहूंगी और ऐसा न घरों में तो होंगी और अगर तुम्हें ज्यादा होशियारी दिखाने की कोशिश की तो इसका नतीजा भुगतना पडेगा । नहीं करूंगा दमन लडखडाकर बोला और अपनी को छू लिया । मैंने तो मैं कुछ बताया था इस बात के अलावा की मैं तो मैं बहुत बहुत बहुत प्यार करता हूँ क्या जयंती के पास उन लोगों का फोन आया था जो बेस्ट सेलर के दावों की लिस्ट तैयार करते हैं । उन लोगों ने बताया कि ये किताब लिस्ट में नंबर वन होने वाली है । तोफा अपनी ने भी पलट कर उसे झुंगिया और गले लगा लिया है । फॅमिली अभी काफी रात थे और घर पहुंचते पहुंचते सुबह के चार बज गए थे । किताब को बेस्टसेलर की लिस्ट में सबसे ऊपर आने की खुशी में अपनी को नींद नहीं आई थी । सुबह छह बजे उठ कर उसने दमन के पडोसी से अखबार लिया । बाहर में उसने सीधे वहीं पन्ना खोला जिसमें नहीं प्रकाशित पुस्तकों का विवरण होता है और उसमें डाॅट पहले नंबर पडती । उसमें सोते हुए दमन को गौर से देखा और दूर से ही एक हवाई चुम्मन दे दिया । जब से पेट पर बैठी हुई अखबार की शेष पन्ने पड रही थी उसने चौथे बनने पर एक छोटा सा लेख देखा । केंद्रीय दिल्ली के एक होटल के कमरे में शेयर सी नाम की लडकी ने जरूरत से ज्यादा नहीं की । गोलियाँ खाने ही नहीं क्या आए हैं । नींद से जागते हुए धवन ने पूछा कुछ नहीं अपनी बोली और अखबार को कूडेदान में फेंक दिया तो तुम्हारी किताब नंबर वन पर है । फॅस तुम्हारी वजह से जानती है तो मैं बोली ऍम यूट्यूब पे भी ।

Part 13 bnew

भाग तेरह व्यक्ति दो सहकर्मियों पर चलाई जिससे उनके हाथों से फाइल छोड गई । सौरी बोलते हुए मैं उनकी वार भागी । दरवाजा बंद करते ही उसने अपना हाॅट ओला और अपने कपडे तथा में कब सामग्री वर्ष वेस्टन के नजदीक लगती है । उसे दमन के कार्यक्रम में जाने के लिए पहले ही विलंब हो चुका था । ऍसे पहले से ही तो बार फोन कर चुका था । उसने उस कार्यक्रम के लिए काले रंग की सुन्दर सी ड्रेस का चयन किया था । जल्दी जल्दी उसने अपने चेहरे पर फाउंडेशन लगाया और ड्रेस पहनी । आहिस्ता आहिस्ता अपनी को वस्त्र बदलने और मेकप करने में पंद्रह मिनट का समय लगा । उसने अपने आॅटो से और वाशरूम से भाग लिया । आपने आरामदायक जूते बाद में बदलने का निर्णय लिया । पार्किंग तक पहुंचने के लिए दो दो सीढी लांदी गई । उसने अपना बैक बाहर की पिछली सीट पर फेंकते हुए जल्दी से ड्राइविंग सीट संभाली । उसने जल्दी से इंडियन स्टार्ट किया और कार को पार्किंग से निकाला । हम कुछ मीटर ही चली होगी । क्यों उसे तेज आवास और ठीक सुनाई दी । उसने तत्काल ब्रेक दबा दिया । उसका कलेजा हो आ गया । स्टेरिंग व्हील को कसकर पकडते हुए मन ही मन बोली आज नहीं आज नहीं आज नहीं संभावित नुकसान को देखने के लिए मोडी उसी देकर राहत में की जिस लडकी के स्कूटर से उसकी टक्कर हुई है । मैं पहले ही खडी हो चुकी थी और अपने कपडों को झाड रही थी । अपनी कार से निकली और उस लडकी की ओर भागी तो ठीक हूँ तुम्हारी क्या मदद कर सकती हूँ कहते हुए अपनी उस लडकी की मदद करने लगी जो अपने स्कूटर को सीधा करने की कोशिश कर रही थी । मुझे माफ कर तो मैंने कहा पूरे वर्ष करते समय पीछे नहीं देखा ये भी कोई नुकसान हुआ हो तो मैं भुगतान करने को तैयार हूँ । हाँ ठीक है कोई बात नहीं । उस लडकी ने अपनी की ओर बिना देखे ही कहा । पक्का उस लडकी ने से मिलाया और अपने स्कूटर को किस करते हुए अपनी की कार से धो ले गई । मैं हूँ । उसने कहा अपनी कुछ देर तक पहुंचा होकर वहीं खडी रही और फिर कार की ओर लौटी । उसने अपनी आंखे बंद की और कार का इंजन चालू करने के पहले छोटी सी प्रार्थना क्या उसने कारकर गेयर बदला और धीरे धीरे पीछा करने लगी । मैं निकास द्वार की ओर बडी तब तक घडी में पांच चालीस बच्चे थे । उसका कार्यक्रम में समय पर पहुंचना लगभग नामुमकिन था । जब पार्किंग शुल्क दे रही थी उसी समय उसने कार के बैडमिंटन में उस लडकी को देखा जिसे उसने कुछ देर पहले टक्कर मारी थी । मैं लडकी अपनी कमर पर हाथ रखकर खडी थी । बार बार स्कूटर स्टार्ट करने के लिए किक मार रही थी । पर स्कूटर्स पार्टी नहीं हो रहा था । हताश होकर उसने अपने सिर पर हाथ रख लिया । उस लडकी की ओर दौडी अरे सुनो क्या मैं हमारी मदद कर सकती हूँ? लडकी ने अपनी केवल देखा अपनी नहीं लडकी से पूछा क्या मैं मैं छोड दो । उस लडकी ने मना किया पर अपनी ने जोर दिया । देखो जी, अब सोच है तो अपनी स्कूटर को यही पार कर टूर पर कल किसी मकानी को दिखा देना । उसका दिल तो मुझे तीस दिन हाल । उसने लडकी को अपना बिजनेस कार्ड देते हुए कहा हाँ वो तो निफ्टी तुम प्लीज उस लडकी की आंखों में आंसू थे । मेरे बाबा ठीक है, माफी मानती हूँ हम । अभी मैं जाने के बाद चलते हूँ कि यही तो अपने माता पिता की चिंता हो रही है तो मैं उनसे बात कर सकती हूँ । मैं उन्हें बता दूंगी कि इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं । अब ऍम उसके हाथ पकडते हुए अपनी नहीं कहा । मैं भी उनसे बात कर लेती हूँ । लडकी ने अपने आशु पहुंच गया मैं अपने माता पिता को लेकर चिंतित नहीं हूँ । मुझे तो क्या मुझे नहीं जाना था । उस लडकी ने धीरे से कहा वो अपने धोनी पर शर्मिंदा थी, अपनी मुस्कराती है फॅमिली जा रही हूँ । अच्छा तुम जहाँ भी जाना चाहो तो मैं छोड देती हूँ । जैसे मिलना चाहती हूँ ऍम से अधिक महत्वपूर्ण है । लडकी ने नई नवेली दुल्हन की तरह शर्माते हुए कहा पीना प्रिय लेखक अग्नि ने पूछा कौन धमन जो मेरे सपनों की लडकी का लेखक आज कनॉट प्लेस में उसकी किताब पर एक कार्यक्रम है । फिर मेरे जीवन का प्यार है । उस लडकी ने मुस्कुराते हुए कहा अपनी ने अपनी मुस्कान पाने के लिए अपना चेहरा ढक लिया तो उसे लडकी प्यारी सी लगी । लडकी ने बोलना जारी रखा । कार्यक्रम छह बजे शुरू होना है और निमंत्रण पत्र के अनुसार किताबों पर अपने ऑटोग्राफ देंगे तो मैं पहले ही देर से थे ऊपर से ही । और उसने स्कूटर की तरफ इशारा करते हुए कहा दिनेश कार्यक्रम के लिए कल ही ड्रेस खासतौरपर खरीदी थी । उसका बच्चों जैसा चुलबुला स्वभाव और अपने प्रिय लेखक से मिलने का उत्साह देखकर अवनी को इतना अच्छा लगा कि वह उसे गले लगाना चाह रही थी । उसकी तरह है । लडकी भी बहुत अच्छे ढंग से तैयार होकर आई थी । अपनी सफेद टॉप और समद्दार चमडे की पैंट मेरे बहुत आकर्षक लग रही थी । अपनी कोई देख कर बहुत अच्छा लगा कि दमन के कुछ वास्तविक प्रशंसक हैं जो पैसा खर्च कर उसके किताबें खरीद सेवा पढते हैं और उस से मिलने की अभिलाषा रखते हैं । इतने तो नहीं छोड देती हूँ मैं उसी ओर जा रही हूँ तुम्हें कनॉट प्लेस ई का अपना मैं आपको परेशान धोनी करियो ना! आंखों में चमक लाते हुए उसने पूछा । बिल्कुल नहीं । आदमी हंस पडी । लडकी ने अपना स्कूटर पार कर दिया और अपनी के पीछे पीछे उसकी कार थक गई । अपनी ने अपनी कार पार्किंग से बाहर निकाल लिया । नहीं है । सोच रही थी कि उसे फिर कब अपनी असलियत बताएगी? नहीं उस किताब की लेखा की गर्लफ्रेंड हूँ । दरअसल मैं उसकी मंगेतर की तरह हूँ । कनॉट प्लेस में किसी के पर कार्यक्रम है । अपनी ने पूछा फॅार? उस लडकी ने उत्तर दिया, उसकी आंखें कहा की घडी पर स्थिर हो गई थी । मुझे बहुत ही हो गई है । मैं उनसे ऑटोग्राफ लेना और उनके साथ फोटो खिंचवाना चाह रही थी । इतनी वहाँ बहुत भीड हुई तो ये तीन हैं । वहाँ से चले गए तो मैं नहीं चाहिए तो चले गए तो फिर तो हर हर इंसान है । मुझे उनके साथ एक तस्वीर चाहिए । उस लडकी ने जहर करेगा उसने अपने बैग में से मैं सपनों की लडकी की एक प्रति निकालकर अपनी को दिखाई । फिर आ रहे है ना । देखो नहीं नहीं है वो बहुत आ रही है तो मैं उनकी किताब पढनी चाहिए । बेहतर होगा की इस किताब के पहले लिखी गई उनकी फेसबुक पोस्ट बढना उन्होंने सब कुछ सेट कर दिया है । फॅमिली उसकी प्रतियां सुरक्षित है ही अच्छी पहुँचते हैं, उस पडती हूँ । उसने भावुकतापूर्ण व कहा उन्हें दूर दल जाना था इसलिए अपनी नहीं उससे मजाक नहीं पूछ लिया । सुनो मुझे आता या मुझे लगता है कि मैं लेखक को जानती हूँ । मैं तो उसकी सहेली को डेट कर रहे हैं । हालांकि मुझे उसकी गर्लफ्रेंड का नाम नहीं पता है । अच्छा सच बताऊँ क्या तो मुझ से मैं खा सकती हूँ । इसके पूर्व की अपनी कोई उत्तर देर बात थी । उस लडकी ने फिर पूछा क्या उनकी गर्लफ्रेंड का नाम कैसी है? नहीं लडकी ने त्योरियां चढानी इससे मुझे कोई फर्क नहीं पडता है कि वह इस लडकी को डेट कर रहा है । मेरे लिए तो हमेशा ओश ऐसी का प्रेमी ही रहेगा । वही उनका सच्चा प्यार है । क्या तुम्हें जानती की उन्हें कोई अलग नहीं कर सकता? अरे दूसरी लडकिया तो सिर्फ उसका ध्यान भटकाने के लिए हैं । कहते हुए उस लडकी ने किसी स्कूली छात्रा की तरह उस किताब को अपनी छाती से लगा लिया क्या? तो नहीं जानती कि वह गाल बनी चरित्र हैं । उस पात्र को सिर्फ इस किताब के लिए ही रचा गया है । अपनी त्योरियां चढाते हुए कहा । लडकी ने तक बरता से उत्तर दिया । हाँ, ठीक ऍम वाली शहर से तो पूरी तरह से काल्पनिक है, जबकि उनकी फॅमिली पूरी तरह से वास्तविक है, प्रेम में थे और उन दोनों के बारे में जो भी कहानियां लिखी कहीं है, वह सकते हैं । मैं आपको सारी कहानियां पढाऊंगी । पूरी आठ सौ साठ कहानियाँ आप अपने आप समझ जाएंगे । वह सारी कहानियां सच्ची है तो उसे प्यार करता था । ठीक है मैं कर लुंगी मैं तो मैं अपना नाम बता नहीं भूल गई । मैं अपनी हूँ, मैं आशीष हूँ । लडकी ने कहा और अचानक उस लडकी के चेहरे के हाव भाव बदल गए, डरावनी को देखती रही । उसके मन में कोई बात आ गई थी क्या? तुम नहीं नहीं क्या तो धवन की कर रहे हो । अपनी ने मुस्कुराते हुए हामी भरी । उसने अपना चेहरा अपनी हथेलियां सच्चे पालियां । मैं गार्ड माफ कर दो । मुझे बहुत बडी गलती हो गई । मुझे आधे उसने टोस्ट । मैं तुम्हारे साथ भी तस्वीर शेयर करी थी तो दोनों एक साथ बहुत अच्छे लगते हूँ । उस ने भावुक होते हुए कहा आखिरकार हैं अपनी नहीं कहते हुए आखें झपकाई । क्या मैं तुम्हारे साथ भी एक फोटो ले सकती हूँ । आॅर्ट के लिए चाहिए । मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा है । हाँ हाँ क्यों नहीं लडकी ने अपना फोन निकालकर दोनों की तीन तस्वीरें ले ली । बाकी राष्ट्रीय भयावनी की ओर देख भी नहीं सकते । ये अपनी कही बातों पर शर्मिंदा थी तो मैं दमन बहुत पसंद है हूँ । अग्नि ने पूछा मैं उसे पसंद नहीं बल्कि प्यार करती हूँ । लडकी ने शीशे में अपने बाल देखते हुए कहा मेरे बाल ठीक लग रहा ना । मैंने कुछ देने के लिए भूरा और लाल कराया है । जल्दी ही फिर से खा लेकर डालूंगी हूँ । आशा है दमन को मेरे बाल पहुॅंचेंगे

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