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muskurane ki wajha tum ho 1

आप सुन रहे हैं तो कॅश किताब का नाम है मुस्कुराने की वजह तुम हो जैसे लिखा है अर्पित वगैरह दिया नहीं और आवाज दी है श्रीकांत सिन्हा नहीं ऍम सुनी जो मन चाहे सोलह जनवरी दो हजार पा रहा है जीवन में कई बार जब आप खुद को पसंद और आवश्यकता के बीच संघर्ष करता पाते हैं तो आपको सब काम पर जाते हैं । कभी आप अपने सहज ज्ञान की सुनते हैं और कभी अपने फिल्की । लेकिन एक चीज जो इस दुनिया में ऑक्सीजन जितनी वास्तविक बनी रहती है वो है मुस्कुराहटों से भरी दुनिया जिसकी आप अपने लिए कल्पना करते हैं । एक दुनिया जो आपको जीने के लिए प्रेरित करती है । एक जीवन जो आपको प्यार करने के लिए प्रेरित करना है और एक प्यार जो इस दुनिया में आपके जीवन को मजबूत ही देता है, पल पीट रहे थे । लम्बे बाल अनंतफल कुछ स्थिति इंतजार करने के बाद रणप्रीत नहीं फैसला किया कि वो सीढियों से नीचे जाएगा और वो जरूरी फोन कॉल करने के लिए लिस्ट आने तक नहीं रुकेगा । वो तेजी से संख्या उतर गया, उसकी आंखों में आंसू भर रहे थे और वो उन्हें छिपाने की पूरी कोशिश कर रहा था । रणवीर के लिए ये अनुभूति कुछ अजीब सी थी । पिछली बार को इस तरह तब रोया था जब अदाके उसका प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद वह पहली बार उसके साथ तीन कर रहा था । रणबीर अपने हाथों से आंसू को रोकने की कोशिश करने लगा । जब सॉलिटेयर कॉर्पोरेट पार्क के ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचा तो अच्छा खासा अंधेरा हो चुका था । वो छुप था बहुत दिल की धडकनों को शांत करने की कोशिश करते हुए सोचते लगा की वो जो कहना चाहता था उसे कहने का सबसे अच्छा तरीका क्या था । उसने लगभग दो हफ्ते पहले अदा को फोन किया था । उस फोन कॉल पे दोनों के बीच में एक बहुत चिडचिडाहट भरें । बहस हुई थी जिसमें दोनों ने सामने वाले पर दूसरे कुंडा समझते हैं कि नहीं, रखत से ही इल्जाम लगाए थे । वहाँ खडे खडे उस नहीं उसे फोन करने का फैसला किया । लेकिन फिर हिचकिचाहट ऑनसोन ऍम कुछ घबराहट के साथ उसने दोबारा उसका नंबर मिलाया । उसने खून अपनी आंखों के सामने रखा था । दूसरी ओर से कुल जमात नहीं मिला और अंत में फोन की स्क्रीन हरी हो गई और कौन संपत्ति का टाइमर शुरू हो गया । रणबीर एक ही समय में व्यक्त था भी महसूस कर रहा था । और उत्साह भी हलो । उधर से आवाज कैसी हो तुम बताओ । उसने कहा लेकिन अच्छा उसकी बात नहीं सुन पाई । उसके शब्द एक बाइक के इंजन की कल कराहट में गुम हो गए । हलो वो दोबारा बोले रणबीर तेजी से भाग कर एक कार पर बैठ गया । कैसी हो तो मतदान सीधे मुद्दे पर आओ । उसके उदासीन था से कहा मैं तो में कुछ बताना चाहता हूँ । उसने कहा और घबराहट के साथ मुस्कुराया । उसने अपने होम घाटे और चारों ओर नजर कुमार कर देखा भी । आस पास कोई है तो नहीं । कुछ दिन पहले मैं बहुत बकवास उन चुकी होटल में । अब मुझे क्यों फोन कर रहे हो? रणबीर चुप रहा हूँ और बता के आगे बोलने का इंतजार करने लगा । अच्छा बताओ मुझे आज क्या खास बात है । अदा ने थोडा शांत होते हुए कहा ठीक है सुनो । आज का दिन खास इसलिए है क्योंकि मुझे लगता है कि मुझे अभी अभी एक अच्छी नौकरी मिल गई हैं । वो एक सांस में पहुँच गया । पिछले कुछ दिनों की तुलना में वो आज काफी खुश लग रहा था । कुछ देर के लिए छुट्टी छा गई । दोनों बहुत तक उसी तरह चुप चाप रहे । रणवीर थे । अपना फोन देखा था तो होना जो स्लाइस उसने कहा और खुशी से जोर से हंसने लगे और अचानक उन सारी भावनाओं जिन्हें उसने की खबर सुनने के बाद से दबा रखा था, उसे अभिभूत कर दिया । इतने दिनों पर तो उसकी हंसी की आवाज सुनकर रणप्रीत के चेहरे पर चमक आ गई । उस दिन की हमारी बहस के बाद आज तुम्हारी आवाज पर खुशी देखकर मुझे किसी भी नाम से बुलाए जाने पर पूरा नहीं लगेगा । इस समय मुझे सब कुछ महत्व बनी लग रहा है । रणप्रीत नहीं हस्ते होना क्या मैं तुम से कुछ पूछ सकती हूँ, बिल्कुल कुछ भी पूछ सकती हूँ । रणवीर ने उत्सुकता से कहा मेरे फ्लैट में इस समय कोई भी नहीं है और मुझे लगता है कि हमें इस कपाल की खुशखबरी के साथ अपना शीत युद्ध खत्म करने में सफल रहे हैं । क्या तुम यहाँ आकर उस खोए हुए समय की भरपाई नहीं करना चाहूँगा? मैं अपने हाथ पैंट पहन कर बैठी हूँ और ये बहुत ही छोटी है । ऋग्वेद हसने लगा और उसे अपने घबराहट गायब होती महसूस हुई । ये उन चीजों में से है जिनसे वैसे भी मेरा मन नहीं भरता हूँ । मैंने पिछले कुछ दिनों से तुम्हारे बजा बहुत दुखी जीवन बिताया है । तो बोलते बहुत हूँ । जरूरी है आज रात मुझे किसी को प्रभावित करना है । वैसे भी हमें मिले दो महीने हो गए, अदा नहीं थी, जैसे उससे हुएकहा । मुझे ये सुनकर अच्छा लगा । जल्दी आना पाए । अगर फोन काटने तक वो काफी रोमांचित हो चुका था । वास्तव में रणवीर की खुशी का ठिकाना नहीं था । उसे अचानक बहुत अस्पष्टता से महसूस हुआ कि उसे आधा से बात करने की कितनी कमी महसूस हो रही थी । बिना एक सप्ताह आगे गए उसने बाइक के शीशे में तेज ही नजर डालें और बाइक स्टार्ट करते हैं । उसकी मुस्कुराहट उसके खुशी भरे आंसू को छिपा रही थी । जिनसे अंतर था, उसकी आंखें भर गई थी । अब वो टूटे हुए दिल के साथ एक हारा हुआ इंसान नहीं था । वो ऐसा लडका था जो कभी कोशिश करना नहीं छोडना था । आज उस नहीं खुद अपने खिलाफ जीत हासिल की थी । सत्ताईस नवंबर दो हजार क्या रहा है? रणवीर ने अपनी नौकरी छोडने की खबर सुनाई तो उनकी बातचीत के बीच एक का एक शांति छा गई । मैं तुमसे एक बात पूछूं तो मैं बुरा तो नहीं लगेगा । उससे लगभग प्रयोगात्मक रूप से पूछा, ये तो सवाल पर निर्भर करता है । हम भी उसने अब तक गुस्सा छुपाने की भरपूर कोशिश करते हुए जवाब दिया तो इतना नाराज होने की जरूरत नहीं है । मैं सब सच्चाई बता रहा हूँ और अपने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहा हूँ । देखो मैं पूरी कोशिश कर रही हूँ ओके हूँ । रणवीर ने गुस्से से उठाते हुए कहा मैं समझा सौरभ मैं तो भारी कुछ है की कल्पना कर रहा था । उस ने कहा लेकिन वो जानता था कि ऐसा होना ही था क्योंकि उसने लगभग एक महीने से उससे ये बात छुपा रखी थी । मुझे इस बात से कोई परेशानी नहीं है की तो मैं एक लेखक बनना चाहते हो । मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि तुम मुझे और मेरे जीवन को अपने तरीके से चलाने की कोशिश कर रही हूँ । रणवीर बोला ये देखते हुए कि तुम हाल में अपना जीवन किस तरह से चलाते आ रहे हो? मुझे लगता है तो भारत दिमाग में कोई गैस है जिसे एक समर्थन प्रणाली सपोर्ट सिस्टम की बहुत ज्यादा जरूरत है । तो तुम्हारे विचारों से अनावश्यक हवा बाहर निकालते और तुम फिर से सामान्य उसको मेरी छोटी सी कोशिश से खुश हो जाऊँ । उसने बनावटी हंसी के साल का । रणवीर ने फिर गुस्से से बालकनी की ओर नजर कुमार ली और बाहर चाहते पक्षियों को देखने का नाटक करने लगा । अगर मैं कहूँ कि मैं बेरोजगार लेकिन तुम से बहुत प्यार करता हूँ तो तुम क्या करोगी? क्या मतलब है तुम्हारा? उसने उत्सुकता से पूछा मेरा मतलब है मैं अपनी पसंद का कोई काम पाने की पूरी कोशिश कर रहा था लेकिन मैं इस बारे में तो मैं पक्के तौर पर नहीं पता चलता है कि मुझे वो काम कब मिलेगा । पहली बात तो ऐसा क्यों करना चाहोगे? ठंडी और दूसरी बात यह भी तुम ने ऐसा करने का फैसला कर लिया है । तो तुम वास्तव में मेरी राय नहीं जाना चाहो गई । इतनी अच्छी तनख्वाह वाले नौकरी इस तरह कौन छोडता है? वो खुद से बताइए क्योंकि मेरा जुनून कुछ और है और जो मैं कर रहा था उसका उस से कोई लेना देना नहीं है जो उनका वास्तविकता से बहुत कम वास्ता होता है । और वैसे भी तो बहार उपन्यास अगले साल होने वाला है । वहाँ तुम अपने दिल की सुन रहे हो लेकिन तुम इस बात को अनदेखा नहीं कर सकते के हमारे देश में लेखकों की ज्यादा कमाई नहीं होती । इतने दिनों तक उदास होकर बेकार खुलने से अच्छा है कि तुम अपनी नौकरी पर वापस चलेगा और ये पक्की बात है । तुम कैरियर के बारे में मेरी पसंद की परवाह कैसे नहीं कर सकता था? उसने कहा, वो समझ नहीं पा रहा था क्या था, ऐसा व्यवहार क्यों कर रही है? मुझे नहीं पता । शायद इसलिए कि तुम्हारे हमारे रिश्ते की ज्यादा परवाह नहीं है । उसने कहा, और कंधे उचकाते । इस तरह से तो किसी भी बेरोजगार व्यक्ति को रिश्ते में रहने का अधिकार नहीं है । ये तो ऐसा हुआ कि वहाँ तुम नौकरी छोडो और यहाँ हम तुम्हें लात मारते हैं । भगवान बिल्कुल नहीं । उसने जल्दी से कहा अभी नहीं । मेरा मतलब अगर तुम अपने बेटों के तरफ देना बंद नहीं कर हो गए तो मेरे हाथ में जो पहले चीज आएगी ना वो वो मैं तुम्हारे सर पे देमार होंगी । मेरा मूड खराब है और पता है कि अब मैं अभी जा रही हूँ क्योंकि तुम्हारे विपरीत मेरे पास एक नौकरी है । और हाँ, मैं तब तक तो भारी क्लास नहीं होंगी जब तक हम अपने लिए फिर से कोई असली नौकरी नहीं तो मिले थे । तुमने अभी अभी मेरा जन्मदिन खराब कर दिया तो फिर के लिए शुक्रिया जाओ तो मैं आप से संतुष्ट हूँ । किसी और के सबसे और खुशी तुम्हारे लिए मायने नहीं रखते । आगे बढो और जो मर्जी हो करो, याद रखो । लेकिन इस बार मैं तुम्हें कॉल नहीं करूंगा । अपने घमंड में चलती रहूँ । अमीरों में अमीर लडकी उसने कोई जवाब नहीं दिया । उन शब्दों ने दोनों को चौका दिया । रणबीर ने ऐसी प्रतिक्रिया की अपेक्षा नहीं की थी और उसे एहसास हुआ कि उसके शब्द को ज्यादा ही कपूर हो गए थे । तो उसे लगा कि वह बातचीत का अंत बेहतर तरीके से कर सकता था और दो एक ऐसे बाकी बोल सकता था जो रद्द होते हुए भी उसे शांत कर सकते थे । लेकिन जब हो गई तो उस ने कुछ नहीं कहा । अदा ने कागज के एक टुकडे पर कुछ लिखा और उसे टेलीविजन के पास रखकर चली गई । हमने कहा था कि आज की रात को तुम खास बनाते हो गई । ये मेरे लिए झटका था । श्रीमान रनवीर मेरे जन्मदिन की रात पर बात करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया हूँ । रणबीर ने कागज पढा तो उसकी आंखों से आंसू की पूर्ण टपक पडेंगे । उसे चार मंजिल उतरकर नीचे जाने में सिर्फ एक मिनट लगा और रणवीर उसे सुन न होकर देखता रहा । जब तक की वो उसकी आंखों से ओझल नहीं हो गई । कुछ दिन बाद वो वापस अपने कमरे में क्या और उस खूबसूरत कोलाज को नष्ट कर दिया जो उसने आधा के लिए बनाया था । उसे बनाने में रणवीर को दस दिन लग गए थे और उसमें उन दोनों की दस अलग अलग और खास तस्वीरें थी । वो जानता था कि उसे नींद नहीं आएगी । इसलिए अगले दो मिनट तक उसमें गुस्से में काम करते हुए हाथों से कुछ लिखा और फिर घृणा और हताशा में उसे हार डाला । ऐसा काम जो अपना गुस्सा व्यक्त करने के लिए करता था । फिर वो अपने बिस्तर में चला गया और निराशा में बत्तियां पूछा । नहीं । सोलह जनवरी दो हजार पारा सुबह रणवीर अदा के साथ हुए झगडे को सौंपा । पुना जी चुका था, जिसकी आते काफी अप्रिय थी । ऊपर से ज्यादा के साथ उसके लगाओ और रिश्ते में उसकी भेद्यता उसे हमेशा एक रोना बच्चा बनाते थे थी । रणवीर ने अदा के माता पिता के अलग होने और फिर व्यक्तिगत कारणों से दोबारा साथ आने की कहानियाँ सुनी हुई थी । उसे डर था कहीं वो भी ऐसी ही स्थिति में आ जाएगा । अच्छा चाहती थी कि रणबीर जीवन में स्थिरता लाए और अपने करियर में आगे बढेंगे । रणवीर अपना सपना पूरा करना चाहता था । दोनों के बीच विवादों के इस मतभेद के कारण रणवीर को पूर्ण काले कॅरियर के रूप में लेखन को चुनने के अपने सपने का बलिदान देना पडा । सुबह सुबह अपने बेटों के अंधेरे में तीस स्वतंत्र से परेशान रणवीत नहीं अपने सिर को एक अतिरिक्त तक केसे दबा लिया लेकिन तब भी वो कानों में आ रही संगीत की तेज आवाज को रोक नहीं पाया । उसने अपना तकिया और एक कंबल एक ओर फेंका और एक मिनट बाद अपने दरवाजे को जोर से बंद करते हुए लक्ष्य के कमरे में घुस गया । वह संगीत की धुन पर थे, रखता हुआ ऑफिस जाने के लिए तैयार हो रहा था । उसका कमरा उसके चौथी हो । अरमानी पर्फ्यूम से महक रहा था जिसने रणवीर की गुस्से को थोडा शांत कर दिया । अगर अगली बार तो मैं करता दो तो मुझसे शराफत भरे व्यवहार की उम्मीद मत करना । रणवीर ने लक्ष्य को एक अदरक दिखाते हुए धमकी दी ठीक है । उसने कहा जैसे तुम्हारी मासी लक्ष्य नहीं लापरवाही से कम जैसे ही लक्ष्य ने जवाब दिया रणवीर ने फैसला कर लिया की उसके साथ एक मौखिक युद्ध का समय आ गया था तो भारी समस्या क्या है? लक्ष्य मुझे इतना तेज सर दर्द हो रहा है और तुम ईडीएम पर कमर हिलाकर नाचने हूँ । तुम्हारा दिमाग खराब हो गया गया । अच्छा क्या मैंने इस महीने का किराया नहीं दिया है? इसका मतलब ये नहीं है कि तुम फ्लाइट में जो चाहोगे वो कर हो गयी । बिलकुल नहीं लेकिन मैं कर सकता हूँ । ऍफ के अपने हिस्से में ठीक है । लक्ष्य के चेहरे पर आत्मसंतुष्टि के भाव थे । रणवीर ने उसकी ओर देखा और कुछ पल शुभ कहा । पिछली रात की ड्रिंक्स नहीं, उसे सुस्त कर दिया था और उसके मुंह का स्वाद भी अजीब सा हो रहा था । वह लक्ष्य की श्रेष्ठता के रवैये को छिलने के मूड में नहीं था । देखो बस से बेकार की बात मत करो । हम सुबह इतनी जल्दी हो गए हैं ये जानते हुए कि कल रात में पूरी तरह धुत हो गया था । और ऐसा नहीं है कि तुम जानते नहीं कि मेरे साथ क्या हो रहा है । इसलिए जाने दो लक्ष्य को किन होंगी और शांति से बोला तो में देखकर मन में तुम्हारी मदद करने की इच्छा आना भी लगभग नामांकित हैं । जब से तुम ने नौकरी छोडी है तो मैं देव खूब की तरह बर्ताव कर रहे हो तो इसी बात पर इतना शोर हो रहा है तब तो शायद मुझे इसकी आदत डालनी पडेगी । उसने अपनी भावनाएं उठाई और लक्ष्य के सुरखा आंखों में घूमते हुए बोला, हाँ, बिल्कुल तो में एक हारे हुए आदमी की तरह बर्ताव करते थे । मुझे काम पर बहुत तुसार आए । एक महीने पहले तक तुम्हारा एक टाइम टेबल खाऊंगा । एक नया जीवन भी तो लगता है कि तुम हाइबरनेशन में जा चुके हो । मैं समझता हूँ कि तुम कोई लिखने से संबंधित कम करना चाहते हो और उसके लिए बहुत कोशिश कर रहे हो । लेकिन जब काम ना बन रहा हो तो अपनी योजनाएं होल्ड पर रखकर आगे बढना चाहिए । तुम सिर्फ तेईस साल के हो की बात है । हमने इसके लिए मुझे बिस्तर से बाहर निकाला । अदा के बाद अब तुम भी मुझे गलत बता रहे हो । मैं वापस स्तर पर जा रहा हूँ । मेरा सर सच में बहुत दुख रहा है । वैसे तुम्हें क्या फर्क पडता है । बकवास मत करो । हर दिन में ये तेज संगीत बजाता हूँ ताकि तुम उठ जाऊँ और अपना दिन बेहतर तरीके से बताओ बचाया । हालत में पडे रहने के लिए मैं ये नहीं चाहता की तो मैं याद है कि नहीं लेकिन पिछली रात हमारी हाउस पार्टी के दौरान तुम जोर जोर से रो रहे थे और लगभग सभी को बुरा भला कर रहे थे । तुम्हें तृषा पर उल्टी भी करते हैं लेकिन कोई बात नहीं । उसे इस की आदत है । बात ये है कि मैं तुम्हें ऐसी जगह जाते नहीं देख सकता जहां से कोई वापस नहीं आता । रन भी उसने गहन भावना के साथ और सब उसके मुँह से निकलते गए । रणबीर बिना एक शब्द बोले वहाँ एक मिनट और खडा रहा । आखिरकार उसने किसी और को वे बातें कहते सुन लिया था जो वो हमेशा से जानता था । अभी भी एक दिन ऐसा नहीं देता था । जब उसे नहीं लगता था कि काश को घडी को पीछे ले जाकर जो कुछ हुआ उसे बदल सकता है । तुम्हारे बिना यहाँ बहुत खाली लगता है रणवीर । उसने कहा कुछ ऐसा जैसे किसी ने इस फ्लाइट की आत्मा निकाल ली हो । कुछ ही शब्दों में उसने बहुत ही समझाते थी । जो कोई और नहीं समझा सकता था उसके किसी और दोस्त में पहले कभी उसे इस भयानक अहसास के प्रति जागरूक नहीं किया था । वो अपने स्वयं के व्यक्तित्व की आवाज भूल चुका था । रणवीर लक्ष्य को बाहर जाते हैं । फिर वो किचन में गया । एक लाख पानी पिया और तभी उसका ध्यान छोटे से चले के निशान पड गया । उसके दाहिने हाथ की अनामिका के ठीक नीचे जो करीब दो सप्ताह पहले ठीक हो चुका था । जब बता दे उसके फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया था तो उसने अपने हाथ में एक सीक्रेट वाली थी । क्या तुम अपनी बेरोजगारी से उप चुके हो और मार्केटिंग मैनेजर के इस नौकरी के लिए आवेदन देना चाहते हो तो बारह से पांच के बीच इस पते पर पहुंचा हूँ । रिंदा से मिलना और मेरा संदर्भ देना बता है बी थ्री जीरो वन सॉलिटेयर कॉपरेट पर अंधेरी लक्ष्य ने उसे संदेश भेजा । आखिरकार रणवीर के चेहरे पर मुस्कान आ गई । हवा में कुछ ठंडा आ गई थी । उसके समुद्र के सामने के फ्लैट, पैसे, हवा का एक झोंका गुजर गया था । लक्ष्य के उसके प्रति चिंता और मुश्किल हालातों में इस तरह के बिना शर्त समर्थन ने उसके दिल को छू लिया था । दीवार खडी पर समय देखने के लिए वह एक कदम पीछे आया एक ग्यारह बजे थे । अपने कमरे की ओर चाहते हुए उसने फिर से संगीत चालू कर दिया । फिर उसने अपना तौलिया निकाला और बाथरूम में चला गया । लगभग दो महीने बाद वो एक नहीं बात करने जा रहा था । सोलह जनवरी दो हजार बारह शाह शाम चाहते । पक्षियों और पत्तों की सरसराहट से जीवन थी, चांदी कर लाया था और उसकी तो दिया रोशनी में । रणबीर कंपनी की खुली छत वाली बालकनी में इंटरव्यू के तीन लम्बे राउंड उसके बाद इंतजार कर रहा था । फिर उसे अंतिम राउंड के लिए बुलाया गया । आयरन वेत कृप्या बैठ जाएं । वृंदा ने उसे बैठने का इशारा किया । धरने वाला उसने कहा नसरे घुमाकर अच्छा रेट के विशाल ऑफिस को ध्यान से देखते लगा । हम आपसे वो सब कुछ हो चुके हैं जो आप के बारे में जानना चाहते थे । मुझे लगता है हमारे पास आपके लिए फॅार मार्केटिंग सेल्स की पोस्ट है । आप कितनी चलने की उम्मीद कर रहे हैं? मैं एक साल के अनुभव वाले व्यक्ति को भुगतान करने के इंडस्ट्री के स्मारकों को जान सकता हूँ । मैं एक साल के अनुभव वाले व्यक्ति को टन करने की इंडस्ट्री के मानकों के साथ जाना चाहता हूँ था । लेकिन आप बिल्कुल अलग पृष्ठभूमि और इंडस्ट्री से आते हैं । इसलिए हमारे लिए आप लगभग नए जैसे हैं । रणवीर ने बात समझते हुए सिर्फ खिलाया । हम आपको साढे चार लाख रुपये प्रति वर्ष का कुल पैकेज दे सकते हैं लेकिन आपको बडे इंसेंटिव कमाने का सब मिलेगा और आपका फ्रेंड के खर्चा लग होंगे । उसके च्विंगम चबाते हुए कहा और अपनी भावनाएं उठाकर उसकी ओर देखा । जैसे उसे जल्दी निर्णय लेने के लिए चेतावनी दे रही हूँ । मैं ऑफिस में पहली बार प्रवेश करते ही समझ गया था तो उसे मनचाहा पैकेज नहीं मिलेगा । लेकिन कुछ न कमाने से थोडा बहुत कमाना हमेशा बेहतर होता है । हालांकि अपने दिल की गहराई में तो बहुत उत्साहित और आश्चर्यजनक रूप से खुश महसूस कर रहा था । आप सब तीस साल के युवा है । आप इस अवसर की मदद से शानदार कॅरियर बना सकते हैं । इसके अलावा यहाँ को विकेट्स पर छुट्टी मिलती है कि आपको सोचने के लिए कुछ समय चाहिए । नहीं नहीं मैं यहाँ काम करना चाहता हूँ । मुझे ये मौका देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया । बहुत बढिया आपका इस कंपनी में स्वागत है । कल सुबह साढे नौ बजे पर रिपोर्ट करिए और फिर हम आगे बात करेंगे । रणवीर ने मुस्कुराकर सिर्फ खिलाया और कमरे से बाहर निकल गया । उसने खेती से बाहर देखा । चानकी तो दिया रोशनी में पेड चांदनी जैसे लगने लगे थे । आसमान तारों से भरा था और वह भारत ता से मुस्कुराते हुए उन्हें देखने लगा । लिफ्ट के ऊपर आने का इंतजार करते हुए वो आधा और नौकरी ढूंढने के अपनी पिछले दो महीने के संघर्ष के बारे में सोचने लगा । उसने नीचे पहुंचते ही उसे फोन करने का फैसला किया ।

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रणबीर अपने परिवार के साथ रहते हुए इंदौर में बडा हुआ था लेकिन कुछ साल पहले कैरियर की तलाश में वह मुंबई आ गया था । रणवीर हमेशा से एक उलझन में रहने वाला बच्चा था और विभिन्न कंपनियों के साथ दो चार नौकरियाँ करने के बाद जिन्होंने उसे बिल्कुल उत्साहित नहीं किया । उसने कई युवाओं की तरह अपने सपने का पीछा करने का फैसला कर दिया । जब एक प्रकाशक उसका उपन्यास छापने के लिए तैयार हो गया । वो एक मशहूर लेखक बनने के बारे में सोचने लगा जो फिल्मों के लिए कहानियाँ लिखता हूँ और इसकी कल्पना जीवन की संभावनाओं के रूप में भी करने लगा । जब पहली बार उसने अदा को बताया की वो उनके रिश्ते पर एक उपन्यास लिख रहा था तो उसे सुखद आश्चर्य हुआ और पहले कुछ सत्याय पडने के बाद वो भावुक हो गई । इस समय यदि उसे किसी चीज का इंतजार था तो वो हाथ में अपने उपन्यास के प्रति लेने का था । एक साल पहले उसने इसी तरह पार्टी दी थी जब उसने अपना उपन्यास पूरा करके एक प्रकाशक के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किया था जो उसी साल अक्टूबर में उसे प्रकाशित करने को लेकर उत्साहित था । रणबीर खेती के पास खडा हुआ । लक्ष्य को हाउस पार्टी के बाद अपने दोस्तों के साथ चाहता हुआ देख रहा था जो धनवीर की नई नौकरी के उपलक्ष्य में थी । वो अपने आप में मुस्कुराते हुए सोच रहा था कि उन सब ने कितना अच्छा समय बिताया था । उसे अक्सर लगता था की दुनिया में बहुत से लोग दिखावे का अच्छी बन जीते हैं और इस प्रक्रिया में खुद को खो देते हैं । उसे विश्वास था कि लक्ष्य उन लोगों में कभी शामिल नहीं होगा । ऑफिस में पहला महीना रणवीर के लिए बहुत व्यस्त था और वो आधा से बिल्कुल नहीं मिल पाया था । दोनों हर घंटे दो चार मिनट के लिए यही इधर उधर की बातें कर लेते थे और फिर अपने अपने काम में लग जाते थे । नौकरी लगने के बाद से कई बार ऐसा हुआ कि उसकी अदा से मिलने की इच्छा हुई लेकिन वो उस से नहीं मिल पाया । बहरहाल आज की शाम पहले ही पिछले कई शामों से ज्यादा यादगार बन चुकी थी इसलिए उसने उसे और भी बेहतर बनाने का फैसला कर लिया । एक बार फिर वो मुस्कुराया और चाप याद से में रखते हुए मुड गया । चांद की रोशनी में वह सीरिया उतर के और के बाद में कुछ योजनाएं बनाते हुए अपनी बाइक की ओर बढ गया । अब ये था एक सप्ताह हम रणवीर ने अपने आप से कहा उसने अपनी जैकेट पहनी और बाइक सडक पर दौडा नहीं । कुछ शनिवार की रात टाइम में अपने चेहरे को देखकर रणवीर अब भी विश्वास नहीं कर पा रहा था कि उसे एक बार फिर उसकी मुस्कुराहट वापस मिल गई थी । वह दस मिनट में अदा के फ्लैट के नीचे पहुंच गया और वहाँ से इसे कॉल किया । आॅफिस क्या कर रही हूँ? रणबीर मैं इस समय किसी सामान्य इंसान की तरह हो रही हूँ । क्यों क्या हुआ? अदा नहीं जबरदस्ती आंखे खोलने की कोशिश करते हुए पूछा क्या तुम अभी नीचे आ सकती हूँ? नीचे तुम्हारा मतलब तुम यहाँ मेरे अपार्टमेंट में हूँ? हाँ तो मैं कोई परेशानी है । रणवीर की आवाज में उत्साह था । हाँ है तो लेकिन फिर भी मैं ये जानने के लिए नीचे होंगे कि तुम्हारे दिमाग में चल क्या रहा है । मैंने तो मैं कितना में किया था । वो नीचे आई तो रणबीर नहीं उसे बाकू में भरकर उसका माँ खा चुके । वो अपने पहचानों में बेहद खूबसूरत लग रही थी । हाँ मैंने भी तो भी मिस किया लेकिन तो मैं तेरे से हुआ है । मुझे लगता है हमें अपने रोज के बोरिंग कामों से छुट्टी लेकर लोनावाला जाना चाहिए । उसने कहा, हम बस्ती करेंगे । रणवीर जानता था कि ये कोई बहुत शानदार योजना नहीं थी लेकिन उस समय वह इतना ही सोच पाया था बिल्कुल नहीं बताने का । मैं उत्तर तो नहीं होंगे । इतनी दूर सफर करने का कोई मतलब नहीं है और वैसे भी मैं बहुत थक चुकी हूँ । मुझे सुबह जल्दी उठकर पैकिंग करनी ऍफ बदल रही हूँ । अपने यहाँ ऐसा मत करूँ । वैसे भी हम ने काफी दिनों से साथ में ज्यादा समय नहीं बिताया है । मैं सच में आज तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ । मैं भी उस ने कहा लेकिन मुझे कभी और वहाँ जाने में ज्यादा खुशी होगी । उस ने अपनी असहमति जताते हुए अपनी नाक सीखूंगी । पलवल दोनों में से कोई नहीं बोला । बस रणवीर ने सिर्फ मिला था कुछ होना । अदा ने आग्रह किया । वह समझ रही थी कि रणबीर निराश हो गया है गुड नाइट । उसने उदास स्वर में कहा, अब ऐसा मासूम चेहरा मत बनाओ या तुम जानते हो । मुझ पर इसका जादू चल जाता है । उसने अपनी चाहे मोडकर उसके काल को चुना और बाइक पर उसके पीछे बैठ गए । चलो चलते हैं । रणबीर हसने लगा और बोला मुझे खुशी है तो मान गई फॅस मुझे मारना ही था । भाई लडकियों आई लव यू टू रणबीर नहीं नहीं का उसे बहुत खुशी महसूस हो रही थी । वो जानता था की ज्यादा में कुछ था । कुछ ऐसा जो बहुत ही दुर्लभ था । कुछ ऐसा जिसकी उसने पहले भी तलाश थी लेकिन उसे किसी और में नहीं मिला था । अधिकांश समय दुनिया भर की बातें करते रहे और उनका अच्छा हूँ वैसा ही बना रहा । खोपोली के जंगलों में रणवीर पाइप थीमी करके अपना मोबाइल निकाला । उसने फोन को वाइब्रेट होते हुए महसूस किया था और वो सोच रहा था कि इतनी रात को किसने फोन किया होगा । मोबाइल चेक करने के लिए ये जगह सही नहीं है । रणवीर मुझे डर लग रहा है । पता नहीं चारों ओर देखते हुए का उसे अंधेरे से डर लग रहा था । रणवीर को एहसास हुआ कि फोन तो बचा ही नहीं था और आगे कई किलोमीटर तक रोज भी नजर नहीं आ रही थी । ऐसी बात है तो मुझे यहाँ उससे रुकने में खुशी होगी । बाइक के लंबे सफर से ब्रेक लेते हुए दोनों साथ खडे रहे । बिना कुछ बोले और फिर रणवीर ने छोटा कदम आगे बढाया था । आपने नाइट सूट में थी उसके बाद मुझे और देखते हुए थे लेकिन फिर भी वो बहुत प्यारी लग रही थी । इस बार अदा चुम्बन की उम्मीद कर रही थी और वो चाहते थे कि रणवीर पहल कर रही । वो उसके इतने करीब खडे होने की खुशी से खुद को वंचित नहीं कर पा रही थी । रणबीर ने अपना सिर्फ हल्का सा झुकाया और उसके खूबसूरत फोटो को अपने होठों के पास ले आया । वह अदा की आंखों में हैरानी देख सकता हूँ । मस्सों में वो एक प्यार से अभी कुछ नहीं था लेकिन उसके बाद मैं बस एक दूसरे को देखते रहे हैं । ये सोचते हुए कि वो पल कितना था, रणवीर नहीं खुद को पीछे कर लिया और अपनी बाइक स्टार्ट करने के लिए मोड गया । अदा तौर थी हुई उसके पास आई तो उसका खून उबल रहा था । ठीक नहीं है, बिल्कुल ठीक नहीं है तो उसके मुंह के पास बताएँ । अब तो मैं अंधेरे से डर नहीं लग रहा है । रणवीर ने कह रही नजर से उसकी ओर देखा नहीं लग रहा है और क्या हूँ । अब तुम उससे पूछताछ करना बंद कर होगी । उसने कहा और रणवीर नहीं, धीरे से अपनी हो कीजिए । वो सहज रूप से उसके स्पष्ट का मतलब समझ गई थी । कुछ देर के बाद पे रोना हमला तक की यात्रा को जारी रखने के लिए चलते हैं । बोर्ड में तीन बजें लोनावाला के लाइन पॉइंट्स पर कुछ मजेदार खाना खाने के बाद उन्होंने वापसी यात्रा शुरू करती । लौटते समय दोनों में से कोई कुछ नहीं बोल रहा था क्योंकि वे अभी भी उस खूबसूरत पलों में हुए थे जो उन्होंने साझा किए थे और उनके हाथों में भी तो उन्होंने एक साथ बनाई थी । अप्रैल के पहले सप्ताह में गर्मी अपने पूरे शमा पर थी और तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस पार कर चुका था । महीने के अंत तक गर्मी बर्दाश्त के बाहर हो गयी । मई की शुरुआत बेमौसम की ठंड के साथ एक ऐसी चीज है जो पिछले एक दशक में नहीं हुई थी । एक सप्ताह का गर्मी की एक बहुत लहराएंगे जिसने मुंबई के लोगों के लिए भी मौसम को असहनीय रूप से गर्म और मात्र बना दिया । पूरी गर्मियों के दौरान रणबीर और अदा का रिश्ता स्वस्थ्य बना रहा है क्योंकि दोनों ने एक साथ अच्छा समय बिताया । दिनचर्या में स्थिरता आ जाने के कारण अभी लंच साथ में करने की कोशिश करते थे । रणबीर का ऑफिस सुबह दस बजे शुरू होना था और शाम सात बजे खत्म होता था क्योंकि वो मार्केटिंग भी बहुत में था और विभिन्न लोगों के साथ मीटिंग करने के लिए ज्यादा समय बाहर रहता था । इसलिए जब भी संभव होता था मीटिंग हूँ और आधा के ऑफिस के बीच शटल करता रहता है । उन चार महीनों के दौरान रणबीर अदा को आप इस छोडने भी जाता था और वहाँ फिर लेने भी जाता था । वो खुद भी दी हुई समय सीमा से पहले अपना काम पूरा करने में व्यस्त था । इस बीच अदा एक नए फ्लैट में शिफ्ट हो गई थी और उसकी अपनी फॅमिली और नीचे हैं और विश विभाग से अच्छी दोस्ती हो गई थी । ऍम थी और विश विभाग जो अमेरिका से लौटी एकल महिला थी, एक स्टार्टअप कंपनी में मार्केटिंग प्रमुख थी । रणबीर ने भी अपना प्रोबेशन पीरियड खत्म कर लिया था और आपने कैरियर में आगे बढा रहा था । उसने अपने काम में आत्मविश्वास प्राप्त कर लिया था और कुछ ही महीनों में पदोन्नति प्राप्त करके टीम लीटर बन गया था । लेकिन सब कुछ इतना सुखद प्रतीत होते हुए भी रणवीर को अपने रिश्ते में कहीं पे जाने से महसूस हो रही थी जैसे वो पूरी तरह समझ नहीं पा रहा था । वो बच्चा नहीं उसे कभी कभी तरह देती थी और वो कुछ असहज हो जाता था लेकिन फिर को हमेशा की तरह अदा से पूछता है क्या उसे कोई चीज परेशान कर रही थी और वह जवाब देती है की उसे अपनी कल्पना का उपयोग अपने उपन्यासों में करना चाहिए, रिश्ते में नहीं । क्योंकि दोनों के बीच सबकुछ बिल्कुल ठीक था और वो उससे बहुत प्यार करती थी । गर्मी का मौसम खत्म होते होते कंपनी में उसकी जिम्मेदारी बढ गई जिसके कारण वो शनिवार की छुट्टी नहीं दे पाता था और कभी कभार उनकी योजनाओं पर पानी फिर जाता था । वो जो उन की एक शाम थी और रणबीर सोच में कुमार हुआ अदा की बालकनी में खडा था । वो हर प्रकार से आकर्षक लगने की पूरी कोशिश कर रहा था । उसने अपने जीवन में पहली बार टैक्स छोडो पहना था और वो बहुत तेज कर रहा और स्मार्ट लग रहा था । तुम्हें मेरे लिए ये सब करना बुरा तो नहीं लगता है ना । सच्चाई थी कि रणवीर तेईस वर्ष का था और एक मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आया था । उसका दिल निश्चित रूप से उन का था जब सिर्फ एक अवसर के लिए ब्लैकबेरी टैक्स फोटो खरीदने में उसके खाते से बीस हजार रुपये निकल गए थे । मैंने तुमसे कहा था ना कि तुम्हारे चेहरे पर ये खुबसूरत बस काम देखने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ । उसने कहा और ज्यादा का माथा छोड दिया मैं दिल्ली ये बहुत बहुत पहले रखती है और तुम बहुत अच्छे लग रहे हैं । मुझे विश्वास है मम्मी पापा तो में पसंद करेंगे । पता नहीं कहाँ और उसे अपनी माँ की एक बात कहीं बात याद आ गई । एक मत के बारे में राय उसके कपडों से बनाओ, उसके मीठी बातों से नहीं क्योंकि उसमें तो वह पहले से ही अच्छे होते हैं । रणबीर को अदा की मुस्कुराहट अच्छी लग रही थी और आधा को रणवीर का उसे एक लंबे बाल तक लगातार देखते रहना उसने उसने रणबीर की हर बात अच्छी लग रही थी । कभी कभी वो खुद को उन दोनों के सपनों के घर का सपना देखते हुए भी पाती थी जो एक समुद्र तट पर स्थित होता है । उस लिए सोचना अच्छा लगता था कि वे आस पास के लोगों में सबसे अमीर होंगे और उनके पास दुनिया का हर ऐशोआराम होगा । उस भाषा कर सकती थी कि रनवीर भी इन्ही चीजों के बारे में सबसे देखता होगा । तुम परेशान लग रहे हो । अदा ने आॅल का प्रतिबिंब देख कर रहा बोस के कमरे में उसके पीछे खडा था । जब की वो अपने मेकप को अंतिम रूप दे रही थी । मैं परेशान हूँ । लेकिन ये तो सिर्फ मम्मी पापा के साथ एक ट्रेनर है, जिसमें परेशान होने की कौन सी बात है । हाथ में तो अलग रंगों की वो टाई पकडकर वो सोच रहा था कौन सी पहले और फिर उसने काली वाली का चुनाव किया । शायद तुम्हारे लिए नहीं होगी तो मुझे जानती हो आखिर वे तुम्हारे ऍम फॅमिली हूँ । दो साल पहले जब हमने उन्हें एयरपोर्ट से लिया था और ज्यादा बात भी देखी थी अगर उन पर मेरा अच्छा प्रभाव नहीं पढता हूँ, चिंता मत कर मैं खुद भी पिछले कुछ सालों में उनसे ज्यादा नहीं मिली हूँ । वो लोग वैसे भी अपने जीवन में बहुत व्यस्त हैं । पता नहीं उसके गले लगाते हुए कहा मुझे विश्वास है मैं तो मैं पसंद करेंगे लेकिन अगर मैंने उन पर पूरा प्रभाव डाला हूँ, उन्हें कोई फर्क नहीं पडेगा । वो मुझे अच्छी तरह जानते हैं । अंतिम निर्णय मेरा होगा उन का नहीं । ये सब मेरे लिए इतना तनाव पर नहीं होता हूँ । अगर तो मुझे उनसे मिलने पहले लेकर होती तो मैं अपने फॅमिली ले जाने में बहुत लंबा समय लगा दिया । मुझे दोष मैं तो दिसंबर में आए थे और उस समय तुम बिना शेप क्या चेहरा और लंबे बाल लेकर बेरोजगार बैठे थे तो मैं उस समय उनसे मिलाकर मैं अपने भविष्य के साथ जो कि नहीं ले सकती थी तो तुम कभी भी उस बात को लेकर शर्मिंदा हो गया । उसे भूल चुकी हो । बेकार की बात करुँ, मेरा विश्वास करो । मेरा इरादा पूरी तरह स्वार्थी था क्योंकि उनके सामने मैं तुम्हें हमेशा तो भारत सबसे अच्छे रूप में देखना चाहती हूँ । क्या मुझे हमेशा इस बात की चिंता करनी पडेगी और उन अनकहे नियमों और शर्तों पर चलना पडेगा जो तुमने मेरे लिए बनाए? ज्यादा नहीं । आप ही अच्छा ठीक है, ये पहली और आखिरी बार होगा । पिछले कुछ सालों में तुम्हारे बारे में बहुत सारी बातें करके मैं पहले ही उन्हें काफी प्रभावित कर चुकी हूँ और वो इतने ना समझ नहीं है कि उनका इस पर ध्यान नहीं गया हूँ । लेकिन मैं तो बता रही हूँ हम भविष्य में बहुत शानदार समय बिताने वाले तो बात बदल रही हुआ था । मैं जानती हूँ रनवीर लेकिन तुम समझ क्यों नहीं रहे हो? मैं तो बहुत प्यार करती हूँ और चाहती हूँ कि तुम सहज और आत्मविश्वासी महसूस करूँ । हमें पांच मिनट पर निकलना है । अगले कुछ पल दोनों में से कोई नहीं बोला तो मुझे बहुत अच्छी लग रही हुआ था । उसने मुस्कुराकर अदा की आंखों में देखा । मुझे खुशी है कि तुम मुस्कुरा रहे हो । इसके लिए थैंक्स और ये सब करने के लिए दे । घर के बाद हमारे पास दुनिया भर का समय होगा । खयाल अच्छा है । वो उसने कहा और एक मिनट बाद नीचे जाने के लिए लिफ्ट में थे । ये सोचते हुए कि सब कुछ ठीक होगा या नहीं । रणवीर ने रास्ते में रुककर राधा के मम्मी पापा के लिए खूबसूरत साबू के ले लिया । अदा ने संतुष्टि के साथ उसकी ओर देखा और वे लक्ष्य की वॉक्स वैगन पोलो में बैठ गए, जो रणवीर ने एक दिन के लिए उधार ली थी ।

muskurane ki wajha tum ho 3

धीरे धीरे शाम के गहराने के साथ अदा ने महसूस किया की रणबीर के दिखा हैं । उस पर सामान्य से कुछ ज्यादा देर तक टिकने लगी थी । उसे आज शादी हुआ लेकिन फिर वो हमेशा से जानती थी रणबीर को डेट करना शुरू करने के पहले से कि वह उसे ज्यादा प्यार करता था । वो उसे खुश करने के लिए हमेशा कुछ अतिरिक्त करने के लिए तैयार रहता था और था उसे पाकर खुश थी । एक घंटे बाद रणवीर और ज्यादा वैलेट पार्किंग के लिए चाबियां देकर ऍम के मुख्यद्वार की ओर पढ रहे थे । अदा के पैरेंट्स आउट तो टेबल पर बैठे थे और दोनों को अंदर आता देख रहे थे । उसके पापा एक जहरीले साहब की तरह लग रहे थे जो रणवीर को काटकर मार डालना चाहता था । हाय बच्चों उन्होंने कहा मुझे खुशी है कि तुम लोग आप आएंगे । अदा अपने मम्मी पापा से कसकर गले मिले और फिर उनसे रनवीर का परिचय कराया । आप लोग रनवीर से मिल चुके हैं । है ना एयरपोर्ट । उसके पापा ने साहस था से कहा लेकिन उसको दो साल हो चुके हैं और फिर उस दिन हम कई लोगों से मिले थे । कैसा चल रहा है रणवीर अच्छा चल रहा है शुक्रिया । आप लोग कैसे हैं? उसने पूछा वो अभी भी थोडा घबरा रहा था । चल हम लोग भी अच्छे रणवीर तुमसे मिलकर खुशी हुई । अदा की । मैंने कहा और रेस्टोरेंट की ओर मुड गई । चले हम लोग । हाँ हाँ बिलकुल । उसने कहा । और उसे एहसास हुआ कि उसने अभी तक उन्हें भूके नहीं दिया था । अदा नहीं । उसे बुके देने का इशारा किया । ये आपके लिए है । उसने कहा और बुके अदा की । मम्मी को दे दिया । उन्होंने मुस्कुराकर बुकें ले लिया । ऍम बहुत सुंदर है । वो रेस्टोरेंट के अंदर जाकर एक टेबल पर आराम से बैठ गए । जहाँ से समुद्र का दृश्य आप दिखाई दे रहा था । अदा शर्माती हुई अपनी माँ के पास बैठ गई । उसके बाद ही उसकी वो छुपकर उसका माथा छीन लिया । पांच लम्बे मिंटो तक वे परिवार और अन्य चीजों के बारे में बात करते रहे और कभी बेटर वाइन ले आया । उस पूरे समय के दौरान रणवीर मुस्कुराता रहा । अच्छा रणवीर सब तुम्हारी बारी और ये आएंगे पूछताछ की बारी । उसने कहा तो सब हंसने लगे । अच्छा अच्छा । हम तुम्हारी नौकरी के बारे में तो जानते हैं, क्योंकि ज्यादा हमें उसके बारे में पहले ही बता चुकी है । लेकिन मैं तुम्हारे बारे में थोडा बहुत और जानना पसंद करूंगा । इस बात के अलावा की तुम एक उपन्यास लिख रहा हूँ । शायद यही सब कुछ होगा जो मैं अपने बारे में कहना चाहता हूँ । तुम्हारी भविष्य के लिए योजनाएं हैं तो अपना पोस्टग्रेजुएशन कब करोगे हो? मैं दोबारा कॉलेज नहीं जाने वाला हूँ । रणवीर में ये बात बहुत विश्वास के साथ रही थी क्योंकि भले ही उसे ये नहीं पता था कि वह क्या करना चाहता है लेकिन वो ये निश्चित रूप से जानता था कि उसे क्या नहीं करना था । वो अदा की माँ बोली क्या? तो मुझे नहीं लगता कि तुम्हें उस की जरूरत है नहीं मैं ये नहीं कह रहा हूँ । मेरा मतलब है मैंने कैट की परीक्षा दी थी । नहीं नहीं मैं कहूंगा की तो मैं उसे निराश नहीं होना चाहिए । मेरा मतलब है हर कोई उस परीक्षा में सफल नहीं हो सकता है । ये कभी मुश्किल होती है । अदा के पापा ने ये सोचकर बीच में टोका कि वो कैट में असफल रहा । वेल मेरे टोमॅटो थे । उसने शर्माते हुए का इस कोशिश के साथ वो अभी मानी ना लगे ये तो बहुत ही बढिया स्कोर है । तब भी ऐसे स्कोर के साथ तो नहीं आई आई एम में एडमिशन मिल सकता है । उसके मारे साफ साफ फहराने के साथ कहा शायद लेकिन मुझे फॅस लिखना पसंद हैं और मेरा परिवार मेरे साथ है । बहुत अच्छी बात है और इसमें कुछ गलत भी नहीं । अदा के पापा बोले था मुझे बहुत ज्यादा की जरूरत नहीं है । अच्छा खाना, मेरा परिवार, मेरे दोस्त और एक अच्छी लडकी जिसके पास मैं घर लौट ये आज के मॉडर्न समय की फॅमिली । लेकिन क्या मैं तुम्हें एक सलाह दे सकता हूँ? हर नहीं पापा अदा नहीं होगा । उन्होंने उसके टूटने पर ध्यान नहीं दिया और अपनी बात चाहते रखी । मैं कैसे आदमी के रूप में बोल रहा हूँ जैसे काम करते हुए तीस साल से ज्यादा हो गए । उन्होंने कहा, और रणवीर मुस्कुराकर बोला जी बिल्कुल । वे आगे बोले, किसी चीज के लिए जुनून होना अच्छी बात है । लेकिन जीवन में सिर्फ जुनून की जरूरत नहीं हूँ । आपको और चीजों की भी जरूरत होती है । जैसे मुंबई में आपका एक फ्लाइट, एक शानदार कार, एक अच्छे जीवन शैली और समाज में एक अच्छी ऍम जो आपको सब उपन्यास लिखकर नहीं मिल सकती है । रणवीर पहचानी और असहमती में अपनी गोद में रखे उंगलियाँ थक आने लगा । मैं समझ गया मुझे विश्वास है कि एक दिन मेरे पास ये सभी चीजें । लेकिन फिर भी मेरा मानना है कि इंसान का जुनून पहले आता है । आप समझ रहे हैं अगर जुनून पूरा हो जाता है तो आप सबसे ज्यादा खुश होते हैं और अंत में उससे ज्यादा महत्वपूर्ण क्या हो सकता है । हालांकि पापा असहमति में एक बनावटी हंसी जानते हैं । मैंने ये सब अपनी आंखों से देखा है । मैं जानता हूँ कि सबका पूरा होने पर कैसा महसूस होता है और ये भी जानता हूँ इस अपना पूरा न होने पर कैसा महसूस होता है । इसलिए मैं पहले अपने सपने के पीछे जाना पसंद करूंगा । रणवीर नहीं सोचते हुए कहा तो तुम पहले भी अपने सपनों का पीछा कर चुके हो । अदा के पापा ने पूछा नहीं तो वह मुस्कुराया लेकिन मेरे दोस्तों ने किया है । एक पायलट बनने का सपना देखता था दूसरा न्यूज एंकर बनने का और ये समझ में भी आता था । मैं जानता हूँ कि मैंने अपने लिए जो रास्ता चुना है वो आसान नहीं है और छोटा भी नहीं हैं । लेकिन फिर भी मैं यही करना चाहता हूँ । अपने सपने को पाना चाहता हूँ । ऐसा सपना जिसके लिए आप लडते हैं । जैसे आप हमेशा सबसे पहले रखते हैं जो आपके मन में अच्छा बनने की और हमेशा बेहतर करने की इच्छा पैदा करते हैं और ऐसा हर उस छोटे सपने के साथ नहीं है तो मैं देखता हूँ बल्कि उस एक सपने के साथ जो मेरा है । आप जब मैं उसे पूरा कर लूंगा तो मेरे लिए वही सब कुछ होगा जिसके मुझे जीवन में जरूरत है । मुझे विश्वास है कि जो लोग मेरे करीब है वह मुझे समझ पाएंगे । बडे सपने और कोई योजना नहीं । सुनने में बहुत अच्छा लग रहा है । उसके पापा ने व्यंकट दिया । शायद मुझे कहना चाहिए था इस साल में आईआईएम जा रहा हूँ । रणवीर ने भी व्यंग्य से जवाब दिया हाँ तो मैं सच में यही कहना चाहिए था । वो ऐसा सिर्फ इसलिए कह रहा है क्योंकि आपने उसे कहने पर मजबूर कर दिया । अब बेचारे बच्चे को छोड दीजिए । अदा की माने तनाव कम करने की दृष्टि से हस्तक्षेप क्या कुछ बल्कि चुप्पी के बाद अदा की माँ बोली मुझे आशा है तो उस सपने को पूरा कर लो के रनवीर ऍम मेरा मतलब है अंकल ने भी नहीं किया था और अपने बल पर इतना बडा बिजनेस खडा कर लिया । मैं भी आशा करता हूँ आपके अपने सपने के साथ कुछ अच्छा करता हूँ । सब के लिए अदा नहीं । दोस्त के लिए अपना वाइन का ग्लास उठाया था कि रनवीर और उसके पापा का ध्यान दूसरी ओर कर सके । सपने एक साथ जवाब दिया और अपने क्लास तक रहे तो फॅस । अगले पंद्रह मिनट में अदा के बचपन की बातों और उसके शैतानियों की हल्की फुल्की बातों के बीच उन्होंने अपना खाना खत्म कर लिया । रणवीर अपने ऑफिस का किस्से सुनाकर उन्हें खास आता रहा । उसने जानबूझ कर ऐसा किया ताकि शाम एक खुशनुमा नोट पर खत्म हो अदा के मम्मी पापा को या तो छोड कर और उन्हें अल बिना कहकर जब वापस लौट रहे थे तो दोनों के दिमाग में अदा के पापा और रणवीर के बीच की बातचीत बार बार नहीं रही थी और अब पिछले कुछ महीनों में पहली बार उन्हें कार के अंदर की हवा में एक तनाव सा महसूस हो रहा था जिसका कारण आसानी से समझा पाने में दोनों ही असमर्थ थे । लेकिन तनाव था और उसी ने दोनों को इतना शांत रखा हुआ था । वे एक सब तभी बोले बिना रणवीर के फ्लैट पहुंच गए । दोनों ने फ्लैट में प्रदेश किया लेकिन रेलवे का अदा से बात करने का मन नहीं हुआ । अगर का भी वही हाल था रणवीर ने एक अजीब से दूरी बनाई हुई थी जिसकी वजह से उसका भी मूड खराब था जो आधा के पेरेंट्स के साथ एक अनौपचारिक दोस्ताना साडी ना होने वाला था । रणवीत निश्चित रूप से जान गया था कि वो उससे कहीं गंभीर मुद्दा बन गया था । अगर सोच रही थी की खून हुई चीजें जिनके बारे में रणवीर ने चर्चा नहीं की थी, अचानक इतनी महत्वपूर्ण लगने लगी थी और उसे उन पर चर्चा करने की जरूरत महसूस होने लगी थी । उसने गहरी सांस ली और कहा रणवीर तुम बात कि नहीं कर रहे हो, मैं बात नहीं करना चाहता हूँ । बात करने के लिए कुछ है भी नहीं । अच्छा चलो हूँ कितने आत्मसंतुष्ट होगा? हाँ, तुम अच्छी तरह जानते हो के आज तुम अपने असली रूप में नहीं थे । अच्छा सच में तो मैं इस बात का एहसास तुम्हारे पापा के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद हुआ । अच्छा ये तो एक साधारण सा दे ना होने वाला खाना नहीं उसकी आंखें कुछ फैल गई । रणबीर मैं नहीं उन्होंने तुमसे तुम्हारी भविष्य की योजनाओं के बारे में कुछ पूछा था । लेकिन तुम तो बात को थोडे बेहतर ढंग से संभाल सकते थे । तुम्हें नहीं लगता हूँ कि आपको मेरे पापा के साथ कुछ ज्यादा ही रुके थे । आधा को उसकी आंखों में गुस्सा दिखाई दिया । भारत दिमाग खराब हो गया है या फिर तुम सिर्फ एक पक्षपाती और पिता के प्यार में अंधी बेटी बन रही हूँ? उसने पूछा, नहीं रखते, मैं तो पक्षपात कर रही हूँ । नहीं, मेरा दिमाग खराब है । मैं ऐसा इसलिए कह रही हूँ क्योंकि मैंने तो मैं अधीर होते देखा था और उनके सवालों पर तुम्हारे जवाब भी सुने थे । अब का सिर हिलाते हुए रणबीर एक गहरी साफ छोडी और बोला, फिर मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता हूँ । आप शायद तुमने अपने पापा को मुझसे ऐसे सवालों और तर्कों से पूछताछ करते नहीं सुना, जो सिर्फ उन्हें सही लग रहे थे । इस पर कुछ गलत नहीं है । उन्हें सिर्फ मेरी चिंता है और मुझे बिलकुल पसंद नहीं है कि मेरे पापा के बारे में कोई ऐसी बात करें । अब तुम समझी, मैं इस बारे में क्यों बात नहीं करना चाहता हूँ । तब उससे ज्यादा ही आत्मसंतुष्ट हो । तब भी तुम कभी नहीं मानोगे कि तुम भी कभी कभी गलत हो सकते हो और मेरे पापा गलत नहीं थे । लिखने से ज्यादा कमाई नहीं होती और कभी नहीं होगी । तुम कौन होती हो मुझे बताने वाली कि मैं गलत हो या सही जब तुम खुद भी अपने पापा के व्यवहार के बारे में बात करते समय पक्षपाती हो जाती हूँ । असल में कम मुझे कितनी अच्छी तरह जानती हूँ । क्या मेरे सब तो की कोई कीमत नहीं है? और सबसे महत्वपूर्ण बात हम यहाँ से कहाँ जा रहे हैं जब तुम अपने पापा के सामने मेरा साथ भी नहीं दे सकती । एक बार फिर चुप्पी छा गई । इस बार और घातक वो जानता था की अदा के पास उसके किसी भी सवाल का जवाब नहीं होगा । लेकिन अत्यंत अहंकारी होने के कारण वो उसके तर्कों को स्वीकार नहीं करेगी । रणवीर कपडे बदल नहीं अपने कमरे में चला गया और उसके बाद पैजामे में बाहर आ गया । उसने देखा की अदा वहाँ नहीं थी उसमें खेती से जहाँ का तो वह कैब में बैठ चुकी थी । जब उसकी नजर एक बार फिर अपने कमरे पर पडी तो उसने दोनों की तस्वीर लगा एक प्रेम देखा और उसे एहसास हुआ कि बहुत से कितना प्यार करता था । पिछले कुछ घंटे किसी ना किसी तरह उसके जीवन पर हमेशा के लिए निशान छोडने वाले थे और वो भी अच्छे कारणों के लिए नहीं

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पिछली रात की घटना से उठा । धमा अभी भी उसके अंदर उठ रहा था और ऐसे समय में वो हमेशा अपने दिमाग को हास्यास्पद विचारों के साथ व्यस्त रखता था । वो हमेशा उस महीन रेखा को पार कर लेना चाहता था जहाँ वो लगभग फूल जाता था की आधा उसके जीवन का एक हिस्सा थी । उसका पूरा जीवन नहीं । वो कभी कभी सोचता था कि उस की भावनाएँ और अहम बहुत पहले दफन हो चुके थे । वो अहम जिसका सामना आता नहीं कभी नहीं किया था और भावनाएँ जो सिर्फ अदा के लिए थी । अगले हफ्ते जब एक सुबह रणवीर कॉफी पी रहा था तो लक्ष्य उसके कमरे में आया । हाय अच्छा है तो तुम जाग रहे हो । लक्ष्य ने कहा जब रणबीर कुछ नहीं बोला तो लक्ष्य नहीं उसके पास जाकर उसके कंधे पर कब की थी, क्या सोच रहा हूँ । उसने मुस्कुराकर पूछा उनकी नर्सें सिर्फ एक पल के लिए मिलेंगे और लक्ष्य दूसरी ओर देखने लगा एक पल के लिए लक्ष्य को लगा कि रणवीर किसी भी समय होने लगेगा, लेकिन खुशकिस्मती से ऐसा नहीं हुआ । बहुत प्यारी सुबह हैॅ लक्ष्य ने पूछा था है तो उसकी सराहना करने के लिए तो मुस्कुराता चेहरा क्यों नहीं रख सकते । जानते हो तो हमारे जीवन में चाहे जो हो रहा हूँ, मैं चाहता हूँ कि तुमको चीजों को जाने दो और खुश हूँ और मैं ये कैसे करूँ? अपने आप को व्यस्त रखो । मेरे साथ बार चलो मैं तो मैं अपनी कुछ अच्छी महिला दोस्तों से मिल जाता हूँ । उस की कोई जरूरत नहीं है । लक्ष्य ऍम मुझे नहीं पता तो मैं अपने जीवन में आप चीज को किनारे रखकर राधा को प्राथमिकता क्यों नहीं होती है? हाँ मैं देता हूँ और मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि मैं हाथ चूम करता हूँ । ऍम और वो इस बात को मेरे खिलाफ इस्तेमाल करना अच्छी तरह जानती है । रनवीर नहीं, ठंडे स्वर में कहा हूँ लेकिन अगर तुम्हें उसी रास्ते पर चलते रहे तो एक दिन पस्ताव रणवीर हूँ समझ रहे हो तुम? लक्ष्य ने चिंतित स्वर में कहा तो मैं क्या करूँ? क्या चेहरे पर एक नकली मुस्कुराहट लेकर घूमता हूँ और दिखाऊँ कि मुझे इससे कोई फर्क नहीं पडता हूँ । देखो मुझपे गुस्सा मत करूँ, विश्वास करता हूँ । मैं हर सुबह तुम्हारे पास आता हूँ और तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करता हूँ तो मैं जानता हूँ कि तुम्हें कैसा महसूस होता है । कुछ समय पहले मैं भी ऐसा ही महसूस कर रहा हूँ । हाँ, तुम मेरे चेहरे पर मुस्कान लाया नहीं, मैं तो कभी नहीं बता पाऊँगी । तुम मेरे लिए जो कर रहे हो उस की मैं कितनी सराहना करता हूँ । लेकिन तुम्हें ये भी समझना चाहिए कि हम अलग अलग लोग हैं और मेरा रिश्ता तुम्हारे रिश्ते से कहीं ज्यादा काम था । मेरे दिल की आसान नहीं है । मैंने उसे बहुत प्यार किया है । बहुत वो मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है । लक्ष्य मुझे उसके साथ ही तक कठोर नहीं होना चाहिए था तो उसके लिए महत्वपूर्ण नहीं हो रहा है । ऐसा मत कहो । रणवीर आहत होंगे लेकिन ये सच है है कि नहीं । इस बार तुम खुद को ऐसी गलती के लिए दोस्त दे रहे हो जो तुमने की ही नहीं है । तो मैंने उसे सब कुछ तियां, अपना समय, आपका प्यार, यहाँ तक कि उसके लिए अपना अहम भी छोड दिया । तो मैंने तुम्हें नहीं छोड दे दिया होगा । वो तो तुम्हारे लायक नहीं है । रणबीर कुछ देर और चुका । वहाँ सोचने समझने के बाद उसने कहा सब ठीक है । उसने स्वीकार किया मेरे लिए या आसान नहीं है । मैं जितनी कोशिश करता हूँ उसके बारे में नहीं सोचता हूँ । उतना ही उसके साथ बिताया गया खूबसूरत पल मुझे याद आता है मेरा विश्वास करूँ मैंने पहले कभी किसी से इतना प्यार नहीं किया है । कम से कम सच्चा प्यार तो नहीं किया है । मैं नहीं जानता हूँ मैं तुम्हें और क्या कह सकता हूँ सिवा इसके कि मैं अच्छा के बिना अपना बाकी जीवन बिताने के बारे में सोच भी नहीं सकता हूँ । उसने परेशान होकर अपने पालों में हाथ फिर शायद तुम्हें लग रहा हूँ कि मैं पागल हूँ । लेकिन मैं इससे ज्यादा गंभीर किसी चीज के बारे में नहीं हुआ । रणवीर है लक्ष्य को ये समझाने का की अदा उसके लिए क्या मायने रखती थी । एक अंतिम प्रयास करते हुए कहा, काफी देर तक दोनों में से कोई कुछ नहीं बोला । रणवीर का दिमाग हम कहा था और वो अदा के पास जाकर माफी मांगने के लिए बिता आप हो रहा था । मुझे तो तुम अच्छे लगते हो भाई । छत में सब कुछ ठीक हो जाएगा । अगर तुम्हें कोई चिंता सताती है तो हम जानते होगी तो मैं सिर्फ एक गाली देने की दे रहे और मैं सेक्सी लडकियों को लेकर आ जाऊंगा । उसने मुस्कुराकर का भेजा । जवाब में रणवीर भी मुस्कुरा दिया और इससे पहले कि लक्ष्य कमरे से बाहर जाता उसे गले लगा लिया । लक्ष्य के जाने के बाद रणबीर परेशान होकर खडा रहा । वो पहले भी इस स्थिति में आ चुका था और उसे अपने आप सम्मान और प्यार के बीच चुनाव करना था । उसने हमेशा प्यार को छोडा था । रणवीर ने पिछले हफ्ते उसे कई बार फोन किया था लेकिन उसने जवाब नहीं दिया था । इस रिश्ते में बढते हुए उसने हमेशा नियम बनाने की कोशिश की थी और रणवीर को उनका पालन करने के लिए मजबूर किया था । बाहर इतना खूबसूरत दिन होने के बावजूद कोई सच्चाई से नहीं बच सकता था कि वह खुश नहीं था । उसने वास्तव में जो काम करना था तो था । अदा के बाद शाकर बिना ज्यादा दिमाग लगाए उस दिन के बताओ के लिए माफी मांग रहा क्योंकि अदा कभी भी अपनी गलती मानकर उसे फोन नहीं करने वाली थी । सॉलिटेयर कॉपरेट की पार्किंग लगभग भर चुकी थी क्योंकि वो ऑफिस पेट से पहुंचा था । रणवीर ने अपनी बाइक एक ओर पार करके अपनी घडी पर नजर आता है । वो पैंतालीस मिनट लेट हो चुका था । लिफ्ट के नीचे आने का इंतजार न करके वो सीढियों से अपनी तीसरी मंजिल के ऑफिस की ओर भागा । तेजी से सांस लेते हुए वो अपने आॅनलाइन को उछालते हुए महसूस कर रहा था । हालांकि इस बार घबराहट सही उसके हाथ ही काम रहे थे क्योंकि वो एक समीक्षा मीटिंग के लिए बहुत देर से पहुंचा था । कुछ मिनट बाद वो अपने कक्ष में पहुंचा और देखा के मीटिंग शुरू हो चुकी थी । उसके कॉन्फ्रेंस उन की ओर कदम बढाए जहाँ दस कर्मचारी जिनमें उसके जोनल और रीजनल प्रमुख भी शामिल थे, बैठे थे । रणवीर बैठ गया और अपने रेशनल हेड राजीव के बोलने का इंतजार करने लगा हूँ । लेकिन राशी आपने उसे सिर्फ अप्रिय नजर से देखा और उसके सहयोगी मिलिंद को ग्रिल करना चाहे रखा अपना स्थित चुकाए । मिलिंद अपने प्रदर्शन को लेकर शर्मिंदा होता रहा जो कि आवंटित लक्ष्य का पचास प्रतिशत भी नहीं था । रणबीर सोना चाहता था उसे नहीं लेने की आवश्यकता थी लेकिन टी थकावट के बावजूद हो जानता था की एक छपकी उस दिन उस की नौकरी को खतरे में डाल सकती थी क्योंकि पिछले महीने में वह सफलता का उदाहरण नहीं रहा था । उसका प्रदर्शन एक पूरे सपने की तरह था । उसने राजीव को अपना प्रदर्शन चार्ट उठाते हुए देखा । मिलिंद के दस बार लक्ष्य हासिल करने का बिल्कुल रूढिवादी तरीके से ये कहते हुए वादा करने के लिए कि मैं अपनी संभावनाओं में वृद्धि करके एक नया बाजार हासिल करूंगा और सुनिश्चित करूंगा कि इस बार आपको निराश ना करूँ था । रणवीर को अपना पसीने से भरा हा अचानक से फिर चलता हुआ महसूस हुआ । मैं माफी चाहता हूँ । मैं जानता हूँ कि मैं थोडा लेट हूँ लेकिन आज सुबह ट्रैफिक की हालत को ज्यादा ही खराब थी । राजीव रणवीर ने कहा तो राजीव ने उसे आतंकित करने वाली नजरों से देखा । रणवीर पहले मुझे तुम्हारा पिछले महीने का प्रदर्शन देखने दो और फिर हम चर्चा करेंगे कि क्या मुंबई में ट्रैफिक का सामना करना इतना आसामान्य हैं? राजीव ने व्यंगात्मक सफर में कहा, एक मिनट बाद जब एक छह फीट लंबे स्क्रीन पर सबके सामने सीआरएफ खुला तो राजीव ने पूछा, वैसे हम जहाँ कहाँ रहे हैं? ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि तुम हर समय अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर आती विश्वास ही हूँ या फिर तुमने हमारे धीरज का परीक्षा लेने का फैसला किया है । खुद ही लगता है तो मैं अपना मकसद थोडा और स्पष्ट करना चाहिए था । रणवीर ऊपर देखा और कहा, राजीव मैं मानता हूँ कि पिछला महिला खराब था लेकिन वह प्रत्येक प्रतिद्वंदी के लिए बाजार की प्रवृति थी तो शायद आप रणवीर राजीव ने उसके बाद काट दी । मैं तुमसे इस लाइन से शुरुआत करने की उम्मीद नहीं करता । हमने बाजार प्रवृत्ति के बारे में ये लाइन तब तो नहीं गई थी तब टोमॅटो रहे थे । हमने लगभग हर वो सराहना ले ली थी जो हमने तो भारी और फेंकी थी । कभी कभी मीटिंग के दौरान सोर से चलाने और कर्मचारियों को जानबूझकर अपमानित करने के लिए उसे राजीव से बहुत नफरत होती थी । कभी कभी वह सब सुनियोजित सा लगता था । एक के बाद एक अनुक्रम में वो असहाय होकर देखता रहा जबकि सब कुछ गलत होता गया और वह उसे रोकने के लिए कुछ नहीं करवाया । दस मिनट की अति विलाश कार्य समीक्षा के बाद राजीव ने मीटिंग समाप्त करते हुए कहा, अगले तिमाही के अंत में मैं आप में से किसी को इस बारे में शिकायत करते हुए नहीं सुनना चाहता हूँ कि आप के लिए ये आपके लक्ष्य हासिल करना कितना मुश्किल था । क्या है याद रखें आपको इसी काम के लिए तनख्वा दी जाती है, एयर कंडीशन ऑफिस में बैठने का आनंद उठाने के लिए नहीं । अब यहाँ से तस्वीर ले जाइए और आपने नौकरी बचाने के लिए काम करिए । आप ये बात समझ सकते हैं है कि नहीं । रणवीर के अलावा सपने एक स्वर में कहा जी सर मेरी बात से पूरी तरह सहमत हो रणवीर तुम्हारे दिमाग में अभी भी ट्रैफिक राजीव ने रुखाई से का नहीं । राजीव मैं तुम्हारी बात से सहमत हूँ और इस बार कोई गडबड नहीं होगी । रन बेटे का लेकिन उसके लिए अपने अहंकार को किनारे करके कॉन्फ्रेंस उनके हर कठपुतली की ताजा जवाब देना मुश्किल था । काफी देर बाद वहां मौजूद सभी लोगों को व्यक्तिगत रूप से अपमानित करने के बाद राजीव वहाँ से चला गया । सभी सहकर्मी राजीव की बुराई करते लेकिन गई एक कोने में इकट्ठा हो गए और रणवीर ने विलेंडर को शशांक से कहते सुना मैं मानता हूँ हमारी टीम ने कुल मिलाकर एक नए निम्नस्तर कुछ हुआ है लेकिन इसका ये मतलब नहीं है की वो मुझे मंदबुद्धि कर सकता है । शायद यहाँ सबसे ज्यादा शिक्षित आदमी को बडा कहे जाने पर भी बेहतर है । ऍम इससे साफ समझ में आता है कि वो मेरे बारे में क्या सोचता है? शशांक नहीं जवाब दिया मैं वैसे भी ये कंपनी छोड रही हूँ या अपने कैरियर के साथ खिलवाड करने का कोई फायदा नहीं है । मैं तो वही चली जाऊंगी । और वही सरकार हो जाऊँ । मेरा बॉयफ्रेंड वैसे भी मुझे वहाँ नौकरी दिलाता है । तब से कम मेरे जीवन में रोमांस लौटाएगा और मुझे रोज सुबह छुट्टी लेके शक्ति वाले इस बॉस को तो नहीं देखना पडेगा और मैंने प्रिया से कहा जैसे बहुत ही औपचारिक मुस्कान के साथ जवाब दिया । रणवीर ने चारों ओर नजर घुमाकर देखा कि हर कोई कितना निराश था और उसके सोचा उसे उसी शाम अदा से मिलकर बात करनी पडेगी ताकि दोनों के बीच चीजें ठीक हो सके । पहला कदम उसे ही उठाना पडेगा । उसको अपना फैसला समझ में नहीं आया । वास्तव में नहीं आया तो सिर्फ इतना जानता था कि उसे एक बार फिर अपना आत्मसम्मान किनारे करते अदा से बात करने की जरूरत थी ।

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उस शाम के अंधेरे में रणवीर अदा किया, पार्टमेंट के बिल्डिंग तक पहुंचा और अपनी बाई कुछ मीटर की दूरी पर खडी करते हैं और सडक के याद रक्षित मॉल में एक संतरे था जो मुंबई में बहुत असामान्य था । लेकिन वो भी रणबीर को बचा नहीं महसूस करने से नहीं रोक पाया । वो आधा द्वारा निर्धारित कठोर नियमों के साथ जीवन जी रहा था । उन नियमों पर रात कभी चर्चा हुई थी । नहीं, कभी बताए गए थे लेकिन फिर भी वे मौजूद थे । अदा के अपार्टमेंट के ठीक नहीं चाहिए । कुछ हो रहा था ऐसा कुछ जो हो इतनी दूर से देख नहीं पा रहा था । वो अदा को देख सकता था । वह एक लडका भी था जो कार का दरवाजा खोलने में उसकी मदद कर रहा था । फिर उसने आधा को काले लगाने अदा काफी खुश लग रही थी । कुछ कई पे जोर जोर से हंसते और बातें करते रहे । लेकिन बात जिसके बाद उसने एक बार फिर अदा को गले लगाया और अदानी उसे हाथ हिलाकर पैदा किया । रणवीर जितना हो सकता था उतने सामान्य भाव से अदा की ओर बढने लगा । उसने आधा घंटा रामपुकार और उसकी हो चलने लगा अदा उसे देखकर उलझन में पड गई और अपनी हैरानी छुपाने की कोशिश करने लगी । ज्यादा कैसी हो कुछ देर पहले तक तो मैं बिल्कुल ठीक थी । अगर तुम समझ रहे हो अच्छा उससे नजरे चुराते हुए बोले रणवीर ने सिर हिलाया और पता नहीं क्यूँ कुछ शर्मिंदा सा महसूस करने लगा । उसने वो पर्फ्यूम निकाला जो अदा के लिए लाया था और उस की ओर बढा दिया । मैं नहीं चाहती कि तो मेरे लिए की सब करो । मुझे लगता है कि उस दिन के बाद मेरे और तुम्हारे बीच सबकुछ खत्म हो गया । रणबीर उस दिन के लिए मैं माफी चाहता हूँ । मुझे तुम्हारे और तुम्हारे पैरेंट्स से इतना रुखा व्यवहार नहीं करना चाहिए था । मैं तुम्हारे और उनके साथ गलत तरीके से पेश आया । रनवेज मुझे अब अपने जीवन में तो भारी जरूरत नहीं है और परेशानी नहीं चाहती है और अपना समय खराब नहीं करना चाहती है । मुझे तो खुद पर दया आती है कि मैं कभी तुम्हारे साथ रिश्ते में थी । उसने कहा उसकी आवाज तेज होती जा रही थी । प्लेस ऐसा मत का होगा । मुझे ये सब सुनकर डर लग रहा है । मैं वादा करता हूँ कि अब कभी ऐसा व्यवहार नहीं करूंगा । मेरा मानना है के तुम यहाँ इसलिए आये हो क्योंकि तुमने अपने अहंकार को संतुष्ट कर लिया है और अब जब कि तुम्हारे पास कोई नहीं है जिसके पास कम जाता हूँ, मेरे पास लौट आएंगे । लेकिन पता है क्या? मैं चाहती हूँ कि तुम वापस चले जाओ क्योंकि चाहे कुछ भी हो जाए तुम हमेशा ऐसे ही रहोगे । ज्यादा नहीं । विश्व भरे स्वर में कहा रणवीर होते हुए बोला हूँ, अच्छा मैं बहुत पूरा हूँ । मैं कभी तुम्हारे साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया और मैं ये जानता हूँ । मैं खबर डीआरपी हूँ जिसके हमेशा किसी ना किसी तरह तो में दुःख पहुंचाया है । लेकिन अगर मुझे तुम को कुछ पता नहीं की जरूरत है तो ये कि तुम मुझे हमेशा प्रयास करती हूँ और उसके लिए मैं सदा आभारी हूँ । मैं तो इतना प्यार करता हूँ तो मैं अपने जीवन में वापस देखने के लिए दुनिया का कोई भी काम करते को तैयार हूँ । मैं आपको प्यार की कसम खाता हूँ के बैग कभी ऐसी हरकत नहीं करूंगा और छह सौ तुम चाहो गीला वैसा ही बनाऊंगा । तुमसे यू अलग रहना मुझे खाया जा रहा है । अगर नहीं तुरंत जवाब नहीं दिया । लेकिन जब रणवीर ने उसकी ओर देखा तो उसकी आंखों में अफसोस और सर बिंदकी के अलावा कुछ नहीं था । अगले कुछ मिनट दोनों में से कोई कुछ नहीं बोला और रणवीर को यह एहसास होने के लिए एक पल लगा । आपके दोनों के एक बार फिर से साथ होने की संभावना अभी भी शीर्ष थी । आश्चर्यजनक रूप से अदा रणवीर के पास आई और उसे गले से लगा लिया तो हमेशा चीजे खराब क्यों करते थे? हम जानते हो कि मैं तुम से कितना प्यार करती हूँ । फिर भी तो मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो? उसने रणबीर के कंधे तबका पाते हुए उसे दिलासा देने की कोशिश ऍम ऍम मैंने तुम्हारे साथ जो किया उसके लिए मुझे माफ कर तो उसने दिल से तो उठाया और उसका कलर हो गया । आधा पूरी ताकत ही एक बार फिर उससे लिपट गई । रणवीर के आंसू अभी भी उसकी कथन पर फिर रहे थे और वह उसके दिल की धडकन साफ साफ सुन सकती थी । इस बातचीत का सरल बहाव कितना सुखद था कि अगले कुछ पलों में सब कुछ पटरी पर आ गया । अंत में रणवीर ने अदा से उस लडकी के बारे में पूछा जिसने उसे घर छोडा था । वह ऑस्कर बोली हो, सिर्फ एक सहयोगी है जो दो किलोमीटर दूर रहता है । शायद तुमने उस बात को गलत तरीके से ले लिया । फॅमिली उसने एक आप दवाई नहीं नहीं ऐसा नहीं है । मैं बस थोडा उत्सुक था और कुछ नहीं । वो मुस्कुरा दिया । अदा भी हसते लगी और वह पल दोनों के बीच काफी कर गया । सोसाइटी के कंपाउंड में धीरे धीरे उनके बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया । रणवीर ने मजाकिया अंदाज में उस दिन की रिव्यू मीटिंग के बारे में बताया और ये भी बताया कि उसने कैसे पूरी तरह वहाँ सब कवर कर दिया था । तो वो खुद हँसी रणवीर ने उसका हाथ खामियां और उसका चेहरा देखता रहा । जब तक कि ज्यादा नहीं उनसे चुन नहीं लिया ये तथ्य कि अदानी उससे इन भावनाओं की जंग जीत ली थी । वो अंतिम चीज थी जो उसे याद थी जब उसने हाथ हिलाकर अदा को अलविदा कहा । महीने दर मैं ही नहीं मुलाकात, मुलाकात उनका रिश्ता मजबूत होता गया । हमेशा की तरह रणवीर खुश रखने की पूरी कोशिश करता हूँ और शाम को ऑफिस से सीधे उसके पास आकर उसे मुंबई के विभिन्न हिस्सों में देश शाम के चैनल करने के लिए ले जाना था । वो दोस्तों के साथ अपनी खुद की योजनाएं तक करते था और जब मैं उससे झगडा करते तो कभी स्थिति समझने की कोशिश नहीं करता था । अदा की अपेक्षाओं को पूरा करना चाहे जितना भी कठिन या तो मुश्किल होता, वो हमेशा उसमें पूरी तरह खराब करता है । अदा के साथ खुबसूरत शनि बार बिताने के बाद उसने मतलब संजीत लगाया । उस खूबसूरत तस्वीरें तेज उन्हें भी बात पर चिपकाया और फिर अपनी उपन्यास का अंतिम संपादन पूरा करने बैठ गया । उसने अपनी आंखें बंद कर दिए और अन्तिम अध्याय के लिए एक वैकल्पिक दृश्य की कल्पना करने लगा । उसके अपने सपनों की पांडुलिपि को बाहर निकाला और अपने पहले उपन्यास के अंतिम दृश्य लिखने में तल्लीन हो गया । उसका लिखने का तरीका था, इसमें अधिक समय लगता था, लेकिन इतनी रातें बिना सोचे बिताने के बाद उस बिंदु पर पहुंचकर वह संतुष्ट था । लक्ष्य ने तो उसे उसे उपन्यास पर काम करते देखा और उसे परेशान न करने का फैसला किया । एनरिक इग्लेसियस और ब्लॅक वही धोनी लोग पर चल रही थी । पिछले दो वर्षों की अपनी खुद की कहानी लेते हुए वो कभी संतुष्ट और कभी असंतुष्ट लग रहा था । फिर भी हालांकि वो इस बात को स्वीकार नहीं करना चाहता हूँ । वो जानता था उसने अपना पहला उपन्यास लिखने का प्रयास करते हैं । एक उत्कृष्ट काम किया था और उसके अंदर कुछ था तो इस प्रयास का जश्न मनाने के लिए बेताब था । उसने खिडकी के बाहर देखा तो बारिश हो रही थी । ऐसा और कोई दिन होता तो वो लक्ष्य के साथ उसकी कार मांगकर अदा के साथ लंबी ड्राइव पर चला गया होना । लेकिन उस रात वो अपना बन्याल खत्म करना चाहता था । रनवीर ने किताब का पहला पृष्ठ खोला । सबसे ऊपर उपन्यास का शीर्षक था उसके नीचे पृष्ठ के मध्य से अगले पृष्ठ तक उनकी पहली मुलाकात के समय की अदाकारा और वो कितनी खुबसूरत लग रही थी, इसका वर्णन था । उसके बाद वो पन्ने पलटते हुए अपने सत्तर हजार शब्दों के पांडुलिपि की अंतिम बात जांच करने लगा । वो समझ रहा था उसके लिए ये सफर कितना मुश्किल था । उसे एक वरिष्ठ लेकर की बात याद आई । एक उपन्यास समाप्त करने के लिए आपको एक संत जितने धैर्य की आवश्यकता हूँ । फिर उसे याद आया कि एक अन्य लेखक है, उसको क्या कहा था? तुम एक उपन्यास नहीं लिख सकते । लिखने की कोशिश मत करना, क्योंकि तुम्हारी भाषा और शब्दावली बहुत साधारण हैं और कहानी बहुत लम्बी सोच रहा था । एक दिन जब मेरा उपन्यास हट जाएगा तो मैं एक एक प्रति उसको दूंगा । मैं चाहता हूँ कि वह उपन्यास पर हैं ताकि वह जान जाए कि मैं इतना भी बुरा नहीं है । इस तरह की आलोचनाओं ने उसके सपने को जीवित रखा था और उसे खुशी थी तो उसका उपन्यास पूरा करने से पहले हाथ नहीं मान ली थी । उस रात उपन्यास पर घंटों काम करने के बाद उसके अंतिम पृष्ठ पर पहुंच गया । अंतिम करते थे । क्या होनी चाहिए इस बारे में? बहुत विचार करने के बाद उसमें लिखा, हमें एक दूसरे के साथ कई ब्रेकअप के बाद बहुत लम्बा रास्ता तय कर चुके हैं । हमारे पास कल के लिए एक बेहतर कल कर लीजिए । बहुत उम्मीदें हैं । उस रात लगभग चार बजे चादर के नीचे लेते हुए रणवीर के लिए खुद को विश्वास दिलाना बहुत मुश्किल था कि उसने अपना अंतिम मसौदा पूरा कर लिया था और दी गई समय सीमा के अंदर प्रकाशक को भेज दिया था । उसने पाया कि वह अपनी कहानी के लिए प्रार्थना कर रहा था और अगले महीने उसे छपी हुई देखने की आशा कर रहा था । उसके उस रात के लिए अपनी आंखें बंद कर ले । चार हफ्तों में उसका जीवन बदलने जा रहा था । अब वह बेहद उत्साहित था । पिछले कई महीनों में वो इतनी शांति की नींद नहीं सोया था जितनी हो रहा था । ये वास्तविकता थी और रणवीर का सप्ताह सच होने जा रहा था ।

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वो कर्म और उदास भरा दिन था । ऐसा दिन जो आदमी की सारी ऊर्जा सोख लेता है । रणवीर नहाकर निकला था और डबल में टॉवल लपेट कर खडा हुआ आपने ऍफ का खुश हो रहा है? लक्ष्य ने कहा था उन्हें कुछ दोस्तों से मिलने जाना था और रणबीर बिना बहस किए तैयार हो गया था क्योंकि अदा अपने चचेरे भाई बहनों से मिलने अपने घर गई थी । ये चाहते हुए रणबीर के पास लक्ष्य के साथ न जाने का कोई बहाना नहीं बचा था । मैं सोच रहा था कि मुझे तुम्हारे साथ वक्त बिताने का मौका मिलेगा या नहीं । हमें आधा को शुक्रिया कहना चाहिए कि उसने दो पुराने दोस्तों को मिलने का मौका दिया । कार में बैठने के बाद लक्ष्य ने कहा, एक दिन वो नशिप का दावा करेगी और फिर तुम्हारे दोस्तों को तो मैं थोडी देर बाहर ले जाने के लिए उससे इजाजत लेने पडेंगे । लक्ष्य सिगरेट सुलगाते हुए कहा और इशारे से रणवीर से पूछा कि उसे चाहिए थी क्या? नहीं । नहीं ठीक है तो मैं पीते हुए देखने में ज्यादा मजा आता है । उस ने सच में तो ये सब सिखा दिया है । ऍफ का काफी शौक सकते थे । उसने मुडकर का नहीं किया उसने नहीं कहा । मैंने खुद ही सिगरेट छोडने का फैसला कर लिया । वैसे भी ये आदमी को नपुंसक बना देती हैं और ये कोई गर्व करते वाली बात तो है नहीं । रणवीर ने कहा, और अपनी ईमानदारी पर आंखें चपटा ही ठीक है । फिर इस स्थिति में बैठो में एक और बच्चा पैदा करने दूंगा और एक को तुमसे कौन ले लूंगा? नहीं नहीं, उस बच्चे में आता का काफी असर होगा जो मैं नहीं चाहता हूँ । मैं किसी और से बच्चा गोद ले लूंगा । आ रहे हम भी बुरी नहीं है । आप पता नहीं हम उस से इतनी नफरत क्यों करते हो? नहीं मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि वह बहुत बुरी है । बस थोडी हाँ, अभी होने वाली प्रभृति जो है ना, उसकी क्रूर, घमंडी, बिजली हुई, रोक जमाने वाली और तानाशाह है । मैं ऐसे बच्चे क्यों जाऊंगा जब तक की मुझे तुम्हारे जैसा रेडीमेंट दमाद नहीं मिल जाता हूँ । रणवीर मुस्कुराया और बोला कम से कम कभी ऐसा दिखावा तो कर दिया करो । या तो मैं मेरे रिश्ते की परवाह है । मुझे तुम्हारी परवाह है और इसीलिए मैं तो भारत रिश्ते और अनाज की परवाह नहीं करता हूँ । हमने लगभग पांच साल एक साथ बिताएं और मैं शर्त लगाकर कह सकता हूँ कि जितना तुम खुद को जानते हो उससे बेहतर मैं तुम को जानता हूँ तो उसके लिए सिर्फ एक आसान सा निशाना हो । लक्ष्य अगर रात भर तो ऐसी ही हरकतें करती हैं, जैसी अभी कर रहे हो तो मैं अभी गुड बाय करके वापस चला जाता हूँ । तो क्या मुझे ऐसा दिखना चाहिए? मुझे कोई परवाह नहीं है । हाँ, शायद यही बेहतर होगा और मैं ये कैसे करूँ हूँ । किसी के साथ लक्ष्य ने अपनी कार एक बिल्कुल शांत सडक पर खडे करती । दोनों को ही कुछ बोलने की जरूरत नहीं महसूस हो रही थी । लक्ष्य ने किसी को मैसेज किया और कुछ ही मिनटों में उसकी कल फ्रेंड तृषा शॉर्ट्स पहने हुए आई लक्ष्य से गले मिली । तृशा शायद लक्ष्य की अब तक की सबसे खुबसूरत कल फिर नहीं लक्ष्य जैसा भी था हमेशा उसे बहुत प्यार करती हूँ और कभी किसी बात की शिकायत नहीं करती थी । लक्ष्य से मिलने के बाद उसने मुस्कुराकर एॅफ क्या हुआ पैकेट रणवीर की ओर बढाते हैं । क्या है इसमें? क्या ये अंदाजा लगाना वाकई बहुत मुश्किलें । ये बात कहना कि ये वही चीज है जिसका मैं इंतजार करता हूँ । डालते हो ना लोग क्या कहेंगे । महान दिमाग एक जैसा सोचते हैं । रणवीर ने तृषा से पैकेट छीन लिया और अचानक उत्साहित होकर आंखों में भूख लेकर उसे खोलने लगा । उत्तेजना से उसके हाथ आप रहे थे । वहाँ खडा लक्ष्य उसकी भावनाओं कि केवल कल्पना कर सकता था । इतना सच्चा प्यार पैकेट खुलने पर उसे हल्के नीले कवर पेज पर अपने नाम के साथ अपने किताब वट हूॅं देखी । उसने कहते हाथों और चेहरे पर बिल्कुल निर्दोष मुस्कान के साथ किताब खुली । उसने किताब को सुविधा कुछ पंक्तियां पढीं और उसकी आंखों से आंसू बहने लगे । लक्ष्य ने उसको काम से बाहर खींचा और गले लगा लिया । रणबीर हाथ में किताब दिए हुए उससे और जोर से निपट गया तो खास दिखाया । रणवीर कंपनी तुमने कर दिया । इस समय तो भारत सबका तुम्हारे हाथ में है और दुनिया की कोई चीज मुझे इससे ज्यादा खुश नहीं कर सकती हूँ । लक्ष्य ने अपने आप को रोकने की भरपूर कोशिश करते हुए कहा, आॅफ हो मैं तुमसे प्यार करता हूँ तुम दोनों से रंजीत ने दिल से का । उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या कहें? फिर भी वो बोला मैं नहीं जानता आपके बैच जीवन में इससे ज्यादा खुश हो सकता हूँ या नहीं । लेकिन तुम दोनों ने मुझे हैरान करने के लिए सही थी और सही समय का चुनाव किया । मेरी किताब पूछे मिलने से पहले मेरे लिए लाकर हमने इसे प्री ऑर्डर कर दिया था । अब सबसे पहले डिलीवरी का अनुरोध किया था । वे लोग मान गए । तृषा, रणवीर और लक्ष्य को इतना खुश देखकर मुस्कुरा रही थी । कॅश इन सभी छोटी छोटी खुशियों के लिए जो तुम मेरे जीवन में लाकर हो । कभी भी भाई मुझे ये बात अच्छी लगती है कि तुम जब भी कुछ कहते हो तो मैं जानता हूँ दिल से कहते हो । लक्ष्य ने कहा और उसका कंधा तब का बात क्या है? उसने अपनी खुशी बांटने के लिए अदा को कॉल किया लेकिन उसने फोन काट दिया । लेकिन उसके लिए वो रात एक लेखक के रूप में उसके जीवन की शुरुआत को चिन्हित करती प्रतीत हो रही थी । साथ ये पहला मौका था जब किसी पल में उसके साथ अदा नहीं हूँ और वो उसकी कमी महसूस नहीं कर रहा था । पूरी तरह से उसका पल था आभार की जांच करते हुए, जिसमें उसने सबका धन्यवाद किया था और लगातार मुस्कुरा रहा था । लक्ष्य और ओडिशा भी उस पल का आनंद ले रहे थे और किसी को कुछ बोलने की आवश्यकता नहीं महसूस हो रही थी । और फिर रनवीर सोचने लगा कि कैसा महसूस होगा जब पाठक सन्यास पर कर अपनी प्रतिक्रिया उनसे मिल करेंगे और उसके काम की सराहना करेंगे । उस कल्पना के साथ पूरी तरह प्यार था, अपने पूरे जीवन में और किसी चीज के प्रति इतना उत्साहित नहीं हुआ था । फिर उसने अपनी किताब को घूमना बंद कर दिया और बिल्कुल शांत हो गया । उसे अपनी नौकरी से कभी प्यार नहीं था । नौकरी वो सिर्फ पैसों के लिए कर रहा था । ये उसका सच्चा प्यार था जिसके लिए उसने अपने पिछले दो साल से ऊपर है । मुझे नहीं पता था पर मैं तुम दोनों से और क्या कर सकता हूँ । सिवा इसके कि आज की रात मैं अपनी खुशी में दीवाना हो जाना चाहता हूँ । मैं चाहता हूँ मैं कि पागल पन लग रहा होगा लेकिन चलो हम नशे में धुत हो जाते हैं और रात भर बातें करते रहेंगे क्योंकि आगे खुबसूरत वीकेंड है और हमारी योजना खराब करने के लिए अभी शहर में नहीं है । एक लंबे बाल के लिए कृष्णा आप लक्ष्य रणबीर की बात पर विश्वास नहीं कर सके और फिर वहाँ का मार्कर हाॅल थे कि रणवीर वास्तव में खुश था और एक बार फिर जश्न मनाने के मूड में वापस आ गया था । वो कार्ड में बैठ गए और एक घटनापूर्ण रात बिताने के लिए घर की ओर बढ गए । डेवलॅप लिविंग रूम में बैठे थे तो अपने उपन्यास के पन्ने पलट रहा था और बीच बीच में टिप्पणी करता जा रहा था कि उसे उस किताब को लिखने में कितना मजा आया था । प्रत्येक पृष्ठ ज्यादा के लिए रणवीर के प्यार, उसकी यादों और उनके रिश्तों के बारे में उसके अवलोकन से भराना । वे अब तक काफी शराब पी चुके थे । कृष्णा लक्ष्य के कंधे से टिक्कर बैठी थी और बीस बीच में उसके बाद फैला रही थी । रणवीर को अदा के साथ इस तरह के रिश्ते की कमी हमेशा महसूस होती थीं । अदा के साथ उसका रिश्ता मौज मस्ती से अधिक अनुशासित प्रेम सम्बन्ध का था । मैं देख सकता हूँ । लक्ष्य ने उपन्यास की ओर संकेत करते हुए पूछा, किताब हाथ में लेकर आभार वाले पृष्ठ को खुलकर देखने लगा । सबसे ऊपर एक पंथी हुई थी शुक्रियादा मेरे जीवन में आने के लिए और मुझ पर हमेशा विश्वास करने के लिए तुमने मेरे जीवन को खूबसूरत बना दिया है । लक्ष्य ने से फैलाया और पहले आभार का प्रत्येक शब्द पढा जिसमें उसका नाम भी शामिल था और फिर प्रस्तावना का एक कृष्ट पडा । इतना पडने के बाद उसने ऊपर देखा होता है मैं नहीं जानता हूँ मुझे तुमसे क्या कहना चाहिए । सेवा इस गई की अगर मैं एक लडकी होता तो अपना पूरा जीवन तुम्हारे साथ बिताने के लिए कुछ भी करता हूँ तो मैं पागल प्रेमी हूँ और अब समय आ चुका है कि अच्छा इस बात को समझ जाए । लक्ष्य सही कह रहा है किसी को भी तुमसे प्यार हो सकता है । मैं तो मैं लिखने से प्यार है लेकिन फिर तुमने ऐसा कुछ किया है जो बता के जीवन में पहले कभी नहीं हुआ है । तुमने दो सौ साठ पेज उसे समर्पित किए हैं, ऐसी चीज है जो सबके साथ नहीं होती है । मेरे साथ भी कभी नहीं हुई लेकिन अगर ज्यादा तुम्हारे टीचर बनी रही तो वो तो मैं अपने से दूर कर सकती है क्योंकि कुछ ही समय में लोग तुम्हारे काम से प्यार करने लगेंगे और ये चीज उसके लिए समीकरण बदल सकती है । कृष्णा ने कहा, और लक्ष्य ने सहमती से सत्रह ला दिया । काफी देश उनमें से कोई कुछ नहीं बोला और फिर त्रिशा नहीं लगेगा । मेरा मतलब मुझे वह अच्छी लगती है । बात सिर्फ इतनी है कि मुझे तुम ज्यादा अच्छे लगते हो और अगर तुम दोनों गहरी घाटी में लटके हूँ और मुझे एक का चुनाव करना पडे तो निश्चित रूप से मैं पहले तो मैं बचा हूँ और फिर उसे एक करूँ । उसने कहा तो तीनों जोर से हंसने लगे तो चाहत हुई पाल फाॅक्स की एक्टिंग से टूट गया जो रणवीर के लैप्टॉप पर जहाँ अब तक गाने चल रहे थे आप हुआ है क्या तुम वही रणवीर जाॅन लिखी है बाकी उसे इतना समझाने के लिए काफी थे । ये मैसेज उसकी पहली पार्टी का कर रहा हूँ । हालांकि वहाँ लिखा नाम निश्चित रूप से उसका असली नाम नहीं था । रणवीर ऍम सही आदमी से बात कर रहे हो तो बाहर मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं उसी लेखक से चैट कर रही हूँ । वो आज कल मुझे सबसे ज्यादा पसंद है । आजकल मेरा उपन्यास अभी कुछ ही घंटों पहले आया है । अभी तो पूरा एक दिन भी नहीं हुआ है । स्टोन हार तो बहुत खराब हो अपनी पार्टी का का मजाक उडाने हूँ । बुरी बात रणबीर ने कहा सौ मेरा ये मतलब नहीं था और तुम्हें ये जानकर खुशी होगी की तो मेरी सबसे पहली पार्टी का हो । स्टोन हार्ट ने कहा इस बात में मेरा दिल बना दिया । अब तुम्हें मैं याद रखूंगी । वैसे भी मैं इतनी सुंदर हूँ की मुझे कोई भूल नहीं सकता । ये सुनकर रणबीर उसकी प्रोफाइल देखने पर मजबूर हो गया । उसने देखा कि वह सहज रूप से सुंदर और समृद्ध लग रही थी । उसका व्यक्तित्व ऐसा था जैसा राजकुमारियों का होता है । ऍम पैसे क्या काम मेरा नाम जानते हूँ । हाँ तुम्हारा ना में स्टोन है और सपने बाहर स्टोन हार्ड । ये मेरा असली नाम नहीं है । मेरा असली नाम पीहू शर्मा है । रनवीर ने कहा ये तो मैं भी जानता था कि ये तुम्हारा असली नाम नहीं है । स्कूल काटने कहा तुम तो काफी कुछ मेरे जा से लगते हो । आपका थे तो रणबीर ने का अपने जीवन के तेईस सालों से मैं लगभग भटक ही रहा था । अब जबकि मैंने एक ब्रेक लेने का फैसला किया है तो देखो मुझे कौन मिला? पीयूष शर्मा हुआ ये हफ्ते की बात नहीं है । खैर मजाक छोडो तो बहुत शानदार लेखक हो और कमाल का लिखते हो निकट भविष्य मैं तो भारत लिखा और पढना चाहती हूँ । अच्छा मुझे सोने जाना है वरना मुझे डॅाल हो जाएंगे और फिर बेचारी लडकी से कोई शादी नहीं करेगा हूँ बिल्कुल बिल्कुल सोचा हूँ । वैसे एक आखिरी सवाल तो क्या करती हूँ होने का पैसे ये तुम्हारा पहला सवाल था । मैंने अहमदाबाद से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है और अभी अभी आपने डाइट के बिजनेस में शामिल हुई कैसा बिजनेस? तुमने कहा था कि समय ऐसा लगता है तो मैं मेरे बहन हो रहे हो आप केमिकल्स के हम ऍफ बनाते हैं । अच्छा लगा ये सुनकर और हाँ अब तो मैं वाकई हो जाना चाहिए पे हूँ । तुम से बात करके बहुत अच्छा लगा । मिस्टर आर्थर तुम्हारे किताब मुझे बहुत पसंद है । मुझे अपनी नोबल का अपना अपना तो ऍम । रणवीर ने कहा तो काफी कुछ मेरे जैसा है । कटाई हूँ तब तो तुम्हें मुझ से बचकर रहना होगा । सावधान रहना । हाँ हाँ, मैं तो बोलती बंद हो गई तो बहुत प्यारी हूँ । बट नहीं अपना ध्यान रखना । मैं अपने जश्न और अपने ड्रीम्स के पास पहुँच जाता हूँ । पी हो ये जानकर मेरा दिल टूट गया कि आप मेरे बिना ड्रिंक्स ले रहे हैं । आखिरी बार गुप्ता बात बात करते हैं । गुप्ता हूँ कभी हम साथ में ट्रेनिंग लेंगे, उसमें लॉग आउट कर दिया और लक्ष्य की ओर देखा । लक्ष्य ने पूछा कि वो किससे चैट कर रहा था और उसे तब तक परेशान करता रहा जब तक कि उसने बता नहीं दिया कि वह पीयूष शर्मा नाम की एक पार्टी का से बात कर रहा था । ये सुनकर लक्ष्य नहीं रणवीर को मारना शुरू कर दिया और फेसबुक पर उसकी तस्वीरें देखने के लिए मजबूर कर दिया । आज पहली बार मुझे समझ में आ रहा है कि तुम लेखक क्यों पडे? हम जानते थे कि सुंदर लडकियाँ तुम्हारी फ्रेंड बन जाएगी । अरे रुको रुको मैंने ये अपने लिए क्या है और मैं बता भी नहीं सकता कि कॉरपोरेट सेक्टर में तीन बुरी चीजों का सामना करने के बाद मेरे लिए इसका क्या मतलब है । इसका लडकियों से कोई लेना देना नहीं है । रणवीर ने सफाई दी धीरे धीरे बहुत चुपके से रणवीर की आंखें एक बार फिर ऍम और पीहू की तस्वीरों की ओर जाने लगीं । वो आपके आपने मुस्कुरा रहा था और बुरी बात ये थी कि लक्ष्य और दिशा नहीं उसे देख लिया । लेकिन उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा । बस रणवीर को देखते रहेंगे जब तक की उसने अपना लैपटाप बंद करके दोनों को उस रात अंतिम बार थैंक्स का और अपने मन में विचारों का समुद्र लेकर हो गया ।

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वो शुक्रवार की सुबह थी और उसके उपन्यास को बाजार में आए कुछ दिन हो चुके थे । रणवीर अपनी सुबह की चाय पीते हुए लोगों को सुबह की जॉगिंग पर जाते देख रहा था । पहले उपन्यास में ही उपन्यास को इतनी शानदार प्रतिक्रिया मिलने से वो बहुत खुश लग रहा था । वो अपने दूसरे उपन्यास के लिए विषय के बारे में सोच रहा था कि फ्लॅाप की आवाज सुनकर उसका ध्यान अपने लैपटॉप पर गया । उसने अपनी चाय का अंतिम घूम किया और चैट पर स्टोन हार्ट को देखकर मुस्कुराया पे हो, हाय भी मैं जानती हूँ तो मेरी सभी तस्वीरों को देख रहे थे क्योंकि पिछले कुछ दिनों में मुझे तुम्हारे बीस लाइक्स मिली हैं, आई हूँ । अरे ऐसा कुछ नहीं है । मेरा मतलब मैंने तो ऐसे उन्हें लाइक कर दिया था । पर इतना घबराओ मत । मुझे अच्छा लगा तो मेरी सभी तस्वीरों को लाइक करती हूँ और मैं दुनिया को दिखा सकती हूँ कि मेरा पसंदीदा लेखक मेरी तस्वीरें पसंद करता है । हाँ हाँ, मुझे ऐसा करने में कोई परेशानी नहीं है । वैसे भी तुम सही में बहुत अच्छी लगती हो । मुझे तुम कितने अच्छे? एक दिन मैं जानना चाहूंगी कि तुम्हारी आवाज कैसी है? अरे हाँ, हमने अभी तक आपने फोन नंबर नहीं थी । हैं । दूसरे को बेहतर । तुमने खुबसूरत लडकी को तुम्हारा नंबर मांगने पर मजबूर किया है । हाँ हाँ सौरभ फोर फाइव ऍम जल्दी तो मैं फोन करती हूँ । अपना ध्यान रखता हूँ । इतना कहकर उसने लॉग आउट कर दिया । रनबीर एक पर फिर उसकी तस्वीरें देखने लगाओ । सोचे बिना नहीं रह सकता कि उसके साथ बैठ कर बात करने में कैसा लगेगा । हालांकि वह दिखाने की कोशिश करता था कि वो सिर्फ उसकी तस्वीरें और मीठी बातें पर्सन करता था और उसमें कुछ भी गंभीर नहीं था । लेकिन अपने मन की गहराई में वो जानता था कि वो उससे चैट करने का इंतजार करने लगा था । बल्कि और सटीकता से कहा जाए तो वो उसके फोन कॉल का भी इंतजार करने लगा था । एक दूसरे के बारे में ज्यादा जानने लगे थे । जाहिर था उन्हें एक दूसरे का साथ अच्छा लगने लगा था । खडी की सुनना आगे पढने के साथ साथ वो ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था कि अचानक उसके फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल है । हाई आए रणवीर ने आवाज बताते हुए कहा, क्या मैं रणवीर से बात कर रही हूँ? हाँ, कौन बोल रहा है? सोचो कौन हो सकता है । उधर से एक मीठी आवाज आएगी । पीहू अच्छा । ये पीहू कौन है? और तुम्हारी आवाज को क्या हुआ हो तुम रणवीर को उलझन हो रही थी, था तुम्हारे गर्लफ्रेंड याद है आदान तुम्हारी आवाज कितनी अलग लग रही है । तुम्हारे पुराने नंबर को क्या हुआ? मैंने अपना नंबर बदल दिया है और तुमने अभी तक मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया और वह पार्टी का है और उस ने मेरा नंबर लिया था और तुमने दे दिया । पता नहीं ठहराने से पूछा । हाँ लेकिन और कोई बात नहीं है । मेरा विश्वास करूँ । रनवेज समझ नहीं पा रहा था की बात किस दिशा में जाएगी । हाँ, मैं तुम्हारा विश्वास करते हूँ और मैं मुंबई वापस आ गई हूँ । मैंने ये जानने के लिए तो मैं फोन किया कि क्या तो मैं आज का दिन मेरे साथ बिताना पसंद करोगे । मैं बस ऑफिस के लिए निकल रहा था । मैं भी हम शाम को मिलते हैं । ठीक है मैं अपनी किसी और फ्रेंड से बात कर लेती हूँ । अब तुम एक लेखक हो, अपने व्यस्त कार्यक्रम मेरे ऊपर छोड सकते हो । रणवीर को समझ में नहीं आया । उसकी बात से क्या नतीजा निकले वो भी उस से मिलना चाहता था । काफी समय हो गया था तो मैं ऐसा कहने की जरूरत नहीं है । मैं ऑफिस छुट्टी ले लूंगा । पक्का हाँ, तुम्हारे लिए कुछ भी मिलते हैं । फिर वो छुट्टी नहीं लेना चाहता था, विशेष रूप से पिछले मीटिंग में पली डांट के बाद । लेकिन उसमें अदा खून लाख कहने की हिम्मत नहीं थी । ऑफिस में उसके लिए महत्वपूर्ण दिन था और अदा की सेहत नहीं । उसे छुट्टी लेने पर मजबूर कर दिया । उन के रिश्ते में कभी कभी ऐसा समय आता था जब उसके खराब मुझ को ध्यान में रखते हुए रणबीर को उसके निर्देशों का पालन करना पडता था ताकि उनके बीच तनाव और अपना पढेंगे । उसे याद आया कि उन की दोस्ती की शुरुआत में अगर ऐसी नहीं थी, वो हमेशा रणवीर को समझती थी और उसे उसके मासी से काम करने देती थी और रणबीर भी ऐसा ही करता था । लेकिन समय के साथ हालात बिगडने लगे थे । एक दूसरे के प्रति उनका व्यवहार बदल गया था और उनमें पहले से कहीं अधिक झगडे होने लगे थे । रणबीर हमेशा शिकायत करता था कि वह पहले वाली आता नहीं रह गई थी । अदा शिकायत करती थी कि रनवीर कभी कभी वहाँ छुप को हो जाता था और उसके मामलों में दखल देता था । उसे जड से ये शिकायत भी थी । बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करता था और उसका स्वभाव बिलकुल अव्यवहारिक और सपने देखने वाला था । कभी कभी जब दाता फोन लंबे समय तक नहीं मिलता था तो रणवीर के कारण पूछने पर वो जवाब देती थी की उसका भी एक नीचे जीवन है और अगर वे योगी एक दूसरे के जीवन में दखल देते रहे तो चीजें मुश्किल हो जाएंगे । वाह रणबीर के साथ ज्यादा हंसी मजाक भी नहीं करती थी । ऐसा लगता था कि उनकी परेशानी रणवीर के कैरियर की पसंद से अच्छी थी और अब रणवीर के लिए उसकी भावनाएं वैसे नहीं थीं जैसे हुआ करते थे । इन सबके बीच रनवीर होते मुस्कुराता रहता और उसे भी हो जाता था । इन्हें विचारों में खोया हुआ वह कबाडा के घर पहुंच गया । उसे पता भी नहीं चलता । कुछ ही पलों में दो मंजिल चलने के बाद उसने आधा के दरवाजे पर दस सकती ज्यादा नहीं दरवाजा खोला तो उसने उसे बाहों में भर लिया । अदा मुस्कुराई हूँ लेकिन रणबीर के चेहरे पर अजीब से भाव थे । कैसे रहे? तुम्हारे छुट्टियाँ अच्छी थी, अंकल आंटी कैसे हैं और वो भी ठीक हैं । अंदर हूँ रणवीर नहीं । अंदर आकर हिचकिचाते हुए पूछा वो ने मेरे बारे में कोई बात थी, खास नहीं । लेकिन मुझे विश्वास है कि तुम मुझे पसंद आए होंगे तो यकीन से कैसे कर सकती हूँ? क्योंकि अगर तुम्हें पसंद नहीं आए होते तो उन्होंने मुझे तुमसे दूर रहने के लिए कहा होता ना! रणवीर को दोनों के बीच एक अंक का हस हस तनाव महसूस हो रहा था, लेकिन उसे कारण समझ में नहीं आ रहा था । उसने कहा, मैं नहीं जानता इस समय तुम्हारा मूड इतना खराब है । लेकिन मैं यकीन से कह सकता हूँ कि तो मुझ से कुछ बात करना चाहती हूँ । ज्यादा पीना कुछ कहे सुने कुछ सेकंड उसे देखती रही और फिर रणवीर तुम्हारी नोवेल को बाजार में आए । सिर्फ एक हफ्ता हुआ है और मेरे दोस्तों ने ये पूछ पूछकर मुझे दुखी कर दिया है कि तुम ने जो नॉर्मल लिखी है वो कितना सच है और क्या वह हमारी कहानी है? ठीक है, लेकिन इसमें कौन सी बडी बात है? लोग जानते हैं कि हम रिश्ते में हैं और ये बातें तो उठेंगे ही । रणवीर तुमने उस नॉवल में मुझे शैतान बना दिया है । तुमने मुझे ऐसी लडकी के रूप में दिखाया ही है जो स्वार्थी है । मतलब भी है और एक ऐसी बिच है तो किसी की परवाह नहीं करते हैं । लेकिन वो ऐसा नहीं है । वो तो इस मना है । नोबेल का चरित्र अगर लोग तुमसे बेवकूफी भरे सवाल पूछते हैं तो तुम उनसे कहूँ दोस्त कहानी का हमारे निजी जीवन से कोई लेना देना नहीं है । वो सिर्फ एक काल्पनिक कहानी है । अरब और ब्रेसवाना सिर्फ अपनी तरह के दो खूबसूरत चरित्र हैं । बढाऊं मैंने रिजवाना को पूरा नहीं बनाया है । मैं तो मैं अपने पाठकों के बेल दिखा सकता हूँ जिन्हें उसका चरित्र बहुत पसंद आया है । खुद को सही साबित करने के लिए खून करना बंद करो । अदालत मेरे साथ ऐसा बंद करो । पुलिस इस बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है । ऐसा नहीं है कि मैंने तो मैं अपनी पूरी कहानी नहीं पड रही थी । मैं पहले ये ऐसा कर चुका था । दो बार हम लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि बात इस तरह उल्टी हो जाएगी । इसके अलावा मैंने कभी तुम्हारी नॉवेल पूरी पढी नहीं थी । रणबीर चौंक गया । फिर तुमने मुझसे छूट बोला । मुझे पढना बिल्कुल पसंद नहीं है और तुम मुझे अपनी नॉवल पढने के लिए मजबूर कर रहे थे । इसलिए मेरे पास झूठ बोलने के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा था जिससे पता चलता है तुम मुझे और मेरे काम को कितनी गंभीरता से लेती हूँ । ठीक है फिर तुम यहाँ से बाहर निकलो और हम तब बात करेंगे जब तुम दिमाग से बात करने का फैसला करोगे । पता नहीं छेड करना जरूर और मुझे इस तरह से पंद्रह मिनट में घर से बाहर निकालने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया । तब ऑफिस में मेरा दिन बचा लिया । वैसे भी मेरे नोवेल को लेकर तुम्हारी पूछताछ से ज्यादा जरूरी मेरा ऑफिस का काम था । यह कोई पोस्ट नहीं थी । अदालत, सुरक्षात्मक, वर्निका । लेकिन निश्चित रूप से ये खुशी भी नहीं था । अगर मैंने इस तरह किसी और के लिए लिखा होता है तो उसने इसका मूल समझा होगा । अपने जुनून गया । अपने प्यार के लिए एक उपन्यास लिखना आसान नहीं होता । एक करोड पति पिता होने से कहीं अधिक मेहनत का काम है । मेरे पापा को बीच में लाने की हिम्मत बाॅबी आम सौर या था, मुझे ये नहीं कहना चाहिए था । ठीक है बाय रणवीर को लक्ष्य की कहीं बार याद आ गई । अब तो उसे भी लगने लगा । उसकी अदा उसकी भावनाओं कि उतनी कद्र नहीं करती थी जितने उनसे करनी चाहिए थी । आज सुबह री आंखों के साथ निराश रणबीर उसके फ्लाइट से बाहर निकल हूँ । वहाँ के जीवन के उस पडाव पर खडा था जहाँ उसे अपनी सफलता का जश्न मनाना चाहिए था । लेकिन वो क्या कर रहा था? एक ऐसी लडकी के लिए तो था जिसके लिए एक समय वह सब कुछ था । उसने छुट्टी लेने और उसके ना फ्रिज हो गया । उसके फोन पर, ऑफिस से और अनजान नंबरों से कुछ मिस्टेक थे । लेकिन उसने उस शाम कुछ ऐसा किया तो उसे बहुत पहले कर लेना चाहिए था । उसने पीछे से बात की है तो साढे तीन घंटे अपना मोबाइल दूर रखने के बाद जब उसने चेक किया तो देखा कि उसमें एक अनजाना नंबर से तीन मिस्टर कॉल थे और एक संदेश भी था जिसमें लिखा था मैं हूँ हूँ तुम इस प्यारे से अनजान नंबर की अनदेखी करना बंद कर सकते हो । रणवीर के चेहरे पर अचानक उसका आना गई । उसने पीहू को कॉल किया, हेलो पीहू बोली । उसकी आवाज से प्यारी सी हाईस्कूल की बच्ची जैसी लग रही थी तुम्हारा फॅस करने के लिए सौंपी हूँ । मेरा मूड अच्छा नहीं था और मैंने अपना मोबाइल साइलेंट मोड पर रख दिया था और इतनी देर से महसूस नहीं थी कि तुम भाव खा रहे हो? हरे नहीं मैं आखिर ऐसा क्यों करूंगा? अब तो मैं एक लेखक हूं, तुम्हारे पीछे कई लडकियाँ होंगे तो तुम भाव खा सकते हो । अगर मैं तुम्हारी जगह होती तो मैं ऐसे दिखाते जैसे मेरा दिन है । सिर्फ मेरा आते तो सबको मेरे कदमों में आकर मेरी महानता के आगे सिर झुकाना पडता है । गन बेठा का मार्कर हस्ते लगा तो हम बहुत मजेदार हो । आम तौर पर लोग मुझे प्यारी, सुंदर और सेक्सी कहते हैं लेकिन मजेदार हो के मैं इसे भी स्वीकार करती हूँ । तुम्हारी उम्र क्या है? फिर वो क्या तुम को मुझसे अभी से प्यार हो गया है? तो मेरे को पूछो की फिर मेरे जन्म का समय और फिर घर का पता और फिर मैचमेकिंग करोगे । मैं तुम्हारी अपनी उम्र बताने वाली नहीं हूँ । बिल्कुल नहीं । ऍम को मेरा दिमाग इतने तेजी से काम करता है और मेरा फिर से एक नए रिश्ते में आने का विचार नहीं है । फिर से तो क्या तुमने अपनी नायिका से रिश्ता खत्म कर दिया? उसमें कोई जवाब नहीं दिया तो हूँ फिर होंगे । अगर मैं तुम्हारे निजी जीवन में दखल दे रही हूँ तो मुझे माफ कर । मैं तो बस पूछ रही थी । नहीं नहीं कोई बात नहीं । मुझे बुरा नहीं लगा और हाँ मैंने कुछ समय पहले अपनी गर्लफ्रेंड से रिश्ता तोड लिया है । हमें एक दूसरे से बहुत अलग है और वो शायद मुझें एक ऐसा रोबोट देख रही थी तो उसके लिए कभी काम नहीं करता था और सुनकर दुख हुआ । तुम्हें दुखी होने की जरूरत नहीं है । मैं बिल्कुल ठीक हूँ । मैं उसे भूल चुका हूँ । यदि मैं तुम्हारी आधी नॉवेल पर विश्वास करूँ तो मुझे नहीं लगता कि तुम तभी उसे भूल पाऊँ । निश्चित रूप से इस में समय लगता है लेकिन हमें आगे बढना पडता है क्योंकि जीवन अभी खत्म नहीं हुआ है और दुनिया में बहुत लोग हैं जिन्हें प्यार पाने का इंतजार है । फॅमिली मुझे लग रहा है कि मैं एक लेखक से बात कर रही हूँ । तुम लेखक लोग अपने शब्दों के इस्तेमाल में इतने नहीं होते हो । इच्छा है उनकी सच्चाई पर विश्वास करने में कितना भी जोखिम हो पर हम असहाय होकर उन पर विश्वास कर लेते हैं । हूँ । महत्व भरी बात को तारीख के रूप में ले रहा हूँ । ये तारीफ की थी जैसे अपने बारे में बताऊँ । क्या तुम किसी के साथ रिश्ते में हो हूँ? मैं हूँ एक पल के लिए धन भी निराश हो गया और छुपाने की बहुत कोशिश करने के बावजूद उसके अगले वाक्य में उसकी निराशा जाहिर हो गई । अच्छा तुमने पहले कभी मुझे बताया नहीं । आम चुके हमने पहले कभी बात नहीं की थी तो हम पहली बार बात कर रहे ना भूल गए क्या? अरे नहीं ऐसी बात नहीं है मेरा मतलब मैं तुम्हारे लिए खुश । बस मेरे मन ने कहा कि शायद तुम अकेली हो । क्या नाम है उसका लूडो, ये तो किसी कुत्ते का नाम बता है । रणवीर ने कहा और बनावटी हंसी ऐसा लगेगा ही क्योंकि ये सच में कुत्ते का नाम है हूँ । ये सुनकर रणवीर के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई और उसे ये बातचीत फिर अच्छे लगने लगे । तो तो मैं प्यार से कुत्ते के साथ रिश्ते में हो । हाँ क्योंकि वो किसी भी इंसान से बेहतर है । मेरे बॉयफ्रेंड से तो निश्चित रूप से बहुत बेहतर है । मैं मानता हूँ मुझे भी कुत्ते पसंद हैं और वास्तव में मैं भी गंभीर रिश्ते में पढने के लिए एक बीच की तलाश में हूँ । छाती जैसे रिश्ते में रनवेज नहीं, उसे छोडा । तुम प्लूटो की एक्स गर्लफ्रेंड से शादी कर सकते हो । वे भरोसे के मुद्दे पर अलग हो गए थे । तब तो हम एक परिवार का हिस्सा हो जाएंगे । हाँ, लेकिन अपनी पत्नी से कहना मेरे प्लूटो से इसको बाजी करने की हिम्मत ना करें । वो सिर्फ मेरा प्यार है और उस पर सत् में राहत है । तुम पागल होती हो । तुम से बात करने में मजा आया । एक लेखक का ऐसा कहना मेरी बोलने की योग्यता के बारे में बहुत कुछ दर्शाता है । अच्छा है तो मेरा दिन बना दिया । तुमने भी मेरा दिन बना दिया । आज मेरे लिए बहुत पूरा दिन था । लेकिन तुम से बात करने के बाद वो एक अच्छे नोट पर खत्म हुआ है । फॅमिली ये बहुत बडी बात है । मुझे लगता है कि मुझे हो जाना चाहिए । बहुत हो गई है । मुझे सुबह जल्दी उठना है क्योंकि कल से मैं तो बारा जिम जाना शुरू करने वाला हूँ । तुम कुछ और मसल्स के साथ बहुत हाँ अलग हो गए । तुम्हारी एक सिक्स पैक वाली तस्वीर मिलेगी तो मुझे अच्छा लगेगा । आकाश में वहाँ पाता तो तुम्हें अपने मसल्स दिखाना मुझे बुरा नहीं लगता । रणवीर नहीं बहाने यार, मैं सब समझ रही हूँ । अच्छा गुडनाइट चलो । अब जाओ तो उन्हें प्यार से कहा बाॅधने फोन नहीं कहा था बल्कि उसका ऐसा करने का इंतजार करता रहा । क्या तुम मेरे आई लव यू का इंतजार करते हो? रणबीर जोर से हंस पडा । हाॅर्न रही महत्व मारे । फोन का ठेका इंतजार करना था हूँ फिर भी हंसने लगी और फिर उसने फोन काट दिया । अपने बिस्तर की ओर जाते हुए रणवीर के चेहरे पर बहुत हल्की सी मुस्कुराहट । आखिर अब जाकर बहुत में जीवन अपनी किताब और अपनी नई दोस्त पीहू के बारे में सोचकर बेहतर महसूस कर रहा था ।

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नवंबर का महीना था और अपने साथ साथियों की देखी ठंडी हवाएं भी ले आया था । पुस्तक के लोकार्पण के बाद से रणवीर के जीवन में बहुत कुछ हो रहा था । उसने कुछ शहरों में बुक रिलीज के कार्यक्रम निर्धारित किए थे जहाँ वो पाठकों से मिलकर पुस्तक के बारे में बात कर सकता था । सप्ताह के अंतिम दिनों में उसे ऑफिस से छुट्टी लेकर अपनी किताब के प्रमोशन के लिए विभिन्न शहरों की यात्रा कर ली थी । उसके दोस्त और परिवार उसकी इस प्रगति से बहुत उत्साहित और प्रसन्न थे । एक भी दिन ऐसा नहीं बीतता था जब उसे उसके प्रशंसकों के मेल्स ना मिलते हो । इससे तनवीर खुद के बारे में बहुत अच्छा महसूस करता था । पता नहीं भी आपने अशिष्ट व्यवहार के लिए उससे माफी मांगी और फिर रणबीर को मनाने और अपने पास वापस लाने में उसे एक मिनट से भी कम समय लगा । पता नहीं ये भी कहा रणवीर से बात किए बिना उसे बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था और अब उन्हें एक दूसरे से लडना बंद कर देना चाहिए । अदा के बर्ताव में अचानक का आया ये बदलाव एक सुखद आशा था । हमेशा इतनी मुडी और आप प्रत्याशित रहने वाली अदा को लेकर पिछले कुछ वर्षों में ये एकमात्र अनअपेक्षित बदलाव था जो रणवीर को अच्छा लगा । दूसरी ओर रणबीर और गेहूँ की फोन पर काफी लंबी बात होने लगी थी । एक दूसरे के कॉल या मैसेज का इंतजार करते हुए वे घंटों फोन से चिपके रहते थे । रणबीर और हूँ अपनी पहली मुलाकात की योजना भी बनाने लगे थे । उसके लिए पीहू मुंबई आने वाली थी । उस साल पहले तो अपने परिवार के साथ मुंबई छोडकर अहमदाबाद रहने चली गई थी । रणवीर नहीं अभी से उस दिन के लिए योजनाएं बनाने शुरू करती थी । उस मुलाकात को लेकर बहुत उत्साहित था । रणवीर की कंपनी को बदल दिया गया था जिससे उसकी कॉर्पोरेट जीवन शैली में कचाना को विनाशकारी बदलाव आ गया था । चीजें पहले जैसी शांत नहीं थी, में बदल गयी थी और वह भी बेहतर के लिए नहीं । उस दिन देर शाम एक अर्जेन्ट बेटिंग बुला ली गई थी और उसे अदा के साथ देना की योजना रद्द करनी पडी थी । उसका बहुत सपाट चेहरे के साथ अपने केबिन में बैठा था और उसके आसपास जैसे छुट्टी थी । वो पहले भी कई लोगों की खुशी बर्बाद कर चुकी थी । उसके काम करने की शैली के बारे में बहुत कुछ कहा और क्या जा चुका था? एक चीज तो कभी नहीं बदलती थी, वो थी उसके कर्मचारियों के प्रति उसका दयनीय पढता हूँ । सबका स्वागत है आप सबको इस समय बुलाने के लिए मुझे बहुत दुख है लेकिन मेरा विश्वास करें मैं आपको दो मिनट से ज्यादा समय नहीं होगा । मिलेन रणबीर करण जेएस में आप में से प्रत्येक तिमाही अच्छी नहीं रही है । सिर्फ प्रबंधन बदल गया है और अगर मैं आप जैसे गैर निष्पादन कर्ताओं के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई करता हूँ, उन्हें कोई यात्रा नहीं होगा । आप समझ रहे हैं सब से घबराते हुए सर हिलाया तुम लोग सबके हूँ, बेवकूफ हूँ । जब मेरा बॉस मुझसे बात करता है तो मैं जवाब देता हूँ और तुम्हें यहाँ चुप रहने की इजाजत नहीं है । इस बार हम अपना टारगेट हासिल कर लेंगे सर रनवीर नहीं जवाब दिया मैं सुनिश्चित करूंगा कि आपने सभी बकाया टारगेट हासिल कर लूँ मैं लेंडर ने कहा मेरे पास एक हफ्ते के अंदर एक दिलाने वाली ऐसा मैं समय से पहले ही अपनी टारगेट पूरा कर लूंगा । करने का यह सब एक ईमेल में डालकर महीने के अंत में मुझे रिपोर्ट करेंगे । अगर किसी भी कारण से आप लोग इसे हासिल नहीं कर पाते तो विश्वास कर लिए । नया आपके जिंदगी खराब करने के लिए किसी भी हद तक चला जाऊंगा । बेहतर होगा कि आप लोग ट्वेंटी फोर ऍम काम करना शुरू करते हैं । समझ गए जी सर! तीनों ने एक साथ कहा चाहिए । अब तीनों बिना कुछ बोले गलियारे में चलते रहे । उन्होंने एक दूसरे की ओर देखें, बिना अपने बैग उठाए और ऑफिस के निकास द्वार की ओर चलने लगे । लिफ्टर का इंतजार करते हुए तीनों चुप चाप निराश खडे रहे । लेफ्ट ऊपर आई तो तीनों उसमें घुस गए और एक दूसरे की ओर देखने लगेंगे । लिफ्ट का दरवाजा बंद हुआ तो रणवीर ने सपाट चेहरा बना लिया । निलेंद्र ने उसकी नकल करते हुए बिल्कुल वही पंक्तियां दोहराएंगे तो उसने बहुत से कही थी और फिर तीनों ठहाका मारकर हंसने लगे । खाश उसका हजारों कर्मचारियों के सामने अपमानों और सबको उसे फॅमिली । मैं लेने का घर जो भी हो, हमें अब दूसरी नौकरी की तलाश करनी पडेगी । हम यहाँ ज्यादा दिन नहीं रह पाएंगे । सही बात है यार, मेरे पीछे तो मेरा परिवार है और वो मेरे लिए चिंता का विषय । मैं तो जल्दी दूसरी जगह आवेदन देना शुरू कर दूंगा । वैसे आज का दिन बहुत लंबा और रखा था । मैं घर जा कर आराम करना चाहता हूँ करने का । और मुझे तो घर के रास्ते में बहुत ज्यादा ट्रैफिक मिलने वाला है मैं लेने का । उन्होंने एक दूसरे को अलविदा कहा, गले मिले और अपने अपने रास्ते चले गए । ऑफिस में थकान भरे खराब दिन के बाद वे हमेशा थोडी देर के लिए मिल कर एक दूसरे से दिल की बातें कर लेते थे । ऑफिस कैसे? मुश्किल दिनों में वे जानते थे कि उनके पास भावनाएं साझा करने के लिए एक दूसरे का साथ था । कभी कभी उन्हें बस यही चाहिए होता था ना इससे ज्यादा आता । इससे कम रनवीर ने अपनी नौकरी के बारे में चर्चा करने के लिए लक्ष्य को पास की कंपनी पर बुलाया । लक्ष्य ने उसे सुझाव दिया की दूसरी नौकरी की तलाश करने से पहले तो कुछ दिन नहीं दिखा रहे हैं । फिर उसे याद आया कि उसे अदा से मिलना था । उसने आजा को फोन किया तो पता चला कि उसका कॉल बहुत देर से बेटिंग था । उसने शाम का कार्यक्रम रद्द करने के लिए उसे एक सौरी का संदेश भेजा और जैसे कि उसे उम्मीद थी अदा का कोई जवाब नहीं आया तो सोने की तैयारी कर रहा था की पीछे उन्हें उसे मैसेज किया जिसमें लिखा था आज कोई इतना व्यस्त है कि मेरे मैसेज का जवाब देने का भी समय नहीं है । ये पढकर उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई और उसने जवाब दिया माफ करना । आज का दिन बहुत बुरा था और मेरे बहुत ने मेरी खुशी की । इतनी ऐसी तैसी की जैसे पहले कभी नहीं की थी । इसलिए आग में डाल खाने में व्यस्त था । हाँ भैया, ये तो सुनने में ही भयानक लग जाए तो मैं आराम करना चाहिए । मैं तो मैं कल कॉल करती हूँ क्योंकि तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है । ये बात तो मुझे रात भर जगह रखेगी । मुझे सर्प्राइज बहुत पसंद है । फॅमिली ऑफिस में पूरे दिन के बाद पीहू के मैसेज नहीं उसका दिन बना दिया और वह चेहरे पर एक खुशी भरी मुस्कान लेकर हो गया । जाने अनजाने पी उसके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन दी जा रही थी । एक ऐसा हिस्सा जो आजकल उसे सबसे ज्यादा अच्छा लगता था । सुबह के पांच बजे थे और अधिकांश लोगों की तरह वो भी हो रहा था जब उसका फोन लगातार बजना शुरू हो गया । वो आखिर बाल तेईस फुट गया फोन पर अदा थी । इस समय उसका फोन आने से वो अचानक चिंतित हो गया और सोचने लगा कि सब कुछ ठीक है या नहीं तो ठीक हो ना । उसने जल्दी से पूछा था मैं ठीक हूँ क्या हुआ? ट्विटर तुमने इतनी सुबह फोन किया । रॅाकी हॉस्पिटल में हैं और उनकी हालत बहुत गंभीर है । मेरे मम्मी डैडी ने मुझे तुरंत फोन कर दिया क्योंकि वे आज का दिन भी शायद ही निकाल पाए हूँ । ऐसे मैं तुम्हारी दादी के बारे में तो जानता ही नहीं था । तो अपना और घर में सब का ख्याल रखा हूँ । हाँ, हम कभी उनके बारे में बात नहीं करते थे । हम उनके साथ था, करीब नहीं है । लेकिन हाँ अभी मुझे जाना है और मुझे ये सब बहुत बुरा लग रहा है । मैं उम्मीद करते हूँ किसी चमत्कार से ठीक हो जाएगा ताकि हम अपने खोए हुए समय की भरपाई करवाए । मुँह ठीक हो जाएंगे । उम्मीद मत छोडो कोई मदद चाहिए हूँ तो मुझे जरूर बताना । हाँ, लेकिन किसी को कॉल करके इस बारे में मत बताना हूँ । मैं ऐसा क्यों करूंगा? नहीं बात ये है कि इस बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते है ना । मेरी फ्लैटमेट्स भी नहीं ठीक है । मैं समझता हूँ तुम भी मुझे कॉल करने की कोशिश मत करना । मुझे जब भी समय मिलेगा नहीं खून करेंगे और के मैं तुम्हारे कौन का इंतजार करूंगा । हिम्मत रखना सब ठीक हो जाएगा ऍम उसने अदा किस भावुक पक्ष को कभी महसूस नहीं किया था । उसे ज्यादा के लिए बुरा लग रहा था । अदा की परेशानी उसके लिए काफी मायने रखती थी और इस खबर है उसकी नींद उडा दी थी । यह था का दूसरा बिल्कुल अलग पहलू था जो बहुत भावो स्नेही और मधुर था । वो जानता था की प्रार्थना से स्थिति नहीं बदलेगी । फिर भी वो उम्मीद कर रहा था कि इस्पात नियम बदल जाएंगे और उसकी दादी चमात्कारिक तरीके से ठीक हो जाएगी और इसलिए ये सब और बुरा लग रहा है । लेकिन हाँ मुझे तो भारत गेहूँ बहुत अच्छा लगा और विश्वास करो यार तुम सकारात्मक बनी होगी तो तो भारी दादी के साथ सब कुछ ठीक होगा और उन्हें कुछ नहीं होगा तो उनके साथ उनकी प्यारी और सुन्दर होती हैं जो उन्हें दुनिया की किसी भी चीज से ज्यादा प्यार करती है । जल्दी से दादी को ठीक करो और मुझे कॉल करूँ । मैं तुमसे बात करने का इंतजार करूंगा । रणबीर नहीं आता को मैसेज किया और उसके जवाब का इंतजार करने लगा लेकिन उसका जवाब नहीं आया । शायद उसके दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था । तीन दिन बाद भी रणवीर अदा के जवाब की प्रतीक्षा कर रहा था । उसने रणबीर के मैसेज का जवाब नहीं दिया था जिसके कारण बहुत दिन रात परेशान रहता था । उसने आता को एक बीबीएम मैसेज भी भेजा लेकिन मैसेज पढने के बाद भी उसने जवाब नहीं नहीं । बहुत सोचने के बाद उसने अदा की फॅमिली बी जे से पूछने का फैसला किया । लेकिन उसे भी स्थिति की कोई जानकारी नहीं थी और वो भी रणबीर की तरह डर गई । उसमें कुछ पता चलते ही गांधी को कॉल करने का माद्दा गया । रणवीर नहीं उसके अन्य दोस्तों से भी संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली । उसे कई तरह के विचार परेशान कर रहे थे और तभी उसके पास सादा की सहकर्मी निशा का फोन आया । हाय रणबीर अच्छा कहाँ है? वो किसी का फोन कॉल नहीं ले रही है । मैं जानता हूँ उस की दादी बीमार हैं और जब हमारी अंतिम बार बात हुई है तो वह वास्तव में काफी परेशान और तनाव में लग रही थी । निशान ऍफ इसमें स्थिति संभाल लेना याद वैसी कोई चिंता की बात नहीं है ना गर्मी । असल में उसकी मम्मी ने ऑफिस के लैंडलाइन नंबर पर कॉल किया था और मुझे ये जानकर बहुत हैरानी हुई कि उन्हें भी उसका पता ठिकाना नहीं मालूम था और वो जानना चाहती थी कि अदा कहा है । घनफीट यही सुनकर स्तब्ध रह गया और कुछ क्षण उसके मुंह से आवाज नहीं नहीं । फिर उसने निशा को आश्वासन देते हुए फोन रख दिया कि जैसे ही ज्यादा के बारे में कुछ पता चलेगा वो उसे वापस कॉल करेगा । रणबीर बिना कोई स्पष्टीकरण दिए बॉस को एक मेरी डालकर ऑफिस से निकल गया । मैं छुट्टी लेकर जा रहा हूँ क्योंकि मुझे माइग्रेन का गंभीर दर्द हो रहा है और मुझे डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता है । आप मीटिंग में है इसके लिए मैं आपको परेशान करना उचित नहीं समझा । वो नीचे पहुंचा ही था कि उसके बहुत में उसे बार बार कॉल करना शुरू कर दिया । उसने बॉस का कॉल नहीं लिया बल्कि खुद बार बार अदा को कॉल करता रहा । उसने फोन नहीं उठाया । उसने अलग अलग नंबरों से उसे कॉल करने की कोशिश की लेकिन उसने फिर भी जवाब नहीं दिया । उसने एक सीक्रेट चलाई और कोने में एक पेड के नीचे बैठ कर एक घंटे में सिगरेट का पूरा पैकेट खत्म कर दिया । उसने बढता जाने का फैसला किया और बाइक स्टार्ट करने से पहले अंतिम बार उसका नंबर मिलाया । बाइक स्टार्ट हुई तो उसने अपना मोबाइल दाहिने हाथ में रख लिया । उसी समय उसने कॉल टाइमर को शुरू होते देखा । उसने जल्दी से बाइक का एडमिशन बंद कर दिया । हलो अदा ने कहा तो उसकी तनावग्रस्त नसों को आराम मिला । उसकी आवाज में उन पूरे से बुरे विचारों को विराम दे दिया जिन्होंने उसे लगभग यकीन दिला दिया था की अदा का अपहरण या तो हो गया था क्या उससे भी बुरा वह मर गई थी । कहाँ हो तुम? तुम कैसी भी तुम ठीक हो ना किसी मुसीबत में तो नहीं हो । मैं बिलकुल ठीक हूँ । रणबीर इतना घबराने की जरूरत नहीं है और पुलिस मुझे इतने सवाल करना बंद करो । अच्छा दुनिया का हर रात में तो भारत ये परेशान है और तुम ऐसे दिखा रही हो जैसे कुछ हुआ ही नहीं है । हाँ मेरी मासी है तो मैं उससे कोई मतलब नहीं होना चाहिए । ऍम वक्त दिमाग खराब हो गया है क्या तो भारी बम्बई ऑफिस में फोन करके तो भारत पता ठिकाना पूछ रही थी । क्या उन्हें नहीं पता कि तुम अपनी दादी के साथ हो । मेरी दादी की मौत पांच साल पहले हो गई थी । रणबीर तब तक बडोदा में क्या कर रही हो? मैं बडोदरा में नहीं तो फिर कहाँ हूँ? मैं भोपाल में हो । उसने ये नाम सुना तो उसके शरीर में ठंडी लहर तौर कुछ पल दोनों में से कोई कुछ नहीं बोला और फिर पता नहीं खुद ही बताया मैं यहाँ अपने एक्स बॉयफ्रेंड और रिहान से मिलने आई हूँ । वो दो महीने में शादी करने वाला है और मैं शादी से पहले एक बार उस से मिलना चाहती थी । रणबीर हो गया और सोचने लगा कि उसे ये बात छुपाने की जरूरत क्या थी? आपने मुझे बताया क्यों नहीं? उसकी आखिरी क्रोध के आंसू से भर गई । जैसे कि तुम इसके लिए मान जाते । रणवीर शायद मान भी जाता है नहीं, काम ऐसे किसी बात के लिए कभी नहीं मानते । फिर भी वो तुम्हारे इस तरह झूठ बोलने से तो बेहतर होता । आज तुमने मेरा प्यार और भरोसा दोनों तोड दिया था । हम यहाँ प्यार नहीं करते हैं । रणबीर एक पागल आदमी की तरह व्यवहार मत करो । तुम वहाँ कई किस लिए? मेरे और तेहान के बीच कुछ चीजें थी जिन्हें साफ करना जरूरी था । मैं उन बातों को हमेशा के लिए खत्म करने आई हूँ । यहाँ तो उन बातों के हाल मिल गए तो मैं क्या तुम है और यात्राओं की जरूरत है । मुझे इस तरह परेशान मत करो वरना ये हमारी आखिरी बातचीत होगी । मेरे पास सिर्फ एक दिन बचा है इसलिए मुझे एक आखिरी बार मेरा जीवन जी ले तो मेरा दिमाग खराब करोंगे । मैं जब कल घर पहुंचाऊंगी तो हम बात करेंगे और प्लीस जब मैं मुंबई पहुंचना तो अपनी बीमार शक्ल लेकर मेरे फ्लैट पर मत आना ।

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रन भी पेड के नीचे बैठ कर रो रहा था । उसके जीवन के पिछले दो मिंटो नहीं उसे बुरी तरह तोड दिया था और वह समझ नहीं पा रहा था उसके साथ अभी अभी क्या हुआ था । उसने सम्भवता होता को सब कुछ दिया था और ये अंतिम चीज थी जिसकी उसने अपने रिश्ते से उम्मीद की थी । उसके लिए उसका समय अभी शुरू ही हुआ था और अपने उपन्यास के प्रकाशित होने के बाद वो खुद के बारे में काफी अच्छा महसूस कर रहा था । तो उसके जीवन का वो समय था जब वह सिर्फ सुखद आश्चर्यों की आशा कर रहा था और कुछ नहीं । लेकिन उसे जो मिला था वो उसके जीवन का सबसे पूरा झटका था । वो मानसिक रूप से बहुत कमजोर महसूस कर रहा था । उसने अपनी बाइक स्टार्ट की और लक्ष्य को मैसेज किया प्लाइंग अगले पंद्रह मिनट में घर आ जाओ । बात बहुत जरूरी है और मेरे जीवन के बारे में है । कॉल मत कर रहा । इस समय मुझे तुम्हारी सबसे ज्यादा जरूरत है लक्ष्य नहीं । जवाब दिया मैं तुमसे पहले घर पहुंचाऊंगा, चिंता मत करो । रणवीर उन घटनाओं के बारे में सोचता रहा जो उसे वाहन लाई थी । उसने ट्रैफिक के कई नियम तोड देंगे क्योंकि उसका सिर दर्द से फट रहा था और वह जानता था कि यदि वो कुछ देर और अकेला रहा तो उसे ऐसा सिर्फ हो जाएगा । ऐसा कभी नहीं हुआ था । उसे महसूस हो रहा था कि वह इस स्थिति में खुद को ही हो रहा था । अपने मन की गहराई में वो जानता था कि वह हार मान रहा था और अब उस स्थिति से वापस नहीं लौट सकता था क्योंकि उनके अनुसार सब कुछ खत्म हो चुका था । यहाँ तक कि उसका उपन्यास भी उसे खुशी नहीं दे पा रहा था । वो अपने घर से दस मिनट की दूरी पर था और लगातार हो रहा था । ट्रैफिक में कुछ लोग उससे सहानुभूति के साथ देख रहे थे और कुछ मनोरंजन के रूप में वो जानता था कि यदि कोई उसे इस समय समझ सकता था तो वो लक्ष्य था । वो उसके सामने अपना दिल हल्का करना चाहता था तो लक्ष्य को बताना चाहता था की अदा को लेकर उसने जो भी अभी तक कहा है वो सही था जबकि खुद उसने हमेशा अदा का पक्ष लेकर गलत किया था । उस एक्टर था कि लक्ष्य पहले उसकी सलाह ना मानने के लिए उसे डांट आएगा । दो जानता था की ज्यादा नहीं । कभी उसे वैसा प्यार नहीं किया था जैसा उसने अदा किया था । लक्ष्य ने उसे कई बार चेतावनी भी दी थी लेकिन उसने कभी उसके बाद नहीं हुई । तभी उसे जेब में रखें । मोबाइल का वाइब्रेशन महसूस हुआ । वो हटा का एक मैसेज था तो मैं कोई कॉल करें तो ये सब मत बताना । इससे लोग हमारे रिश्ते के बारे में अच्छा नहीं सोचेंगे । रणवीर नहीं जवाब नहीं दिया । फिर उसे एक और मैं साॅफ्ट पर तो भरा इंतजार कर रहा हूँ । जल्दी आओ भाई । रणवीर ने फ्लाइट में प्रवेश किया तो हताश और हारा हुआ लग रहा था । उसकी आंखें सुर्ख लाल हो रही थी और लक्ष्य को ये समझने में एक पल भी नहीं लगा कि रनवीर की इस हालत की जिम्मेदार अदा नहीं । अपना हेलमेट रिकोर्ड फेंककर रणवीर बिस्तर पर जाकर जब लक्ष्य ने उसे गले लगाने की कोशिश की तो उसने उसे कुछ तेल के लिए चले जाने का इशारा किया । उसे लग रहा था वह पागल हो जाएगा और उसका सिर्फ टुकडे टुकडे हो जाएगा तो कुछ तेज बोल नहीं पाया । लेकिन लक्ष्य धीरज के साथ इंतजार करता रहा । धारे तेल के साथ दुखी होकर होने लगा । वो रोता रहा हूँ । बताता रहा कि उसके साथ क्या हुआ था जबकि लक्ष्य उसे कसकर खा में रहा । रणवीर उसके सामने फूट फूटकर होता रहा और ये जानते हुए किसन लक्ष्य था । जो किसी बात के लिए उसका आकलन नहीं करेगा, उसे अपना दिल खोलकर रख दिया । वो सब कुछ कह लेने के बाद उसने रोना बंद कर दिया । अब कुछ हल्का महसूस कर रहा था । लक्ष्य उसके लिए एक कप चाय ले आया । सच कहूँ तो मुझे हैरानी नहीं हो रही है । मैं जानता था कि ऐसा ही होगा । उसे कभी तुमसे प्यार था ही नहीं । मैंने प्यार करने वालों को देखा है । वैसे बिलकुल नहीं होते । वो एक दूसरे के साथ रहने के लिए शर्तें नहीं रखते हैं लेकिन के भी समझता हूँ । ये सब उसकी गलती नहीं है तो हमारा भी उतना ही दोष है क्योंकि तुमने उसे अपने साथ ऐसा बर्ताव करने दिया । मुझे अफसोस है मैंने पहले तो भरी बात क्यों नहीं सुनी । अगर मैं हमारे रिश्तों को लेकर थोडा और व्यवहारिक होता तो इस खबर ने मुझे इस तरह तोडा नहीं होता मानता हूँ । लेकिन देर कभी नहीं होती है इस बात को लेकर रोते रहने की तुम्हारी उम्र नहीं । वैसे भी हर कोई कभी न कभी इस तरह की परिस्थिति में पडता है लेकिन तुम्हें आगे पढा है? हाँ, लेकिन मेरे लिए आसान नहीं है । मेरे लिए भी आसान नहीं खाया । लेकिन मैंने ऐसा क्या तुम भी कर सकते हो तो हमारे अनुसार मुझे क्या करना चाहिए? हर वो चीज जो तुम्हारा ध्यान भटका सके । बहुत मुश्किल है । हर चीज मुझे उस की याद दिलाती हैं । हर तरह का संगीत, आसपास की हर सडक और मैसेज हमने एक दूसरे के साथ इतनी जाते बनाएंगे क्योंकि भूल पाना मुश्किल है । देखो तो बच्चे नहीं हूँ और तुम जो कह रहे हो वो बिल्कुल बकवास है । किसी और के साथ नहीं जाते । बताओ यार और इन सब से बाहर निकलो । तुम्हारे पास सिर्फ एक विकल्प है । आगे बढ हो तो ठीक हूँ । मुझे आगे पढना चाहिए लेकिन काश काशी का असर होता है । बार बार गेर दोहराते रहने का की ये आसान है या मुश्किल कोई मतलब नहीं है । बस तो में खुद समझता है कि चाहे ये दुनिया का सबसे मुश्किल काम हो तो करना ही है । हम लक्ष्य उसपर चिल्लाता लेकिन रणबीर नहीं एक सब कभी नहीं कहा । अच्छा सुनो, हम इसे तुम्हारे लिए आसान बना देते हैं । अच्छे लडकों को कभी लडकियाँ नहीं मिलती । देखो दीपिका पादुकोण ने रणवीर को छोड दिया और उसी के बाद वह जगह पर पहुंचा जहाँ वो आज है । अक्षय कुमार सलमान खान और उनके जैसे कई और सितारों को देख लूँ । ये सब कलाकार हैं और उन्हें जीवन में एक ब्रेकअप की जरूरत थी । हम भी ऐसे ही पडे आदमी बन सकते हो बल्कि तुम्हारा नाम भी रणवीर है और तुम भी देखने में काफी अच्छे हो । लक्ष्य के इस फॅसे रणबीर के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई और वो बोला हाँ तो बाहर ये बात मुझे काफी मजेदार लग रही है । ये सच में मजेदार है तो मैं एक लेखा खो एक उपन्यास का इस बात को एक प्रेरणा की तरह हूँ । अपनी कहानी का दूसरा भाग लिखो, उसे कॅरियर बनाना और बाद में आधा को तुम्हारे साथ ऐसा करने के लिए थैंक्स कहना तो भी खा उबाल के आप में हो । रणवीर अपने आंखों के बीच फसने लगा लेकिन मैं अपने किसी और दोस्त के लिए तो मैं धोखा नहीं दूंगा । हाँ, मैं इस उम्मीद के सहारे जी सकता हूँ । मुझे बुरा नहीं लगेगा । जब तक तुम अपने दिल की बातें मुझसे करते रहोगे तो तुम जानते हो अदा की बुराई करने में मुझे कितना मजा आता है । जवाब में रणवीर मुस्कुरा दिया । कभी उसे अपने बहुत का एक मैसेज मिला जिसमें लिखा था मुझसे बात किए बिना ऑफिस से जाकर तुमने बहुत गलत काम किया है तो मैं इसका नतीजा भुगतना पडेगा । रणवीर ने लक्ष्य को मैसेज दिखाया और बताया कि कैसे उसने दिन के बीच में ऑफिस छोड दिया था । लक्ष्य ने उसका नंबर नोट किया और रणवीर के बॉस को एक मैसेज टाइप करने लगा था । मैं रणवीर का डॉक्टर हूँ, आॅडी हूँ और मुझे बीस वर्ष का अनुभव है । मैंने अभी उसे आपका मैसेज करते देखा जिसने उसका माइग्रेन का दर्द और बढती है । मैं इस मामले को जांच के लिए आगे ले जाना चाहता हूँ क्योंकि कोई भी कंपनी आपको गंभीर बीमारी के दौरान काम करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते । मैं आपसे फिर बात करूँ जब उसकी हालत में थोडा सुधार हो जाएगा । आपको बता देगा कि नतीजा वो भुगतेगा की आपको भुगतना पडेगा । एक मिनट के अन्दर रणवीर को बेल द्वारा जवाब मिल गया जिसमें लिखा था कृपया अपना ध्यान रखना और पूरी तरह ठीक हो जाने पर ही वापस हो ना । मैं तो भारत आम सामान होगा, चल ठीक हो जाऊँ और मेरी किसी मदद की जरूरत हो तो मुझे बताना । वे दस मिनट और बात करते रहे और लक्ष्य की बातों से रणबीर कुछ बेहतर महसूस करने लगा । सिर्फ लक्ष्य ही था जो ऐसा कर सकता था । रणवीर ने अपने सिर दर्द के लिए कुछ दवाई लिया हो गया क्योंकि वह मानसिक और शारीरिक रूप से थका हुआ महसूस कर रहा था । अपने कमरे की ओर जाते हुए लक्ष्य सोच रहा था कि ये फ्लाइड कैसे पागलों काटा हुआ करता था और कैसे अदा नहीं । रणवीर की जिंदगी बर्बाद करते हैं तो उसे अपने फ्लाइट की बहुत मस्ती याद आ रही थी और पहले वाले रणवीर की भी । अगर आधार रणबीर का जीवन बेहतर बनाने के लिए कोई एक काम कर सकती थी तो बहुत था । उस साल पहले रिहान से रिश्ता तोडने के बाद रणवीर का प्रस्ताव अस्वीकार कर देना जो कुछ हुआ उससे लक्ष्य रणवीर को शांत करने में तो सफल हो गया था लेकिन वह निश्चित रूप से जानता था कि आने वाले दिनों में ये टूटा रिश्ता बहुत कुछ रहेगा और उसे सुनिश्चित करना पडेगा कि रणवीर पर उसका ज्यादा असर हो और अदा को उसकी गलती का एहसास हो जाएगा । लक्ष्य चिंतित था, तनावग्रस्त था और इस बार रणवीर से कुछ अधिक दुखी था ।

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रणबीर अकेलेपन से हमेशा से डरता था । जब भी तो ज्यादा के साथ सोलह करता और दोनों के बीच के झगडे को अनदेखा करता । उसे अकेलेपन से डर लगता है । ऐसा लगता था जैसे आत्मसम्मान की चाहत का कोई अस्तित्व नहीं था और उन दोनों के बीच जिनका शायद साथ में कोई भविष्य नहीं था । आपसी सामंजस्य, उम्मीद और प्यार सब सैद्धांतिक संभावनाएं थी । एक पूरे दिन के बाद रणबीर सुबह सुबह उठ गया तो इतना खाता हुआ था कि वह पूरे एक दिन और एक रात सोता रहा । वो ये देखने के लिए उठा के शायद अदा का कोई मैसेज हो लेकिन उसे निराश होना पडा । लेकिन उसके पास किसी और का मैसेज आया था जिसमें लिखा था अदा के बारे में तुम से कुछ बात करना चाहती हूँ । मुझे लगता है तो कुछ मालूम होना चाहिए । जब भी समय मिले कृपया मुझसे आकर मिलो । प्रेषक बिच बीचे रणबीर ने तुरंत उसे कॉल करके पूछा कि क्या बात थी? उसने जवाब नहीं दिया, लेकिन उसे एक मैसेज भेजा, मैं तुम से बात नहीं कर सकती क्योंकि मेरी दूसरे फ्लैट में नहीं है । अगर हो सके तो प्लीज मुझे आज रात आठ बजे मिलो । जब तक मैं रूप से वापस आ जाउंगी अच्छा कल सुबह वापस आ रही है अपना ध्यान रखना । प्लीस अदा को मत बताना कि मैंने तुमसे बात की थी वरना सब कुछ मेरे सिर पर उल्टा पड जाएगा । ठीक है मैं आऊंगा । रणवीर ने जवाब दिया फिर उससे पीहू के पांच माॅस् और एक व्हाट्सअप मैसेज देखें । ऐसा लगता है कि तुम अपने प्रशंसकों के साथ काफी व्यस्त हो चुके हो तो भारी सबसे पहले क्यों? फ्रैंड के बारे में क्या ख्याल है तो भूल गए उसे ये ठीक नहीं है । मैंने तो मैं पांच बार कॉल किया लेकिन तुम्हे जवाब नहीं दिया । आशा है सब होगा रणवीर ने उसकी डीपी देखिए जो बहुत प्यारी थी और उसके व्हाट्सप्प स्टेटस में लिखा था एक कलाकार से प्यार करो और वो तो मैं हमेशा खुश रखने के लिए अपनी सारी सीमाएं पार कर ले का पिछली आप उससे बात करने के बाद भी होने स्टेटस अपडेट किया था । उसका मैसेज पढकर रणवीर के चेहरे पर मुस्कान आ गई है और एक पल के लिए उसने सोचा कि पीछे तूने वो स्टेटस उसके लिए लिखा है । शायद था शायद नहीं मेरी तबियत थोडी खराब थी और मैं कल पूरे दिन हो रहा था लेकिन तुम्हे जवाब ना दे पाने के लिए मैं सच में माफी चाहता हूँ । रणवीर ने एक नंबर जवाब भेजा । वो बिस्तर से उठा तो उसने देखा कि लक्ष्य अभी भी आराम से खर्राटे भर रहा था । उसने कॉफी बनाएंगे और लक्ष्य को जगाया । हे भगवान, अगर ये सपना है तो मेरे चेहरे पर एक थप्पड मारो ऐसे मत करो जैसे मैं तुम्हारी बीवी हूँ । मैं बस चलते उठ गया तो सोचा कॉफी बना लो । एक ब्रेक अप नहीं तो मैं पूरी तरह बदल दिया है और तुम पहले जैसे हो गए हो । अगर तुम रोज सुबह इसी तरह कॉफी बना होंगे तो मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा के तुम जीवन में फिर कभी किसी चक्कर में ना पडो । लक्ष्य ने मजाक किया तुम अपने बकवास चेहरे की तरह बकवास बात करते हो । पैसे भी अभी मैं किसी रिश्ते में पडने के मूड में नहीं । उससे अच्छा मैं खुमाराम अच्छा हूँ । तभी कम्प्यूटर टेबल पर रखा उसका मोबाइल वाइब्रेट करने का । दोनों ने डिस्प्ले स्क्रीन पर आ रहा नाम देखा पी हूँ । वैसे जब तक तुम्हारे क्यूट महिला प्रशंसक जिंदा है, तुम कुमारे नहीं होंगे । हाँ हूँ अभी मैं दूर के रिश्ते से बाहर भी नहीं निकला हूँ तो मुझे दूसरे की ओर धकेल रहे हो नहीं तो अपनी मर्जी से इसमें प्रवेश कर रहे हो छोडो या तुम पागल हो गए हो । अच्छा तो उसका मैसेज देखने के बाद अपने चेहरे की मुस्कुराहट देखनी थी । तुम सच में पागल हो गए हो पैसे मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूँ । उसने कहा और लक्ष्य को बी । जे का मैसेज दिखाया फहराने की बात है । वैसे तो मैं उस हॉट लडकी के पास जाना चाहिए । वो तुमसे सहानुभूति दिखाने के बहाने तो हमारे साथ कुछ भी करने को तैयार हो जाएगी । उससे अच्छा के बारे में जानकारी पाने के लिए मिलता हूँ और तुम मुझे उसके साथ रात बिताने को कह रहे हो । क्यों नहीं वाॅक तो भारत कुछ नहीं हो सकता यार तुमने कभी उसे ध्यान से देखा है । मैं तो उसके साथ रहने के लिए कई दिन का खाना छोड सकता हूँ । तुम बाद में कल्पना करते रहना हो । बताओ तुम्हारा क्या सोचता है? वो मुझे बुला रही है या किन से नहीं कह सकता हूँ । मुझे उस पर भरोसा नहीं हो सकता है । कोई बात हो तो तुम से साझा करना चाहती है और उसे लगता है तो मैं वो बात पता होनी चाहिए था । लेकिन वो ऐसा क्यों करेगी ये तो मैं उससे मिलने के बाद पता चलेगा । मैं चाहता हूँ कि तुम मुझसे मिलो और उसकी पूरी बात सुनो लेकिन उस पर आंख बंद करके विश्वास मत करूँ । अपनी बातचीत रिकॉर्ड कर लेना क्यूँ अपने बचाव के लिए और अपने रिकॉर्ड में रखने के लिए हाँ तो भरी बात तो ठीक है । पहली बात हमेशा ठीक रहती है । उससे मिलने के बाद मुझे कॉल करना । रणवीर ने देखा कि लक्ष्य अपना बैग उठाकर दरवाजे की ओर भाग रहा है । हाँ हाँ पक्का लेकिन तुम इतनी सुबह कहाँ जा रहे हो? अरे आज मेरा बीच वर्कआउट है । इसलिए जो भी चाह रहा हूँ अरे वाह! ये तो बहुत अच्छी बात है । तो मेरे जिम में आना शुरू कर तो बहुत मजा आता है । वहाँ सोचूंगा । इस बारे में यार वे दिन गए जब रणवीर पहले चीजें करता था और फिर सोचता था । लक्ष्य ने मुस्कुराकर कहा और रणवीर को उसके विचारों के साथ अकेला छोडकर निकल गया । रणबीर उठा और स्टोर रूम में जाकर अपने पुराने डंबल्स खोजने लगा । जो धूल से भरे एक कोने में पडे थे । उसके उन्हें उठाया साफ किया हूँ और फ्लैट की खुली जगह में व्यायाम करने लगा । वो जानता था कि उसे नए सिरे से जीवन शुरू करने की जरूरत है और इसके लिए उसे उन चीजों में व्यस्त हो जाना चाहिए जिन्हें करने में उसे सबसे ज्यादा मजा आता था । उसमें एक दस किलो का डबल उठाया तो उसे एहसास हुआ कि वो उसे दस बार लगातार नहीं उठा पाएगा । वो जानता था अब वो पहले जैसा मजबूत नहीं रह गया था । अपराध भाव के साथ उसने पांच किलो वाला जोडा उठाया और मन में ठाना की वो अपने पुराने फॉर्म में वापस आकर रहेगा । रणवीर ने पूरा दिन रात के इंतजार में बताया ताकि वह चीजे से मिलकर बात कर सके तो जानता था कि उस पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता था । लेकिन वो ये भी जानता था कि इस मुलाकात से उसे कुछ जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी । उसे पीछे पर कभी भरोसा नहीं था और वो उसे हमेशा से ही ना पसंद करती थी क्योंकि वो एक बिगडी हुई लडकी थी जो इधर घर फ्लर्ट करती रहती थी और अच्छा पर उसका बहुत असर रहता था । उसे हमेशा लगता था की अदा को दुनिया का कोई भी लडका मिल सकता था और वो बेकार में रणवीर के साथ रिश्ते में बनती थी । उनके रिश्ते ऐसे पल भी होते थे जब रणवीर बीजेपी और उसके दोस्तों के साथ बाहर जाने को लेकर अदा से नाराज हो जाता था । ऐसे दोस्त जो अलग अलग लडकियों के साथ सोने के मौके ढूँढते रहते हैं और अपने पैसों का दिखावा करके लडकियों को जीतने की कोशिश करते हैं । रणवीर के साथ कुछ घटनाएं ऐसी हुई थी जहां से अपमान का सामना करना पडा था लेकिन वो उसके बारे में कुछ ज्यादा नहीं कर पाया था क्योंकि अदालतें उसे प्रतिक्रिया न करने के लिए कहा था, वास्तव में अदा नहीं कभी उसकी या उसकी पसंद का सम्मान नहीं किया था । कभी कभी ज्यादा फोन पर उसका मजाक उडाते थी और रणवीर को पीछे से लडकियों के हंसने की आवाज आती थी । रात को खाना खाने के पास उसके पीछे को मैसेज किया मैं दस मिनट में पहुंच रहा हूँ । मैं तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ । नीचे पहुंचकर मुझे कॉल करना । उसने जवाब दिया । मन में बहुत सारे विचार लेकर उसने अपनी बाइक स्टार्ट की और उन कई जाने पहचाने जगह उन को पार करता हुआ पडने लगा जहाँ उसने और अदानी सात समय गुजरा था । एक स्टाॅपेज और एक हत्या जहाँ उन्होंने कई सुबह सात में जॉगिंग करके बिदाई थी । वो जानता था कि इस रिश्ते में हमेशा उसे ही समझौता करना पडेगा । लेकिन वो ये नहीं जानता था कि एक दिन ऐसा आएगा जब वो इस तरह अचानक रिश्ता कानून कर देगी । उसने बी जे के फ्लाइट के नीचे पहुंच कर उसे कॉल किए तो विजय ने ये सोचकर फोन काट दिया की वो नहीं चाहिए आ चुका होगा । विजय ने मिनी सॉस के साथ पीले रंग की आरामदायक हो की टीशर्ट पहनी थी । होता है जितनी भी चालू लडकी हो उसमें फैशन की अच्छी समझ थी । चलो यहाँ से चलते हैं लेकिन क्यूँ रणबीर उलझन में था क्योंकि मैं नहीं चाहती कि मेरी फॅमिली की मैं तुम से मिल रही हूँ । पांच मिनट में बाहर निकलने वाली है और हमें देख लेंगे । आधा तो हमारी मुलाकात का पता चलेगा तो अच्छा नहीं होगा । तब तुम कहाँ चलना चाहती हो? हम लोखंडवाला के पीछे वाले सडक पर जाकर बात कर सकते हैं । उसने कहा और बाइक पर उसके पीछे बैठ गए । रणबीर ने बाइक स्टार्ट की और रियर व्यू मिरर में उसको देखा तो सिगरेट पी रही थी और निश्चित रूप से सबका ध्यान आकर्षित कर रही थी । उसे लोगों का अपनी ओर देखना अच्छा लग रहा था । वो जानती थी कि वह बहुत हॉट लग रही थी । दूसरी ओर रणबीर उसके साथ देखे जाने पर खतरा रहा था । इससे निश्चित रूप से कुछ भावनाएं चाहने वाली थी । एक ऑटो रिक्शा वाला जान बुझकर काफी देर से उनके पीछे आ रहा था । विजय ने अपनी अंतिम सिगरेट उसकी जांघों परफेक्ट थी तो उसने अपना ऑटो मोड लिया । लोखंडवाला के पीछे वाली सडक पर पहुंचने तक रणवीर नहीं एक शब्द भी नहीं कहा । दूर खडी कुछ बसों के अलावा सडक सुनसान थी । अपनी बाइक यहाँ खड करता हूँ । हम लोग होते हुए बात करते हैं । बी जे ने कहा और रणवीर के लिए रुक के बिना चलना शुरू कर दिया । रणवीर में झूलते हुए बाइक पार्टी उसे बीचे के रवैये पर गुस्सा आ रहा था । वो उसे सारी बातें जानना चाहता था । फॅसने टहलते रहे और ये देखकर की वो एक और सिगरेट चला रही थी । रनवीर ने स्पष्ट शब्दों में कहा विजय तुमसे ग्रेट बाद में भी पी सकती हूँ । क्या तुम प्लीज बताओगी की तुमने मुझे यहाँ फिल्म बुलाया है? रणबीर एक सिगरेट मुझे सब चीजे बताने से नहीं रुकेगी । देखो मैं जानती हूँ कि तुम मेरे बारे में बहुत अच्छा नहीं सोचते हो और ये समझते होगी मैं ही हूँ । जिसकी वजह से आधा और तुम्हारे बीच हमेशा चीजें बिगाडती हैं । सच कहूँ तो मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पडता हूँ । ठीक है लेकिन वहाँ मामला क्या है? काम की बात बताओ और मुझे जाने तो ज्यादा तुम्हे लंबे समय से धोखा दे रही है रणबीर ये कहते हुए वह काफी गंभीर लग रही थी । कई मौका पर उसने डेट पर जाने के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल किया । जब की तो मैं लगता था कि मैं तुम दोनों के साथ गेम्स खेल रही हूँ । तुम अब मुझे ये सब के बता रही हूँ क्योंकि तुम्हें लगता है कि मैं बिजली हुई, बुरी लडकी हो । जबकि ऐसा नहीं है और मुझे लगता है कि तुम उसके बारे में कुछ ज्यादा ही अव्यवहारिक और गंभीर हूँ । जब की वो नहीं है तो पिछले छह महीने से अपने एक्स बॉयफ्रेंड के संपर्क में हैं और जब भी तुम आधी रात में उसे कॉल करते हो वो उसी से बात कर रही होती है । और ये पहली बार नहीं है कि वह ब्रेकअप के बाद उस से मिल रही है । हालांकि तुम्हें पहली बार इसका पता चला है । उसने कहा उसके शब्दों ने रणबीर को पूरी तरह तोड दिया । अदा के लिए इतना सब करने के पास उसे महसूस हो रहा था की उसके साथ बहुत बडा धोखा हुआ था । उसका इस्तेमाल हुआ था उनके बीच अक्सर होने वाली बहस और झगडों के बावजूद उस ने कभी नहीं सोचा था कि ज्यादा उसे इस तरह धोखा देगी । उसने आधा के लिए जो किया था उसका दस प्रतिशत भी किसी और लडकी के लिए क्या होता है । तो उसने खुशी खुशी उसे अपने जीवन का एकमात्र मारता बना लिया होता । उसे हर पोपल एक धोखा लग रहा था जिसमें उन दोनों ने प्यार किया था, एक दूसरे को चूमा था । उसे लग रहा था की अदा के लिए वे सारे पाल नकली थे । उस की भावनाएँ, उसके चेहरे के भाव, अंतरंगा पलों में उसकी सिसकियां सब बना होती थी । उसके मन में हर समय उसका पूर्व प्रेमी था । वो एक बहुत बडी झूठी थी । विजय झुकती हुई उस की ओर पर ही और बिना एक शब्द कहें उससे लिपट गई । तो तुमने मुझे ये सब पहले क्यों नहीं बताया? उसने पूछा ये बोलते हुए कि उसे इस लडकी से पहली मुलाकात के समय से नफरत थी और वह ज्यादा की दोस्ती को एक बच्चे की तरह होता रहा और विजय उसे और कसके गले लगा लेंगे । मैंने उसके लिए सब कुछ किया । उसे खास महसूस कराने के लिए । अपने किताब फिर उस को समर्पित पहले हर वो काम क्या चुप करने के लिए? उसने मुझे कहा मैंने अपना आत्मसम्मान छोड दिया । पहले उसके कहने पर कब सूट खरीदा? जब मेरे पास उतने पैसे नहीं थी । शायद वो सब कुछ किया जो उसने मुझे करने के लिए कहा था । उसके भरोसे को इस बुरी तरह कुछ ना है कि मुझे कभी उसके साथ होने का पछतावा हो रहा है । वो हमेशा से ऐसे ही थी । उससे कभी मेरी भावनाओं की कद्र नहीं । रणबीर ऐसा कुछ मत कहो जिसका बाद में तुम्हें पछतावा होगा । उसे उसे गले लगाते हुए उसे सहज महसूस कराने के लिए कहा । मेरे पीठ पीछे भगवान अच्छा हैं । कितने समय से किसी और के साथ चक्कर लगा रही है और फिर भी मैं उसके खिलाफ कुछ कह नहीं सकता हूँ । मैं चाह कर अब तक सिर्फ एक पडे से ट्रक के नीचे रख होगा और कही अपनी जान दे दूंगा । उसने बी जे को लगभग धकेल दिया और अपनी जान देने के लिए अपनी बाइक की ओर भागा । बहुत सबसे उपर कहा था विजय उसे रोकने के लिए उसके पीछे दौडने लगी लेकिन रणबीर उसके बिना बात सुने भागता रहा । बीजेपी अपनी हेल्थ उसपर पडेगी ताकि वो पीछे मोड जाए या कम से कम आकर उसे चोट पहुंचाए, लेकिन वो नहीं होगा । बी जे और तेज दौडने लगी और रणवीर के पास पहुंचते ही उसने उसे जोर का थप्पड मारा । फिर उसने जोर से उसके बाल पकडे और उत्तेजना और उग्रता के साथ उसे चूमने लगीं । उसका गुस्सा शांत करने के लिए उसे बनाने लगी । फिर एक धारी सांस लेते हुए उसने रणबीर पर से अपने हाथ हटाए और कुछ पल उसकी ओर देखने के बाद बिना कुछ कहे दूसरी दिशा में चलने लगी और विले पार्ले के लिए टैक्सी लेकर वहाँ से चली गई । रणवीर अपने विचारों के साथ अकेला खडा रहा । विजय ने एक बार फिर बोर्ड कर नहीं देखा और रणवीर वहाँ सत में हैरानी और उलझन से भरा खडा रहा ।

muskurane ki wajha tum ho 11

बहुत देर तक रणवीर को महसूस होता रहा कैसे वो पत्थर हो गया है । फिर उसने थोडा पानी पिया और अपनी बाइक स्टार्ट करना । बी जे के पीछे दोबारा जाने के बजाय उसने घर जाने का फैसला किया । वो खुद को जाता आने की कोशिश कर रहा था कि कुछ नहीं हुआ था या शायद उसने सोचा वो छाना । भगोर, कल्पना या बी जे के दिमाग की कोई उपज होगी या साथ? बात कुछ भी नहीं होगी । उसने थोडी देर इस विचार को आत्मसात करने की कोशिश की । लक्ष्य सही था । उसने सोचा पीछे बहुत हॉट थी । अभी जो हुआ था क्या उसे उसके लिए खुद से नफरत करनी चाहिए? क्या करना चाहिए उसे वो अच्छा से प्यार करता था और वो नहीं चाहता था कि ऐसा कुछ हूँ । उसे उम्मीद थी कि जब वो अदा को ये सब बताएगा तो वो उसे समझेगी । लेकिन वो अदा को क्यों बताएगा? पता नहीं तो अपने पुराने प्रेमी के पास वापस जाने से पहले या पता नहीं कितने लोगों के साथ संबंध रखने से पहले उसके बारे में नहीं सोचा । उसने कभी नहीं सोचा क्या उसका विजय के पास वापस जाना सही होगा । खुद को आश्वस्त करने की कोशिश करते हुए तो सोचने लगा अगर वह बी जे के दरवाजे पर जाकर खडा हो जाए और कहे कि वो उसके साथ कुछ समय बिताना चाहता है तो भी से क्या कहेगी जितना वो उनसे जानता था तो शायद हाँ जी कहेगी । रणवीर नहीं सोचा रणवीर विजय के बारे में सोचने लगा हूँ और उस नहीं आपने कल्पना में उसके साथ प्यार करना शुरू कर दिया । जिस तरह से विजय नहीं उसे प्यार किया था क्या उसमें उसकी कोई उम्मीद थी? जैसे कि वह सच में उसके साथ समय बिताना चाहती थी वरना वो वापस क्यों लौटीं? वो उसे होश में लाने के लिए खप्पर भी मार सकते थी । अच्छी बात थी उसने अपने पिछले संबंधों को एस रोशनी में नहीं देखा था । वो अपने मन में बार बार उन पलों को दोहरा रहा था फॅस के साथ कि वह चीजे से ऐसे और पाँच आएगा ना । दूसरी ओर एक स्वाभाविक चिंता के साथ उसके मन में विचार आया कि उसे बीचे को क्या नहीं करने देना चाहिए था । वो क्या कर सकता था? कुछ नहीं कुछ भी नहीं । उसी समय अचानक बारिश होने लगती है । ट्रैफिक थम गया, आगे पढ पाने में असमर्थ रणवीर नहीं । विजय कॅर बाइक कुमार ईमानदारी से वह सब कुछ भूलकर सीधे पीछे के घर जाना चाहता था । रणवीर ने लक्ष्य को कॉल किया तो उसने नहीं उठाया । रणवीर ने अपना मोबाइल उठाया क्योंकि वह अदा को कॉल करना चाहता था लेकिन फिर रुक गया क्योंकि उसे लगा ऐसा करने से उसके आत्म सम्मान को और चोट पहुंचेगी । जब बीजेपी फ्लैट पर पहुंचा तो उसने देखा वो कॉफी का मान लीजिए आपने डाल करने में बैठी है और कुर्सी पर आगे पीछे झूल रही हैं । नीचे जहाँ वो खडा था वहाँ से हवा और बारिश के कारण इससे ज्यादा देखता ना उसके लिए असंभव था । रणवीर अपनी घबराहट दूर करने की कोशिश करते हुए एक पल पीछे को चुप चाप देखता रहा । उसने देखा कि बी जे फोन उठाकर किसी का नंबर मिला रही है । कभी अचानक उसका मोबाइल वाइब्रेट करने लगा । बारिश में जेब से मोबाइल निकालने में उसे बहुत मुश्किल हो रही थी । उसने एक सुरक्षित दूरी पर बाइक खडी की और ये सोचते हुए जेब से मोबाइल निकाला के बीच की कॉल होंगे । लेकिन जब उसने ऊपर देखा तो विजय पहले से ही किसी से बात कर रही थी और रणवीर के मोबाइल पर पीहू की कौन थी? लेकिन फोन कट गया और रणवीर ने देखा के पीहू के चार मिस्टर कॉल थी । तभी उसने देखा कि बी जे । की बात खत्म हो चुकी है । उसने कांपते हाथों से उसका नंबर पिलाया लेकिन विजय ने उसकी ऑल काट्टी रणवीर के लिए ये बात पचाना मुश्किल था जिसने उसे अभी अभी प्यार किया था तो उसे अनदेखा कर रही थी । रणवीर छपी परेशान होता था । जवाब मिलने तक सामने वाले को कॉल करता रहता था । विजय उसकी आदत से अच्छी तरह परिचित थी और उसने जानबूझकर अगले पांच कॉल नहीं ली । अंतिम जब उसके लिए बर्दाश्त करना असंभव हो गया तो उसने फोन उठाएगा । रणवीर ने उसे फोन उठाते हुए थे । क्या मुझे होश में लाने के लिए ऍप्स मैं बस रणवीर बात पूरी करता । उससे पहले विजय नहीं ऍम डर जाते हुए उसने अपना मोबाइल बाहर ही छोड दिया जैसे जानबूझकर उसके कौन से परहेज कर रही हूँ । एक बार फोन काटे जाने से रणबीर होश में आ गया और उसे फोन करने के लिए शर्मिंदा महसूस करने लगा । उसने बाइक स्टार्ट करती और तभी उसे एहसास हुआ कि उसकी जेब में उसका मोबाइल वाइब्रेट कर रहा था । अचानक तारीफ भी तेज हो गए । उसने फिर से बाइक रूकती और उसे फोन पर एक गंभीर और बेहद तनावग्रस्त आवाज सुनाई दी । आम तौर पर चल पुलिस पीहू की आवाज से बहुत अलग दिमाग उलझा हुआ होने के कारण रणवीर नहीं जानता था । उसने पीहू के कितनी कॉल्स और मैसेज कर दिए थे लेकिन उनकी संख्या उसे ये समझाने के लिए पर्याप्त थी कि पीहू उसे किसी महत्वपूर्ण विषय पर बात करना चाहती थी । पीयूके बोलने का इंतजार करते हुए उसके दिमाग में वो संभावित विषय आने लगे जिनके बारे में वो बात कर सकती थी । लेकिन उन्होंने काफी देर तक कुछ नहीं कहा और लगातार रोती रही । मुंबई में हो रही मूसलाधार बारिश और खुद उसका जीवन में कुछ समय पहले आए अनअपेक्षित तूफान के बाद रणबीर किसी और आपका के लिए तैयार नहीं था । तुमने मुझे बहुत लंबा इंतजार कराया । ऍम मुझे कम से बहुत कुछ कहना है । बिहू रोते रोते हैं । मैं सच में माफी चाहता हूँ हूँ । कुछ देर रुककर वो फिर बोला मैं स्ट्राइक कर रहा था और मुझे तुम्हारी कौन का पता नहीं चला । उसे लगता था सर तो भी थे जिससे बैग किसी भी समय कॉल्स कर सकती थी । लेकिन तुम ने मुझे निराश कर दिया । हर कोई मुझे निराश कर देता है । रणवीर को उसके शब्द समझने में कुछ पल लगे और वह चुपचाप बैठा रहा । जबकि पीहू बोलती रही सुनो मैं जानती हूँ उससे बात करने के अलावा तो हमारे पास लाखों काम लेकिन मैं उम्मीद करती हूँ कि जब मुझे तो भारी वास्तव में ऐसा हो तो तुम मेरी कॉम । इसका जवाब तो अगले कुछ पल दोनों में से कोई कुछ नहीं बोला । रणवीर ने अपने मोबाइल में चेक किया कि वह अभी भी लाइन पर थी या नहीं । हाँ हूँ मैं तुम्हारे लिए हमेशा रहूंगा । लेकिन अभी इस पल में मैं जानना चाहता हूँ कि क्या हुआ कौन सी बात तो में इतना परेशान कर रही है । जवाब में रणवीर को उसकी छुट्टी मिली हूँ । ऍप्स मेरी सबसे प्यारी बडी को क्या हुआ है? क्या कोई दुनिया की सबसे प्यारी लडकी को परेशान करता है? उसके बीच बीच की हिचकियां ये बता रही थी कि वो धीरे धीरे सामान्य हो रही थी और रणवीर की बात सुन रही थी या वो अपने सबसे पसंदीदा लेखक को नहीं कर रही है । मेरा विश्वास करूँ और तुम्हारे लिए कुछ मिल छोडकर आ सकता है । लेकिन अगर वो आया तो तो मैं जोर से गले लगाएगा और हो सकता है बातें वो थोडा शरारती हो जाएगा तो मजाक कर रहे हो ना ट्राॅफी सच बोल रहा हूँ । उसमें स्पष्ट आवास में कहा वो जितना उसे जानने लगा था उतनी ही वह उसे पसंद आने लगी थी । और जब वो कुछ नहीं बोले तो उसे लगने लगा कि कहीं उसे पीहू से प्यार तो नहीं हो गया था । ऍम मुझे मुंबई नहीं आने दे रहे हैं । अच्छा मुझे तो पता भी नहीं था कि तुम मुंबई आने की योजना बना रही हूँ । मैं ऑफिस सरप्राइज देना चाहती थी और फिर मैं तुम्हें बताते तो तुम और ज्यादा हैरान होती है । मुझे वहाँ आने का कारण पूछते हैं । वो भी आते हुए बोली अरे छोडो तो मैं मुंबई में देखने की इच्छा न होने का सवाल ही पैदा नहीं होता । बस मुझे थोडा शरीर हो रहा था वो भी सुखद । मैं नौकरी ढूंढ कर फिर से मुंबई में रहना चाहती हूँ । क्या तुम सच में अपना फैमिली बिजनेस छोडकर नई शुरुआत करना चाहती हूँ? मैं नई शुरुआत तभी करूंगी जब तुम्हें यकीन होगा की तो मुझे मुंबई में चाहते हो । ये किस तरह का संबंध है । जिस तरह का संबंध हम जीवन में तलाशते हैं रणवीर मुस्कुरा दिया । वो पीहू की मुस्कुराहट के बारे में सोचने लगा तो जानता था आपके हालांकि जीवन कई बार आसान नहीं होता था लेकिन हूँ वो लडकी थी जिससे उसके जीवन को दिलचस्प बना दिया था । तो उसकी तस्वीरों की उसके चुलबुली बातों की कल्पना करने लगा और सोचने लगा पीहू के साथ देखे जाने पर उसे कितना गर्व महसूस होगा । तो सोच रहा था कि जीवन में दिलचस्पी वापस पाने के लिए पीहू का मुंबई आना पर्याप्त होगा । मैं जानती हूँ ये अचानक हो रहा है लेकिन मैं मुंबई छोडकर जाने के बाद से ही वहाँ वापस लाने का सोच रही हूँ । लेकिन इससे पहले मैं इतने निश्चिंत नहीं थी । अगर मैं अक्सर मुंबई आकर तुम्हें परेशान करूँ तो तुम्हें पूरा तो नहीं लगेगा । नहीं, बिल्कुल नहीं लगेगा । वैसे भी मैं इस नीरज जिंदगी से बहुत पूरा होने लगा हुआ हम मिलकर कुछ अच्छा समय बिता सकते हैं । इस समय तो ये सब एक सपने जैसा लगता है लेकिन अच्छा है । उसने निराशा भरे स्वर में कहा, वो मेरे डैड को बनाना बहुत मुश्किल है, खासतौर से इस समय क्योंकि उन्हें लगता है मेरा बार बार एक्सीडेंट होने की संभावना रहती है । उन्हें लगता है की अगर मुझे कुछ हो गया तो वे बिल्कुल अकेले हो जाएंगे । उसने कहा, मुझे कहना पडेगा अगर तुम्हारी माँ थोडी बहुत भी तो भारत जैसे हैं तो वो तुम्हारे डैडी को व्यस्त रखेंगे था, रख सकती थी । हालांकि वो मुझसे ज्यादा पागल थी । मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि तो मुझे कोई बुरी खबर सुनने वाली हूँ । एक तरह से दो साल हो चुके हैं । रणवीर को उसके शब्द समझने में कुछ पल लगे । तुमने मुझे कभी नहीं बताया । तुमने कभी पूछा नहीं वो हाँ मुझे माफ कर रहा हूँ । ये कहकर वो चुप हो गया । अब सहित है । उसे गई अजीब लग रहा था । उसने पहले कभी भी ध्यान क्यों नहीं दिया की वो अपनी माँ के बारे में कभी बात नहीं करती थी । तो परेशान मत हो । तुम्हारी गलती नहीं है । रणवीर के पास बातचीत को बेहतर बनाने के लिए कुछ नहीं था । वो ये नहीं कर सकता था कि सब ठीक था क्योंकि ऐसा नहीं था । रणवीर ने अपने परिवार में किसी को नहीं खोया था इसलिए मौत का उल्लेख की उसे बुरी तरह करा देता था । मात्र यही विचार की वो अब कभी उन्हें कल नहीं लगा पाएगा और वो उन की खाली अलमारियों को कैसे देखेगा । उन पुराने कपडों को जी रहे अब कभी नहीं पहनेंगे । क्या यह अनुभव करने के लिए कि वे कभी उसके पास थे, उनके वीडियो कैसे देखेगा, उसे टर्राते था । तुम सोच रहे हो मुझे तुमसे बात करने की जरूरत ही महसूस हो रही थी । नहीं तो रणबीर खोला मुझे कोई ऐसा चाहिए था जो मेरी बात सुनी । ऐसा करने के लिए शुक्रिया । मुझे तुम्हारा खुद को व्यक्त करने का तरीका पसंद है । और तुमने जो चीजें अपनी गर्लफ्रेंड के लिए कहीं पे मुझे बहुत अच्छी लगी । मैं व्यक्ति के रूप में तुम्हें पसंद करती हूँ । ऍम हूँ मेरा नाम रणवीर है । सॉरी, असल में मैं तुम्हें उस चरित्र से जोडकर देखना चाहती हूँ, जो काम नहीं अच्छा है । फिर चाहे वो रणवीर हो या ॅ तुम वो आदमी हो तो मेरे लिए बना है । मैं जानती हो तुम सोच रही हूँ, ऐसा कैसे हो सकता है और मैं तुमसे इतना कैसे छोड गई? ये शायद तब शुरू हुआ । मैंने तुम्हारी नोबेल पढना शुरू की और उस पल से जब हमने पहली बार चैट रणबीर क्या तो मैं अपने जीवन में मेरा हस्तक्षेप पूरा लगेगा । रणबीर सोच में पड गया क्योंकि इससे पहले पीहू उनके संबंध को लेकर इतनी बेबाक नहीं हुई थी । पता नहीं अभी भी उसे अपने पूर्व प्रेमी के लिए छोडा था और जिस लडकी से वो नफरत करता था उसने कुछ ही समय पहले उससे प्यार करके अगले ही पल अनदेखा कर दिया था और एक ऐसी लडकी नहीं जिससे वो कभी नहीं मिला था । अभी अभी फोन पर उससे अपने दिल की बात कही थी । सुनकर अच्छा लगा मुंबई आने की कोशिश करूँ वो थोडे से बोला मैं तो मैं बता नहीं सकती कि मैंने अपने गाडी से कितनी बार इस बारे में बात की है । लेकिन मैं न तो खुद मुंबई वापस जाना चाहते हैं नहीं मुझे भेजना चाहते हैं पे कुछ ज्यादा ही सकते नहीं तो भारी कल्पना से भी ज्यादा । खैर अभी मुझे नीचे जाना है इससे पहले की मेरे रिटायर्ड यहाँ जाए । मैं ये नहीं जानती कि मैं मुंबई आप भी पाऊंगी या नहीं लेकिन मुझे लगता है अगर मेरी मॉम जिंदा होती ना तो ये सब आसान हो । उसने कहा और औपचारिक अलविदा कहे बिना ही फोन काट दिया । रणवीर गहरी साफ की और दूसरा नंबर मिलाया । हेलो मम्मा कैसी है आप? मैं ठीक हूँ, बैठा हूँ क्या हुआ तुम परेशान लग रहे हो? रणबीर की मानें चिंतित स्वर में पूछा ही मम्मा हूँ मैंने बस ये कहने के लिए फोन किया है । चाहे मैं कितना भी व्यस्त हो जाऊँ, चाहे आप से कई दिन बाद में करता हूँ । इतना याद रखेगा । मालूम हूँ की मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ और आपको अपने बेटे के लिए अपने स्वास्थ्य का बहुत ध्यान रखने की जरूरत है । बिलकुल बेटा बिल्कुल मैं चौकिंग करती हूँ, हल्का आती हूँ, ऑॅल इस्तेमाल करती हूँ और वो सब करते हूँ जो अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए मुझे करना चाहिए । उन्होंने भावुक होकर का आप प्लीज मेरा एक काम करेंगे । हाँ रणवीर पेस पापा से भी ऐसा ही करने के लिए कहीं मैं चाहता हूँ कि मेरे मम्मा पापा जीवन भर फिर और स्वस्थ रहें तो जानता था कि उसकी माँ किसी भी पल रोना शुरू कर सकती है और तब वो भी अपने आंसू नहीं रोक पाएगा । जल्दी मिलता हूँ वहाँ बाय भावनात्मक उथल पुथल से भरे । एक दिन ने उसे उन लोगों के बारे में सोचने के लिए बहुत कुछ दिया था तो उसके लिए मायने रखते थे और जब उसने घर लौटने के लिए बाइक स्टार्ट की तो बहुत कोशिश करने के बाद भी वो अपने आंसू नहीं रोक लगाया और वे उसकी आंखों से निकलकर गालों पर बहने लगे ।

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ये उसके जीवन का सबसे अच्छा समय था । ऐसा समय जो उसे बहुत दिनों बाद मिला था । कभी कभी बहुत सोचती थी कि उसका जीवन उसकी माँ के जीवन जैसा था । उन्हें कभी वो प्यार नहीं मिला था जो चाहती थी और उन्होंने उसके पिता को कभी दो त्याग नहीं थी जिसके बीच अधिकारी थे । अदा हमेशा से एक ऐसा रिश्ता चाहती थी जिसमें सिर्फ प्यार की एक तब किसे समस्याओं का समाधान हो जाएगा जो दूर से देखने में भी उतना ही कोमल हो जितना उसके प्राप्त करने में और चमत्कारिक रूप से बोट रेहान के साथ ऐसे ही रिश्ते में बंद रही थी । क्या शायद उसे ऐसा लगता था ट्रेन में बैठे बैठे अदा के पास उसके पूर्व प्रेमी रिहान के साथ विधायक हुए । सप्ताह के यहाँ पे तो क्लोज टुकडों में आ रही थी दिमाग विचारों से भरा होने के कारण उसे नहीं पता था वो कितने समय एक दूसरे से टूट रहे थे । लेकिन वह अवधि निश्चित रूप से इतनी लम्बी थी की अदा को अपने जीवन में रेहान की कमी महसूस होने लगी थी । उसी लगने लगा था कि शायद वो कुछ और दिन उसके पास रह सकती थी । एक आध सप्ताह आठ रुपए से कोई फर्क नहीं पडने वाला था और इस प्रकार हुए अपने खोए हुए देश देखो और मजबूत बना सकते थे । लेकिन फिर उसने ये विचार त्याग दिया क्योंकि उसे लगा मुंबई से उसके इतने दिनों की अनुपस् थिति फिर से उसके माम डैड के मन में शंका पैदा कर सकती है । उससे उन्हें बताया था कि बोले एक इंटरव्यू के लिए बाहर जा रही है और वो नहीं चाहते थे कि वे उसके सहकर्मियों को ये बात पता है । उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि देहांत से दोबारा मिले । उसे एक सप्ताह से भी कम समय हुआ । रणवीर के विपरीत रेहान अभी भी नहीं पता था तो उसे समय देता था, उसके परिवार का सम्मान करता था और देश के सबसे अच्छी कंपनियों में से एक में काम करता था । वाह रणबीर की तरह सबतों का बहाना लेकर बार बार नौकरियाँ नहीं पता होता था । हो जानते थे कि रणबीर के व्यस्त कार्यक्रमों, उसके सपने और उसकी अज्ञानता ने उनके रिश्ते को खत्म कर दिया था । उसके मन का एक हिस्सा सोच रहा था कि यदि उसने उस समय रिश्ता नहीं तोडा होता तो पता नहीं कभी तोड पाती या नहीं । रणवीर के साथ अधिक समय बिताने से उसके रिश्ते में कोई सुधार आने वाला नहीं था और जब उसका समय था वो अपने सपनों की खाते हैं । एक बार फिर अपनी नौकरी छोडने का उसके सोचा रहां । जब लगभग सब ने मेरा साथ छोड दिया था तब भी तुम मेरे साथ थे । हमेशा तो मुझे खुश करना जानते हो । मैं नहीं जानती इस रिश्ते में मेरा हिस्सा कितना अच्छा या बुरा है । लेकिन मुझे हमेशा की तरह वाइफ आ रही है कि काम अभी भी मुझसे प्यार करते हो और यही बात है तो मैं इतने सालों से सुनना चाहती थी । उसने रेहान को मैसेज किया लेकिन मैसेज कुछ तक पहुंचा नहीं । उसने मान लिया कि ऐसा नेटवर्क समस्या के कारण लगभग तारा बच चुके थे । एक युवा छोडा था जो एक एक बैग उठाकर अभी अभी आपने सीटों तक पहुंचा था । अंतिम समय का आरक्षण कभी कभी समस्या खाली कर देता है । शायद यही हमारे सीट है । युवक ने कहा तो वह मुस्कुराती मुझे लगता है मुझे नहीं रहना था तो भरी बात इतने सालो बाद तुम्हारे साथ सोचे । अपने जीवन में किसी चीज की कमी महसूस होती थी लेकिन मैं नहीं जानती थी वो क्या है । अब जब मैं जान गई हूँ तो इस बार में उसे इतनी आसानी से जाने नहीं होंगी । हम बचपन से एक दूसरे का साथ देते आए हैं तो हमेशा मुझे शांत करते थे । जब मेरे मॉम डेड दिन भर रात भर लडते थे और जब मेरी मॉम के शराब पीकर किसी पुराने बॉयफ्रेंड के साथ आने पर गार्ड उनके मुंह पर दरवाजा बंद करते तो मुझे हमेशा कहते थे कि तुम मेरे साथ हो । मेरे डैड मुझे घर पर अकेला छोड देते थे क्योंकि उन्हें किसी पार्टी में जाना होता था । इन सब चीजों के बावजूद तो मुझे हंसाते थे और सब कोई मेरी बात नहीं सुनता था । तब तुम सुनते थे कभी कभी एक रिश्ते में कुछ त्याग करने होते हैं ना और तुम हमेशा वो त्याग करते थे । कुछ यहाँ वापस अगर बहुत अच्छा लग रहा है । मैं एक ऐसे आदमी के लिए तुम से रिश्ता तोडने पर माफी भी मांगना चाहती हूँ जिसने कभी मुझे गंभीरता से नहीं लिया और जिसके पास मेरे लिए कभी समय नहीं होता था । उसने तेहान को दोबारा मैसेज किया लेकिन इस बार भी वोट इलेवन नहीं हुआ । अब आपके सामने बैठे जोडे को देख रही थी जो बेहत प्यार में लग रहे थे । दोनों गांव से कम हटाकर बैठे थे । ये कहना मुश्किल था कि वे शादी होना चाहिए या नहीं । लेकिन निश्चित रूप से एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे । लडके ने उसके बालों को चूमा और लडकी उसे कुछ खुद ही कर रहे हैं । लडके ने आंखों के इशारे से होते बताना चाहता हूँ कि सब लोगों में देख रहे हैं, लेकिन उसे कोई परवाह नहीं थी । लडकी अदा को देखकर मुस्कुराई, लेकिन विचारों में डूबी होने के कारण कोई जवाब उसने नहीं दिया । तभी ज्यादा अपना पर खुलकर कुछ खोजने लगी । वह चिंतित और असहज से लग रही थी । क्या आप मुझे एक मिनट के लिए अपना सेलफोन दे सकती हैं? मुझे मेरा फोन नहीं मिल रहा है । आधा को लगा कि लडकी को झिझक रही थी । आप ना देना चाहे तो कोई बात नहीं । नहीं नहीं, ऐसी बात नहीं है । कौन सा फोन है आपका आईफोन सफेद । वो तो आपके दूसरे हाथ में अदालत फोन देखा असर जिंदगी में वोट भेज लीजिए । फिर वो अपना परचम व्यवस्थित कर रहे हैं । कैसे खुद को शांत करने की कोशिश कर रही हो । माफ कीजियेगा, आज मेरा ध्यान कहीं और है । इसलिए इसके लिए सौरभ उसने कहा, कोई बातें आप कहाँ से आ रहे हैं? लडकी ने पूछा दोपहर उसने जवाब दिया । ये सुनकर लडकी अपने वाइफ फ्रेंड्स से फुसफुसाकर कुछ कहने लगी । बाहर का दृश्य सुखदायक था और राजा का ध्यान एक बार फिर रहना की और चला गया । उसे देहान् के प्रति ऐसा आकर्षण महसूस हो रहा था जैसा पहले कभी नहीं हुआ था । जब उसने देहांत से रिश्ता तोडा था तो उसने कोई तमाशा खडा नहीं किया था और अपनी आंखों में उसके लिए परवाह के साथ कहा था, अगर तुम्हें कभी महसूस होता है कि तुम्हारे जीवन में कुछ कमी है और तुम्हें पता नहीं तो क्या है तो मेरे पास आ जाता हूँ और तो मैं तुम्हारे खुशी वापस मिल जाएगी । उसने देहान् को पहुंच गया लेकिन कॉल नहीं मिला । उसे एहसास हो रहा था कि उसे उस व्यक्ति की आवाज सुनने की बेताबी कितनी कमी महसूस होती है जिसने हमेशा उसका साथ दिया था । उसे उसकी बाहों में कितना अच्छा लगता था । कैसे वो अपनी छुट्टियों से उसे हंसा था और पैसे उसमें खो जाते थे । लेकिन ये सब पाते उसमें रणवीर के साथ कहाँ ले जाएंगे । इस हिस्से के बारे में वो अभी भी निश्चित नहीं थी । वो अनुमान नहीं लगा सकती थी कि उससे मिलने पर रणबीर की प्रतिक्रिया क्या होगी । क्या वो उसे पूरी तरह नजरअंदाज करते का? भले ही वे जीवन की विभिन्न प्राथमिकताओं को लेकर एक दूसरे के साथ संगत नहीं है लेकिन उन्होंने निश्चित रूप से कुछ साल बिताए थे और उन्हें भूलना आसान नहीं था । सुबह के चार बज चुके थे और वो मुंबई से कुछ ही मील की दूरी पर थी । फिर किसे बाहर बारिश हो रही थी पर रहा अभी भी अंधेरे दी थी । वह कई ऐसी चीजों के बारे में सोच रही थी जिन पर उसने कभी चर्चा नहीं की थी और कई ऐसी चीजों के बारे में जिन पर चर्चा करना उसके लिए आवश्यक हो सकता था । अगली शाम विजय से मिलने के एक दिन बाद रणवीर लिविंग रूम में अकेला बैठा था और इसका उसका अपना पहला क्लास भर रहा था । खिडकियों पर पढते लगे होने के कारण कमरे में अंधेरा था और वहाँ सिर्फ मध्यम से रोशनी फैली हुई थी । हालांकि वो जानता था की अदा खर्चा आ चुकी थी । उसे उससे बात करने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई । वो शराब का आदी नहीं था लेकिन उस दिन वो सच में दो चार पे पी लेना चाहता था । अजीब बात थी कि पीछे उसे बात होने के बाद से वो काफी अच्छा महसूस कर रहा था और ऑफिस में भी दिन का भी तेजी से बीत गया था । उन सपने राजीव का जन्मदिन बनाया था और उसकी वजह से कम से कम एक दिन के लिए वो युवा मैनेजरों के साथ चर्चा से बच गए थे । उनकी टीम ने अपने आधे टारगेट भी हासिल नहीं किए थे और तेज सफेद एक अप्रिय मीटिंग निश्चित रूप से बुलाई जाने वाली थी । रणवीर अंदर से मजबूत महसूस कर रहा था और ये पहली बार था जब उसे वास्तव में किसी से नफरत हुई थी । लेकिन ऐसी नफरत जिससे वो सुस्त महसूस कर रहा था और सुन नहीं, बिना एक भावनात्मक बंधन के संभव नहीं हो सकती थी । उन्होंने बहुत सारे वादे किए थे और उन्हें निभाने का मतलब था भविष्य में उनकी शादी । उनके बीच समस्याएं उत्पन्न होने के बाद में रणवीर को विश्वास था कि हर बार की तरह तो इस बार भी उसका हल निकाल लेंगे, लेकिन किस तरह से आता नहीं । उससे झूठ बोला और अपने पूर्व प्रेमी के पास वापस चली गई । उससे रणवीर को लगा अदा के जीवन में उसका महत्व नहीं के बराबर है । ऐसा कुछ करना रणवीर के बस में नहीं था जिससे उसे अदा से दोबारा बिहार हो जाए । अब उसे ज्यादा से कोई मतलब नहीं था और जो जिसके साथ चाहे रहने के लिए स्वतंत्र थी । रणवीर को कोई फर्क नहीं पडने वाला था । उनके रास्ते अलग हो रहे थे और राधा का अपने प्रति रवैया । अचानक रणवीर को रोड का पूर्ण तरीके से अनुचित लग रहा है तभी लक्ष्य भी उसके पास आकर बैठ गया । अब तक रणवीर स्कॉच का असर महसूस करने लगा था और सोच रहा था कि काश इस समय उसके साथ लक्ष्य नहीं बल्कि होती थी । उसने पीहू को मैसेज किया, मैं अब तक दो पेट पेट चुका हूँ और मैं मिस कर रहा हूँ । लक्ष्य वो सबको जानता था जो हो रहा था वो रणवीर के लिए न सिर्फ एक करीबी दोस्त था बल्कि उसका उद्धार करता था । एक समय था जब रणवीर ने पूरे रिश्ते से बाहर आने में उसकी मदद की थी और इस समय जब रणवीर को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी वो भी वहीं कर रहा था जब जनवेद ने लक्ष्य को पिछली रात की सारी बातें बताई । लक्ष्य नहीं रनवीर के चीजों में उलझ जाते जाने के प्रति असाम आती व्यक्ति और उनके बीच गरमा गरम बहस छिड गई । माफ करना हुई थी । मुझे तुमसे वो सब नहीं कहना चाहिए था जो मैं महसूस कर रहा था । कोई बात नहीं, काम ठीक हूँ । चौथी बार कह रहा हूँ । हाँ अलग से बैठी हूँ या सच में मैं बस इसलिए कह रहा हूँ कि तुम मेरे साथ शॉपिंग करने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हो । अरे भाई, मैं थोडा थक गया हूँ । बस ऑफिस कैसा चल रहा है, पास नहीं है । राजीव अपना काम कर रहे हैं और जल्दी कुछ लोगों को निकालने वाला है । मुझे विश्वास है कि तुम उनमें से एक नहीं होगी । लक्ष्य ने आत्मविश्वास तो हर चीज के बारे में इतने यकीन से कैसे कह सकते हो क्योंकि मैं जानता हूँ कि वो इतना समझने के लिए पर्याप्त शिक्षित है । इस समय शायद तुम वहाँ के सबसे अच्छे करना चाहती हूँ और कोई भी प्रतिद्वंद्वी आसानी से तीस प्रतिशत की वेतन वृद्धि के साथ तो मैं लेगा । रणवीर ने कंधे उसका कर रहा हूँ तो मैं नहीं जानता और मैं ऐसा मानना भी नहीं चाहूंगा । अभी वो मुझे वहाँ रखता है तो ठीक है और अगर बाहर निकाल देता है तो मैं देखूंगा कि मुझे अपने जीवन के साथ क्या करना चाहिए । चिंता मत करो । ऐसा हुआ तो तो मैं दूसरी नौकरी मिल जाएगी । लेकिन अगर मुझे दूसरी नौकरी नहीं चाहिए हो तो क्यों नहीं? मुझे नहीं बताया नहीं । मार्केटिंग वाला काम करना चाहता हूँ या नहीं? क्या इसके पीछे पीहू के विचार तो मुझे अपनी बातचीत का हिस्सा ॅ क्योंकि मुझे लगता है कि उसने तो मैं प्रभावित किया । ऍम तुम्हारे साथ समस्या क्या है? जब ज्यादा के साथ डेटिंग कर रहा था तो उससे नफरत करते थे और अब जब कोई मुझे पसंद करता है और मैं नई शुरुआत करना चाहता हूँ तो तुम एक नाराज माँ की तरह बताओ कर रहा हूँ तो कम्बख्त गे हो गया । तुमने ट्रिंग का सारा मजा खराब करती आया । तुम्हारे आखिरी बात के लिए मैं तुम पर पी कर सकता हूँ । क्या लक्ष्य ने उसे शांत करने की कोशिश की । अगर तुम चाहते हो गया मैं तुम्हारे ऊपर उल्टी करता हूँ । लोग चीजों को गन्दी बनाने के लिए ऐसा करते हैं तो क्यों नहीं तो बोलती करने के लिए तैयार हो जाओ और मैं तो हमारे ऊपर पी करने के लिए अपनी पैंट नीचे करता हूँ । लक्ष्य ने कहा रणवीर की ओर पडने लगा बकवास बंद करो भाड में जाओ काॅमिक कहेंगे गनवीर हसते हुए लक्ष्य को लाख बार नहीं लगा तभी रणवीर का सेलफोन बचने लगा । शायद तुम्हारे गुजराती कुडी तो मैं कौन कर रही है? नई वो गुजराती और नहीं मुझे कॉल करने उसका मैसेज आया है कि भगवान तब इतना लंबा दिन तो उनकी उनकी क्योंकि हम रात को चैट करते हैं और अगर मैं चैट के समय सो जाता हूँ तो ये लंबी रिंगटोन मुझे लगा देती हूँ । ये तो बहुत ही गहरी बकवास वाला प्यार लगता यार नहीं नहीं ऐसा नहीं, मुझे उसके साथ चैट करना अच्छा लगता है । लेकिन ये प्यार नहीं है, बिल्कुल भी नहीं । मुझे खुशी है अगर ये प्यार नहीं है । लक्ष्य गहरी स्वास्थ्य लेकर का । रणबीर ने एक बार अपनी नजर बगल में कुमाई और फिर वापस लक्ष्य को देखते हुए बोलना । लेकिन अगर ये क्या हुआ तो एक्सन उसने कहा और तुम अपनी जिंदगी हमेशा के लिए बर्बाद कर लोगे तो मुझसे लिखवा लो । रणवीर ने एक बार उसे दास मुस्कुराहट के साथ देखा और फिर एक का एक उसके चेहरे पर गुस्सा नजर आने लगा तो कुछ कहना चाहता था लेकिन फिर उसने चुप रहने का ऍम मैं नहीं चाहता की तो मैं ऐसी जगह जाओ । यहाँ से कोई वापस नहीं होती तो मैं सफल का मजा क्यों नहीं रहे थे तो भारी नॉवेल छक्का ही है । और जल्दी तुम अलग अलग शहरों में बुक लॉन् शुरू करूँगा से दूर अपने अतीत से दूर और अपने पाठकों के बीच हूँ । मेरी पार्टी का है मेरा विश्वास करूँ, वो तो हमारे लिए उससे ज्यादा है । जैसा की तुमने कहा वाह! अर्नब से तो भारी नॉवल के चरित्र से प्यार करती है, शायद तुम से नहीं । एक कमजोर मुस्कुराहट के साथ उसने अपने लिए एक और पेट बनाया तो मैं पाँच चाहिए । गडवे ने पूछा, नहीं लगते हैं । तुम जानते हो मुझे सिर्फ ऍम पसंद है । कोई और विस्की नहीं ऍम, क्योंकि मैं चीजों के परिपक्व होने का इंतजार करता हूँ । अदा के लिए मेरा प्यार किसी और विस्की जैसा था । शायद बहुत अच्छे ब्रांड की, लेकिन उसने मुझे ऐसा कभी महसूस नहीं कराया, जैसा स्कॉच कराते हैं । इस समय पीयू भी कोई विस्की है और हो सकता है बस हो लगता है कि हमारा एक दूसरे को पसंद करना । आगे जाकर मेरे जीवन के विस्फोट ऐसे हिस्से को इस कॉलेज के रूप में परिवर्तित हो करते । एक प्रीमियम स्क्वाॅड ऐसे कौन जिसे हम संभाल कर रखते हैं, हाथ से वही फिसल ले । नहीं देते तो तुम जानते हो मुझे वाइन क्यों पसंद है? बदले में लक्ष्य ने सवाल किया । रणवीर ने जवाब दिया, मुझे वाइन पसंद इसलिए है क्योंकि जाॅच अच्छा अनुभव और जब ये आपको मिल जाता है तो आप दूसरों से इसकी सिफारिश करना पसंद करते हैं । ऐसा अनुभव जो हम अपने प्रियजनों के साथ बांटना चाहते हैं और चाहे वह बहुत शानदार हो या बुरा, आप उन लोगों को सिर्फ उसका सुझाव दे सकते हैं जिनकी आप परवाह करते हैं, किसी पर थोप नहीं सकते । रणवीर अभी भी था लेकिन जैसा कि हम दोनों मानेंगे मैं अपनी पसंद बादल पाऊंगा । इतना तो इसलिए हमें चीजों को उसी तरह स्वीकार कर लेना चाहिए जैसे हुए हैं । इसी बात पर कहाँ खेर ऍम और वैसे मुझे आधा से कभी नफरत नहीं थी । मुझे उसके उस भरता हूँ से नफरत थी जो कभी कभी तुम्हारे साथ कर दीजिए । लेकिन उसके कुछ बातों से मैं सहमत था । रणवीर ने एक हाथ से आपने ड्रिंक की चुस्कियां लेते हुए दूसरे आपसे अपना मोबाइल है । पीहू का मैसेज था, अच्छी खबर है । मैं तो भारी उम्मीद से जल्दी मुंबई आ रही हैं । आखिर डैडी मान ही गए

muskurane ki wajha tum ho 13

सुबह बहुत खूबसूरत थी । नीले आसमान और बिल्कुल सही आकार के सफेद पाता सचिन एक कबूतरी नहीं जिसने पौधे की टोकरी के पास अपना घोसला बनाया था, अंडे दिए थे । पता नहीं देखा कि वो कितनी अच्छी तरह से अपने अंडों की सुरक्षा करती थी जो अब उसके नन्हें मुलायम बच्चों में बदल गए थे । पता नहीं कबूतरी को थोडा खाना दिया जिसने बहुत सावधानी से उसे अपने बच्चों को खिलाते हैं । उस की तस्वीर लेते हुए अदा सोचने लगी क्या उसकी माँ ने भी बचपन में उसका इतना ख्याल रखा होगा? तुम ठीक हो ना? विजय कमरे में आकर राॅय होंगे क्योंकि वो लगभग एक सप्ताह बाद उससे मिल रही है क्योंकि क्योंकि कल काम पूरा दिन हो रही थी मैंने दो एक बार तो मैं चलाने की कोशिश की लेकिन तो बिल्कुल महसूस थी । हाँ, ये हफ्ता बहुत व्यस्त और थका हुआ था । तो थोडी देर के लिए मैंने सोचा तुम रेहान को छोड कर आई हूँ । इसके उदास हो था । उसे देखकर उदासी से मुस्कुराई और अपने अंदर एक ऐसा महसूस करते हुए बोली वो तो मैं प्यार करता है । उससे दूर जाने में हमेशा तकलीफ होती है । हमने एक साथ थोडे होने का वादा किया था लेकिन मैं भटक है । उसने गहरी सांस लेकर कहा और एक बार फिर कबूतर को देखने लगे । उसके साथ तो भारत समय कर सुविधा जब मेरे आस पास होता है तो मुझे एक अलग तरह की करवाहट और आराम महसूस होता है और मैंने वहाँ ज्यादातर समय उसकी बातों में बिताया । तुम अपनी बातों से बहुत पति पत्नी लग रही हूँ । मैंने सुना है कि पैर लोगों को बदल देता है । मुझे महसूस हो रहा है कि हमारे प्यार की खुश हूँ । मेरे पास रह गई है उसकी उसके पसीने की उसके कपडों की खुश हूँ और उसके दारे गांस पर अभी मैं मेरे मन में ताजा है । मुझे ऐसा लगता है जैसे तो मेरे पास बैठा हूँ और उस खुशबू का क्या जो तुम्हें कुछ दिनों पहले तक रणवीर से मिलते थे तो मैं ऐसे प्याज करते नहीं हैं । है ना बिजी उन बातों की ओर बच्चा हूँ प्लीज मैं किसी बात की ओर नहीं जा रही हैं । उसने रक्षात्मक छोड देगा । मैंने बस ये मान लिया था कि तुम उसे छोड चुकी हूँ तो मुझे बहुत प्यार करती थी ना तो भारत फीके से मुस्कान देखकर मुझे लगता है इस ब्रेकअप के लिए तुम मुझे जिम्मेदार ठहरा रही हूँ ज्यादा नहीं कहा और उसके माथे पर सलवटें पड गई । कभी कभी ऐसा होता है कि विजय अपराध भाव से क्रस्ट । दोस्त की भूमिका को पूर्णता के साथ भी बात हुई थी और कहते थे कि थोडी बहुत तैयार से किसी का नुकसान नहीं होता । लेकिन इस समय वह रणवीर को छोडकर देहान् के पास जाने के अदा के निर्णय पर सवाल उठा रहे थे । अदा कैसे ने बी । जे को रोककर उसकी ओर देखने पर मजबूर कर दिया था । मुझे माफ कर हुआ था मुझे बस तुम्हारी चिंता हो रही थी क्योंकि तुम्हारा प्यार कुछ समय बाद पुराना हो जाता है । लेकिन फिर भी मुझे तुमसे इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी । ज्यादा कुछ नहीं बोलेंगे और विजय चिंतित होकर उसे देखने लगी । क्या चल रहा था और प्लीज मुझे सच बताऊँ । मैं तो बहुत अच्छी तरह जानती हूँ । कुछ हुआ है । है ना ज्यादा नहीं पीछे का हाथ दबाएं । लेकिन विजय उससे नजर मिलने से बचने लगी । उनके आसपास उनकी दूसरी फ्लैटमेट्स दोनों के बीच चल रहे दिलचस्प वार्ता ना आपको सुनने की पूरी कोशिश कर रही थी । उनमें से एक ने अपने लैपटॉप पर चलता है संगीत बंद कर दिया था और ऐसा दिखा रही थी कि उसे कुछ सुनाई नहीं दे रहा हूँ क्या? रणवीर नहीं कम से मेरे बारे में कुछ पूछा? हाँ क्या तो भारी उससे बातचीत का कोई उसका पक्ष हैं । अदानी विजय ने संदिग्ध भाव से था उठाई ऐसे क्या अच्छा क्या वो आगे बढ चुका है? अदा ने पूछा तो विजय ने खुद से कहूँ कि बात अभी इतनी गंभीर नहीं हुई थी, मैं यकीन से नहीं कर सकती हैं । उसने सिर्फ इतना पूछा कि क्या मैं तुम्हारे और रिहान के बारे में कुछ जानती थी तो तुम ने क्या कहा था? यही कि मैं इस बारे में कुछ नहीं जानती और तुम्हारी नीचे जिन्दगी से दूर रहना पसंद करती हूँ । विजय ने स्पष्ट जवाब दिया ऍम मेरा उससे संपर्क में रहने का कोई इरादा नहीं है क्योंकि जब मुझे उसकी जरूरत होती है तो वह कभी मेरे साथ नहीं होता । रणवीर हमेशा मुझसे वादा करता था की वो अपने काम और हमारे रिश्ते के प्रति गंभीर हो जाएगा । लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं । उसने तुम्हारे साथ चौकियां, उसके बाद तो मैं सच में उससे संपर्क नहीं रखना चाहिए । विजय ने कहा पता नहीं पकल में देखा और चुप कही । रणवीर को तुम्हें और दुख पहुंचाने ऍम तो अच्छे के लिए आगे बढे हूँ और मैं खुद को ये बात याद दिलाते रहते हैं की जरूरत है । विजय बोली तो मैं फिर से प्यार में देखकर अच्छा लगा एक बर्बाद हो फिर तो नहीं पता नहीं एक पर फिर बी जे का हाथ पकड लिया और कुछ कहने के बावजूद पहले से अधिक सहज लग रही थी और तुम जो ही आगे बढते रहोगी । एक दिन तुम पीछे मोडकर देखोगी तो मैं अपने फैसले पर खुशी महसूस होंगे । अदा जबरदस्ती मुस्कुराई इस उम्मीद के साथ कि वो सही थी तो मुझ पर भरोसा करते होना । विजय ने पूछा पता नहीं बहुत हल्के से सिर्फ हिला दिया । विजय ने फिर से आधा का हाथ हुआ और कहा मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ और तुम्हारे साथ कभी कुछ बुरा नहीं होने दो, ज्यादा छुप रही है अगर वो तो मैं कॉल करता है तो उसे कहते हैं सब खत्म हो गया । मुझे नहीं सलाह दी कहता हूँ लेकिन तुम जानती होगी वह बहुत सिती है और मेरी बात नहीं सुनेगा । क्या ये बात तुम्हारे लिए सच में मैंने रखती है? तो मैं लगता है रेहान ये जानकर खुश होगा कि तुम अभी भी उस साथ में के संपर्क में हूँ जिसके लिए तुम ने कभी उसे छोडा था, बिल्कुल नहीं । अदा ने कहा लेकिन साथ साथ वो ये भी नहीं सोच रही थी कि रणवीर क्या कर रहा हूँ और क्या उसे एक अंतिम बार रणवीर को फोन करना चाहिए । ये सब ज्यादा के लिए बहुत ज्यादा हो रहा था । उसकी जिंदगी अब वैसे नहीं रह गई थी जैसे कभी हुआ करते थे । अब वह फंसी थी जो रणवीर के साथ कभी साझा करती थी । नहीं । उसकी अपनी खुशी की आवाज थी और रहे उसका इंतजार करने की । वो इच्छा थी । जब रणवीर उसे ऑफिस से लेने में तेज कर देता था तो सब चला गया था । समय और बढते हुई उम्मीदों के तूफान में बह गया था । इन सब के बदले उसके विचार सब चीजे की आवाज से भरे थे जो उसकी पीडा चाहती थी । किसी अजीब से कारण है उसे विजय पर इस तरह का विश्वास होने लगा था जैसे एक बेटी को अपनी माँ पर या एक बहन को अपनी बहन पर होता है । वैसे मेरे दोस्त और है । आज शाम क्लब जाने वाले हैं तो चलना चाहोगी । विजय नहीं प्रस्ताव रखा । हाँ, मैं खाना तो चाहती हूँ लेकिन मुझे कल ऑफिस जाने से पहले कोई जरूरी काम खत्म करना है । कोई मदद चाहिए मेरे पास । आज खाली समय और अगर हम दोनों मिलकर करेंगे तो ज्यादा समय नहीं लगेगा । आशिष की चाहिए और फिर ऊपर देखकर मुस्कुराती ऐसी बात है तो मैं जरूर चलेंगे । रणवीर के लिए पिछले एक सप्ताह में बहुत कुछ बदल गया था । अच्छा लक्ष्य और बिहू के साथ उसके समीकरण बदल गए थे । कुछ महीने पहले तक वो अपने साथ ऐसा कुछ होने की कल्पना भी नहीं कर सकता था । नहीं तो इस बात की कल्पना कर सकता था कि वह अदा के अलावा किसी लडकी से इस तरह का बात कर रहा हूँ । भले ही उसने पीहू के प्यार में पडने की योजना नहीं बनाई थी लेकिन वह निश्चित रूप से अपनी भावनाओं की लहरों पर समारोह कर उसी की ओर जा रहा था और चाहे वो अपने आप को कितना ही समझाने की कोशिश कर रहा था, अभी भी पी हूँ । उसके लिए एक आभासी दोस्तों से ज्यादा कुछ नहीं थी । उसे लगता था कि वो साथ में समय बिताने लायक थी और निश्चित रूप से एक अच्छी कंपनी थी । सोमवार को रनवीर सोमवार को रणवीर नहीं अपने दिनचर्या में स्थापित होने की प्रक्रिया शुरू करते हैं । अन्य कर्मचारियों की रणवीर ने भी पोस्ट ऑफिस में प्रवेश करने के लिए अपना कार्ड स्वाइप । क्या सभी लोग तनाव में लग रहे थे और कर्मचारी जल्दी जल्दी अंदर आ रहे थे तो मैं उसका मैसेज मिला । मिलिंद ने अपनी ताई ठीक करते हुए पूछा, दुर्भाग्य से मिला है? करन? नहीं जवाब दिया कुछ बुरा नहीं होगा । मुझे विश्वास है कि राजीव ने ये मीटिंग किसी जरूरी बात पर चर्चा के लिए बुलाई होगी । मैं तो बहुत उत्साहित हूं । एक नए आए लडके ने आंखे फैलाकर कहा क्या तुम प्लीज अपना मूड बन रख सकते? हो करने उसे गुस्से से खोल रहा हूँ । तभी राजीव चेहरे पर आत्मसंतुष्टि भरी मुस्कान के साथ अंदर आया और सबको कान्फ्रेंस रूम में जाने का संकेत । क्या मैं शर्त लगा सकता हूँ कि तुम ये बात कहने पर अफसोस कर रहे होंगे? रणवीर नहीं, नए लडके से कहा । राजीव ने बिना एक शब्द बोले अपना लेपटॉप, प्रोजेक्टर से जोडा और वहाँ बैठे प्रत्येक कर्मचारी की सीआरएम रिपोर्ट खोली । उसने एक प्राप्त खुला जिसमें उन सब के प्रदर्शन की तुलना की गई थी । किसी की भी उसका आप की ओर देखने की हिम्मत नहीं । राजीव ने सिर हिलाया और मीटिंग के एजेंडा को संशोधित करने की कोशिश की तो भरी कहानी उलझन पैदा कर रही है । मिले उसने कहा, मिलिंद की बहुत ही दर औसत में से ऊपर उठें । तुमने अपनी ताकतों और पिछली कंपनी में अपनी उपलब्धियों का वास्तव में अच्छा वर्णन किया है । लेकिन मैंने अब तक तुम्हारे देशों में में वर्णिक क्षमताओं में से एक को भी नहीं देखा है । तुमने मुझे तब बेवकूफ बनाने की कोशिश की थी । क्या आप मुझे को बना रहे हो? राजीव ने पूछा सौरी मिलिंद ने पूछा तुमने मुझे उस समय को बनाया था क्या बना रहे हो उसमें सवार चेहरे के साथ मुझे राजे मैं बहुत जल्दी एक अच्छे तेल की उम्मीद कर रहा हूँ । मिलिंद नहीं । फिर आवाज भी जवाब दिया । राजीव में एक बार दूसरी दिशा में देखा । घर धीरे से टेबल से उठ गया । उससे अपना पानी का गिलास उठाकर एक खाली जगह फेंक दिया और पूरी ताकत से चलाया जाओ और अपनी लाइनों के साथ जाकर दो मारो । हमने पिछले छह महीनों में अपनी लाइनें नहीं बदली है । प्रदर्शन को तो भूल ही जाओ । काम काम बस रेडीमेंट हो गया । पिछले महीने से उम्मीद से हो मैं आपसे बहुत लोगों से क्या करूँ? ये ऍम गन्दगी कर रहा है लेकिन फिर भी उसे कुछ अच्छा पैदा करने की उम्मीद है तो आपका हाथ अपने पिछवाडे डालो क्योंकि मुझे अब कोई परवाह नहीं है । पिछली बार उन्होंने किसी को ऐसे चिल्लाते हुए सुना था तो वह रोड । इसके ऑडिशन में रघुराम था और करण ने राजीव को रघु के विडियो देखकर उसके गुस्से की शाली की नकल करते देखा था । राजीव को अच्छी तरह जानते हुए सभी को ऐसे किसी दृश्य की उम्मीद थी लेकिन वह मिलिंद के प्रति हमेशा कुछ ज्यादा कठोर रहता था । राजीव की पत्नी कुछ साल पहले उससे अलग हो गई थी और कुछ पूर्व कर्मचारियों के अनुसार कभी कभी ऐसे पल होते थे जब वो लगभग एक पागल आदमी की तरह व्यवहार करता था । मिलिंद के पिता को लगातार कई स्ट्रोक हुए थे और वे अस्पताल में भर्ती थी । मेरे घर में अकेला कमाने वाला था । वो इस नौकरी को किसी सूरत में नहीं कमा सकता था । बाहर ऐसे दस लोग इंतजार कर रहे हैं जब उनसे आधे पैकेज पर वो जगह स्वीकार करने के लिए तैयार है जहाँ तुम बैठो । क्या कहना चाहिए जहाँ तुम्हें समय बकवास कर रहा मिलेंगे । आई एम सॉरी राजीव मैं खुद को लायक साबित करने की निश्चित रूप से कोशिश करूंगा । अब तो वैसे भी बहुत देर हो चुकी है । समाज का दिन खत्म होने से पहले इस्तीफा दे सकते हो, वरना तो मैं चार से औपचारिक ईमेल मिल जाएगा । जब राजीव की बात खत्म हुई तो मिलिंद अपने आंसू छुपाने की कोशिश कर रहा था और चुपचाप बिना हिले बैठा था । उसने सावधानी से अपना लाइफ का बंद कर दिया । राजीव की समीक्षाएं जारी रही और अगले पंद्रह मिनट तक उसने लगभग सभी को चली कडी सुनाई । हालांकि किसी और को इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा । अंत में वो रणवीर की ओर मुड । रणवीर मुझे अपने प्रदर्शन के बारे में बताऊँ तो राजीव नहीं उसकी आवाज से रणवीर को प्रदीप हुआ कि वो काफी समय से ये बातचीत करना चाह रहा था । एक ऐसी बात चीत जो आपके अहंकार को संतुष्टि दे सकती है । राजीव मेरे प्रदर्शन के मानकों से शायद सबसे खराब तिमाही गई है और मैं दिए गए टारगेट का सब साठ प्रतिशत पूरा कर पाया हूँ । रणवीर नहीं सच्चाई बता देंगे उनसठ कशमला दो प्रतिशत हाँ, अगर हम इतनी सटीकता से कहे तो तुम्हें क्या लगता है? इसके पीछे क्या कारण है? हम सब से कहा था कि तुम लोग टारगेट से ज्यादा काम करोगे, लेकिन मैं ऐसा होता हुआ देख नहीं पा रहा हूँ । मैं गलत कह रहा हूँ तो बताओ राजीव मुझे पूरा विश्वास है । हम सपने पूरी कोशिश की थी लेकिन हमें ये तथ्य स्वीकार करते हैं की आवश्यकता है कि हमारे प्रतिद्वंदी उत्पाद, श्रेणी सेवाएं और छूट देने के मामले में हम से कहीं बेहतर रहेगा । मुझे लगता है हमें इस संदेश को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए और अपने उत्पादों में आवश्यक बदलाव करना चाहिए ताकि आगे हम बेहतर प्रदर्शन कर सके । राजीव अपनी कोनसी के पीछे क्या हमने ऑफिस के समय में शराब पीने कब से शुरू करती है? राजीव राजीव घुसा या फिर तुम ट्रक सुधारा लेने लगे हो? बताओ मुझे उसने आगे गा । मिलिंद अभी भी नीचे देख रहा था । उसे अभी से अपने भविष्य की चिंता होने लगी थी । अगर किसी को इस नौकरी की वास्तव में आवश्यकता थी तो वह मिलिंद था । बीच बीच में आ रही उसके हिचकियां तेज होती जा रही थी और इस बार वो अपने आंसू नहीं छुपा पाया । करन जो उसके बगल में बैठा था उसे सांत्वना देने की कोशिश करने लगा । बताओ मुझे राजेशखर चल रहा है । नहीं मैं न ट्रक्स लेता हूँ । नहीं ऑफिस में शराब पीता हूँ राजी रणवीर सिंह का मुझे लगता है मैं सिर्फ अपने दिल की बात कर रहा हूँ । रणवीर खुद पर राजीव की अनिश्चित निगाहें महसूस कर रहा था । हालांकि उसमें एक शब्द भी नहीं कहा तो अच्छा फॅस क्योंकि ये तुम्हारा आठ दस का बेडरूम नहीं है जिसमें मैं तो भारी कहीं हर बात सुनूंगा । न तो मेरी कल फ्रेंड हूँ और ना मैं तुम्हारा ऍम । मुझे कारण बताओ कि तुम अच्छा प्रदर्शन क्यों नहीं कर सके? आप दिया हुआ टारगेट क्यों नहीं पूरा कर सकेंगे? हाँ, उपन्यास में व्यस्त हो जाने से पहले तो ऐसा कभी नहीं हुआ । राजी मेरे उपन्यास का कंपनी में मेरे प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं है और मैं इस बारे में कोई भी बात नहीं करना चाहता हूँ क्योंकि ये मेरा निजी जीवन है । रणवीर का ध्यान वहाँ बैठे रहने के लिए संघर्ष कर रहे मिलिंद की ओर गया जो असहाय और बेबस साल लग रहा था । मुझे नीचे और पेशेवर जीवन के बीच का अंतर बाॅम्बे अभी तुम्हारा प्रदर्शन इसी तरह करता रहा तो मैं सुनिश्चित करूंगा कि तुम्हारा उपन्यास लिखना और बाकी सब कुछ हवा हो जायेंगे । क्या तुमने सही सुना? रणवीर तो मुझसे इस बात पर चर्चा नहीं कर सकते । मैं तुम से फिर अनुरोध करता हूँ । मेरे उपन्यास और मैंने निजी जीवन को दोबारा इस रिव्यू मीटिंग में मत खा । सीता राजीव की भृकुटि तन गई, वो फिर चलाया तो क्या कारण है कि तुम अपनी टारगेट पूरे नहीं कर पा रहा हूँ । मेरे कारण बता देने के बाद भी बार बार ये सवाल कॅश जब ग्राहक छूट मांग रहे थे तो तुमने उन्हें मंजूर क्यों नहीं किया? तो मेरे साथ मीटिंग्स में शामिल क्यों नहीं हुए? जब कंपनी के सीईओ कंट्री हेड से मिलना चाहते थे और तुम ने हम सबको अपना ध्यान सिर्फ राजस्व पर केंद्रित करने को क्यों कहाँ और ग्राहक सेवा पर क्यों नहीं? रणवीर भी चिल्लाकर बोला राजीव में एक और पानी का क्लास देगा जिससे रणवीर का सिर्फ सिर्फ एक इंसान से बच गया । तभी मिलिंद फूट फूटकर रोने लगा तो मैं एक बार और उस पर कुछ फेको और मैं सुनिश्चित करूंगा । मिलिंद के इस्तीफे से पहले तुम इस कंपनी से बाहर हो जाओ । मिस्टर राजीव तो खिच्चो तुम इस समय कर रहे हो । वो निश्चित रूप से रिव्यू मीटिंग नहीं है बल्कि वह है जिसे पुलिस कर्मचारी उत्पीडन कहते हैं । करण रनवीर के पास के सरकाया और उसे खींचकर बैठाने लगा । राजीव सदमे से सुनना होकर खडा रह गया । मिलिंद अभी भी हो रहा था और करण उसे चुप होने का इशारा कर रहा था । आपने गंदी जुबान को पांच कर रखो । राजीव अब एक सब कभी मत बोला, मेरे खिलाफ नहीं, किसी और के खिलाफ नहीं । और ग्लास तो बिल्कुल बात फेंकना तो क्योंकि जहाँ मैं खडा हूँ, मैं कम से कम तीन सीसीटीवी कैमरे देख सकता हूँ जिनमें यहाँ घटी एक एक चीज रिकॉर्ड हो रही है । मैं नहीं जानता यहाँ से आगे तुम क्या करोगे लेकिन मैं तो मैं एक विकल्प दे रहा हूँ । सातवें की नौकरी बचालो और ये तो मैं अगली तिमाही में निराश नहीं करेगा । वरना मैं ये रेडियो अंदर बाहर सब जगह घुमाऊंगा । तुम्हारा नाम खराब हो जायेगा । दोनों परिस्थितियों में कैलेंडर इस कंपनी का हिस्सा रहेगा । रणबीर की धृष्टता से स्तब्ध करती थोडा और जवाब देने के बजाय उसने अपना प्रोजेक्टर ऍफ का बंद किया और गोडसे रणवीर की आंखों में देखा । अपनी भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश करते हुए राजीव कंपनी का नेशनल है अनिश्चितता के साथ बाहर निकल गया । उसकी एक छवि थी जो उसने सालों से सफलतापूर्वक बनाए रखी थी । निश्चित रूप से उस दिन वो झूठ झूठ हो गई नहीं क्योंकि उसका अहम एक अपेक्षाकृत अनुभवहीन कर्मचारी द्वारा उसके स्टाफ के सामने उछालकर फर्श पर पटक दिया गया था ।

muskurane ki wajha tum ho 14

शुक्रवार की रात ऐसी ठंडी हवाएं चलने लगीं जो साल के इस समय मुंबई में बहुत सामान्य थी । सुबह गर्मी बहुत बढ गई थी और लोग मुंबई को उसके गर्म मौसम के लिए पूछ रहे थे । लेकिन अब इस असामान्य रूप से ठंडे मौसम में उन्हें लोगों ने अपनी पुराने स्वेटरों को हवा दिखाकर सप्ताहांत की योजनाएं बनाने शुरू करते थे । अदा खिडकियों से बाहर चलती वाहनों की रोशनी देख रही थी । बचपन में वो हमेशा अपने छाया से खेला करते थे । इस उम्मीद में एक दिन उसकी छाया उसे छोड देगी और वो आजाद हो जाएगी । ये तो उसे बात में समझ आया चाहे वो उससे छुटकारा पाने की कितनी भी कोशिश कर लें वो हमेशा उसका पीछा करेगी । वादे के अनुसार कुछ दिनों में रिहान मुंबई आने वाला था और वह दिन रात उसी के बारे में सोचते रहती थी । वो जानती थी कि वह जल्दी अपनी शादी तोडने का वो जानती थी कि रिहान भी यही सब सोचना होगा । उसमें रेहान को कॉल किया हाँ, यहाँ इतना प्यारा मौसम है काश तुम यहाँ मेरे साथ होते हैं । उसने कहा इतनी दूर फ्लाइट से आने की जरूरत नहीं है । वैसे भी कुछ दिनों में तुम यहाँ मेरे साथ होगी है ना तुम वो वादा पूरा करोगे ना । अदा ने कहा बीजेपी उसे जल्दी बात खत्म करने का इशारा किया । वैसे मेरे दोस्त और मैं थोडी देर में क्लब जाने वाले हैं । मुझे चलना चाहिए और बताया गया था मैं हाँ । फ्रेंड्स के साथ ऍम अदा ने कहा और रिहान की किसी बात पर उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई । शट अप अब रखो फोन हूँ लगी होगी चलते चलते हूँ चेहरे पर मुस्कान के साथ अदा ने कहा खेल भगवान देखो कैसे शर्म आ रही है क्या कहा उसने विजय ने पूछा वो मुझे ठीक नहीं में देखना चाहता है वो भी अभी ये कोई बात हुई तो उसके साथ विडियो चैट करना चाहती हूँ, पीछे नहीं । ज्यादा कुछ रहते हुए कहा और एक आंख दबाव नहीं नहीं अभी नहीं । वैसे तुम बाईस साल की हो, एक शानदार फिगर वाली हार्ड हो और जब तुम इतनी पहनती हो तो तो मानना पडेगा कि कई लडके तुम पर मत में लगते हैं । अरे लडकों को छोडो आज तो लडकिया भी तो मैं घूमने वाली हैं । विजय नहीं अदा को आप हमारी और उसके चलते गालों और गर्दन को छूते हुए बोलेंगे । कुशल थोडी देर में आ जाएगा और आज के लिए । हालांकि ये तो भारी कर्मी तापमान को संतुलित करते की फिर भी जैकेट लेना मत भूलना । विजय नहीं एक डिजाइनर पीस ड्रेस पहनी थी । ड्रेस बहुत आकर्षक थी और उसकी टांगे बहुत खुबसूरत लग रही थी । उसने कोई आभूषण नहीं पहना था और उसकी तो अच्छा चमक रही थी । तभी खिडकी में से उन्होंने कुशल की कार की । विजय ने उसे देखकर हाथ हिलाया । नहीं बताते ही पीछे नहीं अदा से पूछा मैं अच्छी लग रही हो ना तो हमेशा की तरह बहुत खुबसूरत लग रही हो । चिंता मत करो । कुशल तुमपर फिदा हो जाएगा तो लगता है मुझे फर्क पडता है । मुझे कुछ मिलता से मुस्कुराई । बिल्कुल नहीं । अदा ने मुस्कुराकर उसे आप पा रही लडकियों के लिए कार का दरवाजा खोलते हुए कुछ चलने का है । मुझे देर हो गए तो मुझे माफ करना यार विजय ने मुस्कुराकर का नहीं कुशल तुम बिल्कुल समय पर आए हूँ । कुछ चलने, गहरे स्वास्थ्य और होना हाँ, तब मुझे एक बात कहना तो तुम दोनों बहुत शानदार लग रही हूँ टाइम! क्योंकि विजय ने कहा और राधा को देखकर मुस्कुराती विजय प्लीज अपनी बगल में रखे बॉक्स को एक बात देखो । बीजेपी देखा उसके पास एक सुंदर सा लकडी का बहुत रखा हुआ था । उसने बॉक्स खोला तो उसमें सात गुलाब के फूल, एक बढिया चौक ले और एक संदेश था जिसमें लिखा था हमेशा के लिए मेरी बन जाऊँ ये तो सच में बहुत अच्छा कुशल वॅाच । विजय ने कहा और संचालक की सीट से उसे गले लगा लिया । वो ये साथ अलग अलग गुलाब सप्ताह के सात दिनों के लिए हैं । ऐसा क्यों? ये तो भारत जन्मदिन कर सकता है और मैं इस मौके को जाने नहीं दे सकता । ऍम विजय ने दल से कहा और उसके गाल को चुन लिया । अच्छा ये देखकर मुस्कुराती अदा तुम अकेला तो नहीं महसूस कर रही हूँ । कुसल ने पूछा नहीं नहीं, बिल्कुल नहीं । मैं बस अपने विचारों में खोई थी और कुछ नहीं । गेल और रणवीर वहाँ किस्मतवाला मेरी बात मानो कुशल नहीं । साफ मन से कहा वो रणवीर नहीं है, मैं तो मैं बाद में बताउंगी । विजय ने हैरान कुशल से पूछा जरूर जरूर कुशल ने कहा और कहा आगे बढाते कब के अंदर कदम रखने के बाद उन्होंने चारों ओर नजर घुमाकर देखा । बहुत सुन्दर जगह थी अन्य पदों से छोटी लेकिन आश्चर्यजनक रूप से आराम से जहां अधिकांश फर्नीचर बेकार वस्तुओं से बनाएगा, लेकिन नया लग रहा था । वहाँ एक आरामदायक देखने वाला था जो पाइप और लकडी से ही फ्रेम किया हुआ था और उस पर आरक्षित का चिन्ह लगा हुआ था । कुशल और बी जे उसका उस की दिशा में पड गए । अदा जानती थी कि वे अगले कुछ घंटे उस आरामदायक पहुँच पर बिताने वाले थे । तुम तो हमें बहुत अच्छी जगह पतला हूँ । बनाने का विषय पर देख कर सच में मुझे भी पसंद आई । कई महीनों से आधा को लग रहा था कि विजय कुशल की ओर आकर्षित है । ऐसा नहीं था कि वह सिर्फ आकर्षक और दिलचस्प था बल्कि वह वांछनीय भी था । अपने तरीके से वांछनीय अदा अलग अलग तरीके के लोगों से मिली थी । लेकिन वो हमेशा बीचे और कुशल को साथ लाने की कोशिश करती थी क्योंकि वो जानती थी कि कुशल उसे बिना शर्त प्यार करता था । वो उसे लेने के लिए घंटो उसके अपार्टमेंट के नीचे इंतजार करता था और सिर्फ उसकी आवाज सुनने के लिए उसे बाहर बाहर कॉल करता था, चाहे उसकी कॉल विश्व की ना हो । मुझे एक बार अपने प्रोफेसर के साथ रिश्ते में थी और लोग कहते हैं कि वे साथ में बहुत अच्छे लगते हैं । लेकिन मुझे अपना रिश्ता टूटने के विषय को टाल देती थी । इसलिए अदानी भी उसके बारे में पूछना बंद कर दिया या भी अकेली है । हाँ, कुशल ने विजय से पूछा फिलहाल इसमें कोई गुंजाइश मत देखो । वो वापस अपने एक्स के साथ हो गई जो शहर से बाहर हैं । रणवीर से रिश्ता तोडने के बाद वो कुछ परेशान हो गयी थी इसलिए एक अच्छे फ्लैटमेट होने के नाते मैंने उसे अपनी साथ बुला लिया । एक मिनट बाद कुशल बियर के तीन क्विंटल लेकर उसके पास आ गया । उसने आजाद की ओर देखा जो फोन पर रेहाम से चैट चैट करने में व्यस्त थी । मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि वो शायद रणवीर के पास वापस जाना चाहती है । मुझे नहीं मालूम असर हूँ तो मैं नहीं चाहती कि वो उसके पास वापस । सिर्फ इसलिए कि तुम किसी पर हूँ तो उसके साथ ऐसा नहीं कर सकते हैं । कुछ चलने का इसका मतलब ये नहीं है कि मैं रणवीर के पास चाहूँगी । वैसे भी वो मेरे जैसी लडकियों के साथ कभी नहीं होना चाहेगा । भले ही मैं पूरी जिंदगी अच्छी लडकी बने रहने का वादा कर विजेन् इस वक्त नहीं स्वर्ग में कहा तुम जानती हो ना तुम किस से बात कर रहे हो । काम सच में मुझसे कुछ छुपा नहीं सकती । कुशल ने मुस्कुराते हुए गा । वेटर में उन्हें टकीला शॉट्स पेश और उसके बाद अदा फिर फोन पर व्यस्त हो गई । जब एक पल के लिए संगीत होगा तो बी । जे । बोली मैं सिर्फ ये कह रही हूँ कि ऐसा नहीं होगा और मेरा रणवीर के साथ रिश्ता जोडने का इरादा कभी नहीं था । मेरा विश्वास करूँ । आधा उस लापरवाह दिशाहीन रणवीर के चक्कर में अपना खुद का व्यक्तित्व खोदेगी । इस बीच मतलब से अंदर बाहर करती रही क्योंकि उसके मम्मी पापा और रिहान के फोन आ रहे थे । उसका सर खुल रहा था और वह असहज लग रही थी । कुशल ने बिहार के ऊपर से नीचे को देखा । विजय मैं यकीन से कह सकता हूँ कि बात इससे कुछ ज्यादा है तो मुझे नहीं बताओ की विषय आखें झपकाई । तुम इससे कुछ ज्यादा नहीं हो रहा हूँ । उसने कहा आम तौर पर तो बियर के बाद तुम्हारी जुबान खुलने लगती है । आज क्या हुआ? कुशल मैं तैयार हूँ और चाहे मैं लोगों को समझने की कितनी भी कोशिश करता हूँ, नहीं नहीं समझेंगे । और ईमानदारी से कहूं तो आप मुझ पर इन बातों का कोई असर नहीं होगा । मेरे पास अपना एक रहस्य है और मैं उसे ऐसे ही रखना चाहती हूँ क्योंकि मैं लंबे सदस्य छुपे अपने सच को उजागर नहीं करना चाहती हैं तो हमारे लिए ये कहना नहीं है तो बाहर ये सब कहने से पहले मुझे कुछ उम्मीदे थी । सोशल हतोत्साहित लगने लगा पहचानती हूँ लेकिन मैंने तो मैं हमेशा से कहा है कि तुम्हें आगे बढ जाना चाहिए विजय का लेकिन तुमने कभी गंभीरता से नहीं कहा । मिशन मैं गंभीर नहीं है । जब भी तो मैं अपने साथ किसी की जरूरत होती है और जब तुम्हारे साथ कोई दोस्त नहीं होता तो तुम हमेशा मुझे बुलाती हूँ । ये सब काम को दिखाने का मेरा तरीका है कि तुम मेरे लिए कितना मायने रखते हो लेकिन सिर्फ एक दोस्त की तरह । विजय ने स्पष्ट किया अगर तुम ऐसा नहीं करती तो ये सब आसान होता है क्योंकि मुझे लगा कि मैं तुम्हारे लिए दोस्तों से कुछ ज्यादा था । अब मुझे लग रहा है कि तुम ने ये सब जन पूछ कर दिया । सिर्फ अपने पागल प्रेमियों को दीवाना करने के लिए कुशल हो ना तो मैं ऐसा क्यों कह रहा हूँ क्योंकि मेरे कई बार पूछने के बावजूद तुमने प्रोफेसर के साथ अपने ब्रेकअप का कोई कारण नहीं बताया हूँ । कुछ पल छुप रहकर बीच में बोली तो मेरी बात को बिल्कुल गलत समझ रहा हूँ । तो मेरी पीठ के पीछे जाकर भगवान जाने कितने लोगों के साथ इतने लम्बे समय तक संबंध रख सकती हूँ और शादी होगी । बहुत समझदारी देखो । पीछे और कुशल के बीच बहस कर्म होने लगी तो वहाँ बैठे बाकी लोगों ने फुसफुसाना शुरू कर दिया । एक ऐसे आदमी से ये सब सुनना अजीब सा लग रहा है । तो मेरा बॉयफ्रेंड विनिंग ऍम छोडो मुझे तो ये भी याद नहीं है की पिछली बार तुमने मेरे लिए परवाह कब दिखाई थी । कुशल नहीं होगा । बीजेपी टेबल पर बेसब्री से अपनी उंगलियां बजा रही थी । अदा ने दूर से ही उनकी बातचीत का विकास समझ गया और उस से दूर रहने का निर्णय किया । उनकी बातचीत में एक वेटर ने बाधा डाली और कुशल को कोई हंगामा खडा न करने का सुझाव दिया । अदा भी कितनी पागल लडकी है जो तुम से रिश्तों के बारे में सलाह दे रही है जबकि वो खुद भी गंदगी में डूबी रही हैं । तो नौं और रणबीर बिना किसी रिश्ते का लक्ष्य रखें अपनी टिकडी का मसाले रहे होंगे । विजय के चेहरे पर एक अच्छी अनजान सभाओ आया और कुशल को तुरंत ही अपनी कहीं बात पर पछतावा होने लगा । माफ कर रहा हूँ मुझे ये नहीं कहना चाहिए था । कुछ चलने कहा विजय ने आगे झुककर उसे दो थप्पर जाती है कुछ कल के लिए संगीत क्या अब सबकी नजरें बीजेपी और कुशल पत्ती कहीं और? तुम मुझे माफ करता हूँ । मुझे तुम को थप्पड नहीं मारना चाहिए था । बाउंसर्स ने आकर कुशल को उठाया और बिना किसी दया के तब के बाहर फेंक दिया, जबकि विषय और आता नहीं घर के लिए कैब का । उसमें दोनों ही कुछ नहीं बोली । और फिर विजय ने कहा, कुछ याद नहीं है । पिछली बार मैंने इसको ऐसा थप्पड मारा था । अदा हसते हुए बोले । लेकिन इतने लोगों के सामने उसके साथ ऐसा करना ठीक था । क्या बीजेपी कंधे उचकाकर का? अगर मैंने शुक्रवार की रात को उसे थप्पड मारने के लिए लोगों के पब से चले जाने का इंतजार किया होता हूँ तो मेरा मूड वास्तव में खराब हो गया होता । अदा उसमें लगी, लेकिन तुम ने उसे थप्पड मारा क्यों? उसने पूछा उसने मुझसे बेवकूफी भरा सवाल पूछा था क्या ये मैंने अपने एक सबसे रिश्ता क्यों? कोई नहीं जानता था कि विजय ऍसे रिश्ता क्या होना था । अगर सिर्फ इतना जानती थी कि विजय ने कुछ साल पहले आपने ब्रेकअप के बाद बेंगलोर में अपनी नौकरी छोड दी । अभी उस से यही सवाल पूछना चाहती थी लेकिन चुकी बीच में उससे नजरे मिलने से पढ रही थी । उसने आगे कुछ ना पूछने का निर्णय किया लेकिन उस रात को प्रश्न उसके दिमाग में घूमता रहा तो ये था कि पीछे एक नए रिश्ते या रोमेंटिक संबंध से बचना क्यों चाहती थी । सर्दियों की शुरुआत के साथ उस रविवार की सुबह सूरज अपने पूरी तेजी में नहीं था । ठंडी हवाएं चल रही थी और मुंबई खुश लग रही थी । एयरपोर्ट सुन्दर लग रहा था । वहाँ कुछ लोग अपने भारी सामान के साथ संघर्ष कर रहे थे और कुछ कैब ड्राइवर यात्रियों के साथ मोल भाव कर रहे थे तो सभी बार पीहू भी आठ बजने से कुछ मिनट पहले मुंबई पहुंच गई । उसने चेन्स और बिना वहाँ का टॉप पहना था और गर्दन में एक स्टॉल लपेटा हुआ था । वो बहुत खुबसूरत लग रही थी । साहस भी और सुरूचि पूर्ण । अभी कई लोगों के सिर उसे देखने के लिए मुड गए थे । उसका मुंबई का ड्राइवर उसे लेने एयरपोर्ट आया था और लगभग दो साल बाद उसे देख कर बहुत खुश था । समय को देखते हुए उसने अंदाजा लगाया की रणबीर जाग गया होगा और उसने सीधे उसके घर जाकर उसे चौंकाने का फैसला किया । आज उसके चेहरे पर एक अचीव और अलग आकर्षण था । उसके चारों नजर घुमाकर देखा की मुंबई में कुछ बदला था या नहीं । उसके ड्राइवर ने रेडियो चालू किया तो रेडियो चौकी ये मुंबई है, मेरी जान बजा रहा था । पीढू को मुंबई में बिताया समय याद आ रहा था पे पुराने दोस्त ज्यादा रहे थे जो अब उसके संपर्क में नहीं थे । उसके लिए मुंबई का मतलब प्यार था । वो प्यार जो आपको हमेशा आपके साथ होने की भावना देता है । उसमें कुछ साल पहले मुंबई छोडा था और वो हमेशा से शादी के बाद मुंबई वापस अगर बसना चाहती थी जब उसके पापा ने उससे डेटिंग के बारे में बात करनी शुरू की तो उसके लिए उनकी पहली सलाह थी कि उसे एक ऐसा लडका होना चाहिए जिसमें हादसे की भावना मौजूद हूँ क्यूँकि माँ मृत्यु के बाद उन्होंने फैसला कर लिया था कि वो खुद उसकी माँ की भूमिका भी निभाएंगे । रणवीर का पहला उपन्यास पढने के बाद गेहूँ को लगा कि उस सही व्यक्ति की उसकी तलाश पूरी हो गई है । कार में उतर कर उसने इधर उधर देखा और जब उसे वो इमारत देखीं जिसके बारे में रणवीर ने उसे बातचीत के दौरान बताया था तो वो खुश हो गई । रणवीर के घर के पास पहुंचकर उन्होंने उसे देखकर हाथ हिलाया । बहुत समय कुछ दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था । मैदान के बाहर को देखकर उसकी आंखें हैरानी से फैल गया । क्यूँकि तो अच्छा बिल्कुल छुट्टी है और साफ लग रही थी तो उन्होंने मुस्कुराकर अपने बालों में हाथ फिराया और उन्हें कानों के पीछे कर रही है । कुछ देर के लिए सपने क्रिकेट खेलना बंद कर दिया क्योंकि रणवीर ने अंपायर को आप पा रही थी और उसने स्ट्रेटजी टाइम आउट की घोषणा करती थी । क्रिकेट का मैदान शांत हो गया क्योंकि मैदान में मौजूद सभी लडके मोडकर उस वास्तविक काया को देख रहे थे जो उनकी ओर पड रही थी । रणवीर पीहू को देखकर मुस्कुराया और जवाब में वो भी मुस्कुराने । रणवीर खुद पर नियंत्रण नहीं रख सका और उसे पीहू के पास जाकर उसे गले लगा लिया । उसे पीहू के शरीर के कोमल कटाओ महसूस हो रहे थे । वे पहले कभी नहीं मिले थे लेकिन जिस तरह से वे चैट करते थे और फोन पर बात करते थे । प्रसून दोनों ने किसी और के साथ नहीं किया था । पीहू के अचानक मुंबई आने से रणवीर हैरान था । उसे नहीं पता था कि पीहू के आने को वो क्या समझे और सोच रहा था उसे बातचीत कैसे शुरू करें । वही कच्ची पल था क्योंकि उन्होंने एक दूसरे की सिर्फ तस्वीरें देखी थी और फोन पर बात हुई थी । आखिर में पीहू ने छुट्टी तो नहीं माफ करना? मैंने तुम्हारे खेल में बाधा डालती । अरे नहीं नहीं, बिल्कुल नहीं । उसने तुरंत का जिस तरह दोनों एक दूसरे को देख रहे थे उसमें बहुत कुछ खुबसूरत था । वे पल थे रणवीर ने एक गहरी साफ तुमने बहुत खूबसुरत सरप्राइज । उसने कहा । और बिहू के पास आकर उसके हाथ अपने हाथ में ले लेंगे । उसके हाथ गर्म लेकिन मुलायम थी तो आखिर हमारी मुलाकात हुई गई । खास लगभग बहुत बढिया तो उससे थोडी घबराहट महसूस करते हुए कहा पसीना बहाते हुए तुम बहुत कमाल के लगभग । रनवीर पी । उन्होंने कहा । और इस बात नहीं दोनों के बीच औपचारिकता की बात को तोड दिया और तुम बेहद खूबसूरत । उसने कहा और उसके सामने चुप चाप खडा है । पीयू रणवीर की ओर आकर्षित थी । इस बात से वो इनकार नहीं कर सकते थे । जिस तरह वह बात करता था और जैसा उसने पिछले कुछ तीनों में उसे महसूस कराया था, शायद वहीं उसके आकर्षण की बजह थी । पेरू शायद उसमें अर्णव को ढूंढ रही थी । यह संस्था की दोनों अलग तरह के अच्छी बन जीते थे लेकिन फिर भी उनमें कुछ समानता थी जो उन्हें साथ ले आई थी । पी उससे पहले रणवीर जैसे किसी व्यक्ति से नहीं मिली थी । अचानक लोग जिन्हें वो जानती थी, एक निजी जीवन जीते थे जैसे कि जीवन की कार्यसूची में लक्ष्य को चिन्हित कर रहे हूँ । युवा होने के दौरान पीहू के अनुभवों ने जीवन में उसके पसंदों की सूची तैयार करती थी और उसे रणवीर के उनमें से एक होने का अफसोस नहीं था । वो इतनी दूर मुंबई छत रणवीर के साथ होने के लिए आई थी । रणवीर बिना कुछ कहे पीढी को देख रहा था और अपने दिमाग में गड्ढे मर्डर हो रही भावनाओं को समझने की कोशिश कर रहा था । पेरू की बेदाग खूबसूरती से निगाहें हटाना उसके लिए असंभव हो रहा था । और फिर भी जब बिहू के घूमने का खेल खत्म करते हुए रणवीर से कुछ पूछा तो वो जानती थी कि उस सवाल से कोई फर्क नहीं पडता था क्योंकि उसे जवाब मालूम था, उम्मीद है मुझे यहाँ देखकर तुम्हें खुशी हुई होगी ।

muskurane ki wajha tum ho 15

महत्व मैं यहाँ देख कर हूँ तुम कब तक हो यहाँ रणवीर ने पूछा मुझे खुशी है तुम ने ऐसा कहा और मैं यहाँ तब तक हूँ जब तक पहुंचा हो गयी । वो मुंबई में मेरी कहते हैं और सामान से भरी हुई है । तो मैं हमेशा चौंकाते रहने की आदत है ना । मैं बहुत खुश हूँ कि आखिरकार तुम यहाँ गई और सबसे बडी बात मुझे लगता है कि मुझे तुम्हारी सरप्राइज से प्यार हो गया है । तो उन्होंने देखा कि वहां मौजूद सभी ला के उन दोनों को खूब रहे थे तो उसने कहा काम बाहर चलकर बैठना चाहोगे रणवीर ने चारों देखकर का जरूर वो सोसाइटी के प्रवेश द्वार के पास बैठ गए । रणवीर ने अपने एनर्जी ड्रिंक का एक खून दिया । मुझे हमारे सोसाइटी से बाहर का दृश्य अच्छा लगा । ये मुझे अपने अहमदाबाद के बंगले की यहाँ दिला रहा है । रणवीर हसने लगा अब अधिक सहित महसूस कर रहा था । अभी तो मैं अहमदाबाद छोडे । एक दिन भी नहीं हुआ और तुम्हें वहाँ की आप भी आने लगी । नहीं नहीं मुझे याद नहीं आ रही है मुझे बस वहाँ के दृश्य याद आ रहे हैं । ताश मेरे पास ठीक वैसे ही दृश्य के साथ मुंबई में बंगला होता है । तुम्हारे कहने से तो ऐसा लग रहा है जैसे मुंबई, अहमदाबाद या कोलकाता जितना सस्ता है तो वो मुझे नहीं । मुझे तो भारी मजाक करने की आदत पसंद हैं । तो मैं ऐसे मजाक अक्सर होगी तो मेरे साथ मेरे फॅमिली नहीं आ जाते हैं । तब तो वो एक पागल खाना बन जाएगा । मैंने हमेशा से ऐसे घर में एक ऐसे आदमी के साथ रहने का सपना देखा है और मुझे आशा है कि तो मैं मेरे साथ खाने में बुरा नहीं लगेगा । क्या तुम काम भेद हूँ? रणवेन्द्र पूछा बेशक मैं काम नहीं हूँ, हमारा दो बीएचके फ्लैट है और तुम्हें तुम्हारा अपना कमरा मिल सकता है । मुझे तुम्हारी साहस का बहुत पसंद आई । लडकी तो मुश्किल चीजों को भी कितना आसान बनाते हो तो क्या मैं दूसरा कमरा साफ करके उसे और बॉयफ्रेंड बना दूँ । मैं इतना खर्च नहीं कर पाऊंगा, पाॅप है और मुझे कम से कम बीस हजार रुपए महीना देना पडेगा है । ना पी होने, सिर हिलाया और राजीव से मुद्दा बनाकर का और हेलो वह फ्लाइड पिछले दो सालों से खाली पडा है और हमें उससे कोई फायदा नहीं मिल रहा है तो मैं उसके लिए पैसे देने की जरूरत नहीं है वो इसलिए क्योंकि तुम लोग यहाँ नहीं थे । लेकिन अब तुम आ गए हो । तुम यहाँ मजे करने आई हूँ । बदकिस्मती से मैंने तुम्हारी तरह का जीवन आनंद लेना नहीं सिखाया । श्रीमान लिखा मुझे लगता है कि तुम सही कह रही हो । उसने पी हो की ओर बढते हुए कहा लेकिन अगर मैं तुम्हारी जगह होता तो मैं एक एक ऐसे लडके को वो जो लेखक हो और साथ ही बहुत हॉट हैपनिंग हो । अपने फ्लैट में नहीं आना देता । रणवीर ने उसे आप मारते हुए गा । तुमने इतना चार्मिंग होना कहाँ से सीखा तो उन्होंने सर बाते हुए पूछा । वो उसके सवाल का जवाब देता उससे पहले क्रिकेट की टीम से उसके दोस्त ने उसे पुकारा तो वो उस की ओर मुड गया तो मतलब सेल फोन नहीं बोल गए थे । कोई तो मैं लगातार कॉल कर रहा है उसके दोस्तों का थैंक्स रणवीर का । उसने फोन खोलकर देखा तो उसमें अदा की चार ऍम थी राॅ लेकिन वो बोला कुछ नहीं क्या हुआ कौन फोन का तहत मैं? उन्होंने पूछा कोई नया नंबर है । मैं बाद में कॉल करूँगा । पक्का हाँ, रणवीर चुप रहकर देखो के आगे बोलने का इंतजार करने लगा । वैसे भी मुझे लगता है कि मुझे चलना चाहिए क्योंकि मुझे फ्लाइट में सब ठीक ठाक करना है । पक्की बात हाँ, तुम शाम को मेरे फ्लैट पर आ सकते हो । मुझे तुम्हारे मदद की जरूरत हो सकती है । आ सकता हूँ मेरा मतलब बिल्कुल । उसने अनिश्चितता से कहा । ये सोचते हुए की अदा ने उसे इतनी कॉल क्योंकि होंगे थैंक्स बोरडोली । रणवीर ने उसे गले लगाया तो वो उससे कस कभी पट गई और फिर उसके कान में पूरी । मैं तो भारत इंतजार करेंगे । रणवीर मुस्कुराया लेकिन कुछ नहीं बोला और बिहू अपनी कार में बैठकर चले गए । रणवीर के मन में विचारों का संघर्ष चल रहा था । वो सोच रहा था उसे ज्यादा को कॉल करना चाहिए या नहीं ये जानते हुए कि दोनों एक दूसरे से कितना प्यार करते थे और कैसे पिछले कुछ दिनों से उनके जीवन हमेशा के लिए बदल गए थे । लक्ष्य दो से सब कुछ देख रहा था । दो भर के साढे बारह बज रहे थे । ये दिन उनमें से एक था । जब रणवीर और लक्ष्य एक दूसरे की अनदेखी करते । रणवीर ने टोस्टर में अपने लिए बेटा ली और एक कप चाय निकली । वह कब जिसपर रन भी और राजा की तस्वीर बनी थी । तभी लक्ष्य केचर में आया और वहीं काम दोहराने लगा है । जब की रणबीर अपने दोस्तों में मक्खन लगा रहा था । दोनों ने एक दूसरे को देखा लेकिन कुछ कहा नहीं । लक्ष्य की चैन से बाहर निकल गया और रणवीर सोफे पर बैठ गया । अगले कुछ घंटों तक रणवीर सोचता रहा कि नादानियों से कॉल क्यों किया होगा । फिर उसने अपना फोन उठाया और अपनी पुरानी बातचीत देखकर मुस्कुराते हुए सोचने लगा कि पहले चीजें कितनी अलग हुआ करती थी । कभी कभी वह देर रात उसके लिए चॉकलेट से ले जाकर उससे चौका देता था । हालांकि वो यकीन से नहीं कर सकता था की ज्यादा नहीं कॉल क्यों किया था । फिर भी उसने उसे वापस कॉल करने का निश्चय किया । उसने अपने विचारों की गति थी, मिल की । खुद को तैयार करने के लिए एक पल लेकर उसका नंबर मिलाया । अच्छा का नंबर नहीं लगा । दूसरी बार नंबर पिलाने में उसे झिझक हो रही थी । उसने आता था नंबर अपने फोन से हटा दिया । ऐसा पहले भी कई बार हो चुका था । कुछ देर बाद रणवीर ने लक्ष्य की जेब से उसकी कार की चाबियां निकली और साथ में बैठ गया । लक्ष्य बालकनी से औपचारिक मुस्कान के साथ ऍम के आने के बाद से जो कुछ हुआ वह सब जानता था लेकिन उसने जानबूझ कर उसके बारे में बात नहीं की । रणवीर ने सिर्फ खिलाया और कार आगे बढाते । कुछ देर में वह पवई पहुंच गया । बाहर बादल खेलते हुए थे और लग रहा था कभी भी बारिश शुरू हो सकती है । रणवीर छाता लाना भूल गया था और उसे रहेजा बिहार के पास पार्किंग की जगह भी नहीं । मैं कार दूर खडी करके वह भीड ना नहीं चाहता था इसलिए उसने इमारत के निकट एक नौ पार्किंग के बोर्ड के पास कार खाली कर दी । भाषा के साथ की वो तो नहीं होगी । उसने इंजन बन गया और अपना हुलिया ठीक ठाक किया । आईने में दिखाई अपनी छवि से संतुष्ट होकर वह बाहर निकला और पीहू की इमारत की ओर चलने लगा । वाचमैन ने उसे आवश्यक विवरण पूछा और उसके हाथों में फूलों का गुलदस्ता और उपहार देखकर शरारत से मुस्कुराया । रणवीर लिफ्ट में प्रवेश किया और अगले कुछ सालों तक सोचता रहा कि वह बातचीत की शुरुआत कैसे करेगा और बातचीत का अंजाम क्या होगा । वो सातवीं मंजिल पर पहुंच गया । एक पडोसी लिफ्ट के पास खडा था जिसमें रणबीर के बाहर आने पर उसे गुस्से और फिर से देखा । ये सोचते हुए कि वह इतनी देर से लिफ्ट में क्या कर रहा था । गर्मी थी, उसके घुटने पर ध्यान नहीं दिया और सी सात सौ पांच गई बाहर पहुंच गया जिसके दरवाजे पर ऋषभ शर्मा की नेम प्लेट लगी थी । दरवाजे की घंटी काम नहीं कर रही थी इसलिए उसने दरवाजा खटखटाया और एक पर फिर ये सुनिश्चित करने के लिए खुद को देखा कि वह अच्छा लग रहा था । जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दोबारा खटखटाया । उस ने पेडो को कॉल करने का सोचा लेकिन नंबर नहीं मिला । उसने दो बार पते की जांच करके पुष्टि की कि वो सभी वो सही जगह आया था । निराश होकर वापस लौटने वाला था कि तभी उसने अपने पीछे दरवाजा खुलने की आवाज सुनी । हाई माफ करना दिन भर काम करने के बाद मैं नहीं आ रही थी । उन्होंने माफी के स्वर्ग में कहा, आपने लाल रंग के बाद रूप में वो बेहद खूबसूरत लग रही थी । वो अपने गिले बाल ठीक करने लगे तो रणवीर की आंखें फैल गई और वह पे हूँ की खूबसूरती से संबोधित वहीं खडा रहा हूँ हूँ अंदर आओ रणवीर ने बुक पे और अन्य वो बाहर पीहू को देते हुए का मुंबई में तुम्हारा स्वागत है । बहुत सुन्दर है । बहुत बहुत ॅ जितना संभव था उतना प्यार । चेहरा बनाकर कहा तो सब कुछ कह रहा था । कुछ सेकंड बाद उसने पीहू के अपार्टमेंट में प्रवेश किया और उसके खुबसूरत फ्लाइट को ध्यान से देखने लगा । लिविंग रूम में एक साफ सुथरी लाल कारपेट थी । सोफा इंपोर्टेड और हफ्ते लग रहा था और उस विशाल कमरे में उसे परिवार के साथ पीहू के बचपन की तस्वीर भी देख रही थी । दीवार की दूसरी और उसकी माँ की तस्वीर लगी थी । वो देख सकता था की बीस साल बाद पीहू कैसी लगेगी । वो बिल्कुल अपनी माँ जैसी दिखती थी । तो हमारा घर बहुत सुंदर है । रणबीर ने का पीहू मुस्कुराई और फिर बोली मैं थोडी देर में आती हूँ, ठीक है । उसने कहा तो रणवीर ने सिर्फ खिला दिया । वो सोचने लगा की क्या वो जानती थी कि वह दरवाजे से उसे लगातार देख रहा था । रणबीर खडा हो गया और कमरे में सजी ट्राफियाँ और दीवार पर लटके सर्टिफिकेट्स देखने लगा । पूरे ध्यान से देख रहा था । अंतरराष्ट्रीय रिक्त प्रतियोगिता और विभिन्न प्रकार के नृत्य कार्यक्रमों के लिए लगभग दस और ट्रॉफियां थी । बालकनी से बाहर पहाड का दृश्य था । उसने मुंबई में पहले कभी ऐसा दृश्य नहीं देखा था । उसके घर में चक्कर लगाते हुए उसमें एक सुंदर सर्कुलेशन कम डाइनिंग देखा हूँ । उसके भाई और एक कमरा था जिसमें ताला लगा हुआ था । एक बात पक्की थी फ्लाइट बहुत स्वरुचि के साथ तैयार किया गया था । हर चीज इतनी व्यवस्थित थी की लग रहा था कि इस लाइट को छोड कर कोई गया ही नहीं था । रणवीर चाहे कितना भी इंकार करना चाहता था, पी हूॅं उसे थोडा असहज कर दिया था । बेटों में पीहू ने खेहर प्रश्न उठाया और अपने देश में बालों में फिराने रखी है । वो इस रात अपने रिश्ते को एक नया मोड देना चाहती थी और इस बात को लेकर उसका ही थे । वो जानती थी कि उसे रणवीर को अपनी भावनाओं के बारे में बताना पडेगा और ये भी बताना पडेगा कि वो उसके साथ रिश्ते में होने के विचार से कितना प्यार करते थे । रणवीर ने अभी तक अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बात नहीं की थी इसलिए उसने मान लिया था कि वह अकेला था । क्या वो मेरे साथ संबंध बनाने के लिए तैयार होगा? उसने सोचा पीहू ने मेकप कर लिया था और बालों में प्रश्न भी कर दिया था लेकिन दरवाजे से बाहर जाने के बजाय वो अपने बिस्तर पर बैठ गई और उसने रणबीर को वहीं बुला लिया । रणवीर उसके कमरे की ओर पढा और अंदर गुलाबों की खुशबू से हवा में है । कोठी जब रणवीर उसके बेटों में पहुंचा तो उन्होंने मुस्कान के साथ उसका स्वागत किया । ऐसी मुस्कान तो प्यार से कुछ ज्यादा व्यक्त कर रही थी । उसने जींस और एक हल्के गुलाबी रंग के टी शर्ट पहन रखी थी जो उसकी चमकती गोरी त्वचा को और नहीं आ रही है । रणवीर को लगा कि खुबसूरत खर्चा की आठ आ गई । पीहू की आंखें पूरी और अधिक स्लेटी कम थी । रणवीर उसे दूर से देख रहा था ये जानते हुए कि उसे ये समझने की आवश्यकता थी कि पी हूँ उस की दुनिया में कहाँ फिट होती थी और वो उसके लिए क्या महसूस करता था । गर्मी को गुलामों की सुबह में कामुकता का एहसास हो रहा था और वह ये सोचते हुए कि वो कितनी सुंदर लग रही थी, उसका ध्यान पीहू के घुटने पर चला गया । उसे पीहू का यूज बेबाकी से घूमना अच्छा लगा और उसने कहा, यहाँ बहुत अच्छी सुगंध आ रही है । फिर वो ये मेरा पसंदीदा सुबह है । ये मुझे एक प्रकार की सकारात्मकता से भर देती है । अपने कमरे में पीहू ने उसे परफ्यूम, आरोमा और तरह तरह की मोमबत्तियों का अपना संग्रह दिखाया । कभी कभी अपने संग्रह की कोई पसंदीदा चीज दिखाने के लिए वो उसका हाथ पकडकर थी थी और उससे चौंक आती थी । पीहू के शारीरिक संपर्क ने उसके लिए ये सब आसान बना दिया । वो जानता था कि पीहू उसे पसंद करती है और कमरा दिखाते समय वो उसका प्रयास और उत्साह देख सकता था । रणबीर मुस्कुराया हूँ इस बात के प्रति अनिश्चित क्यों? उसे वो हर चीज पसंद थी या नहीं जिसकी पेशकश पीहू कर रही थी लेकिन फिर भी वह खुश था । ये सच में अच्छा लग रहा है । रणवीर ने परफॉर्म की एक बोतल को देखकर कहा, पीहू ने उसकी ओर देखा । सच में तो मैं इसके बारे में चोट बोलने की जरूरत नहीं है । मैं झूठ नहीं बोल रहा हूँ । सच कहूँ तो तुम्हें तुम्हारी पसंद की चीजों के बारे में बात करते देखकर अच्छा लग रहा है । थैंक्यू हूँ । मुझे लग रहा था मैं तो मैं बोल तो नहीं कर रही हूँ । अब तक तुमने मुझे जो कुछ भी दिखाया है उसका बोरियत से दूर दूर तक वास्ता नहीं है । मुझे उम्मीद है मेरा बार बार इस तरह परेशान करना तो मैं बोला नहीं लगेगा बिल्कुल नहीं । मैं इस पल का आनंद ले रहा हूँ । अब जब कि हमारे बीच की बर्फ पिघल रही है, मैं तुम से पूछना चाहते हो रहा है । जैसा कि मैंने तो भी सुबह बताया मुझे घर के मामले में तो भारी मदद कर के अच्छा लगेगा । ये फ्लैट काफी बडा है और मुझे विश्वास है तुम्हें पसंद आया होगा । ऍम यहाँ पर मेरे साथ रहो । मेरे पास कहने की जगह है पी हो और मैं साल के बीच में अपना फ्लाइट नहीं छोड सकता । ये संभव नहीं है । ये तो कोई समस्या नहीं है । मेरे ख्याल से तो में एक नोटिस देना पडेगा और कुछ नहीं । बातें दोस्त की भी है जिसके साथ में इतने सालों से रहता हूँ । इसके अलावा ना इतने आलीशान अपार्टमेंट पर फिट नहीं होगा तो नहीं लगता है कि तुम सामान्य करन कर रहे हो शायद लेकिन मेरे पास उसके अपने कारण है । चलो भी कितनी फैन्सी जगह है । हमारे पास अपने लिए समय भी होगा और हमें कुछ करने से कोई रोकने वाला भी नहीं होगा । तेरे सवेरे तो मैं अपनी नौकरी छोडनी पडेगी क्योंकि वो तो में वैसे भी उत्साहित नहीं करते हैं तो मैं अपने फ्लाइट की तरह यहाँ किराया भी नहीं देना पडेगा । तो तुम अपनी पसंद कॅरियर में जाऊँ और उससे पहले तो मैं बहुत सारे पैसे बचाने पडेंगे । रणवीर शांत खडा रहा और उसे लग रहा था ऍसे उसे समझाने की कोशिश करते हुए भी हूँ और भी ज्यादा सुन्दर हो गई थी । अगले कुछ सेकंड वो कुछ नहीं बोला । अब तुम आत्मसम्मान, गर्व और भाईचारे का रुकना तो सबूत नहीं करने वाले हो ना । पीहू ने पूछा था मेरा विश्वास करूँ हर सब मुझे भी ये विचार उतना ही उत्साहित कर रहा है जितना तो मैं । लेकिन मैं उस खूबसूरत बंधन को तोडना नहीं चाहता हूँ जो मेरे दोस्त और मेरे बीच है । मुझे विश्वास है कि तुम्हारे यहाँ आने से वो और मजबूत ही होगा । हम एक दूसरे को बेहतर समझ पाएंगे और मेरा विश्वास करो किस तरह के इंसान तुम हु तुम पहले एडजस्ट करोगे और बाद में मजे करोगे तो कुछ साल पहले पुणे में देशी के साथ जाकर रहना याद है । पीहू ने आपसे कहा वो मेरा उपन्यास थापे हूँ । असल जिंदगी उससे अलग है । उन्होंने सिर्फ खिलाया और अगले कुछ सके । कुछ नहीं बोले । उसकी दसरे हर जगह घूम रही थी । लेकिन रणबीर की ओर नहीं । चेहरे पर उदासी क्यों हो? क्योंकि मैं कुछ दुखी सी महसूस कर रही हूँ । मुझे लगा था तो मेरे साथ रहने का विचार पसंद आएगा और तुम अरनब की तरह हो गए लेकिन तो उल्टा कर रहे हो । मैं अहमदाबाद से सिर्फ इसलिए आई थी ताकि तुम्हें और अच्छी तरह से जान सकूँ और तुम्हारे साथ हूँ । रणवीर खुद भी किसी और से ज्यादा अपने आप को समझाने की कोशिश कर रहा था । तो भरी बात से मैं बहुत खास महसूस कर रहा हूँ की हो लेकिन मेरी उम्मीद तो अब मतलब लगती है । जब रणबीर खडा हुआ तो वो हटा के साथ अपने रिश्ते के बारे में सोचने लगा । वे दोनों भी एक सपने जैसी तीव्रता के साथ अपने रिश्ते में आगे बढे थे । जब उनके रास्ते अलग हुए तो वे एक दूसरे को एक नजर से देखने के लिए तरफ से थे और जब वे साथ थे तो हर पल एक दूसरे के साथ बिताना चाहते हैं । वे दिन में कई बार पी लेते थे, घंटों तक फोन पर बात करते थे और एक दूसरे की बाहों में समय बिताना पसंद करते थे । उसे याद आया कि वो सब कैसे शुरू हुआ था । और फिर उसने सोचा कि हर रिश्ते की शुरुआत ऐसे ही होती है । सपने जैसी तीव्रता से सर बाद में विफल होने के लिए कभी कुछ महीनों में और कभी कुछ साल होंगे । हालांकि उन्हें मिले कुछ ही घंटे हुए थे । रणवीर को महसूस हुआ जा सकती हूँ । अभी से ही उसे अधिकतर लोगों की तुलना में बेहतर जानती थी । उन्होंने पूरी शाम बातें करते हुए बिताई । अधिकांश समय पे हूँ जल्दी ही एक मीडिया फॉर्म में शामिल होने के लिए अपनी योजनाओं के बारे में बात करते रहे और उसके बाद पीहू और रणवीर ने एक तरह से जश्न मनाते हुए वाइॅन् क्या तुम पूरी रात मेरे साथ रहोगे? क्या तुम चाहती हूँ की मैं अच्छा हूँ? बहुत ज्यादा मैं आज रात नहीं रोक सकता लेकिन मैं वादा करता हूँ मैं जल्दी फिर मिल होगा और हम फिर से अच्छा समय बिताएंगे जल्दी आना । रणवीर मुख्य दरवाजे के पास पहुंचा तो उन्होंने उसके कान में फुसफुसाकर कहा और कल ऐसे लगा लिया रणवीर को ये समझने में एक पल लगा की वो कहाँ था । उनकी बातचीत में कुछ अलग सा था । वो सिर्फ पीहू के रणवीर में दिलचस्पी दिखाने की बात नहीं थी बल्कि जिस तरह से वे एक दूसरे को देख रहे थे वो एक अलग अहसास था । उसे पता चल रहा था कि धीरे धीरे उन का रिश्ता कितना गंभीर बनता जा रहा था । पीहू के अपार्टमेंट से बाहर निकलते समय रणवीर का ध्यान गया के लक्ष्य के कार वहाँ नहीं थी जहां उसने छोडी थी । पूछने पर पता चला की वो ट्रैफिक पुलिस द्वारा उठा ली गई थी और उसे अगली सुबह से पहले वापस नहीं मिल सकती थी । इस बात से और इस तथ्य नहीं कि त्रिशा का जन्मदिन होने के कारण लक्ष्य को उस रात कार की आवश्यकता होगी, रणवीर की सांस रुक गई ।

muskurane ki wajha tum ho 16

रात को रणवीर अपने फ्लैट की सीढियां चला रहा था । अंदर लक्ष्य आपने गर्लफ्रेंड क्रेशा के साथ डिनर टेस्ट के लिए तैयार हो रहा था । रणवीर है अपने जूते उतारे और धीरे से अपने कमरे में चला गया । लक्ष्य उसके पीछे उसके बेटों में आ गया । रणवीर का भी स्थिर लग रहा था । लक्ष्य समझ गया कि रणवीर अपने विचारों के साथ अकेला रहना चाहता था । उसने रणबीर के कमरे में नर्सें कुमाई तो देखा कि उसने अदा की तस्वीरें हटा दी थी । बिस्तर के पास वाले भी जो उसे बहुत पसंद थी । लक्ष्य अचानक असहज हो गया और उसने देखा की रणबीर भी अपने विचारों में खोया हुआ था । रणवीर बालकनी में बैठा था और लक्ष्य ने देखा कि वह पीहू की तस्वीरों को घूम रहा था । लक्ष्य ने ध्यान दिया की रणबीर किस तरह पीहू की तस्वीरें देख रहा था । रणवीर नहीं उसे देख लिया लेकिन कुछ कहा नहीं । पीहू के बारे में किसी भी चर्चा से बचने के लिए उसने ब्राउजर विंडो बदल दिया । आखिरकार सब उनके बीच की चुप्पी कष्टदाई होने लगी तो लक्ष्य उसके सामने बैठ गया । क्या चल रहा है उस खास नहीं? रणवीर नहीं उससे आंखें मिले इलाका तुम कुछ अजीब हरकतें नहीं करता हूँ नहीं तो मैं तो बस कुछ चीजों के बारे में सोच रहा हूँ । रणबीर मुझे बताया तो तुम्हारी पीहू से मुलाकात कैसी नहीं । क्या तुम सच में उसके बारे में जानना चाहते हो? रणवीर हूँ मुझे लगता है मैं सुन सकता हूँ । लक्ष्य एक पल रुका और फिर अपनी जेब से एक सिगरेट निकालकर चलाई और बोला यह सिगरेट खत्म होने से पहले मुझे सब बता दूँ । मुझे उसके साथ बहुत अच्छा लगता है । बस वो कुछ दिन नहीं रहने वाली है । मुझे लगता है कुछ अच्छी चीजें होने वाली है । लक्ष्य ने चेहरे पर कोई भाव लाए बिना कहा मुझे नहीं पता रणबीर ने का हो सकता है आगे अच्छा समय हूँ । अच्छा समय मतलब एक रिश्ते में हूँ । आपका तो चुनाव होना । जैसा मैंने कहा मुझे नहीं पता । मैं तो ये भी नहीं कह सकता कि उसके दो दिन कॉल न करने पर मुझे कैसा लगेगा । रणवीर ने का सच कहूँ तो मैं आगे बढना चाहता हूँ लेकिन बल्कि मैं लगभग पड रही चुका हूँ । लक्ष्य ऍफ का क्या जो तुम्हारा अदा के साथ था । मैं नहीं जानता हूँ । लेकिन अगर सिर्फ मैं ही हूँ जिससे इस रिश्ते की परवाह है तो मैं इससे क्यू चिपका रहूँ, ठीक है । लक्ष्य ने कहा और बाहर देखने लगा । रणवीर ने देखा कि वो छोडा हुआ सा लग रहा था । पल भर बाद जब लक्ष्य आपने सिगरेट खत्म कर चुका था और अंतिम कष्ट ले रहा था, उसने रणवीर की ओर देखा ये क्या था? रणवीर ने भी उसे खोलते हुए कहा, जानते हो मैं कई सालों से सिगरेट पी रहा हूँ और कई सिगरेट पीने वालों से मिला । हम सिगरेट को लगभग अंत तक भी सकते हैं । लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है उस अंतिम कश् से अपने होठों को सुरक्षित रखा । तो तो मैं लगता है सिगरेट में बचा हुआ है । तुम चल रहे ऐसे गुस्से से चल रहे हो जिसने तो मैं शांत कर दिया है ताकि तुम बदला ले सकते हो । तो मैं कुछ देर ये अच्छा लगेगा । लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है तुम्हारे जीवन को उस चलते हुए गुस्से या पतले के धोनी के अंतिम हिस्से से बचा रहा हूँ जो तुम्हें लगता है । तुम्हारे अंदर शेष है अनजाने में उसने रणबीर के ही आंतरिक विचारों को अपनी आवाज देती थी । लेकिन रणवीर खुद से यही कहता रहा कि लक्ष्य सब उसका ध्यान भटकाने के लिए ऐसा कर रहा है । तुम चाहते हो मैं ताली बच्चों पिछले बार तुमने वाइन का उदाहरण दिया और इस पर सिगरेट ड्रग्स लेकर बैठे हो गया । हमारे लिए भी हो तो ड्रग्स का साथ तुम्हारे हिसाब से अच्छा है । अब नहीं आता के साथ रिश्ते में था तो तो मैं समस्या थी और जब पीहू के साथ तैयार रिश्ता बनाने जा रहा हूँ तब भी तो मैं समस्या है । मुझे कोई समस्या नहीं है । मैं सिर्फ इतना चाहता हूँ कि जिस रास्ते पर तुम पहले चल चुके हो उस पर अपनी नजर रखो । हो सकता है कभी तुम क्यूँ के साथ जीवन बिताना चाहूँगी और तब तो मैं अपने फैसले से निराश नहीं होना पडे । पीते अपना सिर हिलाकर का मैं वैसे भी ज्यादा समय यहाँ रहने वाला नहीं क्योंकि मैं जल्दी ही पीहू के साथ जाकर रहने की योजना बना रहा हूँ और तुम्हें नहीं लगा ये बात पहले बताना जरूरी था । लक्ष्य ने पूछा नहीं मुझे नहीं लगा दक्षिण से अपनी भावनाएं उठाएंगे । अच्छा ऐसा क्यूँ क्योंकि पिछली बार जब तुमने पीहू के बारे में बात की थी तो हम इस रिश्ते को लेकर बहुत खुश नहीं थे । ऐसा नहीं है । हम पाँच तो अलग अलग पन्नों पर थे । मैंने देखा कि आज सुबह भी जब भी हो । नहीं, मुझे सरप्राइज दिया तो तुम खुश नहीं थे । रणवीर के साथ अपनी असहमति जारी रखते हुए लक्ष्य सीधे रणवीर की आंखों में देखते हुए बोला, अगर तुम थोडे और होशियार होते हैं तो शायद समझ पाते कि मैं ज्यादा खुश क्यों नहीं था? अच्छा क्योंकि मैं बेवकूफ की तरह अपने अतीत को लेकर होते रहने के बजाय समय का आनंद लेना चाहता हूँ । लक्ष्य रणबीर के और कुछ कहने का इंतजार करता रहा लेकिन इस बार वो सच में गंभीर लग रहा था । जब से उनके बीच पीहू को लेकर चर्चा हुई थी, दोनों के बीच तनाव चल रहा था तो मैं एक बच्चे की तरह हरकतें मत करो तो मैं फ्लाइट से जाने की जरूरत नहीं है । मैं तुमसे रूखेपन से बात नहीं करना चाहता था । बस इतना कहना चाहता हूँ कि अपने रिश्तों के लक्ष्य में पीहू को शामिल बात करो । टोमॅटो के बारे में कुछ कहा गया तुम जो खुद इसके बारे में कुछ नहीं डालते हैं, लक्ष्य तो मैं किसी भी तरह के रिश्ते में कभी दिलचस्पी नहीं थी और तुम्हारी एक से कल फ्रेंड दे तो मैं इसलिए छोड दिया था क्योंकि तुम उसकी सौतेली बहन त्रिशा के साथ सोए थे तो शायद तुम्हारे जैसी बकवास लडकी है । रणवीर ने पुराने पन्ने खोल दिए थे मेरे अतीत को छूने की कोशिश पद करोड भी तृशा के खिलाफ एक सबका मत कहना बहुत बुरा हो सकता है । रनवेज खडा हो गया और एक ही क्लास में ऐसी कई बातें कह गया जो वो कहना नहीं चाहता था । और कई ऐसी बातें कहने से छूट गया तो वो कहना चाहता था, लक्ष्य सिर्फ इसलिए कि तुम्हें तो भारत जीवन में प्यार नहीं मिल पाया तो तुम पाना चाहते थे तो मुझे भी ऐसा करने से रोक रही हूँ । जब मैं अदा के साथ था तब भी तुम मुझे रोकते थे और अब जब मैं बिहू के साथ हूँ तब भी रोक रहे हो तो हमेशा से एक लेडीज थी । प्यार के मामले में तुम बिल्कुल विफल रहे हो । तुम अपने बताने हिस्से को कभी स्थिर नहीं रखता है और इसी वजह से तुमने उस लडकी को खो दिया जो तो मैं सबसे ज्यादा प्यार करती थी । धोखा मैंने नहीं दिया था वो खुद हफ्ते नए प्यार के साथ चली गई थी । अगर तुम मत पे निगाहें सडक पर रख पाते हैं जिस पर तुम चल रहे थे तो तो मैं किसी और के लिए उसे खोला नहीं पडता है । लक्ष्य को एक रोमांचक साथ महसूस हुआ जैसे वो एक स्काईडाइव के लिए बैठा हूँ और उसे किसी भी पल नीचे कूदना पड जाए बिना ये सोचे कि आगे क्या होगा । इस बातचीत में उन्हें एक दूसरे से दूर कर दिया, एक भाई चारा और एक प्यारा सा बंधन टूट गया था । ये एक ऐसी बात थी जो दोनों ही समझ नहीं पा रहे थे और रणबीर उसका हर्ट सुनने के मूड में भी नहीं लग रहा था । अच्छे इरादों के बावजूद लक्ष्य दोनों के बीच के मतभेद की वास्तविकता को समझाते लगा था । उसे डर था कि रणवीर के जीवन में एक बार और दिल टूटने की संभावना हो सकती है । वो जीवन जिसका लक्ष्य भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, मैं कल यहाँ से जा रहा हूँ । मैं इस महीने का किराया दे दूंगा और मकान मालिक से आपने डिपॉजिट के बारे में बात करूँगा । लक्ष्य भी किसी भ्रम में नहीं था और जानता था कि इस बहस के बाद उन दोनों के बीच पहले जैसा संबंध नहीं होगा । फिर भी उसने ये नहीं सोचा था कि रणबीर इस तरह फ्लैट छोडने का उसे अपने अंदर कुछ टूटता हुआ महसूस हुआ । अपने सबसे अच्छे दोस्त से उसका अलगाव आसान था । कुछ ही देर में रणवीर ने आकर कहा ये तो भारी कार की चाबियां और पांच हजार रुपये हैं । कार्ड तो हो गई थी और उसमें आगे थोडा टेंट भी पड गया है । अगले कुछ घंटों तक लक्ष्य यही सोचता रहा कि कैसे अचानक सब कुछ बदल गया था । वो आगे कोई बहस करना नहीं चाहता था । पहली बार वो कमजोर और दुखी महसूस कर रहा था । उसके भीतर ही आवाज में कुछ था जो रणवीर को पीहू के साथ रिश्ता शुरू करने से रोकना चाहता था । उसे लग रहा था कि उसे रणवीर को बता देना चाहिए कि उसने उस दिन क्या देखा था । लेकिन शायद ये सही समय नहीं था । शायद कुछ दिनों बाद, महीनो बाद या शायद तब जब वो सुनने को तैयार हो । लेकिन अगर वे संपर्क में रहें तभी तो उसी शाम रणवीर और लक्ष्य के मौखिक विवाद से छह घंटे पहले लक्ष्य टहलता हुआ कैफे कॉफी डे तक चला गया था । कई दिनों बाद सूरज निर्दयता से आग बरसा रहा था । वो उलझन में था की आइस टीम बनवाए या कैसे फ्लॉप पे । तभी उसने एक परिचित आवाज सुनी और मोडकर देखा तो बी जे के साथ ज्यादा थी । वो किसी को ढूंढ रही थी । लक्ष्य ने चारों ओर से घुमाकर देखा की उसके साथ कौन आया था लेकिन वहाँ कोई नहीं था । लक्ष्य एक सुरक्षित सीट पर बैठ गया था और उनकी नजरों से बचने के लिए कहाँ पहले पता नहीं ले । शॉर्ट्स और सफेद झीने टॉप में बेहद आकर्षक लग रही थी । बीजेपी एक की तरह लग रही थी लेकिन बहत हॉट पेस्ट लक्ष्य सोचने लगा कि रनवीर कितना खुशकिस्मत था तो उसे वीजा नहीं चुना था । उसके सोरखा लाल होट जीवन भर के लिए उसकी वासना की पुष्टि कर सकते थे । जहाँ पागलों की तरह किसी का इंतजार कर रही थी, वहीं बी जे काफी उदासीन से लग रही थी । तभी अदा खडे होकर मुस्कुराई । विजय ने भी उसका अनुसरण किया । मैंने तुम्हारे बारे में बहुत सुना है । विजय बोली, अदा नहीं, रेहान को आलिंगन में ले लिया और पूरी मुझे बहुत खुशी है कि तो माँ आएगा । रिहाल विषय काफी समय से तुम से मिलना चाहती थी । देखो कितने उत्साहित हैं । विजय ने चारों ओर देखा कि कहीं लोग उन्हें देखते नहीं रहे थे लेकिन लक्ष्य पर उसका ध्यान नहीं गया । तुम क्या लोगी? विजय रेहान और मैं लीची शेख लेंगे । अरे कुछ नहीं । विजय ने जवाब दिया मैं तुम्हारे लिए भी ले चीज शेक मंगवा रही हूँ तो मैं पसंद आएगा । अदा ने कहा और वेटर को ऑर्डर दे दिया । अच्छा बताती रही कि वह और रिहान कैसे मिले थे और कैसे वे बचपन से एक दूसरे को जानते थे । कुछ ही देर में बेटर उन्हें तीन लीची शेख गया अदा फस रही थी । ताली बजा रही थी और खुशी से चिल्ला रही थी । वो रणवीर के साथ इतनी खुश कभी नहीं लगती थी । वहाँ बैठे लोग बीस बीच में उसे मुड कर देख रहे थे । विजय अभी भी उदासीन लग रही थी, तुमसे क्यों नहीं ले रही हूँ । मेरा मन नहीं है वो भी हर एक । ये पानी ही तो है चलो या ये हमारी पसंदीदा ट्रिंग हैं । प्रेस पीलो विषय सिर हिलाया और हॉल में चारों ओर नजर घुमाकर देखा तो उसे खुद पर अंजान लोगों की आंखे महसूस होने लगी । कुछ देर बाद पीछे अदा को सुन रही थी और अदा अपने बचपन के संबंधों और यादव के बारे में बता दी जा रही थी । उससे अपने पहले प्यार के बारे में बताया । पहला ब्रेकअप के बारे में बताया और फिर ये भी बताया कि कैसे रणवीर के साथ आगे बढने पर उसे दस के सिवाय कुछ नहीं मिला । विजय बेमन से अपना लीची शेक पी रही थी । वो थकी हुई लग रही थी । लेकिन जब माता ने बोलना शुरू कर दिया तो वह पहले की तुलना में ज्यादा खुश और सहज लगने लगी । मेरा विश्वास करूँ मैं रणवीर के साथ कभी खुश नहीं रह सकती थी । विजय से पूछूँगा नहीं का हाँ इसके लिए सब तुम थे । रिहान तुम्हारे ब्रेकअप के बाद कभी आगे नहीं बढ पाई । रणवीर नहीं सिर्फ परेशानी और बुरी या देती हैं । विजय ने हाँ में हाँ मिलाई । लक्ष्य वहां बैठा हुआ उनकी बातें सुन रहा था । उसे विजय की बात से उलझन हो रही थी । किसी और बहुत से ज्यादा उसे अदा की चिंता हो रही थी और उसके चेहरे पर चिंता और सहानुभूति झलक रही थी । रिहाल मैं तो ऐसी कई बातें नहीं बता पाई थी जो मैं बताना चाहती थी । लेकिन वो सिर्फ तुम हो तो मुझे सबसे ज्यादा खुश कर सकते हो । जब मेरे जीवन में कोई नहीं था तब तुमने मुझे सहारा दिया और जब तुम्हें मेरी सबसे ज्यादा जरूरत थी, मैंने तुम्हें रणवीर के लिए छोड दिया । समय के साथ मुझे तो भारी परवाह बारे प्यार और सहारे की आदत होगी । मैं ये कह रही मैं तो मैं मिस कर रही हूँ । तुम फौरन मुस्लिम मिलने यहाँ तक आ गए । उसके चेहरे पर शोकपूर्ण भाव के साथ देहान् पर नजरे टिका दिए और पूरी पीस कुछ किसी और के लिए कभी मत छोडना । सब की शादी तोड दो । अपने वादे भूल जाऊँ । मैं तो मैं सबसे ज्यादा प्यार करती हूँ और मैं जानती हूँ कि तुम भी मुझे प्यार करते हो । हम एक दूसरे को ऐसे प्यार करेंगे जैसे वह दुनिया का आखिरी प्यार हो । हम एक दूसरे को ऐसे प्यार करेंगे जैसे हम तो छुट्टी तो और एक ज्ञान हूँ और वो भी जीवन भर के लिए । सिर्फ एक बार स्वार्थीपन जाऊँ और इस पर हमेशा के लिए बेटे हो जाऊँ । अच्छा सभी संभावनाओं के बारे में सोच रही थी लेकिन इस बार वो न सुनने के लिए तैयार नहीं थी । नहीं मुझे पता हूँ क्या तुम फिर से मेरे साथ खाने के लिए तैयार हूँ । पता नहीं रिहान से पूछा । अगले कुछ पल छुपी में बीत गए । एक वेटर उनकी टेबल से लीची शेख के खाली क्लास लेने आया । उसने पूछा किसी और को कुछ चाहिए था क्या? तो बी जे और अदा ने मना कर दिया । फिर पता नहीं रहना से पूछा लेकिन अदा के मना करने के बाद बेटर और कुछ सुनने के लिए नहीं रुका और चला गया । तुम कुछ बोल क्यों नहीं रहे हो रहे हैं पता नहीं पूछा । उसने जवाब नहीं दिया । अदा ने बी जे को इशारा किया कि ध्यान से वह बात करें । हम इसके बारे में घर चल कर बात करें था । विजय ने कहा यहीं पर बात करते हैं ना पता नहीं तोड देते हुए यहाँ तो बोलना चाहिए तो इस तरह चुप नहीं रह सकते । तुम्हारे साथ रहने के लिए इसमें सबको छोड दिया है । बीजे बोली तुम जानती हो ये सब कैसा है । मेरे लिए सब कुछ खत्म करना आसान नहीं है । मैं भी आसानी से अपनी शादी नहीं तोड सकता हूँ । मेरी शादी को कुछ ही महीने बचे हैं और मुझे नहीं लगता कि मैं इतनी आसानी से उसके लिए मना कर सकता हूँ । रेहान बोला हूँ यही वो कारण है जिसके लिए मैं तुम से मिलना चाहती थी । मैं देखना चाहती थी कि क्या हम लोग किसी तरह ये सब ठीक कर सकते हैं लेकिन पहले तो उनसे इतनी निराशा की उम्मीद नहीं की थी । रहन तुमने मुझसे कितने लंबे समय से बात नहीं की है और तुम मुझसे एक झटके में फैसला करने की उम्मीद करती हूँ । उसके बाद की छुट्टी में लक्ष्य को अदा के सुप रखने की आवाज आने लगी । मैं तुमसे एक झटके में फैसला करने के लिए नहीं कह रही हूँ । मैं तुमसे मेरे जीवन में वापस आने के लिए सोचने को कह रही हूँ । रणवीर के बाद मुझे किसी को खोते लेकर डर लगने लगा है । आता नहीं चलाती तो बदल गए होते हैं । कुछ नहीं बदला है । क्या तुम कल्पना कर सकती हूँ? ये महसूस करना कैसा लगता है कि दो महीने में तुम्हारी शादी एक अजनबी से होने वाली है और अब वो जिसे तुम प्यार करते थे तो भारी जीवन में वापस होना चाहते हैं तो मुझे लगता है ये आसान है लेकिन कम से कम वो लडकी तुम्हारे जीवन में वापस को आना चाहती है । बयान अगर तुम अभी मुझे नहीं अपना हो गए तो कई जिंदगियां बर्बाद कर तू के जिनमें तुम्हारी तुम्हारे मंगेतर की और मेरी भी होगी । मेरे साथ ऐसा मत करो । मुझे तुम्हारी जरूरत है । पूरी तरह से तो कुछ छोड नहीं सकते । यहाँ और जोर जोर से रोने लगी । वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अब इस नाटक पर था । रिहान को उसके शब्दों से चोट पहुंची और वह दुखी हो गया । लक्ष्य ने देखा कि वहाँ से निकलकर अपनी कार में बैठा और पीछे मुडकर देखे बिना चला गया । उसी पल में लोगों ने अपनी बातचीत बंद करती वेटर नहीं टीवी बंद कर दिया और सबकी नजरें अदा की हो गई । अभी भी उदासीन लग रही थी तो सुबह हुई ज्यादा को लेकर बाहर निकल गई और फिर लक्ष्य की दृष्टि से ओझल हो गई । लक्ष्य चुप था । जो कुछ भी हुआ था उसे देखकर को उलझन में था । वो वापस जाकर दोबारा सब कुछ देखना चाहता था, शायद इस पर और निकट से ताकि वह इस मीटिंग का मतलब और भाव समझ सकें । वो बाहर निकल आया और घर के रास्ते में उस व्यक्ति के बारे में सोचता रहा जिससे दोनों लडकियाँ बात कर रही थी । आखिर मामला किया था अच्छा इतना क्यों हो रही थी और उसके सबसे अच्छे दोस्त होने के बावजूद बीचे कितनी उदासीन लग रही थी । उसे उनके अजीब व्यवहार या उनकी मीटिंग के पीछे का उद्देश्य नहीं मालूम था । वो अपने घर में भी बात कर सकते थे । कुछ ही देख नहीं वो अपनी सडक के किनारे पहुंच गया । लेकिन अभी भी तो उनके अच्छी पे वहाँ का कारण नहीं समझ पाया था । सबसे पहले उसने सीधे अदा से पूछने का सोचा लेकिन ये विचार मन में आते ही उसने बेवकूफी भरा समझकर रद्द कर दिया । समय देखकर उसने अंदाजा लगाया कि रणवीर एक आठ घंटे में घर आ जाएगा । उसके मन में छवियां आ जा रही थी और वह विभिन्न संभावनाओं के बारे में सोच रहा था और हालांकि उन में से कोई भी उसे सटीक नहीं लग रही थी । उसके खुद के विचार उसे परेशान कर रहे थे और वह प्रार्थना कर रहा था कि जो कुछ उसने अभी सोचा था वह सपने में भी कभी सच ना निकले । उसके मन में निरंतर बिना रुके विचार आ रहे थे और फिर उसने निश्चय कर लिया कि जब रनवीर पीहू के घर से वापस आएगा तो वह उसे सब कुछ बता देगा ।

muskurane ki wajha tum ho 17

कुछ पल ऐसे होते हैं जब पीहू कल्पना करती थी कि रणबीर उसके साथ रह रहा है और उसे यकीन होता था कि जो भी हो रहा है पूरी तरह उसके हित में हो रहा है । जबसे उसने रणबीर से बात करनी शुरू की थी तो उसके जीवन का एक हिस्सा बनना चाहती थी । एक उचित हिस्सा एक ऐसे हिस्से की तरह जो एक व्यक्ति के साथ हमेशा रहता है । आईने में खुद को देखते हुए वो मुस्कुरा रही थी । बहुत सब महसूस करते थे कि बहुत से लोग अपनी भावनाओं को दबाते हुए अपने जीवन जीते हैं और कभी अपने आप को व्यक्त नहीं करते हैं और फिर बाद में पछताते हैं । पीयू को पत्ता यकीन था कि वह कभी उनमें से एक नहीं होगी और समय के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त करते रहेंगे । अगली टोपर पीहू ड्राइव करके रणवीर के फ्लैट पर गई और सामान पैक करने में उसकी मदद करने लगी । पैकिंग में उन्हें उम्मीद से ज्यादा समय लग गया । रणवीर अपने साथ काफी चीजें ले जा रहा था लेकिन कुछ ऐसी चीजें छोड कर जा रहा था जिनकी वो जानता था कि लक्ष्य को जरूरत होगी । उन्होंने आगे बढकर उसका हाथ पकड लिया । ये जानते हुए कि वह जनवरी से प्यार करती थी । रणवीर ने उसके साथ रहने के फैसले नहीं । उसके मन को छू नहीं था । उसे निकलता की भावना अच्छी लगती थी । अंतर था । उसका सपना सच होने जा रहा था । रणवीर अब हर समय उसके साथ होगा । उसे अरनब का जानवी को प्यार करना बहुत अच्छा लगता था और वह रणवीर से उसका हनी को वास्तविक जीवन में जीने की उम्मीद करती थी । बाकी की दो भर पैकिंग करने और सामान ले जाने में पीठ गई । उन्हें इधर से उधर कई चक्कर लगाने पडेंगे । दिन भर की गर्मी के बाद शाम को हवा चलने लगी थी जबकि वे अंतिम बार का सामान लेने रणवीर के फ्लैट पहुंचे । औपचारिकतावश रणवीर ने पीहू से चाय कॉफी के लिए पूछा । फॅारेन टी के लिए कहा । गनवीर किचन में गया तो फिर उसके पीछे पीछे चली गई । वो उसे खुद ने से बचने की कोशिश कर रही थी । रणबीर अपने शांत अवतार में और आकर्षक लग रहा था । दोपहर सही बोलूँ बहुत कम बोल रहा था । पीहू रणवीर के अस्पष्ट अजा हस्ता पर मुस्कुराई और पूरी तो में पूरा लग रहा है । किस लिए ये सब करने पर अपना फ्लैट और अपने पुराने दोस्त लक्ष्य को छोड कर जाना । मैं जानती हूँ कैसा लगता है । पीहू बोली रवि ने उबला हुआ पानी एक कप में डाला जिसपर उसकी और अदा की तस्वीर थी । तूने तस्वीर देखी तो उसकी आंखें चौडी हो गई । कौन है ये? रणवीर को वह कब निकालने का अफसोस होने लगा । उससे पीयू को अपने पिछले रिश्ते के बारे में कभी नहीं बताया था । शायद वो कभी बताना भी नहीं चाहता था । लेकिन उनकी तस्वीर वाला कब उसके दिमाग से बिल्कुल उतर गया था । उसे पीहू से आंखें नहीं मिले और किचन के काम में व्यस्त होने का बहाना करने लगा । ये मेरी एक्स गर्लफ्रेंड है तो मुझे इसके बारे में कभी नहीं बताया । मैंने तो इसलिए नहीं बताया क्योंकि अब ये मेरी जिंदगी में कोई मायने नहीं रखती है । तब तुम भी अपनी कॉफी इसी कप में क्यों पीते हूँ? क्योंकि ये बहुत महंगा है एक हजार रुपये का और हमारा रिश्ता टूटने की वजह से इसे फेंक देने का कोई मतलब नहीं निकलता हूँ । भारा ब्रेकअप हुआ पे हूँ नहीं शांत देखने की कोशिश करते हुए तीन साल हो गए । उसने झूठ बोल दिया । लगभग उसने आगे कहा, पीहू कब को अपने होठों तक ले गए और पहला घोट लेते ही उसने मत नीचे गिरा दिया और वो टुकडे टुकडे हो गया, माफ करना हूँ । मैं गिरना नहीं चाहती थी लेकिन कब गर्म था और चाहे उससे भी करूँ, मेरी उंगलियां चल गई, कोई बात नहीं हो जाता है । मुझे नहीं लगा था कि पानी इतना गरम होगा । रणवीर ने शांत देखने की कोशिश करते हुए कहा, रणवीर ने मक्के टुकडे इकट्ठा की और डस्टबीन में डाल दिया । तुमने अपने लिए ग्रीन टी क्यों नहीं बनाई? मुझे ज्यादा पसंद नहीं है । पहले तो तो मैं बहुत पसंद थी । तुमसे किसने कहा? अरनब दिन में कई बार पिता था, वो है ना । मेरे उपन्यास के चरित्र सबको पसंद थी । रणवीर को नहीं पसंद है ऍम मैं जानती हूँ मुझे कब को सावधानी से पकडना चाहिए था । अखिलेश यादव का बहुत महत्व होता है । कोई बात नहीं । चिंता मत कर तो सब खत्म हो चुका है और वह सिर्फ एक कभी तो था । वैसे भी वो पूरे यादों की निशानी था । मैं तो में एक और मकतुम जिसमें हमारी तस्वीर होगी । मुझे विश्वास है तो मैं पसंद आएगा । उन्होंने कहा उसके गले में बाहर डाल दी । रणवीर मुस्कुरा दिया । अब दोनों के बीच कुछ नहीं है ना क्या मतलब मेरा मतलब जब काम धीमा रोमांटिक संगीत सुनते हो तो उसे याद नहीं करते हैं तो उसके पुराने मैसेज नहीं पढते हैं । जिन्हें पढकर तुम्हारा उसके पास वापस जाने का मन करता हूँ और जब मेरी आंखों में देखते हो तो उसे याद नहीं करते । बोलो रणबीर ने उसकी ओर देगा और उस पल के मॉल में जब को उसके सामने खडा था वह सोचने लगती उससे क्या कहे हूँ ये एक गलत सबका है जो बॉलीवुड हमें सिखाता है और मैं तुम्हें ईमानदारी से कह रहा हूँ । जब कोई आपके जीवन का हिस्सा होता है तो उसे भूलने में हमें कुछ समय लगता है जैसे चोट लगने के बाद होता है । आप जानबूझकर उसके बारे में नहीं सोचते । लेकिन जब आप दौडते हैं तो आपको हमेशा ये डर रहता है कि जिस घुटने में आपको चोट लगी थी उसमें फिर से हो सकता है इसलिए आप अपनी गति धीमी कर सकते हैं । ये तो बहुत ही मानने वाली बात है । मैंने ये बात मेरे फ्लैटमेट लक्ष्य से सुनी थी । वो इन चीजों में मुझ से काफी बेहतर है । तब तो मैं उससे किसी समय मिलना चाहूँगी । पीहू बोली तभी लक्ष्य आ गया और बिना कुछ बोले रणबीर की ओर देखते लगा आपको अपने दिल और मन में हो रही भावनाओं के उथलपुथल को शांत करने की कोशिश कर रहा था । पीहू ने गहरी सांस लेकर कहा, बहुत लंबी उमर है तुम्हारे लक्ष्य । रणवीर ने अभी अभी तुम्हारा नाम दिया था मैं हूँ रणवीर की नई ऍम । उसने उत्साहित स्वर में कहा हो तुम हो तो इससे गोद ले रही हूँ । लक्ष्य ने सपाट चेहरे के साथ क्या तुम सच में मानते हो कि आज के लिए ये व्यंगात्मक लगा उचित है? रणवीर ने पूछा ये कभी फैशन से बाहर नहीं होता । लक्ष्य ने का लक्ष्य ने एक अलग ही रवैये के साथ अपना जीवन किया था । एक ऐसा रवैया जिसकी पहले रणबीर तारीफ करता था । लेकिन उस दिन की उनकी बहस के बाद सब कुछ बदल गया था और दोनों के बीच मतभेद पारस्परिक हो गए थे । वैसी के बाद भूलने कि नहीं है कि पहले दोनों झगडों के बावजूद एक दूसरे से कई बातों में सहमत होते थे और एक दूसरे के विचारों की सराहना करते थे । में व्यंग्य का सरताज होने के लिए मेडल चाहिए । रणवीर ने कहा, जबकि पीहू इस अप्रत्याशित बहस से उलझन में लग रही थी । लक्ष्य ने रणवीर की आंखों में गुस्सा देखा तो वहाँ से जा नहीं पाया । वैसे मैं स्कॉच की बोतल खुलने जा रहा हूँ तो मैं क्लास लेना पसंद करोगे । मुझे उनसे कुछ बात भी कर रही है । लक्ष्य ने प्रीमियम में स्कॉच की एक बोतल दिखाते हुए कहा, जो रिश्ता उसके लिए कनाडा से ले आई थी, हम कुछ ब्लास्ट टकराता पसंद करते हैं । लेकिन बदकिस्मती से सोसाइटी की सर्विस लिफ्ट आठ बजे तक ही चलती है और हम पहले काफी लेट हो चुके हैं । हमने तय किया था कि इस पोर्टल के पहले ट्रिंग साथ में लेंगे । वैसे में पीने के मूड में नहीं तो बिहू के सामने बात कर सकते हो । मुझे कोई परेशानी नहीं है । रणवीर ने बनावटी गंभीरता से कहा, कितनी जरूरी बात नहीं है । हम बाद में बात कर लेंगे । लक्ष्य ने हाथ में स्कॉच की बोतल लिए हुए कहा तो आखिर तुम दूसरी जगह रहने जा रहे हो तो मुझे अक्सर हैरान करते रहते हो नहीं पता नहीं । हालांकि यही बात मैं तुम्हारे लिए कह सकता हूँ । रणबीर ने उसकी ओर देखते हुए कहा, वो दोनों के बीच के तनाव को महसूस कर रहा था । मुझे लगता है हमें काफी देर हो चुकी है । हमें अब चलना चाहिए हूँ । धीरे से हूँ । हाँ, हमें चलना चाहिए । रणवीर ने सामान उठाते हुए कहा लक्ष्य उसे अदा के बारे में नहीं बता पाया और रणबीर की ओर से हल्की सी मुस्कुराहट ने उसके विचारों में पास घाटा नहीं । लक्ष्मी दोनों के बीच की असहजता महसूस कर सकता था और इसीलिए उसने रणबीर के जाते समय उससे सिर्फ हाथ मिलाया क्योंकि गले मिलना अनचाहा होता । यही स्थिति भी बहुत अजीब सी थी । रणवीर और पीहू दरवाजे से बाहर निकल गए । उन्होंने एक बार भी पीछे मुडकर नहीं देखा । लक्ष्य अपने अंदर की छोटी सी आवाज को सुन सकता था, जो उसे रणवीर और उसके नीचे मामलों से दूर रहने की चेतावनी दे रही थी । उसे लग रहा था जैसे अब रणवीर के जीवन में उस की आवश्यकता नहीं रह गई थी और शायद उनकी दोस्ती एक लंबे सभा के अंत तक पहुंच गई थी । लेकिन उसके विचारों में एक और आवश्यकता नहीं जगह बना ली थी और वह जानता था कि उस से इनकार करना व्यवस्था था । एक मिनट बाद लक्ष्य ने सॉस की वो बोतल वापस सकती जैसे उन दोनों ने एक साथ खोलने का फैसला किया था और अचानक उसे पीने की उसकी इच्छा भी मर गई । वो जानता था कि ये सब इस तरह खत्म नहीं होना चाहिए था । लेकिन उन दोनों के बीच के तनाव को तोडना आसान नहीं था । एक लंबे समय में पहली बार उसे रणवीर से अपने दिल के बाद कहने का अफसोस हुआ । रणवीर अपने अतीत को पीछे छोड चूका था लेकिन उसे अदा के बारे में उनके रिश्ते के बारे में कुछ जानना आवश्यक का । साथ ही उसे यह आशा भी थी के एक पल आएगा जब रणवीर उसकी बात सुनेगा और समझ जाएगा कि वो उसके लिए सिर्फ सर्वश्रेष्ठ की कामना करता था । उसे अभी से रणवीर की कमी महसूस होने लगी थी । पर जब उस नहीं हिचके चाहते हुए रणवीर के कमरे की ओर कदम बढाया तो देखा कि वह एक तस्वीर छोड गया था । दीवार पतला भी । रणवीर और लक्ष्य की एक तस्वीर ये सोचते हुए की रणबीर अदा से कितना प्यार करता था और बिहू किस तरह रणवीर पर हावी होती थी और कैसे एक बहस नहीं दोनों दोस्त के बीच घर रिश्ता ही बदल दिया था । लक्ष्य जान रहा था कि रणवीर के जीवन के पिछले कुछ दिन उसके जीवन में हमेशा अंकित रहेंगे और वो भी सर्वोत्तम कारणों के लिए नहीं । पीहू के साथ एक नहीं पारी की शुरुआत करके रणबीर आगे बढने की पूरी कोशिश कर रहा था । उसके लिए ये अभी भी एक संघर्ष था लेकिन उतना बुरा नहीं जितना तक था । जब भी उसके आस पास नहीं थी उसे पीहू को जानते उस समय हो गया था और उसे एहसास हो गया था कि वो उसे किसी भी तरीके से महत्वहीन नहीं समझेगी । उसे एहसास हुआ कि पीहू के फ्लैट में आने के बाद से उसके जीवन नहीं एक अजीब संबो ले लिया था । हालांकि दोनों फ्लैट में व्यवस्थित हो गए थे । फिर भी तनवीर नहीं अगले ही दिन ऑफिस से एक सप्ताह की छुट्टी ले लेंगे । दोनों ने खूब बात की और साथ में अच्छा समय बिताया । उन्होंने साथ मिलकर खाना बनाया और साथ में फ्लाइट भी सजाया । सात दिन तक दोनों में से कोई काम के लिए बाहर नहीं गया । हालांकि वो खर्चों में योगदान करना चाहता था । पीहू कभी कभार ही उसे ऐसा करने देती थी । पीयू के साथ आने से उसके पैसों की काफी बचत हो रही थी । उन्होंने रणवीर को वह कमरा दिया जो पहले उसके मम्मी पापा का था । रणवीर को दीवार पर लगी पीहू की माँ पांच तस्वीरें हमेशा असहज कर देती थी जिनमें से प्रत्येक पर माला टंगी थी । लेकिन जब मुंबई में पवई जैसी जगह पर ऐसा कमरा मुफ्त में मिल रहा हूँ तो कोई बेवकूफ ही मना करेगा । रणवीर का बनाया खाना खाने के बाद का उस पर आराम से बैठकर उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ वाइन की बोतल खोली और अपने परिवार के बारे में बात करने लगे । उसने बताया कि वह अपनी माँ के बनाए खाने को कितना याद करती थी । उसके मन में माँ के लिए प्यार और खुद के ऊपर गुस्से के मिली जुली भावना उमड रही थी । जब उसने रणवीर को बताया कि उसकी माँ कितनी अद्भुत महिला थी, कुछ चीजें थीं जो उसने हमेशा अपने तक ही रखी थी और जब उसने अपने और रणवीर दोनों के लिए चौदह क्लास तो उसकी आंखें अंदर होती सी हो गई थी और उसे अंधेरे में शांति का एहसास दे रही थी । रणवीर की उपस्थिति उसे बहुत राहत दे रही थी । हमें एक दूसरे की ओर मुख करके लेते थे । जब रणवीर ने कहा क्या तुम अपनी माँ के बारे में मुझसे कुछ बात करना चाहूँगी? कंपनी में उनकी अचानक मौत की वजह पूछता हूँ तो हमेशा बात बदल देती हैं । वो एक पल रुकी और उसने एक साथ में पूरा क्लास खाली करके उसे फिर से भर लिया और बोली कभी कभी मैं अपनी आंखें बंद करके पूरे बंद से प्राप्त करती हूँ कि ये सब फिक्स अपना हो और जब मैं चाहता हूँ तो मेरी माँ मेरे पास बैठ नहीं । अत्यधिक थकान के कारण कुछ कहने में असमर्थ भी हूँ । अगले कुछ घंटों तक कुछ बताती और बोलती रही हैं । क्या हुआ था हमारी मांगों? तूने वो प्रश्न सुना जो उसे हमेशा सताता था । मैंने अपनी माँ को अपनी बेवकूफी की वजह से खो दिया । उसने धीमी आवाज कर रहा तो ऐसा क्यों कह रही हूँ? क्योंकि अगर पहले उस रात समझदारी से काम लिया होता तो मैं उन्हें बचा सकती थी । मेरी ना समझे । उन्हें हम से दूर ले गई । हर रात की तरह हम अलग कमरों में सो रहे थे । ऍम टूर पर बाहर गए थे । मैं चोरी से अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थी । मेरे मोहन टाइट हमेशा अगर देखते थे कि कहीं मैं रात देर तक किसी से बात तो नहीं कर रही हूँ । इसीलिए मैं हमेशा पंखा और ऐसी खोल कर रखती थी ताकि मेरी आवाज तब जाएगा । उसकी आवाज और खडा रही थी । मेरी बात है, मुझे आवास थी, मैं उन्हें सुन लेगा । लेकिन मैं अपने बॉयफ्रेंड से बात करने में तल्लीन थी और मैंने सोचा की कोई बात नहीं होगी तो बस ये देखने के लिए मुझे बुखार रही होंगी की मैं हो गई या किसी से बात कर रही हूँ । उसने ऐसे कहा जैसे खुद को समझा रही हूँ । रणवीर ने उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया । उसने अपनी वाइन खत्म कर लिया और रणबीर के क्लास से भी खूब भरने लगी । मेरी बम, हाई ब्लड प्रेशर की वरिष्ठ बेकेले बाथरूम में फिसल गई थी और उनके सिर में चोट आई थी । चोट से खून बहने लगा, तब तक नहीं रुका । जब तक उन्होंने अपनी आप एक साथ नहीं ले ली तो उन्होंने कहा । और रणवीर ने उसे आंसू रोकने की कोशिश में साफ बाहर छोडते हुए बहू को अपना गला कसता महसूस हुआ और उसे विश्वास नहीं हुआ कि उसने अपने दिल में दबी बात बाहर निकाल दी थी । इसके बारे में टाइम भी नहीं जानते हैं । ये बात मुझे खाए जा रही थी और अगर आज मैंने तुम्हें ये बात नहीं बताई होती तो मेरा एक हिस्सा जानता है कि ये मेरा छुपा हुआ राज होता मेरा अपराधो । उसने कहा उसे जितना पीना चाहिए था उससे कहीं अधिक भी छुट्टी थी । सुबह के तीन बच चुके थे । उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है । लेकिन किसी प्रकार बहुत रणवीर को एक उदास उसको राहत देने में सफल हो गई तो मैं कितने दिन ये बहुत अपने अंदर नहीं रखनी चाहिए थी । वो सिर्फ एक हादसा था और मैं खुद को उसके लिए दोषी नहीं समझना चाहिए । रणवीर बोला उसने बहुत देर से अपनी पेशाब लोग कर रखी थी और अब उसने दो कारणों से उसे और रोककर रखने का फैसला किया । पहला पीहू अपने दिल की बात कह रही थी और उसका उठकर चले जाना अच्छा नहीं लगता । दूसरा वो पहले ही पूरे कमरे में लगीं उसके माँ की तस्वीरों से डरा हुआ था और अब जब उसे उनकी मौत का रहस्य पता चल गया था उसने फैसला किया आपके उस रात बाथरूम का इस्तेमाल करने से अच्छा वो अपनी पैंट में ही पेशाब कर लें । अगली सुबह जब मुझे उनकी मौत का पता चला तो मैं कर के क्योंकि मैं जानती थी कि ऍम से कितना प्यार करती थी । एक या दो महीने मैंने अपराध भाव के साथ बिताये और मैं सोचती रही की अगर मैं उस रात एक बार भी उन्हें देखने चली जाती है तो आज हम साथ होते पी होने कहा आपको खोई हुई सी लग रही थी । रणबीर चुप चाप बैठा हुआ सोच रहा था कि ऐसा क्या गए जिससे वह बेहतर महसूस करें । क्या तुम जान कर रहे थे? पीहू का ध्यान वाइन के खाली गिलास पर गया तो उसने पूछा हूँ था कर रहा था ऍम तो और कुछ चाहिए । ऍम कुछ और ऍम उसने जवाब दिया और तभी पे हूँ के साथ छोडे पर उसे शराब की तेज कंधा आई मुझे तुमको आज रात इतनी देर तक नहीं लगाना था तो मैं कल ऑफिस जाना है । अब तो लगभग उठने का समय हो रहा है । अब मेरे लिए ना सोना ही बेहतर होगा । तुम ही हो ना । हाँ मैं ठीक हूँ । सच कह रहे हो गई पूरी तरह नहीं । रणवीर ने कहा तो पीहू को लगा वो नौकरी के संदर्भ में कर रहा है । मंत्री नौकरी से खुश नहीं होना ये कोई नई बात नहीं है । अगर तुम्हें ये नौकरी पसंद नहीं है तो तो हमारे लिए करना जरूरी नहीं है । तो मैं बाद में कोई बेहतर काम मिल सकता है और सच कहूँ तो तुम वहाँ अपना कीमती समय बर्बाद कर रहे हो । रणवीर ने सिर्फ खिला दिया । पीहू ने इस तरह बात करते हुए उसे अदा के साथ हुई बहस याद आ गई । कितनी अलग थी दोनों? उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि कोई उसे नौकरी न जारी रखने के लिए प्रेरित कर रहा था । खर्चो का क्या हूँ? अरे जब तक हम साथ है तो उसकी चिंता मत करो । देखो तो मैं किराया देने की जरूरत नहीं है और तुम उस समय की कल्पना करूँ जो तुम्हें नौकरी छोडने के बाद खुद के लिए मिलेगा । हम साथ में कितने मजे करेंगे उसके बहुत जरूरत है । हमें स्पीच तुम अपनी पसंद का काम ढूंढ सकते हो । शायद कोई राइटिंग का काम ये सब इतना आसान नहीं है । पी हो उसने सिर्फ खिलाया । मैं दिन भर से ये सोचने की कोशिश कर रहा था की क्या मुझे कोई प्रोडक्शन हाउस में नौकरी मिल सकती है और मैं अभी भी यकीन से नहीं कह सकता कि किसी को मेरी जरूरत होगी ये भूल जाऊँ । मैं तो ये भी नहीं जानता कि अगर वे लोग मुझे इंटरव्यू के लिए बुलाते हैं तो मैं क्या करुंगा । मैंने कहा नहीं मैं मतलब को कभी इस तरह हिम्मत हाथ से नहीं देखा । पीहू बोली और बातचीत का विषय गंभीर होने के बावजूद वो मतलब के और अपने व्यक्तित्व के अंदर को पीहू के सामने फिर से साबित नहीं करना चाहता था क्योंकि उसमें अभी अभी अपनी माँ के मृत्यु को याद करते हुए कुछ कमजोर पल बिताए थे । कुछ देर बाद उसने सोचा कि शायद ये उसके लिए नौकरी छोडकर अपने लेखन पर ध्यान केंद्रित करने का सुनहरा मौका था । वो उलझन में था और सोच रहा था कि उसे टीवी के लिए लिखने में हाथ आजमाना चाहिए । लघु फिल्म लेखन करना चाहिए या फीचर फिल्म लेखन? इस नौकरी में उसके दिलचस्पी बिल्कुल खत्म हो गई थी । उसने खुद से कहा, कोई से एक मौका देखा और स्पीच । पीहू कुछ कुछ कहती रही जो उसके लिए अधिक मायने नहीं रखता था और वास्तव में वो उसके बाद सुन भी नहीं रहा था । जब उसने पीहू की आंखों में देखा तो वह नशे में धुत लग रही थी । उसने अपने हाथ रणवीर के बालों पर रखें, उसकी आंखों में गहराई से देखा और जब उसने रणबीर की ओर देखा तो वो उसे तूफान में पिघलता हुआ महसूस हुआ और वो सोचने लगे कि क्या फिर कभी उसे अपनी पसंद के व्यक्ति अपने सपनों के इंसान रनवीर के साथ ऐसे रोमानी पल बिताने का मौका मिलेगा । पीयूस की ओर पढी तो रणबीर आशा कर रहा था कि वह ज्यादा सांस ना छोडे और उसके मुँह से उस मछली की गन्ना आए तो उसने खाई थी । जैसे ही दोनों प्यार करने लगे रणवीर को खोपोली के अंधेरे जंगलों में अदा को प्यार करना याद आया और उसे एहसास हुआ कि उस रात उन्होंने कितना अच्छा महसूस किया था । उसके बाद उसमें सोचना छोड दिया । उस रात पी हूँ रणवीर के माहौल में तब तक सिमटी रही जब तक उसे नींद नहीं आ गई और फिर वो जोर जोर से खर्राटे लेटी हुई हो गई ।

muskurane ki wajha tum ho 18

हमारी मुलाकात वैसी नहीं रही जैसी शायद मैंने कल्पना की थी या जैसी होनी चाहिए थी । उस रात कहते में जो हुआ वो सीधे शब्दों में दिल तोडने वाला था । मुझे एहसास हो गया है कि मुझे हमेशा से तुमसे प्यार था और सिर्फ एक स्वास्थ्य बदलाव और ध्यान पाने की तलाश में मैं दुर्घटना बस एक गलत रिश्ते में खुद के तुम्हारे साथ मुझे जीवन जीने की भावना महसूस हुई है और अब जब समय में पीछे जाकर मैं खुद को फिर तुम्हारे साथ देखती हूँ तो खुद को सबसे ज्यादा खुश पाती हूँ । मुझे अफसोस है कि मैंने तुम्हें तब छोडा जब शायद तुम्हें मेरी सबसे ज्यादा जरूरत थी । मैंने तो कभी कोई दोस्त बनाते नहीं देखा और बचपन से तुम्हारे लगे सकता मैं थी । जब भी मेरे मम्मी पापा के बहस करने और लडने से मैं डर जाती थी, तुम हमेशा मेरी मदद के लिए आ जाते थे चाहे तुम कितने भी व्यस्त होते हैं । मैं जानती हूँ की जब मेरे मम्मी पापा अपने जीवन में व्यस्त थे और आपने अनचाहे बच्चे अपनी उप्स बेबी को लगभग भूल गए थे और मैं सोचा करते थे कि उन्हें कभी नहीं देखूंगी । तब तुम ने मुझसे कहा था कि मैं जहाँ भी जाऊंगी तो मेरे साथ आओ और जब मैं बोर्डिंग स्कूल गई तो तुम ने अपनी बात रखी । कुछ कितना अच्छा लगा था । जब पढाई से बोर हो जाती थी तो मुझे कंपनी देते थे । मेरा बोर्ड खराब होता था तो मुझे हंसाते थे । जिस तरह हम बात करते थे और मुझे चीजें समझाते थे जो मायने रखती थी मुझे अच्छा लगता था । कुछ मेरे जन्मदिन पर रेडियो खोलना और अपने लिए एक समर्पण की अपेक्षा करना भी आते हैं । हमारे दोस्ती के पंद्रह सालों में मैंने खुद को सबसे अधिक तुम्हारे निकट समझा और किसी के नहीं । मैं आज सुबह से सोच रही हूँ तुमने जो कहाँ मुख्य का क्या तुमने पूछे छोडते हुए जो कहा को गंभीरता से कहा था वो सच में तुम थे या कोई और तुमने उससे पहले कभी ऐसी बात नहीं नहीं । मैं स्वीकार नहीं कर रही हैं । बस में थोडी निराशा रिहान हमें तो अनंतकाल तक साथ रह रहा था तो मैं इस तरह सब खत्म नहीं कर सकते । हम पहले ही अपने रिश्ते को पंद्रह साल देख चुके हैं और थोडी और कोशिश के साथ हम हमेशा के लिए दूसरे के हो जाएंगे । ये दुनिया लगभग हर मिनट रंग का बदल रही है और मैं इस दुनिया में तुम्हारा सबसे पसंदीदा, तंग, पसंदीदा तारीख और पसंदीदा इंसान बनी रहना चाहती हूँ । रणवीर से सहयोग कश्मीर और मुझे याद है कि कुछ ही मिनटों में मुझे उससे प्यार हो गया लेकिन कोई भी चीज मुझे वैसा नहीं महसूस करा पाई जैसा सालों पहले तुम ने कराया था । तो तुमने मुझे पहली बार प्याज का एहसास करा । तुमने मुझे महसूस कराया कि ये एहसास कैसा होता है । काम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि मेरे जीवन की पूरी आशा थी । जब लोग मेरे मम्मी पापा और मेरे बारे में पूरा बोलते थे । तुम हमेशा मुझे गले लगाकर सांत्वना देते थे और मुझे विश्वास दिलाते थे कि तुम हमेशा मेरे साथ रहोगे और कभी शिकायत नहीं करोगे । तुम्हें मुझे तब भी समझा जब मैं किशोरावस्था से जवाब ही में आए और तब भी समझा जब मैंने रिश्ते में तुम्हारे ऊपर किसी ऍम कि अफसोस की बात है कि मैं उस इंसान को नहीं समझ पाई तो शायद मुझे सबसे ज्यादा समझता था । तो मैं कभी ऐसा कहाँ भी नहीं कि तुम मेरे अलावा किसी और से शादी करोगे? तुमने मुझसे हमेशा कहा की अगर मैं नहीं तो कोई और भी नहीं होगी और इस बात के लिए मैं तुम्हारी सराहना करती थी और तुम हु पता हो मेरा विश्वास करते हैं । शायद उस दिन जितना लगा था ये सब उससे भी बत्तर है । तुम चाहते हो मैं माफी मांगूं पहले कई बाहर ऐसा क्या और मैं फिर से कर लूँ की लेकिन ऍम वापस आ जाओ । कुछ लगता है भारे पाहे में जो चीजें मुझे सबसे ज्यादा अच्छी लगती थी वो ही तो भारी मुझे महत्वपूर्ण महसूस कर रहा हूँ । रणवीर तो हमेशा से व्यस्त था पहले अपना उपन्यास लिख देंगे फिर आपने अवसात में फिर अपनी नई नौकरी पे । अब पूरे साल में मुश्किल से बीस बार मिले थे जब की हमारे घर सिर्फ दस मिनट की दूरी पर मैंने जीवन में उसकी प्राथमिकताओं के बारे में बात करने की कोशिश की लेकिन वो उसके बारे में बात करने के लिए भी बहुत व्यस्त था । मैंने हमेशा चाहा कि वो अब सात से बचने के लिए काम करें लेकिन उसने मेरी बात का गलत मतलब निकाल लूँ । उसे लगा मैं नहीं चाहती कि वो अपना सब तक पूरा करें । चल मेरे पापा उससे बात कर रहे थे तो उसने उन्हें भी उल्टा जवाब दिया है । उसे लगा मैं पापा का पक्ष ले रही नहीं और मैं अपने भविष्य को जोखिम में नहीं डालना चाहती थी क्योंकि मेरे पापा के अहम को चोट पहुंची थीं । उसे लगता था मैं हमेशा उसके जीवन पर शासन करने की कोशिश करती थी जबकि वास्तव में मैं बस उसके जीवन में अपनी जगह को लेकर अधिकार रात तक थी । उसे लगता था वो मेरा अहंकार था जो समस्याएं पैदा कर रहा था । लेकिन असल पे समस्याओं का कारण विश्वास पे एक मुद्दे थे जिनके बारे में मैंने कभी चर्चा नहीं की थी । मैंने उनके बारे में कभी बात नहीं की थी क्योंकि अपने पेरेंट्स से अलग होने के बाद मुझे हमेशा रणवीर को खोने का डर लगा रहता था तो उसे सबसे प्यार करती थी । इतना प्यार जितना मैंने तो कभी नहीं किया था । लेकिन अब मुझे ऐसा हो रहा है । उसके उसके साथ सब बलिदान थे और तुम्हारे साथ हमेशा के लिए प्यार । हालांकि मैं यकीन से नहीं कर सकती क्योंकि सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि मैं इसके बारे में सोच नहीं सकते । पर ऐसा कि तुम हमेशा कहते थे मैं दिल की ज्यादा सुनती हूँ और विभाग के काम । हाँ, मैं तुम्हें बता सकते हैं की मुझे कितना पूरा लगा लेकिन मैं नहीं बता सकती हैं । मुझे मेरे होश में वापस लाने के लिए तो भारत और बच्चे का शुक्रिया । पीछे तुम्हारे साथ बेटे रिश्ते का समर्थन करती है लेकिन उसे लगता है कि हमें घर के बाहर नहीं बल्कि घर में ही मिलना चाहिए । चाय वो चाहती है कि हमें अकेले में समय बिताने का मौका जैसे हम पहले बिताते थे । जब भी मैं तुम्हारे साथ कोई योजना बनाते हो तो साथ खाने के लिए बना कर देती है । अच्छा तो हमें समय देने की कोशिश कर रही है जिसकी हमें जरूरत है किसी ना किसी तरह वो भी मुझे और मेरी दुनिया को समझती है और उसकी वजह से मुझे मेरे पेरेंट्स की कमी नहीं महसूस होती है । मैं उसे अपने दिल की सारी बात कहती हूँ और उस पर खुद से ज्यादा विश्वास करती हूँ लेकिन हूँ मैं उस पर उतना विश्वास नहीं करते जितना तुम पर करती हूँ । मुझे अभी से तो भारी बहुत याद आ रही है । तुमने मुझे मेरे जीवन में इतना कुछ दिया है कि मुझे लगता है एक तरह से तुम्हें मुझे अपने सबसे जैसे प्यार से भिखारी दिया है । लखनऊ से हान ही लक्ष्यों नहीं, मुझे अपना प्यार वापस मत ले जाना हो । मैं अपने बरता हूँ के लिए बहुत शर्मिंदा हूं । फॅस इस बात को समझो की मेरे बेटे के लिए बहुत मुश्किल समय था और तुम से मुझे उम्मीद मिलती है तो भारी बहुत सूद की मुझे उम्मीद देती है और हमेशा देती रहेगी । उसे बहुत खुशी है उसे तुम्हे छानने का तो हमारे साथ रहने का और प्यार करने का मौका मिला । क्या ये अधिकार किसी और को बतते? मैं हूँ और मैं खुद को अपना बाकी जीवन तो भरे और सिर्फ तुम्हारे साथ बिताते हुए देखती हूँ । आशा है इस पत्र को पढने के बाद तो मुझे सोच अच्छा अदानी पत्र लिखने के बाद एक गहरी सांस ली । उसने सेंड बटन दबाने से पहले दो बार से पढा और कुछ सेकंड के अंदर उसकी मैं चली गई । जवाब में उसे तुरंत एक ईमेल मिला हालांकि वो रेहान नहीं नहीं भेजा था । रणवीर अगली सुबह ढाका हुआ लग रहा था । सुबह सुबह उसे उल्टी हुई थी और उसने फैसला कर लिया था कि अब वो पीहू के साथ ड्रिंक नहीं करेगा । ऑफिस जाने से पहले उसने अपने बालों में अच्छे से काम भी की और चश्मा पहन लिया । रात को ज्यादा पी लेने पर वो हमेशा ऐसा ही करता था ताकि बहुत साफ सुथरा और शांत लगे । उसे एहसास हुआ कि पी हूँ । एक शराब की आदी लडकी थी जिसने पूरे हफ्ते लगातार शराब की थी । उसने कभी नहीं सोचा था कि उस की कल फ्रेंड ऐसी लडकियों में से एक होंगे । वो जानता था कि पीहू को अपने साथ शॉपिंग करने के लिए लोगों को मजबूर करने की कला आती थी और फिर लोग उसके साथ बातचीत में स्थान लखनऊ हो जाते थे । पिछले हफ्ते उसने भी अच्छे खासे ट्रेन कर ली थी । जितनी करनी चाहिए नहीं । उससे अभी पिछले एक हफ्ते में उनसे आलसी भी बना दिया था तो फ्लाइट से बहुत कम निकला था । कुछ ही देर में वो ऑफिस पहुंच गया और ऐसा करने वाला वो आखिरी करना चाहता था । राजीव ने जैसे ही उसे देखा तो अपने केबिन से बाहर निकल आया । ऍफ राजीव ने उसके पास आकर पूछा तो रणबीर को उनकी पिछली मीटिंग की याद नहीं है । उसने किसी तरह के व्यंग्य की अभिव्यक्ति के लिए राजीव का चेहरा देखा लेकिन उसे कुछ नजर नहीं आया । मैं ठीक हूँ । राजीव रणवीर ने सस्ता से जवाब दिया बढिया तो मैं देख कर खुशी हुई हूँ । राजीव नहीं रणवीर उसके व्यवहार से हैरान हो गया । वैसे भी रणवीर के दिमाग में और महत्वपूर्ण चीज चल रही थी और उसके विचारों के केंद्र में मुख्य रूप से पिछली रात उसके और पीहू के बीच हुई बातचीत थी और पल भर बाद उसके और राजीव के बीच में क्या तुम मेरे केबिन में आ सकते? प्लीज? राजीव ने कहा तो रणबीर सोचने लगा की क्या बात हो सकती है? चलो राजीव नहीं फिर का क्या? ये ऍम रणवीर ने राजीव के केबिन में प्रवेश करते हुए पूछा हूँ । ऑफिस के सहकर्मी उसे जेल कहते थे जहाँ आपको राजीव की मूर्खता और अहंकार की सजा सुनाई जा सकती थी । रणवीर हमेशा सोचता था कि किसी दिन वो अपने कॉरपोरेट जीवन पर एक उपन्यास लिखेगा और राजीव को एक नकारात्मक चलचित्र बनाएगा । जो एक दिन अपने कर्मचारियों के हाथ हूँ, देखता है । एक बदलाव के तौर पर उसने उसे डर नहीं लग रहा था ना राजीव का और नौकरी खोने का । उसने तय कर दिया कि अगर राजीव उसे नौकरी छोडने को कहेगा तो वह दया की भीख नहीं मांगेगा । उसका विवाद तेजी से चलने लगा और वो उन बातों का अंदाजा लगाने लगा जो राजीव कह सकता था । वो उस आपकी सही अच्छी चीजों की अपेक्षा नहीं कर सकता था । जी से चिल्लाने के अलावा कुछ नहीं आता था । अच्छा होगा अगर तुम रीजनल डिपार्टमेंट का कार्य बाहर हूँ । अंतर तो उसने कहा तो रणवीर जैसे उलझन से देखने लगा । उसने एक पल रुककर इंतजार किया कि शायद राजीव कुछ और कहेगा । पर राजीव ने कुछ नहीं कहा तो उसने पूछा क्यूँ? रणवीर समझ नहीं पा रहा था कि इससे क्या अनुमान लगाए । वास्तव में वो उस वार को नहीं समझ पा रहा था जिसका राजीव प्रयोग कर रहा था । एक लंबी छुट्टी के बाद राजीव फिर बोलता हूँ, बस जितनी जल्दी हो सके जिम्मेवारी संभाल लोग क्या बात है तो तुम संरचना में आ जाना कितना बदलाव क्यों कर रहे हो? रणवीर ये सोच कर हैरान था कि राजीव उसे दोगुनी पदोन्नति कीमतें रहा था । तो हमारे सुझावों तो भारत दृष्टिकोण तुम्हारे टीम पर तुम्हारे भरोसा नहीं । हमें आप प्रत्याशित परिणाम दिए हैं । एक तरह से तुमने मुझे विश्वास दिला दिया कि तुम बडी भूमिका के लिए बने हो । तुमने मिलिंद पर विश्वास दिखाया जिसने इस महीने में हमें बारह लाख का व्यवसाय दिया और जब तुम छुट्टी पर थे तो तो भारत क्लाइंट उन्नीस लाख का व्यवसाय रेडियो किया और मुझे एक में लिखा कि तुम्हारी पोस्ट ऍम सर्विसेज का मार्केट में कोई जवाब नहीं है । तुम सही थे, ग्राहको सर्विस देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है । और सबसे जरूरी बात मुझे अहसास हो गया कि मैं शायद सब कुछ गलत तरीके से कर रहा था । मुझे अब अपने नीचे रिपोर्ट करने वाला ऐसा आदमी चाहिए जिसके सुझाव लाभदायक हूँ और कंपनी की बेहतरी के लिए हो । रणवीर कुछ नहीं बोला लेकिन उसकी नजरें राजी पट्टी की नहीं । मैं जानता हूँ कि ये मेरा स्टाइल नहीं है लेकिन मैं फिर भी कहना चाहता हूँ की कंपनी तो तुम्हारे जैसे लीटर हो नहीं हो सकता हूँ । मैं चाहता हूँ तुम्हें इस्तीफा देने के अपने निर्णय पर दोबारा गौर करूँ । लेकिन मैंने कब कहा कि मैं इस्तीफा देने के बारे में सोचता हूँ । तुमने कभी काम से एक हफ्ते की छुट्टी नहीं ली और आज जब तुम हाथ में कागज लेकर आए तो मैं समझ गया कि वो तुम्हारा इस्तीफा ही होगा । राजीव ने कहा, जब आप अनुभवी होते हैं तो आपको ये सब समझ में आ जाता है और हाँ मैं तुम्हारे लेखन के बारे में कुछ नहीं काम और किसी समय तुम्हारी नोबेल पढना भी जाऊंगा तो कोई बहुत ही क्या जानकारीपूर्ण किताब नहीं है जो तुम्हें पसंद आएगी तब किस बारे में है? वो अरे वो एक लव स्टोरी है । शुरुआत से बताऊँ ये बातचीत होती जा रही हैं । राजीव मुस्कुराया और उत्साहित होकर एक आप दबाते कुछ खास नहीं है उसमें । लेकिन वो मेरी अपनी कहानी से प्रेरित है और मैं उसे इसलिए प्रकाशित करवाना चाहता था ताकि प्याज के निशाने के रूप में अपनी गर्लफ्रेंड को भेज कर सकूँ । रणवीर ने देखा ताजी प्रभावित लग रहा था तुम सुबह से शाम तक काम करते हो । मेरे जैसे बहुत को झेलते हूँ और फिर में तो मैं नॉवल लिखने का समय मिल जाता है । शाबाश तो उस प्रतिभा को पहचानने में लखनऊ की फल रहा हूँ और सबके पास नहीं होती है । राजीव ने कहा और उसका ये नया रूप देखकर रणवीर के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गए । राजीव मुझे इस काम में मजा नहीं आता । मैं तुम्हारे प्रस्ताव के लिए दिल से शुक्रिया कहता हूँ । लेकिन मैं लेखन क्षेत्र में काम करना चाहूंगा । एक असली नौकरी जो मुझे अच्छे पैसे थे, ट्रेन नहीं तो मैं इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि जीने के लिए तो मैं पैसों की जरूरत होगी । मुझे यकीन है तो मैं घर का किराया देना होगा । कई द्वारा के खर्च करने होंगे तो तुम्हारे कल फ्रेंड होगी तो किसी दिन तुम्हारी पत्नी बनेंगे और तब तो मैं खुद के घर की जरूरत हुई की नौकरी तुम है वो सब दे सकती है । मेरा विश्वास करूँ । मैं ये सब लेखन कार्य की मदद से करना चाहूंगा । तुम पांच मिनट में अपने मेल चेक करके खुद निर्णय लेना । इस नौकरी को तबतक पकडकर रखो जब तक तो मैं तुम्हारी पसंद का काम नहीं मिल जाता । राजीव ने कहा रणवीर मुस्कुराया और अपने पीछे दरवाजे बंद करते हुए उसे एहसास हुआ कि इससे पहले उसने तो ऑफिस में या राजीव के साथ इतना सुरक्षित कभी महसूस नहीं किया था । कुछ देर बाद रणवीर नहीं आधिकारिक ईमेल देखा तो उसकी आंखे फैल कर हो गई । अचानक वो ऐसी नौकरी में करियर के अवसर देखने लगा जो अब तक उसे बोर्ड करती थी । अपनी कुर्सी पर बैठा हुआ वो ऑफर लेटर को देखकर मुस्कुराया जा रहा था और फिर एक लंबे समय तक वो कंप्यूटर के तीन को घूमता रहा । प्री रणजी पदोन्नत होने पर बताई जैसे कि हमने चर्चा की थी । हमें आप को प्रस्ताव भेजते हुए खुशी हो रही है । वितरण नीचे दिया हुआ है । पदनाम रिजनल ही क्षेत्रीय प्रमुख अस्तर सीनियर डिप्टी मैंने चार वरिष्ठ प्रबंधक वेतन काम नीचे दिए अनुसार सादा राजीव राष्ट्रीय प्रमुख ऍम शाम को जब सूरज जो बीच की लहरों के नीचे जाने लगा तो रणबीर पीहू को देना के लिए बाकी है । ऑफिस से लौटने के बाद से रणवीर खुश था और उसका ये तरीका था उस दिन का जश्न मनाने का जो अच्छा पीता था । कुछ देर बाद बीच ही और बैठे रणवीर के लिए अपनी मुस्कुराहट छुपाना संभव हो गया । पेरू समझ गए कि कोई खास बात थी । रणवीर ने कुछ कहा नहीं लेकिन अपने हाथ में पकडा चम्मच सुनाता रहा । उस दिन रनवीर जैसा लग रहा था उसमें कुछ अलग बात थी । मुझे सब बताऊँ और प्लीज शुरुआत से बताऊँ । पीहू बोली चम्मच को किनारे रखकर रणवीर आगे चुका और फिर उसने ऑफिस में प्रवेश करने से लेकर राजीव का ईमेल मिलने तक की सारी बातें पीहू को बता दी । पीयूके चेहरे पर एक बनावटी मुस्कान नहीं और एक पल सोचने के बाद तो बोली मतलब तुम्हारे बहुत राजीव को अच्छा सबक मिल गया । रणवीर में मुस्कुराकर हो रहा है हूँ तो इतना भी बुरा नहीं है । क्या पता हो सकता है तो मैं उसका सबसे खराब रूप देखने को मिल जाता है । अगर तुम आज इस्तीफा नहीं देते हो । मैंने आज इस्तीफा नहीं दिया होगा । रणवीरपुर गिरे नेपकिन से आपने होड साफ करते हुए हो । तुम सच कह रहे हो । तभी बेटर आ गया और उन्होंने अपने लिए मछली ऑर्डर करते हैं । रणवीर नहीं सिस्टर मंगाया । रनवीर मुस्कुराते हुए सिर्फ खिलाया । वह लोग मुझे काफी अच्छे पैसे दे रहे हैं । इनके तो तुम्हारा सपना नहीं है मैं मानता हूँ । लेकिन जैसा कि राजीव ने कहा मैं ये काम तब तक करता रहूंगा जब तक मुझे अपनी पसंद का काम नहीं मिल जाता हूँ तो ये अच्छा सौदा लगता है । पाखंडी की तरह काम मत करो । बिहू नहीं । चेहरे पर गंभीर भाव लाकर का जो रणवीर के समझ में नहीं आया । मैं समझा नहीं । रणवीर भौंहें उठाते हुए कहा मेरे उम्मीद थी कि तुम ये नौकरी छोड दो, अपने दूसरे उपन्यास पर काम करोगे और मेरे साथ समय पिता हूँ । हमने ये कपडा किया था । अब एक दूसरे के साथ बहुत अच्छा समय बिता रहे हैं और मैं तुम्हारे साथ और अच्छा समय बिताना चाहती हूँ । लेकिन अगर मैं भी ऐसा महसूस न करो तो बिहू नहीं । आप हमें स्पष्ट कोर्ट के साथ उसकी ओर देखा । उसने एक पल रुककर अपने विचारों को शांत किया और बोली जितना गहरा ये सब था और जितनी मैं भारी परवाह करते हो उससे मुझे लगता है कि तुम्हें भी ऐसा ही महसूस करना चाहिए । तो फिर उन सब चीजों का क्या? तो मैं अपने जीवन से चाहता हूँ, वहाँ बच्चा हूँ । तुम पहले से जानते होगी । ये वो आदर्श जीवन नहीं है जो तुम छीना था । हो गई तुम मेरा आदर्श जीवन कैसा होना चाहिए? मैं निश्चित रूप से जानती हूँ कि हम उस फ्लैट पर अपने तरीके से जीवन जी सकते हैं । तो ये नौकरी करने की जरूरत नहीं है तो बस वहाँ मेरे साथ रहने की जरूरत है और तुम जीवन भर उपन्यास लिख सकते हो । क्या यही वह कीमत है जो मुझे चुका नहीं । रणवीर ने पूछा । उसी समय बेटर उनका खाना लेकर आया । और भी हूँ धीरे धीरे अपनी मछली खाने । रणवीर को अब अपने सिस्टर में कोई दिलचस्पी नहीं रह गई थी । क्या मतलब है तुम्हारा? तो ऐसा क्यों किया हूँ? ये कोई कीमत नहीं है, सिर्फ एक विचार है । तुमने मेरे बदले मेरे जीवन के फैसले कब से लेने शुरू करती है? रणबीर बहु का ये रूप देखकर छाप दिया था उन्होंने उसकी वो देखा रणवीर मैं काफी समय से ये देखता हूँ मैं तुम्हारे फैसले नहीं ले रही हूँ । मैं बस उस प्यार को जीना चाहती हूँ जो जानवी और आपके बीच था और मेरा विश्वास करूँ । पिछला हफ्ता मेरे लिए इतना मायने रखता है जितना तुम शायद सोच भी नहीं सकते । आगे जाकर शायद एक आक साल बाद तो मुंबई में मेरे डैडी का बिजनेस संभाल सकते हैं और साथ ही उपन्यास भी लिख सकते हो । साल भर चलाने के लिए हमारे पास पर्याप्त पैसे देखो । मैं तुम्हारे आराम का कितना ध्यान रखते हैं और तुम मुझे कह रहे हो कि मैं तो भारी जोर से फैसले ले रही हूँ । तूने तीस हस्ता से कहा की रणबीर सोचने लगा उसने सही सुना था या नहीं । एक साल एक लंबा समय होता है और हम निश्चित रूप से नहीं कह सकते की तब तक हम साथ रहेंगे या नहीं । क्या तुम ईमानदारी से कह सकती हूँ कि तुम एक साल बाद भी मेरे साथ ऐसा ही महसूस करोगी जैसा भी करती हूँ? हाँ वो बोली मैं कह सकती हूँ तुम इतने यकीन से कैसे कर सकते हो । तूने अपनी आंखे बंद करेंगे और एक बाल के लिए रणवीर को लगा कि वह होने वाली है । इस अहसास में उसे उसकी कल्पना से ज्यादा शर्मिंदा कर दिया और उसे अपने धीरज का अंतिम खतरा खत्म होता महसूस हुआ । उसने गुस्से से पहले ऊपर देखा, फिर बगल में और फिर उसकी निगाहें पीहू पर दिख गई । उसे घूमते हुए हैं । उसके इस एहसास के साथ एक गहरी साफ नहीं कि सब कुछ गलत हो रहा था । उसे पीहू की हर चीज से नफरत होने लगी । वो कुछ कह नहीं पाया । लेकिन अर्थपूर्ण विरोध के आप एक में वो जानता था कि वह उसके विचार सुन सकती थी और ये शायद उन्हें कहने से बेहतर था । एक लंबे बाल के दोनों में से किसी को समझ नहीं आया कि क्या कहें । नहीं । उन्होंने अपना खाना खत्म फिर भी होने जबरदस्ती मुस्कुराते हुए गा । ये सब सच नहीं हो सकता । मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा नाम मुझे इस तरह लडाई करेगा । उसने रणबीर का छह हुआ । हालांकि पिछली रात बहु की कहानी सुनने के बाद रणवीर को उसके लिए पूरा महसूस हुआ ना? लेकिन वह जानता था कि अगर वह पीहू की भावनाओं के आगे हार मान लेगा तो सब कुछ बदल जाएगा । वो झूठ नहीं बोलना चाहता था और इस बारे में वो निश्चित था ।

muskurane ki wajha tum ho 19

मेरा नाम नहीं जानता हूँ कि वो एक राजकुमार के जिंदगी जिएगा । मेरा बेबी आज रात मुझे प्यार करेगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा । रणवीर के चेहरे के भाव और उसका गुस्सा और निराशा व्यक्त कर रहे थे । पीयू का ध्यान शायद उस ओर नहीं गया था इसलिए वो डर गई । मैं अरनब नहीं हूँ, वो सिर्फ एक चरित्र है जिसे मैंने बनाया था । ज्ञान जैसी भी कोई लडकी नहीं है वो भी मेरा बनाया । एक चरित्र हमारे वास्तविक जीवन में मौजूद नहीं है । कोई भी किसी से इतना प्यार नहीं करता हूँ । वो सिर्फ एक कहानी है जो मैंने लिखी थी । अब अब और चांदी अभी भी साथ हैं और मैं उसका पन्यास की अगली कडी लिखता हूँ । जब की मेरा और मेरी गर्लफ्रेंड का एक महीने पहले ब्रेकअप हो चुका है और प्यार करने के बारे में भूल जाऊंगा । भारे मुझसे मछली की बदबू आती है । पिछले रात जब तुमने मुझे किस किया तब भी पता होगा रही थी और अभी भी आ गई है । तुमने कहा था कि तुमने उससे तीन साल पहले रिश्ता तोड लिया था और तुम उस सबको इसलिए नहीं तोडना चाहते थे क्योंकि वो बहुत महंगा था और उससे तो भारत रिश्ता कोई मायने नहीं रखता था । आपने वैसे भी वह तोड दिया था । बात कब की नहीं है, झूठ की है । अब तो मुझे ये भी लग रहा है कि तुम कभी भी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ हो रहे हो या फिर पता नहीं किन लडकियों के साथ तुमने भी तो मुझे नहीं बताया था कि तुम्हारा ऍम था जिसके साथ तुम तब चाय करते थे जब तुम्हारे मॉम बिस्तर में होती थी । आपने सीमापार मत करो, मिस्टर रन भी । उसने कहा, मैंने कभी झूठ नहीं बोला । मैंने सिर्फ इसलिए नहीं बताया क्योंकि तुमने पूछा नहीं हो चुके तो भारत डैडी ने पूछा नहीं की तुम्हारी माँ बहुत इस समय काम कहादेश । ये तुमने नहीं बताया कि तुम अपने बॉयफ्रेंड से चैट करने में व्यस्त थी । पीहू खडी हो गई और रणवीर को जोर से थप्पड मारा । वो गुस्से, क्रोध और अपराध भाव से सुन रही थी । रणवीर के ये सब कहने से पहले उसके अत्यधिक अधिकार भावना के अंजाम के बारे में नहीं सोचा था । पहचानते थे कि अब सब कुछ बदल जाएगा क्योंकि दोनों ने ही गलत समय गलत जगह पर अपनी सीमाएं पार कर ली थी और ये शर्मिंदगी हमेशा के लिए उनके जीवन की दिशा तय करने वाली थी । रणबीर कुछ नहीं बोला लेकिन उसकी आंखें बहुत कुछ कह रही थी । हो जानती थी कि वह उससे बात नहीं करेगा और एक घंटे बाद जितनी तेजी से वो अपने पिछले फ्लैट से सामान लाया था, उतनी तेजी से बिहू के फ्लैट से बाहर ले गया । उन्होंने कुछ नहीं कहा और रणबीर को एक बडी से कैब में चाहते देखते रहेंगे अपने सभी बैंकों के साथ जिनमें से ज्यादातर उसने खुले भी नहीं थे । रणवीर का दिमाग घूम रहा था और वो कहीं दूर भाग जाना चाहता था । उसे लक्ष्य की कमी महसूस हो रही थी और जैसे स्थिति में उसने खुद को डाल लिया था, उस पर अफसोस हो रहा था । पीहू ने उसे कॉल किया लेकिन उसने जवाब नहीं दिया । रणवीर के जाने के बाद बहुत दुखी महसूस कर रही थी और अपने सपनों के व्यक्ति अलग और अपने प्रिय लेखक रणवीर के साथ रहने के उसके सपने छूट वूट हो गए थे । वो जानती थी कि वो कभी किसी को उतना प्यार नहीं कर पाएगी जितना वो रणवीर को करती थी । लेकिन वो ये समझ गई थी कि अपने अच्छे इरादों के बावजूद में कभी साथ नहीं रह सकते थे क्योंकि अभी संगत नहीं थी । रणवीर के चेहरे पर उस एक थप्पड नहीं । वे सभी उम्मीदें और सपने तोड दिए थे । जो भी हो को रणवीर से थे । अब दोनों के लिए सब कुछ खत्म हो चुका था और जब अपने अपने स्थानों में दोनों ने उस घटना के बारे में सोचा तो उन दोनों को ही उस अंतिम डिनर डेट का अब सोच हुआ क्योंकि उसने दोनों को और कुछ नहीं बल्कि जीवन भर के लिए तनात यादव दे दी थी । सडके खाली थी और सडकों पर लगी आधे लाइटें काम नहीं कर रही थी । दूर कहीं लोग छत के नीचे आश्रय लेने की कोशिश कर रहे थे । पीयू और रणवीर के बीच हुआ उसकी कोई आसान परिभाषा नहीं । वो उसका बॉयफ्रेंड नहीं था क्योंकि रणवीर ने किसी रिश्ते का वादा नहीं किया था लेकिन उन्होंने कुछ पल साझा किए हैं । हालांकि रणवीर की इच्छा के विरुद्ध वे सामान्य दोस्त नहीं थे लेकिन उन्होंने कुछ ऐसा साझा किया था जो सामान्य दोस्ती की सीमा के आगे था । रणवीर सोच रहा था कि पीहू को छोडने का फैसला सही था या नहीं । क्यू के साथ अपने रिश्ते को पढकर रणवीर ने क्या सीखा होता? शायद अदा के साथ उसके रिश्तों का विवरण और तुलना क्या लक्ष्य के साथ उसका बंधन और कैसे वो बंधन निकल गया । ये सब चीजें उसके दिमाग में चल रही थी और उसे कुछ भी अपने पक्ष में नहीं लग रहा था । उस रात पीहू अकेली थी । रणबीर भी अकेला था । रणवीर सोच रहा था की क्या होता है अगर वह पूरा जीवन पीहू के साथ देता था शायद वो उससे शादी कर लेता हूँ और हालांकि उसे पे हूँ कि एक अच्छी पत्नी होने का संदेह था । उसे ये नहीं लग रहा था कि वह खुद उसके लिए एक अच्छा पति साबित होता या नहीं । कैब रुक गई और ड्राइवर को पैसे देने के बाद भी रणवीर काफी तेज वहीं खडा रहा । फिर उसने लिफ्ट का बटन दबाया और अपनी मंजिल पर पहुंच गया । उसने घंटी बजाने की कोशिश की लेकिन शायद वो काम नहीं कर रही थी इसलिए उसने दरवाजा खटखटा दिया । वो रात उसके लिए बहुत लंबी होती जा रही थी और जब दरवाजा खुला तो उसके गले में जैसे कुछ फंसने लगा और वह कुछ तेज चुपचाप वहीं खडा रहा । वह सौ बातें कह सकता था और उसे हजार अलग जवाब मिल सकते थे लेकिन वो बिना एक सामान्य अभिवादन के अंदर चला गया । देशों से देखकर मुस्कुराती । वो जानते थे कि रणबीर क्या पूछने की कोशिश कर रहा था । वो अंदर है परेशानी का । रणवीर ने दरवाजे से लक्ष्य को देखा और सोचने लगा कि उसे देख कर लक्ष्य की क्या प्रतिक्रिया हूँ । लक्ष्य बेडशीट मोडने की कोशिश कर रहा था । उसने दीवार पर लगी हर चीज हटा दी थी, जिसमें उसकी और रणवीर की एक तस्वीर भी शामिल थे । ये देखकर रनवेज मुस्कुरा दिया । जब सांस लेने की आवाज सुनकर लक्ष्य मोरा तो उसे देखकर उसने दो कुर्सियां और आगे झुककर बैठे हैं तो मुझसे बात करना चाहते थे । लक्ष्य ने रणबीर हैं हाँ रणवीर बहुत बताया । रणवीर एक पल के लिए सोच में पड गया । वो जानता था कि ये दोनों के लिए एक अजीब था । कैसे हो मैं अच्छी हूँ । लक्ष्य ने कहा और रणवीर उसके करीब हो सकता है । तुम अपना सामान पैक कर रहे हो । रणवीर ने झुककर कुर्सी पर बैठकर में पूछ रहा हूँ, मैं कृष्णा के साथ कहने जा रहा हूँ और इस घर में परसों से कोई और रहने आ रहा है । रणवीर लक्ष्य के जवाब पर विचार करते हुए हैं । उसके आकस्मिक निर्णय को समझने की कोशिश करने लगा । तुम्हे जगह क्यों छोड रहे हो? मुझे किसी के साथ जाने की जरूरत है । मुझे पूरे फ्लैट का किराया अकेला देना पडता है और वो मैं नहीं दे सकता हूँ लेकिन मैं वापस आ गया हूँ । कोई बात नहीं हम सीधे मकान मालिक से बात कर के देख लो और अगर तो मुझसे इसी बारे में बात करना चाहते थे तो मुझे बहुत से काम है । मुझे जाना होगा तो मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते हैं । मुझे उस दिन के लिए अफसोस है और मुझे पीहू के साथ रहने के अपने फैसले पर पछतावा है तो मेरे साथ यहाँ रक्षा हूँ । रणवीर लगभग गिडगिडाते हुए बुलाना ऐसा ही होता है । जवाब दोस्ती के नियम तोडते हैं तो आप को अकेले रहना पडता है । हमने खुद मुझे यह सिखाया है । मैं वापस नहीं जा सकता । लक्ष्य मुझे सच में तुम्हारी जरूरत है । मुझे भी तो भारी जरूरत थी । जब तुमने मुझे उस पाँच नदी के सामने अपमानित किया । कुछ सोचा है । मैंने कहा मैं माफी चाहता हूँ तो मैं ये सब पहले सोचना चाहिए था । रणबीर खबर आ गया और अब अपने आंसू रोक नहीं पाया । पहले वो चीज का लेकिन जब उसने लक्ष्य के चेहरे पर चिंता देखी तो उसे गले लगा लिया । संपर्क कर हो यहाँ मुझे माफ कर तो अगर मैं यहाँ या कहीं और अकेले रहा तो पक्का बस का उनका की बात में इतने निश्चित तौर पर कह सकता हूँ जितना निश्चित हवा में ऑक्सीजन का होना है । कृष्णा ने देखा के लक्ष्य की आंखों में आंसू भर रहे हैं । दोनों एक दूसरे के सामने खडे थे । कोई भी नजर नहीं हटा रहा था । उनकी आंखों से भाईचारे, माफी और उम्मीद के आंसू बह रहे थे । उससे मैं तुम्हें कुछ बताना चाहता था भी । बात बहुत जरूरी थी और राधा के बारे में थी क्या? पहले मुझे एक सौदा कर तो मैं मुझसे वादा करना पडेगा कि तुम उसे इस मुसीबत से बाहर निकाल हो गई । बस मुझे वादा करूँ क्योंकि अब तक हम अदा के बारे में गलत सोच रहे थे । उसके बाद सुनते ही रनवीर का दिल जोरों से खडकने लगा और उसने अनजाने में लक्ष्य के हाथ पकड लीजिए । रणवीर का गलत सूखने लगा । उसे महसूस हो रहा था की बात गंभीर थी और उससे पहले अदा को फोन ना उठाने का पछतावा होने लगा । उसका सिर्फ घूम रहा था और उसे आशंका हो रही थी कि उसे कुछ बुरा ही सुनने को मिलेगा । मैं तो कह रहा हूँ उसका कोई सबूत नहीं है लेकिन बाद गंभीर है और मुझे लगा के तुम्हें पता होनी चाहिए क्योंकि इससे आटा के बारे में, उसके अपने ऍसे मिलने के बारे में और पीछे की इन सब में भागीदारी के बारे में तुम्हारी धारणा बदल सकती हैं । लक्ष्य ने अपनी आवाज धीमी कर ली जैसे वो कोई राज की बात बता रहा हूँ । ज्यादा का कोई ऍम नहीं है, पहले भी कभी नहीं था और वह भोपाल में किसी से नहीं मिली थी । ये सुनकर रणवीर का मून खुला रह गया और लक्ष्य ने जिस ऐसे में बात की थी उससे वातावरण् अचानक तनावपूर्ण हो गया । ये क्या कह रहे हो तो वो किसी की मौजूदगी के भ्रम ही नहीं है । उस दिन मैंने उसे बी जे के साथ एक कैप्टन में देखा था और पूरे समय वह ऐसे दिखा रही थी जैसे अपने बॉयफ्रेंड रिहान से बात कर रही हो । विजय को देखकर लग रहा था तो इस बारे में जानती है । पहले ज्यादा बहुत उत्साहित लग रही थी क्योंकि वो अपने एक सौ से मिलने के मिथ्या भाषा में थी । उसने उससे काफी देर बात की जिसमें उसने तुम्हारे और तुम दोनों के रिश्ते के बारे में चर्चा की और ये भी बताया कि तुम कैसे हमेशा व्यस्त रहते थे । बातें वो रोने लगी क्योंकि वो कल्पना कर रही थी कि तहाँ उससे शादी करने को तैयार नहीं क्योंकि उसकी सगाई हो चुकी थी । गणवीर खोया हुआ था, लग रहा था और अदा की उपेक्षा करने के लिए खुद को माफ नहीं करता था और मुझे लगता है कि ऐसा उसके बचपन से हो रहा है क्योंकि उसने बचपन की कई घटनाओं के बारे में बात की थी । रणवीर वो उसका एक्स नहीं था जिससे वह भोपाल में मिली थी और मुझे तो इस बात पर भी सकते हैं कि वह कभी भोपाल गई थी । मुझे यकीन है कि विजय ने अदा को छोडने वाले आदमी के बारे में छूट बोला था तो उसका वाइफ था । शायद वो सिर्फ एक ऑफिस का सहकर्मी था । अदा इतने समय में मतलब भ्रम की स्थिति में है और उसे हमारी मदद की जरूरत है । लक्ष्य के बात खत्म हुई तो रणबीर सोचने लगा की अदा पर क्या पी थी होगी और कैसे उसने इतनी बार उसकी उपेक्षा की थी । अच्छा हमेशा चाहती थी कि रणबीर के पास एक अच्छी नौकरी हूँ ताकि वो खुद के लिए बेहतर महसूस कर सके । उसने उसे अपने पैरेंट्स से भी मिलवाया था । जब रणवीर कुछ नहीं करता था तब उसने मुश्किल कदम उठाए थे लेकिन फिर भी वो उसे दिलोजान से प्यार करती थी । उस से दूर रहने के कारण वो एक बिलकुल नए रिश्ते की कल्पना करने लगी थी । रणवीर बिना हिले खडा था और सोच रहा था कि उसने अदा को कितनी चोट पहुंचाई थी । उसने बिना कुछ कहें ऊपर देखा । उसकी आंखें अपराध भाव से बनी थी और वो हरा के दस की मौत आवाज सुन रहा था । अदा सिर्फ कल्पना की आवाज सुनकर कैसे रहती हूँ कि उसने सोचा उसे खुद पर शर्म आ रही थी कि उसने कभी भी अदा की परेशानी पर ध्यान नहीं दिया । इस समय ज्यादा को याद करके वो सोच रहा था कि इतने समय से पता कितनी छुप नहीं होगी और चेहरे ने जो उसे देखकर मुस्कुराता था, कितने अस्पष्ट आंसू बहाए होंगे जिनके पीछे रणबीर की अज्ञानता थी और ये सब सेहत में उसने नहीं कहा । बिल्कुल नहीं कहा । इस तथ्य के बावजूद की अदा मध्यक्रम की शिकार थी । रणवीर और लक्ष्य को अचानक पूरे निश्चितता के साथ विचार आया कि बी जे का इन सब से कुछ लेना देना जरूरी था । आंसू रोकने की असफल कोशिश करते हुए लक्ष्य और तृषा रणवीर से लिपट गए । रणवीर को अदा के लिए सब कुछ ठीक करना था और वह उम्मीद कर रहा था कि अभी देख नहीं हुई हूँ । उसी दाद और तेज जब था रेहान के जवाब का इंतजार कर रही थी । विजय उसके पीछे उसके बेटों में आ गयी । पिछले कुछ महीनों से मैं साथ में ही होते थे क्योंकि आता हमेशा देहान् के बारे में बात करना चाहती थी और सर बी जे थी जो उसकी बात सुनती थी । विजय ने अपने गुलाबी शॉर्ट्स पहन लिए थे और अदा से भी कपडे बदलने के लिए कहा क्योंकि काफी देर हो चुकी थी । रिहान जवाब नहीं देखा । उसने आता से कहा अदा के कंधे के ऊपर से विजय ने उसके ईमेल के इनबॉक्स में झांका । वहाँ मिला दे । मन में करीब पच्चास ईमेल थे जिनमें लिखा था रिहान का स्थिति होने के कारण डिलीवरी अस्थाई रूप से आप सफल रही नाॅट हूँ । विजय समझ रही थी की ज्यादा अपने विचारों के साथ अकेली रहना चाहती थी और जब उसने पेट्रोल में नजदीक घुमा कर देखा तो उसे एहसास हुआ कि उसका कमरा खली फोटो फ्रेम से भरा था जिसमें अदा रेहान की तस्वीर होने की कल्पना करते थे । अदा के पागलपन की वजह से उनकी सभी फॅार चली गई थी । सब चीजें उसके साथ रह गई थी । दुर्भाग्य से विजय के अलावा कोई उस अवसाद ग्रस्त मनोवृति के बारे में नहीं जानता था जिससे आता गुस्सा नहीं थी । विजय ने अदा को उसके रात के कपडे दिए और ऐसा करते समय जानबूझकर अपने हाथ उसके हाथ उसी तरह करने की कोशिश की । फॅमिली शॉर्ट्स और सबके ऍफ में बहुत प्यारी लग रही थी । विजय ने उसकी ओर देखा तो वह खुश हुई और उलझन में लग रही थी जैसे उसे समझ में नहीं आ रहा हूँ कि क्या हो रहा है । अपनी पत्नी कमार, लम्बे ऍम और अच्छे फिगर के साथ वो पहले से पतली लग रही थी । वो अपने कपडे ठीक करने लगी तो पीछे उसे चुपचाप देख रही थी । फिर भेजेने रोशनी काम करती है । जैसे उसे सामने का दृश्य देखकर खुशी मिल रही हूँ और वो एक विशेष वातावरण् तैयार करना चाहती थी । हालांकि जब विजय नहीं उसे अपने पास नहीं था तो आधा कुछ असहज ही हो गई । फिर भी उसने पूछा, क्या तेहान कभी मेरी जिंदगी में वापस नहीं लौटेगा? वो अपनी मंगेतर से शादी कर लेगा । सब लोग मेरे दिल क्यों तोड देते हैं । मैं बीच से प्यार करते हैं । मैं जहाँ से प्यार करती थी और उनको तो उन्होंने मुझे चोट पहुंचाई । तुम ठीक हो गए भी विजय उससे पूछा अगर होती रही और बी जे से शिकायत भरे स्वर में कहने लगी कि उसने कई बार रणवीर के पास वापस जाना चाहता हूँ लेकिन बच्चे नहीं । उसे ऐसा करने से रोक दिया । मैंने रणवीर को दो दिन पहले खोल किया था लेकिन उसने जवाब नहीं थी तो मैं उसे बताना चाहती थी कि मैंने कभी उससे नफरत नहीं थी । मैंने उसे हमेशा प्यार किया है और वहीं प्यार मैं रिहान के लिए महसूस करती हूँ । विजय ने उसे समझाया तो उसके साथ जो हुआ था और कुछ नहीं बल्कि आकर्षण था और वो सिर्फ खुद की तरह खूबसूरत दौर तो को प्यार करने के लिए बनी थी । इस दौरान पूरे समय ज्यादा ध्यान से विजय की बात सुनते हुए अपने आपको आईने में देखती नहीं हूँ । फिर उसे एहसास हुआ के बीच में नहीं अभी भी उसका हाथ पकडा रखा था और उसने धीरे से अपना हाथ उसके पकडने से बाहर निकाल लिया और विजय की ओर देखने लगी । उसकी आंखों में काम नहीं करता थी लेकिन बी जे की हल्की और परवाह भरी मुस्कान से उनमें नहीं आ गई । विजय अदा की रणवीर के पास वापस जाने की इच्छा से हैरान थी तो चलती से उसे समझाने की और शांत करने की कोशिश करने लगी । मैंने बाहर तुम्हारे लिए कुछ बनाया है जो मैं तुम्हें दिखाना चाहती हूँ । ज्यादा मैं तुम से कुछ पूछना भी जाती हूँ तो जरूरी है और बहुत मायने रखता है । अदा के कंधे को रगडते हुए पीछे उसकी त्वचा की कोमलता महसूस करने लगी । विजय को लगा किया था, उसके साथ सहज महसूस करने लगी थी । क्या बात है? विजय पहले एक मिनट के लिए सोचो कि मैं हूँ और तुम मुझे । उसके साथ । आपने सबसे प्यार एप्पल के बारे में बताओ । जब हमने पहली बार प्यार किया । जब उसने मुझे थिएटर लग गया और हमने एक दूसरे से घंटों प्यार किया तो उन यादव को बोलने की आदत है जो तुम्हें परेशान करते हैं और उसके लिए तो मैं किसी नए इंसान के साथ नहीं आती, प्रणाली पडेंगे । किसी खूबसूरत इंसान के साथ बस एक दो शरीर एक आत्मा का जुडाव बना लो । पहले से बेहतर पहले से ज्यादा कह रहा हूँ । मुझे कुछ अजीब सा लग रहा है । तभी दरवाजे की घंटी बच्चें विजय ज्यादा को छोडकर दरवाजा खोलने गए और बाहर लक्ष्य और रणवीर को खडा देखकर हैरान हो गई । पीछे के पीछे आता भी अपने शॉट्स में ही लिविंग रूम तक बाहर आ गई । जैसे ही दोनों लडकों ने वहाँ मोमबत्तियों से ज्यादा का नाम लिखा देखा नहीं विजय का इरादा समझ रहे हैं । मेरे ख्याल से तो मैं इस समय हमारे खाने की उम्मीद नहीं थी । मुझे रणवीर ये कहते हुए बहुत गुस्से में लग रहा था । विजय ने उसे धमकी दी वो सोसाइटी से बाहर चला जाए वरना पुलिस बुला लेगी और रात के समय एक लडकी के फ्लाइट में घुसने की रिपोर्ट करते हैं । रणवीर ने आगे बढकर अदा को कल ही लगा ले जाता हूँ और उसे सुखाता शरीर हूँ । मुस्कुराती तो खुश लग रही थी और जब रणबीर के बाहों का कसाव पड गया तो आजाद होने लगी और उसके अंदर तभी हुई भावनाएं बाहर आने लगी । मुझे अफसोस है कि जब तुम्हें मेरी सबसे ज्यादा जरूरत थी तब मैंने तो गलत समझा हूँ । इसके लिए मुझे आप करता हूँ । मैं गलत था । मैंने हमेशा तुम पर सब करने की गलती थी और लाख कोशिश करने के बाद भी मैं तो मैं समझ नहीं पाया । मैंने तुम्हें नजर अंदाज किया मैंने तो मैं निराश किया । क्रीज मेरे जीवन में वापस साझा हुआ था । मुझे माफ कर सके । पीठ मेरे हाथ से प्यार करती है । जब भी मुझे उस की जरूरत नहीं है, जब भी मैंने उसके बारे में सोचा है और जब भी तुमने मुझे नजर अंदाज किया है, उसने हमेशा मेरा साथ दिया है । आटा सुबह नहीं लंबी, ये पहले से ही है । उनके साथ रिश्ते में हैं तो उससे वापस आने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं । बी जे बीच में पूरी मुझे तो भारत हम हैं । रिहान का कोई अस्तित्व नहीं है । रनवीर ने अपने पूरे प्याज के साथ क्या पकवान करता हूँ, उसका अस्तित्व है । वह उससे प्यार करता है । नहीं आता उन सब चीजों के लिए जो तुमने बचपन में खो दी थी अपने बॉम्बे ऍफ का, प्यार खोने के लिए पूछे खोलने के लिए और इन सब चीजों के साथ जीने के लिए तुमने रहना नाम का एक काल्पनिक दोस्त बना लिया तो सस्ते मौजूद नहीं है ।

muskurane ki wajha tum ho 20

ज्यादा उलझन में पड गए और होने लगेंगे तो मुझसे में हफ्ते हफ्ते छीन सकते । ऍम सच है और यही इसी कमरे में हैं । उसके पेशेंट ग्राहक के साथ संपत्तियों का इतना सुन्दर फिल बनाया है अगर तुम उसके खिलाफ एक और सब बोलोगे ना तो वो तो बाहर ले जाएगा और शाम से बात के काम कहाँ है वो हम उसे नहीं देख पा रहे हैं । लक्ष्य बोला विजय हमारा परीक्षा करवाते की मिस्टर ध्यान से विजय स्थिर उलझन में और आत्मविश्वास की कमी से जूझ रही नजर आ रही थी । रणवीर ने प्यार से अदा को देखा और कहा ॅ मेरी बात को समझो इस समय भारी मानसिक स्थिति उस अब सात क्रस्ट हॉलीवुड एक्ट्रेस की तरह है जो कुछ समय पहले खबरों में थी । वो खूबसूरत पहाडों से आई थी और उसका दावा था कि उसका संबंध एक प्रसिद्ध, स्थापित और रिकॉर्ड जैसे अभिनेता से था जिनके नाम पर कई सुपर हिट फिल्में थी तो सभी नेता नहीं । ऐसे अनावश्यक और असत्य दावों से इनकार कर दिया तो उसने उसे बदनाम करने की भी कोशिश तो सिर्फ एक फिल्म सात करने के बाद एक ऐसे व्यक्ति के साथ रिश्ते के भ्रम में थी जो अभिनय करने में उससे कहीं बेहतर है । लेकिन उस की मान्यता है गलत थी । तुम समझ रही हूँ मैं क्या करूँ? अदा आंखों में आंसू लिए उसे देखती रही थी । ये देखकर रणवीर ने उसके दोनों कंधों पर हाथ रखा और प्यार से बोल रहा हूँ । यहाँ तो वही काम कर रही हुआ था । तुम रिहान के साथ एक रिश्ते की सिर्फ कल्पना कर रही हूँ जो खुद एक वास्तविक पहचान है । तो मैं ये समझना पडेगा कि ये उतना ही निराधार हैं जितना वो केस था । जिसके बारे में मैंने अभी तुम्हें बताया । तुमने अपनी कल पर हमें कुछ ज्यादे बना ली है और अब तुम इस बात को स्वीकार करने से इंकार कर रही हूँ । तुम उस की तरह ईमेल का आदान प्रदान कर रही हूँ । रेहान की मौजूदगी की कल्पना कर रही हो जैसे वो करती थी और सिर्फ बोर्ड आँखों की एक दुनिया में ही रही हूँ जिसका एक अंधेरा पक्ष हैं । उसे सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है क्या तुम उस की तरह जीवन जीना नहीं होगी तो अंत में उसी की तरह मुसीबत पड जाओ की सब कुछ पूछा होते हो । किस भारी प्राइमरी मेलबॉक्स डिलीवरी फेल होने की सूचनाओं से भरा हुआ है? मुझे बताओ क्या तुम साबित करना चाहती हूँ की तो मैं कभी मेल पर उसका जवाब मिला है । ये कहते हुए रणवीर का दिल बैठ रहा था क्योंकि वह जानता था कि ये उसकी बर्दाश्त के बाहर होगा । लेकिन वो ये भी जानता था कि उसे वास्तविकता में और उसके होश में लाने के लिए ऐसा करना जरूरी था । जब उसने ज्यादा का भावशून्य चेहरा देखा और पीछे को एक नया स्पष्टीकरण देने की कोशिश करते देखा तो उसने चलती से कहा उसके पास एक बॉल भी हूँ । अगर वहाँ मौजूद है तो पकडेगा अच्छा सोच रही थी कि उसमें रणवीर को मिस करते कितना समय हो गया था । उसने एक बॉल उठाई और एक पल को कहीं जैसे वो जानती हूँ बॉल का फेंकना सब कुछ खत्म करने का । उसने आंख बंद करके बॉल फेंकी । वो सामने की दीवार से टकराकर उछलते वापस उसे ये समझने में सिर्फ एक पल लगा के पीछे इतने दिनों से उससे झूठ बोल रही थी और ये बात की वो भी रेहान को देख सकती थी । साफ झूठ था, कुछ नहीं । सबसे अधिक आता अपने विचारों से संघर्ष कर रही थी । उस की दुनिया डूबने लगी थी । उसके मन में एक के बाद एक विचार आने लगे । उसने अपने ही विचारों से लडना शुरू कर दिया जब उसने अपना फोन नंबर देखा और रणबीर के फोन से वो नंबर मिलने पर उसका फोन बचने लगा । उसे याद आया कि उस युवा छोडेने कैसी प्रतिक्रिया थी । जब उसने बताया था कि वह भोपाल से वापस आ रही थी तो ट्रेन भोपाल में रूकती नहीं थी । वो रेहान के मेल का इंतजार करती रहती थी लेकिन उसे मिला ऍम एल के अलावा कुछ नहीं मिला । उसे कैसे की मुलाकात हो और आस पास के लोगों का उसे घुटना याद आया । वो फोन की बातचीत, भोपाल की यात्रा फॅस सब कुछ सब एक दम था । अदा को ये जानकर चोट पहुंची की वो एक ऐसी छवि से प्यार करती थी जिसे वह जब भी जरूरत होती थी बना लेती थी । एक एक करके घटनाएं उसके दिमाग में आती नहीं और उसे एहसास कि उसने अपने सच्चे प्यार को टाॅपर लगा दिया था । रणवीर तो फिर उसकी कल्पना बेटे हाल था । उसने रिहान के साथ अपना जीवन बिताने की योजना बनाई थी और उसके सिर्फ एक हम होने की कल्पना नहीं उसे तोड दिया था । वो जानती थी कि वो मतलब भ्रम की स्थिति में थी लेकिन उसके लिए असली दुनिया और अपनी कल्पना के बीच अंतर घटना लगभग असंभव वो एक व्यक्ति के विचार के साथ प्यार करने लगी थी जो उसे समय और वह सब कुछ देता था जो ना उसके माता पिता नही रणबीर उसे दे सकते थे । उसकी उम्र के साथ उसके कल्पना पडती कई और उसे पता भी नहीं लगा कि वह उस की असली दुनिया का हिस्सा पड गई जैसा की नियति का खेल था । वह जरूरत में रणवीर से लिपट गई और सोचने लगे कि उसका आगे का जीवन कैसा होगा और क्या वो कभी सबकुछ ठीक करके भ्रम और वास्तविकता में अंतर कर पाएगी? उसने कभी ध्यान नहीं दिया की विजय एक लाॅगिन थी और उससे प्यार करती थी । शायद उस दिन कुशल और उसके बीच लडाई का यही कारण रहा होगा और उसके ऍम के साथ उसके ब्रेकअप का भी । अब जबकि वो रणवीर के साथ आगे बढकर आपने अभी को पीछे छोडने के लिए तैयार थी तो सोच रही थी कि क्या रणबीर अभी भी उसे पहले जैसा प्यार करना होगा । अच्छा अपनी कहानी खत्म कर चुकी थी और जैसे ही उसने बोलना बंद किया गनवीर ने उसे पानी की बोतल पकडाते । कुछ सेकंड में उसने बोतल का आधा पानी पी लिया । उसने कुर्सी में अपनी जगह पक्की और अब जब कि वह मनोचिकत्सक के सामने अपने बचपन से लेकर अब तक के सभी बातें साझा कर चुकी थी । वो थोडी राहत महसूस कर रही थी । सब कुछ व्यक्त करने में उसे तीन घंटे लग गए और अब उसके चेहरे पर मुस्कान थी, मनोचिकित् सकते हैं । उसे एक शांत कमरे में बिठा दिया था और उसने रणवीर को अपने साथ खाने के लिए कहा था । उससे कई ऐसे प्रश्न पूछे गए थे जो रेहान की छवि तैयार कर सकते थे । पता आराम से बैठ गई थी और उसके साथ मनोचिकत्सक का एक मुश्किल लेकिन शानदार सेशन पूरा हो गया था । तुम आज बहुत बहादुर, मजबूत और व्यावहारिक थी । मनोचिकित्सक तेका और इसलिए अब मैं तुमसे एक व्यस्क की तरह बात कर रहा हूँ । सबसे पहले इस बात की बधाई कि तुम दोनों साथ हूँ और जो प्यार मैं तुम दोनों के बीच देखता हूँ वो अतुल है । उसने कहा तो मैं हमेशा अलग अलग कारणों से और अलग अलग समय पर तुम्हारे दोस्तों, परिवार और रणवीर से दूर कर दिया गया था । और ये ऐसे समय में सामान्य और जैसा की तुमने कहा जब तो उपेक्षित महसूस करती थी अनजाने में तुम्हारे विचार तुम्हारे इस काल्पनिक दोस्त रेहान को जन्म देते थे । चिकित्सा की भाषा में हम इसे डिप्रेसिव, साइकोसिस या अवसादग्रस्त मनोवृति कहते हैं । तो मैं इसके विवरण में जाने की जरूरत नहीं है तो मैं बिल्कुल ठीक हूँ और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति से बचने के लिए मैंने कुछ दवाइयाँ भी लिखती हैं लेकिन वो भी सबसे अच्छी तरह तभी काम करेगी जब दोनों को बहुत सारा प्यार करोगे । एक अच्छी लाइफ तुम्हारे सारे भ्रम को दूर कर सकती है । उन के कहने से ये सब कुछ आसान लग रहा था लेकिन रणबीर जानता था कि ये सुनिश्चित करना उसी की जिम्मेदारी थी कि ये सब तो बारह हो । अदा को उन सब बुरी यादों से मुक्त करने के लिए घर लौटते समय रणवीर उसे चुटकुले सुनाता हूँ और फिर उसने धीरे से आधा को बी जे के चुंबन के बारे में और अपनी पार्टी का पीहू के साथ बिताए । कुछ चट्टल सप्ताह के बारे में भी बताया लेकिन साथ में आधा को हमेशा प्यार करने का आश्वासन भी दिया । अदा को लग रहा था कि वह रणवीर के जीवन में चल रही है । बहुत सी बातों से अनजान थी और उसे रणवीर के डबल प्रमोशन के बारे में सुनकर आश्चर्य भी हुआ । उत्साहित होकर वो रणवीर से इधर उधर के सवाल पूछने लगे और वो खुशी खुशी सबके जवाब देता रहा । उनकी बातें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी । अदा कुछ बातें समझ रही थी लेकिन कुछ बातें उसकी समस्या बाहर थी । शायद कही उन के रिश्ते की खूबसूरती थी । पीछे मुडकर देखने पर दोनों को ही बहुत अफसोस हो रहा था । वे जीवन की सामान्य अवस्था में लौटने के लिए बेताब है और एक दूसरे के साथ समय बिताने कि उनकी भूख दिन पतन बढ रही थी । एक बात थी वो प्यार की राह पर अपनी दूसरी यात्रा शुरू करने के लिए तैयार थे और अब दोनों ही पहले की तुलना में अधिक परिपक्व पुर और अधिक समझदार हो गए थे । जब घर पहुंचे तो रणबीर के पास एक प्रोडक्शन हाउस से कॉल आई जिसमें उसे एक टीवी शो के लिए स्क्रिप्ट लिखने की पेशकश की गई । एक युवा चैनल के लिए एक दैनिक शो के प्रासंगिक लेखन के लिए प्रस्तावित वेतन जानने के लिए उसके कान खुले थे । उसे जल्दी ही चुनाव करना था कि वह कहानी लेखक के रूप में प्रोडक्शन हाउस में शामिल होना चाहता था या अपने वर्तमान कंपनी में नौकरी चाहते रखना चाहता था । जैसे ही वही तो फ्लाइट में पहुंचे । लक्ष्य ने स्कॉच के दो बोतल खोली जो उसने रणबीर के साथ पीने का वादा किया हूँ । रणवीर ने लक्ष्य को गले लगा लिया । लक्ष्य ने उसे पिछली रात के किए गए बैंकों की सच्चाई बताई तो सिर्फ दीवारों पर पेंट करवाने की योजना बना रहा था । नहीं, उसका फ्लैट छोडने का इरादा था । नहीं, कोई और उस फ्लैट में आने वाला था । हर चीज के लिए तुम्हारा शुक्रिया लगते हैं । तुमने हमें बचा लिया यार । रणबीर होना लक्ष्य मुस्कुराया और सोचने लगा । पिछले कुछ दिनों में भावनाओं में कैसे तो भगवान होते थे । उसे सब कुछ ज्यादा आ रहा था । पिछले कुछ दिनों का छोटा से छोटा विवरण याद आ रहा था, पर वो पूरी तरह से उन्हें अपने जीवन से मिटा देना चाहता था । बाहर सितारे चमक रहे थे और हवा में खानदान थी । लक्ष्य कुर्सी से उठा । अपनी जैकेट उठाते हुए उसे एहसास हुआ कि सर्दियाँ करीब थी । उसने गहरी सांस की और मोल कर रणबीर और अदा के प्रसन्न चेहरे को देखा । इससे पहले वही इतने खुश कभी नहीं लगे थे । उन्हें देख कर पता चल रहा था कि वे एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं रणबीर अब जबकि मैं अहमदाबाद वापस जा रही हूँ, मैं नहीं जानती जीवन कैसे यू टर्न लेता है और आपको वापस उसी जगह ले जाता है जहाँ से आप हमेशा भाग जाना चाहते हैं । मुझे अफसोस है तो उस दिन मैंने कुछ अधिक कडी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं । लेकिन मेरा एक हिस्सा हमेशा से जानता था कि तुम उस दिन सही थी तो मैं फोन न करने के लिए मैं माफी चाहती हूँ । हालांकि मेरे फोन करने से कोई फर्क पडता था इसमें मुझे संदेह है । मैं उस तरह से तो मैं छोड कर नहीं जाना चाहती थी लेकिन मुझे किसी ना किसी तरह तो खुद को व्यक्त करना ही था । इसलिए मैंने सोचा कि एक लेखक को पत्र लिखकर अपनी बात कहने से बेहतर क्या होगा । एक पत्र तो सब कुछ खत्म करते हैं और हम दोनों के बीच हमेशा के लिए एक याद । पंजाब पहली बार मैं निश्चित रूप से जानती थी । मुझे प्यार हो गया था और ये मैंने तुमसे मिलने से पहले ही तय कर लिया था और हालांकि हम महीनों से बात कर रहे थे लेकिन जब हम मिले तो बात कुछ और थी । मुझे याद है कि जब ते स्कूल में थी तो अपनी चीजों पर सब खुद का अधिकार समझती थी और साझा करना मतलब परवाह करना है की तरफ में कभी विश्वास नहीं करती थी । स्कूल से कॉलेज तक के सफर में अपनी इस आदत की वजह से कुछ याद नहीं है की मैंने कोई सच्चा दोस्त बनाया था । मैं हमेशा वास्तविक दोस्तों में नहीं बल्कि आभास की दोस्तों में विश्वास करती थी । जब लोग मुझे ब्लॉक करते थे मेरी तस्वीरों को लाइट नहीं करते थे । क्या मैसेज भेजने पर अनदेखा करते थे तो मैं होती थी लेकिन असल दुनिया में हुई लडाई से मुझे परेशानी नहीं होती थी मुझे विश्वास दिलाने के लिए सुक्रिया के जीवन वो है जो बाहर की दुनिया में हो रहा है । आभासी दुनिया अद्भुत है लेकिन वो असली दुनिया नहीं है जिसमें हम रहते हैं और सुक्रिया मुझे यह समझाने के लिए कि लाइक्स, कमेंट्स और मैसेज एक व्यक्ति के गले मिलने से और असली स्पष्ट से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं । मैंने तुम्हारे साथ ऐसा बर्ताव कर के बहुत बडी गलती की है । बस मैं नहीं चाहती कि कोई और मैं वैसे देखें जैसे मैंने देखा था । मैं हमेशा तुम्हारे सरनेम के साथ अपने नाम को प्रिंट में देखने की कल्पना कर दी थी तब वो अच्छा भी लगता था । मुझे नहीं लगता कि एक चरित्र के साथ प्यार में पडना एक अच्छा विचार था क्योंकि महीनों तक मैं तुमसे तुम्हारे चरित्र अर्नव की तरह व्यवहार करने की उम्मीद करते रही । लेकिन मुझे समझना चाहिए था कि तुम्हें वो व्यक्ति समझकर जिसका वास्तव में कोई अस्तित्व ही नहीं था । मैं खुद को बेवकूफ बना रही थी और फिर मैं तुम पर अपना अधिकार समझने लगें । मैं बिलकुल भी नहीं जानती कि मैं क्या करने जा रही थी । मुझे लगने लगा था कि हमारे बीच धीरे धीरे कुछ होने लगा है । मैं झूठे विश्वास नहीं जीने लगी कि तुम मेरे थे और तुम्हारा आती बहुत पीछे छूट चुका है । मुझे लगता है तो मैं ढूंढने की कोशिश कर रही थी । वो था तो भरी मुस्कुराहट का एक कारण बनना में हमेशा के लिए तो भारी होना चाहती थी । बस अगर मुझे पता होता कि एक उपन्यास के चरित्र से प्यार करना और एक वास्तविक आदमी से प्यार करना दो अलग अलग बातें होती हैं तो मैंने असल आदमी के प्यार में पडने की कोशिश की होती । अगर मैं जानती की इसका अंजाम क्या हो सकता है तो मैं इस अनिश्चितता में कदम नहीं रखती हूँ । मेरे हम दोनों के बीच की सारी चैट, तुम्हारा नंबर और बाकी सब कुछ डिलीट कर दिया है । मैं विश्वास नहीं करना चाहते कि ये सब कभी हुआ था । हाँ हाँ, मुझे लगता है कि मैं अपनी मां की मौत के कारण को आपने डाइट से इसलिए छुपाने की कोशिश कर रही थी क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि वे अपनी इकलौती बेटी से हमेशा नफरत करें । लेकिन अब मुझे लगता है कि मैं इस अपराध भाव के साथ जीवन भर जी नहीं हूँ । इसलिए परिणाम कुछ भी हो, मैं उन्हें सब कुछ बता दूंगी । मैंने खुद से कहा था कि मैं आगे बढूंगी, बेहतर के लिए आगे पर होगी और रुक कर खुद को चुनौती दूंगी । इससे पहले बहुत हो जाए तो भरे साथ इतना कम समय बिताने के बावजूद मैं तुमसे प्यार करती थी तो मुझे बिना बुलाए तो भारत जीवन में आने का अफसोस । मुझे खुशी है कि उससे एक हफ्ते में मैंने तुम्हें कुछ दिया हो या नहीं । तुमने मुझे वो खास पल दे दिया जिसके साथ जीवन बिताया जा सकता है । तुमसे प्यार करना शायद सबसे अच्छी बात थी तो मेरे साथ हूँ और मैं खो देना । सबसे बुरी बात जो मेरे साथ कभी नहीं हो सकती थी । लेकिन मैं आगे बढूंगी, झूठी अपेक्षाओं के बिना और तुम से दोबारा मिलने की उम्मीद के बिना । क्योंकि कुछ प्रेम कहानियां ऐसी होती हैं तो कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंचती । और फिर एक अमर कहानी बन जाती है ऐसी कहानी जिसके बारे में लोग उपन्यास लिखते हैं । फिल्मकार फिल्में बनाते हैं और हमारी कहानी भी उन में से एक है । रणबीर मेरे मुस्कुराने का कारण थे और हमेशा होगी हूँ । उपसंहार मेरा उपन्यास प्रकाशित हुए लगभग एक साल हो चुका है । मुझे लगता है अब अगला उपन्यास लिखने का समय आ गया है । मैं एक साल और समझदार हो गया । मैं ज्यादा के साथ रहता हूँ बल्कि कहना चाहिए था मेरे साथ रहती है और हमेशा लक्ष्य के साथ । सबसे अच्छी बात ये हैं कि हम सब उसी दो बीएचके फ्लैट में रहते हैं । तीन महीने के विस्तान के बाद पता नहीं फिर से काम करना शुरू कर दिया है । पिछले कुछ महीनों से अदा आपने फुले हुये शॉप को भी समय देने लगी हैं । ऍम सिंह और मेरा विश्वास कीजिए वो इस तरह डांस करती है कि मुझे ऐसा होने लगती है । सिर्फ इसलिए नहीं कि वह इतना अच्छा डांस करती है बल्कि इसलिए कि मैं डांस नहीं कर सकता हूँ । आप माने या ना माने उसके लक्ष्य से मिलना मेरा सबसे अच्छा निर्णय था । एक तरह से वहाँ मेरे प्यार को मेरे जीवन में वापस लेकर आया । हालांकि लक्ष्य और था अभी भी बहुत झगडा करते हैं । लेकिन जब दोनों साथ होते हैं तो उन्हें तीसरे की तो जरूरत नहीं होती । वे दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं और मुझे बी जे की बात याद दिलाकर छह खाते रहते हैं । आखिरकार दादा के साथ कई साल रिश्ते में रहने के बाद मुझे अहसास हो गया है । एक दूसरे की खुशी का हिस्सा होना उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना एक दूसरे के दुख और मुश्किल समय का हिस्सा होना । वैसे अब मेरे पास मेरी अपनी टीम है और मैं अभी भी सीनियर मैनेजर के तौर पर काम कर रहा हूँ । ज्यादा के लिए मार्केटिंग में मेरी दूसरी को स्वीकार करना मुश्किल था । लेकिन आप चीजें बदल गई हैं, बहुत बदल गई है । उन में से एक है । राजीव की मुस्कुरा है । वो अब अक्सर मुस्कुराता है । मिल इन पदों नोट होने की कगार पर है और करण अभी भी ऑफिस में शो स्टॉपर है । करन राजीव के सामने उसके नकल उतारता रहता है लेकिन जिस तरह का आधा कारफूर है कोई उसके मजाक का बुरा नहीं मानता हूँ । मेरा उपन्यास एक शानदार बेस्ट सेलर बन गया है और मेरे पास आने वाले दैनिक संदेशों और फाॅर्स में दस गुना पृथी हो गई है । जहाँ तक उस प्रोडक्शन हाउस की प्रासंगिक लेखक की नौकरी की पेशकश के बाद है, मैं वो काम एक फॅस लेखक के रूप में कर रहा हूँ । पहले की तरह मुझे अभी भी अपने पाठकों से बात करना अच्छा लगता है लेकिन जब भी मुझे किसी महिला प्रशंसक का संदेश मिलता है, मुझे पी हूँ कि यहाँ आ जाती है और मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती हैं । हम उन दो अजनबियों की तरह बने रहे जो किसी सफर में एक दूसरे से टकराए, एक दूसरे को अच्छे लगे लेकिन जब आगे बढ गए तो पीछे मुडकर कभी नहीं देखा । बस एक स्मृति बना गए तो वे हमेशा संजोकर रखेंगे और अगर आपके सोच रहे हैं कि बात पीहू का क्या हुआ तो मुझे उस मेल के बाद उसकी कोई खबर नहीं मिली और मैंने उसकी उम्मीद भी नहीं की थी । लेकिन अगर आप चाहते हैं तो मैं कोशिश कर के आप के लिए उसकी कहानी सोचूंगा और जैसा की । मैंने कहा मैं एक नहीं खाने की तलाश भी कर रहा हूँ । एक ऐसी कहानी जो एक बार फिर आपके मुस्कुराने का कारण बन जाएगी ।

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