Transcript

आनन्द महिंद्रा

Writer - Mrinalika Dubey " श्री आनन्द महिंद्रा ....एक ऊर्जावान व्यक्तित्व" "यथा नाम,तथा गुण' यानि कि,जैसा व्यक्ति का नाम होता है,उसमें वैसी ही विशेषतायें पायीं जाती हैं!! और इसका सबसे उत्तम उदाहरण है...'मिस्टर आनंद महिंद्रा! उद्योगपति या इंडस्ट्रियलिस्ट सुनते ही हमारे दिमाग मे एक ऐसे व्यक्ति की गम्भीर और गर्वित छवि उभर आती है,जो सदा ही व्यापार व्यवसाय की बातें करता हो!!जिसकी रुचि सिर्फ पैसा कमाने में ही हो,और जो बस अपनी ही व्यापारिक दुनिया तक सीमित हो!!हमारी सोसायटी में बिजनेसमैन की इमेज कुछ इस तरह होती है,कि आम लोग उनसे किसी भी तरह की नम्रता,सामाजिकता या मिलनसारिता की उम्मीद ही नहीं रखते!! किंतु आनन्द महिंद्रा जी इस छवि से बिल्कुल विपरीत,एक बेहद खुशमिजाज और ऊर्जावान शख्सियत के स्वामी हैं!!उन्होंने अपने ख़ानदानी बिजनेस को जब से संभाला,तब से ही उनकी कम्पनी और ग्रुप का नाम लगातार बढ़ता ही जा रहा है!!आनन्द महिंद्रा जी ने बिजनेस वर्ल्ड में अपना नाम बुलंदियों तक पहुँचा दिया है,फिर भी वे सदा विनम्र और सामाजिक विचारों के साथ चलने वाले सौम्य और सज्जन व्यक्ति हैं!!उनकी रुचि सिर्फ पैसो और व्यापार तक ही सीमित नहीं है,बल्कि युवाओं के विकास से ले कर खेलकूद,सिनेमा और मनोरंजन तक में वे गहरी रुचि रखते हैं!!युवावर्ग उनकी जागरूकता और पर्सनेलिटी का दीवाना है,और इसीलिए आनन्द महिंद्रा जी के सोशल मीडिया एकाउंट्स के लाखों करोड़ों फ़ॉलोअर्स हैं!!आनन्द महिंद्रा जी अपने इन फॉलोवर्स को नई नई जानकारियां तो देते ही रहते हैं,साथ ही करंट टॉपिक्स पर अपने विचारों से अवगत भी कराते रहते हैं!! आनन्द महिंद्रा जी हमारे देश के जानेमाने 'महिंद्रा एंड महिंद्रा'ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर वाइस प्रेसिडेंट हैं!!उन्होंने लेटेस्ट मॉडर्न टेक्नोलॉजी और अपनी कुशाग्र बुद्धि का उपयोग कर आज इंडिया ही नहीं,बल्कि पूरी दुनिया में अपने महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप का नाम चमका दिया है!! महिंद्रा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज,भारत के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल घरानों में से एक है!!इसकी स्थापना की गई थी लुधियाना में आनंद महिंद्रा जी के दादा..श्री जगदीश चन्द्र और श्री कैलाश चंद महिंद्रा भाइयों द्वारा!!अपनी स्थापना के बाद से ही महिंद्रा ग्रुप ने तेजी से अपना नाम व्यापार और उघोग जगत में बढ़ाना शुरू किया!! और जब अपने ग्रुप की बागडोर आनन्द महिंद्रा जी के कुशल हाँथों में आई,तो इसे कामयाबी का शिखर छूने में देर न लगी! आनन्द महिंद्रा जी का जन्म 1मई 1955 को मुंबई,महाराष्ट्र में एक प्रसिद्ध एवम प्रतिष्ठित औघोगिक परिवार में हुआ था!!आनन्द जी के पिता का नाम श्री हरीश महिंद्रा और माता का नाम श्रीमती इंदिरा महिंद्रा था!! सन 1977 में आनन्दजी ने अमेरिका के हार्वर्ड कॉलेज के 'डिपार्टमेंट ऑफ विज्युअल एंड एनवॉयरनमेंटल स्टडीज'से ग्रेजुएशन किया!!फिर सन 1981 में आनंद महिंद्राजी ने 'हार्वर्ड बिजनेस स्कूल'बोस्टन मैसाच्युसेट्स से'बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स(एमबीए)की डिग्री हासिल की!! एमबीए की डिग्री ले कर आनन्द महिंद्रा जी भारत लौटे!!उन्होनें यहाँ 'महिंद्रा युजाइन स्टील कम्पनी' में वित्त निदेशक के कार्यकारी सहायक के रूप में अपना पहला कार्यभार संभाला! सन1989 में जब महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप का विस्तार हुआ,तो आनन्द महिंद्राजी 'रियल स्टेट डेवलपमेंट और हॉस्पिटैलिटी'से रिलेटेड यूनिट के प्रेसिडेंट बने!!फिर 1991 में आनंदजी को महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के उप प्रबंधनिदेशक का महत्वपूर्ण कार्यभार सौंपा गया!! आनन्द महिंद्रा जी का विवाह श्रीमती अनुराधा महिंद्रा से हुआ,जो फेमस मैगजीन'वर्व'और मेन्स वर्ल्ड'की एडिटर और 'रोलिंग स्टोन इंडिया' की एडिटर इन चीफ हैं!! सन 1997 में आनन्द महिंद्रा जी ने कम्पनी में मैनेजिंगडायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी ली!फिर सन 2003 में इन्हें कम्पनी का वॉइस चेयरमैन बनाया गया!!आनन्द महिंद्रा जी को कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड का को-प्रमोटर बनाया गया,और 2003 में आनन्द महिंद्राजी ने इसे बैंक के रुप मे तब्दील कर दिया!! वर्तमान में कोटक महिंद्रा बैंक,भारत के निजी क्षेत्र के बैंकों में अपना मजबूत और विश्वसनीय स्थान बनाये हुए है!और ये पॉसिबल हुआ आनन्द महिंद्रा जी के कुशल नेतृत्व,दूरदृष्टि और उत्तम प्रबंधन की वजह से!! सन 2002 में महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप ने स्वदेशी टेक्नोलॉजी पर विकसित कार(एसयूवी)के नए मॉडल'स्कॉर्पियो'को लॉन्च किया!!जिसने कम्पनी की वर्ल्डवाइड अपनी अलग आइडेंटिटी बनाने में इम्पोर्टेन्ट रोल अदा किया!! आनन्द महिंद्रा जी के ही मार्गदर्शन में उनकी कम्पनी ने 'सत्यम कम्प्यूटर सर्विसेज' को सन 2009 में और रेवा इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स'को 2010 में अपनी कम्पनी में शामिल कर लिया! आनन्द महिंद्रा जी ने अपने ग्रुप को एक नए और अलग क्षेत्र में पहचान दिलाने के लिए'महिंद्रा सिस्टम एंड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी'की स्थापना की...जो नये मॉड्यूल्स और बेहतर इंजीनियरिंग सर्विस कम्पनी के लिए अवेलेबल करवा रहा है! इसके अलावा कम्पनी ने ब्रिटेन और चाइना में भी औघोगिक संस्थानों के अधिग्रहण की रणनीति पर भी उल्लेखनीय कार्य किया है!! आनन्द महिंद्रा जी ने यूएसए में तीन असेम्बलिंग यूनिट्स की स्थापना की और इंटरनेशनल कम्पनियों..जैसे रेनो,निसान और इंटरनेशनल ट्रक एंड इंजिन कॉर्पोरेशन,यूएसए के साथ कोलैबोरेशन किया!! आनन्द महिंद्राजी ने सन 2003 से 2004 तक भारतीय उद्योग परिसंघ के प्रेसिडेंट के रूप में भी कार्य किया!!इसके साथ ही भारत के ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन के प्रेसिडेंट की रिस्पांसिबिलिटी संभाली!! आनन्द महिंद्रा जी भारत मे हार्वर्ड बिजनेस स्कूल एसोसिएशन के को-फाउंडर हैं!!ये एसोसिएशन भारत मे प्रोफेशनल मैनेजमेंट के डेवलपमेंट को समर्पित एक संगठन है!! आनन्द हर वर्ष दाओस में होने वाले विश्व व्यापार एवं उद्योग सम्मेलन में भी नियमित रूप से जाते रहे हैं!!आनन्द महिंद्राजी को 'नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड'में एक निदेशक के रूप में चयनित किया गया है!! आनन्द महिंद्राजी 'के सी महिंद्रा एजुकेशन ट्रस्ट'के ट्रस्टी हैं!!ये ट्रस्ट क्वालिफाइड और इंटिलिजेंट स्टूडेंट्स को प्रोफेशनल एजुकेशन के लिए स्कॉलरशिप देता है!!ताकि कोई स्टूडेंट्स पैसों की कमी की वजह से अच्छी एजुकेशन पाने से वंचित न हो जाये!!आनन्द महिंद्रा जी भारत मे 'महिंद्रा युनाइटेड वर्ल्ड कॉलेज'के बोर्ड ऑफ गर्वनर्स के रूप में भी अपना योगदान दे रहे हैं!! आनन्द महिंद्रा जी ने अपनी माताजी श्रीमती इंदिरा महिंद्रा के नाम पर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को 100 करोड़ डॉलर का डोनेशन दिया है!! सन 2005 में शुरू हुए 'मुंबई महोत्सव'के फाउंडर प्रेसीडेंट हैं,आनन्द महिंद्रा जी!!इसके अलावा आनन्द एशियन सोसायटी के अंतराष्ट्रीय परिषद के भी जॉइंट प्रेसीडेंट हैं!! आनन्द महिंद्रा जी की बेहतरीन कार्य कुशलता और प्रबंधन का ही परिणाम है,कि आज महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज विश्व के कई देशों में महिंद्रा ट्रेक्टर,बोलेरो,एसयूवी और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसे व्हीकल्स एक्सपोर्ट कर रही है!! बैंकिंग सर्विसेज,टूरिज्म,इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट,ट्रेड और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप की बहुत ही महत्वपूर्ण भागीदारी है!!और दिन प्रतिदिन इस ग्रुप की ख्याति इन क्षेत्रों में बढ़ती ही जा रही है!! आनन्द महिंद्रा जी इंडिया में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल असोसिएशन के को-फाउंडर होने की वजह से काफ़ी असर रखते हैं!!उनके ही कुशल मैनेजमेंट और गाइडेंस के कारण 17 अरब डॉलर वाला महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप वाहनों से लेकर रक्षा,एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और एंटरटेनमेंट उद्योग तक विस्तृत हो चुका है!! सन 2015 में इन्होंने इटली की डिजाइन फर्म'पिनइंफेरिना' का अधिग्रहण किया!जापान की कम्पनी मित्सुबिशी में निवेश किया और प्यूज़ो मोटरसाइकिल को खरीद लिया!!आनन्द महिंद्राजी ने आगे बढ़ने के हर मौके का बखूबी इस्तेमाल किया और अपनी कम्पनी को कामयाबी की बुलंदियों पर पहुँचा दिया!! आनन्द महिंद्राजी इतने बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट और प्रतिष्ठित व्यापारिक घराने से होने के बावजूद बेहद शिष्ट और सौम्य व्यक्ति हैं!!आनन्द महिंद्रा हमेशा आम लोगों और विशेषकर युवाओं के संपर्क में बने रहते हैं!!अपने ट्विटर एकाउंट के जरिये आनन्द महिंद्रा जी 2.88 लाख फॉलोवर्स से डायरेक्ट कनेक्ट रहते हैं!!जहाँ वे उन्हें हर नए अपडेट और अपने नजरिए के बारे में अवगत कराते रहते हैं!!लेटेस्ट घटनाओं और बातों के विषय मे किये गए उनके ट्वीट अक्सर ही ट्रेंड में रहते हैं!! युवा भी अपनी बात ट्वीट के जरिये बेधड़क आनन्द महिंद्रा जी तक पहुँचाते रहते हैं!!अभी हाल ही में एक युवक द्वारा किया गया ट्वीट काफी चर्चा में रहा....जिसमें उस युवक ने आनन्द महिंद्रा जी को ट्वीट किया,"कि उसका बर्थडे आनेवाला है!!तो क्या महिंद्रा जी उसे एक गाड़ी गिफ्ट करेंगे?" जवाब में महिंद्रा जी ने उस युवक की डेयरिंग की तारीफ करते हुए मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि'वो उसे गाड़ी गिफ्ट नहीं कर सकते,क्योंकि इस तरह गाड़ियां बाँटते रहने से तो उनका बिजनेस ठप्प पड़ जायेगा!!' स्पोर्ट्स में भी आनन्द महिंद्राजी की गहरी रुचि है!!उन्होंने हमेशा ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया है!!वे हुनरमंद खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने में सदैव आगे रहते हैं!!जब भी किसी खेल में भारतीय खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर कामयाबी मिली,आनन्द महिंद्रा जी ने जी खोल कर उनकी तारीफ की है और बधाई देते हुए उनका हौसला बढ़ाया है!!भारत मे खेलों के विकास और विस्तार के लिए भी वो हमेशा आगे रहते हैं!!कबड्डी का खेल भारत मे बहुत पहले से खेला जाता रहा है!!परंतु वर्तमान समय मे क्रिकेट फुटबॉल,टेनिस और मोबाईल गेम्स की वजह से आज कल के बच्चे और युवा कबड्डी के खेल को लगभग भुला ही बैठे थे!! कबड्डी के खेल को फिर से लोकप्रिय बनाने और युवाओं और बच्चों को कबड्डी की ओर आकर्षित करने के लिये आनन्द महिंद्रा जी ने हाल ही में प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत की है!जिसकी वजह से युवाओं में अब कबड्डी को ले कर क्रेज़ बढ़ता जा रहा है!!आनन्द महिंद्राजी ने कबड्डी लीग की स्थापना कर,एक बार फिर से युवाओं को कबड्डी खेल की ओर आकर्षित किया है!!आज प्रो कबड्डी लीग से कई बड़े बड़े सेलिब्रिटी भी जुड़ गए हैं,जिसके कारण लोगों का इस खेल के प्रति झुकाव तेज़ी से बढ़ा है!!टीवी चैनल पर इसके मैचों का लाईव टेलीकॉस्ट किया जाता है,जिसे सब बड़ी ही रुचि ले कर देखते हैं!!आज दिनोदिन कबड्डी की लोकप्रियता गाँव गाँव मे बढ़ती ही जा रही है। स्मार्ट इंडिया हैकथान2019की तैयारी में ह्यूमनरिसोर्स एंड डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री के सहयोग से टेक्निकल एज्युकेशन के लिए जनवरी 2019 को'फ़र्स्ट लीडरशिप टॉक'लॉन्च किया गया!!जिसमें एज ए गेस्ट लेक्चरर...आनन्द महिंद्राजी ने अपने जीवन के अनुभवों से सीखे गये,अपने विचारों को प्रस्तुत किया... आनन्द महिंद्रा जी ने बताया कि,लीडर में तीन मेन क्वालिटीज का होना बहुत इम्पोर्टेन्ट है,और इन तीनों क्वॉलिटी को उन्होंने...HBS के माध्यम से स्पष्ट किया.... 1--H ह्यूमिलिटी.....आनन्द महिंद्रा जी का मानना है,कि हर लीडर में ह्यूमिलिटी का गुण होना ही चाहिये।मतलब कि लीडर को नम्र व्यक्तित्व का होना जरूरी है!!नम्रता से लीडर अपना हर काम इजियली करा सकता है!!और ह्यूमिलिटी से ही लीडर अपनी लोकप्रियता और प्रतिष्ठा को भी बढ़ा सकता है!!जो काम हम,विनम्रता और पोलाइटनेस से दूसरों से करवा सकते हैं,उसे बेवजह सख्ती और दबाव से नहीं करवाना चाहिये। 2--B ब्रेविटी....आनन्द जी का विचार है कि,लीडरशिप के लिए व्यक्ति में ब्रेविटी तो होनी ही चाहिये!!व्यापार व्यवसाय में कई तरह की कॉम्प्लिकेटेड सिचुएशन और प्रॉब्लम्स आती रहती हैं!!और इन कॉम्प्लिकेटेड सिचुएशन और प्रॉब्लम से व्यक्ति को बिना घबराये या नर्वस हुए,डटकर मुकाबला करते हुए इन प्रॉब्लम का सॉल्यूशन निकालते आना चाहिए।यदि लीडर ही विपरीत परिस्थितियों और कठिनाइयों से घबरा जाएगा,तो भला वो कैसे अपने लोगों से सही तरीके से काम करवा पायेगा।निडरता और बिना घबराये हर सिचुएशन का मुकाबला करने की क्वॉलिटी लीडर में होनी ही चाहिये। 3--S सेल्फअवेयरनेस.....सेल्फअवेयरनेस यानि कि आत्मजागरुकता,ये सफल नेतृत्व की पहली शर्त होती है!लीडर में अपनी सोच और इमेजिनेशन को रियलिटी में बदलने का हुनर होना आवश्यक है!!व्यक्ति जब तक ख़ुद अपने मन के विचारों और आइडियाज के बारे में जागरूक नहीं होगा,तब तक वो दूसरों से उसका प्रॉपर इम्प्लीमेंट नहीं करा सकता।यदि लीडर अपने आसपास की परिस्थितियों और लोगों से परिचित नहीं होगा और उनके विषय मे उसकी जानकारी अधूरी रहेगी,तब तक वो एक सक्सेफुल लीडर नहीं बन सकेगा!! आनन्द महिंद्रा जी का मानना है,कि इंसान की जिंदगी में असफलताओं का बहुत ही इम्पोर्टेन्ट रोल होता है!!क्योंकि,जीवन मे मिली असफलता के दर्द और अनुभव से सीख ले कर,हम अपने कार्य और व्यवहार में सुधार लाते हैं!जिससे सफलता में आ रही बाधाएं दूर हो जाती हैं,और हम सफलता की मंजिल पर सरलता से पहुँच जाते हैं!! अक्सर ही देखने मे आता है,कि लोग असफलताओं से घबराकर आत्महत्या तक कर लेते हैं।स्टूडेंट्स परीक्षा में असफल होने पर,तो कुछ लोग नौकरी या व्यवसाय में असफलता पाने पर अपनी ज़िंदगी ही समाप्त कर लेते हैं।जबकि असफल होने पर हमें अपनी की गई गलतियों को सुधार कर,उसी काम को फिर से दुगने जोश और उत्साह से करना चाहिये।दूसरों शब्दों में कहा जाए,तो असफलता तो सफल होने की पहली सीढ़ी है। जब तक हमें असफलता नहीं मिलेगी,तब तक हम सफलता का सही सही मूल्यांकन भी नहीं कर पायेंगे!!हमारी असफलता ही हमारी सच्ची गुरु होती है,जो हमारी गलतियों को सुधारने में हमारी मदद करती है!!इसलिए कभी भी किसी व्यक्ति को अपनी असफलता से निराश नहीं होना चाहिए!!बल्कि असफल होने पर,अपने द्वारा पहले की गई गलतियों और कमजोरियों को ध्यान में रखते हुए,उस कार्य को पूरा करने के लिए नई प्लानिंग करनी चाहिए।और जब हम पूरी क्षमता और योजना बना कर फिर से उस कार्य को करेंगे,तब हमें सफल होने से कोई भी नहीं रोक सकता!!इसलिए जीवन मे असफलता भी उतनी ही जरूरी होती है,जितनी कि सफलता!! आनन्द महिंद्रा जी ने वर्क प्रेशर के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा है,कि किसी भी व्यक्ति को अपना काम पूरे उत्साह और लगन से करना चाहिए!!वर्किंग लाईफ में यदि आप अपने काम को एन्जॉय करते हैं ,और पूरे जोशोखरोश से अपने काम मे लगे रहते हैं,तो यह काम कभी भी आपको बोझ नहीं लगेगा!!वर्क प्रेशर का कोई प्रॉब्लम ही नहीं होगा!!और यदि व्यक्ति अपने काम को बेमन और बिना किसी उत्साह के बस काम समझ कर ही करता है,तो उसे अपना काम किसी बोझ की तरह ही लगेगा!!वो हमेशा अपने को थकाहारा और चिड़चिड़ा महसूस करेगा!!हम अपने आसपास अक्सर ही देखते हैं,कि लोग ऑफिस या कम्पनी में अपने काम को लेकर नीरसता महसूस करते हैं।उन्हें अपना काम बोझिल और थका देने वाला लगता है।और ऐसी सोच के कारण ही व्यक्ति हमेशा चिड़चिड़ाहट और अवसाद से घिरा रहता है।व्यक्ति के मन और जीवन से प्रसन्नता और उल्लास गायब ही हो जाता है।यहाँ तक कि,व्यक्ति हर वक्त बस गम्भीरता के आवरण में ही लिपटा नजर आता है।इसलिए अगर आप एक उत्साह और प्रसन्नता से भरा जीवन जीना चाहते हैं,तो हमेशा अपने काम को एन्जॉय करना सीखिए!!आप को अपना काम उसी तरह आनन्दित और उत्साहित हो करना चाहिए,जिस तरह आप अपनी मनपसंद हॉबी को पूरा करते समय ख़ुश और उत्साहित रहते हैं। आनन्द महिंद्रा जी ने एक ऑनलाइन फोरम में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि, वे एक लीडर को ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित करते हैं,जिसके पास अपने ख़ुद के विचार है!!जो आने वाले समय की बेहतर कल्पना कर सकता है,और साथ ही आपको यकीन दिलाता है कि,ये लीडर के नहीं,बल्कि उनके अपने विचार ही है!!इस प्रकार एक कुशल लीडर हमेशा अपने विचारों को इस प्रकार से दूसरों के सामने प्रस्तुत करता है,मानो ये सब सिर्फ लीडर की ही नहीं,बल्कि स्वयं लोगों की ही विचारधारा है!! आनन्द महिंद्रा जी का नाम दुनिया भर के टॉप 30 सीईओ की सूची में और फार्च्यून मैगजीन की टॉप 50 लीडर्स की सूची में रखा गया है!!आनन्द महिंद्रा जी वर्तमान में नेशनल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन एजेंसी,इन्वेस्ट इंडिया के बोर्ड में है!! अपने उत्कृष्ट कार्यों और योगदान के लिए आनन्द महिंद्रा जी को कई नेशनल और इंटरनेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं।सन 2004 में आनन्द जी को फ्रांस के प्रेसिडेंट द्वारा स्पेशल ऑनर'ऑर्डर ऑफ मेरिट'से सम्मानित किया गया।आनन्द महिंद्रा जी को व्यवसायिक क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए'राजीव गांधी पुरस्कार' से भी नवाजा जा चुका है। सन 2005 में आनन्द महिंद्रा जी को 'पर्सन ऑफ द ईयर'अवार्ड दिया गया। ऑटोमॉनिटर लीडरशिप अवॉर्ड अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन द्वारा कॉरपोरेट वर्ल्ड में अपनी सोशल रिस्पांसिबिलिटी के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप को दिया गया। सन2006 में आनन्द महिंद्रा जी को 'सीएनबीसी एशिया बिजनेस लीडर' अवॉर्ड और लुधियाना मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा 'इंडस्ट्रियलिस्ट ऑफ द ईयर'अवॉर्ड दिया गया। सन 2007 में एनडीटीवी प्रॉफिट ने आनन्द महिंद्रा जी को 'इंस्प्रेशनल कॉरपोरेट लीडर ऑफ द ईयर' अवार्ड से सम्मानित किया।सन 2008 में आनन्द महिंद्रा जी को बिजनेस लीडर के रूप में 'इकोनॉमिस्ट टाईम्स एवॉर्ड'भी मिल चुका है।हाल ही में आनन्द महिंद्रा जी को 'डेली न्यूज एंड एनालिसिस'द्वारा मुंबई के सबसे प्रभावशाली पुरुषों और महिलाओं में से एक के रूप में चयनित किया गया है। आनन्द महिंद्रा जी के'फॉर्म इक्विपमेंट सेक्टर'को जापान द्वारा क्वालिटी मेडल प्राप्त हुआ है।डेमिंग पुरस्कार जीतने वाली भी ये विश्व की एकमात्र कम्पनी है। और अभी हाल ही में आनन्द महिंद्रा जी को जनवरी 2020 में भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पदम् भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आनन्द महिंद्रा जी को ढेरों पुरस्कार और सम्मान इसलिए नहीं मिले,कि वे एक उद्योगपति या व्यवसायी हैं।बल्कि आनन्द महिंद्राजी को इसलिए अनेकों सम्मान से नवाजा गया क्योंकि उन्होंने सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों का उचित निर्वहन किया।आनन्द महिंद्रा जी स्वयं तो एक आदर्श जीवन व्यतीत करते ही हैं,और साथ ही साथ दूसरों को भी जीवन मे मॉरल वैल्यूज़ को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।स्वार्थ,झूठ,मक्कारी और बेईमानी से दूर रहते हुए कैसे हम अपनी मेहनत और लगन से अपनी मंजिल तक पहुँच सकते हैं,इसका जीता जागता उदाहरण है स्वयँ आनन्द महिंद्रा जी का जीवन।आज की गलाकाट स्पर्धा और केवल पैसों को महत्व दिए जाने वाले युग मे आनन्द जी ने लोगों को प्रेरित किया है,कि हम किस तरह अपने मानवीय मूल्यों और सदाचार को सुरक्षित रखते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकते हैं। भारत मे कई भागों में लड़कियों को शिक्षित करने के प्रति लोगों में रुझान कम पाया जाता है।विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में तो लड़कियों की शिक्षा का प्रतिशत बहुत ही कम रहता है।बहुत से लोग पैसों के अभाव की वजह से बच्चियों को पढा नहीं पाते।शिक्षा हर मनुष्य का अधिकार है।शिक्षित व्यक्ति अपनी सूझबूझ और समझदारी से अपने जीवन का मार्ग तय कर सकता है।शिक्षा के अभाव में व्यक्ति न तो अपने विचारों का विकास कर सकता और न अपने जीवन का।बाहरी दुनिया की जानकारी भी शिक्षा से वंचित व्यक्ति को नहीं हो पाती।शिक्षा से वंचित ऐसी ही नन्हीं नन्हीं बच्चियों को अज्ञानता के अंधेरे में भटकने से बचाने के लिए आनन्द महिंद्रा जी ने सन 1996 में एक गैर सरकारी संगठन'नन्हीं कली' की स्थापना की।महिंद्रा जी द्वारा स्थापित ये नन्हीं कली संगठन उन गरीब वंचित बच्चियों को शिक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है,जो अब तक धन और सुविधाओं के अभाव में शिक्षा से वंचित थीं।हज़ारों ऐसी नन्हीं बच्चियों के अंधेरे जीवन में महिंद्रा जी के संगठन ने ज्ञान का प्रकाश फैला कर उनके जीवन को आलोकित कर दिया है। आनन्द महिंद्रा जी ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी अपना योगदान दिया है।थियेटर अवॉर्ड में 'महिंद्रा एक्सीलेंसी अवॉर्ड'उन्होंने प्रायोजित किया है।और महिंद्रा जी की कम्पनी फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय है। आनन्द जी की दो बेटियाँ हैं..दिव्या और आलिका।ये दोनो ही बिजनेस और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।आनन्द महिंद्रा जी चेयरमैन फ़ॉर लाईफ भी हैं और भारत के सामाजिक आर्थिक विकास की दिशा में कार्य करने वाले एक भारतीय धर्मार्थ ट्रस्ट'नन्दी फाउंडेशन'के निदेशक मंडल में सम्मिलित हैं। आनन्द महिंद्रा जी ने बिजनेस भले ही अपनी विरासत में पाया था,परंतु उस पैतृक व्यवसाय को आनन्द महिंद्रा जी ने अपने अथक परिश्रम और लगन से सफलता की नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया।अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ते हुए आनन्द महिंद्रा जी ने अपनी कम्पनी'महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप' का नाम बिज़नेस वर्ल्ड में जिस मुक़ाम तक पहुँचाया है,वो लाखों करोड़ों के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है।आनन्द महिंद्रा जी ने युवाओं को अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया है।उन्होंने युवाओं को बुराइयों और निराशावादी जीवन से दूर रहने की सलाह देते हुए,एक कर्तव्यनिष्ठ और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा दी है। संक्षिप्त में कहा जाए तो श्री आनन्द महिंद्रा जी का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणादायक और मार्गदर्शक है।