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Part 36

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लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
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फॅस । अगले मोड से दायें और लोग अपनी नाॅन निर्देश दिया । दमन की बाहर को जले एक महाबीर चुका था । पिछले तीन सप्ताह से उसकी और दमन की कोई बातचीत नहीं हुई थी । पिछली बाहर मैं सुमित के अपार्टमेंट में ही मिले थे । उसके बाद से दमन ने उससे कोई संपर्क नहीं किया । उसने अपनी का हाल चाल जाने के लिए एक फॅस तक नहीं किया था । धार्मिक जाए मुझे उस की कोई जरूरत नहीं है । पिछले कुछ सकता से जब से रहने राशा के घेरे में थी, उसके मन में कई विचार आए और गए । उनमें से जो विचार सबसे प्रमुख थे रहे थे उसको तिया को मार देना या आत्महत्या कर ना मैंने एक आदमी को लगभग मार ही डाला था । यह भाव हमेशा उसके साथ रहेगा । धीरे धीरे उसे महसूस हुआ कि उसका अपने ऊपर से नियंत्रन खत्म हो रहा है । वो धीरे धीरे एक ऐसे व्यक्ति के रूप में तब्दील होती जा रही है जो एक असफल प्रेम सम्बन्ध के बाद खुद को ही बर्बाद ये जा रही थी । मेरा पहला प्यार था आठ में गया और घटना का भाव उसे धीरे धीरे निकाले जा रहा था । उसका दर्द बढता ही जा रहा था । बस बस यही बाहार पर रोक तो पंद्रह मिनट है । वहाँ मैं अपना बैग यहाँ छोड कर जा रही हूँ । आप नहीं बोली भी कार से उतरी और सीधे उस वर्ड केवल बनी जहाँ कार्तिक लेटा हुआ था । लाल रंग के छोटे परिधान में बह अस्पताल में अलग ही नजर आ रही थी । स्वागत कक्ष में बैठी नाॅमिनी को देखकर मुस्कुराई, ये नहीं जानती कि मैंने क्या किया है । पिछले कुछ हफ्तों से मैं अस्पताल आकर कार्तिक के कमरे के बाहर टहल रही थी ताकि उसकी एक झलक मिल सकें । ज्यादातर समय मैं मार्फिन के प्रभाव के कारण सोता ही रहता था लेकिन आज एक लडकी उसके बगल में बैठी थी । मैं बढने का थी कॅश जिसके बारे में उसने कुछ किताबें लिखी हैं । फिर एक दूसरे का हाथ पकडे हुए थे और कार्तिक हंस रहा था । वो उस अपराध बहुत से बाहर नहीं निकल पा रही थी कि उसने कार्तिक को ही मार डाला था । वो अपने आंसू पोंछते हुए वहाँ से निकल गई । मैं इतनी दीवानी कैसे हो गई कि धवन के लिए कुछ भी करने को तैयार हो गयी । स्वागत कक्ष में बैठी नर्से कार्ते के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद वो वापस अपनी कार में बैठ गई । तीन हफ्तों से जब से धमनियों से सोशल मीडिया प्रोफाइल से ब्लॉक किया नहीं उसका पीछा कर रही थी । हालांकि उसे इसके होने वाले नफे नुकसान का कोई अनुमान नहीं था । ऍफ फिर जाने के लिए तैयार होती, अपनी घर उठाती और दमन के घर ऑफिस के बाहर खडी कर दी थी भी कार में बैठे बैठे चिप्स, पानी और कोल्ड्रिंग पीती रहती है । और जब भी दमन बाहर आधा में उसके पीछे चल रही थी । दिन ढलने पर जब घर पहुंचती उसकी कमर में दर्द था और शरीर टूट रहा होता था । उसकी आंखें आंसुओं से भरी रहती है और अपने आप को कोसती रहती ॅ फिर से वही दिन चले अपनाती शुरुआत की । कुछ दिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा हूँ तो दिन भर अपने घर में रहता और बस थोडी देर के लिए टहलने और सिगरेट पीने के लिए घर चला गया था । कभी कबार किताब ही शुरू कराने के एक आठ घंटे के लिए ब्रिटिश टाउन से लाइब्रेरी भी जाया करता था । कुछ ऐसे पल भी आए जब उसे दमन पर प्यार आया और सरकार से निकल करो से गले लगाना चाहती थी । उसके मन में जो थोडी बहुत आशा शेष थी, अगले हफ्ते भी दूर हो गई जब उसने उसे लगभग रोज ही सुरेशी से मिलते हुए पाया है । उसी कॉफीहाउस पाद सिनेमा हॉल में श्रेयसी के साथ जाता था, जहां कभी मैं उसके साथ जाया करता था । मेरो शेयरिंग भी क्या करता था? अपने हाथों में हाथ डाले हस्ते बतियाते रहते थे । इसे देख अफ्रीका दिल टूट गया । पांचवे दिन ही उसका मनोज क्या मैं सोचने लगी कि वैश्विक उसी की तरह आचरण करने लगी है और उसी की तरह दमन का पीछा कर रही है? आप बार नहीं, उसका रोना धोना और खुद को घोषणा कभी तो खत्म होना ही था । आज रात आ गई थी जब उसे अपने जीवन में आगे बढना था । अच्छा अब उसकी आंखों में कोई आंसू नहीं थे । उसका सारा शोभ, क्रोध, निराशा पीछे छोड गई थी । आज रात रहे खालीपन को भर देगी या यदि मैं असफल रहती है तब भी उसके प्रति बदला लेने जैसा होगा । उसके जीवन में उससे अच्छा साथ ही आ सकता है । आपने प्यार नहीं करती, वो अपने ऑफिस के मित्र कारन से मिल रही थी । मैं कह नहीं सकती थी कि वह उसे सच में पसंद करता है, उसके साथ हमबिस्तर होना चाहता है, पर है पिछले लंबे अरसे से उसके पीछे पडा था । करन उसी समय काफी ब्रेक लिया करता था जिस समय है कॉफी पीने आती थी । देव से लंच के बाद च्विंगम खाने को देता है और उसे प्राया अपना मोबाइल चार्जर दिया करता था । उसका वर्ग स्टेशन भी कमरे के कोने में स्थानांतरित होकर अपनी से दो सीट की दोहरी पर आ गया था । अपनी उस से लेकर ॅ हो चुकी थी । पर उसने एक भी बार शिकायत नहीं कि पिछले कुछ हफ्तों से मैं अपनी की प्रस्तुतियों को जांच बता रहा था कि कहीं पे उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक त्रृटियां सहित ना भेजते । पिछले हफ्ते जब अपनी ने उसे रात में एक साथ बाहर चलने का प्रस्ताव दिया था तब उसने किसी सज्जन पुरुष की तरह अपनी से एल्कोहल की जगह कॉफी पीने की बात कही थी । लेकिन अपनी कुछ और चाहती थी । करन सफेद रंग की शर्ट और गहरे रंग की पैंट पहन कराया था । ऑफिस की तुलना में आदमी को मैं कुछ अधिक युवा लग रहा था । मैं गले लगे और करण ने उसके बैठने के लिए कुर्सी कीजिए । ये फिफ्टी मेरा साथ ही हो नहीं होगी है तो तुमको अच्छे पीना चाहोगी । करण ने पूछा जरूर और हम यहाँ करने भी क्या आए । हैं । अपनी बोली कुछ ही समय में अपनी पीकर बहुत हो गई और कारणों से प्रभावित करने के प्रयत्न करता रहा हूँ । मैं मजाकिया, आकर्षक और विनम्रता हूँ । यदि वे उसकी और ध्यान देती तो ये एक बेहतरीन डेट हो सकती थी । अपनी ने उसकी आधे से अधिक बातें सुनी नहीं । बस उसमें सिर्फ ये नोटिस किया कि करण आकर्षक था और उसकी ओर ध्यान दे रहा था । तो क्या मैंने तो मैं बताया है कि वह कितना मूर्ख व्यक्ति था । अपनी बोली वहाँ तो लगभग दस बार ये बात बता चुकी हूँ । अब ग्यारवी बार बता रही हूँ क्या तुम और देना चाहती हूँ तुम पहले ही बहुत पीछे क्यों? भोला अभी और भी होंगी । मुझे इतनी आसानी से नहीं चढती । लेकिन है तो एक दो पैक नहीं डाली हो जाता था । अपनी ने उमंग में भरते हुए कहा हम जानते हो कि पीकर धुत्त हो जाने के बाद उसका किरन भी हो गया था । ये तुमने बताया था जैसे उसने ज्यादा भी ही ना हो । ऍम अब इस पर विचार करके बताओ कि क्या उसे मुझे ब्रेकअप करना चाहिए । मैं नहीं समझता हूँ मैं ठीक हूँ । कुछ पडी नहीं है तो जानती हूँ कि कौन ठीक नहीं है । जानते हो ना? आपनी ने पूछा हूँ मैं एक अनुमान लगाता हूँ । ऍम समझता है, देखती हूँ नहीं जानती थी कि तुम समझता हूँ उसकी जगह है । मुझे तो भी डेट करना चाहिए था । मैं भी तो मैं डेट कर सकती हूँ । मेरी माँ को भी तुम पसंद आ होगी तो मेरे लायक हूँ । हम अक्सर मिला करेंगे । हाँ, आज हम एक दूसरे को चुंबन लेकर इसकी विस्तृत शुरुआत करेंगे तो ये सोच सकते हो कि मैं पीछे की और पलट रही हूँ । पर ऐसा नहीं हो के और मैं वादा करती हूं कहते हुए अपनी ने अपना हाथ उसके दिल पर रखा । तीस साठा करती हूँ तो हम खुद को शर्मिंदा कर रही हूँ । मैं तो मैं घर छोड देता हूँ । करण ने जोर दिया । उसने बेटर से बिल लाने का इशारा क्या क्या तो मुझे छुटकारा पाने का प्रयास कर रहे हो । बोलो सभी लोग मुझ से पीछा छुडवाना क्यों चाहते हैं? मैं तुम्हें उस शर्मिंदगी से बचाना चाहता हूँ । मैं तुम्हें उस शर्मिंदगी से बचाना जा रहा हूँ जिसका सामना तो मैं आने वाले समय में करना पडेगा । क्या बुला रहा हूँ तो मैं घर छोड दूंगा क्या समय लगता है कि तुम्हें इस हालत में घर जा सकती हो । उसने पूछा ही क्यों नहीं? मेरे माता पिता ने दमन को भी स्वीकार किया था तो घटिया लेखक जिसका कोई भविष्य ही नहीं था तो मुझे नशे की हालत में क्यों स्वीकार नहीं करेंगे? बेकार का प्रश्न था मैं हमारे प्रेम में पडने के बारे में दोबारा सोच विचार कर रही हूँ । मुझे तुमसे प्रेम करना चाहिए या नहीं करना चाहिए? क्या करना चाहिए? जब करण बिल का भुगतान कर रहा था तो अपनी बोली ऍम ये खर्च कभी नहीं उठा सकता था । उसने अपनी आवाज भी नहीं करते हुए कहा सुनो, किसी से कहना मत की । उसका करियर तबाह हो चुका है । लेकिन हो सकता है कि श्रेयसी सबकुछ ठीक कर दे । जरूर करन नहीं उठते हुए कहा क्या तुम्हें मदद चाहिए? नहीं नहीं अपनी ने विरोध किया । मैं जैसे ही खडी होने लगी, लडखडा गई और कराने उसे संभाला । इस समय तक सारा रेस्टोरेंट उनकी ओर देखने लगा था । अपनी ने सभी लोगों की ओर बीच की उंगली दिखाते हुए और जीत चढाते हुए इशारा किया । उसने अपनी बाहों में करण को भर लिया पर वो पीछे की ओर हट गया हूँ । अपनी नहीं उसे अपनी और खींचा करना । फिर से पीछे हटने का प्रयत्न किया । पर इस बार अवनी ने अपने दादा उसकी गर्दन पे बढा दिया । ऍम को उसके चंगुल से मुक्त कर लेता है तो मुझे प्यार नहीं करते । अपनी ने पूछा कर कोई उत्तर नहीं देता है, उसे मजबूती सकता करता है और उसे दरवाजे से बाहर ले जाता है । वो जोर से बोलती रहती है हाॅल

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लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
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