Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM
Part 28 in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts

Part 28 in Hindi

Share Kukufm
327 Listens
AuthorAditya Bajpai
लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
Read More
Transcript
View transcript

भाग अठाई । उसने श्रेयसी को कैसे के बाहर अपने बालों को ठीक करते हुए देखा । लाइन वाली शर्ट और काले रंग की पैंट मैं आकर्षक लग रही थी । अपने फोन में देखने का बहाना करते हुए हैं । उसने श्रेयसी की एक तस्वीर निकाल नहीं और सुमित को भेज दी । दमन को देखते ही श्रेयसी ने मुस्कराकर और हाथ हिलाकर इशारा किया । उसकी ओर बढकर उसने दमन को गले से लगाया । दमन ने उसकी पीठ पर हाथ रखा । कुछ सेकेंड तक में इसी अवस्था में रहे । दमन ने सुमित के पास तस्वीर पहुंचने तक का इंतजार किया । मैं कमजोर था धत तेरी की धमने कहाँ और श्रेयसी के लिए कुर्सी सरकारी उसने पाया की हो रही थी क्या तुम नहीं है? जगह ठीक नहीं लगी तो मैं सच में कुछ ही नहीं हैं । ऐसी मुस्कुराते हुए बोली कि उन्हें दो जगहों में से एक है जहां बैठकर तुम लिखा करते थे तो मुझे बताया था क्या मैंने मैं बताया था कि मैं एक लेखक बनना चाहता हूँ । हाँ बताया था तो उन्हें कभी नहीं सोचा था की तो मैं कर पाओगे । ऍम कहते हुए उसने दमन कहाँ पकड लिया । तुम कुछ खाना चाहोगे । उसने ब्लॅक कॉफी ऑर्डर की सैंडविच का बडा सा टुकडा खाते हुए उसने पूछा तो तुम हमारे बारे में क्या बात करना चाहते थे? यहाँ ऍम बहुत अच्छे होते हैं । खासकर देखो ऍफ का एक छोटा सा टुकडा खाते हुए उसने पूछा हूँ मैं हम दोनों के बारे में जानना चाहता हूँ । जैसा कि तुम ने कहा है मुझे कुछ भी आज नहीं है । हमने डेटिंग कैसे शुरू की है? हम एक ही होटल में रुके थे । है ना, लेकिन हमारे बीच बातचीत कैसे शुरू हुई? किसने शुरुआत की पहल किसने की तुमने या मैंने? हमने किस बारे में बात की? मैं नहीं तो गलती करेगी । उसके उत्तर देने के पहले दमान ने सोचा है । मुस्कुराने लगी और टिशु पेपर से अपने मुंह को पहुंचने लगी । क्या तुमने प्रश्नों के लिखित सूची बना रखी है? मैं तुम्हारे सारे प्रश्नों का जवाब लिखित में ही दे दूंगी । यही तो मैं ठीक लगे तो आपकी उंगली चाहते हुए उसने कहा मैं सारी घटनाओं का सिलसिलेवार अपने मस्तिष्क में याद करना चाहता हूँ तो क्या हुआ कि मुझे कुछ याद नहीं? मैं कल्पना कर सकता हूँ । कल्पना करने में माहिर हूँ । दमन ने आंखे मिर्च खाते हो जाएगा । उसने दमन के हाथ पकडते हुए उन्हें छू लिया । हाँ, तो कल्पना करने में बहुत माहिर हो । वो जब कृषि है कि हमें ऐसा कर रहे हैं, क्या अपनी जानती है कि तुम उससे ब्रेकअप कर रहा हूँ । दमन की त्योरियां चढ गयी हूँ ऐसी मैंने ये कभी नहीं कहा कि मैं अपनी से ब्रेकअप कर रहा हूँ । मैं पिछले एक साल से उसके साथ हूँ । तुम्हारे साथ गुजारे गए तीन दिनों की तुलना में ये बहुत ज्यादा है । तो तुमने मुझे अपने बारे में लिखने और अपनी के बारे में ना लिखने को कहा है क्या? इसीलिए तुम नहीं किताब के उन हिस्सों से उसका नाम काट दिया । ये सच है लेकिन सामान्य उसकी बात बीच में काट दी । मैं उसके साथ यथा सम्भव नरमी के साथ पेश आने की कोशिश कर रहा था । उसने श्रेयसी के हाथ पर चुंबन लेते हुए कहा जिस तरह तुम्हारे बाज अपने पति को छोडने का कोई कारण नहीं है उसी तरह मुझे भी अपनी को छोडने का कोई कारण समझ नहीं आता हूँ । मैं ठीक कह रहा हूँ ना या कुछ बोल रहा हूँ उसका चेहरा हो गया । एक अंतर है तो उसे प्यार करते हो तो मुझ से जुडे हुए हो । ये बात मैं जानती हूँ पर मैं अपने पति से कोई जुडाव नहीं महसूस करती है । अपनी अगली पोस्टिंग में डूबकर मर भी चाहे तो मुझे फर्क नहीं पडता । उसने ठंडी तरीके से कहा हूँ, अपनी ने मुझे बहुत समय दिया है और मेरी देखभाल की है । मैं उसके प्रति देखा नहीं हो सकता तो बात समाज सकते हो क्योंकि तुम बिहार में रही हो । धवन ने कहा अपनी बात में एक सुधार कर लो मैं अब भी प्यार में हूँ, थोडा तो वहीं से देखा हूँ । धवन ने स्वयं से कहा उसे कोई गलती करने दो । हाँ तुम भी प्यार में हो और इसलिए तुम समझ सकती हो ना क्यों से कैसा लगेगा । तुम दोनों मुझे याद करते हो पर एक बात में समझ नहीं पा रहा हूँ की अपनी अगले किताब में मैं क्यों? तो मैं उसकी जगह तरजीही दू केवल तीन नहीं नहीं हम साथ रहे हैं तो मुझे बताओ कि इसमें ऐसी कौन सी खास बात है कि मैं उसकी जगह तो मैं प्राथमिकता दूँ । ऍम तो ऐसे तो नहीं सकती हूँ । मैं तो सिर्फ दर्द कर रहा हूँ । धवन ने कहा और अपना हाथ उठाया तीन दिन से अधिक था । हाँ मैं जानता हूँ कि किसी ने उसे बीच में टोकते हुए कहा तुम्हें ज्यादा लंबे से प्यार कर रही हूँ । दमन मैं भले ही सामने नहीं आई लेकिन मैं हर समय तुम्हारे आस पास ही थी तो मैं देखती थी बिहार करती थी और बच जाती थी अपनी के पहले । यहाँ तक कि उस दुर्घटना के पहले गोवा के पहले हर बात के पहले तो उनके इस बारे में बात कर रही हूँ । उदास आंखों और चेहरे पर मुस्कान के साथ मैं बोली तो हमेशा से यही चाहते थे कि तुम्हारी प्रेम कथा लाइब्रेरी से शुरू हुआ है ना । मैंने तो आपका की किसी को नहीं बताया । वहाँ पर तुम कैसे जानती हो? हमारी मुलाकात गोवा में ऐसी हुई थी तो क्या कि एकाएक नहीं थी बल्कि इसकी योजना बनाई गई थी । तुम्हारी नजर में गोवा में हमारी प्रेम कहानी की शुरुआत एक आकाश में घटना है, लेकिन मैंने इसकी योजना महीनों पहले बना ली थी । उसने अपनी उंगली दमन के चेहरे पर भिलाई तो भले ही पहली बार मच्छी गोवा में मिले हो पर मैं तुमसे पहले भी मिल चुकी हूँ । कई बार तुमने मेरे साथ वाले ही तीन दिन को जा रही हूँ और मैं हमारे साथ कई दिन गुजारे हैं कि तुम्हें याद है हम पहली बार कहाँ मिले थे । दमन ने इंकार में सर हिलाया नहीं । वो धीमे से मस कराई और अगल बगल देखने लगे । शाहिद पर तीन साल पहले दुर्घटना के भी एक साल पहले तुम्हारे कहने का क्या मतलब है? द मानने चकित होते हुए पूछा, टी । टी । यू । में अपने अंतिम वर्ष को याद करो । उसका किसी भी बात से क्या लेना देना है । उसने पूछा तो यहाँ यहाँ आते थे तो तुम कॉलेज में अपनी कक्षाओं के बाद सात सौ उनहत्तर नंबर की । बस पकडकर यहीं आते थे तो मेट्रो से भी यहाँ सकते थे । पर तुम हमेशा बस द्वारा ही आते थे । इससे तो मैं बस में किताबें पढने के लिए पूरे दो घंटे मिल जाते थे । चुने तुम अपने बैग पैक में रख कर लाते थे । हम ये सब कैसे जानती हो? धमने आश्चर्यचकित होते हुए पूछा तो मुझे अपनी बात पूरी करने दो गए यूएई बीच बीच में टोकते रहो हो उसे अद्यतन समय तुम गृह रंग की टीशर्ट, जीन्स और चप्पल में ही होते थे तो बस स्टैंड पर उतार कर सीधे की ऐसे आते थे । पहले तो मकसद ॅ ऑर्डर करते थे क्योंकि वह सस्ती हुआ करती थी । कभी कबार तुम अपने साथ ऑफिस से लेकर आते थे और लोगों की नजरें चुराकर पानी में मिलाकर पी लिया करते थे । कहते हुए उसने एक डेस्क की ओर इशारा किया जिस पर कुछ पब्लिक कंप्यूटर रखे हुए थे तो केवल उस साले कंप्यूटर पर ही टाइप करते थे । तो मैं किसी और की जरूरत ही नहीं होती थी तो स्क्रीन को ऐसे घूमते थे जैसे कोई और मौजूद ही ना हूँ । उसी दिन पहली बार मैंने ऐसा महसूस किया था कि उसके पहले कभी नहीं किया था । वहाँ मैं नहीं चाहती थी कि उस एहसास का एक नाम ही प्यार है, लेकिन उसने बोलना जारी रखा हूँ । यहाँ तो मैं देखने के लिए अक्सर आने लगी तो मैं मैच सीट पर बैठे हो । मैं उसी सीट पर बैठकर तो मैं टाइप करते देखती रहती थी । कभी कभी तुम कॉफी ऑर्डर किया करते थे । कई बार उस समय तो मैं तुम्हारे बासी खडी रहती थी । कभी कबार हमारा शरीर वर्ष हो जाता था तो शर्माते हुए क्षमा मांग लिया करते थे । मैं उन टिशु पेपर और झूठे कब कुछ रालिया करती थी जिन्हें तुम्हारे होठों का स्पर्श हुआ करता था । धीरे धीरे मेरी अलमारी का एक छोटा घंट ऐसी चीजों से भर गया था और एक माह के ऐसे गुजर गया पता ही नहीं चला । तो मेरी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके थे । रोज शाम का इंतजार किया करती थी । मैं यहाँ अपने ऑफिस के समय के बाद आया करती थी और घंटों तक तो मैं देखती रहती थी । एक में ही सारी फॅमिली उत्तर जाती थी लेकिन एक दिन तुमने आना छोड दिया । एक सप्ताह तक मैं इसी जगह पर बैठकर तुम्हारा इंतजार किया करती थी । दिल ही टूट गया था तो कुछ ना कुछ करना था । मैं हमारे कॉलेज तक गई थी और फिर मुझे पता लगा कि तुम्हारे कॉलेज की लाइब्रेरी में हाईस्पीड इंटरनेट लग गया था । अब बिना किसी कारण और संत है कि क्लोज तुम्हारे कॉलेज की लाइब्रेरी में आना मेरे लिए मुश्किल काम था । इसलिए मुझे फिर से तो मैं क्या फिर की ओर आकर्षित करना था और इसी समय तुमने क्या फिकर रॉयल मेंबर कार्ड जीत लिया जिससे तुम्हें इस कैसे में फ्री में कॉफी और एक डोनेट मिला करता था । इसके बाद फिर तुम्हें कॉलेज की लाइब्रेरी में नहीं लिखा । यही इस बात को कैसे जानती है तो यहाँ फिर से आने लगे । हम साथ साथ बहुत समय गुजारने लगे तो लिखते थे और मैं तुम्हें लिखते हुए देखा करती थी । मुझे इस बात का अफसोस होता था की तो मुझ पर ध्यान नहीं देते थे । मैं अपने भारत तक अच्छे से अच्छे कपडे पहन कर आती थी । तुम सिर उठाकर भी नहीं देखते थे । शायद तुम शर्मीले स्वभाव के थे । धीरे धीरे मुझे पता चल लिया कि तुम्हें किताब लिख रहे हो । मैंने देखा था कि तुम इसे लेकर कितना संघर्ष कर रहे थे । मुझे तुम्हारे चेहरे पर तनाव ऍफ नजर आता था । तब तो मैं प्यार करती थी और तो उनसे सहानुभूति रखती थी । तो मैं अपने घर ले जाना चाहती थी, प्यार करना चाहती थी और तो मैं वो सारी चीजें दिखाना चाहती थी तो मैंने इकत्रित कर रखी थी । पेट में बताना चाहती थी कि तुम्हारी अलिखित किताब का एक प्रशंसक भी है । इसी तरह को छापते को सरकार तो यही बैठकर अपनी कहानी लिखने का प्रयास करते रहते थे । मैं यहाँ बैठ कर तो में देखती रहती थी तो कुछ पेट से अधिक नहीं लिखते थे । हर दिन तुम्हारे जाने के बाद में कंप्यूटर केरे साइकिल ट्रेन से तुम्हारे द्वारा डिलीट की गई कहानियों को ढूंढकर पढा करती थी । मैं उनके प्रिंटआउट अपने घर ले जाती थी । मेरे पास सभी अभी भी फाइल में सुरक्षित हैं । वो सारे अधूरिया अध्याय हैं । हमारी ही कहानी की तरह जितनी बार भी महीने पडती थी, मुझे लगता था कि तुम्हारे बारे में बहुत कम जानती हूँ । तब मैं तुम्हारे बारे में और जानना चाहती थी । मैंने कभी ट्रक नहीं नहीं थी, लेकिन मैं सोचती हूँ कि इसका सेवन कैसा होता होगा । तो मैं सिर्फ एक बार कोकीन लेनी है । उसके बाद तो मैं हर बार उसे लेने की इच्छा होगी । कुछ ऐसे हफ्ते भी थे जिनमें तुम कॉलेज की परीक्षा होने के कारण कैसे नहीं आए? भगवान जानता है कि वे दिन मैंने कितने मुश्किल से काटे, लेकिन परीक्षा के बाद तुमने फिर से आना शुरू कर दिया । हर दिन यहाँ बैठकर मैं सोचती रहती थी कि तुम से क्या बोल होंगी । लेकिन मैं तुमसे बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई । तुम्हारी सारी कहानियों में दर्शाई गई अभिनेत्री स्माॅल थी, पर मुझे लगता था कि मैं ऐसी नहीं हूँ । कहते हुए उसने अपना फोन निकाल लिया । उसने दमन को एक तस्वीर दिखाई हूँ । देखो, मैं थोडी मोटी हुआ करती थी, लेकिन अब नहीं हूँ । ऍम तस्वीर में दमन कोशिश ऐसी थोडी मोटी नहीं थी । ये चलती थी । मैं सेल्फी इसी कॉफी शॉप में ली गई थी । तस्वीर में दमान को एक युवा दिखाई दिया, क्योंकि कंप्यूटर पर कुछ काम करने में मशगूल था । मैं युवा दम नहीं था । मेरे पास और भी तस्वीरें भी कहते हुए उसने फोल्डर पर क्या ये तस्वीर भी उसी तरह की थी जिसे उसी कौन से लिया गया था? सभी तस्वीरें तीन साल पहले की थी तो मुझे देख रही थीं । तमन्ने पूछा तो पीछा करने वाली हैं । पूरे समय मैं तुम्हारी प्रशंसा ही करती रही । पूरे एक साल में उस जगह बैठी रही जहाँ भी तुम बैठे हुए और तुम्हारी प्रशंसा करती रही । देखो अगर हम कहाँ है । हम तो हम किसी आश्चर्यजनक मोड पर है । हमारी पिछली मुलाकात गलती थी । जो कुछ भी गोवा में घटित हुआ वो नहीं होना चाहिए था । तुम को वहाँ कैसे आई? तुम्हारा पीछा करते करते तो मैं पता कैसे चला तो तुम काॅल चेक किया करते थे और लॉग आउट करना भूल जाते थे । इसी तरह मुझे पता चला कि ऐसी ने कहा और कोने में रखे कंप्यूटर की ओर इशारा गया । दमन ने उसी दिशा में देखा । कंप्यूटरों पर स्क्रीनसेवर लहरा रहे थे । मैं ऐसा कर सकता हूँ । उसने सोचा हूँ क्या तुमने मेरे ॅ किए हैं? क्यों नहीं करूंगी तो मुझे क्या छुपाना चाहते हो? मैं कुछ और कहानियों की तलाश में हूँ । लेकिन पता है मुझे क्या मिला? श्री ऐसी नहीं उत्साहपूर्वक कहा तो अबकि हवाई टिकट होटल आरक्षण भी जानती थी कि एक संकेत है कि मेरे लिए एक अफसर था । अन्यथा तुम क्यों अपनी मेल आईडी खुला छोड देते थे । मैं बहुत उत्साही थी । कहते हुए उसके चेहरे पर मुस्कुराहट डर गई और तुमने मेरा पीछा किया । उसने दादा नहीं बोलती है । हाँ, मेरे तुम्हारा पीछा किया और तभी मैं तुम से मिल पाई । महीनों तक सिर्फ तो मैं निहारते रहने के उपरांत और ये उसी तरह होने जा रहा था जैसा तुमने अपनी एक कहानी में लिखा था । गोवा की छोटी सी कांत लाइब्रेरी में ऐसी ने अपना साढे खाकर खत्म कर लिया । जबकि दमन ने सिर्फ एक टुकडा ही खाया था । कॉफी के खाली हो चुके थे । किसी ने एक बार फिर से कॉफी और सैंडविच गर्म करने का ऑर्डर दिया । क्या तब तक तुम्हारी सगाई नहीं हुई थी? हो चुकी थी लेकिन जो गोवा में होना था उसे तो वहीं छूट जाना था ना शादी करने के पूर्व तो मेरे अंतिम प्रेम प्रसंग होने वाले थे । उसने उसका हाथ जोर से दबाते हुए कहा तो मैं एक साल से मेरा पीछा कर रही थी और मैं तुम्हारा एक अंतिम प्रेम प्रसंग होने वाला था कि यह बात कुछ समझ नहीं आई । दमन बोला शाॅप पढते हुए कहा मैं तुम्हारा पीछा नहीं कर रही थी तो मैं प्यार करती थी इसलिए तो मैं देखा करती थी । मुझे तो उनसे पहली नजर में ही प्यार हो गया था । डाॅन मुझे समझने में कुछ समय लगा । मैं तो उसे हमेशा प्यार करती रही है । ठीक उसी सीधी सी बात है और कौन तुम्हारे लिए पूरे दिन भर वो सब काम करेगा तो मैंने क्या तुम्हारे कहने का मतलब इसमें मेरी बहन अपनी और जयंती से आप परिचित हो । घर मिलना भी शामिल हैं और दो खा उनसे मेरी किताब का अनुबंध करवाना भी । दमन ने आरोप लगाया ऐसे ही मुस्कराई जैसे उसकी तारीफ हो रही हूँ । मैं समय से भी मिली हूँ । अभी तो में लेने आया था तो चारो बहुत हो लें । खासकर तुम्हारा सबसे अच्छा मित्र और कुछ है । लडका सुमित सभी अपना फोन इतनी सहजता से कैसे आसपास छोड देते हैं जबकि सिर्फ चार अक्षर के पासवर्ड से उनके सारे रात सामने आ सकते हैं । जितना बडा फोन होगा उन्हें पकडना उतना ही आसान होगा । वैसी नहीं । उसके सामने फोन सरकाया तुम भी अलग नहीं होती थी । तुम भी पास डालते समय अपने इर्द गिर्द नहीं देखते है । फोन धवन का था और अनलॉक स्थिति में था । उसने फोन का उठाया कैसे? तुमने याद है मैंने तो मैं गौर से देखा है । इसके अलावा मैंने वह तस्वीर डिलीट कर दी है जो तुम सुमित को भेजने के प्रयास में थे तो मुझे साथ साथ बोलते थे । जब हमारी बातचीत समाप्त हो जाएगी तब हम साथ में तस्वीर लेंगे तो जानती हूँ किस दिशा से अच्छा प्रकाश आता है । मैंने यहाँ बहुत सी तस्वीरें ली हैं । मैं सुमित मुझे पसंद नहीं करता है, ना कोई पार्टी में बुरा नहीं मानती है । तुम्हारा एक सच्चा मित्र हैं, उसकी जानकारी के बिना बता दूँ, मैं सभी काम कर चुकी हूँ । जो कर चुका है क्या करना चाहता है तो मैं वो लडकी आॅफ वर्ष में डेट कर रहे थे तो तुम पांच महानाटक उसके साथ संबंध में थे तो मुझे लगता था कि तुम मुझसे प्यार करते थे तो मैं अपनी कोई घटिया कहानियों में उसके नाम का जिक्र भी किया है । मैंने उसका नाम परिवर्तित कर दिया है । यदि अनन्या के बारे में क्या समय तो उसे लगातार उससे ब्रेकअप करने के लिए कहता रहा क्योंकि वो पूरे कॉलेज में एक बदचलन लडकी के रूप में पदनाम थी । लेकिन तुम्हारे मन में उत्तेजक लडकियों के प्रति झुकाव था तो हमेशा ऐसी लडकियों की तरफ आकर्षित हुआ करते थे जिन्हें पाना आसान ना हो तो उन्हें बदलना चाहते थे । लेकिन उन्हें ये अहसास दिलाते रहते देखिये जैसी भी है अच्छी हैं । फिर बीस बात के लिए मैं तुम्हारा सम्मान करती हूँ और प्यार करती हूँ लेकिन हमारे लायक नहीं है । मैं तो उसको उनसे झूठ बोलती है तो मैं तो का देती है, तुम्हारा मजाक बनाती है । और यह बातें मुझे पसंद नहीं है तो यहाँ इस कॉफी शॉप में बैठकर उसको दिया था । पाकिस् ले रहे हो उसके लिए अपने सबसे अच्छे दोस्त को नीचा दिखा रहे हूँ । मैं तुम्हें उस की कहानियां सुनाता है ता था पर तो मन पर भरोसा करने को तैयार ही नहीं थे । तो फिर किस बात से तुम्हारा उसके साथ ब्रेकअप हुआ? तुम्हारी ईमेल में उसके साथ हुई सेक्स चैट के स्क्रीनशॉट है । एक नहीं कई लडकों के साथ । तो क्या लगता है कि किसने तो मैं वो स्क्रीनशॉट्स भेजे हैं । मुझे एक गुमनामी में लाया था । दमन ने उत्तर दिया, मैं निर्लज्जतापूर्वक हस्ती रही । पहले ही उस समय ऍम लेकिन उसे मैंने भेजा था । उसने फिर से अपने फोन में कुछ तालाशा । कुछ ही पलों में उसने कुछ और स्क्रीनशॉट दमन का दिखा दिया । मैं हमेशा से तुम्हारी खोज में थी । कल्पना करूँ यदि मैंने अनन्या की बेवफाई के साक्षित्व में ना बेटे होते तो समझ भी उसे डेट कर रहे होते थे । अच्छे इतने बेवकूफ बना रही होती है । पीना भरोसा करो या ऐसा नहीं था तो हाँ चतुर लडकी थी । फिर कोई भर्ती तो तुम जानते हो कि तुम्हारी सच्ची शुभ चिंतक कौन है? मैंने तो मैं हमेशा बचाया है । मैं तो मैं ये बताना ही नहीं चाहती कि तुम्हारे आखिरी सेमेस्टर के दौरान किस तरह मैंने थर्मोडाइनेमिक्स के पेपर में बचाया । तो मैं कभी नहीं बताउंगी की मैं तुम्हारे उस विषय के प्रोफेसर बीवी अरोरा से कैसे निपटी थी । मेरी तरफ इस तरह मत देखो । मैंने उसे नहीं मारा । कहते हुए वहाँ ऐसी मुझे अब तक तुम्हारा मुस्कुराता हुआ चेहरा याद है । जब तुम बहुत आकर्षक लग रहे थे तो भी मेरे पास तो मैं सुनने के लिए बहुत सी कहानियां तो पूछा है ना की आखिरी की तुलना में तो मुझे क्यों प्राथमिकता दो । तो वही इसलिए प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि मैं ऐसा होने से रोक सकती थी । अपनी और तुम एक साथ कभी नहीं रहे हो लेकिन हम है । धमन बोला ऐसी ने मेज पर हाथ बढेगा । उसके होर घर लाने लगे क्योंकि मैंने ऐसा होने दिया । थोडे कम क्रोधित स्वर में उसने बोलना जारी रखा । मैंने ऐसा इसलिए होने दिया क्योंकि मुझे लगता था कि वह ढीली और आलसी है । एक बैंकर है और तुम्हारी पसंद की लडकियों जैसी तो बिल्कुल नहीं है । इसकी तुलना में अनन्या फिर भी बेहतर थी । जिन तीन लडकियों को उसके पहले तुमने डेढ किया है उन सभी की तो लाॅस सबसे ज्यादा बोलेंगे । हमेशा की वो सोचते हो की तुम अपनी के पहले ब्लॅक हो तो अच्छा लगता है कि लोगों को पता नहीं है तो मैं उसके साथ क्या क्या गुल खिलाए हैं? क्या हम नहीं कर सकते क्योंकि वह उदासीन से हैं । तमन तुम और किसी की तुलना में उसे कहीं अधिक अच्छी तरह से जानते हो । अनीता तो उसके बारे में पहले क्यों नहीं लिखते कि भू प्रश्न है जिसका उत्तर सप्ताह स्पष्ट है है ना? और तुमने आपको से अपने माता पिता से क्यों नहीं मिलवाया क्योंकि तो उसके बारे में खत्म भी निश्चित नहीं हूं और न कभी होगे अपने साठ बचपना करता छोडो ॅ तो मैं उसके साथ डेट पर चाहते हुए देखा है तो उसकी संगत में बोर होते हो ऐसा नहीं है । धवन ने प्रतिवाद किया तो देखो मैं जानती हूँ की अपनी मेरे पति की तरह एक समझौता भर है लेकिन ऍम ठीक समझो । एक बीच का रास्ता चुनते हैं तो मैं नाराज करके में कहाँ जाउंगी भी भी मेरा भाग्य हमेशा के लिए तुम्हारे साथ छोड गया है मुझे तुम दोनों के साथ होने पर कोई आपत्ति नहीं होगी । जिस तरह तो मैं मेरे पति से नहीं होनी चाहिए । बस तुम मेरे और मैं तुम्हारे प्रति निष्ठावान रहूँ । सिर्फ मुझे ही तुम्हारा प्यार तो हरी पेरेन्ना तुम्हारी साथी होने का हक है । समझे ना हम लेखक साहिल लुधियानवी और अमृता प्रीतम की तरह होंगे जिनकी आपस में शादी नहीं हुई थी । उनकी किसी अन्य से शादी हुई थी लेकिन वे तो उससे प्रेम करते थे तो मान के बारे में जानते हो या नहीं । हम उन्हीं की तरह है । कहते हुए मैं खुश हो गई और उसके कहा लाल हो गए । ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी बच्चे की तरह कुर्सी में झूले लगेगी । दमन नहीं बैठा रहा । उसका चेहरा विश्वास है भरा हुआ था और वह किसी मूर्ति की तरह जड था । उसने बोलना जारी रखा हूँ । मैं जानती हूँ कि ऐसा करना तुम्हारे लिए थोडा मुश्किल होगा । थोडा मुश्किल । तुम क्या आबाद कर रही हो? जो तुम नहीं किया था, गैरकानूनी है उसके लिए मैं तो मैं जेल में डलवा सकता हूँ । ऍम होकर उसके पीछे हट गई तो मैं सब क्यों करोगे? क्या मेरा प्यार दिखाई नहीं देता भी भी मैंने हम दोनों के लिए कितना कुछ किया है तो जरूर महसूस हुआ होगा । है ना? उसकी आवाज कहाँ पे लगी और उसने नजरें फेरते हुए हैं । अपनी आंखों के कोने से आंसू पहुंचना है । पुलिस में जाने से कुछ नहीं होगा । तुम्हारे पास कोई सबूत नहीं और वह तुम्हारी बात पर यकीन ही नहीं करेंगे । उलटा में मेरी बातों पर विश्वास करेंगे । जब मैं उन्हें बताऊंगी । तुम्हारे फोन में श्रेयसी के नाम से फोल्डर है । इसमें मेरे दूर से खींची गई मेरी बहुत सारी तस्वीरें हैं लेकिन ये मुझे स्वर्ण करी दुख हुआ है कि तुम पुलिस के पास जाने के बारे में सोच रहे हो । कहते हुए उसने अपनी आंखें ऊपर उठाएं । उसकी आंखें स्वर्ग लाल हो गई थीं । धर्म ने तुरंत अपने फोन में देखा और उसे वॅार देख गया । फोल्डर का नाम से ऐसे ही था । यही इस ने कब किया? धैर्य खो ओवर शराफत पेशा हूँ । धमन सोचना लगा वैश्य ऐसी से यथा सम्भव विनम्रता से पेश आया और बोला आप उस पर विराम लगाना चाहिए । मैं तुम्हारी भावनाएं समझता हूँ और मुझे जानकर अच्छा लगा । लेकिन ये सब रखना चाहिए । मैं तो मैं साथ लेकर डॉक्टर के पास चलने को तैयार हूँ । लेकिन हमें इससे बाहर निकलने के तरीके पर विचार करना चाहिए । ये पागल पन बंद होना चाहिए तो मेरे बिहार को पागलपन कह रहे हो क्या? पिछले तीन साल पागलपंथी! किसी ने पूछा और उसकी आंखों से आंसू टपक पडे । धमन अपनी कुर्सी उसके नजदीक लडकियाँ और उसके कंधे पर प्यार से हाथ रखते हुए बोला जैसी बहुत हो चुका है अब इस पर लगाम लगानी चाहिए तो बाहर एवर मेरे भले के लिए मैं हम दोनों के बारे में सोच रहा हूँ । ये अपनी और तुम्हारे पति चलिये अच्छा नहीं होगा । हर संबंध कभी न कभी समाप्त होता है । हो सकता है हमारे संबंध का यहीं पर अंत हो । तीन वर्ष एक लंबी अवधि है ना हमने अच्छा समय व्यतीत किया ते आप बहुत हुआ यही तुम कहती होगी तो मुझे प्यार करती हो तो मेरे प्यार के लिए अब बस करो के उसने अपना चेहरा दमन की छाती में छुपा लिया और सुब रखते हुए बोली हम ऐसे ही नहीं रह सकते, नहीं ही हमें ऐसा नहीं कर सकते । मैं तुम्हारे सामने हाथ जोडता हूँ । नहीं नहीं मेरे सामने हाथ मैं छोड मुझे अच्छा नहीं लगेगा । अपना टिशु पेपर निकालकर अपनी नाक साफ की । फिर ठंडी सांस लेते हुए बोल है मैं इस बारे में सोचूंगी । मैंने तुमसे बहुत किया है क्या तो मुझे थोडा समय दे सकती हूँ । तमन्ने सहमती में सिर हिलाते हुए कहा हो धन्यवाद! अपनी आंखों में आंसू होने के बावजूद प्रयास नहीं लगी क्या? डम ने चकित होते हुए पूछा । उसे डर लग रहा था की पता नहीं अब क्या बताने वाली है । कुछ लगता है कि आज मैं सेक्स करना चाहिए । मैं भी कितनी ऍम की । तुम जानते हो कि गोवा में हम लोग लाइब्रेरी के बाद कहाँ गए थे । उसने इंकार में सिर हिलाया । तुम्हारी कमरे में उस दिन तुम बहुत नरमी से पेश आए थे । तुम ने मुझसे कहा था कि तुम कॉफी मेकर से बहुत अच्छी कॉफी बना लेते हो । मैं जानती हूँ की मुझे स्तर तक ले जाने के लिए सिर्फ एक बहाना भरता । मैं यही चाहती थी । कमरे में पहुंचने के बाद तुमने कॉफी कॉफी बनाने का कोई नाटक नहीं किया तो उन्हें सीधे मुझे चूम लिया । क्या हम लोगों ने तीन बार सीने बिना किसी संकोच के क्या किया? ऐसा सच में हुआ था । उसने बोलना जारी रखा । कमरे में पहुंचने के कुछ ही मिनटों बाद हम निर्वस्त्र थे । मेरे ऊपर थे तो शर्मा हूँ बट मैं भी संतुष्ट हो गई थी तो सहवास कि इससे अच्छी और कोई परिभाषा नहीं हो सकती थी । और उसके बाद हम लोगों ने दो बार और सेक्स किया तो उसके कई घंटों बाहर तक काफी रही थी । क्या तो भी कुछ ही आदेश के बारे में नहीं दमन बोला काश की ऐसा होता हूँ दिन श्रेयसी के जाने के पहले उन्होंने एक साथ तस्वीर ऐसी के जाने के बाद उसने ऍम सुमित को भेजी । सुमित ने इस बात की पुष्टि की कि वह ईश्वर ऐसी थी जो उस दिन कार में उसके साथ ही वहीं अब तक उसका पीछा कर रही थी ।

Details

Voice Artist

Sound Engineer

लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
share-icon

00:00
00:00