Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM
Part 24 in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts

Part 24 in Hindi

Share Kukufm
334 Listens
AuthorAditya Bajpai
लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
Read More
Transcript
View transcript

फॅस अगले दिन दमन करोड प्लेस की ओर जा रही मेट्रो में सवार था । मैं कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा भी नहीं था और उसने किशोर गाय युवा की वृत्तियों के दो समूहों को कार्तिक अय्यर के बारे में उत्तेजित होकर बात करते हुए देखा । मैं कार्तिक को साक्षा देखने के लिए बहुत जागृत है । दमन को लगा जैसे वो अभी रो पडेंगे । धमान कार्यक्रम शुरू होने के पंद्रह मिनट पूर्व शाम पांच पैंतालीस बजे वहाँ पहुंच गए लेकिन बुक्स और किशोरियों की भीड से भर चुका था क्योंकि स्टेज को देखने की सबसे अच्छी जगह तलाश रही थी । कुछ लडके भी थे जो अपनी प्रेमिका या बहन के कहने पर वहाँ आए हुए थे और उन्हें कार्तिक आई और का ऑटोग्राफ किसी भी कीमत पर लाने का काम सौंपा गया था । मैं उसका अमरीकी सबसे आखिरी छोर पर खडा हुआ । अपने फोन पर नजरें गडाए हुए था । ऐसी ने फोन नहीं उठाया था जहाँ पे खडा था । उस जगह से वेस्टीज मुश्किल से ही दिखाई दे रहा था जहाँ कुछ ही सप्ताह पूर्व वे बैठा हुआ था और आज स्टेज पर जयंती और कार्तिक को बैठना था । बीस मिनट बाद कार्तिक अय्यर ने भीड के शोरशराबे के बीच उसका लक्ष्य में प्रवेश किया । धमान को कुछ लडकियों की आंखों में आंसू दिखाई पडे । कार्तिक की किताब के कुछ बाकियों को बढने के उस के प्रति उनकी दीवानगी साफ झलक रही थी । आर्थिक उनकी ओर देखकर मुस्कुराया देखने में आकर्षक था । उसकी लंबाई ॅ अपना नीले रंग की शर्ट और जींस पहन रखी थी जिससे उसकी पुष्ट हो जाएँ । स्पष्ट लग रही थी ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी फोटोशूट के लिए आया हूँ । लेकिन इन सबके परे उसका चेहरा बहुत ही स्वामी और मुस्कान से भरा हुआ था । दमन सोचने लगा कि यही वह व्यक्ति है जिसके कारण है बर्बाद हो रहा है । कार्तिक से बातचीत का सत्र शुरू हो गया काटेगा । उसकी तुलना में कहीं बेहतर वक्ता था और मैं जानता था कि भीड को कैसे प्रभावित किया जाए । उसके हर उत्तर की बात तालियां गूंजती रहती थी । उसने वहाँ पस्थित भीड को अपने बचपन और उन दिनों की कहानी सुनाई जब लेखक बनने के पहले एक वनस्पति विज्ञानी के रूप में कार्य करता था । वहाँ मौजूद भीड उसकी हर बात पर तालियां बजा रही थीं । दमन ने उस भीड में श्री सी का चेहरा तलाशने की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली । स्टेज पर जब कार्तिक और जयंती की बातचीत समाप्त हुई और माइक्रोफोन हटाए जा रहे थे । तभी दमन ने अपना हाथ जथा संभव ऊंचाई तक उठाया । एक आध बार उसकी अनदेखी हुई पर आखिरकार माइक्रोफोन उसके हाथ में आ गया । जयंती ने दमन की ओर देखा और उसने ध्यान ही नहीं दिया । घायल हो मैं दमन हूँ । उसने कहा आप की पूर्व लिखी गई किताबों के लिए आपको बधाई और आगामी किताब के लिए शुभकामनाएं । मैं भी लेखकों पर आपके जितना सफल नहीं लेकिन क्या आपको ऐसा लगता है कि आपकी सामान्य से किताबों की अपेक्षा से अधिक सफलता के कारण अन्य लेखकों को भी अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर नहीं मिलता । जैसे जयंती रघुनाथ, जो कि मेरी भी संपादक है, उसने मुझसे कुछ ही दिन पहले ये कहा है कि वह मेरी किताब अगले साल के अंत तक प्रकाशित करना चाहती है क्योंकि अभी सिर्फ आपकी किताब पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है । क्या आपको लगता है कि ऐसा करना ठीक है? यही मेरा प्रश्न है । उसने वापस माइक्रोफोन को स्टेज पर पहुंचा दिया । भीड खुसर फुसर करने लगी । कथा रुखाई शालू भीड में मौजूद लडकियाँ उसे ऐसे घोरने लगी जैसे उसे भीड में खींचकर पीठ डालेंगी तो कार्तिक की ओर देख रहा था जो आपने खूबसूरत चेहरे के पास माइक्रोफोन लाता हुआ बोला, ऍम एक लेखक हूँ । मैं किताबे लिखता हूँ, यही मेरा काम है । इसके आगे का काम मेरा नहीं । मेरे कंप्यूटर से निकलने के बाद किताब का क्या होता है इससे मुझे कोई लेना देना नहीं है । कल यदि मेरी किताब सिर्फ एक पार्टी की पडेगा तब भी मैं देखूंगा तो यदि आप मत सही कह रहे हो कि मैं किताब लिखना बंद कर दो तो मुझे लगता है ये ज्यादा आती है । इससे ज्यादा मुझे और कुछ नहीं कहना । धर्म नहीं इसके आगे सुना बंद कर दिया । अपनी और कई घोलते चेहरों के बीच से श्रेयसी का मुस्कुराता हुआ चेहरा दिखाई दिया । मोदी और वहाँ से चली गई । धवन ने भीड के बीच से उसके पीछे जाने का प्रयास किया । पर वह भीड में आता । क्या उसने कार्ति को यह कहते हुए सुना मुझे आशा है कि आपको अपने सवाल का जवाब मिल गया होगा । धन्यवाद कहते हुए दमन भीड के बीच निकलने का अपने आप प्रयास करने लगा । ऐसी तक पहुंचने के जल्दी में उसका पैर एक आत लडकियों के ऊपर भी पड गया । मैं चीखी देखकर चलो अंतर रह भीड से बाहर निकलकर सांस लेने में कामयाब हो गया । उसने अपने बाईं और दाईं और देखा । उसने श्रेयसी को बुक स्टोर के नजदीक स्थित छोटी सी की ऐसे में प्रवेश करते हुए देखा । फॅमिली की उसने धमन को देखते ही का वो काफी शांत नजर आ रही थी । तुम कुछ लोगे तो मुझे एकदम बुरे लग रहे हो तो भी आखिरी बार कपना है का दमन एक सिगरेट निकली और पीने लगा तुम यहाँ पर धूम्रपान नहीं कर सकते । छह सी बोली धमने सिगरेट बुझा दी क्या? बोली तो अभी तो बारह ही कर खुशी हुई । मुझे यह देखकर खुशी हुई कि तो मेरे तो रही ऍम करते हो, बिल्कुल चल छोडो मुझे अफसोस है कि उसके कारण तुम्हारी किताब का प्रकाशन टल गया । मेरे किताब आने में तुम्हारे ही कारण नहीं हो रही है । तुम ज्यादा कह रही मैं जा रहा हूँ यहाँ की चाहे अच्छी होती है भी कर देखो तो नहीं नंबर मेरे नाम पर कैसे रजिस्टर कराया तुम हमेशा से एक उत्सुक लेखा की रहते हूँ कहते हुए श्रेयसी हसने लगी चलो हम बात करें जिसके लिए हम यहाँ आये हैं । मैं धमनियों से बीच नहीं रोक दिया । इसके पहले की तुम कुछ भी बोलो में एक बात बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूँ की भले ही मैंने अपनी किताब में तुम्हारा नाम इस्तेमाल किया हो और किताब में श्रेयसी पात्र लिखते समय मैंने तुम्हारे बारे में ही सोचता हूँ लेकिन आज मेरे और तुम्हारे बीच कुछ भी नहीं है । गोवा में जो कुछ भी हुआ था वहीं खत्म हो गया । मैंने उसे पीछे छोड दिया है और तुम भी छोड दो तुम्हारे लिए ये कहना बहुत आसान हैं जैसी तुम्हें व्यक्ति नहीं हो जिसको हर बात याद रहती हूँ इसलिए मुझे नसीहत देना बंद करो । उसने आह भरते हुए कहा उसने अपने फोन को निकाला और कुछ बटन दबाया, अपना मेल चेक करूँ, मुमताज को वाॅक करो । उसने कहा धवन ने अपना मोबाइल निकाला और अपना ईमेल खोलकर देखा ये क्या है? मेल के साथ संग्लन फाइल को देखते हुए उसने कहा ये मेरे को आ यात्रा की हवाई जहाज की टिकट और होटल की बुकिंग जी तुम चाहो तो सुमित को कॉल करके पूछ सकते हो की इसी दौरान हम भी को अच्छे थे और तुम भी उसी होटल में ठहरे थे । धवन ने अपना फोन एक को रख दिया । तुम क्या कहना चाहती हूँ । श्रेयसी उसकी आंखों से बिहार लग रहा था । पिछले वाले का हर यात्रा ही नहीं थी । वे भी इसका क्या मतलब है तो हमारा मित्र और मैं गोवा में एक होटल में ठहरे थे । तोमर मैं एक घंटे तक नहीं बल्कि पूरे दिन तक साथ रहे और एक दूसरे के प्यार में गिरफ्त हो गए थे । हम अपने दोस्तों से छुपकर मिलते रहे । हम लंबी दूरी की यात्रा पर साथ गए । हम ने सितारों के तले ड्रिंग्स लिए और दो कर प्यार किया । हमारे हाथ एक दूसरे को था, में रहते थे जब तक कि उनमें नरमी ना है । हम चाहते थे कि समय वहीं रुक जाए । मेरी सगाई हो चुकी थी और मेरे लिए मौज मस्ती का ये अंतिम अक्सर था । कुछ यूज किए बताओ तुम्हारे दोस्तों ने क्या तुम्हें शराब लाने के लिए अकेले भेजा था? क्यूँ तो तीन मर्जी से मेरे साथ आए थे क्योंकि तुम मेरे साथ वक्त गुजारना चाहते थे । ठीक है मुझे बताओ? क्या तुमने अपनी गोवा यात्रा की तस्वीरें देखिए? कितनी तस्वीरों में तुम समेत के साथ हूँ कि तुमने कभी सोचा है कि इन तस्वीरों में तुम नाॅट क्यों? क्योंकि तुम हर समय मेरे साथ ही थे । कोई तस्वीर नहीं है । सुमित का डेटा कार्ड खराब हो गया था की फॅमिली से कह दिया और प्लीज जैसी उसने दुर्घटना के उपरांत मेरी रिकवरी के लिए उन तस्वीरों उनको डिलीट कर दिया होगा और इस बात से कोई ज्यादा फर्क नहीं पडता कि हमने साथ में कुछ घंटे व्यतीत किए या तीन तो अब शादी शुदा हो और मेरे मन में तो मैं लेकर अब जब भावनाएं नहीं है हमें अब अपने अपने जीवन में ही खुशियाँ तलाश करनी चाहिए । मैं आगे बढना नहीं जाती है तो तुम मत से क्या चाहती हूँ? शेरसी ने दमन का हाथ पकडते हुए कहा बीपी इस समय तो हस्पताल में गहरी मित्रा में डूबे हुए थे । उस समय मेरे बिस्तर पर एक विचित्र आज भी मेरी टांगों को फैलाकर विंध्यानाथ मेरे साथ सहवास कर रहा था । तुम जानते हो ऐसा मैंने कैसे साहब, तुम्हारे नाम पर हरी स्मृति और तुम्हारे चेहरे के सहारे उसकी आंखों से आंसू बहने के लिए उसने आंसू पूछते हुए कहा । फिर तुम अपनी केहरी मित्रा से जाग गई । मेरे हम लिया था, पिक्चर देखने भी आई थी लेकिन तुम कभी मुझे देखने नहीं । मुझे बताया गया था कि तुम देश के बाहर गयी थी क्योंकि मुझे उनसे नफरत थी । उनका ये कहना था कि सिर्फ ऍम तो मौत के मुंह में जाते हुए बच्चे हो इसलिए उन्होंने तुम्हें मुझसे मिलने नहीं दिया तो नहीं आता था कि अभी मैं तुमसे मिली तो तुम हकीकत जान जाओगे । कौनसी हकीकत तो उन सपनों में क्या दिक्कत? दमन कार कौन चला रहा था दुनिया में ये बात बदलती रही पर ज्यादातर सपनों में तो नहीं चला रही थीं । धवन ने कहा कहाँ तुम चला रहे थे? धवन टूशन आपकी ये हुए थे और मुझे देख रहे थे तो इस बात पर ध्यान नहीं गया की एक टैक्सी गलत दिशा में आ रही है । उस रात दो लोग मारे थे । छह सीने तथ्यात्मक रूप से कहा लेकिन जितनी बाहर तो मैं ये सपना आया कि तुम कार चला रहे थे । तुम्हारा उपचार पांच कदम पीछे सडक जाता था । तुमने मौत से जूझते हुए बहुत मेहनत की है इसलिए उन्होंने तो नहीं है । विश्वास दिलाया कि उस रात कार्य मैं चला रही थी । मैं तुमसे झूठ बोलते रहे ताकि तुम शांत रहो क्या उन्होंने तुमसे ऐसा नहीं कहा था बताऊँ । ऐसी ने कहा हाँ, उन्होंने ऐसा ही कहा था तो मैं मुझ से दूर रखने के लिए मैं उन्हें दोषी नहीं मानता हूँ । मैं चाहते थे कि तुम जल्दी से ठीक हो जाओ और बीपी यही चाहती थी । उन्होंने सोचा की तो मुझे देख लिया तो तुम भी याद आ जाएगा की कार मैंने तुम चला रहे थे । यदि मेरी अनुपस्थिति से तुम ठीक होते तो मैं दूर ही रहूंगी । ऐसा मैंने सोचा था तो उनसे दूर हो गई तो वही समस्या नहीं बनना चाहती थी । तुम जो कह रही हो, भले ही वे सब सच हो परन्तु हम मुझसे क्या चाहती हूँ तुम्हारे वो उसे प्यार भरे शब्द के भी मैं यही चाहती हूँ । मेरी अनुपस् थिति के बावजूद तुम्हें मेरे नाम का इस्तेमाल की और मेरे बारे में लिखा जानती हूँ की तो हमारे साथ नहीं रह सकती । पर जब भी मैं उन छोटी छोटी कहानियों को पार्टी हूँ, मैं स्वयं को तुम्हारे साथ रहती हूँ तो मेरी खुशी थे तो मेरे सब कुछ । लेकिन उसके बाद इसी के जयंती संस्करण की किताब आ गई । दमन का देखा श्रेयसी मैं तुम से माफी चाहता हूँ कि उस किताब के कारण तो मैं तो पहुंचा और तुम्हें ये मानना ही पडेगा की मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी । ऐसी नहीं त्योरियाँ चढा ली तो मुझे लगता है कि मुझे हुआ । मैं दुखी नहीं थी । ऍम को ठगा हुआ महसूस कर रही थी । मेरे अंदर का इंसानी मर गया हो फिर भी, फिर भी तो उसके साहब की किताब का अनुबंध करने जा रहे हो । और भी ऐसी किताब जिसमें मेरा जिक्र ही ना हो । मेरा करियर है क्या समझी? फिर सामने आवाज ऊंची करने की जरूरत नहीं है तो ये बात जान लेनी चाहिए । ऐसी ने चेतावनी देते हुए कहा धवन ने अपनी आवाज भी नहीं कर ली । मैं समझ सकता हूँ कि तुम कहाँ से आ रही हो । पर जो बीत क्या में बात गई । अम् एक अच्छे दोस्त की तरह रह सकते हैं उससे ज्यादा नहीं । मैं रूखे तरीके से हसते हुए बोली क्या हम कभी तो नहीं होंगे? हम प्रेमी प्रेमिका थे और वही रहेंगे । मैं तुमसे ही चाहती हूँ । यही बात तुम भी चाहते हो । अपनी अगली किताब में श्रेयसी के बारे में ठीक से लिखो इसमें मुझे खुशी होगी । हमने सोचा भाड में जाये ये लडकी पूरी पागल है तो अभी तक कोई अनुबंध नहीं हुआ है । दूसरा फॅस किताब की रचनात्मक अधिकार नहीं है । तुमसे कहा लिखने पर ध्यान दो । जयंती की बात बाद में होगी । किताब का अनुबंध होकर रहेगा । मैं वचन देती हूँ कुछ पर थोडा तो भरोसा रखो । दरअसल कार्तिक के कारण उसका ध्यान रख लिया जाएगा तो सिर्फ किताब लिखने पर ध्यान दो और यदि मैंने लेकिन हूँ मैं खडी हो नहीं तुम ऍम के बालों पर हाँ छेडते हुए उसने कहा तो मैं बहुत प्यार करती हूँ और मैं वहाँ से चली गईं ।

Details

Voice Artist

Sound Engineer

लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
share-icon

00:00
00:00