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रहस्मय टापू - 22

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प्रस्तुत उपन्यास "रहस्यमय टापू" अंग्रेज़ी के प्रख्यात लेखक रॉबर्ट लुईस स्टीवेंसन के प्रसिद्ध अंग्रेज़ी उपन्यास "ट्रेजर आइलैंड" का हिंदी रूपांतरण है। उपन्यास का नायक जिम जिस प्रकार समुद्र के बीच खजाने की खोज में निकलता है वो इसे और रोमांचक बना देता है। कहानी में जिम एक निर्जन टापू पर खूंखार डाकुओं का सामना करता है और कदम कदम पर कई कठिनाइयों का सामना भी करता है। इस बालक के कारनामों को सुन कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। सुनें रमेश नैयर द्वारा रूपांतरित ये पुस्तक हिंदी में आपके अपने Kuku FM पर। सुनें जो मन चाहे।
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हूँ । चांदीराम की साथ ही काफी देर तक लौट कर नहीं है । डॉक्टर अपने घायल साथियों की मरहमपट्टी में जुड गए । बाकी के लोग इस काम में डॉक्टर की मदद कर रहे थे । रात का भोजन तैयार किया क्या? जी और जमीदार की लेके बाहर कहाते में खाना बनाने में तकलीफ हो गए । रह रहकर उन्हें रायडू के तरफ से कराने की आवाज सुनाई दे रही थी । डॉक्टर उन सबको दिलासा दे रहे थे । लडाई में जो आठ लोग धराशाही हुए थे उनमें से तीन अभी तक जीवित थे । एक दो बुरी तरह से जख्मी होकर गिरा था । शेष दो थे हंसराज और कप्तान सुनना । ऍम सोमवार जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था पर हंसराज मरणासन्न था । थोडी देर बाद घायल डाकू ने दम तोड दिया । डॉक्टर ने हंसराज को बचाने का यथा सम्भव प्रयास किया और भी अंतर था । दम तोड बैठा । उसकी छाती की हड्डियाँ गोलियों से छलनी हो गई । कप्तान सोमनाथ के खाओ तो काफी कह रहे थे पर डॉक्टर के प्रयासों से अंतर था । वो मौत गिरफ्त से बाहर निकल आया था । उस की कंधे की हड्डी टूट गई थी । डॉक्टर ने बताया कप्तान बन जाएगा पर कई हफ्तों तक वो तो चल पाएगा नहीं अपनी वहाँ को ला पायेगा जिनकी उंगलियों में मामूली सा जख्म पहुंचा था । डॉक्टरों ने जिनकी मरहमपट्टी करके प्यार से उसके काम चीजें रात के भोजन के बाद डॉक्टर और जमीदार कप्तान के पास बैठ गए । थोडी देर बाद डॉक्टर ने चाकू और पिस्तौल उठाएगी । सिर पर हैड कर्व खडा हुआ । खजाने के लक्ष्य को उसने अपनी जेब में रखा । फिर एक बंदूक कंधे पर लटका कर वो उत्तर दिशा की और चारदीवारी को फलांग कर बाहर निकल गया । जी मैं एक नाविक के साथ ले के आखिरी छोर पर बैठा हुआ था । नाविक सिगरेट सुलगाकर उससे कष्ट नहीं रहा था । शिकायत उसे कोई भी इसमें करी दृश्य दिखाई दिया और बहुत होकर वो एकदम से दिखता ही रहा है । बस सिगरेट को हाथ में रखने के बस सामने देखता रहा । नागरिक के मुंह से निकल गया भगवान डॉक्टर क्या कर रहे क्या पागल हो गया है? जिम में जवाब दिया नहीं ऐसी कोई बात नहीं । डॉक्टर के दिमाग में कोई योजना है । मुझे लगता है वह बेनीमाधव की ओर जा रहा है । डॉक्टर को इस तरह जंगल की खुली हवा में सांस लेने और मैंने दक्षिण के नीचे आगे बढता देखकर जिनको से एशियन होने लगी । ऊपर आकाशवाणी चिडिया चाहती हूँ, हो रही हैं और चीन के विक्षोभ की धीमी भी नहीं । कुछ हूँ जिनको अपनी और बुला रही थी तो सोचने लगा यहाँ धूप में अपने से बेहतर है कि डॉक्टर की तरह नहीं निकल जाए । किले में जगह जगह देखा हुआ था । इससे भी जिनका जी खराब हो रहा था जितने पानी से खेले की होकर खून साफ किया । फिर झूठे बर्तन को भी थोडा लेकिन उसके मन में उदासी लगातार बढती जा रही थी । उसे बार बार लग रहा था कि वो उस जगह से भाग जाएगी । उसने अपने कूट की दोनों जी बुआ बिस्कुट घूस करवा लीजिए । फिर उसने दो पिस्तौल उठाई और चुप चाप के लिए से बाहर निकल गया । जिम चाहता था कि वह सफेद चट्टान के पास पहुँच जाए जहाँ बेनी वादों ने अपनी छोटी सी नौका छुपा रखी नहीं । जिम जानता था कि डाकू इसके लिए पर पैनी नजर रख रहे होंगे । इसलिए वह पूर्व की ओर बडी खामोशी के साथ निकला ।

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प्रस्तुत उपन्यास "रहस्यमय टापू" अंग्रेज़ी के प्रख्यात लेखक रॉबर्ट लुईस स्टीवेंसन के प्रसिद्ध अंग्रेज़ी उपन्यास "ट्रेजर आइलैंड" का हिंदी रूपांतरण है। उपन्यास का नायक जिम जिस प्रकार समुद्र के बीच खजाने की खोज में निकलता है वो इसे और रोमांचक बना देता है। कहानी में जिम एक निर्जन टापू पर खूंखार डाकुओं का सामना करता है और कदम कदम पर कई कठिनाइयों का सामना भी करता है। इस बालक के कारनामों को सुन कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। सुनें रमेश नैयर द्वारा रूपांतरित ये पुस्तक हिंदी में आपके अपने Kuku FM पर। सुनें जो मन चाहे।
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