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Part 22

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हमारी अधूरी कहनी एक ऐसे इश्क़ की कहानी है जो इश्क़ चाह कर भी पूरा न हो पाया, पर अफसोस कुछ कहानियों वहीं से शुरू होती है जहां उनका अंत होता है writer: अर्पित वगेरिया Voiceover Artist : Mohil Author : Arpit Vageriya
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अनुज के घर छोडने के बाद सारा दरवाजा खोलकर अंदर घुसी और बिस्तर पर थम से बैठ गई । मैं बहुत थकी हुई लग रही थी । अरमान ट्राइंग रूम में आया और सारा को वहाँ बैठे देखा तो उनसे बात करना चाहती हूँ । बात करने को है क्या? शर्मा ने कहा तुम जरूर मेरी चिंता में पगलाये जा रहे होंगे । है ना? मुझे नहीं पता क्या मैं तो मैं पागल दिखाई पढ रहा हूँ । तुम ना केवल वैसे लग रहे हो बल्कि देख भी वैसी ही रहे हो । उसने कहा और उसकी ओर देखा । उसे दोनों के बीच तनाव का भी एहसास हुआ तो तुमने बहुत अच्छा समय बिताया । अरमान ने अपने मोबाइल से खेलते हुए कहा । उसे लगा था कि सारा उसके प्रति उसकी चिंता को समझेगी । अच्छा समय बिताया । सुबह तनु से कसकर लडाई हुई थी और फिर सुधा करने के लिए मैं मुझे डिनर पर ले गया और माफी मांगी और तुम्हारे मोबाइल की बैटरी चली गई और बंद हो गया । हाँ ऍफ का मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया । हाँ, ये कुछ ज्यादा ही संयोग नहीं अरमान बन बनाया । सारा निश्चित नहीं थी कि उसे अरमान की बात सही सुनाई पडी थी या नहीं । लेकिन जब उसने देखा की वजह से घूम रहा है । तब मैं समझ गई कि वह गंभीरता । इसके साथ ही उसने महसूस किया कि उनके बीच तनाव बढ रहा है । ठीक जब अपने प्रति अरमान की भावनाओं को लेकर आश्वस्त होने जा रही थी । उसे लगा कि अरमान ने उस पर विश्वास नहीं किया । उसका फोन बाज उतने से उसके विचारों में खलल पडा । आपने तनूज का फोन था जो ये जानना चाहता था कि वह सुरक्षित अपने फ्लैट पर पहुंच गए या नहीं । फोन के बाद अरमान ने कहा क्या चल रहा है? स्थिति को सह पाना कठिन था । उसके अपना सिर पकड लिया । अपने को कुछ बोलने से रोक नहीं थी । फिर भी उसके हावभाव से उसकी हताशा साफ नजर आ रही थी । तो हरी बात सुन कर मुझे बहुत दुख हुआ तो हम सुबह चार बजे घर पहुंच रही हो और मेरी बात संकट में दुख हो रहा है । भगवान ने कहा उसकी गुस्से से भरी आवाज सुनकर सारा अपने को शांत करने का प्रयास करने लगी और सोफे पर पीछे सेफ्टी का दिया । मैं मन ही मन सोचने लगी कि काश उसका मोबाइल से चोट ना हुआ होता । काश मैं आपसे बात कर पाती । काश में उसे समझा । पार्टी और काश मैं सत्यम की तरह व्यवहार न करता तो हम कुछ कह क्यों नहीं रही हो? क्योंकि मुझे लग रहा है काहिका डर खुद से डर लगता है । लेकिन शुक्रिया मेरे जीवन में उन कुछ यादव को लौटा लाने के लिए जिनकी कमी मैं महसूस कर रही थी । सत्यम से मेरी तुलना करना बंद करो । कुछ लगता है की तुलना हो ही नहीं सकती । सारा ने पलटकर कहा क्यूँ, क्या मैं उससे भी घटिया हूँ? क्या मैं ऐसा कुछ कहा? लेकिन तुम यही तो कहना चाहती हूँ ना, कभी सपने में भी नहीं । उसने साफ कहा और लंबी सांस लेकर वहाँ से चली गई । मैं इस बात की पूरी कोशिश कर रही थी कि वे अपनी बेचैनी पर काबू पाले और अरमान ने उसके साथ अब तक जो भी अच्छा व्यवहार किया है उस पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करने लगी । कितने दिनों में पहली बार उसके दिमाग में ये बात आई । क्या आखिर उसने अरमान के साथ रहने का फैसला क्यों किया? कर दिया । उस पर विश्वास नहीं करता हूँ तो उसके लिए रोज उसका सामना करना बहुत ही तकलीफ हो जाएगा । एक बार फिर भावनाओं में बह जाना संभव था लेकिन इस बार लहर इतनी तेज नहीं थी कि वे अतीत में सत्यम के साथ के अपने अनुभवों को भूल जाएंगे । उस है बहुत गहरी अनुभूति हो रही थी । मैं समझ नहीं पा रही थी कि अपनी आंखों पर विश्वास करें या नहीं । उसके अंदर कुछ बढने लगा और उसके दिमाग में बार बार वही सब घूम देने का जो उस ने कहा था । उस की आवाज उसके कानों में गूंज रही थी । अगर उसकी जगह कोई और होता हूँ तो उसकी अनदेखी कर देती है । लेकिन उसके इस तरह बात करने से उसे धक्का लगा । जब उसे समस्या की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं, तब आ जाना तो उसके सामने ऐसी समस्या खडी हो गई । एक बार फिर चुप्पी छा गई । इस बार हालांकि छुट्टी के साथ को साबित था सत्यम । जब उसका सत्यम से ब्रेकअप हुआ था तब उसने अपने आप से वादा किया था कि मैं अब जिंदगी में किसी पुरुष से ऐसे संबंध नहीं बनाएगी क्योंकि उसके साथ हमेशा ऐसा ही होता है । और अभी अरमान के मामले में भी ऐसा ही हो रहा है और अंततः अरमान उसके जीवन में आ गया और बहुत अलग नहीं रहा क्योंकि वो भी ऐसी स्थिति तक पहुंच गया है जो उस पर जरूरत से ज्यादा हक जताने और संदय करने के बीच की हालत है । रात भर की मेहनत के बाद वो सिर्फ आधा घंटा पहले घर आया था और उसने देखा कि सारा शांति से बैठी हैं और अभी भी उसके सवाल का जवाब नहीं दे रही थी । हाँ इसी बीच सारा के बारे में न जाने क्या क्या सोचता रहा और इस से उसकी बेचैनी और बढ रही थी । जैसी उसने देखा कि सारा जल्दी से अपने कमरे की तरफ बढ रही है, उस ने उसे रोका । उसने कहा सुनो सारी आजम बहुत ज्यादा बात नहीं कर पाए थे और फिर तुम्हारा कोई फोन भी नहीं आया था । मैं चिंतित हो गया था । तुम पर अपने से ज्यादा विश्वास करता हूँ लेकिन मैं अनुज पर विश्वास नहीं करता । तुम्हारा कोई पता नहीं चल पा रहा था । मैंने बार बार तुम्हारा फोन मिलाया और तुम्हारा फोन से चौपा रहा था । तब मैंने विक्की को फोन किया और मुझे पता चला कि तुम्हारा तानों से झगडा हो गया था । और तो मैं अंतिम बार तंज के साथ देखा गया था । जब मैं तो मैं ढूँढने निकला तब मुझे पुलिस ने शराब पीकर गाडी चलाने के आरोप में पकड लिया । अंततः मैंने पुलिस को तो मैं ढूंढ निकालने में मदद करने को तैयार कर लिया । तुम्हारे लिए ये सिर्फ छह लाइनें हैं, जिसमें मैंने तुम्हें बहुत संक्षेप में बताया कि पीटी राज क्या क्या हुआ, लेकिन मेरे लिए मेरे लिए रहे । मेरे जीवन के लम्बे छह घंटे थे, चुकी में डर गया था । सहारा को प्रतिक्रिया व्यक्त करने में एक मिनट का समय लगा और चुकी है । तनाव में था इसलिए रहते नहीं कर पा रही थी कि वह इसपर बात करना चाहती भी है नहीं । लेकिन और माननियों से अपनी बात बताकर सदमे में डाल दिया और है ना केवल अचकचा गईं बल्कि डर भी गए हो । उसकी वजह से आयुष्मान जिन परिस्थितियों से गुजरा था, उसे लेकर में डर गई । उसे अपने पर आश्चर्य हुआ कि पहले उसके दिमाग में यह बात क्यों नहीं? उसके दिमाग में इतनी दुखद बातें लादेने के लिए अरमान को जिम्मेदार ठहराना आसान है, लेकिन दिल के किसी कोने में उसे एहसास हुआ सही था । दोनों के बीच पैदा हुआ तूफान, दवाब भरता नाम वास्तविकता अरमान ने पहले कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया था । अब तक मैं अपने से कहता रहा हूँ की रह जिंदगी । मैं बुरी से बुरी स्थिति का सामना करने को तैयार रहना चाहता है । लेकिन आज उसे एहसास हुआ कि है संभव है इतनी तनाव और स्थिति से नहीं निपट सकता । अपने खयालों में खोया हुआ अरमान निराश था कि उसने सारा से इतने सवारकर डालें और मैं काफी समय तक चल रहा है । बैठा खान महसूस कर रहा था । उसने हताशा में अपने कंधे चुका लिया । हरपाल पिछले पल से अधिक कठिन लग रहा था । सारा को अपराधबोध हुआ, फिर मान के पास गई और उसे बाहों में भर लिया । अरमान ने कोई आवाज नहीं लेकिन सहारा ने महसूस किया कि उसका गठन तनाव से कटा हुआ है । सारा ने उसके दायरे में हाथ फिराया । हर मैं मुस्कुरा दिया । आप ये जानकर बहुत संतोष मिलता है कि कोई तुम्हें इतना प्यार करता है । मुझे दुख है कि मैंने अनजाने में ही सही तभी न तनाव दिया । आपने अगली बार से इस बात का ध्यान रखूंगी और मैं पूरी कंप्यूटर से ये बात कह रही हूँ । सारा नहीं उसके सीने पर अपना से रख दिया हूँ । दोनों में से किसी ने भी काफी समय तक कुछ नहीं कहा और राज पूरी तरह शांति । एक मिनट बाद उसने आसमान को अपने पूरे दिन की बात बतानी शुरू की । तनुप से अपनी लडाई अरमान के संदेश से मिली राहत और तनुज का माफी मांगना । आॅन केवल तनुज के माफी मांगने का तरीका जिससे सारा डर गई थी तो छोड कर बाकी सारी बात बडे मन से सुनता रहा तो तुम भी बहुत कुछ बताना चाहूँ कि अच्छा या बुरा बहुत बुरा ऐसे किसी बात के लिए तैयार नहीं हूँ । फिर भी सुनूंगी । मैं साकी नाका की उस गली में गया था जहां जाने माने लोग अपने शरीर की भूख मिटाने के लिए होटलों के कमरे बुक कराते हैं तो वहाँ क्या कर रहे थे? तो मैं ढूंढते हुए वहाँ पहुंचे थे । हमें लगा कि कहीं ऐसा ना हो कितनों में कुछ बेहोश हो गया करके तनुज वहाँ लेकर आओ । उसने कहा और सारा हसने लगी तो उधर है दिमाग अपराधिक कॅाफी चलता है । मेरा सुझाव नहीं था । पुलिस वाला मुझे वहाँ ले गया था । फॅमिली लाया और उसे आगे बात जारी रखने का इशारा किया । मैंने वहाँ रोनिता को देखा । मेहमान न्यू से बताया क्या इसलिए तुम परेशान हो गए? उसने पूछा नहीं वहाँ मुझे स्लाॅट में मेरे साथ रहने वाला दोस्त ठंडी भी दिखाई पडा । अभी कुछ दिन पहले ही उसकी माँ की मौत हुई है । हो सकता है कि वह जीवन में कुछ आनन्द चाहता हूँ । इसमें गलत क्या है? मुझे बहुत गलत बात है कि हजारों रुपये बर्बाद करने के अलावा मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ भी गलत है । सारा ने कहा था जिससे पैसे मिलने थे वो वहाँ शरीर भी चला था । गुजरात मैं एक आमिर घमंडी औरत के लिए वैश्या बना था जो लगातार उसके नितम्बों पर हाथ मारे जा रही थी । ये औरत उसकी ग्राहक थी । अरमान ने पूरी गंभीरता से कहा और उसकी आवाज में दर्द झलक रहा था । क्या उसने अपने लिए यही जीवन सुना है? उसकी माँ का क्या जिसकी मौत हुई है और उस बातचीत का क्या अर्थ है जो कुछ घंटों पहले मेरी उसके साथ फोन पर हुई थी? मुझे लगता है कि भी जिस राह पर बढा है उस पर जाने से आगारों से अभी नहीं रोका गया । तो बच्चा का आप अपना चुनाव करने और उन पर गर्व करने या शर्मिंदा होने में स्वतंत्र है । लेकिन आप उसके परिणाम खुद नहीं तय कर सकते हैं । कई बार रहा इतने भ्रमित हो जाते हैं कि सही चुनाव करना कठिन ही नहीं, बहुत कठिन हो जाता है । जिससे आपके संबंध है उससे हटकर आप किसी और के साथ शारीरिक संबंध बनाने का फैसला करते हैं । आप अपने माता पिता को छोड देने का फैसला करते हैं क्योंकि मैं पूरे हो गए हैं, पुरानपंथी हैं और जब जीतते हैं तब अपने ऊपर हो मान नहीं रखते हैं । आप अपने पुरानी दोस्तों को छोडने का फैसला करते हैं क्योंकि मैं गवई लोगों की तरह बातचीत करते हैं और आप अब सभी तरीके से बात करते हैं क्योंकि आपके मालिक देश की सबसे अच्छी कंपनियों में से एक में आप काम करते हैं और उनके ऊपर छह अंकों की तन्खा मार सकते हैं । जब आप नौकरी छोड देते हैं तब आप अपने बॉस का अपमान करने का फैसला करते हैं क्योंकि आपको एक अन्य कंपनी में बेहतर नौकरी मिल गई है । अब आप उससे नहीं घंटे आप ये सब करने का फैसला करते हैं जो आपको समय करना सही लगता है । लेकिन जब आप ऐसा फैसला करते हैं तब आपको नहीं पता होता कि आपकी प्रेमिका को हो सकता है कि अपनी जिंदगी का सबसे बुरा झटका लगे पढते हैं अपने आप से नफरत करने लगे तथा तुम पर विश्वास को बैठे आपके माता पिता की सिंदगी और अधिक दिन ना रहे गई हो और तुम्हें उन्हें घर से निकाल कर उनकी जिंदगी और छोटी कर दी । हो सकता है कि आप की गवाई दोस्त आपको उस मुश्किल से बाहर निकालते जिसके लिए आप स्कूल दोस्त आपको सहायता देने की कोई पेशकश भी करें । हो सकता है कि आप जल्दी ही नौकरी को बैठे और उसके लिए दुखी हूँ । आप अपनी उस बहुत से फिर मिले और इस बाहर में आपके वहाँ तापमान को अच्छी तरह याद रखेगा और उस झंड आपने जो कुछ किया था, हो सकता है कि आप को उसके लिए अफसोस हूँ । आप के फैसले तय करते हैं कि आप आज कौन है और कल आप क्या होंगे? अपनी शब्द कहा है और नजदीकी लोगों का चयन बहुत सोच समझकर करें । चुकी आपको हमेशा के लिए बनाया बिगाड सकते हैं । कभी कभी आपको फैसले लेने पडते हैं इसलिए नहीं कि यहाँ पैसा चाहते हैं बल्कि इसलिए कि आपके पास कोई और विकल्प नहीं होता । अपनी मिलने की के कुछ अहम फैसले करते समय आप गलत निर्णय ले सकते हैं और जब तक आपको बात समझ जाती है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और वापस लौटने का कोई रास्ता नहीं बचता । आप के फैसले आपको ये डूबते हैं पर आप कितना ही लौटने की कोशिश करें । आप सारी उम्मीद खो बैठे । ये जानते हुए कि जो भी रास्ता आपने चुना था जहाँ तक था

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हमारी अधूरी कहनी एक ऐसे इश्क़ की कहानी है जो इश्क़ चाह कर भी पूरा न हो पाया, पर अफसोस कुछ कहानियों वहीं से शुरू होती है जहां उनका अंत होता है writer: अर्पित वगेरिया Voiceover Artist : Mohil Author : Arpit Vageriya
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