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Part 19

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हमारी अधूरी कहनी एक ऐसे इश्क़ की कहानी है जो इश्क़ चाह कर भी पूरा न हो पाया, पर अफसोस कुछ कहानियों वहीं से शुरू होती है जहां उनका अंत होता है writer: अर्पित वगेरिया Voiceover Artist : Mohil Author : Arpit Vageriya
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लोगों से मिलने जुलने का सिलसिला खत्म कर अरमान घर पहुंचा और उसने देखा कि सारा तब तक घर नहीं लौटी है । उसने जल्दी से स्नान किया और अपने लिए शराब का एक बढा जाम बनाया । इसके बाद उसमें सारा का नंबर मिलाया । उसके खयाल सारा के इर्द गिर्द घूमने लगे । मैं हमेशा सोचता था कि सारा आपने अधिक के बारे में बात करने से कतराती है पर इसलिए उसने कभी उससे इस बारे में कुछ भी नहीं पूछा । उसे नहीं पता था कि इससे कैसे पेश आए और सोचता था कि क्या सारा के सत्यम से बहुत ही गहरे रिश्ते थे और उसके बाद उसे हालत से निपटने में काफी कठिनाई हुई । मैं सोचता था कि वह व्यक्ति कैसा था और उसने ऐसा क्या किया की सारा उसके बिहार में पड गई । उसने अपनी कल्पना में सत्यम की एक छवि बना रखी थी । लम्बा एटलेटिक और लचीला सारा की तरह पढाकू उसने सोचा कि जैसे ही मजाकिया किस्म का होगा वो अपनी कल्पना के घोडे चारों ओर दौडाने लगा और फेसबुक पर उसे तलाशना शुरू कर दिया । केवल सत्यम के नाम से मैं उसे ढूंढ नहीं पाया । अब उसने सारा के प्रोफाइल फोटो के जरिए उसे ढूंढना शुरू किया सारा ने आपका जितने भी लाइक किए थे उसने उन्हें तलाशना शुरू किया । पंद्रह मिनट की कडी मशक्कत के बाद उसे अन तथा सत्यम अरोडा नाम से एक प्रोफाइल मिला । उसके प्रोफाइल में इतनी कडी प्राइवेसी थी कि वह उसकी फोटो तक नहीं देख पाया । उसने देखा की रात के साढे दस बज गए थे और सारा अब तक घर नहीं लौटी है । उसमें साहब को फोन मिलाया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया । उसने सारा को संदेश भेजा कि मैं जब भी उसका फोन देखें उसे तुरंत फोन करें । अरमान को से लेकर अक् चिंता हो रही थी । उसने सोचा कि इतने थकान भरे दिन के बाद क्या साडी अभी तक झगडा होगा । इसके अलावा उसे साडी को फोन करने में अजीब लग रहा था क्योंकि तब तक उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह फोन करके उसे क्या बात करें । लेकिन साथ ही उसे ये भी पता था कि उसके लिए साडी से बात करना जरूरी है । इस समय से हर संभव सहारे की जरूरत है । अरमान ने उसका नंबर मिलाया हो । अरमान ने साडी के फोन उठाने पर कहा हूँ । साडी ने जवाब दिया उन कैसे हो भाई । पिछले कुछ दिनों के मुकाबले आज कुछ बेहतर महसूस कर रहा हूँ । मुझे पता था ये बहुत कठिन समय है । फरमान ने कहा ये इतना कठिन था की तुम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते । साडी ने लंबी सांस छोडते हुए कहा तो मैं ऐसा क्यों कह रहे हो? हनुमान ने पूछा और फिर साडी के पीछे से जोर जोर से रोने की आवाजें आती सुनाई पडीं । मुझे लगता है कि तुम नहीं आवाज सुनी होंगी । साडी नहीं कहा मैं तुम्हारे घर में चाय मातम का अंदाजा लगा पाता हूँ । काश ये माता मछली होता ये दुखिया दर्द से लडा नहीं है ये मेरी माँ की बहनों की आवाजें जब से बीमार थी तब एक बार भी है उसे देखने नहीं आई । अब अचानक ये सारा नाटक संपत्ति के लिए हो रहा है । किसी करीबी की मौत है । जहाँ लोगों को दुःख होता है वहीं मौका पैसा दोनों हाथों से मौके का फायदा उठाने की ताक में लग जाते हैं । उसने कहा और उसके बाद सौ फीसदी सही लग रही थी । ये तो बहुत बडी बात है । अब तुम क्या कर रहे हो? कुछ और दिन यहाँ होंगा । मुझे कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी है । जैसे ही सब कुछ हो जाता है मैं मुंबई लौट आऊंगा । यहाँ के बिना कुछ भी नहीं था । मैं समझ पा रहा हूँ उसके जिंदा रहते मैंने बहुत से चीजों पर ध्यान ही नहीं दिया और मुझे हमेशा इस बात का सोच रहेगा । हाँ, मैं समझ पा रहा हूँ । अरमान ने धीरे से कम मैंने जो कुछ भी खोया है उसकी भरपाई में कभी नहीं कर पाऊंगा । मैं बस इतना चाहता हूँ कि मैं कुछ ऐसा करता हूँ कि किसी दिन मेरे माता पिता की आत्मा को शांति मिले । तुम जरूर ऐसा करवाओगे अरमान ने कहा और उसने देखा कि सारा का फोन आ रहा है ते उसे लगातार फोन किये जा रही है । एक बार उसके मन में आया कि वह फोन कांटें क्योंकि अभी जैसी स्थिति है ऐसे में परसेंडी से फोन काटने के लिए नहीं कह सकता । नहीं अभी अरमान से बात करना चाहता है । सैंडी को उसकी जरूरत है इसलिए उसने पूछा तुम्हारी मौसी का क्या हुआ? मैं बिलकुल देखा आ रहे हैं मेरी माँ और मेरा उनसे कोई रिश्ता नहीं था । पिछले कुछ सालों में हमारे बीच कुछ लाइनों से ज्यादा की बातचीत नहीं हुई है । अंतिम बार मेरी माने उनसे तब बात की थी जमाने किसी अत्यावश्यक परिवारे कारण से उन्हें फोन किया था । उन्होंने पूछा था फॅसे हो उन्हें यहाँ देखकर मेरा दम कटता है । मेरे मौसा वगैरा शराब आदि कुछ कुछ पीते हुए संपत्ति के बारे में चर्चा कर रहे हैं । उन लोगों को कुछ भी नहीं दूंगा । इसलिए नहीं कि मैं ये संपत्ति चाहता हूँ बल्कि इसलिए कि मेरी माँ कभी ऐसा नहीं चाहती थी । जब एक बार तुम यहाँ जाओगी तब सब ठीक हो जाएगा । ऍम कर रहा हूँ अपना ख्याल रखना । अरमान ने कहा उसका आधा ध्यान अभी भी सारा भर लगा हुआ था । ठीक है और मुझे अभी लौटने में कुछ समय लगेगा । अभी भी बहुत अजीब सा लग रहा है । जैसे ही मैंने उसे अपने कंधे पर उठाया, मुझे इस बात का एहसास हुआ कि अगर उसकी बीमारी के समय मैं उसके साथ होता हूँ तो मैं इस समय शायद उसे अपने गले लगा रहा होता है न की कंधे पर उस ने भराए । ओए डालने से कहा माता पिता के शव से भरी और कोई बोझ नहीं होता । ये वक्त भी गुजर जाएगा । समय सबसे बडा होता है । वक्त के साथ सभी घाव पाए जाते हैं । लेकिन इस बार आसान नहीं होगा । वही एक उम्मीद के साथ मारी है । अन्य एक अपराधबोध के साथ ही रहा हूँ । चांडी ने लगभग रोते हुए कहा, सारा आप लगातार आरमान को फोन कर रही थी । फॅमिली को फोन काटने को नहीं कह सकता था लेकिन वह सारा को लेकर भी बहुत चलता था । मुझे लगता है कि तुम अपने प्रति दे । वजह इतने कठोर हो रहे हो तो मैं काफी समय तक हालत का सही अंदाजा नहीं लगा । लेकिन तुम अपनी माँ के पास उस समय थे जब उसे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी जब उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली । अपने लिए स्थिति कठिन, मंदिरों हिम्मत रखो जैसे तुम ने अब तक रखी थी तब इस हिम्मत की तुम्हारी मार को जरूरत थी और याद तो मैं अपने लिए इस की जरूरत है । काश मैं तुम्हारी तरह अच्छा बेटा बन पाता । ऍम थी तो उन्हें हमेशा अपने माता पिता से काफी अच्छा नाता रखा है । साडी ने कहा और इस पर अरमान ने अपने आप से सवाल किया क्या मैं उनके लिए पर्याप्त कुछ कर रहा हूँ? सच बताऊँ तो नहीं । मुझे लगता है कि मुझे अभी भी काफी कुछ करना चाहिए ताकि बाज में मुझे तुम्हारी तरह पश्चाताप नहीं करना पडे है । मान ने कहा लेकिन तुरंत उसे यह समझ आ गया कि ऐसा कहकर वह तरह से साडी के अच्छे बेटे होने पर सवाल उठा रहा है साडी मुझे नहीं करना चाहिए था । मेरा मतलब वो नहीं था । सारी कहने की जरूरत नहीं है । इस सच्चाई है । ये ऐसा कुछ नहीं है जैसे स्वीकार करने में मुझे किसी तरह का कर्व में सोच रहा हूँ । मेरा मुझे जाना होगा । तुम से बात करके तनाव काफी खत्म हुआ । मेरे भाई जल्दी मुलाकात होगी । साडी ने कहा अपना ध्यान रखना । अरमान ने भी कहा ठीक है तुम भी अपना ध्यान रखना । अधिमान्य तुरंत सारा का फोन मिलाया लेकिन उसका मोबाइल से चौक जा रहा था । उसने सभी संदेश पढे थे लेकिन किसी काफी जवाब नहीं दिया था । अरमान चिंतित हो गया । उसने चाइना में भी फोन किया और वहाँ से उसे बताया गया कि वह जा चुकी है । अरमान और ऐसे किसी को नहीं जानता था जिससे मैं सारा के बारे में पूछ सकें । सामान्य उसके मुँह से कभी उसके दोस्त संबंधी या परीक्षित के बारे में नहीं सुना था । ज्यादा से ज्यादा नाॅक की को फोन कर सकता था । उसने सोचा कि तनुज को इतनी देर से फोन करना ठीक नहीं होगा इसलिए उसने देखी को फोन मिलाया । ऍम कैसे हो? हम औपचारिकता पूरी कर चुके हैं । अरब सीधे बताओ की क्या बात है । ठीक है, हाँ, सब ठीक है । मैं अगले सप्ताह के आसपास नए शो को लेकर मीटिंग करना चाहता था । अरमान ने कहा, और मैं खुद ही समझ नहीं पा रहा था कि वह क्या कह रहा है । फिर ये तो अच्छी बात है पर ऐसे क्या आफत आ गई थी तो मैं इसके लिए इतनी रात को फोन कर रहे हो? नहीं में सारा को फोन कर रहा था पर उसका फोन से चौक आ रहा है इसलिए मैंने सोचा की तो मैं बता दूँ । उसने कहा अच्छा । विकी ने कहा । और उसके बाद कुछ छडों तक किसी ने कुछ नहीं कहा । तो में आज सारा से कोई फोन वगैरह मिला है क्या? तो मैं ज्यादा पता होना चाहिए । अब तो तुम्हारी फ्लाइट में रहती है । विकी ने बिल्कुल महिलाओं की तरह कुछ बैंक के साथ पांच कहीं आईमान बिल्कुल ठाक रह गया । मेरा उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है और व्याप्त घर नहीं पहुंची है । इसलिए मुझे चिंता हो रही है । उसके बारे में पता लगाने और कठिनाई काम करने के लिए तो भी शुक्रिया । विकी हनुमान ने कहा, अंतिम बार मैंने उसे तनुज के साथ देखा था लेकिन कहा किसी मीटिंग में या किसी काम में मुझे नहीं पता । आज सुबह उनमें बहुत लडाई हुई थी और मैंने बस दूर से उन्हें बात करते हुए देखा था । जी ठीक है शुक्रिया । अरमान ने कहा और फोन रख दिया । मैं पहले से ज्यादा चिंतित नजर आ रहा था । उसे पता था कि तनुज कैसा आदमी है और पिछली रात पार्टी में तनु जो कुछ कर रहा था वह भी उसने अपनी आंखों से देखा था । उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है । इसके अलावा विकी ने उसे बताया कि उनमें कोई लडाई ना तेरा हुई थी । उसके मन में बहुत ही बुरे बुरे खयाल आने लगे । उसने उसका सामान और उसकी गाडियाँ ढूंढ डाली । लेकिन दुर्भाग्य से कहीं किसी परिचित का कोई नंबर नहीं मिला । मैं उठ खडा हुआ अपने को शांत करने की कोशिश करता रहा और फिर दरवाजे से बाहर निकल गया । कार स्टार्ट करते हुए उसने फिर से सारा को फोन मिलाया लेकिन उसका मोबाइल बंद था । उसने तनुज को फोन किया लेकिन उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ था । वो अपना सिर खुजलाने लगा । उसने उससे फोन पर संपर्क नहीं हो पाने से बहुत भी चैन महसूस कर रहा था । हालात ओवर खराब होती जा रही है । अरमान ने सोचा बेचैनी के मारे उसके पैर काम रहे थे और बुरे बुरे ख्याल उसके दिमाग में आ रहे थे । उसके वो उसे भी शक नहीं निकल रहा था । सारा की एक झलक पाने को इधर उधर घूम रहा था । वो अपने को जितना ही शांत और स्थिर करने की कोशिश कर रहा था उसकी हालत उतनी ही खराब होती जा रही थी । अरमान ने अपने दिल की आवाज सुनी और जो समुद्र तट की ओर अपनी कार बढा दी वही एकमात्र जगह थी जहां ऑफिस और घर के अलावा उसने सारा को देखा था । इससे पहले कभी रहे इतना चिंतित नहीं हुआ था । उसका सिर चकरा रहा था । उसके दिमाग में बोले बुरे खयाल आ रहे थे । उसने अपने सबसे बडे दुश्मन अपने दिमाग से बुरे बुरे ख्याल निकालने के लिए ट्रेनी ट्रंप भी नहीं लगा । उसने कल रात तनुज को जो नेता से व्यवहार घंटे देखा था और वहां बहुत ही अमानवीय था, उसके दिमाग में बहुत बुरे खयाला रहे थे । अगर तन उसने सारा के साथ वैसा ही किया होगा तो क्या होगा? अगर सारा सुरक्षित नहीं हुई तो क्या होगा? क्या होगा अगर सारा ने बी मन से ही सही तनुज के आगे आत्मसमर्पण कर दिया? क्या होगा अगर सारा बचने के लिए उससे संघर्ष करें और तरुण उसे कुछ नुकसान पहुंचा दे । उसका दिमाग जेट विमान की गति से दौड रहा था । सारे बुरे बुरे ख्याल उसके मन में आ रहे थे । जैसे ही है जुहू बीच पर पहुंचा । उसने कार पार की और बीच की ओर दौड गया । पुलिस लोगों को समुद्र तट से दूर कर रही थी क्योंकि ऊंची ऊंची लहरें उठ रही थीं और इन सब के बीच मैं सहारा की तलाश करता रहा हूँ । नहीं लगभग पंद्रह मिनट तक उसे तलाश करता रहा लेकिन मैं कहीं नहीं मिली । अंतिम विकल्प के तौर पर उसने वहाँ खडे एक दूसरे वाले से पूछा कि क्या उसने वहाँ पे उसे कहीं देखा है लेकिन उसने इंकार में सिर हिला दिया । उसे वहाँ केवल ग्राहक की तलाश से घूमती हुई कुछ थोडी वैश्याएं और कुछ ऐसे लोग जो घटिया रोमांच की उम्मीद में वहाँ जुटे हुए थे, दिखाई पडे हैं । एक वैश्या अरमान की ओर बढी लेकिन अरमान ने जिस तरह उसे देखा उसे देखते ही वह तुरंत बढकर चली गई । जब फरमान अपनी कार की तरफ बढ रहा था तब एक और वैशाली उम्मीद के साथ उसकी ओर देखा । उसका सिर अब तक चला रहा था और उसके सेल में तेज दर्द होने लगा जिसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि सारा का अचानक लापता होना था । उसने बार बार सारा और ताज को फोन करने की कोशिश की लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी । उसने फिर अपनी कार घुमाई और कार में । हालांकि ऐसी बिल्कुल तेज था लेकिन वह बुरी तरह पसीने से लाजपत था तो बिल्कुल रोने के कधार पडा था । ऐसा लग रहा था किसी ने उसका दिल उसके शरीर से बाहर निकालकर उसे अपनी मुट्ठी में बंद कर लिया है । बिल्कुल असहाय महसूस कर रहा था और अपने को सजा देने के लिए उसने अपने को ही थप्पड मारने शुरू कर दिया । अरमान ने अपनी तार की स्पीड बढाई की तभी जुहू में कुछ पुलिसवालों ने उसकी कार रोक ली । लोग जांच कर रहे थे कि कोई शराब पीकर गाडी नहीं चला रहा है । एक पुलिस वाले ने अरमान को गाडी का शीशा करने का इशारा किया । उसे पता था कि वह बडी मुसीबत में फंसने जा रहा है । क्या नाम है तुम्हारा? जैसे ही उसने गाडी का शीशा नीचे क्या एक पुलिस वाले ने उसे सवाल किया अपना लाइसेन्स सिखाओ तो उसने पुलिस वाले नहीं कहा । कुरान मानने, उसे अपना लाइसेन्स और क्या अरमान । उसने कहा और शराब की गंध छुपाने के लिए उसने जानबूझ कर साथ अंदर खींची । क्या काम करते हो? मैं लेखक हूँ । उसने जवाब दिया तब तो तुम्हारे पास सुनने के लिए एक और कहानी होगी । पुलिस वालों ने कहा और हस्तियां बाहर आओ और ये एल्कोहल टेस्ट हो, उस तरफ अपनी गाडी खडी करो । एक दो स्टार अधिकारी ने धड आवाज में कहा अरमान ने जैसे ही अपनी कार किनारे खडी की पुलिस वालों ने उसकी गाडी की चाबी ले ली । इसमें सांस छोडो पुलिस वाले ने एक उपकरण उसके भूखे पांच लाते हुए हैं । उसकी सांसे शराब का पता लगाने के लिए कहा । मैंने शराब पी रखी है नहीं से पहले ही स्वीकार करता हूँ कृपया मुझे जाने दीजिए । अरमान ने आग्रह किया तो मैं पीने से पहले इस बारे में सोचना चाहिए था । पुलिस वाले ने कडक आवाज में गांव मैं पहले से ही बहुत मुसीबत में हूँ । करपिया समझने की कोशिश कीजिए, अपनी गाडी के कागज दिखाओ । पुलिस वाले ने कहा और अरमान ने उसे गाडी के कागज दिखा दिया । तुम्हारा नाम तो अरमान है और ये गाडी तो संदीप के नाम पर है । ये संदीप कौन हैं? हम एक ही फ्लैट में रहते हैं । क्या उसे पता है कि तुम शराब पीकर उसकी गाडी चला रहा हूँ । नहीं, मैं ऐसा दोस्त है जिसने तुम पर विश्वास किया । पुलिस वाले ने व्यंग से कहा अरमान चुप रहो । मेहमान चुप रहा हूँ तो उन्हें तीस हजार रुपये का चलान भरना होगा और हमारे साथ पुलिसथाने चलना होगा । पुलिस वाले ने कहा अनुमान्य उसके मैच पर लिखा उसका नाम पढ लिया । गायतोंडे साहब, कृपया मुझे जाने दीजिए । मैं तो मैं ऐसे ही कैसे जाने दे सकता हूँ । छह सौ से ऊपर सडक दुर्घटनाएं शराब पीकर गाडी चलाने से होती है । मुझे रसीद बनानी होगी । शहर प्यारा सीखना बनाए । मैं आपको तीन हजार रुपये दे दूंगा । कृपया मुझे जाने दें । अरमान ने फिर आग्रह किया इतने पैसों में कुछ भी नहीं होता है । ये तो उठ के मुंह में जीरे के बराबर है । पांच हजार ले लीजिए मैं पहले ही बहुत तनाव में हूँ । मेरे दोस्त हो गई है । तुम्हारी पीढी ने वैसा खो दिया जो तुम्हारे माता पिता ने तो मैं सिखाया था । पुलिस वाले ने अपने रसीद बुक में कुछ लिखने का दिखावा करते हुए कहा सर मेरे पास बस यही हैं, कृप्या मुझे जाने दीजिए । अरमान ने कहा और पांच हजार रुपये निकालकर पुलिस वाले के हाथ पर कर दिए । नहीं तो मैं जाने दे रहा हूँ क्योंकि तुम्हें देखकर लगता है कि तुम भले घर के लडके हो लेकिन अगली बार से ध्यान रखना पुलिस वाला खुश दिखाई पड रहा था और उसने पैसे लेने के बाद अरमान को उसका लाइसेंस गाडी की चाबी लौटा दी । सर, मुझे आपकी सहायता की जरूरत है । अरमान ने कहा मैं तुम्हारी और कोई सहायता नहीं कर सकता । निजी दोस्त हो गई हैं । मैं जरूर अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रहा होगा । सुबह होने तक उसका इंतजार करो । मैं नशे में धुत होकर घर लौटेगा । पुलिस वालों ने लापरवाही से कहा, मैं अपनी महिला दोस्त के बारे में बात कर रहा हूँ । उसे अंतिम बार अपने बॉस के साथ कसकर लडते हुए देखा गया था । उसका बॉस एक टेलीविजन चैनल का प्रमुख है । और भी लडकियों को धारावाहिकों में अभिनय का मौका देने के बदले उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता है । मुझे डर है कि कहीं क्या अगर मेरी दोस्त से बलात्कार करने की कोशिश करता है और मैं कभी लौटकर नहीं आई तो अरमान ने काफी गंभीरता, चिंता और दर्द के साथ क्या बात कहीं ।

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हमारी अधूरी कहनी एक ऐसे इश्क़ की कहानी है जो इश्क़ चाह कर भी पूरा न हो पाया, पर अफसोस कुछ कहानियों वहीं से शुरू होती है जहां उनका अंत होता है writer: अर्पित वगेरिया Voiceover Artist : Mohil Author : Arpit Vageriya
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