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क़त्ल और देशद्रोह के इलज़ाम में सीक्रेट सर्विस का देशभक्त जासूस जावेद खान जेल की सलाखों के पीछे पहुँचता है. इस गुत्थी को सुलझाने निकले अमर और जॉन के सामने आती है एक ऐसी साजिश जो भारत के नक़्शे को बदलने की क्षमता रखती है. क्या थी वो साजिश? और कौन था उसका...मास्टरमाइंड? writer: शुभानंद Author : Shubhanand Voiceover Artist : RJ Hemant
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साहनी उसके साथ अंदर हो लिया । माइन्स की दीवार के अंदर गुप्त रास्ते से वह अंदर पहुंच गए । नहीं सहानी बोला कहाँ है वो बहुत उताबले हो उससे मिलने के लिए । जिंदगी में किससे मिलने के लिए मैं आज तक इतना उतावला नहीं हुआ । वो लोग कंट्रोल रूम में होंगे और कौन है वहाँ? अब सलवा हैदर हो गया चलो । हिंदुस्तान के सभी लोग उस वक्त टीवी स्क्रीन पर जमे हुए थे । उस की खास वजह थी और वो थी सभी न्यूज चैनल्स पर दिखाए जाने वाला वो वीडियो न्यूजरीडर बोल रहा था । अभी अभी आईएसआई के के लीडर खलीली ने यूट्यूब पर ये वीडियो प्रसारित करते हुए सभी भारतवासियों को धमकी दी है । कृपया ध्यान से देखिए । स्क्रीन पर खलीली का सर्द चेहरा था । उसने अपने आदमियों की तरह काली वर्दी पहनी हुई थी । हालांकि उसके चेहरे पर कोई नकार नहीं था । उसकी बढी हुई दाढी और मुझे उसके चेहरे की क्रूरता में और इजाफा कर रही थी । उसने बोलना शुरू किया । हिंदोस्तानियों वक्त आ गया है कि तुम लोग अपनी बेगैरत और नापाक जीने के धन को छोडने के लिए तैयार हो जाओ तो मैं सीखने के बहुत मौके दिए गए पर तुम्हें कुछ नहीं सीखा । तुमने दूसरे देशों पर हमारा झंडा लहराते हुए देखा पर तुम ने उसे नजरअंदाज कर दिया । इसलिए हमें यहाँ आना पडा तुम्हें मुनासिब ढंग से जिंदगी जीने सिखाने के लिए तो मैं सही राह पर चलाने के लिए तो उन लोगों की भलाई के लिए मैं सब करूंगा । पर इसके लिए तो मैं आईएसआई के को अपनी सरकार मानना पडेगा और मुझे अपना बादशाह । इसके लिए सबसे पहले तुम्हारे वजीरे आला को खुद को हमारे हवाले करना होगा । अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं एक के बाद एक हिंदुस्तान के कोने कोने में न्यूक्लियर हमला करूंगा जिससे हर तरफ तबाही मचेगी । जो मारेंगे वह खुशकिस्मत होंगे क्योंकि जो हमले में बच गए रेडिएशन के जहर से वो अपने आने वाले सालों में धीमे धीमे तडक केसर सडके मारेंगे और उनकी अगली कई पुष्टि आप अंक बीमार पैदा होती रहेंगी । हमारे ठिकाने पर किसी तरह से भी हमला करने की कोशिश पर हमें एक साथ कई मिसाइल छोड देंगे । जान लो कि ये मिसाइल किसी आम मिसाइल की तरह न होकर ड्रोन मिसाइल हैं और इन को काउंटर अटैक करना संभव है । इसलिए हिंदुस्तानी जनता अगर तुम अपनी और अपनी आने वाली पुश्तों की भलाई चाहते हो तो आपने वजीरे आला से कहूँ की खुद को हमारे हवाले कर दे । वीडियो समाप्त होते होते लोगों के दिलों में भय की लहर दौड गई । न्यूजरीडर फिर प्रकट हुआ । इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय ने भारत की जनता से अपील की है कि विपत्ति की इस घडी में धैर्य और साहस से काम लिया जाए । सरकार खाली और आईएसआई के को नेस्तेनाबूत करने की पूरी तैयारी कर रही हैं । हालांकि अपील लोगों को आश्वस्त नहीं कर पाई थी । अमर ने कार को ठीक साहनी की कार के पीछे रोका । जिनकी तेजी से उतरी और उसने कार में झांक कर देखा लगता है वहाँ उसके अंदर चला गया है । इतनी आसानी से नेगी से उसकी भी जान पहचान है । रोज हमें भी अंदर जाना होगा । जिनकी सोच लो तुम साक्षात मौत के मुंह में जाने की बात कर रही हूँ । क्या तुम्हें डर लग रहा है? नहीं तो मैं आगाह कर रहा हूँ । मेरी तो लाइफ का मिशन ही है । उसका खात्मा जिसमें हमारे जीवन की सारी खुशियां छीनने अगर मर भी गए तो क्या परामर्श अभी तुम्हारे सामने पूरी जिंदगी पडी है । मैं जानती हूँ ये सुसाइड मिशन है मेरे कारण तुम ही रिस्क मत । लोग आखिर आखिर हम दोनों कहते कहते रिंकी चुप हो गई क्या कहना चाहती हो रही थी । हम दोनों एक दूसरे के कुछ नहीं लगते । यही ना क्या यही जवाब है मेरे सवालों का जो होटल में मैंने तुमसे पूछे थे क्या? यही जवाब है मेरे सवालों का जो होटल में मैंने तुमसे पूछे थे । रिंकी अमर से नजरें मिलाने का साहस न ला सके । अमर ने उसके कंधे पर हाथ रखा । मैं जानता हूँ ऐसे हालातों में ऐसी बात करने का कोई मतलब नहीं है । पर अब मेरे लिए ये जानना बहुत जरूरी हो गया है । अमर मैंने कहा था तुम शायद मेरी सोलमेट हूँ पर मैं गलत थी । अमर उसे देखता रहा । इस सच्चाई में शायद की कोई जगह नहीं आई । लव यू टू अमर ने उसे कसकर अपनी बाहों में भर लिया । सिंह की मैं तुम्हारा हूँ हमेशा के लिए सोसाइट मिशन में अगर मुझे मौत भी आ गई तो हम नहीं होगा । जिस इंसान ने तुम्हारी आत्मा को चोट पहुंचाई उसके खून से हाथ सुनने की इच्छा मुझे भी है । रिंकी मुस्कुरा दी । उसकी आंखें आंसुओं से डबडबाई उठो चलो अमर पूरे जोश के साथ खोला । कहीं तुम्हारा भाई अकेले ही उसे खत्म कर देंगे । दोनों ने अभी भी वही काली वर्दी पहनी हुई थी । उन्होंने चेहरे पर नकाब चढा लिए और मशीनगन हाथों में संभाले माइन्स की तरफ चल रही है । कुछ ही दूरी पर उन्हें जमीन से निकला पाइप दिखाई दिया । उसके आस पास तीन लाशें थी । रिंकी ने अमर को रुकने का इशारा किया । पाइप के आस पास वैसे ही हालत है जैसे हम छोड कर गए थे । पाइप सुरंग से कनेक्टेड है । वो लोग अंदर छिपे हो सकते हैं । हो सकता है इधर किसी कैमरे से नजर रख रही हूँ । हम लोग उनकी वर्दी में है । उसका फायदा उठाते हैं । इतना आसान नहीं है । अब वो जानते हैं कि हम वर्दी पहन के भागे थे और इस वक्त पाइप के थ्रू अंदर जाने की सेवा कोई और रास्ता मुझे समझ नहीं आ रहा तो ऐसा करते हैं । मैं जाता हूँ तुम यहीं छिपकर मुझे कवर देना । मैं सब चक्कर लूंगा । अगर सब ठीक रहा तो फिर तुम भी आ जाना पर अमर यहाँ हमला कभी भी किसी भी तरह से हो सकता है । उनकी न्यूक्लियर मिसाइल लॉन्चर, जमीन फाडकर बाहर निकल आती है । यहाँ लैंडमाइंस भी तो हो सकती हैं । स्नाइपर छिपे हो सकते हैं, अभी तो लेना ही होगा । वैसे भी मुझे नहीं लगता वर्दी में देखकर वह बिना जांचे हमला करेंगे । पर अमर ने उसका चेहरा हाथों में लिया और आंखों में देखते हुए बोला चिंता मत करो मुझे कवर तो मेरी सेफ्टी अब तुम्हारे हाथों में हैं । रिंकी ने गहरी सांस ली, फिर हामी भरेंगे । उसने वही चट्टानों में छिपकर पोजिशन ले लेंगे । हमारे गार्ड की स्वाभाविक चाल के साथ पाइप की तरफ पड गया । पाइप के पास पहुंचकर अमर ने अंदर झांककर देखा । रास्ता साफ था । नीचे रोशनी भी दिखाई दे रही थी । अमर नहीं । दिन की को उस तरफ आने का इशारा किया जिनकी वहाँ पहुंच गई । पहले अमर सीढियों से बाइक में उतरा और फिर उसके पीछे रिंकी अंतिम सीढी पर बहुत पढते ही अमर की पीठ पर जोरदार प्रभाव हुआ । अंतिम सीढी पर पांव पढते ही अमर की पीठ पर जोरदार प्रहार हुआ । वो नीचे जा गिरा । जावेद ने माइंड से काफी पहले कार रोक दी । यहाँ से छिपते छिपाते पैदल आगे बढना होगा । वो कार से उतर आया । उसके पास एक ऑटोमैटिक राइफल थी । वह कई अन्य गुप्त हथियार थे जो उस की पोशाक में छिपे हुए थे । वो आगे बढने लगा माइंड अभी काफी दूर थी । जावेद के दिमाग में कई सवाल कौन रहे थे? क्या ऐसा हो सकता है कि नहीं? क्या ऐसा हो सकता है कि साहनी अपने माँ बाप के कातिल का साथ दे रहा हूँ । खाली के लेवल का आतंकवादियों का गुरु एक इमोशनली बिगडे हुए इंसान को यू शीशे में जरूर उतार सकता है । पर फिर भी ये बात हजम नहीं हो रही है । ऐसा भी हो सकता है की वो उसके लिए सब कुछ कर रहा हूँ । पर मन में अभी भी उससे बदला लेने का इरादा रखता हूँ । क्या खाली को साहनी कि असलियत शुरू से मालूम थी पर फिर खाली खुद ही ऐसा क्यों लेगा की अपने दुश्मन को साथ मिलकर इतने बडे मिशन पर काम करें । तभी अचानक से तभी अचानक कहीं से फायरिंग हुई जावे । तुरंत जमीन पर गिर गया । फिर देखते हुए सामने झाडियों के एक झुरमुट के पीछे पहुंचा । सामने पहाड से फायरिंग हो रही है । शायद खाली ने स्नाइपर बैठा रखे हैं । तभी जावेद को अपने पीछे से आवाजाही अपनी राइफल जमीन पर रखकर खडे हो जाओ, बदलने की कोशिश मत करना । जावेद के पास कोई और चारा नहीं था । उसने वैसा ही किया । तभी अचानक उसे अपने सिर पर भारी चीज का प्रहार महसूस हुआ और फिर उसकी चेतना लुप्त होती चली गई । कमिश्नर गोपीनाथ तेजी से कार चला रहा था । वह बदहावास दिख रहा था । उसके हाथ काट रहे थे । उसने तीसरी बार मोबाइल पर नंबर घुमाया । इस बार दूसरी तरफ से किसी ने फोन उठाया । बोलो कमिश्नर जैसा तुमने बोला था मैं आशियाना की तरफ आ रहा हूँ । अब बताओ मेरी बेटी कहाँ है? कमिश्नर मुख्यमंत्री अभी भी जिंदा है । दूसरी तरफ से ठंडे स्वर में कहा गया क्या? क्या? तो वो कैसे? दूसरी तरफ सन्नाटा छा गया । उसमें मैं क्या कर सकता हूँ अगर तुम्हारा आदमी काम नहीं कर पाया । जावेद को ये बात कैसे पता चली? मुझे क्या पता? फिर सन्नाटा छा गया । मैं अपनी बेटी की कसम खाता हूँ । मैंने इस बारे में जावेद को कुछ नहीं बताया और किसी को नहीं बताया । मेरी बीवी को भी नहीं पता है कि उसकी बेटी का अगवा हो गया है । मेरी बीवी को भी नहीं पता कि उसकी बेटी अगवा हो गई है । मेरा यकीन करो । सन्नाटा अभी भी छाया था । गोपीनाथ की आंखों में आंसू आ गए । वह रोते रोते प्रार्थना करने लगा । मेरी बेटी मेरे कसूर है । मैंने वह सब कुछ किया जो तुमने कहा । मैंने किसी को कुछ नहीं कहा । फिर दूसरी तरफ से चुप्पी टूटी । ठीक है कमिश्नर तुम्हारी बेटी सेक्टर सी के मकान नंबर पांच सौ तीन है । सोन कट गया । कमिश्नर ने हैरानी से फोन की तरफ देखा । उसके आंसुओं से भरे चेहरे पर रौनक आ रही हैं । पांच सौ थी । पांच सौ तीन बाहर देखते हुए वह बढाने लगा । कुछ ही देर में उसे मकान नजर आ गया । उसने कार साइड में रोकी और उतरा । अभी उसने मकान की तरफ कदम बढा ही थे कि उसके पीछे एक और कार आकर रुकी । उसमें से चार लोग निकले । सबसे आगे काले सूट में एक अधेड व्यक्ति था तो क्या? गोपीनाथ तो बोला अब तो हाँ मैं मेट्रो स्टेशन से तुम्हारे पीछे हूँ । गोपीनाथ उसे देखता रहा । फिर मकान की तरफ झगडा अब है । सीखा पागल मत बनो को बिना तुम्हारी अकल पर पत्थर पड गए हैं तो मैं पुलिस वाले हो, कमिश्नर होगा । ऐसे ही किसी में फंसा हो गए । वहाँ मेरी बेटी है । तुम्हें पता है हमारे देश में इमरजेंसी लगी है । आईएसआई के किसी भी वक्त देश पर परमाणु हमला करने वाला है । अब है । टहलते हुए उसके नजदीक आ गया । और तो मैं ऐसे आतंकियों की बात पर विश्वास कर लोगे । अब मैं ये रिस्क लेने को तैयार हूँ । पर क्या इस मुसीबत की घडी में देश एक एक करके अपने उच्चतम पुलिस कर्मी जासूसों को खोने के लिए तैयार है । अरे बेवकूफ समझो उनके मिशन को । गोपीनाथ ने एक गहरी सांस ली और फिर अचानक अभय को धकेलकर घर के दरवाजे की तरफ भागा । अब है की टीम ने गोपीनाथ की तरफ हथियार कुमार लोग अब है सीखा गोलपार नहीं करेगा । गोपीनाथ दौड कर मकान के दरवाजे तक पहुंचा और उसे खोलकर अन्दर प्रविष्ट हो गया । कंट्रोल रूम के बाहर हमेशा की तरह दोनों साथ फुटे गार्ड्स और उसके अलावा कई और आतंकी तैनात थे । अंदर अफसल और हैदर मौजूद थे । इंटरपोल का आदमी यानी नेगी साहनी के साथ पहुंचा, पर उन्हें बाहर ही रोक लिया गया । हमें तो जोर से मिलना है । नहीं बोला क्यों? लडाकू तीन सौ चार शहर से अहम खबर लेकर आया है । वहाँ हम पर हमला करने की गुप्त रूप से तैयारी चल रही है । यही तो कहकर उसने वॉकीटॉकी पर बात की । फिर उनसे बोला आपने हथियार यही छोड दो । दोनों ने तुरंत अपनी मशीनगन उतारकर वहीं रख दी और अन्दर प्रविष्ट हो गए । अंदर आते ही उन्हें कई कंप्यूटर स्ट्रीम्स और दे स्पोर्ट नजर आएगा । उनके सामने अवसर और हैदर बैठे हुए थे । बोलो उनकी तरफ देखे बगैर । अफसल ने कहा हो जोर कहा है । नेगी ने चारों तरफ देखते हुए पूछा बोलना है हम से बोलो अफसल कडक स्वर में बोला हूँ लेकिन अदब के साथ झुककर कहना शुरू किया । लखनऊ में कुछ ही देर में स्पेशल कमांडो और ऍम होने वाले हैं । फिर वहाँ से स्पेशल मिलिट्री ट्रूप्स के साथ वो लोग मिलिट्री हेलीकॉप्टर से हम पर हमला करने वाले हैं । हैदर के चेहरे पर मुस्कान आ गई । उनके लिए एक मिसाइल काफी रहेगी जी । इसके अलावा फाइटरजेट से एयरफोर्स वाले हमारे लॉन्चर को उडाने के इरादे से आने वाले हैं । आने दो उन्हें बता चलेगा कि किससे मुकाबला कर रहे हैं । अचानक अफसल ने स्क्रीन से नजर हटाई और नेगी की तरफ देखा शहर से तुम आये हो या ये उसने साहनी की तरफ इशारा किया ये आया है तो मैं ऐसे बोलने का मौका क्यों नहीं दे रहे हैं । आप तो जानते हैं हमारे कुछ लडाकू होंगे तो मालिक होना । हैदर ने पूछा जी अपना चेहरा देखा हूँ । नेगी ने बे झिझक नकाब हटा दिया । अब उनके सामने मालिक का चेहरा था जिसकी दारी मुझे बेहतर तीन से बडी थी । आंखें गड्ढों में धंसी हुई नहीं । हाँ हम तो मैं पहचानते हैं । काफी बहादुर हो तो है । माइंड में शुरू से रह रहे हो जी दो साल हो गए बहुत वो अब तुम अपना चेहरा देखा हूँ । उसने सहानी को इशारा किया । साहनी ने नेगी की तरफ देखा हम तुम से बात कर रहे हैं । हैदर तेज स्वर में बोला हूँ । साहनी का दिल उसकी छाती पर धारधार बज रहा था । उसने धीरे से अपने नकाब की तरफ हाथ बढाया । मकान में घुसते ही मकान में घुसते ही गोपीनाथ को कमरे के बीच में उसे उसकी बेटी कुर्सी पर बैठी नजर आई । उसके हाथ पीठ के पीछे बंधे हुए थे । क्या उसे देखकर वह चीखता हुआ अंदर आ गया । पापा आगे बताना तो हर बढाते हुए बोली क्यों? वो कमरे में चारों तरफ देखते हुए बोला यहाँ यहाँ पर कैमरे लगे हुए हैं । अगर उन्हें आप दिख गया मैं यहाँ से हटती हुई देखी तो इस बम को उडा देंगे । कहाँ है हम? कुर्सी के नहीं चाहिए । गोपीनाथ ने देखा वाकई उसकी कुर्सी के नीचे एक बडा सा बम रखा था । उसके आकार से ये साफ पता लग रहा था कि उसके फटने की दिशा में कमरे में किसी के भी जीवित बचने का कोई आसार नहीं है कि उसके फटने की दशा में कमरे में किसी के भी जीवित बचने के कोई आसार नहीं थे । तब तक अब है और उसकी टीम कमरे के अंदर पहुंचे । गोपीनाथ ने अंदर के हालात से उन्हें अवगत कराया । एक एजेंट ने अभय के कान में कुछ बोला । अब मैंने स्वीकृति में सिर हिलाया । क्या हुआ? गोपीनाथ ने पूछा एक रास्ता है वो? फुसफुसाकर बोला कॅलेज कैमरे ट्यूब कैमरे ट्यूबलाइट के पास लगे हैं । एक एजेंट कैमरे की नजर से बचकर उनके पास पहुंचेगा और फिर उसे निष्क्रिय कर देगा । तभी दूसरा एजेंट दौड कर नित्य को कुर्सी से उठा जाएगा । तभी दूसरा एजेंट दौड कर हत्या को कुर्सी से उठा लाएगा । पर अगर कैमरा बंद हुआ तो भी वो बम उडा देंगे और क्या जा रहा है तो कोई आईडिया समझा रहा हो तो बताओ । उन्होंने मुझे वादा किया है कि कहते हुए गोपीनाथ चुप हो गया । उसे याद आया । उन लोगों ने सिर्फ ये बोला था की नित्य इस मकान में हैं । ऐसा साफ नहीं बोला था कि वो उसे छोड रहे हैं से समथिंग गोपीनाथ ने सहमती में से रहे है । अब मैंने तुरंत एजेंट को इशारा किया । वो दीवार से चिपक ते हुए ट्यूबलाइट के नीचे पहुंचा । फिर एक कुर्सी लगाकर उस पर खडा हो गया । फिर उसने कैमरे से छेडछाड शुरू की । वायरिंग देखते ही उसने उसे काटा और अब है की तरफ इशारा किया । गौर अब है कि बोलते ही दूसरा एजेंट नित्य की तरफ थोडा गोपीनाथ का दिल तेजी से धडक रहा था । एजेंट ने लपक कर नित्य की कुर्सी सहित उसे उठा लिया और उसे लिए दरवाजे की तरफ भागा । गोवा को अब है सभी को बाहर भागने का निर्देश देते हुए बोला सबसे पहले नित्य को लिए एजेंट ने मकान के बाहर कदम रखा । उसके पीछे अभय नहीं और फिर कैमरा खराब करने वाले एजेंट नहीं । अंत में गोपीनाथ ने बाहर कदम रखा । ठीक कभी बंभाडा एक कर्णभेदी धमाका हुआ । सभी उछलकर दूर जा गिरे । मकान के अंदर से आपका भाव का बाहर तक निकला और गोपीनाथ उसकी चपेट में आ गया । बम क्या अनगिनत छर्रे उसके शरीर में समा गए थे । सामने से वो सभी को ठीक ठाक दिखा पर जब वो जमीन पर गिरा तो उसकी पीठ और पैर पर आपकी लडते नजर आएंगे । प्यारी नित्य चीखते हुए उस की तरफ लपकी पर एजेंट ने उसे पकड लिया । अभय नहीं जेब से फोन निकाला और तुरंत एंबुलेंस को और फिर फायर ब्रिगेड को फोन किया । गोपीनाथ दरवाजे के पास ही गिरा था और मकान अब आपकी लपटों में घिरा हुआ था, जिसके कारण वह लोग उसके नजदीक भी नहीं जा पा रहे थे । गोपीनाथ सिर्फ घायल हुआ था पर अब वह आग की चपेट में आ गया । उनकी आंखों के सामने वो जलता चला गया । नित्य बादलों की तरह चीखती रही । उसने एजेंट की गिरफ्त से खुद को छुडा लिया । पर फिर अब मैंने उसे पकड लिया । देखते ही देखते गोपीनाथ का पूरा शरीर चलने लगा । उसने अपनी बेटी की तरफ देखते हुए हाथ उठाया । अंकल अंकल फॅमिली को बचाइए । अब है कुछ नहीं बोल सका । वो उससे सख्ती से पकडे अपने एकमात्र दोस्त को जिंदा चलते हुए देखता रहा । उसके पत्र आए हुए चेहरे पर आंखों से लडका आया आंसू चमक रहे थे । गोपीनाथ के चेहरे पर भी आग लग गयी । उसकी चीखें फुफकारती आपकी आवाज में तब कहीं फिर वो घुटनों के बल बैठा और अंततः है । उसका धुंधु चलता हुआ शरीर जमीन पर गिर गया । जावेद को होश आ रहा था । उसने अपने चेहरे पर पानी के छींटे महसूस की । आंखे खोलते ही उसे चारों तरफ काली पथरीली छत दीवार नजर आएंगे । फिर उसको खलीली का चेहरा दिखाई दिया । ऐसे हो मेजर जावेद खान खलीली ने पूछा जावेद उठकर बैठ गया । वो ध्यान से खलीली को देखने लगा । क्या देख रहे हो? जावेद चुप रहा । देखो ध्यान से देखो इस चलेगा तुम अपने शहंशाह को देख रहे हो । हिंदुस्तान यानी आईएसआई के के शहनशाह हो था । इस देश का नया नाम यही होगा इस्लामिक स्टेट ऑफ इंडिया इन कश्मीर इसकी राजधानी होगी । लखनऊ तो मैं पसंद आएगा ना । फिर तुम्हारे राज्य की राजधानी अब देश की राजधानी बनेगी । ऐसा लगा तो मैं इस मास्टरमाइंड का प्लान । अचानक जावेद उसपर झपटा पर वो उस तक पहुंचने में असमर्थ था क्योंकि उसका पैर जंजीरों क्योंकि उसका पैर जंजीर से बंधा हुआ था । जावेद बोला तेरे ये खाप कभी सच नहीं हो पाएंगे । खलीली तो उन्हें भारत की ताकत को गलत आता है तो उन्हें जो हिमाकत की है उसकी सजा तुझे बहुत जल्द मिलेगी । मेरा मिशन खुदा कमिशन इसी में सबकी भलाई है । तू तो समझता है जो काम तूने मिडिल ईस्ट में क्या है वो भारत में भी कर लेगा । क्यों नहीं शुरुआत शहर से होगी । ये शहर मेरे कब्जे में होगा और यहाँ से धीरे धीरे हम अपना दायरा बढाते चले जाएंगे । खुद को मास्टरमाइंड कहते हो और ऐसा कमजोर प्लैन बनाकर उसे खास देख रहे हो तो मैं पता है हमारे देश की आर्मी कितनी बडी है । एयरफोर्स कितनी ताकत पर है । खाली व्यंगपूर्ण ढंग से मुस्कुराया । फिर बोला, जो लोग बात को पूरा समझे बिना ही निष्कर्ष पर पहुंच जाते हैं, वो कभी सफल नहीं होते जैसे कि तुम और तुम्हारी सीक्रेट साॅस । कोई भी मेरे प्लान को नहीं समझ सका और इस बात का फायदा मुझे पहुंचा और मैं आज इस मुकाम पर पहुंच गया तो मैं आईएसआई और हमारी गतिविधियों के शुरू में लेट जरूर मिले थे और मैंने तुम्हें उस दिशा में आगे काम करने का मौका ही नहीं दिया । तुम है और तुम्हारी सीक्रेट सर्विस को मैं कभी पंकज के मर्डर, कभी मिनाज के मर्डर में उलझाए रहा । फिर मैंने तुम्हें अवैध हथियार रखने के जुर्म में फंसा दिया । आखिर तुम हमारी तरफ ध्यान देते भी तो कब? इधर मेरे मुख्य मिशन का काम निर्विघ्न रूप से चलता रहा । न तुम लोगों ने कभी सोचा कि ये पता किया जाए कि सहानी के ट्रांसपोर्ट से हथियार कहाँ जा रहे हैं । इतना ही तो मैं पता चला कि हमने माइन्स में अपना हेडक्वॉर्टर बना लिया है । पुलिस को हम शहर के अंदर आतंकवादी हमलों में उलझाए रहेंगे । हमारे आदमी पकडे भी गए और उनसे वैसे भी कोई जानकारी उगलवाना नामुमकिन था । गूगल बातें भी तो क्या पता लगता मुख्य मीशन के बारे में तो गिनती के सिर्फ चार पांच लोगों को पता था । अब रही बात हिन्दुस्तान की आर्मी और एयरफोर्स की वो कुछ नहीं कर सकेंगे क्योंकि हम लोग शहर की जनता के बीच में भी मौजूद हैं । यही तो खास बात है मेरे प्लान की । अगर हम बॉर्डर पर होते तो भारत बेहिचक हम पर किसी भी तरह का हमला कर देता हूँ । पर वो अपनी आवाम पर मिसाइल नहीं गिरा सकते हैं । इतना यहाँ न्यूक्लियर हमला कर सकते हैं । जबकि हम ये सभी चीजें करने में सक्षम हैं । हिंदुस्तान हमारी धमकी के आधार पर कुछ भी करेगा । पहले तुझे कश्मीर से खदेडा गया और तो बच गया पर अब तो उन्हें यहाँ आकर बडी गलती की है । खाली ले इस बार तुझे भागने का मौका नहीं मिलेगा । तेरी कपडो यही बनेगी । मुझे सब याद है मुझे कश्मीर से खदेडने में और मेरे पास लोगों को खत्म करने में । तेरह अहम हादसा मेजर जावेद खान मुझे पता है उसी बात का बदला लेने के लिए तूने मुझे टारगेट किया है ना खाली लीटर हरा मेरी खाई थी कि तुझे लोग देशभक्त की जहाँ देशद्रोही का दर्जा दे जो अपने ही लोगों के हाथ कुत्ते की मौत मारा जाए और वो तेरी लाश पर ठीक है । खैर भारत के सोचते जुडीशियल सिस्टम के कारण ये तो हो नहीं सका पर फिर भी मुझे यकीन है कि अभी भी लाखों लोग तुझे गद्दार ही मानते होंगे । मुझे बहुत सुकून मिला था जब तुझे तेरे ही देश की जेल की हवा लगी बाकी रही मौत की बात वो ना दे सके तो मैं दे दूंगा । जावेद हंसा हमारे प्लैन में इतना दम नहीं था कि मुझे जेल में रखा जा सकेंगे । भारत के जुडीशियल सिस्टम पर उंगली उठाना तुम्हारी कमजोरी और बेबसी दिखा रहा है । अगर तुमने मुझे कायदे से फंसाया होता है तो मैं जेल से बाहर नहीं आ पाता । हमारा प्लैन ही कमजोर था । मिस्टर मास्टरमाइंड खाली दांत किटकिटाने लगा जावेद खान तो बोलना मेरे प्लान के बारे में जब एक के बाद एक भारत के हर शहर के चौराहे पर आईएसआई के का झन्डा लहराएगा और तेरी राजधानी में बैठी सरकार न्यूक्लियर धमाके में खत्म हो जाएगी । मेरे देश पर बुरी नजर डालने वाले मैं तेरे टुकडे कर दूंगा कहकर जावेद ने पैर में बंदी चीन को पकडा और जुनून के हवाले किसी जंगली हाथी की तरह चिंघाडते हुए उसे एक झटके में उखाड फेंका । सब मुंहबाएं उस दृश्य को देखते रह गए । आजाद होते ही वह खलीली पर झपटा, पर उसके पास पहुंचने से पहले ही काली वर्दीवाले गार्ड ने उसे दबोच लिया हूँ । उसके बाद जावेद पर लाभ घूंसे बसने लगे । पर उसके मुंह से कोई चीज क्या कर रहा नहीं निकली । वो खलीली की आंखों में आंखें डाल उसे घूरता रहा हूँ । जावेद खलीली ने अपने आदमियों को रुकने का इशारा करते हुए कहा, मैं तुझे कैसी बात बताऊंगा कि उसे सुनकर तो मेरा गुलाम बन जाएगा । गार्ड्स ने जावेद को कसकर पकडा हुआ था । फिर भी वो बुरी तरह से बेकाबू हो रहा था । तेरी बीवी और बच्ची जिंदा है और जावेद एकदम से ठहर गया । उसका मुंह खुला का खुला रह गया । सही ना हूँ, मेरी पुरानी आदत है । अपने खास दुश्मन के प्रियजनों पर जरूर हाथ डालो ताकि वो पूरी तरह से टूट जाए । काफी देर तक वहां सन्नाटा छाया रहा । फिर जावेद ने धीरे से पूछा अगर ये सच है तो तुमने मुझे इसी आधार पर ब्लैकमैल क्यों नहीं किया? क्योंकि मैं जानता था इसके बावजूद तो मेरे इशारों पर नहीं नाश्ते अपने शातिर दिमाग का इस्तेमाल करते हुए मेरे खिलाफ ही काम करते हैं । तो अब ये बात बोलने का क्या तुक है तो हम है चढता हुआ देखना चाहता हूँ झूठी सही पर तुम मुझसे भीख मान मेरे सामने जमीन पर नाक रख लो । ऐसा चाहता हूँ जावेद उसे खोलता रहा जानता हूँ इतनी आसानी से विश्वास नहीं करोगे तो हूँ कहकर खलीली ने जेब से फोटो निकाला । सोचा था कभी हिंदुस्तान में पकडा गया तो ये फोटो बहुत कम था । खैर ये नौबत तो आई नहीं । जावेद उसकी तरफ झपटा पर गार्ड की गिरफ्तारी पर गाज की गिरफ्त में उसे आगे बढने नहीं दिया । परेशान मत हो ये फोटो तेरे यही है कहकर खलीली ने फोटो जावेद की तरफ पढा रहे हैं । जावेद ने झपट कर फोटो ले ली और उसे देखने लगा । उस फोटो में कई लोग दिखाई दे रहे थे जो कि समंदर किनारे खडे थे । उनमें उसकी बीवी भी थी और उसकी बच्ची उसका हाथ पकडकर खडी नहीं उसकी फूल सी बच्ची जिसपर जावे जान छिडकता था । उसने ध्यान दिया कि उसकी बच्ची अब कुछ बडी हो गई नहीं । आखिर छह साल गुजर गए थे जावेद की आंखें जब जब आने लगी गले तो आखिर वाले भी होता है । चाहे वहाँ इंसान हो या एक कठोर जासूस । ऍम जावेद बरस पडा कहाँ रखा है तो नहीं? मार्ग का बच्चा है तो ऍम मैं तो सोच रहा था तो मुझे उनके बारे में जानने के लिए हाथ पैर जोडेगा खत्म मैं तेरे और तेरे सारे आतंकवादी भाइयों के टुकडे कर दूंगा । अच्छा सपने देखते रहो तो ठीक है । मैं कुछ देर में आता हूँ । तुझे तो अभी जिन्दा रहना है और भारत के बदलते नक्शे को देखना है । कहकर खलीली ने अपने एक आदमी को इशारा किया । उसने एक इंजेक्शन पीछे से जावेद की गर्दन पर लगा दिया । जावेद चौकर पालता फिर लहराकर गिर पडा । उस पर एक नजर डालने के बाद खलीली कैद खाने के दरवाजे की तरफ बढ गया । साहनी ने हाथ नकाब की तरफ पढाया ही था कि अवसर को वॉकीटॉकी पर सात फूटेगा । आज की भारी आवाज सुनाई नहीं कहाँ हाँ हुजूर आए हैं । बॅाल एकदम से अलर्ट हो गया । अगले ही पल दरवाजा खुला और खाली अंदर दाखिल हुआ । उसे देखकर अफजल हैदर खडे हो गए और एक फॅमिली बैठते हैं । वो पसीने पसीने हो रहा था । एक कुर्सी पर बैठकर वो माल को पंक्ति की तरह हिलाने लगा । आप कुछ लेंगे । हैदर ने अदब के साथ खलीली से पूछा शरबत पी रहा हूँ? हैदर ने खुद उठकर एक गिलास में शर्मा डाला और खाली की तरफ बढा दिया । अब जावेद हमारी कैद में हैं । शरबत का घोट मारते हुए वो बोला वहाँ हैदर खुशी से उछल पडा । उसका फिरने कश्मीर में हमारे लडकों को मौत के घाट उतारा था । उसे हमने मौका दिया था की गलती न करें और भारतीय आर्मी में रहते हुए और भारतीय आर्मी में रहते हुए हमारा जासूस बन जाएगा । बदले में उसने हमारे लडाकों को कटे हुए सिर भिजवा दी हैं और बदले में उसने हमारे लडाकों की कटे हुए सिर भेजवा दिया है । मैं वो मंजर आज तक नहीं भूल सकता हूँ । मेरे सबसे जांबाज और दुर्दांत लडाके थे । वो कहाँ है वह काफी हो । जोश अवसर बोला उसको तरह बात और पाकर मारेंगे । फिलहाल कैद खाने में बेहोश है । तभी खलीली की नजर नेगी और साहनी पर गई । ये दोनों कौन है? उसने पूछा उसके सवाल करते ही नहीं की और साहनी ने अदब से सर झुका लिया तो अपना न का बता रहे थे । अचानक अफजल साहनी से बोला साहनी योगी खडा रहा, अफसल उठा और उसने आगे बढकर खुद उसका लगा बता दिया । तीनों ताज्जुब से उसे देखने लगे । क्या नाम है तुम्हारा अफसर उसे पहचानने की कोशिश करते हुए बोला, नहीं, ये नहीं उससे पहले खलीली पूरा ये नूरमोहम्मद बहुत साल बाद तुम्हारे दीदार हुए हैं । खाली ले । साहनी उसे घूरते हुए बोला, खाली को साहनी में कई साल पुराने नोट का प्रतिबिंब दिखाई दिया तो हम इतने वक्त से आईएसआई के का साथ सिर्फ मुझसे इंतकाम लेने के लिए दे रहे हैं । जाहिर है, वैसे तो मैं मेरी असलियत कैसे पता चलेगा? तो मैं क्या लगता था कि तुम मेरी नाक के नीचे ही काम कर हो गए और मुझे तुम्हारी असलियत के बारे में पता नहीं चलेगा । तो हम अपनी बहन के साथ जब हाल ही में बचपन की यादे ताजा करने कश्मीर अपने पुराने घर चोरी छिपे गए थे तो मुझे पता चल गया था । अचानक साहनी अपनी वर्दी उतारने लगा । ऍम हैदर बोला, क्या कर रहा है? सीधे खडे रहे हैं । पर सहानी रुका नहीं । उसने अपनी शर्ट उतारी । उसके नीचे लिक्विड विस्फोटक से भरी जैकेट नजर आई । इससे पहले की कोई कुछ बोलता साहनी कूदकर खाली ले के पास आ गया और उससे ले पड गया । अफसल और हैदर के हाथ उनके हथियारों की तरफ पडे । खबर नेगी जेब से पिस्टल निकालकर उन पर तानते हुए बोला उनके हाथ रुक गए । खाली साहनी की पकड से निकलने की असफल कोशिश कर रहा था । हर थोडा ना बंद कर खाली नहीं वरना ट्रिगर दबाते ही मेरे साथ मेरे जितने भी उड जाएंगे तो क्या उसका साथ दे रहा है? अफजल लेने की से पूछा नेगी ने जवाब नहीं दिया । उनकी तरफ निशान लेकर खडा रहा । फिर बोला अपने खुदा को याद कर लो । कहकर उसने दो फायर किए और अफजल और हैदर दोनों को मार गिराया । फिर उसने तुरंत पलट कर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया । उसी वक्त बाहर से दरवाजे को पूरी तरह से खटखटाया जाने लगा । नेगी ने अवसर के हाथ से गिरा वॉकीटॉकी जमीन से उठाया और उसमें चलाया जो खडे रहो वरना तुम्हारे हुजूर को मार दिया जाएगा । प्रतिक्रिया में बाहर शांति छा गई । मुझे मारकर तो यहाँ से कभी जिंदा नहीं निकल पाएगा । नूर खाली बोला तो सही कह रहा है । साहनी बोला इसलिए तो हमारे साथ बाहर चलेगा । तभी बाहर से फायरिंग की आवाज आने लगी । आखिरी सीढी तक पहुंचते ही अमर की पीठ पर एक गार्ड ने राइफल के हत्थे से प्रहार किया । वो नीचे जा ही रहा हूँ । अब वो एक सुरंग में था । जहाँ पर्याप्त रोशनी थी । उसकी पीठ बुरी तरह से दुःख रही थी । पर दर्द को भूलकर अमर का ध्यान अपने हमलावर पर था जो की अब राइफल का हत्था अब उसके सिर पर मारने वाला था । अमर एक तरफ पलट कर खुद को बचा ले गया । इतने में रिंकी ने सीढियों से सीधे उस गार्ड के ऊपर छलांग लगा दी । वो कार्ड को लिए एक तरफ जा गिरी । अमर ने मौके का फायदा उठाया और उठ खडा हुआ । उसने चाकू निकाला और गार्ड के ऊपर हमला कर दिया । गार्ड भी कम चालाक नहीं था । उसने झटके से रिंकी को आगे कर दिया । अमर ने किसी तरह चाकू रोका वरना वे के साथ वो उसे ही घायल कर बैठता । रिंकी ने अपने पीछे खडे गार्ड पर कोहनी बीमारी जो उसके पेट में लगी । फिर उसने पलट कर एक एक उसके सिर पर मारी । अब इस बार अमर ने गार्ड को पकडा और चाकू उसके सीने में घुसा दिया । वो उसे तब तक था में रहा जब तक कि उसके प्राण नहीं निकल गए । जब गार्ड ने छटपटाना बंद किया तो अमर नहीं उसकी तरफ देखा । उसकी आंखें पथरा चुकी थी । वोट खडा हुआ ये रास्ता माइंड के अन्दर की तरफ ज्यादा लग रहा है । अमर इशारा करते हुए बोला फिर वो दोनों अपनी मशीनगन हाथों में लिए आगे बढने लगे । कुछ दूर चलने के बाद उन्हें एक सीढी दिखाई दी जो ऊपर की तरफ जा रही नहीं । दोनों सावधानी से ऊपर चढते हैं । अब वो माइनस में पहुंच गए थे । अंदर अंधेरा था । दूर रोशनी दिखाई दे रही थी जो कि शायद किसी बंद दरवाजे बंद करा रही नहीं जो की शायद किसी बंद दरवाजे से ठंड करा रही थी । दोनों दौडते हुए उस दरवाजे पर पहुंचे । उन्होंने दरवाजा खटखटाया कौन अंदर से आवाज आई । लडाकू नंबर एक सौ और दो सौ एक दरवाजा खुला है । खुलते ही अमर ने शिकारी चाकू वर्दीधारी की छाती में व्यवस्थित कर दिया और उसके मुंह पर हाथ रख दिया । वो छटपटाते हुए उसकी बाहों में झूल गया । अब फिर से बडे से अंधेरे सेक्शन में थे । उसके अंत में एक दरवाजा था जो खुला हुआ था । उसके ठीक सामने दीवार भी और बाई तरफ से रास्ता था । उस रास्ते के अंत में उन्हें कमरा दिखा जिसके बाहर कई वर्दीधारी खडे थे । वो दोनों दीवार से सटकर खडे हो गए । उस कमरे के बाहर काफी पहना है । रिंकी बोली जरूर उस कमरे में खाली होगा । क्या करना है? अमर ने पूछा हमला हाँ वही तो फिर दोनों ने मशीनगनों के मुंह खोल दिए । तीन चार गार्ड गोलियों का शिकार हो गए । पर दो साथ फुटे गार्ड्स जो सर से पांव तक लोहे के कवर से ढके हुए थे । उन्हें कुछ नहीं हुआ । वो दोनों उनकी तरफ पलटे और मशीनगन से फायरिंग करते हुए उनकी तरफ बडने लगे । अमर और रिंकी दीवार की ओट में हो गए । इन पर तो गोलियों का भी असर नहीं हो रहा है । जिनकी बोली सात फुटे गार्ड फायरिंग करते हुए उनके नजदीक आती जा रहे थे । ऍम जिनकी चीज थी अमर और रिंकी पीछे होते गए दोनों वापस दरवाजे से होते हुए दीवार के अगल बगल खडे हो गए । अब क्या किया जाए? जिनकी ने पूछा अमर ने जेब में हाथ डालकर बाहर निकाला । अब उसके हाथ में एक हथगोला दिखाई दे रहा था । वो इंतजार करने लगे । जैसे ही उन्हें गार्ड के नजदीक होने की आहट मिली अमर ने ग्रेनेड का पिन निकालकर उस तरफ उछाल दिया । जबरदस्त धमाका हुआ जिसकी गूंज पूरी माइनस में छा गई । उसके बाद सन्नाटा छा गया । उन्होंने देखा दोनों साथ छोटे जमीन पर निश्चल पडे हुए थे । अमर ने रिंकी को आगे बढने का इशारा किया । फिर वो दोनों दरवाजा पार कर के कंट्रोल रूम की तरफ चल दिए । उन्होंने चारों तरफ देखा । वहाँ और कोई नजर नहीं आया । रिंकी ने कंट्रोल रूम का दरवाजा खटखटाया । आपने हुजूर के इलाज देखना चाहते हो गया । अंदर से आवाज आएगी नहीं मैं रिंकी हो तुम्हारे साथ और कौन है? अमर और बाहर खडे गार्ड्स समझ गए । अंदर से दरवाजा खोलने की आवाज आने लगी । अचानक अमर और रिंकी की नजर सामने नहीं । वो दोनों सिहर उठे । सात फुटे घट में से एक जमीन पर लेटा हुआ था और उसकी राइफल का निशाना उनकी तरफ था । अपनी जगह से हिले भी तो माफ नहीं करूंगा । वो तुम्हारा दरवाजा खुला, उसे खोलने वाला नहीं था । अमर रिंकी को हाथ ऊपर करे देखकर वो चौका । उसने दरवाजा वापस बंद करना चाहा, पर साहनी ने उसे रोक लिया । ऍफ दिया तो क्यों यहाँ वापस आई सहानी रिंकी की तरफ देखते हुए बोला तो अकेले बदला कैसे लेने देती भाई, पासा पलटते देख खाली देने उठने का उपक्रम किया । पर नेगी ने चेतावनी भरे लहजे में गन का रुख उसकी तरफ करते हुए कहा जहाँ बैठे हो बैठ रहा हूँ, खाली मुस्कुराया । वो सहानी की तरफ देखते हुए बोला वो अपनी बहन की फिक्र कर वरना उसके मरने के बाद तेरा इस दुनिया में कोई भी नहीं बचेगा । साहनी बेचैन हो था भाई, उसकी बातों में बताना ये लोग खाली की जानकारी कभी नहीं लेंगे । जिनकी बोली सात फूटा धीरे धीरे उठ खडा हुआ उसका निशाना अब सीधे जिनकी के चेहरे पर था तो अपनी ऍम वो अमर से बोला वरना अगर मेरे उंगली हिली इस लडकी के खूबसूरत चेहरे के चीथडे उड जाएंगे । अमर ने हालत की नाजुकता पर ध्यान दिया । गार्ड पूरी तरह से सतर्क था और उसे पता था कि उसके निशाने के चुकने की संभावना लगभग न के बराबर नहीं । अमर ने अपनी राइफल उसकी तरफ उछाल दी और ऍम खाली का इशारा नेगी की तरफ था । अब कंट्रोल रूम से बाहर निकलो गए मजाक अगर इनमें से कोई भी किसी तरह कि चलाकी करते दिखे तो बेहिचक लडकी को गोली मार देना । जो जो गार्ड ने तत्परता के साथ जवाब दिया लेकिन साहनी की तरफ देखा साहनी ने बाहर कदम बढा दिया था । लेगी की आंखों में शातिर चमक थी । उसके चेहरे से पता चल रहा था कि हाथ आई बाजी वो इतनी आसानी से निकल जाने के लिए तैयार नहीं था । साहनी के बाहर निकलते ही नेगी ने झपट कर कण्ट्रोल रूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया । खलीली और मुस्ताक दोनों को इस हरकत की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी । मुस्ताक शायद रिंकी पर गोली चला देता पर हालत समझकर वो रुक गया । आखिर साहनी ने उस की आज्ञा का पालन किया था । अपने साथ ही से कहूँ ये पागलपन छोड दें । वह साहनी पर चला है नहीं लगी । साहनी ने दरवाजा खटखटाया ये पागलपन मत करूँ । दरवाजा खोलो पर कंट्रोल रूम के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई । मुस्ताक को ये बात समझ आई और फिर उसने एक हाथ से राइफल संभालते हुए दूसरे से वॉकीटॉकी निकाला और बोला फॅालो बलो! वॉकीटॉकी पर नेगी की आवाज आई, तुम्हारे हो जोर मेरी कैद में हैं । बाहर किसी पर आज ना आने पाए वरना कहने की जरूरत नहीं की । रेडियो के बाद तो उन्हें अपनी जिंदगी की सबसे बडी बेवकूफी की है । धोनी खुद को अंदर कैद कर लिया है । बाहर निकलते ही तुझे कुत्ते की मौत मारा जाएगा लेकिन कोई जवाब नहीं दिया । ऍम वॉकीटॉकी पर अब कोई आवाज नहीं आ रही थी । सिर्फ बाल के लिए गार्ड का ध्यान पूरी तरह से वॉकीटॉकी की तरफ चला गया और इतने में अमर ने अपनी जेब से रिवाल्वर निकाला और फायर कर दिया । निशाना एकदम साडी था और गोली गार्ड की आंख फोडते हुए मस्तिष्क में प्रवेश कर गई । उसके शरीर का एकमात्र ऐसा हिस्सा जिसके ऊपर कोई कवच नहीं था । हालांकि गार्ड भी मरने से पहले ट्रिगर दबा बैठा है पर रिंकी भी अलर्ट थी । वो तेजी से लहराई । गोली उसके बालों को छूते हुए निकल गई । अमर ने आगे बढकर जमीन पर पडा वॉकीटॉकी उठाया और बोला नहीं गोली की आवाज सुनाई दी । हाँ क्या उसने रिंकी को मार दिया? नहीं, मैंने उसे खत्म कर दिया है । अब कोई खतरा नहीं है । कुछ ही पल में दरवाजा खुला । साहनी अमर वरिंग की तेजी से अंदर आ गए । नेगी ने फिर दरवाजा बंद कर लिया । बारिश सानी चारों तरफ देखते हुए बोला । खली ने कहा है वो भाग गया नहीं । मुझे मन से बोला क्या मतलब भाग गया? अमर ने चौंकते हुए पूछा यहाँ एक गुप्त रास्ता है? नेगी एक कोने की तरफ इशारा करते हुए बोला मेरी आंखों के सामने वो जमीन में समा गया और अब ये रास्ता खुल भी नहीं रहा । वो लोग उस कोने में पहुंचे । वहाँ एक पत्थर का चौकोर हिस्सा अलग दिखाई दे रहा था । इसका कोई बर्तन या लीवर यहीं कहीं होगा । जिनकी दीवार टटोलते हुए बोली दीवार पर नीचे की तरफ एक पैदल जैसा लीवर दिखाई दिया । रिंकी ने उसे दबाया । वो दवा और पत्थर से खट खट की आवाज आई पर वो खुला नहीं । रिंकी ने उसे फिर से आजमाया पर वही नतीजा निकला लगता है खाली लेने लगता है । खाली ने उसे नीचे से बंद कर दिया है । नहीं की बोला ये रास्ता कहीं तो खुलता होगा । रिंकी सोचते हुए बोली ये जरूर सुरंगों में खुलता होगा उसके अलावा और कौन सा रास्ता हो गया साहनी में दिमाग में कौनसे विचारों को जाहिर किया तो चलो भाई रिंकी निर्णायक भाव के साथ होली खाली लंगडाते हुए सुरंग में आगे बढ रहा था । कंट्रोल रूम से गुप्त रास्ते से नीचे उतरते वक्त उसके पैर में मोच आ गई थी । आखिर वह गुप्त रास्ता कुछ और नहीं एक गड्ढा ही था जिससे दस फीट नीचे सुरंग की जमीन थी । कुछ आगे जाने पर उसे दो गार्ड दिखाई दिए । वो दोनों से सहारा देते हुए आगे ले जाने लगे । नाना खोलो नामक उन्होंने धोखे से कंट्रोल रूम पर कब्जा कर लिया है । पर इन नामुरादों को पता नहीं कि हम इन न्यूक्लियर हथियारों को मैनुअली ऑपरेट कर सकते हैं । जी हुजूर, ऊपर निकलते ही हम एक मिसाइल ऑपरेट करेंगे । इस तरह हम बिल्कुल सही टारगेट पर हमला तो नहीं कर पाएंगे, पर फिर भी दिशा और दूरी तय करके हमला कर सकते हैं । खाली गुस्से से उभरता हुआ बडबडाई जा रहा था । कुछ देर बाद ऊपर जाने का रास्ता दिखाई देने लगा । सीढियाँ चढते हुए खाली लीवर दोनों गार्ड बाहर आ गए । सोहनगढ माइंड का वह क्षेत्र अभी भी सुनसान था । हाँ और इस तरह खुले में आना आपके लिए ठीक नहीं । एक गार्ड बोला आप कहे तो हम ये काम काम इतना आसान नहीं है तो नहीं कर पाओगे । फिक्र मत करो तो हम दोनों बस चारों तरफ नजर रखे हुए हैं । हमारे साथ पढते हैं इन शाला ये काम हमारे हाथों होगा । खलीली आगे बढा । गार्ड अपनी राइफलें हाथों में नहीं । गार्ड अपनी राइफलें हाथों में लिए चारों तरफ देखते हुए उसके पीछे चल रहे थे । कुछ दूर जाने के बाद उसने जमीन पर से मिट्टी हटाई तो चांदी के रंग की गोल तस्तरी दिखाई देने लगी । उसने उस तश्तरी को दम लगाकर दबाया तो वह ढक्कन की तरह खुल गया । अंदर दो बटन दिखने लगे । खलीली ने दोनों बटन दबा दिए और फिर पीछे हट गया । कुछ ही पल में जमीन से घरघराहट की आवाज निकलते हुए आठ फीट लंबा बेलनाकार खम्बा सा निकल आया । खाली ने खम्बे पर एक जगह एक और ढक्कन खोला और फिर पैनल पर कुछ बटन दबाएंगे । अब उस खंभे की एक तरफ के पर पूरी तरह से खुल गए और उसमें ड्रोन विमान देखने लगा जिसका की मुख्य आसमान की तरफ था जिससे एक मिसाइल सन लगने थी । निसंदेह को एक न्यूक्लियर मिसाइल थी । खाली ने पैनल पर ड्रोन विमान की दिशा और दूरी निर्धारित किए । अब उसके चेहरे पर एक अनोखी चमक प्रकट हुई । अब उसे अंतिम बटन दबाना चाहते जिसके बाद भारत की धरती पर न्यूक्लियर विस्फोट होना तय था और विस्फोट की चपेट में आए हर तरह के प्राणी का विनाश निश्चित था और फिर खलीली ने उस विनाशकारी बटन को दबा दिया और पीछे हट गया क्योंकि ड्रोन विमान विशेष प्रकार की बैटरी से चलता था । वह बिना ज्यादा शोर शराबा किए धीरे से खम्बे से ऊपर उठने लगा । नीचे हवा के प्रेशर के कारण चारों तरफ धूल उडने लगी । खाली ने ऊपर देखते हुए कम छह से अपना चेहरा ढक लिया । ड्रोन हवा में कई फीट ऊपर उठ चुका था और विमान की तरह सीधा होकर अब गोली की रफ्तार से उडने लगा था । कुछ ही पल में वो उनकी नजरों से ओझल हो गया । अब दिल्ली दूर नहीं खाली खुद से बोला और फिर आसमान में देखते हुए ठहाका लगाकर हंसने लगा । तभी फायरिंग की आवाज हुई । खलीली तुरंत जमीन पर लेट गया । उसके गार्ड जवाब में फायरिंग करने लगे । पर दोनों तुरंत गोलियों की चपेट में आकर ढेर हो गए । खलीली के चेहरे पर अभी भी काम किया था । उसके बाद उसे दो धुंधले अक्स नजर आए । जो यमदूत सामान उसी की तरफ पढ रहे थे उसने गमछा अपने चेहरे से हटाया । सामने मशीनगन य साहनी और रिंकी खडे देंगे । रिंकी के खूबसूरत चेहरे पर वहशियत झलक रही थी । उसने अपने पैर पर बंधा एक शिकारी चाकू निकाला और चीखते हुए खाली पर झपटी । खाली ने बचाव के लिए हाथ फैलाए पर जिनकी को रोक नहीं सका । उसने एक झटके में चाको खलीली की जांघ में घुसा दिया । वो छह लाख उठा । कलेजे में कितनी ठंडक पहुंच रही है भाई बता नहीं सकती तो तुम भी अपना मन शांत करो । साहनी ने रिंकी से चाकू लिया और खाली ले के बाजू में घुसा दिया । सिर्फ घुसाया हो नहीं । गोल गोल घुमाने भी लगा । सिर्फ घुसा ही नहीं । गोल गोल घुमाने भी लगा । वो चीज हाँ और असहनीय पीडा के कारण बुरी तरह छटपटाने लगा । उसने साहनी का हाथ पकडने की कोशिश की तो साहनी ने उसके चेहरे पर कोहनी से जबरदस्त प्रहार किया । खाली की नाक की हड्डी टूट गई । फिर साहनी ने उसके पेट में लाख चलती । वो खास्ते खास्ते मुंह से खून उगलने लगा । बोल खाली बोर सानी । उसका गिरेबान पकडकर चीख रहा था । याद कर हो रहा है । जब तो उन्हें हम दोनों को यतीम बनाया था । जीवन भर ना भरने वाले गांव हमारी अंतरात्मा पर किए थे याद का और कबूलकर क्या सुलझे अपनी करतूतों का पछतावा हो रहा है । खाली ने खून से लथपथ अपना चेहरा उठाया और लडखडाती जुबान से बोला हूँ । मुझे बस टाॅक सिर्फ इस बात का है कि तुम तो उन दोनों को गुजरात खत्म नहीं कर सका । साहनी ने उसके बाल पकडे और उसका सिर जमीन पर पडे एक पत्थर पर देख पा रहा हूँ । उसके आगे के दो दांत टूट गए हो, खून निकलने लगा । रिंकी ने चाकू हाथ में लिया और खाली ले की तरफ पर ही खाली आंखे फैलाकर उसकी तरफ देख रहा था । दो बोल तुझे अपने किए का पछतावा है । लडकी खाली को अपने किए हर काम पर फर्क है और आज खाली ने वो काम कर दिखाया है जिसकी गूंज अब से कुछ देर में हिंदुस्तान के कोने कोने में सुनाई देगी । रिंकी चीखते हुए उस पर खोदी । खलीली ने हाथ बढाकर उसे रोकने की कोशिश की पर रिंकी ने चाकू से उसके आगे बढे हाथ पर हमला कर दिया । नतीजन खलीली की दो उंगली कट कर गिर गई । फॅमिली फौज के साथ अपनी कटी हुई उंगलियों को देख रहा था, जो उसके शरीर से अलग होने के बावजूद अजीब ढंग से छटपटा रही थी । वह जमीन पर गिर गया और जिनकी उसके ऊपर सवार हो गई । मैं मेरे खून की प्यासी हो खाली मेरे देश की मिट्टी तेल, खून की प्यासी कहते हुए रिंकी ने पूरी ताकत के साथ चाकू का फल खलीली के दिल में उतार दिया । खाली ले की आंखें बनाएंगे, उसके मुंह से खून निकला और फिर अंतिम हिचकी के साथ उसके प्राण निकल गए । खलीनी का खून जमीन पर फैलने लगा । रिंग कीमा काली की तरह रौद्र रूप में दिखाई दे रही थी । उसकी आंखें फैली हुई थी । चेहरा होते से तमतमा रहा था और सांसे तेजी से चल रही नहीं । आज उसके हाथों एक राक्षस का संहार हो गया था । काफी देर वहाँ सन्नाटा छाया रहा । फिर साहनी ने रिंकी का हाथ पकडकर उठाया । वह ड्रोन मिसाइल लॉन्च करने में सफल हो गया । साहनी खंभे को देखते हुए बोला शायरी से अभी भी रोका जा सकता है । साहनी ने कीबोर्ड के कुछ बटन दबाएं और उसके छोटे से पैनल पर एक्सेस डिनाइड लेकर आ गया । हमें कंट्रोल रूम में पहुंचना चाहिए । रिंकी बोली दोनों तेजी से वापस सुरंग के रास्ते की तरफ भागे । कंट्रोल रूम में देगी और अमर स्क्रीन के सामने बैठे हुए थे । बेहद खतरनाक मिशन मास्टरमाइंड किया था इसलिए नहीं बोला । आखिर कैसे किया इसने ये सब न्यूक्लियर हथियार कहाँ से पा गया ये अमर ने पूछा । हमेशा तो था ही कि पाकिस्तान के कई परमाणु हथियारों पर आतंकवादी चुपचाप कब्जा कर चुके हैं और ये बात खुद पाकिस्तानी सरकार ने छुपा रखी है । वरना सोचो उनकी कितनी किरकिरी होगी । ऊपर से अगर अमेरिका को पता चलेगा तो इनके सारे परमाणु हथियार उठा ले जाएगा । नहीं बोला पर न्यूक्लियर हथियार पाकिस्तान से भारत कैसे आएगा । टुकडों में धीरे धीरे कुछ राजस्थान की तरफ से कुछ नेपाल से कुछ समुद्र तट की तरफ से और सब यहाँ पर असेंबल किए गए माइंड के अंदर सुरंगे का बनी दो साल पहले से बन रही है । माइनस में हथियार और आतंकियों का आना जाना सुरंग से होता है, जिनके मुख आसपास ही खोलते हैं । मुख्य रास्ते से आने जाने की बजाय उन्होंने ये तरीका अपनाया जो काफी सुरक्षित था । इतनी बडी साजिश तभी स्क्रीन पर ड्रोन की डिजिटल इमेज दिखाई देने लगी । मिसाइल ऍम आवाज आई ये क्या? अमर चीखा ऍफ हो गई और ये तो हवा में है तो हाँ नहीं बोला । इसरो अमर डैशबोर्ड पर नजर फिराते हुए बोला । उसे तलाश थी किसी ऐसे बटन की जिससे उसे रोका जा सके । तभी नेगी के रिवॉल्वर का रुख अमर की तरफ हो गया । अमर ने हैरानी के साथ उसे देखा, अपना रिवॉल्वर जमीन पर रख दो हमारे अमर उसे घोर जा रहा है । तुम किस फिराक में हूँ, जल्दी करो वरना तो मैं मरना पडेगा । उसके बोलने के लहजे में लिपटी चेतावनी को अमर भाग गया । उसने रिवॉल्वर जमीन पर रख दिया लेगी अमर के पास पहुंचा । उसने उसका रिवॉल्वर लिया और उसकी तलाशी लेकर कुछ और हथियार भी निकाल ली । फिर डोरी से उसके हाथ पांव बांध दिए तभी सहानी और रिंकी कंट्रोल रूम में पहुंचे । इस बार दरवाजा इत्तेफाकन बंद नहीं था । अंदर का नजारा देखकर दोनों हैरान रह गए लेगी । लेकिन ये क्या है? रिंकी जी की उसने अमर के पास पहुंचना चाहा तो नेगी ने उसे एक तरफ धकेल दिया । सब ठीक है । मेरी बहन अचानक साहनी बोला तो रिंकी चौकर उसकी तरफ पार्टी तुम हमारे काम में कोई रुकावट मत डालो । भाई, तुम पर तुम कर क्या रहे हो? रिंकी हैरान थी । साहनी ने मुस्कुराकर नेगी की तरफ देखा और कहा आज आईएसआई के को एक नया लीडर मिलने जा रहा है । लेगी गर्व के साथ मुस्कुराया । आईएसआई के के नुमाइंदे मालिक की बहुत इज्जत करते हैं । ये इन का मालिक चर्चा है । जो माइंड में दो साल से रह रहा है । वो इसे लीडर के रूप में स्वीकारेंगे । पर ये नाटक क्यों? रिंकी ने पूछा तो हम नहीं समझो की बहन अरे खलीली ने मिसाइल छोड दी है । पहले उसे रोको एक धमाका होना जरूरी है । साहनी ने कुटिल स्वर में कहा, रिंकी ने अचानक चाकू उठाया और अपनी गर्दन पर लगा लिया भाई मैं खुद को खत्म कर लूंगी । साहनी असहाय भाव के साथ अपनी बहन की तरफ देखता रहा । उसके चेहरे पर कई भाव आए और गिर गए । फिर वो बोला, ऍम, मैं तो मैं बताता हूँ । रिंकी ने धीरे से चाकू हटा लिया । साहनी शून्य में घूमते हुए बोला, मेरा मानना है कि खाली जो काम करने जा रहा था वो पूरी तरह से गलत नहीं है । वो का कश्मीर हमारी जन्म भूमि है । भारत हमारा वजन है और ये दोनों तेजी से पतन की तरफ जा रहे हैं । हमारे देश में कितनी सरकारें आई और कहीं प्रदेश में इतने सालों से चल रहे विवादों का कोई हल नहीं दे सकते हैं । समस्या किसी रोग की तरह बढती जा रही है और इनका इलाज करने की जगह हमारे नेता सिर्फ अपनी ताकत और अपनी जेबें भरने में लगे हैं । हजारों लाखों लोग धर्म के नाम पर युद्ध में आतंकियों के हाथों मारते रहे हैं और मारते रहेंगे और इनके कान पर जो भी नहीं रहती तो इसका मतलब अपने ही देश पर हमला कर दो, किसी का बुरा नहीं करेंगे । अगर जरूरत पडी तो सिर्फ पार्लियामेंट या विधानसभा पर हमला होगा । आम जनता को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा । भाई क्यों क्यों? क्यों तुम आतंकवादी नहीं होगी तो मैं एक अच्छे इंसान हो । फॅमिली की दुश्मनी ने तुम्हें पागल कर दिया है नहीं, हमें इस देश के लोगों को आजादी दिलाएंगे । नेगी के नेतृत्व में सब कुछ ठीक हो जाएगा । मैं इसका साथ होगा तो मगर हमारा साथ नहीं देना चाहती तो न सही, कम से कम अर्चन तो मत बनाओ । तभी नेगी ने रिवॉल्वर का रुख रिंकी की तरफ कर दिया । वजह थी कि उसने रिंकी का हाथ एक बार फिर रिवॉल्वर की तरफ बढते हुए देख लिया था । रसिया हूँ कि इस अपने हाथ से वॉलवर्ड से दूर रखो । मुझे पता है तो मैं अभी भी ये बात समझ नहीं आएगी और थोडा वक्त दो हमारी सोच खलीली से अलग है । जिनकी चीख उठी तुम पागल हो गए हो, काली मर चुका है । हमारा बदला पूरा हो गया तो उसमें हो तभी सिर्फ एक पल के लिए नेगी की नजर साहनी की तरफ घूमी और जिनकी एक तरफ कोर्ट गई नेगी ने उसकी तरफ फायर कर दिया । नहीं सहनी नेगी की तरफ क्रोध के साथ देखते हुए देखा । रिंकी एक सोफे की आड में हो गई । नहीं की कूदकर साहनी के पास आ गया और उसके सिर पर रिवॉल्वर रखकर बोला अपने हथियार फिर तो रिंकी वरना मैं तुम्हारे भाई को खत्म कर दूंगा जिनकी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी । ये मत समझना । ये मेरा दोस्त है, मेरा साझेदार है तो मैं इस पर कोई रहम करूंगा । सबसे ऊपर हमारा मिशन है और उसके लिए मैं कोई भी कुरबानी देने के लिए तैयार हूँ । जिनकी सोफे के पीछे से निकल आई । फिर उसने रिवॉल्वर की नाल पकडकर नेगी को दिखाया और उसे उसकी तरफ उछाल दिया । लेकिन उसे लपक लिया और बोला गुड! फिर नेगी ने रिंकी के हाथ पैर बांधकर अमर के पास बैठा दिया । तुम दोनों के साथ हमारा आत्मीयता का रिश्ता है । रजिया नूर की बहन है इसलिए मैं तुम दोनों में से किसी का बुरा नहीं चाहता हूँ । मैं किसी भारतवासी का बुरा नहीं चाहता हूँ क्योंकि मैं खुद भारतवासी हूँ ना कि खाली की तरह विदेशी आतंकी जो यहाँ का शहंशाह बनना चाहता था । इस देश में बदलाव लाने के लिए कुछ सख्त कदम उठाने बेहद जरूरी है । कहते हुए नेगी साहनी के पास खडा हुआ साहनी उस से पूरी तरह सहमत नजर आ रहा था । तुम दोनों को हमारा मिशन समझने में थोडा वक्त लगेगा । नहीं बोला मैं नूर को बचपन से जानता हूँ । हम दोनों देहरादून के बोर्डिंग स्कूल में साथ में रहे और पढे हैं मुझे तभी नोट ने अपनी आपबीती बताई थी । सुन कर मेरा खून खौल उठा था और उस वक्त न तो वो कुछ कर सकता था और ना ही मैं फिर जीवन में आगे । मुझे भी कुछ इसी तरह के भयावह अनुभव मिले । मेरे पापा, एक आईएएस उन्होंने ईमानदारी से काम करने की कोशिश की । पेट्रोल माफिया के खिलाफ आवाज उठाई तो उनको जिंदा जला दिया गया । जिन भ्रष्ट नेताओं कि शहर में ये हुआ उनके ऊपर आज भी नहीं आई । सिर्फ दिखाने के लिए भाडे के टट्टुओं को सजा दे दी गई और वो भी आराम से वक्त से पहले छूट करेंगे । तब मैंने फैसला किया कि अपने देश के अंदर की गंदगी को उसी तरह से खत्म करना पडेगा जैसे कि घर में घुसे कॉकरोचों को स्ट्रेट मारकर खत्म किया जाता है और ऐसा कुछ बहुत बडा करने से ही होगा वरना साडियाँ भी जाएंगे । कुछ बदलाव देखने के लिए मेरी मम्मी ने दूसरी शादी की और हम लंदन में जा बसे । मैं वहीं पला बढा और फिर जुर्म के खिलाफ लडने के जुनून में मैं पहले पुलिस और फिर इंटरपोल में नौकरी पा गया । मैं हर वो मौका तलाशता रहता था जिससे मुझे भारत आने का मौका मिले और फिर मुझे भारत में हो रही आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गुप्त मिशन पर भेजा गया । यहां चार साल में मैंने खुद को आईएसआई के एजेंट मालिक के रूप में स्थापित किया । वो सब काम किए जो आईएसआई वाले को करने चाहिए । फिर मुझे अफसल ने तलब किया और बताया कि किसी गुप्त मिशन पर काम करना शुरू किया जा रहा है । फॅस में इस गुप्त अड्डे का निर्माण शुरू हुआ । मैं शुरू से यहाँ था । धीरे धीरे यहाँ कई आतंकी आकर रहने लगे और मैं उनसे खुलता मिलता गया । मेरा रूप काफी ऊंचा था । वो सब मुझे मालिक चर्चा बोलने लगे । इस बीच जब मुझे समझ आया कि खाली लेके स्तर का आतंकवादी यहाँ कोई गोल खिलाने वाला है तो मैंने फिर से नोट से बात करना शुरू किया । उसके दिल में सो रही बदले की भावना को जगाया और इस प्लान में शामिल किया । मैं अफजल वगैरा की बातें गुप्त रूप से सुनता था और इससे मुझे मिशन के बारे में पता चलता गया । मैं इन्फॉर्मेशन नूर को देता गया । इसने फिर उन के बिछाए जाल में जानबूझकर खुद को फंसा लिया और उसके जरिए खाली तक आज आ पहुंचा । इसने कब अपनी बहन जो कि एक रॉ ऑफिसर है इस सारे पचडे में उतार लिया । मुझे पता नहीं चला । मुझे जब पता चला तब तक बहुत देर हो चुकी थी क्योंकि बहन भी बदला लेने के लिए उतनी ही लगाई थी । मैंने फिर इस बात का बुरा नहीं माना । इतना बदला पूरा हो गया और मुझे एक मौका मिल गया अपने देश को सुधारने का खाली ये हमला कर रहा था हमारे देश को गुलाम बनाने के लिए और मैं ये हमला कर रहा हूँ हमारे देश को आजाद कराने के लिए । देखना कैसे इसे एक हमले के बाद देश का हर नेता कुछ भी गलत करने से पहले सौ बार सोचेगा । ऍम भाषण बहुत हो गया । अब देखो कैसे में पहले सारे लडाकों को अपने साथ मिलाता हूँ । नेगी ने एक माइक उठाया और उसमें से बोलना शुरू किया । उसकी आवाज की गूंज सुरंगों में सुनाई देने लगी ।

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क़त्ल और देशद्रोह के इलज़ाम में सीक्रेट सर्विस का देशभक्त जासूस जावेद खान जेल की सलाखों के पीछे पहुँचता है. इस गुत्थी को सुलझाने निकले अमर और जॉन के सामने आती है एक ऐसी साजिश जो भारत के नक़्शे को बदलने की क्षमता रखती है. क्या थी वो साजिश? और कौन था उसका...मास्टरमाइंड? writer: शुभानंद Author : Shubhanand Voiceover Artist : RJ Hemant
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