Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM

Part 14

Share Kukufm
Part 14 in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts
2 KListens
लक्ष्य की ओर चलने वाले को बीच में विश्राम कहा? सिर्फ चलते जाना है चलते जाना है कहीं भी शिथिलता या आलस्य नहीं ज़रूर सुने, शिखर तक चलो बहुत ही प्रेरणादायक कहनी है। writer: डॉ. कुसुम लूनिया Voiceover Artist : mohil Author : Dr. Kusun Loonia
Read More
Transcript
View transcript

अपने आंदोलन की सफलता के पश्चात सेवा ने मीडिया से लेकर पुलिस तक अपने सभी सहयोगी को धन्यवाद दिया । आभार पत्र भी भेज जो तो अनेक समाजसेवी संगठन आंदोलन में इसके साथ थे लेकिन मानव मन डर्मिशन वहाँ अनुव्रत सेवाभारती ने विशेष मदद की थी । शिवाय हम समझे उन्हें भी धन्यवाद कहने पहुंचे । अनुव्रत सेवाभारती के अध्यक्ष अब्दुल्लाह साहब शिवास है बहुत प्रभावित थे । उन्होंने कहा देखिए धन्यवाद की कोई बात नहीं है यह तो हमारा करता था समाज के विकृतियों को सुधारने का हमने बीडा उठाया हुआ है और औपचारिकताओं में हमारा विश्वास नहीं है । अगर आप मुझे बता के हैं तो हमारे साथ छोडिए हमारे संग समाजसेवा करिए । शिवा के पास अपनी पढाई टीवेशन और कॉलेज की गतिविधियों के अलावा समय बच्चा ही नहीं था जो एनजीओ की मदद करता हूँ और इस बार बीकॉम ऑनर्स का अंतिम वर्ष था । कैसे होगा सब कुछ नहीं सोचने लगा किन्तु राठौर सजा केस में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए शिवाम् मना नहीं कर सका । अध्यक्ष ने स्वयं कहा की हम आपकी स्थिति बेहतर समझते हैं । बता जहाँ आपकी वास्तविक आवश्यकता होगी वहीं पर आपको आमंत्रित करेंगे वो लेकिन तब आप अवश्य आए का अपनी स्वीकारोक्ति प्रधान करे । शिवा एवं सुजेश वहाँ से निकल गए । तमाम व्यस्तताओं के बावजूद सेवानियम सुमित्रा को ट्यूशन पढाने जाता । इससे सुचित्रा का शैक्षणिक स्तर भी निरंतर घटता जा रहा था । सुचित्र सारी गतिविधियों के बारे में शिवा से पूछती हूँ । रुचि से सुनती उसने कई बार अपनी तरफ से किसी सेवा का भी शारा किया, लेकिन शिवा जैसा आधार शिवा कही मंत्री की पुत्री से आर्थिक एवं राजनीतिक मदद कैसे ले सकता था? अनुव्रत सेवाभारती के पार्ट काजी ने इस शुक्रवार आयोजित सर्वशिक्षा अभियान में मुख्य वक्ता के रूप में शिवा को आमंत्रित किया । उन्होंने कहा तो नहीं आना है अपनी अभिव्यक्ति देकर, चाहे तुम तुरंत चले जाना, बर्फ आना जरूर शुक्रवार को नियत समय पर पाठ का, जी द्वारा दिखाए हुए पत्ते पर शिवा पहुंचाऊं । उसने देखा झुंड के झुंड लोग वहाँ बैठे थे । सब के साथ जो गी झोपडी वाले समाज का वंचित वर्ग जिन हैं, जिन्हें ठीक से दो वक्त रोटी भी पूरी नसीब नहीं होती, उनसे शिक्षा की बात कैसे की जाए । अपने मन को मजबूत कर शिवा ने बोलना प्रारम्भ किया । सेवा भारती के पदाधिकारीगण एवं आजाद भारत के निवासियों हमें गर्व है कि हम स्वतंत्र देश के निवासी है तो यहाँ के संविधान में हमें शिक्षा का मौलिक अधिकार दिया है । भारत के प्रत्येक नागरिक को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है । आप इससे वंचित क्यों? आप सोचते होंगे कि हम शिक्षा ग्रहण करने चले जाएंगे तो दो जो उनकी रोटियाँ की व्यवस्था कैसे होंगी । महानुभावों शिक्षित होकर आपको जी की बेहतर व्यवस्था कर पाएंगे । साठ में अपना जीवन भी उन्नत बना पाएंगे । सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान चला रखा है तो और शिक्षा अभियान चला रखा है । शिक्षा का अधिकार कानून हाल भी बन गया है । छह से चौदह वर्ष तक के हर बच्चे को शिक्षा नहीं नहीं होगी । भाइयों में देख रहा हूँ कि हर सैकडों ऐसे मासूम है जो आपने खेलने पडने के दिनों में दुनियादारी के बोझ तले दबकर रहे गए । स्कूल जाने के बजाय उनका पूरा दिन दो जो उनकी रोटियाँ जुटाने की मशक्कत में ही गुजर जाता है । शिक्षा के सारे अभियान भी आप जैसे लोगों के आगे लाचार हैं परन्तु अब समय आ गया है । जागो बंद हो जादू अभिभावक स्वयं काम करने की आदत डालें । मासूम बच्चों से भीख मंगवाना बेगार कराना छोडे बहुत ही आसान नहीं है ना । इसके लिए भी एक अभियान की आवश्यकता है । तभी हम मासूमों का बचपन बचा पाएंगे । उन्हें प्राथमिक स्कूली शिक्षा दिला पाएंगे । जयहिन्द ऍम में ये कहना चाहूंगा इंसान को इंसानियत से काटा है । सर्वशिक्षा अभियान वृद्धियां विवेक का चिराग चलता है । सर्वशिक्षा अभियान प्रशिक्षण के साथ ही जुडा होता है । प्रयोग का उपक्रम रोजगार से सुखी जीवन बनाता है । सर्वशिक्षा अभियान मेरी शुभकामनाएं हैं कि यहाँ का प्रत्येक बच्चा आवश्यक स्कूल जाकर शिक्षा ग्रहण करें । साक्षर बने ऍम क्योँकि कडकडाहट से आसमान गूंज उठा पाठकर जीने शिवा का आभार प्रकट किया तो भारत की ओर हो गया । सेवाभारती के कार्यकर्ता यहाँ आपको मुख्य सडक तक छोडने आए । अगले हफ्ते अनुव्रत सेवाभारती वालों ने चुनाव वृद्धि अभियान आयोजित किया । उस समय भी शिवा की सेवाएं नहीं । उसने व्यवस्थित एवं योजना बद्ध तरीके से चुनाव शुद्धि अभियान के बीस हजार पर्चे एक दिन में बटवारा दिए । मतदान केंद्र में सार्वजनिक संस्थानों पर मतदाता ध्यान नहीं ऐसे जाग्रति मोलक पोस्टर लगवा दी है । सेवा भारती वालों को आश्वासन दे दिया हूँ कि जब चुनाव नजदीक आ जाएंगे तब मैं अपने साथियों के साथ घोष ठियां, कर्नाटक सभाएं आजी का काम युद्धस्तर पर चलाकर उनकी मदद करेगा । शिवानी वास्तव में फिर उनकी मदद की । इसका परिणाम भी बहुत अच्छा रहा हूँ । अब्दुल्ला साहब ने शुक्रिया अदा करते हैं तो शिवा को अपने कार्यालय में आमंत्रित किया शिव आवाज हो जाए । जब वहाँ पहुंचे तो बेहद स्वागत सत्कार हुआ हूँ । औपचारिकताओं की समाप्ति के पचास साठ फीट का दौड चल निकला हूँ । शिवा ने पूछा ये अनुव्रत क्या है? तब पाठक जी ने बताया कि देश की राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही नैतिक क्रांति के शंखनाद से अणुव्रत आंदोलन का सूत्रपात राष्ट्रसंत आचार्य तुलसी नेशन उन्नीस सौ उनचास नहीं किया । अनुव्रत की इस पृष्ठभूमि ने शिवा की उत्सुकता और बढा दें । उसने अब्दुल्ला साहब से इस विषय में अधिक जानकारी उपलब्ध करने का अनुरोध किया । अब्दुल्ला साहब ने शिवा के जिज्ञासा को समाहित करते हुआ कहा हूँ कि लोग हिट आए । आयोजित इस महायज्ञ के लिए अनुव्रत आचार संहिता भी बनी है । इसके ग्यारह नहीं हम मानव मास्टर के लिए बेहद उपयोगी हैं । ये नियम इस प्रकार है मैं किसी निर्णय, अपराध प्राणी का संकल्पपूर्वक वध नहीं करूंगा, आत्महत्या नहीं करूंगा, भ्रूण हत्या नहीं करूंगा, मैं आक्रमण नहीं करूंगा, आक्रमण नीति का समर्थन नहीं करूंगा । मैं हिंसात्मक, तोड फोड, मूलत प्रवृत्तियों में भाग नहीं लूंगा । मैं मानवीय एकता में विश्वास करूंगा । चाहती रंग के आधार पर किसी को उंच नीच नहीं मानूंगा । किसी को अस्पष्ट नहीं मानूंगा । मैं धार्मिक सहिष्णुता रखूंगा, साम्प्रदायिक उत्तेजना नहीं फैलाऊंगा । मैं व्यवसाय और व्यवहार में प्रमाणिक रहूंगा । मैं ब्रह्मचार्य की साधना और संग्रह सीमा का निर्धारण करूंगा । मैं चुनाव के संबंध में अनैतिक आचरण नहीं करूंगा । मैं सामाजिक कुरीतियों के प्रश्न नहीं दूंगा । मैं टेंशन मुक्त जीवन जी होंगा । मार टक वान, नशीले पदार्थों, शराब, गांजा, हेरोइन, भांग, तंबाकू आदि का सेवन नहीं करूंगा हूँ । मैं पर्यावरण की समस्या के प्रति जागरूक रहूंगा । भरे भरे बेर नहीं काटूंगा । पानी का अपव्यय नहीं करूंगा । कैसे लगे ये नियम तो मैं विवाह कहते हुए अब्दुल्ला साहब ने अपनी बात समाप्त की । लगता है काफी दूर दृष्टि से तैयार किए गए हैं । नियम हूँ निश्चित रूप से अनुव्रत आचार संहिता युवाओं की भी मार्गदर्शक होगी, ऐसा मेरा मानना है । अब तो लास्ट साहब अब अनुव्रत सेवाभारती के लिए मैं अधिक से अधिक समय देने का प्रयास करूंगा । शिवा बोला तो सुजा जो इतने समय से चुपचाप सारा वार्ता लाभ सुन रहा था । बेहद संजीता स्वर में बोला ॅ आपकी बातों को सुनकर तो ऐसा लगता है की अनुग्रह तो मानवीय गुणों का भंडार ॅ । इसके माध्यम से मानवता की सच्चाई सेवा हो सकती है । शिवा के संग मैं भी अपनी संस्थानों, व्रत सेवा भारतीय से जुडना चाहता हूँ । आप तुलना की बाट का जी एवं उपस् थित सभी लोगों के चेहरों पर स्निग्ध मुस्कान छा गई । अनुव्रत सेवाभारती ऐसे कमर कार्यकर्ताओं को पाकर बेहद पसंद नहीं भी । वर्तमान में उनका एक मुख्य मुद्दा नशा मुक्ति अभियान भी था । ये दो रूपों में संचालित होता था हूँ तो बच्चों युवा एवं प्राण को सजेशन मुक्त रहने का बढ दिलवाना, दूसरा नशेडियों का नशा छोडा कर उन्हें जीवन की मुख्यधारा में लाना उनके परिवार की खुशहाली लौटाना था । अनुव्रत सेवाभारती की अद्भुत अभिव्यक्ति कौशल का अपने इस प्रोजेक्ट में भरपूर उपयोग करना चाहती थी । सेवा भारती के मोहम्मद अब्दुल्ला साहब ने भिजवा से पूछा हूँ शिवा क्या तुम किसी तरह का तंपा गोद बाद लेते हो? जर्दा, गुटखा, बीडी, सिगरेट, सिगार या ताडी, दारू राम इत्यादि? शिवा ने कहा सर, मैं मानव शरीर के लिए अनुपयोगी मानता हूँ । ये इंसान के स्वस्थ जीवन के लिए मिट नहीं । वो तो खतरनाक शत्रु हैं । ये धीरे धीरे इन्सान के पूरे जीवन को दीमक के रूप में समाप्त कर देते हैं । नशा स्वयं के नाश का प्रतीक है और समाज के पतन का कारण भी । मैं अक्सर सोचता हूँ कि नशे से आक्रांत और कुंठित प्रतिभाएं देश का हित कैसे साध सकती हैं? हटा लेना तो दूर मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता हूँ । अब्दुल्ला साहब को लगा हूँ सही निशाने पर बैठा है । वो बोले जब तुम्हारी ऐसी विचारधारा है तो तुम जीवन पर्याप्त के लिए फॅालो । किसी भी परिस्थिति में तो व्यसनों के धीमे जहर को नहीं अपना होगी वो? शिवा ने कहा क्यों नहीं? मैं आज से ही रेशन मुक्त जीवन जीने का संकल्प करता हूँ । अब्दुल्ल साहब ने गर्म लोहे पर चोट मारते हुए कहा खिला ऍन मुक्ति कार्यशाला में हम तुम्हारा सहयोग चाहते हैं । प्रथम तो तुम युवा वर्ग को प्रेरित करने वाली संगोष्ठियां आयोजित करने में हमारी मदद करो, क्या कर पाओगे हूँ? मैंने कहा क्यों नहीं? मैं इसी हफ्ते हमारे कॉलेज के ऑडिटोरियम में आपकी कार्यशाला लगवा सकता हूँ । फॅस के हमारे प्रोजेक्ट में इसी कार्यों का विद्यार्थियों की अंक तालिका में भी मूल्यांकन होता है । अच्छा विद्यार्थियों को इकट्ठा करने का जिम्मा हमारा अच्छे वक्ता, अनुभवी डॉक्टर तथा प्रतिभागियों के लिए सर्टिफिकेट वन नाश्ते की व्यवस्था का दायित्व आपका अंधे को केवल चाहिए । दो आंखें भारत ही नहीं, एशिया के सर्वश्रेष्ठ कॉमर्स कॉलेज में रेशन मुक्ति कार्यशाला आयोजन की योजना से ही अब्दुल्ला साहब की पांच खेल गई हूँ । उन्होंने सोचा कि इसी की सफलता में हमारा संगठन हमारी जान लगा देगा । शिवा से उसने कहा हूँ हफ्ते गुरुवार को दोपहर एक से दो बजे का समय तय कर लोग हम बहुत अच्छी तैयारी से आएंगे तो हमारे साथियों को अच्छा ही लगेगा । हाँ, विद्यार्थियों की अच्छी उपस् थिति आवश्य होनी चाहिए कि वह दूसरी मदद तुमसे चाहिए जो कि वर्षों से नशा करते आ रहे हैं । उनका नशा छुडवाने के लिए शिवानी कहा है । इस काम का मुझे कोई अनुभव नहीं । मुझे करना क्या होगा? अब्दुल्ला जी ने बताया हमें ऐसे व्यक्तियों की सूची बनाकर रखते हैं । कई तो शुरूआती दौर में है तो बस बराबर उनसे बातचीत की प्रेरणा है । काम चल जाता है । कुछ बहुत वर्षों से नशे की गिरफ्त में है । उनके स्नायुमंडल में नशा बढ गया है । उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों में अच्छे चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया है । इन्हीं लोगों के मनोबल को मजबूत करने में तुम जैसे प्रभावशाली वक्ता की सहायता चाहिए ऍम कर सोचा हूँ उसने स्वयं के वजन को टाॅक । उसकी आत्मा ने कहा शिवा बात आगे बढो है । तुम्हारी रूचि का सेवा कार्य हैं । उसने आँखे खोल का सिर हिलाकर अब्दुल्ला शाह को अपनी मौन स्वीकृति दे दी । गुरुवार को नशा मुक्ति कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ । अनेक विद्यार्थियों ने नशा मुक्त रहने का रख लिया । कॉलेज के प्रिंसिपल मुख्य अतिथि थे । उन्होंने खुले दिल से अनुव्रत सेवाभारती ऍम सेवा की टीम की सराहना हूँ । दूसरे दिन और सदस् सेवाभारती के कार्यालय गए तो वहाँ अब्दुल्ला साहब के सामने एक बुजुर्ग बैठे थे । तीन ही दुबले पतले वर्षों के बीमार बढी हुई दिहाडी झुकी हुई काॅलोनी आवस्था उनके दुखी जीवन की कहानी बयां कर रही थीं । अब्दुल्ला साहब ने उनसे शिवा का परिचय करवाते हुए बताया ये हरी सेफ नहीं है । पिछले बारह वर्षों से शराब ने इनके स्वास्थ्य को निकाल लिया है । गत वर्ष से मैं के नशे ने रही सही कसर बोरी करदी हूँ । जमा पूंजी व्यापार, जेवर सब नशे की भेंट चढा गए । सिर्फ सिर छुपाने की एक छठी रह गई है, उसे भी है फिर भी रख देते हैं । तभी घर वालों ने इनके अत्याचारों से तंग आकर इन्हें नशा मुक्ति केंद्र छोडकर राहत की सांस ली । छह महीनों सही है युवराज सेवाभारती की देख रेख मैं पूरी तरह से शराब बस मैं को तिलांजलि दे चुके हैं । किंतु इनका परिवार ने स्वीकार नहीं को तैयार नहीं हूँ । अगर ये स्थिति यथावत बनी नहीं तो इन्हें पुराना शराब के गम में डूबने से कोई नहीं रोक सकता कहाँ इनके अपने घर में सम्मानजनक स्थान दिलाने की जिम्मेदारी तुम लो शिवा शायद ये हमें कैसे कर सकता हूँ? शिमला बोला कॅश हमारी व्यवहारकुशलता, तुम्हारी कार्यशैली, वक्तृत्व कलावा सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता से बहुत प्रभावित हूँ । अगर ही नया जीवन मिल सकता है तो सिर्फ तुम्हारे प्रायद्वीपों सेवा, तुम्हारी स्वीकृति या अस्वीकृति पर इनका भविष्य निर्भर है । ऍम के अलावा कोई विकल्प भी नहीं बचा । ऍम पहुंचाना ऍम अब्दुल्ला साहब ने कहा अगर तुम्हारे पास समय हो तो अभी इसी वक्त शिवम ने घडी देखेंगे । दिन की एक बजे थे । उसने उनके घर का पता मांगा और देखा और जिन्हें पुरी निर्धारित दो घंटे आने जाने में लगने थे । उसने मुझसे पूछा हूँ बोले तो कॅश नहीं कहा नहीं की और पूछ पूछ चलो अभी चलते ॅ जी को लेकर दोनों साथ ही एक नए सफर बारे चल पडे थे ।

Details
लक्ष्य की ओर चलने वाले को बीच में विश्राम कहा? सिर्फ चलते जाना है चलते जाना है कहीं भी शिथिलता या आलस्य नहीं ज़रूर सुने, शिखर तक चलो बहुत ही प्रेरणादायक कहनी है। writer: डॉ. कुसुम लूनिया Voiceover Artist : mohil Author : Dr. Kusun Loonia
share-icon

00:00
00:00