Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM

Part 12

Share Kukufm
Part 12 in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts
3 KListens
लक्ष्य की ओर चलने वाले को बीच में विश्राम कहा? सिर्फ चलते जाना है चलते जाना है कहीं भी शिथिलता या आलस्य नहीं ज़रूर सुने, शिखर तक चलो बहुत ही प्रेरणादायक कहनी है। writer: डॉ. कुसुम लूनिया Voiceover Artist : mohil Author : Dr. Kusun Loonia
Read More
Transcript
View transcript

सारे थी अनमनी बैठी थी । शिवा की पसंद का भोजन तो उसने कभी का तैयार कर लिया था जहाँ को जरा भी विलंब हो जाता । दो वाॅटर सोचने लगती आजकल दिल्ली में अपराध कितने बढ गए हैं । रोज हत्या, अपहरण एवं सडक दुर्घटनाओं के कितने किस्से सुनने में आते हैं बार बार प्रवेश द्वार की ओर ताकती माँ को जैसे ही शिवा दिखा ऍम ने कहा बेटा कहाँ था? बडी देर लगती अपनी बाजों की मांसपेशियां मसल्स टिकाता हुआ । शिवा बोला हाँ तेरा बेटा कमजोर नहीं बडी मजबूत जान बनाई है । धोनी फिर क्यों खबर आती है आजकल जमाना बडा खराब है । चिंता होने लगती है । मेरा जी घबरा रहा था । पता नहीं क्यों हो? मैंने कहा ॅ कितनी देर बाद भोजन करेगा । अभी लगा दो नहीं हाँ, पिताजी के शादी करेंगे तब तक आप की दवाई लेने जा रहा हूँ । कुछ देर बाद पिताजी आए । कॉलेज के सारे समाचार पूछे और पोछा हूँ । किसी तरह की परेशानी तो नहीं है ना । रुपये पैसे को चाहिए हो तो बता दो । शिवा ने कहा सब व्यवस्थित काम चल रहा है वो । इसी प्रकार हसी खुशी कैंसे छुट्टियाँ गुजर गई हूँ । द्वितीय वर्ष में भी उस ने अपने अध्ययन को प्राथमिकता देते हुए विशेष महीने तक जारी रखी । किसी के परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष में भी शिवानी नवासी प्रतिशत अंक प्राप्त की है । कॉलेज में फॅस राष्ट्रीय सामाजिक सेवा योजना में वे एक सक्रिय सदस्य के रूप में भी अनेक काम कर रहा था । आईआईटी दिल्ली से आज पश्चात नृत्य में उसकी टीम की प्रतियोगिता थी । उसमें पहला स्वर्ण पदक जीतने के बाद सब दोस्तों ने मिलकर खूब मस्ती की । तक बच्चा शाम की छात्रावास में अपने कमरे में गया तो देखा मुझे बेहद चिंता में था । तो क्या हुआ तो हमेशा गुलाफ्सा खेलता हुआ चेहरा आज मुरझाया कैसे जवानी पूछा सुजेश बता हूँ या ना बताऊँ कि वो हेडफोन में था, उसकी है । हालत देख फिर ना उसके पास बैठा और ऍम फॅमिली है । क्या हुआ? सुजेश बोला सुजाता की तैराकी प्रतिस्पर्धा के लिए यूके जाना कैंसिल हो गया है । फिर मैंने कहा तो इतना होने की कौन सी बात है? हरे अगली बार चली जाएगी । सुझाव बोला मामला होता नहीं है । राष्ट्रीय तैराकी बोर्ड ने उसे पांच वर्ष तक किसी भी तैराकी प्रतियोगिता में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है रे उसमें ऐसा क्या अपराध किया है जो इतनी कडी सजा मिली है? क्या कहूँ बताते हुए भी की नॅशनल स्विमिंग बोर्ड के चेयरमैन ने उसे स्विमिंग पूल पर देखा था । तब से उसके पीछे पड गया कभी स्विमिंग पूल पर कभी मीटिंग, कभी इंटरव्यू, कभी क्वालिफाइ राउंड के लिए अकेली बुलाता था । उसे परेशान करता हूँ । एक दिन तो हद ही कर दी हूँ अपने ऑफिस में बुलाकर । उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और उसके वस्त्रों से छेडछाड करने लगा । जैसे ही मैं जबरदस्ती पर आमदा होता ही किसी प्रकार छूटकर बाहर निकल भागी । बिफरी शेयर की भारतीय सरे आम उसने धमकी दे डाली कि या तो मेरी इच्छापूर्ति करो, नहीं तो तुम्हारा निलंबन । तब से सुजाता एकदम गहरे अवसाद में आ गई । चेयरमैन का उसने कोई प्रस्ताव नहीं स्वीकारा हूँ । कहाँ उसे निलंबित कर दिया गया हो जाये । अपने आपको निस्सहाय समझ रहा था । इसमें शिवा भी क्या करें हूँ । शिवा का दिमाग झंड आ गया । उसे कानों पर विश्वास नहीं हुआ हूँ । क्या सभी होता है । सब कुछ सामने था । कडवी हकीकत थी । एक तरफ राजबल, धनबल, बाहुबल और शक्ति वन था तो दूसरी तरफ सिर्फ आठ मावल सीमित संसाधानों से शत्रु पर विजय कैसे प्राप्त करें हूँ । विवाह प्रदेश को लेकर अपने सीनियर राजा वा कृष्णा के पास गया । उन्हें सारी वास्तुस्थिति से परीक्षित करवाया । मामले की गंभीरता को देखते हुए राजा ने स्टूडेंट यूनियन प्रेसिडेंट आलोक को बुलाया । सब गहन चिंतन करके इस निष्कर्ष पर पहुंचे हूँ कि पहले चेयरमैन को सुजाता को पुनर्नियुक्त करने दो, राजनाथ पत्र दिया जाए । अगर मैं मान जाते हैं तो सुजाता के साथ उसकी एक सहेली हरदम रहेगी और वह पहले की तरह अपनी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में उतरेगी । शिवानी कहा दस प्रतिशत चांस है कि जेरमैन मानी नब्बे प्रतिशत चांस है कि वह नहीं मानेगा । तब हम क्या रणनीति बनाएंगे? राजा ने कहा, हम कानून की मदद ले सकते ऍम कर सकते हैं । आलोक ने कहा हूँ अगर एक सीधी उंगली से ही नहीं निकलेगा तो मिलिट्री कर लेनी पडेगी । ऍम छोटी मोटी आती नहीं है, ऊपर तक पहुंच है । उसकी जंग का अटल नियम है । अगर विजयश्री का वरण करना है तो शत्रु की खूबियों कमियों को जानो । अपनी शक्ति का उसी के अनुरूप उपयोग करो । सेवा बोला आलोक भैया आपने एकदम सटीक आकलन किया है । हमें काम करते हैं । अपनी टीम में काम बाट लेते हैं । सुझाव राजा भैया के मार्गदर्शन में प्रार्थना पत्र कानूनी मदद का काम करेगा । कृष्णा भैया मीडिया का पूरा सहयोग लेंगे । इनके बडे भाई पीटीआई के प्रमुख हैं । वह कृष्णा भैया को मीडिया की पूरी समय है और इनका संपर्क भी तगडा है । आजकल तो सब काम संपर्क के बूते पर ही आसानी से निष्पादित हो पाते ऍम आने आगे कहा हूँ चलो भैया मैं आपके साथ जनजाग्रति अभियान में संग्लन रहना चाहता हूँ । अगर चेयरमैन नहीं माना तो हम सत्याग्रह करेंगे । हडताल करेंगे, जुलूस निकालेंगे, मार्च करेंगे । जरूरत पडी तो गृहमंत्री वा प्रधानमंत्री तक को ज्ञापन देंगे तो आप सोचो की जान में जान आई उसे लगा इस प्रकार अगर उनका अभियान सफल होता है तो सुजाता को नई जिंदगी मिल जाएगी । उसने कहा ठीक है मैं प्रार्थना पत्र लिखकर सुबह राजा भैया को दिखा देता हूँ तो वो कर देंगे । फिर हम प्रार्थना पत्र देने चलेंगे । शिवा ने सबको बहुत बहुत धन्यवाद देकर चलने की जाना चाहिए । ऍर आलोक ने उनकी पीठ आपका पाते हुए कहा हूँ हम सच्चाई के साथ है तो मैं घबराने की कोई जरूरत नहीं है । बस निरंतर खबर करते रहना जुझने । रात को देर तक बैठकर प्रार्थना पत्र लिखा । शिवा को दिखाया । शिवानी पढा एकदम सटीक था पासी शक्ति नगर में सुजाता का घर था प्रात आह लगभग दस बजे शिवा और सुजस वहाँ पहुंचे । पूरे घर में अजीब सी खामोशी छाई हुई थी । सबके हाँ लटके हुए थे । सोचने सुजाता के भाई से पूछा वो की आवाज है सब ठीक ऍफ का है । ये बालक कुछ नहीं बोल पाया । ऍम सुजस को अपने पाऊँ कि नीचे से धरती की शक्ति नजर आई । चक्कर खाकर खडा खडा जैसे ही गिरने लगा, शिवा की मजबूत माहौल नहीं उसे थाम लिया । झकझोरते हुए कहा हो जाए तो उसमें आओ अपने आपको संभालों । सुजाय हमें सुजाता को बचाना है । शिवा के इन शब्दों ने रामबाण का काम किया । सुजॅय चेतना लौटने लगी । शिवा ने उस बाला के आंसू पहुंचे और बोला सुजाता देवी के हम दोस्त हैं क्या हमें उनसे नहीं मिलवा होगे? बालक सुजस को पहचान गया । धूंधी आवाज में बोला ॅरियर खाली थी । अभी सर गंगा राम अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में है । शिवानी पूछा खतरे की तो कोई बात नहीं । अभी कुछ नहीं कह सकते है । चलो भाई गंगा राम अस्पताल चलो वहाँ पे आईसीओ । मैं सुजाता से मिलने पहुंचे । उन्होंने देखा तो पूरी पीली पडी हुई है । हड्डियों का ढांचा लग रही थी । वहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से शिवा ने पूछा डॉक्टर साहब मरीज कैसी है? डॉक्टर ने कहा भगवान का शुक्र है । समय रहते अस्पताल में आएँ ऍसे लेट हो जाती तो यह कोमा में चली जाती हूँ । मुझे उसकी आवाज सुन का तो जाता नहीं । धीरे से आंखें खोली । शिव आवास अध्यक्ष की जान में जहाँ नहीं चलो जान बची तो लाखों बाॅधना ने कहा तो जाता तुम तो बहादुर हो । यूं हथियार मत डालो । गुनेहगार को सजा मिलेगी । हमने आए प्राप्त कर के रहेंगे तो हम प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर कर दूँ । सुजाता बोली मुझे कुछ नहीं चाहिए । मुझे मेरे हाल पर छोड तो होता नहीं चाहती फॅमिली आपका नहीं परेशान मत हो और ऍम घरों बडी शिवा वहाँ से एक तरफ हो गया तो जस को हस्ताक्षर करवाने का इशारा किया । सुजाता की स्थिति देख शिवा ने संकल्प कर लिया की समस्या का समाधान करवाकर रहेगा इस लडकी को इसका न्याय दिलाने में पूरी सहायता करेगा । हो जाए तो जाता को साथ ना देने लगा । सहानुभूति पाकर सुजाता के धैर्य का बांध तोड गया । उसके दल का दर्द आंसुओं का सैलाब बनकर बॅाय बढाओ थी । आखिर मेरा कसूर किया है तो मुझे ॅ पिता जी की उम्र का ऍम मेरे पीछे पर आए ॅ के पास इन मासूम सवालों का कोई जवाब नाथन ऍम की बात कह रहा था । हूॅं होगा भगवान के घर देर है अंधेर नहीं । हम पर भरोसा करो । हम निश्चित रूप से सफल होंगे । तुम पहला कदम उठाने में तो सहयोग करूँ । इस प्रार्थना पत्र पर अपने हस्ताक्षर कर दो । छोटी छोटी होती है पर हाथ की नाक में घुस जाये तो प्राण हंता बन जाती है । एक छोटा सा खेत बडे से जहाज को डुबा सकता हूँ । चेयर मैंने तो मैं छोटा समझने की भूल किए । ये उसे महंगी पडेगी । जल्दी स्वस्थ होकर जंग में हमारा साथ तो सुजाता ने उस प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए । सुजस ने उस प्रार्थना पत्र की फोटोकॉपी करवाकर अपने पास रख ली और प्रार्थना पत्र देने के लिए शिवा एवं सुजॅय बोर्ड के ऑफिस पहुंचे । ऍम ने पहले तो बडी मुश्किल से मिलने का समय दिया । जैसे ही प्रार्थना पत्र दिखाया तो एकदम उखड गया । उसने प्रार्थना पत्र के टुकडे टुकडे कर के फेंक दिए । कौन होते हो तो उसकी तरफ दारी करने वाले मैं उस लडकी का तो ऐसा मजा चखाऊंगा कि वह जिंदगी भर के लिए स्विमिंग पूल भूल जाएगी । वहाँ छुप नहीं रह सका । कृप्या जवान संभाल कर बात करें आप किसी लडकी के भविष्य से इस प्रकार कैसे खिलवाड कर सकते हैं । यहाँ की सलाह ने आग में घी का काम किया और आप तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था हूँ यहाँ से निकालो तुरंत निकल जाओ यहाँ से नहीं तो धक्के मार का निकल जाऊंगा हूँ वहाँ तो जब दोनों खडे होगा ॅर एक बार फिर सोच लीजिए ॅ अगर आत्मसम्मान की आग से निकली चिंगारी भडक उठी तो आपको सर्व राष्ट्रीय कोई नहीं बचा पाएगा । दो डाॅट मैं अभी सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर तो मैं निकल जाता हूँ । जैसे ही सुरक्षाकर्मी शिवा सुजस को ढकेलने लगे शिवा एकदम कडक फॅसने बोला तो खबरदार जो एक कदम भी आगे बढाया । हमें छोडने की जरूरत नहीं है । अंतर जा रहे हैं सर देख लेना को बहुत महंगा पडेगा । जाते जाते शिवा बोला वो राठौर बोला तुम नालायकों की धमकी है, मुझे कोई परवाह नहीं है । जहाँ तुम से जो होता है कर लो वहाँ सीधा राजा भैया के पास गया । उन्हें आज की सारी स्थिति बढा दी । राजा ने कहा लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे । अब हम सबको अपना मोर्चा संभालना ही है । प्रधानमंत्री, खेल मंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री को हम ज्ञापन देंगे तो हम पत्र तैयार कर के मुझे विचार विमर्श कर लेना खेवा तुम छात्र संघ के नेता आलोक को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के सारे कॉलेजों में इस घटना को संक्षेप में बता के यह नोटिस लगवा दो की परसों सुबह हम इंडिया गेट से संसद भवन तक मोहम्मद भी मार्च करेंगे । फिर वही जंतर मंतर पर भूख हडताल करेंगे । अब इस क्षेत्र के सांसद और विधायक को भी हमें अपने साथ रखना है । फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी भी आई हुई हैं । वो मेरी मौसी की घनिष्ठ सहेली हैं । उन्हें भी ले लेंगे । कृष्णा को मैं भी सारी जानकारी देता हूँ । मीडिया में कल ही सबको निमंत्रण देने होंगे । सारी जानकारी की एक प्रेस विज्ञप्ति भी तैयार करके कल ही सारे पत्रकारों को दे देंगे । खिमानी पूछा हूँ मेरे मित्र जॉन के चाचा दिल्ली पुलिस के डीसीपी हैं । हमें उन्हें भी सूचना देनी चाहिए क्या? राजा बोला सिर्फ सूचना ही नहीं बल्कि हम पुलिस सुरक्षा मांग लेंगे । फिर कोई हमारे विद्यार्थियों का बाल भी बांका नहीं कर सकता था । इस क्षेत्र के एक दो बडे समाजसेवी संगठनों वह महिला संगठनों से भी तुरंत संपर्क करुँ । मामला संगीन है । राठौर भी बहुत ऊंची पहुंच वाला है । हम उससे भी मुझे पहुंचेंगे तब वह दबाव में आएगा । पूरी बात सुन का शिवा बोला राजा भैया क्या दिमाग पाया? आपने वाकई मुझे गर्व है । ऍम एक आवश्यकता मुझे और महसूस हो रही है । मैं एक चीज और चाहता हूँ कि हम अपनाएं, कानूनी सलाहकार भी रख लें । क्या पुलिस, कानून व मीडिया हमारे साथ होगा? तब प्रशासन को झुकना ही पडेगा । राजा ने कहा ऍम नीति खरे सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट है । मेरी बहन की बहुत अच्छे मित्र है तो मैं उन्हें आज शाम को आमंत्रित कर वस्तुस्थिति से अवगत करवा देता हूँ । राजा ने पूरी टीम का बुलाकर सबको उनके कम उसी वक्त सौंपती । दूसरे दिन गति प्रति की रिपोर्ट भी ले ली । अपनी अपनी जिम्मेदारियां ग्रहण कर बहुत सुलझे हुए तरीके से सबने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया । सोमवार की सुबह इंडिया गेट पर विद्यार्थियों का इतना बडा हो जाऊँ आज तक नहीं देखा गया था । सब अनुशासित पंक्ति बहुत चलती मोहम्मद थी । हाथ में कुछ के हाथों में पट्टियां तख्तियां थीं, सुजाता निर्दोष है, सुजाता का निष्कासन रद्द करो, राठौर अपराधी है । राठौर को सजा दो मानव मंडे एडमिशन, अनुव्रत, सेवाभारती, रोटरी इंटरनेशनल ऍम क्लब, मारवाडी युवा मंच जैसे एनजीओ एवं महिला मंडल, महिला मोर्चा जैसे सशक्त महिला संगठन भी जोशीले नारे लगाते हुए उनके साथ थे । वो दिन ओबीसी आउट रोडर ब्रॉडकास्टिंग ऍम जुलूस को कवर करते हुए हैं, साथ चल रही थीं । ऍम मीडिया के बीस पच्चीस लोग भी वहीं थे । शिवानी सबसे आगे रहे । कर जुलूस की व्यवस्था बहुत अच्छे से संभाली । राठौर ने कुछ गलत तत्वों को हिंसा फैलाने के लिए जोर उसमें शामिल होने भेजा । लेकिन शिवा के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा इतना मजबूत कर रखा था की उन तत्वों के तुरंग सन चल रही पुलिस के हवाले कर दिया गया । ऐसे वक्त में पुलिस का सहयोग वास्तव में बडा उपयोगी होता है । प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसने मीडिया के समक्ष है राठौर का वास्तविक चेहरा सबूतों के साथ प्रस्तुत कर दिया । वो सारे न्यूज चैनल मोमबत्ती जुलूस को विद्यार्थी सत्याग्रह यात्रा की तरह दिखा रहे थे । तो हर चैनल पर सुजाता का निलंबन रद्द करने की मांग हो रही थी की नहीं चैनलों पर राठौर की गिरफ्तारी के जोर शोर से मान चल रही थी । दूसरे दिन सारे अखबारों में मुख्य प्रश्न िनी समाचारों से पटे पडे थे । प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, खेलमंत्री, राष्ट्रीय महिला आयोग, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों को ज्ञापन देता हेवा सुझाव है राजा कृष्णा कालो की बडी बडी फोटो समाचार पत्रों में छापीं । इंसाफ के लिए हुई लडाई में सुजाता को न्याय दिलाने के लिए कई राजनीतिक वह सामाजिक संगठन भी आगे आ गए तो सुजाता का निष्कासन रद्द कराना, उसे न्याय दिलाना और राठौर पर मुकदमा चलाना ही उनका मुख्य मुद्दा था । इन लोगों कि संगठित शक्ति से सुजाता प्रकरण राठौर के गले की हड्डी बन गया हूँ । हाई कमान से नोटिस मिल गया । उसकी कुर्सी हिलने लगी । आखिर राठौर ने कोर्ट में जाकर सजा पाने के बजाय सुजाता को बहाल करने में ही अपनी भलाई समझी । हटा उसने सुजाता को पुनर्नियुक्त पत्र भेज दिया । इतिहास में नहीं होता जो अक्सर उन्हें लिखा जाता है । पाषाणों मैं अकेला जाता है, कथाओं में पिरोया जाता है और कल्पनाओं में संजोया जाता है । अबे तू इतिहास झडों की चाय शब्द या पार्टी अभिव्यक्ति है, जो किसी व्यक्ति, समाज या देश द्वारा जीव डाटासेट ये गए हैं । ऐसे पल प्रबल इच्छाशक्ति से पुरूषार्थ के सही नियोजन द्वारा लक्ष्य के रूप में प्राप्त किए जाते हैं । इसमें ईमानदारी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि ईमानदारी व्यक्तित्व का एक अभिन्न कौन है, जो सामाजिक विश्वास का आधार बनता है । इससे सामाजिक जीवन निश्चित रूप से सफल हो सकता है ।

Details
लक्ष्य की ओर चलने वाले को बीच में विश्राम कहा? सिर्फ चलते जाना है चलते जाना है कहीं भी शिथिलता या आलस्य नहीं ज़रूर सुने, शिखर तक चलो बहुत ही प्रेरणादायक कहनी है। writer: डॉ. कुसुम लूनिया Voiceover Artist : mohil Author : Dr. Kusun Loonia
share-icon

00:00
00:00