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Part 10

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हमारी अधूरी कहनी एक ऐसे इश्क़ की कहानी है जो इश्क़ चाह कर भी पूरा न हो पाया, पर अफसोस कुछ कहानियों वहीं से शुरू होती है जहां उनका अंत होता है writer: अर्पित वगेरिया Voiceover Artist : Mohil Author : Arpit Vageriya
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सारा एक छोटा सा काला टॉप और नीली चार खाने की डिजाइनर वाली मिनीस्कर्ट पहनी हुई थी । उसने घुटनों तक लंबे मुझे और क्रीम रंग की ऊंची हील के जूते पहन रखे थे । बीच में जो थोडासा शरीर देख रहा था तो बिल्कुल दे दाग । बस साफ सुथरा था और उसकी टांगे लंबी वापस डाल देख रही थी । करीना से बनाई गई उसकी भूमि है । उसकी त्वचा की महत्ता और बढा रही थी । ऐसा लग रहा था जैसे अरमान में पूर्णिमा का चांद चमक रहा हूँ । नहीं इस तरह सज धज कर तैयार हुई थी कि उसमें सम्मोहित कर देने वाला आकर्षण दिखाई पड रहा था । बस एक ही बार दरवाजे की घंटी बजी और उसने दरवाजा खोल दिया । जैसे उसे दरवाजे पर खडे व्यक्ति को देखा । एक मिनट को चुप्पी छा गई । उस व्यक्ति की परछाई से उसका चेहरा आधा ढका हुआ था और उसके चेहरे पर आते हुए भावों को देखकर वहाँ जाना कहाँ गई । सारा को सामान्य होने में एक मिनट लगा और उसके बाद लंबी सांस लेकर उसने उस व्यक्ति को अंदर आ जाने दिया । हिचक बॉर्डर से उसके हाथ काम रहे थे और वह अपनी खुद की धडकनों की आवाज सुन पा रही थी । अपनी सोच में डूबी सारा चाहती थी कि वह वहाँ से चला जाए । उसने सोचा कि अगर में थोडी देर पहले ही घर से निकल गई होती तो उसे उस का सामना नहीं करना पडता । पलंग पर देखते हुए मैं मुस्कुराया और सारा भी जवाब में जबरन मुस्कुरा गई । उसे पता था कि उसका पूर्व प्रेमी सत्यम निश्चित तौर पर उसे छोड देने की बात उठाएगा । सारा लकडी की ये कलवारी की ओर बडी और उसे बीस हजार रुपये निकाल कर दिए । सत्यम ने चुपचाप उसे देखा । उसकी आंखों में मलाल था । सारा बिना हिले वहाँ खडी नहीं । सत्यम को अपनी शादी की अंगूठी को व्यग्रता से हिलाते डुलाते हुए देखते हैं । वे अपने आंसू नहीं रोक पाई और उसे लंबे समय तक लगातार होती रही । सारा ने सुना कि सत्यम के अंदर कुछ गुबार उठ रहा है और सत्यम ने सुना कि साडा के अंदर कुछ मार रहा है । दोनों को पता था कि रे कभी एक दूसरे के कितने करीब है । दोनों ने बहुत बार एक दूसरे से बात करना और बताना चाहता हूँ कि आखिर क्या गडबड हो गई थी । लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए थे । एक बात जब मैं निश्चित तौर पर नहीं जान पाए कि उनमें से एक आगे बढ गया और इस से दूसरे को बेहद टीरा हुई । सारा के अंदर हमेशा नहीं चाहती कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक ठाक हो जाए । लेकिन जहाँ तक उसे विश्वास था उसे पता था कि इससे केवल गडे मुर्दे उखडेंगे और कोई हाल नहीं निकलेगा । दोनों एक दूसरे के लिए काफी मायने रखते थे और लगभग एक साल बीत गया । उसे उम्मीद नहीं थी कि वह वापस आएगा, आज भी नहीं । वे अगर चाहता तो किसी और को भेज सकता था । हर बार जब उन्होंने मामला सुलझाने की कोशिश की तो बात और बिगड गई और जहाँ आज इस पर कोई बात नहीं करना चाहती थी नहीं उस बात को याद कर रहा था जब सारा ने उससे कहा था कि वह दोबारा कभी उसकी सूरत नहीं देखना चाहेगी । महीनों तक मैं उम्मीद करता रहा ठीक ऐसा कुछ ठीक कर देगी जैसा की मैं हमेशा कर दिया करती थी । लेकिन समय बीतने के साथ वो उम्मीद खो बैठा । वो भी शांत था । शब्द ढूंढने की कोशिश कर रहा था और सोच रहा था कि अगर वे अपनी बात रखें तो क्या उसके लिए इन सब का कुछ होगा? सारा को पता था कि सत्यम से अपने दोनों के बारे में कुछ सुनना आसान नहीं होगा । उस रात जो कुछ भी हुआ था उसमें बहुत कुछ का अर्थ है । वो अभी भी समझने की कोशिश कर रही थी और ये भी एक वजह थी कि उसने उसे कभी फोन नहीं किया तो कहाँ जा रही हूँ? सत्यम ये पूछा तो भराई से क्या लेना देना चाहती हूँ । उसने कहा और उसकी आंखों में उसके हाव भाव मेरे सबकुछ चला गया जिससे समझ आ रहा था कि पिछले कुछ माह किन परिस्थितियों से कुछ नहीं हैं । अंडर रहा । उसने अपने को संभाला और इतने दिनों तक जो कुछ उसने अपने लिए अंदर समेट रखा था वो फट पडा । मैंने कभी अपने रिश्ते पर संदेह नहीं किया । एक बल्कि ने भी नहीं । सत्यम ने तुरंत पलट कर कहा तुम भी बराबर की जिम्मेदार हो । अगर इससे तुम्हारी आत्मा को शांति मिलती है तो बोलते रहो और जैसी कहानी जहाँ करते रहूँ लेकिन ये बहुत खराब बात है । मेरे पास इन सब के लिए कोई वक्त नहीं बचा । अभी तो बिलकुल भी नहीं । मुझे अभी आधा घंटे में कहीं पहुंचना है तो आप कृपया जाएंगे । सारा ने दरवाजे की तरफ इशारा करते हुए कहा एक समय उनके संबंध चाहे कितनी ही घेरे के उन आ रहे हैं । उस समय उसे कितना ही चाहता हूँ । लेकिन अब उस की भावनाएं ऐसी नहीं रहे । उसने अपना निर्णय ले लिया था और उस पर अडिग थी । सत्यम ने । उसे का भी बहुत अच्छा है । सास कराया था लेकिन छह दिन उसने किसी और से शादी की है । उसकी नजरों में गिर गया । वो शादी के बाद ही उससे संबंध बनाए रखना चाहता था । लेकिन वो ऐसी लडकी नहीं थी जो विवाहेत्तर संबंध बनाए रखती । पिछले कुछ समय में उसने अपने को उसी तरह स्वतंत्र बना लिया था जिस तरह सत्यम से प्रेम के संबंध में कायम रखने से पहले थी । अगर उसे हल्का सा भी आवाज होता की वो आने वाला है तो वह उससे मिलती ही नहीं है । उससे मिले बिना काम चला सकती थी । अगले कुछ दिनों तक किसी ने भी कुछ नहीं कहा । सत्यम समझ गया कि इस बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलेगा । उसने प्रयास छोड दी है और बीस हजार रुपये अपने हाथ में लेकर उठ खडा हुआ । वही शब्द भी बोले बिना वहाँ से चला गया । बहुत बार हमें बहुत कुछ कहना होता है लेकिन उन्हें कहने का कोई रास्ता नहीं होता और बाद में हम अफसोस जाहिर करते हैं । सभी शब्द आपकी भावनाएं नहीं समझ पाते । कई बार आप जो कुछ कह डालते हैं, है, बात नहीं होती । जो आप कहना चाहते हैं और अधिकतर जो कुछ आप कहना चाहते हैं, मैं अनकहा ही रह जाता है । किसी ने अपनी प्रेमिका से कहना चाहा था कि उसे उसकी कितनी कमी खलेगी कि उसने कितना चाहा था कि उनके संबंध नहीं टूटे । ऍम बार उसके पास लौट आए और फिर हमेशा उसके साथ हैं । किसी को अपने पूर्व प्रेम को उसके विवाह से पहले बताना था कि वो अभी भी उससे प्यार करती हैं और उससे शादी करना चाहती है, भले ही उनमें कितना ही अहम का टकराव लडाइयां मोरसिंह क्यों ना हो । अगर मेरे साथ रहेंगे तो पूरी दुनिया जीत सकेंगे और अगर अलग अलग हो जाएंगे तो सबको देंगे । जीवन इतना छोटा है की बातों को अनकहा नहीं छोडा जाना चाहिए । कुछ समीकरण बदलना कठिन है । हम अपने को अभी व्यक्त नहीं करते । थन अपनी बातों को दिल में बंद रखकर अपनी इच्छाओ को मारते रहते हैं । हम कहे शब्दों के बंदी बन जाते हैं और उन्हें अनकहे शब्दों की वजह से हमारी प्रेम कहानी स्कॉच नहीं बन पाती बल्कि सादी जिसकी बन कर रह जाती है । संबंध टूटना ये ऐसा शब्द है जो शायद आप की जान ले लें । इससे निश्चित रूप से चोट पहुंचती है क्योंकि आप फिर दोस्त नहीं बन सकते हैं । सीढियां उतरते हुए वह अपने प्रेम संबंध टूटने के बारे में सोचती नहीं । आप अलग अलग कारणों से संबंध तोडते हैं । हो सकता है कि आपकी भावनाएं वैसी नहीं रह रही हूँ और आपने संबंध तोड लेने का निर्णय कर लिया । हो सकता है कि दोनों में से कोई एक किसी और को पसंद करने लगा हूँ और सोचे कि वह गलत व्यक्ति के साथ हैं । हो सकता है की आवाज आपकी प्राथमिकताएं एक जैसी नहीं रह गई हूँ । हो सकता है कि आपका प्रेमी या प्रेमिका सोचती होगी । अब आपके संबंधों में गरमाहट नहीं रह गई है । क्या हो सकता है कि आप में से किसी एक को अचानक लगा हूँ? ये तो प्यार नहीं लेकिन अधिकतर प्रेम संबंधों के टूटने में जो बात होती है है कि आप दोस्त बने रहने का निर्णय करते हैं, ऐसे ही ये झूठ है । आप ऐसा करते हैं ताकि वो संबंध विच्छेद को आप स्थाई तौर पर स्वीकार कर सकें क्योंकि इस तथ्य हुआ स्वीकार नहीं कर पाते कि वह व्यक्ति हमेशा के लिए आपकी जिंदगी से जा रहा है । इसीलिए आप ऐसे मुर्खतापूर्ण सुधार करते हैं इसलिए भी ऐसा करते हैं क्योंकि आप जानते हैं कि जब आप कोई संगीत सुनेंगे या ऐसे किसी पार्क में जाएंगे जहाँ लोग वर्षों साथ साथ घूमा करते थे या किसी रूमानी शाम को जब राउंड राइफर जाएंगे या अकेले होंगे या ऐसी किसी जगह जाएंगे जहाँ अपने साथ वक्त गुजारा हो । तब आपको उस व्यक्ति की कमी बहुत खलेगी ।

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हमारी अधूरी कहनी एक ऐसे इश्क़ की कहानी है जो इश्क़ चाह कर भी पूरा न हो पाया, पर अफसोस कुछ कहानियों वहीं से शुरू होती है जहां उनका अंत होता है writer: अर्पित वगेरिया Voiceover Artist : Mohil Author : Arpit Vageriya
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