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Part 12

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लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
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हूँ । वो कार चला रही थी । उसने कहा कि हम किसी बात को याद करके हंस रहे हैं । बहुत का विस्की और तकि लाख की बहुत दिनों से भरा जून ऍम उसके पैरों के पास खनका । उसने बैग उठाकर अपनी गोल्ड पर रख लिया । उसने वोडका की बोतल निकाली और मेरे चेहरे के आगे हिलाने लगीं । मैंने अपना सिर हिला दिया । लेकिन श्रेयसी तब तक बोतल का ढक्कन खोल चुकी थी । उसने पीना भी शुरू कर दिया । कुछ समय बाद बोतल मेरे होठों पर भी थी । मैंने बोतल को दूर करने का प्रयास किया पर श्रेयसी उसे मेरे होटों से लगाए हुए थे । एल्कोहल का ठीक आपन मेरे पेट तक पहुंच गया था था में बोतल को आपने वो उसे हटाने में सफल हो गया । थोडी सी वो उसका मेरी टीशर्ट पर भी छलक गईं । दोनों खेल खेला पडे । मैंने सुबह से कुछ नहीं खाया था था । वो उसका सीधे मेरे सिर पर चढ गयी । मुझे थोडा थोडा कुमार होने लगा । मेरी आंखों से पानी आने लगा । मैं उसकी ओर हो गया । उसने मेरे होटों पर हल्का सा चुम्बन लिया । उसके हाथ मेरे सीने पढ हैं । मैं उसके ऊपर और झुकना चाहता था । उसने अपना सिर रोड की ओर कमा लिया । ऍफ देर हो चुकी थी तो हमारे चेहरे पर तेज लाइट पडी । उसने कार को रेलिंग की ओर मोड दिया । कार पलट गई । कुछ सेकंड बाद खून से सने हम एक दूसरे को देखते रहे लेकिन हम मुस्कुरा रहे थे कि हम जिंदा है । दमन की नींद बिस्तर गीला होने पर गली फॅमिली की वो यह लगातार सातवां दिन था जब उसने बिस्तर परसो शुरू कर दी थी । जब तक वाशरूम से बाहर आता तब तक वो अपनी दवाइयाँ ले चुका था और तीन सिगरेट भी चुका था । मैं पिछले एक हफ्ते से भाप के इंजन की तरह सिगरेट दे रहा था । हफ्ते नर्वस सिस्टम को काबू में करने के लिए मैं प्रतिदिन चार पैकेट सिगरेट पी रहा था । मैं अपने दुस्वप्नों और श्री इसी की धुंधली सी छवि में ही उलझा हुआ था । जिस दिन वैसे ऐसी से मिला था उसने पुछ को को फोन किया और उस लडकी के हुलिया के बारे में पूछताछ की जो उसे मिली थी । उस लडकी का हुलिया श्रेयसी की तरह ही था । उसे आश्चर्य था कि श्रेयसी उससे क्यों नहीं मिलती । वे नाम बदल बदल कर ही उसे मिलने का खेल क्यों कर रही है । उसे थोडा डर भी लगा हो वो भी सोच रहा था कि क्या वहीं ऐसी है इतने महाबाद मिलने पर क्या उसे कुछ महसूस नहीं होना चाहिए था उसे अभी उसके शव ऐसी होने बढ संध्या था । मैं कोई बहाने बाद लडकी थी जो उसकी पोस्ट और किताब पर श्रेयसी होने का नाटक कर रही थी । उसे इसी बात की अधिक संभावना लग रही थी । परंतु वह तो ऐसी की ईमेल आईडी का भी इस्तेमाल कर रही थी । इसके अलावा ये भी तथ्य था कि उसके परिवार और सुमित के अलावा कोई भी श्रेयसी के बारे में कुछ नहीं जानता था । यहाँ तक की अपनी भी नहीं फॅर लौट कर के आई हो वो मुझे ठीक से क्यों नहीं मिलती? हम बैठकर इत्मीनान से बात कर सकते हैं क्यूँ क्या बकवास हो रही है तो ऐसे खेल क्यों खेल रही हो? अंतिम ईमेल भेजे हुए उसे तीन दिन से अधिक का समय हो चुका था । वर्ष ऐसी ने अब तक कोई उत्तर नहीं दिया था । वो आपने डांट साफ कर रहा था कि तभी उसके फोन ने बीबी क्या? ऐसी ने आखिर उधर तय ही दिया । उसका दिल धडकने लगा और मेल बढते हुए उसके मूसे तो बेस्ट रखने लगा । ऍम खेल और क्यों नहीं हूँ क्योंकि हम अन्य लोगों की तरह हो तो इसमें कुछ समझदार है पर ये आमने सामने बैठ कर बात करना हम लोगों के संबंध पर लागू नहीं थे । ना तो मैं ये अच्छा लगता है की मैं सीधे तुम्हारे सामने आकर के थी कॅश नहीं नहीं देश ऐसी नहीं है जिसे तुम प्यार करते थे कि मुझे याद दिलाने की आवश्यकता है कि हम लोग किस तरह के प्रेमी प्रेमिका थे । इस ईमेल के साथ मैं ऍम भी संग्लन है । हमने आपस में लिखे थे तो क्या चाहते हो कि मुझे अमन और से इसी की कौन सी कहानी सबसे ज्यादा अच्छी लगती है । इसमें हम ऍसे इसी मेरे ऍम ठिकाने लगाते हैं तो उसे धमकाते पीठ के और दंडित कराते हैं और उसके ऑफिस में स्वागत कक्ष में फॅसा भले ही कभी नहीं हुआ हूँ तो यदि हमारी ऍफ तरह से समाप्त ना हुई होती तो ऐसा हो सकता था तो तुम्हारी कल्पना को सलाम हो उसे फिर से पढो । तब तो मैं समझ आएगा की हम किस तरह से अलग छोडी तो मैं वह घटना किताब में भी लिखिए लेकिन मैं अब भी तुम्हें प्यार करती हूँ । तुम्हारे सपनों की लडकी तमन्ने ईमेल पढा उसे इसमें सच्चाई नजर आई हूँ । मैं उससे सीधे आकर नहीं मिल सकती थी और ना ही ये कह सकते थे कि वैष्णो ऐसी है । ये महीनों तक उसके बारे में की गई हसीन कल्पनाओं को चौपट करने जैसा होता हूँ । फिलहाल है उसका ध्यान अपनी और आकर्षित करने और उसके दिल दिमाग को उद्वेलित करने में लगी हुई थी । उसकी पोस्ट में दर्शाई गई श्रेयसी ऐसा ही कुछ करती है । इस लडकी और फेसबुक पोस्ट में दर्शाई गई लडकी के व्यवहार बैठन में बहुत ही सामान फॅमिली लडकी थी जिसके बारे में उसने अपने दो सपनों में देखा था । वो ये रही है । धमान के दिमाग में अब कोई संदेह नहीं रह गया था । हालांकि थोडी सी निराशा थी । बिस्तर में बैठकर उसके ईमेल को दोबारा पढते समय मैं आश्चर्यचकित था कि उसे श्रेयसी के तमाम लक्षणों के सामने आने के बावजूद संजय क्यों रहा हूँ । सभी लक्षण यही इशारा कर रहे थे कि वही वास्तविक ऐसी है । वो दमन का ऐसा मानना था कि अखिलेश ऐसी को देखते ही उसकी स्मृतियों से पहचान लेगी । लेकिन उसे कुछ भी महसूस नहीं हुआ, कुछ भी नहीं । इस नीति का कोई द्वार नहीं खोला हूँ । सिर्फ खालीपन था जिसमें श्रेयसी को लेकर की गई कल बनाए, बडी थी । ऐसी वापस आ गई और सब चौपट कर दिया । उसने अपनी आंखे बंद की और उसके कहे अंतिम शब्द सुनी । अपनी अच्छा था ध्यान रखना मैं आउंगी आठ तुम्हारे आठ ग्राहक होंगे ।

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लंबे कोमा से जागने के बाद दमन को पता चलता है कि वह एक जबरदस्त कार हादसे का शिकार हुआ था, जब उसके साथ एक लड़की भी थी, जो उसे मरा हुआ समझकर हादसे के फौरन बाद वहां से गायब हो गई। अजीब बात है कि उस लड़की का धुंधला चेहरा, सम्मोहित करनेवाली आंखें और उसका नाम श्रेयसी दमन को अब तक याद है, जबकि उसकी याददाश्‍त जा चुकी है। उसने सपने में देखी अपनी और श्रेयसी की कहानियों को जोड़ना शुरू किया, और फिर उसे अपने जबरदस्त लोकप्रिय ब्लॉग में ढाल दिया। कुछ समय बाद दमन अपने ब्लॉग को एक उपन्यास के तौर पर प्रकाशित करने का फैसला करता है। तब एक खूबसूरत लड़की, जो श्रेयसी होने का दावा करती थी, दमन का पीछा करने लगी और धमकाया कि दमन को अपना जमीर बेचने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी तथा अपना बदला लेने के लिए वह किसी भी हद तक जाएगी। दमन उससे निपटता, इससे पहले उसे मालूम करना था : क्या वह सच में वही है, जैसा दावा कर रही है? उसे अब उससे क्या चाहिए? अगर उस लड़की की बात नहीं मानी तो उसके साथ क्या होगा? जानने के लिए सुनें पूरी कहानी। Author - Durjoy Dutta
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