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भाग - 8.1

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सात वर्षों से चला आ रहा एक तरफा प्‍यार क्‍या दोनों तरफ होगा या अधूरा रह जाएगा? क्‍या दोस्‍ती प्‍यार में बदल सकती है या सिर्फ दोस्‍त ही बना जा सकता है? प्रेम और अंतरंगता के ताने-बाने में बुना बेहद रोचक उपन्‍यास है। Writer - Arvind Parashar
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पूरे उसी समय के आस पास मैं बेहोश होने की कगार पर था । मैंने धान्या से कह दिया था कि जब तक गौरी नहीं मिल जाएगी, मैं पुलिस वालों के साथ ही रहूंगा । पहले तो उसने मना कर दिया हूँ मगर बादमें वह मान गई । उसने ये भी कहा कि उसे जल्द से जल्द आर्या से बात करनी होगी । मगर उससे पहले वो एक बात चीत जाना चाहते थे और उसने मुझे भी साथ चलने को कहा । जब वो ये कर रही थी तब उसका मतलब था कि मैं बाहर इंतजार कर सकता था । वो मेरे लिए परिवार के सदस्य की तरह थी मगर वो अपना काम अलग रखना पसंद करती थी । मैं उसका बहुत सम्मान करता था । मुझे नहीं लगता कि इतनी जल्दी मुझे यहाँ की कानून व्यवस्था को भला बुरा कहने का कोई अधिकार था । धान्या एक उदाहरण थी जो सीधी तौर पर इस व्यवस्था से जुडी हूँ और मेरी हरसंभव मदद कर रही थी । मेरे जैसे लोग पढाई करते हैं, कमाई करते हैं, गलती करते थे, हैं फिर अपनी पूरी जिंदगी होते रहते हैं । पुलिस वालों के साथ रहने के अपने निर्णय से मैं बहुत खुश हूँ । मैंने उनसे कहा कि वह इतिश्री के साथ रहे और उसको कभी अकेला नहीं छोडे । मेरा मानना था कि इस वक्त इतिश्री की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी । इसलिए इस वक्त टॉम का उसके साथ होना ही सर्वश्रेष्ठ था । ऐसा करने से बहुत दृढता रह सकती थी । दस मिनट के बाद धान्या बाहर निकली और उत्पाद पर चलने लगी । उसने मेरे ऊपर सवालों की झडी लगा । क्या उस वाले बंदे के साथ गौरी की कोई दुश्मनी हो सकती है? हो ही नहीं सकता हूँ । ऐसा होता तो वह मुझे जरूर बताती । और गौरी अक्सर साथ जिम जाती थी । हाँ, मैं दोनों जिम में साथ ही थी और जहाँ तक मुझे मालूम है दोनों एक साथ कसरत करते थे । इस वक्त आ गया । हमें कहाँ मिलेगी? अगर तुम चाहो तो मैं इस वक्त उसे फोन कर सकता हूँ । आप जरूर कर निदेशक है कि अब वह तुमसे बात करेगी । उसे मालूम है कि हम उसे ढूंढ रहे हैं । वो तो खुद मेरे घर आई थी मदद की पेशकश लेकर । और यही कारण है कि तो माँ जिस मुसीबत में हूँ क्या मतलब है तुम्हारा कितने भोले होने? मैं शुक्ला मुझे मालूम था कि धान्या आर्या पर किसी साजिश के लिए सब कर रही है । हालांकि इस वक्त में दिल की ये सब समझ पाना बहुत मुश्किल था । उसका नंबर पहुंच से बाहर है । मुझे लगता है कि शायद नेटवर्क की कोई समस्या होगी या फिर उसकी बैटरी खत्म हो गई होगी । ठीक है तो फिर मुझे उसके घर ले चलो । दस मिनट में हम आर्या के घर पहुंच गए । तभी मेरे पिता जी का फोन आया । मुझे वकील के साथ हुई अपनी मुलाकात के बारे में बताना चाहते हैं । मैंने उनसे थोडी देर बाद फोन करने के लिए कहा । फिर उन्होंने कुछ ऐसा कहा की मैं फोन रख नहीं पाया । गौरी की खबर पहले ही हर जगह फैल चुकी थी । उसके माता पिता को भी ये बात पता चल गई थी और अब ये मेरे माता पिता के संपर्क में थे । उन्होंने मुझे बताया कि गौरी का नंबर पहुंच से बाहर था । कुछ और बिंदुओं पर बात करने के बाद मैंने उनको दिलासा दिया । फिर मैंने गौरी को भेजे अपने संदेश पर नजर डालें । वो उसे मिल चुका था । मैं उछल पडा और जीतने लगा । शुक्र है कि धान्य वहीं थी । उसने गौरी का नंबर मिलाया मगर फिर बंद था । उसने विश्व को फोन किया और ये पूछा कि क्या नंबर के आधार पर उसके बारे में कोई जानकारी मिल सकती है । विश्व फौरन का वो थोडी कोशिश करेगा, उनकी इकाई में तक थी । अभी भी एक बडा सिर्फ करता था । धान्य और मैंने पूरे घटनाक्रम पर बात की । उसने कहा कि उसके मुताबिक हो सकता है कि अपहरणकर्ताओं नहीं उसका फोन इस्तेमाल करने के बारे में सोचता हूँ और उसे चालू किया हूँ । बाद में शायद उन्होंने सिम निकालकर फेंक दिया हूँ । ये एक मत हो सकता है । ऐसे ही और भी कई मत थे जिनपर चिंतन जाती था । उसने मुझे आलिया के साथ होने वाली मुलाकात में उसके साथ रहने को कहा क्योंकि वह इस जांच पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं चाहती थी और थान्या के साधारण कपडों में वहाँ होने के पीछे भी कारण था कि वो इस पूछताछ की प्रक्रिया को शांति से पूरा करना चाहती थी । उसने दरवाजे की घंटी बजाई । हरियाणा फौरन ही दरवाजा खोल दिया क्योंकि उसे पता था कि हम वहाँ आने वाले थे तो रेल इसे यहाँ लेकर आने का फैसला तुम्हारा था या फिर गए तो मैं यहाँ लेकर आई । अगर ये पूछताछ के बारे में है तो मैं आशा करती हूँ कि तुम मुझे अच्छी तरह से जानते हो तो मैं कैसे भूल सकती हूँ । आ गया मगर लगता है इस बार तुमने बहुत बडी गलती करती है । अगर तुम मुझे अपराधी कह रही हूँ तो मैं अभी कुछ लोगों को फोन कर सकती हूँ जिसके बाद तो मैं यहाँ से जाना पडेगा मगर मैं ऐसा नहीं करूंगी । और बस इसीलिए क्योंकि तुम नील के साथ यहाँ हूँ । जाहिर है तो मिल के काफी करीब हो । इस लडके और मेरे बीच में बहुत खुबसूरत रिश्ता रहा है । मैं इसे प्यार करती हूँ और मैं तो ये भी बता सकती हूँ ये भी मुझसे प्यार करता है । आर्या बोल दी जा रही थी । डालना ने उसे बीच में ही रोक दिया जैसा तुम ने शुरू किया है । मैं यहाँ पूछताछ के लिए नहीं आई हूँ और ये तुम्हारे ड्रग्स के साथ पकडे जाने के बारे में नहीं आ रहे । अपने तीखे स्वर से थान्या पर हावी होना चाहती थी । मैंने अपनी जिंदगी में किसी को पुलिस वाले के साथ इस तरह से बात करते हुए नहीं सुना था । मुझे समझ नहीं आया कि धान्या आर्या के साथ ऐसा साधारण बर्ताव क्यों कर रही है । धारणिया जी मैं आपको एक कहानी सुनाना चाहती हूँ । हरियाणा का बहुत वर्षों पहले नाम का एक राजा था । मैंने नाम को अक्सर इसलिए बना दिया ताकि आप मध्यकालीन इतिहास में जाने की बजाय कहानी कम । मसाले आपने क्षेत्र का अत्यंत शक्तिशाली व्यक्ति था । वो एक बहादुर बिल जो था भी था । वो कभी किसी से डरता नहीं था । उस की चार पत्नियां थीं । मेरा मतलब है रानी । वो चारों से एक समान प्रेम करता था । उन चारों के साथ एक समान समय बिताने का वह भरसक प्रयास करता था । वो प्रजा का बेहद प्रिय था । वो किसानों के कर्ज माफ कर देता था । भगवान भी उस राजा से सदैव प्रसन्न रहते हैं । इसलिए कभी भी उनके राज्य में कोई प्राकृतिक आपदा नहीं आई । उनके राज्य की जमीन भी खनिजों से भरी पडी थी । उनके राज्य की खनिज उत्पत्ति सबसे बेहतरीन थी और सोने की कोई कमी नहीं थी । खुद के अनाज भी सबसे उत्तम हुआ करते थे । अन्य राज्यों के राजा उससे बहुत अच्छा करते थे । उन्होंने उसके खिलाफ फेक होकर युद्ध में उसका राज्य जीतकर बात आपस में बांट लेने की सोची । इसी प्रकार भी उस राज्य की संपत्ति में हिस्सेदार बन सकते थे । सबके उत्तर की तैयारियों में लग गए थे । राजा युद्ध के लिए तैयार नहीं था, क्योंकि उसने कभी किसी का अहित नहीं किया था । वो एक सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था । फिर एक दिन अचानक उसकी सेना ने ऐलान कर दिया कि पडोस के सभी राजाओं नहीं उनके राज्य पर आक्रमण कर दिया है । राजा के पास बहुत बडी सेना नहीं उसने अपने आप को भगवान के समक्ष समर्पित कर दिया । अगले ही पल उसके दुश्मन वापस लौटने लगे । भगवान ने अपने दूत भेजे थे । उन्होंने अपने दो तो और संदेशवाहकों द्वारा उनकी सेना पर आक्रमण करने की घोषणा की । उस घोषणा में कहा गया, हाँ, एक तरफ उन सभी राजाओं की सेना छह राज्य पर आक्रमण करने जा रही है, वही राजा की सेना उन सबके राज्यों की ओर कूच कर चुकी है और अब उन्हें अपना खजाना, अपनी रानियां और अपनी जमीन सब कुछ करवाना पडेगा । इसके बाद इतनी तेज बारिश होगी तो उनकी पूरी सेना उसमें बह जाएगी । नदियों में बाढ आ जाएगी । उनकी लाश को चील कौवे खायेंगे । कुछ भी अपने राजा के वफादार थे । इन सबसे डरकर उन्होंने एक लानी और शर्मा से वापस लौटने का निर्णय लिया हूँ । अब ये मानते हुए कि तुम एक प्रतिमान औरत आशा करती हूँ कि तो मैं इस कहानी का साथ समझ में आ गया होगा । यदि आप एक अच्छे इंसान है तो ऊपर एक रखवाला जरूर है, जो आपको दुश्मनों के हर अत्याचार से बचा लेगा । बेहतरीन काहानी कुमारी आ रहे हैं । अब हम कल युग में हैं । वैसे भी मैं तुमसे बस कुछ सवाल पूछ होंगे । हम इसे साधारण ही रखते हैं । पूछो क्योंकि मैं हमेशा नील की मदद करूँगी । गौरी के अपहरण की चिट्ठी तो मैं खुद भेजने की जरूरत की महसूस हूँ । अगर तुम ने उसके लिए किसी पेशेवर को रखा होता तो खुद ही करते थे । तो हमारे पास क्या सबूत हैं? सर, वो चिट्ठी तुमने भेजेंगे । उसे ज्यादा ध्यान से देखो । इसके किनारों पर न सर डालूँ । पीले हो चुके हैं । मैं छीन के मैंने जैसे बात करने वहाँ गई नहीं हूँ । हमें वहाँ इसी तरह के कागजों का एक ढेड मिला था जो उसके बेस पर रखा था । तुमने कागज का एक टुकडा भर लिया और ये बच्चों वाले खेल खेलने लगे । एक उन्नीस साल की लडकी से पहला और मैं क्या करूँ जो हर वक्त नशे में रहती है । क्या बकवास है? मुझे जरा सा भी अंदाजा नहीं मिल पा रहा है कि तुम क्या बात कर रही हूँ । उसके बारे में मैनेजर से क्यों नहीं बात कर दी और मैं नशा नहीं कर रही हूँ । ये कोई नशे की चीज नहीं है । काम मैं सबको जान चुके । हमारे यहाँ तो तुम्हारा खेल खत्म हो चुका है । थाना देता हार्ड रुपए का । इसके पहले की धान ने आगे कुछ कहते उसे एक फोन आया जिसके बाद उसे वहाँ से फॉर्म निकलना पडा । जब वो लगभग दौडते हुए घर से निकल रही थी, उसके पीछे मुडकर आ गया से कहा शायर छोडकर बिल्कुल मत ज्यादा और आप अपना फोन चार्ज कर लो और उसे ऑन रखूं । धान्या को विश्वास ने फोन किया था । उसके पास कुछ जरूरी जानकारी थी । उसके लोगों ने सीसीटीवी की पडताल करने के बाद को सुराग निकले जिसे देखकर मेरा शरीर ठंडा पड गया । ये विश्वास करने लायक नहीं । भला ऐसा वो क्यों करेगी? मुझे नहीं पता । देश इस पर एक एक करके विचार कर दी । ये वैसा तो नहीं है जैसा हम सोच रहे हैं । ये कुछ और ही है । मुझे नहीं लगता है कि इसे सुलझा पाना इतना आसान काम होगा । ऐसा बताता हूँ । थान्या अगर तो भी उम्मीद छोड होगी तो मेरा क्या होता हूँ? देखो विश्व की बताई जानकारी पर मेरे लिये इतिश्री को पकड लेना बडा ही आसान होगा । मैं उसके साथ खडा बर्ताव कर सकती हूँ । अगर मैं ऐसा करना नहीं चाहती हूँ । मैं बल प्रयोग नहीं करना चाहती हूँ ये सोचते हुए कि गौरी स्वस्थ किसी बडी मुसीबत में है । मैं उस पर खतरा और बढाना नहीं चाहती हूँ । फाॅल्ट लोनावाला रिक्तियां जारी रही । उसमें एक नहीं चिट्ठी लिखनी शुरू करती हूँ और इस बात ये उसकी डायरी में नहीं लिख नहीं हूँ । ये ए फोर साइज गई कागज पर लिखी गई चिट्ठी थी । लगता उसे मालूम था पहले से ही की उसे क्या लिखना है । प्यारे में मेरे नहीं मैं यहीं हूँ फिर से वापस मैं तुम्हारी तस्वीर से दस मिनट के लिए लगती थी । ऐसा लगा मेरी दुनिया उथल पुथल हो गई तो भारत कितनी खुबसूरत स्वीट है कि तुम से मेरा मन कभी भी नहीं भरता हूँ । फिर मैं मुझे कभी छोडकर बच्चा ना कृपया मुझे कभी आर्या के लिए छोडकर बच्चा रहा हूँ । तो भारत और उसके बीच में जो कुछ भी था अगर मुझे आकर सच सच सब बता दूँ कि तो मैच में माफ कर दूँगी । मैं तुमसे पूछूंगी नहीं तो मैं खुद आखिर मुझे बताना होगा । मैं नहीं चाहती कि तुम्हारे शरीर से उसका कंधा आए । मैं नहीं चाहती कि तुम्हारे होठों में उसका दम छुपा हूँ । मैं नहीं चाहती कि तुम्हारे दिल को ये कभी भी याद आया कि वहाँ कोई और भी था जो तुम्हारे साथ रहता था । मैं नहीं जाती हूँ । इस वक्त में बहुत ज्यादा स्वार्थी हो रही हूँ । अगर अब ऐसा ही है । मैं नहीं जानती कि यहाँ आना एक सही निर्णय था या नहीं । मगर मैंने कर लिया । मैं इस परिस्थिति में पहुंच चुकी हूँ । मैं अपने बन को समझा नहीं पाई । मैं अपने दिल को नहीं समझा पाई । मैं नहीं कर पाई । गौरी फूट फूटकर होने लगी हूँ । वो निसंदेह पूरी तरह से टूट चुकी थी । ऐसा लगता था उसका दिमाग काम नहीं कर रहा है । किसी अदृश्य शक्ति ने उसके ऊपर जादू कर दिया था तो ऐसा जिसे वह खुद नहीं समझ पा रही थी या फिर यूं कहें कि उसे समझाया नहीं जा सकता था । दी है मेरे बच्चे मुझे तुम्हारी संशोधत है । मुझे कभी छोडकर बच्चा आशा करती हूँ तो खुश होगी । मैंने तो बच्चा कह दिया है । जब बिस्तर पर लेटी हुई थी तो उसने पिछले कुछ दिनों में नील और अन्य लोगों के साथ बिताएं । अपने पलों को कागज पर लिखने की सोची । हाँ हूँ अन्य लोगों के साथ बिताए पल उसकी आज की परिस्थिति के लिए काफी महत्वपूर्ण थी । इन सब की शुरुआत सात दिन पहले उस दिन सुबह ठंडी हवाएं चल रही थी । बारिश दो दिन पहले ही रूप चुकी थी । उसके प्रभाव से हवा में थोडी ठंडक थी । सूरज ने आपके चौली खेलना शुरू किया गया । उसका भाव हालांकि चमकीला ही था । लेले मुझे कॉलेज छोडा और खुद ऍम चला गया । उसे मेरे लिए कुछ संगीत और कुछ वो बीस खरीदनी थी । मैंने उससे जाॅन ए सी डी सी एल्बम की सूची दी थी । पहले तो वो आश्चर्यचकित हो गया था । एक लडकी जिसे कैसाब्लांका और बॅास और फिल कॉलिन्स पसंद हूँ, उसे अचानक तेज आवाज वाले गाने पसंद आने लगे थे । मैंने उसे बताया कि अपने व्यस्त हो चुकी हूँ इसलिए अब मैं ये सब करूंगी हूँ । अब मैं जीवन में भारी संगीत सुन होंगी । हालांकि मैं वजन के हिसाब से भी थोडी भारी हो चुकी थी । मेरे चेहरे पर थोडे मुखा से आए थे । मेरी तो अच्छा टूट रही थी । हालांकि उन पर कोई दाग नहीं थे । ये पहली बार था जब भी तो अच्छा में मांस चढ गया था । इसलिए हो सकता है कि ये दाद बात में आती जब मैं वजन कम करती । मैं वाकई अपना वजन कम करना चाहती थी । मैं उसको लेकर खुश नहीं थी । संगीत, सिनेमा और मेरा साथी ये तीन थे जो मेरा जीवन सजा रहे थे । इस वक्त तक कभी भी मेरे मुहासे या मेरे मोटापे नहीं मुझे बहुत ज्यादा चिंतित नहीं किया था । बस थोडा सा ऐसे ही जवान लडकी के साथ होता है तो भारी भरकम संगीत के लिए अपना मन बदलना । बस रातोरात उठने वाली कोई जिज्ञासा नहीं जो व्यस्कों होने पर होती हैं । ये दबाव भी था और वो चीज भी जो एक कॉलेज जाने वाली लडकी के साथ होती है । उस दबाव का आभास भी था । मैं तो असम के गुवाहाटी से आई हुई एक लडकी थी । तब मैं मुंबई में रहती थी । ये नए जमाने के लोगों का गढ है इसलिए मुझे थोडा समायोजन भी करना पडा और मुझे मेरे साथी को मोहित भी करना था । मेरा अंदाज मेरा व्यक्तित्व, तला संस्कृति और आठ नंबर से फोड रहे नंबर तो पढाई लिखाई या परिवार से नहीं मिलता । इसमें समाज का भी उतना ही योगदान होता है और फिर मैं वो बन गई । कमजोर होते में एक खोजी आ गया । मुझे दिन के समय में मिली थी । उसके बाद जो हुआ वो थोडी देर में पता चलेगा । अब मैं जो लिख रही हूँ वो अब सीधा संबोधन तो में होगा नहीं, इसका मैं भरसक प्रयास करूंगी । वो शाम सबसे मजेदार शांति । मैं रोमांच की ओर खींचा चला जा रहा था । वास्तविक रूप से मुझे नहीं पता था कैसे करेंगे विशुद्ध और पूर्ण आनंद था शायद शुद्ध नहीं और शायद सही भी नहीं । हर वो चीज जो सही होती है, आपको जीवित होने का एहसास नहीं दिला सकती है । सही होना घर के चारदीवारियों के अंदर ठीक है । अगर जवाब बाहर होते हैं आप इन चीजों की ओर शिक्षा ले जाते हैं जो शायद सही न हो । जैसे मेरी सीरीज गाडियाँ जैसे मेरे वो मजेदार खेल ये उससे भी थोडा ही ऊपर था । मुझे तुम्हारे साथ बेताहाशा खुशी मिलती थी । मुझे गलत मजा मिलता था । तुम्हारी भूतपूर्व प्रेमिका का शुक्रिया हूँ उसने और मैंने अभी तक गांजे कि कुछ प्रश्नकाल गए और कुछ से मेरा मतलब है सचमुच कुछ शायद लगभग खाते हूँ । तुम्हारे गैरमौजूदगी में रात के किसी समय में और कभी कभी तो दिन में भी वो तुम्हारी मौजूदगी में मैं जिम के शौचालय में जाया करती थी । मेरा या तीन करूँ । इसमें मौसम की भविष्यवाणी करने से और मोवी देखने से भी ज्यादा मजा है । मैं एक अलग दुनिया में थी, सबसे ऊपर बिल्कुल नहीं ली गमेती श्री मुझे मनाना प्रीम की वो कहानियाँ सुनाया करती थी तो मुझे आश्चर्य होता था कि आखिर लोग ऐसा क्यों करते हैं । धीरे धीरे मुझे ये सोचकर आश्चर्य होने लगा कि लोग ऐसा क्यों नहीं करते हैं । इसीलिए ये जो नुकसान हुआ है ये एक रात में नहीं हुआ । दरअसल किसी तरह भरी कहानी से शुरू हुआ था ये तो खुशी से शुरू हुआ था । जवाब के जीवन में बोल लडका हूँ जिसे आप पागलो दीवानों की तरह दिल से प्यार करते हैं । तो इस बात की खुशी आपको जीवन को और भी बेहतर ढंग से समझने का अवसर देते हाँ, उसे कई बार इस बात का भी आभास हुआ कि मुझे तो मैं इसके बारे में बता देना चाहिए कि सच मैं अपनी माँ की कसम खाकर कैसी होने! मगर फिर तुम और आर्या अलग ही तो इसीलिए हुए थे तो वो भी यही सब करती थी । मैं तुम्हें खोना नहीं चाहते थे । इसीलिए ये नुकसान एक रात में नहीं हुआ और इसमें बहुत ज्यादा दिन भी नहीं लगेंगे । इसमें तो बस एक लंबी रात लगी उस रात जब मैं पूरी तरह तैयार थी

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सात वर्षों से चला आ रहा एक तरफा प्‍यार क्‍या दोनों तरफ होगा या अधूरा रह जाएगा? क्‍या दोस्‍ती प्‍यार में बदल सकती है या सिर्फ दोस्‍त ही बना जा सकता है? प्रेम और अंतरंगता के ताने-बाने में बुना बेहद रोचक उपन्‍यास है। Writer - Arvind Parashar
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