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जिनी पुलिस भाग 32

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लोहित बंसल, एक टेकी है, जो अमेरिका में अपनी कंपनी का हेडक्वाटर खोलकर, दुनिया के अमीर लोगों में शुमार होना चाहता है। तृषा दत्ता बेहतरीन स्कूल टीचर है, जो इंडिया में ही रहकर स्टूडेंट्स को क़ाबिल बनाना चाहती है। दोनों में प्यार हो जाता है, लेकिन उनकी शादी से ठीक पहले वो होता है जिसके लिए दिल्ली बदनाम है। सुनिए, कुकुफम पे आपकी सबसे पसंदिता किताब "है दिल का क्या कसूर" के लेखक अर्पित अग्रवाल की नई ऑडियोबुक “जिनी पुलिस”। ये जानने के लिए की कैसे एक खुशमिजाज लड़का अपनी मिलियन डॉलर कंपनी को दांव पे लगा कर बनता है एक हीरो, और एक विलियन, इस सिस्टम से लड़ने के लिए, और अपराध को जड़ से ख़त्म करने के लिए।
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भाग बत्तीस जल्दी करो लोहित वरना हमारी फ्लाइट, मिस होजाएगी रिकवरी इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचती ही उत्सुकता से कहा चिंता मत करो । उसके ठाठ तो में लिये बिना आज ये फ्लाइट नहीं उडेगी । उन्होंने प्रवेश द्वार पर ही एक ट्रॉली में अपना सामान रखा । सुरक्षा गार्ड ने उनके टिकट और फोटो आईडीप्रूफ को मिलने के बाद उन्हें अंदर जाने की परमिशन दी । तृशा ने फिर कहा चेक इन काउंटर पर भी भीड होगी । जल्दी करो वो पहली बार विदेश जाने को लेकर के कुछ ज्यादा ही उत्साहित थी । जी ने पहले ही हमारा ऑनलाइन चेकिंग कर दिया है । बेबी है गार्ड प्रभारी वर्चुअल गर्लफ्रेंड तुमसे ज्यादा समझदार है । त्रिशा ने लोहित को छेडते हुए कहा, लोग इतने हरे रंग की शर्ट और भूरे रंग की पतलून पहन रखी थी । परेशानी घुटनों तक लंबा हरे रंग का फ्लोरल प्रिंट वन पीस पहना हुआ था । हम ने अपना सामान बोलने के लिए रखा और सौभाग्य से ये एयरलाइन दिशा निर्देशों के अनुसार अधिक वजन का नहीं था । उन्होंने अपना चेकिंग लगे जमा कर दिया और अपने कैबिन लगेज के साथ इमिग्रेशन के लिए भारत से बाहर जाने वाले भारतीय नागरिकों की कतार में लग गए । इमिग्रेशन अफसर ने तृषा से पूछा तो तुम पहली बार अमेरिका जा रही हूँ । जी हाँ, तुम्हारी यात्रा का उद्देश्य क्या है? ये पूछते हुए उसने इशारे से तृषा को कैमरे में देखने को कहा । तृशा चुप रही । उद्देश्य बताने में उसे शर्म आ रही थी । हनीमून ट्रिप है सर । लोहित ने पीछे से कहा । तृषा ने लोहित को गुस्से से देखा । इमिग्रेशन अफसर ने कहा, हनीमून लोग हनीमून के लिए स्विट्जरलैंड या पेरिस जाते हैं, हमारे का नहीं । तृशा लोहित की ओर देखते हुए कहा हाँ, लेकिन जब किसी बोरिंग है कि का हनीमून होता है तो वह अमेरिका ही जाता है । अब सर ने फिर पूछा, लेकिन यहाँ तो तुम्हारी वैवाहिक स्थिति सिंगल है? हाँ, हम ने शादी नहीं की है, सिर्फ साथ रहते हैं । क्या आपको इससे कोई ऐतराज है? पहला इमीग्रेशन अवसर से ऐसे कौन बात करता है? नहीं, कोई प्रॉब्लम नहीं जाए और यात्रा का आनंद लीजिए । उसने कहा और उनके पासपोर्ट पर मुहर लगा दी । सुरक्षा अनुभाग पर पहुंचे, जहां उनकी सावधानीपूर्वक जांच हुई । उन्होंने अपने मोबाइल फोन कोई ट्रेन में रखा और पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग अलग लाइनों में कतारबद्ध हो गए । सुरक्षाकर्मियों ने उनके बोर्डिंग पास पर मोहर लगती और लोहित और प्रशांत टर्मिनल थ्री की और बढे । देश का सबसे बडा एयरपोर्ट होने के नाते टर्मिनल तक पहुंचने के लिए उन्हें बहुत ज्यादा पैदल चलना पडा । लग रहा था मानो पैदल ही अमरीका पहुंच जाएंगे । त्रिशूल टर्मिनल के रास्ते में ड्यूटी फ्री दुकानों से शॉपिंग करनी चाहिए लेकिन टाइम की कमी के कारण भी रुके नहीं और आखिरकार वो फ्लाइट के दरवाजे तक पहुंचे गए । अभी काफी कतार फिर सीधे एरोप्लेन के भीतर एयरलाइन स्टाफ ने उनके बोर्डिंग पास का आधा हिस्सा फाडकर अपने पास रख लिया और बाकी का उन्हें दे दिया जैसा कि सिनेमाघरों में होता है । कृष्णा ने उत्साह से कहा मुझे खिडकी वाली सीट पर बैठने दो । मुझे बादल देखने हैं । लोहित उसके बगल में बैठ गया । फ्लाइट में उडान भरी और कुछ पर या एयर होस्टेस की वर्दी पहनकर यात्रियों की सेवा करने आ गई । रास्ते के पास बैठे होने के कारण लोहित आसानी से उन्हें निहार रहा था, जिसे देख तृषा को जलन हुई । अगर तुम भी बादल देखना चाहूँ तो हम सीट बदल सकते हैं । लोह इतने तृषा को छेडते हुए कहा नहीं, मुझे बादल देखने में कोई दिलचस्पी नहीं । महत्व साक्षात प्रिया देख रहा हूँ । बदमाश चलो तो मैं इधर बैठो । उन्होंने सीट बदल ली । कुछ घंटों के बाद जब वह बादलों के बीच में थे तो तृषा अपने अतीत को याद करके दुखी हो गई । लोग इतने उसका हाथ पकडा और कहा अब बंद भी करो अपने अतीत को याद करना । अपने दिल का यह दल ना दुखाओ । उस रात अपनी जिंदगी का सिर्फ एक हिस्सा खोया है तो पूरी जिंदगी नहीं । हाँ वो हिस्सा जो सबसे अधिक मायने रखता है । तृशा की आंखों में आंसू भरे थे । मुझे अफसोस है कि मैं तुम्हारे बलात्कारियों को पकडना सका । काश चीनी जैसा कुछ पहले से मौजूद होता तो तुम्हारे साथ जो हुआ वो ना हुआ होता है । मुझे पता है अगर एक बार मुझे पता चल जाए कि कौन है तुम्हारे अपराधी अपने हाथों से गला घोटकर मार डालूंगा । नहीं मेरा मतलब है मुझे पता है कौन है वह लोहित चौंक गया क्या तो शुरू से ही जानती थी तो उस लेटर में उसका नाम क्यों नहीं लिखा तुमने नहीं । मैंने कुछ दिन पहले ही उसे टीवी पे देखा । कौन है वह कमीना लोहित के दिल की धडकन तेज हो गई । गृह मंत्री का बेटा और उसके दोस्तों ने ही उस रात को मेरे साथ बलात्कार किया था । कुछ पल के लिए लोहित का शरीर सुनना हो गया । उसने अपने हाथों से कुर्सी के आर्मरेस्ट को स्ट्रेस बॉल की तरह दबाया । तृषा ने कहा, मैंने से टेलीविजन पर तब पहचाना जब मीडिया उसे उसकी बहन के बलात्कार के बारे में सवाल पूछ रही थी तो तुमने किसी को बताया कि उन्हें इस बारे में मैंने जानबूझ कर किसी से नहीं कहा । लोहित ने गुस्से से पूछा, तुमने पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की? वो उस कमीने को मारने के लिए तत्पर हो रहा था क्योंकि उस रात उसने मुझे चेतावनी दी थी और शायद उसने सच ही कहा था । उसने कहा था, वो लोग पुलिस से नहीं डरते बल्कि पुलिस उनसे डरती है । यदि मैंने शिकायत दर्ज की तो वह अदालत में मुझे ही चरित्रहीन साबित कर देंगे । वो ये साबित कर देंगे कि मेरा बलात्कार नहीं हुआ । बल्कि मैंने ही अपनी मर्जी से ये सब पैसों के लिए क्या है? मैं डर गई थी लोहित इसीलिए चुप रहना ही मैंने बेहतर समझा । लोह इतने तृषा का हाथ थामते हुए कहा इसलिए डर का तो ऐसे लोग फायदा उठाते हैं । रोहित ने गुस्से में थरथराते हुए कहा मैं छोडूंगा नहीं । उस कमीने को उसे बर्बाद करना ही अब मेरी जिंदगी का लक्ष्य है । तृशा नीललोहित के हाथों को छोडते हुए कहा, क्यों न तो मुझसे भी अपना मोहब्बत करने को अपनी जिन्दगी का लक्ष्य बना लो । छोडो बिगडैल रईसजादे को मैंने उसे माफ कर दिया है । वह मिर्जा गालिब ने कहा है ना कुछ इस तरह मैंने जिंदगी को आसान कर लिया । किसी से माफी मांग ली, किसी को माफ कर दिया । आगे जो कुछ भी हुआ उसके कारण अब शहर की बाकी सभी लडकियाँ सुरक्षित है । हमें कुछ भी करने की जरूरत नहीं । कर्मा उसे खुद खुद सजा देगा । लोहित ने मन ही मन सोचा मैं ही तो करना हो । मैं ही विधाता हूँ । पापियों का वध तो करना ही होगा । तुम जानते हो जब तो मेरे साथ नहीं थे । मैं हमेशा अखबारों में तुम्हारे बारे में पडती थी । मुझे हमेशा से पता था कि एक दिन तुम कुछ बहुत बडा करोगे और सभी गर्व करेंगे तुम पर मैंने ऐसा कुछ नहीं कि आदर्शा जिस पर गर्व होता है । लोह इतने उदासी से कहा ये तो क्या कह रहे हो तुमने अपने शहर के लिए, अपने देश के लिए बहुत कुछ किया है । तुम्हारे प्रोजेक्ट जेरी ने एक पूरी पीढी का जीवन बदल दिया है । काश सभी अच्छे काम करने का रास्ता जितना दिखता है उतना आसान होता तो मैं सच्चाई का पता नहीं है । त्रिशा कैसी सच्चाई लोहित अगर तुम्हें इस मुकाम को पाने के लिए मेहनत करनी पडी तो क्या तो मैं खुश होना चाहिए की आखिरी तुम्हारी मेहनत रंग लाई । लोहित की आंखों में पश्चताप था । वो तृषा से नजरें चुरा रहा था । कृष्णा ने कहा, ये सब जो कुछ भी मुमकिन हुआ है उस मंत्री की बेटी के बलात्कार के बिना संभव नहीं था । उस घटना के बाद ही शीर्ष अधिकारियों ने इस मुद्दे को कुछ गंभीरता से लिया । सही कहा तुमने लोग किसी भी प्रॉब्लम को तब तक गंभीरता से नहीं लेते जब तक वो प्रॉब्लम उनकी खुद की न हो । पैसे सोचने वाली बात तो ये है कि वह शख्स कौन होगा जिसने इतनी हिम्मत दिखाते हुए मंत्री की बेटी का बलात्कार किया तो निशाने अपनी बहन से खोलते हुए कहा लोहित खामोश था, जैसे अंदर ही अंदर कोई चिंताओं से खाए जा रही हूँ । काफी सोचने के बाद उसने कहा मैं जानता हूँ कि वह किसने किया, क्या सच में तुम जानते हो से हाँ लोहित खिडकी से बाहर देखने लगा । दूर दूर तक सिर्फ घने बादल थे तो बताओ किसने किया उस लडकी का बलात्कार लोहित ने अपनी गर्दन त्रिशा की और घुमाई और कहा मैंने किया क्या तुमने एक लडकी का बलात्कार किया? रोहित ने अपनी सफाई में कहा कि मंत्री जी मेरे प्रोजेक्ट को सुनने को भी तैयार नहीं थी । पुलिस वाले तुम्हारा एफआईआर लिखने को तैयार नहीं थे । हट गया था मैं सबसे लडते लडते । मैंने भी आत्महत्या कर के तुम्हारे पास आने का फैसला कर लिया था । फिर मैंने सोचा कि क्यों ना मरने से पहले उस लडकी और उसके बाप को यह एहसास करवाओं की असल में बलात्कार होता क्या है? तृशा लोहित के गाल पर एक जोर का थप्पड मारना चाहती थी । लेकिन विमान में बैठे दूसरे यात्रियों के सामने उसने ऐसा नहीं किया । मगर वो लोहित पर चिल्लाने से खुद को रोकना सके । तृशा की आवाज सुनकर एक एयर होस्टेस आई और उसने पूछा क्या मैं आपकी कुछ मदद कर सकती हूँ? हाँ, मेरा बॉयफ्रेंड एक बलात्कारी है, उसे जेल भेज दो । प्लीज परेशानी सोचा बस एक गिलास पानी प्लीज । लोहित ने कहा था कि वो वहाँ से चली जाये तो किसी का बलात्कार कैसे कर सकते हो? लोहित उसने अपने हाथों से अपना चेहरा ढका और रोने लगी । मुझे विश्वास है कि मैंने जो कुछ भी किया एकदम सही किया । तुम्हें क्या लगता है कि मुझे किस बात का ज्यादा पछतावा होता कुछ भी न करने का या मैंने जो किया उसका अगर एक लडकी का बलात्कार लाखों लडकियों का बलात्कार होने से रोक सकता है तो इसमें बुराई क्या है? एयर होस्टेस पानी का ग्लास लेकर वापस आ गई, लेकिन तुम ने ये किया कैसे? उसके आस पास तो कडी सुरक्षा होगी वो मेरी जैसी साधारण लडकी थोडी है, जो पब्लिक ट्रांसपोर्ट में घूमी । मैं तो डिटेल में बताता हूँ । अब त्रिशा की दिलचस्पी ये जानने में ज्यादा थी कि लोहित ने कैसे क्या बजाय इसके क्यों किया । तभी एयर होस्टेस डिनर पैकेट बांटने हमारे पास आई और पूछा सर वाॅच वेज? लोहित ने जवाब दिया और आप क्या लेगी? मैं मुझे नहीं चाहिए । तृशा की आंखों में पानी भरा था । एक लडकी जिसे तुरंत ही ये पता चला होगी उसके बॉयफ्रेंड ने किसी का बलात्कार किया है, उसी पालक खाना क्या बनाएगा? रोहित ने सामने की सीट पर लगे पैन को खोला और अपना खाने का पैकेट वहाँ रख दिया । बलात्कारी लंबे समय तक भूखे नहीं रह सकते । तृषा ने कहा बताओ मुझे क्या हुआ था? उस रात सबको जानना है । मुझे लोहित ने अगल बगल की सीट पर बैठे यात्रियों को देखा कि कहीं कोई उनकी बातें सुन तो नहीं रहा । कुछ सो रहे थे और बाकी आपने आपने मस्त थी । उस काली रात का एक एक पल लोहित के जहन में चलने लगा । लोहित ने अपनी कहानी सुनानी शुरू की ।

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लोहित बंसल, एक टेकी है, जो अमेरिका में अपनी कंपनी का हेडक्वाटर खोलकर, दुनिया के अमीर लोगों में शुमार होना चाहता है। तृषा दत्ता बेहतरीन स्कूल टीचर है, जो इंडिया में ही रहकर स्टूडेंट्स को क़ाबिल बनाना चाहती है। दोनों में प्यार हो जाता है, लेकिन उनकी शादी से ठीक पहले वो होता है जिसके लिए दिल्ली बदनाम है। सुनिए, कुकुफम पे आपकी सबसे पसंदिता किताब "है दिल का क्या कसूर" के लेखक अर्पित अग्रवाल की नई ऑडियोबुक “जिनी पुलिस”। ये जानने के लिए की कैसे एक खुशमिजाज लड़का अपनी मिलियन डॉलर कंपनी को दांव पे लगा कर बनता है एक हीरो, और एक विलियन, इस सिस्टम से लड़ने के लिए, और अपराध को जड़ से ख़त्म करने के लिए।
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