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जिनी पुलिस भाग 13

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जिनी पुलिस भाग  13 in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts
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लोहित बंसल, एक टेकी है, जो अमेरिका में अपनी कंपनी का हेडक्वाटर खोलकर, दुनिया के अमीर लोगों में शुमार होना चाहता है। तृषा दत्ता बेहतरीन स्कूल टीचर है, जो इंडिया में ही रहकर स्टूडेंट्स को क़ाबिल बनाना चाहती है। दोनों में प्यार हो जाता है, लेकिन उनकी शादी से ठीक पहले वो होता है जिसके लिए दिल्ली बदनाम है। सुनिए, कुकुफम पे आपकी सबसे पसंदिता किताब "है दिल का क्या कसूर" के लेखक अर्पित अग्रवाल की नई ऑडियोबुक “जिनी पुलिस”। ये जानने के लिए की कैसे एक खुशमिजाज लड़का अपनी मिलियन डॉलर कंपनी को दांव पे लगा कर बनता है एक हीरो, और एक विलियन, इस सिस्टम से लड़ने के लिए, और अपराध को जड़ से ख़त्म करने के लिए।
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भागते रहे । लोहित दिनभर तृषा को फोन और मैसेज करता रहा लेकिन निशाने जवाब नहीं दिया । उस रोज उसे देखते अमेरिका से लडके वाले आए थे । लास्ट में लगभग दस बजे तो निशाने लोहित को फोन किया हलो लोह इतने उतावला होते हुए कहा । लोहित सुनना चाहता था कि उस अमेरिका से आये लडकी आर्यन न्य तृषा को ना कह दिया । लेकिन दूसरे ही पल उसने सोचा कि भला कोई दिशा को ना जो कहेगा । कृष्णा ने उदासी भरी आवाज में जवाब दिया भाई क्या हुआ? सब कुछ खत्म हो गया है । रोहित को ऐसा लगा जैसे उसके पैरों तले जमीन खिसक गई हो । क्या खत्म हो गया? क्या तुम्हारी शादी उसके साथ तय हो गई है? मैं ऐसा होने नहीं दूंगा । तुम्हारी शादी से पहले ही हम यहाँ से भाग जाएंगे । नहीं रोहित मेरा मतलब है कि आर्यन के साथ सब खत्म हो गया । उसने शादी से इंकार कर दिया । वाओ ये तो बहुत अच्छी बात है । हम भी तो यही चाहते थे । फिर तुम इसकी दुखी क्यों लग रही हूँ? क्या इसीलिए कि वह मुझ से अच्छा दिखता है? मैं दुखी हूँ क्योंकि मेरे मम्मी पापा दुखी है । मेरी शादी को लेकर बहुत एक्साइटेड थे । तो क्या मैं करूंगा मैं तुमसे शादी यही ठीक समय है । इससे पहले की कोई और तुम्हें देखने आए मैं कल ही अपने मम्मी पापा को तुम्हारे घर भेज दूंगा । जैसे उसने तुमसे शादी करने से इनकार क्यों? क्या मुझे क्या पता जो उसी से पूछ लो? तृशा ने बढकर फोन काट दिया । तृषा जैसे लडकी को ना पसंद करने की क्या वजह हो सकती है । ये सोचते हुए लोहित ने रात बिता दी । लोहित के माता पिता अगले ही दिन लोहित और तृषा की शादी की बात करनी तृषा के घर गए । तृषा के माता पिता ने लोहित के माता पिता को पहचान लिया क्योंकि वे दोनों पहले पडोसी थे । सौभाग्य से दोनों परिवारों में सहमती हुई और अगले महीने की तारीख तय हो गई । उन दोनों की शादी की लोग इतने रात में तृषा को फोन किया और कहा आज मैं बहुत खुश हूँ । मैं अपनी जिंदगी कि सबसे बडी खुशखबरी तो मैं बताना चाहता हूँ । त्रिशाला शर्माते हुए कहा हाँ मुझे पता है तो उन्हें पता है क्या यही की अगले महीने हमारी शादी होने वाली है । भला और क्या हो सकती है तुम्हारी जिंदगी कि सबसे बडी खुशखबरी । हाँ सच कहा भला बहुत क्या हो सकती है । लेकिन मैं तो मैं कुछ और बताना चाहता हूँ एक्सक्यूज मी ये मेरी दूसरी बडी खुशखबरी है । क्या ये हमारे हनीमून ट्रिप के बारे में है या फिर हमारी शादी की जगह को लेकर गूगल में काम कर रहा? लडका तो मैं देखने आया था । इसका मतलब ये नहीं है कि तुम भी गूगल की तरह अंदाजे लगा दी जाओ मुझे बताने का मौका तो मैं कल अमेरिका जा रहा हूँ । हमारी का क्यों? तुम हमारी शादी से पहले ही हनीमून पे जा रहे हो और वो भी अकेले । दरअसल दरअसल में मिस्टर जुकरबर्ग से मिलने जा रहा हूँ । उन्होंने ही मेरी टिकट भी बुक की है । बडी अच्छी बात है तो तुम्हारी यात्रा मंगलमय हो । नमस्ते उसने कॉल काट दिया । लोहित ने उसे दोबारा कॉल किया । क्यों ना शादी से पहले हम एक बार मिले क्या कहती हूँ एक महीने से भी कम समय बचा है । हमारी शादी को क्यों मिलना चाहते हो? वैसे भी शादी के बाद हम रोज मिलेंगे ही । शादी से पहले एक आखिरी बार में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलना चाहता हूँ क्योंकि बीवी या होती है उबाऊ लेकिन गर्लफ्रेंड होती है वहाँ । वो जी हाँ, मैं भी अपने बॉयफ्रेंड से मिलना चाहूँगी क्योंकि पति होते हैं बोरिंग लेकिन बॉयफ्रेंड होते हैं कि अरे अमेरिका के लिए मेरी फ्लाइट कल रात को है । हम शाम को मिल सकते हैं । ठीक है कहाँ मिलेंगे । वहीं गेट पर कौन सा गेट इंडिया गेट हूँ ।

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लोहित बंसल, एक टेकी है, जो अमेरिका में अपनी कंपनी का हेडक्वाटर खोलकर, दुनिया के अमीर लोगों में शुमार होना चाहता है। तृषा दत्ता बेहतरीन स्कूल टीचर है, जो इंडिया में ही रहकर स्टूडेंट्स को क़ाबिल बनाना चाहती है। दोनों में प्यार हो जाता है, लेकिन उनकी शादी से ठीक पहले वो होता है जिसके लिए दिल्ली बदनाम है। सुनिए, कुकुफम पे आपकी सबसे पसंदिता किताब "है दिल का क्या कसूर" के लेखक अर्पित अग्रवाल की नई ऑडियोबुक “जिनी पुलिस”। ये जानने के लिए की कैसे एक खुशमिजाज लड़का अपनी मिलियन डॉलर कंपनी को दांव पे लगा कर बनता है एक हीरो, और एक विलियन, इस सिस्टम से लड़ने के लिए, और अपराध को जड़ से ख़त्म करने के लिए।
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