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भाग - 06

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"विकसित होती टेक्‍नोलॉजी एक दिन इस स्तर पर आ जायेगी कि मनुष्य और रोबोट में अंतर खत्म हो जाएगा। मनुष्य और रोबोट का यह मिलन, भविष्य में सही होगा या गलत, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन‌ दोनों के मिलन को लेकर जो कहानियां रची गयी है वह आप 'रोबोटोपिया' में सुन सकते हैं। इस कहानी संग्रह में कुल नौ कहानियां है। रोजिना एक रोबोट है, क्या एक रोबोट से बलात्कार संभव है? क्या उसके लिए अपराधी को कानूनी सजा दी जा सकती है? मनुष्य और रोबोट के ऐसे संबधों को उजागर करती है 'रोबोटोपिया'। सुनें इस अद्भूत कहानी संग्रह को केवल कुकू एफएम पर।"
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आॅन ना मुंशी बीच में बोला क्या अदालत को ये बताना जरूरी है कि आॅफ क्यों करता है ऑॅल जस्ट, इसका क्या बोले फॅार? जस्टिस चौधरी ने कहा तो मिस्टर विक्रम अदालत को बताइए कि आपने उन्नीस जनवरी की शाम को मिस रोजिना के साथ रेप या अगर आपकी बात मान भी ले तो उनके साथ सेक्स क्यों किया? मैंने रोजिना के साथ रेक नहीं क्या? विक्रम बोला इनफैक्ट मैं तो उसे जानता भी नहीं था कि वह कौन हैं, बावजूद इसके कि वो आप ही के ऑफिस में काम करती थी । जस्टिस चौधरी ने पूछा सोवर टैगोर आना, मैं तो साढे तीन सौ लोग काम करते हैं । वह गुस्से से बोला, एक सीईओ को हर इम्प्लॉई की जानकारी होना जरूरी है, बिलकुल नहीं । लेकिन क्या कोई भी औरत आपके घर आ पहुंचे तो आप उस पर टूट पडेंगे । जस्टिस चौधरी हो रहे हैं, आप जाती कर रहे हैं सर विक्रम ने ऐतराज किया और आपने जो क्या क्या वो जाती नहीं थी? नौसर जो भी कुछ हुआ वो एक गलतफहमी में हुआ । वो सफाई देते हुए बोला, उस दिन मेरा मूड ऑफ था और मैंने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी । मूड बनाने के लिए मैंने कॅरिअर की हुई थी और मेरे क्लाइंट की इस बात को प्रूफ करने के लिए उनके ऑर्डर की इन वाइस और उस कंपनी का सेल्स मैनेजर भी यहाँ पर है । मिस्टर चौधरी चाहे तो इस बात की तस्दीक कर सकते हैं । मुंशी विक्रम के बचाव में आगे आते हुए बोला, मैं मुंशी आप बार बार बिना सीटी बजाएँ क्यों दौडने लगते हैं? मुझे नहीं तो कम से कम अपने क्लाइंट को तो बात पूरी कर लेने दीजिए । जस्टिस चौधरी उस पर कटाक्ष करते हुए बोले हैं हाँ तो मिस्टर विक्रम बताइए कि आप क्या कह रहे थे? मैं कह रहा था कि मैंने अपनी शाम इंजॉय करने के लिए एक सेक्सबॉट्स ऑर्डर की हुई थी । जब मिस रोजिना मेरे फ्लैट पर पहुंची तो मुझे लगा कि वह सेक्स बोर्ड है और मैंने फिर उनके साथ लवमेकिंग की लाॅस । लेकिन मिस्टर विक्रम लव में रेप नहीं होता । मैंने रेट नहीं किया । मैंने सिर्फ इनके साथ इंटर कोर्स किया था । वो जोर देकर बोला फोर्स्ट इंटरकोर्स, जस्टिस चौधरी बोलेंगे नाॅर्मल विक्रम मारे स्वर में बोला आप झूठ बोल रहे हैं । मिस्टर विक्रम रोजिना ने आपकी हर भेजा हरकत का पुरजोर विरोध किया था लेकिन आप ने उसकी एक न सुनी और ऑनर मेरा क्लाइंट उस वक्त नशे में था । मुंशी ने प्रतिवाद किया और अपनी समझ के हिसाब से वो ॅ के साथ सेक्स कर रहा था जो उसने ऑर्डर की हुई थी । मिस रोजिना को पहले से नहीं जानने के कारण उससे गलती ये हुई कि वह यह नहीं समझ पाया कि मिस रोजिना साॅफ्ट नहीं है इसलिए उसने अपनी साॅस के साथ पूरी कर ली । उसकी मर्जी के खिलाफ जस्टिस चौधरी ने जोर देकर कहा, ये भी साबित नहीं हुआ है । मुझे बोला तो आप हो जाएगा । जस्टिस चौधरी रोजिना को बनाने वाली कंपनी काॅफी और घूम कर बोले मिस्टर नारंग, क्या आप अदालत को बताएंगे कि इस हादसे के अगले दिन यानी बीस जनवरी को रोजिना को आपके पास किस हालत में लाया गया था? श्रीवास ब्लॅक नारंग खडे होते हुए बोला, उसकी पॉलिमर्स किन जगह जगह से उधर ही हुई थी जिसके भीतर से उसकी मेटल बॉडी दिखाई दे रही थी । उसकी कहा लो और प्राइवेट पार्ट्स पर जगह जगह दातों के निशान और नाखूनों की खरोंचे थी । उसके राइट हैंड के दो फिंगर्स रोक थी और लेफ्ट हैंड के रिस्ट उसके अपर लिप का आधा हिस्सा अलग होकर एक तरफ धूल रहा था । डाॅ । जस्टिस चौधरी बोले, मेरे खयाल से मिस्टर नारंग का बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि जनवरी की शाम जो कुछ हुआ वो कम से कम कौन से अंशुल तो नहीं था या ऑनर । क्या मैं मिस्टर नारंग से कुछ पूछ सकता हूँ? मुंशी ने कहा बिल्कुल मंत्री जी, ये तो आपका लीगल राइट है । जूरी मेंबर श्रीमती अनीता हिंगोरानी ने कहा, ऍम मुंशी नारंग की ओर घूमते हुए बोला मिस्टर ना रहे । क्या आप कोर्ट को बताएंगे कि बीस जनवरी को जब मिस रोजिना को रिपेयर के लिए आपके पास लाया गया तो आपको उनको पहले जैसा बनाने में कितना वक्त लगा? हार्ली फोर फाइव आवर्स । नारंग ने जवाब दिया, ऍम, मैं कोर्ट से यही कहना चाहता हूँ कि नशे में होने की वजह से मेरे क्लाइंट्स से रोजिना नाम की एक मशीन को थोडा सा डायमंड हुआ था, जिसे अगले दिन चार पांच घंटों में रिपेयर कर दिया गया । इसके लिए मेरे क्लाइंट को बार बार कोर्ट में घसीटना उसके साथ जाती है और सुकून से जीने के उसके बेसिक राइट का वायलेशन है । मुंशी ने जोशीली आवाज में ज्यूरी से कहा, मैं अदालत से पूछना चाहूंगा की अगर कोई इंसान गलती से किसी मशीन को तोड दें तो क्या उसके कत्ल के जुर्म में उसे फांसी पर चढा दिया जाएगा । आप बैठ जाइए । मिस्टर नारंग अपनी बहुत पूरी करने के बाद मुंशी नारंग से बोला । जस्टिस चौधरी ने देखा कि जस्टिस कालरा और दोनों जूरी मेंबर मुंशी की दलील से काफी प्रभावित दिख रहे थे । दूसरों की क्या कहें? खुद उन्हें भी तो इस दलील की कोई काट नहीं सोच रही थी । तभी अचानक शास्वत खडा हुआ और धीरे से उनके कान में कुछ बोला । उसकी बात सुनकर जस्टिस चौधरी के चेहरे पर चमक आ गई और वो बोले और मैं एक बार फिर मिस्टर नारंग को गवाह के तौर पर बुलाना चाहूंगा, बशर्ते मिस्टर मुंशी को कोई ऐतराज ना हो । मुझे ॅ होगा मुझे छोडकर बोला वैसे भी आपके गांव आएँ । आप इनसे पूरी महाभारत सुन सकते हैं । पार मेरी सलाह यही है कि आप कोर्ट का टाइम जाया ना करें । मिस्टर चौधरी आप पूछे जो भी पूछना है जस्टिस कांगडा बोले और मिस्टर मंशी कोर्ट अपने टाइम का ख्याल रख सकती है । मिस्टर नारंग जस्टिस चौधरी ने एक एक शब्द पर जोर देते हुए कहा, अभी अभी आप ने अदालत से कहा कि बीस जनवरी को रोजिना जिस खस्ता हाल में आपके पास लाई गई थी, उसे आप की टीम ने कुछ घंटों के भीतर दोस्त कर दिया था । क्या यह सच है? जी सर? नारंग ने खडे होकर जवाब दिया, मैं आप से जानकारी चाहता हूँ । जस्टिस चौधरी बोले, क्या बताएंगे कि जब किसी भी तरह के एक्सिडेंट के बाद कोई भी ह्यूमनॉइड रोबोट आपकी कंपनी में रिपेयर के लिए लाया जाता है तो क्या आपके यहाँ उसके ब्रेन सर्किट आॅफिशल इंटेलिजेंस का भी कोई एक्जामिनेशन या एनालिसिस किया जाता है? जी बिल्कुल । उसने जवाब दिया, इस तरह के साॅस के लिए हमारे यहाँ एक्सॅन है, जिसमें एक्सपर्ट सर्किट की बारीकी से जांच करते हैं कि एक्सिडेंट का उस पर क्या असर हुआ है । फिर तो मैं रोजिना के ब्रेन सर्किट की भी जांच की गई होगी । जस्टिस चौधरी को उम्मीद की किरण नजर आई हाँ, ॅ नारंग ने बताया था, जिसे हम लोग जरूरत हो या न हो, पूरी करते ही हैं । ब्लॅक पोर्ट को यहाँ मंगवा सकते हैं । जस्टिस चौधरी ने उत्साहित होकर कहा, नारंग ने अपना फोन निकाला । ऑनर कोर्ट में मोबाइल का यूज परमिसेबल नहीं हैं । मुंशी ने ऐतराज किया । वैसे भी मिस्टर चौधरी मामले को जबरदस्ती लंबा खींचनें । प्लीज और ऑनर मैं कोर्ट से रिक्वेस्ट करूंगा । टीम इस्टर्न आरंग को फोन करने की इजाजत दें । जस्टिस चौधरी बोले, वैसे भी ये रूल इसलिए बनाया गया है कि कोर्ट की प्रोसीडिंग डिस्टर्ब हो, लेकिन मेरे खयाल से प्रोसीडिंग को आगे बढाने के लिए तो मोबाइल का इस्तेमाल किया जा सकता है । जस्टिस कांद्रा ने दोनों जूरी मेंबर मिसिस हिंगोरानी और मिस्टर अग्निहोत्री की ओर देखा और फिर नारंग को इजाजत दे दी । नारंग ने अपने ऑफिस में फोन लगाया और फिर सिर हिलाने लगा । कॉर्नर मैं रोज ना की इस आॅफिस रिपोर्ट अभी दो मिनट में मेरे बट सर पर आ जाएगी । वो बोला और दो मिनट भी नहीं बीते थे कि नारंग के मोबाइल की बीवी बच्चे रिपोर्ट आ गई । ऐसा ले, लेकिन उसने हिचकी चाहते हुए जस्टिस कालरा की ओर देखा । लेकिन क्या मुझे बोला ये प्रोग्रामिंग वाली कोर्ट लैंग्वेज में है, जिसे मुझे डीकोड करके सुनाना पडेगा । अगर कोर्ट की इजाजत हो तो परमिशन ग्रांटेड । जस्टिस कालरा बोले हैं फॅार नारंग ने कहना शुरू किया रिपोर्ट के अकॉर्डिंग मिस रोजिना के साइको एनालिसिस से यही पता चलता है कि इस हादसे ने उन्हें बहुत डिस्टर्ब कर दिया था । उनके आर्टिफिशियल ब्रेन सर्किट के कुछ हिस्से काफी डैमेज हो गए थे, क्योंकि उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ था, जिसके बारे में उनके नॉलेज बेस में पहले से कोई जानकारी फीड नहीं की गई थी । रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि सर्किट को हुए इस डैमेज को रिपेयर नहीं किया जा सकता था क्योंकि इससे पूरा सर्किट जल जाता हूँ इसलिए इसे नहीं छोडा गया । जूरी और जस्टिस चौधरी बडे ध्यान से नारंग की बात सुन रहे थे जबकि मुंशी मूर्खों की तरह उसका चेहरा देख रहा था । ऍम आपने जो जानकारी दी है वो कोर्ट को सही फैसला करने में काफी मददगार साबित हो गई । जस्टिस चौधरी उत्साहित होकर बोले और उन्होंने कहना शुरू किया योर ऑनर । मिस्टर नारंग की गवाही और रिपोर्ट से ये पता चलता है कि मुझे विक्रम द्वारा मिस रोजिना करदे किए जाने के बाद उनकी बॉडी डैमेज हुई थी जिसे रिपेयर कर लिया गया । लेकिन ये कोई नहीं जानता था कि इस हादसे ने उन्हें इमोशनली भी ऐसा नुकसान पहुंचाया था जिसे ठीक नहीं किया जा सकता था । ये बिल्कुल वैसा ही है जैसा की किसी रियल वुमेन के साथ रेप के बाद उसका शरीर तो ठीक हो जाता है लेकिन मन के घाव नहीं भरते । इसलिए मिस रोजिना ने अपने लिए इंसाफ की मांग की और कानून की शरण ली । बटन फोर्स नेटली जब उसे कोर्ट से इंसाफ नहीं मिला तो उसने सोशल मीडिया के जरिए इंसाफ मांगा । आज एक बार फिर हमारे जुडीशियल सिस्टम में उसका विश्वास जागा है और वो इसी विश्वास के भरोसे अपने लिए इंसाफ मांगने कोर्ट में आई है । ये हमारे लिए भी अपनी गलती सुधारने का एक मौका है । इस बार उसका विश्वास छूटना नहीं चाहिए और उसे इंसाफ मिलना ही चाहिए । इस बार मेरी क्लाइंट मिस रोजिना को जजमेंट नहीं बल्कि जस्टिस चाहिए लेकिन एक मशीन के साथ रेप नहीं किया जा सकता । मुंशी ने जिद करते हुए कहा, सवाल यह नहीं है कि रोजिना के साथ बलात्कार किया जा सकता है या नहीं । सवाल यह है कि विक्रम ने जो किया वह बालात्कार था या नहीं । उसने रोजिना के साथ जो किया वो उसकी मर्जी के खिलाफ था । रोजिना ने विक्रम को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश की लेकिन वो नहीं माना और उसके साथ अपनी हवस पूरी कर कही रुका और किसी की मर्जी के खिलाफ उसके साथ सेक्स करने के लिए सिर्फ एक ही शब्द है वह है बलात्कार । इसलिए मुझे विक्रम भट्टाचार्य एक बलात्कारी है और इसे वही सजा मिलनी चाहिए जो कानून ने एक रेपिस्ट के लिए मुकर्रर की है । जस्टिस चौधरी ने बात खत्म करके सब की और वजह भाव से देखा । कोर्ट में सन्नाटा छा गया । विक्रम के चेहरे का रंग उडा हुआ था । मुंशी भी थका थका नजर आ रहा था । शाश्वत के चेहरे पर उनके लिए सम्मान और सराहना के भाव थे और रोजिना हमेशा की तरह शांत बैठी थी । कोर्ट दस मिनट के लिए अर्जुन की जाती है । ऍम इस रूम बिफोर को डाॅट । ये कहकर जस्टिस कांड्रा अपने दोनों साथियों के साथ जॉइनिंग रूम में चले गए । अगले दस मिनट के दौरान सब नजरे झुकाएं । कोर्ट रूम में बैठे रहे । किसी ने किसी से बात करने की कोशिश नहीं की । सभी के मन में यही सवाल चल रहा था कि कोर्ट क्या तय करती है । दस मिनट बाद जस्टिस कांड्रा और दोनों जूरी मेंबर एक बार फिर कोर्ट का फैसला सुनने के लिए मौजूद थे । सबकी निगाहें उन पर टिकी थी । इस जूरी ने इसके इसके पिछली सुनवाई और इस सुनवाई में पेश की गई सभी दलीलों और साक्ष्यों पर काफी विचार विमर्श किया है । जस्टिस कालरा ने कहना शुरू किया, हमें ये मान लेने में कोई हर्ज नजर नहीं आता कि मुलजिम विक्रम भट्टाचार्य द्वारा मिस रोजिना के साथ जो कुछ भी किया गया उसकी नेचर के हिसाब से उसे बालात्कार ही कहा जाएगा । वह एक औरत पर अपनी इच्छा ठोक रहा था और वह हर तरह से उससे बचने की कोशिश कर रही थी जिस पर वह बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा था । यहाँ एक्शन से ज्यादा इंटेंशन अहम है और विक्रम भट्टाचार्य का इंटेंशन किसी भी हालत में अपनी इच्छा को पूरा कर लेना था, चाहे दूसरा पक्ष उसके लिए राजी हो या नहीं । इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि उसने एक औरत के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ सेक्स किया । क्या फरक पडता है अगर वह औरत हाड मांस से नहीं बल्कि कुछ फाइबर, मेटिरियल्स और मेटल से बनी है । इसलिए कोर्ट को विक्टिम मिस रोजिना से पूरी सिम्पथी है और वह विक्रम भट्टाचार्य को मुजरिम करार देती है और इस मामले को सिविल कोर्ट रेफर करती है जहाँ उसे उसके इस जुर्म के लिए मुकर्रर सजा दी जाएगी । जस्टिस कालरा ने अपनी बात खत्म कर रोजिना की ओर देखा । पिछले एक घंटे में पहली बार उन्हें उसके चेहरे पर खुशी और आंखों में चमक दिखाई थी । उन्हें भीतर ही भीतर बेहद सुकून का एहसास हुआ । कुछ ऐसा ही सुकून जस्टिस चौधरी को भी महसूस हो रहा था । आखिर इस फैसले से वे खुद भी तो उस अपराध बहुत से मुक्त हुए थे जो पिछले तीन महीनों से रोजिना के साथ न्याय ना करने की वजह से उन्हें अपनी गिरफ्त में लिए हुए था । कोर्ट से निकलने के बाद रोज इन्होंने सबसे पहला काम इस फैसले की डिटेल्स को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट करने का क्या? और उसके बाद जस्टिस चौधरी को इतने बधाई कौन आए कि तंग आकर उन्हें अपने फोन को इससे चॉप करना पडा ।

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"विकसित होती टेक्‍नोलॉजी एक दिन इस स्तर पर आ जायेगी कि मनुष्य और रोबोट में अंतर खत्म हो जाएगा। मनुष्य और रोबोट का यह मिलन, भविष्य में सही होगा या गलत, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन‌ दोनों के मिलन को लेकर जो कहानियां रची गयी है वह आप 'रोबोटोपिया' में सुन सकते हैं। इस कहानी संग्रह में कुल नौ कहानियां है। रोजिना एक रोबोट है, क्या एक रोबोट से बलात्कार संभव है? क्या उसके लिए अपराधी को कानूनी सजा दी जा सकती है? मनुष्य और रोबोट के ऐसे संबधों को उजागर करती है 'रोबोटोपिया'। सुनें इस अद्भूत कहानी संग्रह को केवल कुकू एफएम पर।"
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