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Chapter 1

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अंतर्द्वंद्व जावेद अमर जॉन के पिछले उपन्यास ‘मास्टरमाइंड' का सीक्वल है। मास्टरमाइंड की कहानी अपने आप में सम्पूर्ण अवश्य थी पर उसकी विषय-वस्तु जो जटिलता लिये थी उसे न्याय देने के लिये एक वृहद कहानी की आवश्यकता थी और प्रस्तुत उपन्यास उसी आवश्यकता को पूर्ण करने हेतु लिखा गया है। writer: शुभानंद Author : Shubhanand Voiceover Artist : RJ Hemant
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आप सुन रहे हैं कुछ वॅार शुभानंद की लिखी किताब अंतर्द्वंद और मैं हूँ और ऍम सुने । जो मन चाहे प्रारंभ वर्तमान समय से तीन साल पहले सन दो हजार लखनऊ उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रलिस्ट फोन इट साहनी के बंगले के अंदर स्टडी रूम में उसके साथ धीरज ने की । उपस् थित था । देर रात का समय था । स्टडी लैंप से निकलती पीले रंग की रोशनी उजागर थी । दोनों कुर्सियों पर आमने सामने बैठे थे । मेज पर एक बडा सामने खुला हुआ था । साथ ही लेपटॉप, कागजात और पासपोर्ट वगैरह रखे हुए थे । सारी तैयारी हो गई । साहनी ने पूछा था बस समझ लो, एक हफ्ते बाद में अंडर ग्राउंड हो जाऊंगा । उसके बाद तुम से कॉन्टेक्ट करने का क्या जरिया रहेगा? अभी कुछ कह नहीं सकता । देखते हैं प्लान क्या है? साहनी सोचने वाली मुद्रा में हथेली पर अपनी थोडी दिखाते हुए बोला ये बहुत बडा रिस्क लग रहा है । अभी भी समय सोच लेते हैं । जिस लेवल का काम हम करने जा रहे हैं उसके हिसाब से देखें तो ये कुछ भी नहीं है । सिर्फ पेशंस रखना होगा । बहुत सारा पेशन तो बताओ आईएसआई वाले क्या कर रहे हैं? उन्होंने मुझे उस मॉल मिनाज के जरिए साजिश में फंसाना शुरू कर दिया है । फसने का नाटक में कर रहा हूँ और उन्हें क्या मालूम तो हो रहे हैं । हमारे प्लान है । हाँ तो उनकी बनाई साजिश में फंसे चले जाना । उन्हें लगेगा तो उनकी हाथों की कठपुतली हो । एक बार जब वो तो मैं पूरी तरह से फंस लेंगे । फिर वो लोग तुम्हें मास्टरमाइंड प्लैन में जरूर इन्वॉल्व करेंगे । मुझे यकीन है वो तुम्हारी कंपनी की सहायता से यहाँ हथियार पहुंचाना चाहेंगे । मैं तैयार हूँ फंसने के लिए बस एक बार खाली तक पहुंचने का मौका मिल जाएगा । मेरा जीवन सफल हो जाएगा । तुम्हारी मनोकामना जरूर पूरी होगी यादव बचपन में जब हम ये सब सोचते थे साहनी रहते हुए बोला तब लगता नहीं था कि ये कभी सच हो सकेगा । क्या करेंगे, कैसे करेंगे कुछ भी पता नहीं था । पर ये होता था कि कुछ न कुछ करेंगे । हमारे परिवार वालों के साथ जो हुआ उसका बदला तो लेना ही था । साथ ही समाज में पनप रहे गंदे खेडों को खत्म भी करना है । आगे का प्लान किया है । अगर सब कुछ ठीक रहा और हमने खलीली के ऊपर फतह कर ली तो उसके बाद किस तरह से आगे बढे । इतनी बडी जिम्मेदारी हम कैसे उठाएंगे । भारत के मित्र देश तुरंत हमारे ऊपर एक्शन लेंगे । नहीं मुस्कुराया हूँ तुम्हारा सोचना एकदम ठीक है हमारी इतनी भी साथ नहीं की । एक समूचा देश एकदम से अपने कब्जे में कर पाए । तुम यकीन नहीं मानोगे हमारे पीछे कितनी बडी बैकिंग हैं । बहुत शक्तिशाली बैठेंगे कैसी की और ये तो मुझे आज बता रहे हो । साहनी आंदोलित होते हुए उठ खडा हुआ । देखो मैं इंतजार कर रहा था, सही वक्त का नहीं । उसी तरह इत्मीनान से बैठे बैठे बोला वो तो अभी तक तुम पूरी तरह से मुझ पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे, अपने बचपन के दोस्त पर भी नहीं । जिसके अगर पर मैं चला हूँ उस पर मैं कभी कभी अपनी परछाई को भी शक की निगाह से देखता हूँ लेगी । शून्य में खोलते हुए बोला उसकी आंखों में दार्शनिक से भाव थे । कौन है वो तो गैस करो तो अपने देश से ज्यादा शक्तिशाली अपनी देश से ज्यादा शक्तिशाली साहनी सोचते हुए बोला कई गुना ज्यादा शक्तिशाली इतना शक्तिशाली की वक्त आने पर अमेरिका और रूस को भी जवाब दे सकेगा । साहनी ने हैरानी से उसकी तरफ देखा । तुम कहना क्या चाहते हो, कोई दूसरा देश में बैठ कर रहे हैं । नहीं नहीं मुस्कुराते हुए उस की तरफ उंगली का इशारा किया, एकदम सही कहा है कौन कौन से देश नेगी ने उत्साह के साथ मैं इसपर खुले । मैं आपकी तरफ उंगली बढाई और फिर एक देश के मानचित्र के ऊपर रखती साहनी अचंभित सा उस मानचित्र को देखता रह गया ।

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अंतर्द्वंद्व जावेद अमर जॉन के पिछले उपन्यास ‘मास्टरमाइंड' का सीक्वल है। मास्टरमाइंड की कहानी अपने आप में सम्पूर्ण अवश्य थी पर उसकी विषय-वस्तु जो जटिलता लिये थी उसे न्याय देने के लिये एक वृहद कहानी की आवश्यकता थी और प्रस्तुत उपन्यास उसी आवश्यकता को पूर्ण करने हेतु लिखा गया है। writer: शुभानंद Author : Shubhanand Voiceover Artist : RJ Hemant
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