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भाग - 18

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"फंस जाओ मेरे लिए" का दूसरा भाग जो रीटा सान्याल की खोल सकता है पोल। क्या हुआ जब वो हवेली पहुंच गई? आखिर मैडिकल साइंस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स और पुलिस इन्वेस्टीगेशन को कैसे चकमा दिया उसने?
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अध्याय अठारह मुश्किल से पांच मिनट बाद ही वो चारों उस कब्रिस्तान में पहुंच गए जो मार्ग से बस थोडे ही फैसले था । छंगा और कालिया ने कब्रिस्तान में पहुंचते ही उस कमरे का पता लगा लिया था जिसमें रीड आॅखो दी गई । कब खुद से ही तेज सडांध का भाव कारा बाहर नहीं । अंदर एक लाश बहुत क्षत विक्षत हालत में मौजूद थे । उसका बेड हट गया था । इतना ही नहीं इलाज के ऊपर ढेर सारे देखने वाले जी भी कॉलेज में जा रहे थे । परंतु कपडा खुदसे ही वो जीत तेजी के साथ इधर से उधर भाग में शुरू हो गए । सबसे बडी बात ये थी उस लाश के चेहरे पर जो था वो भी अब उतर चुका था । विशेष नोट जो सुनने वाले फस जाऊ मेरे लिए पढ चुके हैं । वो इस बात से भलीभांति वाकिफ होंगे कि रीटा सान्याल ने रजिया के चेहरे पर अपना सिर्फ मेकप किया था । प्लास्टिक सर्जरी नहीं कराई थी रे मथुरादास एलएलबी उस चेहरे को देखते ही चौंका इसका चेहरा तो बहुत उस लडकी से मिलता है जो लडकी समय गोवा में आना पडा । इसके अंदर मौजूद है तथा वहाँ जूलिया बन कर रह रही है । छोलिया हमारा मोटलानी का भी विस्मित स्वरूप लेकिन मैं इसे तो रीता सान्याल होना चाहिए । जस्ट जस्ट मिनट लाश को देखते कालिया भी बेहद क्या गृह मुद्रा में हूँ एक बात मैं बताता हूँ क्या मथुरादास एलएलबी और आत्माराम मोटलानी की करता निकली की तरफ ये वो लडकी नहीं साहब जैसे हमने दफनाया था । कालिया धमका सकता हूँ इसके सूरत और रीटर सानिया उसे बिल्कुल नहीं होती । हर एक अभी वो और बुरी तरह चौका फिर ध्यान से इलाज का चेहरा देखता चला गया । अभी उसने अपने डोंगियों से लाश के चेहरे कुछ हुआ तथा फिर शहरी पर चढी मेकप की छोटी सी परत को पकडकर खींच गया ये क्या मुझे यानी चौका? भगवान जब की परत को तरते देखकर कालिया के आंखों में विस्मय का सागर उमड पडा । इतना बाद धोका इतना बडा छल आप मेरे सबकुछ चला जा रहा है सब कुछ । आखिर बात क्या है । मतलब फॅमिली आगे बढा उसे । यही बात आपने आपने बहुत हैरान कर रही थी कि बिल्कुल एक सी शक्ल की दो लडकियाँ मौजूद थे । ऍम तो मर ही नहीं है । कहानियाँ आंदोलन मथुरा में ये तो बस किसी ने इस लडकी के चेहरे पर रॅाक कर दिया था । यह देखो सब मैं कब की वो पर आज जॉब उतर गई कालियान इलाज के चेहरे से थे लेकर की एक छोटी सी तरह के पास कर दिखाए ये तो तुम बडी सनसनीखेज बात बता रहा हूँ कि रॅाव जिंदा आत्मना मोटलानी भी आॅल लेकिन अगर ये रीता सोनियाल कैलाश नहीं है तो फिर किसकी लाश मैं बता रहा हूँ कि हूबहू बिल पुलिस शक्ल की लडकी आना । बाल इसके अंदर मौजूद हैं अपने आपको । जूलिया कहती है मतलब ऍम बोला यानी तुम ये कहना चाहते हैं मथुरा डांस आप मारा मोटलानी की आवाज में आश्चर्य और बढा बिलकुल अच्छे से शकुल की दो लडकियाँ मौजूद है । मैं तो यही करिश्मा देख रहा हूँ । फॅमिली का दिमाग भी उस परिस्थिति पर पूरी तरह बनना था । वो बहू इस जैसी शक्ल की लडकी मैं गोवा में देख कर आ रहा हूँ और एक लडकी अब मैंने यहाँ देखिए मामला सचमुच काफी पेचीदा है । फॅमिली भी अब सोच नहीं मुद्रा में तो इस गुत्थी को सुलझाने का आ गया है द्वारा मोटलानी नहीं जोर से चुटकी बजाएंगी । क्या कस्तूरबा गर्ल्स हॉस्टल की वॉर्डन रेणुका चौहान को यहाँ बुलाया था । वो इस लाश को देखकर बताएगी कि यह वास्तव में किस लडकी की लाश आइडिया बुरा नहीं है । मथुरादास एलएलबी ने भी सहमती टोमॅटो आत्मना मोटलानी अभी रेणुका चौहान को बुलाकर था इंस्पेक्टर आत्माराम उठानी दौड कर अपनी जीत में समाज हुआ तथा फिर उसमें देखिये कब्रिस्तान के लिए हो ठीक रही रेणुका चौहाण ही रहा है । हरीश उसी को देखते थे उनका चौहान के चेहरे पर भूकंप जैसे भाई वो भी क्योंकि ये ही तो मुँह की लाश रजिया मथुरा ऍम भी उसमें राहत से उद्घाटन पर और पूरी तरह चाहूँगा । यानी वो लडकी जो जूडो कराटे ऍम थी जो नाइट शिफ्ट में जॉब करती थी बिल्कुल वही लेकिन ये वो लडकी कैसे हो सकती है? मथुरादास एलएलबी बोला उस रजिया के हाथों तो इसकी जाॅब में मौत हुई थी फिर हूँ इसी जैसी शक्ल की लडकी समय आना आलस के अंदर भी मौजूद है जो अपने आपको जूलिया बताती है हम मैं कुछ नहीं जानती है । रेड का चौहान मुझे सिर्फ इतना मालूम है की ये हंड्रेड पर्सेंट राजिया किला है और जहाँ तक इसके जूलिया होने का सवाल है तो इस बात की आशंका तो दूर दूर तक नहीं है क्योंकि जैसे और जूलिया की शक्ल में तो जमीन आसमान का अंतर था । सिर्फ शक्ल में नहीं बल्कि उनकी पर्सनालिटी में भी जमीन आसमान का अंतर था । मथुरा दास एलएलबी के दिमाग में अब जोर जोर से आतिशबाजी छूटने लगी । रीता सान्याल, रजिया और जो लिया उन तीनों लडकियों के व्यक्तित्व एक खेल नाश पर आप केंद्रित हो गए । एसिया जी बात है मुझे तो लगता ये सारा खेल रीता सानिया द्वारा ही रचा गया । आत्माराम मोटलानी एक उंगली से अपनी खोपडी ठकठक आता हूँ । बोला क्योंकि उन तीनों लडकियों में एक वही लडकी थी जो विलक्षण दिमाग की मालिक थी और अपराध करने में भी माहिर थी । सबसे बडी बात तो ये है कि डॉक्टर सचिन देवडा की भरपूर मदद भी उसे हासिल थे और उसकी मदद से वो किसी के चेहरे की भी प्लास्टिक सोचने अपने चेहरे पर करवा सकती थी । उसके लिए तो ये सब कुछ बच्चों का खेल था । सही का तो मथुरादास एलएलबी हाथ बढाया । सही कहा मुझे लग रहा है इस समय आना । पारस के अंदर जो लडकी मौजूद है वह हाॅल है सीट आसानियां जवाहर रजिया के मेकप में जूलिया बन कर रह रही है । मुझे जल्दी कुछ करना होगा । मथुरादास के चेहरे पर भी चली झलक नहीं लगी । इससे पहले की फॅमिली के अंदर कोई और बडा हंगामा करें । मुझे राहत से की तमाम गुत्थियां ढेर डालने होंगे । इंस्टाॅल हमारा मोटलानी दिया । काफी गंभीर होता था और मामले की भयानक को महसूस कर रहा था । मथुरादास एलएलबी आत्मना मोटलानी के साथ दोबारा उस राजन क्लब में पहुंचा जहाँ वो हादसा पेश आया था । आपकी एक क्लब का जब कोई मेम्बर बनता है तो क्या आप कोई मेंबरशिप फॉर्म भरवाते हैं? मथुरादास एलएलबी क्लब के मैनेजर से संबोधित हुआ बिल्कुल भरवाते है । जब मैंने जब बोला बिना फॉर्म भरे बडा कोई भी क्लब का मेंबर कैसे बन सकता है? क्या उसको हम पर मेम्बर की फोटो भी चुकी होती है? हाँ, वो भी जब की होती है । मैंने बोला ऍम मथुरादास एलएलबी के चेहरे पर उत्साह का संचार हुआ । मैं जल्द से जल्द ऍम देखना चाहता हूँ । आप तुरंत अपने क्लब के रिकॉर्ड में से उन फॉर्म्स को मंगवाई । आप एक मिनट रुकिए । मैं अभी उन दोनों के माॅस् मंगवा देता हूँ । क्लब के मान जाए । बेल बजाकर एक लडकी है से पहले आदमी को रहा बुलाया तथा उसे रीता, सानिया तथा ऍम लाने के लिए कहा । वो शीघ्र ही दोनों फाॅर में से निकाल कर लेता हूँ । दोनों फॉर्म्स पर लीटर सान्याल और रजिया के फोटो मौजूद थे । डेढ का चौहान ने बिल्कुल ठीक है । जलाश कब्र में से बरामद हुई थी । वह शत प्रतिशत रजिया की लाए नहीं । उसके बाद मथुरादास एलएलबी ने एक सबसे खास काम ये किया की उसने देने का चौहान से जो नेगेटिव हासिल किया था, उसने तो मैं सिर्फ और सिर्फ जूलिया का पोस्ट काट साइज फोटो बनवाया । अब कम से कम उसके पास उन तीनों लडकियों के फोटोग्राफ थे जो पूरे घटनाक्रम में किसी ना किसी तरह ऍम रही थी । फिर वो इंस्पेक्टर आत्माराम मोटलानी के साथ ही रॉयल बार में भी पहुंचा । छत्रपति रह उस समय काउंटर पर ही मौजूद था । वो पचास पचपन साल की बडी दुर्दांत सी शक्ल वाला मराठा था । उसका नाम ताप हुआ था । वो कभी हसीन तहरीन औरतों का जबरदस्त रसिया था । लेकिन उसकी जिंदगी में परिवर्तन आ चुका था । ऍम आप इंस्पेक्टर आत्माराम मोटलानी को देखते छत्रपति राव फौरन कुर्सी छोडकर खडा हुआ । उसने फौरन अपने दोनों हाथ जोडे । क्या मेरे से फिर कोई गलती हो गए? बाप जो आज आपके दोबारा दर्शन हो रहे हैं । ऐसे विवाद में छत्रपति राव मोटलानी हादसा ऍम मेरा ये दोस्त ऍसे तुम से कुछ पूछ रहा था । क्या पूछना था बाप छत्रपति राव की आवाज में सस्पेंस और कह रहा मथुरादास एलएलबी ने पहले चेस्टर की जेब से क्या निकालकर राम के वोट लगाए । फिर छत्रपति राव को अपनी बडी गहरी पारखी नजरों से देखा । छत्रपति राव सकपकाया वो तुरंत भाग गया । उसके सामने खडा हुआ आदमी कोई साधारण नहीं । उसी क्षण मथुरादास एलवी ने जूलिया की तस्वीर निकालकर छत्रपति राव के सामने रखी तो मैं इस लडकी को पहचानते हो । छत्रपति राव मथुरा था, बोला बिल्कुल पहचानता । छत्रपति राव ने सिर्फ की कि क्षण उस तस्वीर को देखा और तुरंत हामी भरी । मैं जब इस बार में नशे पानी का धंधा करता था तो एक बार ये लडकी आई थी । और उस समय ये ब्राउनशुगर से भरी सिगरेट खूब जमकर भी रही थी । सिर्फ एक ही बार आई थी वहाँ । छत्रपति बोला मैंने तो इसे यहाँ एक ही बार देखा । काॅपी की आंखों में शशंक भाव थे । कोई लडके तुम्हारे बार मैं सिर्फ एक मर्तबा आई और तुम उस लडकी की तस्वीर देखकर उसे फॅमिली की तरह पहचान गए । इसके पीछे भी एक खास वाजा है छत्रपति । नाम बोला क्या? दरअसल इस लडकी की शादी मेरी बेटी से काफी मिलती थी जो एक एक्सीडेंट का शिकार हो कर मारी गई थी । इसलिए इस लडकी को बाहर में देखने के बाद मेरे दिल में इसके लिए हम दर्जी का जज्बा पैदा हुआ । बहुत बात और खुलूस का वो जज्बा पैदा हुआ जो जो किसी ऐसे जज्बाती बाप के दिल में पैदा हो सकता है जो अपनी हालत की हर हाल में सलामती कतम बनाई । शायद यही वजह मथुरादास चीज मैंने इस लडकी को ये सलाह भी दी थी कि राम शुक्र कि वह सिगरेट ना तथा डाॅ जैसी उस नामुराद चीज से कोसो दूर रहे । मैंने अपने पूरी जिंदगी में पहली बार किसी ग्राहक को ऐसी नसीहत थी । फिर उस लडकी पर हमारी योजना सेहत का कुछ असर हुआ । बिल्कुल भी असर नहीं हूँ । वो तो पूरी तरह डाॅक् बन चुकी थी छत्रपति राहुल बोला अब तो नशा ही उसे अपनी जिंदगी दिखाई देता था । नशे से ही उसे दिमागी सुकून पहुंचता था वो इतने नसीहत सुनकर वो मेरे ऊपर हसली लगी । उसके बाद हमारे बार में कोई ऐसी और घटना घटी हो । मतलब ॅ समझते होता था जो इस घटनाक्रम से थोडी बहुत जुडी हूँ और एक घटना घटी थी छत्रपति रामबोला । परन्तु मैं गारंटी के साथ ये नहीं कह सकता कि हो के सारे वाकए के साथ जुडी भी दिया नहीं क्या घटना थी इंस्पेक्टर साहब छत्रपति रहा आप हमारा मोटलानी से संबोधित हुआ आपको । वो लडकी तो याद होगी जो धाड वाले दिन यहाँ ड्रग की हाइट उसके कारण मरी पाई गई थी और जिसका बाद में पोस्टमार्टम भी हुआ था । हम बिलकुल याद है लेकिन उस मरी हुई लडकी का इस लडकी से क्या संबंध है? मथुरादास एलएलबी नहीं बडी कौतूहलता के साथ जो लिया की तस्वीर पर भूमि है । संबंध तो कुछ भी नहीं । उस मरी हुई लडकी की शादी हो इस लडकी से बिल्कुल अलग थी । परंतु फिर कुछ बातें ऐसी थी जो दोनों में कॉमन थी । ऐसी बात है जैसे जो लडकी बार में हाइट उसके कारण मारी वो भी अपने गले में क्रॅशर पहनी थी । जैसा लॉकेट । ये लडकी पहले उसके हाथ में भी बिलकुल वैसा एड्रेस लगता जैसा कभी मैंने इसके हाथ में देखा था । इसके अलावा उस लडकी का रंग रूप कदकाठी सबकुछ किसी लडकी जैसा था । दोनों की शक्ल अलग थी । बाद में क्या किसी ने उस लडकी की लाश को आइडेंटिफाई क्या? मथुरादास एलएलबी ने पूछा कि वो लडकी वास्तव में कौन थी? उसका नाम क्या था? नहीं । इस बार जवाब इंस्पेक्टर आत्माराम मोटलानी नहीं दिया । किसी ने भी उस लडकी की लाश को आइडेंटिफाई नहीं किया । उसे भी एक लावारिस मौत ही नसीब हुई क्योंकि उसके गले में क्रॉस पडा हुआ था । बस इसी से अंदाजा हो सकता कि वह क्रिश्चिन थी और इसीलिए बाद में उसके इलाज को ईसाइयों के कब्रिस्तान में दफना दिया गया था । ये सारी बातें भी मुझे इसीलिए मालूम है क्योंकि ये सारा मामला मेरे ही चल सेक्शन के अंदर था और सब कुछ मेरी एक स्टडी में हो । मथुरा दास एलएलबी को वो एक और नई बात मालूम हो रही थी कि एक ऐसी लडकी मर भी चुकी है जिसका चरित्र जूलिया से काफी मिलता चलता था । राजकीय जो नई नहीं पढते खुल रही थी । उन्होंने मथुरा दास एलएलबी के दिमाग को पूरी तरह झंझट डाला । अब वो उसके इसमें बिल्कुल ही एक नया रोमांच अनुभव कर रहा था जो उसने पहले कभी अनुभव नहीं किया था । एक बात वो अब तक भलीभांति समझ चुका था कि उस पूरे सिलसिले के पीछे बहुत मास्टरमाइंड काम करता है । बहुत तेज दिमाग काम कर रहा है । शुरू से ही उसमें एक एक चाल काफी सोच समझकर तथा योजनाबद्ध अंदाज में चली थी । मथुरादास ऍम इंस्पेक्टर आत्माराम मोटलानी के साथ ईसाइयों के उस कब्रिस्तान में भी पहुंचा जहां उस लडकी को दफना दिया गया था । जो रोयल बाढ में ब्लॉक की हाइट उसके कारण मारी थी और जिसकी पर्सनालिटी काफी कुछ जूलियो से मैच करती थी । कब्रिस्तान में पहुंचते ही उस लडकी की कब्र भी खुलवाई गई तथा उसके ताबूत को अब जैसे बाहर निकाला गया । फिर ताबूत खुला लाश क्योंकि ताबूत में रखी थी । इसलिए अभी उसकी इतनी दुर्गति नहीं हुई थी, लेकिन फिर भी ताबूत खुलते हैं । मथुरा दास एलएलबी और आत्माराम मतलानी दोनों चौंकियें दस साल कभी उस लडकी का चेहरा बिगाडने के लिए उसकी जो प्लास्टिक सर्जरी की गई थी, वो प्लास्टिक सर्जरी अब भूल गई थी और लाश के चेहरे से आप सबसे पहले उसी जगह की खाल छूट रही थी, जहाँ जहाँ प्लास्टिक सर्जरी की गई थी । मथुरादास एलएलबी तथा इन सकरात्मकता मोटलानी घुटनों के बाद ताबूत कॅर ध्यान ॅ देखने लगे । कुछ समझ जा रहा मथुरादास आत्माराम मोटलानी बोला हाँ, मथुरादास एलएलबी की गर्दन स्वीकृति में कुछ कुछ समझ में आ रहा है । इस लाश को देखने के बाद अब मैं कम से कम एक बाद दावे से कह सकता हूँ क्या ये ऍम जूलिया की है? और सारे षड्यंत्र के पीछे सीधा सामने यहाँ का है? फॅमिली कुल अगर तो मैं इस लाश का चेहरा और से देखो के तो तुम्हें भी महसूस होगा कि इस लडकी की शक्ति काफी हद तक जूलिया से मिलती है । मथुरादास एलएलबी बोला अलवत्ता इसके चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करके इसका चेहरा बिगाडने का प्रयास किया गया है । यही वजह है कि इसके चेहरे की जहाँ जहाँ से प्लास्टिक सर्जरी की कई वही वही से खाल फूल गई । मेरे को मथुरादास एलएलबी ने अपनी जेब से जूलिया का फोटो निकाल कर आत्माराम मोटलानी की तरफ बढाया तो जूलिया के फोटो से इस लाश का चेहरा मिलाकर देखो । सारी बात खुदबखुद तुम्हारी समझ में आ जाएगी । आप मारा मोटलानी नहीं । जूलिया का फोटो पकड लिया तथा फिर वो सचमुच उन दोनों को एक दूसरे से मिलान कहने लगा । हाँ ऍम शीघ्र ही आत्माराम मोटलानी की मुझसे तीव्र, संस्कारी छोटी ये तो वाकई जूलिया की लाश । यही बात तो मैं उनसे कह रहा हूँ । इसका मतलब जूलिया मर गई लेडी आना । गोंजाल्विस की वो असली बेटी मर गए जो वास्तव में उनकी चल अचल संपत्ति की ओर थी । हाँ सर जो लिया मर चुकी है मोटलानी बल्कि रजिया भी मर चुकी है । मथुरादास बोला अब सिर्फ एक ही लडकी जिंदा है और वह रीता सामियाना । लेकिन अगर वीटा सानिया में दुनिया को मानना ही था तो फिर उसे जूलिया के चेहरे पर ये प्लास्टिक सर्जरी कराने की क्या सर्व करते हमारा मोटलानी होगा तो इतनी मामूली बात नहीं समझे मोटलानी मतदाता सैंडल भी बोला । दरअसल ये सारा प्लान इसीलिए रचा गया जूरिया के चेहरे को प्लास्टिक सर्जरी करके इसलिए बिगाडा गया ताकि उसे लाॅ अगर दुनिया को पहले से ये मालूम हो जाता कि जूलिया मर चुकी है । विराज रीता सान्याल जूलिया बनकर आना पालस में कैसे मुझे होती तुम ठीक हूँ । आत्माराम मोटलानी की कदम स्वीकृति में है बिल्कुल ठीक ऍम मथुरादास एलएलबी नेता बूत का ढक्कन वापस बंद कर दिया तथा फिर अपना स्थान छोडकर खडा होगा । खडे होते ही उसने दम के दो मुझे लगता है अवधराज की तब हम यहाँ सुना चुकी है मथुरा ऍम हर बात ही नहीं की तरह बिल्कुल साफ हो चुकी है । अब तो सिर्फ एक ही काम बचायेंगे, क्या आखिरी गोली छोडना और जो आखिरी ली अब मैं छोड । मथुरादास एलएलबी ने अपने दान पूरी तरह के कितना है, धमाका मेरी तरफ से होगा हूँ ।

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"फंस जाओ मेरे लिए" का दूसरा भाग जो रीटा सान्याल की खोल सकता है पोल। क्या हुआ जब वो हवेली पहुंच गई? आखिर मैडिकल साइंस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स और पुलिस इन्वेस्टीगेशन को कैसे चकमा दिया उसने?
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