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Ch-14

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पहली बार जब उसने अपनी नई मकान-मालिकन पर नजर गड़ाई, जो एक विधवा और उससे ग्यारह साल बड़ी है, तो उसे एक मौका दिखाई पड़ा। उसके पास अमीर बनने का एक प्लान है और वह उसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करता है, जब तक कि उसकी मुलाकात पीहू से नहीं होती। वह एक अपरिपक्व टीनएजर है, जो नील को चाहती है, और आंख मूंदकर मान लेती है कि वह एक फरिश्ता है, जो उसकी जिंदगी की सारी मुश्किलें दूर कर देगा। बेवजह की इस चाहत और प्लान का कांटा बनती पीहू से नील नफरत करता है, लेकिन नील को बेहतर इनसान बनाने की पीहू की जिद नील को अंदर तक झकझोर देती है। क्या पीहू उसे बदल पाएगी? क्या जो इनसान सारी हदों को पार कर चुका है, उसका हृदय बदला?
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चौदह मैंने पीहू से वादा किया कि मैं उसे अगले दिन पढाऊंगा क्योंकि मैं थक गया था । वो बहुत खुश थी कि आखिरकार में सहमत हो गया था । शुक्र है बिना किसी झगडे की मान कर चली गई थी । अब मैं दोबारा में स्तर पर जाकर सोने की कोशिश कर रहा था । पीओके स्वप्ने मुझे दो सौ आपने दे रहे थे । उसने रंजन के बारे में इस जहाँ में कैसे पता लगाया । कहीं अनन्या मेरे बारे में अफवाहें तो नहीं फैला रही थी । हुआ अहंकार से भरी बेवकूफ लडकी की तरह व्यवहार कर रहे थे । लेकिन मैं उस से और क्या उम्मीद कर सकता था । आउट गया और अपने व्हिस्की की बोतल को फिर से खोला । तीसरे पैक को खत्म करने के बाद मुझे बाहर निकलने की आवश्यकता महसूस हुई । नदी को देखने का विचार आने पर मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आई तो उसके साथ मेरा दिल भी भराया । वो आधी रात का समय था इसलिए माँ बेटी ऊपर हो चुकी होगी । ये मुझे यकीन था । मैंने खुद के लिए एक और बडा पैर तैयार किया और ताजा हवा की खोज में सीढियों पर चढना शुरू कर दिया । इस घर में छत सबसे अच्छी चीज नहीं । इसके अलावा पुणे की शाम काफी भयानक होती है । ठंडी ताजा हवा देने देने मेरी इन्द्रियों को सहारा देकर जगह नहीं थी जिससे मुझे लग रहा था मेरे पास कुछ वोट बच्चे थे जब मैं अलग स्वाद आराम से एक छोर से दूसरे छोड तक चक्कर लगा रहा था । छुट्टी शांति की भावना ने मुझे अपने अंतर्मन के विचारों में लीन कर दी । मुझे उन विचारों में पहुंचा दिया जो मेरी पिछली गलतियों और भविष्य की अनिश्चितता की चिंता के बारे में नहीं बल्कि मुझे नौकरी कैसे मिलेंगे? मैं उसे अपनी सच्चाई कब तक छिपा सकता हूँ? यूज अवांछित ध्यान का खयाल रखने के लिए मैं क्या कर सकता था? ये मेरी चिंता का विषय था । एक मिशन छोडने मुझे सतर्क कर दिया जब मुझ पर इन विचारों ने कब्जा कर रखा था । ऐसा लग रहा था की कोई सीडी पर चल रहा था एक सेकंड के लिए । मैंने सोचा मुझे भ्रम हो रहा था लेकिन फिल्म मुझे वो साया सच में दिखाई देने लगा । सीढियों के मंदिर रोशनी में उसका व्यक्ति तो थोडा धुंधला दिखाई दे रहा था लेकिन सलेटी रंग के लेकर और सफेद रंग की बिना तीन की टी शर्ट में उसकी छाधारी आकृति छिपी नहीं । उसकी सोचा बेहद मुलायम दिखाई दे रही थीं । वो सुंदर थी । मैंने सोचा जब मेरे सामने खडी थी अल्लो मुझे ऊपर से नीचे तक बहुत ध्यान से देख रहे थे । जैसे कि उसने कोई अजनबी देखा था । एक सामाजिक आत्महत्या के रूप को लेकर मैं बाद में एक रंगीन बेयर के साथ खडा था । कुछ सेकंड के लिए हम दोनों ने मौन रहकर एक दूसरे को बलटाना । उस की छोटी से लेकर और ढीली ढाली नाभि की लंबाई तक की टीशर्ट देखकर लग रहा था कि इस वक्त हो किसी से मिलने को तैयार नहीं थी । और मेरे हाथ में जो अमृत की बोतल थी वो भी ये दर्शा रही थी कि मैंने भी इस समय अपने एकांत को खो देने की ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी । ऍम आप यहाँ इस समय सब कुछ ठीक तो है । उस ने बडी विनम्रता से पहुँचा । उसकी ना थोडी सी सिख गए हुए थे जिससे वो बहुत प्यारी लग रही थी । मेरा दिल क्षणिक रूप से डूबता गया । हाँ जी, मैंने भी में से लगभग अपना गिलास छुपाते हुए ऐसा लगता है कि मैं अपना गुनाह छुपा रहा था । ऐसा लग रहा था जैसे मैं अपनी प्रेमिका से सब छिपा रहा था । कोई बात नहीं आप आराम से पीछे उन्होंने अपने हाथ लहराते हुए आकस्मिक रूप से कहा मैंने उसकी सराहना की । वो थोडी देर के लिए अनिश्चितता के साथ खडी रहेंगी । उस कोने में जाकर खडी हो गई । उसकी छवि मुझे मंत्रमुग्ध कर रही थी । उस की छोटी सी पोशाक में उसका पतला शरीर एक नए अवतार में देखा जा सकता हूँ । कितने ही हार्मोन मेरे शरीर में स्रावित होने लगे थे । आखिरकार थोडा सा मदहोश होने से भी कभी राक्षस को नियंत्रन में रखने में मदद नहीं मिलती है । रात के सन्नाटे में लुभावनी नदी का वो मनमोहक दृश्य थोडी दूर बह रही बादलों के पीछे नहीं चंद्रमा चुका था और जिसके प्रकाश में वो स्नान कर रही थी । ठंडी हवा जो उसके पीछे से उठकर मेरी हो रहा रही थी । ये सब कुछ वातावरण में रोमांस भर रहा था । वो बिल्कुल शांत, खडे हुए नदी को निहार रही थी । जैसे किसी को गुप्त संदेश भेज रही हो । मैं अनुमान लगा सकता था की वो यहाँ रोज जाती थी । मैंने मिस्टर कूल होने का नाटक गया जिसके पास जीवन में चिंता करने के लिए कोई बात नहीं थी । साथ ही मैंने उसे देखना भी जारी रखा हूँ । उसकी चुप्पी बहुत चिंताजनक नहीं । एक जोर से चीखने की तरह उसे देख कर कोई भी अनुमान लगा सकता था कि उसे किसी बात में गहराई से पीडा दी है । मैं उस से इतना परेशान होने का कारण पूछना चाहता था । लेकिन मुझे लगा ये सही समय नहीं था । मैंने अपना खत्म कर दिया था । मैं बहुत धीरे धीरे पी रहा था लेकिन वो अपनी जगह से जरा भी नहीं ली थी । मैं ज्यादा नहीं बोल सकता था इसलिए सीढियों की ओर बढने के लिए खडा हो गया था । सर मुझे बुलाया गया था । यहाँ तक कि मेरी नशीली अवस्था में भी मुझे पता था कि मैंने सही सुना है । उन्होंने मुझे बुलाया था और मुझे उसका सामना करना पडा । मुझे आपकी एक छोटी सी मदद चाहिए । उम्मीद है क्या आप नहीं नहीं कहेंगे क्या एक शराबी व्यक्ति नहीं कह सकता है । अगर वह मुझ से मेरी सारी संपत्ति भी मांग लेती जबकि मेरे पास नहीं है तो भी मैंने उसे बिना किसी दूसरे विचार के दे दिया होता है । जी बोलिए आपने पीहू को गणित सिखाने के लिए अनुरोध करने पर भी इंकार कर दिया । वो इस विषय में बहुत कमजोर है । गणित के कारण ही वह दसवीं कक्षा में पहले भी फेल हो गई थीं । हो चुप हो गए जैसे किसी बेहद कठिन समय पर पुनर्विचार कर रही हूँ । मैंने कहा वो किसी भी समय, किसी भी विषय पर चर्चा करने के लिए स्वतंत्र हैं । मैं आपको परेशान करने का इरादा नहीं रखती लेकिन वह सिर्फ आपसे पढकर ही पूरे पाठ्यक्रम का अध्ययन करना चाहती है । इस बात को आगे रखने में वो बेहद शर्मिंदगी महसूस कर रही थी । परीक्षाएं बहुत पास है । पूरे पाठ्यक्रम से निपटना लगभग असंभव है । मैंने ईमानदारी से कहा इस उम्मीद में कि उसे मेरा तक समझ में आए और कुछ तार्किक उत्तर के साथ हुआ गया । लेकिन भेज बोल बुला भात गया और वो बिल्कुल पीहू की माँ से जो अपेक्षा होनी चाहिए उसी की तरह व्यवहार करने लगी । मुझे आश्चर्य हुआ कि क्या मेरा तर्क उसके कानों तक पहुंचा भी या नहीं । क्योंकि अचानक उसने कहा असल में आप उसके पसंदीदा शिक्षक मैं उससे पूछना चाहता था क्योंकि मैंने तो कभी उसे पढाया भी नहीं और ना ही कभी उस से मिला था । अच्छा मतलब पूरा पाठ्यक्रम । मैंने शांति से धैर्य के साथ पूछा । उन्होंने हामी बढेंगे मैं अनिच्छुक का ये पीहू को हर बार मेरे पास आने के लिए एक नया बहाना देगा । मैं एक और विवाद में नहीं पडना चाहता था । मैं शायद आधी बेहोशी की अवस्था में हो सकता था । फिर भी मैंने एक स्पष्ट मुद्दा बनाया । कोई समस्या नहीं लेकिन मैं उसे आप के घर में पढाऊंगा । यानी जहाँ मैं रहता हूँ उसे से मैं नहीं उम्मीद है आप समझ गई होगी । उसकी जादुई मुस्कान फिर से दिखाई थी और मैंने खुद को पीठ पर शाबाशी थी । आखिरकार मिला डबल स्टोरी सबसे पहले में एक अच्छा प्रभाव पैदा करूंगा और फिर मैं के आस पास आने की कोशिश करूँ । क्या मैं आपसे बात पूछ सकता हूँ? मैंने इस अवसर का उपयोग उन सवालों के जवाब खोजने में क्या जो मुझे परेशान कर रहे थे? हाँ हाँ जरूर उसने मुझे कनखियों से देखते हुए कहा इस दो मंजिला घर में केवल दो सदस्य मुझे पूछना तो नहीं चाहिए लेकिन और भी लोग रहते हैं । और क्या ये घर आपका मेरा मतलब है? आप दो लोगों के रहने के लिए बहुत बडा नहीं है । उसकी मुस्कुराहट एका एक भी की पड गए थे । असल में ये घर मेरे पति का था । उनके निधन के बाद मुझे वो सब कुछ मिल गया जो कुछ भी उनके नाम पर था तो मैं नहीं घर की मालकिन एक आधुनिक स्वतंत्र विधवा का पुनर्विवाह क्यों नहीं हुआ? ये प्रश्न मेरे जहन में घूमने लगा । लेकिन उससे पूछने के लिए पर्याप्त अवसर वही मत मुझे नहीं थी । फीस क्या होगी? सर, मैंने कुछ मानसिक गन्ना की, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि फर्क नहीं पडता है । मैं कितना भी मांगों हमेशा कम ही रहेगा तो तकनीकी रूप से कुछ भी मांगना पर्याप्त नहीं होगा । इसलिए इस बार मैंने दीर्घकालिक निवेश करने का फैसला किया और शानदार निशाना साधा हूँ । नहीं, मैं कुछ भी फीस नहीं ले सकता । आखिरकार हूँ । मेरी पसंदीदा छात्र है आर और मैं अगले दिन कैपिटल इंडिया में थे और चाय के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे । कर्मचारियों को प्रारंभिक छुट्टी के दौरान भी संदेह समाशोधन सत्रों के लिए वहाँ रहना पडता था । मैं ज्यादा बात करने वाला नहीं था लेकिन मैं अपने जिगरी दोस्त आरव के साथ दिल की बातें करता था । वही सब याद कर रहा था और कर्मचारी आवाज में एक दूसरे से मिलना इतना आसान वो तब होता है जब कोई नहीं तो सौन्दर्य और नहीं मस्तिष्क के साथ शिक्षकों के कैसे द्वारा पारित किया जाता है । मुझे बुरा लग रहा था क्यूँकि या परिपक्वता की कोई सीमा नहीं थी । उसने मुझे देखकर हाथ हिलाया और उसे देख कर लगा कि वो कुछ कहना चाहती थी । हालांकि मैंने एक अनिच्छुक मुसकुराहट नाटक किया कि वह मंगल या बृहस्पति ग्रह पर बैठे हैं, किसी से बात कर रहे हैं । अरब ने मुझे एक अजीब सी नजरों से हाई मेरे होठों मिले और मैंने भी एक नकली, उसको राहत उसकी तरह अच्छा तो इस तरह का व्यवहार क्यों कर रहे है और आपने पहुंचा कुछ नहीं है । अब इस लडकी ने मेरा जीवन नरक बना दिया । मैंने बात की मेरे चेहरे पर अभी तक नकली मुस्कुराहट थी । नहीं । प्रेमिका पर बधाई । उसने शरारती अंदाज में कहा मेरी प्रेमिका नहीं, मैंने उसे देखा और जैसे उसने कोई अपराध किया तो महाराज दिमाग खराब किया लेकिन जिस तरह से वो तुम्हारी तरफ हाथ लगा रही थी उसने अपने घर को लगभग मुफ्त में तो मैं दे दिया । उसके इरादे स्पष्ट रूप से बोल रहे थे । यही दिक्कत है । ये हुआ है । अव्वाद ऐसे नहीं । मैंने सोचा आज कोई जानता है कि हमारे पास दो प्रेमिकाएं क्या अब बकवास वास्तव में अरब ने हामी में कर देंगे । मेरी नाराजगी में आनंद ले रहा था और हर कोई उन्हें कैसे जानता है । अनन्या के मामले के बाद से तुम प्रसिद्ध हो गए हो । ये बहुत ही निराशाजनक है । ऐसी झूठी कहानियां कौन फैला रहा है और कोई भी पीहू को कैसे जानता है, हम उसके साथ स्कूल आते हैं । उसने कहा जैसे कि ये सब से संदिग्ध स्पष्टीकरण यही था और दूसरे अनन्या बदनाम है । मैंने गहरी साथ किसकी? अचानक चीजें बेहद अजीब हो गए । यहाँ वहाँ है एक प्रसिद्ध शिक्षक जो की जो रोंग की छात्राओं को पसंद करता है । मेरा अंदर मन कर रहा उठा ये सभी कम्बख्त चीजें मेरे साथ क्यों हो रही थी? ये लडकी मेरी सारी योजना खराब कर दी मैंने अपना से मिलाकर का कौन सी योजना? अगर मैंने तो मैं भी हूँ कि माँ के बारे में बताया था वो विधवा उसने अच्छे से कहा उसके बारे में ढंग से बात करता हूँ तो मुझे वो पसंद है । मैंने धीरे सका तो वो पसंद है । पिताजी बुआ गुस्से से उसने बीच की उंगली मुझे दिखाई क्योंकि उसे हम नहीं हो रहा था । वो एक स्वतंत्र घर की मालकिन तो तुम अपनी प्रेमिका की माँ से जोडने की योजना बना रहे हैं । सिर्फ इसलिए कि वो एक महंगे घर की मालकिन से मेरी प्रेमिका बुलाना बंद करो । मैंने उससे मैं दूर तय हुआ आराम से कहा अच्छा ठीक है । माफी उसने आत्मसमर्पण में हाथ उठाया था । लेकिन ये बोला सौदा है क्यूँ उन दोनों को अनन्या के और तुम्हारे बारे में पता चलेगा । मेरी भी यही चिंता है । यू शायद अनन्या के बारे में कुछ जानती है । वो इसके बारे में मुझसे पूछ ताछ कर रही थी । लेकिन क्या होगा यदि वो ये बात अपनी माँ को बताई एक वास्तविक समस्या है लेकिन मेरे पास तुम्हारे लिए समाधान है । ये था मेरा मित्र आराम तो हमेशा बेशक मेरा विरोध करता था और फिर मुझे संभालने की भी कोशिश करता था । लेकिन आपने बेवकूफ विचारों के साथ आकर मुझे समर्थन दिया करता था । पहले गर्दन नहीं है । हालांकि मैंने पहले कभी आरव के सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया था लेकिन इस बार उसका आत्मविश्वास मुझे आत्मविश्वासी भी बना रहा था । तुम को सिली बना सकते हो, उसकी मां तक पहुंचने के लिए हूँ ।

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पहली बार जब उसने अपनी नई मकान-मालिकन पर नजर गड़ाई, जो एक विधवा और उससे ग्यारह साल बड़ी है, तो उसे एक मौका दिखाई पड़ा। उसके पास अमीर बनने का एक प्लान है और वह उसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करता है, जब तक कि उसकी मुलाकात पीहू से नहीं होती। वह एक अपरिपक्व टीनएजर है, जो नील को चाहती है, और आंख मूंदकर मान लेती है कि वह एक फरिश्ता है, जो उसकी जिंदगी की सारी मुश्किलें दूर कर देगा। बेवजह की इस चाहत और प्लान का कांटा बनती पीहू से नील नफरत करता है, लेकिन नील को बेहतर इनसान बनाने की पीहू की जिद नील को अंदर तक झकझोर देती है। क्या पीहू उसे बदल पाएगी? क्या जो इनसान सारी हदों को पार कर चुका है, उसका हृदय बदला?
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