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22 हौसला -सिरफिरा

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पतझड़ है तो बसंत भी आएगा। गर्मी की तपिश को बरसात की फुहारें दूर करेंगी। यही जज्बा जीने का हौसला देता है। उम्मीद और हौसला जीवन की नींव हैं।
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सिर्फ मिला । रोशन प्रगति मैदान पर मेट्रो से उतारकर स्टेशन से बाहर प्रतीक्षा करने लगा । खडी देखी और सोचने लगा दस मिनट लगेंगे रानी को प्रगति मैदान आने में शनिवार का दिन ऑफिस में हफ्ते के बाद पुस्तक मेला देखने का माहौल राशन छोड नहीं पाया और पैसे निकलने से पहले पत्नी रानी को फोन किया । तुरानी ने तुरंत पुस्तक मेले के बाद शाम इंडिया के और रात का खाना कनाट प्लेस में कार्यक्रम बना दिया । ऍम प्रगति मैदान, इंडिया गेट और कनॉट प्लेस में शामिल गुजारना याद आ गया । कौशल यादव में खोया मंद मुस्कुरा दिया । कहाँ खोये हुए हो श्री मांझी किसको देखकर मुस्कुरा रहे । रानी ने दर्शन के सभी पाते हो जाएगा तो रोशन यादव से बाहर आ गया तो वह के बाद के दुनिया रह रहे हैं । अब यही प्रगति मैदान के बाद इंडिया गेट कनाट प्लेस घूमा करते थे । रोशन ने रानी का हाथ पकडा और मेट्रो स्टेशन से प्रगति मैदान की तरफ बातें करते करते हैं । पैदल चलने लगा । पुस्तकों की शौकीन रौशन आसानी पुस्तकों देख हो गए । एक बुक स्टॉल के कैश काउंटर पर रोशन पेमेंट कर रहा था । एक आवाज में उसे पीछे मुडकर देखने पर मजबूर किया ऍम आपको भी पुस्तकों का शौक है । आप आज बैंक अधिकारी कविता की थी । उसके हाथों में भी कुछ किताबे थी जिसकी पेमेंट करने के लिए रोशन के पीछे खडे थे । आपने भी वही किताबें खरीदी है जो मैंने लिया । इसका मतलब है कि कम से कम पुस्तकों के मामले में हमारी पसंद हैं । एक ही है कविता ने रोशन के हाथ में वही पुस्तक देखकर का ऍम उसने खरीदी थी फॅस करा दिया । मेरी पत्नी पानी कविता से लाने का परिचय करवाया । नमस्ते कविता ने भी मुस्कुराते हो जाएगा तो ओशन रानी और कविता बातें कर रहे थे । तभी भीड में एक आदमी ने रोशन को जोर से धक्का दिया और तेजी से आगे बढ गया । सोशल लडखडा गया और उसके हाथों से किताबें गिर गए । ऍम देख कर नहीं चलते हैं । कविता ने कहा दानी और कविता ने किताबें उठाई । ऍम को सहारा देकर उठाया । आपको चोट तो नहीं नहीं ना । कविता ने रोशन से पूछा मैं ठीक उनका पिता जी आप अकेले हैं? कौशल ने कविता से पूछा मेरे पति भी आए हैं उनको पुस्तकों का कोई शौक नहीं । पुस्तक मेले में मेरा साथ दे रहे हैं । कहकर कविता खिलखिलाकर हंसते । इधर उधर देखकर ऍम ढूंढती हूँ कहाँ खर्चा आएगा कहकर कविता ने रख सकते हैं । पुस्तक मेले के बाद रोशन आसानी इंडिया गेट के लॉन में हाथ में हाथ डाले पाते करते हुए पुराने दिनों को फिर से दोहराकर जवानी के दिनों को याद कर रहे हैं । तभी एक आदमी नाम रोशन को जोर से धक्का दिया और आगे बढ गया तो सोशल लडखडाकर गिर पडा है । पानी ने सहारा दिया तीन चार युवकों ने राशन का सहारा देकर उठाया । एक ने पूछा अंकल को चोट तो नहीं लगी? ऍम क्या कुछ चोट नहीं लगे थे । दोनों ने युवकों को धन्यवाद कहा । पहले पुस्तक मेले में और अभियान इंडिया गेट ना बोला कर दिया । पता नहीं कौन पागल है । आइए यहाँ से चलते हैं वो खराब कर दिया पता नहीं फिर से फॅमिली ने कहा हूँ आ रहा नहीं चलते हैं क्या खाने का मुॅह बंगाली मार्केट चलकर चाहे गलत पढाया जाए । बहुत दिन हो गए । चार घायल हुए हैं । पुराने दिन याद करके तासा बन का एहसास होता है । रानी ने कहा बंगाली मार्केट में सहयोग से कविता भी होने मिल गए । कविता ने अपने पति कारन से उनका परीक्षा कर रहा ऍसे मिलने के पश्चात कौशल को कुछ ऐसा एहसास हुआ कि कहीं कुछ देखा है काॅल से मुस्कान के साथ गर्मजोशी के साथ रोशन से मिला हूँ । खाने का लुत्फ उठाने के पश्चात वापस घर जाने के लिए रोशन कार का दरवाजा खोल रहा था तो उसके कंधे पर पहुँचे । टक्कर लगे तोडकर देखा करन मुस्कुरा रहा था । कविता कुछ दूरी पर अपनी कार के पास करन का इंतजार कर रहे थे । टक्कर देने के बाद कुटिल मुस्कान के साथ करन चला गया । ऍन आसानी के कानों में कविता की आवाज आई तो करन से पूछ रही थी ऍम को टक्कर की हमारे क्या पुस्तक मेले और इंडिया के एक में भी कौशल को उसने टक्कर मारी थी । हूँ । भ्रष्टाचार के नाते रोशन को टक्कर । उनकी बातें सुनना अच्छा नहीं लगा क्योंकि कविता उसकी बहन करते हैं । ऍम आगे बढा दी बस इतना सुन सकें । करन कह रहा था डालेगी अक्कल ठिकाने लगता है बात करने की उसकी हिम्मत कैसे हुई? करन की बात सुनकर कविता ने उसे चुप रहने को कहा खरण चुप करूँगा । सोशल हमारे ऍम अपनी सडक बंद करूँ । तंग आ चुका हूँ । ऍफ का कोई इलाज नहीं चल रही हैं । सराबोर खराब कर दिया । पता नहीं रौशन कर सोचेगा । किसी हर एक मेरे से बात नहीं कर रही थी तो कंपनी में जनरल मैनेजर फाइनेंस है करोडो ऍफ उसकी कंपनी से बैंक हर रोज करता है और तुमने उसे एक बार नहीं बल्कि तीन बार तक का दिया हूँ । शर्माती मुझे तुम्हारे साथ चलते हुए कोई कामकाज करते नहीं । मेरी सैलरी पर हो गया थोडा और मेरी एक लाइन पर रॉक डाल दूँ । कविता के बातों का कारण पर कोई असर नहीं पडा । वो खेल की करके हस्ता रहूँ । बीच बीच में कहता रहा तुम जानती नहीं उसको पहले भी थी, क्या था अब भी कर दूंगा रास्ते में रोशन और रानी भी करन की बातें करते रहे । उच्चतम जानते हो करण को बहुत ही संदिग्ध व्यक्तित्व का लग रहा था । होटल मुस्कान थी जी चाहता था एक रखकर दुकान करनी चाहिए लेकिन ये नहीं कर सके आपकी बहन कर का पति निकला है आपको धक्के उसी नदी होंगे मुझे पक्का यकीन है पानी नॅशनल को अपने दिल की कहीं मुझे भी ऐसा लगता है लेकिन कहाँ देखा एक रन को नहीं ॅ आपको दबाना होगा । रोशन ने रानी से कहा तोमर सुबह रोशन बैंक पहुंचा करेंगे । बैंक की सीढियों में रौशन कर हजार होगा क्यों बच्चों को हो गया । मुझे ऐसा बेटा था । कॉलेज में याद कर ही शक्ल भूला नहीं हूं । बाद पर चढकर मेरी बीवी के साथ बतियाता है । खबर अगर जो कभी मेरी बीवी सब बात भी है, ऐसी धुलाई करूंगा कि भविष्य में कैसे लडकी से बात करने के लायक नहीं रहेगा । बैंक खुल चुका था । स्टाफ और कस्टमरों का आना जाना शुरू हो गया । करंट रोशन को धमकी देकर चला गया । रोशन सीढियाँ चलने लगा ॅ आपके साथ हुई कविता को लोन प्रपोजल दिया । पायल पढते हुए कविता ने रोशन को कहा ऍम स्टडी कर लूंगी । इसे और पेपर की जरूरत होगी तो मैं आपको फोन करूँगा । रौशन बैंक से बाहर आ गया । नीचे करन ने पार्किंग में रोशन को देखकर कुटिल मुस्कराहट के साथ देखा । कैसे टरका दिया पेट एक कविता मेरी बीवी तो मैं ऍम देखता हूँ की तरह काम कैसे होता है । कहकर एक मुख्य रोशन के ऊपर जमा दिया तो लडखडाकर गिर गया और चश्मा टूट गया हूँ । उसके चर्च में का शीशा टूट गया । अब रोशन का सब्र टूट गया । धीरे धीरे उठा तो करंट फिर एक मुक्का जमा दिया । कौशल ने भी पलटवार में करंट के पेट में मुक्का मारा और करन को धक्का दिया । करन को इसकी उम्मीद नहीं थी, वो भी गिर गया । दोनों में को धान बुड्ढा हो गई और मारपीट देकर भीड एकत्रित हो गए । दोनों के कपडे भी फट गए । पार्किंग के लडकों ने दोनों को पकडकर अलग क्या आते जाते लोग तमाशा देखते रहे और फिकरे कसते रहे हैं । बडे लेकिन अभी गंवारों की तरह कुत्ते बिल्ली की लडाई लड रहे हैं । प्लानस ऐसी पढाई पर रन के अकड मारपीट के बाद भी कम नहीं हुई है और रोशन को धमकाने लगा । रोशन ने भी जवाब दिया कि जो हो सके कर ले अब कोई नहीं रोक सकता हूँ से बैंक का काम तेरी बीवी नहीं तो कोई दूसरा करेगा उसे किसी का डर नहीं । तभी बैंक के दो सिपाही आ गए और थाने चलने को कहा । थाने के नाम पर कारन पिता क्या और अपनी कार के और चलने लगा लेकिन रोशन थाने चलने को तैयार हो गया । पुलिस ने कहा चलो उठा रहे हैं दो दिन से मारपीट कर रहे आज सब फैसला हो जाये । करण ने पुलिस को एक कोने में जाकर कुछ कुछ उसकी और कुछ उसकी जेब में डाला । सरकार में बैठ कर चलता बना पुलिस चल रहा है छोडो उसको आपके कपडे बढ गए अब घर जाकर अपना हो लिया । ठीक करिए एक्सॅन इकलौटे आशिक की तरह बाहर में बैठा । उसकी सांस फूल रही थी । पानी पिया । दस मिनट बाद ऑफिस फोन करके छुट्टी ली और घर रवाना होने के लिए कार्य स्टार्ट की है । बिना चश्मे के रास्ते में दिक्कत होगी । कार्बन कि पार्किंग में ही काम छोड ऑटो से घर पहुंचा । फटेहाल पति को देखकर तनी कमरा नहीं तो ओशन सोफे पर कुछ सोच की मुद्रा में बैठ गया । ये देखा नहीं पिछले थोडी क्या हुआ? कुछ बोलो आपका चश्मा खाएँ आपका ये हाल कैसे हुआ? एक साथ कई प्रश्न सुनकर रोशन ने पूरे घटनाक्रम को बताया तो हब के पीछे क्यों कुछ होगा? रानी ने रोशन से पूछा । सिरफिरा एक तो बीवी की हमारी पर्पल रहे जाता है कि कोई उसकी बीवी से बात ना करें । इतनी चाहते तो घर पर भरके में बढाएंगे । आज के आधुनिक समाज में ऐसे चीज पे बोलते हैं उसके दिमाग मैं दूर भरा है और कुछ नहीं । पीवी बैंक अधिकारी है सबसे मिलना होता है । कहते कहते हैं पौषण अतीत में चला गया चलचित्र की भांति फ्लैश बैक को बडा तो और कारण एक ही कॉलेज में पढते थे रोशन मध्यमवर्ग और करंट अमीर घर से था चार रोशन पढाई तक सीमित था करन पढाई से कोसो दूर लडकियों पर लाइन मारने में व्यस्त रहता । सहपाठी रोशन से नोट्स लेते थे । सभी को रोशन के नोट्स पर यकीन रहता था । उस दिन भी कॉलेज की लाइब्रेरी में रोशन नोट्स बना रहा था । एक लडकी ने रोशन से नोट्स मांगे । कुछ देर तक वो लडकी रोशन के साथ लाइब्रेरी में बैठी रही । करन लाइब्रेरी में शायद उसी लडकी को धोनी आया था । क्या नाम था उस लडकी का? कि आते ही आया रोशन करूँ । जब रोशन लाइब्रेरी से बाहर आया तो करण ने रोशन की कमी इसका कॉलर पकडकर दो घुसे । जमादि तक आया कुमार से रोशन गिर गया । उस दिन भी उसका चश्मा टूट गया था । बेटा अगर लडकियों से बात करते देख लिया तो खैर नहीं नहीं, बढा को पडता रहे । लडकियों से बात मैं करूंगा । कर करन ने तो और जमा दिया गया है । एक ऑफिसर को आता देख करन रोशन को धमकाकर वहाँ से चला गया । कमाल है आपने करण को नहीं पहचाना लेकिन उसे आपकी शक्ल यार रही । आनी ने आशा रह सका । यात्रियों को क्या याद रखना? उस दिन के बाद मेरी उससे बोलचाल बंद हो गए । क्या कर रोशन मुस्कुरा दिया । रानी मेरा पुराना चश्मा देना सबसे पहले तो नया चश्मा बनवाना है । कल से करने मूड खराब कर रहा है । चाॅस चलते हैं कहीं भी पार्किंग में खडी है आपकी पाल कविता के पास है क्या? वो कुछ गडबड तो नहीं करेगी । खानी को चिंता हुई वो एक प्रोफेशनल है बैंक के नियमों के अनुसार काम करेंगे बैंक में करन के नियम नहीं चलते हैं ऑपरेशन के पास राशन चश्मे का फ्रेम सलेक्ट कर रहा था । ये वाले फ्रेंड नहीं चलेंगे । श्रीमान जी मुझे तो आज मालूम हुआ कि जनाब से लडकियाँ नोट्स पि लेती थी । एकदम नए लोग पाला प्रेम चाहिए । रानी ने चिट के लिए ऍम उस करा दिया । लंच कहाँ पर ऍम शाम को घर पहुंचकर चाहे की चुस्कियों के साथ रोशन ने आगे बंद की क्या सोच रहा हूँ सोचना फॅमिली के बारे में पहुंचना नहीं चाहिए । अगले दिन सुबह रोशन बैंक पहुंचा । कविता ने मुस्कुराकर रोशन को हलो कहा और एक लिफाफा रौशन की और पढाते हुए कहा आपका ॅ

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पतझड़ है तो बसंत भी आएगा। गर्मी की तपिश को बरसात की फुहारें दूर करेंगी। यही जज्बा जीने का हौसला देता है। उम्मीद और हौसला जीवन की नींव हैं।
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