Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM

07 रसरंग -पेंटी चोर

Share Kukufm
07 रसरंग -पेंटी चोर in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts
94Listens
"गुलों में कई रंग हैं बहार में कई रस हैं जीवन अपने आप में रंगरस है"
Transcript
View transcript

ट्वेंटी चोर ये जो सर्दियों के दिन होते हैं ना बडे साले होते हैं, ठंड बढ जाती है और ठंड से बचने के लिए कितने कपडे पहन ले । बंदा ठीक होता ही रहता है । बस सूरज के दो चार करने बदन कुछ हो जाए आनंद आ जाता है । दिल खुश हो जाता है । बाद बात हो जाता है । दिल के अरमान वोटों पर आ जाते हैं किन्तु परन्तु की तो सूर्यदेव है बहुत ऍम जितनी अधिक ठंड होगी उतने अधिक सूर्यदेव की नाराजगी होगी । मालूम नहीं क्यों अधिक ठंड में इतने नाराज हो जाते हैं । कहीं ऐसा तो नहीं कि उनको भी ठंड लगती हूँ और अपने सूर्यदेव के दर्शनाभिलाषी रहते हूँ । मालूम नहीं इसमें कितनी सच्चाई है लेकिन मैं ऐसा मानता हूँ । अब पूरे एक सप्ताह तक लोग लगाई ठंड में ठंड करते रहे और सर्दियों की ठंड के दिनों में श्रीमान सूर्यदेव रुष्ट होकर को भवन में पूरे एक सप्ताह तक बैठ गए । सभी परेशान तो ठंड और ऊपर से कपडे सुखाने की समस्या गीले कपडे घर में पीटर के आगे सोच रहें बिजली का मेल बढ रहा है । अब इस समस्या का कोई समाधान भी नहीं । धूप निकले तब कपडे अच्छे से सूखेंगे । सबसे अधिक समस्या घर के अंदर के कपडों की होती है । कहने के आंतरिक मस्त हूँ जब हम अंडरगारमेन्ट्स कहते हैं वो तो एकदम सूखे चाहिए तो बात होगा इतनी ठंड में गिला आंतरिक वस्त्र पहने नहीं जाते । हमारे पास पैंट कमीज तो नहीं होता परंतु कच्छा बनियान तो गिनती के होते हैं । दो चार अब कोई भी बंदा तो भाव में अंडरगारमेंट्स नहीं खरीद था । कुछ के पास अधिक होते हैं तो जब बात आम बंदे की हो तब उनकी हालत पतली हो जाती है । आज तो मजा आ गया एक सप्ताह के बाद और वो भी रविवार की छुट्टी वाले दिन सूर्यदेव को भवन से बाहर आ गए । मेहरबानी उनकी की सफाई दर्शन दे दी । छुट्टी के कारण रविवार को लोग अक्सर देर होते हैं । जैसे आप खाली सूर्या देखो देखकर सभी के चेहरे खुशी से खिल गए । तब के कपडे मिल गया और तारों रस्सियों पर सबके कपडे सूखने लगे । बनाने भी तमाम कपडे धोकर सूखने डालते हैं । नाश्ता करने के बाद बाल सिखाती पति देव से कहा आज मौसम बहुत अच्छा है । पूरे हफ्ते ठंड के कारण मदन झगडा हुआ था । आज हफ्ते बाद धूप निकली है । चलो पिकनिक पर चले । प्रति निर्मल ने तुरंत हामी भर दी । हुआ कि खाना बना कर दे । फिर लेकर इंडिया गेट पर चलते हैं और शाम तक वहाँ लॉन में बैठ कर खाना चाहते हैं । धूप काॅमिक बनाते हैं । दोपहर एक बजे इंडिया गेट पहुंचे । वहाँ पूरा का पूरा सेना पहला था । कडाके की ठंड में खिली धूप का आनंद लेने सभी पहुंचे हुए थे । कार पार करके हरी घास पर चादर बिछाई और आराम करने लगे । फिर थोडी देर में खोलना था । तब तक खोमचे वाले से चार पकड दिखाई गई के लिए धूप में खूब धंदा चल रहा है । लोग अपने म्यूजिक सिस्टम लेकर आए हैं तो बनाकर सभी मस्ती में झूम रहे बच्चे काॅपी खेल रहे निर्मल चादर पर लेकर धूप सेकने लगा ये क्या हो रहा है पेट के बल लेट निर्मल को निर्मला मैं जो है हम तो करने दें । झुंझलाकर निर्मल ने कहा लेट ने नहीं आएगा । कुछ टिक वाली बातें करूं । निर्मला ने तो टक्कर का पत्नी को नाराज देकर निर्मल फौरन तनकर बैठ गया और बात को पलटते हुए गा । निर्मला एक बात है कि इंडिया गेट हमेशा प्रेमियों की पहली पसंद है और आज भी मॉल कल्चर के बाद भी देखो युवा जोडे, पेडों और झाडियों की ओट में आज की बैठक वो देखो निर्मला एक नहीं हो, तभी तो मैं होते हुए से उठाया है कि कुछ सीख और अपने पुराने दिन याद करूँ कहकर निर्मला निर्मल से सटकर बैठ गई । बच्चे कुछ दूर बैडमिंटन खेलते थे और निर्मल निर्मला एक आदमी कुछ पिछली बातों को याद करते हुए प्रेमालाप कर रहे थे । उनके प्रेमालाप में विभिन्न तब आया जब बच्चे खेलते हुए था और भूख के कारण दौडते हुए हैं । मुस्कुराते हुए निर्मला नेतृत्व खोला । सबने खाना खाया । चार बजे तो दाल करेंगे और निर्मल परिवार सहित घर वापस घर आकर कार से उतरते ही निर्मला ने सबसे पहले घर के बाहर के रस्सी से कपडे उतारे । निर्मल ने घर खोला । बच्चों ने टीवी चालू कर दिया । निर्मला ने कपडे सोफे पर डाले और रसोई में चाय बनाने चली गई । चाय की चुस्कियां लेने के पश्चात निर्मला ने सूखे कपडों को घर में स्त्री करने पर जो भी से इस तरी करवाने के लिए अलग किया और अंडरगार्मेंट्स को अलग किया, क्योंकि उनको बिना इस तरीके पहनना है और एक मेरे अंडरगार्मेंट्स का तो उतारना भूल गई । लाइन तो सारे कपडे थी । एक बार फिर से चेक कर लेते है । निर्मला बाहर गए, परंतु वहाँ कोई कपडा नहीं था । कमाल हैं कहाँ? गए । निर्मला ने अंदर आकर घर कपडे देखे कि कहीं किसी कभी ॅ के अंदर ना रह गए । छोटे से तो होते हैं कहीं भी हो गया हूँ सुना मेरे अंडरगार्मेंट्स देखें क्या कहा है नहीं तो मैं छुपा तो नहीं लिए । इतना सुनकर निर्मल ने तपाक से कहा मुझे क्या जरूरत पडे तुम्हारे अंडरगारमेंट छुपाने की । मैंने तो पहले नहीं है । वहाँ तो ठीक है पर गाये कहाँ? तीन बहन और दोबारा सुखाई दी । सारे कपडे उतारे । बस वही नहीं मिले । कमाल है तुम्हारे बनियान और कच्छा तो है मेरी फॅमिली नहीं है । निर्मला अपना सर्जन चला रहे थे नहीं किसी और ने तो नहीं उतार लिए । कभी कभी गलती हो जाती है । पडोसियों के कपडे हम उतार लेते हैं और कभी पडोसी हमारे कपडे उतार लेते हैं । फिर उसके बाद अदला बदली होती है । निर्मल ने टीवी देखते हुए कर दिया । सबको अपने अंडरगार्मेंट्स की पहचान होती है । हर किसी के पेंटिंग्स अगला होती है । कोई किसी और के नहीं पहनता हूँ । क्या आप किसी और का कच्छा बनियान पहन लो? गे निर्मला ऍम नहीं मैं तो नहीं पहन सकता । वैसे मैं भी नहीं पहन सकती । आजकल इतने महंगे हो गए ऍम पता नहीं कहाँ गुम हो गए निर्मला अपना अंडरगार्मेंट ना मिलने के कारण चिंतिति जब गुम हो गए तब क्या कर सकते हैं । चार दिन बाद मैं बोला कपडे सुखा रही थी तो उसके कुछ महिलाएं भी कपडे सुखा रही थी । आपस में बात करते हुए पडोसन कितने पूछा कल मेरी पैंट और पुराने मिली कहीं किसी के कपडों में मिक्स तो नहीं हो गई । इतना सुनकर निर्मला ने कहा क्या कहा गीता की तुम्हारी ऍम तो सूखने के लिए रखे थे । मिली नहीं आने वाला दो पहले और दो पराठे नहीं मिलेगा । बाकी कपडे अपने स्थान पर थे । कमाल है । रविवार को मेरी तीन ऍम हो गए और आज तुम्हारी कम हो गए । निर्मला कपडे हाथ में लिए गीता के बाद आगे उन दोनों की बातें सुनकर दो तीन पडोसन और एकत्रित हो गए और उन्होंने भी बताया कि हफ्ते दस दिन पहले उनकी भी ऍम सभी महिलाएं हैरान और परेशान हो गए कि सिर्फ लेडीज अंडरगारमेंट्स से गुम हुए हैं । बाकी सभी कपडे सही सलामत है । पहले तो शर्म के कारण किसी महिला ने किसी से कोई जिक्र नहीं किया । अब आपस में बात करने पर मालूम हुआ कि पडोस के लगभग हर महिला की यही शिकायत है कि फॅमिली गायब होते हैं । पुरुषों के कच्छा बनियान गायब नहीं होते । स्त्रियों के अंडरगार्मेंट से गायब हो रहे हैं । गायब करने वाला कौन हो सकता है इस बहस से को जानने की जिज्ञासा । सभी को देख सभी ने अपने पतियों से बात की और सब हैरान हो गए कि ये काम किसका हो सकता है । सब ने तय किया कि रविवार सुबह ग्यारह बजे मीटिंग करते हैं ताकि मिलकर कोई कारगर कदम उठाया जा सके हूँ । रविवार को मीटिंग में आशा से अधिक परिवार एकत्रित हुए । किसी को उम्मीद नहीं थी कि एक गंभीर होता है की समस्या आस पास के पांच छह गलियों की थी । कम से कम पचास परिवार कॉलोनी के पार्क में एकत्रित हो गए । सर्दियों के खाली धूप में चर्चा शुरू हुई । किशोरी नियुक्ति से जवान इस्त्री और और महिला सपने शिकायत की । सर्वप्रथम तो हर कोई चुप रह शर्म के कारण । लेकिन जब सब की समस्या एक ही निकले तब खुलकर महिलाओं ने शिकायत की । कुछ तो बताया कि उनकी कई बार पहनती और बडा हुई है । मीटिंग में सर्वप्रथम कॉलोनी की फेल कर समिति के अध्यक्ष सरबजीत ने अपना सुझाव रखा हूँ कि कहीं के काम किसी दुकानदार तो नहीं हो सकता । वो चोरी करता हूँ ताकि उसकी बिक्री बढेगी । चोरी होने पर महिलाएं अंडरगारमेंट खरीदने उस दुकान पर जाएंगे ऐसा मैंने अनुमान लगाया है । इतना सुनते मीटिंग में हंगामा हो गया । अंडरगारमेन्ट्स दुकानदार चरण जीतने अध्यक्ष सरबजीत की गर्दन पकडते । फॅमिली छोडूंगा तो मेरे ऊपर मिलता है । बडा इल्जाम लगाया तो इतनी मत कैसे हुई? चरण जीतने । सरबजीत को जमीन पर पटक दिया और लाखों से जमा हैं । लोगों ने दोनों को अलग कराया । चरणजीत मैंने तुझे थोडी बोला । सरबजीत खाते हुए बोला और किसको बोला? आपको मालूम है कि कॉलोनी में सिर्फ एक अंडरगारमेंट की दुकान है और मेरी है सीधे सीधे तूने मुझे चोर बोला है । मैंने आज तक अपनी बीवी के अंडरगार्मेंट को आदमी लगाया और अंडरगारमेंट हो क्यों आप लगाऊंगा । रंजीत ने सरबजीत को धमका दिया । मीटिंग में झगडा शांत होने पर एक सज्जन जनकराम शर्मा था बोलने होते और उन्होंने चौंकाने वाले तथ्य बताए कि ये समस्या इस कॉलोनी की नहीं बल्कि विदेशों की भी । उन्होंने इंटरनेट पर शोध किया है की जो इंसान ये काम करता है मनोरोगी होता है और महिलाओं की पाॅच रहता है हमारे गांव यूरोप जहाँ सोसाइटी एक कंपनी है वहाँ भी ऐसे चोर पुलिस ने बाॅंटी चोर ब्रा और पैंटी अपने घर में ही अलमारी में सजाकर इस प्रकार रखते हैं जैसे कोई इनामियां ट्रॉफी हो, गंभीर समस्या है । शर्मा ने जो बात बताई सभी चौंक गए की समस्या केवल उनकी कॉलानी की नहीं अंतर्राष्ट्रीय है । हर जगह ऍम चलाने के बाद बाजार में नहीं बेचने बल्कि घर में सजा कर सकते हैं और इसके जरिये कल्पना की ऊंची उडान भरते ऐसे छोर देखने में बोले वाले होते हैं परंतु जवान बहुत ज्यादा होता है । बहुत सफाई से फॅसा अक्सर कुमार होते हैं । तलाकशुदा शादीशुदा आदमी ऐसी हरकते नहीं करते हैं । सभी लोग शर्मा के मुद्दे बताओ जानकारी की तारीफ करने लगे । शर्मा ने महिमा ही होती है । मीटिंग में निर्णय लिया गया कि महिलाओं को थोडा सतर्क रहना होगा और महिलाएं उस चोर को पार कर सकती हैं क्योंकि पुरुष ऑफिस दुकानों को चले जाते हैं । छोटे बच्चे भी मदद कर सकते हैं क्योंकि वे बाहर खेलते हैं और कपडों पर हजार रख सकते हैं कि कोई पुरूष महिला कपडे उतारता है तो उस पर नजर रखें । मीटिंग के बाद निर्मला ने निर्मल से पूछा क्या तो मैं इस प्रकार के चोरों की जानकारी है । आज पहली बार फॅमिली के बारे में मालूम हुआ है तो आज तक ट्वेंटी चोट नहीं सुने । निर्मल ने भी अपनी अज्ञानता दिखाऊँ मीटिंग के बाद पंद्रह दिन बीत गए और कोई अप्रिय घटना नहीं घटी । किसी की फॅमिली नहीं हुई है । हर महिला सतर्क ठीक है । पंद्रह दिन बाद महिलाओं की चौकसी कुछ भी हुई चौकसी में जरा सी लापरवाही से फिर पेंटिंग राजौरी होने शुरू हो गए । महिलाओं के माथे की लकीरों में चिंता फिर छलकने लगे । एक दिन दोपहर में सलोनी अपने स्कूटर पर कॉलेज से घर वापस आ रही थी । गली के कोने पर स्कूटर की रफ्तार कम की । अचानक से उसके टाॅपर्स रोकते कपडों पर पडी एक मार्क कपडों के समीप नजर आया हूँ । उस आदमी ने तेजी से पेंटिंग अपनी जेब में डाल दिया और दूसरी पैंट पर हाथ साफ कर ही रहा था कि उसकी इस हरकत तो सलोनी ने देख लिया बाॅधकर का जो और जो और ऍफ से निकालकर पास की झाडी में भेज दिया और आराम से आगे चलने लगा जैसे कुछ हुआ ही नहीं । सलोनी ने स्कूटर की स्पीड देश की और उस आदमी को टक्कर में नहीं स्कूटर की टक्कर से वो आदमी लडखडाकर गिर गया । होने की आवाज से दो महिलाएं अपने घरों से बाहर निकली । सबने उस आदमी को दबोच लिया । सलोनी ने स्कूटर को स्टैंड पर लगाया और कहा ऍम डालते देखा मेरे शोर मचाने से फॅमिली में भेज दिया तो महिलाओं ने साथ में को दो तीन लाते जमा थी । जब उसका चेहरा देखा तो हैरान हो गए । वो शर्मा था जो मीटिंग में विदेशों में ट्वेंटी चोरों के किस्सा सुना रहा था । वही कॉलानी का पैंटी चोर निकला हूँ एक महिला जो शर्मा पर लाख उसे जवाब ही थी वो अंडरगारमेंट्स दुकानदार चरण जीत की पत्नी दी शर्मा को देखते उसने शर्मा का गला पकड लिया हूँ तेरे को नहीं छोडना ॅ और बदनाम हो गए हम की बिक्री बढाने के लिए चोरी करते हैं मर जाऊंगा ऍम किसी के काम नहीं है उसकी धुनाई होती रही है सभी महिलाएं एकत्रित हो गए पचास महिलाओं के आगे अकेला शर्मा हो अधमरी हालत में सडक पर आधा गिरा बढाता हूँ

Details
"गुलों में कई रंग हैं बहार में कई रस हैं जीवन अपने आप में रंगरस है"
share-icon

00:00
00:00