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सर्जिकल स्ट्राइक -16

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सुलतान फौजी - एक कश्मीरी आतंकवादी। उसने मुम्बई में एक बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया, जिसमें सैंकड़ों निर्दोष शहरी मारे गये। सुलतान फौजी पकड़ा गया। एक ऐतिहासिक फैसले में उसे 26 जनवरी के दिन फाँसी की सजा दी जानी थी, ताकि पूरी दुनिया देखती कि हम देशद्रोहियों के साथ क्या करते हैं। लेकिन उससे पहले ही सुलतान फौजी जेल तोड़कर पाकिस्तान भाग निकला। तब यह मिशन सौंपा गया कमांडर करण सक्सेना को। कमांडर- जिसने सुलतान फौजी को पाकिस्तान में ही घुसकर मारा। वहीं अपने हाथों से फाँसी की सजा दी उसे।
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बहुत जा रहे हैं । सुल्तान फौजी का नया ठिकाना सुबह का भोटका उजाला थोडी देर पहले ही चारों तरफ फैला था । लेकिन हैदर अली उस वक्त भी रजिया को बस्तर पर अपने बाबू पोष में लिए सो रहा था । तभी उस रोज का अखबार दरवाजे के चल रही के नीचे से सडक के आवाज के साथ जा रहा है । फौरन रजिया कि नगा अखबार के फ्रंट पेज पर पडी । पिछले कई दिन से पाकिस्तान के तमाम अखबारों के कवर पेज पर कमांडर करन सक्सेना का नाम ही छाया हुआ था । उस दिन के फ्रंट पेज पर भी कमांडर के जीवित होने की खबर छपी थी । पीछे हो रजिया ने फॅमिली को परेड अकेला कहाँ जा रही हो हैदर रेलवे फौरन उसके गले में बाहें डाली और देख नहीं रहे । अखबार के फ्रंट पेज पर क्या छपाए? रजिया पूरी तरह अनजान बनती थी । बोली कमांडर करन सक्सेना जिंदा है, इतने बडे हादसे के बाद भी बच गया । मैं जानता हूँ डालेंगे मुझे कल ही पता चल गया था । कमाल है ये आदमी ही है । जिन रजिया बोली तो पाकिस्तान सरकार के लिए आप बनता जा रहा है । ठीक है तुम नहीं वाकई आदमी आर्थिक बनता जा रहा है । उसकी जरूरत देखो कल उसने कर्नल नासिर के पास एक वीडियो कैसे भेजी और सीना ठोककर चेतावनी दी कि वह सुल्तान फौजी को चाहे कहीं भी छुपा ले मगर वो ठंड बीस तक पहुंचेगा । रजिया की आंखों के डेढ एक बार फिर अपने भाई अर्जुन ठक्कर का चेहरा मंडराने लगा था । पश्चिम ठक्कर जबकि वो कमांडर को देखती थी । तभी उसे अपना वही दिलेर ऑॅफ भाई ज्यादा जाता था । इसके बाजू में हालत था जिसकी आंखों में शोले लपलपाते थे जिसकी रगों में लहू की जगह इस्पात दौडता था हूँ क्या सोच नहीं होने दिया । हैदर अली ने उसे छोडा कुछ नहीं प्रेशियस की दिमाग में षड्यंत्र का गाना ना कब करने लगा । कमांडर करन सक्सेना के बारे में ही सोच रही हूँ । मेरे एक सवाल का जवाब होंगे हेदर कुछ तो हैदर अली उसकी नंगी पीठ पर हाथ फेरने लगा और फिर उसके हाथ ऍम ते हुए नीचे तक पहुंच गए । जिस तरह बार हिन्दुस्तान से कमांडर करन नाम का ये ऍम यहाँ आया हुआ है, उसी तरह पहले भी तो हिंदुस्तान जसूस पाकिस्तान आते रहे होंगे । क्यों नहीं अक्सर आते रहते हैं । ये बात अलग है कि कमांडर करन सक्सेना ने सबसे ज्यादा हमारी सरकार को छोड डाला है क्या नाम बता सकती हूँ कि पिछले एक साल में कुल कितने हिंदुस्तानी जासूस पाकिस्तान आए होंगे । ठीक है तो नहीं बता सकता क्योंकि हमें तो सिर्फ भी जासूसों के बारे में पता चल पाता है जिन्हें या तो हमारी फोर्स पकड लेती है या फिर मार डालती है । अच्छा ये बताओ वृद्धियां उससे फॅस करने पड गई । पिछले एक साल से हमारे ऑफिसर्स नहीं कुल कितने हिंदुस्तानी जासूस मार डाले होंगे । अरे भाई, रिकॉर्ड देखने के बाद ही पता चलेगा तुम रिकॉर्ड देख कर बता सकते हो गया रजिया ने बडे प्यार से उसके पास है ना पिछले इस एक साल में जो हिंदुस्तानी जासूस मारे गए, उनके नाम क्या क्या थे और उन्हें किन किन पाकिस्तानी ऑफिसर्स ने मारा? अरे तुम ये सब जानकर क्या करोगी? हैदर अली की आखिर सिकुड गई । मैं पाकिस्तान के उन ॅ पर एक किताब देखना चाहती हो गया जिन्होंने अपने देश के स्वागत के लिए पेड धडक हिन्दुस्तानी जासूसों को मार डाला । सोनी पाकिस्तान सरकार तो मैं कभी भी ये किताब देखने की इजाजत नहीं देगी तो ये काफी सीक्रेट मामला होता है हूँ । ठीक है किताब में सही मगर फिर भी तो मुझे रिकॉर्ड देखकर बताओ । इसमें कम से कम मेरे दिल में तो उन ऑफिसरों के लिए इस से बढेगी नहीं । राॅड हैदर अली ने बडे चंचल अंदाज में मुस्कुराते हुए उसके कान का चंबल लिया । अगर किताब लिखने की इजाजत तो मैं पाकिस्तान गवर्मेंट नहीं देगी तो ये इजाजत तो मैं नहीं दूंगा । तो हर दिल में कितनी और ऑफिसर्स के लिए जब बडे इस मामले में मैं काफी खुद कर समर धूम डालेंगे वो तो हमेशा सवाल को टाल के जाते है । डर और अगर ये पूछूँ कि तुम मुझसे बार बार ये रिकॉर्ड देखने की सब क्यों करती हूँ? तब तुम कहता हूँ रजिया एकदम सहन कर चुप हो गई तो पिछले छह महीने में दर्जनों बार घुमा फिराकर हैदरअली से रिकॉर्ड दिखाने की जब्त कर चुकी थी । लेकिन हैदरअली हर बार उसकी पार्ट आ जाता था । ठीक है मत देखो ऍम ये बताओ ऍसे बचाने के लिए इस बार सुल्तान फौजी को कहाँ शिफ्ट किया जा रहा है । ये राज भी आज की तारीख में कोई नहीं जानता । क्यों पूरी तरह से क्योंकि उसके दिमाग में समर्थ अस्थमा का हुआ । दरअसल अभी तक हम लोगों के साथ एक बडी अजीब तरह की वारदात हो रही थी । अगर वो ना हम लोग आॅर्डर के अंदर बैठकर जी योजना बनाते थे । योजना न जाने किस तरह लीक होकर कमांडर तक पहुंच जाती थी इसलिए करना चाहता नहीं । इस बार थोडी सावधानी बरती और मीटिंग में ये बात डिस्कस करने के बजाय तो सुल्तान फौजी को कहाँ शिफ्ट करना है । उन्होंने बहुत ही बहुत फाइनल कर ली । यानी आज की तारीख में ये बात सिर्फ करना चाहती जानते हैं रजिया हालत से बोले ऍम फौजी को इस पर कॅश किया गया है बिल्कुल और अगर करना चाहत के अलावा कुछ और लोग भी रात जानते हैं तो ये बात भी सिर्फ करना चाहते । कोई मालूम है वहाँ गई हैं । इससे तो साफ जाहिर की करना साहब ने इस पर काफी सावधानी पडती है । अब रजिया के शरीर नहीं झुरझुरी दौडेंगे और जब इतनी सावधानी बरती है तो घंटे इस बार सुल्तान फौजी को किसी बहुत समर दस जगह शिफ्ट किया गया होगा । लगता तो अच्छा ही है । फॅमिली बोला ताकि आने वाले दिनों में पता चलेगा कि क्या हुआ है । उसके बाद हैदर अली ने बिस्तर छोड दिया था । कपडे पहनने के बाद वो एक कुर्सी पर बैठ गया और उस दिन का अखबार पडने लगा । दोनों तरफ से एक बार फिर अपनी अपनी चाल चली जानी शुरू हो गयी । सुल्तान फौजी को उसी दिन रातो रात को जेल के अंदर शिफ्ट कर दिया गया था । सुल्तान फौजी उस क्षण हद से ज्यादा घबराया हुआ था । उसका चेहरा पीला सर था और दिलो दिमाग पर कमांडर के दहशत पूरी तरह हावी थी । रात को उस वक्त तो बज रहे थे जब सुल्तान फौजी को वहाँ शिफ्ट किया गया ऍम उसे अपनी कार की डिक्की में किसी बोले की तरह बंद कर दिया था और फिर खुद कार चलता गांव से लेकर मिलिट्री चेंज पहुंचा । वहाँ हसन साबरी उसका पहले से ही इंतजार कर रहा था । फॅमिली लगभग चालीस पैंतालीस साल का एक बडे प्रभावशाली व्यक्तित्व का आदमी किस उम्र में ही उसके बाल एकदम संजय से सफेद थे । फॅमिली आंखों पर हमेशा गहरे काले रंग का चश्मा चढाए रहता था, ऍम था और पडा फुर्तीला आदमी था । मूॅग उपजेल भी उसी की परिकल्पना थी इसलिए उसे ढील भी वही करता था । अनुसर असम साबरी ने कर्नल लास्ट को देखते ही साॅस उसे हमेशा ठीक कर बोलने की आदत थी । ऍम हमारे लिए ना एक कैदी लाया हूँ जो कैदी न होते हुए भी तुम्हारा कैदी होगा । इसलिए साथ थोडे दिन के लिए तुम्हारे मुश्किल आप कुछ बढ जाएगी तो सर ऐसी कोई बात नहीं । असम सावरी फिर मिलिट्री मैन की तरह सीखा बल्कि मेरे लिए गर्व की बात अाॅयल पर यकीन किया और मुझे जब पक्षी मैं अपनी जान की बाजी लगाकर सुल्तान पहुँची के पास अब करूंगा । भाॅति हाँ, तुम सही तरह के तहत की उम्मीद है । उसके बाद सुल्तान फौजी को कार की टिक्की से निकालकर बैंकों के पीछे ले जाया गया । वहाँ हरे रंग के एक हेलीकॉप्टर में हसन साबरी सुल्तान फौजी के साथ बैठा है । फिर जल्दी हेलीकॉप्टर तालाब के ऊपर मंडराने लगा उस तालाब के ऊपर जिसमें इस वक्त मगर बच्चे और ऍम करते हुए इधर उधर विचरन कर रहे थे । उस जानवरों को देखते ही फॅमिली धूप हो गयी । रिमोट कंट्रोल की सहायता से शॅल उसका दरवाजा खोला गया और उसके पास सुल्तान फौजी कोसना उतार दिया गया था । उस चमत्कारिक जेल ने पहले की तरह ही चल समाधि ले नहीं मगर मच और तो बस पहले की तरह ही सोच जोर से तो करते हुए हैं । इधर से उधर विचरन करने लगे । अब सब उस तालाब को देख कर कोई नहीं कह सकता था कि उसके नीचे वो जेल भी है । वहाँ गई ऍम ना? जवाब था बेहद लाजवाब । सुल्तान फौजी को वहाँ शिफ्ट हुए अब सात घंटे गुजर चुके थे । सात घंटे पर बडे भारी कुछ रहेंगे । हालांकि शीर्ष इक्कीस जेल के अंदर लेने के लिए मिस्टर का फुल इंतजाम था । लेकिन क्या मजाल जो सलमान को जेल के अंदर एक पल के लिए भी नहीं होगा । उसके चार रुपये पानी की पानी था । इसमें तैरते बडे खतरनाक मगर मच ऑक्टोपस और केकडे उस को साफ नजर आ रहे थे । सुल्तान फौजी को ऐसा लगा बारह पानी के अंदर चांदों के बीच बैठा हूँ और शक्ति किया था । वो अंदर हूँ, जानवरों के बीच था फिर उसी ऍम फौजी की चंद ही हालत में आपसी जब एक मगर बस करता हूँ । उसके नजदीक आया और फिर अपना हत्याका भडकर सुल्तान फौजी के ऊपर चढने की कोशिश करने लगा । कहाँ गया हूँ जिसमें ऐसा कोई वो नहीं था जो स्तर को देखकर खडा ना हो गया हूँ । क्या इस वक्त कार ड्राइव कर रही थी कर किस पीट्रीयस लोग कमांडर उसके बराबर में बैठा था । वहीं वीरान सडक थी जहाँ वो दोनों पहले भी एक बार नहीं चुके थे । हमला काफी पेचीदा होता जा रहा है । कमांडर ऍम के पार सडक को देखते हुए राॅड ऍम किया गया है कि बात अब हैदर अली भी नहीं जानता है क्यूँ ऍम चौका तो बडा अफसर है इसमें कोई शक नहीं कि वह बडा ऍम मैंने बताया मामले में काफी पीछे मोड ले लिया है कर्नल नासिर को इस बात कश्यप हो गया है कि वह आईएसआई क्वार्टर में बैठकर जो सीक्रेट लाइन बनाता है कोई उन्हें देख कर के कमांडर तक पहुंचा देता है । वो जी तो बडी खतरनाक खबर है । कमांडर करन सक्सेना शरीर में झुरझुरी दौडी खतरनाक खबर है । पिछले कर्नल ने इस बार पडे से पडे ऑफिसर को भी ये बात नहीं बताई कि सुल्तान फौजी को कहाँ शिफ्ट किया गया है । यही वजह है कि हैदर भी इस बारे में कुछ नहीं जानता हूँ क्या नहीं करना नासिर सुल्तान फौजी को बचाने के लिए अब पूरी तरह अपने दिमाग का इस्तेमाल कर रहा है । बिल्कुल रजिया की गर्दन भी सहमती मिलेंगे । ठीक है कोई बात नहीं । मगर मगर अब तो उस जगह किस तरह पता लगाओ कमांडर जहाँ उसको शिफ्ट किया गया है । रजिया के चेहरे पर अच्छा इसके भाव नमूदार हुए थे । चिंता मत करो उस ठिकाने का एड्रैस पता लगाने की मैं कोई ना कोई तार की तलाशी हुआ । कैसी लगी देखती जाओ कमांडर को सोचने से बोला था मेरा ये वादा जरूर है कि बहुत जल्द मुझे उस ठिकाने का पता चल जाएगा । पर कार्य हीरो रचार्इ । फौरन कार के ब्रेक अप्लाई कर दिए । तुरंत पहले सडक पर कर सकते चले गए । ऍम सरकार का दरवाजा खोलकर बाहर निकला । पहुंच चल बहुत जल्द शायद मेरी तुमसे फिर मुलाकात होने वाली है । कमांडर बडा शायद आज ही कुछ घंटे बाद मुझे तुम्हारी हेल्थ की जरूरत पड सकती है । अगर ये बात है तो तुम्हारी मदद कर के मुझे बहुत खुशी होगी । ऍम शायद तुम्हारे काम आएगा क्या? हैदर आज सुबह ही पहुंच के काम के सिलसिले में लाहौर चला गया है हूँ, आपका वापस आएगा । इसलिए जरूरत पडने पर कम से कम आज तुम मुझे ट्रांसमीटर पर संबंध स्थापित कर सकते हो । अच्छी बात है की शिक्षा देकर तुम्हें काफी ठीक किया । आज बारह बजे के आस पास में रिकॉर्ड का इंतजार करना है । ठीक है मुझे इंतजार रहेगा । उसके बाद कमांडर करन सक्सेना लंबे लंबे डग रखता हुआ अपनी मंजिल की तरफ पड गया । सुबह के नौ बज रहे थे जब हसन साबरी हेलीकॉप्टर में बैठकर उठता हुआ तालाब के ऊपर पहुंचा और उसने शीशे कि उसको जेल को तालाब से बाहर निकाला । उस वक्त सुल्तान फौजी है खेल के बिल्कुल बीचोबीच चूहे की तरफ से थोडा बैठा था और उसकी दहशत से पूरी हालत थी जो आपने कभी बडे बडे धुरंधर पुलिसवालों से नहीं करा था । ऍम कर दी थी । कॅश बैठा बैठा अपनी आदत के मुताबिक फॅमिली की तरह के ऊपर छक्का और चला रहे यहाँ तो मेरी माँ बहन एक हुई पडी है । उसके बाद क्या मतलब? फॅमिली चौका और फिर पहले की तरह चलता हूँ तो मैं भी नहीं आई । ध्यान नहीं जा रही है । फॅमिली को सवाल पर सुल्तान फौजी और चला उठा । इससे हिंदू में नहीं जा रही है कि तुम ने जेल बनाई है या दो जन बनाई है । हर पल ऐसा लगता है कि इन खतरनाक जानवर उन्हें अब थोडा थोडा फॅार मुझे हमारे यहाँ हमारे यहाँ रहकर मैं जरूर मर जाऊंगा तो मैं कुछ नहीं होगा । फौजी कुछ नहीं होगा ऍम तुम्हारे लिए सबसे ज्यादा मैं पूछ रहे हैं । अरे बाढ में गई मैं पूछ गए । ऍम सक्सेना से बचने के लिए यहाँ आया था लेकिन यहाँ तो मेरे आस पास कई सारे कमांडर है । सन साबरी हसने लगा सफेद बाल और ऍम काफी आकर्षक नजर आता था । बहुत तुम्हारी बात आवासी को अच्छी तरह समझ सकता हूँ । फौजी शमसाबरी हेलीकॉप्टर उडता हुआ ऊंची आवाज में बोला ऍम करूँ उन में से कोई भी कमांडर तुम तक पहुंच नहीं पाएगा बिल्कुल उसी तरह जिस तरह शीर्षक इसको जेल के अंदर रहते हुए असरी कमांडर तुम तक नहीं पहुंच सकता हूँ मुझे फिर भी जहाँ नहीं रहना सुल्तान फौजी ने आर्तनाद क्या मुझे यहाँ से निकाला? ऍम फौजी पूरा पाकिस्तान में तुम्हारे लिए से ज्यादा मैं पूछ और कोई नहीं है सर, कुछ घंटे और उसको जेल के अंदर गुजारा हो गई तो मैं इन खतरनाक जानवरों के बीच रहने की आदत पड जाएगी । एक बात तो यकीन देखो मगर मच और अपने ऊपर शीशे के केबिन, सच्चाई कितनी टक्कर और हमारे लेकिन ना ये शीशे के केबिन को हिला सकते हैं और तोड सकते हैं । फिर भी सुल्तान फौजी उसी एक बात को रखता रहा कि उसे शीर्षक की कुछ जेल से निकाला जाए, वहाँ से निकाला जाए । असम साबरी के काफी समझाने बुझाने के बहुत शांत हुआ । ये कहने के बाद शांत हुआ कि अगर उसे शाम तक भी उन जानवरों के बीच ऐसा ही डर लगता है तो फिर उसे वहाँ से निकालने के बारे में कुछ सोचा जाएगा । उसके बाद फसल साबरी ने नाचने का पैकेट खेल के अंदर डाला था और फिर जेल को वापस पहले की तरह तालाब की सतह से नीचे पहुंचा दिया गया । हेलीकॉप्टर भी उन्हें हवा में पर वास करने लगा था । हूँ फॅार के साथ हंगामा, शुरू हुआ ऐसा समर्थक हैदराबाद जो किसी के भी दिमाग की नसों को पूरी तरह समझो डालेंगे ऍम क्योंकि रात साढे तीन बजे मिस्टर पढा कर लेता था इसलिए सुबह उसकी काफी देर से आंखें खोली । लेकिन आप खोलने के बाद ही कर्नल के साथ तो बेहद अच्छी खेल शुरू हो गया जिसकी एक एक बार चौका देने वाली थी । कर्नल ने अभी बिस्तर भी नहीं छोडा था कि तभी कोठी का वॉच में लगभग ऍम में आया । उसके चेहरे पर हडबडाहट के निशान थे और चौका हुआ था । सब साफ पहुंॅच क्या हुआ सब अभी अभी एक बडी अजीब घटना घटी है । वॉचमैन बोला मैं कोठी के लॉन में पहरा दे रहा था साहब की तभी धडाम से एक मोटा पत्थर मेरे नजदीक आकर गिरा । ये देखो सब ये ये वो पत्थर है । सिर्फ से पत्थरी मेरे पास आकर गिरा होता तब भी कोई बात नहीं थी लेकिन इस पत्थर के ऊपर रबर बैंड से कागज भी चढा हुआ है । इसके ऊपर लिखा है । किस किस को सिर्फ आप ही खोलकर पडेगा ऍम खबर सुनते ही कर्नल नासिर एक तो बिस्तर सोच चलकर खडा हो गया । फिर उसने लगभग झपट कर वो बचपन के हाथ से वो पत्थर छीन लिया और उसके ऊपर लेकिन जब पडेगी वहाँ वाकई वहीं बात की थी तो वो कह रहा था पत्थर पर राॅकी ऊपर लिखा था इस कागज को सिर्फ कर्नल नासिर ही खुलकर पडेंगे । ऍम हटाया और पत्थर पर जबकि कागज कॉल किया ऍम उसके दिमाग में समर्थन स्पोर्ट हो गया । उसका अगस्त के अंदर और भी ज्यादा धमाकेदार बातें लिखी हुई थी । कॅश सच तुम्हारा धमाकेदार देने को दिल चाहता है । हमने सुल्तान फौजी को इस बार ऐसी जब जगह छुपाया है जहाँ उसके छिपे होने की कोई कल्पना भी ना कर सके । फिर उस जगह को पूरी तरह से गुप्त भी रखा है लेकिन मेरा नाम भी कमांडर करन सक्सेना ऍम मुझे जगह के बारे में पता चल चुका है और आप सुजॅय जी के मरने के बारे हैं ऍम सिर्फ आधा घंटे में उसकी लाश हमारे सामने होगी । अलविदा तुम्हारा दुश्मन दवा अंडर तरह साॅस उस पत्र पड रही पसीनों में नहीं गया करना ऍम नहीं, नहीं ऐसा नहीं हो सकता । ऍम बारे में पता चल ही नहीं सकता । अभी करना ना सिर्फ आप से ऊपर भी नहीं पाया था कि तभी उसका तबादलें हथौडे की एक और भयंकर जो पडेगी । इस बारे दूसरा गार्ड चेहरे पर समर्थन स्पोर्ट्स के भाव लिए हुए भीतर आया । सब वही बोला सर, मैं अभी थोडी देर पहले चीप लेकर छोटी से बाहर गया था । कुछ रसोई का कुछ सामान लाना था । रास्ते में कैसी भी कोई घटना नहीं घटी है । लेकिन जब मैं वापस आया और मैंने जी कोठी के लॉन में खडी की और बीचो तरह उसी पल का एक मेरी नजर जीत के पीछे जबकि एक लिफाफे पर पडेगी कर्नल के नेत्र कौतूहलता से पहले क्या सर? वो सफेद रंग का लिखा हुआ था और उस जगह वो टेप से चिपका था । इतना ही नहीं उस सफेद लिफाफे के ऊपर एक बडी अजीबो गरीब पात्र की थी क्या कर्नल कॅर पड गया? लिफाफे पर लिखा था उसे सिर्फ आप ही खोले फाॅलो की तरह चला उठा, जल्दी दिखाओ मुझे चल रही कार्ड तुरंत एक सफेद लिफाफा कर्नल की तरफ बढा दिया करे । लेकिन ने कहा है सबसे पहले लिफाफे के ऊपर पडी काॅलर को सब फ्रेंड्स हैं, सिर्फ वही खोलेंगे । कर्नल आनंद फाइनल में उसमें फंसे का सिरा भाडा और जल्दी से उसके अंदर का कागज बाहर निकाला । उसका आदर्श पर तो पंक्तियां लिखी थी आधा घंटा सुल्तान को मरने सिर्फ आधा घंटा है । ऍम सक्सेना ऍम को बढते ही फॅमिली लगभग हो गया करना । वहीं रखी कुर्सी पर हम से बैठ और जोर जोर से हंसने लगा । उसकी हालत उस मरीज जैसी हो रही थी जिससे बस ऍफ का दौरा पडने ही वाला हो । उसके नेत्र हद दर्जे तक फट चुके थे और शरीर से पसीना इस तरह कह रहा था जैसे किसी ने नल खोल दिया हूँ । उसी यकीन नहीं आ रहा था । वो विश्वास नहीं कर पा रहा था कि कमांडर करन सक्सेना को वाकई सबकुछ मानव हो गया है । तभी एक और बच्चे पाल ऍम माहौल देख किस तरह से बजे फॅार उठाया । फिर वो आंदोलन क्लाॅक फॉलो करना तुरंत कोई जोर से खिलखिलाकर ऐसा कैसे हो? करनाल ऍम ऍम कुछ लाल अपना दुश्मन को नहीं पहचाना करना । मैं कमांडर करन सक्सेना कमांडर करना नौ से पसीने पर कुछ ऐसा बडा और चौथा पश्चिमों में लगभग होगा समाज तुम्हारी क्या हालत हो रही है इसका अंदाजा अच्छी तरह से लगा सकता हूँ । मैं जानता हूँ तुम पसीने में लगभग हो रहे हो तो दिल गिरफ्तार बढ गयी होगी तो मैं मुझे किस लिए फोन किया है करना ऍम था क्या चाहते हो मैं तो मैं ये बताना चाहता हूँ तो सुल्तान फौजी का तुमने साथ बडों के पीछे छिपा है उसे खोज निकाला और आप एक घंटे बाद उमर जाएगा ठीक है कहाँ था घंटे बाद दम पागल हो गए हो तुम्हारे दिमाग की नसें हिल गयी ऍम काॅपर पटक दिया । फिर वो उस समय साल की तरह हाफने लगा उसकी आंखें आप बोल रही थी क्या बात है तभी वॉचमैन आगे बढा कि कौन आदमी है जो आपको बार बार परेशान कर रहा है । चले जाओ ऍम लेकिन सुना नहीं सुना नहीं तो मैं इस वक्त हमारे किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहता हूँ । ऍफ कार्ड और पहुंच गए तो तू चुप चाप एक रूम से बाहर निकल गई कलॅर अब अपना शरीर ढीला छोड दिया और बंद कर लेगी । हालत वाकई काफी संगीन होते जा रहे थे । कर्नल नासिर कितने ही देर तक आंखे बंद किए, ठंडे दिमाग से तमाम हालातों पर कौन करता रहा । कुछ देर तक सूचने विचार ने के बाद कर्नल ने टेलीफोन अपनी तरफ खींचा और फिर कोई नंबर डायल किया और अब ऍम क्या सर तुरंत दूसरी तरफ से बडी तब पर आवाज आएगी । मुझे फॅमिली से बात करूँ फॅार आप दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति हर बडा था ऍम मैं आपको बताता हूँ कोई बात नहीं फिर पूरा एक मिनट भी नहीं लगा । हसन साबरी लाइन पर आ गया क्या बात है सर असम साबरी आदत के मुताबिक चिपका हुआ बोला आपने कैसे फोन के असर ऍम ऍम फॅसा दिया है । लेकिन बात क्या है सर एक बडी जबरदस्त गडबड हो चुकी हसन करना से बडे नपे तुले शब्दों में बोला । कमांडर करण को ये राज पता चल चुका है कि हमने सुल्तान फौजी कोशिशें की उसको जेल में शिफ्ट किया है जो तालाब के नीचे बनी हुई है या क्या कह रहे फॅमिली के मुझे चीज खारिज हुई । लेकिन आपको ये बात कैसे पता चलेगा? थोडी देर पहले ही कमांडर का फोन आया था । उसने मुझे धमकी दी है कि वो आधे घंटे के अंदर अंदर सुल्तान की हत्या कर देगा । पिछले तुम फौरन पूरी फॅमिली बडा दो जवानों को आदेश दे दो की कुछ घंटे तक किसी भी अजनबी को जेल के भीतर न जाने दिया जाए । पूरी चेल को एक मजबूत किले में बदल दो ऍम किसी भी हालत नहीं सुनता हूँ तक नहीं पहुंचा चाहिए । आप ऍम करता हूँ कारण सक्सेना किसी भी हालत में सुल्तान तक नहीं पहुंच पाएगा । ऍम फिर करना नजर नहीं थोडे ऍम पर रखा हूँ लेकिन अंदर ही अंदर तेल उसका अभी भी धडक रहा था । उस को नहीं जानता था कि कमांडर करन सक्सेना उसके साथ कितना बडा खेल खेल रहा था । दरअसल कमांडर उस वक्त कर्नल नासिर की कोठी के पास ही था और टेलीफोन तो स्पोर्ट पर चढा हुआ था जहाँ से टेलीफोन के लाइन कर्नल नासिर की कोठी के अंदर गई । इतना ही नहीं उसके टेलीफोन का कनेक्शन फोन पर चढने के बाद काॅन्सेप्ट छोड दिया था । यही वजह थी कि अभी अभी कर्नल लाॅरी कि टेलीफोन पर जो बातचीत हुई थी उस बातचीत को कमांडर करन ने कुछ अब सब सुना था । पहले तो नहीं जानता था की सुल्तान कहा है लेकिन जान चुका था । होती झूझना पर बेहद खुश होता हुआ तो काफी तेजी के साथ बोल से नीचे उतर गया और फिर अपने होटल की तरह पडा । आधा घंटे बाद सुल्तान फौजी की हत्या करने का उसका कोई प्लान नहीं था । अभी उसमें कुछ और काम निपटाने थे और काफी तेजी से निपटाने थे । होटल के अपने कमरे में पहुंचते हैं । उसमें सबसे पहले रजिया से संपर्क स्थापित किया तो जल्दी पहुंचना गया । कमांडर काॅपर बोला मुझे पता चल चुका है कि सुल्तान फौजी कहाँ किया गया है । घाषित किया गया है । राॅ पूर्वक पूछा यहाँ सब डिटेल में बताता हूँ ऍम मुझे एक और काम करना है जिसमें हमारी हेल्प की जरूरत है । ठीक है मैं अभी तुम्हारे होटल पहुंचती हूँ ऍफ कर दिया ।

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सुलतान फौजी - एक कश्मीरी आतंकवादी। उसने मुम्बई में एक बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया, जिसमें सैंकड़ों निर्दोष शहरी मारे गये। सुलतान फौजी पकड़ा गया। एक ऐतिहासिक फैसले में उसे 26 जनवरी के दिन फाँसी की सजा दी जानी थी, ताकि पूरी दुनिया देखती कि हम देशद्रोहियों के साथ क्या करते हैं। लेकिन उससे पहले ही सुलतान फौजी जेल तोड़कर पाकिस्तान भाग निकला। तब यह मिशन सौंपा गया कमांडर करण सक्सेना को। कमांडर- जिसने सुलतान फौजी को पाकिस्तान में ही घुसकर मारा। वहीं अपने हाथों से फाँसी की सजा दी उसे।
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