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सर्जिकल स्ट्राइक -13

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सुलतान फौजी - एक कश्मीरी आतंकवादी। उसने मुम्बई में एक बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया, जिसमें सैंकड़ों निर्दोष शहरी मारे गये। सुलतान फौजी पकड़ा गया। एक ऐतिहासिक फैसले में उसे 26 जनवरी के दिन फाँसी की सजा दी जानी थी, ताकि पूरी दुनिया देखती कि हम देशद्रोहियों के साथ क्या करते हैं। लेकिन उससे पहले ही सुलतान फौजी जेल तोड़कर पाकिस्तान भाग निकला। तब यह मिशन सौंपा गया कमांडर करण सक्सेना को। कमांडर- जिसने सुलतान फौजी को पाकिस्तान में ही घुसकर मारा। वहीं अपने हाथों से फाँसी की सजा दी उसे।
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हरी लेना अभी भी फटी फटी नजरों से कमांडर करन सक्सेना को ही देख रहा था । जिससे किसी अच्छे को देख रहा हूँ । जब फॅमिली कोठी के अंदर घुस गया था और क्या ये बात भी सही नहीं है कि कमांडर को ये राज बात हो गया है कि सुल्तान फौजी एयरफोर्स रिकॉर्डर में है हूँ इस बात का सबसे बडा सबूत के है फॅमिली । ये बात बहुत कमांडर करन सक्सेना बोल रहा है तो मुझे यहाँ से लेकर आया हूँ । खलील अहमद कॅश खडा था तो तुम नाॅक किया है तो हमारा सबसे बडा बडा ये है कि तुम एयरफोर्स सबसे बडे अधिकारी हूँ । उस एयरफोर्स के जिसके हेड क्वार्टर में फौजी को छुपाया गया है तो मैं क्या कर सकता हूँ ये आॅन फॅलस्वरूप कर्नल का । लेकिन अब संकट के घेरे में तुम फस गए हो । खाली कमांडर करन सक्सेना चाहिए साहब की तरफ करता बोला मैं ये रात जरूर जानता हूँ कि सुल्तान फौजी को एयर फाॅर्स पाया गया है लेकिन अपीलकी राज नहीं जानता तो उसे वहाँ किस हॉल में छुपाया गया है और स्कूल के चारों तरफ क्या सिक्योरिटी अब हिरात तुम मुझे बताओगे इसीलिए मैं तुम्हें इस वीरान इलाके में लेकर आया हूँ । हलील अहमद की दहशत और बढेगा नहीं । फॅमिली के बारे में कुछ नहीं बताऊंगा तो मैं बताना होगा नहीं । उसी पर रिवॉल्वर उसकी पसलियों से हटकर चान के पास पहुंची । फॅमिली और तुरंत वहाँ से फल फल खून रहने लगा । मुझे उस हॉल के बारे में जानकारी चाहिए । ऍम पूरी जानकारी कमांडर करन सब सारा साक्षा दरिंदा बन चुका था और जानकारी तुम ही मुझे हो गए ऍम होनी चाहिए । इस बार गोली खलील अहमद दूसरी चंद ऍम हमारी जिंदगी के मेरे लिए कोई मायने नहीं । आॅर्डर जुनून विक्षिप्तों की तरह बडा मायने नहीं है । तो अगर मुझे जानकारी दिए बिना मर भी गए तब भी मुझे कोई चिंता रही तो फिर मैं एयरफोर्स किसी दूसरे बडे अधिकारी का कितना करूंगा । उसे भी इसी तरह से टॉर्चर करूंगा और ये सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक कोई अधिकारी टूट नहीं जाता हूँ । मुझे सब कुछ पता नहीं देता है और पता तो वहाँ नाम जरूर खाना का शहीदों में दर्द हो जाएगा । चलिए बडा तो मुझे कॉल के बारे में बता रहे हो या नहीं नहीं है उस पर कोई खाली लाॅट के ऊपर । फिर उसका शरीर खून में लथपथ होता जा रहा था । ऍम कहना बन चुका था डाॅन टूटता जा रहा है । उस पॅन ठीक है उस जगह की जहाँ तेल होता है । अब उसकी उम्र घर की तरफ दौडी ऍम तो फॅमिली के बारे में बताओ ऍम आतंकित होकर बोला फॅस ऍम मैंने सुना है कि सब इकट्ठा उसके चारों तरफ ऐसी जबरदस्त सिक्योरिटी है कि जो भी आदमी उस टिकिट हाउस में जाने की कोशिश करेगा वो मारा जाएगा तो बिल्कुल ठीक सुना है । तो मैं फॅमिली अहमद एक्सॅन पता चला गया ऍम चारों तरफ बने सभी चार हलों के बारे में बताया । उनके काले सफेद खानों के बारे में बताया और भी बताया कि काले खाने पर पैर रखने से क्या होता है और सफेद खाने पर पैर रखने से क्या होता है । सिक्योरिटी वाकई अद्भुत थे । कमांडर करन सक्सेना भी उस सिक्योरिटी के बारे में जानकर हैरान रह गया । अब कमांडर करन सक्सेना खलील अहमद के शरीर से थोडा पीछे हो हुआ था और उसके सीधे साॅल्वर भी हटा ली थी । फॅमिली इसमें कोई शक नहीं कि आईएसआई ने इस बार सुल्तान फौजी को एक राज्यवाद जगह बंद किया है । कोई बात नहीं तो मुझे ये बताओ कि उन काले सफेद खानों को पार करके किस तरह सीक्रेट हाउस तक पहुंचा जाएगा । देखो कि राज्य मैं भी नहीं जानता हूँ । खलील अहमद ने कपडे स्वर्ग कहा तो फॅमिली गए थे नहीं, झूठ नहीं बोल रहा । मेरी बात का यकीन करो एयरफोर्स क्वार्टर में सिगरेट हाँ उसका डिपार्टमेंट बिलकुल अलग है । एयर चीफ मार्शल हर पांच साल बाद बदल जाते हैं जब किसी हाउस का डिपार्टमेंट कभी नहीं बदलता है । एक बार जिस आदमी सीक्रेट हाउस के खास दस्ते में ड्यूटी लग जाती है, तमाम उम्र उसी दस्ते में लगी रहती है और इसी वजह से सीक्रेसी बनाए रखने के लिए रास्ते किसी दूसरे आदमी को कभी नहीं बताया जाता तो मुझे बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हो । नहीं वहाँ पे कुछ नहीं बना रहा है । ऐसा नहीं हो सकता । ऍफ ना हो की इस सच है और ये कोई मामूली राज नहीं । कमांडर कमांडर करन सक्सेना की आंखें भर अक्रोशित रखने लगे । उसने फिर बॉलर खलील अहमद किसी ने पढती है तो तुम मुझे इस राज के बारे में कुछ नहीं बताओगे । ऍम मुझे अगर होता तो मैं जरूर बता था । डाॅन उसके चेहरे की मांसपेशियां हो गई तो हमारे लिए आप फ्री मौका है । खाली लेहमान तो खलील अहमद के चेहरे से पसीने की धारें बहन की जल्दी फैसला करो । उसी पल खट्टा घंटे कमांडर को सख्त कदम उठाता । उससे पहले हैं । उस वीरान सडक पर रात के अंधेरे में तक नमूदार हुआ था ही सो डाॅन बजाया । उनकी आवाज सुनते ही कमांडर करुँगा । ध्यान हुआ उसने तेजी से गर्दन घुमाकर ट्रक की दिशा में देखा । मुश्किल से एक सेकंड का मौका मिला । खलील अहमद को उत्तान भरकर एकदम हवा नजला और उसके फॅमिली सीट पर लड गया । वो समझता हूँ उससे पहले ही खलील अहमद ऍम और फुर्ती के साथ बाहर सडक पर छलांग लगा दी । लेकिन भारी वो कमांडर करन सक्सेना के ठंड से निकल कर फरार हो पाता । उससे पहले ही तूफानी गति से दौडते ट्रक उसके सिर पर आ गया था । और हूँ हलील अहमद कि एक अत्यंत कष्टप्रद और करूणामयी जी फॅमिली और फिर कुश्ती ही चली गई । सडक एक दम खून में नहीं गई थी । हलील अहमद का भेजा निकल कर बाहर जाते हैं ऍम तेहत हताश अंदाज में हलील अहमद कि सडक से जब की लाश को देखा और फिर हम से वहीं कार किसी पर बैठ गया । रजिया जल्दी जल्दी हैदर अली के लिए नाश्ता तैयार करने में जुटी थी । फ्राइपैन के अंदर ऑमलेट पडा था । इसकी छनछन की आवाज ब्रेक किचन में घूम रही थी । हैदर अली आनंद खाना तैयार हो रहा था लेकिन आज कुछ ज्यादा ही शरारत के मूड में था । शायद इसीलिए तो पूरी तरह तैयार होने के बाद किशन में जाता हूँ और कुछ नहीं । उसने रजिया को अपनी बाहों में भर लिया क्या कर रहे हो राॅयल जाएगा हम इतनी आसानी से छोडने वाले काॅलिंग असर हम पठान पट्ठा हैदर अली ने उसे और ऍम उसके ऍम लगता है हम सुबह सुबह पागल हो गए ऍम परेशान किया तो दिन निकलता था शुरू हो गए तो चीज ही ऐसी अवॅार्ड से बालों के लडके उसके चेहरे से पीछे सरकार जितना तो मैं हासिल करता हूँ उतने ही मेरी भूख पड जाती है और फिर बढती ही चली जाती है । अगर तुम्हारा यही हाल रहा ना तो वो दिन दूर नहीं जब तुम एक पागल हो जाओगे । अगर हम तुम्हारे प्यार में पागल हुये ये भी हमारी किस्मत ही होगी । जनाब ठीक हैं । अब शायरी भी करने लगे । रजिया जबरदस्ती इसकी बहुत शिकंजे से आजाद हुई ॅ होना क्या चिपके जा रहे हो? रजिया ने फॅमिली को पलट दिया । अच्छा चाहिए तो ऑमलेट हम से ज्यादा कीमती हो गया ॅरियर बाहों में भर लेना चाहा तभी घटना घटी । रजिया को खडे खडे जोर से उपर आई आई उसने जल्दी से फॅमिली को धक्का देकर लगभग तोडती हुई ऍम के करीब पहुंचे । वहां पहुंचने इसमें थोडा घर दो पडी पडी उल्टियाँ करते हैं ऍम छूट गए अभी तक जहाँ वो मजाक के मूड में था । रजिया की हालत देखते ही परेशान हो उठा जबकि उल्टियाँ करने के बाद रजिया के हाथ पर एक दम से लटक गए थे और काफी बीमार नजर आने लगी थी । हैदर में उसे गोद में उठा लिया और स्तर पर ले जा कर लेता हूँ मैं अभी डॉक्टर को फोन करता हूँ नहीं ऍम हाथ पकड लिया । मैंने कहा नहीं क्यों नहीं देख नहीं रही तुम्हारी कितनी बुरी हालत हो गई है । पहले कभी तो इस तरीके क्या नहीं । मैं डॉक्टर को बुलाता हूँ । अगर हो मैंने कहा ना डॉक्टर की कोई जरूरत नहीं है क्यों जरूरत नहीं ऍम उसने शर्म से बल्कि झुका ली और मुस्कराते हुए अपने पेट पर हाथ फेरा । अभी भी नहीं समझे क्या नहीं समझा हो तो हूॅं नाक पकडकर राई और ट्रस्ट उसके सीएसटी पड गई । फिर हस्ती हुई अभी तक मैं मजाक कर रही थी कि तुम पागल हो लेकिन तो गुस्सा कुछ पागल हूँ । एक दम बहुत हो । उसने सोर से हैदर अली की पीठ पर मुक्का जमाना ॅ लेकिन हुआ क्या? महारानी साहिबा कुछ इस बॅाल को पता तो चले ऍम फॅमिली के नेतृत्व नंबर से फिर गए सच फिर ऍसे अपनी बाहों में भर लिया और फिर आनंद खान अपने कपडे उतारने लगा । हरी चाह कर रहे हो ऍम क्या कर रहे हो? अपने आप को शबाशी दे रहा हूँ । फॅमिली में हाथ घुमा कर अपनी पीठ होगी अगर मैंने ऐसा पानी पूरी से भरा कारनामा अंजाम दे दिया । इसी खुशी से हम दोनों के बीच ऍम और हो जाए । फिर वही हरकत रजिया ने उसकी तरफ आखिर रही और ऍम फिर वहीं पहुंच गए । मालूम है एक मैं कल लेडी डॉक्टर से मिली थी और उसने मुझे हिदायत दिए कि अभी बच्चे की पोजीशन के बारे में ठीक से कुछ भी नहीं कहा जा सकता है । इसलिए मैं थोडे दिन तुमसे पूरा पढना हो सकता है तो वहाँ ऍम हाँ कितने दिन दूर रहना होगा? मुझे तुमसे कम से कम पंद्रह दिन या फिर एक महीना भी क्या बनना है? इसमें मेरा क्या होगा? कुछ नहीं होगा । इतने दिन जंग के मैदान में शांति होगी । कोई तो नहीं चलेगी, कोई राइफल नहीं कर जाएगी कोई बंदी नहीं छूटेगा पर सब कुछ अच्छा ही अच्छा होगा । चलो अब अपनी शवान खोपडी में भी कुछ अच्छे खयाल लेकर आओ । करना ना करूँ वो किचन में रख ठंडा हो रहा है । रजिया तीस तेज कदमों से किशन की तरफ पड गई एयर चीफ मार्शल हलील अहमद कि बहुत नहीं पर फिर पूरे इस्लामाबाद को झंझोड डाला । कमांडर के इस्लामाबाद पहुंचने के बाद से जो बिजली के झटके वहाँ के ऑफिस इसको लग रहे थे वो झटके लगने अभी भी जारी थे । एक हंगामा काम नहीं होता था उससे पहले कोई नया घटना तहलका मचा डाल दिए । हाली अहमद की मौत का समाचार वहाँ के ऑफिसर्स को सुबह के चार बजे मिला जब उसी रास्ते से दूध लेकर आती ऍम के ड्राइवर में पुलिस स्टेशन में इस बात की सूचना दी । इस रास्ते पर सडक बिलकुल जो भी एक आप भी कुछ पडा है उसके पास ही लाल बत्ती की कार भी खडी है । ऍम खतरे की घंटियां बज गए पुलिसकर्मियों के दिमाग में फिर जानकारियों ने पहले से ही थी कि एयर चीफ मार्शल के बॉडीगार्ड रात से ही उन्हें ढूंढते पढ रहे हैं क्योंकि रात के ग्यारह बजे एयर चीफ मार्शल आॅल्टर में जाने के लिए निकले थे जहाँ वो नहीं पहुंच सके थे । बहरहाल सूचना मिलते ही पुलिस की पेट्रोलिंग घटनास्थल की तरफ दौड पडेंगे । फॅसा खलील अहमद के बॉडीगार्डों को भी सूचना सर्कुलेट की गई की वो भी फौरन वहाँ पहुंचे । देखते ही देखते उस वीरन सडक पर गाडियों का जमघट जमा हो गया । दोनों तरफ से रोड को ब्लॉक कर दिया गया । फिर उन तमाम लोगों के वहाँ पहुंच गए । साबित हो गया था कि वो लाभ किसकी है । लम्बे चौडे शरीर वाले कर्नल असर को भी उस घटना नहीं एक दम लाकर रख दिया । वो और ज्यादा परेशान हो उठा और बार बार सिर्फ ठोकने लगा लेकिन लेकिन इस जरूरी तो नहीं सर । एक अधिकारी ऍसे बोला इस वारदात के पीछे भी कमांडर का ही हाथ हूँ । हलील साहब का ये ऍम भी हो सकता है अगर इस्लामाबाद की सडकों पर इस तरह के एक्सीडेंट आए दिन होते रहते हैं हूँ बिल्कुल गलत कह रहे हो तुम ये ऍम रही हैं और ये ऍम भी नहीं सकता मत पूरा ऑफिसर खाली साहब का शरीर में तीन कोरिया लगी हुई पाई गई हैं तो चांगों में और एक बाजू में । अगर ये ऍम था ऍम तो खाली साहब के जिसमें वो तीन गोलियां किसने मारी? सब बैठे रहे । बिलकुल सर अगर ऍम तो फिर खाली साथ ॅ क्यों नहीं हुआ? वो सडक के किनारे बिल्कुल सुरक्षित हालत में खडी हो पाई गई । उस पर एक खरोंच तक नहीं थी । जबकि खरीद साहब की लाश कार से कुछ फुट दूर सडक के बिल्कुल बीचों बीच कुछ भी पडी थी । सरकार की पिछली सीट पर भी खाली साहब का काफी खून पडा था । वो खून वहाँ किस तरह ऐसी और ऐसे कई सारे सवाल है जिस मौत की तरफ साफ साफ उंगली उठाते हैं और ऍम कई सारे ऑफिसर्स ने साॅल्वर में पूछा । जैसे खाली साहब की कोठी से रिपोर्ट मिली है कि कल रात वहाँ एक आॅफ पहुंचा था । उसने वहां पहुंचकर खरीद साहब के बॉडीगार्ड को अपना आईकार्ड दिखाया । उसने कहा कि उसे मैंने यानी कर्नल नासिर में वहाँ भेजा है और उसमें खाली साहब को सुल्तान फौजी के बारे में फौरन एक रिपोर्ट देनी है । उसने ऐसा कहा । जी हाँ, उसने ऐसा कहा जबकि मैंने किसी आॅन कुमार नहीं भेजा । मेरे किसी को वहाँ भेजने का सवाल ही नहीं उठता । अरे हकीकत रखे हैं कि वह आदमी आईएसआई का एजेंट ही नहीं था । वो एक फ्रॉड था । एक धोखेबाज फॅस हर पल पडता जा रहा था । बॉडी गार्ड बताते हैं के साथ भी ने खरीद साहब से अकेले में बातें की अब क्या बातें की जो उन्हें नहीं मालूम । लेकिन उस बातचीत के बाद खाली साहब उसके साथ आॅल्टर चलने के लिए तैयार हो गए । वो भी बिल्कुल अकेले, बिना किसी सिक्योरिटी गार्ड को । साथ ही बिना ड्राइवर को साथ ही है बिना किसी बॉडीगार्ड को साथ ही हूँ । सबके नेत्र फटेगी मुझे क्या पता इस सवाल का जवाब या तो खाली साहब दे सकते थे या फिर फर्जी ऍम जो खाली साहब की कार चला था वहाँ से ले गया था । वो खुद वहाँ मोटरसाइकिल पर पहुंचा था लेकिन उसकी वो मोटरसाइकिल अभी भी वहीं उसी जगह खडी है ऍम का क्या हुआ? वॅायस है । अब सवाल यह है कि अगर एक्सीडेंट के व्यक्ति वहीं फर्जी आदमी खाली साहब की कार चला रहा था तो फिर उसका एक्सीडेंट क्यों नहीं हुआ? और अगर एक्सीडेंट नहीं हुआ तो फिर वो कहाँ गया था । फिर वो खाली साहब की कार उस वीरान इलाके में क्यों लेकर गया था? और मिलाकर शब्द की पूरी सोई सिर्फ और सिर्फ उसी एक आदमी की तरफ घूम रही है । सब हाँ, तब से मुद्रा में बैठे कर्नल नासिर की एक के पास सुनते रहे । वाकई पूरा घटनाक्रम चौका देने वाला था । अब एक नई कहानी और सब कर्नल बोला किसी का नहीं । थोडी देर पहले ही मुझे एक और रिपोर्ट मिली है । मुझे पता चला है कि कल रात ही एक आईएसआई एजेंट की कर दम तोड कर हत्या कर दी गई । किसी की गर्दन तो डालना पसंद नहीं होता हूँ सर उस एजेंट का नाम क्या था? खुसी उसकी लाश मछली सप्लाई करने वाले टैंपो के अंदर पडी पाई गई । इतना ही उस एजेंट खुर्शीद के जिस्म से उसकी फर्जी भी गायब थी । आॅड गायब था और मोटर साइकिल भी खायी थी । इस तीनों चीजों के गायब होने से आप लोगों ने कुछ अंदाजा लगाया या नहीं । एक अधिकारी चौका नहीं अभी तो नहीं कहना चाहते सर की जिस आदमी ने खुशी की हत्या की, वहीं आदमी खाली साहब को भी श्रीकोट इसे लेकर गया । फॅमिली राइट काॅल्स ओर से मेज पर घूंसा मारकर बोला मैं यही बात करना चाहता हूँ और सिर्फ कहना ही नहीं चाहता बल्कि चाहिए कि कब है । क्योंकि जिसमें खुर्शीद की हत्या की वो कमांडर करन सक्सेना था और जिसने खडे साहब को मारा वो भी कमांडर करन सक्सेना ही था । कमांडर ने सिर्फ पडती आइकार्ड और मोटरसाइकिल हासिल करने के लिए खुर्शीद की हत्या की और फिर आईएसआई एजेंट बनकर खाली साहब की कोठी पर जा पहुंचा । उसके बाद जो हुआ हूँ मैं आप लोगों को पहले ही डिटेल में बता चुका हूँ । उसके अलावा खाली साहब की कोठी पर जो मोटर साइकिल खडी है उस मोटरसाइकिल से भी इस पूरी कहानी की हकीकत साबित होती है क्योंकि जांच पडताल के बाद साबित हो गया है कि वह खुर्शीद की ही मोटरसाइकिल है । वो साॅफ्ट काफी चौका देने वाला है । सर अगर वो आदमी कमांडर ऍम दूसरा अधिकारिक बेहद आतंकित स्वर में बोला तब तो से ये भी साबित होता है कि कमांडर को सुल्तान फौजी के एयरफोर्स हेटक्वार्टर में होने का राष्ट्रीय पता चल चुका है । तभी तो उसने एयरचीफ मार्शल पर्यटक क्या हूँ ऍम उसे हंड्रेड पर्सेंट सुल्तान फौजी के वहाँ होने का राज पता चल चुका है । फॅस तो आप भी है या भूत चाहे जो भी है लेकिन अब हमें फॅार में ये रिपोर्ट भेजनी होगी ताकि बहुत सिक्योरिटी और मजबूत की जा सके ताकि वहाँ के गार्ड और ज्यादा अलर्ट हो सके और काम हमें फॉर्म करना होगा । बिना एक बीस सेकंड गवाएं । अभी कह रहे सर उसके बाद वहाँ रिपोर्ट भेजने की कार्यवाही शुरू हो गई थी ।

Details
सुलतान फौजी - एक कश्मीरी आतंकवादी। उसने मुम्बई में एक बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया, जिसमें सैंकड़ों निर्दोष शहरी मारे गये। सुलतान फौजी पकड़ा गया। एक ऐतिहासिक फैसले में उसे 26 जनवरी के दिन फाँसी की सजा दी जानी थी, ताकि पूरी दुनिया देखती कि हम देशद्रोहियों के साथ क्या करते हैं। लेकिन उससे पहले ही सुलतान फौजी जेल तोड़कर पाकिस्तान भाग निकला। तब यह मिशन सौंपा गया कमांडर करण सक्सेना को। कमांडर- जिसने सुलतान फौजी को पाकिस्तान में ही घुसकर मारा। वहीं अपने हाथों से फाँसी की सजा दी उसे।
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