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रहस्मय टापू - 20

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प्रस्तुत उपन्यास "रहस्यमय टापू" अंग्रेज़ी के प्रख्यात लेखक रॉबर्ट लुईस स्टीवेंसन के प्रसिद्ध अंग्रेज़ी उपन्यास "ट्रेजर आइलैंड" का हिंदी रूपांतरण है। उपन्यास का नायक जिम जिस प्रकार समुद्र के बीच खजाने की खोज में निकलता है वो इसे और रोमांचक बना देता है। कहानी में जिम एक निर्जन टापू पर खूंखार डाकुओं का सामना करता है और कदम कदम पर कई कठिनाइयों का सामना भी करता है। इस बालक के कारनामों को सुन कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। सुनें रमेश नैयर द्वारा रूपांतरित ये पुस्तक हिंदी में आपके अपने Kuku FM पर। सुनें जो मन चाहे।
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हूँ । जिनने दीवार से बने छेद में जाकर देखा । किले की चारदीवारी के बाहर की और दो व्यक्ति खडे हुए थे । उनमें से एक सफेद झंडा लहरा रहा था । दूसरा व्यक्ति स्वयं चांदीराम था जो चुपचाप झंडाधारी व्यक्ति के पास खडा था तो अभी सूरज उदित नहीं हुआ था । हवा में ठंडक थी तो तब से जब से मैं लोग इस टापू पर आए थे तब से अब तक का ये सबसे ज्यादा ठंडा दिन था । कप्तान सोमनाथ ने अपने साथियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कहा । उसने समझाया कि चांदीराम की नई चाल भी हो सकती है । बाहर थोडी हलचल हुई तो कप्तान ने चिल्लाकर कहा हूँ जब चाप जहाँ खडे हो वही खडे हो जाओ वरना गोलियों से भून दिए जाओगे । चांदीराम ने तुरंत जवाब दिया, हम लोग शांति और समझौते का प्रस्ताव लेकर आए हैं । कप्तान किले के दरवाजे के पास पहुंच गया । उसने डॉक्टर से खा वकीले के उत्तर हिस्से पर तैनात होकर पूरी चौकसी बरतें जिनको किले के पूर्वी हिस्से पर तैनात कर दिया गया है और बाकी सब लोगों से कहा कि वे अपनी अपनी बंदूकों में गोलियां भरकर एकदम तैयार हो जाएगा । ठीक सारी व्यवस्था करने के बाद कप्तान ने चांदीराम और सफेद झंडा खा में उसके साथी को गौर से देखा । फिर रोबीली आवाज में उससे पूछा तुम लोग शांति का झंडा दिखाकर हमसे क्या चाहते हो? झंडेवाले व्यक्ति ने का कप्तान चांदीराम समझौते की बातचीत करने के लिए आए । क्या कहा तापतान चांदीराम चांदी हमने विनम्रता के साथ उत्तर दिया । इन विचारों ने मुझे अपना कप्तान चुन लिया है । आपने जबसे जहाज को छोडा है ये लोग मुझे अपना कप्तान कहने लगे । मैं आपसे बात करना चाहता हूँ । कप्तान सोमनाथ ने दृढता के साथ था । मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी है तो तुम अगर बात करने को इच्छुक हो तो यहाँ आ सकते हो । चांदी हमने सिर झुकाकर का । मैं जानता हूँ कि आप बच्चन के पाबंद कप्तान है । मुझे आप पर भरोसा है । ठीक है मैं आप की ओर आता हूँ । चांदीराम ने अपनी बैसाखी को बगल में दबाया और आगे बढने लगा । उसके साथ ही ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन चांदीराम ने हसते हुए उसे एक और कर दिया । वकीले की चारदीवारी की ओर बढा उसने पैसा की और फेंक दी और बडी होशियारी के साथ एक फिर चारदीवारी पर रख कर पूर्ति से उस पर चढ गया । बडी सावधानी के साथ उसने किले के हाथों में छलांग लगाई । धीरे धीरे पूरे आत्मविश्वास के साथ किले के दरवाजे पर पहुंच गया । उसे वहाँ देखकर जिम कप्तान सोमनाथ के पीछे जाकर खडा हो गया । चांदी हमने एक बडा सा लीला कोट पहन रखा था जिसमें सुनहरे बटन चमचमा रहे थे । उससे सिर पर एक नया और कीमती टू था । उसने दरवाजे पर पहुंचते ही कप्तान सोमनाथ को सेल्यूट बजाया । कप्तान ने उसे बैठने के लिए कहा और चांदीराम दरवाजे के सामने रेत के मैदान में बैठ गया । फिर किले के भीतर झांकते हुए चांदीराम कहने लगा, यह तो बहुत अच्छी जगह है । जिम भी यहीं पर है । डॉक्टर भी नजर आ रहे हैं । आप सब लोग यहाँ एक सुखी परिवार की तरह रह रहे हैं । अच्छी बात ये है कि आप सब लोग एक साथ यहाँ है । कप्तान सोमनाथ ने नपे तुले शब्दों में कहा, चांदीराम, तुम यहाँ किस मतलब से आए हो? यहाँ बताओ और केवल काम की बात करुँ । आप ठीक कह रहे हैं । कल रात आपने बडी होशियारी दिखाई । लेकिन इस तरह की होशियारी केवल एक बारी सफल हो सकती है । बार बार नहीं ठीक है पर ये बताओ कि तुम चाहते क्या हूँ? हम सब यहाँ खजाना लेने के लिए आए हैं और खजाना हर हालत में हमको हासिल करना है । आपके पास खजाने का नक्शा है, वह नक्शा हमें चाहिए । मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूँ कि मेरा इरादा आप लोगों को नुकसान पहुंचाने का नहीं है । चांदीराम ने कहा, कप्तान सोमनाथ ने पाइप में तंबाकू बुरा और उसके कष्ट खींचने लगा । चांदीराम भी अपना पाइप की नहीं लगा । पाइप को दूंगा छोडते हुए चांदीराम कहने लगा, मुद्दे की बात ये है कि आप लोग मुझे खजाने का नक्शा दे दे और हमारे लोगों पर गोलियां चलाना बंद कर देते हैं । बदले में हम लोग आप लोगों पर हमला नहीं करेंगे । हम आपके सामने दो प्रस्ताव रखते हैं । एक तो ये एक खजाना प्राप्त करने के बाद हम वापस लौटेंगे तो आप लोगों को भी जहाज पर बिठाकर साथ में चलेंगे । उसके बाद हम लोग अपने ठिकाने पर सही सलामत पहुंच जाएंगे तो आप लोगों के लिए भी वहाँ से एक जहाज रवाना कर देंगे । इसके लिए मैं मौजूद और सारे लोग मेरी बात ध्यान से सुन लें । मैं जो कह रहा हूँ वो किले में उपस् थित सभी लोगों के लिए कप्तान सोमनाथ अपनी जगह खडा हो गया । उसने पाइप की रात अपनी बाई हथेली पर जाते हुए पूछा तुम्हारी बात खत्म हो गई? हाँ, मुझे केवल इतना ही कहना था बिजली की कैसा हो? मैं जो कहता हूँ करके दिखाता हूँ । आप लोग अपनी सलामती चाहते हो तो मेरी बात मांग वरना सोमनाथ का चेहरा गुस्से से लाल हो गया । उसने सकती के साथ चांदीराम से कहा, ठीक है, यदि तुम लोग एक एक करके नहीं सकते, यहाँ आकर हमारे सामने आत्मसमर्पण कर देते हो तो मैं तुम लोगों को विश्वास दिलाता हूं । लौट के वक्त सबको सही सलामत ले जाऊंगा और भारत पहुंचकर सबको कानून के सुपुर्द कर दूंगा ताकि तुम्हारे अपराधों के लिए तुम पर मुकदमे चलाए जाए । खजाना तुम लोगों को मिल नहीं सकता । तुम लोग जहाँ से वापस भी नहीं लौट सकते क्योंकि तुम में से किसी को भी जहाँ चलाना नहीं आता हूँ तो तुम लोग हम से लड भी नहीं सकते । बस मेरी तुम लोगों को यही अंतिम और नहीं चला है । तो ये भी सुन लोग तो मगर मेरी सलाह को नजरअंदाज करते हुए वापस लौटे तो मेरी गोली तुम्हारी पीठ बनता खेल हो जाएगी । चांदीराम का चेहरा एकदम पीला पड गया हूँ । उसके आंखे पल भर के लिए बुझ गई, पर दूसरी क्षण उसकी आंखों में कुछ से के लालडोरे तैरने लगे । वो बच्ची लाया बजे उठने के लिए हाथ का सहारा दो लेकिन उसकी पुकार पर कोई हिला तक नहीं तो चीखता हुआ रहित पर रहने लगा । रेंगता हुआ वो चारदीवारी तक पहुंचा और वहाँ खडे होकर कहने लगा मैं एक घंटे के भीतर तुम्हारे इस लकडी के खेलने को जलाकर राख कर दूंगा तो लोग जानते नहीं कि तुम्हारा किससे पाला पडा है । चारदीवारी की उस पार खडे उसके आदमी ने उसे सहारा देकर बाहर खींच लिया । फिर कुछ मिनटों में ही वो अपने साथियों के साथ हमारी नजरों से ओझल हो गया ।

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प्रस्तुत उपन्यास "रहस्यमय टापू" अंग्रेज़ी के प्रख्यात लेखक रॉबर्ट लुईस स्टीवेंसन के प्रसिद्ध अंग्रेज़ी उपन्यास "ट्रेजर आइलैंड" का हिंदी रूपांतरण है। उपन्यास का नायक जिम जिस प्रकार समुद्र के बीच खजाने की खोज में निकलता है वो इसे और रोमांचक बना देता है। कहानी में जिम एक निर्जन टापू पर खूंखार डाकुओं का सामना करता है और कदम कदम पर कई कठिनाइयों का सामना भी करता है। इस बालक के कारनामों को सुन कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। सुनें रमेश नैयर द्वारा रूपांतरित ये पुस्तक हिंदी में आपके अपने Kuku FM पर। सुनें जो मन चाहे।
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