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मेरा उकाब - 9

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यह कहानी एक ऐसे लड़के के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है जो कि हकलाहट की समस्या से परेशान है | और अपनी समस्या की वजह से उसे कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है | उसे गाने का शौक है लेकिन उसके परिवार वाली खास करती है उसकी सौतेली मां उसके इस शौक को अनदेखा कर देती है और हर समय से किसी ना किसी प्रकार से प्रताड़ित करती रहती है | जिस वजह से उसका यह शौक उसका एक सपना बनकर रह जाता है | लेकिन वह हार नहीं मानता और अपने दोस्तों की मदद से वह किस प्रकार अपने मकसद में कामयाब होता है | यह जानना बहुत ही दिलचस्प होगा Voiceover Artist : RJ Hemant Author : Rohit Verma Rimpu
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चाॅस सच्ची खुशी का अनुभव आज पंकज बहुत खुश था क्योंकि आज उसे अपनी पहली कैसेट राजेश से प्राप्त होनी थी । पंकज को इसमें छह महीने के लगभग का समय लग गया था और इतना समय इसलिए लग गया था क्योंकि उसे अपने घर से चोरी छिपे किसी बहाने से राजेश के स्टूडियो में जाना पडता था । जब कभी राजेश के पास समय होता है तो पंकज आपने किसी काम में व्यस्त होता और जब पंकज के पास समय होता तो राजेश किसी काम में व्यस्त हो जाता है ऍम अब उसके हाथ में वह कैसे जा चुकी थी जिसका उसे कई सालों से इंतजार था और जिसके वो सपने देखता था । राजेश से कैसे मिलते ही पंकज नहीं । सबसे पहले मुझे फोन किया हेलो भैया जी कहाँ पर हैं तो अंकज में अपने घर में हूँ । बोलो क्या काम है तो मैं आप से मैं वो मैं आपको मिलकर बताऊंगा । मैं आपके पास आ रहा हूँ आप घर में रहना आजाओ में घर पर ही हूँ । पंकज के फोन करने की कुछ देर बाद वो मेरे घर में आ गया लेकिन मेरे घर का नजारा देखकर वह हैरान रह गया । शाम का समय था और मैं अपने घर में बिल्कुल अकेला बैठा था । मैंने घर में कोई रोशनी भी नहीं की हुई थी और अंधेरे में कुर्सी पर बैठकर में सिगरेट पी रहा था । पंकज आया और उसने मेरी इस हालत को देखकर कहा क्या जी क्या हुआ आपको? आपने क्या हाल बना रखा है? क्यों? क्या हुआ? आपने अपना ये क्या हाल बना रखा है? क्या कोई समस्या है? मुझे बताओ लगता है आप किसी परेशानी में हूँ? पंकज जैसे तुम समझ रहे हूँ ऐसी कोई बात नहीं और मेरी बात छोडो तो बोलो कैसे आना हुआ है? भैया जी मैंने आज अपने गानों की कैसे रिकॉर्ड करवा ली है और ये मैं सबसे पहले कैसे आपको भेंट करने आया हूँ? वाह ये तो बहुत अच्छी बात है याने की तुम अपने सपने को पूरा करने में कामयाब हो ही गए जी लगभग अच्छा ये बताओ आंटी जी कहाँ है? वो कहीं नहीं दिखाई दे रही है । माँ पंकज के मुंह से अपनी माँ के बारे में सुनकर में चुप हो गया और मैंने अपनी नजरें नीचे कर ली हूँ । कहाँ आंटी जी क्या हुआ लगता है आप मुझे कुछ छुपा रहे हो तो पंकज ने जब मेरी माँ के बारे में बार बार पूछा तो मुझ से रहा नहीं गया और मैंने पंकज के गले रखकर जोर जोर से रोना शुरू कर दिया । पंकज को मेरी इस हरकत पर शायद थोडा शक हुआ और वो मुझे छोडकर मेरी माँ के कमरे की ओर जाने लगा । वो जोर जोर से मेरी माँ को पुकारने लगा । तभी अचानक से उसकी नजर सामने दीवार पर पडी । दीवार पर मेरी माँ की तस्वीर थी जिसपर फूलों का हर चढा हुआ था । दीवार पर लडकी इस तस्वीर को देखकर वो समझ गया और वो भी जोर जोर से रोने लग गया । कुछ देर के बाद उसने अपने आप को संभाला और मेरी तरफ मोडकर मुझसे शिकायती लहजे से कहने लगा भैया जी ये सब कब हुआ, कैसे हुआ है और आपने मुझे इस बारे में क्यों नहीं बताया? आखिर मेरी भी तो कुछ लगती थी । क्या मेरा इस पर कोई हक नहीं था? मैंने तो उन्हें ये अपनी माँ समझा था लेकिन आपने मुझे पराया समझा । आपने मुझे अपना नहीं समझा । किसी ने ठीक ही रहा है । किसी ने ठीक ही कहा है फोन का रिश्ता फोन का ये होता है । आपसे मेरा खून का रिश्ता नहीं है ना तो अंकज में तुम्हारे दिल की हालत समझ सकता हूँ । लेकिन मुझे भी तो अपनी सफाई पेश करने का एक मौका तो ऐसी सफाई आंटी जी इस दुनिया को छोडकर चली गई हैं और आपने मुझे बताया तक नहीं । इसके पीछे क्या वजह हो सकती है । आप क्या सफाई देना चाहते हैं? तो गज पिताजी के जाने के बाद माँ उन्हीं के गम में डूब गई । उन्होंने खाना पीना काफी कम कर दिया था जिसकी वजह से वो बीमार पड रहा है जिसकी वजह से वह बीमार रहने लगी और एक दिन वो काफी बीमार पडी । मैंने उन्हें अस्पताल में दाखिल करवा दिया । तभी अचानक तुम्हारा फोन आया और तुम ने मुझे कहा कि तुम अपने पहले गाने की रिकॉर्डिंग पर जा रहे हो और मुझे आपका आशीर्वाद चाहिए । लेकिन मैंने उस समय तो मैं वहाँ के बारे में बताना ठीक नहीं समझते हैं क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि किसी भी वजह से तुम्हारे गाने की रिकॉर्डिंग में कुछ फर्क पडेगा । तीन दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद वो भगवान को प्यारी हो गई । मैंने उस समय भी तुम्हें फोन किया लेकिन तुम्हारी खुशी देखकर मुझे माँ के बारे में तुम से बात करने की हिम्मत नहीं हुई क्योंकि अभी तुम्हारा पहला ही गाना रिकॉर्ड हुआ था और तुमने बाकी के गाने अभी रिकॉर्ड करने थे । मैं नहीं चाहता था कि किसी वजह से तुम्हारे उन बाकी के गानों की रिकॉर्डिंग में कुछ फर्क पडेगा । इसलिए मैंने ये सोचा कि जब सही समय आएगा तो तुम्हें माँ के बारे में बता दूंगा । उसके बाद मैं चुप चाप अपनी जगह पर जाकर बैठ गया है और पंकज और रोने लग पडा । काफी समय के बाद जब चुप हुआ तो उसने मुझसे कहा लेकिन भैया जी आप यहाँ अकेले में क्यों? मेरे कहने का मतलब है कि आपके बाकी के कोई रिश्तेदार वगैरह । पंकज शायद तुम्हें पता नहीं मेरे माता पिता के अलावा इस दुनिया में मेरा और कोई नहीं । भैया जी मैं आपकी बात को समझा नहीं ये कैसे हो सकता है । मैं बताता हूँ मेरे माता पिता ने अपने अपने परिवार वालों के खिलाफ जाकर घर से भागकर शादी की थी जिस वजह से दोनों के परिवार वालों ने उनके अपने अपने घर उन्हें अपने अपने घर से बेदखल कर दिया था । मेरे माता पिता ने अपने परिवार वालों से मिलने की कई बार कोशिश की लेकिन हर बार उनको जलील करके घर से भगा दिया जाता था । मेरे पिताजी बताते हैं कि उसके बाद फिर वो इस शहर में आकर बस गए और फिर कभी भी उन्होंने अपने घर में जाने के बारे में नहीं सोचा । मेरे माता पिता की शादी के तीन साल बाद मेरा जन्म हुआ है और जब से मैंने होश संभाला मैंने अपने आप को हमेशा अकेला ही पाया । मैंने कई बार अपनी माँ से पूछा था कि मेरे दोस्तों को घर में मेरे दोस्तों के घर में उनके चाचा, मामा और भी रिश्तेदार आते हैं कि मेरे दोस्तों के घर में उनके चाचा, मामा और भी कई रिश्तेदार आते हैं लेकिन हमारे घर में कोई क्यों नहीं आता लेकिन वो मेरी बातों का कोई भी तसल्लीबख्श जवाब नहीं दे पाता हूँ । मेरे माता पिता दोनों स्थानीय कारखाने में मजदूर की नौकरी करते थे और जब ये बात उनके साथ काम कर रहे उनके एक सहकर्मी को पता लगी तो वो हमारे घर में आए और उन्होंने मुझे अपना भांजा कहकर कोर्ट में उठा लिया । उस दिन के बाद मैं उन्हें मामा जी कहने लगा । उस दिन के बाद से मैं उन्हें मामा जी कहने लगा है लेकिन कुछ सालों के बाद मामा जी ने कहीं और नौकरी शुरू कर दी जिससे उन का हमारे घर में आना जाना काफी कम हो गया । मैं फिर से अकेला पड गया था । एक दिन हम हरिद्वार की ओर जाने के लिए ट्रेन में बैठे हुए थे । वहाँ हमारी मुलाकात तुम्हारे परिवार से हुई है । उस समय तुम काफी छोटे और शरारती थे और तुम मेरे साथ काफी घुल मिल गए थे और उसके बाद हमारी मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा जो आज तक जारी है । भैया जी मेरा भी तो आपके सिवा इस दुनिया में और कोई नहीं । आप तो मेरे बारे में सब कुछ जानते हैं । मेरी माँ की मृत्यु के बाद मेरे पिताजी ने जब रिश्ते में मेरी मौसी से दूसरी शादी की, आप भी तो मेरे बारे में सब कुछ जानते हैं । मेरी माँ की मृत्यु के बाद मेरे पिताजी ने जब रिश्ते में मेरी मौसी से दूसरी शादी की तो उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि मेरी मौसी मेरे साथ सौतेले बेटे जैसा व्यवहार करेंगे । वो मुझसे ज्यादा अपने बेटे यानी मेरे छोटे भाई चेतन से प्यार करती थी । उसी का पक्ष लेती और उसे की ज्यादा देखभाल करती हूँ । मैं भी सारी उम्र अकेला ही रहा है । मेरा भी आपके सिवा और कोई नहीं । मैं अपने मन की हर बात आपसे करता था । आंटी जी को मैं अपनी माँ के समान समझता था । आज तक जितना प्यार और दुलार मुझे आंटी जी से मिला है, ऐसा प्यार मुझे और किसी से नहीं मिला । मुझे इस बात का अफसोस सारी उम्र रहेगा कि मैं आंटी जी को अंतिम बार नहीं देख सका । पंकज मैं तुम्हारा को लेकर और इसके लिए तुम जो भी मुझे सजा दोगे मैं भुगताने के लिए तैयार हूँ । लेकिन मेरा भगवान जानता है कि मैंने ये गुनाह सिर्फ तुम्हारी कामयाबी के लिए क्या है? मेरी भगवान से दिन रात यही प्रार्थना रहती थी कि तुम अपने मकसद में कामयाब हो जाओ । तुम अपनी पहली कैसे रिकॉर्ड कर रहे थे जो कि तुम्हारी जिंदगी का सबसे बडा मौका था? मुझे ये डर था कि अगर मैं तुम्हें अपनी माँ की मृत्यु के बारे में बता दूँ तो इसका असर तुम्हारे गानों पर पडेगा तो अपने मकसद को वही रोक हो गया । लेकिन भैया जी एक बात बताऊँ क्या भाभी जी को इस बारे में पता है? हाँ पता है एशिया के परिवार वालों को मेरी माँ के बारे में मेरे मुंहबोले मामा जी ने बता दिया था तो क्या उनमें से कोई आया था? हाँ, एशिया और उसके माता पिता वो सभी मेरी मां के देहांत पर आए थे । तो क्या उस समय उनसे कोई सुलह वगैरह की बात नहीं हुई थी नहीं क्योंकि वो मौका ऐसी बातों को कल नहीं क्योंकि वो मौका ऐसी बातों को करने का नहीं था । वैसे जहाँ तक मेरा ख्याल है, एशिया के साथ मेरी सुलह होना मुश्किल है क्योंकि उसकी माँ ऐसा नहीं चाहते हैं । मेरी मां के देहांत पर एशिया अपने माता पिता के साथ आई थी तो उसने अपनी नजर झुकाई हुई थी । उसकी नजरों में मैंने पश्चताप साफ साफ देखा था । उसके पिताजी भी मुझ से हाथ जोडकर मिल रहे थे । लेकिन उसकी माँ के देवरा उन सब से बिल्कुल अलग है । वो पता नहीं किस अहंकार में डूबी हुई थी । उस समय ईशा ने मुझ से कुछ बात करने की कोशिश भी की लेकिन उसकी माँ ने उसे रोक दिया और झट से उसे कार में बैठने के लिए कह दिया । भैया जी, ये बात मुझे कुछ समझ नहीं आ रही हैं । एक मां अपनी बेटी का तलाक क्यों चाहती है? यानी वो अपनी बेटी का घर बसाना नहीं चाहते । पंकज मेरी एक बात हमेशा याद रखना अगर लडकी की मां चाहे तो वो अपनी बेटी का घर बसा सकती है । मेरे कहने का मतलब है कि अगर अपनी बेटी के घर परिवार में दखलंदाजी करना बंद कर दे तो उसकी बेटी का घर बन सकता है । मेरे केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ है । ईशा की माँ की दखल अंदाजी मेरे घर में बहुत ज्यादा बढ गई थी । मेरा जब भी ईशा के साथ लडाई झगडा होता तो उसकी माँ ने ईशा को समझाने के बजाय उसी का साथ दिया । लेकिन मुझे एक बात समझ नहीं आएगी भाभी और आप के बीच लडाई झगडे की मुख्य वजह क्या थी? तो मुझे तो पता ही है । हाँ वो तो मुझे पता है कि आपकी शादी को इतने साल हो गए और आपकी कोई औलाद वगैरा नहीं । इस वजह को लेकर आपका भावी के साथ झगडा होता रहता है । लेकिन ये तो लडाई झगडे की कोई ठोस वजह नहीं । मैं इस वजह को आपके तलाक का आधार नहीं मानता । खैर छोडो इन सब बातों को और मुझे अपनी वह कैसे तो दिखाओ जो तुम मेरे लिए लाए हो । मेरे कहने के बाद पंकज ने तुरंत से मेरे कहने के बाद पंकज नहीं तुरंत अपने बैग से वह कैसेट निकली कैसे देखकर मेरी आंखों में पानी आ गया और मेरी आंखें छलक गई । ये खुशी के आंसू थे । पंकज मैं आज इतना खुश हूँ कि मैं अपने शब्दों में अपनी खुशी को बयान नहीं कर सकता । मेरे पास तो शब्द नहीं है जिससे मैं तुम्हें बता सको की आज मैं कितना खुश हूँ । सच में यार तुमने अपना सपना पूरा करके दिखाया है । मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ रहेगा । परमात्मा तुम्हारी हर मनोकामना पूरी करें । मैं कैसेट को देखने लग गया । हाँ पंकज तुम्हारी कैसे तो देखने में बहुत अच्छी लग रही है । इसका नाम मुझे उडने तो भी बहुत अच्छा रखा तुमने धन्यवाद भैया जी भैया जी आपको इसका कवर फोटो कैसा लगा? बहुत बढिया है । ये किसने डिजाइन किया है? भैया जी, शायद आप मेरी बात का यकीन ना करेंगे । इसका मुख्य कवर फोटो मैंने खुद डिजाइन किया है और इस कैसेट में आठ गाने है जिन्हें मैंने खुद लिखा है और इन गानों में इस्तेमाल होने वाला गिटार भी मैंने खुद बजाया है । पंकज की बात सुनकर मैं उसकी तरफ देखने लगा । अच्छा भैया जी, आप इस कैसेट को अपने पास रखो और मुझे जाने दो । मुझे जाना है मुझे देर हो जाएगी । ठीक है पंकज तो मैं तुम्हें नहीं रोकता । तुम जाना चाहते हो तो जब पंकज वहाँ से चला गया और जाते जाते वो अपनी कैसे मेरे पास छोड गया । एशिया के चले जाने और माता पिता की मृत्यु हो जाने के बाद से मैं बिल्कुल अकेला पड गया था । अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए मैंने शराब का सेवन करना शुरू कर दिया था । मैंने शराब का सेवन करना शुरू कर दिया था । जब पंकज चला गया तो मैंने उसकी कैसेट लगाकर शराब पीना शुरू कर दिया । उसके गीत एक से एक बढकर और वो सभी की जीवन में आगे बढने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे । मैंने पूरी रात पंकज के गाये गीतों को बार बार सुना । पंकज के गानों ने मेरी सोच बदल कर रख दी और मैंने अगले दिन सुबह अपने वकील दोस्त शिखर को फोन किया । हलो शेखर मैं मोहित बोल रहा हूँ आम बोलो आज सुबह सुबह कैसे याद कर लिया मैं तुमसे अभी मिलना चाहता हूँ । इतनी सुबह क्या बात हो गई भाई, सब खेले तो है । घबराने की कोई बात नहीं, सब ठीक ठाक है । बस मुझे तुमसे कुछ देर मिलने का समय चाहिए । क्या मैं भी आ सकता हूँ वो ही तो यार ये भी कोई पूछने की बात है तो किसी भी समय आ सकते हो । तुम्हारा अपना घर है । फोन बंद करते ही मैं फोन बंद करते ही मैं तुरंत शेखर के घर की ओर रवाना हो गया और कुछ समय में मैं उसके घर पहुंच गया । मोहित अंदर आ जाओ, स्वागत है तुम्हारा तो क्या काम था है । इतनी सुबह सुबह जो मुझे याद किया मैं तुमसे अपने केस के बारे में बात करनी है । हाँ, वो तो क्या बात करना चाहते हो । मैं अपने केस को जल्दी ही बंद करना चाहता हूँ । ये तुम क्या कह रही हूँ? मैं कुछ समझा नहीं । शेखर अब मैं अपने तलाक के केस को आगे नहीं बढाना चाहता है । मैं चाहता हूँ कि मेरे इस केस का फैसला भी जल्दी हो जाएगा । ठीक है जैसे तुम चाहते हो वैसा ही होगा । लेकिन मुझे ये तो बता दो तो मैं ऐसा क्यों करना चाहते हो? मेरे कहने का मतलब है कि तुम्हारी तो कुछ और ही योजना की शेखर में मानता हूँ की मेरी योजना पहले कुछ और थी । पहले में अपने किसको सालों तक आगे चलाना चाहता था । पहले में अपने किसको सालों तक आगे चलाना चाहता था । पहले मैं अपने किसको सालों तक आगे चलाना चाहता था लेकिन अब मैं चाहता हूँ कि खत्म हो जाएगा । लेकिन अब मैं चाहता हूँ कि ये केस जल्दी से खत्म हो जाते हैं और मैं अपने जीवन में नई पारी की शुरुआत करूँ । लेकिन वो तुम तो जानते ही होगे ना । अगर तुमने केस को खत्म करना चाहा तो तुम्हें उनकी सभी मांगे माननी होंगी । देखा मुझे एशिया के परिवार वालों की सभी मांगे मंजूर है । वो जो चाहते हैं उन्हें दे दो । ठीक है जैसा तुम कहते हो । मलेशिया के परिवार वालों से इस बारे में बात कर लेता हूँ । उसके बाद उन का जो भी फैसला होगा मैं तो मैं बता दूँ । ठीक है मैं तुम्हारे फोन का इंतजार करूंगा । अगले दिन मैंने पंकज को फोन किया हलो पंकज कहाँ पर हो भैया जी में अपने घर में हूँ क्या हुआ? कुछ नहीं था । मैंने तुम्हारे गाने सुने । उनके बारे में ही बात करनी थी । मैंने भी आपसे कुछ बात करनी थी । मैं आपको फोन कर नहीं लगा था कि आपका फोन आ गया । तुमने क्या बात करनी थी? नहीं, पहले आप ही बता दीजिए । आप क्या बात करना चाह रहे थे? नहीं पहले तुम बताओ आपने क्या बात करनी थी? पहले तुम बताओ तुम क्या बात करना चाह रहे थे? नहीं पहले आप बताइए आप मुझसे बडे हैं और फोन भी आप ही नहीं किया है । देखो मैं तुमसे बस यही कहना चाहता था कि मैंने तुम्हारे गाने पूरी रात सुनी है और मुझे ये गाने बहुत ही अच्छे लगे । मुझे सच बताना चाहिए । गाने तुमने खुद लिखें । हाँ भैया जी मैंने ये सारे गाने खुद लिखें । क्यों क्या हुआ? पंकज ने हैरानी से पूछा नहीं घबराने की कोई बात नहीं है । मुझे ये गाने बहुत अच्छे लगे । मैंने कम से कम सात आठ बार पूरी कैसेट को सुना है । तुम्हारी कैसेट का मुख्य गाना मुझे उडने । दो इसे तो मैंने लगभग पंद्रह बार सुन लिया है । भैया जी आप सच सच बताना आपको कैसे लगे और इनमें अगर कोई कमी वगैरह है तो बता दीजिए क्योंकि अब मैं अपनी अगले कैसेट की तैयारी कर रहा हूँ । भैया जी, आप सच बताना कि आपको गाने कैसे लगे और अगर कोई कमी हुई है तो मैं अपनी अगले कैसेट में उसे सुधार लूंगा । तुम्हारी कैसेट में किसी प्रकार की कोई भी कमी नहीं है । बस तुम किसी प्रकार से मन लगाकर अपनी अगली कैसेट की तैयारी शुरू कर दो । फिर छोडा अब तुम बताओ तुम क्या बात करना चाहते थे । मैं आपको आज सुबह की बात बताना चाहता था कौन सी बात भैया आज सुबह जब मैं उठा तो मेरे कानों में मेरे ही गाये गाने की आवाज सुनाई दी । कौन से गाने की मैं तुम्हारी बात नहीं समझा । वही मेरी पहली कैसेट वाले गाने की फिर फिर में अचानक से उठा और नीचे पिताजी की कमरे में चला गया है । क्योंकि वो आवाज उन्हीं के कमरे से आ रही थी । फिर पहले तो मुझे लगा कि पिताजी को मेरी कैसेट के बारे में पता चल गया है, जिस वजह से उन्होंने मेरे गानों को ऊंची आवाज में लगाया है । मैंने तो पक्का सोच लिया था क्या मुझे डांट पडेगी क्योंकि मेरी चोरी क्योंकि मेरी चोरी पकडी गई थी । फिर क्या डांट पडी? क्या उन्हें सच में पता चल गया था भैया जी, पूरी बात तो सुनो । जैसा मैंने सोचा था वैसा कुछ भी नहीं हुआ । दरअसल मेरी ये कैसेट मेरा छोटा भाई चेतन कहीं से लेकर आया था और उसने ही पिताजी को लगा कर दी थी । पिताजी को गाने बहुत अच्छे लगे थे । उन्होंने मेरी तरफ देखा और मुझसे कहा ये होते हैं कि ऐसे गाने लिखे जाते हैं तो जो गाते बजाते हो तुम्हारे सामने कुछ भी नहीं है । ऐसा करके तुम सिर्फ अपना समय बर्बाद कर रहे हो । फिल्म मैं चुपचाप खडा रहा उनकी बातों को सुन रहा था क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वो मेरी तारीफ कर रहे हैं या मुझे डांट रहे हैं क्योंकि वो एक तरफ तो गाय की तारीफ कर रहे थे और दूसरी तरफ उसकी तुलना मुझसे करके मुझे डांट रहे थे । वहाँ मजा आ गया । यानी तो हम अपने मकसद में कामयाब हो ही गए । कामयाब कैसे मैं आपकी बात कुछ समझा नहीं । तुम्हारा यही तो मकसद था ना तो हारे होना की वजह से लोग तुम्हारी तारीफ करें । तुम्हारी हकलाहट की समस्या लोगों के बीच जो बन चुकी है तो मुझे छवि को अपनी गायकी के हुनर से बदल सकता हूँ और जहाँ तक मेरा ख्याल है तुम काफी हद तक उसमें कामयाब भी हो चुके हो । अब तुम्हारी छवि बिल्कुल बदल चुकी है । शायद इस बात को छोडो और ये बताओ कि क्या तुमने अपने पिताजी को ये बताया है कि आप जिस गायक की तारीफ कर रहे हैं वो और कोई नहीं मैं ही हूँ नहीं । मैंने उन्हें अभी ये बताना ठीक नहीं समझा क्यों भैया जी दरअसल में सही समय का इंतजार कर रहा हूँ और जब सही समय आ जाएगा तो मैं खुद बता दूंगा, ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी लेकिन तुम्हारी बात सुन कर मुझे बहुत मजा आया । वो कैसे? यही कि तुम्हारे पिताजी तुम्हारे सामने तुम्हारी ही तारीफ कर रहे थे और उन्हें इस बात का पता भी नहीं चल सका । आज सही कह रहे हैं और ये सब आपके ही आशीर्वाद संभव हो सका है । आपके ही आशीर्वाद से आज मुझे सच्ची खुशी का अनुभव प्राप्त हो सकता है । कुछ देर बातें करने के बाद मैंने फोन बंद कर दिया और हम दोनों अपनी अपनी तैयारियों में जुट गए । पंकज अपनी अगली कैसेट की तैयारी कर रहा है और मैं अपने तलाक के केस की तैयारी में जुट गया ।

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यह कहानी एक ऐसे लड़के के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है जो कि हकलाहट की समस्या से परेशान है | और अपनी समस्या की वजह से उसे कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है | उसे गाने का शौक है लेकिन उसके परिवार वाली खास करती है उसकी सौतेली मां उसके इस शौक को अनदेखा कर देती है और हर समय से किसी ना किसी प्रकार से प्रताड़ित करती रहती है | जिस वजह से उसका यह शौक उसका एक सपना बनकर रह जाता है | लेकिन वह हार नहीं मानता और अपने दोस्तों की मदद से वह किस प्रकार अपने मकसद में कामयाब होता है | यह जानना बहुत ही दिलचस्प होगा Voiceover Artist : RJ Hemant Author : Rohit Verma Rimpu
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