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21. Utar -Charan

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अपनी महान् उपलब्धि हासिल करने में मात्र दो घंटे ही लगे, लेकिन इसके पीछे वर्षों की मेहनत और कठिन साधना थी। मात्र 27 वर्ष की उम्र में सफलता का कीर्तिमान स्थापित करनेवाला यह महानायक मात्र 33 वर्ष की अल्पायु में संसार से विदा हो गया। अनजाने अंतरिक्ष को जानने की ललक ने यूरी गागरिन को अंतरिक्ष अभियान की ओर प्रवृत्त किया। और वह भी पहली बार अंतरिक्ष में जाने की कल्पना करना ही दिल को दहला देनेवाली थी। वहां पहुंच भी पाएंगे और पहुंच गए तो क्या जीवित धरती पर लौट पाएंगे? इन सभी सवालों से परे यूरी गागरिन ने अंतरिक्ष में पहुंचकर मानव जीवन को एक नई ऊंचाई दी और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों का मार्ग प्रशस्त किया। सुनें अद‍्भुत जिजीविषा और अप्रतिम साहस के धनी यूरी गागरिन की प्रेरणाप्रद जीवनी।
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निकोलाई कम ने इनको इस बात की चिंता थी कॅश के बीच अनुशासन कायम रखने के प्रति वो जिम्मेदार था । अपनी डायरी में उसने लिखा, ये घटना मुझे और उन सभी लोगों को अच्छी खासी परेशानी में डाल सकती थी जो गैगरीन के प्रति जिम्मेदार थे । इसका परिणाम बहुत ही दुखद हो सकता ना गैगरीन एक व्यर्थ और मूर्खतापूर्ण तरीके की मौत से बाल बाल बचा था । तीन दिन के बाद एक चैका लिमोसिन गैगरीन को पार्टी कांग्रेस में ले जाने के लिए आई । उसे एक स्ट्रेचर पर ले जाया गया । यद्यपि वो उठ बैठ सकता था । उसे ये सारी प्रक्रिया बडी बेतुकी लगी और वह जोर से हंसने लगा । उसे सेवास्तोपोल ले जाया गया और मॉस्को रवाना होने वाले वायुयान में सवार करा दिया गया । मॉस्को आने पर उसे कांग्रेस बैठक में बहुत देर तक बोलने और दूसरे प्रतिनिधियों से मिलने मिलने की माना ही नहीं । आधिकारिक अभिलेख उस की सक्रिय सहभागिता के साक्ष्य हैं । हालांकि कम ने अपनी डायरी में ये लिखा है कि वह स्वस्थ न होने के कारण हिस्सा नहीं ले पा रहा था । गोलोवानोवा कहता है, वस्तुतः वो सत्र के शुरू होने के पांचवें या छठे दिन आया और फोटोग्राफर उसकी तस्वीरें इस तरह खींचते रहे ताकि उसकी भवों के पास का घाव नजर न आए । इस दौरान समाचारपत्रों ने लोगों की उत्सुकता पर लगाम लगाने के लिए एक कहानी गढी मुझे याद है हमें बताया गया की यूरी अपनी शिशु बच्ची को हाथों से संभाले हुए था तभी पैर कहीं फंस जाने से गिर पडा और बच्ची को चोट लगने से बचाने के प्रयास में उसकी भवों के पास चोट लग जाने से घायल हो गया । इसी तरह उन्होंने चोट के विषय में बताया । इजवेस्तिया में छपी एक और खबर के मुताबिक यूरी ने अपनी बच्ची को टूटने से बचाने के लिए काला सागर में छलांग लगा दी और उसका सिर एक चट्टान से टकरा गया । चोरी का इलाज करने वाले डॉक्टरों को प्रशस्ति वक्त पदोन्नति दी थी । निकिता ख्रुश्चेव को इस बात से नाराज की थी कि उसका पसंदीदा कॅश पार्टी कांग्रेस में उचित भूमिका नहीं निभा सका । लेकिन उससे भी ज्यादा उसे अपने युवा मित्र यूरी के स्वास्थ्य वो सुरक्षा की चिंता नहीं हूँ । क्रिश्चयन की सलाहकार फियोडोर पर लटकी का कहना है पार्टी की नैतिकता के बावजूद जिसे काफी शक्तिशाली माना जाता था, हर किसी को एक मजेदार कहानी से लगती थी । खुश्चेव को इस पर हंसी आती थी लेकिन शायद उसकी बीवी को नहीं । लेकिन मुझे लगता है कि कुछ ऐसे जनरल या उच्चस्तरीय सैन्य वर्ग के लोग थे जिनके यूरी के साथ अच्छे संबंध नहीं । मेरे ख्याल से उन्हें यूरी से फिर शादी क्योंकि वह खुश्चेव से इतना नजदीक चौथा । इन प्रतिस्पर्धियों को यूरी की ये कहानी बहुत मजेदार नहीं लगी । इधर निकोलाई कम निमकी फोर उसमें उसके कार्य की लापरवाही के लिए जमकर खिंचाई की गई । चौदह नवंबर को स्टार सिटी में आयोजित विशेष बैठक में उसे टीटो और यूरी के बर्तावों का स्पष्टीकरण देना पडता है । क्या ग्रीन टी टोकने हेल्थ रिसॉर्ट में पूरी तरह अपने व्यवहार का विवरण दिया? उन्होंने शराब के दुष्प्रयोग औरतों के प्रति और विवेकपूर्ण तौर तरीके दूसरी गलतियों को भी स्वीकार किया की तो शायद वाल्या के मन की शांति के लिए गैगरीन किसी बात पर कायम रहा कि जिस कमरे से उसने छलांग लगाई उसमें वो लडकी नहीं थी । काम ने बैठक को ये निर्णय करने के लिए मना लिया कि उसका प्रथम कॉस्ट नॉट लुका छिपी के बचकाने खेल में अपनी पत्नी कोखे जाने की कोशिश कर रहा था । जबकि टिटो अपने दूसरे साथियों के साथ बहक गया था । हर कोई जानता था कि ये एकदम सफेद झूठ था, लेकिन इस आधिकारिक दौरे से तो सहमत होना ही था जिसके साथ स्वयं ऍफ का हस्तलिखित माफीनामा भी था । काम नहीं पाया मुझे यकीन है कि गैगरीन का उस कमरे में जाने का इरादा कुछ और ही था लेकिन मैं इस बात पर जोर नहीं दूंगा कि कहीं इससे उसके परिवार में दरार ना पड जाए । ऍम उदार प्रकृति का था लेकिन दिसंबर में शुरू होने वाले यूरी के विश्व भ्रमण के दौरान उसने पाया कि उसके रवैये में कोई सुधार नहीं आ रहा था । चौदह दिसंबर को उसने अपनी डायरी में लिखा उसने क्रीमिया की घटना के बाद भी शराब पीना नहीं छोड । मैं स्वयं को दुर्भाग्य का मसीहा नहीं मानता हूँ लेकिन मुझे लगता है कि वह शराब पीने की अति कर रहा है । वो अपनी शोहरत की बुलंदियों पर हैं । उस पर एक बडी नैतिक जिम्मेदारी का बाहर है और उसे मालूम है कि उसकी हर कदम पर नजर रखी जा रही है । एक या दो साल बीतने के बाद स्थितियां बहुत ज्यादा बदल जाएंगे और वो बहुत संतुष्ट हो जाएगा । ये अब उसके पारिवारिक जीवन में भी नजर आ रहा है । अपनी पत्नी के प्रति उसके मन में कोई सम्मान नहीं है । कभी कभी तो वो उसे नीचा भी दिखाता है और उसके पास शिक्षा या सामाजिक कौशल जैसी सकारात्मक बातों का भी अभाव है जिससे वह उसे प्रभावित कर सकें । उसने ये भी पाया हाल ही में इंडोनेशिया के दौरे से लौटने के बाद तो अपने आप को किसी से कम नहीं समझ रहा है । कम नींद को ये साफ महसूस हुआ कि उसके पास एक और मनमौजी कॉस्ट मिनट हैं । इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए कि उसकी व्यक्तिगत डायरियां, उसकी नाराजगी की निजी अभिव्यक्तियां बिल्कुल सही ऐतिहासिक अभिलेखों की तरह सोवियत अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसकी वह कहीं न कहीं प्रायास अनुचित आलोचना न करता हूँ । क्रिश्चयन भी उसकी इस आदत से छोटा नहीं रहता । शायद वो रोज की घटना के पश्चात कम दिन का प्रशासनिक तनाव, उसकी डायरी में पार्टी कांग्रेस के प्रति एक और सामान्य भडास की अभिव्यक्ति है । यूरी की मूवी उपस् थिति से काफी परेशानी सामने आ गई थी । कांग्रेस में निकिता ख्रुश्चेव नहीं, जोसेफ स्टालिन के स्मारक को रेड स्क्वेयर से हटाए जाने का प्रस्ताव रखा था । पांच नवंबर को कम ने अपनी खीज इस तरह देते हैं । बहुत से लोग इसका अनुमोदन नहीं करते हैं तो इस विषय पर बसों मेट्रो और सडकों पर बात करते हैं । स्टाइल इनकी प्रतिष्ठा की बर्बादी से कई समस्याएं खडी हो जाती है । युवा वर्ग शासन तंत्र के प्रति अपनी निष्ठा हो रहा है । स्टालिन ने देश में तीन दशक तक शासन करे इसे एक शक्तिशाली राज्य के ढांचे में ढाला । उसकी शौहरत को दोनों की दुखद बहानेबाजी से नहीं रखा जा सकता है । खुश्चेव आज एक फिर शालू षड्यंत्रकारी वह कायर व्यक्ति है । चीन, अल्बानिया, यू । एस । ए, फ्रांस, इंग्लैंड इत्यादि से उसकी कूटनीतिक असफलता छुट्टी नहीं है । हकीकत यह है स्टालिन के समय में कोई भी ऐसी बात लिखने की हिम्मत इस डर से नहीं कर सकता था कि पकडे जाने पर उसे गोली से उडा दिया जाता हूँ । ये माना जा सकता है कि खुश्चेव के अधिकारी कम दिन पर ऍप्स को अनुशासित न रख पाने का दोष लगाते थे । इसलिए उसने अपनी डायरी के पन्नों में अपनी भावनाओं को अभिव्यक्ति लेकिन अपनी राजनीतिक धारणाओं में वो अकेला नहीं था । पश्चिम वालों के लिए यह समझना कठिन है कि किस सीमा तक स्टैलिन की यादगारों को संजो कर रखा गया था । अक्टूबर उन्नीस सौ इकसठ में उसके दिमाग में उपजी कटुता के विविध कारण रहे होंगे । लेकिन आपने मूल्यांकन में वो बहुत हद तक सही रहा होगा । फर्स्ट सेक्रेटरी निकिता ख्रुश्चेव अपने पतन की ओर बढ रहा था । वही हाल खुश्चेव का था । दिसंबर तक यूरी का विदेश दौरा फिर से शुरू हो गया । उसकी चोट के दाग को सावधानी से मेकप के माध्यम से छिपाया गया था । इस दौरे में मुख्यतः दिल्ली, लखनऊ, बम्बई, कलकत्ता, कोलंबो, काबुल, कैरो इत्यादि अन्य बहुत से स्थान सम्मिलित थे । सिलोन यात्रा के दौरान यूरी ने एक ही दिन में अलग अलग पंद्रह वार्तालाप कार्यक्रमों को पूरा किया । पैरों में एक समाचारपत्र ने घोषणा की कि स्मोलेंस्क अंचल के प्रतिनिधि के रूप में सुप्रीम सोवियत के चुनाव है, तू उसका नामांकन किया गया । एक जापानी पत्रकार ये जानना चाहता था कि यूरी ने अपने बच्चों के लिए ढेर सारे जापानी खिलाने क्यों खरीदे हैं? क्या इसलिए कि घर वापस लौटने पर रूसी खिलाने उपलब्ध नहीं रहेंगे? जूरी ने उत्तर दिया, मैं अपनी बेटियों के लिए हमेशा उपहार लेकर लगता हूँ । इस बार मैं उन्हें जापानी गुडिया देकर चौका देना चाहता हूँ । लेकिन अब ये बात हर कहीं समाचारपत्रों में छप जाएगी और सरप्राइज रही नहीं जाएगा । आपने दो लडकियों की खुशी पर पानी फेर दिया । उसने बडी मोहक मुस्कुराहट के साथ ये बात कही और प्रश्न पूछने वाले ने अपनी हार मानली कमरे में बैठे दूसरे पत्रकारों ने भी स्वीकृति में हामी भरी है । खेल का प्वाइंट ज्यूरी को मिला । वालिया भी इस दौरे पर साथ आना चाहती थी लेकिन बच्चों की देखरेख के साथ विदेशी यात्राएं करना सहज नहीं है । उसने मॉस्को में घर पर ही रहना उचित समझा और उसके पति ने अकेले ही द्वारा किया और सार्वजनिक मंचों पर उसे कठिनाई अनुभव होती थी । उसने ऐसी जिंदगी की उम्मीद तो नहीं की थी क्यों डेमचक यूरी के विदेश दौरे के दौरान वालिया के साथ घूमता था । उसने पब्लिसिटी के प्रति उसकी तीव्र घृणा को भाग लिया था । जहाँ एक तरफ उसकी अब तक होने वाली विदेश यात्राएं उसके तनाव का कारण थी वहीं मॉस्को की सडकें दुकानें भी कम बोझिल नहीं नहीं घर गृहस्ती की खरीदारी के वक्त डेमचौक उसे कार में बैठाकर ले जाया करता हूँ । वालिया एक आम मॉस्को वाली की तरह कतार में खडी अपनी बारी का इंतजार क्या करती है? लेकिन कतार में खडी दूसरी औरते उसे तुरंत पहचान लिया करती हैं तो तुरंत वापस कार में बैठ जाती है और कहती है आओ चले मुझे पहचानते हैं । हर कोई उसे कतार में पहले आ जाने के लिए कहता हूँ लेकिन वो बडी संभ्रांत लतापूर्वक कार के पास लौटकर किसी दूसरी दुकान पर चली जाती हूँ । निकोलाई कम ने मंजूरी के साथ कई विदेश दौरों पर साथ रहता था । चार दिसंबर उन्नीस सौ को भारत दौरे के दौरान उसने अपनी डायरी में लिखा है, हजारों लोगों ने गैगरीन का गर्मजोशी से स्वागत किया । ये देखकर मुझे ईसा मसीह के बच्चों से मिलने की बचपन की याद ताजा हो जाती है । उसे पांच हजार रोटी के टुकडे और मछलियों से चमत्कार दिखाने की जरूरत थी । लेकिन हमारा यूरी तो अपनी उपस्थिति मात्र से ही लोगों की प्यास बुझा देता था । हालांकि ये बात मुझसे अच्छी तरह और कोई नहीं जानता कि यूरी महज भाग्य वर्षीय है । उसकी जगह कोई भी बडी आसानी से ले सकता था । मुझे ग्यारह अप्रैल को ये लिखना याद है कि कल गैगरीन सारी दुनिया में विख्यात हो जाएगा । लेकिन मैंने उसके आकर्षण के पैमाने की भविष्यवाणी कभी नहीं की थी । नौ दिसंबर तक यूरी वालिया और सहगामी कोलंबो सिलोन में थे । जूरी ने काम ने इनको बतलाया कि वो थक कर चूर होने ही वाला था । कोलंबो में सोवियत के राजदूत ने जितना संभव हो उतनी उपर स्थितियां देने की स्थिति की कम दिन ये लिखने से नहीं चुके हो भी सरकार को अच्छा दिखाने के लिए यूरी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके नहीं छोड लेना चाहते हैं । इससे उस पर क्या प्रभाव पडेगा इस बात से उन्हें कुछ भी लेना देना नहीं है । इस समय तक काम दिन यूरी की बढती शराब की लत और वालिया की सार्वजनिक उपस् थिति के परिणाम शुरू होने वाले तनावों से निपटने की अक्षमता से चिंतित हो रहा था । कम दिन गोलोवानोवा और दूसरे नजदीकी सहकर्मियों का भी इस विषय पर यही दृष्टिकोण था । ऐसा लगता है कि यूरी एक समझदार शराबी एक मौज मस्ती पसंद इंसान था । वो वैसे तो छककर पिता था लेकिन काम के वक्त शराब से बिल्कुल दूर रहता था । दुर्भाग्य वर्ष प्रचार दौरे के कारण उसे ऐसे सामाजिक माहौल में रहना पडता था जहाँ उससे शराब पीने की अपेक्षा की जाती थी । इसके साथ ही सार्वजनिक कार्यक्रमों की अधिकता के कारण बिना प्रयोजन की बहुत ज्यादा शराब पीने में उसका रुझान पडता ही गया । यूरी के व्यक्तिगत केजीबी से चलो वो भाषण सलाहकार यामीन राॅकी ऐसी बातें होने देने के लिए खिंचाई की जाती थी । हालांकि इसे रोकने के लिए भी कुछ कर भी नहीं सकते । यूरी ने रूसा यह वह प्रत्येक उस व्यक्ति से जो दूसरे की रक्षा करने के लिए दबे तौर पर कार्य करते थे, से अच्छे संबंध बना रखे थे । आज गुरूसाई का कहना है, जूरी बहुत ही पवित्र हृदय का व्यक्ति था । वो हमेशा दूसरों के द्वारा पैदा की गई समस्याओं की जिम्मेदारी से हम ले लेता था । जहाँ तक घर मंटो की बात है, समस्याएँ तो उसके पास से ऐसे गुजर जाती थी जैसे बतख के पंख से पानी । उसकी उडान के बाद तकरीबन बीस गंभीर अनुशासनात्मक घटनाएं, कार्ड, टक्कर इत्यादि उससे जुडी हुई थी । लेकिन इन समस्याओं को यूरी के साथ जोडते थे और इसी समय मैं दखल दिया करता था । जब यूरी अपनी प्रस्तुतियां देता या पत्रकारों से बात कर रहा होता तब रुसा ये उसके नजदीक ही बैठता था । मैं उसके अंगरक्षकों की तरह नहीं था । मैं उसका सलाहकार और सहायक ज्यादा था । यूरी ने जिन कठिनाइयों का सामना सार्वजनिक जीवन वो विदेश यात्राओं में क्या है? उनकी कल्पना आपको करनी है उसकी देखभाल करना । मेरा काम ऐसा नहीं है कि यूरी सामाजिक रूप से अकुशल था । काम इनके ठीक उलट । उसे उन राजनीतिज्ञों, वह अधिकारियों के नाम अच्छी तरह याद रहते थे जिनसे वो मिलता था । जिस मुस्तैदी से वह कठिन से कठिन प्रश्नों का जवाब देता था तो मेरे लिए बडे अचरज का विषय था । रूसा ये एक बडी मार्मिक कहानी सुनाते हैं । निकिता सार्जेई विच खुश्चेव शराब के कुछ ही ग्लासों में झूमने लगते थे और यूरी हमेशा उसे बहने से बचाया करता था । हालांकि यूरी खुलकर खुश्चेव की प्रशंसा क्या करता है फिर भी वो दूसरे राजनीतिज्ञों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखता था । सर जी ब्लोट सर को बस की यूरी से अच्छी तरह परिचित था । वो उसे एरोस्पेस विषय सन से पढा रहा था । मुझे लगता है कि उसका व्यक्तित्व बढने लगा । एक तरफ को राजाओं, राष्ट्रपतियों इंग्लैंड की क्लीन का अतिथि बनने लगा । वहीं दूसरी ओर वो आम लोगों से अपने आप को कभी अलग नहीं कर सका । मुझे ऐसा महसूस होता है कि उसने निम्न वर्गों के अधिकारों के अभावों से उनकी कठिनाइयों को समझा और समाज के सर्वोच्च वर्ग में भ्रष्टाचार देखा । उसने हमारे नेताओं को शराब के नशे में धुत टेबलों पर नाचते और दुर्व्यवहार करते देखा । इससे उसके सच्चे मन को चोट लगे बिना नहीं रही हूँ । मैं केवल ऊपरी रक्षाओं की बात नहीं कर रहा हूँ, बल्कि उस आंतरिक भ्रष्टाचार की बात भी कर रहा हूँ जो शीर्ष के नेतृत्व वर्ग में सरकारी था । यूरी के खिलाफ भी उनका ड्रॉप भडका हुआ था जो बिल्कुल अनुचित था । उनके इस रॉक की वजह से खुश्चेव के वरद हस्त से प्राप्त सभी तरह के विशेषाधिकार ये सच है कि उसे वो दूसरी कॉस्ट नॉट को औसत से बेहतर आवाज किए गए थे । लेकिन उनकी सुख सुविधाओं का स्तर मध्यमवर्गीय अधिकारियों से बेहतर नहीं था तो कहता है हमें कभी भी विशेष फायदे नहीं मिलेगी । लोग हमेशा मुझसे कहते थे तुम अपनी सुविधाओं की चाहत तो जाहिर करूँ, क्रिश्चयन उन्हें जरूर पूरा करेगा । मैंने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया । नहीं हो रही है हम तो ठहरे युवक दूसरा ये इस बात की पुष्टि करते हुए कहता है यूरी पूर्णता एक ईमानदार इंसान था । अंतरिक्ष में जाने वाला वह पहला कॉस्टली था । ये काम उसने अपने देश के लिए किया था । आज आप उस स्थान को देखिए जहाँ बालिया रहती है । ज्यूरी ने अपनी मातृभूमि के लिए ये बडा काम किया ना की दौलत की नहीं यूरी की मानसिक शांति को भंग करने में कुछ फिर शालू लोग लगे हुए थे । सर्जरी ब्लोट सर को बस की नहीं पाया । विदेशों में अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हुए समस्याओं के जिन अंबार का सामना गैगरीन को करना पडा । उसकी कल्पना कभी कोरोलेव ने भी न की होगी । उसके कई दुश्मन पैदा हो गए क्योंकि वह विदेशी प्रतिनिधिमंडल के सोवियत प्रमुख लोगों की अपेक्षा अधिक लुभावने । वह सच्चे अंदाज में बात व्यवहार करना चाहता था । जो वरिष्ठ हैं वे आपको ऐसी बातों के लिए कभी मना नहीं करते । रूसा इयर ने ऐसे खतरों से यूरी को बचाने के लिए कडी मेहनत नहीं । वो हमेशा कहा करता था कि राजनीति उसे कठिन और जटिल लगती थी । राजनीतिक गंदा काम है । आप इस से दूर ही रहे तो अच्छा है । आपके पास आपका देश है, आपका परिवार है, जो आपके पास है उसका लुक लीजिए और राजनीति में मत पडिए । सन उन्नीस सौ में जब खुश्चेव के शासन का तख्ता पलट यूनिट नहीं किया तब तक गुरुसाहब गिव यूरी के साथ रहा । इसके बाद सभी काॅस्ट के संबंध केजीबी के साथ बिल्कुल अलग हो गए । मार्च में यूरी बहुत जरूरी राजनीतिक मार्ग दर्शन के लिए दूसरा ये से अंतिम बार मिला । तब तक दोनों के लिए काफी देर हो चुकी थी ।

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अपनी महान् उपलब्धि हासिल करने में मात्र दो घंटे ही लगे, लेकिन इसके पीछे वर्षों की मेहनत और कठिन साधना थी। मात्र 27 वर्ष की उम्र में सफलता का कीर्तिमान स्थापित करनेवाला यह महानायक मात्र 33 वर्ष की अल्पायु में संसार से विदा हो गया। अनजाने अंतरिक्ष को जानने की ललक ने यूरी गागरिन को अंतरिक्ष अभियान की ओर प्रवृत्त किया। और वह भी पहली बार अंतरिक्ष में जाने की कल्पना करना ही दिल को दहला देनेवाली थी। वहां पहुंच भी पाएंगे और पहुंच गए तो क्या जीवित धरती पर लौट पाएंगे? इन सभी सवालों से परे यूरी गागरिन ने अंतरिक्ष में पहुंचकर मानव जीवन को एक नई ऊंचाई दी और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों का मार्ग प्रशस्त किया। सुनें अद‍्भुत जिजीविषा और अप्रतिम साहस के धनी यूरी गागरिन की प्रेरणाप्रद जीवनी।
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