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जोकर जासूस भाग - 01

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प्रोफेसर अर्थर  स्मिथ एक विदेशी वैज्ञानिक था जिसने एक ऐसे हथियार का आविष्कार कर लिया था जिसे पाने के लिये विश्व के कई आतंकवादी संगठन व  माफिया लालायित थे।  खुफ़िया एजेंसीज़ व पुलिस इस आविष्कार की तह तक पहुंचना चाहती थी । इस बीच अर्थर  स्मिथ की रहस्यमय हालातों में मौत हो जाती है और उसकी एक फ़ाइल जिसमे हथियार से सम्बंधित सीक्रेट कोड्स छिपे थे, कई हाथों से होते हुए जोकर नाम के जासूस के हाथ आ जाती है। फ़ाइल पाते ही जोकर अपनी ही एजेंसी से बगावत करते हुए माफिया से जा मिलता है। आविष्कार को खोजते हुए सभी दिग्गज पहुँचते हैं भारत – जहाँ सीक्रेट सर्विस के एजेंट जावेद-अमर-जॉन उनके मंसूबो पर पानी फेरने के लिए तैयार हैं। writer: शुभानंद Voiceover Artist : RJ Manish Author : Shubhanand Producer : Saransh Studios
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Transcript
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हूँ । आप सुन रहे हैं तो आपको एफएम किताब का नाम है जोकर जाउं जैसे लिखा है शुभानंद हाँ, मनीष की आवाज में तो कोई ऍम सुने जो मन चाहे जो करुँगी । सडक के बीचोंबीच उसे खडा देखकर टाइमर पहुंचा कराया गया । दोनों हाथ उठाकर उसे रुकने का इशारा कर रहा था । पहली बार चौडा शख्स जिसके माल बडे हुए थे, गाडी मुझ खानी थी और शरीर पर एक लंबा सा कोर्ट था । ड्राइवर को उसे लिफ्ट देने की सलासी भी चल रही थी । किंतु जब उसे यकीन हो गया कि वह व्यक्ति सामने से हटेगा नहीं और यदि उसने ठीक समय पर ब्रेक पर पैर का दबाव नहीं बढाया तो मैं ट्रक के नीचे आ जाएगा । उसने ब्रेक दबा दी । बडी तेज चरमराहट की आवाज निकालते हुए ट्रक के पहिए फिर हो गए । ट्रक उस व्यक्ति से सिर्फ आधे इंच की दूरी पर रखा था । ड्राइवर ने खिडकी से सर बाहर निकाला और चलाया क्यों? बाइक क्या बात है मानने का ये कौन सा तरीका है । लम्बा चौडा व्यक्ति चुपचाप उसकी खिडकी के पास आकर खडा हो गया और जब उसने अपने हाथ कोर्ट के साइड से निकले तो जैसे ड्राइवर को लगवा मार गया । सारे शरीर में झुरझुरी से फैल गई । दिल की धडकने तेज हो गयी । वो उसे एक शब्द निकालने की हिम्मत खत्म हो गई । उसके बाद हाथ में एक फॅमिली थी जिसे उसने इतनी लापरवाही से पकडा हुआ था । जैसे मैं कोई हथियार नहीं बल्कि कोई टॉस हो जिसका रात के इस वक्त उसके पास होना कोई आश्चर्य की बात नहीं थी । हालांकि ड्राइवर के लिए की स्थिति न केवल आश्चर्यजनक थी बल्कि खतरनाक भी थी । साक्षात बहुत उसके सामने खडी थी तुम गा जा रहा हूँ । उस व्यक्ति ने लापरवाही से पूछा । शायद उसे ड्राइवर की हालत का अंदाजा नहीं था या इस बारे में सोचना उसे समय की बर्बादी लग रही थी । मैं भाई से उसके सवाल लडखडाएंगे ऍफ चाहिए । कहाँ जा रहे हो सरिया किसी प्रकार शब्द बाहर आए ते बिना कुछ बोले ट्रक में चढ गया और ड्राइवर की बगल में बैठ गया । ड्राइवर उसकी तरफ देखने में भी घबरा रहा था । सडक के आगे शून्य में देखते हुए अहकाम रहा था । क्या हुआ? जलो मत जुटाते हुए ड्राइवर ने उसकी तरफ देखा । तब व्यक्ति आराम से पैर फैलाकर बैठा था । फॅमिली उसकी गोद में रखी हुई थी । सर को सीट पर टिकाकर पूरे इत्मिनान से आराम फरमा रहा था । मैं खाते हुए हादसे टॅाप लगाया और धीरे से ट्रक आगे बढ गया । पांच मिनट शांति के वातावरण में दोनों बैठे रहे । पहला पर ट्रक के पैसेंजर के मुँह से निकला नाम अब मस्ती मार फिर काम ऍम क्या हाथ में क्या ले जा रहे हैं ऍम एक फैक्ट्री में काम करता हूँ ऍम सभी देशों में इन का व्यापार होता है तो इस वक्त में लिया जा रहा हूँ । हाँ सरिया में डिस्ट्रीब्यूटर है । उसी को ये माल पहुंचाने जा रहा हूँ । किसी आज्ञा के आधे विद्यार्थी की तरह हर सवाल का जवाब दे रहा था । देता भी कैसे नहीं शक्ल सूरत से ही बहुत व्यक्ति बेहद खतरनाक लग रहा था और उसके बाद करने के शांत लहजे की वजह से उसे और भी ज्यादा डर लग रहा था तो तुम्हारे पास पासपोर्ट भी होगा । हाँ ॅ मुझे ड्रोलिया पहुंचना है । उस ने घोषणा की मरती समझ गया कि यह व्यक्ति एक आतंकवादी है और उसके ट्रक के जरिए सीमापार करना चाहता है । यानि इस वक्त वह एक आतंकवादी की मदद कर रहा है । कितना बडा जुर्म यदि सीमा पर तैनात सैनिकों द्वारा पकडा गया तो इसके साथ साथ खुद उसका भी जेल में पहुंचना निश्चित है । इस वक्त उसकी भलाई इसी में है कि इसे चुपचाप सुरक्षापूर्वक सीमापार कराते । कुछ सोचते हुए मैं बोला सारे पहुंचने के दो रास्ते हैं । आम तौर से मैं छोटे रस्ते से ही जाता हूँ । पर उस रास्ते से सीमा पर काफी होती है । जबकि लंबे रास्ते पर सीमा पर सिर्फ एक चौकी पडती है । वहाँ से हम आसानी से निकल जाएंगे । नहीं उसने घर नहीं नहीं वो लम्बा रास्ता के डर से चार मील बाद चौराहा पडेगा । उस लाते रास्ते के लिए हमें दाई बोलना पडेगा । छोटा सा सीधे पडता है । मैं कुछ नहीं बोला, सिर्फ हामी भरकर सामने देखता रहा । उसके चेहरे पर कोई शिकन क्या परेशानी नहीं नहीं । मैंने ऐसे काम है । हजारो बार कर चुका हूँ । अच्छा चलता रहा । साथ में चलता रहा । मार फीका पहचानती हूँ क्या क्या सोचता चला गया है । कुछ हिम्मत करके उसने पूछा आप कौन है? जवाब में मुस्करा दिया । वहाँ खतरनाक इंसान मेरे को लगा । शायद ये सवाल पूछ कर उसने खुद अपनी मौत को नहीं बता दे दिया । ना एक आतंकवादियों ना मैं बात चालीस मासी का दिल धारधार बचने लगा । उसके बगल में एक ऐसा दुर्दांत आतंकवादी बैठा था जिसका जिक्र बाहर आए दिन न्यूज में सुनता रहता था । कैसा दुर्भाग्य था उसका पहली बार किसी आतंकवादी से सामना हुआ और वह भी सीधे आतंकवादियों के आपसे । उस पर भी बडा दुर्भाग्य ये था कि उसने बेवकूफी में उसका नाम भी पूछ लिया । निश्चित ही सीमापार करने के बाद उसके जीवन लीला समाप्त कर देगा क्योंकि अब है इतने पडे रहते को जान गया था पर क्या पता हूँ इस दुर्दांत को उस पर रहे हो जाएगा । शायद मैं उससे खुश हो जाएगा । एक बात बोलू बादशाह अरे सर, हिलाकर आ गया मुझे आप लोगों का नजरिया पसंद है लेकिन कल गलती के है अपने देश और धर्म के हक के लिए तो काम करते हैं आप लोग ये देश भक्ति का ये तरह से कम है ना । बच्चों से ध्यान से देखने लगा माॅक उसे लगा उसमें फिर कुछ गलती कर दी तो भी चाहूंगा । मैं मरती है । एक बार तो से लगा केश बादशाह ने पायर कर दिया पर मैं आवाज थी उसके ठाठ की नहीं चला गया है । मरती को समझ में नहीं आया कि वह राहत महसूस करें या करें । दिल खोल के हंसने के बाद क्या बोला कितना डरता है? आदमी दो सेकंड की बहुत से हर वक्त ऑफ में जीता है । मर्फी को लगा सीमापार करने के बाद निश्चित रूप से उसे हलाल कर देगा । इस खयाल से उसकी आंखे भी नहीं मरता । नहीं चाहता हूँ तो मैं सुरक्षित सीमा पर पहुंचा दूंगा । सबसे सारी उम्र किसी से इस घटना का जिक्र भी नहीं हुआ कि इस कुछ मत मारना तो तो तो मैं कैप्टन का वास्ता मच्छी उसकी वेतना सुनता रहा । उसके चुभ होने के बाद बोला तो मेरा नाम जरूर जान गए हो, पर बात चाली क्या है कि ये नहीं जानते हैं । अगर मुझे तुम्हारा खत्म कर रहे की ख्वाहिश होती तो प्लस मांगने की जगह तुम है । मार्किट इमारत पर हत्या लेता । उसके बाद भी मैं सीमा की सेना को को चलता हुआ निकलने का ध्यान रखता हूँ । बात चाहे कुछ भी हो सकता है । उत्तर अहसानफरामोश नहीं मरती की जैसे जान बचाना आगे चौराहा दिखाई देने लगा था । मुंबई चल रहा है । अच्छा ने पूछा हूँ वही है । उसने आंसू पहुंचते हुए जवाब दिया । चौराहे पर पहुंचते ही बातचीत बोला, सीधे चला सीधे अब मगर सीधे अच्छा । इस बार कुछ तेज बोला । बात चाहते मार पीट । ट्रक सीधे निकाल ले गया । उसे समझ में नहीं आया कि अचानक बादशाह को क्या हो गया । अगले पर ताले कैसे पड गए । लेकिन ये छोटा रास्ता है । आगे चौकी पर दर्जनों सैनिक होंगे । हम मुझे इसी तरह से जाना है । बात चाहने तेरह सौ में कहा क्या तुम जल्दी पहुंचना चाहते हो? चलने वाली क्या बात है? ऍम क्यों ले रहे हो? करती को यातायात यदि बादशाह चेकिंग के दौरान पकडा गया तो उसकी भी हट खडी हो जाएगी । समय का बनाने की जरूरत नहीं है । चुपचाप कार्य चलाते रहो । मार पे चुपचाप अपने ईश्वर को याद करने लगा । दोनों देशों को अलग करती सीमा पर दो चौकियां थी । दोनों में करीब पचास मीटर का गया था तो वे लिया की चौकी पर तीस चालीस सैनिक मौजूद थे । दो दो सैनिक पास पडे टापरों पर तैनात थे । कुछ सडक पर आते जाते वाहनों की तलाशी ले रहे थे । दोनों देशों के बीच काफी अच्छे संबंध हैं । दैनिक रोज के इस काम को बेमन से कर रहे थे । लेकिन के नाम पर लोगों के पासपोर्ट और सामान पर एक नजर डालकर उन्हें पैदा कर रहे थे । दो बहन पास करने के बाद लगा ट्रक का नंबर चेकिंग कर रहे दो सैनिक ट्रक ड्राइवर के दरवाजे के पास आ गए हैं । खुल के कुछ कहने से पहले ही ट्रक के ड्राइवर ने पासपोर्ट सामने कर दिया क्या नाम है? पासपोर्ट पर टॉर्च की रोशनी डालते हुए एक सैनिक ने पूछा माॅल्स क्या ले जा रहे हो? ऍम फर्मेंट दिखाने का कष्ट करोगे? सैनिक ने टॉर्च का रुख मार पीके मूंग की तरफ क्या उसके घबराए हुए चेहरे पर पसीना था? क्या बात है? परेशान दिख रही हूँ । नहीं बस हुई परमिट उसके हाथ में थमाते हुए भर की बोला लेट लेट हो गया । उनका ऍम पडेगी इसलिए डोंट वरी मान तो मैं वापस करते हुए मैं बोला देर नहीं होगी । तुम जूते ले जा रहा हूँ । सोने के बिस्किट नहीं । अगर मैं हस्तियां मछली फेमस कराया, दूसरा सैनिक तक के सामान को बाहर से ठोक बजा के देख रहा था । ऍम कुछ सोचा नहीं मिला क्या? गबरा मत मिलेगा तो एक दो बिस्कीट तो भी दे दूंगा । जैक का जवाब आ रहा हूँ । तसल्ली कर लेने के बाद जैक वापस आ गया और बोला फॅस जा सकते हो खट्टा । अभी ट्रक में से तेज आवाज है । दोनों सैनिकों के कान खडे हो गए । आवास काफी तेज थी और साफ साफ सुनाई दी थी मार । फिर सब कुछ समझते हुए भी अनजान बनने की कोशिश करने लगा । उसे चाबी घुमा के इंजन स्टार्ट कर लिया । एक मिनट ये आवाज कैसे नहीं मेरे जूते की थी । मार पीट जबर्दस्ती मुस्कराया और तुम्हारे जूते लोहे के कहते हुए एक झटके में जब दरवाजे पर चढकर अंदर आ गया, मरती के बगल वाली सीट के नीचे बहस कर चुका के छुपा हुआ था । जाॅन उसकी पीठ से लगा दी । उसने चौंककर से उठाया तो जैक सकपका गया । उसका चेहरा मैं लाखों में भी पहचान सकता था तो तुम इधर बाहर खडे सैनिक को उलझन होने लगी । क्या वो किसी औरत को छुपा कर ले जा रहा है? क्या अंदर जैक से ले के फोर्टी सेवन अपने कब्जे में ले ली पर उसे नीचे उतरने का आदेश दिया । बाकी सैनिक भी वहाँ गए थे । बातचीत अली को देख कर मैं सभी आवाज थे । उसे फौरन गिरफ्तार कर लिया गया । बातचीत अली की गिरफ्तारी के करीब दो साल पहले तो वे लिया की राजधानी मजाक में एक रहस्यमय घटनाक्रम हुआ था जिसका संबंध बाद जैसे ही था, पर वह ऐसे कुछ जानने वाले सिर्फ कुछ ही लोग थे । फॅमिली । आपके एक जाने माने वैज्ञानिक अभी अभी घर को लाभ करके अपनी कार में बैठे थे । घर पे बैठे ही उन्हें कुछ गडबडी का एहसास हुआ का एक तरफ चुकी हुई थी । बाहर निकल कर देखा तो पता चला कि कार के टायर की हवा ने की हुई थी फॅार उन्होंने पहले से ही लाइफ पहुंचने में देर हो रही थी । पांच मिनट में एक जरूरी कॉन्फ्रेंस शुरू होने वाली थी जिसके अध्यक्ष पे खुद थे । कुछ जरूरी पेपर लेने के लिए भी घर आए थे । बडा घर तो वह महीने में दो तीन बार ही आते थे । साथ ही भी किस के लिए अकेले ही तो थे । शादी के बारे में कभी सोचा भी नहीं । सहारा समय सिर्फ रिसर्च वर्क में ही बीतता था । फ्लैट में ही खाना पीना । वहीं पर सोलह टायर बदलने का समय नहीं था । तेजी से सडक की तरफ चलती है । गनीमत था की एक खाली टैक्सी पास में ही खडी मिल गई । ड्राइवर जो की अंदर बैठा उन रहा था । प्रोफेसर के बैठते ही जागरूक हो गया । उसको पूछने का मौका दिए बगैर प्रोफेसर ने कहा रिसर्च लाख ले चलूँ । चलती जी डाॅ कर दी । पांच बजे तक पहुँच चुपचाप बैठे रहे । फिर कुछ क्रोधित स्वर में बोले अरे भाई क्या बात है इधर उधर क्यों तुम्हारे सीधे रास्ते से क्यों नहीं ले चलते । पिछले चौराहे पर भाई बोलता था साहब है रास्ता । इस वक्त फोर वीलर के लिए बंदा क्या बकवास है? अभी पांच मिनट पहले ही मैं उधर से आया था । मैं तुम लोगों को अच्छी तरह से जानता हूँ । मीटर रीडिंग बढाने के चक्कर में ऐसा करते हो तो सहमत हूँ और ये सारा हजार चलाया तक । जितना किराया होता है आप मुझे उतना ही रहना । बोलते वक्त ड्राइवर उन्हें रियरव्यू में देख रहा था । ऑफिसर अभी भी गुस्से में थे । उधर भी कैसे नहीं । जिस कॉन्फ्रेंस का आयोजन खुद कर रहे थे, उसी मिले पहुंचने वाले थे । ऍम पिछले हफ्ते दो बार चलाना चुका । ऐसा अभी कोई रिस्क नहीं लेना चाहता हूँ । प्रोफेसर ने गहरी सांस छोडी और गाडी को ताकने लगे । बिस्तर है एक और चौराहा निकल गया । टैक्सी सीधे निकल गए । प्रोफेसर मैं कुछ नहीं कहा । जब तीसरे चौराहे पर भी उसने टैक्सी नहीं मोदी तो प्रोफेसर का सब्र टूट गया । ऍम पहन सकती से बोले क्या हुआ साहब ऍम? और तभी बुरी तरह से हार पडा गए प्रॉफेसर । उनकी सीट के नीचे से एक आदमी निकल आया तो उसके हाथ में रिवॉल्वर थी जिसकी फॅमिली लम्बी थी । उसने अंगुली को होठों पर रखकर तो ऑफिसर को चुप होने का इशारा किया । ये सब ये सब क्या है? फॅार? क्या ये मेरा दोस्त है साहब सीट के नीचे हो रहा था । आपके शोरशराबे से इसकी नींद खुल रही क्या चाहिए? तुम लोगों को लियो रखो कहकर प्रोफेस अपने जेब से पर्स निकाला और कहा तो आपको सारे पैसे घडी भी ले लो । इन सब से ज्यादा कीमती मेरा समय है । तुम्हारे समय की कीमत हम अच्छी तरह से जानते हैं तो मैं पूरी कीमत अदा करेंगे । ड्राइवर का तो उसको बोल इससे तो आप जानते ही होंगे । तो वो भी बहुत अच्छी तरह से क्या है ये प्रोफेसर ने देखा । उसने एक छोटी सी बोतल निकाली थी जिसमें पारदर्शित रुपया था । ऍम तो अच्छी नीम के लिए उसने धमाल को उससे भी हो गया । क्या चाहते हो तुम लोग? मैं तो इसके आगे उनकी आवाज को उसके रुमाल वाले हाथ ले । रुपया ऍफ आ गई । गहरी मेस होते चले गए । जब प्रोफेसर की नींद खुली तो उन्होंने खुद को एक अंजान जगह पाया और अपने चारों ओर की स्थिति देखकर उनकी आत्मा तक घृणा से भर गई । उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था की इतना सब कुछ उनकी बेहोशी में हो गया । कुछ मिनटों में उनका जीवन इस तरह से बर्बाद हो गया है तुम लोग को इतने नीचे तक कैसे कर सकता है । वर्ष पर रहते हुए उन्होंने कहा, उनके शरीर पर एक भी कपडा नहीं था । पूरी तरह से नग्न थे । पास में ही एक और शरीर था । एक जवान लडकी का पहली पूरी तरह से बस्तर की थी । बेहद गहरी नींद में सो रही थी मैं ड्राइवर एक कुर्सी पर बैठा था । उसके हाथों में कैमरा था । उसने कुछ कपडे प्रोफेसर के ऊपर फेंक दिया जिन्हें पहले लीजिए तो लोग होगा । उनका इन सब से क्या मिलेगा? तो मैं हमने आपको उस लाश के साथ लेता अगर कुछ फोटो ले लिए हैं । अब पुलिस सोचेगी । यहाँ तो आपने इसका क्या या फिर आपके इसके साथ गलत संबंध है और कर किसी वजह से आपने इस का मर्डर कर दिया । मैं भी वैज्ञानिक तरीके से और आम साधु चिल्लाते हुए प्रोफेसर उस पर चढ बैठे हैं । अपनी नग्नता का जरा भी होश नहीं रहा । उसका गला कसकर पकड लिया । पास में खडे दूसरे आदमी नहीं जल्दी से प्रोफेसर को खींचा और एक झापड जमा दिया । अपने पूरे नंगे जिस्म को दिए एक तरफ गिर गए । पानी पिलाओ ऍसे कहा पानी पीने के बाद उन्होंने प्रोफेसर को कपडे पहनने का निर्देश दिया । प्रोफेसर के चेहरे पर मुर्दानगी छाई हुई थी । उन्होंने धीरे धीरे कपडे पहन लिया । आराम से बैठे हैं । हमारा यकीन बनी है । हम आपके हित में ही सोच रहे हैं । समाज के कानून को हमने की मानते हैं । हमारे अपने कानून है । हम कहते हैं खुद सफल बनो और दूसरों को भी सफल बना । बडे आराम से पूरी सभ्यता के साथ कह रहा था । प्रोफेसर ने ध्यान दिया कि उसने महंगा जोर पहन रखा था और देखने में कोई बिजनेस में लग रहा था । हम आपको अमीर बनाना चाहते हैं और उसके बदले में आपके दिमाग का सदुपयोग करना चाहते हैं । आप सोचेंगे कि हम खूनी अपराधी है पर हम ने तो ये खून एक अच्छे काम के लिए ही किए हैं । मैं बोल रहा था ऍम मैं बोले जा रहा था ये कॉल करते थे । कल रात मैंने इसको लिखती कहलाया और इसका खत्म कर दिया । तो मतलब पर जरा सोचिए क्या ये एक अपराधी नहीं है? कितने लोगों को ये एज आदि रोग फैला सकती है? कितनी पत्नियों का सुख लूट सकती है? सच कहूँ इसे मारते वक्त सराब पिता या नहीं आई थी पर फिर भी आप कहेंगे कि खून खून है । खतर किस लिए? यदि आप अपने दिमाग का सदुपयोग किसी और से कराने लगे या अमीर बनने के बाद आप हमें धोखा देने के बारे में सोचने लगे तो आपको कंट्रोल में करना हमारे लिए बेहद आसान होगा । ऍम पैसे के लिए में ऐसा करना पडा । सिर्फ अपने बचाव के लिए ऍम तो कोई गलत चीज नहीं है । किसी प्लान के हिसाब से आप का अपहरण करना पडा । उनसे जो ये छोटे मोटे जुर्म हुए हैं उनसे ये बिल्कुल मत समझना की हम आपको धोखा देंगे । ऐसा कभी नहीं होगा बशर्ते हाथ हम एक होगा ना दें । उस स्थिति में हमें आपको समाज के कानून के हवाले करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी । मुझे क्या चाहते हो? क्या काम करवाना है उसकी बातों से । प्रोफेसर आर्थर किस्मत को बेहद नफरत हो रही थी । सब कुछ बताता हूँ कहकर बहुत मुश्किल है । आप कुछ नाव में लग रहे हैं । मुझे खुशी है कि आपका माइंड सेट करने में ज्यादा समय नहीं लगा । पैसे भी आप एक वैज्ञानिक है, ज्यादा समझदार है । मैं तो ठीक है पर इसका क्या करोगे? लाश की तरफ इशारा करते हुए प्रोफेसर ने पूछा लाश पर नजर पडते ही उनके शरीर में भाई की एक लहर दौड गई । आप चिंता मत करिए, ये सर दर्द हमारा है । यहाँ से कहीं दूर भिजवा देंगे । लेकिन लेकिन पुलिस ने ढूंढा तो आप भी कमाल गाॅव यदि पुलिस को लाश नहीं मिली तो आप हमारे कंट्रोल में कैसे आएंगे? लाश पुलिस को मिल जाएगी पर उन के बाद भी हम तक नहीं पहुंच सकते । तो वैसे भी एक कॉल दाल की हत्या से किस के पेट में दर्द होता है । केस फाइल में तब्दील होकर पुलिस के हजारों के ढेर में शामिल हो जाएगा । सबूत रहेंगे हमारे पास और इस फाइल को दोबारा हम ही खोल सकेंगे । पर ऐसा होने नहीं देंगे । हमें अब तक पूरा विश्वास फॅस का मुद्दा दे रहे हैं हूँ । हो सकता है आप ये सोचेंगे की फोटो ये तो साबित करते हैं क्या अगडे उसके साथ सेक्स किया तो खत्म ही नहीं तो यहाँ पर क्या खत्म का प्रमाण भी हमारे पास है एक शहर का इंजेक्शन जिस पर आपके ऍम करजात में इसका खून भी तो मौजूद हैं । तो ये है कि आप समझ सकते हैं ये सब प्रकार की बातें भूल चाहिए । उस तरह की बात करते हैं । इस तरह उस फॅार के बिना ही हो गई । बात में उन्होंने माइग्रेन का बहाना बनाकर सबसे माफी मांगे । उनकी मौत ही पर ध्यान दिए बगैर सभी इस बात पर चिंता करने लगे हैं । कई लोगों ने उन्हें चार कप कराने का अनुरोध किया । उनसे दवाओं के बारे में पूछा जाने लगा । कई सावधानी बरतने को कहा गया । प्रोफेसर सबको चिंता करने का धन्यवाद दिया और कहा कि वे अपना ख्याल रखेंगे । दो दिन बाद प्रॉफेसर का नॉर्मल रूटीन चालू हो गया । पर भाजपा ऍम की शामत आ गए । रात में कुछ घंटों की नींद लेने के बाद ऍम अपनी प्राइवेट लाइफ में पहुंचे । उनका लाॅस हमेशा की तरह पहले से मौजूद था । कुछ आवश्यक रसायनों और करने को तैयार करना उसका रोज का काम था । ऍम आकर सीधे कोने में रखे अवन के पास पहुंचे । इस वजह से लैब में प्रयोग होने वाले क्लास की विभिन्न सामग्री जैसे कि फॅमिली कर आदि को स्टेरेलाइज किया जाता था । ध्यान से अपन को देखने लगे और उनके पास पहुंचा । जबकि दूसरा ऍम तैयार करने में लगा था । क्या हुआ? तब मैंने पूछा था इसका तापमान कैसे? क्या तापमान को नियंत्रित करने वाले ना? आप को देखते हुए उन्होंने पूछा नहीं किया था सर, अब हम और कहकर एक सौ सत्तर थप्पड पहुंचर के चेहरे पर चढ दिया । दूसरे एसिस्टेंट के हाथ से रसायन की एक बोतल छोटे छोटे बच्चे फॅार को देखता रहेगा कई साल बाद या कहीं के स्कूल से निकलने के बाद । पांच उसे पहली बार थप्पड पडा था । ऍम पहुंचा बोला क्या हो सर तो सब काम चोर हो । मुफ्त की नौकरी मिल गई । हाँ पूरी खराब खोरी कर रही हूँ । मैं चलाएंगे तो फॅसे उन्हें ताकते रहे । पत्थर अस्मित का ऐसा कौन रूप है तो पहली बार देख रहे थे मुझसे क्या गलती हो गई सर । आॅफर में पूछा चलो मेरे साथ चलो दोनों को धकेलते हुए देता । हर चलती है । दोनों को समझ में नहीं आ रहा था । आखिर हो क्या गया फॅसने प्रश्नात्मक दृष्टि तो अगर पर डाली पर वह भी हैरान था । चार साल से विरोध यही काम करते थे । आज तक कभी कोई ऐसी गलती नहीं हुई कि कोई इस तरह ऍफ करें । दोनों को ये तो समझ में आ गया कि प्रोफेसर धकेलते हुए उन्हें रिसर्च लैब के हैड के पास ले जा रहे थे । ऍम फॅमिली रहने लगा । अब बताइए नजर मुझे मुझे गलती क्या हो गई ऍम कुछ सुबह उन्हें धकेलते रहे । लेट के बाकी लोग भी ये तमाशा देखने लगे । इससे पहले की कोई पूछने के लिए आ गया था । आर्थर उन्हें लेकर लेफ्ट में चले गए ऍम था अपने ऑफिस में उन्हें इस तरह आते देख हेड चौकर खडे हो गए क्या बातें प्रोफेसर इन दोनों हरामखोर ओ से मैं नहीं निपट सकता अभी संभालिये नहीं लेकिन हुआ क्या क्या? क्या इन दोनों ने बराबर पहुंचर का कॉलर खींचते कोई प्रोफेसर ने कहा पता नहीं सर तो चाइना की प्रॉफेसर मुझे कुछ नहीं पता । मैंने कुछ नहीं किया ऍफ किया था मैंने तो पहुंॅच किया था टोमॅटो झूठ कहकर प्रोफेसर ने एक और जो राव था पर चलती ऍम क्या कर रहे हो? कहते हैं उनके बीच में आ गए ऍम अगर उन्होंने कोई गलती की है तो उसकी सजा ही नहीं मिलेगी । फॅमिली पर अभी भी थोडी सी तमतमाते हुए उसे खोल रहे थे क्या बात है? ऍसे हुए पूछा तो मैं वहाँ तक अपडेट करना नहीं आता सर मैंने तो रोज की तरह आज भी वही क्या प्रयोग आने वाले सारे क्लासेज का सामान अपन में रखकर तो सौ सात डिग्री काॅस्ट कर दिया । झूठ अर्थर उसमें चला है । ये हरामखोर झूठ बोल रहा है । फिर ऍम टू सिक्सटी टू फॅार को खोल के रह रहे हैं फॅार एक दूसरे का मुंह ताकते लगे तो ऍम और क्या क्या? इसमें एंड ने पूछा तो प्रोफेसर एकदम खडा बडा गए । हेल्थ को कुछ देर खोलने के बाद कहा और भी कुछ करने को रह गया है क्या? कुछ देर सबको देखते रहेंगे । फिर सोचने लगे हैं । छह तय कर रहे थे कि वह जो सोच रहे हैं वह सही है या गलत । जहाँ तक मैं समझता हूँ ऑफिसर हमने सारी चीजें रख कर दो सौ साठ डिग्री टेम्परेचर साइट कर दिया जाता है तथा इसमें बाद अवन को ऑफ कर दिया जाता है । पर उस अवन में दो तीन डिग्री के तापमान से क्या फर्क पडता है । यदि तापमान तो डिग्री ज्यादा हो गया तो उससे क्या नुकसान मालूम हो जाएंगे? और तो डिग्री सादा होने से गिलास को कोई भी नुकसान नहीं होगा । आपको नहीं लगता क्या कुछ ओवर रिजेक्ट कर रहे हैं? हाँ बस और कुछ नहीं बोले । शान्तिपूर्वक अपने चश्मे को सही करते हुए टेबल को घुटने लगे । प्रोफेसर ऍम के कंधे पर हाथ रखा है तो आप की तबियत कुछ ठीक नहीं लग रही है । जनता हूँ की आप बहुत मेहनती है, अपने काम को पूरी तरह से समर्पित होकर करते हैं और अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए । फॅार चले जाते हैं । ऍम बोलने लगे ऐसा हो जाता है मेरे साथ भी हो चुका है । काम के इस पैसे गुस्सा बढ सकता है । रात को आप सात घंटे की पूरी नहीं अगर ये प्रोफेसर ने कुछ नहीं कहा चुपचाप सर हिला दिया । पेट के आग्रह पर भी वशराम घर में पहुंच गए हैं । खुद नहीं तब आदि और कुछ देर सोने को कहा तो हो गए दो घंटे बातें लैब वापस पहुंचे । दोपहर में लंच के वक्त फॅार को अपने रूम में याद किया । सब कुछ समझ में नहीं आया । आज तक प्रोफेसर ने कभी ऐसा बर्ताव नहीं किया । डॉक्टर कह रहा था आप उठाना तो दूर कभी हम लोगों से तेज आवाज में बात भी नहीं की । अपना काम हम लोग हमेशा ठीक तरह से करते हैं । कभी उन्होंने कोई शिकायत नहीं की । पर आज तो उन लोगों की बात सही है । अचानक ही आज ये सब हुआ । उन की तबियत खराब दिख रही थी इसलिए शायद छठ चले हो रहे थे सर । ॅ पैसे भी दुनिया में अकेले हैं । उनके घर में कोई नहीं है । हर समय सिर्फ रिसर्च के बारे में सोचते रहते हैं । ऐसे में स्वाभाविक है कि अच्छा भला इंसान भी पगला जायेगा । इतनी बुरी हालत भी नहीं इतने का और ऐसा ना प्रमोशन से पूछे । थोडी देर पहले प्रोफेसर कुछ काम करते करते, बेवजह पीकर और टेस्ट तोड रहे थे और पता नहीं क्या क्या कह रहे थे । कह रहे थे कि ये पीकर नहीं चाहता की मेरे रिसर्च सफल होगा । नौशाद ने कहा फिर सोच में पड गए । फिर बोला ठीक है तो लोग जाता हूँ । हो सकता है कि आज रात होने के बाद दूसरे दिन नॉर्मल हो जाए । कुछ बात हो तो कल बताना । दूसरे दिन तो आॅडी कर दिया । लास्ट में घुसते ही एक एक कांच के सारे उपकरण वर्ष परफेक्ट पे लगे हैं । कुछ देर तक तो उनके दोनों सहायक कपिराई से देखते रहे । फिर मैं भागकर आस पास से और लोगों को बुलाना है । डॉ । ऑफिसर को रोका गया । ऍफ का पूरा साफ बहुत इकट्ठा हो गया था । वो भी वहाँ पहुंच गए । ऍम तोड फोड तो बंद कर दी थी पर अब एक कुर्सी पर बैठकर उन टूटे हुए कांच के उपकरण की ओर देखते हुए गालियां दे रहे थे । ऍम के पास आकर कंधे पर हाथ रखा और कहा ऍम ठीक ही तेजी क्या हो गया । आपको तेजी से झटक दिया और था उसका कराया क्या हो गया? क्या लग रहा तो है बना बैठाया कुछ राय क्या हो गया ये ये ये हो गया ये हो गया कहते हुए बहुत टूटे फूटे कांच के टुकडों को जूते से कम नहीं लगे के इशारे पर कुछ लोगों ने आगे बढकर होने जगह लिया छोडो ऍम चार लोगों देख कसकर पकडे हुए थे । प्रॉफेसर की एक ना चली ले चलते हैं । वो लोग उन्हें एक कमरे में ले आए । ऍम का एक इंजेक्शन उन्हें लगा दिया । प्रोफेसर को कुछ ही मिनटों में नींद आने लगी है पर फिर भी उनकी आगे खोली थी और वहाँ कुछ बता रहे थे । दस मिनट बाद भी जब पे नहीं हुए तो उन्हें एक और दोस्त दिया गया उसके बाद हो गए । उनकी नींद खुली तो देखा भी एक साइकैट्रिक क्लीनिक में थे भी मौजूद हैं । फॅसने उनसे बातचीत शुरू की तो उन्होंने प्याज सामान्य ढंग से जवाब दिया । क्लीनिक से निकलने के बाद ऍफ के कुछ लोग जो क्लीनिक तक आए थे, हैल्थ का देखो हम लोग चाहे मुझे पागल को हो जा सकती है तो सब मेरी नजरों में हरामखोर बन चुके हो । मैं आप कभी लाभ नहीं आऊंगा और ना ही तुम में से कोई मुझे इस ओवर के पिल्ले के पास ला सकेगा । उन्होंने साइकैट्रिक एक लेने की तरफ इशारा किया तब आपको कोई पागल नहीं कह रहा हूँ ऍम आप हमारे सीनियर हैं, हम से बडे हैं, हम आपका साथ चाहते हैं लेकिन आप के बिना अधूरी है तो बेटे क्या करूँ तुमसे मैं प्रोफेसर बिहार से कहने लगे फिर एकदम से सकती दिखाई खाना मी तो तो भी कमीने पूरी सैलरी महीने जेब में डालता है और लाइफ के लिए एक ले का काम नहीं करता है । मुझे देख मुझे मुझे ओवर को देख कुत्ता हूँ मेरा दिमाग खाली हो गया लाइफ के लिए । ऍम विभाग थोडा ऍम बिगड गया तो सबको भाग लगने लगा । ऍम पढे लिखे पढो जब बच्चा बडा होता है तो उसका शरीर नहीं बदलता । हार्मोनल चेंज नहीं आती तो बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाते हैं । डॉक्टर साहब तो देखिए मेरा बच्चा कैसे लंबा होता जा रहा है । मैं चाहिए इसे ऍम ऍम के दिमाग कैमिकल भी चेंज हो जाते हैं । उठा लाये एक ओवर के फिल्म के पास मुझे तो मैं घर जा रहा हूँ तो लोगों को बता दिया मैं आपसे अब कोई जाता नहीं ना मुझे पेंशन की जरूरत है । तुम लोगों की तरह शराब फॅार पैसा नहीं उठाया मैंने बहुत बच्चा गया है कि जिंदगी के लिए बहुत है । इस तरह न जाने के अकड पढाते हुए प्रोफेसर वहाँ से निकल गए । किसी ने उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं की । जिस टैक्सी से लाए गए उसका कुछ लोगों ने पीछा किया ताकि ये देख सकें कि बहुत ठीक ठाक घर पहुंच गए । रिसर्च लैब के हैं और कई वैज्ञानिकों ने तरह तरह से आर्थर स्मिथ को समझाने की कोशिश की । मनाने की कोशिश की महिला पसला अगर फिर साइकेट्रिक के पास भी ले गए । अच्छा इसमें धोखा खाकर पहुंच जाते । बिल्कुल सामान्य ढंग से दर्शन बीत जाता है पर बाहर निकलते ही पे ले जाने वालों को गालियां देकर घर चले जाते हैं । इस तरह समय के साथ साथ लोगों ने भी कोशिश छोड दे छोड दे भी कैसे नहीं हम पर बार बेइज्जती बर्दाश्त करता तो ऑफिसर की मुझे गंदी का लिया सुनता अपने ऑफिस अपने अपने घर से निकलना छोड दिया । दो महीनों में रिसर्च चला । आपने भी उनसे हर तरह के नहीं था तोड दिया । अब प्रोफेसर आर्थर स्मिथ की दुनिया अलग थी । दो साल बाद जब बादशाह अली ड्रोलिया की जेल में आ चुका था तो वे लिया की राजधानी ऍम ऍम अपने क्लीनिक के पास के एक होटल में लंच ले रहे थे । लंच के बाद उन्होंने स्वीकार सुलझा लिया था । तब उन्होंने देखा एक आदमी तेज कदमों के साथ उनकी तरफ आ रहा था । उसने पास अगर पूछा डॉॅ यह क्या मैं आप से बात कर सकता हूँ क्योंकि मैं तो बैठे हुए अपना परिचय पत्र निकाल कर के बल पर रख दिया । मैं डायमंड हो, डीसीआई से कृष्टि । थोडा चौथा डीसीआई यानी ड्राॅ जी । मैंने आप की बहुत तारीफ सुनी है । डॉक्टर मेरे पास एक रोगी हैं । उसे सिर्फ आप ही सही कर सकते हैं । ऐसी सोच में पड गया । उसे लगा एक जासूस के पास कोई पागल मुस्लिम ही रोगी हो सकता है । आपसे देखिए शायद क्या वहाँ कोई नहीं? वैज्ञानिक तो फॅमिली दो साल पहले तक मैं देश के रिसर्च लाख में काम करते थे । ठीक है तो आप उन्हें कल सुबह मेरे क्लिनिक मिला सकते हैं । लेकिन उससे पहले मुझे विस्तार में उन के बारे में जानकारी चाहिए क्योंकि पूछे यहाॅं मेरे क्लिनिक में चलिए लगभग दो मिनिट में दोनों उसके लेनी पहुंच गए । फिलहाल लंच टाइम था और उनका अभी कोई पेशेंट नहीं था । उनका सहायक वेटिंग रूम में बैठा था । मैं दोनों क्रिस्टी के कैबिन में हम गए क्योंकि संप्रग था तो पेपर बैठते हॅूं आप बताओ की दो साल पहले क्या हुआ था तो फॅमिली दीजिए क्यो । उनके साथ ही वैज्ञानिकों का कहना है कि वह एकदम से सडक गए थे । खाना जी हरकते करने लगे थे तो वो टाॅम किया गया । कोशिश की गई पर कुछ सफलता हाथ नहीं आई है । उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में कुछ बताइए? उनके बना रही है शादी कभी कि नहीं फॅमिली निकाल दिया उनका कोई खास दोस्त की नहीं । क्रिस्टी सारी बातें नोट कर रहा है । कोई रिश्तेदार अभी तो मेरे अलावा कोई भी नहीं है । उनके भाई यानी मेरे पिता था तरह कई साल पहले ही हो सकता है तो आप उनके मेरे अंकल हूँ । मैं समझ रहा था कि ये किसी अपराधी से रिलेटेड है नहीं । डाॅ । मुस्कराया की पूरी तरह से पहुँचा है । सच बात करूंगा । मैंने अपना आईडी कार्ड आपको सिर्फ इसलिए दिखाया था था कि आप मुझे डाले रहेंगे । स्पॅाट की शक्ल पहले से काफी बदली हुई थी । चेहरे पर पडी हुई गाडी मुझे आंखों में थकान भरी थी और शरीर काफी पतला हो गया था । डायमंड के साथ फॅमिली में सुबह पहुंचेगा डाॅ । किया और आर्थर उसमें डॉक्टर के रूम में चलो । डॉक्टर उन्होंने गर्मजोशी से क्रिस्टी से हाथ मिलाया । फॅस तो इस मीटिंग अब यहाँ आराम से सो पेपर ले जाई । धरने पैसा ही क्या आपका आज का दिन कैसा रहा? ठीक है, बिलकुल खुश है । मैं भी बाहर हूँ और घर का मूल्य तक क्या पता नहीं पहले क्यों नहीं समझते हैं? क्या आप मुझे ठीक कर सकते हैं? फायदा करता हूँ, पूरी कोशिश करूंगा । आर्थर ने सरेला फिर दीवार पर लगी पेंटिंग को घोरने लगे । आप आज कल क्या कर रहे हैं? ट्रस्टी ने पूछा दोस्त फोन करुँ, दोस्ती के बाद प्यार होगा, घर में शादी करूंगा । ये तो बहुत अच्छी बात है क्या फिर हालत की कोई गर्लफ्रेंड है? नहीं ऍम आपका हाँ मेरा नौ से शादी भी कर सकता हूँ । तो क्या आप का सेक्रेटरी शादीशुदा है? आर्थर एकदम से खुश होते हुए बोला क्या आपको हमेशा से आदमी अच्छे लगते थे । आर्थर चुप रहे । आपने छत को खो रहे थे । ऑफिसर मुझसे बात करिए । डॉक्टर तुम भी मुझे पागल समझ रहे हो जी आप सिर्फ बीमार है । मैं जानता हूँ तो किस बीमारी का इलाज करता है । सोवर चलाते हुए उठ खडे हुए प्लीज पाॅड ऍम सामान्यता कैसे बैठा हूँ कहते हुए तहत हमसे सोफे पर बैठ गया और डालते हुए बोले मैं तो भारी तरह फालतू नहीं हूँ । मेरे पास कर जलाया काफी कम है । हमारी तरह लोगों को बेवकूफ बनाने का धंदा नहीं है । मेरा ऑॅफिसर अपने काम के बारे में कुछ बताइए । वहाँ ऍसे अभी मैं साइंटिस्ट लोगों को अपना काम बताता घूमूंगा गया । क्रिस्टी शांति से उन्हें देखता हूँ । उसे किसी तरह से विचलित हो देना देखकर आर्थर ने भी थोडा अंदाज बदला और फिर अपने मन से बोले तब तक मुझे लगता है कि मैं वापिस कर पूरा हो चुका है । प्रभात भी कह रहे हैं ऐसा क्यों? सब मुझे पागल समझते हैं इसलिए मैंने लाइव छोड दी । मेरा आविष्कर्ता कितना भी अच्छा हूँ कोई से नहीं पूछेगा । दो पल की खामोशी के बाद बोले देखते हैं एक दिन ये सब लोग बच पाएंगे । मुझे सुनने वाले लोग सिंधा नहीं रहेंगे, उन्हें बढना होगा और मैं उन पर हम होगा । जिस तरह आज पहन मुझ पर हस रहे हैं । पर किसे पता था कि प्रोफेसर ने जो कहा मैं आगे जाकर सच होने वाला था । उसके चुभ होने के बाद करती बोला क्योंकि अब चिंता मत करिए । फिर आपसे वादा है कि आप ठीक हो जाएंगे तो यहाँ पर नहीं देगा । अधर मुसकराकर सब कल फिर मिलेंगे । प्रॉफेसर डॉक्टर क्रिस्टीज होने के लिए पलंग पर लिख दिया था । आंखे बंद की तो अठारह मिनट का चेहरा सामने आ गया । डॉक्टर मुझे लगता है कि मेरा आविष्कार पूरा किया क्या वाकई प्रोफेसर के पास पैसा हर एक काम करने लायक क्षमता है? नहीं वह सब तक तो नहीं उसका पति ॅ टीसीआई ॅ क्या ये मामला वही है जो आंखों से दिख रहा है? हाँ, कुछ और क्रिस्टी का दिमाग दौड रहा था । पांच के जैकब से उसे अभी भी शक था कि प्रॉफेसर भाग गई पागल है जा रही है । ऍम दोस्त पे काम करता था । उसने शाम को उसे फोन किया था । उसने बताया अगर पहले तो एकदम ठीक था ऍम की हो गया था । उनके जैसा दिमाग में किसी के पास नहीं था । लैब छोडने से पहले बहुत चीजें तोडने फोडने लगा था । अपने सहायकों को मारता पिटता और लोगों को भक्ति पति का लिया था । आप छोडकर बहकर आ गया और अपनी प्राइवेट लाइफ में काम करने लगा । जहाँ तक समझ जाता है असर अकेले में खुश रहने वाले इंसान थे । काफी वैज्ञानिक ऐसे ही होते हैं । फिर वह इस हालत में कैसे पहुंच गए? क्या जरूरत बहुत ज्यादा काम से या फिर उन्हें पागल होने के लिए मजबूर कर दिया गया । कृष्टि मन कर रहा है से आदमियों के बारे में ऐसी बातें क्यों कर रहे थे? हो सकता है मैं ही हूँ मैं कुछ सारा ही सोच रहा हूँ करुँगी बात करके शायद कुछ पता चलेगा क्रिस्टीना होने के लिए करबट बदली पर तभी उनकी घंटे बचने लगी हूँ । डॉक्टर क्रिस्टिनी अर्थर की आप पास तुरंत पहचान ली । ऍम क्या हूँ? मैं पागल नहीं हूं मुझे तुम्हारी मदद की जरूरत है । तप्राय होते हैं, पहचानता हूँ ऍम हम कल मिल रहे हैं ना नहीं अभी ऍम मैं आपको काफी कुछ बताऊंगा । मुझे मुझे सच में पता चाहिए कहकर उसने फोन कर दिया । गस्ती को ये मामला पडा ही । पेचीदा लगा । शायद और कोई होता तो क्या उसे पागलपन का दौरा समझकर डालते था और उसे तो लग रहा था कि आधार इसमें पागल है की नहीं और वाकई किसी मुसीबत में हैं । दस मिनट बाद उसके कार ऍम स्मिथ के घर की तरफ जा रही थी

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प्रोफेसर अर्थर  स्मिथ एक विदेशी वैज्ञानिक था जिसने एक ऐसे हथियार का आविष्कार कर लिया था जिसे पाने के लिये विश्व के कई आतंकवादी संगठन व  माफिया लालायित थे।  खुफ़िया एजेंसीज़ व पुलिस इस आविष्कार की तह तक पहुंचना चाहती थी । इस बीच अर्थर  स्मिथ की रहस्यमय हालातों में मौत हो जाती है और उसकी एक फ़ाइल जिसमे हथियार से सम्बंधित सीक्रेट कोड्स छिपे थे, कई हाथों से होते हुए जोकर नाम के जासूस के हाथ आ जाती है। फ़ाइल पाते ही जोकर अपनी ही एजेंसी से बगावत करते हुए माफिया से जा मिलता है। आविष्कार को खोजते हुए सभी दिग्गज पहुँचते हैं भारत – जहाँ सीक्रेट सर्विस के एजेंट जावेद-अमर-जॉन उनके मंसूबो पर पानी फेरने के लिए तैयार हैं। writer: शुभानंद Voiceover Artist : RJ Manish Author : Shubhanand Producer : Saransh Studios
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