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आख़िरी ख़्वाहिश अध्याय -10

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“यात्रा कैसी थी?” उसने मेरे चेहरे को दुलारते हुए पूछा। “मैं ड्‍यूटी पर था।” “ठीक है! मुझे पता है कि इसका मतलब क्या है। यह विद्यार्थियों के लिए एक यात्रा थी और मेरे लिए नहीं।” मेरे कहने का मतलब वह हमेशा समझ लेती थी और उसमें मेरे लिए बोलने का साहस था। मैं मुसकराया, लेकिन कुछ बोला नहीं।, सुनिए प्यार भरी कहानी| writer: अजय के. पांडेय Voiceover Artist : Ashish Jain Author : Ajay K Pandey
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डाॅ । मैं घर जाने वाला ही था कि जब मुझे कॉल मिली और इससे मुझे जीवन में उद्देश्य दिया तो मैंने कहा विजय सरगम आस्था कैसी है? ऍम वो अच्छी है मुझे क्या? वो आस पास है नहीं तो क्या बेज्जत बात करुँ । विजय तो तुमने मुझे उसकी इच्छाओं के बारे में पूछा था तो मैं ज्यादा बोलने में असमर्थ थी । लेकिन मुझे घटना याद आ रही है जब मैं बैंगलौर स्थानांतरित होने की योजना बना रही थी । मैंने उससे उचित सवाल पूछा था आपने मरने से पहले तुम जो दस चीजें करना चाहोगी तो क्या थीं? हमें कौन? तो उनसे पूछा असल मुझे कुछ लिखा था लेकिन मुझे दिखाया नहीं था । मैं निश्चिंत रहीं हूँ । उसने क्या लिखा था? लेकिन मुझे यकीन है कि वह कुछ बहुत गंभीर और अर्थपूर्ण था नहीं तो वह उसे मुझे दिखाती । आस्था की लिख कर रखने की आदत नहीं है । मैं सोच रहा था कि कहाँ वो चाय लिखी हो सकती हैं । ठीक है, हो सकता है उसके पास कोई डायरी हो, कौन जा रहे हैं आखिरकार हमारे रिश्ते केवल छह महीने ही तो पूरा नहीं थे । मैं तुरंत अपने वापस घर लौटा । जानते हुए कि मैं भी डायरी नहीं खोज सकता था । क्योंकि आस्था घर पर थी । जैसे ही मैंने कदम रखा आस्था ने अपना सवाल दादा उनकी उतने कोई कोई से हो तुम रोहिंग्या मैं ऐसे खरीदने के लिए नहीं जा रही हूँ क्योंकि तुमने आंखों को भी संक्रमित कर लिया है । मेरे दिमाग में भी उसकी डायरी की बात ही घूम रही थी और मैं भूल गया था । मेरी आंखें लाल थी और आंसुओं से भरी हुई थी । मैंने उसके कपोलों को दोनों हाथों से लिया और कहा अनुमान लगाना बंद करो मेरी अभूत पत्नी मेरी आंखें खुजला रही थी पिछले मैंने उन्हें जोर से मुस्लिम दिया था । ऍम सच बोल रही हूँ, देश मैं करूंगा । वो कुछ कहने वाली थी लेकिन मैं उसके पास कार्ड मेरे पास अच्छी खबर है और आखिर ता जल्दी से बताओ मैं खराब खबरे सुनकर थक गयी हूँ । मुझे सहायक प्रोफेसर से एसोशिएट प्रोफेसर पदोन्नत किया गया है । मैंने झूठ बोला । सच उसने कहा और मुझे चूमा । बधाई मास्टर जी । मैंने ईश्वर को धन्यवाद दिया कि उसे शक नहीं हुआ कि मुझे कैसे रविवार को पदोन्नति की कौन आ गई और तुम्हारे लिए और अच्छी खबर आने वाली है । एकाउंट्स वाह वो क्या है? कोई जोरदार प्रस्ताव? उसने कहा और हंसने लगे । उसने मुझे आलिंगन में लिया और कहा मुझे लगता हैं खास दिन है । अब से हर दिन खास होगा तो आप विश्वास ठीक है । मुझे अच्छी खबर बताओ हम एक कार खरीद रहे हैं । एक हाँ तो ढेर सारा प्यार उच्च लाये क्योंकि इसमें मुझ पर चुंबनों की बौछार कर दी थी । मैंने चुंबनों की बारिश की तरह महसूस किया । खुश थी । उसके मुस्कुराते चेहरे ने मुझे भावुक कर दिया था । उसे देख कर मैं संतुष्ट था । जीवन के प्रति मेरा दृष्टिकोण बदल गया था । क्या हो जाएगा? मेरी उदासी महसूस करते हुए उसने पूछा तो मैं हमेशा एक बडी कार खरीदना चाहता था लेकिन हम शायद छोटी खरीद सकें । हम कुछ पैसे बचा सकते हैं और बाद में एक बडी कार खरीद सकते हैं । उससे सुझाव दिया तो हम निश्चित रूप से ऐसा कर सकते हैं । लेकिन डॉक्टर के निर्देश के अनुसार तो तुम्हारे लिए सार्वजनिक परिवहन या दो पहिया से यात्रा करना सुरक्षित है । इसलिए हमें अभी फैसला करना है । मैं पूरी तरह से नैनो के साथ ठीक हूँ, वास्तव नहीं । हाँ, तुम्हें पता है मैंने हमेशा अपने पास मर्सिडीज होने का सपना देखा । केवल ये महसूस करने के लिए की हर कार लग्जरी कार की तरह है । अगर आपके बगल में आपकी जिंदगी का सबसे अच्छा इंसान बैठा हो । उसने मेरी थोडी हाथ में ली और बोलना चाहिए रखा । विजय मैंने हमेशा मर्सिडीज में अकेले बैठने की तुलना में नैनो में अपने पति के साथ बैठने बचना है । हमें क्रीम रन की एक टाटा नैनो बुक की और उसकी डिलीवरी अगले दो दिनों में निर्धारित की गई थी । तो सोमवार था शायद काम पर उसका आखिरी दिन मैंने आस्था को बैंक छोडा । चलने को थी । मैंने कहा पास्ता कॅश नीरज नौकरी को छोड दो बाॅलिंग उसने ऐसे देखते हुए कहा जैसे कह रही हूँ कि दफा हो जाओ ॅ और बैंक के भीतर चली गई । मैं घर वापस लौटा, उसकी डायरी ढूँढने लगा । आधे घंटे तक उसके सभी समानों को खंगालने के बाद अंतत था एक लाइन डायरी मेरे हाथ लगी । एक सेकंड भी बर्बाद किए बिना मैंने से खोला । एक पेज पर डेनियल के पता की खाते का विवरण था कुछ लेनदेन के ब्यौरे, कुछ मोबाइल नंबर, उसके सारे सोशल नेटवर्किंग अकाउंट्स के लिए सभी पासवर्ड आदि । उनमें से एक उसके दोस्तों में से डेनियल के लिए था । डेनियल मुझे खेद है कि मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती । पर यकीन है कि एक दिन तो मुझे समझने की मन स्थिति में हो गए तो अवश्य सोच रहे हो गई कि मैं एक औरत तुम्हारा पीछा कर रही हूँ । ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वहाँ के पूरा करने से पहले ही वो टूट गई थी । क्या लिखते समय वो अवश्य नशे में रही होगी? वैसे भी उपयुक्त पंक्तियों के ठीक नीचे वो महत्वपूर्ण भाग था । इस की मुझे शुरू से तलाश हैं । मरने से पहले साठ इच्छाएं एक । एक अच्छी मां बोलों तो डेनियल से माफी मांगों तीन । या तो एक हीरो या एक सेलिब्रिटी से शादी करूँगा । चार । दो हजार से अधिक मेहमानों के साथ एक भव्य जन्मदिन पार्टी की मेजबानी करूँ । पांच । पचास लाख या फिर एक करोड का बैंक बैलेंस हूँ । जो भी संभव हो । छह । कौशिक पत्रिका के आवरण पृष्ठ पर छपे साहब बेबी ये क्रूर मजाक की तरह महसूस हुआ । मुझे आश्चर्य था कि क्या स्टेशन की थी या वास्तव में उस लडकी की चाय थी । ये समय प्यार करता था । एक विकट स्थिति थी । मैं खुद से बात कर रहा था । लोग करते हैं । जब तनावग्रस्त होते हैं डेनियल कौन है और आस्था क्यों से क्षमा मांगना चाहती है । मैं धरती पर उसके सपनों को कैसा पूरा करने जा रहा था? हम तो फॅमिली नहीं कर सके आपको कभी माँ कैसे बनेगी? एक हीरो से शादी दोस्तों में अपने हीरो हूँ ये तो पता नहीं लेकिन आस्था ने निश्चित रूप से शुरू से शादी की है । हो जाती है कि दो हजार लोग उसके जन्मदिन पर उसे बधाई दें तो किससे झूठ बोल रही है । कैसे एक व्यक्ति अपनी पत्नी की देखभाल करने में असमर्थ है तो दो हजार मेहमानों के लिए एक भव्य पार्टी की मेजबानी करेगा । करोडपति बनना । आस्था ने निश्चित रूप से हालत व्यक्ति से शादी कर ली । एक पत्रिका का कवर पृष्ठ होना तो एक मॉर्डल है नहीं । एक सेलिब्रिटी पत्रिका उसकी तस्वीर टू प्रकाशित करेगी और इस धरती पर भी नहीं किया है । क्या उसका मतलब ब्लॉकबस्टर बॉलीवुड फिल्म है या ब्लैकबेरी? मैंने अपने विकल्पों पर गौर किया और हाथ खडे कर दिए तो फर्श पर बैठ गया और मेरी आंखों से आंसू बहने लगे । मैं एक बार फिर असहाय महसूस कर रहा था । फिर मैंने उसपे इसको उसकी डायरी से भाग लिया । सात और अच्छाई के बीच मैंने लिखा और संभाव अब ये पढा जा रहा था । मरने से पहले साठ असंभव इच्छाएं

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“यात्रा कैसी थी?” उसने मेरे चेहरे को दुलारते हुए पूछा। “मैं ड्‍यूटी पर था।” “ठीक है! मुझे पता है कि इसका मतलब क्या है। यह विद्यार्थियों के लिए एक यात्रा थी और मेरे लिए नहीं।” मेरे कहने का मतलब वह हमेशा समझ लेती थी और उसमें मेरे लिए बोलने का साहस था। मैं मुसकराया, लेकिन कुछ बोला नहीं।, सुनिए प्यार भरी कहानी| writer: अजय के. पांडेय Voiceover Artist : Ashish Jain Author : Ajay K Pandey
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