Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM

आख़िरी ख़्वाहिश अध्याय -07

Share Kukufm
आख़िरी ख़्वाहिश अध्याय -07 in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts
997Listens
“यात्रा कैसी थी?” उसने मेरे चेहरे को दुलारते हुए पूछा। “मैं ड्‍यूटी पर था।” “ठीक है! मुझे पता है कि इसका मतलब क्या है। यह विद्यार्थियों के लिए एक यात्रा थी और मेरे लिए नहीं।” मेरे कहने का मतलब वह हमेशा समझ लेती थी और उसमें मेरे लिए बोलने का साहस था। मैं मुसकराया, लेकिन कुछ बोला नहीं।, सुनिए प्यार भरी कहानी| writer: अजय के. पांडेय Voiceover Artist : Ashish Jain Author : Ajay K Pandey
Read More
Transcript
View transcript

साल सरगम का कथन नमस्ते दोस्त हूँ । हालांकि मैं लेखक नहीं हूँ । मैं भी सबसे अच्छी दोस्त आस्था के लिए यहाँ हूँ । मुझे याद है तो उस दिन विजय ने मुझे फोन किया था । मेरे मोबाइल स्क्रीन पर उसका नाम चमकना अजीत था क्योंकि उसने मुझे पहले कभी कौन नहीं किया था । ऍसे उसके बारे में लगभग सब कुछ जानती थी लेकिन हमने कभी सीधे बातचीत नहीं की थी । उसकी स्कॉल का मतलब था कि कुछ गंभीर जरूर हुआ है और जिस तरह से उसने बात की थी मैं डर गई थी । उसने मुझे कुछ बहुत ही विचित्र सवाल पूछे । उसका मुझे आस्था की जहाँ और इच्छाओं के बारे में पूछा । मैं आश्चर्यचकित थी और उसका सवाल दाग दिया । विजय की खराब आदत है कि वह सब से बातें छुपाता है और मेरे जोर देने पर उसने मुझे सबसे बुरी खबर बताई । तेरे दोस्त एक दुर्लभ प्रकार के रख संक्रमण से पीडित थी और उसका जीवन सीमित समय के लिए शेष था । उसने मुझे रोक का नाम नहीं बताया था लेकिन ये सुनिश्चित था की वह बहुत गंभीर था । मैं उसके प्रश्नों की गंभीरता के बारे में पहले नहीं समझ सकी लेकिन इस सत्य को जानने के बाद में उनका उत्तर देने में असमर्थ थी और आस्था के बारे में सोचते हुए फोन काट दिया । हमें पांचवी कक्षा के बाद एक साथ अध्ययन किया था । आस्था का एक दारुण बचपन था जब सभी बच्चे अपने स्वादिष्ट पाँच का आनंद ले रहे होते थे । लंच के लिए उसका मैंने तय होता था । वो हमेशा या तो जैन के साथ ब्लॅक होते थे । उसमें अद्भुत क्षमता थी तो हमेशा स्कूल में दूसरे या तीसरे स्थान पर आती थी । मैंने उसे अपने टिफिन की पेशकश करके उससे दोस्ती करने का चाहौन पूछ कर प्रयास किया था । समय के साथ हम अच्छे दोस्त बने जो एक दूसरे के साथ सब कुछ साझा करते थे । हमारी कहानी फ्लॉप फिल्म की तरह थी । मैंने कार दुर्घटना में अपने माता पिता को खो दिया था और अपने मामा को एक उद्धारकर्ता के रूप में पाया और ये मुझे ले गए और मेरी देखभाल इस तरह की जैसे मैं उनकी अपनी बेटी थी । लेकिन परिवार ने एक अतिरिक्त सदस्य का मतलब उनके ऊपर अतिरिक्त भार था । जब आस्था से मिली, मुझे एहसास हुआ कि मेरी तुलना में उसका जीवन अधिक दारू था । सामान तरह की कहानियां वाले दो लोग हमेशा अच्छे दोस्त बनते हैं । उसने अपने लंच के निश्चित मैंने उसके बारे में मुझे अपनी कहानी बताई थी । उसकी एक सौ पहली माँ थी । उस की जैविक मां अकेली रहती थी और कभी कभी उसके पिता वहाँ आते थे । जब तक की आस्था पांचवी कक्षा में थी । इसके बाद माँ की मृत्यु हो गई । उसके पिता उसे एक नहीं जगह ले गए जहाँ से आपने नई माँ से अवांछनीय मुलाकात करने का मौका मिला । आठवीं कक्षा तक उसे पिता का प्यार मिला । एक दिनों से पता चला कि उसकी जैविक माँ का विवाह तो आगंतुक पिता से हुआ ही नहीं था और उसने महसूस किया कि वो एक नाजायज संतान है । आस्था प्रतिशोधी लडकी थी । अगर कोई सब होगा दे तो वो उस व्यक्ति को कभी भी माफ नहीं करेगी तो हमेशा अपने दुश्मन को पराजित करना चाहती थी और कभी नहीं चाहती थी कि कोई उसके साथ सहानुभूति दिखाएगा । हर साल उसकी छोटी बहन का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाता है जबकि उसका जन्मदिन केवल हमारे बीच मनाया जाता था । उसने खुद से वादा किया कि वह दुनिया की सबसे अच्छी मां बनेगी । उस युग में इसके बारे में सोचना भी सपना था । लेकिन कभी कभी हमारा अहम हमारे आत्मविश्वास को बढावा देता है । हमारे कॉलेज के टॉपर डेनियल से प्रेम होने के बाद उसका जीवन इतना बुरा नहीं था । आस्था का एक समृद्ध और प्रसिद्ध व्यक्ति होने का सपना डेनियल के साथ से अच्छी तरह पूरा होने जा रहा था क्योंकि वो हमेशा आस्था को महंगे तोहफे देता था । यहाँ तक कि उसने उसके अंतिम वर्ष की कॉलेज फीस भी प्रायोजित की थी । उन दोनों ने सेंट स्टीफेंस कॉलेज से एक साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की । हालांकि मैं हमारी स्नातक स्तर की पढाई के दौरान उसके साथ नहीं थी फिर भी मैं करीब रही । हमारे घरों के आस पास होने के कारण हम हमेशा एक दूसरे के यहाँ आया जाया करती थी, पार्टी करती, मांसाहारी भोजन करती और शराब भी पीते हैं । आस्था थोडी मुद्दा दी तो हमेशा एक सेलिब्रिटी बनना चाहती थी और यहाँ तक कि एक सुपरस्टार से शादी करना चाहती थी । सलमान खान से विशेष रूप से वो पागलपन की हद तक उसकी प्रशंसक थे । हमेशा किसी पत्रिका के कवर पेज पर सलमान खान के साथ अपनी तस्वीर की कल्पना करते हैं । स्वीकार करने में अजीब है लेकिन मैंने भी ऐसा ही सपना देखा । पर शाहरुख खान के साथ सलमान और शाहरुख में श्रेष्ठ कौन? इस बात पर हमेशा हमारी लडाई होती है । वो एक मॉडल बनना चाहती थी और चाहती थी उसकी जिंदगी पर एक फिल्म बनाई जाए । वो एक मर्सिडीज के मालिक बनना चाहती थी । हमने हमेशा बडा सपना देखा । उसकी सौतेली माँ हमेशा पैसे को लेकर कंजूसी बरती थी । शायद उसके लिए अमीर बनने के सपने देखने का । यही कारण था होने के बाद जब आस्था ने एक बार अपने पिता से पैसे मांगे, उसकी माँ ने विरोध किया । आप ये समझने की कोशिश करेंगे कि हमारे ऊपर दो तरदायित् हैं और आप रिटायर होने जा रहे हैं । उसी दिन से आस्था ने फैसला किया कि अब वो अपने परिवार से एक भी पैसा नहीं मांगेगी । मेरी सबसे अच्छी दोस्त होने के बावजूद मैं हमेशा उसे एक घमंडी होने के कारण नफरत करती थी । ऐसी लडकी थी तो मदद मांगने की बजाय मारना पसंद करती थी । उसकी दंभपूर्ण प्रकृति को और उसका प्रेमी डेनियल नियंत्रित कर सकता था जो एक और आत्ममुग्ध आत्मा थी । स्नातक के बाद डेनियल आगे पढना चाहता था । उसने प्रवेश परीक्षा पास की और अच्छे नंबरों के चलते उसे सीमित संसाधनों के साथ अमेरिका में दो साल का कोर्स करने के लिए छात्रवृत्ति मिली हैं । अपने निर्धारित उडान से एक दिन पहले वो आस्था के साथ मेरे घर पहुंचा था तो कई बार हो गए और मुझे यकीन था उन्होंने हमेशा एक साथ रहने के लिए एक दूसरे से कसम खाई होगी । वास्तव में देखी थी कि वो अगले दिन जा रहा था । एक लडकी इसे घर में प्यार नहीं मिला, एक दोस्त के महत्व को समझती है और जब आपके पास केवल एक अकेला सबसे अच्छा दोस्त है, आपका बॉयफ्रेंड आपके जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण करती है । डेनियल ने अमेरिका के लिए उडान भरेगी और उसी बीच आस्था ने एक्सिस बैंक की पीओ परीक्षा पास कर ली । उसने अपनी सफलता का जश्न मनाया । जैसा की इसका मकसद था अपनी सौतेली माँ और सौतेली बहन को चढाना लेकिन खुशी और आस्था लंबे समय तक एक साथ नहीं रह सकते थे । एक दिन डेनियल ने आस्था से अपने पिता को व्यक्तिगत ऋण दिलाने के लिए अपनी मदद करने का अनुरोध किया जिसके माँ के इलाज के लिए दो लाख रुपए की राशि थी । क्योंकि डेनियल के पता आपने बीमार पत्नी के इलाज के साथ साथ विदेशी शिक्षा के खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन नहीं कमा रहे थे । उसी दिन डेनियल और आस्था के लिए जीवन बदल गया । मैं निश्चिंत नहीं हूँ कि डेनियल के साथ क्या गडबड हुई लेकिन डेनियल के पिता ने आस्था से मुलाकात की और डेनियल के साथ सभी रिश्ते तोडने का अनुरोध किया । उनके परिवार की कैथोलिक मान्यताएं और हिन्दू विरोधी मानसिकता उनके मेलन में सबसे बडी बाधा थी । उसके जीवन में खिला एकमात्र फूल उसकी आंखों के सामने से फिसल गया और वो इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते । अच्छा मेरे घर आई और अपना दुर्भाग्य पर पीने लगी । वोद्का के दो घूंट लेने के बाद अत्यधिक निराशा के क्षणों में आस्था ने डेनियल के साथ रिश्ता तोडने का मन बना लिया । उसके बाद मैंने आस्था से अपनी सारी इच्छाओं की एक सूची बनाने के लिए कहा था । वो दुनिया को छोडने से पहले पूरा करना चाहती थी । मैंने से सामने ठीक यही किया ऍफ चलते हैं । उस ने अपनी सूची को मुझे क्यों छुपाया? आस्था द्वारा मुझसे चीजों को छुपाना मेरे लिए अप्रत्याशित था । उसका केवल एक मतलब था की उस की सूची में कुछ तो गंभीर था । फिर विजय के परिवार से शादी का प्रस्ताव आया । आस्था की सौतेली माँ ने विजय की माँ के साथ काम किया था और वो अच्छी दोस्त थी । सबसे पहले आस्था ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया क्योंकि उसने लडके को बहुत सत और अंतर्मुखी पाया । कुछ दिनों के बाद आस्था के एकमात्र जीवित ऍम उसके पिता की मृत्यु मस्तिष्क के रक्तस्त्राव से हो गई । आस्था ने हर वो चीज खोदी जिसे उसने अपना मना उसे महसूस किया की विजय एक अच्छा इंसान था । एक पत्रकार, माँ और एक इंस्पेक्टर पिता ने उसे एक अच्छा इंसान बनाया तो एक उभरता हुआ पीसीएस उम्मीदवार भी था और डेनियल को सूचित किए बिना ही विवाह के लिए सहमत हो गई । इस बीच ऍम आस्था तक पहुंचने की लगातार कोशिश कर रहा था । आसाने अपना संपर्क नंबर बदल दिया था और अपने अतीत को भुला दिया था । शादी के बाद आस्था ने महसूस किया कि विजय एक विफल इंसान था तो श्रीराम काॅमर्स में अंग्रेजी का सहायक प्रोफेसर था तो केवल एक शिक्षक से शादी कर चुकी थी । एक गरीब शिक्षा उसने अपनी माँ के खिलाफ कभी भी एक शब्द नहीं बोला था जिन्हें आस्था से संबंधित हर चीज के साथ समस्याएं थी । व्यवस्था की स्वतंत्रता को छीनने की कोशिश कर रही थी और ऐसा कुछ था जो आस्था बर्दाश्त नहीं कर सकेंगे । अपनी शादी के पांच महीने बाद दोनों ने अंततः घर छोडने का फैसला किया । आस्था मेरे साथ जश्न मनाना चाहती थी और उसके लिए हर उत्सव वोडका का एक पर्याय था । हालांकि विजय पानी कमियाँ थी । उसके बारे में सबसे अच्छी बात ये थी कि वह आस्था को अपने दिल की गहराई से प्यार करता था तो छोटी चीजों के बारे में चिल्लाती थी और वास्तविकता के साथ समायोजन करना शुरू कर दिया था । ऐसा कुछ तो मेरी आस्था की तरह नहीं था । विवाह हमेशा लोगों को बदलता है और आस्था बदलने लगी थी ।

Details
“यात्रा कैसी थी?” उसने मेरे चेहरे को दुलारते हुए पूछा। “मैं ड्‍यूटी पर था।” “ठीक है! मुझे पता है कि इसका मतलब क्या है। यह विद्यार्थियों के लिए एक यात्रा थी और मेरे लिए नहीं।” मेरे कहने का मतलब वह हमेशा समझ लेती थी और उसमें मेरे लिए बोलने का साहस था। मैं मुसकराया, लेकिन कुछ बोला नहीं।, सुनिए प्यार भरी कहानी| writer: अजय के. पांडेय Voiceover Artist : Ashish Jain Author : Ajay K Pandey
share-icon

00:00
00:00