Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM
अम्मा: जयललिता - 12 (उसे सारे राज पता थे) in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts

अम्मा: जयललिता - 12 (उसे सारे राज पता थे) in Hindi

Share Kukufm
2 K Listens
AuthorSaransh Broadways
तमिल फिल्मों की ग्लैमर गर्ल से लेकर सियासत की सरताज बनने तक जयललिता की कहानी एक महिला की ऐसी नाटकीय कहानी है जो अपमान, कैद और राजनीतिक पराजयों से उबर कर बार-बार उठ खड़ी होती है और मर्दों के दबदबे वाली तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति को चुनौती देते हुए चार बार राज्य की मुख्यमंत्री बनती है| writer: वासंती Voiceover Artist : RJ Manish Script Writer : Vaasanti
Read More
Transcript
View transcript

उसको सारे राजपता दें । जयललिता और शशिकला का संबंधता सिर्फ एक रहे से था बल्कि यह उन लोगों में रोष का कारण भी था जो एक समय जयललिता की सर्वाधिक भरोसेमंद समर्थक हैं । जयललिता ने जो अपने एकमात्र भाई अपने रिश्तेदारों और मित्रों से किनारा कर चुकी थी, अब शशिकला को उडान तिर्वा सगोत्री घोषित कर दिया यानी पहन जैसा होता नहीं है । पार्टी कार्यकर्ताओं को विश्वास था कि शशिकला और उसके करीबियों ने लोहे की एक दीवार खडी कर उनको तलाईवी से अलग कर रखा है । होने लगता था की मुलाकात की उनकी प्रार्थना और व्यक्तिगत पत्र जयललिता तक अब शायद नहीं पहुंचते हैं । जयललिता ने पार्टी कार्यालय में आना बंद कर दिया था और बहुत चला सचिवों से भी नहीं मिल रही थी जो उन्हें जमीनी हकीकत के बारे में बताते हैं । थम्मा बदल चुकी थी । शशिकला में ऐसा क्या था की उदासीनता प्रथक रहने वाली चला लेता उस पर पूरा भरोसा करने लगी । जयललिता चाहती थी कि वे शादी और बच्चों वाला सामान्य जीवन व्यतीत करें जो उनके भाग्य में नहीं था । अब कम से कम मन किया मित्र थी, उनकी चिंताओं को सहानुभूति के साथ सुनते थे । चोट के कामों पर सवाल नहीं उठाती थी जिसने उनके घर की देखभाल का काम संभाल रखा था और जो उन्हें शासन के मामले में सलाह नहीं देती थी । इसलिए जब लोग कहते कि उनके कई राजनीतिक फैसले के पीछे शशिकला का हाथ है तो उन्हें खींच होती थी । यहाँ सिर्फ मुख्यमंत्री के रूप में उनकी प्रतिष्ठा के खिलाफ था बल्कि बिल्कुल बकवास पे मई उन्नीस सौ छियानवे के विधानसभा चुनाव में जयललिता की करारी हार के पीछे एक कारण शशिकला और उसके करीबी लोगों की ज्यादतियों को दिया जा रहा था । उस अपमानजनक पर आ जाए और करुणानिधि सरकार की शशिकला को । विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन के आरोप में शशिकला को गिरफ्तार कर जेल भेजने की नाटकीय कार्रवाई के बाद द हिंदू अखबार को एक लंबे इंटरव्यू में जयललिता ने आरोपों का जोरदार खंडन किया । स्त्री मित्र का बचाव किया शशिकला ने एक संविधानेत्तर सत्ता केन्द्र के रूप में कभी काम नहीं किया । लोगों को समझना चाहिए कि एक राजनेता को भी अपने घर की साज संभाल के लिए किसी की जरूरत होती है । किसी पुरुष राजनेता के घर में पत्नी होती है और एक महिला राजनेता के निजी कार्यों को उसका पति क्या भाई संभालता है? मेरा कोई नहीं है । ये तो शशिकला ही है कि जिसके मेरे घर के साथ संभाल के लिए आगे आने के बाद मैं राजनीति पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सके । एमजीआर की मौत के बाद मैं पीडादायक तौर से कुछ और मेरे घर पर कोई नहीं था क्योंकि किसी तरह से मदद करता हूँ । उस दौरान शशिकला नटराजन ने सहायता करने का प्रस्ताव किया इसलिए मैंने भरोसा करते हुए उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया । दोनों मेरे यहाँ रहने हरकतें लंबे समय से जयललिता के साथ रहे । कर्मचारियों को हटाकर शशिकला नटराजन अपने लोगों को ले आए । उन्होंने उनकी नीति सुरक्षा के लिए गृह कैच के सुरक्षाकर्मियों की सेवा नटराजन को उनके प्रत्या मामलों को संभालने का कार्य सौंपा गया । जयललिता के खुद के शब्दों में लेकिन चलती है नटराजन अपने हाथों से निकल गया और मुझे उसकी कठोरता और दखलांदाजी की प्रवृति पसंद नहीं थी । इसलिए मैंने उसे अपने घर चले जाने को कहा । लेकिन शशिकला ने मेरे साथ ही रहने का विकल्प चुना । क्या मेरे मुख्यमंत्री बनने के पूरे साल भर पहले की बात है? नटराजन दोबारा इस घर में कदम नहीं रखा । शशिकला ने मेरे साथ रहने और मुझे नैतिक समर्थन देने और मेरी देखभाल करने के लिए अपनी पूरी जिंदगी न्यौछावर करती है । वास्तव में एक बार उसने मेरी जान तक बचाए । उसकी वजह से ही मैं जीवित रही और पार्टी को उन्हें सुविक्रांते में एक भारी चीज चलाने के काबिल कर पाएंगे । यह सोचकर रखते होता है कि चला लेता इतनी भोली हो सकती है तो भरोसा हो गया कि सिर्फ उसके प्रदेश के कारण शशिकला एक ही शहर में रह रहे अपने पति से संपर्क नहीं करेंगे । उनके शशिकला से संबंधों को लेकर एक निर्देश पूरन बात फैलाई गई कि दोनों समलैंगिक हैं । इसके प्रमाण के रूप में कथित रूप से जयललिता द्वारा अपने निजी चिकित्सक को लिखे एक पत्र को सार्वजनिक किया गया । डॉक्टर और चला लेता दोनों ने इस तरह के किसी पत्र के अस्तित्व से इनकार किया । लेकिन डीएमके के नेता अक्सर जयललिता की छवि बिगाडने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाते थे । जब से मैं करे पालने आपने टीवी कार्यक्रम में उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि इस तरह के बेहुदे आरोपों को बे हमेशा ही नजरअंदाज कर दे रही हैं । लेकिन यह तो बिल्कुल साफ हो चुका था कि शशिकला के रिश्तेदार जिनका उल्लेख मन्नारगुडी माफिया के रूप में किया जाता था, लगातार प्रभाव बढाते जा रहे थे । वे जयललिता के दौरों के साथ साथ उनके मुलाकातियों और उनके लिए आने वाले फोन कॉल्स पर नियंत्रण रखने लगे । शशिकला जयललिता की जिंदगी में आने के बाद उनके भरोसे के साथ आ तक लोग धीरे धीरे उनसे दूर हो गए । शशिकला जयललिता के अंतरंग मित्र बन चुकी थी । जाने माने पत्रकार का मानना है कि यह एक वित्तीय चाल है जिसमें दोनों फंसे हुए हैं । शशिकला एक ऐसी महिला है जो जयललिता के बारे में बहुत सस्ता जानकारी रखती है । जयललिता उसे किनारा नहीं कर सकती है ।

Details

Sound Engineer

Producer

तमिल फिल्मों की ग्लैमर गर्ल से लेकर सियासत की सरताज बनने तक जयललिता की कहानी एक महिला की ऐसी नाटकीय कहानी है जो अपमान, कैद और राजनीतिक पराजयों से उबर कर बार-बार उठ खड़ी होती है और मर्दों के दबदबे वाली तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति को चुनौती देते हुए चार बार राज्य की मुख्यमंत्री बनती है| writer: वासंती Voiceover Artist : RJ Manish Script Writer : Vaasanti
share-icon

00:00
00:00