Made with  in India

Buy PremiumDownload Kuku FM

अम्मा: जयललिता -1 (अम्मा)

Share Kukufm
अम्मा: जयललिता -1 (अम्मा) in  | undefined undefined मे |  Audio book and podcasts
42 KListens
तमिल फिल्मों की ग्लैमर गर्ल से लेकर सियासत की सरताज बनने तक जयललिता की कहानी एक महिला की ऐसी नाटकीय कहानी है जो अपमान, कैद और राजनीतिक पराजयों से उबर कर बार-बार उठ खड़ी होती है और मर्दों के दबदबे वाली तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति को चुनौती देते हुए चार बार राज्य की मुख्यमंत्री बनती है| writer: वासंती Voiceover Artist : RJ Manish Script Writer : Vaasanti
Read More
Transcript
View transcript

आप सुन रही है तो कॅश किताब का नाम है अम्मा जयललिता कैसे बनी एक फिल्मी सितारे से सियासत की सरकार जिसे लिखा है वासंती है आर जे मनीष की आवाज में कोई ऍम सुनेगी जो मन चाहे हम मुझे सिर्फ दो साल की थी जब उसके पिता चाहे राम का मृत शरीर घर लाया गया । बहक काली दुखद रात जयललिता की स्मृति में अब भी जीवन है और उनके उठापटक भरे जीवन के निराशा भरे पलों में सतह उन्हें परेशान किया है । असाधारण खूबसूरती और प्रतिभा से शुरू हुए जीवन को अचानक बीच भवन तरह तरह के तहत क्यों के बीच फेंका गया जिसमें अबोध बच्ची को फौलाद से बनी अम्मा में परिवर्तित कर दिया । पति की मौत के बाद जयराम की वृद्धा बेटा के पास अपने दो छोटे छोटे बच्चों पुत्र तब तो और पुत्री अमोल जयललिता को घर में सभी इसी नाम से बुलाते थे को लेकर अपने पिता के घर बेंगलुरु जाने के अलावा कोई चारा नहीं था । मूलरूप से तमिलनाडु में श्रीरंगम के ब्राह्मण रंगास्वामी अयंगर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में एक साधारण नौकरी पाने के बाद बेंगलुरु में रहने लगे थे । उनका परिवार आकर्षक चाहे मोहरे अत्यंत गोरे रंग के लिए भी जाना जाता था । उनकी तीन बेहद खूबसूरत बेटियां थी । मेरा काम हो जाये और पद्मा और एक पुत्र श्रीनिवासन एक आम परंपरागत रूढिवादी मध्यमवर्गीय ब्राह्मण परिवार था जिसमें हंगा स्वामी आयंगर और उनकी पत्नी कमा शर्मा रोज विधिपूर्वक पूजा पाठ किया करते थे । अपने बच्चों की परवरिश ठीक से करने की इच्छा । युवा और संदर्भ वेदा अपने पिता पर आए अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के लिए आयकर कार्यालय में दिख सके ट्रियल काम करते लगी । हालांकि चलती ही उसे इस बात का एहसास हो गया कि अपनी सीमित ऐसे वह बच्चों की न्यूनतम जरूरतों को पूरा करने के अलावा और कुछ नहीं कर सकती है । उसी दौरान कन्नड फिल्मों के प्रति असर कैमराज अर्ज की बिना पर नजर पडी है । उसकी खूबसूरती से विस्मित हैं और उसे अपनी नई फिल्में उतारना चाहते थे । जब वो पिता के पिता की अनुमति लेने पहुंचे तो क्रोधित अयंगर ने उन्हें बैरंग वापस लौटा दिया । पिता की सबसे छोटी बहन पद्मा अभी कॉलेज में पढाई कर ही रही थी । दूसरी बहन अंबुजा विद्रोही टाइप की थी और बहन एयर होस्टेस बन चुकी थी और इसी के साथ अयान करने घोषित कर दिया कि उनके लिए उनकी दूसरी बेटी मर चुकी है । अंबुजा पर इसका कोई असर नहीं पडा । उसने फिल्मों में अभिनय करना शुरू कर दिया और अपना नाम बदलकर विद्यावती कर लिया । तहत चेन्नई में बस गए हम भुजाने बेटा से चेन्नई अगर उसके साथ रहने का आग्रह किया ताकि उसके बच्चे बेहतर स्कूल में पढ सकें । यह एक ऐसा प्रस्ताव था जिससे फिर ठुकरा नहीं सकती थी और इस तरह ठीक है और उसके बच्चे अंबुजा के घर आकर रहने लगे । बच्चों को स्कूल में दाखिला करा दिया गया लेकिन विद्यावती से मिलने आने वाले प्रोड्यूसरों को लगा कि वेदा भी देखने में किस फिल्म स्टार से कम नहीं है । उन्होंने उसे अभिनेत्री बनने के लिए प्रेरित किया और अपनी बहन की आरामदेह जिंदगी को देखते हुए नेता ने फैसला कर दिया कि अपने बच्चों को अच्छी परवरिश देने लायक संपन्न बनने के खाते हैं । उसके पास एकमात्र यही रास्ता है केंद्र राज्य । उसने एक बार फिर उसे एक भूमिका थी और जल्दी ही पेदा जिसका नया नाम संध्या था, एक व्यस्त स्टार बन चुकी थी । जम्मू के जीवन का आशांत और उथलपुथल बारा एक नया चरण शुरू होने को था हूँ ।

Details
तमिल फिल्मों की ग्लैमर गर्ल से लेकर सियासत की सरताज बनने तक जयललिता की कहानी एक महिला की ऐसी नाटकीय कहानी है जो अपमान, कैद और राजनीतिक पराजयों से उबर कर बार-बार उठ खड़ी होती है और मर्दों के दबदबे वाली तमिलनाडु की राजनीतिक संस्कृति को चुनौती देते हुए चार बार राज्य की मुख्यमंत्री बनती है| writer: वासंती Voiceover Artist : RJ Manish Script Writer : Vaasanti
share-icon

00:00
00:00