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रश्मिरथी : श्री रामधारी सिंह दिनकर in hindi |  हिन्दी मे |  Audio book and podcasts

रश्मिरथी : श्री रामधारी सिंह दिनकर in hindi

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Religion

रश्मिरथी, जिसका अर्थ "सूर्य की सारथी" है, हिन्दी के महान कवि रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित प्रसिद्ध खण्डकाव्य है। यह १९५२ में प्रकाशित हुआ था। इसमें ७ सर्ग हैं।[1] इसमें कर्ण के चरित्र के सभी पक्षों का सजीव चित्रण किया गया है। रश्मिरथी में दिनकर ने कर्ण की महाभारतीय कथानक से ऊपर उठाकर उसे नैतिकता और विश्वसनीयता की नयी भूमि पर खड़ा कर उसे गौरव से विभूषित कर दिया है। रश्मिरथी में दिनकर ने सारे सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को नए सिरे से जाँचा है। चाहे गुरु-शिष्य संबंधें के बहाने हो, चाहे अविवाहित मातृत्व और विवाहित मातृत्व के बहाने हो, चाहे धर्म के बहाने हो, चाहे छल-प्रपंच के बहाने। युद्ध में भी मनुष्य के ऊँचे गुणों की पहचान के प्रति ललक का काव्य है ‘रश्मिरथी’। ‘रश्मिरथी’ यह भी संदेश देता है कि जन्म-अवैधता से कर्म की वैधता नष्ट नहीं होती। अपने कर्मों से मनुष्य मृत्यु-पूर्व जन्म में ही एक और जन्म ले लेता है। अंततः मूल्यांकन योग्य मनुष्य का मूल्यांकन उसके वंश से नहीं, उसके आचरण और कर्म से ही किया जाना न्यायसंगत है। दिनकर में राष्ट्रवाद के साथ-साथ दलित मुक्ति चेतना का भी स्वर है, रश्मिरथी इसका प्रमाण है। दिनकर के अपने शब्दों में, कर्ण-चरित्र का उद्धार, एक तरह से नई मानवता की स्थापना का ही प्रयास है। सुनिए दिनकर के ये शब्द कवि संदीप द्विवेदी के अंदाज़ में। The author of Rashmirathi is the famous poet Ramdhari Singh Dinkar. Dinkar Ji has written this volume on the basis of Mahabharata. The whole story of this poem revolves around the munificent Karna. Dinkar Ji has given a wonderful description of Karna's munificence, devotion to the guru, and bravery in this poem. He told in this book that Karna, on the one hand knowing his defeat, was ready for war just for the sake of his friendship and on the other hand he did not go contrary to the rules of war and sacrificed his life. This composition of Dinkar Ji is available as an audiobook on our platform Kuku FM. You must listen to this once and know more about munificent Karna. Some stories that excitedly make us cry. Listen to it today.रश्मिरथी के रचयिता सुप्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर जी है । दिनकर जी ने इस खंड काव्य के रचना महाभारत को आधार बनाकर की है । इस काव्य की सम्पूर्ण कथा महादानी कर्ण के इर्द गिर्द घूमती है । दिनकर जी ने इस काव्य में कर्ण का की दानशीलता, गुरुभक्ति तथा वीरता का अद्भुत वर्णन किया है । उन्होंने इस पुस्तक में बताया कि कर्ण एक ओर अपनी मित्रता के लिए अपनी हार निश्चित जानते हुए भी युद्ध के लिए तैयार रहे और दूसरी ओर युद्ध के नियमों के विपरीत ना जाकर अपने प्राणों की आहूति दे देते हैं । दिनकर जी की ये रचना ऑॅडियोबुक के रूप में हमारे प्लेटफार्म कुकू एफएम पर मौजूद है । इसे आपको एक बार जरूर सुनना चाहिए और जानना चाहिए दानी कर्ण से जुड़े और भी अनेकों बातें । कुछ ऐसी कहानियां जो उत्साह से हमारे रोंए खड़े कर दे। इसे आज ही सुने ।

  • Episodes

1 Episode 12 mins

रश्मिरथी || प्रथम सर्ग || रामधारी सिंह दिनकर

2 Episode 10 mins

रश्मिरथी || द्वितीय सर्ग || part 1 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

3 Episode 10 mins

रश्मिरथी || द्वितीय सर्ग || part 2 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

4 Episode 7 mins

रश्मिरथी || तृतीय सर्ग || part 1 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

5 Episode 13 mins

रश्मिरथी || तृतीय सर्ग || part 2 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

6 Episode 13 mins

रश्मिरथी || चतुर्थ सर्ग || part 1 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

7 Episode 13 mins

रश्मिरथी || चतुर्थ सर्ग || part 2 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

8 Episode 11 mins

रश्मिरथी || पंचम सर्ग || part 1 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

9 Episode 20 mins

रश्मिरथी || पंचम सर्ग || part 2 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

10 Episode 16 mins

रश्मिरथी || षष्ठ सर्ग || part 1 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

11 Episode 11 mins

रश्मिरथी || षष्ठ सर्ग || part 2 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

12 Episode 19 mins

रश्मिरथी || सप्तम सर्ग || part 1 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर

13 Episode 21 mins

रश्मिरथी || सप्तम सर्ग || part 2 of 2 || रामधारी सिंह दिनकर