ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन in hindi |  हिन्दी मे |  Audio book and podcasts

Audio Book | 164mins

ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन in hindi

AuthorAditya Bajpai
A murder so high profile, that brings together the police department and the CID to work on it at the same time. Will they crack the case open?! writer: शुभानंद और रुनझुन Producer : KUKU FM Voiceover Artist : mohil Producer : kuku fm Script Writer : shubhanand and runjhun ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन in Hindi, is one of our best crime audiobooks available in Hindi in our catalogue. This audiobook is created by Aditya Bajpai. Aditya Bajpai is well known for their crime audiobooks. ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन ’s plot will keep you sitting on the edge. There is nothing more fascinating than an unsolved crime mystery. Gruesome crime scenes, cold-blooded perpetrators, and the heartbreaking reality of the victims and their families which keeps us involved in fighting for justice. Crime audiobooks unveil the scandalous mystery plots and offer a reality check of the society. The crime audiobooks are a great way to kill the time and reveal the criminal psychology behind an act. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence, we offer a variety of crime audiobooks in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. Now, the language will never be a barrier to your entertainment. These crime audiobooks are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late at night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience.ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन हमारी सूची में हिंदी में उपलब्ध सर्वोत्तम अपराध ऑडियोबुक में से एक है। यह ऑडियोबुक Aditya Bajpai द्वारा रचित है। Aditya Bajpai उनके अपराध ऑडियोबुक के लिए मशहूर है। ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन का प्लॉट आपको हैरत में डाल सकता है। एक अनसुलझी अपराध रहस्य से अधिक आकर्षक कुछ भी नहीं है। भीषण अपराध दृश्य, खून के प्यासे अपराधी, और पीड़ितों और उनके परिवारों की दिल दहला देने वाली सच्चाई जो हम श्रोताओं को इस कहानी की न्याय की लड़ाई में शामिल रखती है। अपराध ऑडियोबुक ने समाज की वास्तविकता की जांच करने की पेशकश की है। क्राइम ऑडीओबुक समय को व्यतीत करने और आपराधिक मनोविज्ञान को एक अधिनियम के पीछे प्रकट करने का एक शानदार तरीका है। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता भावनात्मक रूप से ऑडिओ से अधिक जुड़ते हैं जब यह उनकी भाषा में होता है। इसलिए, हम हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बंगला आदि विभिन्न भाषाओं में विभिन्न प्रकार के अपराध ऑडियोबुक प्रदान करते हैं। अब, भाषा आपके मनोरंजन में कभी बाधा नहीं बनेगी। ये अपराध ऑडियोबुक मुफ्त में उपलब्ध हैं और इन्हें हमारे ऐप पर डाउनलोड भी किया जा सकता है। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे यात्रा करते समय, जिम में वर्कआउट करते समय, और कुछ भी करते हुए, कहीं भी किसी भी समय सुबह या देर रात को सुन सकते हैं। तो, विज्ञापन-मुक्त अनुभव को स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और आनंद लें।
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फॅमिली किताब का नाम है ड्रॉप डेड, जिसमें लिखा है शुभानंद और रंजन ने आज भी है आपके प्रेम मोहिल । खाॅन ने जो मन चाहे शाम का वक्त था, डूबते हुए सूरज ने आसमानी कैनवस पर जैसे बैगनी रंग बिखेर दिया था । मुंबई की सडकों पर लाखों लोग दफ्तर का काम खत्म करके अब अपने अपने घरों की तरफ सफर शुरू कर चुके हैं । मरीन ड्राइव की कई ऊंची बहुमंजिला इमारतों में स्वान पैलेस नाम के होटल की इमारत भी शुमार थी क्योंकि अपनी ऍम बाप के लिए जाना जाता था । सफाई करने के लिए होटल के एक कर्मचारी ने आठवीं मंजिल की छत का दरवाजा चाबी से खोला हूँ । जैसे ही छत पर पहुंची उसे छत की फर्श पर एक आदमी लेटा हुआ नजर आया । झाडू को एक तरफ रखते हुए उसने पूछा कौन हैं और यहाँ क्या कर रहे हैं? उस आदमी की तरफ से कोई उत्तर ना पाते हुए उसमें दोबारा पूछा मैं तुम से पूछ रही हूँ ऍम कोई जवाब न मिलने की दशा में है । उसके नजदीक पहुंची और फिर उसने उसे झोककर देखा । अचानक ही वह घबराकर पीछे जाते हैं । उसके मुँह से एक भययुक्त सिसकारी निकल रही बच्चे लाने लगी । बचाओ कोई है उस शख्स का है और कपडे धूल और ताजी खून से लबरेज हैं और उसके बाद से अजीब सी गंदा रही थी । कुछ ही देर में छत पर पुलिस का जमावडा मौजूद था । फॉरेंसिक एक्सपर्ट अपने अपने कामों में लग गए थे । यहाँ के चारों तरफ सफेद रंग से लाइन खींचती गई थी और छत के उस हिस्से को पीले टेप से सील कर दिया गया था । इंस्पेक्टर देशपांडे बडी कुशलता के साथ क्राइम सीन पर इन्वेस्टिगेशन की शुरुआत कर रहा था । तभी पीछे सीखा वहाँ आई सब इंस्पेक्टर देशपांडे फॅस । देशपांडे ने पीछे मुडकर देखा तो उसके सामने छह से लंबा मजबूत किस्म का एक नौजवान खडा था, जिसने काली पाॅइंट और खाकी रंग की जैकेट पहनी हुई थी । उसके के हुए रंग के चेहरे पर सलीके से बडी हल्की दाडी और मुझे क्यों उसके चेहरे पर खूब जच रही थी? मुझे नहीं पता था किसी आईडी इसके इस पर काम कर रही है । देशपांडे उसके हाथ में पकडे हुए आईडी को देखते हुए बोला, चलो पता चल गया, ॅ आत्मक ढंग से बोला । शहर में बढती हुई आपराधिक गतिविधियों के चलते सीआईडी भर एक संदेश पर मौत की जांच कर रही है, पर इसके इसमें संदेहस्पद जैसा कुछ भी नहीं है । यह एक सीधा साधा सोसाइड केस है । फिर तो तुम को एक सुसाइड नोट भी मिला होगा । मैं छत पर नजर फिराते हुए बोला मेरे अनुभव से देखें तो सुसाइड नोट बहुत से केस में नहीं मिलता हूँ । कोई आईडी मिली ऍम लाइसेंस नाम प्रदीप सोनी उम्र इकतालीस साल मलाड का रहने वाला है । मैंने ऊपर नजर घुमाई । होटल की उमारा बेहद सोची थी । उसे । वहाँ से अनगिनत कमरों की बात करें नजर आई । मुझे इसकी कमरे में ले चलूँ । जाधव देशपांडे नहीं कॅाल को आवाज लगाई । यहाँ का मानना मैं ऑफिसर को कमरा नंबर पंद्रह सौ पांच में लेकर जा रहा हूँ । उसी कमरे से गमला भी गिराया हूँ । शायद आपने देखा नहीं । देशपांडे छत पर लाश से कुछ ही कदम दूर मिट्टी के ढेर और टूटे हुए गमले की तरफ इशारा करते हुए बोला । साथ ही पंद्रह वीं मंजिल के इस कमरे की बालकनी का स्लाइडिंग डोर भी खोला मिला था । काफी बारीक नजर है । मानना पडेगा चलो कमरा देखते हैं । कुछ फॉरेंसिक भी साथ ले चलूँ । कहते हुए मैं तेजी से छत से बाहर निकलो । आठवीं मंजिल की छत से सात मंजिल और ऊपर पंद्रह सौ पांच का नंबर कमरा था । जहाँ से मैं तक की गिरकर मौत हुई थी । कमरे में मैं इंस्पेक्टर देशपांडे और दो फाॅरेस्ट हुए हैं । अंदर घुसते ही मैच बालकनी की तरफ बढ गया । जैसा कि देशपांडे ने कहा था उसका स्लाइडिंग दरवाजा खुला हुआ था । बालकनी पर कदम रखते हुए उसने अपने चेहरे पर ठंडी समुद्री हवा महसूस । उसने गौर किया कि बालकनी की रेलिंग काफी नीचे थी । तकरीबन चार फेरिया उससे भी कम जो कि सुरक्षा के लिहाज से काफी कम थी । रेलिंग के ऊपर कई छोटे छोटे गमले रखे थे जिसमें कि खूबसूरत फूल लगे हुए थे । उनमें से एक अपनी जगह पर गोल निशान छोडकर गायब हो चुका था । मैंने झांक कर नीचे देखा । वहाँ से आठवीं मंजिल की छत साफ दिखाई दे रही थी जहाँ लाश अभी भी मौजूद थी और उसे अब एक सफेद चादर उठाई हुई थी । उसके समीप भी टूटा हुआ हमला और मिट्टी का ढेर पडा था । इसमें शक की कोई गुंजाइश नहीं थी की दोनों की इसी बालकनी से गिरे हैं । एक कमरे में वापस पहुंचा और एक फॅसे बोला सुनु ऍम एच पर रखे गिलास फिंगरप्रिंट उठालो । ऍफ जल्दी से सेंटर डेवल के पास पहुंचा जिसपर से कांच का गिलास मौजूद था जिसमें पानी जैसा कुछ तरल पदार्थ भरा हुआ था । वो उस क्लास पर पाउडर जैसा कैमिकल डालने लगा था । यह कातिल के फिंगरप्रिंट हो सकते हैं । मैं खुद से ही बडबडाया सोचने का दिल को यहाँ ड्रिंक के लिए बुलाया होगा । देशपांडे उपहास भरे स्वर में बोला क्यों नहीं वो उसका कोई परिचित हो सकता है । फिर दोस्त ने खुद के लिए भी एक ड्रिंक हवाई होती । शायद वो पीने के मूड में नहीं होगा और उसके मुंह से शराब की गंध आ रही थी । पर जरूरी नहीं वही शराब । मैं फॉरेंसिक एक्सपोर्ट के हाथ में पकडे हुए ग्लास की तरफ इशारा करते हुए बोला देशपांडे नहीं, उसे सख्त नजर से देखा फिर दो हट गया । मुझे रिंग का डीएनए टेस्ट चाहिए ताकि पता चल सके ड्रिंक को किसने किया? प्रदीप नहीं या किसी और नहीं तब तक मिल सकता है । उसने फॉरेंसिक एक्सपर्ट से पूछा हूँ, डीएनए सैंपलिंग करने में तो दो दिन लग जाते हैं । तब तक तो कातिल गायब हो चुका होगा । मैं का हाथ माथे पर चला गया । लहार से भी पहचान का टेस्ट किया जा सकता है अगर सैंपल छह घंटे के अंदर लिया गया हो । कहते हुए उसने गिलास में भरा तरल पदार्थ एक कलेक्शन जार में भर लिया । बढियां चल देशपांडे । अब लॉबी का सीसीटीवी फुटेज चेक किया जाएगा । मैं कमरे से बाहर चल दिया । देशपांडे उसके पीछे ही था । नाखून चबाते हुए मैच का ध्यान सीसीटीवी फुटेज पर था, जिसे रहे हैं । होटल के एक सिक्योरिटी गार्ड के साथ देख रहा था । तभी रिसेप्शनिस्ट बुकिंग सिस्टर लेकर वहां पहुंचा । ऍम ध्यान से देखा फिर एक आॅयल क्या हुआ देशपांडे ने भी रजिस्टर में जानकार रूम नंबर पंद्रह सौ पांच प्रदीप सोनी के नाम पर बुक नहीं था । किसी फर्जी नाम पर हैं था । पर वो एक औरत है । नाम ललिता नारंग जी सर । उन्होंने सुबह नौ बजे चेकिंग किया था । उन्होंने अपना पैन कार्ड भी दिया था । उस की कॉपी मेरे पास है, जरूर दिया होगा । कोई बात नहीं । उसकी शकल तो अभी सीसीटीवी पर ही दिख जाएगी । फिर पता ही चल जाएगा कि वह लतीका नाराज थी या कोई और । उन्होंने नौ बजे का फोटेज है शुरू किया । दो मिनट बाद कुछ दिखाई न देने पर मैंने देखा हर एक होते हुए उसे फॉरवर्ड किया और अब रोका । जब नौ दस पर लॉबी में लडकी दिखाई देने लगी जो एक होटल कर्मचारी के पीछे पीछे चल ही रही थी । क्योंकि आंखों पर काला चश्मा था और देशभूषण किसी बिजनेस वुमेन जैसी थी । काश कि तुम्हारे लॉबी में इतना नहीं रहना होता । मैं उसे पहचानने की नाकाम कोशिश करते हुए फिर फुटेज को चार उन्हें रफ्तार से देखने लगा । अंतर रहा हूँ । मैंने उसे पहुँच किया और कहा तो वह दोपहर बारह बजे रूम से निकल गई । दो बजे फिर वापस आई । पर इस बार प्रदीप उसके साथ था हूँ । फिर वो कमरे से दो चालीस पर अकेले ही बाहर निकली तो वो यहाँ इस औरत के साथ मजे करने आया था । देशपांडे कोटे मुस्कान के साथ बोला, यही सब चल रहा है आजकल सोसाइटी में मैंने बिना कुछ बोले फुटेज फिर चालू कर दिया । मुझे मालूम था कि खोदने से पहले वो कमरे में अकेला ही रहा होगा । देशपांडे पूरे आत्मविश्वास के साथ बोला, मजे करने के बाद भला कोई अपनी जान क्यों देगा? मैं के चेहरे पर चिंता कुल भागते हैं । कहीं वजह हो सकती हैं । तभी फोटेज ने मैं का ध्यान आकर्षित किया । देखो, देखो एक बैरा दो पचास पर अंदर दाखिल हो रहा है । इस बैठक बुलवा हूँ । हमें इस से बात करनी है । कुछ देर में बैठा हाजिर हुआ । वो सत्ताईस अट्ठाईस साल का एक नौजवान था । उसने वहाँ पहुंच से ही नर्वस भाव से देशपांडे और मैं की तरफ देखा । क्या तुमने पंद्रह सौ पांच में रुके मेहमान को कोई ड्रिंक सर की थी? मैंने अपने दायें पैर को वहाँ पर चढाते हुए पूछा जी सर, क्या उस वक्त कमरे में कोई और भी मौजूद था? नहीं सर । देशपांडे की आंखों में खुशी की जमा करा गई । उसने पूछा क्या वो परेशान हताश जान पड रहा था? जी हाँ लग तो रहा था पर मुझे पता नहीं की क्या वजह थी । क्या तुम्हारे उसने सिर्फ कि ड्रिंक पिया था? मैंने पूछा मेरे सामने तो नहीं । उस वक्त वो फोन पर किसी से बात कर रहा था । ड्रिंक रखकर मैं तुरंत चला गया था । क्या तुम ने उसके कमरे में लंच भी सर किया था? जी हां, मेरे ख्याल से उन्होंने लंच पहले ही रेस्टोरेंट में ले लिया था तो मैं कार्ड की तरफ ऍम । अब जरा रेस्टोरेंट का फुटेज दिखाओ । लंच के फटका उसने एक बजे के बाद रेस्टोरेंट का फोटो चालू कर दिया । सभी उत्सुकतापूर्वक स्क्रीन देखने लगे । ये देखो उसने एक जगह फोटोज को पहुंच करते हुए कहा जूम करो प्रदीप । किसी लडकी के साथ होटल के रेस्टोरेंट में बैठा दिखाई दिया मिल ही गई । मैं बोला और तुम करो । मुझे उसका चेहरा देखना है । सिक्यूरिटी गार्ड ने पूरी कोशिश करते हुए कहा बस इससे ज्यादा नहीं होगा । सर चेहरा सही से दिखाई नहीं दे रहा । उसके बाल भी चेहरे बना रहे हैं । देशपांडे गौर से देखते हुए बोला आई वो कस्टमर है जिन्होंने पंद्रह सौ पांच में चेकिंग किया था । रिसेप्शनिस्ट ने घोषणा की मुझे चाहिए था वो मैं लिया । मैं जैसे किसी निष्कर्ष पर पहुंचते हुए उठ खडा हुआ । कहा कि मैं यहाँ कुछ देर और पहले पहुंचा होता । फिलहाल में बस ये बता दूँ कि इसका मर्डर क्यों हुआ? अच्छा देशपांडे विस्मित नेत्रों से उसे देखते हुए उतावलेपन के साथ बोला तो बताऊँ जरूर ऍम ध्यान दिया । प्रदीप के दाहिने हाथ पर एक टैटू था हूँ । कुछ किया तो आ रहा है । देशपांडे के चेहरे पर उलझन भरे भावनाएं क्या वो इस लडकी के टैटो की तरह था? ऍम की तरफ इशारा करते हुए बोला कौन सा टू यहाँ लडकी का चेहरा समझ नहीं आ रहा हूँ । आप डाइटों की बात कर रहा हूँ । कहते हुए देशपांडे ने स्क्रीन पर नजरें गडा दी । उसने आंखों को मसला फिर ध्यान दिया । फिर उसे लडकी की । वहाँ पर धुंधला सा टैटू नजर आया । टोमॅटो में कई गोल छल्ले और बीच में पाँच कोमल सितारा था हूँ । हाँ है तो पर इससे के साबित होता है । ये एक सीक्रेट करंट का सिंबल है जिसका नाम है गाद, जो अक्सर उन विदेशियों का कत्ल करते हैं जो इनके सिद्धांतों के विपरीत काम करते हैं । हमें खबरें से पता चला था कि इनका एक मेंबर बागी हो गया है । इन की भाषा में सड चुका है । मेरे ख्याल से वह बागी कोई और नहीं बल्कि प्रतीक था । कल का खुलासा करने में वो हमारे लिए सहायक हो सकता था । मैं आपकी बातों से वहां सन्नाटा छा गया । पर हमने देखा कि लडकी प्रदीप की मौत के वक्त कमरे में नहीं थी । देशपांडे बोला बेटर ने उसकी मदद की होगी । मैं बहन सोच के साथ बोला उसे दोबारा बोला हूँ । सिक्योरिटी गार्ड ने बेटर का नंबर मिलाया और उसका कोई जवाब नहीं मिला । खुद ही देना पता चला कि वह अपने शिप से पहले ही गायब हो गया था । मैंने सही कहा था उसने जरूर उसे बालकनी से हटा दिया होगा । देशपांडे तो मैं उसे पकडना होगा । चलती है देशपांडे नहीं तुरंत अपने हवालदार हूँ की तरफ इशारा किया और तेजी से बाहर की तरफ निकले । मैं को सत्तर करता हूँ । इस लडकी को ट्रैक करेंगे । मैंने कहा और फिर उसने फोन पर ब्यूरो में फोन करके कुछ निर्देश दिए । कुछ देर बाद एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट उनके पास पहुंचा और बोला, हमें विक्टिम का मोबाइल फोन वायर उनसे मिले । हमें लगा आप देखना चाहेंगे । उसने एक सीधा सादा मोबाइल फोन देशपांडे की तरह बढा दिया । काफी स्मार्ट बंदा था जबकि स्मार्ट फोन यूज नहीं करता था । मैंने कहा बहुत से लोग अभी भी स्मार्ट फोन यूज नहीं करते हैं । देशपांडे बोला मैं भी उस नहीं करता हूँ । हूँ की बात और आपको दी ऍम लेकिन प्रजेंट के पास ऐसा फोन होना टाॅल कहते हुए मैंने उसे फोन पास करने का इशारा किया । देशपांडे ने उसे घोर के देखा फिर अनमने भाव से फोन पकडा दिया । ऍम फोन की कॉल हिस्ट्री चेक की और बोला ऍफ में दिखाई दे रहे हैं बीवी का नंबर जो कि उर्मिला वाइफ के नाम से सेव है और दूसरा समाया मैडम जोकि हमारी गर्ट घायल हैं, कुछ और भी देख रहे हैं जैसे जयशंकर उसकी बीवी को फोन मिलाता हूँ । देशपांडे बोला उससे पहले मुझे इसकी समाया मैडम के बारे में पता करना है । मैंने कहा और उसका नंबर लगा दिया । कॉल का कोई जवाब नहीं मिला तो उसने समाया का नंबर अपने फोन से मिलाया । उसके बाद भी कोई उत्तर नहीं मिला तो इतनी होशियार तो जरूर होगी कि उसके फोन में कॉलर आईडेंटीफिकेशन का कोई आप जरूर होगा । देशपांडे नहीं कहा जरूर होगा, होना भी चाहिए । कहते हुए मैं अचानक उठ खडा हुआ । अब मुझे चलना होगा मेरे खयाल से तुम प्रदीप की बीवी को फोन करके बुला लूँ और आगे के काम देखो । देशपांडे ने सहमती में सिर हिलाया । होटल से बाहर निकलते ही मैं आपको उसके साथ ही सीआईडी ऑफिसर विजय पांडे का फोन आया । मैंने कॉल उठाते ही सवाल दाग दिया । हाँ तो विजय कुछ पता चला गया । हमने तुम्हारी कल वाली चोरी का होटल के बाहर टैक्सी ड्राइवर और दुकानदारों से पता लगाया । बेहद इत्मीनान से दूसरी तरफ से विजय का जवाब आया और किसी को भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी । बहुत बढिया है । पर मुझे यकीन है तो तुमने मुझे सिर्फ इतना बताने के लिए तो फोन नहीं किया होगा । सही बोले बरखुरदार! उनको तो छोडी के बारे में नहीं पता था । पर होटल के मेन गेट पर जो गार्ड खडा रहता था उसने छोरी को साढे तीन बजे टैक्सी करते देखा था । अब क्या है कि ऐसी खूबसूरत हसीना हर किसी की निगाह से बचकर तो नहीं निकल सकती । इतनी देर होटल के रूम से तो दो चालीस पर निकली थी । फिर उसको पचास मिनट कहाँ लग गए? भाई हेलो विजय ने आवाज लगाई तो मैं खयालों से नहीं हाँ तो फिर किधर गए हो और उस टैक्सी का नंबर पता चला । इसके अलावा हमें कुछ और पता नहीं चला । हालांकि आप हम लोग एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं । जैसा कि हमें पता है कि वह दिल्ली से मुम्बई अक्सर आती जाती है तो हो सकता है अब मैं वापस लौट रही हूँ तो बहुत देर हो चुकी है । मैं अपनी घडी की तरफ नजर डालते हुए बोला अब तक तो निकल गई होगी और अगर नहीं निकली है तो एयरलाइंस वालों को उसके आते ही हमें एक चला देनी हो गई । हाँ भाई, हम वही सब इंतजाम करने तो एयरपोर्ट आए हैं बल्कि पहुंच गए हैं । अब बाद में फोन करते हैं । ठीक है । फोन पर बात करते हुए मैं एक होटल की पार्किंग में पहुंच चुका था । उसने फोन अपनी जेब में रखा और फिर अपनी काली एसयूवी का लॉक खोला । गाडी में बैठकर उसने उसे बैक किया और फिर तेजी से होटल से बाहर निकाल कर ले गया । हाँ, बाहर सडक पर पहुंचते ही उसने खिडकी खोल ली । मरीन ड्राइव पर चलते हुए ठंडी समुद्री हवा के झोंके उसके हो उलझे हुए दिमाग को कुछ शांत करने लगे । उसके दिमाग में सैकडों खयाल दौड रहे थे । उसे पूरा यकीन था कि समाया नहीं । प्रदीप का कत्ल किया है और जानबूझ कर इस तरह दिखाया कि खुदखुशी लगे काफी चलता है । पर सिर्फ एक बागी मेंबर मारने के लिए खुद के मुंबई आएगी । कल में वह एक अच्छी पोजीशन पर है और मैं अपने हाथ क्यों खोंसे रंगेगी जबकि वो आसानी से ये काम किसी और को दे सकती थी । अभी से जल्द से जल्द पकडना होगा । वहाँ कहीं उसके ऊपर हाथ डालने का एक सुनहरा अवसर है । वरना पुरानी सभी कोशिशें नाकाम यहाँ हो गई थी हूँ । कम वक्त का जैक भी बडे बडे लोगों तक है । पर इस बार तो मैं कोई नहीं बचा पाएगा । लडकी मैं घर की तरफ जा रहा था फिर अचानक उसने कुछ सोचा और अगले चौराहे से गाडी यू टाउनली और जो हूँ की तरफ चल दिया उसे जो हूँ कर रहे बाहर याद आया जहाँ पर अक्सर कर लडके लोग दिखाई देते थे । उसे लग रहा था कि होना हो । समाया भी शहर में ही है । गया । यहाँ सिर्फ एक बागी को मारने की खाते नहीं आएगी । आधे घंटे में वह झूके उस बार में पहुंचा । राजकीय करीब ग्यारह बच गए थे । ग्राइंड नाम के उस बाहर में काफी भीड भाड थी । योग पी रहे थे । बात कर रहे थे, हस रहे थे, चला रहे थे । बडी टीवी स्क्रीन पर क्रिकेट मैच दिखाया जा रहा था जिसका कई लोग आनंद ले रहे थे । मैं बार काउंटर के सामने एक से पकडी और एक बियर का ऑर्डर दिया । क्लास से बीयर सिर्फ करते हुए मैं बाढ से बच रहे संगीत का मजा लेने लगा । ग्लाॅस से बियर सिर्फ करते हुए मैं एक बार में बज रहा संगीत का मजा लेने लगा । हाँ दौड भरे दिन की आदमी को और क्या चाहिए? एक बढियां जगह बढिया ड्रिंक और काश की मेरा देना भी खत्म ना हो । ड्रिंक खत्म करने के बाद उसने विजय को फोन किया । कुछ पता चला ऐसा लगता नहीं । उसमें अभी मुंबई छोडा है । हमने सभी एयरलाइन से पता लगा लिया है । उनके डेटा में उसका नाम या फोटो दिखाई नहीं दे रहा । तुमने सिर्फ दिल्ली की फ्लाइट चेक की होगी । अरे नहीं भाई ऍम को शाम कि तकरीबन सभी फ्लाइट्स करवाई हैं । अब वह किसी और झूठी आइडेंटिटी पर अलग में कप में ट्रेवल कर रही हो तो बता नहीं सकते । वो नहीं है । हम को तो लगता है उसका आज रात लौटने का प्लान ही नहीं था । विजय बोला हो सकता है रहा हूँ पर फिर इन हालातों में उसने कैंसिल कर दिया हूँ । तो तुम ये कहना चाहते हो की प्रदीप कमांडल पहले से प्लान नहीं था था जरूरी नहीं है हो सकता है लेकिन क्या भी होगा तो कम से कम आज के लिए नहीं किया होगा और खुद उसके हाथों को बिल्कुल भी नहीं किया गया होगा । क्योंकि अगर किया गया होता तो इतनी तो वेज को वह है नहीं की खुद को हर जगह कैमरे पर आने दे और खुले में का प्रदीप के साथ घूमें, लंच करे और होटल में भी रूके । वो बहुत शातिर है, विजय पहुंच जाते हैं । तुम कह रहे हो तो सही कह रहे हो गयी वो यहाँ जरूर किसी बडे काम के लिए आई होगी । पर प्रदीप ने जरूर कोई ऐसी मुसीबत खडी की होगी कि उसे उस रास्ते से हटाना जरूरी हो गया होगा तो उसको रडार पर रखते हैं । उसकी तस्वीरें मुंबई पुलिस सर्कुलेट कर रही है । अगर आप छोडी मुंबई की सडकों पर निकली तो फंसे की जरूर मुझे अब इंतजार नहीं हो रहा । पिछले दो साल से उसके पीछे लगा हूँ । इतना किसी और के पीछे लगे होते तो अब तक शादी हो गई होती । तुम्हारी बच्चा भी हो गया होता । अच्छा वर गोदार फिलहाल होगी । इधर विजय ने पूछा जो ग्राइंड बार अच्छा वो तो एयरपोर्ट से ज्यादा दूर नहीं है । हम आ जाएगा । तुम तो पीते नहीं हूँ यहाँ क्या करोगे? कोल्ड्रिंग तो पीते हैं ना नहीं रहने दो मैं उसी के चक्कर में आया था । पर शायद मेरा अंदाजा गलत था । मैं बस निकलने वाला । तभी मैं की नजर बाहर में होते हुए किसी व्यक्ति पर गई । बराबर पीना भी हो जाएगा तो खाना भी हो रहेगा । भूत तो हमको भी लगी है । अभी तक डिनर के दर्शन नहीं हुए हैं । घर पर भी नहीं होने वाले हैं तो हम आ जाये मालिक मैं जवाब देने की हालत में नहीं था । उस व्यक्ति को देखते हुए उसने फोन काट दिया । जय लंबा और भारी भरकम था । उसका चेहरा किसी बॉक्सर की तरह दिखाई देता था । उसकी आंखें छोटी छोटी थी और मूं बुलडॉग की तरह निकला हुआ था । उसके सर पर यहाँ के बराबर वाला । मैं उसे तुरंत पहचान गया । ऍम क्योंकि अपना काम बेहद सफाई और निपटा के साथ करने के लिए प्रसिद्ध था और उसने इस धंधे में काफी माल पीता हूँ । मैं उसका नाम याद करने की कोशिश कर रहा था । उसके बगल से निकला और बाहर के ऊपर वाली सीढियों की तरफ बढ गया । मैं उसके बारे में ही सोचता रह गया । पचास साल की उम्र में ही वो अपने पेशे शेयर रिटायरमेंट ले चुका था और अब गोवा में शांतिपूर्ण जिंदगी व्यतीत कर रहा था । क्या नाम था कोई क्रिश्चियन अंडा जॉन जॉनी नहीं । नहीं नहीं आॅटो रिटायरमेंट के बाद से तो वह कभी गोवा से बाहर निकला ही नहीं । फिर ये मुंबई में क्या कर रहा है? यहाँ ये रिटायरमेंट से लौट आया । एक और काम मिल गया मुझे अपना ध्यान इक चीज पर फोकस करना चाहिए । पर अगर इसका काट के साथ कुछ संबंध हुआ तो कल को तो अक्सर कॉन्ट्रैक्ट की लडकी जरूरत पडती है या क्या पता मैं हर चीज को कल से जोडने की कोशिश कर रहा हूँ क्योंकि फिलहाल वही दिमाग पर छाया हुआ है पर अच्छा रहेगा कि पता लगा लिया जायेंगे । मैं अपने गिलास में बच्चे कुछ बियर निपटाई और बारटेंडर से बिल की मांग कि एंटनी खुली छत पर बाहर के दूसरे सेगमेंट में नाचते गाते पीते लोगों के बीच से होते हुए चला जा रहा था । एक बार में संगीत अब तीन और उन्मादियों होता जा रहा था और नाचने वालों की तादाद बढती जा रही थी जिसको लाइट चलने लगी थी और अब लोगों को देखना पहचानना भी कठिन होता जा रहा था । उचित दूरी बनाते हुए मैं एंटनी के पीछे लगा था । एंटनी ने एक टेबल ले ली और फिर वहां बिना कुछ ऑर्डर किए बैठ क्या बार बार अपने मोबाइल की स्क्रीन पर और फिर इधर उधर देख रहा था । ऐसा लग रहा था उसे किसी का इंतजार है । एक खंबे के पीछे से मैं उस पर नजर रख रहा था । कुछ देर बाद एंटनी फोन पर किसी से बात करने लगा । फोन डिस्कनेक्ट करके वहाँ उठा सावधानी से चारों तरफ देखा और धीरे से एक तरफ बढ गया । मैं हमने की आठ से निकला और आमदनी के पीछे चल दिया । उसने उसे बाहर के कोने में वाशरूम की तरफ बढते हुए देखा । फिर वो आश्रम के अंदर जाने की जगह अंथनी सीधे चलता चलता है । जहाँ आगे संकट ऐसा रहता था । मैं उसके पीछे ही था पर फिरा चाइना की वहीं और फिर रचाना कि वह उसकी नजरों से ओझल हो गया । मैं चौका और फिर तेजी से उस राहदारी और फिर तेजी से उस राहदारी के अंत तक पहुंचा । ऍम गायब हो गया था मंदिर रोशनी में मैं तो अपनी तरफ लोगों की सीढियां नजर आई । जो की ऊपर की तरफ जा रहे थे उस तरफ आ नहीं रहा था । मैं कहा स्वतः था । इस की कमर पर बंधी रिवाल्वर पर चला गया । वह सावधानी से सीढियाँ चढने लगा । सीढियां चढकर मैं ऊपर पहुंचा । जहाँ हल्की रोशनी थी वहाँ फिर से एक शंकरा रास्ता जहाँ छोटा जीरो वाट का बल्ब चल रहा था, आगे जाकर उसे अपने सामने दो दरवाजे ना जाए । मैं को कुछ लोगों की आवाज सुनाई दी । उसने दरवाजे पर अपना काम लगा दिया है । तुम से मिलना चाहती हैं । एक भरी आवाज आई मैंने पहले ही बोल दिया था कि अब मैं रिटायर हो चुका हूँ, फिर भी तुम यहाँ आए हो तो कुछ तो वजह होगी । मैंने उनके लिए पहले बहुत से काम किए हैं इसलिए मिलने के लिए मना नहीं किया हूँ । लेकिन हम बहुत जरूरी है और इसके लिए तो मैं डबल फीस मिलेगी । ठीक है, मैं उनसे मिलूंगा और कम जानने के बाद ही बोलूंगा । पाँच करोड में लोग उस से मिलने की खाते ही तो तुम गोवा से यहाँ तक आ गए । फसने की आवाज आई । पर्व हरेली नागिन की तरह अगर किसी को टैक्स ले तो आज नहीं । वहीं वहीं देखा जाए । मैं का पूरा ध्यान उनकी बातों पर था । तभी उसे अपने कंधे पर किसी का हाथ महसूस हुआ । इससे पहले की वह कुछ करता, उसकी कनपटी पर एक भारी वार हुआ । फिर उसके हाथ खींच कर उसकी पीठ पर बांध दिए गए और फिर पेट में एक लाख पडी है । उसे सब धुंधला नजर आने लगा और फिर आंखों के सामने पूरा अंधेरा छा गया । होटल स्वान पैलेस में अभी भी पुलिस और सीआईडी अपसरों की भीड थी । देशपांडे की पूरी कोशिश थी क्या वहाँ की सारी कार्यवाही फटाफट निपटाई जाएगा? क्योंकि अब आधी रात हो चुकी नहीं । अरे सावंत देशपांडे एक हवलदार से बोला, उसकी बीवी को फोन किया कि नहीं । उस वक्त जब महीने में लाया था तब तो उठाया नहीं था उसने हाथ सर अभी कुछ देर पहले ही फोन कर दिया था । उसने कॉल रिसीव की थी और बोला था कि अभी सामंत ने अपना वहाँ के पूरा भी नहीं किया था कि वहाँ दो औरते पहुंची जिनमें से एक जोर जोर से बोल रही थी कोई है या पुलिस मेरी मदद करो । वह रोती बिलखती हुई गुहार लगा रही थी । देशपांडे उसके पास पहुंचा और बोला मैडम मैं इंस्पेक्टर देशपांडे, आप कौन मैं उर्मिला हूँ? प्रदीप की बीवी मुझे किसी ने पुलिस का नाम लेकर फोन किया और इस होटल में जल्दी से पहुंचने को कहा था क्या? प्रदीप ठीक है मुझे जिसने फोन किया उसने कहा कि वह कहीं से गिर गया । कहाँ से गिर गया? ऐसे गिर गया पुलिस मुझे बताइए वो कहाँ है? क्योंकि रुकी शांत हो जाइए । अरे कोई मैडम के लिए पानी लेकर आओ यार देशपांडे चलाया फिर शांत स्वर में और मिला से बोला देखिए मैडम, यहाँ पर एक एक्सीडेंट में किसी की मौत हो गई और जिसकी मौत हुई है उसके पास है । जो आई डी कार्ड मिला है उससे उसका नाम प्रदीप सोनी पता चला है । आपका नंबर उसके पास से मिला इसलिए आपको कॉल किया गया । वह पंद्रह ही मंजिल से गिर गया था । क्या बॉडी की शिनाखत करेंगी बॉडी? अब तक शांत दूसरी औरत जो उम्रदराज थी, तेज स्वर में बोली क्या ब्रॅान्ज मर गया हूँ? शुक्रव मम्मी पहले बॉडी तो देख ले हो प्रदीप नहीं हो सकता । आखिर वही होटल में क्यों आएगा? वो तो अपने ऑफिस किया था और महिला अपनी माँ का हाथ थामकर बोली । ऐसा लग रहा था वो अपनी माँ को काम खुद को ज्यादा ढांढस बांध रही थी । अरे यहाँ देशपांडेय याद करते हुए बोला बॉडी तो पोस्टमार्टम के लिए चली गई है । अब आप ऐसा करिए । मैं आपको कुछ फोटोज दिखाता हूँ । उससे ही शिनाखत कर दीजिए । कहकर उसने फॅमिली वाले को शहरा किया और बोला राइट से खींचे हुए फोटो लेकर आ गया । उसने फोटो उर्मिला को दिखाया । वो फोटो देखते ही और मिला का संतुलन खो गया । वह जमीन पर गिरने ही वाली थी कि उसकी माँ ने उसे संभाला । फिर दोनों औरते बैठ नहीं और ध्यान से वोटो देखने लगी और मिला की आंखे आंसुओं से सरोबार थी । उसके हो से एक शब्द भी नहीं निकल बारह आधार कुछ देर बाद बडी मशक्कत के साथ उस ने कहा हाँ ये मेरे पति हैं । प्रदीप सोरी फिर रोते हुए वे अपनी माँ के गले लग गई । मुझे आपसे पूरी सहानुभूति है । मैडम देशपांडे उसे संतावना देते हुए बोला कुछ औपचारिक काम निपटाने के लिए आपको कल पुलिस स्टेशन आना पडेगा । आपके पति की बॉडी आपको पोस्टमार्टम के बाद मिल पाएगी । मेरे ख्याल से अब आपको जाना चाहिए । आप कहीं तो मेरा कॉन्स्टेबल आपको घर छोड देगा । नहीं, उस की जरूरत नहीं है । और मिला । अपने आंसुओं पर अंकुश लगाते हुए बोली हम ऑटो लेकर चले जाएंगे । लीजा प्रदीप की बॉडी जल्दी देने की कोशिश करियेगा कहते हुए एक बार फिर वह रो पडी और फिर अपनी माँ के साथ वहाँ से चलेंगे । चलो अब सब सामान समेटो और एरिया सील कर दूँ, अब चलना चाहिए । तुम दोनों राज के लिए यही रोक जाऊँ । देशपांडे ने अपनी कॉन्स्टेबल टीम को निर्देश देते हुए कहा, और फिर बाकि सभी होटल से चले हूँ । मैं आपको धुंधला दिखाई दे रहा था । धीरे धीरे उसकी चेतना वापस आ रही थी । उसके सर में मायाना पीडा हो रही उसकी कनपटी अचीव ढंग से फडक रही थी और कानों में जैसे हजारों घंटियों की आवाज बज रही थी । उसने अपने हाथ हिलाने की कोशिश की पर उसने पाया कि वह उसकी पीठ पर बंदे हुए थे । उसके पैर भी बंदे थे । उसे अपने सामने दो हट्टे खट्टे आदमियों की और स्थिति का एहसास हुआ । उस कमरे में फिर फिर पीजे पाल की रोशनी हो रही थी । कमरे में कोई पंखा भी नहीं था और सभी खिडकियां बंद थीं, जिनके कारण मैं पूरी तरह से पसीने में न हो चुका था । सिर दर्द के कारण उसके मुंह से कर रहा आने के लिए किसने कहा था कानाफूसी करने को । किसी ने डाटते हुए बुझा हूँ वो बहुत इसकी पिस्टल तो देखो, विदेशी लग रही है, बढिया हैं क्या इसे मैं रख लो । दूसरा आदमी बोला जिसकी आवाज कुछ जननी से थीं । शायद ये खिलौना नहीं है । वहाँ जाकर खडा हो जाऊँ । उसे भी डपट पडी । ऍम कौन भेजा तेरे को उसमें मैं को धमकाते हुए पूछा और फिर उसके गाल पर एक जोरदार थप्पड लगा दिया । मैं गुस्से से फन रहा था । मेरे हाथ खोलो फिर बताता हूँ मुझे किसने भेजा हूँ, क्या रहे हीरो है तू फिल्म चल रही है । ज्यादा होशियार बनने की कोशिश मत कर । भेजे में गोली डाल दूंगा । समझाया कि नहीं नहीं समझ आया । मैं उसे खोलते हुए बोला उसने फिर से मैं के गाल पर थप्पड लगाया । अब समझ आया होगा तो मैं घायल पर लाल निशान छप किया और होते खोलने का नहीं लगा । इससे पहले की मैं की और धुनाई होती वातावरण में पुलिस सायरन की आवाज खोजने लगी । उस आवाज को सुनते ही सारी बौखला गए । बहुत चलो निकल चलें लगता है पुलिस आ गई । कहते हुए उसके हाथ से पिस्टल निकल गई और नीचे जाते मैं को वहीं छोडकर वो सभी कमरे से बाहर भाग गए । उस वक्त मैं खुद को आपात करने की कोशिश कर रहा था । जब विजय कमरे में दाखिल हुआ । अब तुम यहाँ विजय बोला और फिर उसके हाथों और पैरों को बंधन मुक्त करने लगा । पकडा, इंसानों को मैं चलाया । दूसरे कमरे में दो और हैं तो मैं कोई मिला । दूसरा कमरा देखा खाली पढाएँ । विजय ने जवाब दिया, मैं कब आजाद था? मैं उठ खडा हुआ और दरवाजे से बाहर निकलते हुए बोला फॅसा भाग गए फॅमिली ऍम विजय ने कहा हमारी टीम अभी भी नीचे ही है । कोई बाहर नहीं जा पाएगा । एंटनी गार्डो मैंने उसे यहाँ देखा था । मैंने बोला और फिर तेजी से नीचे उतरने लगा है । उसके पीछे था । इस वक्त बाहर का माहौल एकदम बदला हुआ था । वहाँ ना कोई सही था ना ही कोई डिस्को लाइट । इस वक्त वहाँ कई ट्यूबलाइट अच्छा काशा उजाला कर रही थी और कई नौजवान एक तरफ जमीन पर या कुर्सियों पर बैठे हुए थे । वह किसी हॉस्पिटल का वेटिंग रूम जैसा लग रहा था । मैंने सभी पर अपनी नजर घुमाई । फिर हताश स्वर में बोला वो यहाँ नहीं है, हो गया । हम पता करते हैं भाई यहाँ के लोगों से बात करेंगे । शायद कुछ पटा लिया । फिलहाल तुम खुद पर ध्यान दो तो मैं फर्स्ट एड की जरूरत है । चलो उठाने नहीं चलो । विजय ने पुलिस दल की तरफ देखते हुए आवाज लगाई, अगली सुबह मैं मुंबई मेडिकल कॉलेज की फोरेंसिक डिपार्टमेंट की तरफ चाह रहा था । उसने अपना मोबाइल देखा । उस पर पंद्रह मिस कॉल आई हुई थीं । फिर से वह मुझे सारी रात कॉल करती रही हैं । फोरेंसिक डिपार्टमेंट के बाहर ही उसे एक रेसिडेंट मिल गया जो कल रात उस क्राइम सीन पर दिखाई दिया था । लाख ने उसे डिपार्टमेंट की हेड के बारे में पूछा तो उसे पता चला कि गैर फिलहाल पोस्टमार्टम कर रही थीं, है और टॉप सी रूम की तरफ बढ गया । कमरे का दरवाजा खोलते ही उसे फॉर्मेलिन की गंध महसूस हुई । वहाँ सभी दीवारों पर लकडी की अलमारी बनी थी जिसमें तरह तरह के रिप्लेसमेंट रखे हुए थे । कमरे के बीचोंबीच डिसेक्शन टेबल पर नंगी बॉडी रखी हुई थी, जिसका दो डॉक्टर पोस्टमार्टम करने में व्यस्त हैं । उन्होंने सफेद कोट पहन रखे थे और शहरों पर मार्च करते एक्सीडेंट । सामने लगे वोट पर कुछ नोट लिखता जा रहा था । डिपार्टमेंट आॅफ मैंने पूछा और ये पूछने वाले तुम कानों । एक डॉक्टर ने उसके पास आते हुए पूछा । उसके एक हाथ में स्काल्प एक और दूसरे में फॅस था । उसने अपने झुके हुए चश्मे को कलाई से ठीक किया । उसका रंग गोरा था और ऊंचाई साढे पांच फीट के आसपास थी । उसकी उम्र पैंतीस के आसपास थी । उसकी काया कुछ दुबली पतली सी थी और खूबसूरती बडी । बडी आंखों के सामने मोटे फ्रेम का चश्मा था । उसने सादे पर उच्च कोटि के कपडे पहने हुए थे । जैसे तो देखने में मैं एक साधारण सी औरत थी पर उसके मुख से निकलते शब्द तेज तर्रार थे । मेरा ना मैच है । मैं एक सीआईडी ऑफिसर हूँ भी अपनी आइडि दिखाते हुए बोला ऑफिसर मकरन राज है । उसकी आई डी पर लिखा उसका नाम पढते हुए गोली मैं डॉक्टर मैं यही भरतद्वाज हूँ, इस डिपार्टमेंट की है और मुझे अपने लाभ में इंफेक्टिड चीजों का इस तरह अंदर आना पसंद नहीं । ऍम क्या मतलब फरमाइए, कैसे आना हुआ? प्रदीप सोनी की रिपोर्ट चाहिए जैसा कि आप देख सकते हैं । पोस्टमार्टम अभी पूरा नहीं हुआ है इसलिए आपको इंतजार करना पडेगा । तो अगर आप हमें काम करने की इजाजत दें उसने आंखों से दरवाजे की तरफ इशारा करते हुए कहा हूँ यह बेहद संगीन मामला है । शहर में कई संदिग्ध घटनाएँ हो रही हैं । अगर हमने जल्दी कुछ नहीं किया तो हमें कई और डेड बॉडीज मिल सकती हैं । अगर आप अब तक मिली कुछ भी जानकारी बता पाएंगी तो उससे हमें काफी मदद होगी । मैं कठोर सफर में बोला हूँ । अक्सर मैच के तौर तरीके से लोग उसे लाभ वहाँ समझ लेते थे । पर सच तो यह था कि जब काम की बारी आती थी तो लाभ पर वहाँ मैं एकदम से पेशेवार मैच बन जाता था जो काम निकलवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था । यही कारण था कि ब्यूरो से अक्सर उसे बिगडे और पेचीदा केस मिला करते थे । मैं गई नहीं । कुछ पल उसकी तरफ देखा । फिर अपने सात डॉक्टरों की तरफ पढनी फॅार्म करो । मैं कुछ देर में आती हूँ । सुकांत तो रिपोर्ट बनाऊँ और मिस्टर मरकंद चलिए मेरे ऑफिस में चलकर बात करते हैं । कहता उसने अपने ग्लाॅस और मार्च को उतार दिया । मैं नहीं कि ऑफिस में बैठे हुए मैंने पूछा ड्रिंक से कोई लो मिला? उसने आवाज लगाई, नवीन रिपोर्ट लेकर आना जा रहा हूँ । नवीन रिपोर्ट लेकर आया । जैसे मैत्री ने जांचते हुए कहा, ड्रिंक में जो धूप मिला था वह प्रतीक के ठोक से मैच नहीं करता है । मुझे पता था मैं मेज पर मुक्का मारते हुए हो या कुछ और और कुछ नहीं । मैं नहीं रिपोर्ट देखते हुए बोली क्या आपको उसके कपडों पर कोई निशान या फिंगप्रिंट में नहीं? क्या ऐसा लगा कि उसके किसी से छीना छपटी हुई थी? मौत से पहले नहीं । ऊपरी तौर से ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता । अगर ऐसा कोई निशान नहीं था कि उसे धकेला गया था तो फिर ऊपर से गिरा के से मैं जैसे खुद से ही सवाल पूछ रहा था । हाँ, ये बात तो सोचने लाए गए । मैत्रयी गंभीरता की सात बोली फिर उसके चेहरे पर उखाड सही मुस्कान आ गई । क्या पता वह खुद अपनी मर्जी से खुदा हूँ । सब साइड तो हो ही नहीं सकती । नायक का ध्यान उसकी तरफ नहीं था । वो दीवार की तरफ देखते हुए बडबडा रहा था । क्यों वो आपकी कार्ड वाली थ्योरी मैंने सुना उसके बारे में । पर फिर भी मेरा मानना है कि लोग कुछ भी कर सकते हैं तो साइड भी की । आपको उसकी फैमिली या मेडिकल हिस्ट्री के बारे में कोई जानकारी मिली, मुझे नहीं पता और उसके इससे कोई फर्क भी नहीं पडता । अगर उसे धक्का नहीं दिया गया तो फिर उसे जरूर कोई शहर दिया होगा । मेज पर रखे फॅर होते हुए मैं अपने एक नहीं थोडी थी और चोरी पर अभी तो मैंने आपको बताया कि उसने उस दिन को नहीं दिया था । इसका मतलब उसे उस कमरे में आने से पहले ही शहर दिया गया था जहाँ पर मैं चाइना की उठ खडा हुआ । आप जा रहे हैं? हाँ मुझे पता है ये उसका गाल का ही काम है । मुझे बस इंतजार है अब आपका वह शहर का पता लगती हैं । शरूर । मैं पता मैत्री के वहाँ के पूरा करने से पहले ही मैच वहाँ से कुछ कर चुका था । ड्राइविंग सीट पर बैठते ही मैंने देशपांडे का नंबर मिलाया । हेलो देशपांडे ने जमाई लेते हुए जवाब दिया उसे जहर दिया गया था । किसी प्रदीप सोनी को हूँ । अब मामला साफ हो गया है । लडकी उसे रेस्टोरेंट में मिली । उसके खाने में उसने जहर मिलाया । फिर उसने उसे होटल के कमरे में कुछ लाने के लिए भेजा । वह कमरे में पहुंचा । अचानक उसे घुटन महसूस हुई कि वह खुली हवा के लिए बालकनी में आया और फिर बेहोश हो गया । उसका संतुलन बिगडा और नीचे गिर गया । वो पर कौन सा है उससे क्या फर्क पडता है? एक बार लडकी हमारे हात आ जाए तो मैं खुद ही बता देगी हूँ । और दूसरी बात अगर ये भी हम पता लगा लेंगे तो फॉरेंसिक वाले क्या करेंगे? वो किस बात की पगार लेते हैं? एकदम सही हूँ तो मैं कुछ पता चला । हमें वेटर मिल गया । उसने यह बात मानी कि उसने प्रदीप की ड्रिंक्स सिर्फ ली थी । ऐसे ही मजे के लिए जब हमने उससे पूछताछ की तो डर गया कि वह पकडा जाएगा । इसलिए भाग गया था और कुछ मैं प्रजीत की बीवी से मिला था । रजीव के बारे में पूछा पर उसे पता नहीं था कि उसका पति होटल में क्या करने आया था । यह तो कोई खास बात नहीं । वो कार्ड का मेंबर था तो जाहिर है कि उससे संबंधित बातें अपनी बीवी से चुप आता होगा तो डॉक्टर मैत्री को कॉल करके ये सारी पर्सनल जानकारी दे दो । उसे बहुत खुशी होगी कहकर मैंने फोन काट दिया । मैत्रयी और तब से रूम में पहुंची है । काम कहाँ तक पहुंचा? अभी तक तो यही पता चला है कि वह एक चालीस वर्षीय मिष्ट मंगोलियन ओरिजिन का आदमी है जिसकी मौत का कारण ऑटॉप्सी के अंत पर ही पता चल सकता है । बढिया यह कैसे पता चला की ये चालीस साल का है इसकी सभी अगले दार विकसित हो चुकी है और उनकी जडे बंद हैं । डांटो के ऊपर की सत्ता किसी हुई है जिसकी वजह से उभार कम हो गए । ऍम का उभरा हुआ भाग कौन लू हड्डी की बॉडी से जोड चुका है । इतना के चित्रों को दो भाग से बांटने वाला मेम्बरीन ॅ के आकार से पता चलता है कि मृतक मंगोल रेस का है । कुछ और भी चीजें हैं । ब्लॅक सिर क्योंकि छोटा और चौडा है । उसकी स्टाॅक्स यह दर्शाती हैं कि मर्तक मंगोल रेस का था यानि की एक यानी होना चाहिए । मैं तक एक आदमी था और उसकी दाहिनी कलाई पर एक अजीब सा ॅ होता है और कुछ बालकनी से गिरने के कारण उसकी कई पसलियां टूटी हैं और जान की हड्डी फ्रैक्चर हुई है । खाल पर कई जगह खरोच हैं । मैत्री ने ध्यान से सभी टूटी हुई हड्डियों को देखा । विश्व मेरा के निरीक्षण से क्या पता चला कलेजा और गुड देते ऊपर से सामान्य दिख रहे हैं । अभी मैं टॉक स्क्रीन कर रहा हूँ और एचपीएलसी से किसी जहर का पता लगाने की कोशिश है । ठीक है तो अब शरीर और मस्तिष्क की तरफ पडते हैं कहते हुए ॅ फोर्स उठा लिए उसकी आंखें खोलकर देखते हुए ऍम गायन इसकी दोनों आंखों ने कि मैं तो माँ दिखाई दे रहा है । दुकान ऍम था तो मैं दिल से संबंधित कोई गडबडी दिखाई थी । डेल के ऊपर रिस्ट्रक्चर में तो कोई गडबडी नहीं थी । बाकी कोई और परेशानी रही हो तो अब उसकी मौत के बाद कैसे पता चलेगी उसकी मेडिकल हिस्ट्री पता करुँ मैं नहीं बोली ऍम के साथ ऍम और दिमाग दोनों की बायप्सी करूँ । वो गिरने से पहले बेहोश हो गया था । रायन खाया लो मैं घूम था ही । मैं तो माँ से यही साबित होता है । या तो उसे शोक हुआ या कार्डियक अरेस्ट । सुकांत इंस्पेक्टर को फोन करके प्रदीप का एड्रेस पता करुँ । हमें उसकी फैमिली से मिलना चाहिए । दोपहर बाद और मिला अपने घर वापस आ गई । उसकी माँ किसी धार्मिक कोष्टी में भाग लेने बाहर गई हुई थी क्योंकि उसे लग रहा था कि जब से प्रदीप की मौत हुई है तब से उसका भूत उसके पीछे पडा है । जैसे तो कल ही उसके पति की मौत हुई थी फिर भी और मिला । आज काम पर हॉस्पिटल गई थी । घर पर अकेले रहने का उसको दिल नहीं कर रहा था और वैसे भी जब तक उसे पुलिस से प्रदीप की बॉडी नहीं मिलती । आगे का कोई काम भी नहीं हो सकता था । हालांकि हॉस्पिटल में उसकी सुपरवाइजर ने उसे जल्दी से घर आने की सलाह दी । घर आते ही उसने कमरे की लाइट जलाई और साथ ही अपनी माँ को फोन किया । मम्मी आप कहाँ हूँ? मैं घर आ गई हूँ, जल्दी वापस आ जाऊँ कहकर और मिलने फोन काटा और घर की चाबी मेज पर रखकर जब कमरे में नजर कमाए तो उसकी आंखें फटी की फटी रहे नहीं, ऐसा लग रहा था जैसे घर के अंदर कोई तूफान आकर गया हूँ । फर्नीचर इधर उधर बिखरा हुआ था । कुछ नाश्ता किए फटे हुए थे । सारा सामान जमीन पर पडा हुआ था जो अखबार टीवी के किनारे रहे रखे हुए थे । फिर सब जमीन पर बिगडे पडेंगे । उसने सहमते हुए बैड रूम के अंदर कदम बढाये और पाया कि वहाँ भी उसी किस्म का तूफान मचा हुआ था । ऍसे चादर उतार दिये गए थे । गड्डे फटे हुए थे । अलमारियां खुली पडी थी और कपडे चारों तरफ फैले हुए थे । उसने अलमारी का लॉकर चेक किया भी खुला हुआ था । उसमें से पैसे और जेवर गायब थी । उसने बैठ के किनारे गी दराज खोल कर देगी । वहाँ रखा प्रदीप का लैपटाॅप था । फिर उसने दूसरी दराज कोहली और पाया कि वहाँ रखे प्रतीक एसटीडी और हाल टेस्ट भी गायब थीं । शब्द में की हालत से बाहर आते हुए थे । हलक फाडकर चलाई बचाओ बचाओ चोर चोर मेरे घर में चोरी हुई है । कहते हुए वह दौडते हुए घर से बाहर निकले और चिल्लाने लगी । तभी उसके मां वहां पहुंची और मिला । कोई हालत में देखकर जहाँ भी चिल्लाने लगीं शोर शराबा सुनकर पडोसी भी बाहर आ गए । पुलिस को फोन करुँ । भीड में से कोई बोला और मिला रो रही थी । वो बेहद का भाई हुई थी । आस पडोस की औरते उसे उसके पास संतावना देने के लिए पहुंची । वह बोली मेरे पास इंस्पेक्टर देशपांडे का नंबर है । मैं उन्हें कॉल करती हूँ । दूसरी तरफ से देशपांडे की आवाज आती ही उसने जल्दी जल्दी सारी बात बताई हूँ । प्लीज आप जल्दी पहुंचे तो एक और मिलने फोन काट दिया और मिला की कॉल के तुरंत बाद देशपांडे ने मैं को फोन किया । ऑफिसर मैं आपके लिए जरूरी खबर है । प्रदीप घर में चोरी हुई है । मैं भी नहीं जा रहा हूँ । पता चला है कि प्रदीप का काफी सामान चोरी हो गया है । ऐसा क्या मैं भी आता हूँ । मैंने कहा और फिर कमरे के वो टेन फोर पर पडे हुए अपने कपडे उठाए और पहनने लगा । कर्ड ने फिर से एक कारनामा कर दिखाया । पता नहीं मुझे ये खयाल पहले क्यों नहीं आया । मुझे प्रदीप का सामान अब तक उसके घर जाकर चेक कर लेना चाहिए था । भारी गलती हो गई । टाइमिंग गए जा रहे हो । बेट की तरफ से लडकी की प्रमुख आवाज है हाँ मुझे जाना पडेगा । बहुत गडबड हो गई । मैंने कहा और लडकी के गाल पर किस करते हुए कमरे से निकल गया । उस से पीछा छुडाने का बहाना तो नहीं कर रहे हो । लडकी ने शिकायत भरे स्वर में कहा और आपने नग्न बंधन को चादर से ढक लिया । आज कल ना तो मेरी कॉल का जवाब देते हो और ना ही मैसेज का और न ही कहीं मेरे साथ बाहर जाते हैं । आज इतने दिनों बाद मिले थे और अब तो मैं तुरंत काम आ गया । ऐसी कोई बात नहीं । ये केस बहुत क्रिटिकल है । तुम जानती हो कि मेरा काम किस तरह का है । कहते हुए नाक दूसरे कमरे में दाखिल हुआ और उसने मेरे से अपना फोन और घडी उठाया । नहीं होते ही मैं तो मैं कॉल करता हूँ । फिर हम कहीं बाहर घूमने जाएंगे । बस एक बार ये केस ने पड जाए भाई । मैंने उसकी तरफ मुस्कुराकर देखते हुए कहा । वहाँ से बाहर निकल गया । अभी मैं चोरी की खबर से उभर भी नहीं पाया था की एक और नहीं खबर मिली जिसमें उसे हिला दिया हूँ । उसे ब्यूरो से एक नए कत्ल के बारे में कौन आया? यह काट लो स्वेटर का था जो होटल स्वान पैलेस में काम करता था और पुलिस की पूछताछ के बाद से ही गायब था हूँ । मैं तो पता चला कि काट ले । चैंबूर के एक सस्ते से होटल में हुआ था खबर मिलने के एक घंटे के अंदर वॅार के उस होटल पहुंचा एक और होटल, एक और कथित सस्ता होटल और सस्ती जान होटल में उसका स्वागत । अब इंस्पेक्टर योगेश सावंत नहीं किया योगेश से उसे पता चला कि कठिन होटल की दूसरी मंजिल पर कमरा नंबर तीन सौ चार में हुआ था । वे दोनों कमरे में पहुंचे । योगेश ने कांस्टेबल को लाश का चेहरा दिखाने का निर्देश दिया । मैं ध्यान से लाश का चेहरा देखा । उसकी आंखें अभी भी खोली थी और उनमें आश्चर्य का भाव था हूँ । मुझे पूरी बॉडी दिखाऊ । मैंने कहा कुछ हिचकी चाहते हुए कॉन्स्टेबल ने लाश के ऊपर से पूरी चाहता खींच ली । मैंने उत्सुकता से पूरी लाश को कई बार ध्यानपूर्वक देखा हूँ । वेटर की सफेद शर्ट उसके खून में भी कर पूरी तरह से लाल हो गई थी । उसकी गर्दन पर बेहद गेहरा और धारदार निशान था । माइक उसके ऊपर झुककर उसका निरीक्षण करने लगा । किसी पहले हथियार का काम रखता है । वो बोला है ये किसी बडे और बेहद पहले चाकू का काम है । योगेश सहमती के साथ बोला कि ऐसा कोई हथियार पाया गया है । नहीं काट लेने काफी सावधानी बढती है । कोई चश्मदीद गवाह उसने नाम ऐसे नहीं लाया । फॉरेंसिक वाले किसी भी वक्त पहुंचने होंगे । उसके बाद बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेज दी जाएगी । मैं क्लास को देखने के बाद से गहरी सोच में डूबा हुआ था । वेटर प्रजीत के कमरे में था और अब इसका खत्म हो चुका था । इसका मतलब ये हैं प्रदीप के कातिल को जानता था और प्रदीप का कातिल जानता था कि यह वेटर प्रदीप के कपिल के बारे में जानता है । लाख की नजरें कमरे में रखे बैठ के बगल की मेज पर गई । उस मैच पर विश्व की की एक बोतल और के इलाज रखे हुए थे । ध्यान रहे कि फॉरेंसिक पहले ही है । बहुत और गिलास इन्वेस्टिगेशन के लिए जरूर ले जाएं, जरूर ले जाएंगे । यह तो अंदर रोज का काम है । हाँ, मैं जानता हूँ पर मैं इस पर जोर इसलिए दे रहा हूँ क्योंकि ये आदमी अभी पिछली रात ही ड्रिंक की वजह से फसा था और उसके बाद भी अगली ही राज । यह खुद को रिंग से दूर नहीं रख सका । सब इंस्पेक्टर योगेश को प्रदीप के मर्डर के बारे में कुछ भी नहीं पता था । उसने ताज्जुब से मैं की तरफ देखा हूँ । मैंने उसे संक्षिप्त में प्रदीप के मर्डर के बारे में बताया । सुनकर योगेश बोला लगता है अपने खिलाफ सबूत मिलने की वजह से मैं घबरा गया था । पहले मुझे भी ऐसा लगा था । बर्फ कुछ और ही लग रहा है । केवल उस वजह से ये ऍम पर फिर भी ये डरा और उसकी वजह साफ है । जरूरी से प्रजीत के काट एल के बारे में पता था । हो सकता है इसने खत्म होते हुए देखा हूँ । शायद तभी किसी चीज ने मैं का ध्यान आकर्षित किया और उसे जमीन पर बॉडी के बाद कुछ गिरा हुआ नजर आया । उसने झुककर देखा । वह एक कागज का टुकडा था, जिस पर कोई डिजाइन बना हुआ था । उसने उसे बिना छुए हुए करीब से देखा । ऍम कुछ और नहीं बल्कि काट के लोगों का था । एकदम वही लोगों जो समय आने डायटों के रूप में अपनी वहाँ पर बनवाया हुआ था । इसके यहाँ होने का मतलब तो क्या कल वालों ने से मारा और शान से अपना लोगो यहाँ छोड कर चले गए । वैसे ये कोई नई बात नहीं । अपने टारगेट को खत्म करने के बाद अक्सर वे लोग कुछ ऐसा ही करते हैं । वही है वेटर । उनका मुख्य टारगेट नहीं हो सकता । सिर्फ एक औपचारिकता थी प्रदीप की तरह । पर उन्होंने प्रदीप को मारने के बाद वहाँ कोई ऐसा साइन नहीं छोडा था । हो सकता है क्योंकि वह खुद एक कल्ट मेंबर था । वो क्या है? योगेश ने पूछा एक लोगों, मैंने उस की विस्तृत जानकारी देने की जरूरत नहीं समझी । मैं बोला अब हम यहाँ ज्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं । क्या तुम ने होटल के स्टाफ से पूछताछ की जी की थी । रिसेप्शनिस्ट के अनुसार इस आदमी को उसने कल रात नौ बजे के आस पास आखिरी बार देखा था । उस वक्त ही उसने होटल में चेकिंग किया था । कोई मेहमान उसके कमरे में आया था । रिसेप्शनिस्ट के अनुसार तो कोई नहीं और कोई तो इसके कमरे में जरूर आया था । तुम्हें होटल में कुछ और स्टाफ से भी पूछताछ करनी चाहिए । हमें कर लूंगा मेरा नंबर । ये लोग कुछ भी नया पता चले तुरंत मुझे इन्फॉर्म करना जरूर । फिर भी दोपहर तक तुम्हारी कॉल का इंतजार करूंगा । नाग शक्ति के साथ उसे देखते हुए बोला मैं पूरी कोशिश करूंगा । ऍम इंस्पेक्टर कहते हुए मैं एक होटल से खोज कर गया । फिर ये किस काफी दिलचस्प दिख रहा है । तीन दिन के अंदर दो कठिन हो गए और दो पॉस्टमार्टम फोरेंसिक डिपार्टमेंट में नवीन दुकान से कह रहा था इस वक्त दोनों वेटर की बॉडी के पोस्टमार्टम की तैयारी कर रहे हैं । कोई तो है जो अपना सीकर छुपाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है । गांधी बोला हाँ सीक्रेट । मुझे भी तुम्हारा एक सीक्रेट पता चला । नवीन ने भेदभरी मुस्कान के साथ कहा क्या बात कर रहा हूँ । सुकांत का चेहरा भावहीन था । सुनाये । आजकल तुम किसी के साथ एक पर जा रहे हो । नवीन बोला चुप रहूं मैडम को ये बात नहीं पता चलनी चाहिए । सुकांत हाथ के इशारे से आवाज नीचे करने का आग्रह करते हुए बोला, क्यों? क्या काम करते हो? मुझे बताएं । एम डी मेडिसिन के फाइनल यर कि रेसिस्टेंट है । नवीन बोला, मैंने सुना है कि मैडम को ये सब बातें पसंद नहीं है । वह मुझे फेल कर देंगे क्या हो सकता है मेरी किसी भी अटका दिया? मैंने तो ऐसा कुछ नहीं सुना । मुझे नहीं लगता वैसा कुछ करेंगे । नवीन सुकांत को सांत्वना देते हुए बोला हूँ । इससे पहले के सुकांत कुछ बोलता रायन पोस्टमार्टन रूप में दाखिल हुआ क्या भाई लोग सब तैयारी हो गई । उसने पूछा । सुकान्त और नवीन ने सिर हिलाकर सहमती में जवाब दिया बहुत बढियां सुकांत तो मैडम को प्रदीप के पोस्टमार्टम के पूरा करने में मदद करो । मैं ट्रेन और नवीन के साथ इसे निपटाता हूँ । सुकान्त कमरे से निकलने को हुआ । उसे जाते देख नवीन ने एक बार फिर उसे शरारत भरी मुस्कान के साथ देखा और आप मार दी । सुकांत हर बढाते हुए बाहर निकल गया । इसी के हुआ रायन बोला किसी ने कोई जवाब नहीं दिया । रायने ग्लव्स और मार्च पहन लिया । नवीन ने उसकी तरफ स्काल्प एल मुँह बढा दी । आर्यन मारकर हाथ में लेकर व्हाइटबोर्ड के पास खडा हो गया । मेल विक्टिम उम्र तीसरे दशक में मंगलो रीड संभव मौत का कारण कॅटेगरी कटने से रख स्टाफ ऍम वाइट बोर्ड पर लिखता गया, शरीर पर कोई खास निशान नहीं नहीं । किसी के साथ लडने, झगडने या संघर्ष के निशान दिखाई दे रहे हैं । कल आइए और टखनों पर रस्सियों के कोई निशान भी नहीं है । इसका मतलब किसी भी तरह से बंदा नहीं गया था । नवीन तो उसकी दाई तरफ देखो । क्या कोई बर्थमार्क है? मैं बाई तरफ देखता हूँ । मैंने निर्देश दिया ऍम सबकुछ मारकर की सहायता से लिखता जा रहा था । जबकि नवीन बेहद ध्यान से वेटर के शरीर का निरीक्षण कर रहा था । संदेह करने जैसा कुछ भी नहीं दिख रहा था । नवीन लाइन से बोला, अब इस की गर्दन के खास को देखते हैं । बेहद के हैं और सफाई के साथ किया गया कट दिखाई दे रहा है । गर्दन पर बाएं से दाएं तरफ तक मेड लाइन से एक सौ मीटर अंदर तक घाव के कोनी दम साफ और पहने हैं जिससे पता चल रहा है कि किसी बेहद धारदार हथियार का प्रयोग किया गया है । इतना गया की फॅमिली घाव देखने में ऐसा लग रहा है जैसे सर्जरी के वक्त किया जाता है सर क्योंकि घास बाएं से दाएं की तरफ जा रहा है । शायद कातिल ने पीठ पीछे उस पर हमला किया होगा और दाहिने हाथ का इस्तेमाल करता होगा । नवीन ने कहा ऐसा ही लग रहा है तो कहाँ खेलने इसे अपने बाएं हाथ से पकडा होगा और एक झटके में हथियार बाएं से दाएं तरफ गर्दन पर गिरा दिया होगा । फिर तो कातिल बहुत ताकतवर रहा होगा जो उसने इसे एक हाथ से पकड लिया और दूसरे से मार दिया । नवीन बोला या हो सकता है कहाँ दिल्ली उसे बेहोश कर दिया हो ताकि कोई व्यवधान आयें । नवीन इसके मूॅग ले लो । बेहोशी की दवा के लिए जाना पडेगा । नवीन सैंपल लेने लगाओ जबकि रायन उसके शरीर की कांटछांट करता रहा हूँ । उसने बडी दक्षता के साथ स्कॉल पेन से आई के आकार का इंसीजन करके उस शरीर को खोल दिया । फिर अंदरूनी अंगों को घाव और विकृति के लिए जांचने लगे । नवीन हिस्टोपैथोलॉजी स्लाइड और एब्डॉमिनल फॅमिली के लिए टिशू सैंपल ने लोग ऊपरी तौर से तो सभी अंक ठीक दिख रहे हैं । अब दिमाग की भाई इस बार रायन ने सिर पर काट कर उसकी चमडी निकाली जिससे कि क्रेनियल बोल देखने लगी । फिर उसने सहाय के साथ कोनों पर काटा और फिर चीनी और मसूर से सिर खोल दिया । अब सभी को लाश का मस्तिष्क साफ दिखाई दे रहा था । शराब रॉस फाइनल फ्रेंड निकाल लेते हैं । रायन ने कहा ब्रेन में किसी तरह का एंप्लॉयी या ब्रेडिंग दिखाई नहीं दे रही है । नवीन अब तुम बॉडी बंद करके रिपोर्ट तैयार कर लो । जायन अपने ग्लव्स उतारने ही वाला था कि तभी मैत्रयी अंदर पहुंची कुछ मिला । उसने पूछा हाँ मौत का कारण गर्दन के घर से हुई ब्लीडिंग की है मैं ट्राई ने झुककर खास देखा घाव के तहत । उनसे तो निश्चित ये है कि ये सोसाइटी नहीं है । एकदम सटीक जैसे कि इस काल पेन से किया हूँ । जैसा की अभी तुमने ऑटोप्सी के वक्त क्या जरूर कातिल कोई सर्जन रहा होगा । लायन हस्कर बोला क्या पता पर उसी आईडी ऑफिसर के पास कोई ना कोई थोडी जरूर होगी । मुस्कुराई नवीन ऍम! तुम्हें क्राइम सीन पर जाकर ब्लॅक करना चाहिए । हमारे पास इस तरह की कितनी केस आए हैं? पिछले दो महीने में कोई दस की नवीन ने जवाब दिया बढियां इस केस का भी दे टाइम घटना का लोग फिर अगली कॉन्फ्रेंस में प्रोजेक्ट करने के लिए अच्छा मैटर हो जाएगा । मैं चैंबर से मलाड प्रजीत के घर पहुंचा । उसका घर बेहद बुरी हालत में था हूँ मानो कि वहाँ से डाकुओं का कार्य वह निकला हूँ । वहाँ हर तरफ पुलिस कर्मी फैले हुए थे । करीब की बीवी और मिला । उसकी माँ और कुछ पडोसी बाहर के कोने में खडे थे । आईएसएस मैं को आते देख देशपांडे बोला देशपांडे यहाँ तो हालत बहुत खराब दिखाई दे रहे हैं । वो तो है तो किसने किया ये काम? आपको क्या लगता है कि मुझे पता चल गया होगा तो तुम्हारे चेहरे से ही पता चल रहा है तो आए चेहरों पर उन दिनों के बाद और जो नहीं दिख रहे देशपांडे ने वो लगाते हुए उसे देखा । हाँ बिल्कुल ऐसे दिखता है तुम्हारा चेहरा जाॅन में होते हो । देशपांडे ने उसे उसी तरह से देखते हुए कहा वो दिन दहाडे आए थे वह । मैंने उन्हें देखा ही होगा । दरवाजा एकदम ठीक ठाक है । वो अंदर आये कैसे उन्हें ज्यादा मशक्कत करनी ही नहीं बढी । पडोसियों ने जो छाप इत हमादी मैं अपने पलट कर पडोसियों को देखा उनमें से एक औरत की नजरें कहीं मुझे नहीं पता था कि वह चोर होंगे । उन्होंने कहा कि वैसी आइडी से हैं मैं । अरे वाह! मेरे डिपार्टमेंट के लोग थे । मैं बोला सच मुझे और उत्साहित हो गई । नहीं मैडम, छोटी मोट । एक बार फिर उसके चेहरे पर शर्मिंदगी छा गई तो आपने उन्हें चाहती पकडा दी । फिर उन्होंने क्या किया? मुझे नहीं पता । उन्होंने मुझे अंदर नहीं आने दिया । मुझे थोडा शब्द हुआ था पर फिर उनके बॉयज और सर्विस रिवॉल्वर देखकर नहीं लगा । कोई बात नहीं । आपकी जगह कोई भी होता तो धोखा खा जाता । शायद खुद उर्मिला जीवी यहाँ मौजूद होती । फिर भी वो अपना काम से आई डी बन कर पूरा कर जाते हैं । देशपांडे तो स्कैच बनाने के लिए जानकारी मिली से हाँ वो किसी गाडी से आए होंगे । हाँ एक काली एसयूवी से आए थे और वो आज मैंने उन का नंबर नहीं देखा । कोई बात नहीं पर देशपांडे अब तक तो इतना तो समझ गए हो गई की वो लोग कौन लोग थे । मुझे तो अभी तक ऐसा कोई सबूत हर एक लडकी लोग थे और कौन होगा? कोई और भी हो सकता है । मैं अपने उसे विश्वास के साथ देखा । मुझे लगता है कि मैं जो भी बोलूँ तो मैं उसका उनका बोलने में मजा आता है । नहीं ऐसा तो बिलकुल नहीं । मुझे बस मुक्के मारने की जगह तत्थों पर विश्वास करके आगे बढना पसंद है । फिर तो तुम बाकी पुलिस वालों की तरह बिल्कुल भी नहीं हूँ, जिनके लिए पहले सस्पेक्ट मिलना जरूरी होता है । फिर उस पर एविडेंस बैठाने की कोशिश होती है । ऍम तो आप की इस बारे में क्या थोडी है? मेरा मानना है कि कल के लोग आएंगे और प्रदीप और कल के बीच के संबंधों के सभी सबूत और तथ्य उठाकर मिटाकर चले गए । क्या पता और जिस तेजी से उन्होंने ये क्या उससे पता चल रहा है कि उसके पास जरूर कोई महत्वपूर्ण जानकारी थी । शायद उनके किसी अहम मिशन से संबंधित ऍम उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट किलर को हायर किया है । एक रिटायर्ड प्रोफेशनल को वापस खेल में लेकर आए हैं । जरूर कोई बडा निशाना लेने की फिराक में हैं । देशपांडे चुप रहा इस शहर में बहुत ऍम बर मौजूद हैं । मैंने कहा मुझे ऐसा लग रहा है कि प्रदीप के पास कुछ ऐसी जानकारी थी जो है उन्हें देना नहीं चाहता था । नहीं तुम तो काॅल मैं उपहास भरे स्वर में बोला हूँ नहीं ऐसा अभी तक तो नहीं हो रहा हूँ । घटनाओं से पता चल रहा है । अगर उसके पास कोई अहम जानकारी थी तो वो उन्हें देने से क्यों हिचक चाहता । पर क्योंकि वो एक बागी था उसने वो जानकारी दावा कर रखी होगी इसलिए उसका मर्डर हुआ और अब ये रॉबरी मुझे तुम्हारी ये थोडी बढिया लगी । अब हमें प्रैक्टिकल होते हुए इन लोगों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने होंगे ताकि उन्हें अरेस्ट किया जा सके । बिना सबूतों के उन पर हाथ डालना काफी मुश्किल हैं । जैसे ही सीएच तैयार होता है मैं उन्हें साॅस पर डलवा दूंगा । बहुत बढिया पर उन्हें पकडने के लिए काफी मशक्कत करनी पडेगी । लोग बहुत होते हैं तो मैं बाॅर्डर हो गया । मैंने सुना आप गए थे वह हूँ । मैंने उसे संक्षिप्त में सब बताया । फिर पूछा तो क्या ख्याल है? तुम्हारा फॅार गया था क्योंकि उसे पता था उस रिंग में उसके खिलाफ सबूत मिलने वाला है । ऐसा ही लगता है और कुछ ज्यादा ही नहीं डर गया । मुझे लगता है सबूत के अलावा कोई और कारण भी है । और क्या शायद मैं जानता था कि कातिल कौन है? तुम्हारा मतलब है । वह प्रदीप के मर्डर का चश्मदीद गवाह था । हाँ और उस वक्त कमरे में मौजूद था जब प्रति वहाँ से गिरा । उसने उस व्यक्ति को देखा होगा जो प्रदीप के साथ कमरे में मौजूद था । हमने सीसीटीवी में देखा तो था उसके कमरे में और कोई नहीं था । सीसीटीवी लॉबी में लगा है, कमरे के अंदर नहीं । आप का मतलब क्या है? मैं बस ये कह रहा हूँ कि हमें नहीं पता कि कमरे में प्रदीप के सेवा और कौन था । मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा । आप क्या बोलना चाह रहे हो? संभावनाएं बहुत सी हैं । देशपांडे कोई उसके कमरे में पिछली रात से मौजूद हो सकता है या ऐसा भी हो सकता है कि वह कमरे में किसी और रास्ते से आया हो । देशपांडे ने उसे इस तरह से देखा जैसे किसी पागल को देख रहा हूँ । ये संभावना भी तो हो सकती है कि अब मैं यहाँ से जा रहा हूँ । देशपांडे उकताकर बोला, मैं मुस्कुराया लगता है तो मैं मेरा खयाल पसंद नहीं आया हूँ । खयाल अच्छा है । बस मैं तो के मारने के बजाय कुछ करने का इरादा रखता हूँ । संभावनाएं सोचने में कोई बुराई नहीं है । इससे हमें इन्वेस्टिगेशन में मदद मिलती है था । अगर उनमें कोई तर्क मौजूद हो तो कभी कभी कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनके पीछे के तर्क को हम तुरंत नहीं समझ पाते । कुछ पता चलते ही आपको कॉन्टैक्ट करता हूँ । कहकर देशपांडे चला गया । मैं उसे जाते हुए देखता रहा तो उसके जाने के बाद उसकी नजर शून्य पर ठहर गईं । वे गहरी सोच में था जब प्रदीप की विधि उर्मिला ने उसका ध्यान की चाहिए । मुझे क्या करना चाहिए? मैंने चौकर उसकी तरफ देखा । दो । पाल उसके चेहरे पर ऐसे बाहर रहे जैसे उसे पहली बार देख रहा हूँ । फिर अचानक ही उससे सवाल पूछा कि आपको बताया कि आपके हजबैंड किसी ऑर्गनाइजेशन में काम करते थे? हाँ पाए निरॅतर काम करते थे नहीं । नौकरी के अलावा किसी ग्रुप ऑर्गनाइजेशन में ये आप क्या बोल रहे हो? यानी आपको नहीं पता है और मिला के चेहरे पर अचरज बडे भागते कोई बात नहीं । क्या आप अपने हस्बैंड के बारे में कोई और खास बात जानती हैं, जिसकी वजह से उसके कत्ल होने की नौबत आ गई और मिला नहीं । गहरी सांस छोडी नहीं, कुछ भी नहीं । विजय इस वक्त पवई में फाॅग्सी नाम की कंपनी के ऑफिस के बाहर खडा था । उसने सादे कपडे पहने हुए थे और उसके हाथ में फोल्डर था । ऐसा लग रहा था कि वह वहाँ इंटरव्यू के लिए आया है । आशा करता हूँ जैसा मैंने सोचा है ये सच निकले सिक्योरिटी गेट पर विजिटर पांच बनवाते हुए विजय ने सोचा । करीब एक घंटे बाद वह एक एच आर के सामने बैठा था जो आज इंटरव्यू ले रही थी । तो मिस्टर विजय पांडे आपका रेडियो में कहा है विजय फाइल के कुछ पन्ने पत्ते और उसमें छुपा अपना आईडी कार्ड निकालकर उसे दिखाया और बोला देखिये मैडम मेरी बात ध्यान से सुनी दैनिक बंद हो जाएगा और ना ही कोई ऐसी प्रतिक्रिया दीजिएगा जैसे कि कोई भूत देख लिया हूँ । मैं नहीं चाहता आपकी कंपनी में इस बात की किसी को पता चले । हाँ जरूर वो घबराकर बोली । मैं यहाँ आपके एक इम्प्लॉय प्रदीप सोने के बारे में जानकारी लेने आया हूँ जिसकी कुछ दिन पहले मौत हो गई थी । हाँ, मुझे बताएँ उसके लिए हमने ॅ रखा था । हमारा मानना है कि वह किसी ग्रुप ऑर्गनाइजेशन का मेंबर था और उसने उसके बारे में कुछ इन्फॉर्मेशन अपने लैपटॉप में रखी थी । पर बदकिस्मती से कल उसके घर में उसका लाख चोरी हो गया । मैं उसका कंपनी का ऍफ करना चाहता हूँ । हो सकता है उसने वहाँ कुछ इनफार्मेशन रखी हूँ । हाँ जरूर मैं उसके मैनेजर को बुलाती हूँ । वे आपकी मदद करेंगे । वैसे आप की जानकारी के लिए प्रदीप ने कंपनी से रिजाइन किया हुआ था और अगले हफ्ते ही उसका कंपनी में आखिरी दिन होता है । अच्छा लगता है उसके पहले से कुछ ऐसे प्लांट है इसके बारे में उसके फैमिली को भी नहीं पता था की कोई बात नहीं । क्या हम उसकी डेस्क पर चल सकते हैं? चार । विजय को दूसरे फ्लोर पर लेकर गई और उसने अपने एक्सेस कार्ड से दरवाजा खोला हूँ । अंदर आते ही उन्हें एक लंबा सांवले रंग का आदमी किसी से बात करता हुआ दिखाई दिया । चार । विजय को लेकर उसके पास पहुंची । इनसे मिली है जयशंकर पाॅल यह प्रदीप के मैनेजर थे । जयशंकर या फिर सर विजय हैं । ये प्रदीप के मर्डर की इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं । विजय के इंट्रोडक्शन मात्र से जयशंकर के चेहरे के हावभाव एकदम से बदल गए । बोलिए मैं आपकी किस तरह से मदद कर सकता हूँ । जयशंकर ने पूछा हूँ मैं प्रदीप ऍफ करना चाहता हूँ । मुझे शक है उसमें कोई अहम जानकारी हो सकती है । जयशंकर ने सहमती में सर हिलाया और फिर प्रदीप की डेस्क की तरफ ले दिया जो अभी भी खाली थी । उसमें आईटी के एक कर्मचारी को बुलाया और जहर प्रदीप के डेक्सटॉप में एडविन पासवर्ड से लॉग इन करने लगा । कुछ ही देर में उसने प्रदीप की आइडी से संबंधित फाइल फोल्डर उसके सामने खोल दिया । जयशंकर पीछे खडा होकर सभी फाइल और फोल्डर देख रहा था । फिर बोला अधिकतर क्लाइंट का डाटा दिख रहा है । हो सकता है कि कोई हिडन फोल्डर हूँ । फिर एक फाइल फोल्डर की तरफ इशारा करते हुए आईटी वाला बोला ये देखिए, यह एक फॅार है । मुझे नहीं पता इसका क्या पांच वर्ड है । उसका नाम बेटर वर्ल्ड्, माँ का नाम फाइव का नाम वगैरह ट्राई करके देखिए । विजय ने सुझाव दिया । जयशंकर और आईटी वाले ने मिलकर कुछ देर कोशिश की पर सफलता हाथ नहीं लगी । विजय ने कुछ देर सोचा फिर कहा काॅस्ट से कोशिश करूँगा । काफी बडा है और फिट नहीं हो रहा है । फिर ऐसे कैसे खोला जाएगा? फॅमिली शोर से पूछता हूँ, मैं उसका अच्छा दोस्त था और अच्छा चाहकर भी हैं । कह कर जयशंकर ने किशोर को बुलाया । किशोर अमर प्रदीप ऍफ से कुछ जानकारी निकाय नहीं, ये ऍम ऑर्डर खोल नहीं रहा है तो मैं कच्चे आकर ये फोल्डर खोल दो । शोर शक बडी नहीं कहा से उसकी तरफ देखा मैं सी । आई डी से नहीं हूँ । विजय बोला हम प्रदीप की मौत पर इन्वेस्टिगेशन कर रहे हैं । हमारा खयाल है कि सीक्रेट ऑर्गनाइजेशन किसी सेलिब्रिटी का मर्डर प्लान कर रहा है और हो सकता है प्रदीप उस ऑर्गनाइजेशन का पार्ट रहा हो तो मैं हमारे मदद करनी होगी । मैं आप सबको मेरे साथ ब्यूरो चलना पडेगा । किशोर के व्यवहार में तुरंत ही बदलाव आया और फुर्ती के साथ प्रदीप के एक स्टॉक केसामने बैठ गया । वाकई है अपने काम में निपुण साबित हुआ । पंद्रह मिनट के अंदर ही उसने ये ऍम फोल्डर को खोल दिखाया । इन फाइलों ऍम के बारे में कुछ भी नहीं है । पर हाँ ऍम कुछ डॉक्युमेंट्स तो दूसरे देश की सिटिजनशिप प्रोसेस पता करने के बारे में हैं । कुछ चीजे एप्लीकेशन संबंधित है । ऐसा लग रहा है कि प्रति कहीं बाहर जाने का इरादा रखता था । किशोर बोला, क्या किसी ऍम के बारे में कोई जानकारी नहीं दिख रही? विजय ने पूछा नहीं ऐसा तो कुछ नजर नहीं आया । दो फिर मैं चलता हूँ पर आग्रह हैं कि आप घूमते रही है और ऑफिस में बाकी लोगों से भी पटा करी है । उसने जयशंकर और किशोर से कहा और फिर उसने विधायक जी मैं आपको बाहर तक छोडकर आता हूँ । किशोर ने कहा और उसके साथ बाहर चल दिया । बाहर लिफ्ट के पास पहुंचते ही किशोर ने विजय से हाथ मिलाया और कहा आप उस से बाहर में लिए बाहर कॉफीहाउस है । हमारे बिल्डिंग के बगल में मैं छह बजे वहां पहुंचता हूँ । मुझे आपको कुछ जरूरी जानकारी देनी है तो अभी भी बता सकते हो । डर किस बात का विजय बाहर निकल कर इंतजार करने लगा । उसके दिमाग में अनगिनत सवाल कौन रहेंगे? किशोर आखिर क्या बताने वाला था उससे? प्रदीप के मर्डर केस में क्या मदद मिलने वाली थी? उसे अमेठी की जरूर कोई माँ सपोर्ट जानकारी मिलेगी जिससे इसके इसमें आगे बढने के आसार नजर आएंगे । छह बजे तक विजय कॉफी के चार कप निपटा चुका था । छह से ऊपर बच चुका था पर किशोर अभी भी दिखाई नहीं दिया । विजय ने उसे कॉल किया । किशोर ने कुछ देर बाद कॉल उठाई और बोला चलो फॅार हूँ जो कुछ देर पहले तुम्हारे ऑफिस आया था । मैं तो मारा यहाँ कॉफीहाउस इंतजार कर रहा हूँ । सौर ही मुझे कुछ अर्जेंट काम आ गया है । इसलिए मैं बाहर नहीं आ सकता । किसी और दिन मिलते हैं । मैं हजार करने के लिए तैयार हूँ । ऍम इंतजार मत करिए । यहाँ ऑनलाइन सर्वर पाॅलिश हुआ गया है । ऐसे में अक्सर हमारी पूरी पूरी रात निकल जाता है । मुझे पता नहीं कहाँ से कहाँ छुट्टी मिलेगी । कोई बात नहीं । फिर कल मिलते हैं । ठीक है लेकर उसने कॉल खत्म कर दी । विजय ने फोन की उस ट्रेन को हो रहा हूँ और फिर बेटर को बिल लाने का इशारा किया । फॅमिली के एक बेंच पर बैठा इंतजार कर रहा था । वो भी अपने मोबाइल में फोटोग्राफ देखते हुए एक फोटो पर रुका हूँ और उसे ध्यान से देखने लगा । वो फोटो समाया की थी । उसने उसकी गर्दन पर बने टैटू को जूम करके देखा । फिर उसने कागज निकाला जो उसके वेटर की लाश के पास से मिला था । उसने दोनों का मेल किया तो पाया हुए एकदम एक जैसे थे । अचानक ऍम होते हुए उठा और डिपार्टमेंट के अंदर चला गया । वहाँ उसे रायन किसी टेस्ट में व्यक्त दिखा । वेटर के पोस्टमार्टम से कुछ पता चला । मैंने पूछा अभी चल रहा है । मैंने आपको कहा था ना उसमें समय लगेगा । हाँ, मैं कब से बारह हजार कर रहा हूँ । मेरे खयाल से आपको अभी सिर्फ दस मिनट हुए हैं । मैं ऐसे हाथ पर हाथ रखकर बैठा नहीं रह सकता है । ऍम संबंधित कुछ भी चाहिए । कुछ सबूत चाहिए मैं आपकी जरूर मदद करता हूँ तो मैं तो उसकी बॉडी देखी है । कुछ तो बताओ तुम्हारा क्या क्या रहे? किसने ये मैटर क्या हो सकता है? उसके गर्दन का घाव काफी गहरा है । किसी ऐसे इंसान का काम है । इसको अच्छी तरह से पता था कि ये काम किस तरह करना है । अच्छा और कुछ जाए । ने सोचा फिर नाम से ही रहेंगे । प्रदीप के टेस्ट का क्या हुआ? तुम लोग शायद उसका डॉक्टर स्क्रीन प्रदान कर रहे थे । कुछ पता चला । हाँ टेस्ट अभी भी चल रहे हैं । कई टेस्ट करने पडते हैं जिसमें काफी समय लग जाता है । बस इतना कह सकता हूँ कि अभी तक जो भी टेस्ट आए हैं किसी को भी पॉजिटिव रिजल्ट नहीं आया है । मैं कुछ पूछ नहीं वाला था की तबीयत आवाज आई क्या क्या पता लग गया । ऑफिसर मैंने पलट कर देखा वहाँ मैं ट्राई खडी थी । उसने गहरे हरे रंग की साडी के ऊपर सफेद एप्रेन पहना हुआ था । उसके मोटे लैंस वाले चश्मे के पीछे से उसकी तीखी दृष्टि मैट पर पड रही थी । मैं तो इन दोनों मर्डर से संबंधित किसी तरह वोट जानकारी हासिल करने के लिए आपकी काबिल टीम पर आश्रित हूँ । मैं टीम आपको निराश नहीं करेगी । दरअसल में प्रदीप की बीवी से प्रदीप की हिस्ट्री जानना चाहती थी । फिर मुझे पता चला कि उसके घर आ चोरी हुई तो मैं उसे मिल ही नहीं सकते । क्या चाहिए आपको? वो कल का काफी पुराना मेंबर लग रहा है । पर फिलहाल उसके टैटू के सेवा कोई पुख्ता सबूत नहीं है । अगर रहा भी होगा तो उन लोगों ने उसके घर से मेरा इशारा उस की मेडिकल हिस्ट्री की तरफ था । वो तो उर्मिला जी को कॉल करके पता चल जाएगा । मेरे ख्याल से उन से मिलकर ये बातें करना ज्यादा मुनासिब होगा । मुझे उनसे कुछ और पहलुओं पर भी मशवरा करना है क्योंकि फिर कल तक रखते हैं । ठीक है जैसे मैंने वेटर के क्राइमसीन पर अपनी टीम को ब्लॅक करने के लिए भेजा हुआ है । मेरे ख्याल से वो तुम्हारे काम आएगी । कहकर मैत्री आगे बढ गई । कमरे से निकलने से पहले उसने मैं की तरफ देखते हुए पहली बार एक खुशनुमा मुस्कान दी । मुंबई की परेल नामक लोकलिटी फ्लैट लेना आम मुंबई कार्य के लिए एक सुनहरे ख्वाब से कम नहीं था । बर मैत्रेयी के लिए ये खूबसूरत हकीकत थी । उसकी खुशकिस्मती थी कि उसके स्वर्गीय पिता ने लखनऊ से मुंबई आने के बाद ये फैसला बहुत जल्दी कर लिया था । उस वक्त भेज स्कूल जाने वाली आयु में थी । हाल ही में जब पुरानी हो चुकी बिल्डिंग रीडेवलपमेंट गई तो उससे पहले के मुकाबले अब काफी बडा फ्लैट हासिल हो गया था । नौकरी के क्षेत्र में भी किस्मत ने उसका साथ दिया और उसके परेल में ही स्थित मुंबई मेडिकल कॉलेज में फॉरेंसिक एक्सपर्ट के पाँच पर नौकरी मिल गई । जब कुछ अच्छा चल रहा था कौन है मैं? वही तो दरवाजे की हॉल में जा भी डालते ही उसे फ्लैट के अंदर से मधुर आवाज सुनाई दी । हाँ मम्मी, मैं हूँ आपने लंच किया । अंदर आते हुए उसने पूछा उसके सामने उसे कुछ एक इंच काम काज पर तकरीबन उसके जैसे ही नैन नक्ष वाली साठ की उम्र पार कर चुकी उसकी माँ खडी थी । वो दुबली पतली थी और उसके चेहरे पर कुछ छोरियां भी नजर आ रही थी । उसके बाद सफेद हैं और इतने भी घने नहीं थे कि अब उन्हें बांध का जोडा भी बनाया जा सकें । तुम डाॅॅ बोलती हूँ मम्मी ये सादा खाना सेहत के लिए अच्छा है । मैं महीने सोफे पर बैठे हुए कहा । उसने अपना ॅ एक तरफ रखकर काम वाली को आवाज दी कांताबाई ये कांताबाई की घर चली गई । वो औरत नीचे आइसक्रीम लेने गई है । तभी दरवाजे की घंटी बजे मैं ट्राई ने उठकर दरवाजा खोला । गांधा भाई अंदर प्रवेश हुई हूँ । मैंने तो नहीं कितनी बार कहा है मम्मी को अकेला मत छोडा करूँ ऍम जी मुझे यहाँ चैन से काम करने दिन तब ना तीन देर से आइसक्रीम के लिए सिर्फ कर रही थी कि मुझे जाना ही पडा । कहते हुए ऍम की तरफ बढा दिया । घंटा भाई कई सालों से उनके घर की देख रेख कर रही थी । मैं वही उसी के भरोसे अपनी माँ को घर में अकेला छोडकर जाती हैं । वो पचास की उम्र के आसपास की एक महाराष्ट्रीय औरत थी और उसके कंधे चौडे और कल कुछ काम था कोई बात नहीं थोडी आॅरेंज कोई हर्ज नहीं । दोपहर की दवा दी है तो नहीं नहीं वहीं देने की कोशिश कर रही थी । उसके लिए ये तो आंटी को आॅन की घोषणा लगती है । अच्छा अब एक काम करो । जल्दी से बाहर चार चपाती बना कर लाओ । फिर हम सब खाना कहते हैं । मैं दो मिनट में कपडे बदल कराई । फिर उन तीनों ने खाना खाया । मैं ट्राई को कई बार खुद अपने हाथों से माँ को खिलाना पडा । खाना खाने के बाद आइसक्रीम और उसके बाद वे उन्हें दवा खिलाने लगे । माँ अब तुम कुछ देर के लिए सो जाओ । शाम को मेरा एक स्टूडेंट आएगा । एशेज के गाम के लिए मैं कुछ देर आराम कर लूँ । उसकी माँ ने सहमति में सिर हिलाया फिर अपने कमरे की तरफ बढ गई । मैं भी अपने कमरे की तरफ बढ गई और सोच रहीं हूँ । एक घंटे की नींद के बाद मैं रही होती तो ऐसा लगा कुछ ही मिनट बीते देंगे । पिछले कुछ दिनों से मार दे । काम के चलते हुए कुछ ज्यादा ही मशरूम थी । काम सिर्फ नौकरी का ही नहीं बल्कि घर पर ही बढता जा रहा था । अचानक डोरबैल बजने की आवाज आई ऍम कांताबाई ने दरवाजा खोला तो सुकांत को सामने पाया । उसने उसे अंदर आने दिया और कहा मैं अभी आती हैं । मैं भी बैठक में पहुंची और बोली सुकांत अपनी से दिखा हूँ कहाँ तक पहुंचे? सुकांत ने कहा बच्चों को पुलिंदा और अपना लेपटॉप टेबल पर रख दिया । कुछ ही देर में वह दोनों उसके थी । इसी से संबंधित चर्चा में डूब गए । दुकान ने कुछ आर्टिकल दिखाए और मैं यही से कुछ और रिसर्च और स्टेटिकल साॅस करने की सलाह दी । कांताबाई भी घर के रोज मर्रा के काम में लग गई । उस कमरे में नहीं कितनी बार बताना पडेगा तो मैं कि उस कमरे में नहीं जाना पहचाना की मैत्री ने उसे डांट दिया । मैडम जी मैं उसकी सफाई कर नहीं तो जा रही थी । मुझे पता खुद उसकी सफाई करती हो, पर आप बिजी दिख रही है । इसलिए नहीं कोई जरूरत नहीं है । कहकर मैत्रयी सोफे से उठी और उस कमरे के पास पहुंची क्योंकि घर के कोने में था । कमरे के ऊपर डीएनडी बडे बडे अक्षरों में लिखा हुआ था और उसके दरवाजे के बीचोंबीच गुलाबी रंग का रिबन बनाकर चिपकाया हुआ गया था मैं मैंने दरवाजे को बंद कर लिया । जो कांदा वायॅस खोल दिया था, मैं कर लूंगी । इस बार वे कुछ शांत स्वर में बोली और दरवाजे की चाबी अपने हाथों में लेकर सोने की तरफ वापस आ गई । तभी दूसरे कमरे से मैं यही की माँ बाहर नहीं । उसके चेहरे पर ऐसे भाव थी जैसे कहीं हो गई हूँ । कौन हो तो कांताबाई को अपने सामने देख घर से पूछा और ये कौन सी जगह है? किसका घर है यहाँ मैं किसी आ गई । मुझे अपने घर जाना है । कुछ भी ले चलो मुझे जाना है कहते हुए थे । उस कमरे में वापस चली गई और बैठकर शून्य मिलेंगे । मैं नहीं कमरे में पहुंची । उसके और कांताबाई के काफी निर्देश देने पर भी फिर उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी । सुकांत हैरान था उसने । अभी अभी मैं ट्राई की जिंदगी का वह पक्ष देखा था जिससे वह पूरी तरह से अनजान था । मैं ट्राई की नाजुक जिंदगी के विपक्ष उसके सामने थे जिन पर उसने अपने अनुशासन का पर्दा डाला हुआ था । उसने अपनी से संबंधित सामान समेटा और बैग उठाकर खडा हो गया । किसी और दिन आगे काम करते हैं सुकांत कमरे से बाहर निकलते हुए मैच महीने खेदपूर्ण भाव से कहा, दरअसल मेरी मां फॅार डिसीज है कोई बात नहीं मैं समझ सकता हूँ मैडम मैं ऐसा करता हूँ कि सन्डे को आता हूँ । मुख्यद्वार के बाहर कदम रखते हुए सुकांत ने अपने सैंडल पहनते हुए कहा, नहीं, संडे को नहीं, संडे को कभी भी नहीं । मैत्री ने कहा और फिर दरवाजा बंद कर लिया । स्वान पैलेस के विपरीत एक बार ये होटल एक छोटा सा मामूली होटल था जिसका ऐश्वर्य और संपन्नता से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं था । होटल के पास ही रेलवे ट्रैक को लगता था और हर कोई मुंबई में ये अच्छी तरह जानता था कि रेलवे ट्रैक के पास वाली मार दें । लोकल ट्रेन के शोर से किस तरह रहती हैं, कैसे किसी ने भी विक्टिम के कमरे में किसी को आते हुए नहीं देखा । मैं रिसेप्शनिस्ट के साथ बेस में लगा हुआ था और भाई तुम्हें कहीं भी सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल क्यों नहीं करवाए हैं? माफ कीजियेगा सर, हमारा होटल बहुत छोटा सा है । हमारे पास इतने पैसे नहीं कि हम सीसीटीवी कैमरे लगाए । असलियत तो यह है कि हम तीन लोग ही पूरा होटल चला रहे हैं । होटल में सिर्फ दस कमरे हैं । मैं तो नहीं हूँ और मैं ही रिसेप्शन पर बैठा हूँ और कमरे में दिखाता हूँ । आपको विश्वास नहीं होगा । मेरा पार्टनर अभी किचन में खाना देखने गया है और उसके बाद कमरों में हाउस कीपिंग भी वही देखेगा और हमारा तीसरा पार्टनर वो भी बाहर पानी की बोतलें लेने गया हुआ है । उसने जैसे अपने मन की पूरी भडास निकाल दी । अरे यार तुम तो अपना ही बुखार होने लगे । अच्छा ये बताओ क्या? तो मैं दोपहर में किसी संदिग्ध व्यक्ति को देखा था । इसके मरने से पहले किसी को भी नहीं सर । सुबह से ही किसी है लेकिन नहीं किया । सिर्फ तीन लोग ब्रेकफास्ट करके चेकआउट कर गए थे और पांच कमरे तो कल से खाली है तो उनके सेवा कोई और नहीं आया ना । मैंने पूछा सोचने दीजिए हाँ भइया लाया एक लेडी आई थी । कमरे का भाव पूछते हैं बढियां वह ऐसी देख रही थी । ऍम तो नहीं दिख रही थी उन्होंने अपने सर पर और चेहरे पर दुपट्टा वाना हुआ था । शायद गर्मी की वजह से कुछ और ध्यान दिया । उसकी उम्र, आवाज, उसका कद, कोई और गौरतलब बात सोचते हुए बोला शायद उनकी आवाज कुछ घर करा रही थी । गला खराब होगा उनका शायद खांसी भी आ रही थी तो मेरे खयाल से ठीक ठाक था । पांच । फिर तीन या चार इंच होगा हूँ । उसने काला चश्मा पहना हुआ था । एक बडा सा हैंड था और कुछ नहीं । और हाँ, उम्र तो तीस से शर्तिया ऊपर ही थी । वहाँ अभी के लिए काफी है । अगर तुम्हें कुछ और याद आए तो मुझे कॉल करना । लाख ने कहा और अपना फोन नंबर देने के बाद होटल की सीढियां चलने लगा जो दूसरी मंजिल पर जाती थी । वहाँ पर कमरा था जिसमें वेटर की लाश मिली थी । ये क्या है ही? कमरे को क्या हुआ कमरे की दहलीज पर कदम रखते ही मैं आपके मुँह से निकला हूँ । उस पूरे कमरे को इस पाॅलिस इसके लिए तैयार किया गया था । कमरे में कई स्टैंड लगे हुए थे जिसमें स्टील की चाय लगी थीं जिस पर पतले पतले धागे लटक रहे थे और उन झंडों के ऊपर से चारों तरफ लाल दागों का जाल बिछा हुआ था । जिन दीवारों पर खून के निशान थे वहाँ पर क्रिस क्रॉस करके पेंसिल के निशान बना दिए गए थे । कुछ खोल की बोलों पर कौन आप कर लिख दिया गया था? क्या यहाँ स्पाइडर मैन नहीं था? मैंने अंदर आती नहीं पूछा । एकदम सही समझे । नवीन ने जवाब दिया और हमारे स्पाइडर मैंने आर्यन भी आपको बताएंगे कि हमने क्या किया । मैं कारण के नजदीक पहुंचा जो अभी भी दीवार पर पेंसिल से कुछ निशान बना रहा था । अरे ध्यान से आर्यन नाक के बढते कदम की तरफ इशारा करते हुए बोला वहाँ खून के निशान हैं जिनका भी एनालिसिस करना बाकी है । ऍफ ने कहा अब आप लोग बताएंगे ये सब क्या है? मैं बताता हूँ । आर्यन अपना चश्मा सही करते हुए बोला दीवारों पर जो खून के निशान हैं वो इलिप्टिकल शेप के हैं । इसका मतलब खून की चीजें वहाँ तेजी से गिरी थी । अगर वह बूंद बूंद करके गिरी होती तो गोल निशान छोडती । इस वो उनकी तरह जमीन पर खून के एक निशान की तरफ दिखाते हुए बोला, हर बूंद कर लीनियर और ऍम आप लिया जा सकता है, जिन्हें जोडकर मैं एक लीनियर पेटन बना पाया हूँ । आर्यन समझाते हुए बोला इन लाइनों को देख रहे हो । बूंदों के आरपार यह कॅप्टन है जोकि एक लोग से मिल रही हैं । हालांकि यहाँ पर लोग एक बिंदु न होकर एक अलग है । बोलते जाओ जिज्ञासा से जरूरत होते हुए ना मैंने कहा इसी थ्योरी के आधार पर मैंने थ्री डी पैटर्न बनाया है । तो ये है जो धागे हैं, ये दीवार पर बनी लकीरों को रिप्रेजेंट कर रहे हैं । आप देख सकते हैं कि आपस में कहीं ना कहीं मिल रहे हैं और जहाँ मिल रहे हैं वहाँ पर फोन लगाया हुआ है । इससे विक्टिम की पोजिशन का पता चलता है आप क्योंकि ये पांच फीट की ऊंचाई पर मिला है । इससे साफ जाहिर होता है कि हमले के वक्त विक्टिम खडा हुआ था । इसका मतलब एक्टिंग उस दीवार की तरफ होकर के खडा था जब उसकी गर्दन को काटा गया । मैंने पूछा सही का लेकिन एक और दिलचस्प बात है । इस पोल की ऊंचाई विक्टिम की ऊंचाई से कम है । इसका मतलब पीछे की तरफ चुका हुआ था या फिर आगे की तरफ गिर रहा था । यहाँ नहीं था । ब्रायन सर ने भी यही कहा था कि शायद विक्टिम को सिट्रेट किया गया था । नवीन बोला हाँ, ऐसा ही लग रहा है । एक बात और बताऊँ कहते हुए आर एम दीवार से दूर हट गया और जमीन की तरफ इशारा करते हुए बोला आपको ये डब्बे दिखाई दे रहे हैं? हाँ ये तो एक्टिंग नहीं लग रहे हैं । जमीन पर गिरते वक्त बन गए होंगे । मैं बोला हाँ जरूर ऐसा ही हुआ होगा । पर ये निशान अलग । आर्यन ने कुछ दूरी पर जमीन पर बने एक लाल निशान की तरफ इशारा किया । ये एकदम गोल है, इलेक्टिकल नहीं हूँ । यानी यह विक्टिम की गर्दन से स्प्लैश होकर नहीं निकला हूँ वरना इतनी दूर गिरा हुआ खून का निशान गोल नहीं होता । गजब कर दिया मैं आंखे फैलाकर बोला इसका मतलब यह दिन का नहीं का दिल का है । ऐसा ही लगता है कमरे में । इन दोनों के अलावा और किसी के होने के निशान तो है नहीं । हमला करते वक्त या हथियार निकालते वक्त जरूर कातिल का हाथ कट गया होगा । यानी ये तो कमाल कर दिया आप लोगों ने आखिरकार हमारे हाथ का अटल की पहचान करने का कोई तो सबूत हटाया । आर्यन की गर्दन गर्व से तनी हुई कितनी देर लगा दी तुमने? मैं कब से इंतजार कर रही हूँ तुम तो तैयार होने के लडकियों से भी ज्यादा टाइम लेते हो । सुकांत को अपने बचाव में कुछ भी बोलने से पहले उसने कहा शांत हो जाओ प्लीज । रिचा सुकांत आग्रह करते हुए बोला और उसके सामने बैठ गया । ऐरोली में बार वर्ग नाम का यह रेस्टोरेंट अभी हाल ही में खुला था । रेस्टोरेंट में मन रोशनी, शांति, बडा लुभावना माहौल और कॉन्टिनेंटल खाना और ड्रिंक्स प्रेमी युगल को लुभाता था और तुमने मुझे डिनर के लिए मेरे घर से इतनी दूर क्यों बुलाया? समझा करो । डियर मैं नहीं चाहता की मैडम को इस बारे में कुछ पता चलेगा । यहाँ नवी मुंबई में तो वह गलती से भी नहीं पहुंचने वाली सुकांत ने जवाब दिया और वैसे भी ये काफी अच्छी जगह है । कहकर मैं उसको आया यानी गहरी सांस ली और फिर मुस्कुराते हुए बोलिए तो आपने ऍम डर नहीं चाहिए । मुझे अपने फाइनल एग्जाम में पास जो ना वैसे वह कोई डरने की चीज नहीं । दरअसल रहे तो एक जीनियस हैं और मैं उन्हें किसी भी कीमत पर गुस्सा नहीं दिलाना चाहता हूँ । पैसे भी उनके ऊपर बहुत जिम्मेदारी रहती है । सही में जैसे ज्यादा तो नहीं पता क्योंकि वो अपनी पर्सनल लाइफ कभी डिस्कस नहीं करती । पर एक बार मैं थी ऑफिस के काम से उनके घर गया था तो मैंने उनकी मम्मी को देखा था । उन्हें अल्झाइमर है और उनके घर में उन के अलावा और कोई नहीं अभी मुश्किल होगा उनके लिए । क्या उन की शादी नहीं हुई है? क्या उसकी तरफ ध्यान बढाते हुए बोली पता नहीं शायद की तो होगी पर कभी उनके हेल्प इंडिया बच्चों के बारे में सुना ही । सुकान्त ने कहा । फिर वेटर को आवाज दी एक लाइट वियर और वाइडवाइन और स्टार्टर्स में फॅमिली आना । बाकी ऑर्डर बाद में और तुम्हारे गाइड के क्या हाल चाल हैं? दुकान से पूछा मेरा साइड अच्छा है थोडा सा मोदी जरूर है तो मैं तो पता ही है ये प्रोफेसर लोग कैसे होते हैं उनकी टाइप उसे वार्ड राउंड बहुत पसंद है । इसलिए हमें जिम में ट्रेडमिल करने की जरूरत ही नहीं पडती कहकर नीचा हसने लगी । अच्छा मैंने सुना है कि आज कल एक हैंडसम से आई डी ऑफिसर तुम्हारे डिपार्टमेंट के चक्कर लगा रहा है । क्या मैं उसे देखने आ सकती हूँ? वो किस लिए सुकान्त रिस्क स्वर में बोला । ऐसे ही हम आम लोगों को इस तरह की रियल लाइफ हीरो असली में देखने को कहाँ मिलते हैं? मुझे तो मैं किसी एंगल से हीरो नहीं दिखाई देता है । दुकान गुस्से से बोला तो मैं मिला है तो मैं तुम्हारे डिपार्टमेंट भेज दूंगा । अरे अरे तुम तो गुस्सा हो गई, मजाक कर रही थी । वैसे तुम नाराज होते हो तो और भी अच्छे लगते हूँ । क्या करे क्या नहीं । उसके चुटकी काटी और हस्ती सुकान्त के चेहरे पर मुस्कान आ गई । आप की ड्रिंक्स और ऍम बेटर खाने के सामान लाकर बोला हूँ । ब्रिंग और डिश सर्व करके वापस चला गया । रिचा ने कहा बहुत हो गए । कॉलेज की बातें अब बताओ । तुम ने अपने पेरेंट्स से बात की । नाइन का एक से लेकर रचने पूछा नहीं अभी तक नहीं । मैं घर जाने वाला था पर फिर प्लान कैंसिल करना पडा क्योंकि अगले हफ्ते कॉन्फ्रेंस होने वाली है । मैडम चाहती है मैं वहाँ जाऊँगा । ऍम तो अच्छा है लेकिन फिर पैरेंट्स से बात करना भी जरूरी है । तुम काफी टाइम से उसे डाल रहा हूँ । अरे टाल नहीं रहा हूँ । पर गए यहाँ नहीं वाले हैं । अगले महीने तब बात कर लूंगा । फोन पर ये सब बात करना भी ठीक नहीं है ना? नहीं तो कॉन्फ्रेंस कहाँ पर है । गोवा में अगले हफ्ते तीन और ऍम सर के साथ चाह रहे हैं । मैं तो पक्का नहीं आएगी । ब्रॉन् खाते हुए सुकांत ने कहा हुआ हूँ गोवा ऍम अच्छा आंख मारते हुए बोली, आइडिया तो बुरा नहीं है । सुकांत उसको हराया । बस मैडम को पता नहीं चलना चाहिए । उन्हें पता नहीं चलेगा । मुझे अच्छी तरह से बता है तो रेजिडेंट्स कुछ ऐसे पटाना है । लेकिन आंखों में शरारत लिए बोली सोचते हैं इस बारे में तभी सुकांत की नजर ऋचा की कलाई पर गई । ये ऍम रखा है । उसने पूछा अब तुम्हारा ध्यान मेरे ऊपर ढंग से जा रहा है । अच्छे साइन है । ऍफ नहीं कर रहा । मैंने ऐसा ब्रेसलेट पहले कभी नहीं देखा है । तो मैं कहाँ से लिया? ये तो मेरे भाई ने गिफ्ट किया था । ये वैसे भेजा था मेरे बर्थडे पर कहकर । रिचा ने उसे उतारकर सुकांत की तरफ बढाया । लाल रंग के लाॅट के ऊपर एक चमकदार दिल चिपका हुआ था क्योंकि हीरे की चमक लिया था साथ ही उस पर सुनहरी लडी से एक सुनहरा हंस भी लटका हुआ था । हूँ । ये स्ट्रॉस की का है । अब मैं इसका असली यूज दिखाती हूँ । उसने कहा और फिर उस पर बना एक छोटा सा बटन दबाया । ऍफ खुल गया और वहाँ पर एक यूएसबी पोर्ट दिखाई देने लगा । यहाँ एक चौंसठ जीबी की पेन ड्राइव है । मैं इसमें अपनी फॅमिली डॉक्यूमेंट रखती हूँ और ये बहुत ही । अभी वह ब्रेसलेट का गुणगान कर ही रही थी कि उसने देखा सुकांत किसी को फोन मिलने में व्यस्त था । ऑफिसर विजय दुकान बोल रहा हूँ । मैं हाँ जी को फोन मिलने की कोशिश कर रहा था । पर उन्होंने फोन उठाया नहीं मेरी बात ध्यान से सुनी वाॅलेट जो आपको प्रदीप के पास से मिला था । ऍम सीआईडी के ब्यूरो में विजय अपने साथ ही के साथ बैठकर कंप्यूटर स्क्रीन को बडी ही तल्लीनता से देख रहे थे । स्क्रीन पर दिखाई दे रही इन्फॉर्मेशन को देखकर विजय अचानक की खुशी से बोला इसमें जरूर कुछ बात है । मैं कोई है जानकर बहुत खुशी होगी । मोबाइल फोन उठाकर उसने मैं का नंबर लगा दिया भाई तुम्हारे लिए एक बहुत ही रोचक जानकारी है । बकौल मैं बहुत बताया है ऍम सोना आया था । कोई रेसिडेंट था, सुकांत नाम था उसका तुम्हारा तो नहीं लग रहा था इसलिए हमें मिलाया । उसने बताया की प्रदीप की कलाई से मिला ब्रेसलेट दरअसल एक पेन ड्राइव है । फिर क्या था हमने वो पेन ड्राइव देशपांडे से ले ली । गजब कुछ मिला उसमें मैं आपकी आवाज में उत्साह आ गया । ऐसा लगता है कि प्रदीप काट के अगले निशान के बारे में पता लगा रहा था । तो कौन है उसका अगला टारगेट? अरे यार बोलने तो तुम्हारे बीच में काटने की आदत हमें कतई पसंद नहीं है । विजय झल्लाया वो क्योंकि मैंने बाहर आगे बोलो । मैंने कहा रॉक सिंगर एड लोगन । विजय ने बताया क्या कहते हैं पर क्यों मुझे है ना? उसके गाने बहुत पसंद है । एक मिनट आठ लोग तो अगले हफ्ते ही भारत आ रहा है । उसका पहला शो बंगलौर में और उसके बाद मुंबई में तो फॅमिली है । नहीं तो अभी हम कह रहे थे वो विजय गहरी सांस भरते हुए कहा मैं उन सब कल वालों को जान से मार डालूंगा । मैं गुस्से में बन बनाया हूँ । मुझे बहुत पसंद है । लगता है आठ के गानों ने उनकी भावनाओं के साथ छेडखानी की है । विजय बोला भाड में जाए साल एक कल वाले देख लूंगा उन्हें और बताओ क्या मिला पेन ड्राइव से । प्रदीप ने फिजी आइलैंड के बारे में बहुत जानकारी इकट्ठा की हुई है, घूमने जा रहा होगा । मैंने कहा वह परमानेंट सिटिजनशिप के लिए खाद पांव मार रहा था । यहाँ तक कि वीजा की प्रोसेस भी शुरू कर दी थी । वो यानी वो भागना चाहता था । किसी सुरक्षित जगह पर लगता तो है । सोच रहा होगा की गरज से छुटकारा मिले और कहीं शांति से जीवन व्यतीत किया जाएगा । पर कार्ड को उसके इस प्लान के बारे में पता चल गया । क्या वो अपनी पत्नी का वीजा भी बनवा रहा था? मैंने पूछा हूँ ऐसा लगता नहीं रहा । विजय ने बताया मॉल कुछ फिलहाल तो नहीं? विजय बोला तो अब हम तो अब हमें ऍसे मिलना चाहिए और उसे सचेत करना है । बल्कि उससे कहना है कि वह नशो कैंसिल कर दिया । मैंने बताया हूँ हमें तुमसे ये उम्मीद नहीं थी जो आॅड ये सुनहरा मौका है । ये सुनहरा मौका है । कल को पकडने का विजय बोला कितना बडा रिस्क नहीं ले सकते हैं मैं नहीं कुछ सोचते हुए कहा हमने हमेशा ऐसे और इसके लिए कम से कम उसके प्लान को बदल सकते हैं । मैंने अपनी बात पर जोर दिया । खान कर तो सकते हैं पर ऐसा नहीं कर सके तो उनका शो कितना उनको पकडने के लिए एक आइडियल स्टेट अब रहेगा तो उन का शो उनको पकडने के लिए एक आइडियल सेटल रहेगा । विजय ने बताया बात तो सही है, ठीक है चलो कुछ प्लान करते हैं । अच्छा एक और बात विजय अरे वो प्रदीप की पत्नी का क्या नाम है? कुछ ही आदि नहीं रहता । उसको पूछना कि उसे फिजी आइलैंड के बारे में क्या पता है । शर्त लगा लो कि वह कुछ ना कुछ जानती ही होगी । उन दोनों के बीच में कुछ तो गडबड थी जो वो हमें बता नहीं रही है । ठीक है पूछता हूँ । विजय ने फोन डिस्कनेक्ट किया तो देखा कि कोई और बार बार उसे कॉल कर रहा था । फोन नंबर चेक किया तो देखा के किशोर का फोन था पाइनियर कन्सल्टेंसी से उसने उसे कॉल किया और पूछा तो मैं कॉल किया था मुझे हाँ ऑफिसर क्या हम आज रात मिल सकते हैं? बिल्कुल मैं आ सकता हूँ अभी नहीं । रात को एक बजे एक बच्चे विजय चकरा गया । वहाँ एक बजे ऑफिस के पास एक छोटी सी चाय की ठंडी है जो खुली रहती है । वहाँ पर किशोर ने का भी ठीक है । मिलता हूँ मैं वहाँ ठीक एक बजे कहकर विजय ने फोन किया । लोगों को लगता है सी आई डी वालों के घर बीवी बच्चे नाम के जीव होते ही हैं । वह खुद से ही बडे बढाया । एक बजकर दस मिनट हो चुके हैं । विजय पायनियर कंसल्टेंसी के पास वाली चाय की थडी पर किशोर का इंतजार कर रहा था । कहते हैं मुंबई का भी नहीं होता । सडके रोशन थी । लोग आ जा रहे थे और अभी भी अच्छा खासा ड्राॅ । विजय ने कटिंग चाय ऑर्डर की और किशोर का इंतजार करने लगा । जोडने मैसेज किया था कि वह पांच मिनट में वहाँ पहुंच जाएगा । कुछ देर बाद विजय को किशोर कंपनी से बाहर निकलता लिखा । किशोर ने तिरछी निगाह से विजय को देखा और आगे बढ गया । वो विजय ने किशोर का पीछा किया और अंधेरे से कोने में पहुंच करके शोर रोक गया और बोला अपनी बाइक इधर लेकर आओ जल्दी । मगर विजय ने कुछ कहना चाहा पर किशोर ने उसे काटते हुए कहा बाद मैं समझाता हूँ । विजय ज्यादा कुछ नहीं पूछते हुए बाइक लेने चला गया । जल्दी ही वो दोनों जेवीएलआर फ्लाईओवर के पास थे । किशोर ने पवाई लेख के पांच रुकने का इशारा किया तो विजय ने अपनी बाइक किनारे रोककर पार्क करती पास की । एक बेंच पर दोनों बैठ गए । तुम को बनाए हुए लग रहा हूँ । विजय में कहा कोई भी होगा अगर उस की नौकरी खतरे में हूँ । किशोर ने जवाब दिया कब राव नहीं, हम तुम्हारी मदद करेंगे तो बोलो प्रजीत के बारे में क्या बताना चाहते हो? नहीं, तहजीब के बारे में नहीं, मेरा अच्छा दोस्त है । हालांकि हम बहुत करीबी दोस्त नहीं थे, पर फिर भी तेज सांसों को नियंत्रित करते हुए किशोर आगे बोला, एक दिन जयशंकर और प्रदीप की ऑफिस में लडाई हुई । जयशंकर ने उसे काफी कुछ बुरा बुरा गा, गाली भी थी, प्रति भी गुस्से में था । या तो मैं पता है कि वह किस बात पर जगह रहे थे । विजय ने पूछा नहीं हो तो नहीं पता है शायद किसी को भी नहीं पता हूँ । सबकुछ जयशंकर के केवल में हुआ । बस थोडा कुछ ही सुना और फिर किसी ने उस बारे में बात नहीं की । ठीक है मैं जयशंकर से पूछताछ करता हूँ । ये सब कब हुआ? करीब एक हफ्ते पहले देखिए । मेरा नाम नहीं आना चाहिए । कहीं भी ठीक है, ठीक है हम आश्वासन दे रहना । गवाते का आया हूँ तो मैं कुछ नहीं होगा । विजय ने किशोर के कंधे पर हाथ रखते हुए बोला हूँ, एक और बात भी है जो मैं बताना चाहता हूँ वो लोग । कल जयशंकर ने मुझसे प्रदीप का कंप्यूटर खोलने को कहा था । उसने कहा कि उसने परमिशन ले ली है और कुछ जरूरी क्लाइंट लेता है । जो चाहिए आज उसने मुझे आपके सामने फिर से कंप्यूटर खोलने को कहा । मैंने देखा है कि कुछ फाइल्स जो उस दिन तक थी आज गायब थी और हो रिसाइकल बिन में भी नहीं । हमें तुम्हारी बात समझ में आ गई । विजय ने कुछ सोचते हुए कहा इस जयशंकर से बात करनी पडेगी । वादा करिए, मेरा नाम नहीं आएगा नहीं तो वह जयशंकर मेरी भी जिंदगी नरक बना देगा । रे यार सबसे जयशंकर अच्छा बहुत नहीं लगता । विजय बोला हूँ अच्छा बहुत उस नाम की चिडिया आजकल विलुप्त हो गई है । किशोर ने कहा और जाने के लिए हो गया सिर्फ प्रदीप के लिए मैं आपकी मदद करूंगा । वो एक अच्छा आदमी था । कहते हुए किशोर ने ऑटो किया और अपने घर की ओर चला गया । विजय ने भी बाइक संभाली और निकल गया हूँ । कमरे की फॉल सीलिंग में था हल्के पीले रंग का प्रकाश उजागर हो रहा था । वहाँ करीब पंद्रह लोग थे जो कि घुटनों के बल कारपेट पर बैठे हुए थे । दीवार पर लगे पोस्टर को देख रहे थे । उस पोस्टर में लिखा हुआ था, गार्जियन्स ऑफ द ईस्ट । उस पोस्टर के बीच में एक गोलाकार मैडेलियन बना था जो कि सुनहरे रंग की आभा लिये हुए था और उस पर गोला गरना अक्षय थी । कमरे में उन लोगों की प्रार्थना की आवाज ऊर्जा की घंटे के साथ बोलने लगी । उन सभी ने लाल रंग का चोला पहना हुआ था और उनके चेहरे पर एक अनोखी आवाज और आस्था का भाव था । आखिरकार सभा में सबसे आगे बैठी महिला पूछा समापन करते हुए पोस्टर के सामने झुक गई । उसके बाद में धीरे धीरे पुनः सीधी हुई और फिर बाकी लोग के समक्ष मुड गईं । मेरे साथ ही गार्जियन्स आज हम सभी का यहाँ एकत्रित होने का मतलब ये है कि हमें याद रहे कि हम सभी ने एक शपथ ली हुई है । परम परमेश्वर में हमारे अटूट विश्वास और उनकी धारणाओं की रक्षा करने की जीवन मृत्यु और पुनर्जन्म । हम सब जानते हैं कि ये सकते हैं । पर एक बार फिर एक नॉस्टिक सामने आया है जो इन सभी धारणाओं को न सिर्फ सिरे से नकारता है बल्कि पूरी दुनिया में अपने गानों के जरिए अपनी नास्तिक धारणाओं का प्रचार भी करता है । उसके गानों में ऐसी पंक्तियां भी हैं जो पुनर्जीवन को अंधविश्वास बताती हैं और कहती हैं कि हम सिर्फ एक बार ही जीते हैं । इस तरह की बातें हमारी युवा पीढी को बरगलाती हैं, क्योंकि लोग फिर सोचते हैं कि वह जो चाहे कर सकते हैं । ऐसे लोग हमारे समाज के लिए बेहद खतरनाक हैं और उन्हें खत्म करना एक तरह से समाजसेवा और ईश्वर का काम है । इसलिए भगवान ने उसे खुद हमारे पास भेज दिया है ताकि उसे उसका सही अंजाम मिल सके । तो क्या आप सब ऐसे नीच इंसान को खत्म करने के लिए राजी हैं? हाँ, सभी एकमत होकर बोले, अगर किसी को इस फैसले से ऐतराज है तो अभी बोल सकता है । कमरे में सन्नाटा छा गया । कुछ पल बाद थे और पूरे आत्मविश्वास के साथ बोली बहुत बढिया । तो अब हम इस मिशन पर हैं । कल उस इंसान का अंत किया जाएगा । आगे की पंक्ति में एक लंबा तगडा आदमी था जो उस की इस बात पर बुरी तरह से चौका कई उसका मुंह खुला का खुला रह गया था । हाँ, कल और मुस्कुराकर बोली और ये ने काम मैं खुद अपनी आंखों से देख होंगे । ये भी कोई तरीका है । आप लोगों ने मुझे यहाँ के बुलाया । जयशंकर गुस्से में बोला । विजय सीआईडी के सहकर्मियों के साथ उसे ब्यूरो में लेकर आया था । सब पता चल जाएगा । चिंता मत करो । विजय सख्त स्वर में बोला फटाफट हमारे सवालों का जवाब देने शुरू करूँ, हमारे साथ कॉरपोरेट करो । यही तुम्हारी सेहत के लिए अच्छा रहेगा । का समझे जयशंकर विजय का लहजा देखकर घबरा गए । विजय ने उसे बैठने का इशारा किया । लम्बी से मेज के सामने पडी है । कुर्सी पर में बैठ गया । कुर्सी पर हथकडी से हाथ बांधने का भी प्रबंध था । उसे देखकर जयशंकर के छक्के छूट गए । जिस दिन प्रजीत की मौत हुई, उस दिन दोपहर में तुम कहाँ थे? एक मिनट मुझे सही से याद नहीं आ रहा है । उस दिन तो मैं कहीं हो गया था । दरअसल दर्शन मुझे याद ही नहीं आ रहा कि प्रदीप की जिन मारा था जयशंकर भय से भाग लाने लगा था । वहाँ पे मैंने जैसे तो हाई टीम का एक मेंबर मर गया और तुम्हें तारीख ही नहीं आना है । बहुत खूब कहते हुए अचानक विजय ने मेज पर एक जोरदार प्रहार किया । सब सच बोलो । हाँ, अब याद आ गया । उस दिन सुबह मैं रेस्टोरेंट में था । जब प्रदीप का फोन आया । मैं छुट्टी मांग रहा था । अब मुझे याद आ गया बढियां और दोपहर में मैं मैं दो से मिलने गया था । कौन दोस्त उसका नाम बताओ? फोन नंबर बता हूँ । दरअसल जयशंकर ने जा सकते हुए होठों पर जुबान फेरी और उसके साथ ही वैसा कुछ आया अचाना की विजय जी का जल्दी बताओ मैंने मैं मैं बताऊंगा । आपको बात में विजय ने उसे खास रहने वाली नजरों से देखा । जयशंकर उसकी नजरों से नजरे मिलने का साहस नहीं कर पा रहा था । तुम्हारा प्रतीक से झगडा हुआ था । झगडा नहीं तो कौन बोला आपको तुम्हारे पूरे स्टाफ को बताएँ । ऑनलाइन से उसकी कुछ कंप्लेंट आई थी तो मैंने उसे थोडी सख्ती से फीडबैक दिया था । बस इतने ही बात थी परोसे तोहरा बर्ताव पसंद नहीं आया था ना? हाँ, उसने भी पलट कर जवाब दिया था । आखिर नोटिस पीरियड में था क्या असर पडता उसे और तुमने उसके डेक्सटॉप से कुछ डाॅट किया था । विजय ने उसके निकट आकर पूछा उसके इस सवाल पर जयशंकर बुरी तरह चौका आपको किसने कहा? ये सीआईडी ब्यूरो है । तुम्हारा ऑफिस नहीं है । यहाँ सवाल सिर्फ हम पहुंचेंगे । समझे देखिए वो उसका पाॅप तो था नहीं, कंपनी का है और मुझे शक ताकि वो क्लाइंट संबंधित जानकारी अपने पर्सनल यूज के लिए इकट्ठा कर रहा था । देखो छोड बोलने की हम आपका तो हम से करना नहीं । विजय उसके एकदम पीछे आ गया । मैं झूठ नहीं बोल रहा हूँ सर । फिर कमरे में एकदम सन्नाटा सा छा गया । जयशंकर को शक हुआ की विजय कमरे में है भी कि नहीं । फिर विजय ने उसके कंधों पर हाथ रखें तो वो अंदर तक घर आ गया । जल्दी ही दोबारा मिलते हैं । कहकर विजय ने उसके कंधे थकता पाए और कमरे से बाहर निकाल गया । वो जयशंकर जोर जोर से सांस लेने लगा । करीब आधे घंटे बाद एक और अवसर वहाँ आया और उसने जयशंकर को ब्यूरो से जाने की अनुमति दी थी । अगली सुबह मैं एक और विजय भी उसमें सोई ढूंढने जैसे काम पर निकले । शुरुआत कहाँ से करें? विजय ने मैच से पूछा ऍसे शुरू करते हैं । हमें वहाँ की सिक्योरिटी और आसपास की लोकेशन जांच नहीं होगी । मैंने आॅडी से बात की थी । उनका बडा अनोखा प्लान है शो करने का हो । क्या वह कई क्लब में लाइव परफॉर्म करेगा । जैसे की ब्लू फॅर, हार्ड रॉक कैसे इत्यादि ईवेन्ट सिर्फ हाई क्लास लोगों के लिए बुक रहेगी । उसमें अनोखा कॅश ने पूछा । उन लोगों का प्लान है कि एक बिना छत वाली बीएमडब्ल्यू स्ट्रैटफोर परफॉर्मेंस करते हुए मुंबई की सडकों पर निकलेगा, खासकर के मरीन ड्राइव की तरफ । वहाँ क्या मस्त आइडिया है? आ गया तो मस्त है । पर इसमें सिक्योरिटी का कितना ज्यादा रिश् गए, कितने बंदोवस्त करने पडेंगे? रोड ब्लॉक से ट्रैफिक जाम होगा, वो अलग । पर आसपास के बिल्डिंग पर चेकिंग कौन करेगा? उस एरिया में कितनी मारते हैं और उनमें कितने फ्लोर हैं? अब क्या ये सब भी बताना पडेगा तुम्हें? वो उनके लिए एक आसान टारगेट होगा । मुंबई पुलिस के लिए ये कोई नहीं बात नहीं होगी जब कोई ओपन एयर होने वाला हूँ । टोमॅटो देखो अगर शो मरीन ड्राइव और इनका फेस में होने वाला है तो कल के लोग इस एरिया में चाय होंगे । हमें बस अपनी नजर खुली रखनी है और उन्हें पहचानना है । पहचान आसान हैं । काफी चेहरे तो हम पहचानते हैं और बाकी समस्या उनके टैटू मार्ग से हाल हो जाएगी । और सबसे बढिया बात हमें फ्री फण्ड में आठ का शो देखने को मिलने वाला है । मैं बच्चों जैसी खाशी जाहिर करते हुए बोला, विजय के चेहरे पर अभी भी चिंता के भाव हैं तो बोला चलो अब साउथ बॉम्बे को छाना जाए । मैं विजय सीआईडी के अन्य अवसर मुंबई पुलिस कार्ड के लोगों को साउथ बॉम्बे के जमीन होटलो ऍफ होने लगे । उनके पास कल्ट जैसे बडे संगठन पर हाथ रखने का ये सुनहरा मौका था । दूसरी तरफ मुंबई का एक विशेष वर्ग एड के शो का उत्साहपूर्वक इंतजार कर रहा था । मैं भी उनमें से एक था । शाम हो चुकी थी समुद्र में सितेश के पास सूर्यास्त होते दिख रहा था हूँ मैं फोन माॅक कौन? शहर में गो फ्लाई एयर लाइन से बोल रही हूँ । हमारी एक प्लेन में अभी एक पैसेंजर बोर्ड कर रही है जो कि सीआईडी द्वारा जारी की गई सूची में दर्ज है । मुझे क्या करना चाहिए? वो एक औरत है ना? मैं कुछ चलते हुए बोला जी क्या उसने बोर्डिंग पास ले लिए हैं? नहीं सर, अभी हमने उसे टेक्निकल शो बताकर कुछ देर इंतजार करने को कहा है । मेरी गुड वो कहाँ जा रही है? बेंगलुरु क्या फिर से चेक करूँ शहर उसका टिकट मेरे सामने मौजूद हैं । ये बैंगलुरु का ही टिकट है ना आपने विजय की तरफ पलट कर कहा, कल का प्लान कुछ और निकला है । वो आज ही ऐड को बेंगलुरु में खत्म करने वाले हैं । विजय ने अचरज के साथ उसकी तरफ देखा । मैं बुलाना फोन पर लग गया हूँ । उसे उसका बोर्डिंग पास दे दो और बैंगलुरु जाने दो सर आयुष और वहाँ पर इस लाइट से नहीं । बेंगलुरु की अगली फ्लाइट कब है? एक घंटे बाद क्या उसमें हमें तीन टिकट मिलेंगी? चेक करना पडेगा सर एक मिनट ॅ तो बस किसी बहाने से उसे उस फ्लाइट का टिकट है तो साथ में उसी फ्लाइट में दो टिकट और निकालो । मकरंद राज और विजय पांडे के नाम से आप ही मकान है ना था । मैं उस लाइन में आपने काली के साथ ट्रैवल करूंगा । फॅमिली नौ बजे एयरपोर्ट देश विदेश से आ रहे आगंतुकों से भरा हुआ ना आपको फॅस के मुंबई से आई फ्लाइट अभी अभी लैंड हुई थी और अब आगंतुक अपने अपने बैग उसको उठाने के लिए बैठ के पास खडे । मैं और विजय भी बैठ के पास ही थी और समाया पर दूर से नजर रखे हुए थे । मैं को जरूरत से ज्यादा सतर्क देख विजय बोला चिंता मत करो । इस घुंघराले बालों वाले वेग और घनी मूंछों में मैं तो मैं नहीं पहचान पाएंगे । हम बोले तुम तो इस वक्त वो न कौर्स वाले ड्रग डीलर लग रहा हूँ । अच्छा खुद को देखो कैसे दिख रहा । सफेद लुंगी और कुर्ता लग रहा अभी मछली बेचने जा रहा हूँ । कहते हुए मैच में उसके बाल होंगे और ये बालों में कितने लीटर नारियल का तेल उडेला । सुनने क्या एक्टर में ढूँढने के लिए ये सब जरूरी होता है । विजय कमाएँ तभी समाया अपना सूटकेस लेकर बाहर की तरफ चलते हैं । दोनों उसके पीछे पीछे लगे वो बाहर आकर वो सडक किनारे किसी का इंतजार करने लगी । मैं और फॅमिली फॅमिली होगे । देखो ड्राइवर ने पूछा हूँ लोग ऍम डालने का अंजाम अब जवाब दो । इसे मैं बोला हूँ मेरे भाई मुझे का नाम नहीं आती । वो विजय किसी आते हुए बोला ड्राइवर हासा फिर तो आपने ये ड्रेस जरूर किसी ड्रामे के लिए पहनी होगी । मैं पूछ रहा था की कहाँ जाना है । आप लोगों को कुछ मेरे को बताते हैं । ठीक है । पांच मिनट बाद ड्राइवर उतावलेपन के साथ बोला ज्यादा देर तक रोक नहीं सकते । पार्किंग चार लग जाएगा । चिंता मत करो हम देंगे । तभी उन्हें एक सफेद गाडी समय के पास रूकती हुई दिखाई थी । उसके अंदर बैठ रही गाडी बाहर की तरफ बढ रही है । चलो लाख ने कहा ऍफ शुरू कर दी उस सफेद गाडी का पीछा करूँ क्या? रह चौका शहर मैं किसी लाॅ उसमें मेरी बीवी है । अपने लवर के साथ भाग रही है । मैंने पूरी गंभीरता के साथ कहा । ड्राइवर ने फिर कोई सवाल नहीं पूछा । हाय रे से होते हुए मुख्य शहर में प्रवेश कर चुके थे । मैं अपने विजय से कहा ये कार्ड वाले तो बहुत चलाक निकले । पूरे वक्त ये जताते रहे की मुंबई में कांड करेंगे । जबकि उसका इरादा था बेंगलुरु में बैंक बैंक करने का फॅस । इस औरत को तेरह बाल भी बांका नहीं करने दूंगा । शो कितने बजे मैं अपने मोबाइल पर शो के टिकट चेक किए । दस बजे से योगी से टीम है वो तो एमजी रोड पर हैं । ये लेट नहीं होगी । सही का मुझे समझ नहीं आ रहा है । इसे खुद हर जगह क्यों आना होता है । अगर ये खुद आने की बेवकूफी नहीं करती तो हमें कभी इनके प्लान के बारे में पता नहीं चलता । हमें देवी जी का धन्यवाद करना चाहिए । हो सकता है इसे मन ही मन से प्यार हो कहकर विजय यहाँ हमारी जो भी सिटी क्या सही जगह रॉक शो के लिए वहाँ विजय माल्या का पेंट हाउस भी है का आज के तुम वो वाले विजय होते हैं । फिर तो मैं इस वक्त इंडिया में नहीं होता । विजय ने आंख मारते हुए कहा ऐसे वहाँ सिक्योरिटी का बंदोबस्त जबरदस्त होगा । वहाँ एक थिएटर भी है । पता नहीं कैसे ऑर्गेनाइज किया होगा । पहुंच करी पता चलेगा वहां पहुंचने तक इंतजार नहीं कर सकते हैं । अब तो शो शुरू होने वाला है । हमें इस औरत को पकडकर इसके मिशन को रोकना पडेगा । उसके बाद हम इसके खून तो उस खून से मिलाएंगे जो वेटर की लाश के पास मिला था । उसके लिए हम अभी तक इंतजार क्यों कर रहे हैं । ये काम तो पहले ही मुंबई में किया जा सकता था, कर तो सकते थे पर फिर इसके साथ ही कैसे पकडने आते हैं । और अब तो हमारे पास मकाडो नामक बडी मछली पर हाथ डालने का मौका भी है । सही सही । यानी शो शुरू होने से ठीक पहले इस पर हाथ डालना है । विजय क्या तुमने सीआईडी की बेंगलुरु ब्रांच को अलर्ट कर दिया? हाँ फ्लाइट में बैठने से पहले ही कर दिया था वो लोग वहाँ सिक्योरिटी बढा चुके होंगे और किसी भी संदिग्ध हरकत पर नजर रख रहे होंगे । हूँ । तभी उनके आगे चल रही कल्ट गाल की गाडी ने अचानक ही यूटन मारा उनकी टैक्सी और उस गाडी के बीच में चार कहा थी । जब तक वे क्रॉसिंग पर पहुंचते ट्रैफिक सिग्नल की लाइट लाल हो गई थी । उन्हें रुकना पडा लगता है उन्हें शक हो गया । मैं बाहर जाते हुए बोला हूँ सडक की दूसरी तरफ जैसे ही वह गाडी उनके पास से निकली मैंने देखा समय उसकी तरफ ही देख रही थी । उसके चेहरे पर धूर्तता भरी मुस्कान थी कॅश उसे पता चल गया । यूपी सिटी बेंगलुरु शहर के प्रमुख भाग में दे रहा एक गढ में फैली हुई थी । एक आलीशान प्रॉपर्टी थी जिससे कि यूनाइटेड ब्रुअरीज ने बनाया था । इस वक्त एम्फीथियेटर खचाखच भरा हुआ था । वातावरण में अंधेरा रखा गया था सिवाय स्टेज के । जहाँ एड के बैंड के मेंबर अपने गिटार, ड्रम्स व अन्य संगीत संबंधित वह यंत्र क्यों कर रहे थे । उनका लीड सिंगर अभी भी दिखाई नहीं दे रहा था । दर्शक पूरी तरह से शो के लिए उत्साहित दिखाई दे रहे थे और वो खडे खडे झूम रहे थे । चिल्ला रहे थे । हालांकि वहाँ कुछ लोग ऐसे भी थे जो पूरी तरह से सतर्क जान पडते थे । लोग वीआईपी सेक्शन के अंदर तेजी से छानबीन कर रहे थे । जो भी अभी खाली सही था कुर्सियों के नीचे देखा पर्दों के पीछे उनमें से एक बोला हम लोग ढूंढ जा रहे हैं । एक ने पूछा तो वह पास आकर फुसफुसाया जब हम ब्यूरो में डिस्कस कर रहे थे, कब कहाँ थे मैं लेट आया था । अरे ही ले यहाँ इस ब्रांड के सिंगर पर अटैक का प्लान है तो हम यहाँ तो कोई संदिग्ध आदमी कहीं छिपा हो सकता है । कडे मनी । फिर तो यहाँ नहीं सुनाई पर भी तो अच्छे हो सकते हैं । यहाँ इतना आसान नहीं है और इतनी सेक्युरिटी में गन के साथ अंदर आना नामुमकिन है । स्नाइपर कोई सी थिएटर के अंदर आने की क्या जरूरत है वो सामने बडी से बिल्डिंग इसलिए वहाँ किसी भी काम है कि बालकनी से आराम से स्टेज पर किसी को भी निशाने पर लिया जा सकता है । वो होटल जैसा लग रहा है जिससे पता करते हैं वो वहाँ पर कार्यरत एक आदमी के पास पहुंचे और उसे इसके बारे में पूछा । दरअसल उस बिल्डिंग में सर्विस अपार्टमेंट है जहाँ लोग किराये पर रह सकते हैं । हमें उसे जाना चाहिए । यूपी सिटी के अंदर है तो बहुत लोग तो नहीं होंगे जो इस तरह यहाँ किराये पर रहते हो । उनकी टुकडी में से दो लोग बॅान्डिंग में पहुंचे । ॅ के पास अपनी आईडी दिखाते हुए कहा ॅ ऑफिसर का आधे मनी दूसरे ने भी जब अपनी आईडी दिखा दी हूँ तो रिसेप्शनिस्ट नेत्र भय से फैल गए और उसने तुरंत मैनेजर को आवाज लगाई । हालत झपकाते ही मैनेजर प्रकट हुआ । हम किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ रहे हैं जो हाल ही में यहाँ किराये पर रहने आया हूँ । तो उसने बोला सर ऐसे तो दस से ज्यादा लोग हाल ही में आए हैं । कोई संदिग्ध सा इंसान हमें अपना रजिस्टर दिखाऊँ हमेशा है । यहाँ कोई नहीं पहुँच पाए देखिये शहर रिसेप्शनिस्ट ने रिजिस्टर उनकी तरह बढाते हुए कहा किसी ऐसे इंसान को हाल फिलहाल में देखा जिसके पास लंबा सा बैग हो । कार्य मनी ने रजिस्टर में देखते हुए पूछा हमारे पास मेहमानों के पासपोर्ट की काफी रहती है । अधिकतर यहाँ बिजनेस ट्रिप पर आए हुए होते हैं और मैंने भर से भी ज्यादा हमारे यहाँ पर रोकते हैं । तीन लोग अभी पिछले हफ्ते ही आए हैं । हमारे पास उनकी कंपनी की आईडी की कॉपी भी है और कौन कौन है और उस ने कुछ देर सोचा । फिर कहा, एक आदमी अभी दो दिन पहले आया है । वो अपार्टमेंट के बाहर बहुत ही कम निकलता है । आज सुबह ही मैंने उसे बाहर निकलते हुए देखा था और फिर वो दो घंटे में वापस आ गया । बोल रहा था मैं एक लेखक है । वैसे देखने में तो मुझे उनकी लगता है । बढिया ये कुछ चला गया । इसका कमलचक करते हैं । काले मनी बोला तीन सौ तीन तीसरा फ्लोर हाँ याद आया । एक और आदमी हैं । वो पिछले हफ्ते आया था । उसके पास एक लम्बा गया था । वो तो हर रोज मुझे उस बैठ के साथ दिखाई देता है । अधिकतर रूम के अंदर ही रहता है । अलग सा दिखाई देता है । आईटी प्रोफेशनल तो नहीं लगता उसे भी चेक करते हैं । हेगडे ने कहा फिर लिफ्ट की तरफ बढ गए । तीसरे फ्लोर पर पहुंचते पहुंचते उन्होंने अपनी पिस्टल निकाली थी । दोनों तीन सौ तीन नंबर अपार्टमेंट के दरवाजे के किनारे खडे हो गए । उन्होंने रिसेप्शनिस्ट को दरवाजा खटखटाने का इशारा किया । नौ करते ही दरवाजा खुला है । खुलने पर वहाँ एक सत्ताईस ढाई साल का गोरा लंबा सा लडका था जो नींद में लग रहा था । क्या हो गया इतनी रात गए वो जर्मन एक्सेंट के साथ अंग्रेजी में बोला बताते हैं कार्य बडी आठ से निकला और उसे धकेलते हुए अंदर आया । एक भी था दाखिल हुआ है । बिगडे मैं इसी कवर किया हूँ तुम कमरे की तलाशी लोग हथियारों से लैस उस दोनों व्यक्तियों को देखकर उसकी नहीं गई । मैं एक लेखक हूं आखिर आखिर तुम लोग मुझे समझ रहे हो । मैं भी अपने वकील को फोन करता हूँ । थोडी देर को हम लोग सीआईडी से हैं । अभी पता चल जाएगा कि यहाँ वकील की जरूरत है या पुलिस फोर्स की कार्य । मनी उसे खोलते हुए हैं । एक लेने पूरा अपार्टमेंट छान मारा हूँ पर उसे कोई संदिग्ध चीजें नहीं देगी । जैसे देखो कि आप फिट लीटर दिखाई दे रहा है । काफी बडी ने पूछा नहीं यहाँ से नहीं दिख रहा है । इटली ने बालकनी में जाते हुए कहा तकलीफ देने के लिए माफी चाहते हैं । उन्होंने कहा, और फिर उसे उसी चकित हालत में छोडकर बाहर निकल रहे हैं । हमारा ॅ करोड दूसरा वाला है । नौवें फ्लोर वाला हूँ । सावधानी से चलते हैं । मेरे खयाल से अपनी टीम को इन्फॉर्म कर देना चाहिए कार्य मणि ने कहा फिर लेकिन इस की तरफ पडता उस कमरे की एक्सट्रा की लिया हूँ । कुछ ही देर में दोनों अक्सर कमरा नंबर नौ सौ छह के सामने थे । कार्यवाही निशाना लेकर खडा हो गया और हीरे से बोला दरवाजा खोलो एक लेने सावधानी से बिना कोई आवाज निकाले जावे डाली और धीरे से लॉक में हम आएंगे । अंदर तो दे रहा था दोनों दवे बावन घायल हुए कमरे में सिर्फ नाइन बल्कि रोशनी थी । उन्होंने दूसरे कमरे और किचन में देखा हूँ । हर जगह दिया था । बालकनी पर पहुंचे पर वहाँ भी कोई नहीं था । इस पाल कहीं से भी ऍर नहीं देख रहा हूँ । केकडे नहीं नकारात्मक ढंग से ये चटाते हुए सरे लाया की एम्फीथियेटर व्यू न होने की वजह से ये टारगेट भी गलत था । पर फिर आधे महीने बातों की तरफ चलने का इशारा किया । हेगडे नहीं झटके के साथ बातों का दरवाजा धकेल दिया और फिर कांदे मनी को अपने निशाने पर एक आदमी का सिर दिखाई दिया जो कि बाथरूम के रोशनदान पर घंटे का कर बैठा था । अपनी गंज छोड दो और हाथों पर कर लो सही का शो खत्म कार्य मणि ने कहा है अगले ने बाथरूम की लाइट ऍम वहाँ उजाला छा गया । तब उसके सामने लंबा अधेड उम्र का भवन था । उसके कान पर जो टोमॅटो लगा था फॅालो सुनाई दिया की नहीं उस की नजर अभी तक स्टेट की तरफ ही थी जैसे उसने कुछ सुना ही नहीं हूँ । फिर उसने धीरे से गन छोडी और हाथ ऊपर करके खडा हो गया तो मैं गिरफ्तार किया जा रहा है । काटे मणि ने कहा है मकाडो के चेहरे पर बेशरमी भरी मुस्कान थी । ब्लैक और विजय को जल्दी वह गाडी मिल गई जिसका वह पीछा कर रहे थे । कभी कभी ट्रैफिक जाम होने का भी फायदा होता है । भीड में समाया की गाडी ज्यादा आगे नहीं निकल पाई थी । मगर इस बार मैंने सावधानी बरती । उसने पुरानी टैक्सी को छोड कर एक नहीं टैक्सी कर ली । नया सबका मिला । पीछा करते समय एक ही गाडी का उपयोग न करें । मैंने कहा विजय ने सहमती मुझे बुलाया और कहा शो शुरू होने का वक्त हो रहा है । मुझे नहीं लगता कि वह शो कि तरफ जा रही है । वैसे मैंने बैंगलौर के ब्यूरो में फोन कर दिया था । हमारे लोग वहाँ पहुंच गए होंगे । जब तक कातिल पकडा नहीं जाता वो एड को स्टेज पर नहीं आने देंगे । अगली रेड लाइट पर समय पर हाँ डालते हैं । मैंने कहा मैं तैयार हूँ । रेडलाइट पर ट्रैफिक रुकते ही मैं एक और विजय गाडी से उतरे और समय की गाडी की तरफ बडने लगे । विजय ने पांच सौ का नोट ड्राइवर को पकडाया और मैं के पीछे चल दिया । दोनों ने अपनी रिवॉल्वर निकाली थी । नाग ने ड्राइवर के दरवाजे के पास पहुंचकर गांच पर दस्तक दी जबकि विजय ने समाया की खिडकी को घेर लिया था । गाडी किनारे लोग मैक ने समझ नीचे होते ही ड्राइवर को आदेश दिया कोई प्रॉब्लम है । समाया ने शीशा नीचे किया और मासूमियत से पूछा नीचे उतरो । विजय ने शक्ति के साथ कहा क्यों तुम पर एक विदेशी सेलिब्रिटी को मारने की साजिश का आरोप है? विजय रिवाल्वर तानते हुए बोला क्या मैंने क्या किया है? कोई सबूत है आपके पास समय आने जिसमें से पूछा हमें सबूत दिखाने की जरूरत नहीं है । मैंने कहा बाहर आओ फिर बात करते हैं । ऑफिसर मैं आप और यहाँ इस वेशभूषा में कोई फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता में आए हैं क्या समाया नहीं बना फ्री आश्चर्य के साथ कहा और गाडी से बाहर आ गई तो तुमने मुझे पहचान लिया । बिल्कुल आप कितने भी चेहरे बदलने पर ये हस्की आवाज कहाँ छिपाएंगे? समय आने आंख मारते हुए उसको शरारती मुस्कान दी । हाँ मुझे पता है कि तुम बहुत अक्लमंद उ मगर आप बंगलौर में क्या कर रहे हैं? सुना था की आप आजकल मुंबई में पोस्टर है । बस अपने चाहते रॉक स्टार का शो देखने आया हूँ और तुम बिजनेस के सिलसिले में आई हूँ । आपको तो पता ही है कि मैं ज्वेलरी का बिजनस करती हूँ । बिल्कुल चलो हमारे साथ ब्यूरो चलो । हालत देखो जल्दी खरीद नहीं । आपके साथ ही ने मुझ पर किसी साजिश का आरोप लगाया है । अगर वो गलत साबित हुआ तो आपकी नौकरी पहले जैसी नहीं रहेगी । आपको तो पता है कि मेरी पहुंच काफी ऊपर तक है । समाया के चेहरे और आवाज दोनों की रन बदले हुए थे । पहुंचे यकीन है तुम पर चलो चला जाएगा । हमारी वजह से काफी जाम हो गया । वाकई में सडक पर जाम लग रहा था । लोग उनके, उसने मुझे देखते हुए अपनी गाडियां किनारे से निकाल रहे थे । किसी को भी उनके बीच हो रही बातों में रूचि नहीं थी । बडे शहरों की भीड और भाग दौड में इंसान के पास व्यक्ति कहा था । तभी मैं का फोन बजा । विजय ने उठाया और बात की वो अच्छा हाँ ठीक है । बहुत को काम किया । फिर उसने मैं काम में कुछ बनाया । चलो मैडम अब बंगला को अलविदा का हो । अब हम सीधा मुंबई जाएंगे । मैंने समझाया से कहा मगर मेरा बंगलौर का काम अभी खत्म नहीं हुआ है । समाया बोली मैडम, आप का काम खत्म हो चुका है । आपके गोवा वाले फ्रेंड को हम ने पकड लिया है । कहीं वही तो आपका बिजनेस नहीं था । समय आने प्रकृति तनी और दोनों की तरफ गुस्से से देखा । फिर बिना किसी सवाल का जवाब भी उनके साथ चलते । आधी रात से भी ज्यादा समय हो चुका था । विजय और मैं एक समय के साथ मुंबई पहुंच गए । नहीं मुंबई पहुंचते ही वह सीधे भी हो गए और जल्दी समाया के खून की जांच करवाने लगे । मेरे खून की जांच से क्या आपको पता चल जाएगा कि कत्ल की प्लानिंग महीने की थी? समाया ने मुस्कुराते हुए कहा नहीं, मगर इस से ये पता चल जाएगा कि तुम्हें किसका खून किया है कि नहीं । मैंने कहा खोल और मैं उसने आश्चर्यचकित होते हुए कहा हाँ एक तो तुम्हारे गिरोह के विभीषण का और दूसरा उसका जिसने खून होते हुए देख लिया था । मैंने उत्तर दिया कहानी अच्छी कर लेते हो तो मैं लगता है की प्रदीप का खून मैंने किया है । देखो चोर की दाढी में तिनका तो तुम्हें पता है कि मैं प्रदीप के बारे में बात कर रहा हूँ । फॅस करती हूँ । खून नहीं समाया ने जोर देते हुए कहा मुझे बहुत अच्छी तरह से पता है कि तुम क्या करती हूँ । अच्छा तो मैं तो पता ही होगा । समय आने आंख मारते हुए कहा तो बस एक मिनट रुको । मैं कमरे से बाहर आया और फॉरेंसिक विभाग में गया । समाया को अभी भी वो शीर्ष से देख सकते थे । कमरे में फॉरेंसिक एक्सपर्ट सेंट्रीफ्यूज महीन के पास खडा था । खून की जांच कर रहा था । कुछ पता चला । मुझे टेस्ट के रिजल्ट चाहिए । जल्दी सर ये पक्की जांच नहीं है । डीएनए टेस्ट करना पडेगा । उसमें दो दिन लगेंगे, कोई बात नहीं । अभी जितना भी हो सकता है उतना करूँ । अगर खून मैच नहीं हो सकता तो ये पता चल जाए कि ये खून का सैंपल उसका नहीं है । हाँ और अगर मैच कर जाता है तो मेरे पास उसे कस्टडी में रखने का कुछ तो बहाना रहेगा । उसका वकील वैसे भी रास्ते में होगा ही के सर आधा घंटा दीजिए । मैं की बेचैनी बढ गई थी । वो इधर उधर तेजी से चल रहा था । एक एक पल मानो सालों जैसा प्रतीत हो रहा था । बाहर आकर उसने एक सिगरेट खत्म की और फिर अंदर गया । फॅस हुए खडा था क्या हुआ? मैंने पूछा ब्लड ग्रुप मैच नहीं हुआ । मैं विश्वास के साथ उसकी तरफ एकटक देखता रहा हूँ । दूसरी ओर सवाया निश्चित होकर कमरे में बैठी थी । सुबह होते ही फोरेंसिक डिपार्टमेंट अपनी रोज की दिनचर्या में व्यस्त हो जाता है । पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाना विभिन्न प्रकार के टेस्ट सब उन पांच लोगों के जिम्मे था मैं वही ने अपने केबिन में आते ही सुकांत को बुलाया । तुम ऍम वाली खोजबीन से मैं बहुत खुश हूँ । अच्छा काम किया तुम नहीं । वैसे तो मैं लडकियों के जेवरों के बारे में इतनी जानकारी कैसे हुई ये मुझे समझ नहीं आया । मैत्रयी ने सवालिया दृष्टि के साथ पूछा । वो बात ये है कि इससे पहले की सुकांत अपनी बात पूरी कर के पास इससे पहले की सुकांत अपनी बात पूरी कर पाता । मैं ट्राई ने पूछा क्या डेडबॉडीज वापस कर दी गई? जीना बेटर की लाश लौटा दी गई है प्रजीत की अभी नहीं । अगर आप कहे तो आज वापस कर देते हैं । कुछ तो गडबड है जो मेरी समझ में नहीं आया है । एक बार प्रदीप की बीवी और सास से मिलना बढेगा । मैं महीने अपनी मेज पर पडी फाइलों को व्यवस्थित करते हुए कहा, जी, मैं अचानक कुछ याद करते हुए मैं ट्राई बोली, क्या जनरल क्लब में तुम्हारा प्रजेंटेशन है? दुकान सुकान्त कमरे से बाहर जा रहा था । उसका सवाल सुनते ही बैठ टक्कर रुका । मैं थोडा और फिर नर्वस होते बोला हाँ हाँ, मेम था तो पर हर कोई इतना बिजी था तो सबको सेमिनारों में बुला लो । ज्यादा समय नहीं लगेगा । उसके बाद भी हम उर्मिला से मिलने जा सकते हैं । सुकांत ने सिर हिलाया और फिर तेजी से बाहर निकला । फिर उसने अपना लाख तक हासिल किया और चैनल क्लब के लिए चपरासी को चाय नाश्ता करने का और कर दिया । क्या भागम भाग हो रही है? मैडम ने जनरल क्लब में प्रजेंट करने को कहा, पर मेरी कोई तैयारी ही नहीं हुई थी । अपने माथे पर आए पसीने को पहुंचते हुए उसने जवाब दिया, अरे यार परेशान मत हो । याद है वो अनोखा केस । उस दिन हम बात कर रहे थे फॉल या मर्डर, उसे प्रोजेक्ट कर दो । वो तो बहुत हवा हवाई केस है । लगता है जैसे कोई कहानी हूँ । मैडम को अच्छा नहीं लगेगा । अब अच्छा लगेगा, नहीं लगेगा गाली पडेगी, आशा वाशी मिलेगी ऐसा मत सोचो । तुम सेमिनार रूम में चलो मैं प्रिंटआउट लेकर आता हूँ । पावरकाॅम की जरूरत नहीं है तो मैं चाहे बोल देना । हाँ सालीग्राम को बोल दिया है । भगवान आठ सौ लगने वाली है । कहते हुए सुकांत सेमिनार रूम की तरफ बढ गया । आर्यन, रायन सर और मैडम को दस मिनट बाद मेरा रूम में आने को कहना । नवीन ने कहा और तेजी से प्रिंटर की तरफ भागा । पंद्रह मिनट बाद सभी सेमिनारों में थे । सुकांत प्रजेंटेशन देने के लिए खडा था । उसके हाथ में कागज देखकर मैत्री ने पूछा क्या तुम पेपर से पडने वाले हूँ? जी फिर बैठ जाऊँ, ब्रेन स्टॉर्मिंग करते हैं । सुकांत ने कुर्सी ली और पेपर से पडने लगा । यह एक अनोखा लीगल केस है जो फॅमिली ने फॅमिली ऑस्ट्रेलिया जनरल में फरवरी दो हजार के वॉल्यूम चौदह में छपा था । ये एक सत्य घटना है जिससे पहली बार फॅस में प्रकाशित करवाया था । तेईस मार्च उन्नीस सौ चौरानवे में मेडिकल ऍम नहीं रोनाल्डो पस की बॉडी जांच कर ये परिणाम निकाला था कि उसकी मौत सिर में शॉटगन से हुए चक्र से हुई थी । फॅसने बिल्डिंग के दसवें माले से सुसाइड करने की नियत के साथ छलांग लगाई नहीं । उसने अपने पीछे एक सुसाइड नोट भी छोडा था । कमाल है । मैत्री की आंखों में जिज्ञासा भरी जमा को भी उसने खुद का सुसाइड की, पर फॉरेंसिक के हिसाब से मौत का कारण शॉर्ट धन से जगमगा । आगे जब वहाँ रहते हुए नौवीं मंजिल से पास हो रहा था, उसके सिर में अचानक एक बुलट लाये क्योंकि उस मंजिल की बालकनी की तरफ से चली थी महत्व रन मारा गया ना तो मरने वाले और ना ही मारने वाले को पता था कि हाल ही में बिल्डिंग का काम चल रहा था और इसलिए आठवें फ्लोर पर सेफ्टी नेट लगाया गया था । इसलिए अगर उपस् को गोली नहीं लगती तो उसे सेफ्टी नेट पर करना था और उसकी मौत नहीं होनी थी । कमाल है किस्मत तो देखो गायन बोला उस मूवी की तरह है क्या ना मैं फाइनल डेस्टीनेशन जिसमें विक्टिम कई बार आश्चर्यजनक रूप से बचने के बाद भी आखिरकार मर ही जाता है । हम सवाल यह है कि क्या ये वाकई सच्चाई थी? मैं ट्राई ने पूछा ॅ क्या कहते हैं मेरे ख्याल से तो ये मर्डर है? नवीन बोला कैसे? गाडी चलाने वाला कोई और था और उसी से व्यक्ति की मौत हुई । आम तौर पर अगर सुसाइड करने के नियम रखता और उसे उस समय सक्सेज मिलती है । भले ही मौत का तरीका वो ना हूँ जो उस ने प्लान किया हो तो भी उसे सोसाइटी ही माना जाना चाहिए । जनरल क्या कहता है? दुकान वही जो आपने कहा सर । आगे लिखा है कि ओपस को तब गोली लगी जब अपनी मौत की तरफ बढ रहा था क्योंकि शायद नहीं हो पाती क्योंकि सेफ्टी नेट लगा दी गई थी । इसलिए ऍम लगा कि ये एक होमीसाइड का केस है । गोली चलाए किसने थी मैं । मैंने पूछा । नवे फ्लोर पर बोले पति पत्नी रहते थे । उन दोनों में झगडा हो रहा था और आज मैं बार बार बीवी को गन दिखाकर धमका रहा था । आदमी का सब्र खत्म हुआ और उसने गोली चला दी । पर वो उसकी बीवी के जगह खिडकी के बाहर निकल कर ऊपर से गिरते हुए बस को लगे । कानून के हिसाब से अगर कोई एक को मारना चाहता है पर भी को मार बैठता है तो उसे भी को मारने की सजा तो मिलनी ही चाहिए । अब इसके इसमें क्या हुआ? मैं ट्राई ने पूछा । जब मर्डर चार्ज लगाया गया तब दोनों पति पत्नी अपनी बात पर अड गए । उन दोनों ने कहा कि उनकी समझ में गन लोग नहीं थी । उसकी बहुत पुरानी आदत थी । अक्सर उनके बीच झगडे के दौरान उसे अपने पति पत्नी को अनलोडेड गन दिखाकर धमकाने की आदत थी । वे अपनी बीवी का मर्डर नहीं करना चाहता था इसलिए वो बस की मौत ॅ क्योंकि गंद गलती से लोट की गई थी । किस्मत ही खराब थी चाहेंगे कॅश अपनी ही नहीं हो पाया पर ये बूढा बूढी अपनी इन सब की हरकतों को जस्टिफाई कैसे कर पाए । इन्वेस्टिगेशन के दौरान एक गवाह उभरकर आया जिसने बूढा बूढी के लडके को हादसे से करीब छह हफ्ते पहले गन को लोड करते हुए देखा था । मालूम पडा की बूढी औरत ने अपने बेटे को पैसा देना बंद कर दिया था । लडके को बूढा बूढी के बीच के गन दिखाकर धमकाने वाले खेल की जानकारी थी तो उसने गन को यह सोचते हुए लोड कर दिया कितने घर दबेगा और बाप के हाथों से माँ का अंत हो जाएगा । तो इस तरह से केस बना लडके के हाथों ओपस के कत्लकांड तो उस ने लडके के खिलाफ केस बनाया । छत से कूदकर आत्महत्या कर रहे इंसान को मारने का मैं ट्राई के मुख से निकला हूँ । केस और भी दिलचस्प निकला ना? सुकांत बोला जांच के दौरान पता चला कि उन का लडका कोई और नहीं बल्कि खुद ओपस ही था । काफी समय तक माँ बाप के बीच कोई झगडा न होते देख कर वो ऍम की असफलता हूँ और अपनी खस्ता हालत के चलते बेहद निराश हो चुका था । इसलिए उसने बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या करने का फैसला किया था और उसकी किस्मत देखिए कि उसी दिन उसी पर उसका प्लैन कारागार हुआ । मैं गोली उसकी माँ की जगह खुद उसे ही आ लगी । वो बस ने जो षड्यंत्र रचा था उससे खुद की ही जान चली गई । इसलिए अंदर कहा के सुसाइड का माना गया वो उसने कभी अपने सपने में भी नहीं सोचा होगा की चीज गन को वो लोड कर रहा है उसी से उसकी जान जाएगी । राय ने कहा मैत्री गहरी सोच में था जब शून्य में होते हुए अपने हो चला रही थी कभी कभी बंदर घुडकी मौत का कारण बन जाता है जहाँ मैंने कहा ठीक डेविड और गोलिअथ की कहानी की तरह पर दो की बात ये है कि यहाँ सब कुछ एक परिवार के अंदर हुआ । क्या कहा तुम्हें? मैं ट्राई ने चौंकते हुए उस की तरफ देखा । मैंने उनसे पूछा तो मैंने अभी अभी क्या था डाॅ और गोली नहीं उसके बाद परिवार के अंदर मैत्रयी का हाथ होता हा ही उसके फोन की तरफ बढ गया और उसने एक नंबर मिलाकर उसे कहाँ से लगा लिया और मिला मैं डॉक्टर मैं वही बोल रही हूँ । क्या आप घर पर हैं? सभी हूँ बाई तरफ मैं ट्राई को तेजी से सेमिनार हॉल से जाते हुए देखते रहेगा और मिलने आज हॉस्पिटल से छुट्टी नहीं हुई थी । हाल में हुई घटनाओं ने उसे मानसिक तौर पर निचोडकर रख दिया था । जब मैं नहीं उसके घर पहुंची तो उसकी वहाँ और मिला और उसकी माँ दोनों से मुलाकात हुई है और मिला मुझे तुम्हारे साथ पूरी हमदर्दी पर मुझे तुमसे कुछ सवाल पूछने । मुझे उम्मीद है कि तुम्हारे जवाब मुझे तुम्हारे पति की कट इन को समझने में मददगार साबित होंगे और मिलने सहमती में से लाया है । तुम्हारी शादी को कितने साल हो गए थे? ग्यारह तुम्हारे कोई बच्चे हैं नहीं, मैं जानती हूँ पर्सनल सवाल है पर क्या में बच्चे न होने के कारण जान सकती हूँ । मुझे बच्चे नहीं हो सकते हैं । हमने काफी कोशिश की आॅडी पर मुझे माफ करना मुझे तुमसे इस तरह के सवाल पूछने पढ रहे हैं । पर हर जानकारी हमें काटल के नजदीक ले जाएगी मैं ट्राई ने कहा यहाँ तो मैं यहाँ पे उस सुबह प्रदीप का मूड कैसा था जब घर से काम करे निकल रहा था । अब इन बातों से क्या फर्क पडता है और मिला का गला भर गया । मैं सिर्फ इसलिए पूछ रही हूँ क्योंकि पुलिस को ये सुसाइड का केस लगा था । मैं प्रदीप की मानसिक स्थिति समझने की कोशिश कर रही हूँ और मिला की माँ टोकते हुए बोली हर पति पत्नी के बीच लडाई झगडा होता ही है । जब की और मिला तो प्रदीप का बहुत अच्छे से ख्याल रखती थी । मुझे पूरा यकीन है और मिला । मैं तो है जब आपका इंतजार कर रही हूँ वो एक दम ठीक था । मुझे नहीं लगता उसे किसी चीज को लेकर कोई भी टेंशन थी होंगे । मुझे उसके मेडिकल हिस्ट्री भी जाननी थी । क्या प्रदीप को कोई गंभीर बीमारी भी थी या हुई थी । वो दिल का मरीज था और मिला गहरी सांस लेते हुए बोली क्या मैं ही नहीं उसे हराने के साथ देखा ये बात तो हमें पहले बतानी चाहिए थी । मुझे किसी ने पूछा ही नहीं । क्या मैं उसके प्रेस काॅन्? क्या मैं उसका प्रेस्क्रिप्शन देख सकती हूँ । मिले आती हूँ उसकी माँ बोली वो अंदर गए और तुरंत ही लौटाई और मेरी एक नर्स है और उस ने हमेशा प्रदेश की सही तरह से देख रेख की है । गए इस बात का पूरा ध्यान रखती थी की प्रदीप समय पर अपनी दवाई ले पर उसे तो मेरी बेटी की कोई इज्जत ही नहीं थी । उसने दवाओं का एक डिब्बा और प्रेस्क्रिप्शन मैत्रे की तरफ बढा दिया । मैं नहीं इन्वेस्टिगेशन के लिए ले जाना चाहती हूँ । वैसे भी इनका यहाँ कोई काम नहीं कहते हुए और मिला उठ खडी हो गई । लाइए डब्बे से दवा निकालकर में बैठ कर क्या हो जाती है । उसने डिब्बा खाली किया और दवाएं प्लास्टिक बैग में पैक करने लगे । डॉक्टर देवराज ऍम डिपार्टमेंट की है तो मैं वही बोल रही हूँ । मेरे पास आपके द्वारा साइन किया गया हुआ प्रेस्क्रिप्शन है । हाँ, ऑडिशन का नाम प्रदीप है । मैं ट्राई ने देवराज मोकाशी नामक कार्डियोलॉजिस्ट से फोन पर कहा वो अच्छा तो आपने है प्रदीप को दिया था । मैं बताना चाहती थी कि प्रदीप की मौत हो चुकी है और हम सब उसका पोस्टमार्टम कर रहे हैं । वो हाँ अच्छा ठीक है । आपकी मदद के लिए धन्यवाद कहते हुए मैं ट्रेन फोन काट दिया । उसने मेज पर रखी दवाइयों का पैकेट खोला और सारी दवाइयाँ मेज पर देखे थे । अच्छा है ना कि वह दुकान से बोली सुकांत टॉक स्क्रीन और क्रोमैटोग्राफी के रिजल्ट आया क्या? जी मैं हम शरीर में कोई भी जहर, हानिकारक पदार्थ या हैवी मेटल नहीं मिला हूँ । ऍफ देखा गया अभी तक नहीं । मैत्री ने अपना चश्मा उतारकर मेज पटक दिया । कुछ सोचते हुए वे अपनी दोनों आंखें हाथों से बंद करके मैच में कोहनी टिकाकर बैठ रही । कुछ तो गाया गए । मैंने देखा था इतना मुझे यकीन है । मगर कहा इसमें तो नहीं है वह बुदबुदाई उसने सारी दवाइयाँ फिर से जांची । विश्वकांत को प्रेस्क्रिप्शन देते हुए बोली सुकांत इन सारी दवाइयों का टेस्ट करूँ । खास करके वो मेरा प्रमिल का लीवर और किडनी की बायोप्सी और खून के सैंपल की जांच करूँ । उसके बाद दिल की बात किसी करो और मुझे बताओ हूँ की क्या आर्टिकल और वेंट्रिकल चैंबर के बीच में कोई फ्राइड टिशु हैं । सुकान्त ने तेजी से से लाया । उसे मैत्री के चेहरे पर नहीं चिंता के भाव दिख रहे थे । शाम का वक्त था । विजय इस वक्त अपने घर में शीशे के सामने खडा समझना चाहता हूँ । उस ने टीशर्ट और जींस पहनी हुई थी । फॅमिली से वो अपनी मोटे सेट कर रहा था । फिर बालों में नारियल का तेल लगाकर कंघी करने लगा । कहीं जा रहे हो तभी पीछे से उसकी बीवी अनुपमा की आवाज आई । अनुपमा एक छोटे कद की सामान्य से कुछ ज्यादा वजन की औरत थी जो ज्यादा पढी लिखी नहीं थी और विजय की देसी लाइफ स्टाइल में एकदम सही फिट होती थी । हाँ ड्यूटी है फिर इतना सच सच के क्यों जा रहा हूँ? रॉक शो में ड्यूटी है ना? विजय खुश होते हुए बोला वो क्या होता है? अरे संगीत कार्यक्रम है नाच गाना भाई राम तुम नाचनेवाली की पहुँचा हूँ वो एकदम से ऑस्ट्रेलियाई अंदाज मची कि अरे मेरी माँ ये कोई ऐसा ऐसा तो नहीं है । ये देख कहते हुए उसने शो के पास दिखाए जिस पर एड और उसका ग्रुप परफॉर्म करते हुए दिख रहा था । इसमें लडकी हैं, फॅमिली तरफ इशारा करते हैं । बोले किधर धर्म लडकी नहीं गिटार बजाने वाला है, लौंडा है बाल लंबे की हुए हैं । अब निकलता हूँ तुझे बेचैनी हो रही होगी तो चल हमारे साथ मैं ऐसी वैसी जगह नहीं आती है । बहुत बढिया चल बाय खाना तो घर पे खाओगे ना था कहते हुए विजय आपने किराया की महाना फ्लैट से बाहर निकला और सीरिया उतर कर नीचे आ गया । उसने अपनी बाइक स्टार्ट की और बांद्रा फोर्ड की तरफ चल दिया जहाँ आज रात भर एंड कश् को चलने वाला था । हालांकि कडके असेसी इनके पकडे जाने पर और उनकी संचालक समय की नजर में आने के बाद ऐड पर किसी हमले की आशंका नाके बढावा थी । फिर भी मैं और उसके बीच यही फैसला हुआ कि वहाँ नजर रखना ठीक रहेगा हूँ । कुछ ही देर में बांद्रा फोर पहुंच गया हूँ जहाँ रॉक की पूरी तैयारी हुई, जान पड रही थी । सुरक्षा की भी अच्छी खासी व्यवस्था थी । विजय खोजी नजरों के साथ फोट और उसके आसपास शिनाखत करने लगा । स्पोर्ट के एक तरफ अरब सागर की मदद लहरें चट्टानों से टकराती दिखाई दे रही थीं और साथ ही सागर के ऊपर मुंबई के बेमिसाल उपलब्धियों में से एक बांद्रा वाली फीलिंग दिखाई दे रही थी जो कि एक बाहर समर्थित कंक्रीट से निर्मित पुल था । उसके विपरीत दिशा में ऊंची ऊंची इमारतों वाला मुंबई शहर था, जहां स्नाइपर होने का अक्सर अंदेशा रहता था । हालांकि ही मारते वहाँ से काफी दूर थीं । कोई कार से उतरकर सीलिंग से भी निशाना ले सकता है । हालांकि सीलिंग पर गाडी रोकना माना था पर करने वाले क्या नहीं कर हो जाते हैं । कुछ देर में एड का ग्रुप कन्वर्टिबल बीएमडब्लू में बैठकर पहुंचा । कडी सुरक्षा में वो कार से उतरे और स्टेज पर आ गए । बीर बढती जा रही थी और लोगों का शोर भी उसी अनुपात बढ रहा था । फिर उनकी सूर्खियों पर ऍम गिटार से निकलती हैवी मेटल के ध्वनि के समावेश होने लगा । लोग छोडने लगे आपने सिरोको जोर जोर से झगडने लगे । विजय की नजरें भीड में निरंतर दौडी जा रहे हैं । एक जगह रुककर निरंतर खोल रहा था । तभी वॅार हो गया । उसके सामने जयशंकर था । दिवंगत प्रदीप का धड जयशंकर और अकेले नहीं था । उसके साथ एक लडकी भी थी जो काफी मैं कप में थी । पर विजय को उसकी शकल को जानी पहचानी से लगे अच्छा ना कि उनकी नजरें भेज । ऐसे नहीं जयशंकर के चेहरे का रंग उड गया । लडकी भी विजय की तरफ थोडी विजय उसे झट से पहचान गया । फॅमिली के अचार थी जो विजय को रिक्रूटमेन्ट एरिया में मिली थी । विजय को अपने समूह पाकर दोनों के चेहरे पर ऐसे भाव आ गए थे जैसे उनकी चोरी पकडी गई हूँ । विजय कुछ कहना चाहता था पर उसे पता था शोर में उन्हें कुछ सुनाई नहीं देने वाला था । एक मनमोहक मुस्कान के साथ दोनों को देखते हुए आगे बढ गया । सरकारी अस्पताल में सुबह सुबह नर्सों की एक लंबी कतार लगी थी । हेड नर्स का स्थान हुआ था और उसके लिए सभी अनुभवी नर्स अर्जी लगाने वहाँ पहुंचे थे और मिला की मानें । उसकी सफलता की कामना करते हुए आज उसे हल्दी कुमकुम लगाकर भेजा था और मिला सीएमओ के कमरे के सामने लगी कतार में की थी । उसके दिल की धडकने तेज हो रही थी । आकर ये तो मुझे मिल जाए तो बडी हुई पगार से लोन छूट जाएगा । प्रदीप ने तो मेरे लिए कुछ भी नहीं छोडा । काॅल कृष्णा होता हूँ और मिलने अपने गाल पर हाथ रखते हुए सोचा हूँ । जल्दी उसकी बारी आ गई और हो सीएमओ के ऑफिस के अंदर पहुंची । उसके बॅाय कहा और मिला तुम हमारे साथ पांच साल से काम कर रही हो । हम सब यही चाहते हैं कि तुम्हें ये ऍम मगर विधि के अनुसार कुछ प्रश्नों के जवाब देने पडेंगे । मुझे खुशी है कि आपने मेरे बारे में सोचा सर और मिलने कहा । हेड नर्स की तरह काम करते हुए तो अपने आप को अगले पांच वर्षों में कहा देखना चाहोगे हूँ । अपनी प्रगति के बारे में तुमने क्या सोचा है? एक डॉक्टर ने पूछा हूँ में अपने कार्यक्षेत्र में सबसे बेहतर बनना चाहूंगी । सही मैं ऐसी नर्स बन होंगी, जिस पर लोग अपने घर वालों से भी ज्यादा विश्वास कर सकेंगे । अपनी काबिलियत के अनुसार मुझे विश्वास है कि मैं विषम से विषम परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं होंगी और मिलने डरता के साथ उत्तर दिया हूँ । मरीज कभी कभी इलाज में सहयोग नहीं देते । ऐसे मरीजों को कैसे संभालूंगी? मेडिसिन डिपार्टमेंट के है । डॉक्टर ने पूछा, मरीज के सहयोग न देने का पीछे कुछ कारण होता । ऐसा मैं कोशिश करूँगी कि वो अपनी तकलीफ मुझे बिना किसी झिझक के बता दें । फिर मैं ड्यूटी डॉक्टर से पूछकर उसकी तकलीफों को राहत देने का उपाय पूछ होंगे । आईटीओ में सबसे महत्वपूर्ण क्या है? ऍम पूछा कुछ समय पहले एक मरीज अस्पताल में आया था । एक्सीडेंट होने की वजह से उसकी हालत काफी सीरियस थी । जब तक ड्यूटी डॉक्टर आते तब तक मैंने मरीज को स्टेबल रखा । उसकी दिल की गति को लगातार मॉनिटर किया और उचित उपचार किए । इस वजह से मरीज बच गया । किन किन बीमारियों से मरीज को मेरा ग्रामीण नामक दवाई दी जाती है । कार्डियोलॉजिस्ट ने पूछा और मिला नर्वस हो गई । मैं जवाब सोचने लगी । दले में आई हल्की खरास को खासकर साफ करते हुए बोली वो इन चाइना हाइपरटेंशन में अक्सर दी जाती है । इसके अलावा वो अपना जवाब पूरा भी नहीं कर पाई थी कि मैं ट्राई कमरे के अंदर आ गई । सुबह सुबह विजय को मैं ट्राई का मैसेज आया, मुंबई मेडिकल कॉलेज में मिलो दाखिल नहीं आएगा । उसने तुरंत मैं आप को फोन किया पर मैंने फोन नहीं उठाया । जरूर कहीं बिजी होगा या फिर सबूतों की कडियां जोडने में व्यस्त होगा । तभी विजय कुछ जयशंकर का फोन आया है । लोग विमॅन विशेषण मैं जयशंकर हाँ भाई बोलो क्या? हाल चल तो कल आप मिले थे सारी शोरगुल में आपसे बात ही नहीं हो पाई । मैं जबरन हसते हुए हैं । हाँ ये बात तो है । बात तो हम भी आप से करना चाहते थे । फिर सोचा आप एन्जॉय कर रहे हो । डेढ भी आपके साथ हैं । कार डिस्टर्ब करूँ सर आप मुझे जो कुछ पूछना चाहते हैं पूछ सकते हैं । बस इतना बता दो लडके शो में आने का आपका कब से प्लान था वो वो पासेज मिले थे । दोस्तें किस दोस्त थे देखो सच बता दो । एक तरफ कह रहे हो जो पूछना चाहते हो कुछ लोग । दूसरी तरफ ये ना करना कि जो भी उल्टा पुल्टा जवाब देना चाहो देते कहकर विजय ऐसा सर वो पासेज प्रदीप डेक्स से मिले थे । मैंने उठा लिया गुड ये सच लग रहा है और अचार को कब से कुमार हूँ सर आप से मिलकर बताता हूँ जरूर मिलेंगे । फिलहाल हम कुछ काम से मेडिकल कॉलेज जा रहे हैं । वहाँ से लौटते वक्त वर्ट फॅार मेरा भी वहाँ रेगुलर चेकप के लिए गवर्नमेंट है । मैं आपसे नहीं मिलता हूँ । विजय चौका मैं ट्राई के शर्ट उसके मन में कौन रहेगा? कातिल नहीं आएगा, वो तो जरूर मुलाकात होगी । विजय ने फोन रखा और दौडते हुए अपनी बाइक के पास पहुंचा । अच्छा ये बताओ कि कौन सी ऐसी बीमारियाँ हैं, जिसमें जहर आप रामिल जानलेवा साबित होती है । सीएमओ के कमरे में दाखिल होते है । मैत्री ने उर्मिला से पूछा और मिला के भूसे बोल लाने के लिए मैं नहीं को वहां देखकर वह हैरान थी क्या तो मैं पता है तुम्हारा पति दिल का मरीज था । वहाँ बैठे हुए कार्डियोलॉजिस्ट ने मैं रहे की तरफ तिरछी निगाहों से देखते हुए उर्मिला से पूछा ये बखूबी जानती थी डॉक्टर देवराज मैं ट्राई ने कहा तो ये भी पता था कि इसके पति को फुल फॅर था । एक ऐसी बीमारी जिसमें मेरा प्रमिल देना जानलेवा होता है और मिला नीचे छोडकर अपने आंखों के कौन से दरवाजे की तरफ देखने लगी । उसने धीरे से अपना दाग उठाया । क्या यह सच नहीं मिला तुमने प्रदीप को उसकी और दवाइयों के साथ मेरा ग्रामीण भी दी । जब की तो मैं पता था कि इस से इस को हार्ट अटैक आ सकता है । नहीं ये सब झूठ है । उर्मिला ने कहा सफाई कर्मचारी ने आईसीयू से तो मैं दवाई चुराते हुए देखा था । कहते हुए मैच आई और मिला की तरफ बढने लगी । मैंने कुछ नहीं किया और मिला मैत्री की ओर देखते हुए धीरे से उठी फिर आ चाहना की । उसने दरवाजे की तरफ दौड लगाती आप भागने से कुछ नहीं होगा । एक दमदार आवाज पूरे कमरे में पहुंची थी दरवाजे पर मैं खडा था ऑफिसर मरकंडा आप विजय ने मुझे बताया कि आप आज बिजी हैं और आ नहीं पाएंगे मैं । ट्राई ने आश्रम जैसे पूछा हाँ खोनी को पकडने की तैयारी में भेजे था । मैंने जवाब दिया और फिर विजय के साथ अंदर आकर किनारे खडा हो गया । एक लेडी कॉन्स्टेबल अंडर आई और उसने उर्मिला के हाथों में हथकडी डाल दी । वेटर तुम्हारे साथ इसी अस्पताल में काम करता था ना? और मिला पांच में है । तुम्हारा खबरी बन गया था । उसके फोन में आई तुम्हारी सभी कॉल दर्ज हैं । जब उसे तुम्हारे इस सीक्रेट के बारे में पता चला तब तुमने उसे भी खत्म कर दिया । क्यों ठीक कह रहा हूँ ना मैं और मेरा को तो जैसे साफ सोंग गया था तो ये ऍम इस अब्रामा था और मिला बोली था तो पसंद आया । मैंने मुस्कुराते हुए कहा आप लोग मेरे ऊपर झूठे इल्जाम लगा रहे हैं । अभी हमें तुम्हारा ब्लड टेस्ट करना है, क्योंकि शर्दी या उस खून से मैच करेगा जो हमें वेटर की लाश के पास चैंबूर में मिला था । कहते हुए मैं ट्राई ने और मिला की उंगली की तरफ इशारा किया । उसे मारते वक्त स्टाॅल शायद तुम्हारी उंगली पर लग गया था । मैं अपनी उम्मीद छिपाने लगी । पुलिस और मिला को कमरे से बाहर ले गई । बेवजह ही अपने पति को मार बैठी । मैं बोला उसके पास अपनी वजह थी प्रदीप पर शक करने की । मैं ही ने कहा कार्डियोलॉजिस्ट है । मुझे प्रदीप की बीमारी के बारे में बता चला होगा । जब मैंने उर्मिला के पास दवाइयों का डिब्बा देखा तो मुझे यकीन था कि मैंने उसमें मेरा प्रमिल भी देखी थी । पर जा मैंने हॉस्पिटल आकर बैठक किया तो पाया कि वो उसमें से गायब थी । हमें वो उर्मिला के डस्टबिन में मेरी थी । मैंने कहा आप के कहने पर मैंने उसके घर जाकर जांच की थी । मेरा आप रामिल प्रदीप के लिए शहर सामान थी और ये उसे अच्छी तरह से पता था । प्रदीप की सीरम रिपोर्ट में मेरा आप रामिल पॉजिटिव है । उसे प्रदीप परिषद था कि उसका समाया के साथ चक्कर है । वह काफी समय से वह वेटर का इस्तेमाल करके प्रदीप की जासूसी करवा रही थी । प्रदीप अक्सर ऑफिस जाने के बारे में बोल कर होटल सुआन चला जाता है और वहाँ समाया के साथ उसकी अक्सर मुलाकातें होती थी । उस दिन भी उसने और मिला को प्रदीप के मुलाकात के बारे में बताया था । अचानक विजय बोला जारी उसे तो ये भी नहीं पता था की प्रदीप और मिला के साथ फिजी शिफ्ट होना चाहता था, अकेला नहीं । हमने जब प्रदीप की ब्रेसलेट वाली पेन ड्राइव को दोबारा देखा तो ये सब पता चल गया । कमाल है एक गलत फहमी क्या क्या करवा सकती हैं । गलत रहने की वजह से अक्सर कई जिंदगियां तबाह हो जाती हैं । मैं ट्राई ने किन्हीं खयालों में डूबते हुए कहा हूँ । उसने बेटे को क्यों मारा? उसे अंदाजा लग गया था कि उर्मिला ने ही प्रदीप की जान लिए हैं और वो इसके लिए उसे ब्लैकमेल कर रहा था । वो हालांकि किसी कल मेंबर ने प्रदीप को नहीं मारा था फिर भी समाया हमारी पकड में आ गई । काफी समय से हम उसे पकडने की कोशिश कर रहे थे । मैं फॉरेंसिक टीम का शुक्रगुजार हूँ । केस में फोरेंसिक की एक्सपर्टीज खूब काम आए हैं । हूँ ऍम अगर आप बाहर बार हॉस्पिटल आकर हम लोगों को परेशान नहीं करते तो शायद इतनी जल्दी ये केस नहीं हो पाता हूँ । मैं महीने एक हल्की सी शरारती मुस्कान देते हुए कहा चलो हूँ । विजय बोला हमारा काम अभी खत्म नहीं हुआ । पुलिस स्टेशन जाना होगा । मैं एक विजय के पीछे पीछे दरवाजे की तरफ बढ गया । दरवाजे का हैंडल पकडकर उसे खोलते हुए पाटा और मुस्कुराते हुए बोला आप के साथ काम कर के अच्छा लगा । डॉक्टर उसने मैं गई के जवाब का इंतजार नहीं किया और अस्पताल के गलियारे में उछाल हो गया ।

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A murder so high profile, that brings together the police department and the CID to work on it at the same time. Will they crack the case open?! writer: शुभानंद और रुनझुन Producer : KUKU FM Voiceover Artist : mohil Producer : kuku fm Script Writer : shubhanand and runjhun ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन in Hindi, is one of our best crime audiobooks available in Hindi in our catalogue. This audiobook is created by Aditya Bajpai. Aditya Bajpai is well known for their crime audiobooks. ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन ’s plot will keep you sitting on the edge. There is nothing more fascinating than an unsolved crime mystery. Gruesome crime scenes, cold-blooded perpetrators, and the heartbreaking reality of the victims and their families which keeps us involved in fighting for justice. Crime audiobooks unveil the scandalous mystery plots and offer a reality check of the society. The crime audiobooks are a great way to kill the time and reveal the criminal psychology behind an act. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence, we offer a variety of crime audiobooks in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. Now, the language will never be a barrier to your entertainment. These crime audiobooks are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late at night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience.ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन हमारी सूची में हिंदी में उपलब्ध सर्वोत्तम अपराध ऑडियोबुक में से एक है। यह ऑडियोबुक Aditya Bajpai द्वारा रचित है। Aditya Bajpai उनके अपराध ऑडियोबुक के लिए मशहूर है। ड्राप डेड | लेखक - शुभानंद और रुनझुन का प्लॉट आपको हैरत में डाल सकता है। एक अनसुलझी अपराध रहस्य से अधिक आकर्षक कुछ भी नहीं है। भीषण अपराध दृश्य, खून के प्यासे अपराधी, और पीड़ितों और उनके परिवारों की दिल दहला देने वाली सच्चाई जो हम श्रोताओं को इस कहानी की न्याय की लड़ाई में शामिल रखती है। अपराध ऑडियोबुक ने समाज की वास्तविकता की जांच करने की पेशकश की है। क्राइम ऑडीओबुक समय को व्यतीत करने और आपराधिक मनोविज्ञान को एक अधिनियम के पीछे प्रकट करने का एक शानदार तरीका है। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता भावनात्मक रूप से ऑडिओ से अधिक जुड़ते हैं जब यह उनकी भाषा में होता है। इसलिए, हम हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बंगला आदि विभिन्न भाषाओं में विभिन्न प्रकार के अपराध ऑडियोबुक प्रदान करते हैं। अब, भाषा आपके मनोरंजन में कभी बाधा नहीं बनेगी। ये अपराध ऑडियोबुक मुफ्त में उपलब्ध हैं और इन्हें हमारे ऐप पर डाउनलोड भी किया जा सकता है। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे यात्रा करते समय, जिम में वर्कआउट करते समय, और कुछ भी करते हुए, कहीं भी किसी भी समय सुबह या देर रात को सुन सकते हैं। तो, विज्ञापन-मुक्त अनुभव को स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और आनंद लें।