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ट्रेडिंग इन द जोन हिंदी ऑडियोबुक in hindi |  हिन्दी मे |  Audio book and podcasts

Audio Book | 42mins

ट्रेडिंग इन द जोन हिंदी ऑडियोबुक in hindi

AuthorMS Ram
Join for Update at https://www.hindiaudiobook.com/free इंसान के तौर पर हम सभी के पास अपना सोचने का एक यूनिक तरीका होता है। हम हर समय फैक्ट के प्रति सचेत नहीं हो सकते हैं कि यह स्वाभाविक है कि अन्य लोग हमारी धारणाओं और घटनाओं की व्याख्याओं को जैसा हम सोचते है वैसा ही एक दुसरे से शेयर करते हैं। वास्तव में, यह धारणा तब तक तो हमें सही लग सकती है जब तक हम अपने आप को किसी बेसिक या फंडामेंटल डिसअग्ग्रिमेंट कि स्थिति में नहीं पाते हैं, जिसके बारे में हम दोनों अनुभव करते हैं। हमारी शारीरिक विशेषताओं के अलावा, हम जिस तरह से सोचते हैं, वह हमें अद्वितीय बनाता है, शायद हमारी भौतिक सुविधाओं की तुलना में भी अधिक अद्वितीय है। ट्रेडिंग इन द जोन हिंदी ऑडियोबुक in Hindi, is one of our best business audiobooks available in Hindi from our catalog. This Audiobook is created by MS Ram. MS Ram is well known for his business audiobooks. In today's time, everyone is running behind money. Man looks for many ways to earn money. He thinks of different types of business, finding ways to get them started. Our collection of business audiobooks describes several ways to start a business. Here are some interesting stories about the life of a successful businessman which will help you to start a new business. All of these audiobooks create inside you a sense of business and tell you what to take into account. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence we offer a variety of business audiobooks in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. These business audiobooks are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and literally doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience. ट्रेडिंग इन द जोन हिंदी ऑडियोबुक हिंदी में, हमारी कैटलॉग से हिंदी में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ व्यवसाय ऑडियोबुक में से एक है। यह ऑडियोबुक MS Ram द्वारा बनाया गया है। MS Ram उनकी व्यवसाय ऑडियोबुक के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है। आज के समय में हर कोई पैसे के पीछे भाग रहा है। पैसा कमाने के लिए आदमी कई तरीके खोजता है। वह विभिन्न प्रकार के व्यवसाय के बारे में सोचता है, उन्हें शुरू करने के तरीके ढूँढता है। व्यापार ऑॅडियोबुक का हमारा संग्रह व्यवसाय शुरू करने के कई तरीकों का वर्णन करता है। यहां एक सफल व्यवसायी के जीवन के बारे में कुछ दिलचस्प कहानियां हैं जो आपको एक नया व्यवसाय शुरू करने में मदद करेंगी। ये ऑडियोबुक आपके अंदर व्यवसाय की भावना पैदा करती हैं और आपको बताती हैं कि व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको क्या ध्यान रखना चाहिए। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता ऑडिओ से भावनात्मक रूप से तब अधिक जुड़ते हैं, जब ऑडियो उनकी भाषा में होता है। इसलिए हम विभिन्न भाषाओं जैसे हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बंगला आदि में विभिन्न प्रकार के व्यवसाय ऑडियोबुक की पेशकश करते हैं। ये व्यवसाय ऑडियोबुक मुफ्त में उपलब्ध हैं और इन्हें हमारे ऐप पर, डाउनलोड और सेव भी किया जा सकता है। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे कहीं भी सुन सकते हैं चाहे वो यात्रा करते हुए हो, या जिम में वर्कआउट करते हुए। जल्दी ही सुबह में या देर रात तक, शाब्दिक रूप से, कहीं भी और किसी भी समय आप इसे सुनना शुरू कर सकते हैं। तो, स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और विज्ञापन-मुक्त अनुभव का आनंद लें।
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ट्रेडिंग जिंदा जो विश्वास, अनुशासन और जीत के नजरिए के साथ मार्केट मास्टर करें । लेखक मार्क डोगल हिंदी रोड ऍम अध्याय सफलता की राह फंडामेंटल् तकनीकी और मानसिक विश्लेषण फंडामेंटल् विश्लेषण से शुरुआत आप को तो याद ही नहीं होगा कि एक समय ऐसा था जब फॅस को ही ट्रेडिंग डिसीजन का रियल या प्रोपर तरीका माना जाता था । साल में जब ट्रेडिंग इनका जो उनके लेकर मार्क ने खुद ट्रेडिंग की शुरुआत की तब टेक्निकल एनालिसिस का उपयोग केवल मुट्ठीभर लोग ही किया करते थे और जो ट्रेडर इस तकनीक का उपयोग करते थे, उन्हें तब लगभग पागल ही समझा जाता था । और यह कोई ज्यादा पुरानी बात नहीं है कि जब वह स्टेट ज्यादातर बडे फाॅल्ट सोचते थे कि टेक्निकल ऍम किसी तरह के एक धोखे का ही रूप हैं । लेकिन आज सब इससे उल्टा है । आज के टाइम में लगभग सभी अनुभवी ट्रॅफी इसको किसी ने किसी फॉर्म में अपने ट्रेडिंग स्ट्रेटजी तैयार करने में हेल्प लेते हैं । आज के समय में कुछ छोटे आॅर्ट जैसे अकैडमिक कम्युनिटी आदि को छोड दिया जाए तो फॅमिली विलुप्त हो चुका है । इस ड्रामेटिक शिफ्ट के कारण परस्पेक्टिव में क्या बदलाव आया है? लेखक का मानना है कि उन्हें यकीन है कि इस सवाल का उत्तर किसी को आश्चर्य में डालने वाला नहीं है बल्कि यह तो बेहद आसान है । मनी यानी पैसे बनाने के मामले में । इसके साथ समस्या यह है कि अगर हम फॅस को ताकत से लागू करते हैं, तब इस अप्रोज यानी दृष्टिकोण से लगातार पैसे बनाने में हमें एक अंतहीन प्रॉब्लम का सामना करना पडता है । वे आगे कहते हैं कि आप में से जो फंडामेंटल एनालिसिस से परिचित नहीं है, उन्हें मैं समझाने का प्रयास करता हूँ कि आखिर ये है होता क्या है । फंडामेंटल् एनालिसिस उन सभी वेरियेबल पर ध्यान देने का प्रयास करता है जो रिलेटिव बैलेंस को प्रभावित कर सकते हैं या किसी विशेष तो कमोडिटी या फाइनेंसियल इंस्टूमेंट की सप्लाई ओर पॉसिबल डिमांड के बीच असंतुलन पैदा कर सकते हैं । यह खास तौर से प्रेम ऍम ॉडल का उपयोग करता है, जिससे विभिन्न प्रकार के वाॅटर को मापा जाता है, जैसे इंटरस्ट, ऍम, वेदर, पैटर्न आदि । लेकिन ॅ किसी भी प्रोजेक्ट के प्राइस को जानने की क्षमता रखता है कि भविष्य में किस प्वाइंट पर और कहाँ कीमत फिक्स होगी । लेकिन इन मुगलों के साथ समस्या यह है कि वेट ऍफ शायद ही कभी जब फैक्टर्स को अन्य टेडर्स एक वैरिएबल के रूप में मान लेते हैं । तब लोग फ्यूचर के बारे में अपनी मान्यता हूँ यानी बिलीव और क्षमता हूँ यानी ऍम को व्यक्त करते हुए मोडल की बजाय कीमतें बढाने लगते हैं । ये है फैक्ट है की एक मॉर्डल एक लॉजिकल और रिजनेबल प्रोजेक्शन जो उन सभी रिलेवेंट वेरियेबल पर आधारित होता है जो तब ज्यादा मायने नहीं रखते हैं, जब ट्रेडर्स अधिकांश ऍम वोल्यूम के लिए जिम्मेदार होते हैं, लेकिन इनके मॉर्डल के बारे में नहीं जानते हैं या इन पर विश्वास नहीं करते हैं । अगर हम तथ्य की बात करें तो कई टेडा, विशेष रूप से वायदा एक्सचेंजों में नाटकीय रूप से स्टोक कीमतों में बदलाव करने की क्षमता रखते हैं । इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह फंडामेंटल सप्लाई और डिमांड फैक्टर की अवधारणा पर आधारित नहीं होती है, जो प्राइस को प्रभावित करने वाली होती है । इसके अलावा अन्य समय उनके अधिकांश ट्रेनिंग एक्टिविटी इमोशनल फैक्टर्स की प्रतिक्रिया से प्रेरित होती है, जो फंडामेंटल मॉर्डल के पैरामीटर से पूरी तरह बाहर होती है । अगर इसे दूसरे शब्दों में कहा जाए तो दो लोग ट्रेड करते हैं । वेस्ट जो प्राइस में बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं, वे हमेशा तर्कसंगत तरीके से काम नहीं करते हैं, आम तथा है । फंडामेंटल ऍम प्राइस के बारे में यह जान सकते हैं । मैं इस बारे में कुछ भविष्यवाणी भी कर सकते हैं कि फ्यूचर में प्राइस इक्कीस पॉइंट पर जाकर टिकेगा । लेकिन इस भी प्राइस मूवमेंट इतना वोलेटाइल यानी स्थिर हो सकता है जिससे ट्रेडिंग में बने रहना असंभव नहीं तो मुश्किल अवश्य हो सकता है । फॅस की ओर बढना टेक्निकल एनालिसिस लगभग तब तक रहा है जब तक और नाइट मार्केट्स नहीं एक्सचेंजों का रूप नहीं ले लिया था । लेकिन ट्रेडिंग कम्युनिटी ने उन्नीस सौ सत्तर के दशक के अंत तक या उन्नीस सौ अस्सी के दशक पर पैसे बनाने के लिए इसे एक वाइबर टोल के रूप में टेक्निकल एनालिसिस को एक्सेप्ट नहीं किया । यहाँ टेक्निकल एनालिटिक्स को पता था कि इस ने मेन स्टे मार्केट कमेटी जनरेशन को पकड लिया है । ट्रेडर्स के एक सीमित संख्या मार्केट में कभी भी किसी भी दिन सत्ता या महीने में जोर शोर से भाग लेती है । इन ट्रेडर्स ने कई पैसे बनाने की कोशिश में चीजों को एक ही पैटर्न बार बार करते जाते हैं । दूसरे शब्दों में कहा जाए तो ये लोग इंडिविजुअल बिहेवियर पैटर्न डेवलप करते हैं और एक ग्रुप ऑफ इंडिविजुअल एक दूसरे के साथ लगातार बातचीत करते हुए कलेक्टर बिहेवियर पैटर्न बनाते हैं । ये भी है बियर पैटर्न देखने योग्य है और मात्रात्मक होते हैं और वे स्टेटिकल राॅयल्टी के साथ खुद को दोहराते हैं । ऍम ऐसा मैथर है, जो इस कॅरियर को पहचानने योग्य पैटर्न ओ में व्यवस्थित करती है, जो तब एक संकेत दे सकती है कि कब एक चीज से दूसरी चीज होने की अधिक संभावना है । एक प्रकार से टेक्निकल एनालिसिस समय क्या है? अनुमान लगाने के लिए मार्केट के माइंड में जाने की अनुमति देता है कि आने वाले कुछ टाइम में बनने वाले पैटर्न के आधार पर आगे क्या होने की संभावना है । फ्यूचर प्राइस मूवमेंट को पेश करने के लिए एक मैथड के रूप में टेक्निकल एनालिसिस एक विशुद्ध रूप से फंडामेंटल प्रोत् से बहुत सुपीरियर है । यह ट्रेडर्स को इस बात पर ध्यान केंद्रित करने देता है कि मार्केट अब क्या कर रहा है । पास में उसने क्या किया है? इसके बजाय के मार्केट को केवल एक मैथमेटिकल मॉर्डल द्वारा निर्धारित लॉजिकल और रिजनेबल के आधार पर क्या करना चाहिए? दूसरी ओर फंडामेंटल एनालिसेस अहा में मुझे क्या होना चाहिए और मैं क्या हूँ? बीच की वास्तविकता का अंतर बताता है, जिसे हम रियलिटी गैप कहते हैं रियलिटी गए कुछ भी हो लेकिन बहुत लम्बी चौडी भविष्यवाणियां करना बेहद मुश्किल बना देता है जिसका फायदा उठाना मुश्किल हो सकता है, भले ही वे सही हो । इसके विपरीत ऍम नए केवल इस रियलिटी गैप को बंद कर देता है बल्कि ट्रेडर्स को लाभ देने के लिए लगभग ऐसी में संख्या में संभावनाओं को खुलता है । टेक्निकल एप्रोच कई ओर संभावनाओं को खोलती है क्योंकि यह पहचानती है कि हर टाइम फ्रेम में एक ही दोहराई जाने वाले बिहेवियर पैटर्न्स कैसे वो कब बनते हैं हर पल हर दिन रोजाना वीकली एयर ले और बीच में कभी भी हर बार के पेटल्स दूसरे शब्दों में टेक्निकल एनालिसिस मार्केट को अपने आप को समृद्ध करने के अवसरों की अंतहीन धारा में बदल देता है । फॅस की ओर अगर ऍम इतनी अच्छी तरह से काम करता तो ज्यादा से ज्यादा ट्रेडिंग कम्युनिटी अपना ध्यान मार्केट के टेक्निकल एनालिसिस से आपने ॅ क्यों लगाते हैं, जिसका मतलब है कि उनका अपना इंडिविजुअल ट्रेडिंग साइक्लोजिकल सिस्टम । इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए आपको शायद अपने आपसे क्या है? पूछने की जरूरत नहीं है कि आप ये है और योग क्यों सुन रहे हैं? इसका सबसे संभावित कारण यही है कि आप इस बात से संतुष्ट हैं कि आप पैसे बनाने के अनलिमिटेड पोटेंशियल के रूप में क्या अनुभव करते हैं । ऍम के साथ यही समस्या है । एक बार जब हम पैटर्न की पहचान करना और मार्केट को पढना सीख जाते हैं तो हम पैसे बनाने के असीम अवसर पा लेते हैं । लेकिन लेखक को पूरा यकीन है कि हम जो मार्केट के बारे में पहले से जानते हैं और उसे काॅल यानी लगातार बढते इक्विटी वक्र में बदलने की हमारी क्षमता में भारी अंतर है । आप उस समय को याद कीजिए जब आपने कभी प्राइस चार देखा होगा और अपने आप से कहा होगा । इसे देखकर ऐसा लगता है कि मार्केट ऊपर जा रही है या नीचे आ रहा है और तब आप ने जो होता था की क्या होने वाला है, वास्तव में वैसा ही हुआ । आपने मार्केट की चाल को देखने के अलावा कुछ भी नहीं किया क्योंकि आप अपने द्वारा लगाए गए सभी पैसों को लेकर कुछ अधिक ही परेशान थे । भविष्यवाणी करने में तब एक बडा अंतर स्पष्ट दिखाई देता है । जब मार्केट में कुछ बडा बदलाव होना होता है, तब या तो ट्रेडिंग में आने का समय होता है या फिर उससे बाहर निकलने में समझदारी होती है । लेखक इस गैप को साइक्लोजिकल गैप कहते हैं, जो कि हमारे द्वारा किए जाने वाले सबसे कठिन प्रयासों में से एक निश्चित रूप से मास्टर करने योग्य रहस्या मैं कामों में से एक होता है । अब सवाल यह है कि क्या ट्रेंडिंग में महारत हासिल की जा सकती है? लेकिन जब आप केवल मार्केट देख रहे होते हैं, मैं सफलता के बारे में सोच रहे होते हैं, तब उसी सहजता और सरलता के साथ क्या ट्रेडिंग को फिल करना संभव है, जैसा हमें वास्तव में ट्रेडिंग शुरू करते हैं और बंद करते समय होता है? यह नहीं, केवल एक पक्की हाँ जैसा है । वास्तव में इस पुस्तक को यह अंतरदृष्टि और समझ देने के लिए डिजाइन किया गया है जो आपको अपने बारे में और ट्रेडिंग की प्रकृति के बारे में होनी चाहिए । जिसका परिणाम यह होता है कि तब ट्रेडिंग करना उतना ही आसान, सरल और तनाव मुक्त हो जाता है जब आप सिर्फ मार्केट देख रहे होते हैं और इसे शुरू करने के बारे में सोच रहे होते हैं । दिखने में यह एक लंबा क्रम लग सकता है । वह आपने से कुछ को ये है, असंभव भी लग सकता है । लेकिन ऐसा नहीं है । ऐसे लोग हैं, जिन्होंने ट्रेडिंग की कला में महारत हासिल की है, जिन्होंने उपलब्ध संभावनाओं और बॉटम लाइन परफॉर्मेंस के बीच के गैप को खत्म किया है । लेकिन जैसा कि आप सोच रहे हैं, ये विजेता उन ट्रेडर्स की तुलना में कम होते हैं, जो निराशा का अनुभव करते हैं, जो अति उत्साह के सभी तरीके आजमाने के बाद लगातार यह सोचकर परेशान होते रहते हैं कि उन्हें आखिर इतनी सफलता क्यों नहीं मिली? वास्तव में कंसिस्टेंट, वीना और बाकी सभी दोनों तरह के टे्रस ग्रुप के बीच का अंतर और पृथ्वी के अंतर जैसा ही दिखाई देता है । हालांकि पृथ्वी और चांद दोनों खगोलीय पिंड है, जो एक ही सोर मंडल में मौजूद हैं, इसलिए उन में कुछ समानताएं भी है । लेकिन वे रात और दिन की तरह प्रकृति और विशेषताओं में एक दूसरे से भिन्न है । उसी तरह जो कोई भी ट्रेन करता है, वहाँ एक ट्रेडर होने का दावा कर सकता है । लेकिन जब वह ज्यादातर अन्य टेडर्स की विशेषताओं के साथ कंसिस्टेंट वीडर की विशेषताओं की तुलना करते हैं, तो आप पाएंगे कि वे रात में भी अलग हैं और दिन में भी अलग है । यदि चांद पर जाना एक ट्रेडर के रूप में लगातार सफलता का प्रतीक है तो हम कह सकते हैं किसान पर पहुंचना संभव है लेकिन यात्रा बेहद कठिन है और कुछ ही लोगों द्वारा यह तय की जाएगी । पृथ्वी पर हमारे प्रोस्पेक्टिव से चंद आम तौर पर हर रात दिखाई देता है और ये है हमें इतना नजदीक लगता है कि हमें बस तक पहुंचना है और इसे छू लेना है । ट्रेडिंग में सफलता पाना भी हमें इसी तरह महसूस होता है । इसी तरह किसी भी दिन, सप्ताह या महीने में मार्केट किसी को भी उसी मात्रा में धन देती है जो ट्रेंडिंग में जितनी ज्यादा इन्वेस्टमेंट की क्षमता रखता है । हालांकि मार्केट कंस्टेंट मोशन में यानी लगातार गतिमान रहती है इसलिए पैसा भी लगातार बहता रहता है जिससे सफलता की संभावनाएं बहुत बढ जाती है और ये है आपके समझ में आने लगती है । लेखक कहते हैं कि वे ट्रेडर्स के दो ग्रुप के बीच एक महत्वपूर्ण फर्क बताने के लिए सिम इंग्लि यानी प्रतीत होता है शब्द का उपयोग करते हैं । उनमें से उन लोगों के लिए जिन्होंने सीखा है कि कैसे कंसिस्टेंट होना चाहिए या जो लेखक ने सीखा है कि टाॅफी के माध्यम से धन केवल उनकी समझ में नहीं बल्कि वे तो बस इसे अपने वर्चुअल फिल्में भी ले सकते हैं । लेखक को यकीन है कि कुछ के लिए यह कथन चौंकाने वाला या मुश्किल से विश्वास करने लायक होगा । लेकिन यही सच है । कुछ सीमाएं हैं, लेकिन अधिकांश बाहर में इन ट्रेडर्स के खातों में पैसा इतनी आसानी और सहजता के साथ रहता है कि यह सचमुच अधिकांश लोगों के दिमाग को चकमा दे देता है । हालांकि उन ट्रेडर्स के लिए जो इस इलेक्टर ग्रुप में विकसित नहीं हुए हैं, उनके लिए भी प्रतीत होता है । शांत का अर्थ वास्तव में यही है । ऐसा लगता है जैसे कि उनकी इच्छा के अनुसार कन्सिस्टेन्सी और अल्टीमेट सक्सेस उनकी मुख्य में आने के जस्ट पहले उनकी आंख हूँ और समय से दूर हो जाते हैं या हवा में उड जाते हैं । ट्रेडिंग के मामले में एकमात्र कंसिस्टेंट चीज जो इस ग्रुप के लिए फिट बैठती है वह है इमोशनल दर्द । हाँ, उनके पास निश्चित रूप से इससे उबरने के होते हैं, लेकिन इनके लिए यह कहना मुश्किल भी आॅडीशन यानी अतिश्योक्ति नहीं होगी कि वे ज्यादातर टाइम फॅस, निराशा दी, सफाई में एंजाइटी, विश्वास कहाँ और रिग्रेट यानी अफसोस की स्थिति में होते हैं । तो इन दो प्रकार के टेनिस ग्रुप को वे कौन से कारण है जो अलग करते हैं । क्या यह है इंटेलिजेंस यानी बुद्धिमता है? क्या? ये ऍम इनर है जो बाकी सभी की तुलना में सीधे साधे हैं? क्या ये ज्यादा हार्ड वर्किंग करते हैं? क्या वे बेहतर एनालिस्ट हैं या उनके पास बॅान्डिंग सिस्टम है? क्या उनके पास ऐसी अंतहीन व्यक्तिगत विशेषताएं हैं जो उनके लिए ट्रेडिंग के इंटेंस प्रेशर से निपटना आसान बनाती है? ये सभी संभावनाएं काफी प्रशंसनीय लगती है । केवल उन्हें छोडकर जिन्हें आप मानते हैं की ट्रेडिंग इंडस्ट्री के ज्यादातर फेल इयर्स में सोसाइटी के सबसे प्रतिभाशाली और सबसे संपन्न लोगों में से ही कुछ होते हैं । लगातार हारने वालों का सबसे बडा ग्रुप मुख्य रूप से डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, वैज्ञानिक, सीईओ, रिटायर्ड और एंटरप्रेनर आदि का होता है । इसके अलावा इंडस्ट्री के मोस्ट बेस्ट मार्केट एनालिस्ट में भी कुछ सबसे खराब ट्रेडर होते हैं । इंटेलिजेंस और अच्छे मार्केट एनालिसिस वास्तव में सफलता की राह में निश्चित रूप से कंट्रीब्यूट कर सकते हैं । लेकिन वे डिफाइनिंग फैक्टर नहीं है जो कंसिस्टेंट विनर्स को दूसरों से अलग करते हैं है । अगर इसके लिए इंटेलिजेंस और अच्छे मार्केट एनालिसिस जिम्मेदार नहीं है तो फिर और क्या हो सकता है । यहाँ लेखक अपने अनुभव को एक्सप्लेन करते हुए कहते हैं की ट्रेडिंग में कुछ सबसे अच्छे और कुछ सबसे खराब टेंडर के साथ काम करने और कुछ सबसे बुरे लोगों की मदद करने के बाद हुए बिना किसी संदेह यह बता सकते हैं कि वास्तव में कुछ ऐसे स्पेसिफिक रीजन होते हैं, जिनसे दूसरों की बजाय एक टेडा फॅमिली बढिया परफॉर्म कर सकता है । लेखक ने आगे लिखा है कि अगर उन्हें वे सभी कारण बताने हो तो वे बस यही कहेंगे कि सबसे अच्छे ट्रेडर बाकी लोगों से अलग सोचते हैं । वे आगे लिखते हैं कि उन्हें पता है कि यह है बहुत गहरी बात नहीं है, लेकिन अगर इसे गहराई से सोचा जाए तो इसका प्रभाव बहुत गहरा पडेगा कि वास्तव में इसके क्या मायने है । इंसान के तौर पर हम सभी के पास अपना सोचने का एक यूनिक तरीका होता है । हम हर समय फैक्ट के प्रति सचेत नहीं हो सकते हैं कि यह वास्तविक है कि अन्य लोग, हमारी धारणाओं और घटनाओं की व्याख्याओं जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही एक दूसरे से शेयर करते हैं । वास्तव में यह धारणा तब तो हमें सही लगती है, जब तक हम अपने आपको किसी वैसे या फंडामेंटलिस्ट एग्रीमेंट की स्थिति में नहीं लाते हैं, जिसके बारे में हम दोनों अनुभव करते हैं । हमारे शारीरिक विशेषताओं के अलावा हम जिस तरह से सोचते हैं, वहाँ हमें अद्वितीय बनाता है । यह है हमारी बहुत सुविधाओं की तुलना से भी अधिक अद्वितीय है । चलिए टेडर्स की बात करते हैं । ट्रेडर्स को लगता है कि जो लोग अभी भी स्ट्रगल कर रहे हैं, वे अब भी आपने आपके विपरीत ही सोच रहे हैं । जबकि कभी भी मार्केट को अंतहीन अवसरों के क्षेत्र के रूप में वर्णित किया जा सकता है । और इसी के साथ आप फॅमिली जिस प्रतिकूल मनोवैज्ञानिक दबाव का अनुभव करते हैं, ऐसी स्थितियों से निपटते हुए अपने आप को उजागर कर सकते हैं । हालांकि कुछ प्वाइंट्स पर हर टेडा मार्केट के बारे में कुछ ऐसे इशारे सीखता है, जो अवसरों के मौजूद होने की ओर इंडीकेट करते हैं । लेकिन खरीदने या बेचने के अवसर की पहचान करना सीखने का ये है । मतलब नहीं है कि आपने एक ट्रेडर की तरह सोचना सीख लिया है । काॅर्नर कि वे विशेषता है जो उन्हें दूसरों से अलग करती है । हम अगर उन के बारे में बात करें तो वे ये हैं विनर्स ने ऐसे माइंड सेट का एक सेट क्रिएट कर लिया है जो उन्हें अनुशासित, केंद्रीय और इन सबसे बढकर प्रतिकूल परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ काम करने वह आगे बढने का गुण विकसित किया है, जिसका परिणाम यह है कि वे अब आम संकाओं और ट्रेडिंग एरर के प्रति अति संवेदनशील नहीं होते हैं, जो सामान्य जन को किसी महामारी की तरह जगह लेते हैं । जो लोग ट्रेड करते हैं, वे मार्केट के बारे में हर दिन कुछ न कुछ सीखते हैं, लेकिन बहुत कम लोग हैं जो ट्रेड करते हुए दृष्टिकोण सीखते हैं । यही वह गुण है जो एक कंसिस्टेंट विनर बनने के लिए सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट होता है । जिस तरह लोग एक गोल क्लब या टेनिस रैकेट को स्विंग करने की तो ऊपर तकनीकों सही तरीके से सीखते हैं । जैसे इन्हें कितनी स्पीड से कब घुमाना है या स्पीड में कब कमी लानी है । इसी तरह बिना किसी संदेह के वो सभी को ट्रेडर के दृष्टिकोण में आएंगे जो इसे ट्रॅफी से दूर ले जाएंगे । लेकिन आम तौर पर यह दृष्टिकोण पाने से पहले भावनात्मक और वित्तीय दोनों तरह के दर्द का अनुभव करना पडता है, जो उन्हें मार्केट के वातावरण में प्रभावी ढंग से कार्य करने की अनुमति देता है । इन सब में कुछ रेयर एक्स ऑप्शन है जिनमें आम तौर पर वेटेड शामिल हैं, जो सक्सेसफुल ट्रेडिंग फैमिलीज में पैदा हुए या जिन्होंने किसी के गाइडेंस में आपने ट्रेडिंग करियर की शुरूआत की जो ट्रेंडिंग रियल नेचर को समझाते थे और सबसे महत्वपूर्ण कि वे इसे सिखाना भी जानते थे । ट्रेडिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक प्रश्न यह है कि ट्रेडर्स में इमोशनल पेन और फाइनेंसियल डिजास्टर कॉमन क्यों है? हमारे लिए इसका सबसे सरल उत्तर यह है कि हम उतने ज्यादा भाग्यशाली नहीं थे जितना हुए जिन्हें आपने ट्रेडिंग करियर की शुरूआत करने के लिए प्रोपर गाइडेंस मिला । लेखक आगे बताते हैं कि उन्होंने अपने जीवन के पिछले सत्रह साल ट्रेडिंग के पीछे के साइक्लोजिकल चाइना में क्या नहीं मनोवैज्ञानिक गतिशीलता को समझने में बिताए हैं ताकि लेखक ट्रेडिंग में सफलता के सिद्धांतों को सिखाने के लिए इफेक्टिव बेहतर डेवलप कर सकें । उन्होंने जो रिसर्च की है वह यह हैं की ट्रेडिंग इन फॅस यानी विरोधाभाषों से भरा हुआ है जो यह हैं की इसमें कैसे सक्सेसफुल हुआ जाए, यह सीखना बहुत मुश्किल है । वास्तव में अगर लेखक को इसके लिए एक शब्द का चुनाव करना पडे जो ट्रेनिंग की प्रकृति को समझाता हूँ तो इसके लिए सबसे उपयुक्त शाहब फॅस यानी विरोधाभाष ही होगा । इसमें लेकर के विरोध वहाँ शब्द का मतलब कुछ ऐसा है जो विरोधावासी गुणों से युक्त हैं या जो आम धारणा के विपरीत है या जो आमतौर पर लोगों को समझ नहीं आता है । ट्रेडर्स के बीच फाइनेंसियल और ऍम बात है क्योंकि कई पॅन और प्रिंसिपल्स जो हमारे दैनिक जीवन में बनते हैं, हालांकि वे वहाँ तो काफी अच्छी तरह से काम करते हैं लेकिन ट्रेडिंग वातावरण में इनका अपोजिट इफेक्ट पडता है । अधिकांश फॅस अपने करियर की शुरुआत एक बुनियादी कमी के साथ करते हैं जो यह है कि वे यह समझने की जहमत ही नहीं उठाते हैं कि एक ट्रेडर होने का क्या मतलब है । ट्रेडर्स के लिए कौन से स्किल्स आवश्यक हैं, वहाँ उसके उसको गहराई से कैसे विकसित किया जाए । यहाँ पर राइटर एक उदाहरण देकर इस बात को स्पष्ट करना चाहते हैं कि वो वास्तव में किस बारे में बात कर रहे हैं । ट्रेडिंग स्वाभाविक रूप से रिस्की होती है । लेखक के ज्ञान के अनुसार किसी भी ट्रेडर का कोई गारंटी रिजल्ट नहीं होता है । इसलिए गलत होने और पैसा होने की संभावना हमेशा मौजूद होती है । तो जब आप ट्रेड शुरू करें तो क्या आप अपने आपको रिस्क लेने वाला मान सकते हैं? हालांकि यह एक ट्रिक क्वेश्चन जैसा लग सकता है, लेकिन है नहीं । इस प्रश्न का लॉजिकल उत्तर यह है कि सामान्य रूप से हाँ है । जैसे अगर कोई ऐसी एक्टिविटी में शामिल होता है, जो स्वाभाविक रूप से रिस्की हो, तो उसे एक रिस्क टेकर यानी जोखिम उठाने वाला होना चाहिए । किसी भी ट्रेडर के लिए यह पूरी तरह से उचित धारणा होती है । वास्तव में नए केवल लगभग सभी ट्रेडर इस अवधारणा को मानते हैं, बल्कि उनको रिस्क टेकर के रूप में दिखाकर अधिकांश ट्रेडर्स इसपर गारो करते हैं । लेकिन इसके साथ समस्या यह है कि यह धारणा सच्चाई से आगे नहीं बढ सकती है । बेशक कोई भी टेंडर जब कोई ट्रेडिंग शुरू करता है तो वह रिस्क उठा रहा है । लेकिन इसका मतलब यह है बिल्कुल नहीं है कि उसने उस ड्रेस को एक्सेप्ट कर लिया है । दूसरे शब्दों में, सभी ट्रेडों के लिए यह है बात सबसे ज्यादा दृष्टि होती है की संभावित परिणाम की कोई गारंटी नहीं है । लेकिन क्या ज्यादातर ट्रेडर्स को वास्तव में विश्वास है कि वे एक ट्रेंड स्टार्ट करने के साथ साथ रेस्ट भी उठा रहे हैं? क्या उन्होंने वास्तव में यह स्वीकार कर लिया है कि ट्रेडिंग में बिना गारंटी वाले संभावित परिणाम मिलेंगे? इसके अलावा क्या उन्होंने इन सभी संभावित परिणामों को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है तो इसका स्पष्ट जवाब है नहीं । ज्यादातर ट्रेडर्स को इस बात की कोई कल्पना ही नहीं है कि एक सफल ट्रेडर जिस तरह से रिस्क के बारे में सोचता है उसमें वो कौन सी बात है जो उसे रिस्क लेने वाला बनाती है, ब्लॅक उठाते हैं बल्कि उन्होंने उस ड्रेस को सीख समझकर गले लगाना भी सीख लिया है । यह मानने के बीच एक बडा साइक्लोजिकल गैप होता है कि आप एक रिस्क लेकर हैं क्योंकि आप ट्रैकिंग शुरू करते हैं और प्रत्येक ट्रेड में निहित रिस्क को पूरी तरह से स्वीकार करते हैं । जवाब पूरी तरह से रेस्ट को स्वीकार करते हैं तो इसका आपके बोटम लाइन परफॉर्मेंस पर गहरा प्रभाव पडता है । अच्छे ट्रेनर्स बिना किसी हिचकिचाहट या संघर्ष के ट्रेडिंग शुरू करते हैं और अगर यह काम नहीं करता हूँ तो यह ऍम करते हैं की यह काम नहीं कर रहा है । वे इस ट्रेड से जल्दी ही बाहर निकल जाते हैं । यहाँ तक की अगर उन्हें नुकसान हो रहा हूँ तो ऐसा करने में उन्हें थोडा सा भी इमोशनल डिस कम्फर्ट फील नहीं होता है । अगर इसे दूसरी तरह कहा जाए तो ट्रेडिंग के बारे में जुडा हुआ है । इस बेस्ट एड्रेस को उनके अनुशासन, ध्यान या विश्वास की भावना होने का कारण नहीं बनते । यदि आप थोडी सी भी साइक्लोजिकल डिस कम्फर्ट के बिना ट्रेडिंग करने में असमर्थ है तो अभी तक आपने ये है नहीं सीखा है की ट्रेडिंग से जुडे हुए रे इसको कैसे स्वीकार किया जाए । ये है एक बडी समस्या है क्योंकि जिस शरीर को आपने अभी तक स्वीकार नहीं किया है वह वही रिस्क हैं जिससे आप डर रहे हैं । किसी ऐसी चीज से बचने की कोशिश करना जो अनुपयोगी हो जिससे सफलतापूर्वक ट्रेडिंग करने की आपकी क्षमता पर विनाशकारी प्रभाव पड रहा हूँ और इसको वास्तव में स्वीकार करना सीखना मुश्किल हो सकता है । लेकिन रेडर के लिए ये है बेहद मुश्किल तब होता है जब खासकर इसके साथ कुछ दांव पर लगा हो । हम आम तौर पर मरने या तेज पर बोलने के अलावा सबसे ज्यादा किस से करते हैं । निश्चित रूप से पैसा होना या गलत होना दोनों ही इस लिस्ट के टॉप के नजदीक हैं । यह मानते हुए पैसे हो ना कि हम गलत हैं, बेहद दर्दनाक हो सकता है । ट्रेडर के रूप में हम इन दो संभावनाओं का सामना कर रहे हैं क्योंकि हर पल हम ट्रेडिंग कर रहे होते हैं । अब आप खुद सोच रहे होंगे कि यह वास्तव में बहुत दर्दनाक होता है । हाँ, यह स्वभाविक होता है कि कोई भी अपने आप को गलत साबित नहीं करना चाहता हूँ और नए ही कुछ होना चाहता है । इसलिए हमारे लिए यह है उचित है कि हम इस से बचने के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, हमें करना चाहिए । लेखक भी आपसे इस बात में सहमत है कि यह वास्तविक प्रकृति है, जो ट्रेडिंग को बेहद मुश्किल बनाती है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसे आसान होना चाहिए । ट्रेडिंग हमें एक फंडामेंटल फॅस यानी मौलिक विरोधाभास के साथ दिखाई देती है । हम काॅमेडी में अनुशासित, केंद्रीय और आत्मविश्वास से भरे हुए कैसे रहे? अगर आपने एक टेंडर की तरह सोचने का तरीका सीख लिया है तो आप यहाँ कर पाएंगे अपने ट्रेडिंग एक्टिविटीज को फिर से इस तरह डिफाइन या नहीं परिभाषित करना सीखना, जो आपको जोखिम को पूरी तरह से स्वीकार करने की अनुमति देता है । यही एक सक्सेसफुल ट्रेडर की तरह सोचने की पूंजी है । रिस्क को स्वीकार करना सीखना एक ट्रेडिंग है । यह सबसे इम्पोर्टेन्ट स्किल है, जिसे आप सीख सकते हैं । फिर भी यह सीखना रेयर है क्योंकि डेवलपिंग ट्रेडर अपने ध्यान को इस और फोकस नहीं करते और न ही इसे सीखने के लिए कोई प्रयास करते हैं । जवाब रेस्ट टेकिंग की ट्रेडिंग स्किल सीखते हैं तो मार्केट इन्फॉर्मेशन को उत्पन्न करने में सक्षम नहीं होता हूँ । जिन्हें आप डिफाइन करते हैं या जिनको आप दर्दनाक के रूप में इंटरप्रेट करते हैं । यदि मार्केट में जो इन्फॉर्मेशन क्रिएट होती है, उसमें आपके लिए इमोशनल पेन पैदा करने की क्षमता नहीं है तो इसमें डरने वाला कुछ भी नहीं है । यह तो सिर्फ इन्फॉर्मेशन है जो आपको बता रही है कि इसमें आपके लिए क्या संभावनाएं हैं । ये है तो मात्र ॅ एक्टिव है । वास्तव में आप जिससे डरते हैं वह आपका असली डर नहीं है । लेखक को यकीन है कि इस पुस्तक को पडने वाला कोई वह ट्रेलर नहीं है जिसके लिए मार्केट ने एक जबरदस्त सिग्नल क्रिएट किया हूँ और फिर वह जल्दबाजी में या बहुत देर से ट्रेडिंग में आया हूँ । वो ट्रेनर ने खुद को नुकसान में उठाने के लिए आश्वस्त नहीं किया हो और इसके परिणामस्वरूप ये है बडे रजत में बदल गया हूँ या बहुत जल्दी जीतने वाले ट्रेडों से बाहर हो गए हो या जब उन्होंने खुद को जीतने वाले टेडो में पाया लेकिन तब उन्हें कोई प्रोफिट नहीं हुआ तो फिर अचानक से हारने वालों में बदल गए या उन के टॉप लोस उनकी एंट्री पॉइंट के करीब चले गए । वे केवल इसलिए बाहर हो गई क्योंकि मार्केट को अपने दिशा में वापस जाना था । ये कई गलतियां हैं जिनमें से कुछ ट्रेनर नहीं । इन्हें बार बार हर बार दोहराया हूँ और घर में चले गए । ये मार्केट द्वारा कॅरिअर नहीं है । हाँ, ये रन मार्केट से नहीं आती । मार्केट इस बारे में न्यूट्रल है कि बस यह चलती है और अपने बारे में इन्फॉर्मेशन उत्पन्न करती है । मार्केट के मोह में और इन्फॉर्मेशन हम में से हर किसी को कुछ करने का अवसर प्रदान करते हैं । मार्केट के पास कोई ऐसी शक्ति नहीं है जिसमें हम में से प्रत्येक को इन्फॉर्मेशन को कैसे समझना है और इंटरप्रेट करना है । इसका कोई यूनीक तरीका बताएँ जिसके परिणामस्वरूप हम जो निर्णय लेते हैं और कार्य करते हैं और उनका नियंत्रन करते हैं । इनेर का पहले ही जिक्र किया जा चुका है जिन्हें लेखक दोषपूर्ण ट्रेडिंग, एटीट्यूड और प्रोस्पेक्टिव कहते हैं । ये दो स्पाॅट और कॉन्फिडेंस के बजाय मैं को बढावा देते हैं । इस जगह लेखक ये है भी लिखते हैं कि उन्हें नहीं लगता कि वे कंसिस्टेंट, विनर और बाकी सभी के बीच के गैप को इस से और ज्यादा बढा सकते हैं । बेस्ट रेडर डरते नहीं है । वे इसलिए नहीं करते क्योंकि उन्होंने इसे दृष्टिकोण विकसित किए हैं, जो उन्हें मार्केट के परिपेक्ष्य में संभावनाओं के बारे में बताए जाने के आधार पर ट्रेडों से बाहर करने के लिए मानसिक लचीलेपन की सबसे बडी ताकत देते हैं । इसी समय सर्वश्रेष्ठ टेडर्स नहीं, यह भी दृष्टिकोण विकसित किए हैं जो उन्हें लापरवाह होने से रोकते हैं । वैसे हर कोई कुछ हद तक किसी अन्य कारण से डरता है, लेकिन जो डरते नहीं है, उनके पास लापरवाह बनने और खुद के लिए उस तरह का अनुभव पैदा करने की प्रवृत्ति होती है । उन ट्रेडिंग देर में से प्रतिशत से संभावना रहती है कि वे आपकी आंखों के सामने से पैसे का वास्तविक रन कर सकते हैं । गलत नजरिये से जो पैसा बना होगा, वहाँ उड जाएगा, गायब हो जाएगा । यहाँ लेकर चार प्राइमरी ट्रेडिंग आशंकाओं को व्यक्त करते हैं । जब आप अपने आप से कहते हैं, मुझे इस बारे में पता नहीं है । तब लेखक हमेशा सोचते हैं कि ट्रेडर्स को मार्केट का स्वस्थ डर होना चाहिए । तब यह पूरी तरह से लॉजिकल और उचित धारना होगी । लेकिन जब ट्रेडिंग की बात आती है तो आपका डर आपके खिलाफ इस तरह से कार्य करेगा कि आप उस चीज का कारण बनेंगे जिससे आप वास्तव में करते हैं । यदि आप गलत होने से डरते हैं तो आपका डर मार्केट की जानकारी के बारे में आप की धारणा पर काम करेगा, जिससे आप कुछ ऐसा कर सकते हैं जो आपको गलत बनाता है । जब आप साबित होते हैं तो कोई अन्य संभावनाएं मौजूद नहीं रहती है । आप अन्य संभावनाओं को अनुभव नहीं कर सकते हैं या उन पर ठीक से काम नहीं कर सकते हैं, भले ही आपने उन्हें महसूस करने का मैनेजमेंट कर लिया हो, क्योंकि दर स्थिर है । शारीरिक रूप से ये है हमें ब्रिज करने या चलाने का कारण बनता है । मानसिक रूप से ये है हमारे ध्यान को हमारे की वस्तु तक सीमित कर देता है । इसका मतलब है कि मार्केट से अन्य संभावनाओं के साथ साथ हमारे अन्य उपलब्ध जानकारी के बारे में विचार अवरुद्ध हो जाते हैं । आप मार्केट के बारे में सीखी गई सभी तर्कसंगत चीजों के बारे में तब तक नहीं सोचेंगे जब तक की आप डरते नहीं है और घटना समाप्त हो जाती है, तब आप खुद सोचेंगे । मुझे पता था मैंने ऐसा क्यों नहीं होता? इसके बाद या मैं उस पर और काम क्यों नहीं कर सकता था? यह समझना बेहद मुश्किल है कि इन समस्याओं का स्रोत हमारा अपना अनुचित रवैया है । वही डर को इतना कपटी बना देता है । हमारे व्यवहार पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कई थिंकिंग पेट्रोल, जो प्राकृतिक तरिकों का एक कार्य है, जिसे हम दुनिया को देखने और उसके बारे में सोचने के लिए प्रयोग में लाते हैं । हम इन थिंकिंग पैटर्न से इतनी चतुराई से घिरे होते हैं कि यह है हमारे लिए शायद ही कभी इंटरनल रिसोर्ट होता है, जो हमारी व्यापारिक कठिनाइयों का कारण बनता है, जो हमारे मन की स्थिति से निकला है । दरअसल किसी समस्या के स्रोत को जब हम मार्केट में देखते हैं, तो यह बहुत अधिक स्वभाविक लगता है, क्योंकि तब हमें ऐसा लगता है कि मार्केट ही हमारे दाद, निराशा और असंतोष का असली कारण रहे हैं । जाहिर है कि ये अमूर अवधारणाएं हैं, लेकिन निश्चित रूप से ऐसा नहीं है कि ज्यादातर ट्रेडर खुद को लेकर चिंतित हैं । फिर भी विश्वासों, दृष्टिकोण और धारणाओं के बीच के संबंध को समझना ट्रेडिंग के लिए उतना ही मौलिक है जितना यह सीखना की टेनिस को कैसे खेला जाए या एक गोल्फ क्लब को कैसे सीखना है । हमें एक बात और ध्यान में रखनी चाहिए की मार्केट के इन्फॉर्मेशन के बारे में अपनी धारणा को समझना और नियंत्रित करना केवल उस सीमा तक महत्वपूर्ण है जब आप लगातार परिणाम प्राप्त करना चाहते हैं । लेखक आगे कहते हैं कि क्योंकि ट्रेडिंग के बारे में कुछ और है जो उनके द्वारा कहे गए कथन के अनुसार उतना ही सही है जो आपको अपने ट्रेडिंग के बारे में कुछ भी जाने की जरूरत नहीं है या एक अलग ट्रेडिंग करने के लिए । जैसा कि आपको यह नहीं पता है कि समय समय पर एक अच्छा शोट मारने के लिए टेनिस रैकेट या गोल्फ क्लब को स्विंग करने का कौन सा उचित तरीका हो सकता है । पहली बार जब लेखक ने गोल्ड खेला तो उन्होंने पूरे खेल में कई अच्छे चोट मारे लेकिन उन्होंने कोई विशेष तकनीक नहीं सीखी थी लेकिन फिर भी उनका स्कोर अठारह होल के लिए एक सौ बीस से अधिक था । जाहिर है, अपने पूरे स्कोर को बेहतर बनाने के लिए उन्हें तकनीक सीखने की जरूरत है । बेशन वहीं ट्रेडिंग के लिए भी उतना ही सही है । हमें कन्सिस्टेन्सी प्राप्त करने के लिए तकनीक की आवश्यकता है । लेकिन आखिर वह कौनसे तकनीक है जो वास्तव में प्रभावी ढंग से ट्रेडिंग करने के तरीके सीखने के सबसे खराब पहलुओं में से एक हैं? अगर हमें इस बारे में पता नहीं है या समझ नहीं आ रहा है तो हमें ये है जानना होगा कि हमारी वे कौनसे मान्यताएं और कैसे दृष्टिकोण है जो मार्केट की जानकारी के बारे में हमारी धारणा को प्रभावित करते हैं । हालांकि हमें ऐसा लगेगा । वास्तव में यह है मार्केट के बारे में हमारा व्यवहार है जो कन्सिस्टेन्सी की कमी का कारण बन रहा है । नतीजन हमें मार्केट के बारे में अधिक जानकर इसे डेवलप करना होगा जिससे हम नुकसान से बच सकें और कंसिस्टेंट बन सकें । यह तर्क का एक्ट्रेस है जो लगभग सभी ट्रेडर्स को किसी एक पॉइंट पर डे खेलता है और ट्रेडर को यह सही भी लगता है । लेकिन यह दृष्टिकोण काम नहीं करता हूँ । अक्सर मार्केट कनफ्लिक्ट विचार वैरिएबल इससे कहीं ज्यादा देता है । इसके अलावा मार्केट के व्यवहार की कोई सीमा नहीं है । यह किसी भी क्षण कुछ भी कर सकता है तथ्य के रूप में, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति जो ट्रेड करता है, वहाँ एक मार्केट वेरियेबल है । यह है कहाँ जा सकता है कि किसी भी सिंगल टेंडर को वस्तु ते कुछ भी हो सकता है । इसका मतलब यह है कि आप मार्केट के व्यवहार के बारे में कितना भी सीख लें, चाहे आप कितने भी शानदार एनालेटिक्स बने । आप कभी भी हर संभव तरीके से अनुमान लगाने के लिए पर्याप्त नहीं देख सकते हैं, क्योंकि मार्केट आपको कभी भी गलत ठहरा सकता है या आपके पैसे होने का कारण बन सकता है । इसलिए यदि आप गलत होने या पैसे होने से डरते हैं तो आप कभी भी उन नकारात्मक प्रभावों की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं सीखेंगे, जो उन आशंकाओं का उद्देश्य होने की आपकी क्षमता और बिना किसी हिचकिचाहट के कार्य करने की आपकी क्षमता पर होगा । दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आप निरंतर अनिश्चितता का सामना नहीं करेंगे । ट्रेडिंग की कठिन ठंडी वास्तविकता यह है कि हर ट्रेडिंग का अनिश्चित परिणाम होता है । जब तक आप निश्चित परिणाम की संभावनाओं को पूरी तरह से स्वीकार करना नहीं देखते हैं, तब तक आप किसी भी संभावना से बचने के लिए या तो जानबूझकर या अनजाने में कोशिश करेंगे कि आप दर्दनाक रूप से फेल हो सकते हैं । इस प्रक्रिया में आप अपने आप को अपने आप खत्म होने वाले महेंगे एरर की किसी भी संख्या के अधीन कर लेंगे । लेखक मैं सुझाव नहीं दे रहे हैं कि अवसरों को परिभाषित करने और हमें उन्हें पहचानने की अनुमति देने के लिए हमें मार्केट एनालिसिस या कार्य प्रणाली के किसी रूप की आवश्यकता नहीं है । हम निश्चित रूप से इन का प्रयोग करते हैं । हालांकि मार्केट ॅ के लिए एक रास्ता नहीं है । ये है विश्वास की कमी अनुशासन की कमी या अनुचित फोकस द्वारा बनाई गई ट्रेडिंग समस्याओं को हल नहीं करेगा । जब आप इस धारणा से काम करते हैं कि अधिक या बेहतक ॅ स्थिरता बनाएगा तो आपको अपने ट्रेडिंग, उसके स्टोर में अधिक से अधिक मार्केट वेरियेबल इकट्ठा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा । लेकिन तब क्या होता है आप अभी भी निराश हैं क्योंकि आपको मार्केट ने धोखा दिया है । हर समय और बार बार यहाँ कुछ तो ऐसा है, जिसे आप ने अभी तक नहीं देखा या उस पर पर्याप्त विचार नहीं किया है । ऐसा महसूस होगा कि आप मार्केट पर भरोसा नहीं कर सकते हैं, लेकिन वास्तविकता ये है कि आप खुद पर भरोसा नहीं कर सकते हैं, आत्मविश्वास और है । मन की विरोधावासी व्यवस्थाएँ हैं, जो हमारे विश्वासों और दृष्टिकोणों से उपजी है । आश्वस्त होने के लिए ऐसे वातावरण में कार्य करना जहाँ आसानी से रिस्क से ज्यादा भी हो सकते हैं । यहाँ आपको अपने आप में पूर्ण विश्वास की आवश्यकता होती है । हालांकि आप उस विश्वास को प्राप्त करने में सक्षम नहीं होंगे जब तक की आप अपने मन को प्रशिक्षित नहीं करते हैं जो लगातार सफल ट्रेडर बनने का प्रतिरूप है । मार्केट के व्यवहार का एनालिसिस करना सीखना केवल उचित ट्रेनिंग ही नहीं है । इसके लिए आपके पास दो ऑप्शन है । पहला, आप अधिक से अधिक मार्केट वैरिएबल के बारे में सीखकर रिस्क को खत्म करने का प्रयास कर सकते हैं, जिसे लेखक ब्लैक बोल कहते हैं । यह वास्तव में अल्टीमेट फ्रस्ट्रेशन है । दूसरा की आप सीख सकते हैं कि आपने ट्रेडिंग एक्टिविटीज को इस तरह से कैसे परिभाषित किया जाए कि आप वास्तव में रे इसको स्वीकार करें और आप ही नहीं । जब आप ने अपने मन में एक ऐसी स्थिति हासिल कर ली है जहाँ वास्तव में रे इसको स्वीकार करते हैं तो आपको दर्दनाक तरीके से मार्केट की जानकारी को परिभाषित कर रहे हैं और इसकी व्याख्या करने की क्षमता नहीं होगी । जब आप की दर्दनाक तरीके से मार्केट के इन्फॉर्मेशन को परिभाषित करने की क्षमता समाप्त हो जाती है तो आप तर्कसंगतता । वह संकोच की प्रवृत्ति को भी खत्म करते हैं और आशा करते हैं कि मार्केट आपको पैसा देगा या आप ये है । आशा करते हैं कि मार्केट आपको आपकी क्षमता से बचाएगा । जब तक आप कर के भंडार के लिए अति संवेदनशील होते हैं, जो दर को तर्कसंगत बनाने, न्यायोचित बनाने, जीजू का नहीं और उम्मीद करने का परिणाम है, आप खुद पर भरोसा नहीं कर पाएंगे । यदि आप अपने यहाँ पर उद्देश्यपूर्ण होने और हमेशा अपने हित में काम करने के लिए भरोसा नहीं करते तो लगातार परिणाम प्राप्त करना असंभव ही होगा । कुछ ऐसा करने की कोशिश करना जो इतना सरल लगता है कि आप जिस चीज को करने की कोशिश करेंगे, वह है सबसे ज्यादा अनुभाव नहीं हो सकती है । विडंबना यह है कि जब आपके पास उचित रवैया होता है, जब अपने ट्रेनर माइंड सेट हासिल कर लिया है और निरंतर अनिश्चितता का सामना कर सकते हैं, तो ट्रेडिंग उतना ही आसान और सरल होगा, जितना आपने उस समय होता था । जब आपने इसकी शुरुआत की थी, तो आखिर समाधान क्या है? आपको इस तरह से ट्रेनिंग के बारे में अपने दृष्टिकोण और विश्वासों को समायोजित करने के बारे में जानने की आवश्यकता होगी ताकि आप बिना किसी डर के थोडे समय में ही ट्रेडिंग कर सकें । लेकिन साथ ही साथ एक ऐसी रूपरेखा रखें जो आपको लापरवाह नहीं बनने दे । यह वही है तो इस पुस्तक को आपको सिखाने के लिए बनाया गया है । जैसे जैसे आप इसमें आगे बढते हैं, लेखक चाहते हैं कि आपको चीजों को ध्यान में रखें । आप तो सक्सेसफुल ट्रेडर बनना चाहते हैं, वह आपका खुद का भविष्य का लॉस है, जिसे आपको विकसित करना है । विकास का परिचय, विस्तार सीखना और खुद को व्यक्त करने का नया तरीका बनाना है । यह सब है, भले ही आप पहले से ही एक सफल ट्रेडर हूँ । मैं और अधिक सफल बनने के लिए इस पुस्तक को सुन रहे हूँ । कई नए तरीके जिनसे आप खुद को अभिव्यक्त करना सीखेंगे, उन विचारों और विश्वासों के साथ सीधे टकराव में होंगे जो आप वर्तमान में ट्रेडिंग की प्रकृति के बारे में मानते हैं । आप इनमें से कुछ मान्यताओं के बारे में पहले से ही अवगत हो सकते हैं या नहीं हो सकते हैं । किसी भी मामले में आप वर्तमान में ट्रेडिंग की प्रकृति के बारे में क्या सच मानते हैं । उन चीजों को सिर्फ उसी तरह रखने का तर्क देगा जो आपके निराशा और असंतोषजनक परिणामों के बावजूद है । ये आंतरिक तर्क स्वभाविक है । इस पुस्तक में लेखक की चुनौती इन तर्कों को यथासंभव कौशलता से हल करने में मदद करना है । आपकी यह विचार करने की इच्छा की अन्य दूसरी ओर भी संभावनाएं मौजूद हैं । ऐसी संभावनाएं जिनके बारे में आपको जानकारी नहीं है या उन्होंने पर्याप्त विचार नहीं दिया है, वह स्पष्ट रूप से आपके सीखने की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाएगी । पहले बाद हिंदी ऍम आप का दिन शुभ हो ।

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