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कायांतरण in hindi |  हिन्दी मे |  Audio book and podcasts

Story | 8mins

कायांतरण in hindi

AuthorTanuza Upreti
हमारे ऑडियो कायांतरण में आपका स्वागत है। आपके लिए हम निरंतर भाग बनाते रहते हैं। अगर आपको हमारा ऑडियो पसंद आये तो इसे अपने परिवार और दोस्तों के Whatsapp पे ज़रूर शेयर करें। कायांतरण in Hindi, is one of our best stories on social justice available in Hindi in our catalogue. This story is created by Tanuza Upreti. Tanuza Upreti is well known for writing on social issues which need immediate attention. कायांतरण talks about the prevalent issues of society. Not only such social issues are deteriorating the quality of present-day society but also acting as a termite. It is far from any repair. Our collection of stories put forth its views on how we can make our society inclusive and equal for all. These stories give a great chance for all of us to realize the ongoing societal issues and introspect our role in its rectification. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence, we offer a variety of social issues stories in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. Now, the language will never be a barrier to your entertainment. These social issues stories are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late at night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience. कायांतरण   हमारी सूची में हिंदी में उपलब्ध सामाजिक न्याय पर हमारे सर्वश्रेष्ठ कहानियों में से एक है। यह कहानी Tanuza Upreti द्वारा रचित है। Tanuza Upreti सामाजिक मुद्दों पर लिखने के लिए मशहूर है। जिस सामाजिक मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। कायांतरण समाज के प्रचलित मुद्दों के बारे में बात करता है। न केवल ऐसे सामाजिक मुद्दे वर्तमान समाज की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं, बल्कि एक दीमक के रूप में भी काम कर रहे हैं। यह किसी भी मरम्मत से दूर है। कहानियों के हमारे संग्रह ने अपने विचारों को आगे रखा कि कैसे हम अपने समाज को सभी के लिए समावेश बना सकते हैं। ये कहानियां हम सभी को सामाजिक मुद्दों का एहसास करने और इसके सुधार में हमारी भूमिका को आत्मसात करने का शानदार मौका देती हैं। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता भावनात्मक रूप से ऑडिओ से अधिक जुड़ते हैं जब यह उनकी भाषा में होता है। इसलिए, हम विभिन्न भाषाओं जैसे कि हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बंगला, आदि में विभिन्न प्रकार की सामाजिक मुद्दों पर कहानियों की पेशकश करते हैं। अब, भाषा कभी भी आपके सीखने में बाधा नहीं बनेगी। ये सामाजिक मुद्दों पर कहानियां मुफ्त में उपलब्ध हैं और इन्हें हमारे ऐप पर डाउनलोड किया जा सकता है। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे यात्रा करते समय, जिम में वर्कआउट करते हुए, और कुछ भी करते हुए, कहीं भी किसी भी समय सुबह या देर रात को सुन सकते हैं। तो, विज्ञापन-मुक्त अनुभव को स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और आनंद लें।
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आई सुनते हैं कहानी कायांतरण सर एवं आलेख तनुजा उप्रेती अरे यहाँ डोंट वरी! बस मस्ती से रह कर डायरेक्टर साहब ने नाराजगी तो जाहिर की है । कोई एक्शन तो नहीं दिया ना सरकारी नौकरी में भी फर्क लो ना हमारी तो क्या फायदा इस नौकरी का असिस्टेंट डायरेक्टर साहब ने अपने मातहत की पीठ में हल्के से धौल जमाते हुए कहा और वहाँ का लगाते आगे बढ गए । मुख्यालय में पोस्ट आॅल्टर साहब अपने सबॉर्डिनेट के साथ बहुत मित्रवत थे । यहाँ तक कि कार्यालय आने जाने के समय को लेकर भी उन्होंने कभी कर्मचारियों को परेशान नहीं किया । परेशान किया करते जब मौका पाते ही डायरेक्टर साहब की आंख में धूल झोंककर खुद गायब हो जाया करते थे और डायरेक्टर साहब की छुट्टियाँ उनकी साइन की भी अघोषित छुट्टियाँ बन जाया करती थी । कभी कभार असिस्टेंट साहब स्टाफ को उसकी ऊपरी मोटी कमाई को लेकर कटु कटाक्ष मारा करते थे और वाला क्यों न मारते हैं । उन्हें सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार से सख्त नफरत थे, लेकिन इस मामले में वो बिलकुल लाचार थे । मुख्यालय की पोस्टिंग थी और कंट्रोलिंग फॅार साहब थे । ऐसे में बेचारे असिस्टेंट साहब केवल मन ही मन खोलने के अतिरिक्त कुछ भी करने की स्थिति में ही नहीं थे । मगर व्यवस्था को बदलने का भरपूर जसवा अवश्य उनके भीतर कूट कूटकर भरा हुआ था । प्रतीक्षा थी तो बस एक मौके की असिस्टेंट साहब कार्यालय में काफी लोकप्रिय है । बडे सुंदर व्यक्तित्व के मालिक थे ऊंचा लगभग छह फुट का कर गोरे चिट्टे खुबसूरत चेहरे पर सुनहरे फ्रेम का चश्मा बडी शोभा पाता था । भ्रष्टाचार पर उनके कटाक्षों और इस व्यवस्था को लेकर उनके गुस्से को छोड दें तो कुल मिलाकर बडे भले अधिकारी थे सहकर्मियों के प्रति इतना दोस्ताना व्यवहार, साथ ही बोलने में इतने अधिक विनम्र बोलते समय जैसे उनकी जीवन से फूल झडते थे । कोई भी माता छुट्टी लेने जाए और असिस्टेंट साहब उसे मना कर दें, यह बात तो बिलकुल असंभव थे । यहाँ तक कि तीन दिन की छुट्टियाँ लेकर हफ्ता काट आने वाले कर्मचारियों पर भी कभी उन की नजर टेढी नहीं हुई । वास्तव में जो भी अनाधिकृत सुविधाएं विभाग के असिस्टेंट साहब खुद लिया करते थे, उन सब सुविधाओं पर वह सभी कर्मचारियों का हक भी निर्विवाद रूप से स्वीकार करते थे । बस उन्हें रिश्वत जैसी सुविधा से सख्त नफरत थी और उसे रोक पाना उनके वर्ष में नहीं था । बस इसी बात को लेकर उनका मूड उखड जाया करता था । उनकी बदकिस्मती ये थी कि पांच वर्ष पूर्व विभाग में जॉनी के बाद से अब तक उन्हें एक बार भी रिजनल ऑफिस के स्वतंत्र प्रभार प्राप्त नहीं हो सकता था और इतने वर्ष डायरेक्टर के अधीन काम करके पर बिल्कुल पुख्ता गए थे । तो अभी अभी डिप्टी डायरेक्टर के पद पर हुई पदोन्नति के बाद से स्वतंत्र प्रभार को लेकर कुछ उम्मीद जगी थी । आखिरकार वहाँ खडी ही नहीं जिसका डिप्टी साहब को बेसब्री से इंतजार था, उन्हें रीजनल ऑफिस का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया । उनके आने की खबर सुनकर जहाँ एक ओर रीजनल ऑफिस की सभी महिला कर्मचारी छुट्टियों के प्रति साहब के रवैये को लेकर गत करती थी और ये सुनिश्चित था की अब स्टाइल के लिए कम से कम लेकर ही काम चल जाएगा और सीरियल तो एक के बदले तीन की सुविधा मिला करेगी । वहीं रिश्वत को लेकर उनके रवैये से रिश्वत होगी । हल्के में सुगबुगाहट और हलचल का माहौल था । मे आई कम इन सर मिसिस रश्मि ने दरवाजे के भी कर सकते हो पूछा यस कमेंट लिट्टी साहब ने फाइलों पर नजर कडाई गंभीर भाव मित्रा के साथ कहा आपने बुलाया सर रश्मी आप कितने दिनों की सीएल पर थी? डिप्टी साहब ने प्रश्न किया किसी तरह सर को दो दिनों की काॅपर मिसिस रश्मि ने ढीठ उसी के साथ उत्तर दिया और आप आप कितने दिनों के बाद ऑफिस आ रही हैं? साहब ने कठोर चेहरा बनाते हुए पूछा मिसिस रश्मि का हसने के लिए खुल आया हूँ । झटके से वापस बंद हो गया और उन्होंने ही की आते हुए उस कर दिया ऍम वो एक हफ्ते बाद वो दरअसल मेरे साहस बहुत बीमार हो गई थी इसलिए मुझे मजबूरन छुट्टी लेनी पडी । अगर आप के घर में कोई परेशानी थी तो छुट्टियाँ आगे बढाने के लिए ऑफिस में इंटरनेशन देना चाहिए था कि नहीं? मिसिस रश्मि सर झुकाए खडे रहेंगे । रश्में मैंने आपसे कुछ पूछा है आंसर प्लीज ऍम ऐसी गलती नहीं होगी । मिस्र दशमी अपने हाथों को मलते हुए क्षमा याचना करने लगी । ठीक है इस बार माफ कर देता हूँ लेकिन आगे से मैं इस तरह का इन डिसिप्लिन बर्दाश्त नहीं करूंगा । आप पूरे स्टाफ को बता दीजिए कि यह सभी के लिए मेरी पहली और आखिरी चेतावनी अगर आज के बाद किसी फर्जी छुट्टी हमारी तो सीधे मैं जारी होगा । वैसे भी अब फॅस मार्क होगी ऍम नहीं मिलेगा । इस बात को सब लोग याद रखना अब आप चाहिए और सभी को इस बात के लिए आगाह कर दीजिए । आवश्यक ना अंदर आ जाओ । गुड आफ्टरनून सर । डिप्टी साहब ने अभिवादन स्वीकार करने के मुद्रा में कर धन को साफ विमान तेरे से हिलाया और हाथ के इशारे से मिस्टर शर्मा को बैठने के लिए कहा । ऍम कहते थे मिस्टर शर्मा ने स्थान ग्रहण किया । देखो शर्मा जैसा कि तुम जानते ही हो कि मुझे बातें घुमाफिराकर बोलने की आदत नहीं है । इससे जो कह रहा हूँ ध्यान से सुनो । डिप्टी साहब का ऐसा सेहत सख्त था जी सर, मैं सुन रहा हूँ । मिस्टर शर्मा कुर्सी के दोनों हाथों का सहारा लेकर कुछ आगे की तरफ चुभते हुए थोडा सा उठे और वापस बैठ गए । शर्मा ऐसा नहीं है कि रीजनल ऑफिस में चलने वाली व्यवस्था से मैं अनजान लेकिन मैं इस पचडे में नहीं पडना चाहता था । तुम समझ रहे हो ना कि मैं क्या कह रहा हूँ जी सर वो शेयर के बारे में शर्मा ने लगभग फुसफुसाते हुए उत्तर दिया, देखो शर्मा अगर सिस्टम में ऊपर से नीचे तक सब ईमानदार हैं, मैं भी मानता रहना पसंद करूंगा । लेकिन सब लोग मलाई कोफ्ता उडा रहे हूँ और कोई एक । इन सबके बीच लौकी की सबसे में गुजारा करें तो वह बेवकूफी कहलाएगा और मुझे बेवकूफ कहलाने का कोई शौक नहीं है । ठीक है बिलकुल सर, आप आपने बिल्कुल सही कहा । मिस्टर शर्मा ने कुछ उत्तर से गए चेहरे के साथ डिप्टी साहब की बातों का समर्थन किया । अब चेहरा भला क्यों नहीं करता? जब डिप्टी साहब को भी शेयर जाने लगेगा । आर्थिक नुकसान तो हो गई । वह तो अब तक क्या हिसाब से लगा चुके थे कि नए डिप्टी साहब के आने से उनका कितना मासिक लाभ होने वाला है । क्योंकि साहब रिश्वत लेने के सख्त खिलाफ थे, इसलिए पिछले वाले साहब को जाने वाला शेयर भी अब उनकी सेहत में आने वाला था । लेकिन आज डिप्टी साहब ने सबकुछ गोबर कर दिया तो फिर ठीक है तुम दूसरी सभी ब्लॅक कि जो हिस्सा पहले वाले डिप्टी साहब के समय चलता था, वही अब भी चलेगा । और हाँ, अगर आपने नौकरी सही सलामत चाहते हो तो कोई मुझसे बेमानी करने की कोशिश मत करना । डिप्टी साहब ने आखिर तरह रहते हुए धमकी जारी की । मिस्टर शर्मा मूक दर्शक बने हुए हैं । डिप्टी साहब का कायांतरण होते हुए देख रहे थे

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हमारे ऑडियो कायांतरण में आपका स्वागत है। आपके लिए हम निरंतर भाग बनाते रहते हैं। अगर आपको हमारा ऑडियो पसंद आये तो इसे अपने परिवार और दोस्तों के Whatsapp पे ज़रूर शेयर करें। कायांतरण in Hindi, is one of our best stories on social justice available in Hindi in our catalogue. This story is created by Tanuza Upreti. Tanuza Upreti is well known for writing on social issues which need immediate attention. कायांतरण talks about the prevalent issues of society. Not only such social issues are deteriorating the quality of present-day society but also acting as a termite. It is far from any repair. Our collection of stories put forth its views on how we can make our society inclusive and equal for all. These stories give a great chance for all of us to realize the ongoing societal issues and introspect our role in its rectification. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence, we offer a variety of social issues stories in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. Now, the language will never be a barrier to your entertainment. These social issues stories are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late at night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience. कायांतरण   हमारी सूची में हिंदी में उपलब्ध सामाजिक न्याय पर हमारे सर्वश्रेष्ठ कहानियों में से एक है। यह कहानी Tanuza Upreti द्वारा रचित है। Tanuza Upreti सामाजिक मुद्दों पर लिखने के लिए मशहूर है। जिस सामाजिक मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। कायांतरण समाज के प्रचलित मुद्दों के बारे में बात करता है। न केवल ऐसे सामाजिक मुद्दे वर्तमान समाज की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं, बल्कि एक दीमक के रूप में भी काम कर रहे हैं। यह किसी भी मरम्मत से दूर है। कहानियों के हमारे संग्रह ने अपने विचारों को आगे रखा कि कैसे हम अपने समाज को सभी के लिए समावेश बना सकते हैं। ये कहानियां हम सभी को सामाजिक मुद्दों का एहसास करने और इसके सुधार में हमारी भूमिका को आत्मसात करने का शानदार मौका देती हैं। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता भावनात्मक रूप से ऑडिओ से अधिक जुड़ते हैं जब यह उनकी भाषा में होता है। इसलिए, हम विभिन्न भाषाओं जैसे कि हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बंगला, आदि में विभिन्न प्रकार की सामाजिक मुद्दों पर कहानियों की पेशकश करते हैं। अब, भाषा कभी भी आपके सीखने में बाधा नहीं बनेगी। ये सामाजिक मुद्दों पर कहानियां मुफ्त में उपलब्ध हैं और इन्हें हमारे ऐप पर डाउनलोड किया जा सकता है। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे यात्रा करते समय, जिम में वर्कआउट करते हुए, और कुछ भी करते हुए, कहीं भी किसी भी समय सुबह या देर रात को सुन सकते हैं। तो, विज्ञापन-मुक्त अनुभव को स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और आनंद लें।