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कपिल देव | लेखक - देबदीप मजूमदार in hindi | Kapil Dev | Writer - Debdeep Majumdar हिन्दी मे |  Audio book and podcasts

Story | 13mins

कपिल देव | लेखक - देबदीप मजूमदार in hindi

AuthorDebdeep Majumder
Kapil Dev Ram Lal Nikhanj is a former Indian cricketer. He was a fast bowler and a hard hitting middle order batsman. Regarded as one of the greatest all-rounders to play the game, he is also regarded as one of the greatest captains in the history of cricket. Voiceover Artist : Shivank Singh Author : Debdeep Majumdar कपिल देव | लेखक - देबदीप मजूमदार in Hindi, is one of our best biography stories available in Hindi in our catalog. This story is created by Debdeep Majumder. Debdeep Majumder is a prominent personality known for writing biography stories. Biography stories not just talk about the life of a person and his/her achievements but their struggles as well. A successful person is not just known for his luxurious life but due to his hard work. There are so many celebrities, sportspersons, and businessmen who have worked hard throughout their lives. And we get to learn a lot from their life. Hence, biography stories are of great help if you are seeking motivation to work hard. The inspiration we get from people is the stepping stones that lead us to a successful goal. If we apply the rules they’ve applied then we are sure to get what they achieved. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence, we offer a variety of biography stories in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. These biography stories are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late at night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience.कपिल देव | लेखक - देबदीप मजूमदार हिंदी में, हमारी सूची में हिंदी में उपलब्ध हमारी सर्वश्रेष्ठ जीवनी कहानियों में से एक है । यह कहानी Debdeep Majumder द्वारा लिखी गई है। Debdeep Majumder जीवनी कहानियां सुनाने के लिए जाना जाने वाला एक प्रमुख व्यक्तित्व है । जीवनी कहानियां न सिर्फ किसी व्यक्ति के जीवन और उसकी उपलब्धियों के बारे में बात करती हैं बल्कि उनके संघर्षों के बारे में भी बात करती हैं । एक सफल व्यक्ति सिर्फ अपनी आलीशान जिंदगी के लिए नहीं बल्कि अपनी मेहनत के कारण जाना जाता है। ऐसी कई हस्तियां, खिलाड़ी और बिजनेसमैन हैं, जिन्होंने जिंदगी भर मेहनत की है। और हमें उनके जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है । इसलिए, जीवनी कहानियों बहुत मदद की है अगर आप कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरणा ढूंढ रहे हैं तो । प्रेरणा हमें लोगों के दृड़संकल्प व एक सफल लक्ष्य के लिए नेतृत्व रखने वालो से मिलती है। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता भावनात्मक रूप से ऑडियो के साथ अधिक कनेक्ट करते हैं जब यह उनकी भाषा में होता है। इसलिए, हम हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बांग्ला आदि जैसी विभिन्न भाषाओं में विभिन्न प्रकार की जीवनी कहानियां पेश करते हैं। ये जीवनी कहानियां मुफ्त में उपलब्ध हैं और हमारे ऐप पर डाउनलोड किए जा सकते हैं। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे यात्रा करते समय, जिम में काम करते समय, और कुछ भी काम करते समय, इसे किसी भी समय - सुबह जल्दी या देर रात में सुन सकते है । इसलिए, विज्ञापन-मुक्त अनुभव को स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और आनंद लें।
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परिचय: मैं देबदीप मजूमदार, आसनसोल, पकश्चिम बंगाल में रहता हूँ। मैंने अपना ग्रेजुएशन जयपुर, राजस्थान से की है। कहानी पढ़ना और लिखना दोनो ही मैं अपने शौक से करता हूँ, और जो भी मैं लिखता हूँ उससे मैं अपने पाठकों को उत्साहित करने की कोशिश करता हूँ, उम्मीद है आपको मेरी कहानियाँ सुनकर या पढ़कर अच्छी लगेंगी। धयनवाद। श्रेणी: जीवनी सारांश: हम सभी खेल को ऐसा एक ज़रिया मानते है जो की हमे आनंद पहुँचती है। खेल हमारे जीवन की वह मूल तत्व है जिसे हम सभी देखना एवं फॉलो करना पसंद करते है। सबकी खेल में रूचि अलग अलग है, पर जब क्रिकेट की बात आती है तो सबकी रूचि क्रेज में बदल जाती है, और तभी सायद क्रिकेट भारत की सबसे जनप्रिय खेल है। और जब भी क्रिकेट की चर्चा होती है तो हमे सबसे पहले हरयाणा के सूरमा, और देश के सबसे पहले विश्व विजयी कप्तान कपिल देव की याद आती है। और उनकी जीवनी हमे यह सोचने पर मजबूर करती है की ज़िन्दगी में कुछ हासिल करने के लिए आपको कड़ी मेहनत, और अनुशासन की खास ज़रूरत है। ज़िन्दगी का सफर ही ऐसा है जहाँ आप एक पल ऊपर होते है, तो अगले ही पल नीचे, पर इन सभी मुश्किलों को चिढ़कर आगे बढ़ना ही ज़िन्दगी का मूल मकसत होता है, और कपिल देव की कहानी हमे यही सिखाती है। प्रारंभिक जीवन कपिल देव का पूरा नाम कपिल देव निखंज है। उनका जन्म 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में रामलाल निखंज एवं राजकुमारी के घर हुआ था। जब भारत और पाकिस्तान को अलग किया जा रहा था, उस समय इनका परिवार रावलपिंडी (पाकिस्तान) से फाजिल्का (भारत) में आकर रहने लगे थे। यहीं पर इनके पिता रामलाल निखंज ने लकड़ी का व्यवसाय शुरू किया। पाकपट्टन पाकिस्तान से सम्बन्ध रखने वालीं इनकी माता राजकुमारी एक ग्रहणी थीं। यह कुल मिलाकर सात भाई-बहन थे जिनमें से चार बहनें, और तीन भाई थे, जबकि कपिल देव छठे स्थान पर थे। कुछ समय बाद इनके माता-पिता ने पंजाब की राजधानी में रहने लगे, उन्हें लगा चंडीगड़ में रहना ही उनके लिए उचित होगा। कपिल देव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डी. ए. वी. स्कूल से शुरू की और स्नातक की पढ़ाई के लिए सेंट एडवर्ड कॉलेज में गए। खेल में रूचि एवं प्रतिभा को देखकर इनको देश प्रेम आजाद के पास क्रिकेट सीखने के लिए भेजा गया। इनका विवाह सन् 1980 में रोमी भाटिया से हुआ, इसके 17 साल बाद इनके यहां एक लड़की का जन्म हुआ, जिसका नाम अमिया देव रखा गया। क्रिकेट कैरियर कपिल देव का करियर सन् 1975 से शुरू हुआ था। उस दौरान इन्होंने हरियाणा के लिए पंजाब के विरुद्ध मैच खेला था, जिसमें कपिल देव ने 6 विकेट के साथ हरियाणा को शानदार जीत दिलाकर, पंजाब को 63 रन पर ही ढेर कर दिया था। सन् 1976 -77 में जम्मू कश्मीर के विरुद्ध खेले गए एक मैच में इन्होंने 08 विकेट लिए तथा 36 रन बनाये और उन्होंने उसी वर्ष बंगाल के विरुद्ध 07 विकेट लिए तथा 20 रन बनाये थे। इन दोनों मैचों के बाद से सबको इनकी प्रतिभा दिखाई देने लगी। सभी को लगने लगा कि भारत को अब एक अच्छा गेंदबाज मिला है जो कि आगे जाकर कमाल करेगा। इसके बाद इन्होंने सन् 1978 में टेस्ट मैच खेलना शुरू कर दिया था। इन्होंने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। इस मैच में कपिल देव ने सिर्फ 13 रन बनाए थे, और 1 विकेट चटकाया था। कपिल देव ने बेहतरीन बल्लेबाजी से सन् 1979 -1980 में दिल्ली के खिलाफ 193 रन की नाबाद पारी खेलकर हरियाणा को शानदार जीत दिलायी। यह उनके करियर का पहला शतक था। जिसके बाद साबित हो गया की कपिल देव सिर्फ गेंदबाजी से ही नहीं बल्कि बल्लेबाजी से भी भारत को जीत दिला सकते हैं। इनकी दोनों प्रतिभाओं की बदौलत इनको अभी तक का सबसे बेहतरीन भारतीय आलराउंडर माना जाता है। 17 अक्टूबर सन् 1979 में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 124 गेंदों में 126 रन बनाये थे। इस पारी को खास तौर पर एक यादगार पारी के रूप में गिना जाता है। कपिल देव की कप्तानी उस समय सन् 1982-83 में भारत , श्रीलंका से मैच खेलने गयी हुई थी, वहाँ कपिल देव के प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया और उनकी आल राउंड प्रतिभा के कारण इन्हें वेस्टइंडीज में होने वाली एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला में कप्तान बनने का मौका मिला। उस समय वेस्टइंडीज टीम का काफी बोलबाला था, मतलब उस समय वेस्टइंडीज टीम को हराना नामुमकिन सा माना जाता था, किंतु सुनील गावस्कर की शानदार पारी के सहारे वेस्टइंडीज को भारत ने एक मैच में हरा दिया था। उस मैच में सुनील गावस्कर जो कपिल देव के साथी खिलाड़ी थे उन्होंने 90 रन की पारी खेली थी, वहीं कपिल देव ने 72 रन बनाने के साथ-साथ 2 विकेट भी चटकाए थे। इसी जीत की बदौलत भारत को आने वाली वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज को हरा पाने का विश्वास बढ़ गया, जो कि विश्व कप हासिल करने में दिखाई दिया था। इस आत्मविश्वास ने ही सायद भारत को विश्व कप जीतने की ओर अग्रसर किया था। 1983 वर्ल्ड कप उसके बाद 1983 के वर्ल्ड कप का समय आया। हालांकि पिछले विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखने के बाद किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि भारत 1983 का विश्व कप जीत सकता है। जब कपिल देव ने वर्ल्ड कप में खेलना शुरू किया था तब उनका औसत: 24.94 था, जो की एक सामान्य बॉलर का माना जाता था। भारत को सेमीफइनल में पहुंचने के लिए ज़िम्बाब्वे से मैच जीतना आवश्यक हो गया था। उस मैच के दौरान भारत लगभग हार की ओर बढ़ ही रहा था कि कपिल देव ने अपनी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन दिखाया और उसके बदौलत मैच संभाल लिया। इसी मैच के दौरान इन्होंने 175 रन बनाकर ज़िम्बाब्बे की गेंदबाजी को धोकर रख दिया, क्योंकि इन्होंने सिर्फ 138 गेंदों में ये रन बनाएं थे। जिसमें इन्होंने 22 बॉउंड्रीज लगाए थे। 9वें विकेट के लिए 126 रन की सबसे बड़ी साझेदारी किरमानी (22 रन) एवं कपिल देव के बीच हुई थी, जिसको 27 सालों तक कोई नहीं तोडा पाया था। इतना ही नहीं इसी मैच में कपिल देव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए ज़िम्बाब्बे के 5 विकेट भी चटकाए थे। इसके बाद मैन ऑफ थे मैच के रूप में कपिल देव को मर्सिडीज कार पुरस्कार में मिली, यही पारी इनके जीवन की सबसे यादगार एवं महत्वपूर्ण पारी थी, जिसने इनको सबकी नजरों में महान क्रिकेटरों में से एक बनाया। इस मैच की बदौलत भारत का 1983 के विश्व कप में जीत के लिए अपना सफर तय कर पाने का रास्ता मिला था। 1983 के विश्व कप के दौरान बीबीसी की हड़ताल की वजह से इस मैच का टेलीकास्ट नहीं हो सका था और इस मैच का लुफ्त क्रिकेट प्रेमी नहीं उठा सके थे। भारत को 1983 विश्व कप अपने नाम करने के लिए वेस्टइंडीज को फाइनल में हराना पड़ा था, जो की अपने आप में ही भारत के लिए एक ऐतिहासिक मुहूर्त था। भारत ने कपिल देव की कप्तानी में 1983 में इंग्लैंड में होने वाले इस वर्ल्ड कप को जीतकर इतिहास रच दिया। कहा जाता है इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत भी क्रिकेट की दुनिया का सितारा बनकर सामने आया। मौजूदा समय में भारत को एक अलग स्तर पर देखा जाता है, पर उसका आगाज़ 1983 के विश्व कप जितने के बाद से ही सफल हो पाया है। इतना ही नहीं भारत ने अभी तक सभी ICC टूर्नामेंट में ट्रॉफी जीत रखीं है। कपिल देव के कैरियर का बुरा दौर 1984 में वेस्टइंडीज के साथ टेस्ट मैचों के साथ एकदिवसीय मैंचों की श्रृंखला का आयोजन किया गया था। जिसमें भारत की बुरी हार हुई। वहीं कपिल देव के करियर का सबसे बुरा वक्त था, जिससे चयनकर्ताओं ने इनको कप्तानी के पद से हटाने का फैसला लिया और फिर से गावस्कर को कप्तान बना दिया गया। इसके बाद कपिल देव को फिर से 1987 में कप्तान बनाया गया, जिसमें भारत सेमीफाइनल तक पहुंचा था। लेकिन भारत इंग्लैंड से हारकर विश्व कप जीतने में असफल रहा और सबने इसके लिए कपिल देव पर ही इल्जाम लगा दिया। भारतीय कप्तान होने के नाते यह एक आम बात बन चुकी थी, की हार का जिम्मा हमेशा कप्तान पर ही डाला जाता था, और आज भी कुछ ऐसा ही होता है। इस कारण एक बार फिर से इनसे कप्तानी छीनकर गावस्कर को दे दी गई, यही इनकी कप्तानी का अंतिम सफर था। जिसके बाद इनको कभी भी कप्तान बनने का मौका नहीं मिला। हालांकि 1989 में उपकप्तान जरूर बनाया गया था। कोच बनने का सफर बीसीसीआई ने इन्हें भारत का कोच नियुक्त किया लेकिन कुछ विवाद के चलते इन्होंने केवल 10 महीने में ही इस्तीफा दे दिया। कहा जाता है कि ऑस्ट्रेलिया से भारत के 2-0 से श्रृंखला हारने के बाद इन पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया गया था। जिसके चलते इन्होंने इन सब बेबुनियादी आरोपों से बचने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पुरस्कार एवं उपलब्धियां सन् 1979-80 के सत्र में क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने की वजह से इन्हें भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला अर्जुन पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार सरकार उन खिलाड़ी को देती हैं जिन्होंने किसी भी खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया हो। 1982 के दौरान भारत ने कपिल देव की प्रतिभा और लगन को देखकर पद्म श्री का पुरस्कार भी दिया। इतना ही नहीं इनको एक साल बाद यानी कि सन् 1983 विज्डन क्रिकेटर ऑफ द ईयर का सम्मान मिला, जिसका आधार इनकी विश्व-कप में जबरदस्त प्रदर्शन को माना जाता है।इन्होंने 1994 में रिचर्ड हेडली का टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने का रिकार्ड तोड़ दिया था। इतना ही नहीं टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट में अपने 4000 रन पूरे करने वाले कपिल देव अभी तक के विश्व के उच्चतम खिलाड़ी हैं। 1991 में कपिल देव के योगदान एवं लगन को सम्मानित करने के लिए पद्म भूषण जैसा उच्चतम पुरस्कार दिया गया। इसके बाद सन् 2002 में सदी के विज्डन भारतीय क्रिकेटर के सम्मान को देकर इनका दर्जा क्रिकेट की दुनिया में और बड़ा दिया गया। 2010 आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम पुरस्कार देकर इनकी प्रतिभा को सम्मानीय दर्जा दिया गया। इसके तीन साल बाद सन् 2013 एनडीटीवी द्वारा भारत में 25 सबसे महान वैश्विक जीवित महापुरूष का खिताब कपिल देव को दिया गया। भारतीय सेना से जुड़ने के लिए कपिल देव ने सन् 2008 भारतीय क्षेत्रीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का पद ग्रहण किया था, और अपने देश की सेवा की थी। कपिल देव पर आधारित चलचित्र भारतीय सिनेमा के मशहूर निर्देशक कबीर खान ने कपिल देव की बायोपिक बनाने का काम शुरू कर दिया है। जब कपिल देव से पूछा गया था कि आपका किरदार किस अभिनेता को दिया जाना चाहिए, तो उन्होंने रणवीर सिंह का नाम लिया था। फैंटम प्रोडक्शन एवं अनुराग बासु के साथ अन्य लोगों ने भी इस फिल्म के प्रोड्यूसर है। जिसमें रणवीर सिंह को कपिल देव की भूमिका में अभिनय करते हुए देखा जाएगा। आज भारतीय क्रिकेट का स्तर आसमान छू रहा है, पर इसकी बुनियाद के पीछे कही न कही कपिल देव का बहुत बड़ा योगदान है। 1983 के विश्व कप की प्रदर्शन के बदौलत भारत में क्रिकेट का क्रेज आज इतना बड़ा है। कई सारे खिलाड़ी इन्हें अपना भगवान मानते है और इनकी राह पर चलने की कोशिश करते है, जो दर्शाता है की कपिल देव किस स्तर के खिलाड़ी थे। आज भारतीय क्रिकेट दल अपने फिटनेस पर इतना ध्यान देती है, इसका आगाज़ भी कपिल देव ने ही किया था, वे उस समय के सबसे फिट खिलाड़ी मने जाते थे। उनकी हर छोटी बड़ी देन, आज हमारे क्रिकेट इतिहास की मिशाल है।

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Kapil Dev Ram Lal Nikhanj is a former Indian cricketer. He was a fast bowler and a hard hitting middle order batsman. Regarded as one of the greatest all-rounders to play the game, he is also regarded as one of the greatest captains in the history of cricket. Voiceover Artist : Shivank Singh Author : Debdeep Majumdar कपिल देव | लेखक - देबदीप मजूमदार in Hindi, is one of our best biography stories available in Hindi in our catalog. This story is created by Debdeep Majumder. Debdeep Majumder is a prominent personality known for writing biography stories. Biography stories not just talk about the life of a person and his/her achievements but their struggles as well. A successful person is not just known for his luxurious life but due to his hard work. There are so many celebrities, sportspersons, and businessmen who have worked hard throughout their lives. And we get to learn a lot from their life. Hence, biography stories are of great help if you are seeking motivation to work hard. The inspiration we get from people is the stepping stones that lead us to a successful goal. If we apply the rules they’ve applied then we are sure to get what they achieved. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence, we offer a variety of biography stories in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. These biography stories are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late at night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience.कपिल देव | लेखक - देबदीप मजूमदार हिंदी में, हमारी सूची में हिंदी में उपलब्ध हमारी सर्वश्रेष्ठ जीवनी कहानियों में से एक है । यह कहानी Debdeep Majumder द्वारा लिखी गई है। Debdeep Majumder जीवनी कहानियां सुनाने के लिए जाना जाने वाला एक प्रमुख व्यक्तित्व है । जीवनी कहानियां न सिर्फ किसी व्यक्ति के जीवन और उसकी उपलब्धियों के बारे में बात करती हैं बल्कि उनके संघर्षों के बारे में भी बात करती हैं । एक सफल व्यक्ति सिर्फ अपनी आलीशान जिंदगी के लिए नहीं बल्कि अपनी मेहनत के कारण जाना जाता है। ऐसी कई हस्तियां, खिलाड़ी और बिजनेसमैन हैं, जिन्होंने जिंदगी भर मेहनत की है। और हमें उनके जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है । इसलिए, जीवनी कहानियों बहुत मदद की है अगर आप कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरणा ढूंढ रहे हैं तो । प्रेरणा हमें लोगों के दृड़संकल्प व एक सफल लक्ष्य के लिए नेतृत्व रखने वालो से मिलती है। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता भावनात्मक रूप से ऑडियो के साथ अधिक कनेक्ट करते हैं जब यह उनकी भाषा में होता है। इसलिए, हम हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बांग्ला आदि जैसी विभिन्न भाषाओं में विभिन्न प्रकार की जीवनी कहानियां पेश करते हैं। ये जीवनी कहानियां मुफ्त में उपलब्ध हैं और हमारे ऐप पर डाउनलोड किए जा सकते हैं। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे यात्रा करते समय, जिम में काम करते समय, और कुछ भी काम करते समय, इसे किसी भी समय - सुबह जल्दी या देर रात में सुन सकते है । इसलिए, विज्ञापन-मुक्त अनुभव को स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और आनंद लें।