एक कोशिश ..... [होप] | लेखक - जयकुमार कांतिलाल पंचाल in hindi | Ek Koshish.....[Hope] | Writer - Jaykumar Kantilal Panchal हिन्दी मे |  Audio book and podcasts

Audio Book | 227mins

एक कोशिश ..... [होप] | लेखक - जयकुमार कांतिलाल पंचाल in hindi

AuthorJay panchal
Ek Koshish....[Hope] Voiceover Artist : Ashish Jain Voiceover Artist : Sarika Rathore Author : Jaykumar Kantilal Panchal एक कोशिश ..... [होप] | लेखक - जयकुमार कांतिलाल पंचाल in Hindi, is one of our best Bollywood audiobooks available in Hindi from our catalog. This Audiobook is created by Jay panchal. Jay panchal is well known for his Bollywood audiobooks. Cinema has had its own craze since the beginning. Today Bollywood is in the heart of the people that people don't just watch the movie, they try their best to get them into their lives. These Bollywood audiobooks make you a walk into the film world. Here, you can listen to many of the stories which you will like very much. These audiobooks tell you so many things about your favorite artist and some of the secrets to Bollywood that will definitely surprise you. What Bollywood looks like from outside is exactly the same or is it all sham? Answers to many such questions and stories related to them and much more are present in the collection of Bollywood audiobooks. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence we offer a variety of Bollywood audiobooks in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. These Bollywood audiobooks are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and literally doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience. एक कोशिश ..... [होप] | लेखक - जयकुमार कांतिलाल पंचाल हमारे कैटलॉग से हिंदी में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ बॉलीवुड ऑडियोबुक में से एक है। यह ऑडियोबुक Jay panchal द्वारा रचित है। Jay panchal अपने बॉलीवुड ऑडियोबुक के लिए जाना जाता है। सिनेमा का शुरू से ही अपना क्रेज रहा है। आज बॉलीवुड लोगों के दिल में है। लोग सिर्फ फिल्म नहीं देखते हैं, वे उन्हें अपने जीवन में लाने की पूरी कोशिश करते हैं। ये बॉलीवुड ऑडियोबुक आपको फिल्मी दुनिया की सैर कराएगी। यहां, आप कई कहानियों को सुन सकते हैं जो आपको बहुत पसंद आएगी। ये ऑडियोबुक आपको आपके पसंदीदा कलाकार और बॉलीवुड के कुछ रहस्यों के बारे में बहुत सारी बातें बताते हैं जो निश्चित रूप से आपको आश्चर्यचकित करेंगे। बॉलीवुड बाहर से जो दिखता है, वह बिल्कुल वैसा ही है या यह सब दिखावा है? ऐसे कई सवालों और उनसे जुड़े किस्सों के जवाब और बहुत कुछ बॉलीवुड के ऑडियोबुक के संग्रह में मौजूद हैं। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता भावनात्मक रूप से ऑडिओ से अधिक जुड़ते हैं जब यह उनकी भाषा में होता है। इसलिए हम विभिन्न हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बंगला आदि विभिन्न भाषाओं में विभिन्न बॉलीवुड ऑडियोबुक की पेशकश करते हैं। ये बॉलीवुड ऑडियोबुक मुफ्त में उपलब्ध हैं और इन्हें हमारे ऐप पर डाउनलोड किया जा सकता है। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे यात्रा करते हुए, जिम में वर्कआउट करते हुए और कहीं भी, किसी भी समय कहीं भी इसे सुबह या देर रात को सुन सकते हैं। तो, विज्ञापन-मुक्त अनुभव को स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और आनंद लें।
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Part142minsMar 13,2020

एक कोशिश(होप) - 01

Part236minsMar 13,2020

एक कोशिश(होप) - 02

Part338minsMar 13,2020

एक कोशिश(होप) - 03

Part437minsMar 13,2020

एक कोशिश(होप) - 04

Part531minsMar 13,2020

एक कोशिश(होप) - 05

Part640minsMar 13,2020

एक कोशिश(होप) - 06

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आप सुन रहे हैं तो कोई ऍम किताब का नाम है । कोशिश को किस लिखा है? जयकुमार पांचाल रहेंगे हाँ जी आशीष जैन और आज एक तरीका की आवाज नहीं ऍम सो नहीं चुमन चाहे मोर्टार्स लोगों की चहल पहल चालू है सी बीच पर सूरज ढल रहा है हल्का सा अंधेरा गहरा होता जा रहा है एक के बाद एक बिल्डिंग टॉवर्स की लाइट जल्द उठती है एक्स्टेंशन बिल्डिंग नाइट मारदा कॉलोनी, महाडा, बडो सब बिल्डिंग एंट्रेंस पर हाफ रेडियस शेप में बैनर लगा हुआ है कौन बनेगा करोडपति का बैकग्राउंड म्यूजिक बचता है ऑॅटो इंटर ड्रॉइंग रूम नाइट टीवी स्क्रीन पर कौन बनेगा करोडपति का टाइटल आता है । साथ में अमिताभ बच्चन का आगमन होता है । सीन चल रहा है डोर बेल बजती है ऑफ स्क्रीन राज की नजर दरवाजे पर सोफे पर से उठकर हाथ में रिमोट लिए टीवी स्क्रीन से नजर हटाए बगैर दरवाजे का हैंडल घूमता हुआ बताओ चेहरे पर स्माइल बिखेरता हुआ क्या बात है और मिला ऑफस्क्रीन कौन आया वो भी ड्राइंग रूम में आती है दरवाजे पर नजर गिरते ही हाल तो सुदामा के घर कृष्ण भगवान पधारे अंजलि जरा ये बताना बहन के डायलॉग तुमने मुझपर मारा है हाँ, मनोज पर नजर डालते हुए अपने भाई पर मनोज हाँ राज जीजा आप कैसे हो टीवी स्क्रीन पर नजर डालते हुए मतलब करोडपति बनने का प्रोग्राम चालू है? राज्य हाँ इरादा तो कुछ ऐसा ही है बैठो सोफी की और इशारा करता हुआ और अंजली जी तुम सुनाओ कैसा चल रहा है? अंजली बहुत बढिया और मिला एक ग्लास की ट्रेन में दो पानी से भरे क्लास लेकर आती है । यहाँ तो बस लोगों को करोडपति बंदे देख दिल को तसल्ली देते हैं । अंजली ग्रास उठाती हुई चाहूँ तो तुम भी बन सकती हूँ करोडपति और मिला था सपने में । मनोज बहना सपने भी उसी के पूरे होते हैं जो देखता है क्लास उठाता हुआ क्या कहते है जीजा जी राज्य टीवी देखता हुआ क्या क्या कहा जरा ही खत्म हो जाये । फिर आराम से बात करते हैं और मिला तुम्हारा । वो कैसे चल रहा है? अंजलि जेएमपी बहुत बढिया उर्मिला हाँ, घर गयी थी तो पता चला दिलीप को भी कुछ पांच हजार का चेक आया था । राज्य मेरी दूर की साली ये स्कीम को लेकर अगर तुम आए हो तो से सौरे मुझे किसी की दाडी में हार डालना पसंद नहीं और मैं मेहनत की कमाई खाने में विश्वास रखता हूँ । मनोज ये तो बहुत अच्छी बात है कि आप मेहनत में विश्वास रखते हो और ये काम भी मेहनत वाला ही है । राज चोरी करने के लिए दिमाग की भी जरूरत है, हिम्मत की भी और साल मेहनत की भी और उसके लिए मैं तैयार नहीं । अंजली जीजा जी अब बात को समझ नहीं रहे आप इसका इन सब के बारे में एक पर्सन तो लीजिए राज्य रिमोट से टीवी ऑफ करता हुआ देखो मैं इंजीनियर लेवल का आदमी हूँ और सबसे बडी बात गांव में चला जाता हूँ । ये मुंबई है । मुंबई यहाँ लोगों को उल्लू बनाना इतना आसान नहीं है । समझे मनोज पत्रवाहक ये कहना चाह रहे हो कि हम और मिला फॅमिली ये इसी में खुश हैं । सुबह नौ से पांच फिर ट्रेन के ढक के बाहर का गुस्सा उतारने को भी मेरे बच्चे तो है ही । अंजली था ये कहाँ है हरीश और मिला बाप को बाहर घूमना अच्छा नहीं लगता और बेटे को घर में रहना होगा कहीं पडोस में मनोज के मोबाइल में रिंगटोन पर जुडता है । यही रास्ता है तेरा और तुझे वो मोबाइल नसीब करता है । कांस्य लगाकर बाॅलिंग राज्य । वो इस वक्त रात के ग्यारह बजे गुड मॉर्निंग रिकॉर्ड कमाल है । अंजली जीजा जी बडा कमाल का बिजनेस है रात वो तो मैं देख ही रहा हूँ । चलो खाना तो खा लेते हैं खडा होकर टीवी रिमोट टीवी के पास रखता है और कुछ चुनाव पंद्रह आप ही सुनाओ हमारे पास तो कहने सुनने को एक ही चीज है ये एमपी राज जो मिले उसे पकडो । अंजली का घडा पकडते हुए जी । एम पी का रियल मतलब क्या है? मनोज मोबाइल कोर्ट की जेब में रखता हुआ जंक्शन ऑफ मनी एंड पावर रात चलो खाने के बाद तुम्हारा ये जंक्शन ऑफ मनी पावर क्या है? देख लेते हैं ड्राइंग रूम की और बढ जाते हैं । ऍम राज कंप्यूटर में वर्क कर रहा है । उसके टेबल पर पडा मोबाइल बज उठता है । नौकरी या दिन तो रात मोबाइल उठाकर खांडवी बोलो क्या सोचा ही जो प्लान बनाया उसे पूरे बारह घंटे भी नहीं हुए हैं । मैं शाम को पक्का बताता हूँ । हाँ तो मुंबई टेबल पर रखता हुआ रोशनी और रोशनी रोशनी क्या है? ऑस्ट्रेलिया राज्य जेएमपी क्या है पता है रोशनी लोगों को लूटने का बिजनेस राजकीय सामने वाले पार्टीशन के पीछे से खडी होती है । साल भर पहले एक रिश्तेदार ने बताया था उसको तो बडी बडी हाथ रहा था मैं एक साल में स्कोडा का खरीदूंगा । आज ही बस के धक्के खा रहा है राज्य लेकिन सोच नहीं क्या तुम्हें भी कोई राज? मेरी साली रोशनी चालीस है तो ठीक है । वैसे भी राज्य मुझे पता है तो क्या क्या होगी? सारी खुदा एक तरफ जोरू का बहन एक तरफ लेकिन तो भारी जानकारी के लिए बता दूँ । वो मेरी वाइफ की मौसी की लडकी है । रोशनी साला साली होती हैं साली के लिए तो जीजा अपना ईमानदर देख सकता है । यहाँ तो सवाल है सिर्फ रायॅल थाउजेंड का रोशनी बॅालीवुड हो तो हमें भी याद कर लेना । उसके ओपन टिफन में से एक गुड्डे बिस्किट उठाकर थैंक्यू राज्य । तुम्हारे हिसाब से जुडना बेकार है । रोशनी इंजीनियर हूँ । दिमाग जैसी कोई चीज तो तुम्हारे पास भी होगी । यहाँ पूरे पच्चीस से छब्बीस दिन और आज से दस घंटे काम करने के बाद फोन इसमें गाली भी सुनते हैं । तब भी जाकर सात तारीख को बीस हजार से तीस हजार आते हैं । राज्य उनकी वीकली इनकम तीस हजार से चालीस हजार मुझे चेक कॅापी दिखाई । रोशनी मुझे जिसके प्लैन बताया था उसके सीनियर को तो वीकली एक लाख तीस हजार आते थे । ऐसा वो बोल रहा था । रात मतलब ये सब बकवास है । रोशनी तो मैं बात हजम हो रही है । मुझे नहीं हुई थी । इतना आसान होता तो हर कोई यह नगर तब राज्य ये भी सही है मैं कोई बहाना कर दूंगा । लेकिन रोशनी मैं चली और वहाँ से राइट राइट की केबिन की और बढ गई । राज अपना बैग उठाकर उसे खोल उसमें से एक ब्रोशर निकाल कर साइड में रखता है, ब्रोशर पर नजर डालता है जिसमें बडे कैपिटल लेटर में लिखा रहता है जी एम पी कट्टू इंटर ऍम ग्लाॅस ट्रिप कोई पर जेएमपी का ब्रोशर पडा है । बगल में लेपटॉप कौन है? वही पर आधे मिल्क शेक के दो ग्लास है । अनिल अपना क्लास खाली कर देख रहे हो तुम इन्हें मुझ से ज्यादा अच्छी तरह से जानते हो । उनकी पहले हालत क्या थी? और आज अंजलि जी जब आपने जो हमारा घर देखा था मनोज क्या सोच रहे हो? फाइनल सोचो तो ऐसा सोचो की जिंदगी बदल जाए । इतना मत सोचों की साली जिंदगी ही निकल जाए राज्य और सहज मुस्कराता है । रात सच बताऊँ तो मुझे लोगों के पास जाकर उसे मस्का मारना अच्छा नहीं लगता । सामने वाला क्या सोचेगा । ठीक कहा तुमने सामने वाला क्या सोचेगा । कभी ये सोचा जब तुम्हारी बीवी तुमसे हजार रुपए की साडी मांगती है और तुम से चार सौ की साडी लेकर देते हो जब वो टूटी हुई चप्पल दिखाकर नई चप्पल के लिए दो सौ रुपए मांगती है और तुम उसे पहुंच रूपया देकर कहते हो चप्पल सिल्वा लो तब कभी सोचा तो हरी बीवी क्या सोचती है तो तुम्हारे बारे में हाँ रात मेरा मानना है आदमी को अपनी चादर देखकर पैर फैलाने चाहिए । अगर मेरी तनख्वा बीस हजार है तो हजार पंद्रह सौ रुपए कि साडी क्यों? अंजली क्या उसे अच्छे कपडे पहनने का हक नहीं? उसकी ख्वाहिश पूरी करने राज्य जरूरत फकीर की भी पूरी हो जाती है और ख्वाइश है तो बादशाहों की भी पूरी रह जाती है । अंदर जिंदगी जीने के दो तरीके होते हैं एक ख्वाहिशों के हिसाब से और दूसरा जरूरतों के हिसाब से और मैं ख्वाहिशों के हिसाब से जीता हूँ और मैं चाहता हूँ तुम भी वो जिंदगी जी हो राज्य मैं भी हाँ ठीक है मैं भी खुश हूं । अनिल हो सकता है तुम खुश हो क्या तुम्हारी बीवी बच्चे खुश हैं । अगर हिम्मत है तो आज जाकर अपनी बीवी को पूछना तो भारी ख्वाइशें क्या है? बच्चे को पूछना तो भारत सपने क्या है । उनसे ये पूछना के बाद में भी तुम्हें क्या लगता है कि तुम जिस साल में हो वो सही है तो राज्य और भी प्रॉब्लम है । अनिल एक नहीं मिस्टर राष्ट्र हमारी जिंदगी में कितने प्रॉब्लम है उसकी तो मगर लिस्ट बनाने बैठ हो गए तो फायर राज्य यहाँ भरने को साढे सात हजार रुपए अनिल नहीं है । सोचो पंद्रह साल से नौकरी कर रहे हैं और आज देने को साढे सात हजार नहीं हैं । ये तो तुम्हारे पास वो ऍम ऑप्शन है । करूँ या ना करो पर जरा सोचो यहाँ से जाते वक्त कोई टैक्सी, ऑटो या बाइक वाले तो भी ठोक कर चले जाएँ और तुम डॉक्टर के पास जाऊ और डॉक्टर कहे तुम्हारी हाथ की हड्डी में फ्रैक्चर है । पंद्रह हजार देने पडेंगे तो की अगर हो गए ये बोलोगे कि डॉक्टर साहब दो महीने बाद आऊंगा । अभी पैसे नहीं है क्या करोगी राज्य वो सिचुएशन अलग है । इमरजेंसी है तो किसी दोस्त से बंगला या अपने ये गोल्ड चैन मारवाडी के यहाँ रख कर अपने गले की गोल्ड चैन दिखाता है । अनिल मिल गया सोलूशन गरीबी भी एक भयंकर बीमारी है । ये एक फैलने वाली बीमारी है । कब तक इस बीमारी में जी हो गए बस इतना जान लोग उस बीमारी का इलाज के लिए तो साढे सात हजार का बंदोबस्त करना है । मैं तुम्हारा लॉगइन कर देता हूँ कि फॉर्म भरो और सुनो पैसा नहीं है इसलिए करना है समझे लेपटॉप की बैठने से एक फॉर्म निकाल टिप कोई पर उसके सामने रखता हुआ राज्य मैं जरा उर्मिला से भी डिस्कस कर लूँ । अनिल क्या बात है बडे आदर्श पति हो क्या तुम हर काम बीवी से पूछ कर करते हो? लास्ट भी नए दोस्तों के साथ बैठते वक्त तब बीवी को फोन करके पूछना था ना कि हम बीयर पीने बैठे क्या बस स्टॉप पर खडे खडे जब लडकी को ताकते हो तब क्या बीवी को फोन करते हैं और परमिशन लेते हूँ कि मोबाइल कान से लगाते हुए हाँ और मिला बस स्टॉप पर चार पांच झकास आइटम खडी हुई हैं । तुम परमिशन दो तो मैं उन्हें देख आंखों को और दिल को ठंडक दे दूँ । मनोज अंजलि राज्य तीनों ठाकरे के साथ उस पडते हैं राज फंसी रोकता हुआ ऐसी बातों के लिए कौन परमिशन लेगा? अनिल मैं मानता हूँ कि कोई परमिशन नहीं लेता । मैं खुद ही नहीं पूछता । बीवी को पूछना है तो किसी साडी के शोरूम में ले जाकर पूछो कौन सी साडी चाहिए? त्रिभुवन दास ज्वेलर्स के शोरूम में ले जाकर पूछो कौन से निकले चाहिए कार के शुरू में ले जाकर पूछो कौन सी कार लेनी है वो मैं लेकर बीवी के सामने रखकर पूछो अपनी बारवें शादी को कितने साल हुए राज तेरह साल अनिल तो बीवी को पूछो कि आपने तेरे हनीमून पे कहाँ जाना है? ऑस्ट्रेलिया या थर्ड स्विट्जरलैंड राज अभी निकलता हूँ करना तेर वहाँ हनीमून का तो पता नहीं खाज रात का भी अंजलि जी जी रोज रात कहाँ रोज यहाँ तो रेशन लगा होता है अनिल यहाँ सिग्नेचर कर और फटाफट डिटेल भर दे राज अभी अनिल ये सुना होगा । किसी ज्ञानी आदमी ने कहा है लाॅस समझे ऍम सही वक्त पे सही मौके को जो पकड लेता है ना, वहीं ढाकी बन जाता है । राज्य फॉर्म डिटेल भरकर ये तीनों की निगाह एक दूसरे से मिलती है । आंखों ही आंखों में जीत की खुशी का इजहार होता है । राज्य के फॉर्म अनिल को देता हुआ अब मैं चलता हूँ । अनिल और भारती और हर्ष को वह बताया जरूर पूछना । राज्य वहाँ से दरवाजे की और बढ गया । दरवाजा भीतर की और खुला कट्टू ऍन बिल्डिंग मैसेज नई रात ने डोर बेल पर उंगली रखी ऑफ स्क्रीन बेल बजी वो अपने बालों में हाथ फिरता हुआ रात हो गई क्या? हाँ पर बंदी घडी में देखकर सवा बारह बज गए । राजा अंदर की और खुलता है ऍम हमें हुआ गए राज अपना बैग उसके हाथ लेता हुआ और दिन भर क्या? क्या उसके गांधी पर हाथ रखता है और सोफे पर बैठता है । हर्ष भी उसके सटकर बैठता है । कुल मिला पानी का गिलास लेकर आगमन करती हुई । आज हमारे लाडले ने सीमा को थप्पड मारा । हर्ष पापा उसने मुझे लडकी कहा था राज्य उस लडकी क्यों कहा और मिला लडकियों के साथ खेल रहा था मैं नहीं खेल रहा था वापस वो खुशी मैं और ये ये दोनों मेरे पास आए और बोले कि तुम्हारा वीडियो के मुझे खेलने दो । राज्य बेटा मैंने कहा था ना वो वीडियो गेम घर में ही खेलना किसी ने बिगाड दिया तो तीन सौ रुपए का है पता है हाँ स्वायत्ता आज इतनी देर राज्य मेरा मुझे एक बात बताओ तुम भी बैठो उर्मिला से अच्छा ये बताओ अगर तुम से कोई पूछे तुम्हारे सपनों के बारे में हर्ष कौन पूछेगा खाद्य भगवान राज नर्वस आदमी समझो तुम से मैं पूछता हूँ फाॅर राज बस ऐसे ही मतलब टाइम पास राग हाँ बाबा टाइमपास हो के फिर तो ठीक है मैम पेपर ले लो राज्य क्यों? हाँ मैं आपको अपने सपनों के बारे में बताऊंगा तो नोट करने के लिए राज्य मेरी याददाश्त काफी अच्छी है । अभी बताओ, बाद में मैं नोट कर लूंगा और मिला बेटे दो लाख देख रहे सपने पर होता है नसीब अपने आप रात पता है उस दिन मनोज ने क्या कहा था? सपने खुशी के पूरे होते हैं जो सपने देखता है और मिला हमने तो जब भी सपने देखें हमें तो छडी बचपन में क्लास में टीचर पढा रही थी । हम अपने सपने में हुए थे । टीचर ने आवाज दी जब सबसे से बाहर आए तो हथेली पर टीचर की छेड । उस दिन से एक बात समझ आ गई थी कि सपने देखोगे दो । उसकी आवाज नाम हो गयी । वो वहाँ से बैडरूम की और उठ कर चली गई । राजकुंवर सपने मैं पूरे करूंगा पर पापा मम्मी को क्या हो गया? राज्य कुछ नहीं बेटा, ये काम करो बेटा । तुम अपने सपने की लिस्ट बनाकर रखना अपने स्थान से खडा होता हुआ तो के हर्ष के पहुँच पाए तो नाइट वो भी बैडरूम की और दौड गया कट ऊॅट उर्मिला बिस्तर पर है राज उसके बगल में लेटा हुआ राज्य तो मुझे अपनी दूसरी ख्वाइश नहीं बता होगी और मिला पहले पूछे बगैर सीधा दूसरी प्रयास पहले पता है और मिला होगा । किसी को डाले तो दूसरे की जांच छोटे राज्य मुझे उठा ले तो तुम्हारी जान छोटे और मिला तो मैं नहीं किसी तो मैं कैसे पता चला की रात शादी के बारह तेरह साल बाद बीवी या पति के बारे में ऐसा ही कुछ सोचती हैं और इत्तेफाक से हमारी शादी को अगले महीने तीसरे साल पूरे होंगे और मिला क्या करूँ राजकोट लिपटते हुए ऐसा नहीं है कि मैं तुमसे प्यार नहीं रात जानता हूँ और जीने के लिए सिर्फ प्यार काफी नहीं होता । एक दूसरे की जरूरत ख्वाइशें सपनों को भी देखना और समझना पडता है और सिर्फ समझना काफी नहीं होता, उसे पूरा भी करना होता है और इन सब के लिए पैसा लगता है और मिला और इस पैसे हमारे पास आ रहे हैं । उसे सिर्फ हमारी जरूरत खींचतान कर पूरी हो सकती है, सकते नहीं । क्यों तुम भी वो जेएमपी चालू कर दो । आज अंजलि और मनोज की जिंदगी में राज्य जानता हूँ और और मिला हो सकता है हमारे भी अच्छे दिन आ जाएगा । हमारा भी एक बडा सा चार बेडरूम का फ्लैट हो, एक तुम्हारा एक मेरा, एक हर्ष का और एक गैस लोगों के लिए, सब के लिए अलग अलग ग्रुप ए, सी और हर रूम में एलसीडी बिस्तर से खडे होकर अपने में खोई हुई एक शानदार वाइट करेगी । बीएमडब्ल्यू कार हो जिसमें एक महंगा सा साउंड सिस्टम लगा हूँ जिसमें हर सीट के पीछे एलसीडी टीवी लगा हूँ । इसमें लाइफ पाॅल आती हूँ और फिर तो मैं ब्लैक सूट में हूँ और मैंने एक सफेद की रेशमी साडी और गले में ढाई ऍम हाथ इस वेद्रन कर डायमंड वाला बाॅक्स की घडी हो और एक खाते वो महंगा वाला मोबाइल राज्य और और मिला बस इतना सा ख्वाब है कुछ पर गिरती हुई, राज्य से संभालता हुआ और बाहों में भरता हुआ राज्य बस इतना था उसका सर पर हाथ फेरता हुआ क्यों और मिला क्यों? रात तुमने मुझे अपना तो समझा । ऐसी बात है तो लोग अक्सर उसके साथ करते हैं । इस पर वो विश्वास करते हैं फॅमिली है मुझे भी थैंक्यू बोलने का मौका देना । मुस्कुराती हुई राज जरूर अब मैं सोच रहा हूँ तुम जो कभी सपने की बातें नहीं करती उनका सपने इतने हैं तो फिर मेरे नवाब साहब हर्ष के सपने कितने होंगे? बढा चुनाव मैंने जयंती का फॉर्म भर दिया है और मिला ऍम राज अनिल भाई ने और मिला अनील भाई ने । नाराजगी भरे स्वर में मेरे भाई लोग आपको कितनी बार राज एक बात बताओ यहाँ प्लान दिखाने तुम्हारे भाई गांव से मुंबई आ सकते हैं क्या? और अगर तुम्हारे भाई आप भी जाए तो क्या मेरे दोस्त लोगों को वो समझा पाएंगे क्या और मिला एक बात है आपको आपकी रिश्तेदार ही ज्यादा प्यारे रखते हैं । राज्य जरा शाम दिमाग से सोचो मैं सिर्फ फॉर्म भरा है और अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारे भाई के राज कंटिन्यू नीचे अपनी एंट्री डाल दूंगा पर बताओ तुम्हारे भाई किसी को समझा पाएंगे । आज मुझे पिछले आठ नौ महीने से अंजलि और मनोज कन्वेंस कर रहे थे । पर आखिर में अनिल भाई ने मुझे कन्वेंस किया । इस धंधे में अपलाइन मजबूत प्रभावशाली होनी चाहिए कि अनील भाई हैं । उनके पास अपनी कार है । वो एक बिजनेस मैन है और उसने मुझे कहा कि मैं तुम्हारी एक साइड संभालूंगा । बोलो अच्छा ये सारी बातें मुझे तुम्हारे भाइयों की ओर से सपोर्ट मिल सकता है । उर्मिला के पास कोई जवाब नहीं था । वो खामोश रही । राज्य से बाहों में भरता हुआ मुझे तुम्हारे और अपने बेटे की सपनों को पूरा करने के लिए कुछ मजबूत सपोर्टर की जरूरत है और मिला मेरे भैया को बुरा लग जाएगा । उनको आपसे बहुत ही उम्मीद है । वो कह रहे थे उनके एक साइड में कुछ तीन सौ लोग हैं । राज्य और दूसरी साइड में सिर्फ छह लोग । मुझे अंजलि और मनोज सर नहीं उनका अकाउंट दिखाया था । मैं छापना हो जाऊंगा । फिर और दोनों साइड चलना काफी मुश्किल है । तुम अपने भाइयों के फिक्र मत करो । बच्चे हैं उसे समझा देंगे और मिला जो तुम ठीक सब सहित मुस्कुराती हुई राज्य डोंट वरी तो पास लगा स्वाॅट कर दो । टू इंटर ऑफ्सटेड राज मोबाइल पर नंबर डायल करता है । बोल तो कैसा है? कहाँ पर हैं, वहाँ क्या कर रहा है? बडा का मिला है तो था ये भी सही कहा आजकल कमीनी लोगों का ही राज है । यार एक काम था नहीं भाई, जान बचा के रख मुझे कुछ रोकना चाहिए था । ज्यादा नहीं सिर्फ साढे सात हजार मैं आ नहीं रहा हूँ । काम करना मेरे अकाउंट में ट्रांसफर कर देना । दूसरी शादी के लिए ठीक है बाय मोबाइल कट करता हुआ शर्ट की जेब में रखता है । उसका जहाँ एक पर्ची पड जाता है वह भीतर से निकाल खोलता है । क्या लिखा है लिखा कभी यु एक रेड कलर फरारी एक रूम भर के चिकन पिज्जा बहुत बहुत बडा बंगला बोर्ड भर के शूज जीज अलग अलग कलर के टी शर्ट्स एक एक सौ चौबीस इंच का मॉल का देखा हुआ एलसीडी टीवी इलेक्ट्रिक गिटार या वहाँ का फिश टैंक बडा वाला तभी मोबाइल की रिंग बज उठती है । पर्ची फोल्कर जेब से मोबाइल निकाल उस पर नजर डालता है या राज्य बोल रहा हूँ । काट ऊॅं स्कूल ओपन ग्राउंड ट्यूनिंग पब्लिक की भीड जमी हुई है । ज्यादातर लोग लाइट, कलर शर्ट्स, ब्लॅड और टाइम डाले हुए थे । कुछ लोग सूट में थे । ज्यादातर लोग ग्रुप में खडे थे । लेडिस भी भीड में शामिल थी । राज अपना ऑफिस बात पीछे लटकाये आगे बढ रहा था वो वहीं रुक कर यहाँ वहाँ नजर घुमाता है । फिर शर्ट की जेब से मोबाइल निकाल नंबर डायल करता है । राज्य था आप कहाँ पर हो जी में पहुंच गया ठीक है हाँ अच्छा, मैं टिकट निकाल लेता हूँ । नहीं वो साथ नहीं आया । ओके सर मिलते हैं राज मोबाइल कट करके सेमिनार हॉल की और बढता है कंटिन्यू टू आॅल का एंटरेंस इवनिंग राज वहाँ गेट पर खडे एक सूट पहने हुए आदमी के पास कोई बचकर राज् टिकट का जितना एक नंबर के ऊपर थर्ड मुँह राज अपने पैंट की पिछली जेब से पर्स निकालकर उसमें से पचास का नोट निकाल के उसे देता है । वो उसे टिकट कमाता है और बाजू में खडे आदमी को वो पचास का नोट देता है । वो बीस राज को रिटर्न करता है । राज्य कहाँ पर मीटिंग है एक नंबर पे ऊपर फर्स्ट फ्लोर राइट साइड राज वहाँ से आगे निकल सीढियों की और बढ जाता है । कंटिन्यू टू इंटर बिल्डिंग स्टेयर केस इवनिंग रात सीढियों से होता हुआ आगे बढ रहा था । ऑफ स्क्रीन सोंग बज रहा था । जय हो जय हो सात लोगों का शोर भी सुनाई दे रहा था । कट्टू इंटर सेमिनार हॉल फॅार हॉल के गेट पर था । सेमिनार हॉल पब्लिक से भरा हुआ था । सारी सीट्स फुल हो चुकी थी । लोग खडे थे । कोई किसी को सीट बता रहा था तो कोई किसी से बहस कर रहा था । थर्ड पर्सन दोनों को समझा रहा था राज इतनी पब्लिक शरू इतना तो तय है कि किसी गलत जगह पर नहीं पहुंचे । इतने सारे लोग तो पागल ही हो सकते वो ओवर नमस्कार ऑॅफ स्टेज के और नजर करता है । स्टेज पर वाइट स्क्रीन लगी हुई थी जिसके पास में ची एमपी का बडा सब बैनर लगा हुआ था जिसमें प्रोडक्ट की तस्वीरें भी बालकृष्णा । नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है बाल कृष्णा और इस पैसों की दुनिया में आपका स्वागत करता हूँ । हो जाइए फिर से एक बार जोर से नमस्कार ग्रुप नमस्कार बालकृष्णा नहीं नहीं नहीं नमस्कार मैं जब नहीं है ऐसा एक बार हफ्ते का एक लाख बीस हजार वाला तो हो जाये । नमस्कार ग्रुप नमस्कार साथ में सीटियां । तालियां और शोर के साथ बाल कृष्णा जो जितने जोर से बोलेगा, नमस्कार उसके घर आएगी उतनी लंबी का तो हो जाये । नमस्कार बालकृष्णा ये हुआ ना । एक लाख बीस हजार वाला नमस्कार और हम अपने नए आए मेहमानों का स्वागत किस तरह करेंगे? सेमिनार हॉल तालियों की आवाज से गूंज उठा । ऑॅल म्यूजिक बच उठा । जय हो, जय हो साउंड स्लो होते ही बालकृष्णा और अब अपने आप के लिए हो जाए एक बार जोरदार ताली फिरसे सेमिनार हॉल तालियों की आवाज से गूंज उठा । रात सडक क्या पागल आदमी है, सिर्फ तालियां ही बजाएगा या आगे भी कुछ लगेगा बगल में खडे एक बुजुर्ग आदमी से बुजुर्ग आदमी भैया ये पागल लोगों का ही धंधा है राज्य मतलब आप भी पागल हैं मुझे याद नहीं तभी तो यहाँ हूँ अगर समझदार होता तो और दूसरे बूढे लोगों की तरह घर बैठे अपने बहू बेटे की गालियां नहीं कर रहा होता जितना मेरा पढा लिखा बेटा है और बहु दोनों मिल के नहीं महीने में कमाते उतरा में हफ्ते में कमाता हूँ राज्य कमाल है अपने मोबाइल जेब में से निकाल कर उस बुजुर्ग को सर से पांव तक मुड के देखता है दिल करता है आपकी तस्वीर ले लूँ रात सामने स्टेज की और देखता है वाइट स्क्रीन पर प्रोजेक्टर से क्लिप दिखाई जा रही है एक गैस सिलेंडर वाला घर में सिलेंडर रखता है फिर बोलता है बारह सौ रुपए घर का मालिक चौक जाता है बोलता है बारह सौ रुपए घर का मालिक फिरसे चौक जाता है सेकंड सीन पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरने से पहले लडका बोलता है पांच सौ रुपए थर्ड सीन मेडिकल स्टोर नहीं कस्टमर एक डिस्प्रिन मानता है शॉपकीपर्स बोलता है एक सौ तीस रुपये एक आम आदमी इतना महंगा आज नहीं आने वाला । बीस साल बाद कमाल है बार प्रश्न क्लिप खत्म होते ही हाँ, तो आज नहीं आने वाले बीस साल बाद ये एक इकनॉमिक टाइम का सर्वे हैं । जून दो हजार सात में आया था स्क्रीन पर एक काॅर्पोरेशन नजर आता है उन्नीस सौ चालीस आज से सत्तर साल पहले कहते हैं परिवार का घर खर्च महीने का दस रुपए होता था और परिवार बारह से पंद्रह का बराबर । ग्रुप हाँ बालकृष्ण फिर आया उन्नीस सौ साठ खर्च सौ रुपये, परिवार दस से आठ उसके बाद आया उम्मीद स्वास्थ्य खर्च हजार परिवार हम दो हमारे दो और अब चल रहा है दो हजार जिसमें खर्च दस हजार । परिवार हम दो हमारे एक तो देखो दोस्तों में हम साथ साथ थे दो हजार तक और हर बीस साल में एक जीरो बडा मतलब जो पिछले साठ सालों से हुआ वो आगे भी होगा । मतलब आज हमें महंगाई क्यों बता दी है? क्योंकि हम जी रहे हैं दो हजार बारह में और हमारी आमदनी क्या है? दस हजार से बीस हजार पर अब सोचो दो हजार बीस में क्या होगा और एक जीरो पडेगा । मतलब घर का महीने का खर्च होगा एक लाख रुपए और परिवार के नाम पर होगा अकेले हम अकेले तुम और अगर आप में से जिस किसी को लगता है कि वह जो कुछ काम कर रहा है और वो जब दो हजार बीस में पहुंचेगा, तुम उसके इनकम महीने की एक लाख रुपये होगी । तो उस आदमी से मैं रिक्वेस्ट करूंगा । वो घर जा सकता है और बीवी अपनी हाँ, उसके साथ कॉमेडी सरकस या फिर बडे अच्छे लगते हैं, जाकर देख सकता है । हम उस खडा रहा, कितनी देर तक कोई कुछ नहीं बोला । इतना सन्नाटा क्यों भाई ए के हंगल की आवाज की नकल करता हुआ ग्रुप जोर से ठाकुरों और सीटी के साथ तालियों की आवाज बालकृष्णा । मुझे एक बात बताओ फॅमिली प्रॉब्लम क्या है? दो हजार बीस में एक लाख की सेटिंग देखने है या घर पर बीवी नहीं है । ब्रो टीवी देखना हमें अच्छा नहीं लगता और हमें दिखाना बीवी को अच्छा नहीं लगता । एक आदमी बोला बालकृष्ण सच कहा तुम्हें कडाका पति किसी भी बीवी को देखना अच्छा नहीं लगता । बोलिए सही या गलत जो सही एकदम राइट राज ये तो सही बात नहीं है । बालकृष्ण तो दोस्तों दो हजार बीस तक आपके इनका महीने की नहीं हफ्ते एक लाख तीस हजार कैसे हो सकती है । वो बताने के लिए मैं स्टेज पर बुलाना चाहूंगा । हमारे सबके चाहे थे डैशिंग, डायमंड लीडर, मिस्टर संपूर्णानंद चौधरी सेमिनार हॉल फिर से ताली और सीढियों के शोर के साथ ही बज उठा । राज्य हाँ यार आज तो सडक सीरियल भी है दस तक वही हुआ भीड से बाहर की ओर मुड जाता है और आगे बढ जाता है । साला तीस रुपए भी तो खडे रहने की जगह भी नहीं पैर दुखाओ और उनकी बकवास भी । चलो वहाँ स्वर्ग ऍम स्कूल ओपन रहूँ नाइट राज वहाँ खडा यहाँ वहाँ नजदीक आ रहा था उसे कंधे पर कोई हाथ रखता है वो मुड कर देखता है राज्य हो तुम कैसे हो धर्म ऐश कर रहा हूँ या तुम यहाँ जैसे राज्य जैसा तुम धर्म मैं तो जयंती का डिस्ट्रीब्यूटर हूँ राज्य मैंने भी सोचा क्यों ना मैं भी ऐश करूँ तुम्हारी तरह तो बन गया जी । एम पी का डिस्ट्रीब्यूटर धर्म अनिलभाई के नीचे राज्य अनील भाई के साथ धर्म कोई पर गलत है । मैंने तो मैं तीन से चार बार प्लान समझाया था । राज यही तो फर्क है तो मैं चार बार मौका मिला फिर भी मुझे तुम करने नहीं कर पाए । धर्म तो लगता है वो तो मैं टाइम दे पाएंगे । राज्य तो उसकी फिक्र मत करो । अपनी प्रॉब्लम सॉल्व कैसे करनी है? बडी अच्छी तरह से जानता हूँ । धर्म अपना इनका सपोर्ट नहीं मिले तो महीने भर में अपनी लोग दुकान समेट कर चले जाते हैं । यही मेरा एक्सपीरियंस है । राज्य पता नहीं वो बचपन की एक बात मुझे इस वक्त कैसे याद आएगी । कहते हैं मैं जब पैदा हुआ था तब मुझे देख पांच डॉक्टर्स का एक पैनल ने । सब स्पेशलिस्ट ने कहा था कि मैं पांच दिन से ज्यादा नहीं जाऊंगा लेकिन पांच दिन, पांच हफ्ते भर पांच महीने और पांच साल हो गए । वो पांच डॉक्टर निकल रही है और मैं आज भी खडा हूँ और इस बात को पूरे पैंतीस साल हो गए । मुझे धंदे में दस साल हुए हैं और जी एम पी में चार साल राज हमारे ऑफिस में एक माधव करके आदमी है, पिछले बीस सालों से है लेकिन आज भी पीछे ही है और आया तब भी पियो नहीं था । कितने साल हो गए इंपॉर्टेंट नहीं क्या है वो इम्पोर्टेन्ट है धर्म मैं यहाँ हूँ । मैंने सुना है आज से एक साल पहले तुम्हारे भाई की वाइफ नहीं तो मैं एक बिजनेस ऍम किया था । जीसीएम ग्राॅस और वह बारह सौ रुपए का प्लान था और सुना है कि तुम ने तीन महीने पडी कोशिश की पर एक आदमी भी नहीं जुड सका । यहाँ तक कि तुम्हारी सिस्टर ने भी तुम्हें रिफ्यूज कर दिया था और ये तो साढे सात हजार से शुरू होता है । राज बडी खबर रखते हो । अच्छा है कोई हो जो हमारे बारे में इतना सोचता है तो मैं मैं चैलेंज देता हूँ । तुम यहाँ चार साल में एम रोड बने ना मैं तुमसे आधे वक्त में मतलब दो साल में तुम से एक लेवल आगे नहीं । कोई राज, अनिल, मनोज और अंजली को देखता हुआ हाँ गोल्ड बन के दिखाऊंगा । धर्म और नहीं बन पाए तो अनिल राज कूलडाउन राज नहीं । मुझे ऐसा खेल ही पसंद है जिसमें चैलेंज हो । वैसे भी ऊपर से बोर होकर घडी जा रहा था पर अब खेल का मजा आएगा । तुमने बताया नहीं । अगर नहीं बन पाए तो राज्य बोलो तुम क्या चाहते हो? धर्म आज का दिन बारह जून दो हजार बारह है । अब दो जून दो हजार चौदह तक मैं अगर तुम गोल्ड हो गए तो मैं पूरे तीस दम तुम्हारी अगर उस वक्त जो कोई कार होगी उसे रोज साफ करूंगा और अगर तुम नहीं हुए तो मेरी जो कार होगी उसके तुम ड्राइवर हो गए । मंजूर राज्य उसकी कढाई पकडते, हाथ मिलाता हुआ डाॅ जितना करना कार को साफ करना, पर वो तुम्हारा कोर्ट होगा । धर्म मंजूर है । मनोज क्या पागलपन है? देखो दोनों अपनी शर्त कैंसिल करो । राज्य नौं अनिल चलो चलते हैं । अंजली हाँ चलो धर्म ये सही नहीं किया तुमने । मैंने उनसे बात करेंगे । धरम चाहते तो राज बोल रहे की छड कैंसिल बात की शुरुआत उसने की थी । राज्य ठोककर चार्ट ना हमारी सत्रह नहीं काॅपर साइन कर देना । मनोज जीजा इतना आसान नहीं है । गोल्ड का मतलब समझे तो कितने की टीम होती है फॅार आती कुछ समझो राज और अनिल दोनों की निगाह एक दूसरे से मिले हुए हम यहाँ अपना करियर बनाने आए हैं । किसी से दुश्मनी करने नहीं अगर हर आज रात अब यही मेरा गोल है । स्मार्ट गोल्ड और एक कोशिश पहले कोशिश थी खुद का और अपने परिवार का भविष्य संवारने की । और अब कोशिश है किसी को उसकी औकात याद दिलाने की । चलते हैं मिलना तो होता ही रहेगा । मनोज चलो और तीनों धर्म को वहीं छोड आगे खडी वाइट कार की ओर बढ गए भरम के चेहरे पे जीत की पहली वाली जहरीली मुस्कान अच्छा जाती है । वह जेब से मोबाइल निकाल वहाँ से सेमिनार हॉल की और पड जाता है कट्टो इंटरनॅशनल डाइनिंग टेबल पर राज, अनिल, अंजलि और मनोज बैठे थे । अंजलि जीजा तो जानते नहीं धर्म को वैसे है तो हमारा ही रिश्तेदार पर अब क्या बताऊँ? बोलने को भी अच्छा नहीं लगता । मनोज प्लेट में से रोटी का निवाला मुँह में रखता हुआ । अब खेल शुरू हो चुका है । अब हमें क्या करना है उसकी प्लानिंग करनी है । अनिल ठीक क्या रहे हो तुम? मनोज राज हमारे धंधे में एक साॅफ्ट बहुत जरूरी है जिसका तुम वहाँ प्रदर्शन करके आए । लेकिन राज मुझे आप लोगों को देख एक बात याद आ गई । अंजली आओ राज महाभारत का युद्ध चल रहा था और एक दिन बाकी था । तब हर कोई अपनी कल की योजना बना रहा था । तब भगवान कृष्ण ने देखा सब लोग कल के लिए क्या कर रहा है? उसकी योजना बना रहे हैं । पर अर्जुन कहीं दिखाई नहीं दे रहा । भगवान उसके शयन रहने पहुंचे तो देखा वो मजबूत खर्राटों के साथ हो रहा था । भगवान ने उसे उठाकर पूछा कल की तुम्हें कोई फिक्स नहीं है क्या? तब उसने कहा भगवान जब आप हो फिर मुझे टेंशन लेने की जरूरत क्या है? अंजली ऍम टेंशन लेने की जरूरत क्या है? मनोज तुम हम पर इतना भरोसा कर सकते हो । थैंक यू पर हम भगवान प्रश्न नहीं है । राज्य धंधे के तो मेरे गुरु हो और गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा है । अनिल तुम डाॅक्टर मारते हुए थे । डाइनिंग टेबल से खडा होता हुआ मनोज सर इस की प्लानिंग तो करनी पडेगी इसलिए तो हमारी छडी के नीचे बॉम लगा दिया है । मनोज इसे भी लगता हूँ ना देखो कैसे दौडाता हूँ घर पर बोल दो कि दो साल के लिए तुम दुबई गए हो । राज्य इतना फायदा करता हूँ कोई बहाना नहीं करूंगा । अब जो बोलेंगे उस एबॅट करूंगा । मनोज क्या या तो बहाने बनाओ या पैसे कमाऊं तुम्हारी शर्ट की जेब में कितना पॉकेट है राज्य अपनी शर्ट की जेब में हाथ डालता हुआ । एक मेरी क्या ज्यादातर लोगों की शर्ट की एक ही होती है मनोज इसमें पलक छपकते यूँ कुछ भी डाल सकते हो और निकाल सकते हो । अब इसमें तुम्हें क्या रखना है? तुम्हारी मर्जी बहाने रखोगे तो बुरा वक्त जरूर आएगा और पैसे रख हो गई तो पूरे वक्त कम आएगा । अब तुम्हारी पसंद होती है । पूरे वक्त का इंतजार करो या फिर बुरे वक्त की तैयारी । ऍम राज और विपिन दोनों पांच सौ पे खडे थे । पान वाला पान बना रहा था । लेकिन यार मेरा इतना बुरा वक्त नहीं चल रहा है कि लोगों के घर घर जाकर उन के हाथ पांव जोड करता हूँ कि राज्य देख दोस्त आज भले बुरा वक्त नहीं है । अच्छी बात है, लेकिन बुरा वक्त तेरी तरह मिस कॉल मारकर तो नहीं आता ना । ऍम तो सिर्फ पिछले दो तीन बार ही किया था । वो तो मैं रिचार्ज करवाने भूल गया था । रात अब इस साले हिंदी मुझे पता है तू रिचार्ज कितने का मारता है? विपिन मैं कोई बिजनेस मैन थोडी हूँ । सौ रुपए का रिचार्ज तो मुझे पैंतालीस से साठ दिन चलाना पडता है हो या फिर आप हुआ कि नहीं फल वाला बस हो गया । ये ऑर्डर का पान है । सोलह पान है, बस एक बच्चा है । रात विपिन सच बोलता हूँ । अच्छा बिजनेस है लेकिन आज अच्छा बिजनेस है इसलिए क्योंकि तू कर रहा है । साल भर पहले मैं तुझे पूछता था तब राज्य हाँ । तब मैंने कहा था कि ये सब उल्लू बनाने का धंधा है । लेकिन दोस्त हमें उस धर्म के बच्चे ने सही तरह से समझाया नहीं था । डाॅन अब मुझे किसने सही तरीके से समझा? राज्य अनिल ने विपिन तुम्हारे अंकल का लडका वही ना राज्य हाँ वही डिपेंड तो हो गया तुम्हारा बेडा पार यार मेरे वो फैक्ट्री के मालिक उसके लिए ये रकम कोई मायने नहीं रखती । उसने जान छोडने को साढे सात हजार दे दिए होंगे । रात मतलब तू नंबर नहीं बनेगा । विपिन पानवाले से पान लेकर एक राज को देता है तो मेरा पैसा भर तो मैं राज्य मतलब साफ शब्दों में तो ना बोल रहा है यही तेरी दोस्ती विपिन तो ये दोस्ती का ॅ लेने आया क्या देख तो कम हो गया । अलग बात है पर मुझे बक्से राज एक बार सोचना । मैं ये नहीं कहता कि दुनिया मैंने अकेले देखी है । दुनिया तूने भी देखी है सच बोल रहा हूँ ना एक बार फिर रात को शांति के साथ सोचना ब्लॅक शांति चम्पक के साथ भाग गई चल उस कराता हुआ उसके कंधे पर हाथ रखते हुए राज्य बडा कमीना है तो डिपेंड तेरे से काम चल शांति के साथ सोऊंगा । मेरा मतलब सोचूंगा । कट्टू इंटर ड्राइंग रूम नाइट धर्म लता के सामने हैं लता एक फॉर्म पर साइन करती हुई बेल बजती है ऑफ स्क्रीन लता नितिन आ गया हूँ धर्म तो उसे संभाल लेना । कहना कि लगा उठकर दरवाजे की और पडती हुई धर्म वाॅल अभी बच्चे हो बिपिन दरवाजा खुलते ही धर्म पर नजर पडती है । अभी ये चीज यहाँ क्या कर रहा है? वही सोवर धर्म आए । बिपिन लगे तुम सबको मेरी वर्षो वाॅक इतनी रात गए तुम लोग सोते हो की नहीं? लता मैं तुम एक गुड न्यूज देती हूँ । बिपिन गुड न्यूज के नाम पर दोनों बार तो बेटी दे दी । अब क्या देने का इरादा है? कहीं लगा तो मैं ठीक समझा मैं जेएमपी का बिपिन मैं उसको ना बोला । धर्म एकदम राइट डिसीजन लिया तुम नहीं और लगाने तुमने उसे ना कहा और लगाने यहाँ फॉर्म पर साइन कर दिया । डाॅॅ उसे बुरा लग जाएगा । धर्म तुम भी किस दुनिया में जीते हो? उसने अपना मतलब के लिए अपने सगे सालों के बारे में नहीं सोचा । मैंने उसे चार बार प्लान बताया था । मुझे हर बार रिपोर्ट किया और से अंकल के लडके नहीं टिपिन तो मेरा अच्छा दोस्त है । सॉरी मैं तुम्हारे इस जी एम पी के चक्कर में अपने दोस्त को नहीं हो सकता हूँ । लगता हूँ बीवी को खो सकते हो ऍम लगता नहीं बात समझो लगता तुम एक बार डिसाइड कर लो कौन चाहिए तो बीवी धर्म वॅार सही थी चला बिपिन भाड में जाओ वो टेबल पर से फॉर्म उठाता हुआ तो जो करना है करो । लेकिन इस जी एम । पी के फॉर्म तुम अपने नाम से भरो मेरे नाम से नहीं और वहाँ से दूसरे कमरे की और पड गया । पीछे लता धर्म को इशारे करके समझाती हुई कुछ नहीं होगा । लता अभी तुम निकलो, मैं उन्हें समझा होंगी । पैसा कल देती है । धर्म ठीक है वो टेबल पर से आपने पेपर वगैरह समेटकर अपनी बैग में भरता हुआ कलॅर आ रहा है । लगता है तो अब उसको उर्मिला को बताउंगी । धर्म जरूर मुझे भी किसी को अपनी कार का ड्राइवर बनाना है । कटु ऍम

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Ek Koshish....[Hope] Voiceover Artist : Ashish Jain Voiceover Artist : Sarika Rathore Author : Jaykumar Kantilal Panchal एक कोशिश ..... [होप] | लेखक - जयकुमार कांतिलाल पंचाल in Hindi, is one of our best Bollywood audiobooks available in Hindi from our catalog. This Audiobook is created by Jay panchal. Jay panchal is well known for his Bollywood audiobooks. Cinema has had its own craze since the beginning. Today Bollywood is in the heart of the people that people don't just watch the movie, they try their best to get them into their lives. These Bollywood audiobooks make you a walk into the film world. Here, you can listen to many of the stories which you will like very much. These audiobooks tell you so many things about your favorite artist and some of the secrets to Bollywood that will definitely surprise you. What Bollywood looks like from outside is exactly the same or is it all sham? Answers to many such questions and stories related to them and much more are present in the collection of Bollywood audiobooks. We understand that our users emotionally connect with the audios more when it is in their language. Hence we offer a variety of Bollywood audiobooks in different languages like Hindi, Gujarati, Telugu, Marathi, Bangla, etc. These Bollywood audiobooks are available for free and can be downloaded and saved on our app. And the best part is that you can access it while traveling, while working out in the gym, and literally doing anything, anywhere at any point of time be it early morning or late night. So, stream, download, and enjoy the ad-free experience. एक कोशिश ..... [होप] | लेखक - जयकुमार कांतिलाल पंचाल हमारे कैटलॉग से हिंदी में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ बॉलीवुड ऑडियोबुक में से एक है। यह ऑडियोबुक Jay panchal द्वारा रचित है। Jay panchal अपने बॉलीवुड ऑडियोबुक के लिए जाना जाता है। सिनेमा का शुरू से ही अपना क्रेज रहा है। आज बॉलीवुड लोगों के दिल में है। लोग सिर्फ फिल्म नहीं देखते हैं, वे उन्हें अपने जीवन में लाने की पूरी कोशिश करते हैं। ये बॉलीवुड ऑडियोबुक आपको फिल्मी दुनिया की सैर कराएगी। यहां, आप कई कहानियों को सुन सकते हैं जो आपको बहुत पसंद आएगी। ये ऑडियोबुक आपको आपके पसंदीदा कलाकार और बॉलीवुड के कुछ रहस्यों के बारे में बहुत सारी बातें बताते हैं जो निश्चित रूप से आपको आश्चर्यचकित करेंगे। बॉलीवुड बाहर से जो दिखता है, वह बिल्कुल वैसा ही है या यह सब दिखावा है? ऐसे कई सवालों और उनसे जुड़े किस्सों के जवाब और बहुत कुछ बॉलीवुड के ऑडियोबुक के संग्रह में मौजूद हैं। हम समझते हैं कि हमारे उपयोगकर्ता भावनात्मक रूप से ऑडिओ से अधिक जुड़ते हैं जब यह उनकी भाषा में होता है। इसलिए हम विभिन्न हिंदी, गुजरती, तेलुगू, मराठी, बंगला आदि विभिन्न भाषाओं में विभिन्न बॉलीवुड ऑडियोबुक की पेशकश करते हैं। ये बॉलीवुड ऑडियोबुक मुफ्त में उपलब्ध हैं और इन्हें हमारे ऐप पर डाउनलोड किया जा सकता है। और सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे यात्रा करते हुए, जिम में वर्कआउट करते हुए और कहीं भी, किसी भी समय कहीं भी इसे सुबह या देर रात को सुन सकते हैं। तो, विज्ञापन-मुक्त अनुभव को स्ट्रीम करें, डाउनलोड करें और आनंद लें।