पॉडकास्ट पर कमेंट न आने के 4 कारण 

हर कलाकार अपने पॉडकास्ट को बनाने में पूरी मेहनत करता है। वो अपना पूरा समय और मन लगाकर कॉन्टेंट बनाता है। बदले में वह बस इतनी अपेक्षा करता है कि उसके काम को लोग पसंद करें। एक कहावत है कि कलाकार तारीफ का भूखा होता है। उसकी कला को तारीफ और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। एक पॉडकास्ट क्रियेटर को पॉडकास्ट पर कमेंट से प्रोत्साहन मिलता है। पॉडकास्ट पर लगातार आते रहने वाली टिप्पणियां क्रियेटर को और बेहतर करने की प्रेरणा देती हैं। कमेंट्स प्रेरणा का बहुत बड़ा स्रोत होते हैं। लेकिन यदि आपके पॉडकास्ट पर कमेंट नहीं आ रहे, तो यह निराशाजनक हो सकता है। क्रियेटर होने के नाते लगातार टिप्पणियों की आवश्यकता को आप भली भाँति समझते होंगे। तो इस लेख में हम आपको बतायेंगे कि आपके पॉडकास्ट पर कमेंट न आने के क्या कारण हो सकते हैं। ताकि आप उन कारणों को पहचान कर अपने पॉडकास्ट को और बेहतर बना सकें।

1. कमेंट के लिये न कहनाcomment/ कमेंट

आपके पॉडकास्ट पर कमेंट नहीं आ रहे क्योंकि आपने कहा ही नहीं। आपका लिसनर आपसे जुड़ा हुआ है। आप जो कॉन्टेंट बना रहे हैं, वह उसी का उपभोग कर रहा है। हम मान सकते हैं कि लिसनर आपके कॉन्टेंट को मानता या फॉलो करता है। यदि अपने लिसनर को कमेंट के लिये नहीं कहा, तो उसके कमेंट न करने की पूरी संभावना है। आप कमेंट के लिये याद नहीं दिलायेंगे तो लिसनर कमेंट करना भूल सकता है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि पॉडकास्ट के अंत में आप लिसनर को कमेंट के लिए याद दिलाएं। उसे बताएं कि उसके कमेंट का आपके पॉडकास्ट में क्या महत्व है। इससे वह आपके पॉडकास्ट पर कमेंट करने के लिए उत्सुक होगा।

2. कॉन्टेंट नियमित न होना

आपका पॉडकास्ट एक निश्चित समयावधि पर आना चाहिए। कॉन्टेंट में नियमितता आपके लिये स्थायी लिसनर और फॉलोवर लेकर आता है। आपके पॉडकास्ट पर कमेंट नहीं आने का एक कारण अनियमित कॉन्टेंट भी हो सकता है। आप को अपने पॉडकास्ट के प्रारूप के अनुसार कुछ दिन या हफ्ते के अंतराल पर कॉन्टेंट देना चाहिए। इससे जो लोग आपके साथ जुड़ते हैं, वो आप को आपकी कमियां और खूबियां बताते हैं। जो लोग नियमित रूप से आपके पॉडकास्ट को सुन रहे होते हैं, वो आपको बेहतर पहचानते हैं। नियमित लिसनर आपकी क्षमताओं और कमियों को बखूबी बता पाते हैं। आप के किसी कॉन्टेंट पर कम मेहनत या कोई खास बात न होने पर वे बेझिझक कमेंट्स में बताते हैं। वे आपकी बेहतरी के लिये हमेशा प्रयासरत रहते हैं क्योंकि उन्हें आप से ज्यादा उम्मीदें होती हैं। नियमित कॉन्टेंट देने पर साथ जुड़े लोगों की उम्मीदें आपसे बेहतर काम करवाती हैं। इसलिये कोशिश करें कि आपका कॉन्टेंट नियमित रूप से आता रहे।

3. टारगेट ऑडियंस का आपके साथ न होना

आपके लक्षित जनसमूह का आपके साथ होना जरूरी है। यदि आपका कॉन्टेंट आपके टारगेट ऑडियंस तक नहीं पहुंचता, तो आप कमेंट्स की भी अपेक्षा नहीं कर सकते। उदाहरण के लिये, आप मराठी पॉडकास्ट बनाकर ऐसे प्लेटफार्म पर पब्लिश करते हैं, जहां हिंदी और अंग्रेजी के लिसनर हैं। ऐसे में आपका पॉडकास्ट आपके टारगेट ऑडियंस तक नहीं पहुंच पायेगा। इसके लिये आपका पॉडकास्ट एक सही प्लेटफार्म पर होस्ट होना जरूरी है। कुकू एफएम क्षेत्रीय भाषाओं के पॉडकास्ट के लिये सबसे बेहतर प्लेटफार्म है। इसके अलावा आपको पॉडकास्ट के शीर्षक और बाकी जानकारियों के लिये SEO का प्रयोग करना चाहिए। इससे आपके कॉन्टेंट को सुनने वाले लोग आसानी से आपके पॉडकास्ट तक पहुंच सकेंगे। जब टारगेट ऑडियंस आपके साथ होगी तो पॉडकास्ट पर कमेंट भी स्वतः ही बढ़ जायेंगे।

4. कॉन्टेंट आकर्षक नहीं है

पॉडकास्ट पर कमेंट लिसनर पॉडकास्ट के कॉन्टेंट के आधार पर ही करेगा। यदि कॉन्टेंट आकर्षक नहीं है तो पहली बात तो ये होगी कि लिसनर पूरा पॉडकास्ट सुनेगा ही नहीं । दूसरी बात, यदि वह सुन भी ले, तो भी उसकी कमेंट करने की इच्छा नहीं होगी। यदि पॉडकास्ट पर कमेंट नहीं आ रहे, तो यह कॉन्टेंट के आकर्षक न होने का प्रमाण भी हो सकता है। अतः कोशिश करें कि एक बार अपने लिसनर की पसंद को जानें और फिर अपने कॉन्टेंट का विश्लेषण करें। अपने कॉन्टेंट को ज्यादा से ज्यादा दिलचस्प बनाने की कोशिश करें।

इन चार बातों को समझकर आप अपने कॉन्टेंट को बेहतर बना सकते हैं। साथ ही इससे ज्यादा से ज्यादा लोग आप के पॉडकास्ट को सुनेंगे। ज्यादा लिसनर का सीधा अर्थ है ज्यादा मात्रा में पॉडकास्ट पर कमेंट। इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपना पॉडकास्ट बेहतरीन बना सकते हैं।


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